Latest / Khushei Ki Duniya / LAST EPISODE 1975 Diary: Love Beyond Time Part 3
Transcript
- 0:00सो है गाइस युअर हू कम दोस्त ख़ुशी इस बेक अगेन विथ पार्ट थ्री
- 0:04ऑफ़ 1975 आई नो तुम्हारे पेट में दर्द होगया होगा।
- 0:08सोचते सोचते वेल टु बी ऑनेस्ट, मुझे खुद नहीं पता स्टूडेंट में
- 0:12क्या होने वाला है? मैंने माइक ऑन किया है, बस मैं
- 0:14बोलने वाली हूँ क्योंकि अब तक भी ऐसे ही रिकॉर्ड हुई है तो आगे भी
- 0:17ऐसी होगी क्नॉइस तो अपने कानो में आप लगा लो दुनिया से हो जाओ थोड़े
- 0:21से दूर और चलो लेके चलती हूँ तुम्हें वापस।
- 0:251975 में 1975। तो रंजन को अभी मेरा याद ही कर
- 0:34रही थी की उसके साथ बताये, भले ही वो कुछ पल थे।
- 0:38लेकिन वह बहुत खूबसूरत थी। जैसे उसके ज़िन्दगी को जीने।
- 0:41का उसे एक नया रास्ता। दे दिया उन्होंने।
- 0:44क्योंकि के जाने के बाद उसका जैसे ज़िन्दगी से भरोसा।
- 0:48उठ गया था। लेकिन आप रंजन से थोड़ी सी छोटी
- 0:51सी मुलाकात के बाद वो खुश थी। हालांकि उसके जेहन में बहुत सारे
- 0:55सवाल थे की आखिर वो? वापस कैसे गयी और गयी भी तो वो से
- 1:02थोड़े वक्त के लिए ही क्यों मिल पायी?
- 1:04वो यहाँ वापस कैसे आयी और ये सब हो क्या रहा है?
- 1:07वो औरत कौन थी जो मीरा को कह रही थी की तुम क्यों आती हो बार बार?
- 1:13तुम अपने आपको तकलीफ देती हो। बार बार।
- 1:16कुछ समझ नहीं आ रहा था उसे और यही सवालों के जवाब जानने के लिए।
- 1:21उसने डायरी। क्या कुछ?
- 1:23लेकिन ये क्या? इस बार उसने देखा की पन्नों पर
- 1:27कुछ बदल गया था। उन पन्नों पर बदला था रंजन का एक
- 1:32लेटर वो आखरी खत। जो रंजन ने मीरा को भेजा जरूर था
- 1:37लेकिन जिसका जवाब मीरा कभी दे नहीं पाई थी, जिसमें लिखा था कि
- 1:42मीरा। तुम फिर से मुझसे मिलने आई?
- 1:45और मैं फिर से बस कुछ। पल के नहीं तुम्हें अपने पास रख
- 1:48पाया। नहीं पता है ये सब खत्म क्यों
- 1:51नहीं होता? नहीं पता की आखिर ये शुरू क्यों
- 1:53हुआ? क्नॉइस।
- 1:54बस इतना जानता हूँ की ये प्यार है हमारा, जो शायद इस दुनिया से परे
- 2:01है। इस दुनिया के वक्त इस दुनिया की
- 2:03ज़िन्दगी। मौत इस सब चीज़ से परे है।
- 2:06तुम हर बार आती हो, हर बार कोशिश करती हो की कुछ वक्त और रुक पाओ
- 2:10मेरे पास और हर बार क्नॉइस। ऐसे ही तुम वापस चले जाते हो।
- 2:15मीरा के लिए ये सब एक शौक से कम नहीं था।
- 2:18मुझे समझ ही नहीं आ रहा था की आखिर वो क्या रहा था?
- 2:22ये सब कुछ और मीरा ने वो डायरी फिर से बनना शुरू किया लेकिन
- 2:27डायरी वही थी, एक दम सेम सब कुछ सेम था उस डायरी में क्नॉइस।
- 2:31बस बदले थे तो आखरी कुछ पन में। इसमें लिखा था मैं फिर से।
- 2:36तुमसे मिलने गई थी। फिर से चाहती थी की कुछ वक्त और
- 2:40तुम्हारे पास। रहता हूँ, लेकिन।
- 2:43कुछ तो इस वक्त की साजिश थी की शायद ये मुझे तुमसे मिलने नहीं
- 2:46देना चाहता, लेकिन मैं फिर से। क्योंकि रंजन, मैं तुम्हारी तो
- 2:52बनी हूँ मीरा के लिए सब एक बड़ा प्रश्न मार्क था अब भी।
- 2:57लेकिन। ये सारे सवाल उसके खत्म हुए जब
- 2:59उसने अगला पन्ना पड़ता जिसमे मीरा ने ये लिखा था की मुझे पता है तुम
- 3:06अभी यही सोच रही हो की आखिर ये चल क्या रहा है ये घर?
- 3:10इस। घर में तुम हो, अपनी दादी के साथ
- 3:12रहती हो। ये मेरा घर है।
- 3:15यानी की ये तुम्हारा घर भी है और मैं कोई और नहीं तुम ही हो।
- 3:20तुम मुझे पता है, कॅफ्यूज। हो गई होगी लेकिन मैं समझाती।
- 3:23हूँ जो मुझे कुछ। साल पहले ही समझ आया इस घर में
- 3:27कुछ इश्यू है क्नॉइस। जब बारिश होती है 3 जून को।
- 3:32रात के तीन। बजे कोई एक टाइम लूप खुलता है
- 3:37जहाँ मैं फिर से 1975 में पहुँच जाती हूँ और जब मैं वहाँ पहुँच
- 3:42जाती हूँ तो रंजन से वो की आखरी मुलाकात में पूरी करने जाती हूँ।
- 3:47वो मुलाकात पूरी होती है। और मैं वापस इस वक्त में आ जाती
- 3:51हूँ। 2025 में हूँ, लेकिन मैं।
- 3:541970। सिक्स से।
- 3:56लगातार हर साल 1975 में लौट कर आती हूँ।
- 4:01क्योंकि। शायद मेरा प्यार इस वक्त का
- 4:04मोहताज नहीं है, शायद। जिसने भी ये दुनिया बनाई है वो
- 4:09जानता है इस बात को भले ही हमारी कहानी अधूरी ही लिखी है उसने,
- 4:13लेकिन उसे भी चाहत है की ये कभी तो बुरी हो मैं हर बार कोशिश करती
- 4:18हूँ की शायद इस बार में रुक। पाऊँ लेकिन।
- 4:21जैसे ही वो अंतिम कुछ दिन आते है इस।
- 4:24दुनिया में मेरे। ये पन्ने गायब हो जाते है।
- 4:27और रह जाती है। बस वही एक क्वेश्चन की।
- 4:29आखिर में उस दिन उससे मिलने क्यों नहीं गई थी?
- 4:33उससे ना मिलने का सिर्फ एक ही रीसन था।
- 4:36इस घर में चला आ रहा एक श्राप इस घर में एक औरत ने हमारी पूरी
- 4:42पीढ़ियों को ये श्राप दिया था की। किसी की भी प्रेम कहानी पूरी नहीं
- 4:47होगी। क्योंकि जो मेरे।
- 4:49पर पर दादा थे। उन्होंने सी प्यार करने वाले दो
- 4:54लोगों को ही नहीं। कई लोगों को अलग किया था।
- 4:57शायद उन सबकी बदुआए मिलकर मेरे सर पर आ गयी और मैं चाह कर भी अपनी
- 5:03कहानी पूरी नहीं कर पाती क्नॉइस। लेकिन अगर ये श्राप है तो मेरा
- 5:08प्यार को हर बार हराने की कोशिश करता है।
- 5:12हर। बार मैं कोशिश करती हूँ।
- 5:13की शायद इस बार मैं वापस रंजन के साथ रह जाऊं, लेकिन मैं कोशिश
- 5:18करती रहूंगी। मीरा के लिए ये सब जानकर उसे बहुत
- 5:23अलग लगा। लेकिन अब जैसे उसकी पुरानी सारी
- 5:26यादें लौटाई थी, हर बार वो वापस जाती रंजन उसका।
- 5:31वही? उसी बेंच पर इंतजार करता रंजन इस
- 5:34टाइम लुक का एक हिस्सा बन के रह गया था और वो भी जानता था की शायद
- 5:38ये कभी खत्म नहीं होगा और शायद वो चाहता भी नहीं था की कभी खत्म हो।
- 5:45क्योंकि भले ही वो 1 दिन की मुलाकात ही सही लेकिन खुदा वो मिल
- 5:50तो पाते थे, ऐसे ना कैसे यह शायद। रंजन भी किसी डायरी की बदौलत।
- 5:57वापस आता। था उसी तीन तारीख को 1975 में।
- 6:03तो ये कहानी मैं यही। ख़तम करती हूँ।
- 6:06अगर थोड़े बहुत सवाल बचे हो तो धमाके को भी दौड़ा लेना बिकॉज़
- 6:09मुझे इतना ही समझ आया थिस टाइप ऑफ़ स्टोरी मैंने पहली बार
- 6:12रिकॉर्ड की है कुछ ऐसा टाइम लुक टाइप तो मुझे नहीं पता इसका आउटकम
- 6:16कैसा है? जस्ट डोन्ट नो एनीथिंग बट आई होप
- 6:20यू गाइस लाइक इट ऑर ऐसा कुछ पसंद आता है?
- 6:22तू मुझे बता एंड आई विल कंटिन्यू थिस टाइप ऑफ़ स्टोरीज़ अदर्वाइज़
- 6:25आई विल कंटिन्यू वॅन स्टोरी नो वीक तुम्हारी जैसी इच्छा तो मिलती
- 6:29हूँ तुमसे। अगली कहानी में टिल देन टेक।
- 6:31किरण एंड बाई बाई अगर तुम में कुछ और।
- 6:32कहानियों ऐसी ही इससे। रिलेटेड लगती है तो तुम मुझे भेज।
- 6:36सकते हो ऐट? नहीं कहानियों पे मत भेजना, सॉरी
- 6:38सॉरी सॉरी सी वोईस बज सकते हो। और कोई भी इश्यू हो तो मैं तो तुम
- 6:42मुझसे बात कर सकते। हो ऐट के हेच यु।
- 6:45अंडरस्कोर। एस।
- 6:46हेच इ आई अंडरस्कोर। पर एंड ऑल्सो।
- 6:49अब मैं एक बात करती हूँ जो मुझे काफी टाइम से करनी थी।
- 6:52पहले एपिसोड में मैंने बोला था और अब मैं तीसरे में रिकॉर्ड कर रही
- 6:54हूँ वो चीज़। की यार।
- 6:56थैंक यू वेरी मच फर्स्ट ऑफ़ ऑल। तुम लोगों ने मेरी इतनी हेल्प की
- 7:00तुम लोगों ने इतनी सारी कहानियों सुनी मेरे कहने पर और अभी जाके
- 7:03मुझे समझ आया की जीतने कन्सम्पशन अवर्स होते है।
- 7:05उस हिसाब से यू गेट यू नो व्हाटएवर यू गेट।
- 7:08तो देखो। इस बार हमारे कन्सम्पशन।
- 7:10अवर्स काफी लाइक अच्छे से टु बी ऑनेस्ट बट अभी हमारे धीरे धीरे
- 7:14बढ़ रहे है आई ऍम वेरी वेरी थैंकफुल टु यू गाइस।
- 7:16तो मुझे बस तुम लोगों को थैंक यू बोलना था।
- 7:18हाँ जितना मैंने सोचा था। सच बताऊँ?
- 7:20सो उससे थोड़ा ऐसा था कि हाँ। ठीक है, चलो कोई बात।
- 7:23नहीं है। अभी ये शुरुआत है और देखो आगे।
- 7:27कैसे कैसे होता है? हो सकता है इस।
- 7:29सीरियस के बाद थोड़े से हमारे बढ़ जाये या फिर तुम्हे कुछ और ऐसा
- 7:34ऐडिया मिले की यार इससे कुछ हो सकता है दी बिकॉज़ तुम जितना कर
- 7:37सकते हो तुम कर रहे हो। बट ऐसा है ना की कुछ तुम्हे लगता
- 7:40है की दीदी? इससे बढ़ सकता है।
- 7:41कुछ तो मुझे बताना अच्छा मैंने एक चीज़ और सोंची थी।
- 7:44यहाँ पे मुझे। कुछ ऐसा था की तुम सब्सक्रिप्शन
- 7:46अवैल कर सकते हो। जीस में मैंने अक्चवल में स्टार्ट
- 7:48भी किया था। तो मैंने।
- 7:49उसमें ऐसा सोचा। था।
- 7:51की मैं सब्सक्रिप्शन लगा देती हूँ।
- 7:55बट ऐसा नहीं डोन्ट वोर्री डोन्ट वोर्री चल पहले मेरी बात सुनलो
- 7:57पूरी तो मैं अभी नहीं लगाया तो तुम समझ सकती हो की वो डिसीजन
- 8:00मैंने एंड कर दिया था, बट मैं तुम्हे जस्ट बता रही हूँ।
- 8:03ऐसा था की तुम सब्सक्रिप्शन लगा सकते हो पर उसमें ऐसा नहीं था की
- 8:06तुम सारे एपिसोड के लिए पे करो ऐसा था की अगर कोई तुम्हारे
- 8:09सब्सक्रिप्शन लेता है। तो तो वो।
- 8:11इंसान तुम्हें पे कर सकता। है और उसके लिए कुछ एक्सटेंस हो।
- 8:14सकता है जैसे मैं कोई स्पेशल एपिसोड डाल सकता हूँ जो
- 8:16सब्सक्रिप्शन वाले लोगों के लिए हो या फिर।
- 8:20यू नो वीडियो एपिसोड जो होते है वो सिर्फ सब्सक्रिप्शन वाले लोगों
- 8:23के लिए रखु तो मैंने ये दो चीज़ मैं सोंची थी और जो एपिसोड और
- 8:26होते है स्केडुयूल पे डालती हूँ यार।
- 8:28क्या हो रहा है आज मेरे को? जैसे मैं स्केडुयूल पे डालती हूँ
- 8:32तो वो उन लोगों के लिए थोड़ी जल्दी अवेलेबल हो जाएंगे।
- 8:34बस इतना था। तो मैंने सोचा की यार लगा देते है
- 8:37सब्सक्रिप्शन पे थोड़ा बहुत यू नो बिकॉज़ यू नो मैं अभी थोड़े से
- 8:40यार ऐसी वक्त से गुजर रही हूँ, थोड़ा मेरा कंट्रोल में नहीं है
- 8:43सिस्टम अभी तो मैंने यही सब सोचा था देन मैंने सोचा की यार फिर
- 8:47सबको लगेगा की जो सब्सक्रिप्शन वाले है उन्हें थोड़े एक्स्ट्रा
- 8:49बेनिफिटस मिल रहे है या ये है वो है?
- 8:52ज्यादातर तुम स्कूल वाले लोग हो तो तुम कहा से पैसे लावोगे फिर
- 8:55मैंने सोचा था की ₹250 लगाते है, सबसे मिनिमम वही था, मैंने कहा की
- 8:59₹250 ठीक है, जो लोग अवेलेबल कर सकते है, कर सकते है, है ना?
- 9:02उसमें कोई इश्यू भी नहीं रहता है। पर अभी मुझे इस चीज़ में कुछ समझ
- 9:06नहीं आया तो मैं वो बस एस एन ऐडिया सोच के एस एन ऐडिया और
- 9:10मैंने वो अभी रख लिया के ठीक है देखते है।
- 9:13बट। देखो अभी अब तुम मुझे बता सकते हो
- 9:15तुम बताना तुम हर बार मेरी हेल्प करती हो लाइक मुझे वो चीज़ डिसाइड
- 9:19करनी होती है तो तुम इसमें भी डिसाइड करवाना मुझे की तुम्हे
- 9:22क्या लगता है, क्या करना चाहिए? और।
- 9:26हम्म, बस इतना ही। और तो कुछ आज।
- 9:29ऐसा कुछ खास हुआ नहीं तुम मुझे बताना अगर तुम्हारे पास कुछ अच्छे
- 9:32फनी इन्सिडेन्स हो तो चलो फिर मिलती हूँ तुमसे अगली कहानी।
- 9:36में टिल देन। टेक केयर एंड बाई बाई ऑर यू कैन
- 9:40ऑलवेज कम टु। मी इफ यू हॅव एनी प्रॉब्लम?
- 9:45हाँ ऐट के हेच यु अंडरस्कोर एस हेच।
- 9:48में चलो ओके बाय बाय। तो एक शार्ट अनाउंसमेंट सॉरी
- 9:54गाइज़ पर शायद मुझे ये पॉडकास्ट अब बंद करना पड़े एंड जैसा कि
- 9:59मैंने पहले भी कहा था कि लाइफ में बहुत सारे प्रोब्लम्स हैं।
- 10:03थोड़ी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी भी कम हैं।
- 10:06एंड मैंने तो ही लोगों के ऊपर छोड़ा था की अगर लिसनिंग आज ठीक
- 10:10रहेंगे जिससे की मुझे थोड़ा ठीक यू नो पे रहेगा तो आई विल बी मोर
- 10:15थान हैप्पी बट। अभी शायद वह लिसनिंग आज बहुत बहुत
- 10:18ही ज्यादा ड्रॉप कर गए जैसा मैंने अभी देखा और अब जुलाई में 10 दिन
- 10:23बचे हैं। तुम 10 दिन में तो पता नहीं क्या
- 10:25ही हम ज्यादा अचीव कर पाएंगे और इतने कम लिसनिंग है शायद अब मुझे
- 10:32लाइक क्या? एक होता है ना थोड़ी बहुत
- 10:34मोटिवेशन थोड़ा बहुत है तुम्हें शायद मैं बताती भी नहीं हूँ पर
- 10:39बहुत सारी चीज़े होती है लाइफ में बहुत सारी।
- 10:42और मैं बताती भी नहीं हूँ बिकॉज़ की ठीक है, वैसे भी तुम जानके
- 10:46क्या करोगे तुम्हें कहानियों से मतलब है, मैं तुम्हें कहानियों
- 10:48सुनाती हूँ अच्छा लगता है जब लोग अप्रीशीएट करते है, लेकिन यू नो
- 10:54मैं बस इतना चाहती थी की शायद मैं पॉडकास्ट भी बंद करना चाहती भी
- 10:57नहीं थी, लेकिन अब मुझे करनी पड़े बिकॉज़ यार देखो।
- 11:03मैं चाहती नहीं हूँ बेटा, क्योंकि लिसनिंग आज बहुत ज्यादा ड्रॉप कर
- 11:07गई। मैं बिल्कुल एक्सपेक्ट नहीं कर
- 11:09रही थी अक्चवली मैं बहुत ज्यादा डिसपॉइन्टिड हूँ, मैं बता भी नहीं
- 11:13सकती थी, सॉरी टु से बहुत ज्यादा डिसपॉइन्ट हूँ यार मैं सॉरी बट
- 11:19या। और मैंने ना बहुत सारे लाइक चीजों
- 11:24से लड़के इस पोडकास्ट को चलाए रखा और अब जब यू नो मुझे मुझे भरोसा
- 11:30था की तुम लोग कभी उसको डाउन कॉल पे नहीं आने दोगे।
- 11:33बट अभी आ रहा है और मैंने आज अभी अक्चवली थोड़ी देर पहले मैंने
- 11:37देखी लिसनिंग वो बहुत कम है। मतलब मुझे उसे देख के इतना
- 11:41डिसअप्पोइंट फील हो रहा है यार और मैं लेजिट इतना बुरा फील कर रही
- 11:45हूँ की यू गाइस ऑलवेज आस्क मी थी? हम आपके लिए क्या कर सकते हैं?
- 11:48एंड आई जस्ट ऑस्कड यू फॉर थिस वॅन थिंग की बस कहानी ना सुनो अच्छे
- 11:51से तो यार आई ऍम वेरी डिसअप्पोइंटेड यू गाइस यार वेरी
- 11:57सॉरी, बट आई ऍम वेरी डिसअप्पोइंटेड।
- 12:00मुझे नहीं लगता कि 10 दिन में कुछ ज्यादा हम बदल पाएंगे।
- 12:06बट शायद फिर अगले महीने से पॉडकास्ट में बंद कर वो 1975
- 12:10पार्ट थ्री की आखिरी कहानियों। सॉरी बट बाई टेक केयर गाइज़।