Latest / Khushei Ki Duniya / Dil Chhori Sadda Ho Gaya❤️🥂
Transcript
- 0:00तो किसकी ज़िन्दगी में केआस की कमी है, जिसकी ज़िन्दगी में खुशी
- 0:04की दुनिया की कमी है? बिकॉज़ केआस यहाँ मिलता है मेरे
- 0:08700 आई गाइस थिस इस युअर ओस्ट कम दोस्तों शी एंड आई ऍम बेक विथ
- 0:12अनँद्अर लव स्टोरी आई नो तुम्हें, रुला रुला के बहुत परेशान किया ना
- 0:16मैंने लास्ट टू एपिसोड्स वेर डोपेड़ ब्य दी।
- 0:18वे। बट हाँ कह सकते है थोड़ा सा सैड
- 0:21तो था माहौल बट अभी मैं आ गया ना विडू अभी मैं तुमको मांस कहानी
- 0:25सुनाएगा, एक दम खुश करेगा, बट हूँ नो, उस एंड में लीड्स को मरवा भी
- 0:30सकती हूँ मैं लाइक थिस इस दी बेस्ट पार्ट जब तुम्हारे पास
- 0:32स्क्रिप्ट नहीं होती है ना तो जीस हिसाब से तुम्हारा मूड होता है।
- 0:35उस हिसाब से कैरेक्टर्स की स्टोरी लाइन चलती है।
- 0:39सॉरी बट नॉट सॉरी बिकॉज़ दे वेर रियली गुड और प्लीज़ जल्दी जल्दी
- 0:43वोट करो ताकि मुझे पता चले की व्हिच एपिसोड वास् दी बेस्ट टेस्ट
- 0:46तो हम उसे बेस्ट टेस्ट बोला ना मैंने हाँ भाई तो फिर हम उसको
- 0:49लगाएंगे अपने रिकमेन्डेशन में बट फिलहाल के लिए अपने कानों में
- 0:53अप्लक्स लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ।
- 0:56चलो थोड़ी सी जलक वाली कहानी सुनाती हूँ, ओके, ब्य दी वे नेम्स
- 1:02दिए हैं हमे किसी लिसनर ने प्रज्ञा एंड आयुष एंड आई ऍम
- 1:05सोल्डन विन नेम्स यार भाई, मेरी लिस्ट इतनी लंबी चौड़ी हो गई ऑफ
- 1:09नेम्स लिटरल्ली इंस्टा पे तो मैं दिखाउंगी मतलब इतने सारे नेम्स
- 1:12होंगे आई, रियली डोन्ट वांट एनी नेम्स नाउ?
- 1:15आई फील लाइक भाई अरे मैं लिखते लिखते परेशान हो गई हूँ भाई तो
- 1:18अभी कुछ टाइम के लिए कोई नहीं सो आई ऑलरेडी हॅव एनफ ऑफ़ देम सो या
- 1:22लेटस स्टार्ट दी स्टोरी तो प्रज्ञा अपनी माँ के साथ रहा करती
- 1:27थी एकदम मस्त चिल्ल ज़िन्दगी थी हाँ उसकी मम्मी उससे लगी रहती थी
- 1:31कि यार ये आउट हॉउस के लिए कोई देख लेना पीजी वाला कोई मिल जाए
- 1:35तुझे? कोई लड़की मिल जाए, कोई लड़का मिल
- 1:37जाए, भगवान करे तेरी उससे सेट्टिंग हो जाए।
- 1:40अरे मम्मी ऐसे कौन बोलता है यार आप आप अपनी बेटी की सेट्टिंग
- 1:44करवाने पे लगे हो तो तू 30 की हो गई है 30 तक मैं तुझे शादी करने
- 1:48के लिए कहती हूँ, तू मेरे सर पे चढ़ के नाचती है, क्या करूँ तेरा?
- 1:52मैं तो चाहती हूँ। तुझे ना प्यार हो जाए किसी से और
- 1:55तू उसके साथ विदा हो ताकि मेरे सर पे से ये बोझ हटे तो मैं बोझ हूँ
- 2:00क्या बात कर रही हो यार मम्मी प्रज्ञा और उसकी माँ का ये डेली
- 2:04का था। हर रोज़ उनकी इसी बात पे बहस हो
- 2:07जाती है की अरे तू शादी कर लेना बट प्रज्ञा के माँ तरफ एक।
- 2:12बोझ नहीं मानती थी। प्रज्ञा को उनका कहना बस इतना था
- 2:16की जितनी हेक्टिको थी ना उसकी लाइफ, उसकी प्राइऑरटीस इतनी सारी
- 2:22थी और सबसे ऊपर उसकी माँ आती थी। वो खुद को भी कोई प्रायोरिटाइज़
- 2:26नहीं करती थी। हमेशा हर चीज़ में अपनी माँ का
- 2:28जिक्र। तो चाहती थी की कभी कोई आए जो इसे
- 2:32प्राइऑरटी दे जिसके लिए ये इम्पोर्टेन्ट हो और कितने सालों
- 2:37से अपने पापा के जाने के बाद वो पता नहीं कब से इस घर को संभाल
- 2:41रही थी। चीजों को संभाल रही थी तो बस वो।
- 2:45चाहती थी कि वो खुश हो। प्रज्ञा भी डिज़र्व करती थी।
- 2:48आखिरकार खुशी सब चीज़ें और प्रज्ञा नहीं चाहती थी कि वो कभी
- 2:53भी अपनी माँ को छोड़कर जाए। उसे था कि मुझे रहना आप ही के साथ
- 2:57है, वरना मेरे बिना आपका क्या होगा?
- 2:59हर रोज़ सुबह यही चलता। हाँ, प्रज्ञा कोशिश कर रही थी की
- 3:03जो बाहर उनका था वहाँ पे कोई तो रहने आए, थोड़ी सी यू नो और इन्कम
- 3:08बढ़ेगी ही तो वो चाहती थी बट कोई भी अच्छा मिलता ही नहीं था और जो
- 3:12भी मिलता वो उसे सीधा रिजेक्ट कर देती।
- 3:14उसके किसी भी अजीबो अजीबोगरी इबादत पे लाइक प्रज्ञा को सब चीज़
- 3:18बहुत स्पेसिफिक चाहिए थी। की उसकी कोई गलत हैबिट्स नहीं
- 3:22होनी चाहिए क्योंकि आफ्टर ऑल भाई उसकी माँ भी रहती थी वहाँ पे वो
- 3:26खुद रहती थी। मतलब उसे ये था की शेफ कोई इंसान
- 3:29मिल जाए जो की उसकी लम्बी सी लिस्ट पर कोई भी खरा नहीं उतरता।
- 3:33इसीलिए आज तक उसमें कोई रहने ही नहीं आया था।
- 3:36उस आउट हॉउस में बट अब चाहिए तो था।
- 3:38अब ऐसे ही प्रज्ञा 1 दिन अपने काम से जल्दी आ जाती है और थोड़ी थकी
- 3:42हुई थी। तो सोचती है की यार आज क्या करूँ?
- 3:46चलो खा पी के जल्दी सो जाऊं मैं तो उसने अपने माँ से भी सेम ही
- 3:49बात कही और कुछ काम से कुछ ढूंढने के लिए वो जाती है वहाँ बैठे बैठे
- 3:55अपना चश्मा वही बगल में एक डेस्क पर रखती है और।
- 3:58कुछ सोचने लगती है की क्या करना है, आगे क्या है, कैसे है?
- 4:03कभी कभी हम सोचने बैठ जाते है ना की क्या होगा, कैसे होगा, क्या
- 4:08करना है और जब आप ऐसा सोचने बैठ जाते हो ना तो बहुत उस लूप में
- 4:13फंस जाते हो। आप जैसे फॉर ए पर्सन लाइक मी
- 4:16तुम्हे लगता होगा की अरे खुशी दीदी दो मतलब बहुत ही चिल आउट है
- 4:20हूँ मैं नो डाउट बट ऐसे ही अभी पता है कुछ दिन पहले क्या हुआ की
- 4:24मैं से आई डोन्ट नो मैं ना थोड़ा लेट सोई थी तो मुझे ऐसा था की हाँ
- 4:289:10 बजे जागना था मुझे मॉर्निंग में और मेरे को 6:07 बजे मैं एकदम
- 4:32से जाग गयी। कोई सपना देखा था, कोई हॉरर आई
- 4:35डोन्ट नो तो उस वजह से तो मैं एकदम से वापस सोने की कोशिश की।
- 4:39अब मेरे दिमाग में ना भाई कोई ऐसे सवाल आगया है ना?
- 4:43और मैं उसको सोचे जा रही हूँ। सोचे जा रही हूँ, सोचे जा रही
- 4:45हूँ, मैं कंटिन्यूवस्ली सोचे जा रही हूँ और मुझे ना मतलब मुझे
- 4:49रोना भी आ रहा है। मुझे अजीब भी लग रहा है, मुझे भी
- 4:51लग रहा है मैंने कुछ नहीं किया। जीवन में।
- 4:52मुझे ये वाली फीलिंग भी आ रही है की मैं क्या करूँगी जीवन में मुझे
- 4:55ये भी पता है की मैं 24 की होने वाली हूँ।
- 4:57मुझे ये भी पता है की अरे यार मैंने आज तक कुछ नहीं किया है
- 4:59मेरा भाई आइआइटी है, मतलब एवरीथिंग और इतनी घुटन ट्रस्ट मी
- 5:04इतनी ज्यादा घुटन की मैं मतलब ऑलमोस्ट ये था की भाई मैं किसी को
- 5:08जगा दूँ की आज मुझे बहुत घुटन हुई है।
- 5:10सबसे ऑर ए पर्सन लाइक मी ठीक है जो पूरे दिन ही ही हूँ हूँ
- 5:14लिटरल्ली आई ऍम थिस, इस दी काइंड ऑफ़ पर्सन आई ऍम ओके, ऐसा नहीं की
- 5:18मैं यहाँ पे कुछ हूँ या मैं रियल में कुछ हूँ मैं एग्ज़ैक्ट्ली ऐसे
- 5:22इंसान हूँ की मैं मतलब मुझे ये रहता है की आस पास अब खुश रहो,
- 5:25मस्त रहो ऐसा चिल रहो तो मतलब मैं ऐसी हूँ और उस रात तुम सोच ही
- 5:29नहीं सकते हो भाई कम से कम 1520 मिनट मेरे दिमाग में
- 5:31कंटिन्यूवस्ली ये सब चल रहा है और मैं रो रो रही हूँ मैं मुझे समझ
- 5:35ही नहीं आ रहा है करू तो करू क्या?
- 5:36मुश्किल से भगवान प्लीज़ आज मेरे को सो जाने दो और फिर उसके बाद
- 5:39मैं हो गयी बहुत तगड़ी वाली ऐप्स एंड माइंडेड कुछ कर रही हूँ किसी
- 5:42को कुछ भेजना है व्हाट्सएप पे किसी को कुछ भेज दिया मतलब?
- 5:45बिलकुल दिमाग खराब मेरा तो मेरे घर वाले भी कह रहे भाई तुझे हुआ
- 5:48क्या आज कल इतनी अब्सेंट माइंडेड क्यों है?
- 5:50कुछ का कुछ कर रही हूँ 24 तारिक को बोले जा रही हूँ आज 26 है आज
- 5:5426 है घूम फिर के अरे आज 26 है ना फिर मेरे घर वाले अरे 24 है मेरी
- 5:59माँ तो मतलब बहुत ज्यादा ऐसा हेक्टिक हो गया।
- 6:02तो कभी कभी होता है इंसान के साथ की मैं खुद नहीं पता होता की क्या
- 6:05चल रहा है, क्यों चल रहा है? बस हम एक लूप में फंस जाते की यार
- 6:09अब क्या? और वो जो भाई घुटन वाली टाइम होता
- 6:13है वो मतलब बहुत बेकार होता है। ट्रस्ट मी तो इसी सब सोच में ऐसे
- 6:17ही प्रज्ञा भी कुछ सोचने लगी और कब उसकी आंख लग गई उसे पता ही
- 6:21नहीं चला। तभी एकदम से उसके माँ की आवाज आती
- 6:24है। घर में से ओह भागते हुए जाती है
- 6:26की क्या हो गया? चिल्ला क्यों रही हो?
- 6:28अरे चुहा धा क्या कहती है माँ अब तू मेरी जान निकाल देती, पता है
- 6:33मैं ऑलमोस्ट सो गयी थी यार तो तू आउट हॉउस में क्यों सो रही थी यार
- 6:37मैं वहाँ बैठी थी, नींद आ गयी तो मैंने सोचा यहीं सो गयी सो गयी थी
- 6:41सो गयी। आपने और जगा दिया और फिर वो ये
- 6:43कहते हुए अपने रूम में जाके सो जाती है और मतलब ऐसा था की ठीक है
- 6:47यार थक गयी थी तो उसकी माँ ने भी उससे कुछ नहीं कहा ठीक है तू सो
- 6:50जा आराम से अगले दिन वो थोड़ा सा लेट जागती है और फिर वही अफरा
- 6:54तफरी हर दिन की शुरू अरे मेरा बैग कहा मेरे को खाये जल्दी जल्दी
- 6:59अपना सामान ढूँढने लगते है और फिर उसे याद आता है की यार।
- 7:01मेरे चश्मे तो वही आउट हॉउस में रह गए।
- 7:03शिट यार तो भागते हुए जाती है उसकी माँ पूछती रहती है कहाँ जा
- 7:07रही है? अरे वो गेट उधर है और वो भागते
- 7:10हुए जाती है और आउट हॉउस का दरवाजा देखती है।
- 7:12बट वो लॉक्ड था तो वो सोचती है यार कल तो मैं भागते हुए आई थी ये
- 7:16लॉक कैसे है? बट उसके पास चाबी थी, उसी का घर
- 7:18था भाई तो उसने जल्दी से वो खोला। और भागते हुए रूम में जाती है।
- 7:22पर ये क्या वहाँ बेड पर कोई सो रहा था?
- 7:27उसे देखते ही प्रज्ञा वास् लाइक चोर और वो भी मेरे घर में और ये
- 7:32सो रहा है इसकी हिम्मत देख लो उसने उठाया पास में रखा एक डंडा
- 7:37और जो उसने सताई शुरू की है उसकी। वो जागता है और उसकी माँ को वो
- 7:43बुलाती है। मम्मी जल्दी आओ, पुलिस को फ़ोन
- 7:45करो चोर है चोर है, घर में हो रही है वो और लग रही है उसको पिट और
- 7:49वो बेचारा पिट रहा है वो कह रहा है अरे अरे मैं चोर नहीं हूँ, मैं
- 7:53चोर नहीं हूँ इतने में उसकी माँ भागते हुए आती है और कहती है अबे
- 7:56अरे उसे मार मत रुक रुक जा मेरी वहाँ रुक जा।
- 8:00क्या हमा चोर है उसको भी नहीं मारू की अब मैं क्या बात कर रही
- 8:03हूँ अब इसको तो आज मैं बताती हूँ बेटा रुक जा वो तीन एंड है हमारा
- 8:07क्या तीन एंड कब कौन सा किरायेदार ये ये कल तो यहाँ नहीं था अभी
- 8:12कहाँ से आया एकदम से? अरे मैं तुझे बताती पर तू कल इतनी
- 8:15परेशान थी तो तुझे बता पहले तू उसको मारना बंद कर।
- 8:20वो बिचारा फिर एक दम से खड़ा होता है यार लगा दी छोड़ नहीं वो मैं
- 8:26इतनी देर से तो कह रहा था हाँ तो कौन सा चोर कहता है की मैं चोर
- 8:29हूँ, मैं क्यों मारू भाई तुम्हारी बात फिर उसके मा उसे कहती है, अरे
- 8:33ये कल आया तो था पर उसका शिफ्ट होने का प्लान नहीं था।
- 8:38तो मैंने सोचा की तुझे कल बता दूंगी फिर एकदम से रात में आ गया,
- 8:41बोलता है की मुझे आज ही शिफ्ट करना है तो मुझे उसमें भी कोई
- 8:44प्रॉब्लम नहीं था। तू सोने चली गयी थी तो मैंने सोचा
- 8:46तुझे आज बताऊँगा पर तू सुबह से अफरत अफ़री में लगी पड़ी है तो
- 8:50यार मोहब्बत आना चाहिए था ना ऐसे थोड़ी होता है और वो वहाँ से।
- 8:55चली जाती है। अपने गॉगल्स उठाके ऑब्वियस्ली और
- 8:58उसके बाद पूरे दिन ऑफिस में सोचती है क्या?
- 9:00कटाई के लिए उस दिन बेचारे की पर बताना तो चाहिए था ना?
- 9:05ऐसे नहीं करना चाहिए। उसने अपनी बेस्ट फ्रेन्ड को
- 9:07बताया। ऑफिस में वो भी बहुत तेज़ होती,
- 9:09तुने ऐसे उसे कोट दिया भाई भाग जाएगा, मुश्किल से तो तुम्हें कोई
- 9:14मिला है? तू भी अजीब है यार प्रज्ञा हस मत
- 9:18यार चुप हो जा हस रही क्या बात है तो कूट दिया और जब वो श्याम को घर
- 9:25जाती है तो उसकी माँ कहती है कि ये पीजी की तरह रहता है, रहता आउट
- 9:29हाउस में है लेकिन खाना ये हमारे साथ ही खाया करेगा क्या?
- 9:33मैं इसके लिए रेशन नहीं भरने वाली मा यार क्या बात कर रही हूँ अच्छा
- 9:36कैसा लगता है, हट्टा गट्टा कमाता भी होगा तो मैं क्यों इसके लिए
- 9:40पैसे भरु खुद खायेगा अपना बनाके आउट हॉउस में किचन भी ऐसी बात
- 9:43नहीं है अरे एक्स्ट्रा इन्कम हो जाएगी चुप हो जा तू पा करे बेटा
- 9:49तुम खाओ कोई बात नहीं है। वो बेचारा अपनी दाल की चम्मच उठा
- 9:52ही रहा था की प्रज्ञा ने उसे ऐसे देखा की उसके दाल को ऐसे ही गायब
- 9:57करदेगी देखते देखते बेचारा फिर भी बेशरमों की तरह जल्दी से खाके
- 10:02वापस अपने घर में चला गया और उसकी माँ कहती है तू पागल है क्या?
- 10:06अरे ये एक्स्ट्रा थोड़े से पैसे आजायेंगे तेरे को क्या जाता है?
- 10:09और वैसे भी हम दोनों इतना खाते नहीं है, इतना सारा बचता है वो खा
- 10:12लेगा और अच्छा लड़का है तू तू तुझे तो बस हर चीज़ में ना करनी
- 10:16होती है। हाँ हाँ आपको तो मेरी चाचा चाचा
- 10:18ही लगती है ना आपको तो हर चीज़ में मेरी गलती दिखती है माँ और ये
- 10:22दोनों माँ बेटी फिर से शुरू हो गए थे।
- 10:25भाग्य अपने रूम में जाती है और सोचती है।
- 10:28यार वैसे सॉरी तो बोलना चाहिए था कल मैंने उसे खूब ही सोता ना किस
- 10:34मुँह से सॉरी बोलती यार मतलब ठीक है, उसने उसे चोर समझा, बट चोर था
- 10:39तो नहीं बेचारा और पिट भी गया और कुछ कहा भी नहीं तो सोचती है की
- 10:46यार प्रज्ञा क्यों करती ऐसे काम? चलो ठीक है सॉरी बोलेंगे यार तू
- 10:50तो वो एक कॉफ़ी बनाती है खुद के लिए और एक कॉफ़ी बनाती है उसके
- 10:54लिए और फिर जाती है की चलो देखते है क्या सीन है इनका और वो उसके
- 11:00दरवाजे पर इस बार दस्तक देती है। तू कहता है आंटी आप आ जाइए आपको
- 11:04तो मैंने कहा था आप कभी भी आ सकते हो आंटी नहीं है, आंटी की बेटी
- 11:07है। आप आप तो एकदम से बैठता है और
- 11:11कहता है अजी जी आप यहाँ वो कॉफी वैसे हाँ हाँ थैंक यू तो वो कॉफी
- 11:20लेता है और कहता है की आप इस वक्त यहाँ वो मैं वो सॉरी बोलने आई थी।
- 11:27आई मीन कल बहुत। पेट दिया था ना तुम्हें तो आई ऍम
- 11:30सॉरी, मुझे पता ही नहीं था यार अब तुम यहाँ पे एकदम से प्रकट हो गए
- 11:34मैं थोड़ी देर पहले यहाँ से गई थी, मेरे चश्मे वहाँ रखे थे, मुझे
- 11:37लगा कि कोई चोर है, बट तो कोई चोर यहाँ सोयेगा क्यों?
- 11:41चोरी करने आएगा और चोरी करके चला जायेगा हाँ तो वही तो मुझे लगा कि
- 11:45कितना बेशरम चोर है, आई मीन तुम हो?
- 11:47की तुम चोरी भी कर रहे हो और तुम यहाँ सो भी रहे हो तो मतलब मुझे
- 11:51लगा आई ऍम सो सॉ, शी हँसने कहा कोई बात नहीं है ब्य दी वे युअर
- 11:56नेम हाई आई ऍम आयुष प्रज्ञा ओह या हाई हाई।
- 12:01सो तुम यहाँ मैं वो वर्क फ्रम होम करता हूँ मोस्टली और यहाँ नया
- 12:07शिफ्ट हुआ था फिर किसी ने बताया की इस कॉलोनी में यहाँ पे आप आउट
- 12:13हॉउस रेंट पे दे रहे थे तो सोचा की एक बार ट्राई कर लूँ एंड सी
- 12:17दट्स हौ आई एंडेड अप हियर पर चोर नहीं हूँ मैं।
- 12:21मैं नेम इस आयुष आई ऍम नॉट ए छोड़, सॉरी यार इसीलिए इस मैंने
- 12:27तुम्हे कॉफ़ी पिलाई ना, तुम्हे पता है प्रज्ञा के हाथ की कॉफ़ी
- 12:30सिर्फ कुछ ही लोगों को नसीब हुई है आज तक उनमें से तुम भी एक हो,
- 12:33समझे तो चिल हाँ जी हाँ जी शुक्रिया शुक्रिया ऐसे कुछ बाते
- 12:38होती है। और प्रज्ञा अपने रूम में चली जाती
- 12:41है और फिर सोचती है ऐसे यार इतना बुरा भी नहीं है।
- 12:45आई मीन मैंने उसे इतना कूटा कुछ नहीं बोला बेचारा बोला सा तो है
- 12:51फिर उसके बाद अगले दिन प्रज्ञा अपने ऑफिस जाती है।
- 12:55और उसको बाए बोलके जाती है की खाओ गाओ तुम मेरी माँ के हाथ का गाना
- 12:59खूब मज़े से गाओ मैं जा रही हूँ फिर आयुष भी कहता है, हॅव ए गुड
- 13:04डे ओके बाई प्रज्ञा जाती है और अब कही ना कही कंटिन्यूवस्ली उसके
- 13:10दिमाग में लूप पे चल रहा था आयुष और सोच रही थी।
- 13:14यार ये बंदा वैसे सही तो था, आई मीन हाँ कुछ भी कहो मतलब नया
- 13:21फैम्ली मेंबर ही हो गया चलो अच्छी बात है ये सब सोचते वो अपने काम
- 13:25पे जाती है कुछ दिन हो जाते हैं अब आयुष काइंड ऑफ़ धीरे धीरे उनके
- 13:28फैम्ली का एक हिस्सा बन गया था। वो उनके साथ काम करवाता उनके घर
- 13:32के। 1 दिन प्रज्ञा घर पे आती है और
- 13:34देखती है अरे तुम ये सीढ़ी से कहाँ चढ़े हुए हो भाई वो आंटी ने
- 13:39कहा था यहाँ पे जाले थे तो वहीं साफ़ कर रहा था गॉड सीरियसली माँ
- 13:44ने तुम्हें भी काम पे लगा दिया हाँ तो क्या हो गया बेटा है मेरा
- 13:48ये कब से आपका बेटा बन गया? तू चुप रह, तू तो बस अपना बाहर का
- 13:52काम कर घर की तो तुझे कुछ पड़ी ही नहीं है हाँ यार मम्मी प्लीज़
- 13:55शुरू मत हो जाना मैं जा रही हूँ अरे आप टेंशन मत लो मैं हूँ ना आप
- 14:01टेंशन लो अब मैं करूँगा आपका काम डोन्ट वोर्री हाँ हाँ ये वैसे भी
- 14:05घर का मजदूर है, ये तो कर ही देगा सारा काम।
- 14:10हाँ तू जा चल यहाँ से अब प्रज्ञा देखने लगी की उससे ज्यादा तो उसके
- 14:15माँ की और आयुष की बॉन्डिंग हो गई थी और होती भी क्यों नहीं?
- 14:19प्रज्ञा पूरे दिन बाहर रहती थी और आयुष मोस्टली घर पर तो धीरे धीरे
- 14:23सब्जी लाना उसकी माँ को मंदिर ले जाना।
- 14:26सारे चीज़ एक दम सॉर्टेड थी कि चलो ठीक है, बढ़िया जा रहा था,
- 14:29प्रज्ञा भी खुश थी। फिर 1 दिन प्रज्ञा को नींद नहीं आ
- 14:33रही थी तो वो सोचती है की थोड़ी देर बाहर गार्डन में घूम आती है।
- 14:37गार्डन में घूमने पर देखती है की एक तरफ आयुष बैठा था।
- 14:41इतनी रात को रात के 1:00 बजे उसको नींद नहीं आती क्या तो वो जाने
- 14:46लगती है, बट आयुष कहता है अरे तुम यहाँ?
- 14:50हाँ, वो नींद नहीं आ रही थी। तुम वापस क्यों जा रही हो?
- 14:54तुम बैठे थे सोचा तुम्हारा मी टाइम खत्म ना करू अरे नहीं नहीं आ
- 14:58जाओ यार अपना ही घर समझो तो प्रज्ञा कहती है हाँ हाँ जी जी
- 15:03जरूर थैंक यू फिर वो बैठ जाती है उसके साइड में जाके और वो कहती
- 15:08है। तुम्हें वैसे तुम्हें नींद नहीं आ
- 15:10रही नहीं आज सोचा कि माँ से बात कर लूँ तो बस तुम्हारी माँ भी इस
- 15:15टाइम तक जाग रही है। हाँ वो रात में ही आती है ना
- 15:18अक्सर मतलब रात में ही आती है क्या बात कर रहे हो?
- 15:24वैसे तो दिन में भी रहती है, बट रात में ढंग से दिखती है।
- 15:27क्या बात कर रहे हो यार, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा वो तारा देखी हो
- 15:32बचपन से कहते आए ना सब की जब भी कोई हमसे दूर चला जाता है तो उन
- 15:35तारों की शक्ल में हमें देखता है तो शायद इन तारों में से कोई एक
- 15:40तारा होंगे, वो भी आई ऍम आई ऍम सो सॉरी आई आई दिद्न्त मीन टु लाइक
- 15:46सो सॉरी। अरे कोई बात नहीं है अब जो है सो
- 15:50है। कुछ चीज़े हम बदल नहीं सकते पर
- 15:53उन्हें एक्सेप्ट कर सकते है मेरे लाइफ का वन ऑफ़ दी हार्डेस्ट था
- 15:56की उन्हें बचा नहीं पाया मैं। मैं फ़ोन आया था 1 दिन मुझे घर से
- 16:03ही क्योंकि एक सर्वेंट का फ़ोन था।
- 16:05की उनकी तबियत खराब है और उसे ना गाड़ी चलाना आता था।
- 16:09अनपढ़ थी तो मैं जल्दी से भागते हुए घर पहुंचा।
- 16:13हॉस्पिटल ले जाने तक वो नहीं रही थी।
- 16:17उस बात का गिल्ड था और उस घर में इसी वजह से शायद मैं रह नहीं पाया
- 16:22क्योंकि वही थी मेरे पास। तो बस उस जगह को खाली कर कर कही
- 16:28और रहने का मन बनाया फिर ये घर में ला और यहाँ खुश हूँ मैं
- 16:33तुम्हारी माँ बहुत स्वीट है आई मस्ट से हाँ यार वो ऐसे ही है
- 16:39हमारी हमेशा ऐसे ही नोक झोंक चलती रहती है।
- 16:43पर उन्हें छोड़कर नहीं जा सकती। मैं आई मीन मेरे अलावा उनका कौन
- 16:47है तो बस अच्छा पर तुम्हें कभी मन नहीं करता कि तुम भी और लड़कियों
- 16:56की तरह कोई बॉयफ्रेंड बनाओ, सेटल हो जाओ नहीं ऐसा कुछ नहीं है।
- 17:01तुम्हारी शादी हो गई ब्य दी वे। हाँ, हाँ ये मिलिए इनसे, ये है
- 17:05मेरी बीवी ये थोड़ी दिखती नहीं है, थोड़ी यू नो अदरश सी हैं बट
- 17:10आपको कुछ टाइम बाद देखने लग जाएंगे छटा प्यार कह सकते हो की
- 17:14नहीं हुई है तो तुम्हें दिख रही है।
- 17:16तो बहुत बार ऐसा भी होता है की लाइक शादी होती है, बट वाइफ के
- 17:21साथ नहीं रहते है कभी कभी कुछ लोग यार मैं ऐसा भी नहीं हूँ यार तुम
- 17:24स्टार्टिंग से मुझे गलत समझ रहे हो, कभी मुझे चोर समझ लेती हूँ
- 17:27कभी मुझे गलत समझ लेती हूँ अच्छा सॉरी तो शादी का मन नहीं है।
- 17:32वैसे तुम्हारा नहीं यार आई मीन। कोई ऐसा घर जमाई टाइप्स मिलेगा
- 17:38नहीं और माँ को छोड़ कर जा नहीं सकती तो नहीं, अच्छा चलो नींद आ
- 17:43रही है, मैं चलती हूँ, ओके बाय बाय और वो आयुष को बाई बोलकर अपने
- 17:51रूम में चले जाती है और कुछ देर बस सोचते रहती है की यार।
- 17:56आयुष जैसा लगता है वैसा है नहीं। अभी लगता है की एकदम खुश रहता है
- 18:01और एकदम चिल्प डूड है। बट जैसे रात हुई तो पता चला की
- 18:04नहीं नहीं एमोशनल भी काफी है अच्छा परफेक्ट कंबो बट अजीब बात
- 18:10है यार इतना स्मार्ट सा लड़का है, आई गेस काम भी अच्छा करता है तू?
- 18:15प्रॉब्लम क्या है? इसने कभी किसी से शादी क्यों नहीं
- 18:18की? हाँ नहीं मिली होगी कोई आप बता
- 18:21डिवोर्स ही हो मैंने तो पूछा भी नहीं अरे यार मुझे क्या करना?
- 18:26अगले दिन काम कर कर वो अपने काम कर जब घर लौटती है तो देखती है कि
- 18:32आयुष और उसकी माँ। बहुत प्यार से कुछ बात कर रहे थे
- 18:35और आयुष ने अपने शायद बचपन की बाते बता रहा था कि जब मैं छोटा
- 18:40था ना तो मेरी माँ मेरे सर में साथ तेल डालती थी और मुझे बहुत
- 18:43मज़ा आता था। वो चम्बी करती थी, उसके बाद मुझे
- 18:47ऐसे आदत हो गई थी। हर दूसरे दिन पहुँच जाता माँ
- 18:50थोड़ा सा तेल डाल दो ना सर में चम्बी कर दो ना और माँ।
- 18:53पहले तो हमेशा मना करती मजाक में और फिर हाँ कर दिया करती अब तो
- 18:58पता नहीं कितने टाइम से, न कोई जंपी न कुछ तभी न देख तेरे बाल
- 19:04कितने रूखे हुए है ला तेल लेके आ मैं करती हूँ तेरी जंपी आप करोगी
- 19:09हाँ हाँ क्यों मैं भी तो तेरी माँ जैसी हूँ ना लेके आ।
- 19:13वो देख रही थी कि वो इतनी अच्छी बॉन्डिंग हो गई थी।
- 19:16उन लोगों की उसकी माँ उसके सर की चंपी कर रही थी।
- 19:18वो बहुत खुश था। वो होता है ना एक छोटा सा बच्चा
- 19:22जिसे जब कोई टोफी चॉकलेट की जिद करे और मिल जाए तो उसके चेहरे पे
- 19:26जो खुशी होती है ना वो बहुत खूबसूरत होती है, एकदम पूरे सी
- 19:29होती है। उसमें कोई ईर्ष्या, कोई मनमुटाव
- 19:32कुछ नहीं होता है। वो बस पूरे रॉ हैपीनेस होती है,
- 19:35स्माइल होती है वैसे ही आयुष के चेहरे पर प्रज्ञा नहीं देखा।
- 19:38वो बहुत खुश हुई। उस दिन गुजरे, फिर 1 दिन जब वो
- 19:42अपने काम पर थी तो उसके पास एक फ़ोन आता है घर से की, उसकी माँ
- 19:47की एकदम से तबियत बिगड़ गई है और आयुष उन्हें लेकर हॉस्पिटल चला
- 19:51गया था। वो जाती है और उसे पता चलता है
- 19:54आयुष से फ़ोन पर जब वो पूछती है तो बताता है की हार्ट अटैक आया
- 19:58था, उन्हें पहला था और बाकी मैं उन्हें जल्दी से हॉस्पिटल ले गया
- 20:03था। सो डोन्ट वोर्री ठीक है?
- 20:06प्रज्ञा जैसे वहाँ पहुँचती है। सीधा जाते ही आयुष के गले लग जाती
- 20:10है और रोने लगती है। हुआ क्या था आयुष?
- 20:13वो ठीक है ना? ऐसे तो नहीं करना चाहिए ना उन्हें
- 20:17मैं उनसे कहती रहती हूँ आप ये मत खाया करो, वो मत खाया करो, सुनती
- 20:20भी नहीं है यार, वो मेरी ठीक है ना अब वो?
- 20:23कोई भी नहीं है मेरे पास उनके अलावा वो नहीं होंगी तो मेरा क्या
- 20:27होगा? ठीक है ना वो सच बताओ हाँ हाँ
- 20:31प्रज्ञा वो बिल्कुल ठीक है। बस छोटा सा एक हार्ट अटैक था और
- 20:37ट्रस्ट मी वो सच में बिल्कुल ठीक है और तुम टेंशन मत लो, मैं हूँ
- 20:41ना उनके साथ। और जब तक मैं हूँ, उन्हें कुछ भी
- 20:43नहीं होगा तो तुम बस थोड़ा सा आराम करो, लम्बी सी साँस लो, लगता
- 20:49है भागते हुए आ रही हो, कोई बात नहीं, सब ठीक है।
- 20:52एक डेढ़ घंटे में उसकी माँ को जब होश आता है तो वो अपनी माँ से
- 20:55लड़ने लग जाती है। आप अपना ध्यान नहीं रखती हो यार
- 20:57माँ पता है आपको मैं भागते हुए आयी थी वहाँ ऑफिस से आपको पता
- 21:00नहीं है मेरे को कितनी टेंशन हो गयी थी आयुष नहीं होता ना आज तो
- 21:03आपको पता नहीं क्या हो जाता है मैं तो घर पे भी नहीं रहती हूँ आप
- 21:07ठीक हो ना सो उसकी माँ कहती है अरे डांट भी रही है रो भी तो ही
- 21:11रही है बीमार मैं हूँ यहाँ बेड पे मैं बैठी हूँ तू मुझे ही डांट रही
- 21:15है। तो मैं और क्या करूँ?
- 21:17आयुष समझाए इसको कुछ इस गधी के दिमाग में कुछ जाता भी है या नहीं
- 21:22मैं समझा दूं काटे आप टेंशन मत लो फिर वो हस जाती है और कहती है आप
- 21:27दोनों एक काम करो, आप दोनों माँ बेटा बन जाओ मैं आउट हॉउस में रह
- 21:30लेती हूँ जीस हिसाब से आपकी बॉन्डिंग है ना?
- 21:32ऐसा लगता है कि मैं ही बाहर की हूँ।
- 21:34हाँ, वैसे ऐसा कर सकते है। अच्छा मेरे घर से मुझे निकाल रहे
- 21:39हो अरे नहीं भाई तो मैं नहीं निकाल रहा हूँ फिर वो घर चले जाते
- 21:43है। धीरे धीरे प्रज्ञा को इतना समझ
- 21:45आने लगता है कि आयुष सिर्फ एक नहीं रहा था।
- 21:49वो उसकी फैम्ली का एक हिस्सा बन गया था।
- 21:52एक ऐसा इंसान जिसके साथ उसे कंफर्ट मिलता था।
- 21:56पता है प्यार ना ऐसे नहीं होता है जैसे टीवी एस में दिखाते है की
- 22:00अरे कोई दिखा हवाएं चलने लगी, वायलेंस बजने लगे और प्यार हो
- 22:04गया। ऐसा नहीं होता होगा शायद प्यार
- 22:07प्यार में ना। वो बहुत हार्ड रेस नहीं करता है।
- 22:11धक् धक् नहीं होता है प्यार में ना हमे सुकून मिलता है उस इंसान
- 22:15के साथ जिसके साथ हम सबसे ज्यादा कंफर्टब्ल होते है उसके साथ
- 22:20तुम्हे अपने लुक्स की टेंशन नहीं होती है उसके साथ तुम बस उस सुकून
- 22:25में रहते हो की ये मेरा है यार। ये थोड़ी मुझे जज करेगा।
- 22:30आई मीन इसके साथ मैं मैं हो सकती हूँ ये बिना सोचे की इससे मैं
- 22:34पागल तो नहीं लगूंगी, ये तो नहीं सोचेगा की मैं बहुत बोलती हूँ या
- 22:37इसे ऐसा तो नहीं लगेगा की हर वक्त प्रॉब्लम में रहती है नहीं, उसके
- 22:41लिए सिर्फ तुम मैटर करते हो और तुम्हारे लिए वो।
- 22:46तुम्हें पता होता है की यार जो मेरे लिए बना है ना ये मेरा है दट
- 22:51इस इट और वही शायद प्यार होता है वो कंफर्ट प्यार होता है जो एक
- 22:55इंसान के साथ हमें मिलता है। आई गेस मेरे हिसाब से वही प्यार
- 22:59होता होगा और धीरे धीरे प्रज्ञा को वही कंफर्ट।
- 23:04अब कहीं ना कहीं। आयुष के साथ आने लगा था।
- 23:08हाँ, जब उसकी दोस्त ने एक बार उससे पूछा कि तेरी माँ के बाद ठीक
- 23:15तो चल रहा है ना? अरे यार ऐसा मत बोल, वो बहुत
- 23:18अच्छा है सच में और यही प्यार था प्रज्ञा को।
- 23:22धीरे धीरे समझ आने लगा कि जब। उसका नाम आता ना तो उसके चेहरे पर
- 23:27एक मुस्कराहट आ जाती। जैसे ही टेक्स्ट में उसका नाम ऊपर
- 23:31आता तो लगता अरे क्या भेजा है, देखूं तो सही मतलब उस इंसान के
- 23:35लिए ना हम जिंदगी में सबसे फ्री होते हैं कि इसको ना ज़रा सा भी
- 23:39डिले नहीं होना चाहिए। इसकी जो बात है वो मेरी प्राइऑरटी
- 23:42है, ये मेरी प्राइऑरटी है। शायद वैसा वैसा वाला प्यार तो था
- 23:47प्रज्ञा और आयुष का। फिर धीरे धीरे आयुष को भी समझ आने
- 23:50लगा कि प्रज्ञा उसके लिए इम्पोर्टेन्ट जो बन गई थी और जीस
- 23:55हिसाब से उस दिन वो उसके गले लगी। उसे अपना मानकर उसे वो कंफर्ट
- 24:00उसके साथ फील हुआ और कहीं ना कहीं प्यार हुआ था।
- 24:04दोनों को हाँ कहीं ना कहीं उस चोर ने उसका दिल तो चुराया था फिर 1
- 24:08दिन प्रज्ञा कहती है ओय चोर अरे कहेगा चोर उस दिन बताया था ना,
- 24:15मैं रह रहा हूँ साक्षात तुम्हारे सामने तुम मुझे चोर तो मत बुलाओ
- 24:19यार चोरी हो तुम और मुझे पता है ना तुमने क्या चुराया है?
- 24:24भाई मैंने क्या चुराया है? ऐसे मत बोलो, जाना ना बोले मत बनो
- 24:28आयुष तुम ये नहीं पता जैसे तुम ने क्या चुराया है दिल चुरा लिया उस
- 24:31दिन मेरा अरे भाई मैं तो अपने चश्मे लेने आयी थी।
- 24:34बताओ भलाई का ज़माना नहीं है अब कहाँ तुम्हारी मीट मीठी बातो में
- 24:38फसा लिया मुझे हाँ मुझे तो मुझे मेरी माँ को फसा लिया बताओ?
- 24:42ऐसा भी कोई इंसान होता है? हे भगवान आज तो ज़माना ही नहीं
- 24:45बचा है। ओह हैलो प्रज्ञा मैडम आप मुझे
- 24:49प्रोपोज़ कर रही थी प्रोपोज़ रेपोज़ लड़कियां नहीं करती समझे?
- 24:53लाड़ले इसीलिए तुम मुझे प्रोपोज़ करो हाँ प्यार व्यार हो गया तुमसे
- 24:56बाकी तुम देख लो जैसा है ठीक ठीक लगा लेना।
- 25:00प्रज्ञा ही कहते हस्ते यार यार देखो आयुष मुझसे नहीं बोलती हूँ,
- 25:04प्यार भरी बात है या की आई लव यू टाइप्स बट मुझे ये जरूर पता है की
- 25:08हाँ आई लव यू और मतलब यार तुम मुझे बहुत पसंद हो, सिर्फ तुम
- 25:15नहीं तुम्हारी कंपनी और जब समझ आया ना की तुमसे प्यार हो गया है।
- 25:20तो उस ख्याल से डर लगने लगा की कही तुम्हे किसी और से प्यार हो
- 25:23गया तो इसीलिए आयी हूँ तुम्हे बताने है तो नहीं ना किसी और से
- 25:29सॉरी प्रज्ञा बट आई ऍम सॉरी, बट अक्चवली मैंने तुम्हे एक चीज़
- 25:36नहीं बताई। दरअसल।
- 25:40दरअसल प्रज्ञा मैं किसी और से प्यार करता हूँ और शायद दो धीरे
- 25:48धीरे मुझे उससे कब प्यार हुआ मुझे पता नहीं चला।
- 25:50बट वो अक्चवली जो आंटी है ना? पीजी वाली उनकी बेटी है।
- 26:01इतने गंदे हो तुम यार तुम ने एक बार को मेरा दिल रुख गया था मैं
- 26:05तुम कैसे आदमी हो बताओ जिससे प्यार करते हो उसी को मरवा देते
- 26:08अभी 2 मिनट पहले ही है बट प्लीज़ डोन्ट नेवर डू दट, टु बी अगेन अरे
- 26:15यार ज़िन्दगी हस्ते खेलते कट जाए तो क्या हर्ज़ है?
- 26:18क्यों? प्रज्ञा जी, अब तो आपको इन जोक्स
- 26:20की आदत डाल लेनी चाहिए। पीछे से प्रज्ञा की माँ आती और
- 26:24कहती है, जीस दिन तुझे देखा था ना, उसी दिन समझ आ गया था, कुछ तो
- 26:29बात थी तुम में और देखो इतना भी भरोसा था कि मेरी प्रज्ञा का दिल
- 26:33कोई जीत सकता है ना तुम ही जैसा नमोना।
- 26:37मैं बहुत खुश हूँ भाई इस रिश्ते से मेरी बेटी ऐसे अच्छे हाथो में
- 26:41जाएगी ये तो कभी नहीं सोचा था और आयुष तो मुझे पर्सनली बहुत पसंद
- 26:45है तो हम तीनो यहाँ आराम से रह सकते हैं।
- 26:48बिलकुल सही कहा आपने मैं हूँ आपका घर एंड दट्स हौ दी स्टोरी एंडेड
- 26:56दे हैप्पिली लिव्ड एवर आफ्टर अब कैसी लगी ये कहानी?
- 27:00हाँ हाँ दांत फाड़ लो तो मैं उस मोमेंट पे तुम्हें भी लगा क्या
- 27:03की? अरे ये तो अब कुछ ट्विस्ट आएगा।
- 27:06मैंने सोचा नहीं नहीं इनको थोड़ा सा रेस्ट देते है।
- 27:09ये थोड़े से खुश हो जाएंगे और ना दुखी होते ना तो फिर तो तुम मुझे
- 27:12छोड़ते ही नहीं दीदी फिर से सैड बना दी।
- 27:14वैसे जिंदगी खराब है। आई ऍम सॉरी मुझे इतने सारे डीएम
- 27:18एस आए बीच में और ये और से नहीं करते।
- 27:20तुम मानोगे नहीं पता है जेन्यून्ली जब ये कहानी मैंने
- 27:23फ्रेग्गेंस ऑफ रोसेज़ अपने मम्मी और भैया को सुनाई ना तो दे वेर
- 27:25ऑल्सो लाइक भाई तू इस एंडिंग को चेंज कर दे करते करते मैंने कहा,
- 27:29भाई मैं नहीं कर सकती क्योंकि देखो एक जो होती है ना
- 27:31ओरिजिनेलिटी वो उसमें वैसे ही आई थी की एक बार ही ऐसा फील हो गया
- 27:35की ठीक है भाई और उसका तो मैं नाम भी अक्चवल में रखने वाली थी लास्ट
- 27:38विश और फिर ऐसा हाइफन और फिर फ्रेग्गनेंस ऑफ रोजेस बट फिर
- 27:41मैंने सोचा की नहीं नहीं वो तो पता चल जायेगा इसीलिए मैंने नाम
- 27:44सिर्फ फ्रेग्ग्रेंस ऑफ रोजेस रखा बट जेन्यून्ली फिर वो ऐडिया वैसा
- 27:48ही था फिर एक बार को जब बन गयी तो लगा यार।
- 27:51नहीं मारना चाहिए था ना मंथन को, बट सी दट्स हौ सम स्टोरीज़ अरे
- 27:57कुछ कहानियों शायद अधूरी रह कर भी पूरी हो जाती है और कुछ कहानियों
- 28:00शायद पूरी भी हो जाती है ना तब भी उनमे वो एहसास नहीं होता है तो
- 28:04शायद वो कहानी बहुत जरूरी थी तुम्हें उस लव की एवरलास्टिंग
- 28:09एहसास कोई। जताने के लिए तो बस बताना मुझे
- 28:13कौन सी तुम्हे अच्छी लगी बाघी ये वाली ऐसी ही थी थोड़ी सी गोफी
- 28:16थोड़ी सी सिंपल और हाँ प्यार भरी सो या डू टेल मी हौ इट वास्
- 28:22अंडरस्कोर एस हेच ए आई अंडरस्कोर किसी और कहानी बेटर देन टेक युअर
- 28:28एंड बाई बाई।