Latest / Baba ji Vijay Vats / 26 Dec 25 - मैं वो शय हूँ जो कायनात की खबर रखता हूँ! आपने कभी सन्देह व्यक्तियों की छानबीन की है? PART 2
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- 0:00मेरे गीत भी लोग। सुनी देने से का फिर आंख सदी
- 0:17देने। मेरे गीत विलोंग सुनि।
- 0:28देने ते का? फिर?
- 0:39सधी ने। मैं दर्द नु।
- 0:46काबा कह बैठा। मैंने दर्द का नाम काबा रख दिया।
- 0:55मैं दर्द नु, काबा। कै बैठा रब ना रख देता पीड़ा दा
- 1:09कि कुछ देओ हाल फकीरा दा। सादे।
- 1:16नदियों बिछिड़े निरांधा मैं। दर्द लूँ कबा रब ना रख देता।
- 1:36दर्द को मैंने काबा कह दिया दर्द हो रहा है तो मैं कहता हूँ कि
- 1:42काबा हो रहा है काबा जा के आये ना भाई और पीर दर्द दुःख उसका नाम
- 1:51मैंने रख दिया रब परमात्मा। नाम बदलने से ना तो शिव भटारवी का
- 2:01दर्द खत्म हो, ना दुख खत्म हुआ। दोनों ही बरकरार रहे और वो दुख और
- 2:09दर्द अपने सीने में लबटे हुए हैं। जहान से भी।
- 2:17मैं दर्द नु कावा खे बैठा रब ना रख देता पीड़ा दा।
- 2:33पीढ़ों का नाम मैंने दुखों का नाम मैंने परमात्मा रख दिया ऐसे तुम
- 2:40नाम बदलते जाओ, कोई फर्क नहीं पड़ता कल मनरेगा का नाम बदल दिया
- 2:47देखिये जितनी बुद्धि है तुम्हारे में तुम लाख उपाय करो।
- 2:52ये सब उस जज जैसे उपाय हैं। कभी किसी होटल में जाके ठहर के
- 3:01कोई मित्र मिला, उसे कहा अर्दली मिला उसे कहा बताना मत मैं यहाँ
- 3:04रुका कारण क्या है? तब रिटायर हो चुका था रिटायरमेंट
- 3:11के बाद के बाद। पेंशन मिल रही थी उससे तो तुम नाम
- 3:23बदल दो छोड़ो हमारा मंतव्य हल कर दो, मैं कहता हूँ सभी भूखों को
- 3:34पांच किलो अनाज से नहीं चली। तुम अपने शौक को फरमा लेते हो।
- 3:41जहाजों के ऊपर चढ़कर हमारे ही टैक्स के बल पर तो शोक तो लोगों
- 3:51में औरों भी होते हैं भाई। वासनाएँ भी होती हैं।
- 3:56जब तक व्यक्ति पहुंचता नहीं अनकांक्षाएं कल्पनाएं और कुछ बनाई
- 4:04हुई योजनाएं भी होती हैं। जब तक व्यक्ति पहुंचता नहीं ये
- 4:09सारा कुछ होता है, फिर उनका वो क्या करेंगे?
- 4:14क्या दिल में दर्शन किए चले जाएंगे ये ज़िन्दगी?
- 4:20आज धरती आज नर्क क्यों बनाती है? कुछ इन 17 लोगों ने 17 लोगों के
- 4:26आगे फिर रेप्रेसेंटेटिव्स आगे फिर रेप्रेसेंटेटिव्स।
- 4:35यहाँ पर एक वकील आई थी पड़ी पंजाब एंड हाई हॉल, पंजाब एंड हरियाणा
- 4:42हाई कोर्ट मुखर सिंह इसके जादू साहब है ना जो आएँगे अभी आए नहीं,
- 4:48गवे ही थे सब शर्मा जी। उससे दूर की रिश्तेदार की मित्रता
- 4:57बढ़ती है। लोग यहाँ तक खोज लेते हैं।
- 5:02मेरे पास आती हैं मेरी सिस्टर की बेटी के आगे।
- 5:14देवर के आगे आगे उसकी भाभी के पोते की चाची का सारो।
- 5:33ऐसी हँसी आते हैं लोग ऐसी ऐसी स्पा हमारे पास ही नुसवार फैक्टरी
- 5:39है, वहाँ से आ जाते हैं बाबा मिल लेंगे बेटा कहने लगा नहीं कहते।
- 5:46थोड़ी सी देर के लिए अमृतसर से किसी का फ़ोन आया था, वह मिलते ही
- 5:50नहीं। क्यों नहीं मिलते?
- 5:53नहीं मिलते ये तो कोई बंधन है क्या?
- 5:57मौज है उनकी रस ही इतना पी लेते हैं का फिर नहीं उतरती रात क्यों
- 6:06पी हुए? क्या करें?
- 6:104:00 बजे तक तो उतरती फिर धीरे धीरे होश आता है।
- 6:15इतने में रात हो जाती है सारी रात पिएंगे।
- 6:24सुबह बाटेंगे क्या करें? दो 4 घंटे ही मिल पाते हैं बाटने
- 6:30के लिए। तो थोड़ा सा वक्त होता है बाबा के
- 6:33पास इसलिए ज्यादा हजो में इकट्ठा नहीं करता और वासनाएं भी नहीं हैं
- 6:39जो इकट्ठा करना चाहती हैं। मूल तो ये बात है वासना नहीं है,
- 6:45नहीं तो व्यक्ति ओखा सुखा हो गया आपका कोई डेरा पंत खोल लेता है।
- 6:51लेकिन जब वासना ही मर गई, जिन्हें तक की वासना मर गई तो फिर कोई
- 6:57क्या करेगा? कोई कुछ इकट्ठा नहीं करेगा, ना भी
- 7:01तमन्ना होगी ना घूमने की जज्जों पे और घूम भी लोगे तो क्या मिल
- 7:06जाएगा वो आँखें? बेजान हो जाएंगी जिसने कभी सुन्दर
- 7:14दर्शन किए थे तुम्हारे पर्वतीय क्षेत्रों के।
- 7:26सुहानी चांदनी रातें हमें सोने नहीं देते।
- 7:43सुहाने चांदनी रातें हमें सोने नहीं देते तुम्हारे।
- 7:59प्यार की बातें हमें सोने नहीं देतीं, सो यानी चांदनी रातें।
- 8:17हमें सोने नहीं देते। मेरे पास कॉमेंट्स आते हैं।
- 8:26कल बेटा बता रहा था हाँ बाबा जब से राजनीति पे बोलने लगे।
- 8:35तो मैंने कहा बाबा ही बोलते हैं ना राजनीति यह ज्यादा रुचक है,
- 8:40ज़रा सुना करो इसको ध्यान से श्रवण करने वाला चाहिए।
- 8:46सुनिए दुख बाप का नाश तुम्हारी बहुत सी भ्रांतियां राजनीति के
- 8:50भीतर भी फंसी, अब इनको भी तो तोड़ना आवश्यक है ना?
- 8:55न जानें कौन कहाँ लटक गया है बहुत से लोग अगर सच में कहूं तो
- 9:03ज्यादातर अधिकतम लोग राजनीति में ही अटके खड़े हैं।
- 9:08राजनीति में बहुत सी फेविकोल आपने लगा दिये हैं, वो दौड़ना भी
- 9:13आवश्यक है। और जब तक आपके सभी चवकाहटों को
- 9:17मैं घरा नहीं दूंगा, उखाड़ नहीं दूंगा, तब तक आप मुक्त नहीं हो
- 9:21पाओगे, लेकिन मेरी जो इच्छा है वो है आपको खुशी देना।
- 9:28खुद की खुशी मैंने पाली और उसके बाद पाने को कुछ शेषना बच।
- 9:35तो अब मैं बस मेरा एक ही मनतम मोटव है तुम भाई मनरेगा का नाम
- 9:42बदल दो अपने नाम पे रख लो हमें तो कोई राज़ नहीं मुझे तो कोई राज़
- 9:47नहीं जीसको होगा उसको लेकिन मैं कहता हूँ क्या?
- 9:51100%? इतना क्या कारनामा कर दिया 100%
- 9:56लोगों को? मनरेगा में आप काम दे पाओगे, बस
- 10:03इतना सा कर दो, नाम चाहे मोदी रख दो, गाँधी का नाम मिटा के श्री
- 10:09राम का भी छोड़ दो, आप नाम ही मोदी रख दो।
- 10:14जैसे स्टेडियम का नाम बदल दिया। कौन सा था?
- 10:17पटेल का था नाम जिसका भी था तो नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रख
- 10:24दिया। हमें क्या फर्क पड़ता है?
- 10:25न जमीन को कोई फर्क है, न स्टेडियम चिल्लाता।
- 10:31कि मेरा नाम क्यों रख दिया? नरेंद्र मोदी से स्टेडियम चलाया
- 10:34क्या नहीं चलाता? रोज़ रिस्टियां बदलती हैं,
- 10:38रिस्टियों पे नाम बदलती हैं कभी धरती चिल्लाते हैं तुमने मुझे,
- 10:42लक्खा सिंह को क्यों भेज दिया? कहती है कभी नहीं कहती, तुम ही
- 10:47चिल्लाते हो। तो भाई नाम बदल दो बात तो हम जो
- 10:53कहते हैं उसको विषय विषयांतर करने की चेष्टा ना करो।
- 11:00हमारी बात को वो देखो अटैक कर दिया बगलादेश ने अटैक कर दिया, ये
- 11:06देखो उसने अटैक कर दिया, ये देखो मिसाइल आ गई।
- 11:10ऐसा कुछ नहीं चलेगा। भाई हम कहते हैं रुपया क्यों
- 11:17धड़का जबाते आती हैं साहब, रुपया क्यों लगातार लुढ़कता जा रहा है।
- 11:26₹58 पे छोड़ा मनमोहन सिंह ने। और आज शायद देखिये, मैं कॉन्टैक्ट
- 11:36में तो नहीं रहता लेकिन सुना है मैंने कि 87 के करीब हो गया।
- 11:40शायद क्यों फिर बड़ा ये नालाई की है प्राइम मिनिस्टर की?
- 11:48तो फिर अपने शब्द रखो ना तुम अपने शब्दों की पकड़ को मजबूत रखो।
- 11:55नालायकी प्राइम मिनिस्टर कहाँ से करते हैं कहाँ से हो गई आपसे ये
- 11:58नालायकी बताओ अभी तो जवाहरलाल नहीं है भाई तुम सपनों में मत
- 12:05खोये रहो। हम जागे हुए हैं, तुम हमें
- 12:13कल्पनाओं के सपने दिखाने की चेष्टा मत करो, उनको दिखाओ जो
- 12:17मंदबुद्धि है, जो सोपन लेना चाहते हैं, जो आपके सप्नों में विश्वास
- 12:23करते हैं और आपके सप्नों का बल्कि।
- 12:26आनंद लेते हैं, उनको स्वप्न दिखाओ।
- 12:29हमें कोई इस पर आपत्ति नहीं है, लेकिन कम से कम भूखों को सपना मत
- 12:37दिखाओ। विश्वविद्यालय स्कूल टीचर कम कर
- 12:46दिया आपने नौकरी बात करते हो शिक्षा की बेटी पढ़ाओ कमाल की बात
- 12:54है कहाँ से पढ़ाएंगे? शिक्षा संस्थान बंद कर दिया
- 12:59महंगाई चरम पे है एक निश्चित बुक जो बाजार में ₹20 की है।
- 13:06वो आपकी बताई हुई दुकान पर 200 की बिक्री है।
- 13:10ये क्या माजरा है? ये ठगी चोरी क्यों है?
- 13:12ये जो ड्रेस तुम कह रहे हो मैं कहता हूँ सब ड्रेसेस फ्री होंगी,
- 13:20जो भी हम रखेंगे बिल्कुल मुफ्त किताबें मुफ्त।
- 13:26कहीं भोंकना नहीं पड़ेगा और वो आपको एक ही स्थान पर अंडर 1 रूफ
- 13:31मिलेंगे। बच्चों की मुशक्कत बड़ी कम कर
- 13:37देंगे। अगर खेल में तुम दक्ष हो तो
- 13:43तुम्हे खेल में। वैसे ही माहौल दिए जाएंगे कि तुम
- 13:48खेलों में उन्नति का सको। अंतरराष्ट्रीय महिलाओं के साथ
- 13:53क्या आपने पहले तो चाय पे निमंत्रित किया, फिर उन अनशन करती
- 14:02हुई महिलाओं को कैसे? साहब के आदेश पर घसीटा गया।
- 14:08ये सारी दुनिया ने देखा और मेरी भी आँखों ने तब मैं ऑपरेशन नहीं
- 14:13कराया था देखा ये क्या मजाक है भाई मैं दर्द नु कबा के बैठा रब
- 14:27ना रख देता। ऐसा नाम बदलने से समस्याएं हल
- 14:35हुईं। समस्याएं तो मुँह बाएं खड़ी हैं।
- 14:38रोज़ मुँह सुरसा की तरह रोज़ बढ़ जाता है।
- 14:52नाम बदलने से कभी कुछ नहीं होता और नाम बदलने में हमें कोई तकलीफ
- 14:58नहीं है। कम से कम मुझे तो है और मैं तुमसे
- 15:03भी कहूंगा, देखो अपनी शक्ति और समय बर्बाद न करो।
- 15:07जैसे ही ये कहें के नाम बदल दिया तुम कहो ओके सर।
- 15:12बड़ा शुभ काम किया बस कोई उत्पाद न फैला रहा हूँ, कोई बहस न करो,
- 15:19उनसे ये पूछो ठीक है बदल दो चाहे देश का नाम मोदी रख दो, हमें क्या
- 15:27है? हमें क्या तकलीफ है?
- 15:29देश का नाम ही मोती रख दो, हमें कोई घबराहट नहीं है।
- 15:37युग का नाम तो आप ऊपर उठ ही रहे हो।
- 15:40अभी अमृतकाल चल रहा है, ये क्या सीख गया तुम और क्या सीखा रहा है?
- 15:52क्या पिलाया है लोगों को जो तुमने खुद पिया है और आरएसएस इसका
- 15:59ऑर्गनाइजर है। आरएसएस ने तुम्हें पिला दी और
- 16:04तुमने मंदबुद्धियों को पिला दिया। कोई समझदार व्यक्तित्व जाता नहीं,
- 16:09वो चाहे जज हो लेकिन होगा मंद बुद्धि जो आरएसएस में जायेंगे वो
- 16:14नितिन गडकरी हो या कोई भी हो आरएसएस में जाने वाला व्यक्ति कोई
- 16:20कोई व्यक्ति को छोड़कर कुछ व्यक्ति होते हैं।
- 16:23हीरे जो आज भी चमक रहे हैं। लेकिन उन्हें आप मौका ही नहीं
- 16:29देते हैं। हीरे हैं लेकिन मौका नहीं देते।
- 16:34क्यों? आप तो भगवान राम के कध को छोटा कर
- 16:37देते हैं अपने आप से, आप तो उसको बच्चा बना देते हो अपना कद ऊंचा
- 16:43दिखाने के लिए। कद तो भाई ऊंट का भी बहुत ऊंचा
- 16:46होता है। कद तो हाथी का बहुत ऊंचा होता है,
- 16:52ऊंट अपना बैर कभी नहीं छोड़ता, मर जाता है।
- 16:57ऊंट 20 साल पुराना बैर भी निकालेगा जैसे उस जज साहब ने
- 17:02निकाला बैर। फांसी पर चढ़ना मंजूर नाम नहीं
- 17:06बताया क्यों फांसी चढ़ा ये नहीं बताया और आज तक के इतिहास में ये
- 17:13बात सदा चित्रित रहेंगी। एक जज फांसी पर चढ़ा दिया गया,
- 17:19जुर्म क्या था ये नहीं पता लगा। ये उसने खुद ही बताया कि हाँ, जब
- 17:27पता लगा जब बताया कि लाशें मैंने वहाँ दर्शन कर दी, बस यही सोच था
- 17:36इसी सबूत के आधार पे उसे। अरे यार यार बस लड़कियां और
- 17:49धर्मपत्नी जानती थीं इसलिए और कोई फॉर्मूला नहीं, इनकी आवाज़ को दबा
- 17:56दो, लेकिन याद रखो मैं शुरू से ही बोलता हूँ।
- 18:01आवाज दबाई जा सकती है। लोग हमारे जा सकते हैं कल को मैं
- 18:06भी मारा जाऊं तो समझ लेना इनके जिम्मेदार जे कांड मैं बोल रहा
- 18:12हूँ और मैं जानता हूँ मैं भीतर गया हुआ खिलाड़ी हूँ।
- 18:17मैंने तीन जगह से ये तहकीकात कर। गोत्राकांड क्या हुआ?
- 18:24तुम्हारे जज क्या कहते है मुझे उससे कुछ लेना देना तुमने जजमेंट
- 18:30क्या दी? मुझे उससे कुछ लेना देना क्योंकि
- 18:33तुम तुम्हारे जज ऑब्सर्वर थोड़ी एक ऑब्सर्वर है।
- 18:39जो सृष्टि के कण कण में समाया हुआ है और उसका स्वभाव है आब्ज़र्वेशन
- 18:44वो तुम्हारे हर कृत्य का ऑब्जर्व है।
- 18:48हर कृत उसमें रिकॉर्ड है, बस उससे भला कोई भी नहीं जानता और हम उससे
- 18:53पूछ लेते हैं बताओ उससे सटीक कोई नहीं बता सकता।
- 18:58हमारे पास ये सब विमान है। तुम गवाहों के सबूतों पर गवाह तो
- 19:03खरीदे भी जा सकते हैं, गवाह तो ड्राई भी जा सकते हैं।
- 19:08गवाहों को गुमराह भी किया जा सकता है।
- 19:10आज कितने लोगों को गुमराह किया गया?
- 19:13मेरा शिष्य है वो जहाँ ब्याह गया। उसके परिवार को कहा गया कि तुम
- 19:19भाई भाजपा को वोट मत देना, वो तो कहते हम तो भाजपा को वोट सिंह है,
- 19:27क्या करें? मैंने कहा इनसे संबंध शुरू हो
- 19:34अगर। ये डॉक्टर हैं, संबंध नहीं तोड़
- 19:37सकते तो फिर क्या करूँ? फिर इनकी उपेक्षा करता हूँ ना
- 19:46इनको आने दो ना इनके पास जाओ। हमने बिगाड़ना कुछ नहीं है।
- 19:51अहिंसात्मक रूप से लघु की एक बूंद जीस दिन बह गई।
- 19:55उसने सूझो कि चोरी, चोरा कांडो मूँद लहु की न बहूंगा न बहने
- 20:04दूंगा मेरी तरफ से प्रयास अगर तुम साजिश करके मूंदे बहादुर तो वो
- 20:09तुम्हारी साजिश है। आय तक यह लांछन लग रही है।
- 20:13तो द्विराष्ट्र का सिद्धांत गाँधी ने बनाया जबकि गाँधी चिल्लाते रहे
- 20:18पाकिस्तान बनेगा मेरी राज़ पर और तुम व्हाट्सएप पे लिखे हुए को
- 20:24सत्य मान लेते हो, यही तुम्हारी मूड़ता है, इसे ही मैं मंदबुद्धि
- 20:29करता हूँ। मैं कहता हूँ इतिहास को खंगाल
- 20:32इतिहास की किताबें उपलब्ध हैं और अगर मैं गलत बोलता हूँ तो मुझे
- 20:37दंडित करो, मैं अभी हूँ भाई, मैं गाँधी का इत्ते फाकन में आ गया तो
- 20:48गाँधी की सारी चीज़ खोल गया। नहीं तो तुमने तो जड़ूस बना दिया
- 20:53था, सभी जनता हुआ तुमने तो ऐसी चिंगारी फेंकी थी कि आग बन ही चली
- 21:01थी तो शोला बन ही गई थी। मेरे पास सारा कुछ पता है सब
- 21:17जानता हूँ, मैं मैं विषय हूँ जो कायनात की खबर रखता हूँ।
- 21:27मैं वो क्षय हूँ जो कयामत की नज़र रखता हूँ, तुम मुझे मार सकते हो,
- 21:37मेरे ओरिजिनल स्वरूप को तुम ज़रा भी हानि नहीं पहुंचा सकते।
- 21:45नैनम छिद्दन्ति शास्त्रण नैनम दहती पावका न चेनम क्ले धनता को न
- 21:52शोषित मारु जा तुम उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते जो मैं वास्तव में
- 21:58हूँ मेरे नकाबों को तुम जला दोगे। उतार दोगे, मार दोगे, फूंक दोगे,
- 22:05काट दोगे? ये मेरे नकाब हैं।
- 22:06मेरे शरीर ये मेरे नकाब हैं, उड़े हुए हैं इनके भीतर मैं बैठा हूँ
- 22:13तो ये मेरे ऑपरेटर्स हैं, इनसे मैं काम लेता हूँ।
- 22:16अब मैं बोल रहा हूँ तो क्या मैं बोल रहा हूँ भाई?
- 22:22ये इंद्रियां बोल रही हैं मेरी बातों को तुम तक मेरी इंद्रियों
- 22:27के द्वारा, मैं पहुंचा रहा हूँ ये दीज़ अरे जस्ट लाइक ए माइक फॉर मी
- 22:35ये मेरी इंद्रियां मेरे लिए माइक इससे ज्यादा और कुछ नहीं है।
- 22:40माइक बिगड़ भी सकता है, खराब भी हो सकता है।
- 22:44माइक डैड भी हो सकता है तो मैं सब जानता हूँ।
- 22:50तुमने पूछा पुत्र कि जब तुम अपने भीतर जा सकते हो, कोलेक्टिव
- 22:58अनकॉन्शियस में जा सकते हो? तो तुम खंगाला क्यों नहीं की, ये
- 23:01किसने कराया? सब जानता हूँ इसीलिए ही तो बोल
- 23:05रहा हूँ इसीलिए तो कह रहा हूँ आज नहीं कल गुण्डी खुलेगी सुब्रमण्यम
- 23:10स्वामी इसको पकड़ लो, सारी चीजें जानता है।
- 23:17जो राज़ ये बोलना नहीं चाहता, क्यों नहीं बोलना चाहता तो
- 23:22देशप्रेमी कहाँ से हो गया? इसको कहो मैं तुम बताओ जो हमें
- 23:32जानते ही हैं, लेकिन हम अगर बताएंगे तो अदालित व्हाटस प्रूफ?
- 23:40जज वाट्स प्रूफ उस जज से पूछा गया प्रूफ वो कहते कोई प्रूफ नहीं एक
- 23:45ही प्रूफ क्या लाश कहाँ है उन गड्डों गड्ढे खोदे गए, लाश मिल के
- 23:55तो गुनाह साबित हो गया। जब व्यक्ति कहता है कि मुझे पता
- 24:00है अगर मैंने खोल दिया तो अगर का क्या सवाल हुआ फिर तुम खुद को
- 24:04देशप्रेमी भी कहते हो तो क्या तुम्हारा नाम भी बदल न दिया जाए?
- 24:10तुम्हारा नाम देशद्रोही न कर दिया जाए?
- 24:13तुम देशप्रेमी का लेवल लगा के क्यों चले हो?
- 24:17ये दोहरे चरित्र ये दोगले मापदंड किसको दिखा रहे हो?
- 24:26बोलो क्या बात है? देश हित में लोगों ने गर्दने को
- 24:31रवान कर दी। तुम एक सत्य नहीं भूल सकते।
- 24:36धिक्कार है तुम्हारी देश प्रेमता पर तुम तो देशद्रोही निकले, देश
- 24:45के लिए प्रेम की बात कहो जिससे अपराधियों का अपराध उगड़ा जाए।
- 24:53लाखों लोग जो कहते हैं कि ये हिंदू हृदय सम्राट हैं, पता चल
- 24:57जाए कौन हिंदू हृदय सम्राट हैं ये पुलवामा में ये पहलगाम में कांड
- 25:05किसने कराया? कहीं गंगाधर ये तो शक्तिमान नहीं
- 25:11हैं। यह हमारे 40 नौजवान सीआरपीएफ के
- 25:19पिट पिट के मर गया। वह बताने वाला जो उस वक्त कमांड
- 25:26थी वह सत्यपाल मलिक। 750 किसान सत्यपाल मलिक कहते है,
- 25:42मैं क्या मोदी जीके पास देखो बहुत देर से बैठे है, ये किसान है और
- 25:51इनके? इरादे बड़े दृढ़ हैं और ये
- 25:54परिश्रम में हैं। बेईमान नहीं हैं झूठ नहीं बोलते
- 25:58तो क्यों बता रखे हैं? ये मर रहे हैं तो साहब का जवाब था
- 26:03क्या मेरे लिए मर रहे हैं? मैं आज जवाब दे दू तो फिर कानून
- 26:10खंडाके लू ने। बनाए थे कानून खंडपेलु ने बनाए थे
- 26:17जिम्मेदार कौन? जिसने संसद में कानून पर
- 26:21हस्ताक्षर किए, जिसने यह कानून पास किया ये तीन काले कानून जिसने
- 26:27पास किए दे अरे रेस्पोंसिबल फॉर थिस।
- 26:32ये पागल हैं क्या? किस को घर में चैन नहीं होता, किस
- 26:37को घर में आराम नहीं मिलता, ये सब चैन और आराम को छोड़कर जो यहाँ पर
- 26:42बैठे हैं और सभी मौसम इन्होंने चपा दिए घोर सर्दी हो?
- 26:50घोर लोगों की गर्मी हो, बरसात का मौसम हो, टेंट में पानी भर जाता
- 26:56और साहब तमाशा देख रहे थे, भाग जाएंगे ये खुद की खुद के जैसे ही
- 27:01सबको समझते हैं। अरे नहीं भाई, ये पंजाबी शेर है,
- 27:05कल मैं पंजाबी शेरों को कहता हूँ, तुम जाओ।
- 27:09देखिए। एक शब्द है राज़ करेगा खालसा अकी
- 27:14रहना कोय तुमने राज़ करने में आखिर में आके खालसा का मतलब सीख
- 27:23नहीं होता ध्यान रखना खालसा का मतलब जो होता है निरमा लक्ष्य तक।
- 27:30निर्मल चित निर्मल मन जन सोई मोही पावा, मोहे कपट छल छिद्र न बाबा
- 27:40राज़ करेगा खालसा खालसा ही राज़ करेगा अपने भीतर भी हो राज़ के
- 27:46साथ ही मस्ती मनाता है। आनंद के साथ राज़ करता है और बाहर
- 27:51भी वही राज़ करेगा खालस व्यक्ति ही राज़ करेगा झूठा व्यक्ति तो
- 27:56पकड़ा जाएगा, आज नहीं कल पकड़ा जाएगा अति रहे ना कोई जो बेईमान
- 28:01व्यक्ति है, काफी है, झूठ बोलता है, जनता को भ्रम में रखता है।
- 28:08जनता को शाब्दिक लफ्जों में गुमराह करके उलझाता रहता है।
- 28:19रोटी खिलाकर भूख मिटाने के बजाय रोटी रोटी का जाप करवाता है।
- 28:25ऐसे लोग हिरण्यकशप जैसे होते हैं जो भगवान से भी ऊंचा अपने आप को
- 28:30दिखाते हैं और राम की ऊँगली पकड़ कर चलते हैं।
- 28:34हिरण्यकशप ऐसे ही काम किया करता था वो कहता था प्रहलाद से बेटे
- 28:40तुम नारायण का नाम लेना छोड़ दो तुम अपने बाप का नाम।
- 28:45हिरण के शव हिरण के शव ये कहा कर, लेकिन कहाँ?
- 28:52जिन्होंने सर पे कफन बांध लिए वो पहले मौत को स्वीकार करके कफन
- 28:58बांधते हैं, उससे पहले कफन बांधे जा ही नहीं सकते हैं, क्यों कायर
- 29:07होते हैं? तो साहेब कहते हैं मेरे कारण मर
- 29:16रहे हैं, काले कानून किसने पास किये थे?
- 29:22गुरु गोबिंद सिंह यही बात कहते हैं जब तक।
- 29:26शातिर व्यक्ति को उसकी शातिर आना हरकतों से वाकिफ न करा लिया जाए।
- 29:32तब तक उसके दिमाग में रोशनाई नहीं आती कि मैंने क्या क्या पाप किए
- 29:42इसलिए उन्हें जफरनामा लिखा। जफरनामा उर्ग जेब में याद नहीं था
- 29:51कर दिया था उसने तो जफरनामा में गुरु गोविंद सिंह ने बताया केहे
- 29:58कातिल तुने कुरान की कसम खा के। मुझे केला छोड़ने को कहा, तू कैसा
- 30:10मुसलमान तू मुसलमानियत के ऊपर इस्लामियत के ऊपर एक डब्बा है
- 30:16काला इस्लामियत के ऊपर तू उसने इस्लामियत को गलत नहीं कहा, ये
- 30:23ध्यान रखा। गुरु गोबिंद सिंह ने कहा तू
- 30:28इस्लामियत के नाम पर दब्बा है, क्योंकि कुरान का शब्द लेकर तुने
- 30:33कहा कि मैं तुम्हें जाने दूंगा और तुने मेरे चारों बच्चों को मार
- 30:38दिया। आज यही का दिन था।
- 30:4421 दिसंबर जब शुरुआत हुई, आनंदपुर साहब का किला छोड़ा गया।
- 30:51श्री गुरु गोबिंद सिंह के द्वारा और दो बच्चे लड़ाई में जंग में
- 30:59मारे गए और दो बच्चे छोटे छोटे बच्चे हैं।
- 31:01धर्म तब्दील कर दो जीसको धर्म का पता ही नहीं, तुम्हारे कत्तर वर्ष
- 31:05के टाट को पता नहीं कत्तर वर्ष या टाट को नहीं पता जो कहते हैं कि
- 31:12सनातन का अपमान नहीं सेंगे उन्हें सनातन की सही पता ही नहीं कि वो
- 31:17सनातन है। कहाँ कौन सी जगह है सनातन
- 31:20तुम्हारा? अपमान नहीं सहेंगे, इस टाट को पता
- 31:27ही नहीं। तो फिर क्या तुम इनकी
- 31:29क्वालिफिकेशन देखोगे कि ये वकील हैं या सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं
- 31:35या लोअर कोर्ट के वकील हैं? ये थोड़ी देखा जाता है।
- 31:39इनकी डांट के ऊपर क्या भरा पड़ा है?
- 31:42अपमान नहीं सेंगे नहीं सेंगे तो मत सो भाई तो मैंने कल कहा और
- 31:53परीक्षा हो गई एक परिवार की बस इससे आगे मैं कुछ नहीं कहना
- 32:02चाहता। फिर तो सभी के लिए यही बात होगी
- 32:09कि तेरा क्या होगा कालिया, मैं चुप हो जाऊ।
- 32:16ज्यादा अच्छा होगा तो देखो भीतर तो मैं गया हूँ।
- 32:21राज़ मैंने खंगाले और पाई बखूबी पाई वहाँ झूठ नहीं वो ऐसी आग है
- 32:29जिसमें झूठ बस हो जाता है बाकी रह जाता है सत्य सत्य को आग साँझ को
- 32:35आंच होती नहीं मैं उस शक्ति के करीब जाके खंगाल लिया।
- 32:40उसके भीतर जाकर अपने आप को बसम करके मैंने वो राज़ जाना फिर
- 32:49मैंने शिवा से पूछा फिर मैंने रिकॉर्ड पे जाके खंगाला शब्द।
- 32:57सारा कुछ खंगाल के पूरा। जब मैं तसल्लीशुदा हो गया तो मैं
- 33:06बोला एक अलफ़ाज़ मेरा कितनी मशक्कत के बाद आया ये आपको उसकी
- 33:13कीमत का पता नहीं है। यह मेरी 23 वर्ष की अखंड तपस्या
- 33:20का परिणाम और उसके बाद 85 की संबोधि की घटना के बाद 40 वर्ष
- 33:34तक। आज 25 तक 40 वर्ष तक मैं निरंतर
- 33:40उस रस को बीता चला रहा हूँ। 35 वर्ष तक मुझे हिलाने धुलाने
- 33:46वाला कोई नहीं 2020 तक कोरोना का। और साहब मनेजमेंट के लिए ठहराए गए
- 33:56थे, बैठाए गए थे और हमने पवित्र गंगा में जिसकी कसम खाई थी, आपने
- 34:06माँ गंगा ने बुलाया है पवित्रीकरण के लिए उसमें हमने।
- 34:12वे गुनाहों की लाशों को तैरते हुए दिख और एक दो नहीं मास में
- 34:18सामूहिक वो किसने करवाया? किसकी नॉनमैनेजमेंट के कारण हुआ?
- 34:25750 किसान किसने काला कानून पास किया?
- 34:30क्या गाँधी ने या जवाहरलाल पास कर दिया है?
- 34:35जो जिम्मेदार है वो ही खंगाला जाएगा।
- 34:41थोड़ी आँखें खोलो, होश में आओ। जो जो गुना थे औरंगजेब के वो
- 34:55बताये लिखे जफर नाम अरबी भाषा में लिखा हुआ है, मैंने शुरू किया और
- 35:01फिर कभी उबाल उठेगा तो बोलेंगे जफर नाम।
- 35:08आज उसकी शुरुआत हुई। आज वो दिन है जब आनंदपुर साहब का
- 35:13किला गुरूजी ने छोड़ा था और इस दिन से शुरू हो गई सरसा नदी उफान
- 35:21पर थी। परिवार बिछड़ना शुरू हो गया।
- 35:27कसम खाई थी कुरान कमाल की बात है, संविधान की कसम खाते हो तुम यहाँ
- 35:39तक पहुंचने के लिए और संविधान की हत्या करने पर उजार हूँ तो मुझे
- 35:45पूछा है लंबा हो क्या प्रवचन कोई बात नहीं?
- 35:48ये संविधान के बल के ऊपर ही यहाँ तक आए।
- 35:52गरीब का बच्चा संविधान के कारण ही आज प्राइम मिनिस्टर बन सका।
- 35:57फिर ये संविधान को मिटाने के लिए क्यों चले?
- 36:01उसका भी कारण यही है। पुत्र यह।
- 36:07दुष्टता तो कर दिया है ने कतलोरत वगैरह सब कर दिया, छुपा भी लिया
- 36:12उसका राज़ जीसको पता था वो भी छुपा लिया अब कुछ भी कराना पड़ा,
- 36:18प्लेन क्रैश कराना पड़ा कोई भी था उसमें अगर एक भी व्यक्ति को पता
- 36:22है तो 500 मर जाए 400 मर जाए कोई बात नहीं।
- 36:27लेकिन वह एक व्यक्ति नहीं बचना चाहिए तो इतने कितने निर्दोष दफन
- 36:33कर दिए इन्होंने? लेकिन इश्क और मुस्क सो परदे फाड़
- 36:43कर बाहर आ जाता है। बिल्कुल अगर मैं भी कल को ऐसा ही
- 36:50है शरपे कफन बांधे इंतजार करते हैं, कातिल को ढूंढ़ते हैं तो बस
- 37:01ये चार अभी। लोग मैं बता ही देता हूँ मोदी जी
- 37:11अमित शाह जी, अडानी जी, अंबानी जी तुम कहते हो हम देश भक्त हैं, फिर
- 37:20इंडियन रेलवेज के ऊपर अडानी रेलवेज क्यों लिखा आ गया?
- 37:26फिर देशभक्ति है या अडानी? भक्ति बोलिए ऐसा है यह देशभक्ति
- 37:34है या अडानी? भक्ति क्या कोई और व्यक्ति बोली
- 37:40देने वाला है ही नहीं था बिहार की?
- 37:44ये 1200 एकड़ में अडानी जी ₹1 मात्र इसे भी कम कर लेते हैं।
- 37:50मुफ्त ही बांटते हैं, क्या बात है, ₹1 भी?
- 37:53विचारे पर बोझ होता होगा और 30 वर्षों के बाद तो वैसे ही जगह।
- 38:04ना तो देने वाले होते हैं ना खरीदने वाले होते हैं।
- 38:08कौन बचेगा यही तो जहर? वाक ने कहा ऋण कृतवा गृथम विविध
- 38:15यदा जीवित, सुखी जीवित जब तक जियो, सुखी जियो ऋण उठा सको और
- 38:21गी। बस में भूत सिद्द हस्त ऋण देने
- 38:28वालो और ऋण लेने वालो दोनों ख़राब हो जायेंगे।
- 38:35बस में भूत सिद्द हस्त। पुनत आगमनम कुतह कभी जो बसम हो
- 38:45गया ऋण देने वाला या ऋण लेने वाला कभी द्वार से आते देखा है और आ
- 38:50गया तो मांगते देखा है इसलिए कर्ज उठा लो, घी पी लो, ये चारवाक का
- 38:58मंत्र है। यह तुमने कब से सीख लिया?
- 39:05तुम 2047 में देश को विकसित बना दोगे, हालात लगते हैं।
- 39:12इससे पहले साहब जिन बलबूतों पर आप आए थे पहली बार।
- 39:19वो तो साथ में लांछन की कड़ियाँ लेके आये थे।
- 39:22गोधरा करवाया आपने वो करवाया ये करवाया लड़कियों से छेड़छाड़ करता
- 39:28है उसका नाम क्या बताया? मानसी मानसी सोनी वह देश छोड़ के
- 39:35भाग गई। उसको जंजीरों में झगड़े रखा।
- 39:40उसकी निगरानी के लिए अमित शाह को बागडोर संभाल दी।
- 39:44ये क्या बात तुम दो ही हो क्या और दो ही तुम्हें फनैन्स करने वाले
- 39:50हैं इनके नाम नोट कर लो आप। इसलिए मैं रोज़ कहता हूँ, देखो
- 40:01जनता जाग गई है इन्हें भागने मत देना क्योंकि भागने से पहले
- 40:07इन्हें इंताजामत पूरा कर लिया। सब को खरीद लेंगे, अपने नाम करवा
- 40:13लेंगे, लेकिन नाम? धरती हो भी जाए तो धरती करेगी
- 40:17क्या? जिंदा बंदी जो हैं वो जब विरुद्ध
- 40:21हो गए तो धरती क्या करेगी? धरती कुछ नहीं कर सकते।
- 40:29एयर पोर्टिंग के सी पोर्टिंग के सारे 7 दिन के।
- 40:33ठीक है लेकिन भागने को मत देना क्योंकि और कोई चारा बाती बचा है
- 40:42और देखिये एक नहीं ये नीतीश और नायडू ये बराबर की जो लड़की है।
- 40:52जिनके बिना यह हो नहीं सकता था। इन्होंने कहा मौका है अब रुक लो,
- 40:58ये सबसे बड़े गुनाहगार है जैसे सबसे बड़ा दंड मिला विषम पितामह
- 41:04को, उसका तो रोम रोम जख्मी कर दिया जबकि गुनहगार दुर्योधन।
- 41:13भीष्म पिता ने उसको तो वाण सिया पे उठा दिया।
- 41:19ऐसे ही नायडू और नीतीश तुम ये जो कुकृत करने लगा हो ना मैं इन
- 41:26कुकृतों का गूंघट फेंच दिया या नकाब?
- 41:30उतार दिया ये ये कर दिया इन चीजों को ज्यादा दी मान नहीं देता।
- 41:36मैं तुम्हारी मानसिकता को अधिमान ज्यादा देता हूँ कि तुम्हारी
- 41:39मानसिकता कैसी होगी। तुम्हारी मानसिकता तुम हिंदू
- 41:46राष्ट्र तो मानते हो और तुम मानते क्यों हो?
- 41:49तो इसलिए मांगते हो हिंदू राष्ट्र अब मैं ये भी बता दूँ कि हिंदू
- 41:55राष्ट्र अगर बना देंगे हिंदू राष्ट्र पे ज्यादा वोटिंग हमें
- 41:58पड़ जाएगी, अगर ज्यादा वोट नहीं देंगे तो हमारे पास ज्ञान चंद तो
- 42:03है ही, वो डिक्लेर कर देगा। लो भाई।
- 42:07इनको तो 95% मिल गए। तो हिंदू राष्ट्र घोषित कर दो और
- 42:13हिंदू राष्ट्र घोषित कर देंगे तो हम संविधान बदल देंगे, संविधान
- 42:17बदल देंगे तो फिर मैं दर्द नो का खा के बैठा नाम बदल दिए जाएंगे।
- 42:26रब न रख देता। पीड़ागा के पीछे देओ ना हाल
- 42:32फकीरंदा संडे नदियाँ भी छिड़े निरंदा फिर हमारे सारे गुनाह छुप
- 42:43जाएंगे हम सर्वोच्च पदियों पर हो जाएंगे कहाँ से सीख लिया तुमने
- 42:47क्या? नाम बदलो लेकिन जो इस धरती पे
- 42:58भारत में रह रहे हैं, उनकी पीड़ा उनकी भूख पांच किलो अनाज में नहीं
- 43:05चलेगा। आप खुद तो 7500 करोड़ का विमान
- 43:12रोक करते हो और जहाँ चाहे चले आते हो, सबसे ज्यादा धर्मपत्नी भी
- 43:17कहती हैं इनकी कि इनको शोक है, बस घूमने का काम करने का है।
- 43:24विकास थोड़ा बहुत घर में भी कर लिया होता तो बेहतर नहीं था और जो
- 43:31व्यक्ति घर में विकास नहीं कर सका तो बाहर को उजाड़ ही करेगा।
- 43:37विकास कहाँ करेगा? जो घर में विकास नहीं कर सका बाहर
- 43:40कहाँ विकास करेगा या मंद बुद्धियों को कहाँ समझाता?
- 43:44नहीं समझाता अब समझाते है ना तीसरी बात लेकिन फिर नायडू और
- 43:48नीतीश सबसे ज्यादा अपराधी सबसे ज्यादा मार एत्ती मार पई को लाणे
- 43:56तहकी दर्द न आया इनको सबसे ज्यादा मार फटने वाली है।
- 44:04क्योंकि तुम लाठियां भी मत खींच लेना अभी अभी परिपक्व होने दो फल
- 44:10लग गया है फल थोड़ा सा रंग बदल रहा है पूरा गिर जाने दो धरती के
- 44:16ऊपर बस फिर परमात्मा की चक्की ही चलेगी।
- 44:22और वह धीमे चलती है थोड़ी लेकिन पीसती बड़ी बारीक है।
- 44:30धीमे चलती है पीसती बड़ा बारीक इसीलिए हिंदू राष्ट्र की मांग
- 44:35करते हैं, इन्हें पता है हम हैं तो सारा ज्यादा से ज्यादा 12-22
- 44:40प्रतिशत इससे ज्यादा हम नहीं। बाकी ठहत्तर परसेंट अगर बाईसवीं
- 44:45मान लिया जाए तो वह तो दूसरी है। तुम इनको कैसे कहोगे?
- 44:49जिनके ऊपर सतन टैक्स लगाया? कैसे हिन्दु को?
- 44:54क्या इनसे पूछा भी है कि ये हिंदू हैं?
- 45:00जिनको तुमने जूतियों के बदले स्त्रियों के मुकाबले तुमने
- 45:06व्यवहार किया, उसकी छाया पड़ी तो अब घर जा के न आए।
- 45:12क्या फिर आप उनको हिंदू कहोगे और वो मान लेंगे, तसलीम कर लेंगे की
- 45:16ठीक है? तुम अपने आपके घर पे बैठ के
- 45:20पोतियां मत, न न बनाया करो, ये हिंदू कहाँ हैं भाई?
- 45:26मैं तो कहता हूँ कि आप दूध का दूध और पानी का पानी क्यों नहीं करते
- 45:30थे? क्यों कावड़े भर के लेते ले के
- 45:32आते हो वहाँ? क्या तुमने शिव के दर्शन कर लिए?
- 45:37जिसने दर्शन कर लिए हैं वो बोल रहा है जिसने तुम्हारे साथ
- 45:43अत्याचार किया है जिससे तुम्हारा बच्चा पानी पीता है, मंदिर में और
- 45:48मंत्र अशुद्ध हो जाता है। जीस मंदिर में स्त्री जाती है,
- 45:55अछूत कहलाने वाली हो। पर वहाँ उसको जाने नहीं दिया जाता
- 46:00जब वह सार्वजनिक स्थान है। मंदिर भगवान के घर में तो कोई भेद
- 46:05भाव नहीं होता और तुम उस बच्चे को पिट पीट के मार देते हो।
- 46:11तुम अछूत के ऊपर पेशाब कर देते हो और फिर।
- 46:16फिर मामा जी उसके पांव धोते हैं। अरे भाई ये कब तक तुम कुत्ते खाना
- 46:20खिला रहे होगे? कौन कब तक बक्सेगा तुम्हें रंग
- 46:26लाती है ना पत्थर पे घिस जाने के बाद होश में आता है बंदा वो करें
- 46:31खाने के बाद अब होश में आए कि न आए।
- 46:35कोई फर्क नहीं पड़ता। ये हिंदू राष्ट्र की मांग से करते
- 46:38हैं कि हम हिंदू राष्ट्र से हम तमीम तो नहीं कर सकेंगे, तमीम
- 46:44नहीं कर सकेंगे। हमने संविधान बनाया ही ऐसा है।
- 46:50ये तमीम कर ही नहीं सकेंगे, लेकिन।
- 46:55अपनी ज्यादा वोटिंग ले के वोटिंग मिलेंगे भी नहीं, सिर्फ ज्ञान
- 47:01ज्ञान प्रसाद इनको घोषित कर देगा वोट किसी को भी डालो ये ज्ञानचंद
- 47:11जी महाराज ज्ञानीश कुमार ज्ञान चंद जी महाराज इनको घोषित कर
- 47:17देंगे कि बीजेपी जीत गई। फिर ये नहीं देखेंगे कि भाई
- 47:21₹10,000 अभी कम क्या तुम्हारे एजेंडे में है?
- 47:25हम तो पहले ही एजेंडा दे रहे है क्या?
- 47:29हम तो सबको रोजगार देंगे। सबका जीवन हम खुशहाल करेंगे और
- 47:33फिर में देंगे। लिखित में भी कहाँ देंगे?
- 47:37सुप्रीम कोर्ट में देंगे सुप्रीमो के पास सी जे आई को हम सुप्रीमो
- 47:42समझते है क्योंकि संविधान सुप्रीमो है और संविधान को बचाने
- 47:47वाला वो हमारा सुप्रीम। जज है सी जे आई उसको हलफनामा
- 47:52देंगे हम कि ये जी करेंगे अगर नहीं करेंगे वो विल रिसाइन तो फिर
- 47:59कहाँ गलती हो गई, कहाँ कमी रह गई ज़रा भी कमी नहीं तुम्हारी तरह
- 48:04झूठ नहीं बोलेंगे, जो कहेंगे वो करेंगे।
- 48:08हम इतना कहते हैं, हम देश को इस डिक्टेटरशिप की गुलामी से आजाद
- 48:14कराएँगे, तुम्हारे दिमागों को स्वतंत्र करेंगे और तुम्हें
- 48:20खुशहाल करेंगे। हर जरूरत को पूरी करके देखिए
- 48:24तुम्हारी वासनाओं को पूरा करना हमारा जमानत।
- 48:27वासले ही तो अपूर्त हैं सदा ही वह कभी किसी की पूरी होती हैं।
- 48:33जरूरतों को पूरी करने का हम बचत है।
- 48:36अनन्या चिंतन तो माँ ये जनहांपुरोपस्थ्य तै श्याम नित्या
- 48:42गुप्ता नाम योग क्षेमं बहाम। अनन्या चिंतेन तोमा ये।
- 48:49जन पर पास थे थे। शाम नित्या भुक्तानम शोग क्षिमम
- 49:00वहाँ मैं हूँ। तैशाम नित्य भुगतना योग से म ब
- 49:12में हम तैशाम नित्य भुगतना योग से म।
- 49:28धन्यवाद।