Latest / Khushei Ki Duniya / 1975 Diary: Love Beyond Time Part 2
Transcript
- 0:00सो है गाइस युअर हूँ इस बेक अगेन विथ पार्ट टू ऑफ़ 1975 और तुम्हें
- 0:09एपिसोड कैसा लगा ये तुम मुझे अभी नहीं पता है बिकॉज़ मैं तुरंत ही
- 0:12तुरंत कर रही हूँ, बट आई होप तुम्हें अच्छा लगा हो ऐडिया भी
- 0:16अच्छा लगा हो की हम छोटे छोटे एपिसोड में।
- 0:18एक मिनी सीरीज बना लिया करे तो तुम्हे हर दिन एक कहानी मिलेंगे।
- 0:22तुम एक हुक पे रह जाओगे की वो क्या हुआ होगा, सोचने के लिए टाइम
- 0:26मिलेगा तो तुम्हारा क्रियेटिविटी बढ़ेगा तो मुझे नहीं पता।
- 0:31वैसे तो अब मैं रिकॉर्ड कर रही हूँ तो आई डोन्ट नो चलो अपने लगा
- 0:35लो, दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ।
- 0:37और सुनाती हूँ तुम्हें आखिर क्या हुआ था 1975 में तू मीरा मीरा उस
- 0:45डायरी को पढ़ रही थी और लाइट में चली गई थी।
- 0:49उसने मोमबत्ती जला रखी थी। मौसम बहुत ज्यादा खराब था और वो
- 0:53उस डायरी पर सर रख कर ही सो गई क्नॉइस जब उसकी आँखें खुली तो
- 0:58मौसम अभी भी वैसा ही था लेकिन सब कुछ जैसे बदल गया था।
- 1:04उसके घर की ईंटें, उसका घर और आसपास का माहौल भी जैसे मानो वो
- 1:11वक्त में पीछे आ गई थी, कहीं वो क्नॉइस।
- 1:151975 में तो नहीं आ गई थी बाहर से बारिश से हुई मिट्टी जो गीली हुई
- 1:21थी उसकी महक आ रही थी पर मीरा को कुछ समझ नहीं आ रहा था।
- 1:26उस घर से बाहर गई तो उसने देखा कि बाहर सबका देखकर।
- 1:33उसे समझ आया की वो कोई तो पुराना ज़माना था भाग कर घर में वापस गई
- 1:39जब वो जो उसने देखा कि कैलेंडर में 3 जून 1975 का टाइम था, उसका
- 1:46ये देख कर दिमाग घूम गया कि आखिर ये सब क्या हो रहा है?
- 1:50वह वक्त में वापस कैसे आ गई? और क्नॉइस?
- 1:53क्या चल रहा था ये सब? इस सब की वजह से वो उसी घर में
- 1:57बेहोश हो गई लेकिन जब उसकी आँखें खुली तो वो उसी घर के किसी ऐसे
- 2:02कमरे में थी। शायद उसे पता भी नहीं था की उस घर
- 2:05में था उस घर के उस कमरे से बाहर निकलने के बाद उसने ढंग से देखा।
- 2:11आसपास अभी भी माहौल वहीं था। क्नॉइस।
- 2:131975 वाला वो वहाँ उसे याद आया की उस डायरी में एक लाइब्रेरी का
- 2:19जिक्र था जहाँ वो रंजन से मिला करती थी।
- 2:22वो मीरा तो वो वहाँ गई और उसने देखा एक बेंच पर रंजन बैठा था।
- 2:28वो रंजन को जानती थी क्योंकि उस डायरी में रंजन के काफी स्केच्स
- 2:32थे। क्नॉइस तो रंजन ने जैसे ही इस
- 2:35मीरा को देखा वो उसके पास आया और उसे बोला की मीरा काफी देर लगा दी
- 2:40तुमने और मीरा वो उसे उसका नाम कैसे पता था की पुरानी वाली मीरा
- 2:47की शक्ल भी उसकी थी और आखिर ये मांझला क्या था?
- 2:51वो कैसे आयी वक्त में? वो तो अपनी दादी के घर पर थी ना
- 2:55वो आखिर ये सब हो क्या रहा है? रंजन ने उसे कहा इस बार तुमने
- 3:00थोड़ी ज्यादा देर लगा दी मीरा बहुत टाइम से तुम्हारा इंतजार कर
- 3:04रहा हूँ यहाँ पर उसका ये कहना था की मीरा कॅन्फ्यूज्ड थे।
- 3:09उसने कहा रंजन मुझे। मैं तुमसे पहली बार मिल रही हूँ
- 3:14और ऐसा लग रहा हैं जैसे मानो कई सालों से कई सदियों से तुम्हे
- 3:19जानते हो या कई से आखिर ये सब क्या हैं?
- 3:25कौन हूँ मैं? तो रंजन ने उसे कहा तुम कौन हो
- 3:30शायद तुम्हे? वक्त में थोड़ा आगे जाकर पता चल
- 3:33जाएगा, लेकिन अभी आज यहाँ हूँ, मेरे साथ हो तो ऐट लिस्ट, मेरे
- 3:37साथ रहो और मेरी रहो, पता नहीं अगली बार हम कब मिल पाएंगे?
- 3:44मेरा वाज़ स्टिल शॉक्ड लेकिन कहीं ना कहीं रंजन से वो एक।
- 3:50अच्छी फीलिंग आती थी जैसे रंजन को वो जानती थी, बस बार बार भूल जाती
- 3:56थी किसी ना किसी वजह से। अब रंजन से बातें करने के बाद उसे
- 4:01लगा जैसे हाँ वाली फीलिंग आ रही थी।
- 4:05इससे काफी देर बातें करने के बाद मीरा ने कहा, अब मैं चलती हूँ।
- 4:11वो वहा से वापस उसी घर में जाने वाली थी क्योंकि शायद वही से सब
- 4:15कुछ शुरू हुआ था और वही से अब उसे जानना था की आखिर ये रास्ते पर से
- 4:21पर्दा कैसे उठेगा? आखिर ये रास्ते था क्या?
- 4:25कैसे वो इस जगह पर आ गए। क्यों वो?
- 4:28जानती थी बस रंजन को और आखिर उसकी दादी ने उससे सवाल क्यों किया था
- 4:33की प्यार समय का मोहताज होता है या नहीं?
- 4:37या ज़िन्दगी का आया मौत का? आखिर ये सब क्या है और क्यों है?
- 4:43जब वापस से मेरा उस घर के तरफ जाने लगी?
- 4:46उसने देखा आज उस घर में से आवाज़ आ रही थी।
- 4:49वो एक खिड़की के पास जा कर खड़ी हुई तो उसके शौक की कोई नहीं रही।
- 4:56उसने अंदर खुद को खड़ा पाया लेकिन वहीं 1975 वाले टायर में सलवार
- 5:02सूट वो पुराने ज़माने वाले कपड़े क्नॉइस।
- 5:06उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। उसका जैसे दिमाग घूम रहा था, कोई
- 5:10औरत थी उसके सामने जो उसे डांट रही थी और कह रही थी की क्या तुझे
- 5:14नहीं पता ये श्राप है ये खत्म नहीं हो सकता है पर तू क्यों नहीं
- 5:19भूल जाती? उस रंजन को क्यों तू बार बार बार
- 5:23बार कोशिश करती है? आखिर तुम्हारा मिलना नहीं लिखा
- 5:27है, लिखा होता तो आज तुम एक साथ होते मुझे बार बार।
- 5:32ऐसे में देखकर मुझे बुरा लगता है मेरा बंद कर मत कर अपने साथ ऐसा
- 5:39पर जो मेरा बाहर खड़ी थी उसका कुछ समझ नहीं आ रहा था की आखिर ये सब?
- 5:44चल क्या रहा है? वो अंदर है तो वो बाहर कैसे है और
- 5:48अगर वही वो मीरा है तो क्या हो रहा है?
- 5:53क्यों हो रहा है ये सब और रंजन कुछ जानता है क्या?
- 5:58उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था पर मानो जैसे कोई एक विजन था कुछ देर
- 6:03बाद। वो फिर से बेहोशी की हालत के बाद
- 6:06जब खड़ी हुई तो उसने देखा की अब अंदर घर में एकदम शांति थी।
- 6:10कोई भी नहीं था वहाँ पे। मीरा को कुछ समझ नहीं आया, वो गई।
- 6:14उसने वही डायरी ढूंढी और उसमें फिर से वही उतना ही जिक्र था
- 6:19जितना पहले था और उसे समझ ही नहीं आया की आखिर ये सब हो क्या रहा
- 6:24है? इस सब के बारे में सोचते सोचते
- 6:26सोचते। उसे कुछ अजीब सा लगा।
- 6:29फिर से वही बादल, वही बारिश और वही लाइट, लेकिन इस बार जब उसकी
- 6:36आँखे खुलती है। लाइट जाने के बाद तो वो अपने घर
- 6:39में थे 2025 में और। उस डायरी में अब कुछ तो पूरा हो
- 6:47गया था। तो आखिर गया था ये राज़ और क्या
- 6:52है 1975 का राज़? ये जानना है तो इस सीरीज को मैं
- 6:57पार्ट गिरी में कन्क्लूड करने वाली हूँ।
- 6:59तू बने रहना मेरे साथ। तुम्हे क्या लगता है तुम अपनी
- 7:04थियरीज मुझे बता सकते हो, तुम्हे पूरे आउट ऑफ़ दी वर्ल्ड में
- 7:08तुम्हे क्या लगता है की ये क्या चल रहा है?
- 7:10ये वेल मैंने भी ये चीज़ पहली बार ट्राई किया था।
- 7:12आई डीड नॉट नो मैंने इतने शार्ट एपिसोड बहुत जब मैं स्टार्टिंग
- 7:15में स्टोरीज़ बनाती थी तब बनाए थे बट अभी मेरे को ये भी नहीं सीरीज
- 7:18का ऐडिया आया एंड तुम लोगों को कहानी चाहिए।
- 7:20ओके तो मैंने सोचा की जब मैं 2025 मिनट एक बार में रिकॉर्ड करती हूँ
- 7:23तो क्यों ना उसे पार्ट्स में रिकॉर्ड किया जाए तो तुम्हे 1 दिन
- 7:27मिलेगा सोचने के लिए और 1 दिन मिलेगा तुम्हे अगले दिन ही तुम्हे
- 7:30स्टोरी मिल जाएगी। सो व्हाटस बेटर थान दट।
- 7:33है ना? चलो फिर सोचते रहो, दिमाग के
- 7:36घोड़ा दौड़ा लो तब तक। मैं मिलती हूँ तुमसे अगली कहानी
- 7:40में बाई बाई और अगर तुम्हे कोई भी थियरीज बतानी है तो मुझे बता सकते
- 7:44हो ऐड के हेच यु अंडरस्कोर एस हेच पीआइ अंडरस्कोर बाई ओके बाई एंड
- 7:51ऑल्सो। एक बात बतानी थी मुझे तुम लोगों
- 7:55को। तो वो बात ये है अगली एपिसोड में
- 7:57बताओगे, ओके बाय।