Latest / Khushei Ki Duniya / Pyaar Ki Psychology❤️🩹
Transcript
- 0:00सुहाए। गाइस और होस्ट कम दोस्त को शी इस
- 0:02बेक अगेन विथ अनँद्अर लव स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू गाइस आई होप यू विल
- 0:04गाइस मिस मी। अगर आप अपने।
- 0:05नेम से या फिर। अपनी स्टोरीज़ मुझे।
- 0:07सुनाना चाहते हैं तो? आप सुना सकते।
- 0:09हैं ऐट दी रेट के। हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 0:12अंडरस्कोर पर। ऑल्सो हैप्पी फ्रेन्ड्शिप डे।
- 0:16और तुम सभी मेरे दोस्तों, यार आई मीन तुम लोग इतने प्यारे प्यारे
- 0:19डी एम एस करते हो ना मुझे सही बता रही हूँ?
- 0:21इतना अच्छा लगता है यार मैं सच में मैं आई कांट बी मोर।
- 0:25थानफुल यू नो। जब इतने अच्छे अच्छे।
- 0:27डी एम एस आते हैं। सब बताते हैं कि अपनी स्टोरीज़ वो
- 0:30कब सुनते हैं, कोई सुनता है। ऑफिस में।
- 0:33ऑफिस से लौटते टाइम तो कोई कभी। वो सुनने में ना मुझे सच में बहुत
- 0:37अच्छा लगता है। आई फील लाइक आई हॅव ए नंबर ऑफ़।
- 0:39फ्रेन्डस आउट देर। और अच्छा लगता है यार बहुत अच्छा
- 0:43लगता है सो थैंक यू ऑल एंड हैप्पी फ्रेन्ड्शिप डे फ्रेन्ड्शिप डे के
- 0:47ना? किस्से बताऊँगा तुम्हे स्टोरी।
- 0:48के एंड में। हर अभी कहानी बताती हूँ।
- 0:51ऑल्सो? जो इस फ्राइडे को कहानी आने वाली
- 0:52थी, उससे मैं इससे कॉमपेनसेट कर दूंगी।
- 0:54क्योंकि भाई कल फ्रेन्ड्शिप डे है तो मैं ये कहानी कल।
- 0:56डालूंगी मतलब आज रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 0:58तीन तारीख को तो कल डालूंगी सो फ्राइडे जो हम अपन स्केडुयूल कर
- 1:02रहे थे वो। नेक्स्ट फ्राइडे सोयेगा?
- 1:05की हर फ्राइडे को 930 रात में आपको कहानी मिला करके ओके ओके तो
- 1:10ये जो कहानी है ये है अच्छे कानों में एप्लक्स लगाइए दुनिया से
- 1:13थोड़े से दूर। हो जाइए लेट मी स्टार्ट दी
- 1:15स्टोरी। तो ये कहानी है अविनाश और मुस्कान
- 1:18की। अविनाश स्पोर्ट्स की दुनिया में
- 1:21उभरता एक सितारा था अविनाश। धीरे धीरे।
- 1:24टेबल टेनिस का नाम उसने इतना रोशन किया कि आप लोग जानने लगे थे
- 1:28अविनाश की वजह से। कि टेबल।
- 1:29टेनिस भी कोई गेम? होता है।
- 1:31क्योंकि उसके मैचेस ही इतने अच्छे आते थे और उम्र भी ज्यादा नहीं
- 1:35सिर्फ 23 साल की उम्र। में इतना अच्छा खेलना।
- 1:38हर प्रॉब्लम से यू नो आराम से हैंडल करना।
- 1:40धीरे धीरे उसका नाम बहुत ज्यादा बड़ा होता जा रहा था पर अविनाश ने
- 1:45कभी इस बात की एरोगेंसी या कुछ भी नहीं था।
- 1:48वो हमेशा सिर्फ कोशिश करता की वो आज से और बेहतर कल करें।
- 1:52और इसी। तू?
- 1:52इसी वजह से। अब अविनाश बन गया था इंडिया का
- 1:55नंबर वॅन टेबल टेनिस प्लेयर। इतनी।
- 1:57सी उम्र। और इतने सारे अचीवमेंट्स वेल
- 2:00मेहनत है। भाई मेहनत और उसकी थोड़ा बहुत
- 2:03लप्पी होता है। यार ऐसा नहीं है।
- 2:04हर चीज़ मेहनत से ही मिलती है। लक इस ए वेरी बिग फॅक्टर ट्रस्ट
- 2:07मी मैं फ्रेन्डस पर चलो जो भी है। तो अविनाश हमेशा अच्छा करने की
- 2:12कोशिश करता। सब लोग धीरे धीरे।
- 2:14जानने लगे थे उसे लेकिन फिर भी कुछ भी कुछ लोग ऐसे भी।
- 2:17थे जो अभी तक टेबल टेनिस से। दूर ही थे, जिन्हें।
- 2:20अविनाश के बारे में ज्यादा तो नहीं पता था।
- 2:22अब अविनाश। का एक बहुत बड़ा।
- 2:24टूर्नामेंट आने वाला था, जिसके वजह से वह काफी यू नो तैयारी कर
- 2:28रहा था। लेकिन।
- 2:29चल रही थी सब। कुछ चल रहा था पर वही अब जब आपको
- 2:33शोहरत मिलती है तो आपको उसके। साथ मिलते हैं बहुत।
- 2:36सारे। यू नो देमेरिट्स।
- 2:38बहुत सारी प्रोब्लम्स, कुछ लोग आपसे जलने।
- 2:41लगते हैं कुछ कोशिश? करते हैं कि समहाउ तुम यू नो
- 2:44इतने। लोग ना खुश नहीं होते।
- 2:46मोस्टली लोग तुम्हारी कामयाबी। से खुश नहीं होते हैं।
- 2:50पर। कुछ ऐसे भी होते हैं जो हाँ सच
- 2:52में दिल से खुश होते हैं पर हाँ यार।
- 2:54रेशियो बहुत। बहुत डिफर करता है बुरे लोगों का
- 2:57और अच्छे लोगों का। तो जो भी है, अविनाश का एक टेस्ट
- 3:02होना था, जिसमें यू नो। हर आई थिंक प्लेयर का टेस्ट होता
- 3:05है एक बड़े टूर्नामेंट से या कोई भी?
- 3:06टूर्नामेंट खेलने से पहले। की उन्होंने कोई चीटिंग तो नहीं
- 3:09की? देर अरे ए नंबर ऑफ़ थिंग्स यू नो
- 3:11तो उसका। भी वो टेस्ट हुआ और समहाउ।
- 3:13उस टेस्ट में फैल कर गया। अविनाश ने।
- 3:16पर कोई भी चीरिंग तो नहीं की थी तो उसे।
- 3:18समझ में नहीं आया उसके। कोचेस वगैरह ने खूब।
- 3:19इस बात पे लाइक हल्ला मचाया कि यार ऐसा नहीं हो सकता।
- 3:22तुम लोग अपनी टेस्ट रिपोर्ट्स वापस से चेक करो पर।
- 3:26इसमें अक्चवल में ओप्पोसिटीओन का बहुत बड़ा खेल हो गया उसके साथ।
- 3:30हुआ यूं कि इंडिया से तो एक ही प्लेयर जाना था उस।
- 3:33टूर्नामेंट में और सबने। अविनाश का नाम रेकमेंड किया
- 3:36क्योंकि था तो नंबर वॅन प्लेयर, लेकिन जो नंबर।
- 3:39टू पर था वो स्पोर्ट्स असोसिएशन के।
- 3:41किसी बड़े आदमी का बेटा था तो अब वो कैसे ना जाने देता अपने बेटे
- 3:45को तो उन्होंने उसके टेस्ट रिजल्ट्स ऐसे खराब करवा दिए।
- 3:49इस पर केस चला। और ऑलमोस्ट एक डेढ़ साल।
- 3:52के केस के बाद ये पता तो लगा। कि अविनाश गलत नहीं था।
- 3:55पर। क्या उसका वो टूर्नामेंट है?
- 3:58उसका वो टाइम वापस मिला नहीं ये सब केसेस वगैरह।
- 4:01से उसे जस्टिस मिली व्हिच इस मिलनी चाहिए थी पर उसका करियर
- 4:06उसका नाम जितनी जल्दी उसे वो। शोहरत मिली थी।
- 4:10सब कुछ लोगों ने उससे ऐसे छीन ली जैसे क्या?
- 4:13उसने मेहनत की थी उसे पाने के लिए और आज शायद उसकी सारी मेहनत।
- 4:17ऐसे वेस्ट हो गई थी। हालांकि।
- 4:21उसके कोचेस वगैरह आज भी। उसके साथ थे, जिन्हें उस पर पूरा
- 4:23भरोसा भी था और वो केस जीता तो सबको वापस से वो।
- 4:26भरोसा मिल गया उसके ऊपर पर। क्या उसका वो टाइम वापस आया और
- 4:30उसे ये समझ में आ गया कि शायद लोग?
- 4:32तुम्हें सिर्फ तब तक। सराहेंगे।
- 4:33तब तक जब तक। तुम यू नो किसी एक मकान पर होंगे।
- 4:37तुम पर भरोसा करने वाले। बहुत कम लोग मिलेंगे तुम्हें।
- 4:41उसके बाद समझ में आ गई। इसी वजह से।
- 4:43वो बहुत यू। नो सैड रहने लगा।
- 4:45इवन केस जीतने के बाद भी वो उसके कोचेस।
- 4:48वगैरह नहीं उसे सलाह दी की तुम कुछ टाइम के लिए यू नो एक
- 4:53साइकोलॉजिस्ट। को रेफर कर रहा हूँ मैं।
- 4:56तो तुम उसको जाओ। उससे मिलो यू नो शायद।
- 4:59अभी तुम फिट नहीं हो। किसी भी गेम के लिए दो, अविनाश।
- 5:02के लिए अपना गेम बहुत इम्पोर्टेन्ट था पर।
- 5:05भी बताता की उसके मेन्टल हेल्त फिलहाल।
- 5:07उस स्टेट में तो बिलकुल भी नहीं थी की वो कोई अच्छा।
- 5:09टूर्नामेंट खेल भी पाए तो उसने अपने लिए भी यही सही समझा।
- 5:14हालांकि अपने घर जब वो आया तो उसका मन बदल गया और उसने।
- 5:17सोचा की मुझे कोई साइकोलॉजिस्ट में नहीं जाना मैं।
- 5:18अपना गेम कंटिन्यू करने। वाला हूँ।
- 5:21फिर उसके घर वालो ने भी। उसे खूब समझाया की कभी कभार होता
- 5:24है ऐसा। कुछ गलतियों की सजा हमें मिल जरूर
- 5:28जाती है, भले ही वो हमने की हो या नहीं।
- 5:31अविनाश को भी ये बात समझ में आ रही थी और उसके घर वालो ने ही
- 5:33उसे। फोर्स।
- 5:34किया की एक बार ही सही मिल तो? ले अपनी साइकोलॉजिस्ट से अब
- 5:38अविनाश भी क्या करता डॉक्टर? मुस्कान तो जब वो पहुंचा।
- 5:43मुस्कान के। क्लिनिक पर तो उसने देखा की एक
- 5:47अराउंड अराउंड। 2425 साल की लड़की थी।
- 5:51और शक्ल से काफी भोली और एलिगेंट लग रही थी।
- 5:55तो मुस्कान ने। भी कहा कि।
- 5:57अरे आइए अविनाश जी बैठिए, आपसे कुछ बातें करते हैं आज अविनाश ने
- 6:03कहा कि भाग्य। मुझसे तो कोई बात।
- 6:06करना ही नहीं चाहता। था।
- 6:07पिछले 1 साल से केस हटा सबको मुझसे बातें करनी है।
- 6:11मुस्कान उसकी इस बात को समझ तो गई पर उसने कुछ खास रियेक्ट नहीं।
- 6:14किया, शी सैड। चाय लेंगे, कॉफ़ी, लेंगे क्या?
- 6:17लेंगे आप? मुझे बस आपसे कुछ बात करनी है,
- 6:19इट्स नॉट। लाइक ए थेरेपी सेशन और।
- 6:21कुछ। बस बात सिम्पली।
- 6:24अविनाश ने कहा। कि मैं आई नो यू अरे गोइंग टु गीव
- 6:27मी ए थेरेपी सो जस्ट स्टार्ट व्हाट वी वांट टु डू।
- 6:30एंड बस खत्म करो। मुझे बस जाना।
- 6:32है यहाँ से तुम मुस्कान ने कहा अरे यार मैंने कौनसा तुमसे?
- 6:36कर्जा लिया हुआ है। जो तुम ऐसे आ रहे।
- 6:37हो यहाँ पे और मुझे सुना के जा रहे हो?
- 6:41जब बात ही तो करने की कह रहे हो बात करते है यार अच्छा चलो तुम मत
- 6:43करना मैं बात। करता हूँ मैं तुम्हे बताती हूँ
- 6:45बताती हूँ कुछ। तो अविनाश ने कहा।
- 6:47हाँ व्हाटएवर मुझे बस यहाँ आधे घंटे रुकना है क्योंकि मेरी माँ
- 6:51भी मतलब वेइट् कर रही है और बाहर। तो बस इसीलिए।
- 6:55अब तो मैं जो बोलना है बोलो मुझे बोलने का मन नहीं।
- 6:58है और ना सुनने का मन है। मुस्कान ने कहा।
- 7:00शॉर्ट तू मैं बताती हूँ तुम्हें। पता है अविनाश जब मैं 18 साल की
- 7:06थी ना? तो?
- 7:07मेरा अक्सीडेंट हो गया। जिसकी वजह से मेरा।
- 7:10एक बहुत बहुत इम्पोर्टेन्ट। एग्ज़ैम मिस हो गया।
- 7:13आज मैं एक साइकोलॉजिस्ट हूँ और जानी मानी साइकोलॉजिस्ट हूँ सोचो।
- 7:16इतनी कम उम्र में इतना सब कुछ। पर मुझे वो नहीं मिला जो मुझे
- 7:21चाहिए था। मैं एक सर्जन बनना चाहती थी।
- 7:25जिसकी वजह से मैंने बहुत मेहनत भी की थी।
- 7:28पर धीरे धीरे लाइफ में। बहुत सारी चीजें ऐसी हुई कि नहीं
- 7:31बन पाई। फिर मन मार कर ही सही, खुद को
- 7:34समझा लिया कि शायद। इसमें मेरा नसीब ही नहीं था।
- 7:38और साइकोलॉजी पढ़ी और उसमें इन्ट्रेस्ट भी आने लगा और फिर समझ
- 7:42आया कि शायद वो जो कुछ भी हुआ था, मुझे साइकोलॉजी की तरफ धकेलने के
- 7:46लिए हुआ। होगा क्योंकि।
- 7:47ऐसे तो मैं कभी। साइकोलॉजी नहीं लेती।
- 7:50और। अगर मोस्ट जर्नी को भी बताने लगूं
- 7:53ना तो? तुम सो ही जाओगे यार हो जाओगे,
- 7:56क्योंकि अगर सुनोगे तो रो जाओगे और नहीं सुनोगे?
- 7:58तो सो जाओगे अविनाश पर उसकी बातें बहुत ध्यान से सुन रहा था।
- 8:03कि क्या हुआ था आपके साथ, तुम उस कार ने कहा फैम्ली प्रॉब्लम?
- 8:08फिर मैं बीमार हो गई थी फिर वो। अक्सीडेंट हो गया था।
- 8:12तो पता है, मैं अपना एग्ज़ैम ही नहीं दे पा रही थी और जितनी भी
- 8:16मैं कोशिश कर रही थी अपनी इन चीजों से लड़ने की और बढ़ती जा
- 8:19रही थी। एक पॉइंट पर तो सच बता रही हूँ,
- 8:22मुझे लग रहा था की यार मेरे साथ ही कुछ गलत है।
- 8:25और बहुत सारे गलत ख्याल भी आ रहे थे, पर कहीं ना कहीं आए न्यू के।
- 8:30कुछ तो होगा जो कुछ। तो होगा जो मुझे।
- 8:32रोक रहा है मेरे सपने तक जाने के लिए शायद वो ये साइकोलॉजी थी।
- 8:37अब तुम सोचोगे की ये मैंने सिर्फ एक चॉइस की तरह ली।
- 8:40थी उस टाइम पर पहला तब मेरी। मजबूरी थी, ये कोई चॉइस भी नहीं
- 8:44थी। सच बताऊँ?
- 8:45तो पर आज मैं खुश हूँ। ऐसा नहीं है कि मुझे वो।
- 8:49सर्जन बनना नहीं था या कुछ। पर हाँ, कहीं ना कहीं आज मैं खुश
- 8:53हूँ। लोगों को हील करती हूँ।
- 8:55लोगों की बातें सुनती हूँ और बातें करना था तो मुझे बचपन से ही
- 8:59पसंद। था अब तुम्हारे साथ।
- 9:00भी तो कुछ ना कुछ हुआ ही होगा ना तुम बताओ, मैं भी तो बता रही हूँ
- 9:03तुम्हें तो बस तो अविनाश ने भी कहा कि सब कुछ अच्छा चल रहा था,
- 9:09मेरी तो कोई। गलती भी नहीं थी एंड स्टिल देखो।
- 9:111 साल से झेल रहा हूँ। कोई गेम नहीं।
- 9:14खेल पा रहा हूँ, कहीं फोकस नहीं कर पा रहा हूँ और किस वजह से?
- 9:18क्योंकि वो स्पोर्ट्स काउंसिल। वालों के बेटे?
- 9:20को उन्हें भेजना था। पैसे भेज देते हैं।
- 9:22कम से कम। मेरा करियर तो नहीं खराब होता
- 9:25अविनाश? ने दिल में जो भी था बोल दिया एक
- 9:28बार में। जो शायद उसने अब तक किसी।
- 9:30से भी नहीं बोला था। इवन खुद से भी नहीं।
- 9:33उसका साइकोलॉजिस्ट और काफी। स्मार्ट थे।
- 9:36उसे पता था कि इससे कैसे। कब क्या बात हो?
- 9:38गलवानी है, हालांकि। जो उसने बताया वो उसके सच में
- 9:41स्टोरी थी पर। जो भी है।
- 9:43अपनी लाइफ एक्सपीरियंस। से ही सही हील कर रही थी वो लोगों
- 9:47को तो। अविनाश ने बहुत सारी बातें की और
- 9:51बातों ही बातों में उसने बहुत कुछ बताया।
- 9:53अपने बारे में अपनी लाइक्स डिस्लाइक्स।
- 9:56इस सबके बारे में और जब काफी देर हो गई।
- 10:00तो मुस्कान ने कहा। देखा।
- 10:03थेरेपी भी नहीं थी और थेरेपी भी हो गई।
- 10:07अविनाश वास् लाइक व्हाइट कितनी देर हो गई?
- 10:09मुझे। एंड अविनाश ने जैसे ही।
- 10:11अपनी घड़ी देखी। ही वास् शॉक्ड।
- 10:13उसे एक घंटा हो गया था पूरा और उसे।
- 10:16पता ही नहीं चला था मुस्कान, सैड ऐसा नहीं।
- 10:20है की थेरेपी कोई दवाई देती मैं तुम्हे या वो मूवीज़ में दिखाते
- 10:24है? टिक टॉक टिक टॉक?
- 10:25ये सब नहीं होता। इट्स जस्ट की।
- 10:29मुझे तो बस बातें करनी थी। देखो मेरा पेश।
- 10:31आई ऐसा है। की बस लोगों से बातें करनी होती
- 10:34है, उनकी बातें सुननी होती है और मुझे इसमें बहुत मज़ा आता है।
- 10:37ट्रस्ट हुई। अविनाश को इस बात।
- 10:39पर थोड़ा सा गुस्सा आ गया। मज़ा आता है।
- 10:42हम लोगों की प्रोब्लम्स सुनने में तुम्हें मज़ा।
- 10:43आता है तुम्हें लगता है कि यहाँ पे जो लोग आते हैं वो मज़े।
- 10:46लेने के लिए आते हैं उनकी लाइफ में कोई?
- 10:48और प्रॉब्लम नहीं है। अरे छूके इट्स ओके होता है।
- 10:54तुम्हे। गुस्सा आ रहा होगा पर तुम्हे शायद
- 10:57ये गुस्सा मुझ पर नहीं खुद पर आ रहा है तुम बस मुझ।
- 10:59पर उतार रहे हुए गुस्सा। की कैसे तुमने किसी से एक।
- 11:02घंटे बात कर ली वो अविनाश जो अब तक किसी से ढंग से बात ही नहीं।
- 11:06कर पा रहा था 2 मिनट भी। 1 घंटे उसने बात की है तो उसे खुद
- 11:10पर गुस्सा आ रहा होगा क्योंकि। तुम ही पूछो अपने आप से क्यों
- 11:14अविनाश को भी पता था? की कही ना कही पोल तो मुस्कान सही
- 11:18रही। थी।
- 11:18अब भाई ऐसे ही थोड़ी साइकोलॉजिस्ट थी यार वो।
- 11:22अब मुस्कान ने कहा की आपको वक्त मिले ना?
- 11:25तो कभी। आना हमसे बात करने फिर से अविनाश
- 11:28वहा से चला गया। उसकी माँ ने उससे पूछा कि क्या
- 11:32हुआ और क्या बात हुई, पर अविनाश ने कहा कि हाँ ठीक था।
- 11:36इट्स ओके। माँ।
- 11:37सब कुछ ठीक था। अविनाश की माँ ने कहा तू 1 मिनट
- 11:41चल मैं आती हूँ अभी और वो कुछ मुस्कान से बात कर कर लौट कर वापस
- 11:44आ गई। अब वो अपने घर गए।
- 11:472 दिन बाद अविनाश की माँ ने अविनाश को बुलाया की आजा लंच।
- 11:52करते हैं। एंड अविनाश का एस यूसुअल था की
- 11:54मुझे नहीं खाना, लंच, वंचाब खालो और आपको मार्केट वगैरह जाना था ना
- 11:59तो आप हुआ हो मैं। यही पर हूँ घर पर हूँ।
- 12:03तो उसकी माँ ने भी कहा हाँ, पर आज मेरी एक गेस्ट आने वाली थी यार तो
- 12:06मैं जल्दी आ जाउंगी इन केस वो पहले आ जाए तो क्या तुम?
- 12:10गेट वेट खोल। के और उसे पानी वाणी ऑफर करना तब
- 12:12तक मोस्ट प्रॉबब्ली में आ जाउंगी और अविनाश ने कहा मुझे नहीं पता
- 12:16आप यार अपनी गेस्ट वगैरह को आप देखना पर वो ऐसे कहके वहाँ से
- 12:19चली। गई अब थोड़ी देर।
- 12:21बाद ही उनके जाने के 5 मिनट बाद ही घर की डोर बेल्ल बजे अविनाश ने
- 12:26डोर खोला ही नहीं वो सरप्राइज़्ड खेप वहाँ पर मुस्कान खड़ी।
- 12:29थी। एंड मुस्कान ने कहा अरे क्या हुआ
- 12:31अविनाश? बाबू, चोर थोड़ी हूँ जहाँ घर पे
- 12:34बाहर खड़े करके रखे हो। अंदर तो।
- 12:36जाने दो यार, बहुत गर्मी है बाहर। और अविनाश कुछ बोलता है उससे।
- 12:40पहले उसके घर के अंदर आ गई थी बैठी।
- 12:42थी और उसने कहा। पानी दे दो, यार।
- 12:44प्लीज़ बहुत गर्मी है, बाहर यू कांट इवन इमेजिन अब कोई बंदा अपने
- 12:48रूम से बाहर नहीं निकलेगा, उसे कैसे पता चलेगा की बाहर मौसम क्या
- 12:50है? मुझे नहीं लगता आपको तो ये भी पता
- 12:52होगी। समर चल रहा है समर गर्मी।
- 12:55अविनाश ने कहा। क्यों?
- 12:56मुझे क्यों नहीं पता होगा? समर चल रहा है और आज तारीख
- 13:02अविनाश। को तारीख तक नहीं बताती।
- 13:05ये बात की। अविनाश बहुत ज्यादा डिप्रेस था।
- 13:08इस लास्ट कुछ टाइम से तो बस उसको। हील करना चाहती थी।
- 13:13अविनाश से बात कर कर उसके बात सुनकर उसे जानकर इसीलिए उसकी माँ
- 13:18जब उस दिन लौटकर गयी थी तो उस कांस्य।
- 13:20सिर्फ यही कह रही थी की प्लीज़ मेरे बेटे को ठीक कर दो पता।
- 13:23है मुझे की मैं तुमसे आउट ऑफ़ दी बॉक्स जाके हेल्प मांग रही।
- 13:27हूँ। पर क्या तुम मेरे घर आ सकती हो या
- 13:29उसे ऐसे सेशन्स? दे सकती हो?
- 13:31बेटा मुझे वापस मिल जाए मैंने आज बहुत टाइम बाद।
- 13:33देखा उसे कि उसने किसी से। 1 घंटे तक बात की तो मैं तुम्हें
- 13:38बता भी नहीं सकती। बेटा मैं कितनी खुश हूँ तो क्या
- 13:40तुम उसे हील कर दोगे? और मुस्कान ने कहा डोन्ट वोर्री
- 13:45आप इतनी टेंशन मत लो आंटी। मैं उसे ठीक कर दूंगी, आपके बेटे
- 13:48को और आफ्टर ऑल। ही इस आवर नेशन्स प्राइड अरे 1
- 13:52साल की। छुट्टी मान लो अब क्या कर सकते
- 13:54हैं आज? ऐसा ही है हमारे।
- 13:56देश में पर चलो। ऐट लिस्ट उसे इंसाफ तो मिला बाकी
- 13:59की जिम्मेदारी मेरी। आप टेंशन ना लीजिए और ये उन लोगों
- 14:03का मिलकर प्लान था। फिर मुस्कान ने कहा कि।
- 14:06यार आइस क्रीम खाने का मन कर। रहा है तुम खाओगे आइस।
- 14:10क्रीम एंड अविनाश सैड व्हाट तुम अभी मेरे घर आई हो तो मैं आइस
- 14:13क्रीम खानी है। एंड।
- 14:16अब यार। ऐसा ही है यार, मुझे खानी है आइस
- 14:19क्रीम मुस्कान ने ऐसा कहा? और वो उसे जिद करने लगी, प्लीज़।
- 14:22यार एक आइस क्रीम भी तो हिलाने की कह रही हूँ और यहाँ घर के पास ही
- 14:25तो है, चल नहीं सकते? 2 मिनट।
- 14:27पहले तो अविनाश ने खूब मना किया पर उस काइन के भी कन्विंसिंग पावर
- 14:31क्या? खूब थी उसने।
- 14:32फाइनली इसे कन्विंस किया और। अविनाश ने कहा, ठीक।
- 14:36है आप 2 मिनट रुकिए, मैं आता हूँ। उसने।
- 14:38कपड़े वपड़े देखे और उसने एक अपने मुँह।
- 14:41पर मास्क लगा लिया। अब।
- 14:43जैसे ही मुस्कान ने देखा है, शी वास् लाइक मास्क क्यों?
- 14:46लगाया है। बाहर कोई प्रॉब्लम है क्या?
- 14:48तो अविनाश ने कहा वो लोग मुझे पहचान जाएंगे।
- 14:50ना? तो मुस्कान ने कहा तू पहचानना
- 14:54चाहिए, उन्हें नेशन्स प्राइड। आफ्टर ऑल एंड तुम्हारी।
- 14:57गलती नहीं थी नाउ यू अरे फ्री सो लोग।
- 15:00पहचान जाएंगे तो करना पर अविनाश ने कहा नहीं नहीं।
- 15:04मुझे मुझे मास्क लगाकर ही रखना है।
- 15:06तुम मुस्कान ने भी उसे ज्यादा। जिद नहीं की।
- 15:09आइस क्रीम खाने। गए और।
- 15:10मुस्कान ने जबरदस्तियों से भी एक आइस क्रीम खिला ही दी, हालांकि।
- 15:14उसने तब तो नहीं। खाई बट उसने एक आइस क्रीम लेके रख
- 15:16ली और घर की। तरफ चलते चलते उसने अपना मांस
- 15:18घटाया। और खाने लगा उसका आइस क्रीम को।
- 15:20धीरे धीरे अविनाश को हील करने की मुस्कान ने तरह तरह।
- 15:24की टेकनिक सपनाई कभी वो। उसके घर आ जाती, कभी उसे कहीं
- 15:28बाहर ले जाती। और धीरे धीरे वो दोस्त बनने लगे।
- 15:31नाउ अविनाश ओपनड अप की लास्ट 1 साल से जो भी हुआ मुझे अच्छा नहीं
- 15:36लग रहा। था।
- 15:37धीरे धीरे वो उसका। दोस्त बन गया मुस्कान।
- 15:40भी खुश थी की कहीं ना कहीं अविनाश अब।
- 15:42हील हो गया था। उसके अंदर जो भी था अब वो सब कुछ।
- 15:46ठीक हो रहा था। धीरे धीरे।
- 15:48मुस्कान की वजह से अविनाश भी काफी थैंकफुल था मुस्कान के लिए और
- 15:51अपनी माँ के लिए। भी जिन्होंने उसकी इतनी हेल्प की।
- 15:55मुस्कान से इतनी ब्लीड। की हालाँकि जरूरत नहीं बड़ी पर
- 15:57फिर भी। खुश था अब्बू और मुस्कान ने ही।
- 16:00उससे कहा कि। अविनाश आई नो की तुम्हें लगता है
- 16:04अभी भी की लोग तुम्हें गलत समझते हैं या कुछ पर गेम अपना कंटिन्यू
- 16:08करो, अब तो देखो। तुम्हें मौका भी मिल रहा है, तुम
- 16:11जाओ टूर्नामेंट खेल हो, सब कुछ ठीक हो जाएगा।
- 16:15और अविनाश ने काफी ध्यान दिया इस बात पर और।
- 16:19फिर उसने अपने कोचेस से कहा कि ठीक है।
- 16:21अब वापस से टूर्नामेंट वगैरह शुरू हुए और अविनाश का गेम वापस आ गया।
- 16:25अविनाश का वो चार्म वापस आ गया। हम आना की एक 2 साल लगे समय।
- 16:30पर ठीक है कभी? कभी लाइफ मांगती।
- 16:33है यार ये सब भी, ये भी शायद उसके कुछ ना कुछ।
- 16:35अच्छे के लिए होना था या शायद? उस दूसरे लड़के के पाप का घड़ा बन
- 16:39गया होगा तो मैं नहीं। बताना यार कभी कभी।
- 16:41होता है ना गेहूं के साथ घुन पिस जाता है।
- 16:43अविनाश के साथ बिसाई हुआ पर। इसी वजह।
- 16:45से शायद उसे मुस्कान जैसी। अच्छी लड़की।
- 16:48मिल गई थी, सो। ऐसे ही यार।
- 16:50एक्सेप्ट करो, अच्छी चीजें ढूँढो और।
- 16:53मूव ऑन। दट्स हौ लाइफ इस?
- 16:55अब अविनाश का नाम वापस से यू नो सब लोग जानने लगे।
- 16:59अविनाश के वापस से वही पुरानी फेम सब वापस आ गया पर इस बार उसे।
- 17:03सबके साथ एक चीज़ और मिली। थी, जो थी मुस्कान और उसे पता था।
- 17:07उसकी रियल ट्रॉफी थी वो क्योंकि ये लोग।
- 17:11होता है ना यार हम लोग ना मैं खुद।
- 17:12भी हम सब उसी में इन्क्लूडेड होते है की जब कोई अच्छा होता।
- 17:15है। उसके साथ सब कुछ अच्छा चल रहा।
- 17:18है तो हम सब साथ खड़े होते है और जैसे ही किसी का।
- 17:20डाउनफॉल आया था वैसे दूर हो जाते है एस ए।
- 17:23तो जैसे ये बंदा उठ ही नहीं सकता क्या कभी वापस?
- 17:25अविनाश को पता था। की ये फेम वगैरह ये सब 1 दिन चली
- 17:28जाएगी। पर जो उसने असल में उस वक्त में
- 17:31जीता। था।
- 17:31वो उस कान थी जो की। आज भी उसके साथ थी।
- 17:35फाइनली जब उसका एक मैच होना था, उसने मुस्कान को इन्वैट किया।
- 17:38ये मैच। इंडिया में ही होना था तो मुस्कान
- 17:40ने भी कहा हाँ जरूर मैं तुम्हारा मैच देखने आउंगी।
- 17:42वो जाती थी उसके मैचेस देखने के लिए, लेकिन इस।
- 17:44बार अविनाश ने उसे। स्पेशल बुलाया था।
- 17:48अविनाश जीता भी है मैच और जब उसको मेडल मिला तो उसने वो मेडल सबके।
- 17:54सामने मुस्कान को पहनाया। मुस्कान वास् लाइक अविनाश सब देख।
- 17:59रहे हैं एंड अविनाश ने कहा कि हाथ तो दिखाने के लिए ही पहनाया।
- 18:04है मुस्कान मैं नहीं तुम जीती हूँ ये मेडल।
- 18:07और फिर अविनाश ने वो कहा जो कहीं ना कहीं मुस्कान।
- 18:11को पता था और तुम लोगों को भी पता है, ठीक है?
- 18:14अरे चलो कहना तो है ना यार? अविनाश को मुस्कान से।
- 18:18अविनाश ने कहा की मुस्कान आई कांट टेल यू हौ मच।
- 18:20इम्पोर्टेन्ट यू अरे टु मी। तुम बहुत इम्पोर्टेन्ट हो गई हो।
- 18:25और पता है ये मेडल ये। ट्रॉफी में सबके।
- 18:27सामने कहना चाहते हूँ। कि सबसे बहुत ऊपर हो तुम।
- 18:31और मैं चाहता हूँ कि मैं अपना हर मेडल आज के।
- 18:34बाद तुम्हें ऐसे ही पहना हूँ तुम्हें माँ को, तुम दोनों बहुत
- 18:38इम्पोर्टेन्ट हो मेरी लाइफ में। हाँ, तो आज यहाँ पर।
- 18:41है नहीं इस गेम। में और शायद क्यों?
- 18:44की मैंने माँ को ऑलरेडी बोल दिया था।
- 18:46की आज तुम्हे प्रोपोज़। करना था।
- 18:48मुझे और। मुस्कान ने कहा।
- 18:51प्रोपोज़ इससे बेटर प्रोपोज़ल क्या हो सकता है बट जैसे उसने कहा
- 18:58अविनाश वेन्ट ऑन हिज़ एंड ही सैड। उसने एक अंगूठी निकाली और कहा विल
- 19:03यू बी मैं ट्रॉफी टुडे। मुस्कान ने कहा।
- 19:07मैं कोई चीज़ थोड़ी हूँ जो जीतोगे बट।
- 19:10अविनाश ने कहा तुम्हारा। दिल तो जीत सकता हूँ ना मुस्कान
- 19:13मैडम। तुमने मेरा दिल जीत रहा है, तो
- 19:16यार मुझे भी तो तुम्हारा दिल चाहिए ना?
- 19:18तो मुस्कान ने भी। कहा ऑफ़ कोर्स मैं तो कब से चाह
- 19:23रही थी की तुम ये बात बोलो चलो ऐसे ही हील करते करते उन दोनों ने
- 19:29एक दूसरे की बहुत सारी ऐसी चीज़े भील कर दी जो कही ना कही मुस्कान
- 19:33के अंदर कमी थी। जो मुस्कान की ज़िन्दगी में प्यार
- 19:37की कमी थी वो अविनाश ने पूरी। कर दी और।
- 19:39अविनाश के दिल में जो कॉन्फिडेंस की कमी आ गई।
- 19:42थी। उसके गेम में वो मुस्कान ने पूरी
- 19:43कर दी, हमें नहीं। पता की कब हमारे साथ क्या होगा या
- 19:47फिर कोई चीज़ हमारे साथ? क्यों हो रही है?
- 19:50हाँ, अगर हमारे साथ आज कुछ गलत हो रहा है तो हम सोचेंगे यार ये
- 19:53क्यों हो रहा है यार ये नहीं। होना चाहिए पर।
- 19:56तुम्हे नहीं पता ना की उस चीज़ का आउटकम क्या होगा?
- 19:59आई नो की ये कहने में बहुत अजीब लगता है।
- 20:01आई ऍम माइसेल्फ। इन ए वेरी बैड।
- 20:02सिचुएशन पर आई नो। की ये भी खत्म होगा यार कभी ना
- 20:06कभी और जब खत्म होगा ना तो हम खूब हंसेंगे।
- 20:10चलो इस कहानी। को ही खत्म करती हूँ और अब आती है
- 20:12फ्रेन्ड्शिप डे की बात। अब तुम लोग मुझे बताना की यार तुम
- 20:15लोग क्या? करते हो फ्रेन्ड्शिप डे पे बट आई
- 20:17रेमेम्बेर। हमारे ना?
- 20:19स्कूल में जब। फ्रेन्ड्शिप भी हुआ करता था ना
- 20:21आइस टु बी सो हैप्पी वैसे तो ये संडे को होता है।
- 20:23अगस्त के फर्स्ट संडे। को पर हमारे स्कूल में जैसे।
- 20:27एक या 2 दिन पहले मना लिया एक 2 दिन बाद मना।
- 20:29लिया फिक्स कर लेते। अपन और डेट को और फिर।
- 20:32हम मनाते थे फ्रेन्ड्शिप डे। आई स्टिल रेमेम्बेर यार पता है
- 20:35क्या? एक बार का एक बात?
- 20:36बताती हूँ तो हम नाइन्थ या टेंथ क्लास में।
- 20:38थे। एंड दे वेर टू गर्ल्स।
- 20:40तो इन्होंने एक दूसरे। को फ्रेन्ड्शिप मेरी भी फ्रेन्डस
- 20:43लाई थी, कोई रिंग लाया था, कोई कुछ लाया।
- 20:44हम लेकर गए थे एक दूसरे के लिए कुछ।
- 20:46ना कुछ पटना आई। रेमेम्बेर देर वास्।
- 20:49थिस गर्ल जिसने अपनी बेस्ट फ्रेन्ड को ना।
- 20:51बहुत सुंदर ब्रेसलेट दिया था और पहली बार यार मुझे लग रहा था की
- 20:55यार ये मेरी बेस्ट फ्रेन्ड क्यों नहीं है?
- 20:59बहुत सुंदर ब्रेसलेट था और मैं सोच रही थी की यार।
- 21:03मेरी बेस्ट फ्रेन्ड मुझे? क्या देगी?
- 21:04उसने मुझे रिंग दी थी एंड आई स्टिल हॅव इट।
- 21:06फिर भी यार। वो ब्रेसलेट बहुत सुंदर था।
- 21:10हर साल में ऐसे। वेइट् करती थी।
- 21:11मेरी एक दो फ्रेन्डस थी जो जिनका फिक्स था।
- 21:14जो कुछ ना कुछ। लिखकर लेकर आएँगे एंड यू वोंट
- 21:17बिलीव पता है मेरे पास? आज तक वो सारे लेटर्स हैं जो उन
- 21:19लोगों ने। लिखे थे हर फ्रेन्ड्शिप।
- 21:21डे पर मैं वेइट्। करती थी कि हाँ।
- 21:24पता है ये गिफ्ट्स वगैरह आप ब्रेसलेट।
- 21:26ऑफ़ कोर्स एक एस चीज़ थी जो मुझे सच में चाहिए थे।
- 21:28उस टाइम पे वो चार्म वाला। ब्रेसलेट था यार।
- 21:30और जो बहुत पसंद थे चर्म्स लटक रहे थे उसमें छोटे छोटे सितारे और
- 21:34समथिंग इट इस सो ब्यूटीफुल ही स्टिल।
- 21:36बर्थ है। पर मैं भी लेके जाती थी इन लोगों
- 21:39के लिए कुछ ना कुछ लेटर या कुछ अच्छी थी यार स्कूल टाइम पे
- 21:43फ्रेन्ड्शिप डे सब। अच्छा लगता था।
- 21:47आ भी रही हैं। अगर इंस्टाग्राम।
- 21:49वगेरा ना हो तो? हैं पता।
- 21:50भी नहीं चले की कोई फ्रेन्ड्शिप डे भी हैं या कुछ भी हैं।
- 21:52एवेरी डेज़ लाइक, संडे मंडे, ट्यूसडे वेडनेसडे, थर्ज़्डै,
- 21:54फ्राइडे फ्राइडे से याद आया। आपसे कहानी आया करेंगे फ्राइडे।
- 21:58साढ़े 9:00 बजे तो ये वाली मैं यार।
- 22:02तुम लोग इसको फ्राइडे को समझ लेना।
- 22:03क्योंकि मैं डालूंगी तो इसे कल क्योंकि कल फ्रेन्ड्शिप डे हैं।
- 22:06ऑल्सो हैप्पी। फ्रेन्ड्शिप डे टु ऑल, मैं
- 22:09फ्रेन्डस आउट देर एंड थैंक यू फॉर बीइंग देर।
- 22:13तुम लोग मेरी कहानियाँ सुनते हो, फिर?
- 22:14उन्होंने मुझे बताते हो की तुम्हे कहानियों इतनी अच्छी लगी मुझे।
- 22:16बहुत अच्छा लगता हैं, मैं सच में तुम लोगों को बता भी नहीं सकती
- 22:19मुझे कितना अच्छा लगता हैं। जब तुम लोगों के मैसेजस मेरे पास
- 22:21आते हैं, हम जाते हैं। कि हम कहानी।
- 22:24सुनते हैं हमें अच्छा लगता है इट मीन्स ए लॉट सच में इट मीन्स ए
- 22:28लॉट तो थैंक यू कहानियों। सुनने के लिए और मेरे फ्रेन्डस
- 22:32बनने के लिए एंड वॅन्स अगेन हैप्पी फ्रेन्ड्शिप डे।
- 22:35चलो मिलती हूँ आप सडिली कहानी में टिल्लन के कारण बाई बाई।