Latest / Khushei Ki Duniya / Pinjara 2
Transcript
- 0:00अगर सबको अपना प्यार मिल जाएगा तो अकेला कौन रहेगा?
- 0:04सिंगल कौन रहेगा? मुझे क्या देख रहे हो, आईने में
- 0:08जाके देखो ऑसर मिल जाएगा, सॉरी आई नो आई नो तो वैसे तुम लोग सिंगल
- 0:15तो हो ही, इसमें बुरा लगने वाली बात भी क्या है?
- 0:18है ना? अच्छा, आज तुम्हे कैसी कहानी
- 0:23सुनाने वाली हूँ? मैं उसका तुम्हें नहीं बताने वाली
- 0:26हूँ, हैप्पी है, सैड है, है आई डोन्ट नो तुम देखना तुम मुझे
- 0:32बताना सो है गाइस युअर होस्ट कम दोस्त खुशी इस बेक अगेन विथ
- 0:37अनँद्अर लव आई वुड से। अनँद्अर स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू
- 0:42गाइस आई होप यू ऑल गाइस मिस्ड मी और मुझे एक पर्टिकुलर इंसान का
- 0:46मेन्शन करना है तो वो मैं एंड में करती हूँ तो अपने कानो में आप लगा
- 0:51लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ एंड लेट मी फाइनली स्टार्ट दी
- 0:55स्टोरी तुम्हें पता है? मैं ये स्टोरी ऑलमोस्ट 6 मिनट तीन
- 0:59या 4 मिनट का रिकॉर्ड कर चुकी थी एंड आई वास् लाइक मैं बता रही थी
- 1:03तुम्हे बताती हूँ की मैं बहुत फ्लो में रिकॉर्ड करती हूँ।
- 1:07मेरा सही चल रहा था, सब सही था एंड बाहर से एक दम से पता नहीं
- 1:11क्या कुत्तों ने सामूहिक तरीके से ना भोंकना शुरू कर दिया नो आई
- 1:16थॉट। थोड़ी देर में चुप हो जाएंगे,
- 1:17थोड़ी देर में चुप हो जाएंगे। वो चुप ही नहीं हो रहे है और मेरी
- 1:20रिकॉर्डिंग में मेरी आवाज से ज्यादा कुत्तों के भौंकने की
- 1:23आवाज़ आ रही है। एंड आई थॉट क्या हो गया भाई, क्या
- 1:26लफड़ा हो गया आई लिटरल्ली हार्ड टु गो अप ऑल दी वे अपस्टेयर्स
- 1:30जाके कुत्तों को भगा के आई हूँ मैं नियर अगेन?
- 1:36सीइंग ऑल थिस स्टाफ जो मैं पहले बोल चुकी थी, लाइक सीरियसली चलो
- 1:42ठीक है सुनाती ये वाली कहानी तो एक कहानी है निधि की निधि मेरी
- 1:50तुम्हारी जैसी एक नॉर्मल सी लड़की थी।
- 1:53एक कॉन्ज़रवेटिव फैमिली में पली बड़ी थी।
- 1:55जानती थी इज्ज़त क्या होती है? घरवालों की इज्ज़त लड़कियों के
- 2:00हाथ में होती है, ऐसा बचपन से बताया गया था।
- 2:02उसे पढ़ाया गया, लिखाया गया, काबिल बनाया गया, लेकिन शर्तों पर
- 2:09कि तू कभी अपने मन से कुछ नहीं कर सकती है, जो करेंगे हम करेंगे।
- 2:14हाँ, पर हमने तुम्हे पूरी यू नो फ्रीडम भी दी है जो करना है कर लो
- 2:19तो शर्तों में दिए गए फ्रीडम को क्या कहते हैं?
- 2:23आई डोन्ट नो मैंने बहुत सोचा कि इसको क्या बोला जाए?
- 2:27आज़ादी नहीं तो क्या होता है आई गेस पाबंदियां बट?
- 2:34क्यों? क्या जरूरत है?
- 2:36शायद इसका कोई जवाब नहीं है। हमेशा से यही तो था यही रहा है कि
- 2:42लड़कियां घर की इज्जत होती है तो निधि भी जानती थी।
- 2:46बहुत अच्छे से कि हाँ होती है भाई लड़कियां इज्जत तो हमेशा से चाहती
- 2:51थी कि कोई इंसान उसे समझे। वो ऐसी लड़की थी जो हमेशा हस्ती
- 2:57खेलती बहुत कम रोती थी। जीस वजह से लोगों ने उसे कई अजीब
- 3:03यू नो गरीब नाम दिए थे। तू पत्थर दिल है तू ये है तो वो
- 3:06है वो हमेशा हंस के रह जाती। क्योंकि सीखा नहीं था उसने लोगों
- 3:12के सामने रोना या उनको अपना दुख दिखाना।
- 3:16उसके लिए वो ऐसा था मानो कि मैं कमजोर जो नहीं माने जाऊँगी।
- 3:22ऐसा ही था। उसके साथ ये हालांकि बहुत सारे
- 3:25लोगों का पर्सपेक्टिव होता है कि हम रोएंगे, हम अपने मोशंस
- 3:28दिखाएंगे। क्नॉइस।
- 3:29तो हम कमजोर कहलाएंगे। कौन कह रहा है तुम्हें कमजोर मुझे
- 3:34बस ये बताओ कौन कर रहा है तुम्हें जज और अगर कोई कर भी रहा है तो
- 3:40करने दो ना क्या ले खाया किसी से तो दूसरों का इतना डर बना लिया
- 3:45अपने दिल में यही शायद अगर मैं। निधि से मिलती तो उसे समझाती की
- 3:51भाई हर किसी की बात को तवज्जो देना तो तुम्हारी बेवकूफ़ है उन
- 3:56लोगों की बातें सुनो जो तुम्हारी बेहतरी के लिए हो।
- 4:00उन लोगों की बातें सुनो जो तुम्हे खुद सिखाते हो या कुछ अच्छी बातें
- 4:04हो, हर किसी की बात सुनोगे तो तुम जी नहीं पाओगे।
- 4:08क्योंकि 50 लोगों के 50 नज़रिए होते हैं हर तुम नज़रिए में नहीं
- 4:14बैठ पाओगे फिट और तुम जब उन नजरियों में फिट नहीं बैठ पाओगे
- 4:17तो उनकी आँखों में खटकोगे तुम पर तुम तुम हो और तुम्हें किसी के
- 4:24नज़रिए में फिट नहीं बैठना है तुम्हें?
- 4:26खुद का एक नजरिया देखना है। जो सही है उस पर चलना है।
- 4:30शायद निधि को ये बात किसी ने नहीं समझाई थी।
- 4:34हमेशा से बहुत लोग थे उसके आसपास, लेकिन एक भी ऐसा इंसान नहीं था जो
- 4:39उसे समझ पाया हो। एक भी ऐसा इंसान नहीं था जिसे वो
- 4:44समझा पाई हो अपने दिल की बात। एक बार उसको बहुत तेज लगी।
- 4:49स्कूल की बात थी, बहुत तेज लगी उसके और वो रोना चाहती थी पर रोई
- 4:54नहीं फिर उसके दोस्तों ने कहा यार तू तो बहुत स्ट्रांग है, कभी नहीं
- 4:59रोती ना एकदम स्ट्रांग गर्ल नेवी वाशरूम में जाकर बहुत रोई, बहुत
- 5:05ज्यादा रोई। लेकिन बाहर निकलते ही सब नॉर्मल
- 5:08है क्योंकि ऐसी ही थी वो। फिर उस दिन उसने चाहा कि काश कोई
- 5:13दो, कोई दो उसके पास आके बैठे और इससे कहे मैं जानता हूँ कि तेरे
- 5:19लगी थी जो रोना चाहती थी पर तू रो क्यों नहीं पाई?
- 5:23चाहती थी किसी को बताना की शायद ऐसी ही हो गयी थी वो अब पत्थर दिल
- 5:30खैर ये तो एक ज़िन्दगी का छोटा सा किस्सा था।
- 5:34धीरे धीरे निधि बड़ी हुई बहुत सारी चीज़े आयी ज़िन्दगी में पर
- 5:39हर चीज़ का सामना उसने बहुत यू नो।
- 5:43हिम्मत से किया कि ठीक है ज़िन्दगी है, अगर ये सब चीजें
- 5:47नहीं होंगी तो जिंदा कहाँ कहलाएंगे?
- 5:49हम ऐसे कहते कहते जब वो बड़ी हुई तो फाइनली वो एक लड़की से मिली।
- 5:55उस लड़की से मिलकर उसे लगा कि अरे ये ही तो है यही तो है वो लड़का
- 6:00शायद। जिसके लिए इतनी दुआएं की थी मैंने
- 6:05खुश रहना चाहती थी, अन्ना चाहती थी उस लड़के के साथ एक फ्यूचर
- 6:10देखना चाहती थी वो लड़का था शिवम तो निधि ने 1 दिन शिवम से कहा कि
- 6:16आई डोन्ट नो यार तुझे कैसे पता चल जाता है?
- 6:20कब मैं दुखी होती हूँ मेरी से बता देता है तू तो शिवम् ने कहा पता
- 6:25नहीं लोग तुझे कैसे नहीं समझ पाए? अरे सब कुछ तेरे चेहरे पर ऐसे
- 6:29लिखा होता है जैसे की बस तू बता रही है पर शायद कोई पढ़ना नहीं
- 6:33जानता। अनपढ़ है ये सारे हिंदी बहुत खुश
- 6:37थी। होता है ना कुछ लोगों के टेक्स्ट
- 6:39देख कर ही हमारे चेहरे पे एक बड़ा सा स्माइल आ जाता है।
- 6:42हम ब्लश करने लग जाते है कि हाँ यार थिस इस दट पर्सन होता है ऐसा
- 6:48अब मुझे नहीं पता तुम्हारे पास ऐसा कोई है या नहीं, बट मैंने
- 6:52जनरलली लोगों को देखा है। 1 दिन में ऐसे बैठी थी एंड मतलब
- 6:55मैं मुझे याद नहीं कहा नहीं मैं बट कोई तो था मेरे साइड में एंड
- 7:00आई सॉ कि उस इंसान के फ़ोन पे एक टेक्स्ट आया एंड जस्ट ब्य सीइंग
- 7:04दट नेम उसके चेहरे पे इतनी बड़ी स्माइल आ गई इतनी बड़ी देर आई फेल
- 7:11लाइक भाई क्या हो गया? इतनी बड़ी स्माइल थी उस बंदे को
- 7:14पता बनाया जब कोई अच्छा सा जोक मार लिया जाए मतलब?
- 7:18या दट्स दी पार्ट ऑफ लव दट। इस दी व्हाट लव इस वो तुम्हें ना
- 7:23मतलब एकदम खूबसूरत बना देता है सच में सच में प्यार बहुत खूबसूरत
- 7:29फीलिंग है अगर सच में और सच्चे दिल से की जाए तो?
- 7:34बट प्यार उतनी ही खतरनाक चीज़ बन जाती है जब जुनून बन जाता है।
- 7:37किसी का निधि और शिवम धीरे धीरे धीरे धीरे बहुत अच्छे दोस्त बने।
- 7:44निधि ने शिवम के लिए उसके अंदर फीलिंग्स भी आयी।
- 7:471 दिन निधि ने कन्फेस किया की शिवम, आई डोन्ट नो शायद तेरे लिए
- 7:51मैं एक दोस्त हूँ बट मेरे लिए तो बहुत कुछ है।
- 7:54अगर तू कभी गया ना लाइफ से, तो शायद मैं कभी किसी पर इतना ट्रस्ट
- 7:59ना कर पाऊं। शिवम ने कहा मैं कहाँ जा रहा हूँ
- 8:03मैं यहीं हूँ टेंशन क्या लेना तेरे को और कुछ दिन बाद वही हुआ
- 8:09जो निधि के साथ हमेशा से बताया था शिवम चला गया कहाँ?
- 8:14क्यों, कैसे बस चला गया? स्कूल के बाद सबके कॉलेज जाने
- 8:19होते हैं। सबकी यू नो ज़िन्दगी बदलती है और
- 8:22की ज़िन्दगी बदलना चाहती थी वो बट शिवम के जाने से शायद एक और सख्त
- 8:29इंसान बन गयी वो। लोगों पे और कम भरोसा करना चालू
- 8:33कर दिया। उसने शिवम् तो चला गया लेकिन उसकी
- 8:37यादें उसकी बातें निधि को हर रोज़ सोचने पर मजबूर कर दी की क्यों
- 8:43भरोसा किया? क्या किसी पर भरोसा करना और उसकी
- 8:48इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है? आखिर क्या गलती थी उसकी क्या गलती
- 8:53थी उसकी? तुम बताओ, मुझे तो नहीं लगता अरे
- 8:58हम सब इंसान है किसी से तुम तो एक कुत्ते को भी 4 दिन रोटी डालोगे
- 9:03ना? 5 दिन वो खुद आ जाता है।
- 9:06तू एक इंसान है, हम सब इंसान है। 4 दिन कोई प्यार से बात करेगा ना?
- 9:10तो मन करता है कि अब ये बात क्यों नहीं कर रहा यार, बट वही इंसान
- 9:15है, मन भर जाता है शायद शिवम् का मन भी भर गया था निधि से और निधि
- 9:22रह गई अपनी इसी इसी जद्दोजहद में लड़ते हुए कि उसकी गलती थी यही
- 9:28करते हम लोग। कोई गलती करता है, खुद हमें कमिया
- 9:31निकालने लग जाते है। आई डोन्ट नो बाई बट यही नहीं करते
- 9:35हम कोई कुछ बोल के जायेगा और हम सोचेंगे यार इसमें भी हमारी गलती
- 9:39होगी ना, वरना सामने वाला तो बुरा है ही नहीं, है ना?
- 9:44लेकिन फिर निधि की ज़िन्दगी में आया जतन।
- 9:48उसने अपने दिल के सारे दरवाजे बंद कर रखे थे कि आज के बाद एक किसी
- 9:52के लहने ही खुलेंगे। लेकिन जतिन उसका एक पुराना दोस्त
- 9:56था। अक्चवली दोस्त का दोस्त तो धीरे
- 9:59धीरे अब उस दोस्त को हटा के वो दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे
- 10:04तो अच्छा चल रहा था सब। धीरे धीरे को समझ आने लगा की शायद
- 10:09जो शिवम के साथ था वो एक अट्रैक्शन था या फिर उस वक्त उसकी
- 10:13जरूरत शायद प्यार नहीं? वो उस वक्त चाहती थी की कोई उसे
- 10:18रिकॉग्नाइज़ करे, कोई उसकी फीलिंग्स को देखे, कोई समझे उसे
- 10:23पर क्या प्यार बस इतना ही होता है।
- 10:26आखिर प्यार होता क्या है? हर कहानी में एक नई डेफिनिशन देती
- 10:32हूँ। प्यार को शायद यहाँ निधि को भी
- 10:35प्यार नहीं था। उसे सिर्फ जरूरत थी उस वक्त शिवम
- 10:39के जब शायद। सबने उसे पत्थर दिल घोषित कर दिया
- 10:42था लेकिन वो जानती थी की दिल उसके पास भी था।
- 10:45बस उसको धड़काने के लिए किसी की जरूरत थी।
- 10:49उसे लगा शिवम वो इंसान था लेकिन जतिन के साथ उसे एक अच्छी फीलिंग
- 10:55आती थी। जब वो उसके साथ रहता, वो उसके
- 10:58आँखों में देखती। उसकी आँखे बहुत पूरे थे।
- 11:02एक दम ऐसे जैसे होते है कुछ लोग प्यार वैसे निधि ने धीरे धीरे
- 11:11बहुत डिस्टेंस का रखा था उसने जतिन से क्योंकि वो चाहती नहीं थी
- 11:13की वापस से फिर से किसी भी फीलिंग में पड़े वो पर फीलिंग्स है यार।
- 11:19इनको तुम कितना भी रोक लो भाई तुम एक फीलिंग आने के बाद उसको डिनै
- 11:23कर सकते हो अपने मन में लेकिन फीलिंग्स को नहीं आने से रोक सकते
- 11:26हो। वो तो आयेंगे भाई और वो भी ऐसे
- 11:29इंसान के पास जिससे कभी बचपन से प्यार मिला ना हो और उसे अगर तुम
- 11:34प्यार एकदम से दे दोगे भाई वो तो पागल हो जायेगा।
- 11:37निधि के साथ भी वही हुआ। जतिन जानता था उसे पहचानना था,
- 11:43दिन भर की बातें वो जाके उसे बता दिया करती बस धीरे धीरे उस पे
- 11:47ट्रस्ट करने लगी थी वो निधि जो कभी किसी पर ट्रस्ट नहीं करना
- 11:51चाहती थी बहुत मुश्किल से दूसरों पे ट्रस्ट करती थी जतिन पे ट्रस्ट
- 11:55करने लगी थी वो उसकी। गलती थी या नहीं थी ये तो वही
- 12:01जानती थी। यह वक्त धीरे धीरे जतिन भी उसकी
- 12:05बातों का बट कभी वो उससे बहुत प्यार से बात करता और कभी ऐसे
- 12:10जैसे वो जानता भी नहीं था। निधि को निधि को समझ ही नहीं आता
- 12:14कि आखिर प्रॉब्लम क्या थी या तो अच्छे से बात कर ले।
- 12:18यत्न ना करे। लेकिन निधि को यहाँ लग गयी थी आदत
- 12:22उसे बताने की की उसने दिन में क्या किया, क्यों किया, कैसे
- 12:26किया, सुनता था जतिन ही वास् ए गुड लिस्टर लेकिन धीरे धीरे कभी
- 12:33कभी कभी लगता निधि को की यार। ये भी मुझे शायद पसंद करता है।
- 12:38मैं भी लगता नहीं यार आई ऍम नॉट दी वन कभी कभी वो खुद ही खुद को
- 12:42रिजेक्ट कर देती की वो तो इतना अच्छा है यार कहाँ मैं कहाँ हूँ
- 12:45कभी सोचती काश वो मेरा होता होता भाई जब इंसान प्यार में होता है
- 12:52ना भाई। तो उसे समझ ही नहीं आता कि चले
- 12:54क्या रहा है, क्या सही है, क्या गलत है, क्यों है, कैसे है, नहीं
- 12:58पता बस है तो है बात खत्म। धीरे धीरे जतिन को अपना बहुत
- 13:03क्लोज़ फ्रेन्ड से ज्यादा मानने लगी।
- 13:05अपने दोस्त जो एक दो थे, उन्हें बताया कि यार ऐसे ऐसे है उन्होंने
- 13:10उसे सपोर्ट किया कि चल। फाइनली कोई तो मेरा तुझे समझ सकता
- 13:14है वरना तुझे समझना तो तेरे माँ पापा के बस की बात भी नहीं है।
- 13:20कॉम्प्लिकेटेड जो है तो लेकिन जतिन समझ जाता था उसे उसके भले ही
- 13:25एक एक फनी मूंछ से भी वो समझ जाता है की इसके पीछे शायद वो अपना
- 13:29दुःख छुपा रही होती थी। और जतिन हर बार समझ जाता जब किसी
- 13:35पौधे को पानी न दिया जाए ना तो वो मुरझा जाता है पर जब धीरे धीरे
- 13:40धीरे धीरे तो मुरझा हुए पौधे में भी पानी देने लगो ना तो वो वापस
- 13:44से जी उठता है का भी वही हुआ था। धीरे धीरे वो।
- 13:51वापस से भरोसा करने लगी थी दुनिया पर, लोगों पर, प्यार पर और जतिन
- 13:58पर भी, लेकिन हर कहानी में लेकिन क्यों आता है?
- 14:051 दिन नदी के घरवालों ने जतिन से उसकी बाते सुन ली।
- 14:09वो घर वाले जो इतने कन्जर्वेटिव थे, वो घर वाले, जिनके इज्ज़त
- 14:14उनके घर की बेटियां थी, बेटे नहीं वो घर वाले जिन्होंने उसे हर चीज़
- 14:19का फ्रीडम दिया था, लेकिन सिर्फ घर के अंदर उन घरवालों को पता चला
- 14:24की उनकी बेटी उनकी वो चिड़िया ओढ़ना चाहती थी।
- 14:29जीस सोने के पिंजरे में उन्होंने उसे रखा था।
- 14:32शायद अब उसमें वो अपने पंख फडफडाने लगी थी।
- 14:36हाँ वो अब यहाँ से जाना चाहती थी लेकिन जब उन्हें पता चला तो वहीं
- 14:45निधि की माँ ने उसे कहा कि। ये सब चल रहा था ये सलाह दिया
- 14:50तुने हमारे प्यार हमारी मोहब्बत का ये सलाह हमने तुझपे भरोसा किया
- 14:56था आज़ादी दी थी तुझे हर चीज़ की और तुने आखिर ये किया हमारे साथ
- 15:02निधि क्या बोलती? वो तो बेचारी अभी जीने लगी थी।
- 15:06उसने तो भी पंख फड़फड़ाना शुरू किया था, उससे पहले उसके पंख कतर
- 15:10दिए गए थे। फ़ोन ले लिया गया, जतिन का नंबर
- 15:15ब्लॉक कर दिया गया और उसकी तरफ से उसे सिर्फ एक मैसेज भेजा गया की
- 15:19आज के बाद मुझसे कभी बात मत करना। जतिन को क्या पता था की आखिर उस।
- 15:23टेक्स्ट के पीछे ही निधि के हाथ नहीं थे।
- 15:25उसके घरवालों के हाथ से निधि का आना जाना बंद हुआ कॉल्स बंद हुए
- 15:32धीरे धीरे से को वापस फिर पकड़कर पिंजरे में बंद कर दिया गया और
- 15:38निधि शायद उस दिन के बाद क्नॉइस। कभी चाहती भी नहीं थी की वो उड़े
- 15:46कभी कभी प्यार हमारे दस्तक जरूर देता है दिल पे, लेकिन बहुत सारे
- 15:52ऐसे बैरियर्स होते हैं, ये दुनिया समाज इज्ज़त घर वाले।
- 15:59की वो ना तुम्हारी खुशी देखते हैं, ना अपनी परवरिश, ना प्यार
- 16:05देखते हैं वो झूठे खोखली इज्ज़त जो शायद कभी थी भी नहीं और उसकी
- 16:15वजह से वो अपने बच्चों को। में रखते हैं की अगर तुमने आगे से
- 16:22कभी कभी भी ऐसा तो हम कुछ कर लेंगे।
- 16:27निधि को भी यही धमकी दी गई कि अगर तुने उस लड़के से मिलने की कोशिश
- 16:31की, उससे बात करने की कोशिश की तो हमारा हमारा मुँह देखेगी।
- 16:34सबने सुना होगा नए डायलॉग पर। ये क्या?
- 16:40इस बार निधि ने कहा, थप्पा और निधि ने खुद अपनी ज़िन्दगी खत्म
- 16:46कर ली क्योंकि शायद जो पहला इंसान उसे समझने लगा था, इन्होंने उसे
- 16:53ही उससे दूर कर दिया था। कहा कि।
- 16:56इज्जत ये कहाँ का प्यार कहाँ का फ्रीडम कहाँ का लाड था ये और निधि
- 17:02अपने नोट में सिर्फ एक चीज़ लेकर गई चिड़िया पिंजरे में ही रह गई।
- 17:09आपकी इज्जत कहीं नहीं जाएगी, कह देना गलती से।
- 17:14उसका पैर फिसल गया। सर फट गया कुछ भी कह देना दफना
- 17:18देना मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। किसी को किसी को ना मेरी मौत से
- 17:22फरक था ना मेरे जीने से फरक था घर से बाहर नहीं जाएगी।
- 17:29निधि और जतिन की कहानी ऐसे खत्म हुई।
- 17:32जतिन को कभी पता नहीं चला कि आखिर।
- 17:34वो हाथ इसके थे जिन्होंने वो टेक्स्ट लिखा था।
- 17:38जब निधि के मरने की खबर जतिन को मिली तो शायद समझ जरूर आया उसे
- 17:42लेकिन क्या फायदा? वो तो कह भी नहीं पाया था उसे की
- 17:46वो प्यार करने लगा था। नितीश से वो थामना चाहता था उसका
- 17:50हाथ। ले कर जाता है।
- 17:52स्प्रंजरे से बाहर उसे लेकिन उससे पहले ही निधि हार चुकी थी क्योंकि
- 17:57इससे पहले भी एक बार वो हारी थी। तब हिम्मत दिखाई थी उसने उठने की
- 18:02आखिर पत्थर दिल जो थी लेकिन इस बार उसकी सारी हिम्मत जवाब दे
- 18:07गयी। तो कैसी लगी ये कहानी?
- 18:10तुम मुझे बता सकते हो? सॉरी आधे से ज्यादा लोग दुखी हो
- 18:14गए होंगे। किसी की हो सकता है बहुत ही कमजोर
- 18:16दिल वालों के आंसू आ गए होंगे। सॉरी यार टु बी ऑनेस्ट, ना मेरा
- 18:21कोई ख्याल नहीं था। निधि को मारने का कोई मूड भी नहीं
- 18:24था। बट दी प्रॉब्लम इस की स्क्रिप्ट
- 18:26नहीं लिखते ना भाई हम। अब स्क्रिप्ट नहीं लिखते है तो जो
- 18:29उस टाइम पे आता है दिमाग में बक देते है, बन गई कहानी सॉरी नहीं
- 18:35मारना चाहिए था निधि को आई नो दट, बट कोई बात नहीं है, सच बात है ना
- 18:39अभी रीसेंट क्या हुआ? एक खबर पढ़ के आई थी मैं तो उसमें
- 18:43ऑनर खेलिंग की वजह से। एक लड़की रो रही थी और उसके यू नो
- 18:47लवर को मार दिया गया था। इन दी नेम ऑफ ऑनर किलिंग जिसका
- 18:51टाइटल था उस न्यूज़ का डिसऑनर किलिंग व्हिच इस ट्रू तो वहाँ से
- 18:55थोड़ा थोड़ा ये ख्याल आ गया कि लोग अपनी इज्जत उस झूठी इज्जत के
- 19:01पीछे। अपने बच्चों की खुशियों को अपने
- 19:04बच्चों को मार देते हैं छु इज्ज़त यार इज्ज़त क्या होती है भाई पहले
- 19:09मुझे ये बताओ सच बात ये है जिसके पास पैसा है उसके पास बेशुमार
- 19:14इज्ज़त है। जिसके पास पैसा नहीं है उसकी कोई
- 19:17इज्ज़त नहीं है एंड दट इस हौ ए समाज वर्क करता है क्नॉइस।
- 19:21लेकिन अपने घर के बच्चों को ये कह के दबाया जाता है की अरे नहीं
- 19:25हमारे घर की इज्ज़त तुम हो क्या फरक पड़ेगा यार मुझे बस एक बात
- 19:28बताओ अगर तुम्हारा बच्चा खुश है तो उससे ज्यादा बड़ी बात क्या हो
- 19:32सकती है ना? अब वो अपनी जात वाली के साथ खुश
- 19:35हो, वो किसी और के साथ खुश हो। क्या फर्क पड़ता है?
- 19:39सबको एक ज़िन्दगी मिली है, सबको खुश रहने का हक है, बट ये बात
- 19:45नहीं समझ पाते हैं लोग शायद हमारी जेनरेशन ये बात समझती है।
- 19:49शायद हमसे आगे वाली जनरेशंस को ये चीज़ नहीं फेस करनी पड़े।
- 19:52लेकिन हमारी जेनरेशन को यही चीज़ फेस करनी पड़ेगी क्यों?
- 19:55क्योंकि क्नॉइस। यहाँ तक वही खोखली इज्जत का ढूंढ
- 19:59चला रहा है ना काफी सालों से तो लोगों के दिमाग में वही चीज़ फिट
- 20:03बैठ गई है। बट आई होप एंड आई विश एन आई प्रे
- 20:06कि जब हमारी जेनरेशन का ये दौर आएगा तो हम होंगे वो समाज और मैं
- 20:12चाहती हूँ कि हम वो समाज बने जिसमें लोग।
- 20:15खुली सांस ले पाए। आराम से जी पाए चैन से बस खुश रह
- 20:19पाए बिना ये सोचे कि ये क्या सोचेगा?
- 20:21वो क्या नहीं सोचते यार लोग बट लोगों ने वो खोखला एक ढोंग का
- 20:26ड्रामा ओढ़ रखा है ना दट। इस दी इश्यू जो भी है, जैसा भी
- 20:32है। तो हाँ, अच्छा चलो ये तो ये कहानी
- 20:35की बात हुई सो एक कमेंट आ रहा है, मेरे पास सीन्स टू डेज़ अब मैं
- 20:41बता दू की भाई इंडिया में कॉमेंट्स अवेलेबल नहीं होते है तो
- 20:44जो भी कमेंट करता है वो बाहर से ही करता है तो मैं यहाँ पे
- 20:46रिप्लाय भी नहीं कर पाती हूँ तो समबडी नेम्ड अभी यू।
- 20:52यू अक्चवली कमेंटेड समथिंग रियली ब्यूटीफुल सो थैंक यू फॉर दट
- 20:55ब्यूटीफुल कमेंट मैं उसका रिप्लाय वहाँ नहीं दे पाई थी एसआइ टोल्ड
- 20:59यू की हमारे यहाँ पे कॉमेंट्स अवेलेबल नहीं है यू अरे फ्रम न्यू
- 21:03ज़ीलैण्ड भाई डू यू कैन कमेंट सो या थैंक यू एंड वेलकम टु दी खुशी
- 21:08की दुनिया। अब चलते है यार मिलते है किसी और
- 21:12कहानी में तुम्हारा दिन करने के बाद मुझे मज़ा आया चलो ओके बाई
- 21:18ऑल्सो वॅन मोर थिंग मैंने अनाउंसमेंट में डाला, ज़रूर था की
- 21:21कहानियों जो है तुम लोग अपने भेज देना भाई।
- 21:25क्या सीन है यार? मेरे को ऐसी फ्रस्ट्रेशन हो गई।
- 21:27एक तो दो तीन दिनों से मुझे वैसे ही चीजों पे फ्रस्ट्रेशन आ रही
- 21:30है। लेकिन मुझे एक बात बताओ जब मैं
- 21:32चीख चीख के कह चुकी हूँ कि बोल के 5 मिनट या लेस थान के ऑडियो में
- 21:37मेरे को भेज दो, फिर भी फिर भी मेरे को आ रहा है, लिख के भेज दे
- 21:41लिख के भेज दे भाई यार गजब वो। अबे मैं इंसान हूँ यार मुझे काउंट
- 21:47किया करो एस ए ह्यूमन बीइंग मुझे बहुत चिढ़ मच रही है और पता है कल
- 21:51से मैंने लिटरल्ली ये कस्टम मैसेज डाल दिया कि नहीं भाई, प्लीज़
- 21:54मैंने मैंने इंस्टा पे स्टोरी डाल दी।
- 21:56मैंने ये सब जगह बता दिया कि भाई बोल के भेज दो लेकिन नहीं हम लिख
- 22:00के भेजेंगे भाई तुम भेज दो फिर लिख के।
- 22:02मैं तुम से कह तो चुकी हूँ, कही बार रिक्वेस्ट कर चुकी हूँ, अब
- 22:05तुम लिख के भेज दो की जितनो ने भी लिख के भेजे पहले बता देती हूँ
- 22:08भाई मेरे पास अभी वक्त नहीं है की मैं पढ़ लू दूसरी बात जिन्होंने
- 22:12वौइस् में भी भेजी, एक बार मेरे को रीमैंड करा देना और दूसरी बात
- 22:15की अभी देखो मेरा आज ही एग्ज़ैम का डेट शीट एंड ऑल सब आ गया है।
- 22:19एक महीने के मेरे एग्ज़ैम है उसके बाद फिर सब की कहानी आएंगी अभी,
- 22:22क्योंकि उन कहानियों को फिर सुनो फिर बनाउंगी तो वक्त लग जाएगा।
- 22:25इसीलिए जितनो ने भेज दिया वेइट् मत करना की अभी कहानी आ जाएगी,
- 22:29थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन हाँ जितनो ने वौइस् में भेजी उनकी कहानियों
- 22:32आएंगी फॉर शुर आएंगी। हाँ, ऐसा भी नहीं की मैं सबको
- 22:35प्रॉमिस कर दूँ की भाई नहीं नहीं तुम्हारी आएगी।
- 22:37हाँ, जिनकी थोड़ी अलग होगी क्योंकि बहुत सारी जो रियल लाइफ
- 22:40स्टोरीज़ होती ना वो नॉर्मल होती तो मतलब आ जाएंगे।
- 22:44डोन्ट वोर्री बट सबको प्रॉमिस नहीं कर सकती हूँ सो प्लीज़ ऐसा
- 22:47मत सोचना की दीदी आपने तो कहा था भाई देखो बन सके आई ऍम बन बीइंग
- 22:52नाइस तो बस ऐसा है कि एक तो मेरे एग्ज़ैम्स हो जाए, उसके बाद में
- 22:56बिल्कुल एक दम फ्री हूँ। उसके बाद में तुम लोगों की सारी
- 22:59कहानियों ले लूंगी, सो डोन्ट वोर्री बट अभी जब तक फ्री नहीं
- 23:02हूँ, तुम भेज देना, सुन लूंगी, बट कहानियों तभी बनेंगी जब एग्ज़ैम
- 23:07हो जाएंगे। ओके ओके सर, व्हाई एंड स्पॉट
- 23:10अबाउट इंस्टा का लिंक है तुम वहाँ से ले सकते हो एंड ओके बाय।