Latest / Khushei Ki Duniya / The Promise
Transcript
- 0:00सो हाई गाइज़ यूर होस्ट कम दोस्त खुशी इज़ बेक अगेन विथ अनादर लव
- 0:04स्टोरी फ़ॉर ऑल ऑफ यू गाइज़ आई होप यू ऑल गाइज़ मिस मी एंड आई
- 0:09जस्ट डोंट नो माइ नो दैट यू गाइज़ मिस मी ए लॉट क्योंकि मुझे बहुत
- 0:14सारे मेसेजेस आए थे। सो हाँ।
- 0:17मैंने पिछले ऑडियो में बिल्कुल अच्छे से बता दिया है कि मैं कहाँ
- 0:20व्यस्त थी तो चलो आज तुम्हें एक अलग नजरिये से कहानी सुनाती हूँ,
- 0:26तो अपने कानों में ई अप लगा लो, दुनिया से थोड़ी सी दूर हो जाओ और
- 0:32चलो सुनाती हूँ तुम्हें कहानी। यह कहानी है निधि और दक्ष की
- 0:37निधि। हमेशा से उसे हर चीज़ की आज़ादी
- 0:41मिली थी। उसके घर में कभी भी उसे यह नहीं
- 0:45जताया गया था कि वह लड़की है। हालांकि और आसपास का माहौल ऐसा ही
- 0:49था जहाँ लड़कियां उतनी अप्रीशीएट नहीं की जाती थी।
- 0:53जब वो पैदा हुई थी उसके कुछ घर वाले भी इतने खुश नहीं थे।
- 0:58उसके जन्म से वो चाहते थे कि एक और लड़का ही उनके घर में पर निधि
- 1:03के पेरेंट्स हमेशा सबसे लड़ते। धीरे धीरे जब वो बड़ी हुई तो लोग
- 1:09उसका जो। हमेशा खुश रहना, खुश मिजाज़, जो
- 1:13उसका नेचर था, उससे सब उसे पसंद करने लगे।
- 1:17उसके पेरेंट्स ने हमेशा उसे आजादी दी थी, फिर चाहे वो उसे पढ़ाई
- 1:22लिखाई, हर चीज़ की आजादी। वो अपने माँ बाबा से बहुत ज्यादा
- 1:28प्यार करती थी। उन्हें हर चीज़ बताती अपनी माँ से
- 1:32हर चीज़ शेयर करती थी 1 दिन उसके माँ को उसने जब वो घर आई अपने
- 1:38स्कूल से लौटकर तो उसने देखा कि उसकी माँ बहुत टेंस्ड थी तो उसने
- 1:44पूछा मोहल्ले में भी बहुत हलचल थी।
- 1:47तो वो घर आई। उसने पूछा कि माँ क्या हुआ है?
- 1:51आप भी टेंशन में हो, मोहल्ला में भी बहुत हलचल है, क्या बात है?
- 1:54तो उसकी माँ ने कहा मेरे टेंशन का राज़ ना तुम हो तो एकदम से वो
- 2:02चौंक गई और बोली माँ मैं। पर मैं तो अभी स्कूल से आई हूँ और
- 2:06मेरी तो आपसे कोई बात भी नहीं हुई है।
- 2:08ऐसी तो उन्होंने उसे बताया कि वो इतनी छोटी भी नहीं थी।
- 2:14ग्यारहवीं क्लास की स्टूडेंट थी तो ठीक ठाक बड़ी थी तो उसकी माँ
- 2:19ने उसे बताया कि यहाँ पड़ोस में एक लड़की थी।
- 2:23और वो उसके दोस्त भी थी। काफी अच्छी और वो लड़की आज सुबह
- 2:27ही अपने लवर के साथ भाग गई। अब ऑब्वियस्ली कॉलोनी में बात हो
- 2:33रही है। यू नो मोहल्ला में, बातें एकदम
- 2:37जंगल की आंख की तरह फैलती है, एक के कान से, दूसरे कान और हर बार।
- 2:42हर बात में एक बात बढ़ा के बोलते हैं लोग।
- 2:45चाहे वह लड़की बस यूं ही अपने लवर के साथ भागी है, लेकिन उसमें
- 2:49उन्होंने हजारों चीजें बढ़ा दी। हमने भी देखा था उसे हमने भी उसे
- 2:52भागते हुए देखा था। अरे वह तो इतना सामान लेके गई थी,
- 2:55चीजें बढ़ती गई। कहीं ना कहीं निधि भी जानती थी कि
- 3:00उसका एक लवर था। वो लड़की निधि के बहुत करीब थी और
- 3:04उसके माँ बाबा निधि का स्कूल से आने का वेट कर रहे थे।
- 3:08उन्हें लग रहा था कि शायद निधि उसे बताकर गई हो और निधि की माँ
- 3:13ने भी उसे पूछा कि क्या वो तुम्हें बताकर गई थी तो निधि ने
- 3:17मना कर दिया कि नहीं माँ, मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता था।
- 3:20हालांकि उसकी माँ ने कुछ तो भाँप लिया था पर वो कुछ बोली नहीं शांत
- 3:25रही। उसके बाद निधि के जो वो फ्रेन्ड
- 3:29के पेरेंट्स थे, वो भी आए। उन्होंने भी निधि से बात की तो
- 3:33निधि ने हर बार मना ही किया कि नहीं, मुझे इस बारे में कुछ भी
- 3:36नहीं पता था। अब।
- 3:39उसके माँ बाबा बहुत शर्मिंदा थे। वो अपनी बेटी से प्यार बहुत करते
- 3:44थे लेकिन उसका यूं भाग जाना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं था।
- 3:48अब मानो वही माँ बाप जिन्होंने उसे बचपन से पाला पोसा, प्यार
- 3:52किया, उसके जान के भूखे हो गए थे उनके उसके।
- 3:57पापा के मन में ये था कि अगर वो उससे मिल जाए तो उसे वहीं मार दे।
- 4:02ऐसी ब्रुटालिटी सिर्फ इसलिए क्योंकि वो लड़की किसी लड़के से
- 4:07प्यार करती थी और उसके भागने का रीसन क्या था?
- 4:11आखिर यही की उसके घर वाले कभी भी उस प्यार को नहीं मानते।
- 4:16हाँ, मुझे भी समझ में नहीं आता यार कि ये पहले तो मतलब इसी इंसान
- 4:21की जिंदगी का इतना बड़ा डिसीजन क्यों नहीं ले सकता?
- 4:25वो इंसान खुद अरे प्यार एक ऐसी चीज़ है माना कि बहुत बार हमारे
- 4:30डिसीजन गलत हो जाते हैं। लेकिन अरएन्ज मैरिज में कौन सा
- 4:34ठप्पा लग गया कि नहीं? ये तो सही ही होगा।
- 4:37कितने ना डौरी के केसेस देखे हैं हमने कितने ना लड़कियों को यूं ही
- 4:41जला दिया गया कितने ना बाहर दहेज के लिए मारा पीटा तक गया वो लव
- 4:48मैरिज में तो नहीं हुआ था हमारा लव मैरिज में भी।
- 4:51बहुत सारे लुक फूल्स हैं, लेकिन 100% गैरॅन्टी या शुरीठी तो कहीं
- 4:56पर भी नहीं है। ऐट लिस्ट इंसान को उस इंसान के
- 4:59साथ रहने दिया जाए जिससे वो प्यार करता है जिसके साथ रहने के वो
- 5:03सपने सजाता है, पर नहीं हमारी सोसाइटी में प्यार एक बहुत बड़ा
- 5:10टैबू है। की प्यार कैसे कर लिया?
- 5:12तुमने प्यार करना है, शादी के बाद करो और शादी से पहले प्यार क्यों
- 5:17करना है किसी से? और ये सब चीजें कुछ इसे
- 5:21कन्सर्वेटिव थिंकिंग कहते हैं। कुछ कहते हैं कि ये पुराने जमाने
- 5:25की सोच है पर प्यार तो हर जगह प्यार है तो पता नहीं आजकल लोग।
- 5:30क्यों इतना प्यार के लिए मतलब प्यार को साथ तोड़ने के लिए भूखे
- 5:34बैठे हैं कि नहीं? प्यार क्यों किया तुमने?
- 5:37आखिर हिम्मत कैसे हुई तुम्हारी प्यार करने की?
- 5:39हमने नहीं कहा उस लड़के से शादी कैसे कर ली तुमने?
- 5:42निधि के मन में भी हजारों सवाल थे कि उसके दोस्त कहाँ गए?
- 5:47क्या हुआ? उसकी माँ फिर एकदम बैठे बैठे उस
- 5:50से बोली उनकी आँखों में आंसू थे और वो बोली तू देख रही है ना
- 5:54आसपास कितना उसके माँ बाप के ऊपर थू थू कर रहे हैं लोग की अपनी
- 5:58बेटी को नहीं संभाल पाए ये वो वो तो कभी ऐसा नहीं करेगी ना निधि
- 6:04एक। चौराहे बनाकर खड़ी हो गई थी जहाँ
- 6:07से चार राहे जा रही थी कुछ उसकी खुशी की तरफ और कुछ उसके पेरेंट्स
- 6:14की निधि ने अपनी माँ को उस हालत में देखा और वो अपनी माँ से बहुत
- 6:19प्यार करती थी। उसने झट से अपनी माँ से कह दिया
- 6:22कि माँ आपकी राजे के बना। कभी ऐसा कुछ नहीं करूँगी और अगर
- 6:27आपकी राज़ी नहीं हुई तो कभी प्यार भी नहीं करूँगी।
- 6:31उसके माँ ने उससे वही प्रॉमिस किया की तू कभी ये प्यार व्यार के
- 6:35चक्कर में नहीं पड़ेगी। निधि ने भी हस्ते हस्ते वो
- 6:38प्रॉमिस दे दिया क्योंकि उसकी दुनिया तो उसके माँ बाप थे।
- 6:42इन्होंने आज तक हमेशा उसके लिए सब कुछ किया था।
- 6:45सब कुछ पर निधि जब रात को अपने कमरे में गई सोने उसने अपनी दोस्त
- 6:52को एक मैसेज किया। हाँ वो जानती थी कि उसकी दोस्त
- 6:55कहाँ गई थी? वो ये भी जानती थी कि उसकी दोस्त
- 6:59प्यार में पागल हो गई थी। और ये भी की वो लड़का इतना ही
- 7:03प्यार करता था। उसके घरवाले इस रिश्ते को कभी
- 7:06नहीं मानते। इसीलिए निधि ने ही कहीं ना कहीं
- 7:09उसे वो रास्ता साझाया कि तुम यहाँ जा सकती हो, ये ट्राई कर सकती हो।
- 7:14समथिंग लाइक दट। वो लड़की उसकी उम्र में थोड़ी
- 7:16बड़ी थी तो वो काम। बगैरा करके कैसे न कैसे उन दोनों
- 7:20ने पूरा प्लान बनाया था लड़का और लड़की ने कि ऐसे काट लेंगे जिंदगी
- 7:25पर ऐट लिस्ट एक दूसरे के नहीं निधि ने ये बात किसी को नहीं बोली
- 7:30थी की वो जानती थी की वो दोनों कहाँ थे और ये बात सिर्फ वही निधि
- 7:35के अलावा कोई और जानता भी नहीं था की वो दोनों कहाँ थे।
- 7:39निधि को पता था कि इंसान प्यार में क्या न कर लेता है।
- 7:43जानती थी वो खुद की भले ही एक लव स्टोरी वो पूरी ना कर पाती पर
- 7:48अपनी दोस्त की जरूर करनी थी उसे। उसके बाद कुछ साल गुजरे।
- 7:53निधि अपनी जिंदगी में बहुत आगे बढ़ रही थी।
- 7:56स्कूल से कॉलेज का सफर कॉलेज से अपनी जॉब का सफर कहीं ना कहीं
- 8:00अपनी जिंदगी में बहुत अच्छा कर रही थी वो लेकिन कहा किसी की
- 8:05जिंदगी बिना तूफानों के बड़ी है। जो निधि के घर जाती उसके दोस्त आज
- 8:11बहुत खुश थी। उसके घरवालों ने आज भी उसे
- 8:13एक्सेप्ट नहीं किया था ना उसके रिश्ते को।
- 8:16लेकिन निधि आज भी उसके टॅच में थी।
- 8:18उसकी माँ को उसने कई सालों बाद बताया कि हाँ मैं जानती थी वो
- 8:23कहाँ है। हाँ माँ प्यार बहुत पूरे चीज़
- 8:27होती है लेकिन उसकी माँ को उसने कितना भी समझाया उनका बस एक ही
- 8:31कहना था उस लड़की ने जो किया वो किया।
- 8:34तू कभी ये प्यार मत करना बेटा मैं नहीं जी पाऊंगी उस बेइज्जती में
- 8:41और निधि उसने मान लिया। अब जब निधि बड़ी हुई, बहुत सारी
- 8:46चीजें चेंज हुई जिंदगी में एक दो बार उसे लगा भी कि किसी के लिए
- 8:50फीलिंग्स ना आ जाए। इसीलिए वो उस इंसान से दूर हो
- 8:52जाती क्योंकि उसे। अपने माँ को दिया वो प्रॉमिस कभी
- 8:56नहीं था कभी भी नहीं। वो हमेशा अपनी माँ की अच्छी बेटी
- 9:01बन के रहना चाहती थी और उसके माँ पापा ने हमेशा उसके लिए सब कुछ
- 9:04किया जो था तो उसे ये था की उनको कभी दुखी नहीं कर सकती माँ फिर 1
- 9:10दिन एक मैसेज आया उसके फ़ोन पे एकदम से।
- 9:14तुम ऐसा लगा जैसे अरे एक बहुत पुराना दोस्त बहुत पुराना, एकदम
- 9:20से है, हैलो हुई बातें हुई। एक दूसरे के बारे में पूछा कि
- 9:25आखिर तू क्या कर रहा है? तो निधि ने बताया उसने भी कुछ
- 9:29बताया और दोनों की बातें बहुत सारी हुई।
- 9:33निधि का वो दोस्त था दक्ष दक्ष उसके स्कूल टाइम का उसका दोस्त
- 9:38था। अब धीरे धीरे उनकी बातें बहुत
- 9:41होने लगी। निधि अलग शहर में थी और दक्ष अलग।
- 9:44शहर में दोनों का मिलना अब तक नहीं हुआ था।
- 9:47पर दक्ष अपने दिन की हर बात निधि को बताता था।
- 9:52अरणिधि एक छोटी से छोटी कोई प्रॉब्लम भी हो जाती तो सबसे पहले
- 9:55दक्ष को बताती, भले ही इन पर्सन वो एक दूसरे की कैसे ना हेल्प कर
- 10:00पाते पर समहाउ दोनों की एग्ज़िस्टन्स एक दूसरे के लिए बस
- 10:04काफी थी। 1 दिन निधि को ख्याल आया कि क्या
- 10:09वो दक्ष से प्यार करने लगी थी? क्यों हर छोटी छोटी बात उसे दक्ष
- 10:15को बतानी थी? क्यों?
- 10:17आखिर वो दुखी होती तो सबसे पहले उसका मन करता कि काश दक्ष यहाँ
- 10:22होता क्यों? वो खुश होती तो उसका मन करता कि
- 10:25सबसे पहले इस खुशी की बात को मैं दक्ष को बताऊँ, आखिर क्यों?
- 10:32वहीं दूसरी ओर दक्ष दक्ष अपनी अलग दुनिया में था।
- 10:36फिलहाल उसे अपना करियर बिल करना था।
- 10:38सब कुछ सही था उसकी जिंदगी में पर वो कहता है ना कि वही उम्र थी
- 10:42उसकी काम करने की पैसा कमाने की लगा पड़ा था अपनी जिंदगी को
- 10:46सुधारने संवारने में वो धीरे धीरे दक्ष से बातें अगर कभी।
- 10:51दक्ष से निधि की बात नहीं होती तो वो बहुत हो जाती तो उससे की आज
- 10:56क्यों बात नहीं की? मैंने उससे क्यों उसका मैसेज नहीं
- 10:58आया? आखिर क्यों?
- 11:00पर फिर उसे 1 दिन एक रियलिटी चाट मिला।
- 11:021 दिन बातों ही बातों में दक्ष से उसने पूछा की आखिर तुझे कैसी
- 11:06लड़की चाहिए? उसने जो डिस्क्रिप्षन दिया।
- 11:10वो निधि के एकदम अपोज़िट था। निधि टस्की स्किन वाली सांवली सी
- 11:15लड़की और उसे चाहिए थी गोरी चिट्ठी।
- 11:18लड़की दक्षिण बातों की बातों में कहा जरूर और निधि ने सुना भी
- 11:24लेकिन सुनते सुनते ही निधि अपने ख्यालों में खो गई शायद।
- 11:30वो वैसी लड़की नहीं थी जो दक्ष को चाहिए थी।
- 11:34शायद वो वो लड़की नहीं थी जो दक्ष के लिए बनी थी।
- 11:39अब वो कोशिश कर रही थी की कैसे ना कैसे क्या करे?
- 11:43अब वो ना तो उसने दक्ष को ये बता सकती थी कि आखिर वो उसके लिए क्या
- 11:49फील करने लगी थी और ना ही अपने आप को बदल सकती थी।
- 11:53अब आखिर कोई कैसे डस्क से फेयर हो सकता है और नेचुरल तो नेचुरल होता
- 11:57है ना दक्ष जानता था कि उसकी स्किन कैसी है, फोटोस वगैरह देखे
- 12:02थे, लेकिन कहीं ना कहीं हमेशा जो। निधि थी।
- 12:07वो अपने फोटोस में फिल्टर लगा देती की दक्ष को उसकी रियल स्किल
- 12:11ना दिखे। कभी कभार थोड़ी बहुत फ्लर्ट दोनों
- 12:13कर लिया करते, लेकिन दक्ष के लिए शायद सिर्फ एक मजाक था और निधि के
- 12:18लिए वो बहुत कुछ। लेकिन अब निधि को अपने आप को
- 12:22संभालना था जिसके दो रीसनस थे पहला रीसन।
- 12:26कि दक्ष शायद उसे कभी एक्सेप्ट नहीं करता, क्योंकि अभी तक वो इन
- 12:31पर्सन कब के मिले थे, वो नहीं मिले थे और दूसरा उसका वो प्रॉमिस
- 12:39वाकर निधि क्या करेगी? क्या निधि दक्ष को कभी बताएंगे?
- 12:44कि वो उसे कितना पसंद करने लगी है।
- 12:46उसके मूड दक्ष के टैक्स पर डिपेंड करता है या फिर वो उसे कभी ये बात
- 12:52नहीं बता पाएगी क्योंकि उसने अपनी माँ से प्रॉमिस जो किया था।
- 12:57तुम्हें क्या लगता है इस कहानी का दूसरा पार्ट?
- 13:00मैं जल्दी लाउंगी लेकिन तब तक तुम मुझे बताओ।
- 13:04अगर तुम निधि की जगह होते तो तुम क्या करते?
- 13:08क्या तुम अपने उस प्यार को बढ़ावा देते या तुम खुद को बदलते दक्ष के
- 13:12लिए या उस इंसान के लिए जिससे तुम प्यार करते हो या फिर उस प्रॉमिस
- 13:18के लिए सब कुछ भूल जाते जो निधि ने अपनी माँ से किया था?
- 13:22तुम्हारी ज़िन्दगी में भी शायद कोई न कोई ऐसा मूवमेंट जरूर आया
- 13:25होगा जहाँ तुम्हें चुनना पड़ा होगा या अब चुनना पड़े तो तुम
- 13:30क्या चुनोगे अपने पेरेंट्स, जिनके लिए तुम्हारी खुशी बहुत
- 13:35इम्पोर्टेन्ट है, लेकिन सिर्फ एक शर्त थी उनकी कि कभी किसी से
- 13:38प्यार मत करना या फिर। उस इंसान को जिससे तुम प्यार करने
- 13:43लगे हो। अगर इस कहानी में मैं कहूं कि
- 13:46तक्ष भी उसके लिए उतना ही फील करता था, तो तुम क्या करोगे?
- 13:50क्या तुम अपनी फीलिंग्स ज़ाहिर करोगे?
- 13:53जो तुम जानते हो मिशन इम्पॉसिबल है तुम दोनों का एक साथ रहना क्या
- 13:58तुम बस चुप रहोगे? कुछ भी नहीं कहोगे तुम मुझे ये
- 14:04बात जीतने भी इंडिया से बाहर वाले हैं।
- 14:07वह कमेंट कर सकते हैं और जीतने इंडिया में रहने वाले हैं।
- 14:11वह मुझे डीएम कर सकते हैं कि आखिर तुम अगर उसकी जगह होते तो तुम
- 14:16क्या करते? कितना प्यार बयां करते?
- 14:20प्लीज़ ध्यान से सोचना ये चीज़ ये तुम्हारे पेरेंट्स ने तुम्हारे
- 14:23लिए दुनिया से लड़ा है अब क्या तुम उसे एक इंसान के लिए उनसे
- 14:27लड़ोगे या फिर उस इंसान को और अपनी खुशी को दफन करके आगे बढ़
- 14:33जाओगे, अपने पेरेंट्स के लिए सोचो और अच्छे से सोचना?
- 14:39तुम्हें क्या लगता है कि निधि क्या करेगी?
- 14:42मुझे बताना इंस्टा पर ऐट के हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 14:50अंडरस्कोर। पर तब तक के लिए मिलती हूँ
- 14:53तुम्हें ओके बाई एंड टेक केयर।