Latest / Khushei Ki Duniya / Dil Ki Kirayedaar
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- 0:00सो है गाइस युअर होस्ट कम दोज़ खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:04स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू गाइस भाई, चौथा टेक था ये और सिर्फ इतनी सी
- 0:08चीज़ का बिकॉज़ जस्ट इसको खत्म करते ही मैं खुद भूल जाती थी कि
- 0:11मुझे बोलना क्या है? खैर जो भी है यार, अभी पता है तुम
- 0:16लोग तुम लोगों के चक्कर में बड़े बलिदान देने पड़ते रे बाबा।
- 0:19वैसे तुम लोगों ने मुझे मिस तो किया नहीं होगा बिकॉज़ तुम्हे तो
- 0:22अपनी स्टोरीज़ टाइम पे मिल रही है?
- 0:23ये तुम्हे नहीं पता की मैं काफी टाइम बाद रिकॉर्ड कर रही हूँ एस
- 0:27वो सारी मैं बहुत पहले रिकॉर्ड करके डाल चुकी फर्क है यार तुम्हे
- 0:31क्या ही फर्क है पर हाँ अब शायद कुछ टाइम मैं रिकॉर्ड ना करूँ काम
- 0:35चला लेना भाई। मैंने अभी मैं रिकॉर्ड कर रही थी।
- 0:40हमारा जो सेगमेंट है आर्मी वाला उसका नाम मुझे अभी सोचना है तो
- 0:43उसका जो सेगमेंट है उसका एपिसोड 2 रिकॉर्ड कर रही थी।
- 0:46मैं एंड आउट ऑफ़ दी ब्लू भाई मेरे ऐसे कानो में घंटियां बजने लग गई।
- 0:50मैंने कहा यार मैं ज्यादा तेज बोल रही हूँ कि उसके पहले मैंने अपने
- 0:53डेमो ऑडियो रिकॉर्ड की थी किसी चीज़ के लिए।
- 0:55तो मैं एकदम से यार कि ये क्या हो गया भाई मेरा दिमाग खराब हो गया,
- 0:59मैंने कहा नहीं नहीं ऐसा होगा, माइक में कोई इश्यू होगा?
- 1:01देन आई रिकार्डेड वन्स अगेन एंड आई थॉट कि भाई ये तो मेरे मैएंड
- 1:04में है। मैंने बंद कर दी।
- 1:07मैंने कहा नहीं इसको कुछ वक्त के लिए रोकते हैं।
- 1:09इसके बाद देखते हैं। बट हाँ नाउ व्हेन आई थॉट कि चलो
- 1:13एक रिकॉर्ड कर देती हूँ बिकॉज़ संस्कृति काफी वक्त से मुझसे कह
- 1:16रही थी तो फाइनली ये रिकॉर्ड करने के बाद मैं कुछ टाइम बेस्ट लेने
- 1:20वाली हूँ। अरे यार संस्कृति के बाद अंजलि भी
- 1:22है अयो चलो देखती हूँ आज अंजलि की भी रिकॉर्ड हो जाएगी तो वेल, ये
- 1:29बहुत हमारे लिसनर्स हैं। इनके नेम्स है तो अपने कानों में
- 1:34ये प्लग लगा लो यार और तुम भी स्पीकर पे सुन्नी है तो स्पीकर पे
- 1:38सुनलो युअर चॉइस ठीक है और चलो तो ये कहानी है आज वैसे ये कहानी
- 1:44मैंने बड़े प्यार से सोंची थी। भाई बहुत अच्छी कहानी है, सेल्फ
- 1:49प्रमोशन हो रहा है मेरा। अच्छा नहीं जोक सुब्बा तो ये
- 1:52कहानी है संस्कृति और वरुण की, मैं थोड़ी देर पॉज़ की हूँ,
- 1:58बिकॉज़ मैं नाम भूल गयी थी भाई, मैं स्टोरीज़ नहीं भूलती मैं नाम
- 2:02भूलती हूँ मतलब आई हॅव डिफरेंट इश्यूस चलो एक कहानी है संस्कृति
- 2:07और वरुण की बड़ी अच्छी गाने है यार सुनो मस्त।
- 2:11संस्कृति की अंडर ग्रैजुएट डिग्री कंप्लीट होने के बाद उसने सोचा कि
- 2:15वो अब जॉब कर ले बिकॉज़ उसके घर की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं
- 2:19थी। उसने सोचा कि वो अपनी माँ बाबा की
- 2:22हेल्प करेगी। बट उसके माँ पापा को पता था कि
- 2:25उसे पढ़ाई में बहुत बहुत अच्छा करना था।
- 2:28और उसे अपने अंडरग्रेजुएट डिग्री के बाद एमबीए करने का बहुत मन था
- 2:32बहुत पहले से। हालांकि अब अपने परिवार के हालात
- 2:35देखने के बाद उसने सोचा कि वो अपनी पढ़ाई यही रोक कर एक जॉब कर
- 2:39ले। पर उसके माँ बाबा समझ चूके थे।
- 2:41उन्होंने उससे कहा कि तू एमबीए का एंट्रेंस एग्ज़ैम दे।
- 2:45और जहाँ भी तुझे कॉलेज मिले वहाँ जा कोई हमें टेंशन नहीं है, तेरी
- 2:49पढ़ाई बहुत इम्पोर्टेन्ट है। थोड़ा बहुत उसे और समझाया और
- 2:53फाइनली उसने एग्ज़ैम दिया। एग्ज़ैम के बाद उसे अपना फेवरिट
- 2:57कॉलेज मिला। मसूरी में उसे बहुत पसंद थी।
- 3:01वो जगह उसे हिल स्टेशन पे कॉलेज चाहिए था।
- 3:03उसने अपने घरवालों को कह रखा था कि अब जाऊँगी ना तो किसी हिल
- 3:06स्टेशन पे जाऊँगी पर जब उसे वो कॉलेज मिला तो उसने उसके हॉस्टल
- 3:11रूम्स ऑलरेडी सारे ही खत्म हो गए थे तो अब उसके पास कोई जगह ही
- 3:15नहीं बची थी। पी जी वगैरह के रेंट बहुत हाई थे
- 3:18तो उसने सोचा कि पार्ट टाइम वहीं पे जॉब भी कर लेगी वो।
- 3:21एक महीने के लिए उसने एक है रेंट वाला रूम देखा और उसके बाद लग गई
- 3:27वो जी जान से कि कैसे भी कोई सस्ता रूम मिल जाए उसे बिकॉज़
- 3:31इतने पैसे नहीं थे उसके पास वो अपनी स्कॉलरशिप के बेसिस पर तो उस
- 3:35कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी जो कि काफी अच्छा कॉलेज था।
- 3:38मसूरी का। उसका ऑलमोस्ट एक महीना खत्म होने
- 3:42वाला था, लेकिन अब तक उसे कोई भी लो रेंट वाला पी जी नहीं मिला था
- 3:47और हॉस्टल में भी अब रूम्स अवेलेबल नहीं थे।
- 3:49उसे समझ में ही नहीं आ रहा था की अब अपने माँ बाप से पैसे कैसे
- 3:52मांगे क्योंकि काफी महंगा था वो रूम ₹20,000 महीना उसके लिए बहुत
- 3:58डिफिकल्ट था अफ़ॉर्ड करना। फिर 1 दिन उसने देखा कि किसी ने
- 4:02एक अड्वर्टाइज़्मन्ट लगा रखा था। काफी एक छोटा सा ना पोस्टर में ही
- 4:06सम्वन वांटेड टु कुक। उसने सोचा कि खाना बनाना तो उसे
- 4:09हमेशा से आता था और वो भी बहुत अच्छा सब तारीफ करते थे उसके खाने
- 4:13की तो उसने सोचा कि एक पार्ट टाइम जॉब हो जाएगी।
- 4:17प्लस क्या पता कि इसके आस पास कोई रूम मिल जाए।
- 4:20वो एरिया भी उसके कॉलेज के थोड़ा पास ही था तो उसने सोचा की अप्लाई
- 4:24कर लेते हैं। तो फाइनली जब उस सामने वाला इंसान
- 4:28जिसे देख रहा था कि भाई खाना अच्छा बना भी रहा है की नहीं तो
- 4:32उसने पूछा कि क्या तुम खाना अच्छा बना लेती हो?
- 4:36इस बात पर संस्कृति ने कहा कि आप कुछ बता दीजिए, मैं आपको अभी बना
- 4:40के खिलाती हूँ तो आप डेमो ले लीजिएगा।
- 4:43खाने का और संस्कृति अपने ऊपर काफी कॉन्फिडेंट थी की वो अच्छा
- 4:47खाना बना लेगी। प्लस उसकी तनख्वा भी काफी अच्छी
- 4:49थी और ये पार्ट टाइम जॉब थी तो उसके लिए एक दम व्यस्त है ये उसने
- 4:54जब। उसके लिए एक सैंडविच बनाया तो ही
- 4:57वास् लाइक यार बहुत अच्छा था। ये सैंडविच तो बताओ?
- 5:01फिर कब से तुम कुकिंग वगैरह के लिए आ सकते हो तो वहाँ संस्कृति
- 5:06ने नोटिस किया कि वो घर काफी बड़ा था तो उसने पूछा कि वरुण जी आपके
- 5:12घर में कोई और नहीं रहता क्या? तो वरुण ने कहा कि नहीं मेरे
- 5:16पेरेंट्स जो है वो बिजनेसमैन है, दोनों ही माँ भी और पापा भी तो वो
- 5:21दोनों ही दिल्ली में रहते है और मैं यहाँ मसूरी में तो मेरी एक
- 5:24जॉब है जिसकी वजह से ये हमारा एंसेस्ट्रल घर है तो इसी वजह से
- 5:28मैं यहाँ आराम से रहता हूँ तो बस एक कुक की कमी थी तो इसीलिए
- 5:32अड्वर्टाइज़्मन्ट डाला। आई एन सी।
- 5:34आई हॅव गॉट यू एंड यू अरे अमेज़िंग तो संस्कृति ने कहा या
- 5:40आप ब्य एनी चांस, कोई पीजी रख सकते है इस घर में बिकॉज़ तो वो
- 5:44कहते कहते थोड़ा सा रुकी बिकॉज़ वो एक लड़का था भाई और वो ऐसे
- 5:47कैसे एक लड़के से कह सकती थी तो उसने सोचा कि अभी उसके जो पीजी,
- 5:52जिसमें वो अभी रह रही थी करेंट्ली।
- 5:54तो उसने सोचा की वो जब तक खत्म नहीं होता वो वरुण को थोड़ा सा
- 5:58ऑब्ज़रव करे की वो इंसान कैसा है ताकि भाई ऐसे थोड़ी ना किसी के भी
- 6:01साथ रह सकती थी तो उसने ऐसा सोचा। फिर उसने कुछ नहीं कहा और वरुण से
- 6:06कहा मैं कल से ही काम पे आ सकती हूँ।
- 6:08ऐसा कह के संस्कृति अपने रूम में चली गई।
- 6:11वहाँ उसने खूब सोचा की। ऐसे करके अपने बैग में हमेशा
- 6:14पेपर्स स्प्रे रखा करूँगी। ये वो बट अगर वो ब्य चांस मान जाए
- 6:18कम रेंट पर बिकॉज़ उसे तो कोई इश्यू होना नहीं चाहिए वो तो उसका
- 6:21घर है ना तो हो सकता है वहाँ मैं रह पाऊँ।
- 6:25अब ऐसा सोचकर उसका जब उसने देखा कुछ दिन की वरुण सच में अच्छा
- 6:29इंसान था। वो उसे काफी रिस्पेक्ट देता था।
- 6:32काफी अच्छे से उससे ट्रीट करता था तो हमेशा उसके आने की तारीफ भी
- 6:36करता था। तो फाइनली जब वो मंथ एंड था तो वो
- 6:391 दिन वरुण के पास गए एंड उससे बोली की क्या आप मेरी एक हेल्प कर
- 6:43सकते हैं? तो वरुण ने कहा बताओ तो शी सैड की
- 6:46भाई। ऐसा ऐसा पूरा सीन है और काफी है
- 6:49रेंट है मेरे पी जी का। तो आप तो यहाँ घर में रहते हो और
- 6:52आपको थोड़ा कन्वीनियेंट भी हो जाएगा क्योंकि अगर मैं यहाँ
- 6:55रहूंगी तो मैं खाना सुबह बनाकर जा सकती हूँ।
- 6:58उसके बाद आपकी जॉब से तो पहले ही मेरा कॉलेज ओवर हो जाएगा तो फिर
- 7:01मैं यहाँ पे आके शाम का खाना भी जल्दी बना सकती हूँ तो प्लीज़ आप
- 7:06मेरे जीतने भी सैलरी है, उसमें से आप मतलब?
- 7:09घर का चार्ज निकाल सकते हो तो मुझे बस पांच ₹6000 महीने भी
- 7:13चलेगा। अब थोड़ा सा सोचा एंड ही थॉट की
- 7:16वैसे ये सही ही है। एस।
- 7:18उसे खाना भी टाइम पर मिल जाया करेगा और संस्कृति उसे भी अच्छी
- 7:22लगी थी। एक सिंपल सी इंसान थी ज्यादा उसके
- 7:24कोई है? यू नो शौक नहीं थी, अच्छी थी,
- 7:26अच्छे से ट्रीट करती थी, रेस्पेक्टेबल थी।
- 7:29तो वरुण ने सोचा और फिर कहा ठीक है, चलेगा मुझे एंड संस्कृति वास्
- 7:33सो हैप्पी की। फाइनली अब उसे एक कम रेंट में
- 7:37अच्छा घर मिल गया था। अक्चवल में उसे रेंट देना भी नहीं
- 7:40था। उसे तो पैसे मिलने वाले थे तो सब
- 7:42कुछ बात वात हो गयी उनकी एंड फाइनली संस्कृति ने वहाँ पे अपना
- 7:46सारा जितना सामान था शिफ्ट किया। और अब वो वहाँ रहने लगी, काफी
- 7:50बड़ा घर था वो तो उसे ऐसा कोई इश्यू भी नहीं था और वरुण वैसे भी
- 7:55सुबह का जाता और शाम को ही घर लौट कर आता।
- 7:58उसका कॉलेज उससे काफी टाइम पहले उभर हो जाता था और कभी कभार तो
- 8:01उसे जाना भी नहीं होता था। कॉलेज तो वो अच्छे से उसके दिन कट
- 8:05रहे थे कि 1 दिन वो बैठी थी। उस पे कुछ तो उसका प्रोजेक्ट था,
- 8:10जो कंप्लीट नहीं हो रहा था तो वो ऐसे ही दिमाग लगा रही थी की यार
- 8:14क्या होगा इसमें कैसे करूँ? तो वरुण घर आया की क्या कर रही हो
- 8:20संस्कृति? उसने बताया कि वैसे तो आपके किसी
- 8:23काम का है नहीं। पर फिर भी आपको बता देती हूँ ऐसे
- 8:26ऐसे ये काम है और ये मुझसे प्रोजेक्ट बन नहीं रहा है।
- 8:29वरुण ने कहा, अरे बस इतनी सी बात एंड वो जल्दी से अपना बैग रख कर
- 8:33आया और उसने इतनी जल्दी उसका पूरा प्रोजेक्ट बनवा दिया की संस्कृति
- 8:37वास् नाउ शॉक्ड की वरुण जी आपको इतना सब कुछ कैसे आता है?
- 8:42तो ही सैड। तुमने वैसे आज तक ये नहीं पूछा कि
- 8:45मैं काम क्या करता हूँ तो संस्कृति ने कहा अरे हाँ, ये तो
- 8:50मैं भूल ही गई थी। आप सुबह के ऑफिस चले जाते हैं और
- 8:53शाम को लौटते हैं, पर मैंने कभी पूछा ही नहीं कि आप काम कहाँ करते
- 8:57हो और क्या करते हैं? तो फाइनली वरुण ने बताया कि जीस
- 9:01एमए में वो स्पेशलाइजेशन कर रही थी।
- 9:04वो 2 साल पहले वही सेम स्पेशलाइजेशन कर चुका था और अब एक
- 9:08बड़ी एम एन सी में जॉब कर रहा था। उसी जॉब प्रोफाइल में नाउ
- 9:12संस्कृति वास् ऑल शॉक्ड की आप मेरे सीनियर भी है इस मामले में
- 9:17वॉव यार ये तो बहुत अच्छी बात है। तो यानी की अब आप मेरी हेल्प कर
- 9:21सकते है तो वरुण ने कहा हाँ कोई इश्यू हो तो तुम मुझे बता देना,
- 9:26आई विल हेल्प यू। ऐसा कहकर संस्कृति ने अच्छा सा
- 9:29खाना बना रखा था। ऑलरेडी।
- 9:31वो दोनों बैठे डाइनिंग टेबल पे खाना खाया और फिर अपने अपने रूम्स
- 9:34में चले गए। सोने के लिए जभी भी संडे हुआ
- 9:37करता। तो वरुण और संस्कृति काफी अच्छा
- 9:39टाइम स्पेंड किया गए थे। कभी मूवीज़ देखकर तो कभी बाहर ऐसे
- 9:43ही घूमने निकल जाते। दोनों को एक दूसरे की कंपनी काफी
- 9:47अच्छी लगने लगी थी। खुश थे दोनों की संस्कृति अपने
- 9:50दिन का हाल बताते वरुण जब शाम को ऑफिस से आता वरुण अपना बताता की
- 9:54आज हमने ये काम किया। आज हमने ये काम किया था।
- 9:57काफी अच्छा चल रहा था सब 1 दिन वरुण कुछ टाइम के लिए ही सैड की
- 10:02मुझे डेल्ही जाना है अपने माँ बाप के पास तो संस्कृति तुम रह लोगी
- 10:06ना यहाँ पर अकेला तो उसने कहा कि हाँ हाँ आप हो आइए और उसने पूरा
- 10:12सामान वगैरह देखा की हाँ चलो। सारा सामान है तो उसे बाहर ज्यादा
- 10:16शॉपिंग वगैरह के लिए भी ले जाना पड़ेगा ग्रोसरी की और वो ये सब
- 10:20चेक कर करा के चला गया। कुछ दिन हुए अभी तक वरुण लौट कर
- 10:24नहीं आया था। अब धीरे धीरे संस्कृति को वरुण की
- 10:27याद आने लगी थी। हालांकि संस्कृति ने उससे फ़ोन पर
- 10:30पूछा था कि आप कब तक लौटेंगे? तो वरुण ने कहा अभी टाइम लगेगा,
- 10:34कुछ टाइम मैं आता हूँ, सारा काम हुआ 1 दिन।
- 10:37जब संस्कृति अपने कॉलेज से लौटकर आई तो उसने देखा कि वरुण वहाँ
- 10:42सोफे पर एकदम निराश हताश सा बैठा था।
- 10:46ये देख कर संस्कृति वो शक की भाई क्या हुआ?
- 10:49वो जल्दी से वहाँ गई और उसने देखा की।
- 10:53जो वरुण जिसने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया था, आज वो शराब के नशे
- 10:57में धुत्त था। उसे समझ में ही नहीं आ रहा था कि
- 11:00आखिर हुआ क्या था? इतना तो संस्कृति जानती थी कि
- 11:04वरुण कोई तो बात होगी जीस पर उसने शराब को हाथ लगाया।
- 11:07जो भी बात थी हालांकि वो सही नहीं था पर फिर भी कोई तो बड़ी बात
- 11:11होगी। तो वो जल्दी से गई और सोफे पर
- 11:14वरुण के पास जाकर बैठी। फिर उसने पूछा की वरुण क्या हुआ?
- 11:19वरुण ने जैसे ही संस्कृति को देखा उसने उसे एक किया और कहा कि
- 11:24संस्कृति कहा थी तुम कितनी देर से मैं तुम्हारा इंतजार कर रहा था?
- 11:29ले तो संस्कृति ने। उसे हटाकर पूछा कि आखिर हुआ क्या
- 11:32है? वरुण क्या बात है और तुम इतने
- 11:35दुखी क्यों लग रहे हो? और वरुण ने कहा प्लीज़ 2 मिनट 2
- 11:38मिनट मुझे ऐसे ही रहने दो तो संस्कृति ने कहा और मुझे बताओ तो
- 11:43सही आखिर हुआ क्या है? फिर वरुण 2 मिनट बाद उसने उसे
- 11:48बताया कि। तुम्हे पता है संस्कृति मेरा सपना
- 11:51था हमेशा से की मेरी ना खुद की एक कंपनी हो, जैसे मेरे पापा ने अपने
- 11:55दम पर इतना बड़ा एम्पायर खड़ा किया है।
- 11:58मैं भी चाहता था की मेरी भी एक इतनी ही बड़ी कंपनी हो जिसके लिए
- 12:02मैंने इतनी पढ़ाई की, इतने अच्छे कॉलेज से एमबीए किया सब कुछ किया।
- 12:07इवन मैं ये जॉब इसलिए कर रहा था की मैं कुछ सेव कर पाऊँ।
- 12:10उन्हीं पैसों से मैं अपना स्टार्टअप खोलना चाहता था और इसी
- 12:14सिलसिले में जब मेरे पास एनफ अमाउंट आज जमा हो गया है तो मैं
- 12:17अपने माँ बाबा को कन्विंस करने गया था की मैं एक स्टार्टअप खोलना
- 12:20चाहता हूँ और उन्होंने मुझे मना कर दिया।
- 12:24उन्होंने कहा कि। हमारा इतना बड़ा बिज़नेस है, उसे
- 12:26संभालो, आखिर तुम्हे जरूरत क्या है?
- 12:28किसी नए स्टार्ट अप की और स्टार्ट अप चले ना चले क्या मतलब है?
- 12:33क्यों अपनी जिंदगी खराब करनी है किसी स्टार्ट अप के पीछे पर मुझे
- 12:38करना था वो स्टार्ट अप। मुझे लगा था कि वो लोग मुझे
- 12:41समझेंगे। मुझे लगा था कि वो मेरे सपने को
- 12:44समझेंगे। पर उन्होंने मुझे सपोर्ट करने से
- 12:47मना कर दिया। उन्हें इतने दिन से कन्विंस करने
- 12:49की कोशिश कर रहा था कि मुझे आपसे पैसे भी नहीं चाहिए।
- 12:52बस अब मेरा साथ देना पर उन्होंने मना कर दिया।
- 12:57किसी को मुझ पर भरोसा नहीं है क्या?
- 12:59क्या तुम्हें भी लगता है कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगा?
- 13:02संस्कृति ने उसे कहा कि। वरन जी आप तो इतने अच्छे है, आप
- 13:07कैसे ना नाकामयाब नहीं हो सकते है आप और हो भी गए तो क्या हुआ आपने
- 13:13इतनी मेहनत की है ये आपका सपना है, इसे जिए बिना कैसे रहेंगे और
- 13:19कोई आप पर भरोसा करे या ना करे। मुझे भरोसा है कि आप जो भी
- 13:23स्टार्ट अप करोगे अच्छा ही करोगे। निराश शताश होने की जरूरत नहीं
- 13:27है। आपको मैं हूँ आपके साथ मुझे है आप
- 13:30पर भरोसा करिए। आप आपको जो स्टार्ट अप स्टार्ट
- 13:34करना है, आप करिए मैं हूँ आपके साथ और थोड़ा बहुत तो नॉलेज मुझे
- 13:38भी है, मैं भी वही पढ़ रही हूँ। थोड़ी बहुत हेल्प मैं भी आपकी
- 13:41जरूर करूँगी। जितना भी हो पाएगा आप करिए आप एंड
- 13:46मुझे है आप पर भरोसा जितना संस्कृति ने कहा उतना काफी था।
- 13:50वरुण के लिए वरुण को वो हिम्मत चाहिए थी जो शायद उसकी टूट गई थी
- 13:55अपने परिवार से बात करने के बाद और फाइनली उसने संस्कृति को थैंक
- 14:01यू कहा। मुझे नहीं पता कि ये स्टार्टअप
- 14:04फेल होगा, पास होगा या क्या होगा? फिर तुम्हें मुझ पर भरोसा है तो
- 14:08शायद अब मुझे भी अपने ऊपर भरोसा वापस आ गया जरूर करूँगा मैं
- 14:12स्टार्टअप ये कहने के बाद वरुण थोड़ी देर बस ऐसे ही बैठा रहा।
- 14:18संस्कृति जल्दी से गई। उसने अच्छा सा खाना बनाया, उससे
- 14:22पहले उसे नींबू पानी दिया। थोड़ा सा वो सोबरप हुआ एंड फाइनली
- 14:26इन दोनों ने खाना खाया जिसके बाद पर उनको शायद इतना होश भी नहीं
- 14:30था। वो जा कर सो गया।
- 14:32अगले दिन जब वो जाएगा तो संस्कृति काफी अच्छा खाना बनाकर ऑलरेडी रख
- 14:36गई थी। एंड उसने कहा आप अपनी जॉब छोड़
- 14:39दीजिए और कॉन्सेंट्रेट कीजिए अपने स्टार्ट अप पे आई नो आपके पास
- 14:43ऐडिया बहुत अच्छा होगा। ऑल दी बेस्ट इतना सा नोट उस खाने
- 14:47के पास रखा था। उसके बाद जब शाम को संस्कृति वापस
- 14:51आई तो उसने देखा वरुण वहीं बैठा था और अपने लैपटॉप में कुछ काम कर
- 14:55रहा था। वो उसके पास गई।
- 14:58उसने पूछा कि आपने शुरू कर दिया अपना काम?
- 15:02उसने कहा हाँ, बाकी सब तो हो गया यार, पर एक डिजैनर की जरूरत थी जो
- 15:07मेरी थोड़ी बहुत सारी डिज़ैन कर दे।
- 15:09पर अभी तो बजट में नहीं है। एक अच्छा डिजैनर तो संस्कृति ने
- 15:14कहा कि मैं आपको एक चीज़ दिखाऊं। उसने अपना लैपटॉप निकाला और उसे
- 15:19अपने कुछ प्रीवियस डिजैन्ड चीजें दिखाई।
- 15:22एंड ही वास् शॉक्ड ही सैड संस्कृति तुम्हे डिजैनिंग भी आती
- 15:25है तो शी सैड हाँ मुझे पसंद था बट देन ये काइंड ऑफ़ पैशन था।
- 15:32फिर मैंने अपने एम बी पर पूरा फोकस किया और ये थोड़ा जाने दिया,
- 15:35बट ही सैड। यार, ये बहुत अच्छा है।
- 15:38तुम इसमें अपना पूरा करियर बना सकती थी एंड शी सैड करियर का तो
- 15:42पता नहीं पर आपकी पार्टनर जरूर बन सकती हूँ तो वरुण ने कहा बिलकुल
- 15:48तो आज से तुम मेरी डिजैनर हो। कंपनी की एंड शी वास् सो हैप्पी
- 15:52दोनों बहुत खुश थे। वरुण अपने लिए और कहीं ना कहीं
- 15:56इसलिए भी किसी को उस पर भरोसा था और संस्कृति वरन के लिए वो खुश थी
- 16:02उसके चेहरे पे वो स्माइल देखकर जो कुछ टाइम से बस गायब हो गई थी, उन
- 16:07दोनों ने अपनी साइड बनाने पर पूरा पूरा फोकस किया।
- 16:11जितना वक्त संस्कृति को मिलता वो पूरा टाइम देती।
- 16:13वरुण की उस कंपनी को इनिशिएट करने में बिल्ड अप करने में की।
- 16:17कैसे भी वो बस उसका स्टार्ट अप जल जाए।
- 16:20वो बहुत बहुत अच्छा काम कर रहे थे।
- 16:22दोनों ही एक साथ मिलके वरुण को संस्कृति बहुत अच्छी लगने लगी थी
- 16:27की कुछ दिन बाद ही संस्कृति ने कहा की।
- 16:30मुझे कुछ टाइम के लिए अपने होम टाउन जाना है, बहुत टाइम से गई
- 16:34नहीं हूँ माँ पापा वेइट् कर रहे थे, वो चाह रहे थे कि मैं उनसे एक
- 16:37बार मिल आऊं तो मैं जाती हूँ, कुछ टाइम में आती हूँ।
- 16:40वरुण ने उससे कहा प्लीज़ जल्दी आना यार तो मेरा मन भी नहीं लगेगा
- 16:44इस घर में अकेले पहले पता नहीं कैसे रह लेता था जब से तुम आई हो।
- 16:49तब से तो ऐसी आदत हो गई है की कुछ चीज़ भी रख के भूल जाता हूँ ना तो
- 16:52सीधा बोलता हूँ संस्कृति यार ये चीज़ कहाँ है क्योंकि तुम इतना
- 16:56ऑर्गनाइज्ड रखती हो, घर को किचन को सब चीज़ को और मैं कहाँ यार
- 17:02प्लीज़ जल्दी आ जाना और संस्कृति ने कहा हाँ कोशिश करूँगी वो अपने
- 17:06होमठौन चली गई। कुछ ही दिन में वरुण को संस्कृति
- 17:11की कमी बहुत महसूस होने लगी। उससे समझ में आ गया कि उसके कितने
- 17:15मायने थे, उसके ज़िन्दगी में वो नहीं थी तो उसे हर चीज़ अधूरी लग
- 17:19रही थी ना उसे अपनी कंपनी बनाने का टाइम मिल रहा था।
- 17:22बस वो हर वक्त सोचता। अब संस्कृति क्या कर रही होगी?
- 17:25अगर यहाँ होती तो ये कर रही होती और।
- 17:27उसने फिर एक दिनों से फ़ोन मिला दिया प्लीज़ जल्दी आ जाओ यार मेरा
- 17:31बिलकुल मन नहीं लग रहा है। संस्कृति भी उसकी बात सुनकर अगले
- 17:35ही दिन अपने घर से लौट आई थी। फिर से वो अपने घूमने फिरने गए।
- 17:40पहले कुछ दिन उसने कहा ठीक है यार काम करेंगे पर पहले घूम फिर लेते
- 17:44है, तुम इतने दिन बाद आई हो। वो वापस से अपने काम पे लग गए।
- 17:491 दिन वरुण किसी काम से बाहर गया और उससे होश ही नहीं रहा की वक्त
- 17:54अब 11:00 बज चूके थे। वो जनरलली घर पे आठ या 9:00 बजे
- 17:57तक आ जाता था। उसका फ़ोन भी साइलेंट था।
- 18:00उसे होश ही नहीं था। उस फ़ोन का भी जैसे ही उसने घर का
- 18:04दरवाजा खोला। उसने देखा कि संस्कृति वहाँ सोफे
- 18:07पर लेटी हुई थी। वरुण का ये बात थोड़ी अजीब लगी की
- 18:12संस्कृति ये यहाँ क्यों लेट रही है?
- 18:14इतनी सर्दी हो रखी थी, फिर उसने अपना पता नहीं क्यों फ़ोन देखा कि
- 18:18वक्त कितना है। उसने देखा 11:00 बज रहे थे।
- 18:21लेकिन उससे भी ज्यादा उसने देखा कि संस्कृति की चार मिस्ड कॉल थे।
- 18:25उसके फ़ोन पर वो एकदम से देख कर हड़बड़ा गया।
- 18:28जल्दी से संस्कृति के पास गया बट उसने देखा कि वो बेहोश थी, हेटी
- 18:32हुई नहीं थी, ये देख कर उसे समझ में नहीं आया कि आखिर हुआ क्या
- 18:37था? संस्कृति ने उसे फ़ोन मिलाए थे,
- 18:40वो बेवकूफ था। क्नॉइस।
- 18:41सो खुद पर गुस्सा आ रहा था की उसका फ़ोन साइलेंट क्यों था?
- 18:44वो तो रीसन होगा ना की संस्कृति ने उसे इतने सारे फ़ोन किए थे और
- 18:48वो बेहोश थी। वो जल्दी से उसे अपने गोद में
- 18:51उठाकर लेकर गया। उसे कार में बिठाया और फिर जल्दी
- 18:54से हॉस्पिटल पहुंचा। हॉस्पिटल जाते ही उसने डॉक्टर से
- 18:58पूछा की आखिर संस्कृति को हुआ क्या था?
- 19:00उन्होंने बताया कि अभी तो हमें नहीं पता, थोड़ा बहुत देखना
- 19:04पड़ेगा। जो भी था इसका इश्यू फिर बाद में
- 19:06उन्हें पता चला कि कोई ज्यादा बड़ी प्रॉब्लम नहीं थी।
- 19:08कोई छोटी सी प्रॉब्लम थी और संस्कृति को अगले दिन तक खुश आ
- 19:11जाने वाला था जितना डॉक्टर ने उसे बताया था।
- 19:15पूरी रात वरुण बस यही सोचता रहा कि आखिर।
- 19:19क्या प्रॉब्लम रही होगी? संस्कृति को बेचैनी हुई होगी, उसे
- 19:23लग रहा होगा की वरुणा बायेगा और शायद उसे हॉस्पिटल ले जाएगा।
- 19:27पर मैं आया ही नहीं। वो खुद पर बहुत गुस्सा था।
- 19:31बहुत ज्यादा मुझे समझ में ही नहीं आ रहा था की आखिर वो क्या ना कर
- 19:35ले उसके बेड के बगल में ही। एक औरत भी बैठी थी, शायद उसके पति
- 19:39को कोई बिमारी थी तो उस औरत ने कहा आपकी बीवी है क्या?
- 19:44वो आप इतने परेशान लग रहे है? हुआ क्या है?
- 19:46उन्हें ये सुनते ही वरुण ने कहा नहीं नहीं ये मेरी बीवी नहीं है।
- 19:51पर ये कहते कहते वो रुख गया और अपने दिमाग में कुछ सोचने लगा।
- 19:56फिर उस औरत ने उससे पूछा की अगर ये आपकी बीवी नहीं है तो आप इतने
- 20:00परेशान क्यों है? तो उसने कहा पता नहीं ये मेरी
- 20:05रूममेट है अक्चवली और मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा।
- 20:09ये मतलब मुझे बस बुरा लग रहा है बिकॉज़ उसने मुझे इतने सारे कॉल्स
- 20:12किए थे, उसका कॉल नहीं उठा पाया था और उसके बाद उसकी ये हालत बुरा
- 20:16लग रहा है अंदर से। उस औरत ने कहा सोचिए की आपको बुरा
- 20:20क्यों लग रहा है? इस बात का की आपने फ़ोन नहीं
- 20:23उठाया इस बात का की फ़ोन इनका था और वो आपने नहीं उठाया।
- 20:28वरुण को भी इस बात ने सोच में डाल दिया कि आखिर बात तो सही थी जब
- 20:33अगले दिन संस्कृति जागी। तो उसने देखा कि वरुण उसके हाथ के
- 20:37बगल में ही अपना सर रखकर सोया हुआ था।
- 20:40उसने उसे जगाया और कहा आप रात भर यहाँ थे तो वरुण ने कहा हाँ हाँ
- 20:45आई ऍम वेरी सॉरी संस्कृति तुम्हें मुझे जो कहना है तुम कह सकती हो
- 20:50मेरी गलती है आई नो तुमने इतनी उम्मीद से मुझे फ़ोन किया और मैं
- 20:53फ़ोन नहीं उठा पाया। वेरी सॉरी गलती हो गई मुझसे आज के
- 20:58बाद ये कभी नहीं करूँगा। आई प्रॉमिस यू दट एंड संस्कृति ने
- 21:01कहा अरे इट्स ओके, कोई बात नहीं है, हो जाता है कभी कभी हमारा
- 21:06ध्यान नहीं रहता है। आप किसी काम में बीज़ी हो गई और
- 21:09मैं उन्हें भी बस चार बार फ़ोन कर दिया।
- 21:12उसके बाद बस पता नहीं चला कब बेहोश भी हो गई थी।
- 21:15और आज आंख खुल गए इस हॉस्पिटल में।
- 21:18उसके बाद संस्कृति जब हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुई वो दोनों अपने वापस
- 21:21घर आए एंड वरुण ने फाइनली उसे कहा कि संस्कृति तुम्हें एक बात बताऊँ
- 21:27जब उस दिन मैंने देखा ना तुम बेहोश हो गई थी।
- 21:30तुमानु ऐसा लगा जैसे शव खत्म हो गया।
- 21:33समझ में ही नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है?
- 21:36बस मन कर रहा था कि खुद को क्या ना कर दूं मैं की तुमने मुझे कॉल
- 21:41किए थे अगर कुछ और हो जाता उस दिन तो अगर तुम बेहोश नहीं होती और
- 21:48तुम्हारी तबियत और ज्यादा खराब हो जाती तो?
- 21:51और। मैं सोच भी नहीं सकता था की
- 21:53तुम्हारे बिना मैं क्या करता। मैं तो खुद सोच रहा था की ऐसे
- 21:57सिचुएशन में तो संस्कृति को जागना चाहिए था ना वो मुझे बताती मुझ
- 22:00जैसा स्टुपिड इंसान क्या करें अब उस दिन समझ में आया की तुम मेरे
- 22:05लिए सिर्फ एक रूममेट नहीं थी, सिर्फ एक।
- 22:09एक वो इंसान नहीं थे जो मेरे लिए खाना बनाने के वजह से इस घर में
- 22:13आई थी। तुम उससे बहुत ज्यादा हो।
- 22:16संस्कृति बहुत ज्यादा ये बात आज पता नहीं चली।
- 22:20बस एहसास आज हुआ ढंग से जब लगा की कही मैं तुम्हे खो तो नहीं दूंगा
- 22:26ना पर जब। तुम्हारी आँखें खुली मैं सही देखा
- 22:31तो लगा हाँ मेरी सांस में सांस आयी है, मैं तुम्हें नहीं बता
- 22:36सकता, तुम मेरे लिए क्या हो पर प्लीज़ आज के बाद कभी मुझे छोड़कर
- 22:40मत जाना। जब तुम अपने घर भी गई थी तो लग
- 22:43रहा था कि क्या करूँ? मैं अभी तो मन कर रहा था कि
- 22:46तुम्हारे घर ही पहुँच जाऊं। पर अभी वो हक नहीं है ना पर अगर
- 22:52तुम हमेशा के लिए मेरे साथ रहना चाहो तब जरूर मैं तुम्हारे घर
- 22:56जाके अपने माँ पापा के साथ तुम्हारा रिश्ता मांग सकता हूँ
- 23:00तुम्हारे माँ बाप से ओह क्या तुम हमेशा के लिए?
- 23:05इस स्टुपिड ईडियट इंसान के साथ बिताना चाहोगी?
- 23:09उसकी नॉट ओनली कंपनी में पार्टनर बन गए, बट ज़िन्दगी में भी
- 23:14संस्कृति सुनते ही बोली, आपको पता है वरुण जी जीस दिन पहली बार मैं
- 23:19आपसे मिली थी ना, पता नहीं क्यों लगा था कि ये हर ऐसा भी इंसान है।
- 23:25एक दम अलग लगे थे। आप मुझे नहीं पता था फिर क्यों?
- 23:29फिर जब आप अपने होम टाउन गए थे तब इस घर के वो अकेलापन में मैं भी
- 23:33रही थी और मुझे भी तभी एहसास हुआ की आप सिर्फ एक वरुण जी नहीं थे।
- 23:39लाइफ में आप उससे बहुत ज्यादा थे, आप शायद वो प्यार थे।
- 23:44जो लोग कहते हैं कहानी किताबों में की, उसके बिना जिंदगी अधूरी
- 23:48लगने लगती है। आप वो थे जब आप नहीं थे तब ये बात
- 23:53समझ में आई थी और लगता था की यार मैं तो कोई इतनी स्पेशल इंसान
- 23:58नहीं हूँ ना आपके साथ तो कोई बहुत स्पेशल होनी चाहिए और कहाँ मैं
- 24:03एक? सिंपल आर्डिनरी से लड़के पर वरुण
- 24:07ने कहा तुम आर्डिनरी नहीं हो, तुम्हारी वजह से होगा मैं अगर कुछ
- 24:11अच्छा भी होगा तो इंसान यू मेक मी एक्सट्रॉर्डिनरी यू अरे नॉट
- 24:16आर्डिनरी यार ऑन मैं लाइफ। एंड दट्स हौ दे अरे ब्यूटीफुल
- 24:21स्टोरी एंडेड भाई मेरे को पता है बहुत इम्पोर्टेन्ट काम था और मैं
- 24:23ये क्लाइमैक्स वो सोंची थी कि बस जल्दी से रिकॉर्ड कर देती हूँ एंड
- 24:27देन आई विल जस्ट गो बट पता नहीं कहाँ से इतना देर लग गया कि चलो
- 24:30बाई मिलती हूँ अगली कहानी में अच्छी लगी हो तो बता देना मुझे
- 24:33इंस्टाग्राम पे के। हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 24:36अंडरस्कोर पर ओके बाई बाई बाई बाई एंड फॉलो यूट्यूब।
- 24:40स्पॉटिफाइ अबाउट उसमें से ले लेना इ मेल आइडी।
- 24:43मैं तुम्हे यूट्यूब को लिंक भेज दूंगी।
- 24:44ओके बाई फाइनली यार।