Latest / Khushei Ki Duniya / A Royal Misunderstanding✨️❤️
Transcript
- 0:00सो, अगर मैं तुम से एक सवाल करू की तुम्हे अपने परिवार में से या
- 0:05अपने प्यार में से किसी एक को चूस करना पड़े तो तुम किसे चूस करोगे?
- 0:10नाउ आई नो बहुत सारे लोग के बहुत सारे डिफरेंट ओपिनियन्स होंगे।
- 0:14बहुत सारे के कंट्रास्टिंग ओपिनियन्स होंगे जैसे की।
- 0:18दी। अगर हमारी फैम्ली सपोरटिव है तो
- 0:20माइट बी हम फैम्ली के साथ जाना चाहेंगे या किसी का प्यार बहुत
- 0:25सच्चा है। फैम्ली से प्यार नहीं मिला है तो
- 0:27आई थिंक वो बोलेंगे की हम तुम्हारे प्यार के साथ जाएंगे।
- 0:31चलो इस सवाल का जवाब मैं बोल डालूंगी और तुम मुझे बताना और अब
- 0:37मैं यहाँ आई हूँ तो कहानी तो सुना के जाउंगी ही सो आई गाइस युअर हो
- 0:42इस कम दूत खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव स्टोरी ऑर ऑल ऑफ़ युअर
- 0:46गाइस आई होप युअर गाइस मिस्ड मी एंड बातें बहुत सारी करनी है बट
- 0:52स्टोरी के बाद। तुम ने कानो में अब लगा लो दुनिया
- 0:55से थोड़े से दूर हो जाओ और सुनाती हूँ तुम्हे प्यारी सी कहानी तो
- 1:01वीर गया हुआ था एक बर्थडे पार्टी में जो की बहुत बड़े लेवल पे होने
- 1:06वाली थी, बहुत सारे लोग आने वाले थे लेकिन उसे उस सबसे कोई मतलब
- 1:10नहीं था। उसे मतलब था अपने दोस्तों से उनके
- 1:13साथ डांस। सबकुछ ना पार्टी शोर शराबा वो सब
- 1:17बहुत पसंद था। उसे लगता था कि ज़िन्दगी ऐसी ही
- 1:20है हैपनिंग यही होनी चाहिए ज़िन्दगी वहाँ डांस करते करते
- 1:25खाना पीना खाया देन अगेन वो डांस करने आ गया अपने दोस्तों के साथ।
- 1:30और उसकी नजर जाती है। वहाँ सामने खड़ी एक लड़की पर वो
- 1:34अपने दोस्तों के साथ कुछ बात कर रही थी और वीर की नजरें मानो उस
- 1:39लड़की पर ठहर सी गई कि यार यही वो लड़की है, एक होता है ना दट
- 1:45फीलिंग दट जस्ट कम्ज़ फ्रम ए पर्सन दट कम्ज़ फ्रम वीथिन।
- 1:49कि यार इससे कुछ तो वास्ता है, मेरा क्या है, कैसे है, क्यों है?
- 1:54आई डोन्ट नो बट ये बंदी लाइक यार उसको बहुत सही लगी तो ही वांटेड
- 1:59टु गो टॉक टु हर नो हर और वो होता है ना पहली नजर वाला प्यार काइंड
- 2:05ऑफ वैसा हो गया था उसे। उसने सोचा कि वेल वीर को कौन मना
- 2:08कर सकता है। अपने दोस्तों में सब जगह कॉलेज का
- 2:12हार्ट थ्रॉप था, वो सब जगह फेमस था।
- 2:14वीर तो उसे था की मुझे कौन मना करेगा, ये लड़की भी नहीं करेगी।
- 2:19जैसे ही उसकी तरफ जाने लगा उसके फ़ोन पर एक कॉल आ जाती है।
- 2:24वो उस कॉल को पिक करना तो नहीं चाहता था उस वक्त?
- 2:28लेकिन फ़ोन देखा और फ़ोन पर जब माँ का नाम आया तो उसे ना चाहते
- 2:33हुए भी बट माँ का कॉल कौन डिक्लाइन करता है तो वो वहाँ से
- 2:36जाता है अपनी माँ से बात करता है जो किसी से कह रही थी की वीर
- 2:41जल्दी से घर आ जाओ अब क्योंकि यहाँ हमें बहुत एक बड़ी।
- 2:46यू नो, खुश खबरी तुम्हें देनी है यहाँ बहुत कुछ अच्छा होने वाला है
- 2:50तो तुम जल्दी से कल बस घर आ जाओ तो ने कहा माँ ऐसा क्या हो गया तो
- 2:55उन्होंने कहा बस तुम घर आ जाओ, उसके बाद बात करते है सब बैठ कर,
- 2:59पर तुम जल्दी से जल्दी घर आ जाओ। ये कह कर उन्होंने फ़ोन रख दिया।
- 3:04वीर लौट कर जब आता है तो देखता है वो लड़की वहाँ नहीं थी।
- 3:09उसने अपने दोस्तों से पूछा की अभी एक लड़की थी न यहाँ पे डांस कर
- 3:13रही थी कहाँ गयी वो तो दे सैड पता नहीं यार फिर वीर इतना ज्यादा
- 3:19इम्पेशेन्ट था जिसकी बर्थडे पार्टी थी उसने सोचा वो तो जानता
- 3:23ही होगा भाई। तो उसने जब उससे पूछा तो ही ऑल्सो
- 3:26सैड यार मैंने तो किसी लड़की को नहीं देखा यहाँ पे तो ही सैड अरे
- 3:30अभी यहाँ नाच रही थी यार दो लड़कियां किसी ने कैसे नहीं देखा,
- 3:34मैंने भी तो देखा उसे एंड देन समबडी फ्रम दी क्राउड केम एंड सैड
- 3:41अरे वो दो लड़कियां उन्हें तो मैंने देखा था यार।
- 3:44भूत नहीं थी वो डोन्ट वोर्री मैंने भी देखा था उन्हें और
- 3:47अक्चवली उनसे बात भी की थी क्या लड़कियां थी यार वो तुझे पता है?
- 3:51वैसे एक सीक्रेट बताके गई मुझे तो वी सैड, क्या सीक्रेट क्या नाम था
- 3:56उस लड़की का और कौन थी क्या थी बता ना भाई तो ही सैड पता नहीं
- 4:01कौन थी? और कहा से थी क्योंकि दे क्रैश्ड
- 4:04आवर पार्टी एंड वी वास् लाइक व्हाट दे क्रैश्ड थिस पार्टी वो
- 4:10उस पार्टी में बुलाई नहीं गयी थी। उसने कहा नहीं यार, हमारी पार्टी
- 4:14इतनी हैपनिंग थी। वो लोग इसी होटल में ठहरे हुए थे
- 4:17शायद आई डोन्ट 900। या दट्स हौ आई थिंक दे जस्ट केम
- 4:21आउट माइट बी पास ब्य कर रहे होंगे इतनी आवाज सुनी तो जो भी है सो दे
- 4:26वेर नॉट अफ़िशली इनवाइटेड सो सॉरी नाउ वी वास् लाइक इतने बड़े होटल
- 4:31में कहाँ से ढूंढूंगा और ब्य चांस यहाँ नहीं रह रही होंगी?
- 4:35तो क्या बट व्हाट कुड ही डू? तुम ऐसी सिचुएशन में हो गई तो तुम
- 4:40क्या करोगे? भाई लाइक की कैसे ढूंढोगे?
- 4:43एक एक रूम में जाके नहीं और माइट बी डेस्टिनी हाड सम ऑदर प्लेन्स
- 4:48फॉर हिं अगले दिन ऐट एनी कॉस्ट उसे अपने घर जाना था।
- 4:52तो ही थॉट की लौट कर जल्दी से घर का काम करके आता हूँ और फिर देखता
- 4:56हूँ उस लड़के को ढूंढ तो लूँगा कैसे भी किसी की पार्टी की फोटो
- 4:59में हो गई वीडियो में होगी कहीं तो होगी जिंदा है भूत नहीं है
- 5:03इतना मैंने जान लिया मेरे दोस्त ने मुझे बता दिया कि ही ठीक है
- 5:07उसके बाद तो फिर ढूंढे का काम मेरा अपने आप से ऐसा कहते हुए।
- 5:12उसने अपने बैग पैक किए और निकल गया जयपुर के लिए, क्योंकि वो
- 5:16जयपुर की एक रॉयल फैम्ली का था, जिसका पूरा नाम था वीर प्रताप
- 5:22सिंह। तो जब वीर अपने हवेली पहुंचा तो
- 5:26उसकी माँ ने कहा तुम आ गए कितनी पता है इंतज़ार कर रहे थे सब
- 5:31तुम्हारा। तो वी सैड क्या हो गया?
- 5:34ऐसी भी क्या बात हो गयी? आप लोगों ने मुझे इतना अर्जेंसी
- 5:37में बुलाया, तो उन्होंने कहा देखो वीर तुम से बहुत इम्पोर्टेन्ट बात
- 5:41करनी है। इसीलिए तुम्हें यहाँ इतने
- 5:44अरजेन्टली बुलाया गया है तो सब लोग बैठे है, तुम्हारे बापू सा
- 5:48बैठे है। तुम्हारे दादा जी भी है वहाँ पे
- 5:51तो चलो मिल के आओ उनसे बात करो नाउ वीर वास् लिटिल स्ट्रेस्ड की
- 5:57क्या हो गया ऐसा? उसके घर वाले कभी रियेक्ट नहीं
- 6:00करते थे तो सब लोग बैठे थे। जब बाते शुरू हुई तो वीर के पापा
- 6:06ने उसे बताया की हमारे यू नो जो चीजें चल रही हैं, जो हमारा काम
- 6:13चल रहा है वो थोड़ा सा मधा होने लगा है।
- 6:16यानी की थोड़ा कम होने लगा है। जीस वजह से उनकी खानदानी रईसी भी
- 6:22कम हो रही थी तो वीर ने कहा तो उसमें मैं कैसे हेल्प कर सकता
- 6:26हूँ? तो उन्होंने कहा तुम हेल्प तो
- 6:28नहीं कर सकते हो डाइरेक्टली पर तुम हमारा साथ जरूर दे सकते हो तो
- 6:34वी सैड जी मतलब तो उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि तुम मेवाड़ की
- 6:41राजपूताना जो फैम्ली है उसकी जो बड़ी बेटी है उससे शादी कर लो।
- 6:47और उससे हमारे परिवार को, हमारे खानदान को बहुत ज्यादा फायदा
- 6:52होगा। तो वीर सैड, मैं ऐसे कैसे आपने
- 6:55बुला लिया? एकदम से शादी कर लू मैं मैं कैसे
- 6:57शादी कर सकता हूँ मैं? मैं मैं शादी नहीं कर सकता
- 7:00क्योंकि वीर के दिमाग में अभी भी वो लड़की थी कहीं ना कहीं उसे
- 7:05जाकर उसे ढूंढना था। ऐसे कैसे यहाँ आया था तो शादी कर
- 7:09ले। उसके घर वालों ने कहा कि हम ये
- 7:12नहीं कह रहे हैं कि तुम शादी कर लो, हम बस ये कह रहे हैं कि हमारे
- 7:18साथ चलो अगर तुम्हें लड़की पसंद आती है और अगर तुम शादी करना चाहो
- 7:24फिर तो तुम हाँ कर देना। लेकिन ये बात अपने दिमाग में जरूर
- 7:30याद रखना कि ये एक ही बार हो गया तो तुम हाँ ही कहोगे या तो तुम ना
- 7:34ही कहोगे बीच में हमें नहीं रहना है और अगर एक बार आया एक बार ना
- 7:39कह दे तो अपनी जबान से पीछे मत हटना क्योंकि वैसे भी ये हमारी
- 7:45जबान है हम। वीर प्रताप सिंह अपनी जबान से
- 7:49पीछे नहीं हटना चाहिए। मेहवाड़ के राजपूताना परिवार को
- 7:53भी तो पता चले कि हम भी जयपुर के रॉयल परिवार हैं और हाँ, कभी कभी
- 7:58उतार चढ़ाव आते हैं। वीर के दिमाग में ये चीज़ बहुत
- 8:01साफ थी कि अब यहाँ इस जगह। वो सीधा मना करेगा, उस लड़की के
- 8:06बारे में बात करेगा तो शायद कोई ना समझे तो उसने चुपचाप अपना सर
- 8:10हाँ में हिलाया और कहा, ठीक है, मैं उस लड़की से मिलकर ही बता
- 8:14सकता हूँ और हाँ, मैं अपनी जबान पर पक्का रहूंगा।
- 8:18ये वीर प्रताप सिंह आपको वचन देता है या तो मैं हाँ ही कहूंगा।
- 8:22या तो मैं ना ही कहूंगा। अपनी बात से पलटूंगा नहीं वीर ने
- 8:27अपने मन में ये सोच लिया था कि मुझे जाकर बोलना ना ही है, फिर
- 8:30चाहे उस लड़की से मिलूं, ना मिलूं, कोई मतलब नहीं है।
- 8:34पर हाँ, दिमाग में ये चीज़ क्लियर थी कि मैं बोलेंगे तो ना ही
- 8:39क्योंकि मुझे उस लड़के को ढूंढना था और वीर।
- 8:42भले ही इतने बड़े शाही परिवार से था लेकिन अब बाहर जाकर जब वो शहर
- 8:47गया तब उसे पता चला की जिंदगी बहुत रंगीन थी और वो किसी ऐसी
- 8:52राजपूताना फैम्ली की एक दम डल सी लड़के के साथ शादी बिलकुल नहीं
- 8:57करना चाहता था। वहाँ की प्रिंसेस के साथ तो
- 8:59बिलकुल भी नहीं उसे कोई मॉडर्न लड़की चाहिए थी।
- 9:02वैसी जो उस दिन उस पार्टी में डांस कर रही थी और जिसमें इतनी
- 9:06हिम्मत थी की इतने सारे लोगों के अनजान लोगों के बीच में पार्टी
- 9:11क्रैश की थी। उसने तो उसने कहा शादी तो मैं उसी
- 9:14से करूँगा। सब चीजों की तैयारी हुई।
- 9:17घरवालों ने मिठाईयां सब चीज़ तैयार कर ली थी और वो पहुँच गए।
- 9:22मेवाड़ के राजपूताना परिवार से मिलने के लिए वहाँ जाकर जब
- 9:27उन्होंने सबसे बात की सबको वीर बहुत पसंद आया लेकिन वीर अपने मन
- 9:31में मुस्कुरा रहा था। ये सोच कर की मुझे बोलना तो ना ही
- 9:35है क्या फर्क पड़ता है वीर ऐसा सोचते हुए अपने दोस्त के साथ बात
- 9:40करने लगा की। तुझे क्या लगता है मैं यहाँ हाँ
- 9:42बोलने आया हूँ तू टेंशन ना ले ना ही बोलेंगे क्योंकि वहाँ जाकर
- 9:47मुझे उस लड़की को जो ढूँढना है दिल तो यार उसी पे है और चाहिए भी
- 9:51ज़िन्दगी में ऐसी है लड़की ना क्या ये राजपुताना लड़की से
- 9:55मिलूंगा? यू नो, ऐसी होगी बिलकुल।
- 9:58इंडियन से मुझे नहीं चाहिए मुझे चाहिए जिंदगी में और वो लड़की एक
- 10:03दम परफेक्ट थी उस चीज़ के लिए तो सब परिवार वालों ने कहा कि हमारे
- 10:08यहाँ के रिवाज है, जब तक आपकी शादी तय नहीं हो जाती है, आप
- 10:12हमारी लड़की से ऐसे आमने सामने से नहीं मिल सकते है, एक झरोखा है।
- 10:18वहाँ से आप देख सकते है उससे बात कर सकते है और अगर आपकी बात पक्की
- 10:25हो जाती है तब जरूर आप उससे मिल सकते है।
- 10:28तो वीर ने कहा मन में सोचा कि कौन सा मैं उससे मिलने के लिए मरा ही
- 10:32जा रहा हूँ और मुझे तो वैसे भी ना ही कहना है तो वीर और उसका दोस्त।
- 10:37वो झरोके के पास जाते है, झरोका मतलब एक छोटी सी विंडो कह सकते है
- 10:42बहुत छोटी सी अगर तुम लोग महल वगैरह तुमने कभी देखा हो यू नो
- 10:47जैसे जयपुर में नाहरगढ़ फोर्ट है या फिर ऐसी जगह है तो तुम जानते
- 10:51हो की छोटी सी विंडो को कहते है झरोखा वीर वहाँ पहुंचा।
- 10:55और उसका दोस्त भी उसके साथ था। बस थोड़ी दूरी पर था क्योंकि उसका
- 10:59दोस्त तो बिल्कुल ही अलाउड नहीं था कि वो लड़की को सुने भी वहाँ
- 11:03के अपने कायदे कानून थे तो वीर वहाँ जाके बैठ गया।
- 11:07उस झरोखे के पास उसे वैसे भी उसे देखने में कोई इन्ट्रेस्ट नहीं
- 11:11था। वो लड़की बगल में आके बैठ गई।
- 11:14एक उनके बीच में एक दीवार थी और झरोखा था छोटा सा जिससे वो देख
- 11:18सकते थे। एक दूसरे के तरफ पर वीर को उसे
- 11:21नहीं देखना था। उस लड़की ने कहा कि मुझे नहीं पता
- 11:25था कि आप जब तक हमारी शादी पक्की नहीं हो जाती, मुझे देखना तक नहीं
- 11:31चाहते। आप?
- 11:33और आपके संस्कार तो बहुत खूबसूरत है।
- 11:36ऐसे संस्कार हमारे बापुसा में भी थे।
- 11:40वो भी बताया करते थे कि मासा को उन्होंने तब तक नहीं देखा था जब
- 11:44तक उनकी शादी तय नहीं हो गई थी। उसके बाद उन्होंने मासा को पहली
- 11:49बार देखा था। और आज आप भी अपनी नजरें नीचे झुका
- 11:52के बैठे हैं। आपको पता है हर लड़की चाहती है कि
- 11:58उसका जो भी साथी हो, जिंदगी में उसका सम्मान करें, उसके सम्मान के
- 12:03लिए दुनिया के खिलाफ़ भी होना पड़े तो हो जाए।
- 12:07मैं चाहती थी की जिससे मेरी शादी हो वो भी बापू सा की तरह ऐसे ही
- 12:14नज़रे नीचे झुका के बैठा रहे। मुझे देखे भी ना जब तक मैं उसकी
- 12:18ना हो जाऊ और आज आपने यही साबित कर दिया।
- 12:22बहुत अच्छा लगा आपसे मिलकर अधीरा ये कहते हुए।
- 12:28वहाँ से जाने लगी की मेरी तरफ से हाँ है, मैं जरूर चाहूंगी की मेरा
- 12:33जीवन साथी आप बने। ये कहकर अधेरा तो वहाँ से चली गई
- 12:38लेकिन वीर अपने दोस्त की तरफ मुड़ा और कहने लगा इसको कुछ भी
- 12:42कहने दे। लड़के की बातें अच्छी थी।
- 12:44अगर मैं उस लड़की से ना मिला होता या मैंने उसे ना देखा होता तो
- 12:48शायद एक बार को हाँ कह देता लेकिन यार इसने जो बोला मेरे सब ऊपर से
- 12:54गया, मेरे दिमाग में भी भी वही लड़की चल रही थी तो वो दोनों वहाँ
- 12:58से जाने लगे लेकिन तभी वीर के दोस्त ने कहा अरे तेरे हाथ का बटन
- 13:03गिर गया है कफलिंग। तो उसने कहा अरे वहाँ बैठा था ना,
- 13:06शायद वही गिर गया होगा अभी लेकर आ तुम वो वहाँ जाता है अपना कफलिंग
- 13:11उठाते हुए उस झरोके से दूसरी तरफ उसने उसकी नजर चली जाती है वहाँ
- 13:15वो देखता है। उसी लड़की को जो लड़की उस दिन
- 13:19उसने उस पार्टी में देखी थी उसे देखकर।
- 13:23उसका चेहरा, उसके चेहरे की स्माइल एकदम बड़ी हो जाती है और वो सोचता
- 13:28है अरे ये बैठी थी मेरे साइड में भाई ये कैसे हो सकता है?
- 13:33लेकिन वो सब कुछ बोल पाता है तब तक वो वहाँ से चली जाती है ही थॉट
- 13:38भाई मैं उसे हर जगह ढूंढ रहा था और ये बंदी मेरे बगल में थी।
- 13:42ये कैसे पॉसिबल था पर शायद किस्मत इसी को कहते है दोस्त अब वो वहाँ
- 13:48से जाने लगा वीर उसका दोस्त कह रहा था भाई तू इतना खुश क्यों है?
- 13:52अभी तो तू ठीक ही था तो वीर ने कहा अभी बताता हूँ तुझे वहाँ जब
- 13:58सब और लोग बैठे थे वीर वहाँ जाकर। वीर से पूछा गया कि बताइए कुंवर
- 14:04वीर प्रताप सिंह आपको हमारी अधिरा कैसे लगी?
- 14:09तो उसने कहा मैं ये शादी के लिए तैयार हूँ।
- 14:14सब लोग पहले थोड़े से चौके उसके घर वाले क्योंकि वीर का जैसा।
- 14:19स्वभाव था वो ऐसा इंसान नहीं था जो इतना बड़ा डिसीजन एक बार में
- 14:23ले भी ले तो सबको ये था कि ये कुछ ना कुछ तो करेगा।
- 14:27उसकी तरफ से सीधी ये कहाँ आना सबके लिए बहुत आश्चर्य वाली बात
- 14:31थी, लेकिन सब बहुत खुश थे उसके घरवाले के घरवाले।
- 14:36सबने मिठाईयां खाये और वीर अपने घर चला गया।
- 14:40घर जाने के बाद उसके दोस्त ने उससे पूछा, भाई पर तू तो वहाँ मना
- 14:44कर रहा था, ये कैसे पॉसिबल हुआ तो वी सैड यार ये वही लड़की थी, ये
- 14:50वही लड़की थी पार्टी वाली। अबे हो सकता है यार की वो यहाँ
- 14:54ऐसा शांत और ऐसी बनती हो, वो भी मेरी तरह शायद शहर रहती हो जैसे
- 14:58मैं भी तो रहता हूँ। अब कोई कुंवर वीर प्रताप सिंह को
- 15:01यहाँ जयपुर की हवेली में देखेगा तो पहचान पाए उस वीर को जो वहाँ
- 15:05दिल्ली में उस दिन पार्टी कर रहा था, नहीं ना यहाँ बनना पड़ता है
- 15:09यार अपने परिवार के साथ थोड़ा। और शायद अधेरा भी ऐसी ही होगी तो
- 15:14उसके दोस्त ने कहा अधेरा नाम बड़ा खूबसूरत है यार अधेरा रात उसने
- 15:19कहा उसके बाद शादी पक्की हुई। अब शादी उस दिन पक्की होने के बाद
- 15:25शादी की और रस्मे होने वाली थी। बहुत खुश था वीर।
- 15:29की फाइनली अब वो उस लड़की से सामने से जाके बात कर सकता है
- 15:33उससे मिल सकता है इंगेजमेंट थी उन लोगों की तो वीर ने कहा अपने घर
- 15:38वालों से वैसे मैं जानता हूँ की हमारे यहाँ वो रिवाज़ नहीं है की
- 15:42लड़का लड़की एक दूसरे को अंगूठिया पहनाये हम जानते है की पुराने
- 15:46जमाने की तरह। उसकी अंगूठी मुझे लाके देंगे,
- 15:49मेरी अंगूठी उसे ले जाके देंगे पर ठीक है, मुझे उसमें भी कोई दिक्कत
- 15:52नहीं है, पर हाँ, मुझे अधीरा से मिलना था तो घरवालों ने कहा शादी
- 15:57हो जाने दे फिर मिल लेना, क्योंकि शादी तो अधीरा से ही हो रही है।
- 16:02तुम्हारी तो ये ने कहा ये भी ठीक है, इंतजार का भी अपना ही मज़ा
- 16:07होता है आगे। और इस बार वीर कह भी नहीं रहा था
- 16:10की उसे दिल्ली वापस जा रहा है जो की वो आते ही कह रहा है।
- 16:13उसने कहा यही था कि जल्दी बताओ क्या काम है?
- 16:15मुझे दिल्ली वापस जाना है लेकिन अब उसके जुबान से एक बार भी
- 16:18दिल्ली का नाम तक नहीं आया था। सब पहले ही बहुत आश्चर्य में थे
- 16:22पर सब ने कहा ठीक है। हो सकता है की ये खुश हो से
- 16:26मिलकर। अधिरा को उसके घर वालों में,
- 16:29खासकर उसकी माँ ने जाना था जिन्होंने अधिरा से कहा भी था कि
- 16:33तुम बहुत संस्कारी हो, सुशील हो, बिलकुल वैसी बहु हो जो मैं चाहती
- 16:38थी की वीर की ज़िन्दगी में आए पर बिलकुल अलग हो।
- 16:42वीर की पसंद की तो बिलकुल नहीं लगती।
- 16:46लगा नहीं था। उस दिन की वीर आते ही कहेगा की
- 16:49हाँ वो शादी के लिए तैयार है पर हम बहुत खुश है।
- 16:54वीर की इंगेजमेंट वही पुरानी रिवाजों की तरह हुई।
- 16:59अधीरा की तरफ से आयी अंगूठी वीर को पहनाई गई और वीर की तरफ से
- 17:02अधीरा के लिए मेवाड़ अंगूठी पहुंचाई गई।
- 17:05क्नॉइस पर अब इन दोनों की शादी का दिन था।
- 17:08वीर बहुत खुश था कि आज जाकर वो मिलेगा।
- 17:12अधिरा से अधिरा राथौड़ से वीर प्रताप सिंह और अधिरा राथौड़ जब
- 17:18उसने लिखा देखा कि इनकी शादी है, उसके तो मानो दिल में लड्डू फूट
- 17:22गए जब शादी के लिए। वो मंडप पे बैठा था तो अधेरा वहाँ
- 17:27आती है, लेकिन ये क्या? अधेरा के साथ जो चलकर आ रही थी,
- 17:35ये तो वही लड़की है। दिल्ली वाली तू घूंघट में कौन है?
- 17:41आखिर अधेरा तो वही लड़की थी ना जो दिल्ली में उसे मिली थी?
- 17:45तो ये लड़की इसके साथ क्यों आ रही है?
- 17:48इसने क्यों नहीं उड़ा दुल्हन का लिफाज़ वीर को कुछ समझ नहीं आ रहा
- 17:53था। उसने फिर पूछा किसी से की ये सब
- 17:57चक्कर क्या है? उसके दोस्त को उसने पूछने के लिए
- 18:00भेजा और जब उसे पता चला की असल में।
- 18:04अधिरा की छोटी बहन थी वो वैदेही राठौड़ जो की दिल्ली में पढ़ाई कर
- 18:12रही थी और इस शादी के लिए ही यहाँ आई हुई थी।
- 18:16अब वीर ना तो ना कर सकता था इस जगह और हाँ की इतनी बड़ी सजा।
- 18:23की वो एक ऐसी लड़की के साथ शादी करने वाला था जिसे वो जानता भी
- 18:28नहीं था और उसने तो अधिरा को अधिरा को गलत समझ लिया।
- 18:35उसने समझ लिया की अधिरा वैदेही थी पर अब क्या अब वो मना नहीं कर
- 18:41सकता था? आखिर वीर प्रताप सिंह ने ज़बान
- 18:45जोदी थी, शादी हुई उसकी से ही, लेकिन जितनी चमक के साथ वो अपने
- 18:53महल से आया था, उतनी ही चमक में गिरावट आ गई थी।
- 18:58अब उसके चेहरे पर एक मुस्कान तक नहीं थी।
- 19:01क्नॉइस? घरवालों को भी नहीं समझ आ रहा था
- 19:03कि आखिर क्यों? और अब घरवालों को रीसन बताने का
- 19:07भी कोई मतलब नहीं था क्योंकि शादी तो अब हो गई थी उसकी से और वो
- 19:13उसकी बहन का अब जीजा बन चुका था, जो की उसकी जिंदगी एकदम पलटने
- 19:19वाली सिचुएशन थी। क्नॉइस।
- 19:21ऐसे कैसे? ये हो कैसे सकता है अँधेरा और वीर
- 19:26की शादी हुई अधिरा बहुत खुशी से बैठी थी वीर से और बातें करने के
- 19:31लिए, वीर को और अच्छे से देखने के लिए, वीर को जानने के लिए पर जब
- 19:37वीर कमरे में आया तो क्नॉइस। उसने गुस्से में सब इधर उधर फेकना
- 19:41शुरू कर दिया। अधिरा ने उससे पूछा कि आखिर हुआ
- 19:45क्या है? आप इतने गुस्से में क्यों हो तो
- 19:48वीर ने कहा तुम चुप रहो, फिलहाल मेरा तुमसे कोई बात करने का मन
- 19:52नहीं है तो प्लीज़ तुम चुप रहो। अधिरा के लिए भी क्नॉइस।
- 19:58मानो बिजली से गिर गई। उसके ऊपर आखिर उसकी क्या गलती थी?
- 20:03सारी गलती तो वीर की उस मिसन्डर्स्टैन्डिंग की थी, उस
- 20:07गलती की थी जिसकी सजा वो अधेरा को देने वाला था।
- 20:12ना वो अधेरा से अच्छे से बात करता ना उसकी बाते सुनता क्नॉइस अधिरा
- 20:17को भी अजीब लगने लगा की आखिर ये वही वीर है जो उस दिन मुझे मिला
- 20:21था जो नजरें उठाकर मुझे नहीं देखना चाहता था।
- 20:24मेरी इज्जत करने वाला इंसान ऐसे क्यों कर रहा है?
- 20:29अधिरा ने अगले दिन जब वो वीर से फिर से मिली।
- 20:33उसने वीर से पूछना चाहा की आप ऐसा क्यों कर रहे है?
- 20:37और वो कुछ नहीं कह पाया क्या कहता उसे तुम्हारी बहन से शादी करना
- 20:41चाहता था मैं उसी गलत फैमिली में तुमसे शादी कर ली मैंने, पर यही
- 20:47जिंदगी है कभी कभी हमारी जिंदगी में ऐसा कुछ।
- 20:51वो जरूर जाता है जो हमने चाहा नहीं होता, लेकिन क्या उसके बाद
- 20:55जिंदगी खत्म हो जाती है? क्या होता है?
- 20:58उसके बाद अब इस पॉइंट पर तुम मुझे बताओ वीर को क्या करना चाहिए?
- 21:04क्या अधीरा के साथ रहना चाहिए या फिर उसे बता देना चाहिए अधीरा को
- 21:10सारा सच? जीस वजह से उसने अधीरा से शादी की
- 21:14थी और क्या उसमें इतनी हिम्मत थी और आखिर इस सब में अधीरा की क्या
- 21:19गलती थी? कुछ भी नहीं या सिर्फ इतनी की वो
- 21:24उसकी बहन नहीं थी जो उसके पति ने समझा था 1 दिन।
- 21:29रात को जब वीर सोने आया कमरे में वो फिर से वही गुस्से में था।
- 21:34अधीरा को देख कर ही उसे गुस्सा आ जाता अधीरा ने से पूछा कि आप मुझे
- 21:39बताओ तो सही, आखिर बात क्या है? आपको मेरी कोई बात चुप गई है,
- 21:43मेरे घर वालों के कोई बात चुप गई है, मुझे बताइए तो सही तो वीर ने
- 21:47कहा सुनना चाहती हो तो सुनो। मैं तुम से शादी नहीं करना चाहता
- 21:52था, मैंने तुम तुम्हारी बहन समझ ली थी और इसलिए यहाँ कहा था
- 21:58दिल्ली में मिला था, मैं उससे मिलना पाया था उससे और उसी दिन इस
- 22:03घटिया किस्मत ने मुझे तुम से मिलवा दिया उसकी जगह और।
- 22:07फिर हुई। मुझे ये गलतफहमी की तुम तुम्हारी
- 22:10बहन हो। उस दिन करने क्या आई थी वो बहन
- 22:12तुम्हारे झरोके में ने कहा वहाँ मेरी पायल रह गई थी, वहीं उठाने
- 22:20के लिए आई थी। हमें नहीं पता था कि अब हमें ही
- 22:26समझ रहे हैं। अगर आपने एक बार कहा होता तो हम
- 22:31खुद ये शादी नहीं करते। इसमें मेरी क्या गलती है?
- 22:35अब हमें क्यों सजा दे रहे हैं? वीर को उस वक्त कुछ नहीं सुना था।
- 22:41वो फिर से कमरे से गुस्से से बाहर चला गया और धेरा वहाँ बस रोती रह
- 22:45गई। क्या गलती थी उसकी?
- 22:49वो तो जैसी थी वैसी ही थी। उसने ना तो वीर से कोई झूठ कहा
- 22:53था, ना उसने कोई किया था। सारी गलतफहमी वीर की तरफ से थी तो
- 22:59अधेरा क्यों सजा भुकती उस चीज़ की राधे रात भुगत रही थी सजा इस
- 23:06सबकी। पर वीर उसका पति था और पत्नी वृता
- 23:10थी। अधिरा कुछ देखना चाहती थी उसे
- 23:13इसीलिए अगले दिन घर में घर के सब बड़ों के सामने उसने जाकर कह दिया
- 23:18की हमें ये रिश्ता तोड़ना है। वीर के साथ हम वीर के साथ नहीं रह
- 23:23सकते और हम किसी और से। प्रेम करते है।
- 23:28अधीरा के लिए ये कहना बहुत मुश्किल था।
- 23:32घरवालों की डांट, फटकार, गुस्सा सब चीज़ का उसे सामना करना पड़ा।
- 23:39वीर तब घर पर भी नहीं था उससे मैं घरवालों ने उससे कह दिया निकल जाओ
- 23:44इस घर से। और जिंदगी में कभी लौटकर मत आना।
- 23:47हम देख लेंगे हमारे वीर के साथ जो होगा वैसा होगा जैसा होगा अधीरा
- 23:52अपनी आँखों में आंसू लिए उस दहलीज को पार कर गए और अपने घर चली गई।
- 23:59घर जाने के बाद उसके भी घरवालों ने उसे बहुत सुनाया, बहुत ताने
- 24:04दिए। और अपने पति की खुशी के लिए सब
- 24:07सहती रहे। बस इसलिए की अधीरा की शक्ल देखते
- 24:12ही वीर को गुस्सा जो आ जाता था। विश्राम को जब घर लौटकर आया तो घर
- 24:17का माहौल देखकर उसने पूछा कि क्या हुआ है सब ने?
- 24:21सब कह सुनाया की अधीरा किसी और से प्रेम करती थी और इसीलिए घर
- 24:26छोड़कर चली गई पर वीर जानता था की ऐसा कुछ भी नहीं था।
- 24:31कमरे में जाने पर वीर को अधीरा के तरफ से लिखा हुआ एक लेटर मिला
- 24:37जिसमे अधीरा ने लिखा था, क्नॉइस। हम शायद आपकी मुश्किलें कम न कर
- 24:41पाए, लेकिन आपकी मुश्किलों का एक हिस्सा नहीं बनना चाहते।
- 24:46हम तो यहाँ आए थे की आपकी मुश्किलें कम कर पाए।
- 24:49हमें क्या पता था की हम खुद आपकी बहुत बड़ी मुश्किल बन गए थे
- 24:53इसीलिए आपको बुरा न बनना पड़े। हम बुरा बनकर इस घर से जा रहे
- 24:58हैं। कुछ वक्त होने दीजिए हम जैसे तैसे
- 25:01करके कैसे भी करके हम वैदेही से बात करेंगे, घर में सब से बात
- 25:07करेंगे और आपकी शादी हम वैदेही से करवा देंगे।
- 25:11बस कुछ वक्त दीजिए हमें और आप टेंशन मत लीजिएगा, घर में किसी को
- 25:17नहीं पता इस बारे में। हम संभाल लेंगे सब पर वीर को पहली
- 25:22बार उस कमरे में कमी खली थी अधीरा की हर रोज़ वो आता था गुस्से में
- 25:30पर हर रोज़ अधिरा मदद करती थी उसकी एक नए तरीके से कभी उसके जब
- 25:36सर में दर्द हुआ तो अधीरा ने। चुपचाप उसके सो जाने पर उसका सर
- 25:40दबाया हालांकि वो जगा देती थी, पर वीर को भी पसंद था।
- 25:46उसका दर्द कम होता था। फिर क्यों वीर ने ऐसे बात की?
- 25:51अधिरा से कभी कभी हम खुद नहीं पहचान पाते की हम क्या चाहते है
- 25:57जब तक। वो चीज़ हमसे बहुत दूर चली जाती
- 26:01है, वो इंसान उसके जाने पर हमें उसकी कीमत समझ आती है की बहुत
- 26:07कीमती था वो इंसान पर जब तक हमारे साथ था, शायद उसकी कीमत हमें समझ
- 26:12नहीं आई क्योंकि उसने कभी जताया नहीं।
- 26:16जैसे ही दूर हुआ। वीर को भी समझ आया की इसमें अधीरा
- 26:21की क्या गलती थी? क्यों सजा दे रहा था वो अधीरा को?
- 26:26लेकिन फिर भी एक प्यार वाली फीलिंग नहीं जगी थी।
- 26:30अधीरा के लिए वो अगले दिन दिल्ली चला गया।
- 26:33घरवालों ने कहा यहाँ तुम्हें रहकर शायद अधीरा का दगा याद आए तुम।
- 26:38अपनी दिल्ली लौट जाओ दिल्ली जाने पर वैदेही उसे मिल गयी।
- 26:44वो लड़की जिसे बड़ी शिद्दत से ढूंढना चाह रहा था वो लेकिन ये
- 26:47क्या उसने देखा वैदेही अपनी कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक दूसरे
- 26:52लड़की का मजाक उड़ा रही थी, उसके पहनावे पर की तू?
- 26:57क्या ये संस्कारी बहनजी टाइप बनकर आती है?
- 27:00क्या है ये? हाँ, मॉडर्न बनना नहीं आता तुझे
- 27:03अरे बहनजी टाइप लड़कियों को कौन है प्यार करता है देख मॉडर्न बन
- 27:08हम देख हमारे पीछे कितने लोग पागल है तू तो ये बहनजी बनी रहेंगी ना
- 27:13कोई तेरे पीछे नहीं आएगा और ये संस्कार अच्छा बनना।
- 27:17किसी लड़के को नहीं पसंद आजकल आजकल हम जैसी लड़कियां पसंद है।
- 27:20लड़कों को समझ आया और वो उसका मजाक उड़ा रही थी पर वीर ने पहली
- 27:25बार देखा कि शायद वो सिर्फ उसे देखने भर से उसके प्यार में पड़
- 27:31गया था। जो फीलिंग उसे आ रही थी, वो एक
- 27:33अट्रैक्टिवनेस थी। उसके शायद पहनावे उड़ावे से सही
- 27:37कहा था उसने कि हम लोग शक्ल सूरत इस पर इतना ज्यादा गौर कर देते
- 27:44हैं कि उसके पीछे छुपे उस इंसान को नहीं देख पाते, पहचान पाते।
- 27:52चाहे कोई इंसान कितना ही खूबसूरत क्यों ना हो अगर उसका किरदार खराब
- 27:56हो तो वो इंसान भी धीरे धीरे नजरों में खटकने लगता है।
- 28:01और यही हुआ वीर के साथ। उसने पता लगवाया कि वैदेही कैसी
- 28:05थी? उसके कॉलेज में जब उसने बात की तो
- 28:08उसे पता चला की वैदेही बहुत बड़ी बोली थी।
- 28:11क्नॉइस। हर लड़की को उसके पहनावे उड़ावे
- 28:14पर बस ऐसे ही बदतमीजी करना हर लड़की को छेड़ना पर क्योंकि उसका
- 28:22परिवार इतना बड़ा था तो कोई कुछ कहता नहीं था।
- 28:24उससे वीर ने जब वैदेही की हरकतें खुद अपनी आँखों से देखी तो उससे
- 28:29खुद में शर्म आने लगी की। वो सिर्फ उस दिखावे पर गया।
- 28:34वो सच कहा था उस दिन वैदेही ने कि सब ध्यान देते हैं, वही पहनावे
- 28:39उढ़ावे कपड़ों पर मॉडर्निटी पर कोई नहीं झाँकना चाहता।
- 28:44इंसान के दिल में सूरत चाहे किसी की कम सुंदर हो।
- 28:49लेकिन सीरत जब खूबसूरत होती है तो धीरे धीरे इंसान पसंद आने लगता
- 28:54है। अब उसे कमी खल रही थी।
- 28:57अधीरा के वहाँ अधीरा के परिवार में उसे बहुत कुछ सुनना पड़ा।
- 29:02हर रोज़ के ताने की कौन है वो? प्रेमी पर अधीरा नाम ले तो किसका
- 29:07कोई प्रेमी होना भी तो चाहिए? रोजता ने ये वो रोती बेचारी ना
- 29:14पति का साथ मिला और अब घर वाले भी साथ छोड़ रहे थे क्या करती?
- 29:20फिर 1 दिन जब वो सोकर उठी तो उसने देखा कि उसके दरवाजे पर एक दस्तक
- 29:25हुई थी। दरवाजा खोलने पर उसके सामने वीर
- 29:29खड़ा था। वीर की आँखों में आंसू थे, उसने
- 29:35अधीरा को गले लगाया और कहा, माफ़ कर दो मैं पहचान नहीं पाया था
- 29:40तुम्हें अरे तुम तो वो इंसान हो जिसने मेरा नजरिया बदल दिया।
- 29:45शायद हम ज्यादा दिन साथ नहीं रहे थे, लेकिन जीतने दिन रहे।
- 29:49उतने दिन में समझ आया की मैं तो बेवकूफ था।
- 29:54कहा मुझे हीरा मिला था और कहा मैं पत्थर की खोज में था और उस हीरे
- 29:59का भी मोल नहीं लगा पाया। तुम तो अनमोल हो अँधेरा और।
- 30:06तुमने बदल दिया मुझे तुमने खुद को बुरा बनाया, मुझे अच्छा दिखाने के
- 30:12लिए जब कि मैं तो इंसान भी नहीं हूँ, जो तुम्हें डिज़र्व करे,
- 30:16माफ़ कर देना मुझे घुटनों पर गिर गया, उससे माफी मांगने लगा।
- 30:22घर में किसी ने कुछ नहीं बताया किसी को।
- 30:25फरवीन ने कहा की मैं अधीरा को लेने आया हूँ और मैं ही उसका
- 30:29प्रेमी था। बस हम में कुछ लड़ाई हो गई थी, वो
- 30:33कुछ और समझ गई और इसीलिए शायद मैं इतने दिन तक नाराज था पर मैं
- 30:40अधीरा को वापस लेने आया हूँ और आज के बाद ये यहाँ लौट कर नहीं आएगी।
- 30:45आप तो अपनी बेटी पर भरोसा नहीं कर पाए?
- 30:48आपको लगता था कि अधेरा कुछ गलत करेगी?
- 30:51पर कोई बात नहीं है। हम इंसान को अक्सर समझने में गलती
- 30:55कर देते हैं। मैंने भी की थी अधेरा को सम्मान
- 30:58से वो वापस जब अपने घर लेकर आया तो उसके घरवालों ने भी कहा कि तू
- 31:02इसे क्यों वापस लेकर आया है? अरे ये तो नीच है, इसने तो अपने
- 31:05खानदान की नाक कटा दी। वीर ने सब कुछ सुना और फिर अपनी
- 31:09बात बताई की गलती उसकी नहीं मेरी थी।
- 31:13वो तो आपके बेटे की इज्जत बचा रही थी, जो सम्मान मैं उसे नहीं दे
- 31:18पाया, पत्नी बनाकर वो पर मेरे सम्मान के लिए सबसे।
- 31:23खुद से भी इसीलिए आज के बाद अधीरा के बारे में गलत चुप नहीं
- 31:28सुनूंगा। मैं वीर के परिवार ने भी अधिरा से
- 31:31माफी मांगी एंड दट्स हौ दे अरे ब्यूटीफुल स्टोरी एंडेड कभी कभी
- 31:37होता है ना की हम क्नॉइस। सोने के पीछे भाग रहे होते हैं।
- 31:41हमें लगता है की यार ये चमक रहा है यही खूबसूरत होगा, लेकिन जब उस
- 31:46चीज़ के पास जाते हैं तो पता चलता है की सिर्फ सोना नहीं है जो
- 31:48चमकता है। कई बार रेत भी चमकती है रेत में
- 31:52कुछ कण होते हैं जो चमकते हैं कभी ध्यान से देखना जरूरी नहीं की हर
- 31:57चीज़ चमके वो सोना हो। वैदेही को देखने पर जरूर वीर को
- 32:03लगा कि मैं इससे प्यार करता हूँ, लेकिन जब अधिरा से वो मिला उसे वो
- 32:08जाना, उसकी सोच को उसने जाना तो उसे समझ आया कि जिंदगी बिताने के
- 32:13लिए खूबसूरती नहीं चाहिए होती है जिंदगी बिताने के लिए।
- 32:18एक खूबसूरत साथ ही चाहिए होता है जिसकी सोच खूबसूरत होना बहुत
- 32:22जरूरी है। सुंदर और खूबसूरत होने में यही
- 32:26अंतर है। इंसान सुंदर हो सूरत से तो भला और
- 32:30इंसान खूबसूरत हो। सीरत से तो बहुत भला क्योंकि
- 32:35जिंदगी हमें। सोने के साथ है चमक के साथ नहीं
- 32:38बितानी होती है। ज़िन्दगी बिताने के लिए एक ऐसा
- 32:41साथी चाहिए जो बुरे अच्छे हर वक्त में हमारे साथ हो।
- 32:46जो हमें समझे जो वक्त आने पर हमें समझाए एक ऐसा साथी तो कैसी लगी ये
- 32:53कहानी तुम मुझे बता सकते हो इंस्टाग्राम पे।
- 32:57ऐट के। हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 32:59अंडरस्कोर पर स्पॉटिफाइ के अबाउट इसमें लिंक भी दे दिया है।
- 33:02सॉरी फॉर दी ट्रबल बहुत सारे लोगों को नहीं मिल पाती।
- 33:05ये आइडी एंड ओके गाइस बहुत इनसे लव स्टोरी नहीं सुनाई थी तो और ये
- 33:10बहुत लंबी भी हो गई। आई डोन्ट नो इफ यू लाइक इट ऑर नॉट
- 33:12ऑल्सो वॅन मोर थिंग। हाँ, किसी ने मुझसे कहा था की मैं
- 33:15अक्चवली मैं बहुत देर से बोल रही हूँ ना तो गले में थोड़ी प्रॉब्लम
- 33:18हो रही है, सो किसी ने मुझसे कहा था की आप बीच में जो कहानियों में
- 33:22मैं बात करती हूँ ना वो मत किया करो, इट्स नॉट गुड तो कहानियों
- 33:25में बात करने से आप फ्लो तोड़ देते हो तो मैंने कहा भाई ठीक है
- 33:29तुम्हे नहीं पसंद आ रहा है तो? तो तुम बताना मुझे अगर तुम्हें
- 33:32लगता है तुम्हें फिर बात ही नहीं किया करूँगी भाई कहानी हूँ मैं
- 33:35मैं सीधा कहानी सुनाके और चली जाया करूँगी।
- 33:37मुझे कोई दिक्कत नहीं है तो तुम मुझे इसका जवाब दे देना प्लीज़
- 33:41मिलती हूँ तुमसे किसी और कहानी में।
- 33:42टिल देन टेक केयर एंड बाई बाई ऑल्सो एक कहानी आने वाली है जो दो
- 33:46पार्ट्स में आएगी एंड इट्स वॅन ऑफ़ दी बेस्ट स्टोरीज़ ट्रस्ट मी
- 33:50आई ऍम वेरी एक्साइटेड फॉर दट स्टोरी अक्चवली और मैं उसको पहले
- 33:54डालने वाली थी, बट आई थॉट की एक स्टैंड अलोन डाल देती हूँ।
- 33:56उसके बाद वो पार्ट्स वाली डालूंगी एंड ट्रस्ट मी तुम्हे मज़ा आएगा
- 33:58उसको सुनके इट्स नॉट जस्ट ए लव स्टोरी इट्स नॉट जस्ट ए समथिंग
- 34:02बैंगर और तुम बोलेंगे भाई ये क्या बना दिया दीदी आपने तू इसका वेइट्
- 34:07करना? जल्दी डालूंगी क्योंकि पार्ट वॅन
- 34:09तो मैंने उसका बनालिया पार्ट टू मुझे बनाना है आज नहीं बना सकती
- 34:12क्योंकि आज ऑलरेडी बहुत सारी हो गयी है तो मिलती हूँ तुमसे।
- 34:16अगले एपिसोड में उस एपिसोड को जरूर जरूर सुनना है।
- 34:19इसके बाद के मिड वीक के बाद आएगा वो एपिसोड ठीक है, मैं डाल दूंगी
- 34:22मैं पर्सनल फेवरिट ऐसा करके तुम समझ जाना कि ये वही एपिसोड है
- 34:25जिसकी मैं बात कर रही हूँ। मिलती हूँ अगली कहानी में एंड देन
- 34:29टेक केयर एंड बाई बाई और मैं डीएम को रिप्लाय नहीं दे पा रही हूँ।
- 34:32प्रिटी बीज़ी और मुझे अब समझ आ रहा है।
- 34:35लोग कहते है की भाई और हम इतने बीज़ी थे और मैं हमेशा सोचती थी
- 34:38अरे कोई इतना बीज़ी नहीं होता यार, बट ट्रस्ट मी जब मैं खुद इस
- 34:42जगह तो मुझे समझ आ रहा है की नहीं आई सम्टाइम दट बीज़ी।
- 34:45की हम बस वही स्केडुयूल वाली चीज़े कर पा रहे है की ये करना है
- 34:47ये करना है ये करना है और बस उसके अलावा मैं टाइम नहीं अक्चवली इट्स
- 34:51हैपनिंग टु मी तो आई नो आई ऍम वेरी सॉरी और मैं कोशिश करूँगी की
- 34:55मैं जल्दी से फ्री हो जाऊ एंड देन आई विल टेक ऑल युअर एंड एव्रीथिंग
- 34:58थैंक यू फॉर सेंडिंग मी सच लॉन्ग मैसेजस एस ए प्यार बट मैं जैसे ही
- 35:03थोड़ा सा मेरी एग्ज़ैम्स हो जाते हैं, उसके बाद आई विल बी बेक
- 35:08ट्रस्ट मी आई विल लव यू ऑल।