Latest / Khushei Ki Duniya / Woh Kaun Tha | A Spooky Saturday True Horror Story
Transcript
- 0:00इस दुनिया में बहुत सारी चीजें पॉसिबल है।
- 0:04हम कई बार कई चीजों को झुठला देते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि हमने उन
- 0:10चीजों को अपनी आँखों से नहीं देखा होता या फिर हमने महसूस नहीं किया
- 0:16होता। पर।
- 0:18क्या हमारे मानने या ना मानने से किसी भी चीज़ का हो या ना हो सकता
- 0:24है नहीं बहुत सारी चीज़े ऐसे होती है इस दुनिया में शायद जिन्हें ना
- 0:31साइंस एक्सप्लेन कर पाए ना कुछ और जिसका कोई लॉजिक नहीं होता है।
- 0:37कुछ चीज़े बस। होती है आज की जो कहानी मैं
- 0:41तुम्हे सुनाने जा रही हूँ बिलीव मी?
- 0:45मुझे खुद पहले सुनने पर भरोसा नहीं हुआ की ऐसा कुछ हो सकता है
- 0:50आज के इस मॉडर्न जमाने में और ये कहानी एक बिलकुल 100% ट्रू स्टोरी
- 0:57है। और ये कहानी का दी वर्स्ट पार्ट
- 1:01ये है की ये बिल्कुल अभी रीसेंट टाइम की है।
- 1:06शायद जब मैं तुम्हें ये कहानी सुना रही हूँ वो लड़की सबको अभी
- 1:11भी झेल रही है एंड दट। इस दी वर्स्ट पार्ट।
- 1:17सुहाय गाइस थिस इस युअर होस्ट कम दोस्त खुशी एंड आई ऍम हियर विथ
- 1:22अनँद्अर हॉरर स्टोरी आई होप तुम ठीक हो अपने कानोमी लगा लो,
- 1:29दुनिया के थोड़े करे बाजाओ और कोशिश करना की तुम ऐसे कोई गलती
- 1:33ना दोहराओ। तो एक कहानी है वंदना की वंदना
- 1:38तुम्हारे मेरे जैसे एक आम से लड़के थे, जिसे अपना परिवार बहुत
- 1:45प्यारा था। खास कर अपनी माँ हम सबको अपनी माँ
- 1:49बहुत प्यारी होती है। जब बात आती है उनसे अपने देश पाठ
- 1:54करने की। पर चाहे वो लड़के हो जिन्हें जॉब
- 1:57के लिए घर छोड़ना पड़ता है या फिर लडकिया जिन्हें शायद शादी के बाद
- 2:03या किसी और चीज़ के वजह से घर छोड़ना पड़े।
- 2:07सबको जो मेजर मिस्स होती है माँ माँ के घर का खाना हर चीज़ की याद
- 2:13आती है और। वो भी ऐसे ही थी।
- 2:17वंदना बहुत प्यार करती थी अपने परिवार से आज कल तो हम लोग पढ़ाई
- 2:22के सिलसिले में बहुत पहले ही अपने घर को छोड़ देते है।
- 2:26कोई किसी एग्ज़ैम की प्रिपरेशन करने चला जाता है तो कोई कॉलेज
- 2:31में दाखिला होने पर ऐसा ही कुछ वंदना के साथ हुआ।
- 2:35वंदना को कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए लखनऊ से दिल्ली जाना था।
- 2:41वंदना को अपनी जब ये चीज़ रियलाइज हुई तो अब उसे अपना घर छोड़ना
- 2:47पड़ेगा। अपने माँ बाबा से दूर रहना पड़ेगा
- 2:50तो उसे बहुत डर लग रहा था। अफसोस हो रहा था की क्यों कुछ और
- 2:56टाइम वो अपने घरवालों के साथ नहीं रह सकती।
- 2:59बहुत सारे इमोशन्स थे जिन्हें वो छुपाना चाहती थी जब उसके घरवाले
- 3:05उसे बस तक छोड़ने आये। वो और उसके दो भाई बहन इन सब को
- 3:10जाना था हैयर स्टडीज़ के लिए क्नॉइस वंदना को बहुत रोना आ रहा
- 3:15था। इसलिए अपनी माँ से अपने आंसू
- 3:18छुपाने के लिए वो जल्दी से जाकर बस में बैठ जाती है।
- 3:23बस में उसके बगल में कौन था कौन नहीं उसे कुछ अंदाजा नहीं था,
- 3:28लेकिन ये उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल होने वाली थी।
- 3:34उसने अपने सबसे डरावने सपने में भी नहीं सोचा होगा।
- 3:37वंदना अपनी माँ से छुपकर बस में बैठ कर रोये जा रही थी।
- 3:42बगल में कौन था कौन नहीं उसे नहीं अंदाजा था।
- 3:45वो बस जो उसके साइड में बैठा था उसके कंधे पर सर रखकर रोये जा रही
- 3:50थी बेतहाशा। कई बार ऐसा होता है जब हमें रोना
- 3:55आता है तो ना हमें हमारे आसपास की चीज़े नजर आती है।
- 3:59आँखों में पानी भरा रहता है। वंदना के साथ भी कुछ ऐसा ही हो
- 4:04रहा था। वो बस रोए जा रही थी काफी देर।
- 4:09जो भी उसके साइड में था, उसके कंधे पर सर रखकर रोने के बाद जब
- 4:13बस फाइनली चलने लगी तो उसके भाई बहन भी बस में आकर बैठ गए।
- 4:19उनका सफर पूरा हुआ और वंदना पूरे सफर चुपचाप बैठी रही।
- 4:25उसके भाई बहन ने पूछा भी क्नॉइस? तो वंदना ने कुछ नहीं कहा।
- 4:29बस से उतरने के बाद वंदना के भाई बहन उससे पूछ रहे थे की अब आप ठीक
- 4:35हो दीदी लेकिन वंदना कुछ अजीब सी हरकतें करने लगी।
- 4:41अजीब बच्चों जैसी हरकतें वो डर रहे थे, घबरा रहे थे।
- 4:46क्नॉइस आखिर वो भी पहली बार अपने घर से अपने माँ बाप से दूर छुआए
- 4:50थे और वंदना के अजीबो गरीब हरकतों ने उन्हें और डरा दिया।
- 4:56ये सब हो ही रहा था की एक दम से वंदना हो सो जाती है।
- 5:01ये देख कर उसके दोनों भाई बहन घबरा जाते हैं।
- 5:04बहुत ज्यादा। जब वंदना की आँखें खुलती है तो
- 5:09अपने घर पर थी, उसके भाई बहन ने घरवालों को बुलाया था, वो आए थे
- 5:14और वापस से उन सबको घर ले गए। बन्ना की आँखें खुलने के बाद वो
- 5:20अपना कमरे का दरवाजा खोलती है और बाहर जाने लगती है।
- 5:25घर वालों को ये देख कर अजीब लगता है की ना उसने ये पूछा की वो घर
- 5:30कब आयी ना ये की आखिर उसके साथ हुआ क्या था?
- 5:35सीधे बाहर कहाँ जा रहे थे? बंदना अपनी चप्पल पहन कर सीधे घर
- 5:40से बाहर जाने लगी तो उसकी माँ ने उससे पूछा वंदना?
- 5:44कहाँ जा रही हो बेटा? उसने कहा आ रही हूँ मैं आ रही
- 5:48हूँ, वो फिर जाने लगी तो उसके पापा ने पूछा कहाँ जा रही हो तो
- 5:54उसने कहा वो बाहर बैठा है, मेरा इंतजार कर रहा है उससे मिलने जा
- 6:00रही हूँ बाहर कौन था पर क्नॉइस? उसके घरवालों के पूछने पर वंदना
- 6:05कुछ नहीं बोली, वो भी बाहर गए, कोई नहीं मिला उन्हें उन्होंने
- 6:11समझा बुझा कर वंदना को अंदर बिठा दिया और उस दिन से उसकी जिंदगी
- 6:17में एक तूफान आया, जो तूफान आज तक नहीं रुका।
- 6:22अब वंदना के साथ कुछ अजीबो करी भरकतें होने लगी।
- 6:26जैसे कोई था जो हर पल हर वक्त उसके साथ रहता था।
- 6:32पर कौन था ये इंसान, किसी को नहीं पता था।
- 6:36घरवालों ने उसके भाई बहन से पूछा की आखिर सफर के दौरान कुछ हुआ था?
- 6:42क्नॉइस? उन्होंने कहा दी अकेले बैठी थी।
- 6:44पूरे रास्ते पता नहीं उतरने के बाद अजीब सी हो गए प्रवंदना अकेली
- 6:52तो नहीं थी क्योंकि कोई तो था जिसके कंधे पर उसने सर रखा था तो
- 6:59आखिर वो कौन था क्नॉइस? सबके दिमाग में यही सवाल था, पर
- 7:04अब वंदना की ज़िन्दगी का सबसे बुरा नाइट में शुरू हुआ।
- 7:09हर वक्त उसके साथ उसे ऐसा लगता जैसे कोई है अजीबो गरीब हरकते कभी
- 7:16भी कुछ भी हो जाता उसके साथ। बहुत ज्यादा खुश होती तो मानो
- 7:23जैसे वो चाहता की उसकी ज़िन्दगी पर उसका कंट्रोल हो।
- 7:27एक बार जब वंदना अपने कुछ दोस्तों और भाई बहन के साथ एक पब में डांस
- 7:33कर रही थी, वो उसको करने के लिए वहाँ लेकर गए थे।
- 7:37शॉट्स बीते वक्त। उसके गले में मानो वो शॉट्स अटक
- 7:41गए। इस वजह से उसके गले में बहुत
- 7:44ज्यादा दर्द होने लगा। डॉक्टरों को दिखाया गया पर कुछ
- 7:48नहीं निकला। गले में उसके घरवालों ने उसे
- 7:51हिदायत दी की वो घर पर रहे और आखिर आज कल सुनता कौन है?
- 7:56वंदना को कई मंदिर दिखाया गया। कुछ भी नहीं हुआ।
- 8:00वंदना जिद करने लगी कि अब बहुत टाइम हो गया है, मैं संभाल लूंगी,
- 8:06मुझे भी पढ़ने बाहर जाना है। उसके भाई बहन जा चूके थे।
- 8:10पहले ही पढ़ाई के लिए वंदना ने बहुत जिद करके दिल्ली में अडमिशन
- 8:15लिया, वो और एक। उसके जानने वालों की बेटी 171
- 8:20कमरे में रहते थे। बट वो जानती थी कि कुछ तो गड़बड़
- 8:25थी। वंदना के साथ उसके साथ अजीबो गरीब
- 8:28चीजों का होना हर चीज़ से वो अनजान तो नहीं थी वंदना को
- 8:34पंडितों ने। कई सारे लोगों को जब उसे दिखाया
- 8:37गया तो वो हिदायत दी गई थी की वो अपने बाल ना ज्यादा खोले, इत्र
- 8:42ज्यादा ना लगाए लेकिन वंदना सुनती नहीं थी।
- 8:461 दिन रात के करीब 12:01 बजे वो अपने कमरे की बालकनी में बैठ कर
- 8:52पढ़ाई कर रही थी। उसकी जो दोस्त है वो अंदर कमरे
- 8:55में बैठी थी, फिर एक दम से वंदना की नजर जाती है।
- 8:59सामने सामने एक बूढ़ा आदमी बंदना को जा रहा था, पर देखते ही देखते
- 9:09वो आदमी वंदना के करीब आने लगा। आखिर।
- 9:13कैसे वो भी नहीं जानती थी वो उसके और करीब आने लगा और करीब आने लगा।
- 9:20यह देख कर वंदना भाग कर कमरे में जाती है और कमरे का दरवाजा लगा
- 9:24देती है। वह लड़की भी समझ गई थी कि कुछ तो
- 9:27बात थी, उसने वंदना से कोई सवाल नहीं किया तो वो चुपचाप सो जाते
- 9:32हैं। कुछ दिन गुजरते हैं, उसके घर वाले
- 9:36कहते हैं कि लौट आ, लेकिन बंदना नहीं मानते।
- 9:401 दिन अपने दोस्तों के साथ वो चाट पापड़ी खाने के लिए बाजार जाती
- 9:44है। बाजार जाने पर उसके सर पर एक काला
- 9:49खोवा आके बैठ जाता है को लगता है कि।
- 9:53ये कुछ ऐसे ही होगा। वो एक बार उस कौए को अपने सर के
- 9:58ऊपर से हटा देती है लेकिन 2 मिनट बाद फिर से वहीं कौवा वापस से आ
- 10:06जाता है। वंदना डर जाती है, लेकिन फिर से।
- 10:11ना सर झटक कर उसे वापस से भगा देती है।
- 10:15फिर जब तीसरी बार वापस से वहीं कुआ उसके सिर पर आकर बैठता है तो
- 10:21वो पागलों की तरह भागने लगती है। जब वो ज्यादा खुश होती तो मानो वो
- 10:26इंसान उसकी जिंदगी को कंट्रोल करना चाहता था, इंसान नहीं।
- 10:31सर आत्मा आखिर था कौन? वो अब वंदना के साथ इन हरकतों के
- 10:37बढ़ते हुए उसकी हालत भी खराब होने लगी।
- 10:41वो बीमार रहती है, चीजें सही नहीं थी।
- 10:45फिर उसके घरवाले उसे एक बहुत बड़ा मंदिर था वहाँ ले कर गए।
- 10:50वहाँ के पुजारी ने कहा कि कोई बहुत शैतानी आत्मा शायद उस दिन उस
- 10:58बस में आपकी बेटी के साथ थी। जब आपकी बेटी उसके कंधे पर सर
- 11:03रखकर रोने लगी तो वो उससे अटैच हो गया।
- 11:07वो उसके दुख में शामिल हो गया क्नॉइस।
- 11:10इसी वजह से अब वो इसका पीछा नहीं छोड़ रहा।
- 11:14वंदना का पीछा ना वो आत्मा कभी छोड़ पायी, ना शायद वंदना उसके
- 11:19बाद खुश रह पायी और आज भी वंदना ऐसे ही रहती है।
- 11:25वो चाहती है कि उसे उठा उठा के घूम रहा है क्नॉइस।
- 11:29हारना है तो एक बार में मार दे। मेरी खुशी से उसे प्रॉब्लम है।
- 11:33मेरी जीने से उसे प्रॉब्लम है तो मार क्यों नहीं देता?
- 11:37पर कुछ ऐसा ही होती है जिन्हें आपको तड़पाने में ज्यादा सुकून
- 11:42मिलता है। वंदना की उस दिन की एक छोटी सी
- 11:46गलती। उसकी ज़िन्दगी का इतना बड़ा कांटा
- 11:49बन जाएगी। उसने कभी अपने बुरे से बुरे ख्वाब
- 11:53में भी नहीं सोचा था पर आज वंदना उस आत्मा के साथ आज भी है और वो
- 12:00अपनी ज़िन्दगी जीने की कोशिश कर रही है और ये कहानी पूरी तरह से
- 12:06सच है। जो मुझे तुम में से ही एक लिस्ट
- 12:10मैंने सुनाई दी तुम्हें कैसी लगी यह कहानी तुम मुझे बताना और मैं
- 12:18खुद नहीं जानती की इसके बाद मैं क्या ही कहूं क्योंकि कुछ ऐसा
- 12:21सुना था जब मैंने पहली बार यह कहानी सुनी की कैसा भी होता है।
- 12:27क्या ये भी सच है? कौन था, वो क्यों उसके पीछे पड़ा?
- 12:33आज तक बंद रहे इन सवालों के जवाबों से जूझ रही है।
- 12:37पर अब उसकी ज़िन्दगी का एक हिस्सा बन चुका है।
- 12:42तुम मिलते हो तुमसे अगली किसी और कहानी में।
- 12:45अगर तुम्हारे पास कोई ऐसी रियल हॉरर स्टोरी है, तुम मुझे भेज
- 12:49सकते हो, सैटरडे में इन्वॉल्व करेंगे।
- 12:56ऑल्सो कहानियों का एक पर्टिकुलर स्केडुयूल आएगा प्रॉपर स्केडुयूल
- 13:00जो मैं तुम्हे कुछ वक्त में दे दूंगी एग्ज़ैम्स के बाद।
- 13:05तब तक के लिए टेक केयर, बाई बाई और सावधान रहना।