Latest / Khushei Ki Duniya / The Fault In Our Memories ❤️🩹 | Agar Woh Tumhe Bhool Jaaye Toh? | Heart Touching Love Story🌷❤️
Transcript
- 0:00कहते हैं वक्त के साथ यादें, बातें, एहसास, जज्बात सब भुला दिए
- 0:06जाते हैं। पर क्या प्यार भुलाया जा सकता है?
- 0:12क्या याद है तुम्हें वो पहली बार जब तुम्हें प्यार हुआ था जब।
- 0:17तुमने किसी को देखा और बस देखते रह गए थे?
- 0:22याद है ना? आज भी वो प्यार तो कैसे कह सकते
- 0:25हैं कि वक्त के साथ प्यार जज्बात भुला दिया जाते नहीं होता ऐसा पर
- 0:33क्या हो अगर ऐसा हो जाए? तो यही बताने के लिए आज मैं यहाँ
- 0:37आई हूँ सो है गाइस थिस इस युअर होस्क कम दोस्त खुशी एंड आई ऍम
- 0:42बेक विथ अनँद्अर, लव स्टोरी लगाओ, कानों में हो जाओ दुनिया से थोड़े
- 0:48से दूर और सुनो ये वाली कहानी। तु हीर और राँझा की कहानी तो सबने
- 0:55सुनी होगी आज मैं तुम्हें सुनाती हूँ हीर और रंजन की कहानी ये
- 1:01कहानी शुरू होती है बहुत ही प्यारे से अलफाज़ों से आई लव यू
- 1:06हीर और खत्म कहा होती है वो मैं तुम्हें सुनाऊंगी।
- 1:11हीर बहुत प्यार करती थी। रंजन से उसके कॉलेज में मिला।
- 1:16एक लड़का था रंजन, जिसने उसे ये बताया था कि प्यार सिर्फ एक
- 1:20जज्बात नहीं होता है, एक एहसास होता है जो दिल में बस बस कर रह
- 1:25जाता है वो उस गाने की तरह। साँसों की माला पे सिम रूम मैं पी
- 1:32का नाम और हमेशा वो ये गाना गुनगुनाया करती थी और कहती थी
- 1:38रंजन तुम्हें तो मैं कभी नहीं भूल सकती पर वो और उसके वीयर्ड सवाल
- 1:43कभी कभी रंजन को पागल कर दिया करते थे।
- 1:461 दिन ही रंजन को कहती है। एक बात बताओ कभी जैसे मान के चलो
- 1:51मैं मर गयी तो तुम फिर किसी और से शादी कर लोगे क्या?
- 1:56रंजन हाँ, वैसे मैं सोच तो रहा था की अगर ब्य चांस ऐसा कभी हो जाए
- 2:02तो क्या हर्ज है यार ज़िन्दगी अकेले तो नहीं गुजारी जा सकती ना
- 2:06तो हीरो से। एक ज़ोर से गंधे पे थप्पड़ मारते
- 2:09हो कहती है कितने बदतमीज़ हो तुम अरे राँझा है एक जो मतलब अपने
- 2:15प्यार के लिए मर गया और कहा तुम रंजन, एक दम बदतमीज़ हो तो रंजन
- 2:20उसे कहता है कौन सी मूवी देखी थी, कल मरी होगी, उसमें हिरोइन है ना,
- 2:24भूल गया होगा उसे हीरो। नहीं यार उसमें तो हीरो खैर उसकी
- 2:27याद में पागल हो गया था। हे भगवान प्लीज़ यार हीर इतनी मत
- 2:32देखा कर मूवीज़ तू पगला जाती है और फिर ऐसे अजीबो गरीब सवाल करने
- 2:36आ जाती है मुझसे और हीरो हमेशा कहा करती।
- 2:39यार मुझे ना एक बॉलीवुड टाइप रोमेंटिक लव स्टोरी चाहिए।
- 2:43आई मीन जैसे तुमने मुझे प्रोपोज़ किया।
- 2:45वो काफी लाइक हाँ बॉलीवुड था, लेकिन उसके बाद से तो ऐसा लगता है
- 2:49जैसे बॉलीवुड की एक भी मूवी ही नहीं देखी है तुमने यार ऐसा कुछ
- 2:53नहीं है, बस यू नो ये। पिक्चर ये सब ना बहुत दिमाग खराब
- 2:58कर देता है। इंसान का एक ऐसी रियलिटी से परे
- 3:01ले जाता है कि हमें लगता है पूरी दुनिया रंगीन है पर ऐसा नहीं होता
- 3:05है। रियलिटी इस वेरी हर्ष हाँ तुम चुप
- 3:08रहो अब कुछ दिन गुजरते है। हीर फिर से एक सवाल लेकर आती है
- 3:13रंजन के पास और कहती है। अच्छा रंजन एक बात बताओ अगर कभी
- 3:17मेरी मेमोरी चली जाए तो क्या तुम मतलब मुझे कैसे याद दिलाओगे अच्छा
- 3:22तुम एक बात बताओ हीर अगर मेरी मेमोरी चली गई तो तुम मुझे अपनी
- 3:26याद कैसे दिलाओगे सिंपल है यार। मैं तुम्हें ऐसे वीयर्ड सवाल
- 3:30करूँगी और तुम समझ जाओगे क्योंकि इतने वीयर्ड सवाल कोई नहीं कर
- 3:34सकता, जीतने मैं कर सकती हूँ। हर दिन जो मूवी देखी होती है उसका
- 3:38एक वीयर्ड फालतू का सवाल तुम्हारे पास लेके आजाती हूँ तुम इर्रिटेट
- 3:42करती हूँ और मुझे नहीं लगता की लाइफ में कभी किसी ने तुम्हें
- 3:45इतना इर्रिटेट किया होगा। बात तो तुम्हारी सही है और रही
- 3:50बात मेरी तुम मैडम मैंने आपसे प्यार किया है और प्यार कोई
- 3:56मेमोरी या कोई याद नहीं होती है प्यार एहसास होता है जो दिल में
- 4:01रहता है अगर मैं तुम्हें इन यादों को भूल भी जाऊं।
- 4:05तो एहसास हमेशा मेरे साथ रहेगा और बस उसी प्यार के भरोसे मैं फिर से
- 4:11तुम्हें प्यार पे विश्वास दिलाने के लिए आ जाऊंगा और शायद तुम्हें
- 4:14फिर से मुझसे प्यार हो जाएगा। वा यार ऐसे कुछ भी कहो कभी कभी
- 4:18रोमेंटिक बाते करते थे वो तुम बिलकुल अब चले।
- 4:23और वो दोनों काफी खुश थे। जब हम किसी से प्यार करते है ना
- 4:27यार तो हम ध्यान ही नहीं देते है किसी और चीज़ पे लाइक हमें रंगीन
- 4:32दुनिया लगती है, जिसे पसंद करते है उसके लिए बस पागल फिरे घूमते
- 4:36है और अगर सामने वाला भी हमें पसंद कर ले फिर तो क्या ही बात
- 4:40है, है ना? मतलब आप सोच के देखो।
- 4:42जो तुम्हें पसंद है जिसके बारे में तुम दिन रात सोचते हो अगर वो
- 4:47तुम्हें पसंद कर ले अगर वो भी तुम्हारे बारे में दिन रात सोचता
- 4:52हो तो उससे खूबसूरत क्या हो सकता है?
- 4:56उससे खूबसूरत कुछ नहीं होता है पर ये ज्यादातर सपना होता है।
- 5:00बहुत कम ऐसा होता है कि दो लोग जो एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं,
- 5:03लाइक वो एक दूसरे को पसंद करते हैं।
- 5:05अदर्वाइज़ कभी कोई किसी को पसंद करता है तो दूसरा वाला किसी और को
- 5:08पसंद करता है। यू नो थिंग्स डोन्ट गो दी वे, वी
- 5:10वांट बट ठीक है यार, लाइफ है बट हीरो रंजन के केस में बिल्कुल साफ
- 5:16था कि वो दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार किया करते थे।
- 5:19पर हर कहानी में एक पर वाला पार्ट तो आता है तो हीर और रंजन की
- 5:24कहानी में क्यों नहीं आता? आखिर उनके नाम भी हीर और रांझे
- 5:29जैसे थे तो जितनी ट्रेजिक उनकी कहानी थी, उसका थोड़ा पार्ट तो
- 5:33इनकी कहानी में भी डालना बनता है। तो होता यूं है।
- 5:36की जब फाइनल हो जाता है। कॉलेज हीर बहुत बड़े परिवार से थी
- 5:41और रंजन एक लाइक। इतना बड़ा परिवार भी नहीं था ना
- 5:44कोई इतना छोटा था दे। वेर लाइक, अप्पर मिडिल क्लास लुक
- 5:48अच्छे थे, काफी वेल लाइक बेहेव्द् लोग थे।
- 5:51उसकी फैम्ली बहुत अच्छी थी, रेपुटेड थे लेकिन फिर भी।
- 5:54हीर बहुत ही ज्यादा सुपर रिच क्लास के घर से थी तो हीर के पापा
- 5:59की बहुत सारे ऑफिसर्स थे। फॅक्टरीस थी तो बहुत सारे चीज़ें
- 6:02थी। कॉलेज खत्म होने के बाद हीर कहती
- 6:05है की अब मुझे तुम्हारे साथ ही रहना है।
- 6:07रंजन मतलब मुझे नहीं रहना किसी और के साथ अब घर वाले शादी की बात
- 6:11करने लगे है तो बता दू उन्हें तुम्हारे बारे में तो रंजन ने कहा
- 6:16पहले तुम बात कर लो फिर मैं आ जाऊंगा अपने पेरेंट्स को लेके
- 6:20तुम्हारे पेरेंट्स मान जाएंगे, तुम्हें इतना भरोसा है हाँ उन्हें
- 6:24अपने बेटे पे भरोसा है उसकी पसंद पे भरोसा है तो हाँ वो मान
- 6:29जाएंगे। ओके ग्रेट देन।
- 6:32लड़ाई तो मुझे लड़नी है, मेरे माँ पापा बहुत स्ट्रिक्ट है कोई नहीं
- 6:37मना लेंगे इतना सब कहने के बाद फाइनली वो लोग एक दूसरे को हुक
- 6:42करते है और फिर अपने अपने रास्ते चले जाते है।
- 6:45हीर घर जाती है और जाते ही हिम्मत जुटाने लगते है की कैसे बताएंगे
- 6:50अपने पापा को? की वो एक लड़के से बेहद प्यार
- 6:54करती थी। उस लड़के के साथ अपना फ्यूचर देख
- 6:58रही थी। उसके साथ जिंदगी संवार रही थी,
- 7:01सजा रही थी, पर बेखबर थी कि उसके पापा कभी नहीं मानते या शायद कभी
- 7:07कभी हम जानबूझकर कुछ ऐसी चीजें करते हैं।
- 7:10क्नॉइस कि शायद इस मूवमेंट में ही सही जिंदगी जी ले क्या पता किसकी
- 7:16जिंदगी कब तक है और हीर भी ऐसी ही थी।
- 7:20कहीं ना कहीं दिल में डर था कि उसके घर वाले कभी नहीं मानेंगे।
- 7:24पर वो प्यार ही क्या जिसमें कोशिश ना की गई हो भरपूर।
- 7:29तो हीर ने भी कमर कस ली और सोचा की आज मैं अपने पापा को बता के
- 7:33रहूंगी और ये करते करते उसे 5 दिन हो गए थे।
- 7:36फिर से अपने दिल को एक दम मजबूत करके वो जाती है पापा आप से एक
- 7:42बात करनी है, बोलो बेटा तुम कब से इतना फॉर्मल हुई?
- 7:47नहीं पापा वो वो अच्छा पहले बैठ जाओ और तुम्हे क्या हुआ है?
- 7:54पॉकेट मनी चाहिए? अरे नहीं, नहीं पापा, पॉकेट मनी
- 7:57नहीं वो पापा मैं कह रही थी की। मैं ऐसा मतलब मैं मैं ऐसा कह रही
- 8:08थी मेरे कॉलेज में हाँ कॉलेज तो खत्म हो गया ना क्या हुआ है साफ
- 8:13साफ बताओ तुम इतना झिझक क्यों रही हो बेटा तुम्हे तो पता है मैं
- 8:16तुमसे इतना प्यार करता हूँ तुम कुछ भी बोलो क्या मांगना है मांगू
- 8:20पापा मैं वो एक लड़के को बहुत पसंद करते हूँ।
- 8:25वो मेरे कॉलेज का था, रंजन नाम है, हमारी फैम्ली जितना रिच नहीं
- 8:29है लेकिन वेल ऑफ है और मतलब वो मुझे बहुत पसंद करता है।
- 8:34अरे इतनी सी बात और उसको इतना बढ़ा चढ़ा कर बोल रही थी, मुझे
- 8:38लगा नजान ये क्या हो गया होगा? तो मतलब पापा आप आपको कोई
- 8:42प्रॉब्लम नहीं है नहीं है बेटा। प्रॉब्लम है।
- 8:47मैं तो बस जान रहा था की तुम कितने प्यार में थी।
- 8:51हमारे घर के रिश्ते ऐसे नहीं किए जाते की कॉलेजस में और लड़कों के
- 8:56साथ बात कर ली। प्यार हो गया और शादी करवा दी
- 8:58जाए। हमारा एक रुतबा है, एक इज्जत है
- 9:02इस शहर में। और जब मेरी बेटी की शादी होगी तो
- 9:05वो किसी ऐसे आदमी से होगी की पूरे शहर में चर्चा हो।
- 9:09किसी ऐसे ही रोड छाप आदमी से नहीं पर पापा वो रोड छप छप सीधा अपने
- 9:15कमरे में जाओ। हीर को कहीं ना कहीं पता था की
- 9:20शायद उसकी जिंदगी में ये होने वाला था।
- 9:24और इसीलिए वह प्रिपेर्ड थी। उसने रंजन को फ़ोन किया और कहा
- 9:29रंजन कहा था ना तुम्हें चाहिए था। घरवालों के आशीर्वाद पर मैं जानती
- 9:34थी वह कभी नहीं मानेंगे तुम्हारे कहने पर मैंने कोशिश की और
- 9:41उन्होंने उसपे बंदिशें लगा दे पर जैसा पहले से सोच रखे थे मैं आ
- 9:47रही हूँ रेलवे स्टेशन पे जैसे तैसे यहाँ से हैंडल करके तुम मुझे
- 9:51रेलवे स्टेशन पे मिलना और पस्त। हम शादी करेंगे, एक साथ रहेंगे और
- 9:57मेरे लिए तुम्हारे साथ रहना ही बहुत है।
- 9:59क्नॉइस मैं किसी ऐसे इंसान से शादी नहीं कर सकती जिसके बारे में
- 10:02ना मैं जानती हूँ ना मैं कभी उसे प्यार कर पाऊंगी।
- 10:05अगर मेरे दिल में तुम हो तो सिर्फ तुम रहोगे।
- 10:08इसीलिए बस रंजन ने भी कहा ठीक है मैं स्टेशन पे मिलूंगा भागते
- 10:15दौड़ते क्नॉइस। जब ये स्टेशन पे जाती है तो देखती
- 10:18है की रंजन वहाँ था ही नहीं और सोचती है रंजन की मेरे घर वाले
- 10:26पहले ही रंजन तक पहुँच गए पर नहीं।
- 10:29मैंने तो रंजन को पहले बोला था ना की वो यहाँ से चला जाए और उसने तो
- 10:32आंटी को भी घर भेज दिया था ना अपने नानी के घर?
- 10:35तो घर पे ताला होगा, क्या हुआ होगा?
- 10:39क्या रंजन ने मुझे धोखा दिया होगा?
- 10:43इसीलिए वो मना कर रहा था। शादी से की, पहले घरवालों को मनाओ
- 10:46वो जानता था की घरवालों कभी नहीं मानेंगे क्या क्या हुआ होगा?
- 10:52जब हमें कोई चीज़ पता नहीं होती है तो दिमाग में हजारों ख्याल
- 10:55रहते हैं। वहीं हो रहा था अहीर के साथ भी
- 10:59क्या सच में रंजन ने उसे धोखा दिया था या रंजन कभी वहाँ तक
- 11:02पहुँच ही नहीं पाया? पर इतने ख्यालों में उलझी हीर के
- 11:07कंधे पर जब रंजन ने हाथ रखा तो वो उसके जान में जाना और बोली।
- 11:12तुम पागल हो क्या रंजन कहाँ थे मेरे ख्याल इतने आये जा रहे थे
- 11:16दिमाग में मुझे लगा तुम्हें किसी ने पकड़ तो नहीं लिया?
- 11:19रास्ते में कुछ तो नहीं हो गया तुम तुम ऐसे ऐसे कैसे कर सकते हो?
- 11:22मैंने तुम्हें पहले बता दिया था तुम्हें यहाँ मुझसे पहले होना
- 11:25चाहिए था हीर हीर हीर मैं यहीं हूँ बस ट्रैफिक जाम था रास्ते
- 11:31में। इस वजह से थोड़ी देरी हो गई।
- 11:33तुम तुम पानी पियो, शांत रहो, कोई बात नहीं मैं हूँ यहाँ पे जा रहे
- 11:38हैं हम यहाँ से बहुत दूर अपने दिल से, इन सब ख्यालों को निकाल दो अब
- 11:43हमारी एक ज़िन्दगी की शुरुआत होने वाली है।
- 11:46एक नई ज़िन्दगी के हीर की आँखों में आंसू थे।
- 11:50पर जब वो रंजन से गले मिलती है तो कहती है सही कहा तुमने अब सब ठीक
- 11:56हो जाएगा। पर फिर जब ट्रैन को थोड़ा टाइम
- 12:00लगता है तो रंजन कहता है चाय ले आओ, तुम्हारे लिए चाय नहीं पसंद
- 12:04मुझे रंजन कॉफ़ी हाँ भाई हाँ। तुम कहाँ फिर मुझ जैसे चाय के साथ
- 12:10से यू नो चाय लवर के साथ कैसे काटोगे?
- 12:12ज़िन्दगी काट लूँगी उसकी बात मत करो तुम जाके ना एक कप कॉफ़ी लेके
- 12:16आओ जी मैम साहब वहाँ हीर बैठी थी और रंजन कॉफ़ी लेके आ रहा था।
- 12:23तभी कुछ लोग आते हैं और हीर को वहाँ से उठाकर ले जाने लगते हैं।
- 12:27चिल्लाते है और रंजन वहाँ आ जाता है।
- 12:30वहाँ रेलवे स्टेशन पे काफी लोग खड़े थे और हाथापाई होने लगी।
- 12:34उन लोगों में किसी को समझ नहीं आ रहा था की हो क्या रहा है और उसी
- 12:38हाथापाई में गलती से उन लोगों की जब लड़ाई हो रही थी।
- 12:42रंजन से गलती से हीर को ऐसी तेज धक्का लगी की वो एक बैन से जाके
- 12:47टकरा गई। उसके सर से खून बहने लगा और तभी
- 12:50उसके पापा भी स्टेशन पर आ गए। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था की
- 12:53आखिर चल क्या रहा था? उसके पापा ने शोर मचा दिया की ये
- 12:57लड़का मेरी बेटी को बहला फुसला के यहाँ तक ले आया था।
- 13:01पता नहीं ये क्या सोच रहा था हम इतने बड़े घर के लोग है क्नॉइस और
- 13:05वहाँ पे तमाशा हो गया। शायद ये सब उसके पापा का किया धरा
- 13:08था और तभी वहाँ पे पुलिस आ जाती है जो रंजन को वहाँ से ले जाती
- 13:14है। रंजन के सामने हीर पड़ी थी बेहोश
- 13:18खून से लथपथ उसके पापा उसे हॉस्पिटल ले जा रहे थे पर रंजन
- 13:22चाहता था उसके साथ जाना। आखिर वो वो ठीक तो है ना, पर वहाँ
- 13:27कुछ लोग कह रहे थे कि शायद ये लड़की नहीं बच पाएगी।
- 13:30खेर की कहानी का हैन भी ही रंजा जैसा होगा।
- 13:34क्या रंजन कुछ कर भी पाता वो इतने बड़े लोग थे की ऐसे लड़ता उनके
- 13:40साथ? फिर उसके बाद रंजन जेल जाता है।
- 13:45और उसके पापा ने उसके खिलाफ़ काफी बड़ा केस लगाया था की उसने उसकी
- 13:50बेटी को किडनैप किया। उसके साथ कुछ गलत करने वाला था।
- 13:54बहुत सारी चीज़े रंजन कुछ भी कहता, किसी ने कोई सुनवाई नहीं
- 13:58की। उसकी उसके घरवाले कोशिश कर रहे थे
- 14:01उसे छुड़ाने की। पर फिर?
- 14:04पूरे पांच महीने गुजर गए। रंजन अब भी जेल में ही था पर उसे
- 14:11नहीं पता था कि क्या हुआ? हीर के साथ वो ठीक थी, जिंदा थी।
- 14:18कुछ भी नहीं पांच महीने बाद उसके पापा के।
- 14:23किसी बहुत बहुत ही अच्छे दोस्त ने उनकी हेल्प की और तब जाके रंजन उस
- 14:29केस से बरी हुआ क्योंकि अब हीर भी सही सलामत थे और पता नहीं क्यों
- 14:34पर शायद हीर के घरवालों ने वो केस वापस ले लिया था।
- 14:38क्यों कैसे किसी को नहीं पता चला। तो इसीलिए जब रंजन बाहर आया तो
- 14:42सबसे पहले उसने कोशिश की वो हीर से मिले और वो कैसे भी करके जब
- 14:47हीर के पास पहुंचा तो उसने देखा की हीर उसे ऐसे ट्रीट कर रही थी
- 14:52जैसे वो उसे पहली बार मिली थी। क्या हुआ था हीर के साथ?
- 14:56फिर वो उसकी कॉलेज के दोस्त के पास फ़ोन मिला था और तब उसे पता
- 15:00चलता है की हीर चार महीने से कोमा में थे।
- 15:04उसके बाद जब उसे होश आया तो उसकी याददाश्त जा चुकी थी।
- 15:10शायद ये पूरा प्लान उसके पापा का था।
- 15:12हालांकि उसमें हीर के लग्न शायद इन्क्लूडेड ना भी था पर वो गलती
- 15:17से हुआ था पर हीर की मेमॅरि नहीं थी।
- 15:21हीर की मेमॅरि में रंजन था ही नहीं और रंजन हाँ जो सवाल के इर्द
- 15:27गिर्द घूम रहा था, जो एक बार हीर ने उससे पूछा था कि अगर मैं
- 15:31तुम्हें भूल गई तो क्या करोगे तुम?
- 15:35और रंजन ने कहा था कि प्यार एक एहसास है तो मैं वापस से खुद से
- 15:41प्यार करवाऊंगा। शायद अब रंजन क्या करता है, उसे
- 15:45नहीं पता था। उसके दोस्त की हेल्प मांगता है
- 15:49वो। और वो जानती थी की हीर सच में
- 15:51बहुत प्यार करती थी। रंजन से तो वो भी मदद करती है।
- 15:54उसकी उसके पापा ने उसके फ़ोन में से उसकी गैलरी में से हर जगह से
- 15:59मनोरंजन को मिटा दिया था। दोस्तों से मना कर दिया था की कोई
- 16:03भी उसे रंजन के बारे में नहीं बताएगा।
- 16:05इतने इन्फ्लुएंशियल लोग थे की उनके कहने पर कोई ना करे।
- 16:09ऐसा तो मुमकिन ही नहीं था। हीर अब खुद के ही पापा के ऑफिस
- 16:13में काम करने लगी थी। वहाँ पे भी सबको बता दिया गया था
- 16:16कि इन पांच महीने में क्या हुआ? वो हीर को नहीं बताना है।
- 16:20उसकी मेमॅरि में से मनोरंजन को खत्म कर दिया गया था।
- 16:24एक एक को एक एक बात को। उसके पूरे कमरे में से जितनी भी
- 16:29निशानियाँ थी, रंजन की जीतने फोटो थे।
- 16:31सब कुछ खत्म कर दिया गया था। अब मानो हीर के लिए रंजन कोई था
- 16:36ही नहीं और फिर रंजन के कहने पर उसके दोस्त उसे कैफ़े में मिलने
- 16:41बुलाते है। हालांकि अब उसके घरवाले जानते थे
- 16:44कि रंजन शायद उस शहर को छोड़ चुका है पर रंजन यहाँ छुपकर रह रहा था।
- 16:48उसके बाद रंजन भी जाता है उसी सेम कैफ़े में और दूर से बैठकर हीर को
- 16:52देखता है और सोचता है कि ठीक हो तुम मैं तुम्हारे उन सवालों को
- 16:58कितना मिस कर रहा हूँ वो मैं खुद नहीं बता सकता तुम्हें।
- 17:02बस प्लीज़ तुम जल्दी से ठीक हो जाओ और हीर अपने दोस्त से कहती है
- 17:08यार कुछ अजीब सा लग रहा है, ऐसा पहले कभी नहीं लगा।
- 17:14कुछ अजीब और तभी कैफ़े में जो वेटर था उसने रंजन आपकी कॉफ़ी
- 17:21तैयार है। और इतना सुनते ही हीर ने कहा रंजन
- 17:26ये नाम सुना सुना सा नहीं लग रहा है मुझे क्या पता तू बता जब उसके
- 17:32दोस्त ने ऐसा कहा तो फिर हीर ने कहा ये नाम कहीं तो सुना है रंजन।
- 17:41पता नहीं यार कुछ अजीब सा लग रहा है।
- 17:44उसके बाद रंजन अपनी कॉफ़ी लेकर आता है और हीर को फिर देखता रहता
- 17:48है। फिर कुछ दिन गुजरते है, फिर से
- 17:51उसके दोस्तों से मिलने बुलाते है और इस बार रंजन हीर के पास जाता
- 17:56है और कहता है। माँ ऍम कैन आई टेक युअर फ़ोन मेरे
- 18:00फ़ोन की बैटरी खत्म हो गई है और मुझे अपने घर पे एक फ़ोन मिलाना
- 18:02है। क्या मैं आपका फ़ोन यूज़ कर सकता
- 18:05हूँ और मानु हीर वो सब कुछ सुन रही थी पर एकदम स्तब्ध खड़ी थी
- 18:10तुम की क्या हम पहले मिले हैं रंजन?
- 18:16अपने दिल को इस दर्द को छुपाकर कहता है नहीं माँ ऍम नहीं तो पहली
- 18:20बार आपको मिला हूँ और आपसे फ़ोन की हेल्प मांगना ओह या शुर शुर आप
- 18:25आप मेरा फ़ोन यूज़ कर सकते है। उसमें रंजन अपना नंबर खुद मिलाता
- 18:30है और उसके बाद वहाँ पे ही फिर सोच में पड़ जाती है कि।
- 18:35कहीं तो मिली हूँ मैं इससे कुछ तो जैसे मानो कुछ तो भूल रही हूँ मैं
- 18:41तुझे याद क्यों नहीं आ रहा है मुझे उसके बाद उसके दोस्तों से
- 18:45कहती है तू अपने दिमाग पे इतना ज़ोर मत डाल, कुछ नहीं हुआ यार आई
- 18:49मीन, वो ऐसे कोई स्ट्रेंजर था? तू इतना टेंशन क्यों ले रही है?
- 18:52टेंशन नहीं यार। ऐसा लग रहा है मानो बहुत वक्त से
- 18:57कुछ जा रही थी। मैं कुछ पूरा होने वाला था पर
- 19:03पूरा होने से पहले खत्म हो गया। आई नो तू सोच रही होगी की मैं
- 19:07क्या बोल रही हूँ, मुझे खुद नहीं पता है मैं क्या बोल रही हूँ पर
- 19:11पर। उस उस दिन, कैफ़े में भी यही
- 19:13लड़का था ना शायद रंजन ये नाम सुनकर ऐसा लगता है मानू सुना है
- 19:19मैंने ये नाम पहले में बातें की है इस इंसान से पर फिर मुझे कुछ
- 19:27याद क्यों नहीं है? अरे तू तू टेंशन मत ले।
- 19:31कुछ याद नहीं भी होगा तो याद आ जाएगा।
- 19:33इसका मतलब मैं कुछ भूल रही हूँ नहीं, मेरा कहने का मतलब है कि
- 19:37कुछ भी हो सकता है ना? उसके दोस्त ने बात संभाल ली और
- 19:40उसके बाद फिर कुछ दिन गुजरे। इस बार जब ऑफिस के बाद काम करने
- 19:45के बाद खुद से ही अपने ऑफिस के बाहर वाले गार्डन में घूम रही थी।
- 19:51फिर से रंजन उसे मिलता है और रंजन कहता है माँ ऍम कॉफ़ी कॉफ़ी यहाँ
- 19:59मैंने तो कोई कॉफ़ी ऑर्डर नहीं की थी नहीं माँ ऍम अपना ऑर्डर की थी
- 20:02कॉफ़ी आपके नाम से ही ऑर्डर आया था तुम वही हो ना पार्क वाले
- 20:08लड़के, कैफ़े वाले भी रंजन। जी माँ ऍम अक्चवली मैं एक डेलिवरी
- 20:15बॉय ही हूँ तो आप इसी जवाब का ड्रेस था, आप ही का नाम था पर तुम
- 20:20कैसे जानते हो की मैं ही हूँ वो बताओ बताओ हो कौन तुम और मेरा
- 20:28पीछा क्यूँ कर रहे हो और तुमसे मुझे वो?
- 20:30वो फीलिंग क्यों आती है जैसे मानो जैसे मानो कुछ अधूरा रह गया था।
- 20:34पर तो तुम हो कौन और मैं मैं क्यों ऐसा बिहेव् कर रही हूँ?
- 20:39जब तुम्हें देखती हूँ तो ऐसा क्यों लगता है?
- 20:41जैसे जैसे कुछ तो है जो मैं भूल चुकी हूँ पर पर शायद।
- 20:48मेरा दिल नहीं बुला पा रहा है। आई नो, इट्स ए वेरी स्टुपिड एंड
- 20:51स्ट्रेंज बट तुम भी तो मुझे बार बार मिल रहे हो बताओ तुम मुझे
- 20:56रंजन कहता है हीर शायद तुम मुझे भूल चुकी हो, पर तुम्हारे दिल को
- 21:02मैं आज भी आता हूँ पूछा था ना तुमने मुझसे?
- 21:06क्या हो अगर किसी दिन तुम्हारी मेमोरी चली जाए?
- 21:09कैसे याद दिलाऊंगा तुम्हें? कहा था ना तुमसे, शायद मुझे याद
- 21:14दिलाने की जरूरत ना पड़ेगी तुम्हारा दिन खुद मुझे पहचान
- 21:18जायेगा और वही हो रहा है। तुम्हारा दिल कोशिश कर रहा है
- 21:23तुम्हारे दिमाग को याद दिलाने कि मैं हूँ कौन आएगा तुम्हें हाथ और
- 21:30नहीं आए तो अपनी बुक हेल्प में जाना बुदरंग हाइट्स उठाना वहाँ
- 21:37जीस पन्ने पर लिखा है, व्हाटएवर आवर सोल्स, अरे मेड ऑफ।
- 21:41इस पन्ने पर देखना क्या देखना। तभी उसके पापा वहाँ आने लगते है
- 21:48और वो वहाँ से चला जाता है और कहता है प्लीज़ इस बारे में किसी
- 21:50को मत बताना और उस कॉफी को उसे थमा कर वहाँ से चला जाता है।
- 21:55हीर को भी समझ आ रहा था कि कुछ तो था।
- 21:57वो जल्दी से अपने घर जाती है, वो द्रंगहीच उठाती है, उस पन्ने पर
- 22:01जाती है और देखती है की वहाँ एक तस्वीर थी उसकी रंजन के साथ जीस
- 22:09पर पीछे लिखा था टु मैं लव अगर मैं तुम्हे कभी भूल भी जाऊंगा।
- 22:15तो ये तस्वीर तुम्हारी किताब में रखती है या तुम मुझे भूल जाओगी?
- 22:21इस तस्वीर को देखना शायद तुम्हे याद आ जाएगा।
- 22:24वो तस्वीर उस दिन की थी जब रंजन ने हीर को प्रोपोज़ किया था और
- 22:29उसे देखने के बाद हीर को लगा कि अगर।
- 22:33इस इंसान को मैं पसंद करती थी तो मुझे याद क्यों नहीं है?
- 22:38इसके बाद वो अपनी माँ से पूछते माँ मुझे कुछ हुआ है क्या?
- 22:42मुझे कोई बिमारी है क्या? उसकी माँ कहती है, अरे तू ऐसा
- 22:45क्यों बोल रही है? क्योंकि माँ मुझे कभी कभी ऐसा
- 22:47लगता है जैसे मैं मैं कुछ भूल रही हूँ।
- 22:49अरे नहीं ऐसा कुछ नहीं है, कुछ दिन गुजरते है।
- 22:531 दिन उसके पापा उसे कहते हैं, एक फाइल लाने की जब वो उनके कमरे से
- 22:57वो फाइल लेने जाती है तो देखते हैं कि उसकी रिपोर्ट्स थी और जब
- 23:03उन पर खुद का नाम देखकर वो उन्हें पढ़ती है तो समझ आता है कि उसके
- 23:07साथ उस कुछ वक्त में क्या हुआ था? और फिर उसे शायद धीरे धीरे चीज़े
- 23:12समझ आने लगती है। वो अपने उसी दोस्त को फ़ोन मिलाते
- 23:16और कहती है तुम मुझसे अभी मिलने आ पर हुआ क्या है?
- 23:19तुम मुझसे अभी मिलने आओ उस पार्क में प्लीज़ जब उस पार्क में जाती
- 23:24तो कहती है ये फोटो रंजन कौन है रंजन और क्या हुआ था मेरे साथ?
- 23:29मैं चार महीने कोमा में थी यार मुझे मुझे मेरे घर वाले क्यों
- 23:31नहीं बता रहे? ये बात मेरी मेरी माँ से पूछने के
- 23:34बाद भी वो मुझसे झूठ बोल रही है क्यों?
- 23:37क्या छुपा रहे है? ये लोग मुझसे और क्यों छुपा रहे
- 23:39है और वो लड़का रंजन अगर मैं उसे इतना प्यार करती थी तो वो मुझे
- 23:43सामने से आके क्यों नहीं बता रहा है?
- 23:45ये बात ऐसे पहिलिया क्यों बुझा रहा है?
- 23:48उसकी दोस्त कहती है, शायद ये बताने के लिए मैं सही इंसान हूँ
- 23:51तो कौन सही? इंसानों से बुलाव और रंजन वहाँ
- 23:55आता है उसे देखते ही उसके दोस्त वहाँ से चले जाते हैं।
- 23:59फिर रंजन उसे बताता है जो कुछ भी उनको जरे दिनों में हुआ था, हीरम
- 24:05चाहने वाले थे यहाँ से दूर। इस सब चीज़ से दूर इस पॉलिटिक्स
- 24:11से दूर पर उसी दिन तुम्हारे घरवालों ने तुम्हारे लिए शायद ये
- 24:18प्लान बनाया कि वह तुम्हें वहाँ से ले जाएंगे और रज्ज़ा मुझ पर
- 24:22लगा देंगे कि मैंने तुम्हें किडनैप किया था और फिर मैं जेल
- 24:25में रहूंगा। पर शायद उनकी स्क्रिप्ट में ये
- 24:29नहीं लिखा था की तुम्हारी यादाश चली जाएगी उनके लिए और आसान हो
- 24:33गया तुम्हारी यादों से मुझे मिटाना पर शायद तुम्हारा दिल कभी
- 24:37मुझे भुला ही नहीं पाया था और वो पांच महीने कैसे गुजरे मैं तुम्हे
- 24:43बता नहीं सकता। हर दिन सोचता था कि।
- 24:47तुम तुम ठीक हो ना? शायद मैं तुम्हें उस दिन भगाकर
- 24:51नहीं ले जाता तो ये सब नहीं होता। रंजन ट्रेन वाले दिन मैं गिरी थी,
- 25:02खून बहा था बहुत सारा और फिर मैं। पिट्टल गई थी कुछ था जो मुझे दिखा
- 25:10था स्टेशन पे पुलिस पुलिस ले जा रही थी तुम्हे हैं ना तो मेरे
- 25:20पापा तुम्हे क्यों बुलाना चाहते हैं?
- 25:24क्योंकि मैं तुम्हारी तरह अमीर नहीं हूँ नाहीर उतना अमीर नहीं
- 25:28हूँ। शायद इसलिए इन चोचलो के लिए
- 25:32जिन्हें लोग कहते हैं कि समाज उसके चार लोग उन्हें लगता है कि
- 25:36तुम मेरे साथ शायद उतनी खुश ना रह पाओ जितनी किसी अमीरजादे के साथ
- 25:40रह पाओ। उन्हें लगता है कि पैसा ही सब कुछ
- 25:43होता है। शायद प्यार उनके लिए कभी था ही
- 25:46नहीं और इसीलिए उन्होंने कोशिश की थी तुम्हे मुझसे दूर करने की, पर
- 25:52मैंने कहा था तुमसे अगर तुम मुझसे सच्चे दिल से प्यार करती हो तो
- 25:56तुम मुझे कभी नहीं भूल पाओगी। हमारा इश्क कभी अधूरा नहीं रहेगा।
- 26:02हीर उसे हक करती और कहती है मुझे नहीं याद सारी बाते, सारी यादें
- 26:09और इतना जरूर जानती हूँ की कुछ रिश्ता है तुमसे कोई ऐसा रिश्ता
- 26:13जो मैं भुलाके भी नहीं भूल पायी तू मेरा दिल नहीं भूल पाया और
- 26:19यादों का क्या है फिर से बना लेंगे।
- 26:22और रही बात मेरे पापा की, शायद इस बार उन्हें नहीं पता हमारे
- 26:27स्क्रिप्ट मैं आज ही तुम्हारे साथ चलूँगी पर हीर तुम्हे मुझपे इतना
- 26:32भरोसा है। खुद से भी ज्यादा वो तस्वीर मिली
- 26:36मुझे और उसके बाद कुछ हल्की यादें आने लगीं।
- 26:41तो याद आया की मैंने ड्रॉवर में कुछ छुपाया था बट क्या ये नहीं
- 26:45आता ढूंढा पूरे कमरे में तब जाके मुझे तुम्हारे कुछ गिफ्ट्स मिले
- 26:50थे धीरे धीरे याद आई चीजें पर पूरी तरह नहीं वो याद नहीं जने
- 26:56मैं भूल गई हूँ हम फिर से बना लेंगे पर अब यहाँ नहीं रह सकती
- 27:00मैं। इन झूठे लोगों के पास जो कहते है
- 27:03की मेरा परिवार है, पर क्या उन्हें मेरी खुशी की पड़ी है?
- 27:06क्या वो मुझे नहीं बता सकते थे की मेरे साथ क्या हुआ?
- 27:09मुझे खुद तक को बुलवा दिया। उन्होंने क्यों अपने उस अहम के
- 27:13लिए, अपने उस झूठ के लिए, उन चार लोगों के लिए, समाज के लिए क्या
- 27:18मैं उनकी बेटी नहीं थी? पर जो भी है अब शायद वो सब नहीं
- 27:25होगा तो बस यही यही बात है, मैं तुम्हारे साथ चलने के लिए तैयार
- 27:35हूँ बस यहाँ से दूर चलते हैं। किसी ऐसी जगह जहाँ जहाँ ये सब ना
- 27:41हो सिर्फ मैं और तुम होंगे। इसके बाद रंजन कहता है हीर राँझा
- 27:48की कहानी पूरी हुई या नहीं? अहीर रंजन की जरूर होगी मैं
- 27:53तुम्हें ऐसी जगह ले जाऊंगा जहाँ तुम भूल के भी नहीं भूल पाओगे
- 27:58चीज़े उसके बाद वो उसे ले जाता है अपने एंसेस्ट्रल हॉउस जो पहाड़ों
- 28:03पे था बहुत खूबसूरत जगह जहाँ वो बैठते हैं, बातें करते हैं और फिर
- 28:09उसकी माँ उनके सामने वो लोग शादी भी करते हैं।
- 28:12हिट के पापा उसे ढूंढ़ते रहते हैं पर उन्हें हीर नहीं मिलती।
- 28:16वो हीर होने के भी सारे सबूत वही छोड़ गयी थी मानो हीर खत्म होगयी
- 28:21थी और अब उसने अपनी एक नई जिंदगी अपने रांजे के साथ यानी की अपने
- 28:25रंजन के साथ जीना शुरू कर दिया था।
- 28:28पहाड़ों की दुनिया बहुत खूबसूरत होती है।
- 28:31हीर ने नई कहानियों, नई यादे सब बनाया था।
- 28:35और एक नया जहाँ बसाया था रंजन के साथ और वही रंजन जिसका प्यार इतना
- 28:42स्ट्रांग था, जो हीर के दिल के उस एहसास को जितना भी मिटाने के
- 28:47लोगों ने कोशिश की कोई नहीं मिटा पाया।
- 28:50उसने फाइनली हीर को अपने प्यार का एहसास करा दिया और उस सवाल का
- 28:54जवाब भी दे दिया कि प्यार मिटाए नहीं मिटता तो ऐसी थी ये कहानी
- 29:01तुम मुझे बता सकते हो हौ डू यू, लाइक इट ऐट के, हेच यु अंडरस्कोर
- 29:06एस हेच इ आई अंडरस्कोर पे क्नॉइस। मैं तुमसे किसी और एपिसोड में टिल
- 29:11देन टेक केयर एंड बाय बाय।