Shows / स्वाध्याय

Episodes
स्वाध्यायविश्वरूप का वध, देवताओ की हार और भगवान् की प्रेरणा से देवताओ का दधीचि ऋषि के पास जाना।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, षष्ठ स्कन्ध, अध्याय ९, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायबृहस्पति जी के द्वारा देवताओ का त्याग और विश्वरूप का देवगुरू के रूप में वरण।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, षष्ठ स्कन्ध, अध्याय ८, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायदक्ष प्रजापति की साठ कन्याओ के वंश का वर्णन ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, षष्ठ स्कन्ध, अध्याय षष्ठम्, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायश्रीनारद जी के उपदेश से दक्ष पुत्रों की विरक्ति तथा नारद जी को दक्ष का शाप।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, षष्ठ स्कन्ध, अध्याय ५, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायदक्ष के द्वारा भगवान् की स्तुति और भगवान् का प्रादुर्भाव।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, षष्ठ स्कन्ध, अध्याय ४, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायविष्णुदूतों द्वारा भागवत धर्म निरूपण और अजामिल का परम धाम गमन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, षष्ठ स्कन्ध, अध्याय द्वितीय, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायनरकों की विभिन्न गतियों का वर्णन, हिन्दी भावार्थ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २६, पञ्चम श्रॅखला, हिन्दी भावार्थ।
स्वाध्यायनरकों की विभिन्न गतियों का वर्णन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २६, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायश्रीसङ्कर्षणदेव का वर्णन और स्तुति।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २४|२५, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायराहु आदि की स्थिति ,अतलादि नीचे के लोकों का वर्णन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २४, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायभिन्न-भिन्न ग्रहों की स्थिति, गति, शिशुमार चक्र का वर्णन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २२|२३, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायसूर्य के रथ और उसकी गति का वर्णन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २१, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायअन्य छः द्वीपों तथा लोकालोक पर्वत का वर्णन, हिन्दी भावार्थ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २०, हिन्दी भावार्थ, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायअन्य छः द्वीपो तथा लोकालोक पर्वत का वर्णन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय २०, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायकिम्पुरूष और भारतवर्ष का वर्णन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय १९, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायभिन्न-भिन्न वर्षों का वर्णन, हिन्दी भावार्थ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय १८, पञ्चम श्रॅखला, हिन्दी भावार्थ।

स्वाध्यायगंगा जी का विवरण और शंकरकृत संकर्षण देव की स्तुति।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय १७, पञ्चम श्रॅखला।



स्वाध्यायभवाटवी का वर्णन और रहूगण का संशयनाश।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय १३, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायराजा रहूगण को भरत जी का उपदेश।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय ११|१२, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायभरत जी का ब्राह्मण कुल में जन्म।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय ९, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायभरत जी का मृग के मोह में फॅसकर मृगयोनि में जन्म लेना।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय ८, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायऋषभदेव जी का देहत्याग और भरत चरित्र।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय ६|७, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायऋषभदेव जी अपने पुत्रो को उपदेश देना और स्वयं अवधुत वृत्ति ग्रहण करना।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, पञ्चम स्कन्ध, अध्याय ५, पञ्चम श्रॅखला।




स्वाध्यायप्रचेताओं को श्रीनारद जी का उपदेश और उनका परम पद लाभ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय ३१, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायप्रचेताओ को श्रीविष्णुभगवान् का वरदान।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय ३०, पञ्चम श्रॅखला।


स्वाध्यायपुरंजनोपाख्यान का तात्पर्य, हिन्दी भावार्थ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २९, हिन्दी भावार्थ, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायपुरंजन को स्त्रीयोनि की प्राप्ति और अविज्ञात के उपदेश से उसका मुक्त होना।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २८, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायपुरंजन का शिकार खेलने जाना, रानी का कुपित होना, चण्डवेग की चढ़ाई तथा कालकन्या का चरित्र।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २६|२७, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायपुरञ्जनोपाख्यान का प्रारम्भ, हिन्दी भावार्थ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २५, हिन्दी भावार्थ, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायरूद्रगीत, हिन्दी भावार्थ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २४, पञ्चम श्रॅखला, हिन्दी भावार्थ।

स्वाध्यायराजा पृथु की तपस्या और परलोकगमन।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २३, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायमहाराज पृथु को सनकादि का उपदेश।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २२, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायमहाराज पृथु का अपनी प्रजा को उपदेश।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २१, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायमहाराज पृथु की यज्ञशाला में श्रीविष्णु भगवान् का प्रादुर्भाव।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय २०, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायमहाराज पृथु के सौ अश्वमेध यज्ञ।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय १९, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायमहाराज पृथु का कुपित होना और पृथ्वी के द्वारा उनकी स्तुति करना।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय १७, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायमहाराज पृथु का आविर्भाव और राज्याभिषेक, वन्दीजन द्वारा महाराज पृथु की स्तुति।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय १५|१६, पञ्चम श्रॅखला।

स्वाध्यायध्रुववंश का वर्णन, राजा अंग का चरित्र।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय १३, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायध्रुव जी को कुबेर का वरदान और विष्णुलोक की प्राप्ति।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय १२, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायस्वायम्भुव मनु का ध्रुव जी को युद्ध बंद करने के लिये समझाना।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय ११, पञ्चम श्रॅखला।
स्वाध्यायउत्तम का मारा जाना, ध्रुव का यक्षों के साथ युद्ध।
श्रीमद्भागवतमहापुराण, चतुर्थ स्कन्ध, अध्याय १०,पञ्चम श्रॅखला।