Latest / Khushei Ki Duniya / Love Letter
Transcript
- 0:00सो हाई गाइस यू ऑलमोस्ट कम दोस्त खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:03स्टोरी फॉर ऑल ऑफ यू गाइस आई होप यू विल गेट इस बेस्ट मी और तुम सब
- 0:07ध्यान से हो खुश हो अपनी ज़िन्दगी में तो चलो अपने कानो में यह
- 0:12उपलब्ध लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ एंड लेट मी स्टार्ट दी
- 0:16स्टोरी। तो जो हमारी आज की कहानी है वो है
- 0:20वरुण और रिद्धि की तो ओके सो रिद्धि एक रेडियो जो की थी जिसका
- 0:29शो बहुत फेमस था तो उसके काफी सारे फँस भी थे।
- 0:33और हमेशा लोग उसके कभी उसे ज्यादातर वो ऐसा कुछ फनी फनी करती
- 0:38रहती थी। अपने शो में लोगों को इन्ट्राक्ट
- 0:40करवाती रहती थी समहाउ लेकिन 1 दिन उसके ऑफिस में एक लेटर आया उसके
- 0:47नाम से तो जब उसने वो लेटर देखा तो वो एक लव लेटर था।
- 0:52हाँ। लव लेटर वो एक दम से चौंक गयी खेल
- 0:55लव लेटर ये किसने भेजा मुझे? उसने वो लेटर पढ़ा और उसमें
- 1:00रिद्धि इतने टाइम से वो शो कर रही थी समहाउ वो कभी कभी अपनी
- 1:03ज़िन्दगी के बारे में बताती हूँ। शो में तो उस लव लेटर में ना बहुत
- 1:08सारी बाते ऐसी थी जो रिद्धि शायद कह नहीं पाई थी।
- 1:12बताना चाहती थी, बता नहीं पाई थी बट समहाउ शायद वो इंसान उसकी उन
- 1:17अनकही बातों को सुन लिया था समहाउ उसमें बहुत सारी चीज़े लिखी थी।
- 1:23रिद्धि को वो पड़के एक स्माइल जरूर आई उसके चेहरे पर और उसने
- 1:27सोचा पता नहीं यार कौन फन है शायद कोई मजाक ही कर रहा हो मेरे साथ
- 1:31कोई दोस्त हो। तो उसने उसको जाने दिया।
- 1:34अपना शो हर दिन की तरह उसने फिर से गाने चलाये।
- 1:37उसने फिर से सब से कहा है, गाइस युअर होस्ट कम दोस्त रिद्धि इस
- 1:42बेक अगेन विथ अनँद्अर लव स्टोरी एंड सम बातें तो ये सब चल ही रहा
- 1:48था की उसकी ज़िन्दगी अब थोड़ी थोड़ी बदलने लगी थी।
- 1:52क्यों? क्योंकि ये लेटर्स हर रोज़ उसे
- 1:56आने लगे थे। हर रोज़ वो सोचती यहाँ राज़ क्या
- 1:59होगा? आज के लेटर में क्या नया होगा?
- 2:02हर दिन उसे एक नया लेटर मिलता। हर दिन वो खुद से ही फिर से मिलती
- 2:08लेकिन शायद किसी और के नज़रिए से जो की एक खूबसूरत एहसास था।
- 2:13ना सिर्फ रिद्धि के लिए बल्कि उस इंसान के लिए भी शायद वो इंसान
- 2:18रिद्धि को बहुत अच्छे से समझने लगा था।
- 2:21बहुत ज्यादा अच्छे से। अब धीरे धीरे रिद्धि को ये जानने
- 2:25की जिज्ञासा होने लगी की आखिर वो इंसान है कौन?
- 2:29आखिर कौन है जिसे? वो जानती भी रही है लेकिन वो शायद
- 2:34उससे बहुत अच्छी तरह से जानने लगा था।
- 2:36उन लेटर्स पे अभी कोई नाम नहीं था, उसे नहीं पता था की वो लेटर
- 2:41लिखने वाला आखिर था कौन? सिर्फ एक अनोनिमस इंसान जो वृद्धि
- 2:47को वृद्धि से भी बेहतर जानने लगा था क्नॉइस।
- 2:50अब वो धीरे धीरे उन लेवल लेटर्स के रिप्लाय अपने शो पे करने लगी
- 2:53थी। अगर वो कभी उससे कुछ पूछता तो वो
- 2:57उस चीज़ का रिप्लाय ऑन हियर अपने शो पे किया करती।
- 3:00लोग नहीं समझते थे की वो आखिर क्या बात कर रही है लेकिन वो
- 3:04लिखने वाला जब भी भी उसकी बाते सुनता तो समझ जाता की ये रिप्लाय
- 3:08उसी को मिल रहे थे। धीरे धीरे अब रिद्धि को जानना था
- 3:13की आखिर ये लिख कौन रहा है? तो 1 दिन उसने उस शो पे बोल ही
- 3:17दिया। आखिर तुम हो कौन और सामने क्यों
- 3:21नहीं आते हो? आई मीन मुझे जानना है तुम्हें
- 3:26क्या तुम मुझे सच में इतने अच्छे से जानते हो?
- 3:30उसे समझ ही नहीं आ रहा था की अब वो क्या करे की ऐसे जाने की आखिर
- 3:35कौन है? उसने कोशिश की थी उन लेटर से पता
- 3:37लगाने की लेकिन उसे नहीं पता चला था की वो लिख कौन रहा था।
- 3:41अगले दिन एक और लेटर आया जिसमे लिखा था हाई रिद्धि, सुना है
- 3:47तुम्हारा कल का शो। बहुत सारी बाते की तुमने और तुम
- 3:52मेरे बारे में क्यूरियस हो क्या तुम मुझे जानना चाहती हो?
- 3:57सच में तो रिद्धि वहाँ उस लीडर को पढ़ते हुए भी अपना सर हाँ में
- 4:02हिला रही थी और उसने खुद फनी लगाई ये चीज़ की यार वो यहाँ है भी
- 4:07नहीं। मैं किसको बोल रही हूँ हाँ?
- 4:09तो उसने अपने शो पे फिर से कहा हाँ मुझे तुमसे मिलना है प्लीज़,
- 4:13कैन यू मीट मी समवेयर तो उसके बाद कुछ दिन कोई लेटर नहीं आया।
- 4:19अब रिद्धि को बेचैनी होने लगी की आखिर ये लेटर क्यों नहीं आ रहे
- 4:24है? आखिर वो इंसान ठीक तो है या फिर?
- 4:27मैंने उसमें इन्ट्रेस्ट दिखाया तो उसका इंट्रेस्ट मुझ में से चला।
- 4:30तू नहीं गया क्या हुआ होगा? उसके साथ जेहन में हज़ारों सवाल
- 4:34थे, लेकिन जवाब नहीं था। रिद्धि के पास करती भी क्या न उस
- 4:38इंसान को जानती थी न उसका कोई कॅाटाक्ट इन्फो था, कुछ भी नहीं
- 4:42था उसके पास था तू अपना। जिसमे वो हर दिन कोशिश करती हैं
- 4:47की समहाउ वो उसे कॅाटाक्ट कर पाए पर नहीं हो पा रहा था उसका
- 4:50कॅाटाक्ट इससे अब रिद्धि कहीं ना कहीं रिद्धि का मूड उस इंसान पे
- 4:54डिपेंड कर रहा था। उसका कोई मैसेज, कोई लेटर कुछ भी
- 4:57नहीं था तो वो दुखी थी लेकिन फिर 1 दिन उसने एक पोएट्री कॉम्पिटिशन
- 5:03में जाने का सोचा। वो गयी उस कॉम्पिटिशन में और वहाँ
- 5:08उसने अपनी जब कविता सुनाई तो सब लोगों ने भर भर के तालिया बजाई।
- 5:13खुश थी वो की। फाइनली वो रेकग्नैज होने लगी थी।
- 5:17अब उसकी पोएट्री के लिए भी धीरे धीरे और शोज में जाने लगी।
- 5:21और सब कुछ सही चल रहा था ज़िन्दगी में लेकिन अब वो लेटर्स नहीं आ
- 5:25रहे थे। क्यों ये तो वो नहीं जानती थी
- 5:28लेकिन फिर एक कॉम्पिटिशन में हो गई और उस दिन उसके पास एक लेटर
- 5:33आया जिसमे लिखा था ऑल दी बेस्ट। इस कॉम्पिटिशन के लिए सिद्धि वास्
- 5:40सो शॉक्ड। की ये इंसान कौन है और अचानक से
- 5:44गायब हो गया। वापस से आ गया इसे कैसे पता?
- 5:46मैं किसी कॉम्पिटिशन उसके दिमाग में सवालों का भंडार था, लेकिन
- 5:50जवाब नहीं था। उसने फाइनली अपने शो पे जाकर एक
- 5:55कंसेशन किया। तुम जो भी हो मैं तुम्हारा नाम भी
- 5:59नहीं जानती हूँ ना मैंने तुम्हे कभी आज तक देखा है बट हाँ, आई हॅव
- 6:04स्टार्टेड टु लाइक यू मैं पागल हो रही थी इतने दिनों से तुम्हारा
- 6:08कोई मैसेज नहीं था कोई कॅाटाक्ट नहीं था बट प्लीज़ कैन यू मीट मी
- 6:12नाउ, आई जस्ट वांट टु मीट यू? जानना चाहती हूँ तुम्हे प्लीज़
- 6:18मुझे जितना तुमने समझा हैं, शायद उतना मुझे किसी ने नहीं समझा आज
- 6:22तक और मुझे नहीं समझ आ रहा हैं की तुम मुझे इतना कैसे समझे हो,
- 6:26तुम्हे कैसे पता कब मैं दुखी हूँ किस चीज़ से मुझे खुशी मिलती हैं
- 6:30हौ डू यू इवन नो ऑल थिस वुड यू समहाउ नो ऑल थिस?
- 6:34एंड आई वांट टु नो हौ तो प्लीज़ मुझे मिलो।
- 6:38अब उसके और फँस भी क्यूरियस थे की आखिर चल क्या रहा है?
- 6:41कभी रिद्धि आके कुछ भी बोलने लग जाती थी ऑन हियर एंड किसी को नहीं
- 6:45समझ में आ रहा था इट वास् ऑल क्लूलेस तो उसके पास मेल्स आने
- 6:48लगे थे की तुम कर क्या रही हो? रिद्धि क्या बोल रही हो?
- 6:51शोज में एंड एव्रीबाडी वास् क्यूरियस बट रिद्धि को इस बार
- 6:54किसी से मतलब नहीं था। उसे बस जानना था की उन लेटर्स के
- 6:57पीछे कौन था? उसके पास फिर से एक लेटर आया की
- 7:01अगर तुम्हें कॉम्पिटिशन जीती तो मैं जरूर तुमसे मिलने आऊंगा और
- 7:05इतना सुनते ही नाउ रिद्धि वास् ऑल शुर की ठीक है।
- 7:08अब इस कॉम्पिटिशन को मुझे जीतना ही पड़ेगा लेकिन उसका कॉम्पिटिटर
- 7:12था। वरुण वरुण लिखने में माहिर था और
- 7:17ना सिर्फ लिखने में। जब वो अपनी कविता सुनाने पर आता
- 7:22तो लोग बस सुनते रह जाते। जब वो बोलना बंद करता तो जो थिएटर
- 7:28था वो तालियों से गूंज उठता था। जो लिखता था, लोग उसे सर सुनते
- 7:34नहीं थे, महसूस करते थे। अब वरुण के सामने रिद्धि जीत कैसे
- 7:39सकती थी ये तो उसे भी नहीं पता था और उसे जीतना था क्योंकि उसे
- 7:43मिलना था उस एनोनिमस इंसान से वरुण उसे काफी टफ चैलेंज दे रहा
- 7:49था और रिद्धि को उसमें गुस्सा भी बहुत आ रही थी।
- 7:521 दिन पर अपने प्यार के लिए ना यार इंसान बहुत कुछ करता है सच
- 7:56में अगर तुम सच में किसी से प्यार करते हो ना यार तुम भूल जाते हो
- 8:00बहुत सारी चीजें अपनी अखड़ अपना कभी कभी ना हम अपनी इवन रिस्पेक्ट
- 8:04भी भूल जाते हैं कि यार एक बार ही सही, रिद्धि सब कुछ भूल चुकी थी
- 8:09उसे बस मिलना था उस इंसान से। जिसकी वजह से उसने ये कदम उठाया।
- 8:14वो 1 दिन वरुण के पास गयी और उसे जाके बोली यार वरुण से मुझे पता
- 8:20है तुम बहुत अच्छे रैटर हो तुम बहुत अच्छा लिखते हो, तुम बोलते
- 8:24बहुत अच्छा हो सब कुछ सही है तुम में बट।
- 8:28प्लीज़ इस कॉम्पिटिशन में मुझे जीतना है एंड आई ऍम नॉट बैगिंग
- 8:31की, मुझे जीतना है बट समहाउ प्लीज़ हेल्प मी मुझे किसी इंसान
- 8:37से मिलना है और उससे सिर्फ तभी मिल सकती हूँ जब मैं इस
- 8:41कॉम्पिटिशन को जीत जाऊं। सो प्लीज़ हेल्प मी आउट सो वरुण
- 8:45ने कहा कि वो तुम्हारा हेडेख है ना?
- 8:48मेरा नहीं, तुम्हे उससे मिलना है तो तुम्हे ये चीटिंग से बेहतर है।
- 8:52ये अपने स्किल्स पे महारथ हासिल करनी चाहिए रादर थान मेरे पास आके
- 8:56मुझसे ये कहना की मैं खुद से हार जाऊं रिद्धि, आई ऍम नॉट दट, काइंड
- 9:01ऑफ़ ए पर्सन ही वास् वेरी रुड वेरी वेरी रुड अब रिद्धि को न
- 9:07सिर्फ उस इंसान से मिलने के लिए बल्कि वरुण का ये गुरूर तोड़ने के
- 9:11लिए भी जीतना था तो वो लग गई पूरी शिद्दत से की।
- 9:15ठीक है अब मैं ही जीतूंगी। फाइनली, कॉम्पिटिशन के लास्ट दिन
- 9:21सिर्फ दो लोग बचे थे रिद्धि और वरुण जिनमें से एक विनर होने वाला
- 9:25था। कौन ये तो कोई नहीं जानता तो वरुण
- 9:29ने अपना पूरा जब सेगमेंट बोला इट वास् ब्यूटीफुल।
- 9:32फिर आई रिद्धि की बारी। अब रिद्धि के पास टॉपिक खुद चूस
- 9:37करना था सबको, रिद्धि ने चूस किया प्यार जिसके ऊपर उसने कुछ ऐसे
- 9:43बोला तुम कौन हो। तुम कहाँ हो?
- 9:46तुम कैसे हो मैं नहीं जानती पर प्यार है तुमसे ये जरूर कह सकती
- 9:53हूँ मैं चाय पीने वाली लड़की कब खौफियों के फ्लैवर्स देखने लगी
- 10:00पता ही नहीं चला सब तुम्हारे पीछे तुमने एक बार कहा था।
- 10:05की तुम्हे कॉफ़ी बहुत पसंद है, तो मैं भी धीरे धीरे अपनी पसंद में
- 10:09कॉफ़ी को लाने लगी। सिर्फ तुम्हारे लिए जितना तुमने
- 10:14मुझे जाना शायद उतना मैंने भी तुम्हे जाना तुम्हारे होने से
- 10:19चहरे पे खुशी आ जाती है तुम न रहो तो लगता है जैसे जान चली जाती है।
- 10:24आखिर कौन हो तुम? आखिर कहा हो तुम क्या तुम भी
- 10:29मुझसे प्यार करने लगे हो क्या तुम भी हर वक्त सिर्फ मुझसे सोचने लगे
- 10:36हो क्या खुशियों में सबसे पहले तुम्हे मेरी याद आती है क्या जब
- 10:40गम तुम्हे घेरते है तुम। मेरे बारे में सोचते हो क्या तुम
- 10:46मुझे ज़िन्दगी भर अपना साथ रख सकते हो?
- 10:49क्या ज़िन्दगी भर तुम मेरी बातें सुन सकते हो?
- 10:52क्या प्यार में ऐसा होता हैं? कभी दिल हसता हैं तो कभी दिल
- 10:58खामोश होता हैं। क्या तुम भी मेरे बारे में सोचते
- 11:03हो? क्या सुबह उठते ही पहला ख्याल
- 11:06तुम्हारा मैं होती हूँ क्या जैसा मेरा हाल है, वैसा तुम्हारा भी
- 11:11हाल है? क्या प्यार सच में इतना कमाल है?
- 11:16जो हस्ती नहीं थी अब वो बेवजह मुस्कुराने लगी है वो लड़की।
- 11:21सावली सी खुद को और संवारने लगी है जो नफरत करती थी खुद के आंख से
- 11:27अब वो खुद को देखकर शर्माने लगी है।
- 11:29क्या ये सब प्यार में होता है? क्या सच में दिल इसी के लिए इतना
- 11:37पागल होता है? सच में तुम मुझसे?
- 11:40प्यार करते हो क्या तुम मुझे सच में प्यार करते हो और उसका इतना
- 11:48बोलना ही था की तालियां गुज उठे, आई नो, ये तुने अच्छी नहीं दी भाई
- 11:54तू की मैंने ऑन स्पॉट बोली यार अब मुझे थोड़ी पता है उसको कैसे
- 11:57प्यार हुआ होगा? अरे यार वरुण से मुझे क्या पता?
- 12:00मैं थोड़ी जानती हूँ, मैं तो बस क्योंकि मुझे एक पोयम डालनी थी
- 12:04उसमें अब मैंने कहा यार चलो थोड़ा सा अच्छा करता था वो निकल गयी थी
- 12:08थोड़ी बकवास थी, कीप दी पोयम पार्ट अब बहुत प्यार भरी बाते
- 12:13बोली उसने वरुण के लिए तो इतना मान लेना और चलो तो उसके बाद।
- 12:20थिएटर तालियों से गूंज उठा, लेकिन रिद्धि नहीं जानती थी की वॅन ऑफ़
- 12:25दी बेस्ट परफॉरमेंस था भी या रहे बट ये जो भी था न ये बहुत प्योर
- 12:29था। ये सब कुछ उसके दिल से निकला था
- 12:32और वो नहीं जानती थी की इससे वो जीतेगी हारेगी या क्या होगा, बट
- 12:38कुछ तो होगा। अब पर उसे इंतजार था रिज़ल्ट्स का
- 12:43की, कब पता चले की वो जीती या नहीं?
- 12:46जीती उसके प्यार का इजहार लोगों को सच में उतना यू नो लोगों के
- 12:51दिल तक उतर पाया या नहीं? कुछ देर बाद रिसाल्ट आने वाला था,
- 12:55वो बैठी थी इंतजार में। भीड़ में देख रही थी की शायद वह
- 13:00इंसान यहाँ आया तो नहीं होगा, क्योंकि जब वह इतना जानता है तो
- 13:03शायद इतना भी जानता होगा की मैं यहाँ हूँ।
- 13:06उसे कुछ नहीं पता था। फिर उसके बगल में जब वरुण बैठा था
- 13:09तो ही सैड अच्छा बोला तुमने जब पहले तुमने एक बार प्यार पे बोला
- 13:15था, तब इतना अच्छा नहीं बोला था तुमने।
- 13:17तब तुम्हारे अंदर वो फीलिंग्स नहीं थी, सो रिद्धि वास् लाइक
- 13:20मैंने के ऊपर बोला ही सैड, अच्छा 5 साल पहले नहीं आज मैं ही तो था
- 13:26तुम्हारा कॉम्पिटिटर तब तब जीता था तुमसे मैं इसी लिए शायद बुरी
- 13:32यादें भुला दी होंगी तुमने वो ये कहकर हंसने लगा।
- 13:37रिद्धि ने कहा पर मुझे नहीं याद, मैंने प्यार पे बोला था फिर एकदम
- 13:41से उसके दिमाग में आया तुम हो जो उस टाइम पे भी उतने रुड थे एंड
- 13:47नाउ ही वास् लाइक हाँ हूँ तो वही इस बार फिर से देखना सो मैं हरा
- 13:51के ही मानूंगा तो रिद्धि वास् लाइक इस बार जीतना मेरे लिए बहुत
- 13:56इम्पोर्टेन्ट है। तुम्हे हराने के लिए नहीं पर मुझे
- 14:00को जीतना है उसके लिए मेरा जीतना बहुत इम्पोर्टेन्ट है।
- 14:04और ये बातें बस हुई ही थी की रिसाल्ट की बस बात होने लग गई
- 14:09शुरू आज पायी ने ली। रिद्धि का दी थक थक थक बहुत तेज
- 14:14कर रहा था एंड वरुण सैड। तुम्हारे लिए जीतना इतना
- 14:17इम्पोर्टेन्ट क्यों हैं? भाई तो शी सैड यार वैसे तुम्हे
- 14:20बताना तो नहीं चाहिए पर चलो बता देती हूँ बहना किसी से बहुत सच्चा
- 14:26वाला प्यार करने लगी हूँ और तुम्हे पता हैं मैं उस इंसान को
- 14:31जानती भी नहीं हूँ और तब भी मैं उससे प्यार करने लगी हूँ।
- 14:35मैं ना मैंने कभी उसे देखा है, ना मुझे उसका नाम पता है ना उसके
- 14:41बारे में कुछ बस पता है तो इतना की मैं उससे प्यार करने लगी हूँ
- 14:46और पेशुमार वो फीलिंग एक होती है ना जब मैं खुश होती हूँ ना तो
- 14:51सबसे पहला ख्याल मुझे उसके बारे में आता है लगता है जैसे।
- 14:55वो यहाँ होता तो क्या होता? कुछ बुरा होता है साथ में तो लगता
- 14:59है यार वो होता तो शायद संभाल लेता मुझे और ये फीलिंग कभी किसी
- 15:05के लिए नहीं आई है तो यही प्यार है नहीं है मुझे नहीं पता पर मुझे
- 15:10उस इंसान से मिलके ये देखना है की ये प्यार है जानना है।
- 15:15इसीलिए इम्पोर्टेन्ट है जीतना क्योंकि वो इंसान मुझे तभी मिलेगा
- 15:20जब मैं उससे ये सारी बाते कर पाऊंगी।
- 15:23वैसे मुझे नहीं पता मैंने तुमसे ये बाते क्यों किया आई मीन तुम तो
- 15:26मेरे कॉम्पिटिटर हो यार, तुमने तो मुझे जीतने भी नहीं दिया।
- 15:29मेरी लव स्टोरी में हो सकता है तुम अगर मुझे जीतने देते तो वरुण
- 15:33ने उसे टोकते में कहा। प्यार में हर जीत नहीं होती यार
- 15:37प्यार में प्यार होता है बस उस इंसान ने शायद किसी वजह से ये
- 15:42शर्त रखी होगी की तुम्हें ये कॉम्पिटिशन जीतना हो।
- 15:44शायद उससे तुम्हें कुछ समझाना हो, कुछ दिखाना हो या कुछ तो शायद
- 15:49उससे तुम्हारी हर जीत से मतलब नहीं होगा।
- 15:51उससे मतलब होगा। तुम्हारा जो इतना पुराना सपना जो
- 15:54शायद तुमने आर जे बनने के बाद तुम भूल गई थी कॉम्पिटिशन में आना।
- 15:58शायद ये सब कुछ उसी इंसान ने कहा ना तुमसे पोएट्रीज़ में वापस आने
- 16:04का तो शी सैड हाँ, पर तुम्हें कैसे पता?
- 16:08ये बात उसने एक लेटर में लिखा था की मेरा पुराना।
- 16:12वेइट् हौ डू यू नो एंड? तभी सब जगह शांति हो गई और विनर
- 16:18का नाम अनाम हुआ और विनर वरुण था। वृद्धि नहीं अब वृद्धि के दिमाग
- 16:24में सिर्फ एक चीज़ थे। शायद अब वो उस अनोनिमस इंसान से
- 16:28कभी नहीं मिल पाएगी। उसका दिमाग ब्लैंक हो गया था।
- 16:32आँखों से आंसू आने लगे थे और उसने वरुण को कन्ग्रैचुलेट किया और
- 16:37वहाँ से चली गई। गार्डन में जाकर बैठी थी, रात हो
- 16:41गई थी, बारिश होने वाली थी। मौसम काफी अच्छा था तभी वरुण वहाँ
- 16:46आया और उसे जो मेडल मिला था उसने वो रिद्धि को पहना दिया एंड सैड।
- 16:51जीती तो तू ही है लोग क्या जाने प्यार मोहब्बत ये लोग तो बस यार
- 16:56कुछ सुनने आए थे जो अच्छा लगा बस कर दिया उन्होंने मुझे सेलेक्ट
- 16:59ऐसा कुछ नहीं है। तुने जो बोला ना वो बहुत दिल से
- 17:01बोला यू अरे दी विनर एंड रिद्धि सैड नहीं यार।
- 17:05उससे शायद मेरी जीतने से मतलब था इस सब से नहीं ही सैड।
- 17:11नहीं, मुझे तुम्हारी जीतने से कोई मतलब नहीं था।
- 17:14मैं बस चाहता था कि तुम अपना ये बरसो पुराना सपना वापस से जियो
- 17:18हमेशा से एक रैटर बनना चाहती थी ना तो फिर ये में क्यों आई?
- 17:23आई तो अच्छा है पर जब पहली बार मैंने तुझे सुना था ना 5 साल
- 17:28पहले। लगा था यार अगर ये बंदी इस फील्ड
- 17:32में रही ना तो मुझ जैसे रैटर को तो कोई नहीं जानेगा।
- 17:36पर तुने ये फील्ड छोड़ दिया और मैं इस रैटर की दुनिया में महारथी
- 17:39बन गया, लेकिन तुझे कभी नहीं भूल पाया।
- 17:44फिर जब 1 दिन तेरी आवाज़ तू के शो पे तो आई वास् शॉक्ड ही रिद्धि
- 17:50हमारा नाम भी वही था और जानता था की तुम काम कहाँ करती हो इसीलिए
- 17:54वहाँ लेटर्स भेजने लगा क्योंकि ये भी जानता था की तुझे कितना पसंद
- 18:00है लिखना और ऐसे तो तू कभी नहीं मानती तुझे जाके मैं बोलता तो
- 18:05बिकॉज़ राइवल था भाई तेरा? रिद्धि सुन रही थी और उसका दिमाग
- 18:11ब्लैंक था। क्या एनी सैड हैलो आई ऍम वरन ही
- 18:16ऑल एन ऑनरस रैटर तुम थे वो रैटर तभी मैं सोचु की तुम थे वो लाइक
- 18:27सीरियसली क्नॉइस? मिस्टर जी का दिमाग घूम रहा था की
- 18:31तभी मैं सोचू की मैंने तुम्हे इतनी नॉर्मल्ली कैसे बता दी ये
- 18:35बात की मैं किसकी वजह से कहा हाँ बिहार तुम तभी मैं सोच रही थी
- 18:41इतने दिन से की तुमसे क्यों एक अपनेपन वाली फीलिंग यहाँ सीरियस
- 18:46थी वरुण। एंड ही सैड क्योंकि ऐसे ही जाता
- 18:51है ना तुझे एप्रोच करने की? मैं तुझसे तब से पसंद करता हूँ तो
- 18:55आई गेस तू कभी यहाँ नहीं बोलती तो बस मैंने सोचा था की इन लव लेटर्स
- 19:00के बहाने सोचा थोड़ा सा एंगेज करूँगा, तू थोड़ा सा लिखने विखने
- 19:04में लग जाएगी एंड देन चला जाऊंगा ज़िन्दगी से।
- 19:07बट क्योंकि मुझे इतना नहीं था की तुझे मुझसे प्यार होगा भी या
- 19:09नहीं। बट लगता है तुझे मुझसे प्यार हो
- 19:12गया है जीस हिसाब से तुने बोला वो बहुत खूबसूरत बताया।
- 19:16रिद्धि मेरे लिए बोला ना दीदी ने पहले तो से ना दो तीन तो ना
- 19:22गुस्से में मारना, ये क्या बदतमीजी है ये मुझे बताना तुझे,
- 19:25ये था ये वो। उसके बाद वो बहुत खुश थी।
- 19:29हाँ मैं प्यार करने लगी हूँ तुमसे यू ईडियट और इतने दिनों से कहाँ
- 19:34गए थे और बीच में तुमने लेटर्स क्यों नहीं लिखे थे?
- 19:37तो ही सैड बस देखना चाहता था की थोड़ा सा तू राइटिंग पे फोकस करले
- 19:42वो दर्द में जो लिखा जाता है न, मेरी जान को बहुत खूबसूरत लिखा
- 19:46जाता है। अब रिद्धि हँस भी रही थी, रो भी
- 19:50रही थी एंड वरुण ने उसे एक हक किया और कहा कि रो मत अब मैं आ
- 19:54गया हूँ ना जिंदगी में अब रोने की जरूरत नहीं पड़ेगी कभी चले और ये
- 19:59मेडल टेढ़ा ही है जीतू तू जी से क्या ही फर्क पड़ता है, मुझे तो
- 20:04बस तेरा रैटर वाला पैशन जगाना था सो।
- 20:06येस टु यू मैं लव एंड ऐसे हुई उनकी कहानी की शुरुआत वरुण और
- 20:12रिद्धि की तो ये कहानी तुम्हे कैसी लगी मुझे जरूर बताना बिकॉज़
- 20:16इस का तो भाई मतलब तुम मानोगे नहीं, मैंने बस बोला है, ये मेरे
- 20:20दिमाग में भी कुछ नहीं था। जनरलली ऐसा होता है दिमाग में दो
- 20:23तीन पॉइंट होते है। आज मेरे दिमाग में कुछ भी नहीं
- 20:25था। नाम तक नहीं थे।
- 20:27फिर नाम एक लिसन ने बहुत पहले के भेजे थे में देखा की अच्छा चलो
- 20:31इसने भेजा था तो वो नाम लिखे भेजे डाले बस चलो ठीक है कहानी शुरू कर
- 20:35दो बस लिटरल्ली इट्स सो रैंडम आई डोन्ट नो हौ इट इस तुम मुझे बताना
- 20:40ये तुम्हे कैसी लगी? और अगर तुम्हे कोई भी प्रॉब्लम हो
- 20:42तो यू कैन ऑलवेज रीच आउट टु मी ऐट ए हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 20:47अंडरस्कोर पर चलो मिलती हूँ तुमसे अगले एपिसोड में टिल देन टेक केयर
- 20:52बाई बाई एंड लव यू गाइस प्यार करते रहो बिकॉज़ इट्स सच ए
- 20:55ब्यूटीफुल फीलिंग चलो मिलती हूँ ओके बाई आई टेक केयर।