
मतदाता सूची का संशोधन: लोकतांत्रिक समावेशन और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही
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निर्वाचन आयोग ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) को पुनः शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं तथा मतदाता सूची से छूटे या हटाए गए नागरिकों को पंजीकरण का अवसर मिलता है।
हालांकि, नियमित एसएसआर को लगभग दो वर्षों तक स्थगित रखने से मतदाता सूची की समावेशिता और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। लेख का मुख्य तर्क है कि केवल जनविरोध के बाद सुधार करना पर्याप्त नहीं है। निर्वाचन आयोग को स्थगन के कारण स्पष्ट करने, और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
प्रमुख अवधारणाएँ
एसएसआर — स्पेशल…
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