Latest / Khushei Ki Duniya / Woh Kaun Thi Part 2
Transcript
- 0:00सो हैलो एवरीवन योर हूँ उसको हम दोस्त खुशी इस बैकगैमौन विथ
- 0:03अनँद्अर लव स्टोरी फॉर ऑल ऑफ यू गाइस इस द पार्ट टू ऑफ द लैंस
- 0:07स्टोरी तो हम कहाँ थे? हम वहाँ थे कि आदित्य अपने
- 0:11घरवालों के साथ गांव में आया है अपने भाई की पूजा के लिए कुल देवी
- 0:17पूजा के लिए ऐंड उसे वहाँ पे एक लड़की मिली जो कि है सिद्धि जिसने
- 0:22उसे गांव घुमाया, एक भूतिया घर भी दिखाया और अब शाम को जब उसके पापा
- 0:27के कोई फ्रेंड आके उन्हें ये बता के गए की सिद्धि दो गायब है।
- 0:31और सबको ये लगता है की वो मर गयी है।
- 0:33तब से आदित्य के पसीने छूट गए तो इसके बाद क्या होता है की आदत
- 0:39काफी डर गया। बहुत बुरा वाला की यार यार वो कौन
- 0:42थी? वो वही लड़की थी।
- 0:44कोई बात नहीं है। अब वो सो रहा था अपने कमरे में की
- 0:47उसने देखा कि बाहर खिड़की पे किसी ने दस्तक दी।
- 0:51अब वो 10 तक सुनके वो एकदम से हड़बड़ाकर उठा की कौन है?
- 0:56कौन है तो बाहर खड़ी थी। सिद्धी से दिनों से कहा की अरे
- 1:00बाहर आओ तुम्हें इस टाइम पे नहीं लेके जाना है और ना वो जो पॉन्ड
- 1:03है ना वो इस टाइम पे बहुत अच्छा लगता है बहुत सुन्दर लगता है
- 1:07आदित्य जैसे ही उसने सिद्दी को देखा ना उसकी तो सिट्टी पिट्टी
- 1:11गुल हो गई। वास् लाइक की ये तो भूत है ये तो
- 1:15भूत हैं और वो एकदम से चीखने लगा। भूत, भूत, भूत तो ये सब सुनके
- 1:19उसके सारे घरवाले वहीं पर इकट्ठे हो गए।
- 1:22तो उन सब ने जैसे ही पूछा उससे की क्या हुआ तो उसने कहा की वो बाहर
- 1:26बाहर सिगड़ी है तो उसके सारे घरवाले बाहर जाके चेक कर गए,
- 1:30लेकिन वहाँ कोई नहीं था। अब इतने उन्हें कुछ टाइम तो हो ही
- 1:35गया था तो अगले ही दिन उनका मंदिर खुलने वाला था।
- 1:40बस एक 2 दिन के बाद और थी तो आप आदतें कमरे से बाहर ना निकलें और
- 1:45उसे पता नहीं कभी कभी एकदम से लगे जैसे सत्य बाहर ही खड़ी है।
- 1:482 दिन हो गए ये सब सुनते सुनते की अचानक से ना उसको आदित्य को बुखार
- 1:54आने लगा। डर से बुखार आने लगा तो अब
- 1:59उन्होंने दिखाया एक डॉक्टर को तो उन्होंने कहा कि तुम्हें शायद डर
- 2:02से बुखार आ गया तो उन्होंने कुछ दवाइयां लिख दीं।
- 2:04अब उसे देखने के लिए कुछ गांव के लोग भी आ गए की अरे बेटा तुम बहार
- 2:09से आये हो, तुम्हें क्या हो गया? और ये और बहु की तभी वो अंकल भी
- 2:12आते हैं जिनकी जिन्होंने कहा था की मेरी ही बेटी है सिद्धि और इस
- 2:17बार वो अंकल और लाइक बस इतनी ही दम से इतनी ही जानती तुम शहर
- 2:21वालों में सो ही वास् की जी क्या? तो उन्होंने कहा बस इतनी छोटे से
- 2:29बात पे तुम बुखार लेके बैठे हो अब इस बार आदित्य व शॉक्ड की क्या
- 2:34कहना चाह रहे हो अंकल आप? तो उन्होंने कहा वो सारे दो तीन
- 2:38गांव के लोग और भी दें तो उन्होंने कहा की ये बाप बेटी
- 2:41मिलके ना जो शहर से आते है ना उसे ऐसे ही परेशान करते हैं।
- 2:45अब सबके चेहरे पर क्वेश्चन मार्क तो आदित्य से ओन गूगल ने कहा की
- 2:51सिद्धि मेरी बेटी है और वो कोई मरी वरी नहीं है।
- 2:55ज़िंदगी है ज़िंदा हैं, वो तो बस था उसे बहुत मज़ा आता है किसी को भी
- 3:00ऐसे डराने में तुम शहर वाले बड़े बनते हो ना की हम तो बड़े वैसे है
- 3:03ऐसे हमें डर नहीं लगता हम भूत में नहीं मानते अब क्या हुआ बेटा
- 3:07बुखार तो तुम्हे भूत के उसी से आया ना डर से नो इतनी देर में
- 3:11पीछे से शिवानी भी आ जाती है सिद्धि सॉरी तो इतनी देर में पीछे
- 3:15से सिद्धि भी आ जाती है आपसे इतनी 1000 उसके पागल हुई जा रही थी।
- 3:19लेकिन आदित्य को बहुत गुस्सा आ रहा था।
- 3:21भाई उसे बुखार आ गया था। डर से उसके घर वाले भी हंसने लगे
- 3:25की कोई बात नहीं। गांव में 10 से हँसी मजाक चलते
- 3:27रहते है। सबको बताते सबके लिए बहुत कॉमन
- 3:29चीज़ ही है, लेकिन आदित्य बहुत हार्ड उसे बहुत बुरा लग रहा था की
- 3:33यार मतलब इतना मजाक करना चाहिए लेकिन इस सीमा तक तो बिलकुल नहीं।
- 3:38अब सब लोग चले गए और अब उसे भी पता चल गया की सिद्धि जिंदा थी।
- 3:42वो कोई मरी नहीं थी और रही बात वो गेट के लगने की तो वो उसके पापा
- 3:46ने बहार लगाया था, बाहर से लगा दिया था और वो पहले ही अंदर जाके
- 3:50तुम गयी थी तो कोई बात नहीं है। अब वो पड़ा था रात को सोने वाला
- 3:55था। आदित्य उसे डर तो मतलब अब डर नहीं
- 3:57लग रहा था, लेकिन उसे गुस्सा आ रहे दिन तो शिवानी ने उसकी खिड़की
- 4:01खोली और अंदर कूद गयी तो आदत वास् लाइक तुम तुम यहाँ क्या कर रहे
- 4:05हो? यहाँ से जाओ तो उसे दिन है उससे
- 4:08कहा की हम रियली सॉरी यार मुझे पता नहीं था तो हमें इतना डर
- 4:12जाओगे। मतलब मैंने काफी लोगों का आज तक
- 4:14डराया है, लेकिन तुम सबसे ज्यादा डरे हो आधे तो उस लायक मुझे बात
- 4:19ही नहीं करनी है तुमसे यार तुम कब से डरा रही हो मुझे मेरी खिड़की पे
- 4:22आना, दस्तक देना ये सब जब मजाक तुम लोगो को पसंद होगा तुम गांव
- 4:25वालों को हम शहर वाले ना ये सब नहीं करते हमें बहुत तमीज होती
- 4:29है। अब सिद्धि कहीं ना कहीं हर्ट हो
- 4:32गयी। थोडीसी तो लगा की यार उसने कुछ
- 4:34गलत किया है या फिर ये कुछ? उसने ज्यादा बोल दिया तो बुरा तो
- 4:38लगा था लेकिन उसने कहा की आई ऐम सॉरी एंड हम गांववाले क्या है ना
- 4:43की हम ये नहीं सोचते की कौन कैसा है या क्या है।
- 4:47हमें तो बस हम एक दूसरे से भी ऐसे ही मजाक करते है तो मुझे लगा कि
- 4:50तुम लोगों से भी कर सकते है। बट कोई बात नहीं है।
- 4:54तुम शहर वाले ऐसे ही होते हो। मेरी गलती ऐम सॉरी और कहकर वहाँ
- 4:58से वो जाने लगे। अब थोड़ा बहुत कहीं ना कहीं आदत को
- 5:01बुरा तो लग रहा था की उसने शायद थोड़ा ज्यादा तेज बोल दिया।
- 5:05जाओ तुम। सिद्धी वहाँ से चली गई, लेकिन
- 5:09अगले दिन अब बुखार तो ठीक हो गया। उसका तो उससे थोड़ा गिल्ट हुआ की
- 5:12यार ऐसे नहीं बोलना चाहिए था ना की तुम खाओ वाले हो या ये हैं तो
- 5:16हम सब सही तो फिर वो गया उसी तालाब उसे बताया था की सिद्धि वही
- 5:20मिले गी अपने लिखे हुए पत्थर पे हाँ उसका नाम मिलेगा था तो वहाँ
- 5:26गया और उसने देखा कि सिद्धि वही बैठी थी थोड़ी सी उदास थी क्योंकि
- 5:29उसे वो चीज़ चुभ गई थी की वो गांव वाले हैं ये सब।
- 5:34उसने कहा कि हम गांववाले ठीक है। जैसे ही वह वहाँ आया, उसने उससे
- 5:38कहा कि देखो तुमने मेरे साथ एक मजाक किया और मैंने तुमसे कुछ गलत
- 5:43बोल दिया तो आई थिंक वी आर वन। और सॉरी मुझे मुझे ऐसे नहीं बोलना
- 5:49चाहिए था। अब सिद्धि को बस इतना ही सुना था
- 5:51शी वास् लाइक देखो हम गांववाले ना कोई तुम लोगों से ये नहीं है की
- 5:57हमे तुमसे कोई कॉम्पिटिशन है, देखो हमारी लाइफ जीते हैं
- 6:00तुम्हारी लाइफ जीते हो हम हम जज नहीं करते तुम्हें हम बस हमें ये
- 6:03पता है कि हम और तुम बहुत अलग अलग लोग है।
- 6:06जज करना एक अलग चीज़ हो गयी लेकिन ठीक है तुम लोगों को लगता है कि
- 6:10हम अनपढ़ है या हम गवार है? तो ठीक है ना यार इसमें हम तो
- 6:14हमारी जो सोच है उसको बदल नहीं सकते।
- 6:17रही बात मेरे मजाक की तो हमारे गांव में तो बहुत कॉमन है लेकिन
- 6:21सच ही कहा है किसी ने की तुम शहर वालों में ज्यादा जान होती नहीं
- 6:24है तो ऐम सॉरी ऐंड कहे की सिद्धि वहाँ से जाने लगी।
- 6:28लेकिन उसने उसे रोक लिया और कहा की सी जब मैंने तुम्हें पहले देखा
- 6:35था ना तो मुझे बड़ी प्यारी लगी थी तुम फिर तुमने जो बकर बकर करके
- 6:40मेरा सर खाया ना, मुझे वो भी अच्छा लगा।
- 6:43अगले दिन जब तुम मुझे घूमाने ले गई लेकिन जैसे ही पता चला ना की
- 6:46तुम भूत हो, मेरा तो दिमाग ही खराब हो गया यार मुझे लगा मैं खुद
- 6:50से प्यार कर बैठा हूँ मैं और शी वास् लाइक क्या क्या कहा तुमने?
- 6:54तो उसने कहा नहीं नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं तो उसने कहा तुम और हम
- 6:58गांव वालों से प्यार करोगे तो उसने कहा गांव वालों से नहीं गवार
- 7:01तुमसे? तो फिर काजोल ने फिर कहा, तुमने
- 7:05तो उसने कहा की देखो ऐसा नहीं है की मुझे कोई गांव वाले उस से चिढ
- 7:09है या कुछ बस ये है की तुम्हारा मजाक मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा था
- 7:13और मैं इतना ज्यादा डर गया था क्योंकि मुझे लग रहा था की यार
- 7:16तुम रियल में एग्जिस्ट करती हो और पहली बार जब मुझे कोई चाहिए था की
- 7:20कोई रियल में है और मुझे जब पता चले की यार वो इंसान तो है ही
- 7:23नहीं, तो मैं क्या कैसे रिऐक्ट करता?
- 7:26जब सिद्धि को ये बात समझ में आई तो उसे भी लगा की हाँ यार बात तो
- 7:29सही है। फिर गया था।
- 7:32फिर वैसे भी हमारी सिद्धियां कम दिया।
- 7:34किसीसे? वो ना बहुत बड़ी कंपनी में काम
- 7:36करती थी इसीलिए तभी से भी रहना जानती थी और अपने गांव में आके ना
- 7:41थोड़ा बहुत तो चलता है तो उसके पापा ने उससे कहा की वैसे तो ये
- 7:46बहुत पढ़ी लिखी है लेकिन इसके काम और हरकतें देख के कोई नहीं
- 7:49समझेगा। अब जिंदगी भी जाने ही वाली थी।
- 7:52उसका तो हो गया था। तो उसके छुट्टियां खत्म हो गयी।
- 7:56तो फिर सिद्धि अपने वहाँ जॉब करती थी, उस शहर चली गई।
- 8:00कुछ दिन बाद आदित्य का उसे कॉल आता है की तुम हारे ऑफिस का नाम
- 8:05क्या है? शी वास् लाइक क्या तुमने बता दिया
- 8:08की हाँ ये ऑफिस का नाम है, क्या ये करोगे तुम?
- 8:10जान के थोड़ी देर बाद उसने कॉल किया और कहा की मैं तुम्हारे ऑफिस
- 8:15के नीचे खड़ा हूँ तो उसे देवास लाइक अरे हो गया मजाक मैंने भी
- 8:18बहुत किया है मजाक तो ये वास् लाइक नहीं, सच में अपनी खिड़की से
- 8:22देख लो और तुम्हें नहीं पता चलता जो तुमने आज डैड टॉप पहनी है ना
- 8:25मुझे सब दिख रही है। ऐंड शी वाज़ लाइक क्या क्या यूज़
- 8:30लिटरल्ली स्टैंडिंग देर ऐंड बस? फिर क्या था?
- 8:34उसे प्रोपोज़ करने के लिए रिंग तो लेके ही आया था और रही बात
- 8:37घरवालों की उनसे उसके पापा बात कर ही लेते तो बस उसने फाइनली से
- 8:41प्रोपोज़ किया ऐंड थिस वास् काइन्ड ऑफ कॉमेडी ओर् थिंक ऑल जॉन 1000
- 8:47मिक्स इन थिस तो ऐसे दिल की कहानी देखो।
- 8:51गांव के बारे में हम सबके अपने अपने बिलीव होता है नॉट गांव ओनली
- 8:53गांव वालों के शहर वालों के लिए होते हैं, शहर वालों के गांव
- 8:56वालों के लिए होते हैं। लेकिन यदि एंड यार हैं तो हम सब
- 8:59इंसान। क्यों सोचना है की ये ऐसा हो गया
- 9:02वो वैसा होगा या कैसा होगा? सब इंसान हैं सब अच्छे है तो सबसे
- 9:07मिल बांट कर रहते हैं क्यों नहीं? तो चलिए मिलते हूँ मैं आपको एक
- 9:11नयी स्टोरी के साथ। अगर आप लोग अपनी स्टोरीज मुझे
- 9:15सुनाना चाहते हैं तो यू कैन टेल मी ऑन मी इंस्टाग्राम हैंडल आई
- 9:19विल जस्ट कमेन्ट इट डाउन सो दैट यू गाइस कैन इसिली फाइन्ड इट ऐंड
- 9:23थैंक यू कैन बाइ बाइ।