Latest / Khushei Ki Duniya / Pyaar Ki Ye Kahani Suno❤️
Transcript
- 0:00तो प्यार तुम्हे क्या लगता है दो रोहों का एक मिलना होता है या फिर
- 0:06क्या होता है? कहीं दफा मैंने कई स्टोरीज़ में
- 0:09पूछा है की प्यार होता क्या है? पर शायद जो करता है उसे भी नहीं
- 0:14पता कोई एक इंसान बस हमे बस पसंद आने लगता है वो।
- 0:19उसकी बातें बस मन करता है कि पूरे दिन सुनते रहे, बोर नहीं होते हम
- 0:25उस इंसान से लेकिन क्या प्यार जबरदस्ती होता है?
- 0:30मतलब क्या तुम जिससे प्यार करते हो जरूरी है वह तुमसे प्यार करे।
- 0:35क्या जरूरी है ऐसा? आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
- 0:40सो है गाइस युअर हुक्म दोस्त खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:44स्टोरी फॉर ऑल ऑफ यू गाइस आई होप यू अरे गाइस मिस्ड मी एक कहानी है
- 0:50अपने कानों में यूप्लग्स लगा लो, दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ
- 0:55एंड किसी ने मुझसे पूछा था। की दी।
- 0:58आप हॉरर स्टोरीज़ में कहते हो? दुनिया के पास आ जाओ और लव
- 1:00स्टोरीज़ में कहते हो की दुनिया से दूर हो जाओ।
- 1:03सिंपल सी बात है जो लव स्टोरीज़ होती है वो बहुत हॉरर होती है तो
- 1:08उसमें तुम दुनिया से दूर रहो। ठीक है जो हॉरर स्टोरीज़ है वो
- 1:11बहुत लव वाली होती है। नहीं समझे ना?
- 1:14मैं भी नहीं समझी क्नॉइस वो तो बस मेरा मन किया तो इस लिए बोल दिया
- 1:17की लव स्टोरी इस प्यार मोहब्बत के खिलाफ़ होते है।
- 1:20लोग एक अभी किसी लिसनर का मैसेज आया था की दीदी मम्मी को पता चला
- 1:25मैं लव स्टोरी सुनता हूँ, मम्मी ने चतर मार दिया मेरे में हाला
- 1:28की, मैं मदर वॉज़ ऑल्सो से वो भी मुझे उस टाइम पे शोज आते थे।
- 1:32तो मम्मी अरे नहीं नहीं पड़ जाएगी तू ये वो मत देखा कर तू या आई नो
- 1:37आई कैन गेट इट बट आंटी ने लड़के को पेल दिया था बेटा तुम अपनी
- 1:44पढ़ाई करो भाई अब मैं क्या बोलू? अब इसी लिए अपन हॉरर स्टोरीज़ डाल
- 1:47रहे के ब्य चांस कोई? अरे देखो हम तो हॉरर स्टोरी सुन
- 1:51रहे थे। लव स्टोरीज़ सुन ना कोई बुरी बात
- 1:54नहीं होती है एंड इट्स नॉट ऑल इस अबाउट लव स्टोरीज़।
- 1:56आई थिंक हर कहानी, बेटा लव स्टोरी बेटा हॉरर स्टोरी बेटा एनी स्टोरी
- 2:02कुछ ना कुछ सीखा के जाती है तो जिंदगी में हम हर चीज़ से
- 2:05इन्फ्लुयेन्स नहीं होते हैं। अब मैं अगर तुम्हें प्यार भरी
- 2:07कहानियों सुना रही हूँ तो इसका मतलब ये तो बिल्कुल नहीं है की
- 2:10तुम भी जिंदगी में जाके वो प्यार कर लिया।
- 2:12भाई, वो तो एक मोशन है आएगा तो आएगा नहीं आएगा तो नहीं आएगा मेरी
- 2:16कहानियों सुनने से तो कुछ नहीं होने वाला।
- 2:18बट आई कैन गेट यू भाई, क्योंकि मेरी माता जी ने भी सेम किया था
- 2:23पर चलो ये तो हो गई। हमारी बाते आज की कहानी पर फोकस
- 2:26करते हैं तो कहानी है विद्युत और याशिका की।
- 2:32याशिका को बचपन से ही जब से उसने अपने माँ बाबा का अक्सीडेंट देखा
- 2:37था। हालांकि वो अब ठीक थे तब से ही
- 2:40ऐक्सिडेंट्स खून खराब से बहुत डर लगता था।
- 2:44हमेशा वो जब भी रोड पर बाहर जाती तो किसी ना किसी के साथ ही जाती
- 2:48थी। उसके एक दोस्त थी जो ऑलमोस्ट हर
- 2:51वक्त उसके साथ रहती थी। अब कुछ दिनों से वो देख रही थी
- 2:56उसे ऐसा लगता है जैसे कोई उसका पीछा कर रहा है, कभी लगता की कोई
- 2:59उसे रहा है। एक होता है ना हम कुछ भी ऐसा होता
- 3:03है तो हमें लगता है की नहीं नहीं यार कुछ तो है बट इट वास् नॉट इन
- 3:07ए बैड। वे कभी कभी ऐसा होता की कोई उसे
- 3:09परेशान कर रहा है और वो तो बेचारे बहुत शांत है।
- 3:13एक दम ऐसे लड़की, एक दम सिंपल, शांत, एक दम किसी से कुछ नहीं
- 3:16बोलने वाली। अपने लिए स्टैंड तक नहीं लेती थी।
- 3:19एक बार अपने कॉलेज से आ रही थी तो कुछ लड़के उसे बदतमीजी करने लगी।
- 3:24अपना सर नीचे जो खा कर वो बस वहाँ से चली गई।
- 3:29तो उन लड़कों ने सॉरी दीदी सॉरी दीदी कह दिया उसे वो बेचारी सोचने
- 3:33लगी भाई मैंने तो कुछ भी नहीं बोला इनको फिर उसके दोस्त भी
- 3:36हंसने लगी की भाई क्या पता कौन कब कहाँ तुझे कैसे बचा रहा है?
- 3:42अब उसको भी नहीं पता था की किस सेंस में बोल रही थी वो तो उसने
- 3:45कहा। तू चुप रह बकवास मत कर और चल
- 3:48चुपचाप तो वो अभी कुछ टाइम से नोटिस कर रही थी, कुछ भी होता तो
- 3:53अपने आप वो चीज़े सही हो जाती। मुझे नहीं समझ आ रहा था की कौन कर
- 3:57रहा है, क्या हो रहा है? 1 दिन कोई उसका पर्स छीनकर भाग
- 4:01गया था और वो बेचारी। क्या बोलते वो रोड पे भाग भी नहीं
- 4:04सकते तुझसे बहुत डर लगता था और उसके दोस्त भी इतना तेज भाग नहीं
- 4:08पाती ऑब्वियस्ली थोड़ी देर बाद उसको वो तो नाउ शी रिअलाइज कोई तो
- 4:16लड़का है जो उसके पीछे है बट क्यों?
- 4:18क्या उसके सामने क्यों नहीं आ रहा है वो उसे नहीं पता ठीक है, जो है
- 4:22वो है। ठीक है, उसे नहीं समझ आ रहा था पर
- 4:25कुछ दिन बाद वो ऐसे ही अपने कॉलेज से जब लौट के जा रही थी तो उसने
- 4:30देखा की एक अक्सीडेंट हुआ पड़ा था तो उसके दोस्त उसको भाग कर बोली
- 4:34थी भाई भाई यहाँ से मत चल, तू चल चल क्योंकि वो जानती थी की वो
- 4:38बहुत पैनिक हो जाती अगर वो। खून खराबे को देख लेती क्योंकि
- 4:43उसको बिल्कुल नहीं मिलता था पर उस दिन से कुछ और अजीब चीज़े होने
- 4:47लगी। उसके साथ हर वक्त ऐसे लगता जैसे
- 4:49कोई तो है उसके साथ उसने ऐसे ही सोचा कि भाई क्या चल रहा है, ये
- 4:53कौन है? क्यों हो रहा है ये सब कुछ जवाब
- 4:55के तौर पर एक आवाज सुनाई दी उसे मैं हूँ विद्युत।
- 5:00लेकिन पीछे मुड़ने पर कोई भी नहीं था।
- 5:02उसे लगा कि ये क्या हुआ और उसने सोचा कि माइट भी उसके दिमाग का
- 5:08वहम हूँ। पर उसे ये नाम सुना सुना लगा था
- 5:11सुना था उसने ये नाम कहाँ कब किसके मुँह से ये नहीं आ रहा था
- 5:15उसने बात को आने यू नो आयी गयी। बात ठीक है, हुआ होगा कुछ?
- 5:20लेकिन अब चीज़े और अजीब होने लगी। अब जैसे एक रात वो अकेली आ रही थी
- 5:26उस दिन उसके दोस्त बीमार हो गयी और वो उसके साथ नहीं जा पाए।
- 5:29उसी दिन गली से कॉलेज में भी बहुत देर तक उसकी क्लासेज चली।
- 5:34लौटने में ऑलमोस्ट शाम हो गयी। अकेली बेचारी सर झुका के बस जल्दी
- 5:38जल्दी कोशिश कर रही थी की घर पहुँच जाए लेकिन कुछ लड़के सामने
- 5:42से ना एक गलत निगाह से उसे देखते हुए उसकी तरफ आने लगे।
- 5:47राशिका अपने कदम अब आगे नहीं बड़ा पा रही थी, डर लग रहा था उसे,
- 5:51लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ। जो सिर्फ उसके लिए ही नहीं वो
- 5:54सामने चलने वाले लड़कों के लिए भी अजीब था।
- 5:57कुछ तो अजीब हुआ, वो लड़की एक दम से भाग गयी।
- 6:00वहाँ से को लगा जैसे वो किसी चीज़ को किसी इंसान को देख कर भागे है।
- 6:06लेकिन जब वो मुड़े तो कोई भी नहीं था।
- 6:08पूरी खाली थी तो वो लड़के आखिर ऐसे भागे क्यों नहीं समझ आया उसे
- 6:13क्नॉइस? इसके बाद वो अपने घर चली गयी और
- 6:15उसे लगा की यार बहुत दिन से वैसी चीज़े नहीं हो रही है जो हो रही
- 6:20थी। जैसे की कोई अगर उसका बैग छीन के
- 6:23भाग गया तो वो खुद आ रहा है तो उसे समझ ही नहीं आ रहा था की आखिर
- 6:27कुछ दिनों से चल क्या रहा है? कभी तो एक दम से कोई उसकी हेल्प
- 6:31करने को आ जाता। बट समझ में नहीं आ रहा था और आज
- 6:34उसने सोचा कि वही लड़का होगा भाई जो उसकी इतने दिन से हेल्प कर रहा
- 6:37है, लेकिन पीछे तो कोई भी नहीं था।
- 6:39क्या हो रहा था, क्यों हो रहा था? इस सबसे वो बहुत परेशान होने लगी।
- 6:44उसने अपने दोस्त से कहा कि यार पता नहीं कुछ अजीब हो रहा है यार
- 6:49कुछ दिनों से पहले तो चलो। तू भी कह रही थी मैं भी जानती थी,
- 6:54मैंने भी देखा था उस लड़के को एक दो बार शायद वही लड़का था जो मुझे
- 6:58पसंद करता होगा। इसीलिए वो ये सब कर रहा था लेकिन
- 7:01कल मेरे साथ बहुत अजीब हुआ। वो लड़के मेरी तरफ आ रहे थे, आते
- 7:05आते, एकदम से रोके और भाग गए और पीछे देखने पर नहीं था।
- 7:08वो लड़का कोई भी नहीं था तो उसने कहा।
- 7:12कौन सा लड़का तो याशिका बोलती अरे वही लड़का यार मैं तुझे बस बता
- 7:17नहीं रही थी क्योंकि मुझे तू करती बट मैं जानती हूँ वो लड़का काफी
- 7:21दिन से ना बस स्टॉप पे तू नहीं देख रही थी वही लड़का था आई थिंक
- 7:24जो ये सब काम कर रहा था, कोई छेड़ता मुझे तो उसको मार पिट देता
- 7:28आई थिंक वही था तो ना? एकदम से चेहरे के एक्सप्रेशन ही
- 7:33बदल गए। शी वास् लाइक नहीं यार ऐसा नहीं
- 7:36हो सकता। उसने कहा क्यों ऐसा क्यों बोल रही
- 7:38है? उसने कहा क्योंकि वो लड़का तो वही
- 7:42था जिसका अभी रिसेंटली अक्सीडेंट हुआ था।
- 7:45इद्दत ये बात सुनकर और ये नाम सुनकर ये आशिका की मानो?
- 7:51सिटी पिट्टी गुल हो गयी। एक बार कुकी क्या कह रही है तू
- 7:54यार? विद्युत विद्युत नाम था उस लड़के
- 7:57का। उसने कहा हाँ विद्युत उसका दिमाग
- 8:02घूम गया क्योंकि विद्युत ही तो था वो नाम जो उसने सुना था उस दिन बट
- 8:08अगर उसका अक्सीडेंट हो गया तो अब। ये सब चीज़े क्यों हो रही थी?
- 8:11सो कुछ समझने आया था, बट कहीं ना कहीं वो भी विद्युत को पसंद करने
- 8:16तो लगी थी उसका उसके लिए वो प्रोटेक्टिव नेचर कभी भी उससे कुछ
- 8:20मांगना नहीं बदले में हमेशा सिर्फ उसकी मदद करना, दूर से उसे देखना,
- 8:25दूर से निहारना, कभी उसका करीब नहीं जाना।
- 8:28ये नहीं प्यार में पता है हम सोचते है की यार हम अगर किसी के
- 8:32लिए कुछ कर रहे है ना तो सामने वाला भी हमारे लिए करे।
- 8:35प्यार में वो फीलिंग ही नहीं होती हम खुद के लिए करते है इवन हम
- 8:39सामने वाले के लिए भी कुछ कर रहे होते ना तो वो भी काइंड ऑफ़ खुद
- 8:42के लिए जैसा होता है हम कोई चीज़ मांगते नहीं प्यार में सिर्फ देते
- 8:48है। और विद्युत भी ऐसा ही था।
- 8:51शायद से बहुत प्यार करता था की मरने के बाद भी या शायद उस
- 8:55अक्सीडेंट के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ रहा था वो बट वो उससे
- 8:59कुछ नहीं चाहता था। प्यार में हम चाहते नहीं है सिर्फ
- 9:02देते है, लेकिन अब की आँखों से आंसू आने लगे।
- 9:07को ढंग से जान भी नहीं पाई थी। उससे पहले उसके साथ इतना बड़ा
- 9:12हादसा हो गया लेकिन फिर ने कहा वो उस दिन मना रही थी, शायद यहाँ मर
- 9:18गया था। यार मुझे नहीं पता, बट एक काम
- 9:22करते है, मैं जानती हूँ उसका एक दोस्त वो मेरा भी दोस्त है, उससे
- 9:25पूछती हूँ। उसने तुरंत उसे फ़ोन और उसने कहा,
- 9:29फितुत मना नहीं है अब को और कुछ समझ नहीं आ रहा था।
- 9:33सब कॅफ्यूज हो गया की ये हो क्या रहा है भाई वो अगर चल क्या रहा है
- 9:38तो उसने कहा कि वो कोमा में है। कुछ दिनों से जब से उसका
- 9:41अक्सीडेंट हुआ है, वो कोमा में ही है।
- 9:44बट कुछ अजीब हो रहा है। तो पूरी बात जब यू नो ने उसको
- 9:49बताया उसके दोस्त को तो उसने कहा मैं एक काम करता हूँ, मैं उसके
- 9:53कमरे में जाकर देखता हूँ। अगर मुझे इससे रिलेटेड कुछ मिले
- 9:56तो उसके कमरे में जाता है विद्युत के और वहाँ पे उसे एक डायरी मिलती
- 10:00है। उस डायरी में वो लिखता था याशिका
- 10:03के बारे में। वो डायरी को बिना पड़े उसका दोस्त
- 10:06बस थोड़ा बहुत इतना जान गया की इसमें के बारे में लिखा है।
- 10:10उसने वो डायरी को थमा दी। वो डायरी में याशिका के बारे में
- 10:14खूबसूरत बातें थी। आज वो एक कपड़े पहन कर आई थी।
- 10:18बहुत सुन्दर लग रही थी। चाहता नहीं हूँ मैं उससे, बस उसे
- 10:22देखते रहना चाहता हूँ कितनी प्यारी है ना वो?
- 10:25आज डर गयी थी वो जब उसका पर्स लेके वो चोर भाग गया था फिर मैंने
- 10:30उसे और उसे बोला जा लौटा के आ उस दिन वो लड़के उनकी तो क्या चटनी
- 10:36बनाई मैंने सब कुछ उसने अपनी डायरी में ऐसे लिखा था जिसे
- 10:40याशिका वो डायरी थी और वो डायरी से नहीं याशिका से बात कर रहा था।
- 10:45शायद वो याशिका के प्यार में इतना मतलब इतना डूब चुका था की वो बस
- 10:51प्यार करता था उससे कुछ भी नहीं। मैं ज्यादा ना कम उसके प्यार के
- 10:56लिए शायद याशिका का होना या ना होना भी जरूरी नहीं था।
- 11:00इंतेहान थी उसके प्यार की वो। अब याशिका की आँखों से आंसू आने
- 11:04लगे कि वो तो विद्युत को कभी उस तरह से जान ही नहीं पाई जैसे शायद
- 11:09विद्युत उसे जानने लगा था। सिर्फ ना बोले उससे बिना बात
- 11:12किये। आखिर ऐसा होता है प्यार व्याशिका
- 11:17को जब तक महसूस हुआ विद्युत का प्यार शायद विद्युत बहुत दूर था
- 11:21अब उससे। पर फिर भी ना जाने की उसे वो अपना
- 11:24बहुत करीब लगता था जैसे आज भी उसके साथ था में होने के बाद भी
- 11:32याशिका ने वो डायरी उसके कमरे में खड़ी थी।
- 11:35वो और फिर उसने एक बार कहा, मुझे नहीं पता था कि तू मुझसे।
- 11:41इतना प्यार करते हो अगर जानती तो खुद आती तुमसे बात करने नहीं पता
- 11:48था की उस दिन रोड पर तुम थे मेरे सामने देख नहीं पाई थी मैं लेकिन
- 11:55दूसरी तरफ से आवाज आती है, यह शिकायत तुम्हारी गलती नहीं थी।
- 12:01उस दिन उनसे बात करने आ रहा था। मैं गाड़ी आ गई और मुझे टक्कर मार
- 12:06दी। पता ही नहीं चल का पूरी दुनिया
- 12:09घूम गई थी। आँखों के आगे तुम थी आँखों के बंद
- 12:13होने से पहले भी तुम्हारा चेहरा देखा था।
- 12:16इसी बात का सुकून है। पर बता रहे है की ये आत्मा यहाँ
- 12:20फंस कर रह गयी है जो तुम्हारे पास है कुछ मेरा नहीं पता की इतना
- 12:26बुरा अक्सीडेंट होने के बाद भी अब तक मरा कैसे नहीं मरा शरीर कुछ तो
- 12:31है जो मुझे यहाँ रोक रहा है ऐसे कहने कहा।
- 12:35वो समझ चुकी थी की शायद विद्युत की आत्मा कही ना कही उसकी आत्मा
- 12:39से जुड़ चुकी थी। उसने विद्युत से कहा प्लीज़
- 12:44प्लीज़ विद्युत मुझे छोड़ कर मत जाओ, प्लीज़ कोशिश करो कोशिश करो
- 12:50अपने शरीर में वापस जाने की, शायद मैं तुम्हे तब नहीं जान पायी थी,
- 12:54पर अब मैं। जान गयी हूँ तुम्हे शायद तब भी
- 12:57जानती थी वो बस मारना नहीं चाहती थी क्योंकि तुम कभी मेरे सामने ही
- 13:01नहीं आये थे मेरे लिए ज़िन्दगी को पूरा करो प्लीज़ ये कहने के बाद
- 13:10विदित मानो वहाँ से गायब हो गया। देख नहीं पाई थी।
- 13:14आशंका उसे पर महसूस जरूर कर पाई थी।
- 13:17कुछ दिन तक याशिका हर रोज़ के पास हॉस्पिटल उसे मिलने जिसे वो वहीं
- 13:22है महसूस कर पाती थी। वो उसे मंदिर जाती, उसके लिए
- 13:27प्रार्थना करती भी रहा। उसने उसके कुछ दिन बाद विद्युत ने
- 13:33आँखे खोली। सब खुश हो गए लेकिन विद्युत के
- 13:36मुँह से पहला शब्द निकला याशिका। याशिका वही थी, उसके पास खुश हो
- 13:43गई थी। वो और पहली बार याशिका को विद्युत
- 13:47अपने सामने दिख रहा था। जानती थी की यही वो इंसान है जो
- 13:51मुझसे इतना शिद्दत से प्यार करता था।
- 13:53खुश थी वो और आई गेस इस कहानी को थोड़ा आगे और बढ़ा सकती थी।
- 13:58मैं बट मेरा गला मेरा साथ नहीं दे रहा है तो हाँ प्यार ऐसा ही होता
- 14:04है यार प्यार शायद हमें बांध नहीं था।
- 14:06कई बार ऐसा होता है की नहीं जा पाते हम बहुत सारे लोगों की मैंने
- 14:11कहानियों सच में सुनी है की लोग नहीं जा पाते और बहुत सारे लोगों
- 14:15की ऐसे कहानियों भी सुनी है की इतना प्यार होता है उन लोगों में
- 14:18की एक किड्स अगर पहलू हो जाती है तो दूसरा भी साथ ही मर जाता है।
- 14:22दट्स हौ लव है, वो कैसे काम करता है, कैसे होता है किसी को नहीं
- 14:26पता। शायद जो प्यार में है उन्हें भी
- 14:27नहीं पता। ये सोल्स का कनेक्शन है, दिल का
- 14:31कनेक्शन है, आई डोन्ट नो बट प्यार बहुत खूबसूरत होता है।
- 14:35जैसे यह शिका और विद्युत का था, विद्युत इसीलिए नहीं जा पाया।
- 14:40कहीं ना कहीं आशिका का दिल मानता था।
- 14:43विद्युत को जानता भी था। बस शायद एक्सेप्ट नहीं कर पा रही
- 14:46थी वो। और जब उसे पता चला की तुझसे इतना
- 14:50प्यार करता था तो उसके प्यार ने शायद उसे वापस बुला लिया एंड दे
- 14:55लिव्ड हैप्पिली एवर आफ्टर सी थी हमारी आज की कहानी मुझे बताना हौ
- 15:00इस इट तुमसे अगले कहानी में एंड येस।
- 15:05अब अगर किसी लिसनर को अपनी कहानियों देनी है तो तुम मुझे
- 15:07सकते हो, ऐसा मैं प्रॉमिस नहीं कर सकती की मैं सबकी कहानियों
- 15:10सुनौंगी भाई बहुत सारे आती है। और हाँ जिसकी मुझे बहुत अच्छी
- 15:15लगेंगी। डेफिनिट्ली उसकी कहानी में
- 15:17सुनाऊंगी और उसे बता भी दूंगी की तुम्हारी कहानी में सुनाने वाली
- 15:19हूँ बस तुम इतना करना या तुम ऑडियो फॉर्म में मुझे वो कहानियों
- 15:23भेजनी है। एंड या तुम मुझे इंस्टा पे वौइस्
- 15:26नोट्स में भेज सकते हो या फिर तुम मुझे मेल कर सकते हो।
- 15:31रिकॉर्ड करके कहानियों रिटन में बिल्कुल भी नहीं बिकॉज़ मैं नहीं
- 15:34पढ़ पाती हूँ तो ठीक है, ओके बाई मिलती हूँ तुमसे अगली कहानी में
- 15:39टेक केयर एंड बाई बाई।