
25 Mar 26 - निंदा vs आलोचना | ठहराव का महत्व: भीतर के निरंतर प्रवाह को कैसे महसूस करें?
00:00 - नंदलाल शर्मा का प्रश्न: निंदा (Slander) और आलोचना (Critique) में क्या फर्क है?01:10 - H2O पानी नहीं है: शास्त्र ज्ञान बनाम प्यास बुझाने वाला अनुभव (Experience vs Information)05:15 - पाप और श्रद्धा: क्या पश्चाताप से कर्मों का फल बदल सकता है?10:00 - एक्टिंग और वैश्यावृत्ति: आधुनिक कलाकारों और बिकाऊ मीडिया पर प्रहार15:00 - ठहराव का महत्व: भीतर के निरंतर प्रवाह को कैसे महसूस करें?22:08 - फूल की सुगंध: प्रकृति का निस्वार्थ प्रेम और मनुष्य की तुलना26:30 - जानकारी का बोझ: क्यों शास्त्र पढ़कर भी शांति नहीं मिलती?30:30 - कलेक्टिव अनकॉन्शियस (Collective Unconscious): सत्य को भीतर से परखने की…
The skinny
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