Latest / Khushei Ki Duniya / Dil Dialed You❤️
Transcript
- 0:00ओहह है गाइस युअर होस्ट कम्स यू यूज़ बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:03स्टोरी फॉर ऑल ऑफ यू गाइस आई होप युअर गाइस मिस मी ये कहानी होने
- 0:07वाली है भाई ये बहुत मस्त होने वाली है।
- 0:09काश मेरे पास एक मेल वौइस् और आर्टिस्ट होता जो फ्री में काम कर
- 0:13देता डेफिनिट्ली कहानी बहुत सही बनती।
- 0:17बट इट्स ओके इट हप्पेन्स। मुझसे काम चलाओ दोस्तों अभी तो
- 0:22अगर तुम लोग इतनी ज्यादा सुनो ठीक है और अगर हम टॉप 20 में आते हैं
- 0:26तो आई विल ट्राई मैं लेवल बेस्ट कि मैं किसी के साथ कोलाप्स करूँ,
- 0:29लेकिन उससे पहले तो सॉरी गाइस तुम्हें मुझसे काम चलाना पड़ेगा
- 0:33और सबसे बड़ा बैरियर यार ये यू नो यू एनस्क्रिप्टेड में बोलना है।
- 0:37लाइक अगर कोई कोलैब्स के लिए बोले भी तो कहाँ से करूँ?
- 0:40स्क्रिप्ट ही नहीं रहती अब खुद तो मैं बक बक कर सकती हूँ, बट
- 0:43ऑब्वियस्ली सामने वाले को कहाँ से बताऊँ भाई मेरी जैसी वाइफ वाला
- 0:46इंसान तो मिले की चलो ठीक है मैं अगर कुछ इन्स्क्रिप्टेड बोल रही
- 0:49हूँ सामने वाली भी इन्स्क्रिप्टेड बोले बस एक ओवरव्यू में अगर उसे
- 0:52दे दूँ तो आज सलत जोड़ी होगी हमारी।
- 0:56ओके दट। वास् ए जोक सीरियसली दट।
- 0:59वास् ए जोक तो अब अपने गानों में लगा लो बहुत बकवास हो गई, चलो
- 1:04तुम्हें सुनाती हूँ गम सॉलिड वाली कहानी लाइक लिटरल्ली ये कहानी
- 1:08बहुत मस्त है इसका टाइटल मैं सोच लिया भाई ये पहली ऐसी कहानी होने
- 1:12वाली है जिसका टाइटल मैंने अक्चवल में सोच लिया है ये।
- 1:15मुझे टाइटियल सोचने में बहुत प्रॉब्लम होती है यार चलो चलो ठीक
- 1:18है जुक्स बात कानों में आप लगा लिए अरे लगा लो रे तो मैं बोलती
- 1:22हूँ, तुम सुनते क्यों नहीं हो? चलो लग गए वेरी गुड आप सुनो सो ये
- 1:27कहानी है तारा और नील की सुन्दर नाम है ना आई 900 सो।
- 1:35तारा एक हेल्ती रिलेशनशिप में थी। सब कुछ सही चल रहा था, उसका
- 1:40चाइल्डहुड स्वीट आर्ट था लाइक यू नो चाइल्डहुड स्वीट आर्ट।
- 1:44इस बेसिक्ली जब तुम किसी से बचपन से प्यार करते हो, ठीक है तो वो
- 1:48बचपन से एक दूसरे को जानते थे, बढ़िया प्यार करते थे एंड
- 1:51एव्रीथिंग वास् वेरी वेरी गुड ठीक है।
- 1:53फिर वो साथ में एक ही स्कूल में गए थे।
- 1:56तारा ना आरव को बहुत प्यार करती थी सब कुछ एक दम सही था उनके बीच
- 2:00में लेकिन धीरे धीरे जब वो बड़े हुए तो उनके बीच में ना बहुत सारे
- 2:05डिफरेंसेस आने लगे जैसे नहीं पसंद था।
- 2:08आरव ओह की तारा किसी और लड़के से बात करे बहुत।
- 2:11हो गया था वो उसके लिए अगर उसका कोई दोस्त भी उसे यूं बोल देता की
- 2:15यार तारा इतनी सुंदर है तो उससे बहुत चिढ़ मचती।
- 2:18उसे लगता कि जैसे तारा को छुपा के रख दे, वो कहीं कोई उसे ना देखे।
- 2:22उसके अलावा वो था कोई लड़का अगर तारा से बात भी कर ले तो उसे लगता
- 2:27कि जैसे तारों से चीट तो नहीं कर देगी।
- 2:30पर यही प्रॉब्लम होती है। पता है आधे से ज्यादा रीलेशनशिप्स
- 2:33की वहाँ ना सबसे इम्पोर्टेन्ट चीज़ नहीं होती है नहीं प्यार की
- 2:38बात नहीं हो रही है यहाँ पे यहाँ बात हो रही है भरोसे की।
- 2:42अगर दो इंसान एक दूसरे पर भरोसा करते है ना वो सबसे इम्पोर्टेन्ट
- 2:46होता है। प्यार फिर भी सेकंड नंबर पे आएगा।
- 2:50लेकिन अगर तुम्हारे बीच में प्यार है, भरोसा नहीं तो शायद वो
- 2:53रिलेशनशिप टिक ही ना पाए तो जीस भी इंसान के साथ तुम हो जीस भी
- 2:58रिलेशनशिप में तुम हो भरोसा करो उस इंसान पर और अअरव् को बिलकुल
- 3:04नहीं रहा था तारा पर जैसे मानो हर चीज़ को उसे कंट्रोल करना था।
- 3:09हर चीज़ को तारा धीरे धीरे एग्ज़ॉस्ट होने लगी थी।
- 3:13इस रिलेशनशिप में सर गुस्सा आने लगी थी।
- 3:15छोटी छोटी बातों पर की आरा कुछ भी नहीं करने देता था।
- 3:19उसे उसके मन की हमेशा हर चीज़ पे टोकना रोकना चीज़े सही नहीं थी।
- 3:24उनके बीच में अब। जो बचपन से वो एक दूसरे को जानते
- 3:28थे, समझते थे। शायद अब धीरे धीरे वो चीज़े पैड
- 3:31होने लगी थी और तारा के दिल में जो प्यार था अब वो खत्म होने लगा
- 3:36था क्योंकि प्यार एक अच्छी फीलिंग है, एक सुन्दर फीलिंग है वो कभी
- 3:41जाती नहीं है लेकिन अगर तुम किसी पे भरोसा नहीं करते हो तुम किसी
- 3:44को रिस्पेक्ट नहीं देते हो। तो शायद वो प्यार भी धीरे धीरे
- 3:47मिटने लगता है। कब तक एक ही इंसान एक रिलेशनशिप
- 3:51को आगे बढ़ाए और ये चीज़ समझने को राज़ी नहीं था।
- 3:55उसके से परेशान होकर उसने सिटी चेंज करने का सोचा बहुत गुस्से
- 4:00में थी वो उसने अअरव् को बिना बताये और उसके घर में सब जानते
- 4:05थे। अअरव्।
- 4:06लिखिए ना? उसने अपने घर में सब कुछ बताया और
- 4:08उसके पेरेंट्स ने भी उससे कहा कि ठीक है तुम आरिफ से एक बार
- 4:11कॉन्फ्रेंट करो और छोड़ दो। इस शहर को हमें कोई प्रॉब्लम नहीं
- 4:14है। वैसे भी उसका ऑफिस जो था उसे नहीं
- 4:16जगह जाना था। सब कुछ ठीक था तो उसने आरिफ को
- 4:21बिना कॉन्फ्रेंट किये बिकॉज़ उसने सोचा कि।
- 4:23शायद वो ये जानने के लायक भी नहीं है कि मैं कहाँ रहती हूँ और वो
- 4:27वहाँ से चली गई। अअरव् से कई कॉल्स किए, कई सारी
- 4:31यू नो मैसेज किए लेकिन किसी भी चीज़ का तारा ने रिप्लाय नहीं
- 4:34किया क्योंकि इस रिलेशनशिप पे वो शायद बहुत वक्त ऑलरेडी जाया कर
- 4:38चुकी थी। उसके दोस्तों ने उसके घरवालों तक
- 4:41ने उसे कई बार समझाया कि अअरव्ज़? बहुत पज़सिव है और किसी भी
- 4:45रिलेशनशिप में अगर इतना पज़सिव इंसान होगा तो वो रिलेशनशिप नहीं
- 4:49टिक सकती है और तारा को शायद समझते समझते काफी देर हो गई थी
- 4:54लेकिन देर आये दुरुस्त आये दादाजी ने सोचा ठीक है, अब वैसे भी वो
- 4:58प्यार उसके बीच बचा नहीं था। उसने उस नयी जगह पे जाकर एक नयी
- 5:02ज़िन्दगी बसने का सोचा। नया ऑफिस था सब कुछ सही था।
- 5:07अब 1 दिन अअरव् ने उसे किसी अजीबो गरीब नंबर से कॉल किया।
- 5:12उसके पास वह नंबर सेव नहीं था लेकिन तारा उस वक्त उस कॉल को पिक
- 5:15नहीं कर पाई। उसके बाद उसने उस कॉल पे कॉल बेक
- 5:19किया। और तब जाके उसे पता चला कि वो आरव
- 5:22था, वो बहुत गुस्से में थी, बहुत ज्यादा गुस्से में क्योंकि वो कॉल
- 5:27जिसने उठाया उसने बताया कि आरव करके जो उसका दोस्त है उसने वो
- 5:31कॉल मिलाया था। उसके फ्रेन्ड का नंबर था बिकॉज़
- 5:33आरव के सारे नंबर तो उसने ब्लॉक कर दिए थे, अब कुछ नहीं।
- 5:37कुछ टाइम हुआ और फिर से अअरव् ने यही हरकत की।
- 5:40सब बहुत गुस्सा आया, बहुत ज्यादा गुस्सा तो उसने उसके पुराने नंबर
- 5:45पे जो उसने ब्लॉक कर रखा था, उसे अनब्लॉक किया और उसके बाद उसपे
- 5:50फ़ोन मिलाते ही ना बस चिल्लाने लगी तुम्हारा दिमाग खराब है क्या?
- 5:54सवाल में नहीं आता है की मैंने कितनी दफा उनसे कहा है की मुझे
- 5:57कॉल या मैसेज मत करो, बट तुम नए नए नंबर से करते हो और आज तो
- 6:01तुमने हद कर दी, किसी भी अनजान इंसान का नंबर लेके तुमने मेरा
- 6:05नंबर डायल कर दिया और उस वक्त मैंने नहीं उठाया बाद में मैं उसे
- 6:09कॉल कर रही हूँ पागलो की तरह और वो मुझे बोल रहा है की वो एक
- 6:11अनजान था। जिसका फ़ोन किसी अंजान अअरव् नाम
- 6:14के लड़के ने लिया और मेरा नंबर डायल कर दिया।
- 6:16आई मीन हौ कैन यू बी सो स्टुपिड अअरव् हौ, कैन यू जस्ट डू थिस टु
- 6:20मी लाइक तुमने पहले ही मेरी ज़िन्दगी नरक बना दी थी अब कम से
- 6:25कम मुझे जीने तो दो अरे खत्म हो चूका है सब।
- 6:29अअरव् तुमने अपने हाथों से हमारा प्यार, हमारा रिलेशनशिप सब कुछ
- 6:33तोड़ दिया एंड दट्स नॉट मैं फॉल्ट पर ये शान आ गयी हूँ मैं तंग आ
- 6:37गयी हूँ अभी भी सोचती हूँ ना की तुम कितने पज़ेसिव थे, अभी भी कई
- 6:42बार डर जाती हूँ, कुछ काम करने से पहले और फिर सोचती हूँ की अअरव्
- 6:44ऐसा तो नहीं सोचेगा? और फिर याद आता है वो रिलेशनशिप
- 6:48मेरे लिए क्रोमा बन चुका है, सो प्लीज़ टॉप हरैसिंग मी और सामने
- 6:54से अअरव् ने कुछ नहीं बोला। अजीब था ताला ने कॉल कट कर दिया
- 7:00और अअरव् ने कुछ भी नहीं कहा था हर फेल्ड लाइक।
- 7:04ये क्या बात हुई? आरव ऐसा कम ही नहीं करता और कुछ
- 7:07तो अजीब सा लगा। उसे पर उसने सोचा जाने दो फिर दो
- 7:123 दिन बाद वापस से आरव ने वही हरकत की और इस बार तारा वॉज़ लाइक
- 7:17और उसने सोचा की ये फाइनल धमकी देने वाली थी वो की अब वो ऐफ़ आई
- 7:22आर कर दे अभी उसके लिए। उसने बहुत झेल लिया था।
- 7:25उसने फिर से आरव के नंबर पे कॉल मिलाया और उसे एक आखिरी बार कहा,
- 7:29आरव स्टॉप थिस अब मैं तुम्हें आखिरी बार एक आखिरी वार्निंग दे
- 7:34रही हूँ कि मैं अब पुलिस में चली जाउंगी।
- 7:37बहुत हो गया तुम्हारा नाटक मैं बहुत दंग आ चुकी हूँ तुमसे सो
- 7:41स्टॉप डूइंग थिस। हर किसी के फ़ोन से मेरा फ़ोन में
- 7:44ला देना अरे यू मैड ऑर व्हाट तुम्हारा दिमाग खराब है क्या?
- 7:48और इतना सब कुछ बोलने के बाद अब तारा बहुत ज्यादा परेशान हो गई
- 7:52थी, लेकिन सामने से एक आवाज आई सॉरी टु से बट तुम्हें नहीं लगता
- 7:59कि तुम्हें अब तक शायद पुलिस के पास चले जाना चाहिए था?
- 8:02ज्यादा देर नहीं हो गई। तुम कब तक किसी को अपने आप को ऐसा
- 8:05हरस करने दोगी? थारो वास् शॉक्ड ये कौन था इसकी
- 8:09आवाज़ थी और नंबर तो आरव का था ने कहा कौन कौन बोल रहा है?
- 8:17उधर से उस सामने वाले इंसान ने कहा कि आरव नहीं बोल रहा हूँ।
- 8:22और पुलिस के पास क्यों नहीं जाती हो?
- 8:25इतने दिन से वो तुम्हें रहस कर रहा है।
- 8:27जीस हिसाब से तुम फ्रस्ट्रेटेड हो लगता है 1 दिन की या 2 दिन की या
- 8:30एक हफ्ते की बात नहीं है, महिनों से चल रहा है नंबर क्यों नहीं
- 8:33चेंज कर लेती हो? और तारा ने कहा कि ये नंबर बहुत
- 8:37इम्पोर्टेन्ट है। इसको चेंज नहीं कर सकती हूँ मैं
- 8:39अदर्वाइज़ आई ऍम नॉट दट, स्टुपिड और वो उसी पर भड़क गई, वापिस से
- 8:43इवन दो। उसे पता था कि अब वो आरव है भी
- 8:45नहीं और उस इंसान ने सुन लिया सब कुछ।
- 8:49उसके बाद तारा ने गुस्से में कॉल भी कट कर दी।
- 8:52फिर अगले दिन तारा को बुरा लगा कि आखिर पहली बात तो वो उस इंसान को
- 8:56दो बार खुद कॉल कर चुकी थी जो की बहुत अजीब था क्योंकि अरब भी उसके
- 8:59साथ कुछ कुछ ऐसा ही कर रहा था। किसी के भी फ़ोन से फ़ोन मिला
- 9:01देना उसने भी वैसा ही किया किसी अनजान इंसान को 2 दिन से वो फ़ोन
- 9:05कर रही थी और उसको कुछ भी सुनाई दे रही थी।
- 9:08उसने वापस उस फ़ोन पे कॉल किया, नंबर पे एंड शी सैड आई ऍम अक्चवली
- 9:13वेरी सॉरी। वो बात ये है और फिर उसने पता
- 9:16नहीं क्यों बस उसे सब कुछ बता दिया की ऐसे ऐसे करके उसका कोई था
- 9:19एक्स और उसने ऐसे उसे परेशान किया एंड सब कुछ तो सामने वाले इंसान
- 9:24ने कहा कि सी तुम अपने आप को ऐसे परेशान होने दोगी तो वो तुम्हे
- 9:28परेशान करेगा और शायद उसे मज़ा आ रहा होगा।
- 9:30इस संबंध में सो जस्ट डू वॅन थिंग गो।
- 9:34गो फॉर यूरसेल्फ़ जाओ पुलिस स्टेशन पे उसकी ऐफ़ आई आर करो और
- 9:38शायद तब जाके उस इंसान को अक्कल आएगी डू इट फॉर यूरसेल्फ़ डर डर
- 9:43के जीने से कुछ नहीं होता है वो तुम्हारे शायद इस डर का फायदा उठा
- 9:46रहा हो। वो जानता होगा तुम्हे कि शायद तुम
- 9:48पुलिस पर नहीं जाओगे इसीलिए तुम इतना परेशान कर रहा है क्योंकि
- 9:51तुम शायद वैसी ही लड़की हो नहीं। पर कभी जभी हमें हमारे लिए स्टैंड
- 9:56लेना पड़ता है। इस दुनिया में हीरो नहीं आता है
- 9:59हमें बचाने के लिए और फिर तारा ने कहा ठीक है, पूछती हूँ इस बारे
- 10:05में उसने वो फ़ोन काट दिया। उसके बाद सच में उसे हिम्मत आई।
- 10:08उस कॉल के बाद हो गई पुलिस स्टेशन।
- 10:11उसने उसके खिलाफ़ एक ऐफ़ आई आर कराई।
- 10:14और पुलिसवाले जो वाले थे वहाँ पे उन्होंने बोला भी की माम्, आप
- 10:17इतने टाइम से हरस थी तो आप पहले आ जाती एंड शी सैड ऐसा ही होता है
- 10:22कभी कभी आप ज्यादा डर जाते हो किसी रिलेशनशिप एंड दट्स हौ यू नो
- 10:25यू एंड अप लाइक मी डरे सहमी से? उसके बाद पुलिस स्टेशन से निकलते
- 10:31ही उसने फिर से उसे कॉल लगाया। उसी सेम इंसान को जिसका वो अब तक
- 10:35नाम तक नहीं जानती थी और उसने उसे थैंक यू बोला, थैंक यू मुझे
- 10:41एंकरेज करने के लिए, हाँ शायद उस रिलेशनशिप में रहकर वह डरी सहमी
- 10:47सी आरव पे डिपेंडेंट रहने वाली लड़की कुछ भी करने से पहले आरव के
- 10:51बारे में सोचने वाली लड़की हो गई थी।
- 10:53खुद के दिमाग का इस्तेमाल करना शायद छोड़ दिया था।
- 10:55मैंने उसने मुझे मैनिपुलेट करा था, इतना ज्यादा की शायद मैं हर
- 11:01चीज़ में सोचती थी की आरव ऐसा सोचेगा, आरव ऐसा सोचेगा, ये बात
- 11:06आरव को बुरी लग जाएगी, पता नहीं मतलब हाँ, मैं हो गयी थी कन्विंस
- 11:11की शायद। आरव ही सब कुछ करेगा, लेकिन अब जब
- 11:15तुमने मुझे समझाया तो अक्ल आई की नहीं।
- 11:19मैं खुद उसे अपने आप को मैनिपुलेट करने दे रही थी।
- 11:23अगर मैं चाहती तो शायद ये सब कब का रुक जाता है, लेकिन बस हर चीज़
- 11:27का एक वक्त होता है शायद सो थैंक यू एंड उसने कहा।
- 11:31यू अरे मोस्ट वेलकम वो एक काफी अच्छा लिसनर था।
- 11:35अब तारा कभी भी अगर परेशान होती तो वो नंबर पे कॉल करती और हमेशा
- 11:40भूल जाती की सामने वाले से उसका नाम तो पूछ ले या वो कौन है या वो
- 11:44कहाँ है कुछ भी उसे कुछ नहीं पता था।
- 11:47इट वास् जस्ट पूरे फ्रेन्ड्शिप क्योंकि उसे भी तारा का नाम नहीं
- 11:50पता था। इन दोनों ने कभी अपना नाम तक शेयर
- 11:53नहीं किए थे और अपनी उससे खुद से जुड़ी हर बात शेयर की थी और जब
- 11:58कॉल कट जाती तो याद आता उस अननोन नंबर को लिखा हुआ देख कर की अरे
- 12:02नाम तो पूछा ही नहीं। जो की आज तक नहीं पूछा था
- 12:05उन्होंने बट वो अच्छे दोस्त बन गए थे।
- 12:08एक बार उसने तारा। ने कुछ कहा तो सामने वाला जो
- 12:13इंसान था वो बहुत तेज़ हँसा तो उसने कहा तुम बिल्कुल विलेन्स की
- 12:17तरह हसते हो और उसने कहा, अच्छा ऐसी बात और ऐसे ही उनकी
- 12:21कॉन्वर्सेशन कंटिन्यू हुई। कुछ दिन बाद उसको किसी दूसरा ऑफिस
- 12:26में जाना था। लाइक ये वाला ऑफिस जो था यहाँ का
- 12:29वर्क लोड वगैरह वो बहुत ज्यादा हो गया था।
- 12:30उसे एक अच्छी बेटर जगह पे नौकरी मिल गयी थी तो उसने अपना ऑफिस
- 12:35शिफ्ट किया। वहाँ जाने के बाद उसे काफी अच्छा
- 12:38माहौल मिला। वहाँ का वर्क बैलेंस अच्छा था।
- 12:41वर्क लाइफ बैलेंस बहुत अच्छा था। लोग अच्छे थे, सब कुछ सही था।
- 12:45उनका जो मैनेजर था, थोड़ा सा अकड़ू था।
- 12:47मतलब उसे अपनी हर चीज़ एकदम परफेक्ट चाहिए होती थी।
- 12:50एकदम परफेक्ट कुछ सही चल रहा था लेकिन कुछ दिन बाद जब उसने लाइक
- 12:56फाइनली वो अपने मैनेजर से ज्यादा मिली नहीं थी, एक दो बार ही मिली
- 13:00थी। उसमें भी उसका जो अकड़ू लुक था वो
- 13:02उसे देखकर सोचती की ये तो पता नहीं कैसा ही इंसान होगा, पता
- 13:05नहीं। फसता भी होगा या नहीं?
- 13:08लेकिन फिर उसने 1 दिन उसकी आवाज़ सुनी और उसे सुनते ही उसे समझ आ
- 13:13गया कि ये वही इंसान है जिससे शायद अब वो हर रोज़ बात करने लगी
- 13:19थी। उसे वहाँ पता चला कि उसका नाम था
- 13:23नील शर्मा अब नील। तारा के लिए एक अनजान नहीं रहा
- 13:30था, सिर्फ एक मैनेजर नहीं था। सारा जानती थी की नील वही इंसान
- 13:34था जिसे वो बहुत पसंद करती थी और सोचती थी की ये फ़ोन भी इतना
- 13:40अच्छा बनता है, है भी अक्चवली वो बुरा नहीं था, बस वो बहुत।
- 13:44ऑफिस में ऐसा था की उसे जो काम चाहिए वो चाहिए एक दम सही ऐसा
- 13:47नहीं की लोगों पे चिल्लाता था या कुछ इंसान अच्छा था बट न उसी के
- 13:52दिमाग में उसकी एक अलग छवि थी की ये बहुत फनी इंसानों का ऐसा होगा
- 13:55वैसा होगा सब कुछ ठीक था, उसने सोचा की यार मैं उसे बताऊँ की
- 13:58कैसे की मैं सारा हूँ जिससे मैं डेली बात करती हूँ।
- 14:02लेकिन फिर 1 दिन तारा ने उसे कहा कि अरे यार तुम वैसे रियल लाइफ
- 14:09में क्या करते हो? उसने बताया कि मैं ऐसे ऐसे मैनेजर
- 14:11हूँ एंड थिस इस दट कंपनी का नाम उसने फिर भी नहीं बताया था उसे
- 14:15फिर वो तारा से कुछ पूछता, उससे पहले ही तारा ने कहा, यार मुझे
- 14:19कहीं जाना है तो अभी मैं कॉल रखती हूँ।
- 14:21क्योंकि उसको पता था की अगला सवाल वो करने वाला था की तुम्हारा नाम
- 14:24क्या है तो उसने कहा की रखते हुए फ़ोन अभी आती हूँ वहाँ और वो चली
- 14:30गयी वहाँ से फ़ोन काटने के बाद और सब कुछ सही था।
- 14:34वो हर दिन अब नील को नोटिस करने लगी।
- 14:37उसकी जहाँ वो बैठती थी, वहाँ से ही नील का ऑफिस डाइरेक्टली दिखता
- 14:40था। अरे नाउ शी यूज़्ड टु जस्ट वॉच
- 14:43हिम एवरीडे ये वही इंसान है व्हाट?
- 14:47अरे दी वर्ड्स की तुम जीस इंसान से एकदम 1 दिन एकदम अचानक से
- 14:51तुमने उसे कॉल लगाया तुमने उससे बात की उस इंसान ने तुम्हे इतने
- 14:55बड़े कदम उठाने पहन के रिज किया और वो इंसान तुम्हारा सबसे बड़ा
- 14:59सपोर्टर बना और। आज वो तुम्हारे सामने हैं सेम
- 15:02सिटी में सेम ऑफिस में व्हाट अरे दी ऑड्स अगर इसे यूनिवर्स का साइन
- 15:07नहीं कहा जाए तो क्या कहा जाए? दो लोग एक दूसरे से सच में उस रेड
- 15:12स्ट्रिंग ऑफ़ फेट से जुड़े हुए हैं।
- 15:14वही रेड स्ट्रिंग ऑफ़ फेट जो आई गेस हम सबको एक दूसरे से जोड़ रखा
- 15:19है। हमारे पार्टनर से हमें उसने छोड़
- 15:21रखा है। कहीं ना कहीं तारा और नील इस बात
- 15:24से अनजान थे ताराब जानने लगी थी की नील कैसा इंसान था?
- 15:29वो उसे देखती और अडवाइर करती रहती की यार ये है वो इंसान जिसने मुझे
- 15:34न्यू रे और पोप दी है, जिसने मुझे जिंदगी अच्छे से जीना सीखा दिया।
- 15:39और मैं उससे हर दिन मिलती हूँ। वो बात अलग थी की नील को अब तक
- 15:42नहीं पता था की तारा कौन है? फिर 1 दिन वो एक मीटिंग में बैठे
- 15:46थे की किसी बात पे नील बहुत तेजा था और तारा ने बहुत हल्के से कहा
- 15:52इसकी हँसी सच में विलेन जैसी है। लेकिन नील के कान में ये बात बढ़
- 15:56गई थी। तारा अब तक बहुत कम बात करती थी
- 15:59नील के सामने जिससे की वो उसकी आवाज़ पहचान ना जाए और नील इसीलिए
- 16:04आज तक जा नहीं पाया था। लेकिन ये बात सुनते ही नील को लगा
- 16:08जैसे ये तो कुछ गड़बड़ है। उसने फिर सोचा की अब क्या किया
- 16:14जाए? उसने तारा को फिर मैसेज किया।
- 16:17अपने उस नंबर से की क्या अब भी मेरी हँसी विलेज जैसी ही है और ये
- 16:23देखकर तारा बहुत तेज मुस्कुराई और अपनी उस ग्लास विंडो से उसने
- 16:28क्लियरली देख लिया था। मुझे समझ आ गया था की तारा वही
- 16:31लड़की है जिससे वो हर रोज़ बात करने लगा था लेकिन आज तक उसका नाम
- 16:35नहीं जान पाया था। फिर उसने शाम को नील की यू नो नील
- 16:40ने बात की, तारा से एंड ही सैड वैसे यार तुमने आज तक मुझे अपना
- 16:44नाम नहीं बताया, तुम क्या करती हो?
- 16:46कुछ भी नहीं पता मुझे तुम्हारे बारे में एंड शी सैड वो वो वो मैं
- 16:51वो मुझे कहा मैं यार मैं भी आती हूँ एंड ही सैड हाँ ठीक है, ठीक
- 16:55जाओ, काम करो कोई दिक्कत नहीं काम करना चाहिए यार।
- 16:57अगले दिन वीकेंड था और सब ऑफिस वालों ने सोचा था की एक ट्रिप पे
- 17:01जाते हैं। छोटी सी ट्रिप थी लाइक वीकेंड के
- 17:03लिए ही कहीं पास में जाना था। पहले तो नील ने मना कर दिया था
- 17:06लेकिन तारा के बारे में जानने के बाद उसने सोचा की अब तो जाना
- 17:10पड़ेगा तो वो सुर्प्राइजिंगली वहाँ पहुँच गया और तारा जाने वाली
- 17:13थी उस ट्रिप पे, क्योंकि उसके दोस्तों ने उसे बहुत कुछ कहा था।
- 17:16हम लोग सब चले गए, सब प्रेफर थे एंड तब नील ने तारा के पास जाकर
- 17:21कहा, वैसे मैं पसंद तो हूँ ना मैं लाइक, मेरी हँसी आगे भी प्रॉब्लम
- 17:28नहीं है क्या मतलब देखो मेरी हँसी ही विलेन जैसी है, मैं विलेन नहीं
- 17:32हूँ पर तारा इतना सुनते ही उसने नील की तरफ देखा एंड शी सैड।
- 17:37तुम्हें कब पता चला एंड ही सैड कभी मन था तुम्हारा बताने का मुझे
- 17:42क्यों छुपा रही थी यार मुझसे तुम मुझे हर रोज़ देखती थी तुम मुझे
- 17:46जानने लग रही थी तुम मेरे बारे में शायद सब से पूछ रही थी और मैं
- 17:50इडियट तुम्हारी आवाज़ तक नहीं पहचान पाया था।
- 17:53वो तो भगवान भला करे उस दिन तुमने मेरी हँसी सुनकर खुद में ही
- 17:56बड़बड़ाया था कि मेरी हँसी मिलेन जैसी है और मैंने वो सुन लिया था
- 18:02वरना तुम्हारा कोई प्लान नहीं था। लगता है मुझे ये बताने का कि तुम
- 18:05हो, तारा एंड तारा सैड यार समझ ही नहीं आया कैसे बोलूं?
- 18:11तुम अक्चवल में मेरा नाम तारा है, लेकिन तुम मेरी ज़िन्दगी के तारे
- 18:15थे जिसने मुझे उस अंधेरे से निकाला था, तुम थे वो और मुझे समझ
- 18:22ही नहीं आ रहा था की तुम्हे कैसे बोलूं आई डीड नॉट न्यू हौ टु जस्ट
- 18:25से और मुझे लगा की पता नहीं तुम्हे मैं पसंद आउंगी भी या नहीं
- 18:29मुझे नहीं पता था। मुझे लगा कि जिसने तुम्हारे लिए
- 18:31मैं सिर्फ एक नॉर्मल सी एम्प्लोयी हूँ लगा जिससे तुम मुझे एक्सेप्ट
- 18:35करोगे नहीं करोगे एंड नील न से गले लगाते हुए कहा मैं सो स्टुपिड
- 18:39तारा। अब ऐसी हुई इनकी कहानी की शरारत
- 18:44अब तुम इसके आगे कुछ भी सोचो। तुम्हारी मर्ज़ी तुम्हारी
- 18:48इमैजरेशन मेरी इमैजरेशन नहीं खत्म होती है, चलो मिलती हूँ तुम चगली
- 18:52कहानी में दे टेक केयर एंड बाई बाई और अगर कोई भी बात करनी हो या
- 18:56फिर मुझे फॉलो करना हो तो यू कैन ऑलवेज कम अप टु मी ऐट इंस्टाग्राम
- 19:00ऐट के हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई अंडरस्कोर पर।
- 19:05चलो मिलते है और वैसे मैं ये आज रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 19:07मुझे नहीं पता आज के रैंकिंग में हम 187 नंबर पे है एंड आई होप एंड
- 19:11आई विश की। हम जल्दी से टॉप 20 में आजाये इट
- 19:13इस ए बिग डील आई नो दट बट तुम हो तो पॉसिबल है दोस्तों चलो मिलती
- 19:19हूँ तुम सगली कहानी में टेक युअर एंड बाई बाई।