Latest / Khushei Ki Duniya / Mohabbat Ka Safar❤️||Woh 3 lafz
Transcript
- 0:00कुछ कहानियों शुरू तो एक मुस्कान के साथ होती है लेकिन खत्म होते
- 0:05होते आँखों में आंसू दे जाते हैं। फिर भी उनकी खूबसूरती अंजाम में
- 0:11नहीं बल्कि उन लम्हों में होती है जो दो दिल एक साथ जीते हैं।
- 0:16ये कहानी भी उन्हीं लम्हों की है। हो सकता है ये कहानी तुम्हें
- 0:22थोड़ी अधूरी लगे। पर ये पूरी होकर भी अधूरी रह
- 0:26जाएगी। ये कहानी है वेदिका और अर्जुन की
- 0:33सुहाई। गाइज़ युअर होस्ट कम दोस्त खुशी
- 0:35इस बेक अगेन। विथ अनँद्अर लव स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़
- 0:39यू गाइस आई होप यू ऑल गाइस मिस्ड मी।
- 0:43ये कहानी जो आज की है वो कहानी है एक ऐसे प्यार की जो शायद अधूरा
- 0:49होकर भी पूरा हो गया था। कुछ कहानियों अगर शुरू में खुशहाल
- 0:55हो और अंत तक क्नॉइस। पूरी सी ही सही, दुखी हो जाए कुछ
- 0:59ऐसे कहानियों जो आँखों में आंसू छोड़ जाए प्यार आखिर सिर्फ खुशी
- 1:05तक ही सीमित नहीं होता है। कभी कभी प्यार अपने ऐसे इम्तिहान
- 1:11लेता है कि शायद इम्तिहान देने वाले खुद भी ना बचे और उनका
- 1:16प्यार। वो अमर हो जाता है।
- 1:19ये कहानी भी कुछ ऐसी ही है लगाओ अपने कानों में युअर फ्लक्स हो
- 1:24जाओ दुनिया से थोड़ी सी दूर एंड लेट मी स्टार्ट दी स्टोरी तो एसआइ
- 1:31सैड। ये कहानी है अर्जुन और वेदिका की
- 1:35अर्जुन। एक बहुत ही बड़े परिवार से
- 1:38ताल्लुक रखता था। उसके परिवार में उसके जो पापा थे
- 1:42वो काफी बड़े बिजनेसमैन थे, लेकिन पैसे के साथ हज़ारों प्रोब्लम्स
- 1:47भी आती है। वो बहुत राइवल थी।
- 1:50हालांकि जानता था अर्जुन की उसके पापा भी अच्छे इंसान नहीं थे।
- 1:56उसकी माँ हमेशा उसे कहती थी कि बेटा कैसे भी इंसान बनना, बस अपने
- 1:59बाप जैसे इंसान बनना, उन्हें लोगों का खून बहाने में भी कोई
- 2:03प्रॉब्लम नहीं होती है। ये अपने बिज़नेस के लिए उस पैसे
- 2:07के लिए शायद कुछ भी कर सकते हो और इसीलिए अर्जुन को कोई खास पसंद
- 2:12नहीं था। उसका परिवार।
- 2:14क्योंकि सब एक से बढ़कर एक लोग थे जिनके लिए रिश्ते प्यार किसी भी
- 2:19चीज़ से सबसे ऊपर जो था वो था पैसा और होता है लोगों के लिए यार
- 2:24आज के जमाने में रिश्ते जैसे बचे ही नहीं है।
- 2:29बचा है तो सिर्फ एक वर्ड पैसा जिसके पास जितना पैसा था।
- 2:34उसके पास उतने रिश्ते, वैसा ही अर्जुन को कुछ खास अपना परिवार
- 2:39पसंद था नहीं, इसीलिए वो अपना सरनेम भी अपने माँ का सरनेम यूज़
- 2:43किया करता था, ना की अपने पापा का और ज्यादा लोगों को ये जरूर पता
- 2:49था की उसके पापा इतने बड़े बिजनेसमैन हैं, उनका एक बेटा है।
- 2:52लेकिन कभी भी वो मीडिया के सामने नहीं आया था।
- 2:55उसकी पूरी फैम्ली को ऑलमोस्ट सब मीडिया हाउसेस में लोग जानते थे।
- 2:58ऑल ओवर इंडिया जानते थे। काफी बड़े बिजनेसमैन थे वो, लेकिन
- 3:02वो हमेशा अपनी आइडेंटिटी उतनी ही रखता माम् से सब जानते थे।
- 3:06उसे कुछ साल की बैचलर डिग्री के बाद वो विदेश से जब इंडिया आया।
- 3:12तो उसे अपने घर में नहीं रहना था। उसकी माँ की वजह से उसे इंडिया
- 3:16आना पड़ा। लेकिन अब उसकी माँ की हालत स्टेबल
- 3:19थी पर उसे वापस जाने का जैसा लगा की यार पता नहीं माँ कब तक है
- 3:24क्योंकि उसकी माँ बीमार तो थी ही तो उसने अपनी माँ से कहा की मैं
- 3:28मास्टर्स की डिग्री यहीं से ले लूँगा।
- 3:30वो भी खुश हो गयी की चलो यहाँ रहिएगा तो सही वरना यू नो उन्हें
- 3:35भी उसकी याद आती थी घर में वहीं थी इकलौती जो अर्जुन से सच में
- 3:39प्यार करती थी वरना और सब तो बस नाम के थे सारे रिश्ते वहीं दूसरी
- 3:46ओर थी वेदिका क्नॉइस जिसके घर परिवार में शायद उतने पैसे नहीं
- 3:50थे लेकिन संस्कार से वो बहुत अमीर थे।
- 3:54अर्जुन के घरवालों से भी संस्कार जैसे मानो उसके पिता ने उसे भर भर
- 3:59के दिए थे। इंसान की इज्ज़त करना, उनकी हेल्प
- 4:03करना हर चीज़ पैसे से नहीं तोलती थी।
- 4:07वो दुनिया को वो तोलती थी अच्छाइयों से उसे लगता था, पूरी
- 4:11दुनिया अच्छी है, बस कुछ लोग गलत करते हैं क्योंकि उन्हें सही
- 4:15सिखाया नहीं जाता चाहती थी की मानो दुनिया में बस अब शांति से
- 4:20खुशहाली से रहे, उसकी भी बैचलर डिग्री कंप्लीट होने के बाद उसने
- 4:25भी। एक अच्छे कॉलेज में मास्टर्स के
- 4:27लिए अप्लाई किया। हालांकि वो एक मिडिल क्लास फैम्ली
- 4:31से बिलौंग करती थी, लेकिन उसके पापा ने कभी भी उसकी एजुकेशन के
- 4:35आगे किसी भी चीज़ को नहीं आने दिया।
- 4:37हमेशा उसे प्रायोरिटाइज़ किया की बेटा चाहे इंसान कितना भी बड़ा बन
- 4:42जाए। लेकिन अगर उसके पास एजुकेशन नाम
- 4:45की चीज़ नहीं होती है ना तो लोग पीठ पीछे कुछ भी बोलते है, कोई
- 4:50इज्ज़त नहीं होती है उस इंसान की और इंसान ऐसा बनो जिसकी लोग पीठ
- 4:54पीछे भी इज्ज़त करें। वो वेदिका भी अपने पापा के इन्हीं
- 4:58कदमों पर चलना चाहती थी। काफी बड़ा कॉलेज था, उसका दाखिला
- 5:02भी हो गया क्नॉइस। और उसी कॉलेज में था अर्जुन।
- 5:06लोग जानते नहीं थे वहाँ पे कि अर्जुन राय सिंघानिया की फैम्ली
- 5:10से बिलौंग करता था और उसे बताने का शौक भी नहीं था।
- 5:13किसी को कॉलेज शुरू हुआ, सब के ग्रुप्स बन गए।
- 5:18कुछ उन्हें लैब वगैरह में काम रहता था तो दो दो लोगों के ग्रुप
- 5:22बने। जिसमे अर्जुन और वेदिका एक ग्रुप
- 5:25के पार्ट्नर्स थे। वो दोनों पढ़ाई में काफी अच्छे
- 5:28थे। जब पहले दिन उन्हें पता चला की
- 5:32वेदिका और अर्जुन एक ग्रुप में है तो उन्होंने बस एक फॉरमैली मीट अप
- 5:35किया। यू अरे फाइन तुम ऐसे हो ये है, वो
- 5:38है थोड़ा बहुत एक दूसरे के बारे में जाने और उसके बाद अपने काम
- 5:42में लग गए। अब ऑब्वियस्ली बात है, भाई ग्रुप
- 5:45बनते हैं, बातें भी होती हैं तो वो कभी कैफे में मिलकर अपने
- 5:48प्रोजेक्ट्स की बात कर लिया करते। हर हफ्ते उन्हें एक प्रोजेक्ट
- 5:51देना होता था और उसके लिए फाइल बनाना, रिपोर्ट बनाना तो उन लोगों
- 5:55ने एक सिस्टम बनाया की एक बार हफ्ते में वेदी का काम कर लिया
- 5:59करेगी और एक बार अर्जुन। बाकी कोई भी इश्यू रहता तो दोनों।
- 6:02मिलके सॉर्ट कर लिया। फिर से अर्जुन को धीरे धीरे
- 6:05वेदिका बहुत पसंद आने लगी थी। उसकी सोच उसके ख्याल जैसे अलग थे
- 6:12और वो उसके पापा ने उसे सिखाये थे।
- 6:15वहीं दूसरी ओर जब भी वो अपने पापा का जिक्र करती, कहीं ना कहीं
- 6:18अर्जुन को वो कमी खलती। उसके पापा ने उसे कुछ भी नहीं
- 6:22सिखाया था। बीज़ी इतना रहते थे सिर्फ काम
- 6:26बिज़नेस, गलत संगती, शराब पीना यही सब था उनका, उसके माँ को भी
- 6:32कभी उसके पापा का प्यार मिला ही नहीं था उसके घर में मानो कोई
- 6:36जानता भी नहीं था की प्यार क्या होता है, इज्जत क्या होती है?
- 6:40सब बस एक दूसरे से मानो काम का रिश्ता रखते थे।
- 6:44उसके एक बड़े भाई भी थे। एक भाभी भी थी पर सब के सब मानो
- 6:48जैसे अपने में रहते थे, किसी को किसी से कोई मतलब नहीं था।
- 6:52सबका बस काम चल रहा था लेकिन अर्जुन सिर्फ इसलिए पढ़ना चाहता
- 6:57था की वो पैसे कमाए और अपना लिविंग खुद देखे उसे नहीं चाहिए
- 7:01थे। अपने पापा के पैसे सोच रखा था
- 7:04उसने की 1 दिन अपना मकाम खुद बनाएगा और इसीलिए कभी अपनी
- 7:07ऐडेंटिटी भी रिवील नहीं की थी। उसने 1 दिन वेदिका और वो किसी
- 7:13ग्रुप के बारे में डिस्कशन कर रहे थे।
- 7:15की तभी सब के पास एक न्यूस आती है।
- 7:17की दी फेमस राइ सिंघानियास को किसी ने धमकी दी थी जान से मारने
- 7:23की तो क्योंकि वो काफी बड़े लोग थे और ऐसा बड़े लोगों में बहुत
- 7:27कामन होता है। कभी किसी के पीछे कोई पड़ गया,
- 7:29कभी गैंगस्टर उन्हें कुछ कर दिया मतलब बहुत कामन रहता।
- 7:31उन लोगों के लिए तो जब उसने ये खबर पड़ी तो अर्जुन वास् लाइक की
- 7:35ठीक है। हर दूसरा दिन की बात हो गयी थी
- 7:37इनके घर में। ये तो उन्हें ये था और सबके पास
- 7:40अपने बॉडीगार्ड्स थे तो किसी को कोई एस सच इश्यू भी नहीं था।
- 7:44लेकिन इस बार अलग ये था की किसी ने कहा था की राय सिंघानिया का जो
- 7:49एक और बेटा है, इस बार शायद उसे ढूँढना चाहते थे।
- 7:53ये लोग अब वेदिका एक दम से बोली। इनका एक और बेटा तो है पर कभी भी
- 7:58कभी भी टीवी में नहीं आया यार वो बंदा मुझे तो देखना था ऐसे भी
- 8:03क्या एरगन्स ये बताओ टीवी पे ही नहीं आता आनी कितना बड़ा इंसान
- 8:07समझता है अपने आप को और पहली बार अर्जुन ने देखा की वेदिका किसी को
- 8:11बहुत नफरत करती थी। चौथे ये राय सिंघानिया और उनका
- 8:16पूरा परिवार वो कहती थी, इन लोगों को लगता है मानो वो पूरी दुनिया
- 8:20इन्हीं के बस में है जो चाहे वो करते हैं कभी शैलियों के लिए इनके
- 8:24लिए अब तो इनके घर में कोई पॉलिटिशियन भी आ गया है तो मतलब
- 8:27इनकी कभी शैलियों निकलती है। कभी कुछ निकलता है के पास न बस
- 8:31पैसा आना चाहिए। अपने घर में अगर थोड़े से संस्कार
- 8:34डाले होते है ना तो जो इतने इन लोगों के स्कैम्स और ये सब आते
- 8:37रहते है ना इनके जो बड़े बेटे के वो शायद नहीं आते।
- 8:41अर्जुन को थोड़ा सा लगा की ठीक है उसे समझ आया की अगर इसको ब्य चांस
- 8:46कहीं से पता भी चला ना की। अर्जुन रायसिंघानिया इसके फैम्ली
- 8:51का एक वारिस है। तो डेफिनिट्ली वो उससे कभी बात तो
- 8:54नहीं ही करती क्योंकि वो दिल से नफरत करती थी उन लोगों से लेकिन
- 8:58अर्जुन भी उतनी ही नफरत करता था पर वेदिका को कौन समझाए, ये बात
- 9:02उसे तो लगता था की अर्जुन भी कोई बहुत एरो एंड सा इंसान होगा।
- 9:051 दिन वेदिका ने उसे कहा भी तुम्हारा नाम भी तो अर्जुन है,
- 9:09तुम कितने अच्छे हो देखो। अरे वो सिंघानियाज़ का अर्जुन एक
- 9:13नंबर का यार पता नहीं अपने आपको क्या समझता है देखना 1 दिन ना कुछ
- 9:18ऐसा कांड करेगा, ना की पूरी मीडिया में उसके फोटोस वैरल
- 9:21होंगे। तुम देख लेना ही सैड, अरे ऐसे
- 9:24क्यों बोल रही हो यार तुम्हे इतनी भी क्या नफरत है इनसे?
- 9:27तो उसने कहा नहीं यार मुझे नहीं पसंद ये लोग।
- 9:30नॉट बिकॉज़ इनके पास इतना सारा पैसा आया है।
- 9:32ऐसा कुछ बट बिकॉज़ इनके लिए ना वैल्यू नहीं है।
- 9:36एक बार मैं एग्ज़ैम देने के लिए जा रही थी और इनकी कोई यू नो काफी
- 9:42सारे इनकी कार्स जाती है। एक साथ अगर तुमने देखा हो तो
- 9:44बॉडीगार्ड्स वगैरह की तो उस वजह से काफी जाम लग गया।
- 9:47इस वजह से मैं काफी लेट हो गयी। और एक बच्चे का अक्सीडेंट हो गया
- 9:50था और इनमे से किसी ने गाड़ी रोक कर भी नहीं देखा की वो बच्चा ठीक
- 9:55है या नहीं है या कुछ हुआ उसके साथ मतलब ये इतने एरोगोन लोग है
- 9:59यार इनको किसी और से कोई मतलब नहीं है।
- 10:02इनमें कोई इमोशन्स भी नहीं है। ऐसे रहते है ये लोग इंसान भी नहीं
- 10:06लगते है। मुझे तो ये लोग ये पैसा ही सब कुछ
- 10:09होता है। अर्जुन अर्जुन सैड यार मेरे लिए
- 10:13तो मेरी माँ ने मुझे सिखाया है की पैसे से ज्यादा इंसान की कीमत
- 10:17होती है। इंसान का जो कर्म होते है ना उनसे
- 10:21उसकी हैसियत पता चलती है ना की उसके पैसे से और कहीं बहुत अच्छा
- 10:26मैंने पढ़ा था ये मैं बता रही हूँ।
- 10:28मैंने कहीं बहुत अच्छा सुना था ये आई थिंक जाकिर खान सर ने कहा था
- 10:32ये कि मैं जिंदा रहूं तो कोई मुझसे मिले ना मिले पर अगर मैं मर
- 10:38जाऊ ना तो मेरे जनाजे पे जरूर आना क्योंकि जब इंसान मर जाता है ना
- 10:43तब उसकी रियल वैल्यू पता चलती है। जीतने लोग उसके जनाजे में आते है।
- 10:47तो ये बात मुझे बड़ी अच्छी लगती है तो ऐसा ही कुछ।
- 10:50अर्जुन ने कहा की इंसान की वैल्यू यार उसके पैसे वगैरह से नहीं होती
- 10:54है। मैं भी जानता हूँ की ये सिंघानिया
- 10:57के मुँह के पीछे सब उनको सलाम ठोकते है लेकिन पीछे सब जानते है
- 11:01की उनका पैसा कैसा है, सब जानते है की इनकी जो रेपुटेशन है वो भी
- 11:05सिर्फ पैसे से खरीदी हुई है। खुशहाली नहीं होगी इनके घर में और
- 11:09वो तो जानता था ये सब कुछ पर वेदिका को कभी बता नहीं सकता था।
- 11:141 दिन वेदिका ने कहा तुम मेरे घर चलो, मेरे से भी थोड़ा सा काम है
- 11:19और बाबा भी कह रहे थे की तुम्हारा जो पार्टनर है उसका काम मैंने
- 11:23देखा, काफी अच्छा काम करता है तो कभी मिला उससे?
- 11:26तो तुम चलोगे किसी दिन घर एंड ही सैड हाँ हाँ बिलकुल व्हाई नॉट मैं
- 11:30भी अंकल से मिलना चाहता हूँ उनकी बेटी इतनी होनहार है आखिर सो शी
- 11:34सैड अरे यार उन्हीं से तो सीखा है जो सीखा है देन वॅन डे ही वेन्ट
- 11:39टु हर हॉउस एंड उसकी माँ मिली। उसे उसका भाई मिला।
- 11:42छोटा और उसके पापा। उसने काफी देर उनसे बात की और उसे
- 11:47उसकी ज़िन्दगी की वो एक कमी समझ आई।
- 11:49ये शायद उसकी ज़िन्दगी में न वो जो पापा लोग होते है न उनका जो
- 11:54प्यार होता है वो एक अलग लेवल का प्यार होता है, दिखाते नहीं है और
- 11:57प्यार बहुत करते है उसकी ज़िन्दगी में, बट वो प्यार था नहीं।
- 12:02उसकी माँ भी बहुत मुश्किल से ही वक़्त निकाल पाती थी।
- 12:05उसके पापा को कभी कुछ करना था, कभी कुछ करना था, कभी बिज़नेस रूल
- 12:09पे चले गए, कभी कुछ सुनो ही वास् नॉट ए नाइस मैन और वो जानता था ये
- 12:13बात। लेकिन वहीं दूसरी ओर वेदिका के
- 12:16पापा ने उसे हमेशा शायद सब कुछ अच्छा सिखाया था क्योंकि वो झलकता
- 12:20था वेदिका में। दिखता था की वो कितनी डेडिकेटेड
- 12:24थी अपने काम के लिए और इतनी अच्छी इंसान थे, राह चलते इंसान की भी
- 12:29हेल्प करना समझती थी। वो उसके लिए पैसे वगैरह से सबसे
- 12:34ऊपर थी इंसानियत और वो कोशिश करती थी की हर इंसान उसके आसपास खुश
- 12:39रहे। बस।
- 12:41ऐसी ही थी वो और उसे जब उसके पापा से मिलना हुआ तो उसे समझ आया की
- 12:45अक्चवल में उन्हीं से मिली थी। उसके ये सब चीज़ तो काफी खुश हो
- 12:49और उसके फैम्ली से मिलने के बाद फिर उसके बाद जब वो अगले दिन
- 12:52कॉलेज में मिले तो ही इवन सैड टु हर्व की यार तुम्हारी फैम्ली बहुत
- 12:56अच्छी है, कितने अच्छे लोग है क्नॉइस?
- 12:59इतना सिंपल सा रहते हो यार तुम लोग कोई फैम्ली पॉलिटिक्स नहीं ना
- 13:03वो कहती है, फैम्ली पॉलिटिक्स वो क्या होता है सोचने का तुम्हारे
- 13:08फेवरिट राइट सिंघानियास के घर में होती होगी।
- 13:10अब अगर तुम्हें उनका वाला अर्जुन खेले तो उससे पूछना वो बताएगा।
- 13:14माइट बी की उनके घर में कितनी पॉलिटिक्स होती होगी।
- 13:16तुम्हें लगता है वो लोग आराम से रहते होंगे तुम्हारे घरवालों की
- 13:19तरह? यार घर के अंदर की तो आई कांट टेल
- 13:23बट पता नहीं पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है।
- 13:26ये लोग शायद अपने रिश्ते भी पैसे से खरीद लेते हो, कोई भरोसा नहीं
- 13:29है। वो हँसा इस बात पर पर अंदर ही
- 13:31अंदर जानता था कि वो सच कह रहे थे।
- 13:35बड़े लोग, बड़े शहर सब बाते। पर कब तक वो इस सच को छुपाता
- 13:39वेदिका से वो हर दिन वेदिका से और प्यार करता जा रहा था।
- 13:43जब वो उसके बारे में जितना जानता उसे और अच्छी लगने लगी थी।
- 13:47वो इतनी सुलझी इंसान थे, वो चाहता था की उसके बारे में और जाने पता
- 13:52है। पहले मैं सोचती थी की जैसे जो लोग
- 13:55प्यार में होते है। वो लोग जैसे कॉल्स पे बात वगैरह
- 13:57करते है तो आई यूज़्ड टु थिंक ये क्या बात करते है भाई इतनी कहा से
- 14:01आती है इनपे बाते फिर जब मैं थोड़ी बड़ी हुई तो मुझे समझ आया।
- 14:04फिर एक बार मैं अपने दोस्त से पूछ लिया की भाई तेरा बॉयफ्रेंड है ना
- 14:08तू बता हम तो जनम से सिंगल लोग है तो शी सैड की यार पता है जीस
- 14:12इंसान को हम पसंद करते है ना उससे हम कुछ भी बात कर सकते है कुछ भी
- 14:16फालतू का घटिया सा बकवास था दो कौड़ी का जो हमें लगेगा की यार
- 14:21कौन ही सुनेगा ये बकवास बट वो सुनता।
- 14:24है ठीक है। और हमें मज़ा आता है उससे वो
- 14:26फालतू की बकवास करने में और जरूरी नहीं की हम कोई डिप्लोमैटिक बात
- 14:30करे की। दिन कैसा गया, क्या खाया?
- 14:33कुछ फनी हुआ तो वो बता देते है, बस कभी कभी कुछ लोगों के साथ
- 14:37खामोशी भी अच्छी लगती है और ये पोएटिक नहीं है।
- 14:40अक्चवल बात है कुछ इंसानों के साथ बस बैठना ही हमें सुकून देता है
- 14:45की वो इंसान अगर साथ है ना तो बस काफी है।
- 14:50होता है कुछ लोग ऐसे है। खूबसूरत से इनकी प्रेसेंट से
- 14:53तुम्हारी लाइफ ब्यूटीफुल बना लेती है और वेदिका ऐसी ही इंसान थी जो
- 14:59अर्जुन की शायद उस अधूरी ज़िन्दगी को पूरा करने के लिए बनी थी।
- 15:03हर दिन वो उसे और प्यार करता। और वेदिका भी धीरे धीरे अर्जुन
- 15:08जैसा सिंपल सुलझा अच्छा इंसान था वो चाहती थी की लाइक अर्जुन भी
- 15:14अपनी ज़िन्दगी में ना कुछ अच्छा अचीव करे दिखता था।
- 15:17उसे की अर्जुन के अंदर कुछ तो बात थी जो वो कभी बोल नहीं पाता था।
- 15:21हमेशा उसकी जबान पे वो बात रहती पर बता नहीं पाता था।
- 15:25क्योंकि अर्जुन वेदिका को खोने से डरता था।
- 15:28हाँ उसने झूठ बोल कर गलत किया पर कभी कभी कुछ झूठ हमें बोलने पड़ते
- 15:33हैं। वो भी अगर शायद पहले ही दिन
- 15:36वेदिका को बता देता तो उसकी इतनी बात कभी उससे होती नहीं, क्योंकि
- 15:39उसका पर्सपेक्टिव ही बहुत खराब था, ना उनके बारे में हो जाता है
- 15:43कभी कभी। और अब वो क्या करता?
- 15:46उसे एक ना 1 दिन सच बताना तो था ही पर 1 दिन सच बताने से भी पहले
- 15:51उसने वेदिका को अपने दिल की बात बताई।
- 15:53वेदिका तुम्हें मैं कैसा लगता हूँ?
- 15:55सो शी सैड छे लगते हो, अच्छे हो तुम तुम्हें कोई बुराइ भी नहीं है
- 16:01स्मार्ट हो, हैंडसम हो, सुलझे हुए हो क्नॉइस समझदार हो इंटेलीजेंट
- 16:06भी हो तो हाँ तुम अच्छे हो सो ही सैड।
- 16:11मुझे भी तुम बहुत अच्छी लगती हो। पता है तुम ना वैसे इंसान हो जैसे
- 16:16इंसान हर लड़का चाहता है की उसकी पार्टनर हो अच्छी समझदार।
- 16:22ज़िन्दगी को उलझाने नहीं सुलझाने वाली और कभी कभी उलझ भी जाये तो
- 16:27मिलकर सुलझाने वाली एरोगेंट नहीं हो।
- 16:31अच्छी हो भारी जो वैल्यूज है ना, लाइफ के लिए वो भी बहुत अच्छे है
- 16:36बट देन ही सैड कुछ कहते कहते रुख गया एंड देन ही सैड।
- 16:41रिधिका एक बात तुम्हें बतानी थी बट उससे पहले ही सब लोगों के फ़ोन
- 16:47पे कोई मैसेज आया जा रहा था। बार बार बार बार बार रिधिका के
- 16:51फ़ोन पे भी आया, अर्जुन के फ़ोन पे भी आया और फिर उसके बाद सब
- 16:54अर्जुन को देखने लगे। एक अजीब निगाह से मिदिका सैड, ये
- 16:58एग्ज़ैम से क्या हो गया? सब के सब तुम्हें क्यूँ देख रहा
- 17:01है? मैं अपना फ़ोन देखा एंड शी वास्
- 17:03ऑल्सो शॉक्ड। बीच में अर्जुन का फोटो था और
- 17:07उसके नीचे लिखा था, राइसिंघानियास का वारिस, एक और वारिस जिसकी शक्ल
- 17:13कभी किसी ने नहीं देखी थी, शायद उस थ्रेट वाले इंसान ने जानकारी
- 17:18करी थी और उसे पता चल गया था कि अर्जुन था।
- 17:21वो जो आखिरी राय सिंघानिया था, जो किसी ने नहीं देखा था एंड नाउ
- 17:25एवरीबॉडी न्यू वो अर्जुन की बात कर रहे थे वेदगा के लिए इट वास् ए
- 17:31बिग शॉक की वो हमेशा से राय सिंघानिया कितनी बुराइ करती थी,
- 17:35इतनी बकवास करती थी और अर्जुन वास् वॅन ऑफ़ देम और उसने कभी उसे
- 17:39नहीं बताया क्नॉइस। वेदिका ने उसके मुँह पर उसे कहा
- 17:42कि तुम राय सिंघानिया से और उम्मीद भी क्या कर सकते हैं?
- 17:46तुम हो ही झूठे, फरेबी कभी सच नहीं बोलने वाले पैसे से तुम्हें
- 17:51क्या लगता है तुम सब कुछ खरीद सकते हो, तुम्हें लगता होगा
- 17:55अर्जुन पर तुम मुझे नहीं खरीद पाओगे।
- 17:57अर्जुन अपने आप को एक्सप्लेन करना चाहता था पर जानता था की वेदिका
- 18:01इस वक्त कुछ भी नहीं सुनेगी। वो वहाँ से चली गई।
- 18:06उस दिन कॉलेज नहीं आई। दिल टूटा था उसका हाँ तुम्हे लग
- 18:11रहा होगा की कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जब हम इसी इंसान से कुछ
- 18:14बहुत अच्छा एक्सपेक्ट करते है और भले ही उसका एक छोटा सा झूठ सही
- 18:18लेकिन अगर उसे वो किसी को और से पता चला उसकी तो पूरी लाइफ
- 18:21अनबैलेंस हो गयी ना भाई वो तो भरोसा करने लगी थी ना अर्जुन पे।
- 18:26उसका तो पूरा भरोसा टूट गया और एक बार भरोसा टूट गया तो इंसान टूट
- 18:29जाता है। उसने वेदिका को वक्त दिया।
- 18:33जल्द बाजी नहीं थी। कुछ दिन बाद वेदिका वापस कॉलेज
- 18:36आई। एंड देन ही सैड वेदिका बस 5 मिनट
- 18:40और वेदिका ने भी उसे वो 5 मिनट दिए।
- 18:43उसके बाद उसने अपनी पूरी लाइफ स्टोरी उसे बताई की मैं भले ही
- 18:46मेरा सर नेम इन लोगों से जुड़ा हुआ है लेकिन मैं कभी था नहीं
- 18:50उनकी दुनिया का एक हिस्सा और ना मुझे कभी बनना है उनकी दुनिया का
- 18:54कोई हिस्सा। मैं खुश हूँ जहा हूँ जैसा हूँ और
- 18:57इसलिए अपनी माँ का सर्नेम यूज़ करता हूँ।
- 19:00उनकी दौलत जरूर अभी इस्तेमाल कर रहा हूँ, लेकिन कोशिश करूँगा कि
- 19:03जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी उनकी दौलत चुका दो।
- 19:06हाँ एहसान नहीं चुका पाऊंगा, पर ठीक है उस बोझ तले, फिर भी रह
- 19:10लूँगा ये थ्रेट मुझे जो मिली है, आई डोन्ट नो बट जो भी है।
- 19:16मैं तुमसे सच में प्यार करने लगा था और आज भी करता हूँ आई नो,
- 19:20तुम्हारा भरोसा मैंने तोड़ा और मैं तुम्हें जस्ट वही बात बताने
- 19:23वाला था। उस फोटो के आने से पहले बस थोड़ा
- 19:26सा देर होगी और अगर तुम मुझे कोई सजा देना भी चाहो तो तुम दे सकती
- 19:31हो देन शी सैड नहीं अर्जुन। मैं जब अपने घर गयी तो मुझे बाबा
- 19:37ने समझाया, उन्होंने सब कुछ बताया और उन्होंने समझाया की शायद तुम
- 19:41ऐसे नहीं थे। आखिर मिले थे वो तुमसे और मुझसे
- 19:45ज्यादा पारखी नज़र है उनकी पहचान गए थे तुम्हें की, तुम उन जैसे
- 19:50नहीं थे और इसीलिए आज मैं लौटकर वापस आया हूँ।
- 19:53आई ऑल्सो लव यू। और दोनों खुश हुए।
- 19:58बहुत दिन बाद की फाइनली दे वेर इन लव?
- 20:01लेकिन तभी शाम को उन्होंने मिलने का प्लान बनाया एंड वेदिका वास्
- 20:06लाइक ठीक है ही सैड की मैं आंसू। पहले ही बता दे रहा हूँ मेरे पास
- 20:11तुम कुछ अच्छे से कपड़े पहन के आओगे अदर्वाइज़ लड़की है ना बहुत
- 20:13जल्दी कंप्लेंट करने लग जाती है, हमें बताना चाहिए था ना शी सैड
- 20:17थैंक यू बताने के लिए शाम को वो अच्छी सी रेड ड्रेस पहन कर आई, वो
- 20:22भी अच्छे से तैयार हुआ अर्जुन एंड यू नो ही न्यू की आज इसकी जिंदगी
- 20:27पूरी हो जाएगी। उसने अपने माँ को भी फ़ोन करके
- 20:29बताया कि माँ आज मैं उसे प्रोपोज़ करने वाला हूँ, आज मैं पूरा हो
- 20:33जाऊंगा और ये सब कहते हुए वो उस होटल में पहुँच गए।
- 20:39सब कुछ सही था और मतलब वो बहुत कुछ था सामने से वेदिकाई रेड्रेस
- 20:44में शी वास् वेरी हैप्पी लेकिन उसको हैप्पी एक्सप्रेशंस।
- 20:482 मिनट में बदल गए। वो भागते हुए अर्जुन के पास आयी।
- 20:52अर्जुन समझ ही नहीं पाया क्या हुआ वेदिका एक दम से वो मुड़ी और
- 21:00वेदिका ने देख उन लोगों को और उसे भूगोली लग गयी।
- 21:07अर्जुन की बाहों में उसने दम तोड़ दिया।
- 21:10शायद अपनी मोहब्बत के पहले दिन ही उसने आखिरी सांस ली।
- 21:16अर्जुन की जिंदगी उसके सामने थी। उसकी ही हाथों में उसकी ही बाहों
- 21:21में पैर खून से लथपथ वो लोग वहाँ से भाग गए क्योंकि।
- 21:26बहुत सारे लोग और थे वहाँ और उन्होंने गलत इंसान को मार दिया
- 21:29था। उमर ने तो अर्जुन खाये थे।
- 21:32वेदिका ने शायद अपना प्यार इजहार नहीं किया था लेकिन उसने दिखा
- 21:38दिया था कि वो अर्जुन से कितना प्यार करती थी।
- 21:41उसके आखिर शब्द भी यही थे। आई लव यू अर्जुन।
- 21:46और खत्म कभी कभी कुछ कहानियों पूरी होकर भी अधूरी रह जाती है।
- 21:55पेदिका और अर्जुन की कहानी कुछ ऐसी ही थी।
- 21:58अर्जुन कभी उस दिन को भुला ही नहीं पाया।
- 22:02उसने अपने। नाम का कभी इस्तेमाल नहीं किया।
- 22:07अब वो ऐसा ही रहता है। बंजारा सा वो किसी को जानता है ना
- 22:13कोई उसे जानता है उसका प्यार उसके हाथों में दम तोड़ दिया और वो उसी
- 22:18दिन पागल हो गया इस गम में कि काश उस दिन वो गोली उसे लग जाती।
- 22:25पागलों की तरह मारा मारा फिरने लगा।
- 22:29सब जानते जरूर थे की वो राय सिंघानियाज़ का बेटा था लेकिन अब
- 22:32किसी को जैसे फर्क ही नहीं पड़ता था क्योंकि उसे कोई फर्क नहीं था।
- 22:37किसी और से था जैसे वेदिका आज भी उसके साथ है या शायद वो उसके साथ
- 22:42थी भी। ये कहानी मैं खत्म करती हूँ मिलती
- 22:47हूँ तुमसे अगली कहानी में टिल देन टेक केयर एंड बाई बाई एंड ऑल्सो
- 22:52इफ यू वांट टु टॉक टु मी अबाउट एनीथिंग कैन ऑलवेज कम अप टु मी ऐट
- 22:57के हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई अंडरस्कोर पर।
- 23:03कोई और भी बात करनी होती यू कैन ऑलवेज कम टु मी चलो मिलती हूँ
- 23:08तुमसे अगली कहानी में बाई दी वे हैप्पी।
- 23:11गणेश चतुर्थी आज मेरे बप्पा का बर्थडे है एंड आई लव मैं डियर इस
- 23:15बप्पा मेरे बेस्ट फ्रेन्ड फ्रेन्ड भाई मतलब वो सब कुछ है लिटरल्ली।
- 23:22लाइक लास्ट 810 साल से ही है। बीन देर फॉर मी लाइक छोटी छोटी
- 23:26बातों में भी बड़ी बड़ी बातों में भी।
- 23:28इट्स नॉट। दट की मतलब तुम।
- 23:31किसी एक। भगवान को मारो इट्स दट तुम को
- 23:33मानो अब मेरे लिए वो है तुम्हारे लिए वो कोई भी हो सकते है बट हाँ
- 23:39मानो बिकॉज़। ही इस देर गॉड इस देर ट्रस्ट मी
- 23:44एंड टफ हैप्पी गणेश चतुर्थी हैप्पी बर्थडे टु मैं डियर डियर
- 23:48बप्पा और ये मैं सो जा के। रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 23:52ये मुझे एक दम से याद आया की अरे ये स्टोरी तो आ जाने।
- 23:54वाली है सो थिस। इस काइंड ऑफ़ मेरे पप्पा के बर्थ
- 23:58डे पे एक सरप्राइज़ फॉर यू। की ये कहानी मैंने इतनी सुबह डाल
- 24:02दी सो हैप्पी बर्थडे टु बप्पा एंड यू गाइज़ हॅव ए गुड डे बाई बाई।