
जैव विविधता संरक्षण के लिए समग्र दृष्टिकोण चाहिए
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भारत में वन्यजीव संरक्षण का दृष्टिकोण केवल बाघ, शेर और चीता जैसी प्रतीकात्मक प्रजातियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। संरक्षण की प्राथमिकता पूरे पारिस्थितिकी तंत्र, प्राकृतिक आवासों और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को दी जानी चाहिए। अर्थात वन्यजीव संरक्षण का दृष्टिकोण प्रजाति-केंद्रित होने के बजाय परिदृश्य-केंद्रित होना चाहिए।
जैव विविधता पारिस्थितिक संतुलन, खाद्य सुरक्षा और मानव कल्याण का आधार है। यद्यपि भारत में प्रोजेक्ट टाइगर तथा ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण कार्यक्रम जैसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं, किंतु केवल चुनिंदा प्रजातियों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।
कुछ बिंदु –…
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