Latest / Khushei Ki Duniya / Ray Of Love❤️
Transcript
- 0:00तो है गाइस शी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू
- 0:04गाइस आई होप युअर गाइस मिस्ड मी। थोड़ी सी कम आवाज़ है प्लीज़ बेयर
- 0:07इट विथ मी ओह हाँ, ये कहानी है अभिनव और जानवी की और सॉरी एंड
- 0:15थैंक यू जिसने नेम्स भेजे उसके लिए थैंक यू एंड सॉरी।
- 0:18अभी कुछ लोगों की कहानियों नहीं आई हैं।
- 0:20तो वो आ जाएंगी। डोन्ट वोर्री एंड वेलकम बेक टु
- 0:22सीज़न 2 ऑर हाँ वॅन मोर थिंग आई डीड नॉट नीड टु शेयर विथ यू गाइस
- 0:26कि भाई हमारी ब्रॉडकास्ट वापस से रैंकिंग में आने लग गई है बट अब
- 0:30प्लीज़ इस रैंकिंग में रहने देना भाई मतलब बार बार जब रैंकिंग में
- 0:34नीचे चले जाते हैं भाई, दिल टूट जाता है एंड ट्रस्ट मी सीज़न 1
- 0:37एंड होने का एक रीज़न ये भी था। मैं बहुत ज्यादा की कर रही थी तुम
- 0:40लोगों ने तो अब की बार लेटस, जस्ट होप एंड प्रे की इस बार ये
- 0:46रैंकिंग में रहे बरकरार अगले साल के रैप अप तक सो दट।
- 0:50हमारा अच्छा सा रैप अप बने हाँ और सबकी कहानी आ जाएंगी।
- 0:55डोन्ट वोर्री अभी क्या है ना यार? थोड़ा सा कॉलेज वॉलेज का ये अभी?
- 0:58बहुत सारे और चीजें हैं अभी थोड़ी सी यू नो चीजों में मैं लग गई
- 1:02हूँ, बट डोन्ट वोर्री जैसे ही सब सॉर्ट होगा, सबकी कहानियों आ
- 1:05जाएंगी। सो जस्ट जस्ट चिल चिल आई शुड नॉट
- 1:10थिंक हाँ जीने के हैं 4 दिन यार ओह ओह कॉपरेट लग जाएगा भाई कि हम
- 1:15इसे एस ए लाइन देंगे जीने के 4 दिन हैं दोस्तों।
- 1:19चलो जोक्स ए पार्ट तो मैं तुम्हें कहानी सुनाती हूँ तो आपने कानों
- 1:24की यह प्लेक्स लगाई है। दुनिया से थोड़े से दूर हो जाइए
- 1:26एंड लेट मी स्टार्ट दी स्टोरी अच्छा कहानी शुरू करने से पहले एक
- 1:32बात कि मैंने तुम लोगों को बोला था अभी मोने कहा के अलावा किसी ने
- 1:35भी। कोई भी इश्यू अब तक तो नहीं भेजा
- 1:37है तो भेज देना भाई अदर्वाइज़ मुझे टॉपिक दे देना कोई बिकॉज़
- 1:41मुझे नेक्स्ट टॉपिक दिमाग कम चल रहा है।
- 1:43आजकल मेरा पता है कहानियों भी नहीं हो पा रही है।
- 1:45मेरे से पता नहीं मुझे क्या हो गया यार ना तो मुझे रिकॉर्ड करने
- 1:48का मन है ना मुझे एडिट करने का मन है।
- 1:51हमने सोचा था यूट्यूब को कुछ करेंगे और पता नहीं मेरे माँ को
- 1:54क्या हो गया लाइक। मैं यूट्यूब के लिए सबको बोला की
- 1:57भाई कर देना और जैसे एक 2 दिन हुए किसी का तो मेरे को गुस्सा से आने
- 2:01लगी की भैया की जगह कुछ नहीं आया। ठीक है सबको अपनी अपनी ज़िन्दगी
- 2:04जीने दो, अपना नाम खुद करो तो मैंने सबको मना कर दिया और मुझसे
- 2:07हो नहीं रहा। क्या हो रहा है यार मेरे साथ?
- 2:11मुझे खुद नहीं पता अब मैं इतने लो वौइस् में बोल रही हूँ ये भी ये
- 2:14पता है बिचारा। माइक थोड़ा बहुत काम कर रहा है
- 2:16वरना मैं तो बहुत ही गमावा आजमा बोल रही हूँ बिकॉज़ पहली बात ये
- 2:19मेरा रिकॉर्डिंग डोमने और दूसरी बात उसमें जाने की भी मेरी हिम्मत
- 2:22होगी। ऐसे अजीब सी हालत हो गई है यार
- 2:24बॉडी ऐसी हो गई है कि बस ही है यार ठीक है।
- 2:28थोड़ी बहुत तबियत का इश्यू है। थोड़ा बहुत यहाँ चलो बट हाँ भाई,
- 2:32मुझे वीडियो के लिए वीडियो एडिट करनी है।
- 2:35बट यार वो मत आना कि यार तुम्हारे पास टाइम नहीं भी है पर तुम्हारे
- 2:39पास टाइम भी है, वो वाला मत करना। प्लीज़ वैसे तो मुझे मिल गया है।
- 2:43मेरा एक पार्टनर है जो वीडियो एडिट कर रहा है।
- 2:45बट इन केस। तो कोई और टाइम हो तो आना
- 2:50अदर्वाइज़ दट्स ओके हाँ अब सुन लो कहानी भाई 3 मिनट हो गए हैं यार
- 2:55क्या है मैं नहीं सुना रही कहानी चलो ठीक है, सुन लो लगा ही लिया
- 2:58है दुनिया से दूर हो गया तो ये कहानी है अभिनव और जानवी की आई
- 3:04डोन्ट नो ये कहानी कितनी बड़ी होने वाली है?
- 3:06बट चलो सुन लो तो 1 दिन अभिनव अपनी कार से कहीं जा रहा था वेल
- 3:11जीस रास्ते पर वो था वो रास्ता काफी कम लोग लाइक यूज़ करते थे उस
- 3:16रोड को तो वहाँ पे उसे बहुत कम ट्रैफिक वगैरह मिलता था बहुत
- 3:19सिंपल सा बढ़िया सा रास्ता था अपना मस्त तो 1 दिन वो उस रास्ते
- 3:23से अपनी कार में बैठ कर बढ़िया हंसते खेलते कहीं जा रहा था।
- 3:27एंड सडेनली ही सॉ की एक कार ऑलमोस्ट अक्सीडेंट वाले वे में एक
- 3:32पेड़ से टकरा कर खड़ी हुई थी वहाँ पे वो जल्दी से वहाँ बाहर निकल के
- 3:36गया। उसने देखा की उसमें कोई है तो
- 3:38नहीं एंड येस सरप्राइज़ वहाँ पे अक्चवल में एक लड़की थी लेकिन उसे
- 3:43ज्यादा कोई चोट नहीं आई थी। बट फिर भी शायद वो कुछ तो कोशिश
- 3:47कर रही थी, कुछ उसे समझ में नहीं आ रहा था की अक्चवली में वहाँ वो
- 3:50कह रहा था ज्यादा लगी नहीं थी सर से थोड़ा सा खून बह रहा था।
- 3:54अभिनव जल्दी से उस गाड़ी की तरफ जाता है और फिर उस लड़की को हेल्प
- 3:58ऑफर करता है। बट?
- 4:01मतलब उस लड़की ने बहुत अजीब से वे में रियेक्ट किया और उसने बोला कि
- 4:04तुम यहाँ से चले जाओ एंड आई डोन्ट नीड युअर हेल्प और उसके सर से खून
- 4:08बह रहा था। उसे लग रहा था कि शी नीड एन हेल्प
- 4:10एंड आफ्टर ऑल? उसकी गाड़ी भी खराब हो गई थी तो
- 4:14कुछ तो प्रॉब्लम थी। बट उसने देखा कि वो लड़की इस चीज़
- 4:17से इतनी ज्यादा इर्रिटेटेड थी। की उसके ज्यादा नहीं लगी।
- 4:20यार कुछ तो अजीब था उसके बेहेवियर में एंड उसने ऐसे कई लोग देखे थे।
- 4:25उसके थोड़े बहुत बेहेवियर से ही वो समझ गया की वो यहाँ करना क्या
- 4:28चाह रही थी। अक्चवली शायद वो लड़की खुद सुसाइड
- 4:31करने वाली थी एंड क्योंकि उसका प्लान फैल हो गया।
- 4:34तो वो इर्रिटेटेड थी और वैसे भी जब वो ऑफर कर रहा था और इसीलिए वो
- 4:39उसे बोल रही है की तुम यहाँ से चले जाओ।
- 4:41देन थोड़ी देर बाद अभिनव ने अपनी कार की तरफ जाने लगा उसे कुछ तो
- 4:45उसके दिमाग में चल रहा था एंड सडेनली ही सॉ की कार का गेट खुला
- 4:49एंड वो लड़की बस भाग रही थी रोड पे एस की कोई और कार आए और उसे
- 4:53ठोक दे। एंड जैसे ही अभिनव ने ये देखा वो
- 4:56अपनी कार में बैठकर जल्दी से आगे गया एंड उसने उस लड़की को बोला की
- 4:59आप करना क्या चाहती हैं तो उसने बहुत क्लियरली उसे बोल भी दिया की
- 5:04ऐसा है ना तो तुम मेरे काम में पड़ो और ना मुझसे ज्यादा बात करो
- 5:07तुम यहाँ से जैसे जा रहे थे नॉर्मल्ली वैसे जाओ तुम्हें क्या
- 5:10मतलब है मैं यहाँ पे क्या कर रही हूँ?
- 5:12बट आफ्टर ऑल? ऑफ कोर्स क्या बोलने वाली थी?
- 5:15भाई? हाँ पर अभिनव को इस बात की बहुत
- 5:20चिंता हो गई की भाई ऐसे वो ऐसे थोड़ी ना किसी को छोड़ सकता था तो
- 5:24अभिनव ने कहा कि आप कार में बैठी हैं, आपके सिर से खून बह रहा है,
- 5:27आपको हॉस्पिटल जाने की जरूरत है और उस लड़की ने उसे और भी।
- 5:30यू नो बुरी तरह से उसे ट्रीट किया एंड कहा कि तुम प्लीज़ निकलो यहाँ
- 5:34से अब उसकी ये सब हालत देख कर और फिर उसने गुस्से में बोला कि मुझे
- 5:39मरना है तो प्लीज़ अब शांति से बंदा मर भी नहीं सकता क्या इस
- 5:42दुनिया में और ये कहते कहते वो रोने लगी।
- 5:45अभिनव को भी उसकी हालत समझ में तो आ रही थी, बट वो क्या करता?
- 5:51वेल, वो बहुत कुछ कर सकता था। एस।
- 5:53उसने ही एक सुसाइड प्रिवेंशन होम करके एक जगह दी जहाँ पे उसे जो भी
- 5:58लगता की भाई यू नो उसके एनजीओ टाइप था जहाँ पे लोग जिनको सुसाइड
- 6:03एटेम्पट की है, जिन्होंने या जो बच गए थे, ब्य गॉड्स ग्रेस तो वो
- 6:07उन्हें वहाँ पे रखते थे। ताकि उनके जो भी प्रॉब्लम है वो
- 6:11वहाँ सॉल्व हो सके और अपने जैसे लोगों से मिलते थे।
- 6:13वो धीरे धीरे बातें करते थे तो समझ में आता था की लाइफ इस वेरी
- 6:17प्रेसियस तो इसीलिए उसका एक ऐसा होम था और वो क्यों था?
- 6:21उसकी भी कोई स्टोरी रही ही होगी वरना ऐसे होम्स आजकल है कहाँ?
- 6:25जहाँ पे ऐसे सुसाइडेड लोग को रखता था वो।
- 6:28उन्हें समझता था, समझने की कोशिश करता था।
- 6:30वहाँ पूरा स्टाफ था इन लोगों की हेल्प करने के लिए एंड उसे लग रहा
- 6:34था कि जानवी भी शायद ऐसी ही एक लड़की है, जिसे हेल्प चाहिए।
- 6:38कह नहीं पाते हैं ऐसे लोग उन्हें लगता है कि काश हमें कोई समझ ले।
- 6:42जानवी की लाइफ में भी कुछ ना कुछ ऐसा जरूर चल रहा होगा, जिसकी वजह
- 6:46से। उसने इतना बड़ा कदम उठाया है।
- 6:48ट्रस्ट मी गाइस इट्स नॉट फनी ऑर एनीथिंग यू नो लाइफ बहुत
- 6:53इम्पोर्टेन्ट है इसको सीरियसली लिया करो या लाइफ में बहुत सारी
- 6:56प्रोब्लम्स आती है बहुत सारी चीज़े खराब हो जाती है बहुत सारी
- 6:59चीज़े ना उनप्लेंड हो जाती है की हम कुछ चाहते है कुछ किया।
- 7:03बट दट डस नॉट मीन एंड दट, डेफिनिट्ली डस नॉट गीव यू एनी
- 7:06राइट टु जस्ट एंड ऐट ऑल जीवन से प्यार करो एंड मैंने अपने पुराने
- 7:11ब्रॉडकास्ट एपिसोड्स में भी बोला है कि पास्ट में दो 3 साल पहले
- 7:15मैं हॉस्पिटल में रही थी। काफी टाइम के लिए तो आई रियलाइज्ड
- 7:19वहाँ पे लोग एक एक सांस के लिए। 60 साल के बुजुर्ग भी उतना ही
- 7:23तड़प रहे थे जितना एक 6 साल का बच्चा जितना 120 साल की लड़की या
- 7:27फिर जितना 140 साल के नॉर्मल इंसान।
- 7:29बिकॉज़ लाइफ इस प्रेस्स एंड जब तुम्हें लगता है ना की ये जारी है
- 7:33तब तुम्हारे आँखें खुलती है की नहीं यार ये तो बहुत इम्पोर्टेन्ट
- 7:36चीज़ है। इससे पहले मेरी भी लाइफ में बहुत
- 7:38सारी चीजें चल रही नहीं। एंड आई ऑल्सो थॉट की भाई इससे
- 7:41अच्छा तो मर ही जाते है बट देन जब मैंने वहाँ पे लोगों को देखा ना
- 7:44भाई एक एक सांस के लिए लड़ते हुए मैंने वहाँ देखा है छोटे छोटे
- 7:48बच्चों तक एंड दे ऑल वेर फाइटिंग इस चीज़ के लिए जैसे हम ऐसे ही
- 7:51सोचते है की ख्याल लाइफ क्या ही है, कोई ओवर स्पीडिंग करता है,
- 7:54किसी को कार देश चलाने का शौक है, किसी को सिगरेट पीने का शौक है,
- 7:57किसी को शराब ज्यादा पीने का शौक है।
- 7:58ये सब चीज़े तुम्हें उस एंड तक लेके जा रही है व्हिच इस नॉट गुड
- 8:01तुम जानते हो फिर भी ऐसे हरकते करते हो तो ये तो और भी एक बात है
- 8:04अपनी ज़िन्दगी से उतना ही प्यार करो जितना तुम अपने माँ, बाबा और
- 8:07लोगो से करते हो लाइफ इस लाइक तुम सोच भी नहीं सकते हो सबसे बहुत
- 8:11आगे है यू नेवर ट्राई ऑल दीज़ थिंग्स यार सब बेकार बाते है अपनी
- 8:15ज़िन्दगी जियो और ज़िन्दगी में सच में यार।
- 8:19मैं फिर से एक बार दोहराउंगी की अगर तुम वो अमिताभ बच्चन सर के
- 8:23लायन है ना बहुत अच्छी है अक्चवली उनके फादर की है की मन का हो तो
- 8:27अच्छा और मन का ना हो तो और भी अच्छा पहले तो मैं समझ ही नहीं
- 8:32पाई थी इस लाइन का मतलब क्या मन का नहीं हुआ तो कैसे अच्छा होगा
- 8:35बट दट। मीन्स की तुम्हारे मन का नहीं
- 8:37हुआ? और उनके मन का हुआ जो जानते हैं
- 8:40कि तुम्हारे जीवन में क्या जरूरी है?
- 8:43क्या होना चाहिए? सो बिलीव इन हिं बिलीव इन युअर
- 8:46गॉड, आई डोन्ट आई ऍम नॉट सयिंग की भगवान पे बिलीव करो अल्लाह पे
- 8:50बिलीव करो जीस पे, बिलीव करो जीसको भी तुम मानते हो अपने माँ
- 8:54बाबा खुद को बस बिलीव करो ही लाइफ।
- 8:57ब्यूटीफुल फ़ोन आ गया दोस्तों सो येस अक्चवली इट इस ब्यूटीफुल एस
- 9:04ये कॉल अक्चवली हर दिन एक कॉल आती है एंड आई ऍम सॉरी फॉर दट।
- 9:08मैं फ़ोन को म्यूट करना भूल गई थी।
- 9:10अब मैं तुम्हें ये बताती हूँ नहीं मैं इसे एडिट भी नहीं करने वाली
- 9:13भाई मेरे को मेरे से नहीं होती है।
- 9:14हाँ ये सब एडिटिंग हाँ तो सॉरी सॉरी सॉरी बेक ऑन ट्रैक।
- 9:18तो जाह्नवी की जब ये हालत देखी अभिनव ने एंड उसका एक पर्सनल रीसन
- 9:23था कि उसने एनजी ओह क्यों चला रखा था कि वो सुसाइड प्रिवेंशन चाहता
- 9:27था कि नहीं हो सुसाइड तो जानवी को उसने बोला कि आप कार में बैठिए
- 9:32प्लीज़ बट ऑब्वियस्ली भाई जानवी के सर पे अलग ही भूत सवार था।
- 9:36तो उसने जबरदस्ती जानवी को बिठाया।
- 9:38अपनी कार लॉक की कार और उसे लेकर गया अपने उस एनजी ओह वाले होम में
- 9:43वहाँ पे उसने जीतने भी स्टाफ वगैरह थे।
- 9:45उन्हें जानवी को मिलवाया, उसकी पट्टी वट्टी, गिरवाई एंड जानवी को
- 9:50भी उसने समझाया कि देखिए। ज़िन्दगी सबसे बहुत आगे है जो सब
- 9:53मैंने तुम्हे पूरा भाषण दिया है। वही से ने जानवी को दिया एंड कहीं
- 9:58ना कहीं जानवी को थोड़ा सा अकल तो आई तो जानवी ने भी उसकी उस टाइम
- 10:03पे बात मान ली। फिर जानवी को थोड़ी बहुत दवाइयाँ
- 10:06दी गई। थोड़ा उसका दिमाग यू नो काम में
- 10:08इसकी तरफ लाया गया। एंड तब जाके उनके योगा सेशन्स
- 10:11होते थे। वहाँ पे बहुत सारी चीजें होती थी।
- 10:13जानवी को शुरुआती दिन में जैसा सबके साथ वहाँ होता था, शुरुआती
- 10:17दिन में कोई नहीं जाता था वहाँ टिकना।
- 10:19लेकिन धीरे धीरे जब तक वहाँ के लोगों को नहीं लगता की इंसान अब
- 10:22स्टेबल है, सबकी जिंदगी इतनी ही प्यारी लगने लगी है वापस से तब वो
- 10:26उस एनजी ओह से जा सकते थे। एंड जाह्नवी के बारे में अभिनव
- 10:30जानना चाहता था बट ऑब्वियस्ली ऐसे तो वो अभी बता भी नहीं सकती थी तो
- 10:34इसलिए वो किसी को कॅाटाक्ट नहीं की बस वहाँ पे उस होम में जो वो
- 10:38था वहाँ पे रह रही थी लोगों को से बातें करना अभिनव वहाँ पे हर दिन
- 10:42आता है एंड अक्चवल में उस दिन भी वो उसी होम की तरफ जा रहा था एंड
- 10:46तब उसे जान भी मिली ज़िन्दगी है। ज़िन्दगी में प्यार इंसान कब हमें
- 10:50दोस्ती कब क्या टकरा जाएगा यू नेवर नो और ऐसा ही अभिनव और जानवी
- 10:55के साथ भी हुआ था कि जाह्नवी को जब अभिनव मिला तो उसे पता नहीं
- 11:00क्यों एक अपनापन लग रहा था उसमें तो जाह्नवी भी उसके बाद तो उसे
- 11:04बहुत जल्दी कन्विंस हो गए थे। दो, जाह्नवी की लाइफ में भी कुछ
- 11:07ना कुछ तो बहुत ही बुरा हुआ था कि उसने इस कदर अपनी जिंदगी खत्म
- 11:10करने का सोचा और कहते हैं जिंदगी सबसे बहुत आगे है तो जाह्नवी से
- 11:15मिलने अभिनव आने लगा। वो और लोगों से भी मिलता बट उसने
- 11:19देखा कि जानवी अभी भी थोड़ी नॉर्मल नहीं थी।
- 11:21अभी भी वो सब लोगों से अलग ही बैठती थी।
- 11:24तो अभिनव 1 दिन उसके पास जाके बैठा।
- 11:25अभी दो 3 दिन ही हुए थे। उसे आए एंड ही सैड की सू बात कर
- 11:30सकते हैं। हम ने कहा बैठ जाइए एंड सॉरी उस
- 11:35दिन मैंने आप पर ऐसे चिल्ला दिया मुझे नहीं चिल्लाना चाहिए था बट
- 11:39उस दिन ऐसा ही था तो अभिनव ने कहा उस दिन की बात चली ही है आई नो
- 11:43थोड़ा। दुख होगा तुम्हें बट क्या तुम
- 11:45मुझे बता सकते हो कि एग्ज़ैक्ट्ली क्यों तुम ये कदम उठा रही थी,
- 11:48क्यों तुम्हें अपनी गाड़ी का खुद अक्सीडेंट किया?
- 11:51क्या क्या हुआ था एंड जानवी ने कहा कि हुआ ऐसा कुछ नहीं था, बस
- 11:58मुझे मेरे पास और सबसे दूर जाना था और आई गेस बहुत कोशिश की।
- 12:03बहुत कोशिश की वहाँ से दूर जाने की अपने पास से दूर जाने की बट
- 12:06नहीं जा पाई। मेरे माँ बाप ने मेरे लिए इतना
- 12:09कुछ किया और एक अक्सीडेंट में अभी 3 दिन पहले उनकी डेथ हो गई।
- 12:15सो मुझे ये सब अब नहीं चाहिए। मुझे भी उनके पास जाना है और
- 12:20इसलिए ये सब मुझे लगा कि शायद मैं भी अगर अक्सीडेंट से ही मेरी मौत
- 12:25होगी तो शायद मैं उन लोगों से जल्दी मिल पाऊं।
- 12:28आई नो ये सुनने में बहुत स्टुपिड लग रहा होगा।
- 12:30बट आप नहीं जानते मेरे माँ बाप ने मेरे लिए क्या क्या नहीं किया?
- 12:34मुझे बस ये जिंदगी खत्म करके उनके पास जाना था तो अभिनव ने उससे
- 12:38पूछा कि सबके माँ बाप उनके लिए अच्छा ही सोचते हैं।
- 12:43वो जहाँ पर भी है वो वहाँ भी है। आज भी तुम्हारे लिए उतना ही अच्छा
- 12:46सोच रहे होंगे एंड शायद उनका ही अच्छा सोचना था की तुम आज जिंदा
- 12:49हो। खुश हो तो जानवी ने कहा वो
- 12:52ज़िन्दगी ही कैसी जिसमे वो लोग ना हो वही तो थे मेरा सब कुछ और मैं
- 12:57तो कब की मर जाती? अगर वो नहीं होते तो तो हमने पूछा
- 13:00की ऐसा क्यों कह रहे हो? आई मीन इस देर एनीथिंग एल्स जो
- 13:05जानना चाहिए तो जानवी ने एक लंबी सांस ली और फिर कहा हाँ, मुझे एक
- 13:11दिल की बिमारी थी, बचपन में ही डायग्नोस हुई थी।
- 13:14एंड काफी कोशिशों के बाद फाइनली अभी कुछ टाइम पहले लाइक डॉक्टर्स
- 13:20अब तक तो मुझे कैसे ना कैसे करके। दवाइयों से एक तब मेरा दिल फिर भी
- 13:25काम कर रहा था, लेकिन कुछ साल पहले मेरा दिल बिल्कुल काम करना
- 13:28बंद करने वाला था। एंड डॉक्टर्स ने बोल दिया कि अब
- 13:31मेरे पास जीने के सिर्फ कुछ ही महीने बाद मेरे माँ बाप बहुत रोए।
- 13:36फिर हमने कुछ हार्ट यू नो हार्ट ट्रांसप्लांट के बारे में बात की।
- 13:40बट कोई डोनर ही नहीं मिल रहा था। एंड देन फाइनली आउट ऑफ़ दी ब्लू 1
- 13:44दिन हमें पता चला कि हमें एक डोनर मिल गई है और यह आया मेरे माँ बाप
- 13:51ने अपना सब कुछ बेच दिया। सब कुछ सिर्फ इसलिए कि मेरा वो
- 13:56ऑपरेशन हो पाए और मैं आज जहाँ भी हूँ वो सिर्फ इनकी वजह से हूँ।
- 14:01और वो खुशबी थे। मैं भी खुश थी की फाइनली मुझे अब
- 14:05मेरे अंदर एक यू नो पहले मेरे अंदर एक ह्यूमन क्लॉक चलती थी की
- 14:09आज मैं उठ गई हूँ क्या पता मैं कल जिंदा हूँगी भी या नहीं क्या पता
- 14:14कब क्या हो जाए? लेकिन जब मेरा ट्रांसप्लांट हुआ
- 14:16फाइनली मैं अपने पेरेंट्स के साथ खुल केजी रहा चाहती थी।
- 14:21बट देखो किस्मत ही नहीं जाती थी, कुछ दिन पहले ही वह भी चले गए
- 14:25मुझे छोड़कर वह मुझे भी नहीं रहना है जिंदगी में बट देन अभिनव ने
- 14:31कहा हम जिनसे प्यार करते हैं ना कभी कभी भगवान उन्हें बहुत जल्दी
- 14:34बुला लेते हैं। मन करता है हमारा भी कि हम उनसे
- 14:38फिर से मिले जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी।
- 14:40उसके लिए हम बहुत सारे गलत कदम भी उठा लेते हैं।
- 14:43पर क्या तुम्हें लगता है कि जो हमसे प्यार करते हैं वो कभी भी
- 14:47चाहेंगे कि हम हमारी जिंदगी खत्म करने उनके लिए कभी नहीं चाहेंगे?
- 14:52वो ऐसा तो तुम्हें भी ये नहीं करना चाहिए था पर ठीक है।
- 14:56शायद तुम्हारे माँ बापों ने ही मुझे उस दिन वहाँ भेजा।
- 14:59और तुमने वही रास्ता चुना है जीस रास्ते से मैं हर रोज़ गुजरता हूँ
- 15:03क्या पता इट्स ऑल डेस्टिनी यू नो एंड सी आज तुम जिंदा हो खुश हो पर
- 15:07देखो उस इंसान की कदर करो जिसका दिल तुम्हें मिला है उसकी भी कुछ
- 15:11ना कुछ तो प्रॉब्लम रही होगी ना सोचो बट वह भी कितना अच्छा करके
- 15:15गई अपनी जिंदगी तो उसकी गई पर तुम्हें एक नई जिंदगी दे।
- 15:19इतने सारे लोग चाहते हैं कि तुम जिंदा रहो और तुम ये सब नहीं करते
- 15:24और ऐसा कह कर अभिनव बस थोड़ी देर वहाँ शांत हो गया।
- 15:27जानवी ने कहा कि ऐसा एनजीओ तो मैंने पहली बार सुना है कि कोई
- 15:32सुसाइड प्रिवेंशन का एनजीओ भी होता है तो इसकी कोई कहानी तो
- 15:37अभिनव ने कहा हाँ। कहानी तो है सुनोगी?
- 15:40तुम तो जानवी ने कहा जरूर, वैसे भी मेरा मन तो लग नहीं रहा है
- 15:44यहाँ पे। प्रबनव ने कहा कि अक्चवली मेरी एक
- 15:48गर्लफ्रेंड थी, जिससे मैं बहुत प्यार करता था एंड हमारा सब कुछ
- 15:53सही था। बट देन 1 दिन अचानक से।
- 15:57उसके पेरेंट्स का उस पे फ़ोन आता है की उनका पूरा बिज़नेस धीरे
- 16:00धीरे खत्म तो होता जा रहा था, उन्होंने इस बात की उसे जानकारी
- 16:04भी नहीं दी थी। लेकिन फिर कुछ तो ऐसा हुआ की उनका
- 16:07पूरा बिज़नेस कैसे ना कैसे उनके हाथ से चला गया।
- 16:11इस बात को उसके फादर डाइजेस्ट नहीं कर पाए और उन्होंने सुसाइड
- 16:14कर ली और ये सब झेलने। की उसकी माँ में भी हिम्मत नहीं
- 16:18थी तो उन्होंने भी सुसाइड कर ली और मेरी गर्लफ्रेंड जो थी कामिनी,
- 16:22वो अकेले रह गई। मुझे सब के बारे में जब पता चला
- 16:26तो हम दोनों गए उसके घर फिर तब तक सब कुछ खत्म हो गया था।
- 16:32कामिनी अनाथ हो गई थी। इस बात का सदमा वो भी बर्दाश्त
- 16:35नहीं कर पाई। उस टाइम तक मैं हर रोज़ कोशिश
- 16:39करता, उसे चीयर अप करने की उसके दिमाग से सबको निकालने की पर नहीं
- 16:44कर पाया। उस टाइम बाद वो गायब हो गई।
- 16:47मैंने खूब ढूंढने की कोशिश की। बट कभी मिली ही नहीं मुझे फिर 1
- 16:51दिन बस एक खबर मिली। उसके बेस्ट फ्रेन्ड का कॉल आया था
- 16:55मुझे। उसकी बेस्ट फ्रेन्ड को भी शायद
- 16:57नहीं पता था की वो कहाँ गई है और उसने मुझसे कहा कि कामिनी ने भी
- 17:02सुसाइड कर ली और उसकी बेस्ट फ्रेन्ड को जस्ट थोड़ी देर पहले
- 17:06ही कूदने से पहले उसने उसे फ़ोन किया और उसे बोला कि वो मुझे भी
- 17:10ये बात बता दे ताकि मैं उसका इंतजार ना करूँ और मैं फिर भी आज
- 17:15भी। उसका इंतजार करता हूँ।
- 17:17पता नहीं क्यों? बस एक उम्मीद थी पर धीरे धीरे मैं
- 17:23भी वह चीज़ भुलाना चाहता हूँ एंड वह भी लास्ट में यही चाहती थी कि
- 17:27मैं खुश रहूँ। वह कितनी भी कोशिश कर रही थी, बट
- 17:30वह भुला ही नहीं पा रही थी अपने पेरेंट्स को।
- 17:32इसीलिए उसने लास्ट टाइम मुझसे फ़ोन पर बात करना भी।
- 17:36यू नो सही नहीं समझा बिकॉज़ उसे लगा कि शायद फिर मैं उसे ना भुला
- 17:40पाऊँ कभी और बस इसीलिए उसने अपने बेस्ट फ्रेन्ड को बोल दिया और
- 17:45यहाँ हूँ मैं आज मैंने सोचा कि उसके जैसे ना जाने कितने हैं लोग
- 17:50कितने लोगों का घर बर्बाद हो जाता है किसी अपने की सुसाइड के बाद?
- 17:55एंड इसलिए मैंने एनजीओ खोला था उसके याद में उसके लिए और देखो आज
- 18:01तुमसे मिला हूँ यहाँ पे आई जस्ट वांट की कोई भी ऐसे कदम ना उठाए
- 18:06सब सही रहे बस अब कुछ दिन ऐसे ही अभिनव और जानवी बातें करते रहे।
- 18:12एक दूसरे के बारे में उन्हें बहुत सारी बातें पता लगी।
- 18:15बहुत सारे ऐसे फ़ैक्ट्स जो जानवी कभी किसी से शेयर भी नहीं करना
- 18:19चाहती थी, बट वो बातें अभिनव के साथ कब हो जाती, उसे पता भी नहीं
- 18:23चलता। अभिनव भी पहली बार कामिनी के बारे
- 18:26में किसी को बताया था और उसे अच्छा लग रहा था।
- 18:29उसके बारे में बता कर किसी को ऐसे लग रहा था जैसे।
- 18:33कहीं ना कहीं काम नहीं। आज खुश है धीरे धीरे वो भी उसके
- 18:37दिल से। अब ऐसा होता है ना?
- 18:39हम बोलते हैं कि यार मूव ऑन कर लो, ब्रेक अप भूल जाओ, भूलना नहीं
- 18:43होता किसी को बस उस फॅक्ट को एक्सेप्ट करना होता है कि ठीक है,
- 18:47लोग चले जाते हैं। हाँ लोग चले जाते हैं कभी कभी हम
- 18:52से दूर। और उनकी यादें जो होती है ना वो
- 18:55हमेशा हमें संभाल के रखनी चाहिए क्योंकि वो यादें हमेशा खूबसूरत
- 18:59होती है। भले ही इंसान हो ना हो वो हमें
- 19:02छोड़कर चला भेजा है। तो क्या फिर ये कहते हैं मूव ऑन
- 19:05मूव ऑन कुछ नहीं होता। इट्स जस्ट अक्सेप्टेंस एंड दट।
- 19:09इस ऑल इट तो। कहीं ना कहीं जाह्नवी ने भी ये
- 19:12फॅक्ट एक्सेप्ट कर लिया था कि उसके माँ बाप ने अभिनव को उसे
- 19:16बचाने के लिए भेजा है और अभिनव ने ये फॅक्ट कामनी अब उसके दिल से जा
- 19:21चुकी है। उसके दिल में है आज भी पर सिर्फ
- 19:24एक याद अच्छी याद की तरह ना कि एक रिग्रेट ना कि एक यू नो।
- 19:29ख्याल की तरह की काश मैं उसे बचा पाता बिकॉज़ नहीं बचा पाता मैं
- 19:33उसे अगर वो आज जिंदा भी होती तो कहीं ना कहीं अपने माँ बाप के
- 19:36बारे में आज भी सोचकर दुखी ही हो रही होती।
- 19:38मैं ये नहीं कह रही कि कांवने ने सही किया, उसने बहुत गलत किया और
- 19:42इसीलिए तो अभिनव ने ये शुरू किया था।
- 19:44एनजीओ वो चाहता था कि ऐसा कभी कोई ना करें।
- 19:48और यही तो जिंदगी है ना जिंदगी प्यार का नाम है जिंदगी से प्यार
- 19:52करो पर इतना भी नहीं किसी से प्यार करना की तुम्हे जिंदगी से
- 19:56प्यार करना भूल जाओ बिकॉज़ सबसे इम्पोर्टेन्ट तो तुम ही हो।
- 19:59धीरे धीरे अभिनव और जाह्नवी की दोस्ती बढ़ने लगी एंड फाइनली 1
- 20:04दिन जाह्नवी ने अभिनव से कहा कि आपने उस दिन मुझसे कहा था ना?
- 20:07ये मेरे पेरेंट्स ने आपको मुझे बचाने के लिए भेजा।
- 20:12हो सकता है कि आपकी कामिनी ने मुझे आपके लिए भेजा हो।
- 20:16यू नेवर नो क्योंकि प्यार आपको कब कहाँ ढूंढेगा क्या पता मैं भी एक
- 20:21टूटी हुई इंसान थी और कहीं ना कहीं आप भी हो सकता है हम एक
- 20:25दूसरे को कंप्लीट करते हो। क्यों ना देखिए हो सकता है आपके
- 20:31लिए थोड़ा जल्दी हो। बट आई गेस मेरे दिल में हमेशा से
- 20:34यही आ रहा था कि कोई ना कोई रिश्ता तो है मेरा, अब वो हो सकता
- 20:39है अब कुछ भी हो सकता है आई डोन्ट नो बट आपने मेरी जिंदगी बचाई है
- 20:44अगर आप उनसे प्यार कर। नहीं भी करते हैं।
- 20:46दट्स ओके मैडम ने कहा मुझे थोड़ा वक्त चाहिए और जानवी ने कहा, आपको
- 20:51जितना कुछ चाहिए आप लीजिए फिर भी वो डेली मिलते हैं, कुछ ना कुछ
- 20:57बातें करते हैं और धीरे धीरे इस इंसान से तुम डेली मिलते हो, उसके
- 21:01बारे में जानते हो। प्यार होना लाजमी है।
- 21:03अनटिल एंड अनलेस यू एंड हर हर सिंगल तो तो खैर ये कहानी मैं ही
- 21:10खत्म करती हूँ एंड पिंगो तुम लोगों ने सोचा होगा ना कि उसकी
- 21:14गर्लफ्रेंड का दलिप को मिला एंड देन ये इसीलिए इतना रिलेटबल कर पा
- 21:18रही थी भाई नहीं सोल में नाम की भी चीज़ होती है।
- 21:22अक्चवली में मैंने भी टिपिकल यही सोचा था की नहीं नहीं इसका जो
- 21:26गर्लफ्रेंड है उसका दिल इसमें डाल देते, बट नोप्स हमने एंडिंग चेंज
- 21:30कर दी, बोलते बोलते मेरे को बड़ा मज़ा आया भाई ये काम करने में की
- 21:38तुमने कुछ सोचा? मैंने कुछ कर दिया और तुमने नहीं
- 21:39सोचा तो सोचना चाहिए था। अगर तुम इतने भी रोम कोम नहीं देख
- 21:43रहे हो तो पर खैर चलो 22 मिनट हो गए।
- 21:46अब मैं जा रही हूँ ओके बाई एंड भाई मुझे हाँ सॉरी मुझे पता है की
- 21:51मेरे इंस्टाग्राम पे कोई तो प्रॉब्लम है, कोई तो ग्लिच है
- 21:54जिसकी वजह से मेरे मैसेजस एक मैसेज का ऑप्शन नहीं आ रहा है तो
- 21:57तुम मुझे कमेंट कर देना। एंड तब मैं फिर तुम्हे अपने आप
- 22:00मैसेज कर दूंगी या फिर तुम मुझे मेल कर देना कि नहीं मैसेज कर पा
- 22:03रहे हो बिकॉज़ आई नो देर इस सम प्रॉब्लम तो मैं थोड़ा बहुत तो
- 22:07ढूंढने में प्रॉब्लम आती है। बट तुम में से मेल ढूंढ लेना मेल
- 22:11मिल गया तो फिर मैं वहाँ पे आइडी वगैरह सब दे दूंगी।
- 22:13और रही बात मैसेज की तो फिर तुम मुझे कमेंट कर देना, किसी भी
- 22:16पोस्ट पे तो देन आई कैन कनेक्ट दी गाइस चलो घर मिलती हूँ अगली कहानी
- 22:21में टेक किरण बाई बाई।