Latest / Mindset Matters हिंदी / Sleep Smarter: Behtar Neend, Behtar Mindset
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- 0:00(Transcribed by TurboScribe.ai. Go Unlimited to remove this message.) नमस्ते दोस्तों, स्वागत हैं आपका स्लीप और माइंटसेट
- 0:03के Special 2 Part Series के एपिसोड 2
- 0:05में।
- 0:06मैं हूँ आपका दोस्त और आपका होस्ट, मैं
- 0:08यूरेश शिर्वास्तों।
- 0:09और मैं हूँ आपकी को होस्ट ईशा शिर्वास्तों।
- 0:12और इस Special 2 Part Series में ईशा
- 0:14हमने पिछले एपिसोड में कवर किया था कि
- 0:16हमारी नीद का क्या महत्व है, वो किस
- 0:19तरह से हमें रिकवर करती है, रिपेर करती
- 0:21है और अगले दिन के लिए हमें तयार
- 0:23करती है।
- 0:24हमने पात की थी कि कैसे हमारा दिमाग
- 0:27डिफरेंट स्टीजस में काम करता है, हमारे बेन
- 0:29वेवलेंज क्या होते हैं, हमारी डिफरेंट साइकल्स क्या
- 0:33होते हैं, रेम, नॉन रेम, और हमारे हिपो
- 0:36कैमपस, प्रीफरंटल कॉर्टेक्स, और एमिटेला के बारे में,
- 0:40और हमारे सबसे इंपोर्टेंट, जो एकस्पेट है, क्लिमफेटिक
- 0:43सिस्टम, उसके बारे में हमने काफ़े डीटेलिंग अपने
- 0:46दर्शोगों में बताया था, अब आज इस एपिसोड
- 0:48के तुरुँँ हम बात करेंगे कुछ ऐसे टूल्स,
- 0:50कुछ ऐसे टेकनीक, जो आपको एक पच्चे की
- 0:53तरह सोने पर मजबूर कर देंगे.
- 0:55और मुझे रखता है कि लास्ट एपिसोड को
- 0:58सुनने के बाद तो लोग सोच रहे होंगे
- 0:59कि अपनी मेंटल हैल्स से जादा वो नींद
- 1:02को इग्नौर करते हैं, और बहुत चीज़े सेल्फ
- 1:04केर के लिए तो वो करते हैं, पर
- 1:05नींद कितनी इंपॉर्टेंट हैं, अकसर भूल जाते हैं,
- 1:07पर आई होब कि उन्हें लास्ट एपिसोड से
- 1:09उसकी इंपॉर्टेंट भी समझ में आई होगी.
- 1:11और हम पड़ेंगे कि इस एपिसोड के थूँ
- 1:14हम ये बदाबाएं कि कैसे आप स्मार्टली अपनी
- 1:17नींद फूरी कर सकते हैं, कौन से टूल्स
- 1:19आप यूज़ कर सकते हैं और अपलाई कर
- 1:21सकते हैं अपने लाइफस्टायल में.
- 1:42पहले तो हम नहीं देखते थे कि ये
- 1:44चीज़ एक डेफिसिट में चल रहा है, ये
- 1:46डेफिसियन्सी हो गया, नींद नहीं पूरी हो रहे
- 1:48हैं.
- 1:48तो इशा, इसका एक बहुत बड़ा कारण ये
- 1:51लिए है कि हम सोने तो जाते हैं
- 1:53बेट पे, पर हम सोसते हैं कि चलो
- 1:54लैपटॉप लेके जाते हैं, थोड़ा अराम से काम
- 1:57कर लेंगे, तो हम बेट पे तो चले
- 1:58गए, हमने अराम से काम भी कर लिया,
- 2:01बट हमने वो अराम अपनी शरी को नीधी
- 2:03है, जिसके लिया हम बेट पे गये थे,
- 2:04जिसके लिए your bed पाना होता है, हमारे
- 2:06नीध थी, बईयोल्लजीकली थी हम थखकी रहते हैं,
- 2:09पर नीरांय पर हम लोग एंज़े जभी रहे
- 2:11हैं, तो हम bed भी सोने जाते हैं,
- 2:13पर हम अपने मैन को जो rest, जो
- 2:16signal देना चाहिए, क्या हम सोने जाड़ा हैं,
- 2:18वो signal नहीं देते हैं।
- 2:19आपकर एक और थिंकिंग है, जो मुझे अभी
- 2:21समझ में आया, कभी-कभी हम जब सोने
- 2:23जा रहे होते हैं, तो हम सोचते हैं
- 2:24कि हमें नहीं पता हम सुबह जल्दी उठेंगे,
- 2:26नहीं उठेंगे और ये सोचके हम अपने सारे
- 2:29काम ट्राय करते हैं कि आज फिनिश कर
- 2:31लें।
- 2:31जबकि हमें ये भी पता होना चाहिए कि
- 2:33अगर हम अक्शली करेक्ट टाइम पे सो जाएंगे,
- 2:36तो हम करेक्ट टाइम पे उठ भी जाएंगे,
- 2:38बड़ क्योंकि हमारी स्लीप साइकल इतनी डिस्रॉप्टेड रहती
- 2:40है, कि हम वो स्लीप साइकल नहीं दिखा
- 2:42पाते कि आज सो जाते हैं, कल उठ
- 2:44के काम कर लेंगे।
- 2:45हम चाय करते हैं कि ठीक है, ये
- 2:46भी कर लो, ये भी फिनिश कर लो
- 2:47और फिर अट्रमाटिकली वो बारा, एक, दो बच
- 2:50जाता है।
- 2:51तो भी से इन सब एक्टिविटीस के तरह
- 2:53हम अपनी नीन को इंविटेशन नहीं दे रहे
- 2:55हैं, हम उसको पोस्पोन कर रहे हैं, हम
- 2:58उसको थोड़ा सा डिले कर रहे हैं, और
- 3:00जिससे, जो हमारे कोईडे नारेंड में पहले बात
- 3:02की थी, जो हम आज कवर करने वाले
- 3:03हैं, वो हम बिस कर देते हैं।
- 3:05इशा, हर इंसान के अंदर एक नैचुरल क्लॉक
- 3:09होता है, एक प्राकृतिक घड़ी होती है, जो
- 3:12उसको चलाती है, उसको बोलते है सर्केडियन रिदम,
- 3:16यह हमें यह बताती है कि हमें कब
- 3:18जगना है, कब एक्टिव रहना है, कब एनरजेटिक
- 3:22रहना है, और कब थोड़ा सा स्लो� रहना
- 3:25है, यह हमें सूरज की उदने के इसाफ्से
- 3:28हमें यह बताती है कि हाँ, अभी संलाइट
- 3:31आ गई है, तो अभी मुझे थोड़ा सा
- 3:32और एक्टिव होना है, और जैसी संसेट होता
- 3:35है, सूरज तूपता है, और यह हमें यह
- 3:37दर्शाती है, यह बताती है हमारे बॉड़ी को,
- 3:40कि � हमें थोड़ा सा स्लो डाउन होना
- 3:42है, तो यह बॉड़ी का इंटेनल क्लॉक होता
- 3:44है, सर्केडियन रिदम, बिल्कुल वैसे ही, जैसे यह
- 3:46बच्चवन में होता क्या था, कि हम घर
- 3:49पर जब खेल रहे होते हैं बाहर, तो
- 3:51दादी, नानी हमें बोलती हैं, बही, अब
- 3:53सूरज
- 4:08ढूब होता है, अंधेरा होता है, तो नेचर
- 4:11हमें यह बता रहा है कि देइन्ड हो
- 4:12गया है, और हमें उसी के अकॉर्डिंग फॉलो
- 4:15करके, हमें भी अपने काम फिनिश करके प्रोबर्बली
- 4:18सोने चले जाना चाहिए, और अक्शली बहुत लोग
- 4:21यह फॉलो करते भी हैं, तो आप देखोंगे
- 4:22कि उनके ओल्डर एच में आपको वो डिफरेंस
- 4:26दिखता है कि वो अक्टिव हैं, क्योंकि हम
- 4:29लोग बोलते हैं ना कि उनकी सुबह उठने
- 4:31की आदद बहुत
- 4:31प�
- 4:42कि रात में ही सारे ऐसे काम ले
- 4:44के बैठ जाते हैं, जो हमें और अक्टिवेट
- 4:46कर देते हैं, स्क्रीन हो गया, हमें कोई
- 4:48भी तरह की स्क्रीन, रात में टिनर करते
- 4:50ताम टीवी देखना, फॉन देखना, वो कहीं ना
- 4:53कहीं हमारे दिमाग को यही सिंगल दे रहा
- 4:55है कि अभी टे एंड नहीं हुआ है,
- 4:56और यह बहुत क्रिटिकल पॉंट है, पिछले एपिसोड
- 4:59में हमने अपने दर्श्यों को बताया था कि
- 5:01गोल्डन आर उफ स्लीप, एक ऐसा विंडो जहांपे
- 5:04आपका जो डिकावरी यह वो मैकसिमम होती है,
- 5:07तो जो टाइम है सोने का, राप में
- 5:0910 बज़े से 2 बज़े तक का, यह
- 5:12बहुत क्रिटिकल होता है, इसी समय हमारे जो
- 5:14होर्मोंस हैं, वो मैकसिमम रिपेर करते हैं, एक
- 5:18बहुत फेमस डॉक्टर हैं, डॉक्टर कुल्डी चौधरी, उन्होंने
- 5:21यह बताया है, बहुत बड़ी नीरो सर्जन है,
- 5:24उन्होंने यह बताया है कि बेसिकली हमारे जो
- 5:27यह विंडो है, राप में 10 से 2
- 5:29का
- 5:29वि
- 5:44करते हैं, तो हमारा इन्वेस्ट्मन का रिटर्न शैन
- 5:47बहुत अच्छा हो, तो यह इसी विंडो की
- 5:49तरहें काम करता है, कि हम सभी टाम
- 5:51पर सोने गए, जो कि राप में 10
- 5:53बज़े हैं, और अटलीस नहीं 2 बज़े तक
- 5:56अच्छे से सोजा, तो जो हमारा रिटर्न होगा,
- 5:58ज
- 6:10वो बहुत अच्छे से निकलता है, जो बोड़ी
- 6:12का मसल्स हील होने होते हैं, वो भी
- 6:15इसी टाम पर साधा हील होते हैं, और
- 6:17डीप स्लीप, जो डेल्टा स्टेज़ ने पहले बात
- 6:20की थी, वो भी इसमें साधा आप experience
- 6:22करते हैं, तो इसका यह मतलब हुआ कि
- 6:25अगर मैं 2 बज़े सोके अगर 8 खंटे
- 6:27सो रही हूँ, तो फिर वो benefit तो
- 6:29नहीं मिल सकता, क्योंकि मैंने अपना golden hours
- 6:31तो miss कर दिया.
- 6:32हाँ, वो नहीं मिल सकता, क्योंकि हमारा जो
- 6:36internal clock है, जो हमारा circadian rhythm है,
- 6:39वो हमारे दिवा की खड़ी नहीं देखता है,
- 6:41वो हमारे शरीव की खड़ी देखता है, वो
- 6:43यह देखता है कि हम किस time पे
- 6:45सोने गए हैं अपना circadian rhythm.
- 6:48अब यह नहीं कि हम 8 गंटे सो
- 6:50गए, रात में 2 बजे से हम सुबह
- 6:52तक सो रहे हैं, देर तक, तो वो
- 6:54फायदा उतना नहीं आईगा, इतना आना शईए.
- 6:57और मेरिश, एक और चीज़ है, जो हम
- 6:59अपने अराउन बहुत देखते हैं, मैं खुद ये
- 7:01चीज़ करती हूँ, अभी भी करती हूँ कभी
- 7:03कभी, कि हमें sleep वेस्ट of time लगता
- 7:06है, और होता क्या है, क्योंकि कभी आपके
- 7:09पास इतने काम होंगे, जरूरी नहीं कि आप
- 7:12सिर्फ time
- 7:12वेस्
- 7:23लगते हैं, पर आप उस ट्याम पर सोचते
- 7:25हैं कि सोने से वो काम रह जाएगा,
- 7:27तो पहले finish कर लेते हैं, पर ये
- 7:30भी एक बहुत बड़ा aspect है इसका, जस
- 7:33तरह से आप सोचते हैं अपने नीम के
- 7:34बारे में, वही quality of sleep आपको मिलता
- 7:36भी है, अगर मैं guilt के साथ सोचूंगी
- 7:38कि मैं सो जात हूँ, पर काम बचा
- 7:41हुआ है, मैं कर लूँ क्या, अभी सोना
- 7:43रहन देते हैं क्या, तो then मैं जो
- 7:45doubts और जो anxiety दिखा रही हूँ, probably
- 7:48वो जो quality है मेरे sleep का, वो
- 7:50भी वैसे ही होगा, शायद वो benefits मुझे
- 7:53मिलेंगे ही नहीं, क्योंकि मैं सोने के पहले
- 7:55इतना guilt लेके सो रही हूँ।
- 7:56बिल सोची
- 8:06अपने आपसे की क्या-क्या चीजे हम छोड
- 8:08सकते हैं, मुझे समझ में आता है कि
- 8:10काम बहुत रहते हैं, तो हम सोसते हैं
- 8:12कि ठीक है, पहले काम कर लेते हैं,
- 8:13उसके बाद सो लेंगे, पर हम क्या miss
- 8:16कर रहे हैं, हम अब दे शेरी पर
- 8:17उस चीज का क्या प्रभाव डालना है, ये
- 8:19यह जागुर्फता बहुत जरूरी है हमारे दर्शोगों के
- 8:22लिए और एक चीज़ हम लोग आज कर
- 8:24बहुत प्रामिनेंटली सुनते हैं कि जो लोग बोलते
- 8:27हैं कि हम जैसे सोने जाते हैं हमें
- 8:29तरह तरह के ख्याल आने लगते हैं वो
- 8:31चाहे हाप्पी हो या सैड हो किसी तरह
- 8:34के ख्याल आने लगते हैं पर वो बहुत
- 8:36सोचने लग जाते हैं उस टाइम पर वहीं
- 8:38कुछ लोग होंगे जो बोलेंगे कि हमें नीन
- 8:41नहीं आती हैं हम इसके लिए फॉन देखते
- 8:42हैं परबब्बिली यह एक दिखार पर है तो
- 8:45वो उनको हम कैसे हांडल करते हैं जो
- 8:47थोट्स उस टाइम पर अक्टिवेट हो जाते हैं
- 8:49यह एक तरह की ओवर थिंकिंग होती है
- 8:51जो हमारी स्लीप को इंपैट करती है हम
- 8:54सुफते हैं हम सोने जा रहे हैं पर
- 8:55हमारे थोट्स इतने जादा चलने लगते है उस
- 8:58समय कि हमें समय में नहीं आता है
- 8:59कि हमें अभी करना क्या है तो हमारी
- 9:02वो स्लीप साइकल को इंपैट करती है और
- 9:04जब हमारी स्लीप खराब होती है तो फिर
- 9:06से वो ओवर थिंकिंग मोड में आ जाती
- 9:08है तो यह एक चक्र व्यू की थरह
- 9:09हो जाता है पिछले
- 9:31एपिजोड में बता याता है कि जब हम
- 9:32नहीं सोते है या कम सोते है तो
- 9:34हमारा एमिकडेला है वो 60% ज़ादा एक्टिवेट
- 9:37हो जाता है तो हम इमोशनली और खराब
- 9:39करते हैं तो हमारे स्लीप साइकल को इंपैट
- 9:40करती है और जब हम एक चोटी सी
- 9:43चीज़ सोचते है न जड़ा सी चोटी सी
- 9:45चीज़, फीचर के बारे में तो हमारा दिमाग
- 9:47वर्स के सिनेरेय सोचने लगता है कि क्या
- 9:50क्या बुरा हो सकता है तो हम जब
- 9:53बुरा सोच रहे हैं तो हम अपने आपको
- 9:54क्या कर रहे हैं, और परिशान कर रहे
- 9:56हैं और रात में जब एमिटिल्स जादा एक्टिविट
- 10:00हुआ थो प्री-फ्रेंटर कॉर्टेक्स, जो हमारा लॉजिकल
- 10:02साइड है वो पढ़ा कम एक्टिविटिट रहता है
- 10:04तो हम उस चीज को उस समय लॉजिकली
- 10:06नहीं सोच पाते हैं तो हम अपनी परिशानी
- 10:08को बढ़ाते याते हैं और फिर हमें नीन
- 10:10नहीं आती है तो सबसे पहले जो important
- 10:13है कि इस चक्रुयू से बाहर कैसे हैं
- 10:16हमें तो बाहर आना पढ़ेगा न इसके लिए
- 10:19हम आज आपको कुछ टूल्स पताएंगे उसमें से
- 10:22कोई भी टूल जो आपको अच्छा लग रहा
- 10:24है उसको अपनाएं तो तो आप इस साइकल
- 10:27से बाहर आएं आप इस चक्रुयू से बाहर
- 10:29आएं क्योंकि एक अच्छी नीन आप लेंगे तो
- 10:31आगे
- 10:41बढ़ने के पेले एक पॉइंट मैं हाइलाइट करूँगी
- 10:43कि में बीच प्रॉबलम ये नहीं है कि
- 10:46मैं वीक हूँ या में जे ओवर थिंकिंग
- 10:48का इशू है मैं जादा सोचती हूँ मैं
- 10:51दील नहीं कर पाती प्रॉबली हम अपनी जो
- 10:55रिस्ट चाहिए मैं अपने वीवर से बोलना चाहूँगी
- 11:00कि अगर आपने किसी ने भी वो टू
- 11:02जो हमने बताया था जिसमें आपको वेसिकली रिफलेक
- 11:04करना था कि हमें कुछ अच्छा किया है
- 11:07दिन बर में तो हम री लिफ करते
- 11:09हैं या मैंने कुछ स्किप किया है कोई
- 11:11एसा अपना इशू या कोई एसा इंस्टेंस जो
- 11:15हमें नहीं करना चाहिए था वो स्किप किया
- 11:17है आगे के लिए हम सोचते हैं कि
- 11:19आगे ऐसा नहीं करेंगे और उसको रिफलेक करने
- 11:22के बाद आपको बेटर फील हुआ हो, बेटर
- 11:24नींद आए हो तो प्लीज कॉमेंट सेक्शन में
- 11:26शेयर करेंगे अभी हम और टूल्स पर बात
- 11:28करेंगे पर ये बेसिक टूल्स जो हमने लास
- 11:30एबसोर में कवर किये थे आप डेफिनिटली बहले
- 11:32उस से स्टार्ट करेंगे तो चलो ईशा थोड़ा
- 11:34अभी एबसोर टूल्स अपने दर्शों के साथ शेयर
- 11:37करते हैं सबसे पहला टूल है डिजिटल संसेट
- 11:40ये वो टूल है जो आप सोने के
- 11:42एक खंटे पहले कोई स्क्रीन ना देखें मैं
- 11:46जब कह रहा हूँ कोई स्क्रीन ना देखें
- 11:48तो इसमें आपका टेलिजिजन, लैपटॉप, मॉबाईल, टैप कुछ
- 11:53भी हो सकता है ऐसी कोई भी चीज
- 11:56जो बलू लाइन अपने से एमिट कर रही
- 11:58है, निकाल रही है क्योंकि होता क्या है
- 12:00सोने के एक खंटे पहले अगर मैंने मॉबाईल
- 12:02देखा तो मेरे दिमाग को सिग्नल मिला कि
- 12:05अभी दिन है और फिर जो होमो निकलना
- 12:07चाहिए जो हमने पिछले एपिसोड ने बहुत डिटेल
- 12:09में समझाया वो नहीं निकलता और फिर हम
- 12:12स्लीप मोड पर नहीं आपाते तो ये एक
- 12:14खंटे का विंडो बहुत इंपॉर्टेंट है सी पर्फेक्ट
- 12:17होना जरूरी नहीं है इंटेंचन जरूरी है हमें
- 12:20जब पता रहेगा तो शायद हम पहले जो
- 12:23काम रोज कर देते हैं वो शायद दस
- 12:26मेंजे तीन बारी करेंगे तो हम थोड़ा इंपॉर्वमेंट
- 12:29की दरव बढ़ते जाएंगे ये इंटेंचन के साथ
- 12:32आप इस टूल को अपनाईए और दूसरा टूल
- 12:35होगा सेम टाइम पर सोना और जगना ये
- 12:39कंसिस्टेंसी लाना बहुत इंपॉर्टेंट है तो हम समझते
- 12:42हैं कि तब
- 20:19तक के लिए स्लीब वेल, थिंक वेल और
- 20:21लिव वेल माइंसेट मैंतर्स आपके लिए एक मांत
- 20:26पूरू कर रहा हूँ थान्क्यू