Latest / Baba ji Vijay Vats / 29 Dec 25 - संत की शक्ति: जहाँ कुछ काम ना आये वहाँ काम आयेगा "संत"! सभी समस्याओं का एकमात्र हल "संत" Baba Ji Vijay Vats Satsang
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- 0:08संत की महिमा के हे बाबा करुणा निधान तमिलनाडु से संत एक जादू की
- 0:25छड़ी है जब तुम्हारे संसार के सारे ईदारे फेल हो जाते है।
- 0:38तो मात्र उम्मीद की एक करण संत ही होता है क्योंकि उसने वो तले छू
- 0:50लिया है व्यर्थ। देर इज़ नथिंग बस इम्पॉसिबल, वह
- 1:01सब कर सकता है शांत से तुम दो प्रकार के काम रह सकते हो।
- 1:13संत विद्रोही होता है, पाप को स्वीकार नहीं करते, संत उत्पाद
- 1:30करेगा तो संत से तुम दो प्रकार के काम देख सकते हो।
- 1:39ईशा की तरह उसे शोले पे चढ़ा सकते हो और संत सेतुम लाखों बीमारियों
- 1:54का कमियों का, अभावों का दुख दर्दों का परेशानियों का हल भी ले
- 2:01सकते हो। ये जादू की छड़ी है इसलिए जो
- 2:10मूर्ख होते हैं वो संतों को सलीब रहता है।
- 2:19यहूदियों को मैं बहुत ज्यादा समझदार नहीं मानता हूँ, उन्होंने
- 2:27कुमाया विज्ञान, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति को सूची दे दी जो सब कुछ
- 2:38कर सकता था। एवरीथिंग पॉसिबल फार हिम मूव कहोय
- 2:48बाजार पंखु चढ़े गिरवर कहन जा सु कृपा सुध्याल।
- 2:57द्रव शकल कल इमारत लहान गूंगा बोल जाता है, लूला लंगड़ा पहाड़ चढ़
- 3:12जाता है अंधा आँखों से निहारने लग जाता है, बहरह कानों से सुनने लग
- 3:21जाता है। मू कहोय बछाल पंखु चढ़े गिर पर
- 3:30गहन जासू कृपा से दयाल त्रपव शक्ल कल मरता है।
- 3:43वह उससे बहती हुई सरिता की तरह है।
- 3:50चाहे तो उससे अपनी प्यास बुझाता हूँ चाहे तो उसमें जहर बोलता हूँ
- 3:59कि आगे कोई पानी पीने वाला मर गया।
- 4:03तुम दोनों का मुझसे ले सकते हो। ईसा ने अंधों को आँखें दीं, लोले
- 4:20लफड़ों को पाप दिए हाथ दिए मूर्तों को।
- 4:30जीवन दिया बीमारों को सवस्थ किया बहुत सी समस्याओं का हल है शांत
- 4:49ट्रीटमेंट। अंडर 1 रूफ एक छत के नीचे सब इलाज
- 5:02संत के पास आते ही आपको कहीं जाने की जरूरत शेष नहीं रहती।
- 5:10सब अस्पतालों का अस्पताल है वो, लेकिन तुम्हारी बुद्धि कुछ और ही
- 5:20सोच रही है मैं जानता हूँ। मेरे पास रोज़ ऐसे मैसेजस आते है
- 5:42बाबा मेरे पुत्र पुत्री को कैंसर हो गया है बाबा मेरा बच्चा इस
- 5:51चीज़ से पीड़ित है। समस्याओं का ढेर और मैं अकेला बस
- 6:05अकेला देखने में हूँ, वैसे तो ऐसी कोई शह नहीं है जो मेरे से अलग हो
- 6:15हर। जर्रे में मेरा नूर है तुम चाहो
- 6:24तुम मुझे बेइज्जित कर सकते हो तुम चाहो तो मंसूर की तरह अनल हक कहने
- 6:31वाले को हाथ पांव काट सकते हो, क्योंकि यह तुम्हारी शास्त्रों
- 6:36में लिखन इजाजत नहीं। शास्त्रों में इजाजत नहीं कि वे
- 6:43गैलिली और गैलिली को ये कहने के लिए प्रसिद्ध करें।
- 6:51धरती सूरज के अतिगत घूमती है। गैलिलियो शक्ति नहीं कह सकता?
- 7:00गैलिलियो को वही कहना होगा, जो बाइबल में लिखा है?
- 7:04कैथलिक चर्च और दंडित किया गया। आपसे अपने ही घर में नजरबंद किया
- 7:10गया और मरते दम तक वह अपने घर में नजरबंद रहा।
- 7:17उसने कहा था धरती घूमती है। सूरज के अतिरिक्त मैंने अपनी
- 7:24टेलीस्कोप से देखा है तुम्हारी वाइबल में गलत दिखा है।
- 7:35और वो सनातन का अपमान नहीं सह सके, ऐसे मूर्ख लोग हैं।
- 7:41धरती पे सनातन का अपमान नहीं सहेगा, सनातन की व्याख्या तक नहीं
- 7:48पता। नजरबंद कर दिया गया।
- 7:53उसने दीवारों के ऊपर छित रखे सूरज की तस्वीर बनाई और उसके अर्ध गर्द
- 8:00घूमती हुई पृथ्वी दिखाई और नीचे लिखा एंड स्टील एटमोस और अभी भी
- 8:06ये घूमते की है एंड स्टील एटमोस। वह मर गया और 350 साल के बाद
- 8:25कैथोलिक चर्च का एक पादरी क्षमा मांगता है।
- 8:30गैलिलियो गैली से, जिसे यह भी नहीं पता, जो यह मानते हैं कि
- 8:37दूसरा जन्म होता ही नहीं, वो कहते हैं कि हम क्षमा मांगते हैं, गलती
- 8:42हो गई तो जीवन तो नहीं लुटा सकते ना?
- 8:50इसलिए किताबों में सत्य नहीं मिलता।
- 8:54किताबों को इम्प्लिमेंट करने की चेष्टा मत करना, इसलिए मैं तो यह
- 9:04कहूंगा कि धर्म की किताबों को तो पढ़ना ही मत।
- 9:09पढ़ना तो साइंस की किताबों को पढ़ना, भूगोल की किताबों को
- 9:15पढ़ना, इतिहास की किताबों को मत पढ़ना, इतिहास तो खबरें हैं।
- 9:24कब्रों को ढूंढने से फ्लोरने से कुछ नहीं मिलेगा।
- 9:27उसको खंगालने से मुर्दे मुर्दो के अतिरिक्त कुछ नहीं।
- 9:31मेरा करता जो कुछ कर नहीं सकते वो कब्रों को उखड़ा करते हैं जो कुछ
- 9:40कर सकते हैं। वो संसार को सजाया करते हैं,
- 9:48संसार में जिंदगी को प्यार से भर देते हैं।
- 9:53जो कुछ नहीं कर सकते, निकम्मे हैं, वो इतिहास को खंगाला करते
- 10:00हैं। इतिहास पर बहसबाजी किया करते हैं
- 10:04और राजनीतिक आपकी लोकसभा को विधानसभाएं देखो कहाँ हो रहा,
- 10:11क्या हो रहा? वहाँ वंदे मातरम के ऊपर बहस हो
- 10:15रहे। उल्लू के पट्ठो तुमसे कहता हूँ
- 10:27एमपी से कहता हूँ एम एलए से कहता हूँ छरे आम नाम लेकर पुकार भी
- 10:32कहता हूँ जनता ने तुम्हें हमने तुम्हें।
- 10:38वंदे मातरम पर बहस करने के लिए भेजा है।
- 10:43क्या हमारी समस्याओं का समाधान करने के लिए भेजा है?
- 10:50अरे मूर्खान दो अगर ऐसे ही वक्त गंवाना है।
- 10:58तो हमारी खून पसीने की मेहनत से कमाया गया अध्यन बर्बाद क्यों कर
- 11:06रहे हो? छोड़ो क्या किया फटो पीछे क्या कर
- 11:15रहे हो येह? वंदेमातरम को बहस करके तुम क्या
- 11:23निकालोगे लिखने वाला लिख गया, काटने वाले ने काट दिया होगा, उस
- 11:29वक्त नहीं काटा तो हमारा क्या लेता है?
- 11:38लेकिन जिन्होंने कोई काम नहीं करना होता, उन्हें उलझाना होता
- 11:44है। किसी तरह वक्त पास हो जाए, किसी
- 11:50तरह 2047 आ जाए और वो आएगा नहीं। उससे पहले साहब लुढ़क जाएंगे,
- 12:00गद्दी से लुढ़क जाए या जीवन से लुढ़क जाए, कुछ तो होगा ही और जो
- 12:09नया आएगा वो गुरुओं की तरह वो कहेगा हमने कब वायदा किया?
- 12:14कि हम सच खंड में तुम्हें ले के जाएंगे।
- 12:19किसने वायदा किया बताओ अरे चरण सिंह जी महाराज ने किया होगा, वो
- 12:26तो बदल गए। वायदा किसने किया था तो वो ले
- 12:32जाएंगे। तुम क्यों फिक्र करते हो?
- 12:37ऐसी ही गलतियाँ भी फंस जाती हैं। वो धार्मिक हो, वो राजनीतिक हो तो
- 12:44राजनीतिक कहेंगे। हमने तो नहीं किया था।
- 12:52किसने किया था? तुम कहोगे ये तो नरेन्द्र मोदी ने
- 12:56किया था, वो तो गया समस्याएं वहीं की वहीं रह जाएंगी।
- 13:12अब इस मूर्ख ने साल ही 2047 रख दिया जनमांगे से 50।
- 13:23जिसे चाहे चौराहे पर मुझे खड़े कर लो अगर इसके काला धन नाय।
- 13:30तो मुझे जैसे चाहे चौराहे पर खड़ा कर देना और जनता मुझे जो चाहे
- 13:36दंडा दे दे तो साहब चौराहे पर आ जाओ, बहुत हो गया।
- 13:471914 के बाद आज 26 आने को हो गया। 12 साल में तो हमारे पंजाबी में
- 13:53कहावत है कि रूढ़ी की भी सुन ली जाती है और तुमने हमें और कंगाल
- 14:00बना दिया। मैं राजनीति का भाषण नहीं किया
- 14:08करता। मैंने तुमसे जो कहा है, किसी कारण
- 14:14से कहा है। इतनी गहराई तक जाने वाला व्यक्ति
- 14:19ऐसी उच्छी बातें नहीं किया करता अगर कोई सोचता है।
- 14:27तो ढंग से सोच संतों से काम लेना तुम संतों की महिमा गान करने लगे
- 14:422000 साल से ईसाईयत पश्चात प्राप्त कर रही है।
- 14:47कि हमने ईशा को क्यों मारा? बड़ा काम का बंदा था।
- 14:59द्वार दया के जब तुम खोले द्वार दया के।
- 15:10जब तू खोले, पंचम सुर से गूंगा बोले अंधा देखे।
- 15:30लंगड़ा चल कर अंधा देखे, लूला चढ़कर पहुंचे काश।
- 15:50दर्शन दो भगवाननाथ मोरी अखियां प्यारे।
- 16:02तुम्हें पता है कि आँखें किसने। तुम इस आँखों का एक ऐलान बना सकते
- 16:10हो हो हो उस तरह जीस तरह भगवान ने बनाया तुम मुझे शरीर का कोई अंग
- 16:16बना सकते हो तुम ज़िन्दगी डाल सकते हो इसमें मूर्तियों में
- 16:23प्राण प्रतिष्ठा करने वालों। दावेदारों क्या तुम अपने मृत्यु
- 16:33पूर्वजों में अगरजों में प्राण डाल सकते हो?
- 16:43मूर्तियों में प्राण डालने कि तुम सर्कस करते हो राम की मूर्ति में
- 16:52प्राण डालते हैं बंद करो ये अखंड बहुत हो लिया।
- 17:04तुम्हारा सनातन मूर्खों का लिखा हुआ इतिहास है, तुम्हारा हिंदुत्व
- 17:17वो सनातन गया जो कबीर ऋषियों ने बनाया था, उसको तुम बजाना शक है।
- 17:27बजाए लड़ाई करने के तुमने चरण चुम्बक कर लिया ₹60 पे बिक गया
- 17:43तुम्हारा आजादी का परवान। तुम बातें करते हो संतों से दोनों
- 17:55काम ले सकते हो तुम संतों के पास बहुत सी संत न होते जगत में तो जल
- 18:04मृता संसार। राजा लोक भी संतो के पास जाते शहर
- 18:11से बहुत दूर परमौन में बैठे हुए एक कुटिया में उस आनंद का रस पीते
- 18:20रहते और जब कभी राजा का संकट आ जाता।
- 18:24अकाल दुर्भक्ष या कोई बिमारी। महामारी तो राजा, उसका तो कोई था
- 18:32ही नहीं। राजा तो राजा ही होता है, बस कोई
- 18:35वोटिंग नहीं, कोई कुछ नहीं राजा ही होता है तो जब अकाल होता कुछ
- 18:42समस्या आ जाती, वे पति काला था तो राजा।
- 18:49संत के पास श्रद्धा और संत के पास सभी समस्याओं का हल होता है।
- 18:57याद रखना मेरे इन शब्दों को अंडरलाइन कर।
- 19:06ऑल सोलूशन्स अंडर वॅन रूफ, ऑल सलवेशन अंडर वॅन रूफ एक व्यक्ति
- 19:19सब कर सकता है। अगर वह संत हो गया तो झूठा संत
- 19:25कुछ भी न कर सके। वह तो बातें बघारेगा सिर्फ
- 19:37ईमानदार राजनीतिक भी हुए बेईमान। धार्मिक भी हुए हैं।
- 19:52तुम किसी से चिपक मत जा। ये धार्मिक है, इसके लिए ईमानदार
- 19:57होगा। बेईमान भी हो सकता है।
- 20:00तुम्हें ऐसा कुराबी डाल सकता है तुम जन्मो जन्मो तक भटक जाओ, ये
- 20:04बड़ी होशियार यार जानी। ये रास्ता ठगों का यहाँ ज़रा नजर
- 20:13चुकी तो वहाँ दोस्तों का। संत से तुम दोनों काम दे सकता हूँ
- 20:27सच्चा साहब विजय नगर करे टिकागो हंस करें क्योंकि संत की सीधी
- 20:32फरियाद परमात्मा के पास जाती है, उसे वो राह पता है रोज़ हजारों
- 20:37बार आता हजारों बार जाता। बिल जद।
- 20:41भी मिली। है फर जातों।
- 20:53बिल जद। भी मिली है।
- 20:57फर। जा तू तेरे मुख दी किताब ले बैठा
- 21:13तेरे मुख दी। किताब बोले जैसे।
- 21:22ही वो तुमसे वार्तालाप करके तुम जाओ अपने भीतर चला जायेगा 1000
- 21:31बार आता 1000 बार रोज़ जाता उसे रस्ता।
- 21:36राजपथ की तरह लगने लगा है वह कहीं घूम नहीं होता, कहीं भूलता नहीं।
- 21:44अब तो वह जैसे ड्राइवर होता है तो अपने आप गैर पड़ता है।
- 21:50अपने आप रेक, अपने आप रेक, अपने आप स्टेरिंग घूमता है।
- 21:55सब ऑटोमेटिक है, उसके अंत में फीड हो गया है।
- 22:00उसे ज्यादा दिमाग नहीं लगाना पड़ता।
- 22:02आपने समस्या रखी और वो भूत्र गया और जाके उसका हल है।
- 22:09इतनी सी बात है संत। जहाँ डॉक्टर्स साइंटिस्ट हाथ उठा
- 22:16देते हैं, नहीं हो सकेगा वहाँ फिर एक सहारा संत का ही बसता है।
- 22:26फिर संत के पास सभी समस्याओं का हल।
- 22:32आज देश को जरूरत है आज देश उलझ गया है, देश गहरा हूँ।
- 22:40वास्तव में तो विषय भी उलझ गया है।
- 22:44विश्व अब उन लोगों के हाथ में आ गया।
- 22:51जो लोग अहंकारी जो शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं, जो उस महाशक्ति
- 23:00के पास जाकर बैठना नहीं चाहते, जो उसका लुत्फ नहीं उठाना चाहते, जो
- 23:07शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं। दिखावा मात्र जैसे आज जीवन बन गया
- 23:13है बस दिखाना है करना वरना कुछ नहीं दिखाना है दिखाना ही आज जीवन
- 23:25बन गया है। आज सारे विश्व में संकट है।
- 23:33और इस संकट से दूर तुम्हारा संकल्प ही करेगा तुम्हें तुम एक
- 23:42बार की संकल्प कर लो, अभी थोड़ी देर में वीडियो आ जाएगी तुम्हारे
- 23:47पास। मुझे ये मत पूछो रुपया कहाँ से
- 24:00आएगा, अब रुपया दे दो, मोदी जी सब कुछ संवार देंगे?
- 24:09हाँ हाँ, मोदी जी ने पहले भी। बहुत कुछ सवार दिया जो जवाहरलाल
- 24:17जी ने बनाया वो मोदी जी ने बड़ा सजाया।
- 24:26मोदी जी की गुणगान करती दुनिया उगाती रही।
- 24:35पुत्रो तुम्हें सुख चाहिए या मोदी चाहिए, जिसे मोदी चाहिए तुम
- 24:46स्वतंत्र हो, जिसे आरएसएस चाहिए। नस्ली भेदभाव की तरंगी पीकर तुम
- 24:57अपने लघु को वि से जनित हार्मोन से ग्रसित करना चाहते हो तो
- 25:05तुम्हारी मर्जी है कोई व्यक्ति चाहे तो ही कैन कमिट सुसाइड ही ऑर
- 25:10सी कैन कमिट सुसाइड। कौन रोकता है उसे?
- 25:19और तुम चाहो तो आनंद के उस क्षेत्र में डुबकियाँ लगा सकते
- 25:23हो। आज ऑप्शन है फिर।
- 25:31फिर फिर तो मुश्किल हो जाएगी। आ जी की रात तू मेरे दिल की सलामी
- 25:46ले ले। दिल की सलामी ले ले, आज की रात
- 25:58मेरे दिल की सलामी ले ले। दिल।
- 26:05की सलामी ले ले। कल तेरी भस्म से दीवाना चला जाएगा
- 26:21कल तेरी भस्म से दीवाना। चला जाएगा क्षमा रह जाएगी, परवाना
- 26:36चला जाएगा आज की रात मेरे। दिल की सलामी ले ले, दिल की सलामी
- 26:53ले ले, फिर। चला जाएगा कल तेरी बज़्म से
- 27:01दीवाना चला जाएगा क्षमा रह जाएगी। परवाना चला जायेगा।
- 27:11लोग मुझे पूछते हैं, 25,00,00,000 कहाँ से आएगा?
- 27:19यहीं तो इशारा मैंने देना नहीं है।
- 27:25अगर ये थोड़ा सा इशारा मैंने दे दिया यहाँ भीड़ आपसे संभालेगी ना,
- 27:34यही तो इशारा मैं आपसे नहीं करने वाला मेरी बायोप्रासी पड़ी है तो
- 27:41मैं समझा आई थी। कहीं न कहीं तुम्हें नुक्था मिल
- 27:44जाएगा। बस इतना सा ही सर मैं क्या बनानी
- 27:54है? चलो गोल्डन और गोल्ड का रेट क्या
- 28:02इससे ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे? बस इतना सा ही बोलने आया था।
- 28:10बाबा कहते हैं उसकी फिक्र मत कर मैं करूँगा और जब से बाबा ने कहा
- 28:2160,000 से करीब। 1,50,000 पे सोने पहुँच और मैंने
- 28:31बनाना सोने की चिड़िया, गोल्डन स्पैरो थिस इस इन मैं हैंड्स।
- 28:45अब अगर तुम समझ जाओ इतने इशारे से अभी काफी है, मैं तुम्हें कहता
- 28:52हूँ तुम ये मत कहो कि पैसा आएगा कहाँ से, मैं तुम्हें कहता हूँ कि
- 29:00ये फिकर करो, पैसा खर्चेंगे। धन्यवाद।