Latest / Khushei Ki Duniya / Thesis of Love ❤️📚 War of Emotions⚔️💕
Transcript
- 0:00अच्छा एक बात बताओ मैं खुद एक साइकोलॉजिक की स्टूडेंट हूँ तो
- 0:04अगर मैं तुमसे कहूं की प्यार क्या है, तुम इसे कैसे रीफैन करोगे?
- 0:09एक फीलिंग एक एमोशन, एक साइकोलॉजिकल बैरियर माइट बी या
- 0:14फिर क्या या फिर मैं तुमसे कहूं की अब मैं एक और कास्टर भी हूँ।
- 0:19हाँ कभी कभार पोएट्री भी करती थी तो प्यार एक एहसास एक सुंदर सी
- 0:24चीज़ होती है। क्या सही है इनमे से?
- 0:28क्या प्यार एक साइकोलॉजिकल चीज़ है?
- 0:31या फिर बस दिल से महसूस करने वाली कोई फील नहीं कॅन्फ्यूज हो गया
- 0:37ना? कुछ लोगों का कुछ पर्सपेक्टिव
- 0:39होगा, कुछ का कुछ पर्सपेक्टिव होगा बट ये वाली कहानी मैं
- 0:43तुम्हें दोनों ही पर्सपेक्टिव बताती हूँ, सो है गाइस थिस इस
- 0:47युअर होस्ट कम दोस्त खुशी एंड आई ऍम बेक विथ अनँद्अर लव स्टोरी फॉर
- 0:52ऑल ऑफ़ यू गाइस आई होप युअर गाइस मिस्ड मी तो चलो।
- 0:56अपने कानों में ये उप्लग्स लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ और
- 1:01सुनाती हूँ तुम्हे ये वाली कहानी तो इस कहानी में जो नेम्स है वो
- 1:07है सपना एंड वरुण। हमारे ही एक लिसनर ने मुझे सजेस्ट
- 1:11किए थे सोया एंड चलो। सुनने वाली कहानी तो माहेश्वरी
- 1:18कॉलेज का एक नॉर्मल सा दिन था। सब कॉलेज के स्टूडेंट्स अपने
- 1:23कामों में लगे पड़े थे, किसी की क्लास थी, कोई भाग रहा था,
- 1:26कॉरिडोर में कोई कैंटीन में बैठा प्यार भरी बातें कर रहा था तो कोई
- 1:30बस अपने रहा था। जस्ट ए नॉर्मल डे इन ए कॉलेज दट्स
- 1:35हौ इट इस। सो सब नॉर्मल था, सब सही था, जैसा
- 1:39होना चाहिए। थोड़ा सा नॉर्मल कोई अपने
- 1:43प्रोफेसर्स की बुराइ में इतना मशगूल था कि उसे कुछ अंदाजा नहीं
- 1:46था। क्या चल रहा है?
- 1:48तो कोई अपने लेक्चर में एकदम फोकस्ड होके बैठा था वही।
- 1:53एक क्लास में थी सपना और एक में था वरुण।
- 1:56ये दोनों के डिपार्टमेंट्स बिल्कुल अलग थे।
- 1:58जहाँ वरुण एक लिटरेचर डिपार्टमेंट का स्टूडेंट था, वही सपना एक
- 2:03साइकोलॉजी के डिपार्टमेंट के स्टूडेंट थे।
- 2:06दोनों के अलग अलग विचार थे, साइकोलॉजी वाली अपनी चलाने वाली
- 2:10थी और लिटरेचर वाला अपनी। लेकिन इस साल कॉलेज में कुछ नया
- 2:15होने वाला था और सब बहुत एक्साइटेड थे।
- 2:18उस चीज़ के लिए पूरे कॉलेज में बात चल रही थी कि कुछ तो प्लान
- 2:22किया है यार अपने कॉलेज वालों ने क्या किया है ये तो नहीं पता और
- 2:26कुछ तो बैंगर होने वाला है। बातें तो चलती है भाई सबको थोड़ा
- 2:30थोड़ा पता रहता है। की क्या होने वाला है?
- 2:33या कुछ तो होने वाला है टाइप्स तो सपना और वरुण के डिपार्टमेंट में
- 2:37भी बाते चल रही थी की यार कुछ तो थीसिस को लेके चल रहा था।
- 2:41ये दोनों ही अपनी इनको थीसिस लिखनी थी।
- 2:44फाइनल इयर्स में तो इनको मतलब नहीं था।
- 2:47बोले यार हमें क्या लेना देना अपना अपना काम करेंगे।
- 2:50लेकिन सबसे बड़ा बॉम्ब इन्हीं पर फूट जाता है जब एक कॉलेज और
- 2:56स्टूडेंट्स के बीच की मीटिंग होती है जहाँ बताया जाता है की पहली
- 3:01बार ऐसा होने वाला था। किस कॉलेज के दो डिपार्टमेंट
- 3:06मिलकर एक थीसिस लिखने वाले थे तो सब कॅन्फ्यूज्ड थे की हैं?
- 3:10ये क्या बात होती है? तब थोड़ा सा और क्लैरिफी किया गया
- 3:15और पता चला कि साइकोलॉजी डिपार्टमेंट और लिटरेचर
- 3:19डिपार्टमेंट दोनों कोलैप करने वाले थे।
- 3:22दोनों के जो स्टूडेंट्स थे, जिनके सिमिलर काइंड ऑफ़ थीसिस के
- 3:25सब्जेक्ट थे, वो एक साथ काम करेंगे और।
- 3:29जिसका काम ज्यादा बेहतर होगा या जो अपनी बात को ज्यादा अच्छे से
- 3:34एक्सप्लेन कर पाएगा, रख पाएगा, बता पाएगा और समझा पाएगा?
- 3:39उसका जो थीसिस होगा वो जीतेगा सो बेसिक्ली उसका डिपार्टमेंट
- 3:43जीतेगा। अब ऐसे करके सब।
- 3:46लोगों ने बोला है ये क्या है? सबको बहुत अजीब लगता है ना?
- 3:49जब पहली बार कुछ होता है तो लगता है की क्या यार जैसे की तुम ही
- 3:53बताती हूँ मैं और मेरे जो भाई है हमारी किस्मत इतनी बेहतर है की
- 4:00जबी भी हम जैसे किसी इम्पोर्टेन्ट स्टेज पे होता है ना लाइफ में कुछ
- 4:03ना कुछ भसर होती ही है। फॉर एग्ज़ैम्पल जब तक मैं टेंथ
- 4:08में नहीं आयी थी, ना तो इट यूज़्ड टु बी की आंधी किताब आती थी हाफ
- 4:12इयरली में और आंधी आती थी। जब पूरे सेमेस्टर वाले एग्ज़ैम
- 4:15होते थे तो ऐसे करके ठीक है, अब होता क्या है की जब मैं टेंथ में
- 4:20आई तो उसी साल नियम चेंज हुए और पूरी किताब आने लगी?
- 4:24फाइनल एग्ज़ैम्स में? वो बहुत इरिटेट हुई की यार व्हाई
- 4:27मी वो वाला फीलिंग है की हम क्यों कोई बात नहीं है?
- 4:31जब हम ट्वेल्फ्थ में आए तो आई डोन्ट रेमेम्बेर तब भी कुछ ऐसा
- 4:35लफड़ा हुआ था और मैं अपनी मम्मी को कह रही थी भाई मम्मी गजब होता
- 4:39है हमारे साथ वहाँ भैया कॉलेज गए थे।
- 4:41उनके कॉलेज में भी कुछ फर्स्ट टाइम हुआ ना उसकी ये होने वाला है
- 4:45से। तो हम हमेशा से इस किस्मत के
- 4:47शिकार रहे है की हम जहाँ जाते है वहाँ कुछ ना कुछ तो फैलता है और
- 4:52अभी जैसे मेरे भैया आई आइडी डेल्ही में है तो इसी ही साल से
- 4:56आराम से उनका सेमेस्टर होगया। सब आराम से जा रहा था लेकिन कॉलेज
- 4:59वालो ने बम फोड़ा की नहीं, इस बार से तुम्हे प्रोजेक्ट्स करने है।
- 5:03एंड देन भाई उसकी बहुत हो रही है। ड्रेस में उसकी ना मैं कभी आराम
- 5:07से बात करूँगी। तुम लोगों से जीतने खासकर ट्रस्ट
- 5:10मी तुम्हें एक बहुत वो मिलेगा की है ऐसा होता है दूर के ढोल
- 5:16सुहावने वाली चीज़ है तो वो मैं किसी और एपिसोड में तुमसे बात
- 5:19करूँगी। तो दट्स हौ इट इस हम जहाँ जाते है
- 5:23वहाँ रायता फैलना इस वेरी, नॉर्मल और सेम तुम मान सकते हो की वरुण
- 5:27और सपना की कहानी भी थी की जहाँ ये जाते वहाँ रायता फैलना था तो
- 5:32अब इतने तो तुम समझदार हो ही गए हो की वरुण और सपना दोनों का जो
- 5:36टॉपिक था का वो था प्यार। क्योंकि सपना को ये बताना था और
- 5:42ये प्रूफ करना था की प्यार एक एक साइकोलॉजिकल चीज़ होती है जो
- 5:46हमारे ब्रेन या हमारे हार्ट हार्ट का कोई लेनदेन नहीं है जो हमारे
- 5:50ब्रेन की वजह से कुछ हो रहा है और वहीं वरुण जो लिटरेचर स्टूडेंट था
- 5:55उसका मानना ये था कि प्यार जो है एक खूबसूरत एहसास है जो दिल से
- 6:00आता है तो दोनों के जो पर्सपेक्टिव थे, बहुत अलग थे।
- 6:03लड़ाई झगड़े वाले होने वाले थे तो इस कोलैबोरेशन से ना सपना खुश थी
- 6:09और ना ही वरुण, क्योंकि इन्हें भाई अपनी अलग अलग थेसिस लिखनी थी।
- 6:12ऐसा किसी के साथ मिल के तो बिलकुल भी नहीं जो प्रोफेसर के पास जाते
- 6:15है। उनसे कहते है की देखिए सर।
- 6:18मुझे इसके साथ कोई काम नहीं करना है।
- 6:20भाई उसका अपना पर्सपेक्टिव है, मेरा अपना पर्सपेक्टिव है सपना
- 6:24बोलती है ये सब तो वरुण बोलता है की हाँ सर मुझे भी नहीं करना और
- 6:28मतलब मैं भाई बिलकुल नहीं सोचता की लव इस ए साइकोलॉजिकल फॅक्टर
- 6:32ऑब्वियस्ली हमारी एक दिल की फीलिंग होती है।
- 6:34और ये साइकोलॉजी वाले समझेंगे ना? ये तो सॉरी सर मैं काम नहीं कर
- 6:37पाऊंगा और ये दोनों वही सपना बोलती है तो सर मैं बड़ी मरी जा
- 6:42रही हूँ और हाँ कोई एमोशन विमोशन चीज़ जैसी कुछ नहीं होती है।
- 6:45सब हमारे दिमाग का खेल होता है। हमें किसी से अच्छी फीलिंग आती
- 6:49है। हमें किसी से अपना पन लगता है।
- 6:51ये सब दिमाग का खेल होता है सर इसमें कुछ प्यार व्यार कुछ नहीं
- 6:53होता है। सच बता रही हूँ मैं आपको और ये सब
- 6:55फालतू की बात है की आप साइकोलॉजी को लिटरेचर से जोड़ रहे हो।
- 6:58ये तो कोई सेंस ही नहीं है। ये लिटरेचर वाले चार चीज़े लिखते
- 7:00नहीं लगता है की वो ये बन गया यहाँ पे कालिदास ऐसा कुछ नहीं
- 7:03होता है तो वो कहता है ओह हैलो मैडम ये तुमने समझ क्या रखा है हम
- 7:08लिटरेचर वालो को हम दिल से लिखते है तुम्हारी तरह हर चीज़ में
- 7:11दिमाग आगे नहीं लगाना होता है, ठीक है।
- 7:12ऐसे तो भूख लग रही हो तो तुम दिमाग को खिलाओ।
- 7:14सीधा है ना, पेट में क्यों जा रहा है?
- 7:16खाना मुँह से क्यों आ रहे हो? सीधा दिमाग में डाल लो कान में से
- 7:19तो दोनों में वही लड़ने लग जाते है तो इनके प्रोफेसर कहते है अरे
- 7:23अरे बिलकुल एग्ज़ैक्ट्ली यही चाहिए मुझे इसीलिए रखा है हमने ये
- 7:28कॉम्पिटिशन की कौन कौन होगा जो अपने आपको प्रुव कर पायेगा?
- 7:32इसी एनर्जी से लड़ो और जाओ। ये प्रोजेक्ट करो क्योंकि
- 7:37तुम्हारे लिए हम बेक ऑफ नहीं करने वाले है तो बेचारे मुँह लटकाए हुए
- 7:42एक दूसरे को गुस्से में देखते हुए वहाँ से निकल जाते है यार आज तो
- 7:48बहुत ही गलत हो गया यार मतलब मैं क्यूँ करू भाई किसी के साथ काम
- 7:51में? मैं मानता हूँ की इमोशन्स होते है
- 7:53प्यार सपना कहती हूँ तो मैं मानता हूँ साइकोलॉजिकल होता है तो कहता
- 7:57है ठीक है अब हम करेंगे प्रोजेक्ट मैं तुम्हे बताऊँगा बेटा की तुम
- 8:00कितनी गलत हो और दोनों में फिर बहस हो जाती है तो प्रोफेसर बाहर
- 8:04आते और कहते है अरे इस बहस को दिमाग लगाओ, काम में यूज़ करो
- 8:09यहाँ क्यों लड़ रहे हो? जा अपनी जगह पे दोनों भाग जाते है
- 8:13वहाँ से उसके बाद शुरू होता है काम, क्योंकि भाई ऑब्वियस्ली
- 8:19थीसिस तो लिखनी ही थी। नो मैटर व्हाट तो अब मन मारकर ही
- 8:23सही, लेकिन काम तो करना था तो दोनों शुरू हो जाते है की अब शुरू
- 8:28कैसे करना है काम तो सपना कहती है।
- 8:31मैं अपना करूँगी तुम अपना करो हूँ गेस तो वहाँ पे वो कहते है वरुण
- 8:36की देखो पहले मुझे जानना है की तुम्हारे क्या व्यूस है तभी तो
- 8:40मैं अपनी थीसिस पे अच्छे से काम कर पाऊंगा तो सपना कहती है, बात
- 8:44तो सही कह रहा है ये लड़का मुझे भी तो जानना है आखिर ये ये क्या
- 8:47लिखेगा? तभी तो मैं पोस्ट कर पाऊंगी उस
- 8:50बात को। तो कहते ठीक है, साथ में करते
- 8:52हैं, बनाएंगे जीस हिसाब से भी होगा प्लान पूरा बनाएंगे तब काम
- 8:57करेंगे तो कहते हैं ठीक है, ये भी कर सकते हैं।
- 9:00उसके बाद ये अपने अपने क्वेश्चन बनाते हैं।
- 9:04बेसिक्ली जो सपना होती है उसे ये प्रूफ करना था की साइकोलॉजिकल
- 9:08फॅक्टर है प्यार। और वरुण को ये प्रूफ करना था की
- 9:11प्यार जो होता है वो बहुत प्यारी फीलिंग होती है तो ये कहते की हम
- 9:15एक काम करते है, कॉलेज में ही कपल्स के पास जाते है, उनसे बात
- 9:18करते है और समझते है की जो प्यार में है वो क्या करते है या क्या
- 9:23हो रहा है उनके साथ तो दोनों अपना अपना डिराइव करेंगे, सो ठीक है।
- 9:28तो ये लोग जाते है सबसे पहले कैंटीन में और वहाँ पे देखते है
- 9:32की दो बैठे रहते है कपल एंड उनके पास जाके कहते है यार हमें थोड़े
- 9:36से सवाल करने थे तो करने क्या? तो वो कहते है ठीक है भाई कर लो,
- 9:40कोई बात नहीं है तो ये शुरू हो जाते है अपने सवालों में सवाल
- 9:44उनसे करने के टाइम पर ये लड़ने लग जाते है लाइक।
- 9:48अच्छा तो सपना पूछती है, अच्छा तो तुम एक बात बताओ, तुम्हे कैसे पता
- 9:51चला की तुम इस से प्यार करते हो तो लड़का कहता है पता क्या चलना
- 9:55था मुझे अच्छी लगी देखने में तो बस ठीक है, हो गया तो उसके बाद
- 9:59वरुण कहता है तो तुम्हे कोई फीलिंग्स नहीं आई।
- 10:01उसके लिए लाइक अंदर से ऐसा अच्छा सा नहीं लगा।
- 10:02इसके साथ रहने पर तो लड़की उस लड़के को घूर के देखती है और कहती
- 10:06है। तो मतलब तुझे मैं वो सुन्दर लगी,
- 10:08तू इस लिए मेरे साथ है अरे तू तो बड़ा खराब आदमी है इन्होंने
- 10:12ब्रेकअप करा और इसके बाद ये आराम से बैठ के सोच रहे है।
- 10:19नहीं इनका तो ब्रेकअप हो गया। अभी न साइकोलॉजिकल फॅक्टर रहा, न
- 10:22एमोशनल रहा। ये तो निकल लिए ब्रेकअप फॅक्टर
- 10:24होगया। इन लोगों ने लिटरल्ली बिचारे दो
- 10:27तीन कपल्स का ऐसे ही ब्रेकअप करा दी।
- 10:29अपने सवालों से तो अब कोई इनके सवालों का जवाब देने के लिए राजी
- 10:32नहीं था की भाई ये तो है ये ब्रेकअप वाले लोग इन जिसके पास जा
- 10:35रहे हो उसका ब्रेकअप हो रहा है। हम नहीं करेंगे इनसे बात जो दोनों
- 10:39बैठ जाते है और सोचते है अब क्या करे?
- 10:41अब तो कोई हमें इंटरव्यू भी नहीं देगा।
- 10:43उसके बाद। और थोड़ी चीज़े देखते है।
- 10:46समझते है बट अभी थक जाते है की यार क्या करे फिर 1 दिन सोचते है
- 10:52एक काम करते है यार मैं थक गयी तो स्वप्ना कहती है थोड़ी देर बैठ
- 10:56जाए कही शाम भी हो गयी थी काम करते करते लोगों के व्यूस लेते
- 11:01रहते फिर बैठ जाते है एक जगह। वहीं पास में एक समुद्र होता है
- 11:05तो वहाँ जाते है थोड़ा सा काम टाइम बिताते एक दूसरे के साथ और
- 11:10बस शांत बैठे रहते है। कोई बात नहीं, कोई झगड़ा नहीं,
- 11:13कोई नहीं बट तभी नहीं समझ आता है की शायद प्यार कभी कभी सिर्फ
- 11:20मूवमेंट में रहना होता है। ना की लड़ना झगड़ना कोई फॅक्ट
- 11:24प्रूफ करना कुछ भी नहीं होता है। दोनों बस चुपचाप बैठे रहते है फिर
- 11:30अपनी डायरी निकालते है और उसमें लिखना शुरू करते है।
- 11:34सपना लिखती है कि लव क्रिएट्स डिपेंडेंसी और वही वरुण लिखता है
- 11:40कि शायद। प्यार घर जैसा होता है, जिसके साथ
- 11:45हमें बस सुकून चाहिए। सुकून मिलता है, वो इंसान हमें
- 11:49हमारा घर लगने लग जाता है लेकिन दोनों रियलाइज करते हैं कि इनका
- 11:55सार तो एक ही था यानी की समरी के लव मीन्स सेफ्टी।
- 12:00ऐथेर इन दी फॉर्म ऑफ़ डिपेंडेंसी ऑर इन दी फॉर्म ऑफ़ होम है तो
- 12:04वहीं ना कि हमें किसी के साथ सेफ फील होता है कि ये इंसान साथ है
- 12:09तो सब ठीक ही है। और इन्हें इतना समझ आ गया था कि
- 12:13शायद एमोशनल और साइकोलॉजिकल दोनों बस थोड़े लैंगुएज के डिफरेंस थे।
- 12:19कहना शायद एक ही चीज़ चाहते थे। ये लोग उसके बाद फाइनली इतने
- 12:24दिनों के संघर्ष के बाद आता है जहाँ पे इन्हें अपना थीसिस सबको
- 12:31बताना था कि भाई आज पता लगेगा कि किसने कितने झंडे गाड़े थे यहाँ
- 12:36पे। कौन अपना पॉइंट प्रूफ करने में जो
- 12:38है, सही रहा है ना तो ये दोनों शुरुआत करते है अपने अपने तरीके
- 12:44से की अच्छा मैंने ये समझा या मैंने ये समझा एंड उसके बाद अपने
- 12:48कंबाइंड थीसिस देते है जहाँ पे इन्होंने कंबाइंड ले लिखा था कि
- 12:52शायद प्यार एक फीलिंग नहीं है। ना सिर्फ एक साइकोलॉजिकल प्रोसेसर
- 12:57है। ये एक एक्सपीरियंस है।
- 12:59शायद दिल और दिमाग हाथ मिलाते है और फाइनली हमें ये रियलाइज
- 13:06करवातें है की हमें किस्से प्यार है।
- 13:08किसके साथ हमें अपनापन फील होता है, कौन हमारा अपना है?
- 13:13और तब उन्हें समझ आता है। की शायद इस दौरान इस थीसिस को
- 13:18लिखने के दौरान वो कहीं ना कहीं खुद एक दूसरे से प्यार करने लगे
- 13:22थे। इन दोनों ने अपनी थीसिस में एकदम
- 13:26ऑपोजिट बातें लिखी थी। जो चीज़ शायद सपना को लिखनी चाहिए
- 13:30थी, वो वरुण ने समझ ली थी और जो वरुण को लिखनी चाहिए थी वो सपना
- 13:33ने दोनों को तब समझ आया की हम प्यार को डिफाइन थोड़ी कर सकते
- 13:39है। यार है ना?
- 13:41तुम बताओ तुम कर सकते हो प्यार को डिफाइन अगर मैं तुमसे अभी इसी
- 13:45मूवमेंट पर जीतने भी कपल्स है जीतने भी ये सुन रहे है उनके पास
- 13:49अगर कोई है तो तुम सोचो। तुम जीस इंसान से प्यार में हो,
- 13:53तुम उसे प्यार में क्यों हो? अगर तुम्हारे पास एक जवाब है तो
- 13:58सोचो क्या की तुम सिर्फ उस वजह से उसके साथ हो?
- 14:01अगर नहीं है तो वो शायद कह सकते है की तुम सच में प्यार में हो
- 14:05क्योंकि हम जैसे प्यार में होते हमें समझ ही नहीं आता की हम इस
- 14:08बंदे से प्यार क्यों करते भाई? कोई तो रीसन होगा बट नहीं रीसन
- 14:13सिर्फ एक ही हो सकता है दे फील लाइक होम दे फील लाइक ए सेफ प्लेस
- 14:19जहाँ हमें बस रहना पसंद है कभी कभी कुछ लोगों के साथ हम बस शांति
- 14:24से बैठे भी होते है ना तो वो भी अपना लगने लगता है।
- 14:27वो सुकून, वो शांति भी अपनी लगने लगती है जब लगता है की यार ठीक
- 14:32है, इसके साथ बस बैठने से ही हिल हो जाते हैं।
- 14:36हम ये लोग होते हैं जिनसे हम प्यार करते हैं, जो हमें बताते
- 14:41हैं कि प्यार शायद यही होता है। अब ये दिमाग की गलती है, दिल की
- 14:46गलती है, इंसान की गलती है, क्यों डिफाइन करना है, क्या पड़ी है,
- 14:51किसे पड़ी है? अरे प्यार में है ना तो उससे
- 14:54जियो। ये जिंदगी एक बार मिली है।
- 14:57ये प्यार एक बार मिला है, वो इंसान भी एक ही बार मिला है तो
- 15:01जाने नहीं देना है उसे। अपने पास रखो, उसके साथ रहो समझ
- 15:08रहे हो? सो, साइकोलॉजी कहती है की शायद
- 15:12लिटरेचर एमोशनल फून्स लिखते है और लिटरेचर कहती है की साइकोलॉजी तो
- 15:17इमोशन्स को मार देती है। लेकिन धीरे धीरे दोनों को समझ आया
- 15:21की शायद आर्ट और साइंस दोनों एक साथ मिलके मैजिक बनाते हैं, प्यार
- 15:25बनाते हैं और फाइनली वो लिखते हैं की हमने शायद एक थीसिस नहीं लिखी।
- 15:33कहीं ना कहीं उन्होंने अपनी लव स्टोरी लिखी थी उस थीसिस में और
- 15:39थीसिस इस नॉट जस्ट की। हम प्यार के बारे में बता पाए।
- 15:43शायद प्यार एक अक्सेप्टेंस होती है।
- 15:45लव को डिफाइन करना जरूरी नहीं, उसे फील करना बहुत जरूरी है और
- 15:50यही बात सपना और वरुण को समझ आई जब वो एक दूसरे के साथ रहे।
- 15:55जब जरूरत पड़ी तो लेकिन जब दोनों को जरूरत थी दिल से दिमाग से नहीं
- 16:01क्नॉइस। तो वो एक दूसरे के साथ भी थे।
- 16:04उस दिन जब वो एक साथ बैठे थे तो उस बैठने में ही सुकून था बस कि
- 16:09ठीक है। उदय दिन की भाग दौड़ बस एक साथ
- 16:13बैठने से ही खत्म हो गई थी। आई थिंक दट्स व्हाट लव इस इट्स
- 16:17नॉट अबाउट ऑफ़ फीलिंग, इट्स नॉट अबाउट सायकोलॉजी, इट्स नॉट अबाउट
- 16:20एनीथिंग। इट्स अबाउट बीइंग इन दी मूवमेंट
- 16:23जब हम बहुत खुश होते है ना तो देखना हमें कुछ नहीं पड़ा होता
- 16:28है। हम बस खुश होते है।
- 16:30हम उस मूवमेंट में होते है अगर तुम आज की टेंशन ले रहे हो, कल की
- 16:33ले रहे हो, परसों की टेंशन ले रहे हो, ना तुम खुश नहीं रह पाओगे और
- 16:37अगर तुम खुश हो ना तो देखना तुम सिर्फ उस मूवमेंट में जी रहे होते
- 16:39हो। तुम्हें नहीं पड़ी है की 4:00 बज
- 16:41रहे 5:00 बज रहे 6:00 बज रहे कल काम है कल टेस्ट है कल पेपर है
- 16:45नहीं, हम खुश हैं दट इस इट दट इस लाइफ दट इस लव दट इस व्हाट यू अरे
- 16:52यू अरे लव समझे? और यही बात जब सपना वरुण को समझ
- 16:57आई तो उनकी थीसिस। में ना लिटरेचर डिपार्टमेंट जीता
- 17:01ना साइकोलॉजी डिपार्टमेंट। उनकी उस थीसिस के राइटिंग के टाइम
- 17:05पर वरुण और सपना की लव स्टोरी जीती और कंबाइंडली उनके
- 17:10डिपार्टमेंट्स को भी समझ आया की शायद हम चीजों को डिफैन करने में
- 17:14इतना पागल हो गए है की हम उन्हें जीना भूल गए है।
- 17:18प्यार हो। खुशी हो, दुख हो, कुछ भी हो,
- 17:21इंसान उसमें रहना चाहिए। इन दी मोमेंट रहना चाहिए।
- 17:25हम डिफाइन क्यों कर रहे है? चीजों को क्या मतलब है एंड दट्स
- 17:29व्हाट दे रियलाइज़्ड उनके कॉलेज को रियलाइज हुआ और कोई एक नहीं
- 17:33जीता। वो सब जीते थे उस रेस में उस
- 17:36थीसिस में एंड थिस इस सपना तो कैसे लगे कहानी तुम मुझे बता सकते
- 17:42हो, कहा बता सकते हो तो मुझे भी नहीं पता, इंसा पे बता सकते हो
- 17:47तुम मुझे कही भी बता सकते हो बस 27 से पहले मत बताना बिकॉज़ हाँ,
- 17:53थोड़ी सी मैं बीज़ी हूँ, सबको ही पता है और भाई मैं सही बता रहे
- 17:57इतनी इर्रिटेट हो गई ना मैं खुद भी।
- 17:59की व्हेनएवर सम्वन आस्क मी ना दी आपका एग्ज़ैम खत्म कब खत्म हो गया
- 18:02आई ऍम लाइक भाई तीन को होंगे बट दी इम्पोर्टेन्ट पार्ट इस की 27
- 18:06तक इस दी मेन प्रॉब्लम उसके बाद तीन वाला इस वेरी इजी।
- 18:09सो मैं उसको गिन भी नहीं रही हूँ सो आई ऍम जस्ट लाइक 27 तक यू जस्ट
- 18:12हॅव टु लिसेन उसके बाद आई विल बी बेक डेफिनिट्ली विथ ए लॉट मोर
- 18:16बैंगलोर, स्टोरीज़ और ये वाली भी आई गेस अच्छी ही होगी।
- 18:18अब एक तो स्क्रिप्ट नहीं थी। आई डोन्ट नो इसमें क्या है?
- 18:21क्या नहीं है? बट हाँ आई गेस थिस वेल बी नाइस
- 18:24बिकॉज़ वही दिल से लिखी थी, इकलौती वही थी आई गेस अब तक जो एक
- 18:28और कहानी थी जो मैंने बिलकुल ऐसे लिखी थी की हाँ ठीक है, बस लिखनी
- 18:31है वाले बेसिस पे अदर्वाइज़ आई ऑलवेज यू नो नरेट देम ब्य मैं
- 18:35हार्ट ओनली अब तुम बोलो दीदी। मुँह से बोलते है बट बहस नहीं
- 18:40करनी है ओके सो तुम वैसे मुझे बताना, मैं पोल डालूंगी दट।
- 18:46व्हाट इस लव साइकोलॉजी की वजह से होता है या फिर फीलिंग्स की वजह
- 18:51से डिबेट तो कर ही सकते है। फिर मिलती हूँ तुमसे किसी और
- 18:55कहानी में एंड टेक केयर एंड बाई।