Latest / Khushei Ki Duniya / I Love You❤️- A Trilogy Series
Transcript
- 0:00रिग्रेट या फिर कहूं पछतावा कहते हैं ज़िन्दगी में कुछ हो ना हो
- 0:06रिग्रेट्स नहीं होने चाहिए पर क्या ऐसी असल ज़िन्दगी में कोई भी
- 0:12जी रहा है? ज़िन्दगी जहाँ कोई भी रिग्रेट ना
- 0:14हो पर वो वाला रिग्रेट? सबसे सबसे बेकार होता है जहाँ
- 0:20तुम्हें पता है कि सामने वाला शायद सही है, पर फिर भी तुम उसके
- 0:27साथ गलत कर रहे हो तो कभी हुआ है सर एग्ज़ैक्ट नहीं हुआ है याद
- 0:33नहीं आ रहा होगा, मैं याद दिलाती हूँ इस कहानी के साथ।
- 0:37सो हाई गाइज़ दिस इज़ यूर होस्ट कम दोस्त ख़ुशी एंड आई एम बेक विथ
- 0:43अनादर, लाइफ चेंजिंग आंख खोलने वाली फाडू कहानी सॉरी फाडू तो
- 0:48नहीं होने वाली है, बट डेफिनेटली कुछ ऐसी कहानी, जो तुम शायद एट सम
- 0:55पॉइंट रीलेट कर पाओ मैं कर पाई। तो तुम भी कर पाओ, माइट बी सो
- 0:59लगाओ, अपने कानों में अप्लग्स हो, जाओ दुनिया से थोड़े से दूर और
- 1:03सुनो ये वाली कहानी वैष्णवी एक ऐसी लड़की थी जो हमेशा से चाहती
- 1:10थी कोई उसे प्यार करे, कोई उसे समझे?
- 1:14कोई जा नहीं की वो सोचती क्या है, क्यूँ सोचती है ऐसा कब वो खुश है
- 1:19कब वो खुश नहीं है। मतलब प्रोपरली प्यार में डूबना
- 1:23चाहती थी एक बार ही सही ज़िन्दगी में प्यार करना चाहती थी उसने
- 1:28देखा था लोगों को प्यार में पागल होते हुए उसके दोस्त।
- 1:33जो रिलेशनशिप में थे वो जब उसे बताती थी की यार आज मेरे
- 1:37बॉयफ्रेंड ने ये किया आज मेरे बॉयफ्रेंड ने वो किया तो वो सुनती
- 1:41और सोचती क्या कभी मेरे साथ भी ऐसा होगा?
- 1:45क्या मैं भी किसी के लिए स्पेशल बन पाऊंगी?
- 1:48क्या हो पायेगा? ऐसा कुछ कोई मुझसे प्यार करेगा और
- 1:54इन सवालों में कब खोते खोते से नींद आ जाती, उसे भी नहीं पता
- 1:58चलता और हर बार उसके पास सिर्फ एक ही जवाब रहता खुद के लिए जब वो
- 2:04खुद से ये पूछती कि क्या कोई मुझे भी प्यार करेगा?
- 2:07और जवाब रहता था कि कोई मुझसे क्यों प्यार करेगा?
- 2:12ना अब मैं अपने दोस्तों की तरह सुन्दर हूँ, ना स्मार्ट हूँ, ना
- 2:16इंटेलीजेंट हूँ, एवरेज में डियोकर से लड़की हूँ ना कुछ एक्स्ट्रा
- 2:21आर्डिनिटी स्किल है कभी भी वो वो लोग नहीं होते जो भीड़ में मिल
- 2:25जाते है। कुछ लोग होते है जिन्हें।
- 2:28एकदम यू नो अगर तुमने ये जवानी है दीवानी देखी है तो कुछ लोग ऐसे
- 2:32होते है ना बनी टाइप्स तो वहीं कुछ लोग होते है नैना जैसे
- 2:36जिन्हें शायद खुद भी दिखना उतना पसंद नहीं है, वो एक कोने में
- 2:40बैठे रहते है, चाहते नहीं है कोई अटेंशन, वो भी कुछ ऐसी ही थी।
- 2:46वैष्णवी अपनी क्लास में एकदम शांत रहती, किसी से ज्यादा बोल छल
- 2:49नहीं, एकदम चुपचाप कुछ लोग होते है जैसे इनविजिबल वहीं उसी सेम
- 2:55क्लास में था। निहाल निहाल एक ऐसा लड़का था
- 2:59जिसके पीछे लड़कियां पागल थी और वो जानता था इस बात को हमेशा इस
- 3:03चीज़ का फायदा उठाना। लड़कियों से अपने प्रोजेक्ट्स
- 3:06करवाना मतलब ही वास् ए जोक एक भाषा में कहा जाए तो तो मतलब
- 3:11प्रॉपर उसे पता था की मैं फेमस हूँ।
- 3:13मैं ये हूँ तो मतलब बस इस्तेमाल कर रहा था।
- 3:16वो वैष्णवी हमेशा उसे देखती और सोचते यार ये भी क्या सही है?
- 3:22उसका काम लोग कर देते है। पढ़ाई की ज़्यादा टेंशन नहीं है,
- 3:25चिल रहता है। हर कोई एक वक्त पे चाहता है कि हम
- 3:30भी ऐसे हो पाते काश काश हम भी फेमस होते।
- 3:33काश लोग हमें भी जानते काश एक होता है ना वो जब बैचलर पार्टी
- 3:39होती है या फिर नहीं। जब वो फ्रेशेर्स पार्टीस होती है
- 3:42तो वो टैग्स मिलते है ना सबको? तो काश हमें भी वो वाले टैग्स
- 3:46मिले लाइक, मिस्टर, पॉपुलर और मिस पॉपुलर होते है।
- 3:49ना तो मन करता है, हर किसी का करता है, फिर चाहे वो बहुत ही
- 3:53ज्यादा इंट्रोवर्ट हो या बहुत ही ज्यादा एक्स्ट्रोवर्ट क्योंकि
- 3:57किसे नहीं पसंद लोग हमें पसंद करे।
- 4:00लोग हमारी बातें करे, लोग हमारे बारे में सोचे।
- 4:04और वैष्णवी का भी कुछ यही हाल था। जब अपने दोस्तों को देखती की
- 4:08प्यार में पागल थी वो लोग तो सोचती यार काश मेरा भी कोई प्यार
- 4:13होता काश कोई मुझे भी प्यार करता कोई निहाल जैसा उसे शायद निहाल
- 4:20जैसा कोई लड़का चाहिए था। जिसके साथ वो रेकॉग्नाइज़ हो सके
- 4:24पर वो वो सिर्फ उसके पीछे वाली बेंच पर बैठी रहती थी।
- 4:28कभी उसकी इतनी हिम्मत नहीं हुई थी कि निहाल कोई खाये तो बोल दे
- 4:32क्योंकि अगर वो बोलती भी तो शायद निहाल उसके हाई का रिप्लाय भी
- 4:36नहीं देता। एक होता ना?
- 4:38हम खुद ही सोच लेते है की हम तो किसी लायक नहीं है।
- 4:41हम बिलकुल बॉटम पे है। कोई इंसान बहुत ही लाइक हमसे दूर
- 4:44है, वो तो भाई यू नो लोगों से घिरा रहता है तो वैष्णवी ऑलवेज
- 4:49फेल्ट उनरेकॉग्नाइज्ड दुखी नहीं थी पर कुछ भी नहीं थी।
- 4:53वो बस चाहती ही थी, कोई उसे भी देखे।
- 4:56कोई से भी रेकग्नैज करे, कोई से भी जान है पर क्या ऐसा हुआ?
- 5:02हम कभी कभी चीजों के पीछे बस भागते रहते है।
- 5:05नहीं पता की हमें उससे खुशी मिल रही है।
- 5:08नहीं पता की वो चीज़ हमें आगे जाकर कोई खुशी दे भी पाएगी या
- 5:13नहीं। बस हम भाग रहे है क्नॉइस किस्से
- 5:15क्यों कैसे कब नहीं पता किसी ने बता दिया की बस भागना है और हम
- 5:20भाग रहे है हमें नहीं पता पैसे है पैसे दिख रहे है बस भाग रहे है
- 5:24उसके पीछे शायद तुम 1 दिन बहुत बहुत पैसे वाले बन जाओ, मैं तो
- 5:27चाहती हूँ की तुम्हारा नाम हो शोहरत हो, लेकिन तब क्या जब तुम
- 5:32शाम को थके हारे, अपने घर आओ, लेकिन तुमसे प्यार करने वाला
- 5:36तुम्हें कोई ना मिले क्या करोगे उस दौलत का?
- 5:40क्या कर पाओगे उससे खरीद पाओगे खुशियां नहीं ना तो इसलिए हम लोग
- 5:46बस जिंदगी भर भागते रहते हैं। क्यों?
- 5:48कैसे सोचते भी नहीं है पता है? कहते है ना रैट्स हो गए सब सब रैट
- 5:53रेस का हिस्सा है मैं भी हूँ, तुम भी हो सब है और वैष्णव में भी उसी
- 5:58रैट रेस का हिस्सा बनना चाहती थी की काश मैं भी फेमस हो जाऊ कुछ तो
- 6:02ऐसा फिर 1 दिन उसकी ज़िन्दगी में आता है।
- 6:05एक ट्विस्ट जब उसे पता चलता है की।
- 6:09उसके डेस्क में एक लेटर रखा था जब वो अगले दिन कॉलेज आई एंड शी सॉ
- 6:15वहाँ पे किसी ने लिखा था की ऐश्ना वे तुम जितनी खूबसूरत हो, शायद
- 6:21हमारी पूरी कॉलेज में कोई इतना खूबसूरत नहीं है तुम कितनी प्यारी
- 6:24हो, अच्छी हो, नेक दिल हो। और वैष्णवी के बारे में भर भर के
- 6:30अच्छी बात है। सो बेसिक्ली समझ तो तुम गए ही
- 6:33होगे। ये था एक लव लेटर और वैष्णवी वो
- 6:36देखते ही अपने चारों तरफ नज़रे घुमाने लगी की इसको रख कर कौन गया
- 6:41आई मीन कोई तो रख कर गया होगा और शायद वो वेइट् कर रहा होगा की मैं
- 6:45क्या रिप्लाय दूंगी। तो आसपास ही होगा।
- 6:48बट कोई भी नहीं देख रहा था उसे तो अब वो सोचने लगी यार ये किसने रख
- 6:53दिया? बट ऐट सम पॉइंट शी थॉट की यार कोई
- 6:58मुझे भी पसंद करता है, कोई मुझसे भी प्यार करने लगा है।
- 7:01किसी को मेरी सुरी पसंद आने लगी। लाइक वॉव और वो।
- 7:06बहुत खुश हो गई। लाइक सोच भी नहीं सकते हो क्योंकि
- 7:09भाई थिस इस व्हाट शी वांटेड की कोई उसका कोई प्यार करे कोई इसको
- 7:14देखे कोई उसको देखना चाहे चाह कर ये कितनी खूबसूरत बात होती है पता
- 7:20है की कोई चाहता है आपसे बात करना।
- 7:24कोई चाहता है आपके साथ वक्त बिताना कोई चाहता है।
- 7:27आपको इससे बेहतर कुछ नहीं होता है क्योंकि लोग आजकल चाहते ही नहीं
- 7:33है। जैसे हम देखते है ना ओल्ड रोमांस
- 7:36की। अरे यार कोई तुम्हे लेटर लिखता
- 7:38है? कोई तुम्हारी गुलाब लेकर आता है,
- 7:41कोई तुम्हारी छोटी छोटी बातों को नोटिस करता है कहाँ उतनी डीटेल्स
- 7:47रह गई है पता नहीं होंगी भी तो आई डोन्ट नो आई ऍम जस्ट टु ए सिंगल
- 7:52होस्ट हाई सो सॉरी सॉरी तू वैष्णवी बहुत खुश हो गई।
- 7:57उसने अपने हॉस्टल आते ही अपने दोस्तों को दिखा दिया।
- 7:59वो लेटर की देखो आई हॅव एन और क्या बताये, ये कौन है कहीं ना
- 8:05कहीं अपने दिल के छोटे से हिस्से में एक छोटी सी उम्मीद थी कि ये
- 8:09निहाल तो नहीं या हो भी सकता है। लाइक गॉड अरे दी ऑड्स बट हो तो
- 8:14सकता है। इट्स ए स्मॉल वर्ड आफ्टर ऑल है ना
- 8:19तो वो सोचने लगी यार निहाल तो नहीं है, आई मीन हो सकता है मैं
- 8:24तो कभी उसको ध्यान से देखती जरूर हूँ, लेकिन जैसे वो कभी पीछे की
- 8:27तरफ मुड़ता है ना तो नज़रा झुका लेती, वो तो सोचती है अब मैं ना
- 8:31देखूंगी की वो मुझे नोटिस करता है क्या?
- 8:34और फिर अगले दिन से? उसका ये लेटर्स मिलने का सिलसिला
- 8:38शुरू होता है। बहुत खुश हो जाती है वो बहुत
- 8:41ज्यादा। हर रोज़ उसके बारे में कुछ अच्छी
- 8:43बात थी। कुछ प्यारी बातें, कुछ डीटेल्स जो
- 8:47वो इंसान नोटिस कर रहा था, जो कोई नहीं कर पता था उसका बिहेव्यर।
- 8:52कबबू किस बात से खुश होती है कबबू किस बात से दुखी होती है, कौन सी
- 8:56बात उसे गुस्सा दिलाती है, कौन सी बात से वो डर जाती है, कौन सी बात
- 8:59उसे रुला देती है? हर चीज़ जैस उस इंसान ने उसके ऊपर
- 9:03डॉक्यूमेंट्री लिखना शुरू किया था।
- 9:05पर था कौन ये आई मीन वैष्णवी के दिमाग से एक बहुत बड़ा सवाल था की
- 9:10ये है कौन? मुझे अब इससे मिलना है।
- 9:12और वो होता है ना एक एस्पिरेशन उसकी बातें उसे पसंद आ रही थी।
- 9:17उसके दिमाग में ना ख्याल थे कौन हो सकता है क्या ये निहाल होगा या
- 9:21कोई और होगा? कोई तो होगा ना जीसको मेरे बारे
- 9:24में इतनी बड़ी है जो मेरे लिए लिख रहा है जो मुझ पर ध्यान दे रहा
- 9:28है। जीस वक़्त किसी ने ध्यान नहीं
- 9:30दिया। यार ये मुझसे प्यार करता है क्या
- 9:33करता होगा? क्या कोई मुझसे प्यार करेगा,
- 9:36क्यों करेगा? बट ये तो करता है ये तो लेटर्स भी
- 9:39लिख रहा है। हज़ारों ख्याल थे उसके दिमाग में
- 9:42और हर ख्याल के साथ एक छोटी सी उम्मीद की ये निहाल तो नहीं?
- 9:47क्या पता हो सकता है ना यार? वैष्णवी के सेम थॉट्स थे कि यार
- 9:52हो तो सकता है एक छोटी सी ही सही पर उम्मीद तो है।
- 9:56आखिर 2 साल से निहाल के पीछे वाली बेंच पर बैठ रही हूँ तो माइट भी
- 10:00उसने नोटिस किया हो। शायद वो कूल रूट बनता हो।
- 10:03बट हो ओल्ड रोमेंटिक टाइप मतलब यू नो रोमेंटिक टाइप।
- 10:08क्योंकि उसका दिल चाहता था बड़ी शिद्दत से कि निहाल वही लड़का हो
- 10:13जो से लेटर्स लिख रहा था और कहते हैं जब इतनी शद्दत से आपको चाहो
- 10:19तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने में लग जाती है।
- 10:22अब मैंने तो सुना है तुमने भी सुना ही होगा अब हूँ नोज़ इफ थिस
- 10:25इस राइट रॉंग जो भी है। मुझे नहीं पता, बट वैष्णवी की
- 10:31दिमाग भी बर्स्ट हो रहा था। हर रोज़ वो अपने दोस्तों को वो
- 10:34लेटर्स दिखाती और कहती यार ये जो भी है ना आई हॅव स्टार्टेड फॉर
- 10:38हिं लाइक ए बंदा छोटी छोटी बातें नोटिस कर रहा है मुझे ये जानता है
- 10:43मुझे पहचान गया है मुझे देखकर समझ जाता होगा भाई ये।
- 10:47की मैं कैसी हूँ आज खुश हूँ, दुखी हूँ, गुस्से में हूँ आई मीन कोई
- 10:53तुम पर इतना ध्यान दे तो तुम्हें अच्छा तो लगता है नो मैटर व्हाट?
- 10:58और फिर 1 दिन वैष्णवी अपनी सीट पर एक लेटर रख के जाती है जिसमें वो
- 11:03लिखती है तुम जो भी हो, प्लीज़, प्लीज़, प्लीज़।
- 11:07मीट मी इन दी पार्क मैं सच में तुम्हें जानना चाहती हूँ और तुम
- 11:10मुझे ये लेटर्स लिख रहे हो, दट मीन्स कि तुम भी मुझे जानना चाहते
- 11:13हो अच्छे से ये लेटर से हम एक तरफा बातें चल रही है।
- 11:16मैं चाहती हूँ तुमसे बात करना तुम्हें जानना आखिर तुम हो कौन
- 11:20तुम मुझे पार्क में मिलोगे प्लीज़ और ये लिख कर वो चली जाती है।
- 11:26वेल वेल वेल, अब तुम्हें क्या लगता है पार्क में कौन आएगा, इस
- 11:30कहानी को यही खत्म कर दूँ। बताओ बताओ बाते कर ले थोड़ी सी
- 11:35नहीं अरे दीदी सुनाओ ना यार, कहानी बीच में नहीं रोकते यार ऐसे
- 11:39मज़ा नहीं आता यार व्हाट इस थिस यार दीदी यही क्या हाल चल रहा है
- 11:44ना? अच्छा चलो ठीक है, जोक्स अपार्ट
- 11:48सुनाती हूँ, बाबा सुनाती हूँ छोटे छोटे ब्रेक्स तो आते है ना तो
- 11:52ब्रेक ही मान लो अच्छा अच्छा ठीक है, गुस्सा नहीं होते है तो पार्क
- 11:56में जब वैष्णवी वेइट् कर रही थी कि कहीं किसी अगल से निहाल आजाये
- 12:02प्लीज़? भगवान से दुआएं मांग रही थी हाथ
- 12:06प्रार्थना में जोड़ लिए थे की प्लीज़, प्लीज़, प्लीज़ प्लीज़
- 12:09फिंगर्स क्रॉस हो गई थी की बस कैसे भी निहाल आ जाए और बिंगो
- 12:16सामने से निहाल आ रहा था और वो उसके दिल की धड़कन धक धक धक धक
- 12:22धक। एकदम 100200400 पता नहीं उसे लग
- 12:26रहा था तो उससे दिल बाहर आ जाएगा उसका इतने साल का सपना उसके सामने
- 12:31चलके आ रहा था। लाइक अब नेहाल आएगा, अब बोलेंगे
- 12:35की आई जस्ट सो लव यू समथिंग लाइक दट।
- 12:38लेकिन निहाल तो किसी और से मिलने चला गया।
- 12:43ये क्या हुआ? निहाल वो लड़का नहीं है, अरे माइट
- 12:47बी मजाक कर रहा होगा, उसने मुझे यहाँ देख तो लिया ही होगा।
- 12:51फिर क्या पूरी निगाह को निहाल पर टिकाए हुए वो उसे जैसे घूर रही थी
- 12:56की अब पलटेगा अब पलटेगा अरे निहाल तो पलटा ही नहीं, पर ये क्या?
- 13:02उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा और ये तो उसके क्लास में एक और
- 13:07इनविजिबल लड़का था। अनुज अनुज वहाँ क्या कर रहा था और
- 13:13अनुज उससे बात करने का वादा वो तो किसी से भी बात नहीं करता हाय
- 13:20वैष्णवी। हौ अरे यू तिथि को सॉरी थोड़ा लेट
- 13:28होगया आई मीन तुम मेरा ही वेइट् कर रही थी ना व्हाट अनोच तुम तुम
- 13:38लिख रहे थे वो लेटर्स हाँ वो। वो वो हाँ वो मैं वो तुम सीरियसली
- 13:47तुम मुझे लाइक करते हो? अनुज ने कहा हाँ हाँ, हाँ, मैं
- 13:52मैं तुम्हें लाइक लाइक करता था हूँ हाँ हाँ, आई मीन अभी भी करता
- 13:57हूँ और वैष्णवी वहाँ से चली जाती है।
- 14:02सी हौ टु पिकल वैष्णवी खुद एक इनविजिबल लड़की थी क्लास की लड़की
- 14:08जिससे कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता था जो बस टाइप ऑफ़ लड़की थी लेकिन
- 14:13उसे लगता था कि अनुज उससे भी नीचे है क्योंकि उसका तो एक भी दोस्त
- 14:17नहीं था। वैष्णवी की एक दोस्त थी।
- 14:21तो वो उससे एक दोस्त में सुपीरियर तो थी ही तो उसे लगा की ये तो
- 14:25मुझसे भी भूनू है। शक्ल से भी देखो।
- 14:28अच्छा नहीं है आई मीन इसे कौन पसंद करेगा यार?
- 14:31इसने तो पूरा दिल तोड़ दिया। अब दोस्तों के सामने क्या
- 14:34बोलेंगे? हॉस्टल में वो लोग क्या सोचेंगे
- 14:36की ये चम्पू अनोज मुझे लाइक करता था।
- 14:39अरे यार मेरी तो नाक कट जाएगी झूठ बोल दूं की निहाल ही था, पर फिर
- 14:44मैंने उसे रिजेक्ट क्यों किया यार क्या करूँ?
- 14:47ये अनुज सीरियसली और ये सोचते हुए वो वहाँ से चली गई, अनुज वहाँ
- 14:55खड़ा रह गया क्योंकि अनुज को कहीं ना कहीं पता था।
- 14:59कि शायद वैष्णवी ये जानने के बाद कि वही वो लड़का था जो लेटर्स लिख
- 15:03रहा था, शायद उससे बात भी ना करें क्योंकि आखिर क्लास का सबसे
- 15:08इनविजिबल बच्चा तो अनु जी था कभी को इस पर ध्यान ही नहीं देता था।
- 15:12उसका होना ना होना बराबर था और उसे ये नहीं पता था कि वैष्णवी जो
- 15:19उसे अच्छी लगती थी, उसे लगता था कि वैसी तो नहीं होगी जैसे वो आज
- 15:24निकल गई, उसे देखते ही वहाँ से चली गई।
- 15:28क्या कमी थी? अनुज में?
- 15:29हाँ दिखने में रीसन था और शायद क्लास में थोड़ा इनविजिबल पर बंदा
- 15:34तो अच्छा था। नेचर वाइज भी अच्छा था।
- 15:37हेल्पफुल था इजी गोइंग था, समझने वाला था और जीस हिसाब से उसने
- 15:42लेटर्स लिखे थे को बहुत अच्छे से जानता था और बहुत दिल से चाहता भी
- 15:46था और क्या चाहिए ये सब काफी नहीं होता है किसी से प्यार करने के
- 15:52लिए शायद प्यार ना सही किसी को पसंद करने के लिए।
- 15:56किसने कहा की पहली ही झनक में किसी से प्यार में पड़ जाओ पर
- 16:00अच्छा इंसान हूँ तो धीरे धीरे शायद पसंद आने लगता है पर नहीं।
- 16:04वैष्णवी को जो एक्सपेक्टेशन्स थी वो थी की निहाल आएगा।
- 16:08जो की आया अभी, लेकिन वो तो किसी और से मिलने आया था पर अनुज को
- 16:13देख कर तो उसका मूड ही खराब हो गया।
- 16:15जब अपने हॉस्टल में आई सबको बता दिया उसने सच की अनुज था सब खूब
- 16:20हसे, उसके ऊपर वो था तेरा एडवायरर कहा दुब निहाल के सपने देख रही थी
- 16:25और कहा वो चम्पू अनुज पर बहुत मजाक उड़ा।
- 16:29उन लोगो ने अनुज कहा बहुत ज्यादा वो चम्पू तुझे लाइक करता है ये तो
- 16:34धिक्कार की बात है। अरे यार तू भी ना सो सैड, पहला
- 16:39लड़का मिला जो पसंद करता था वो भी अनुज निकला सो सैड फॉर यू यार
- 16:43वैष्णवी सो सॉरी वैष्णवी भी पूरी रात सो नहीं पाई ये सोच कर की काश
- 16:49पे निहाल ही होता अनुज नहीं सो पाया की काश वो वहाँ गया ही ना
- 16:54होता। फिर 1 दिन निहाल ने वैष्णवी की
- 17:00डेस्क में वह लेटर देख लिया। उस लेटर को देखने के बाद उसने
- 17:04पूरी क्लास में खूब मजाक उड़ाया। वैष्णवी का कि ओह, इस इस चम्पू का
- 17:09भी कोई एडमायरर है? इसको भी कोई पसंद करता है यार
- 17:13क्या यार? ऐसी लड़कियों को भी कोई पसंद कर
- 17:16सकता है भला? खूब हँसी उड़ी उसकी खूब मजाक
- 17:20उड़ी। अनंत जोसदन अब्सेंट था क्योंकि
- 17:23उसका दिल टूटा था और वो शायद उस दिन किसी से भी नहीं मिलना चाहता
- 17:27था। खूब मजाक उड़ा वैष्णवी खूब जाकर
- 17:30रोई और सोचने लगी कि इसे पसंद करती थी मैं।
- 17:35मेरा मिस्टर राइट ये था या फिर क्या अनुज अच्छा था?
- 17:41अगले दिन जब उसे पता चला कि रेशनवी के साथ ये सब हुआ था, उस
- 17:45दिन वैष्णवी अब सेन थे क्योंकि उसके साथ इतना बुरा जो हुआ था।
- 17:49उसके बाद उसने निहाल को खूब मारा। पहली बार।
- 17:53लोगों को पता चला कि अनूप उस क्लास में एक स्टूडेंट था जीस पर
- 17:57किसी का ध्यान ही नहीं गया था आज तक और वो कोई बस ऐसे रहता था उसे
- 18:03शायद पसंद था इनविजिबल रहना। लेकिन जब बात वैष्णवी पर आई और
- 18:06उसके साथ बदतमीज़ी की तो उसने नेहा को खूब पीटा।
- 18:10इतना पीटा कि निहाल को उसने कहा कि जा और उसे जाके सॉरी बोल।
- 18:15उस दिन सबको पता चला कि इस क्लास में अनुज नाम का भी एक लड़का था,
- 18:19जो बहुत डेरिंग था और शायद उसके उस शंपू लुक में जो वह रहना चाहता
- 18:24था वो खुश था। उसने किसी को शो ऑफ नहीं करना था।
- 18:27बट वो काफी स्मार्ट था, काफी ज्यादा।
- 18:30बस दिखना नहीं चाहता था वो गर्मी भी होता है ना लोग बस अपनी
- 18:33डीजेंसी में अपनी सिम्पलेस्टिटी में खुश है ना तो रहने दो किस्से
- 18:37पड़ी है तुम्हारे लुक्स के कपड़ों की इस सबकी क्या फर्क पड़ता है आई
- 18:43मीन सम मटेरियलिस्टिक नहीं लगता तो बस खूब पिटबो उसके बाद।
- 18:49पिटाई का एक वीडियो वायरल हुआ और वो पहुंचा उड़ते उड़ते वैष्णवी तक
- 18:54उसने देखा कि अनुज उसके लिए लड़ा था।
- 18:59उसने मारा इतने सारे लड़कों को और फिर वो सोचती रही की क्या
- 19:05कॉन्सेप्ट था उसके मिस्टर राइट का या उसके प्यार का या किसी भी चीज़
- 19:08का? की लड़का सबसे पहले हैंडसम होना
- 19:11चाहिए क्योंकि अनुज उसने जब तक उसे देखा था, शी थॉट की वो सुन्दर
- 19:16नहीं है, वो ब्यूटीफुल नहीं है तो मतलब लोग अगर वो उसके साथ रहेंगी
- 19:20तो लोग बोलेंगे हाँ ठीक है। चम्पू कपल है ये वो सोच रही थी की
- 19:24नेहाल के साथ रहेंगी तो वो भी पॉपुलर हो जाएगी, उसे भी लोग पसंद
- 19:27करेंगे। यही होता है ना जो हमें अपीलिंग
- 19:32लगता है, ना हम उसके पीछे पागल हो जाते है।
- 19:34बट ये नहीं देख पाते है की उसका दिल कैसा है, वो इंसान कैसा है?
- 19:38अच्छा भी है क्योंकि निहाल तो अच्छा नहीं था।
- 19:42वैष्णवी सोचती रही की वो कितनी गलत थी।
- 19:47वो कितने अच्छे लड़के को रिजेक्ट कर दी थी उस दिन वो भी इतना
- 19:50ब्रूटली उसको ना तक नहीं बोला था उसने बस वहाँ से चली गई ये बोलकर
- 19:55की तुम थे वो लड़के। उसे काफी रिग्रेट हुआ।
- 19:59इस सब के बाद अनुज से कभी बात नहीं की क्योंकि शायद उसे ये था
- 20:04कि। वैष्णवी को मैं पसंद नहीं हूँ तो
- 20:07वो उसको इसमें दखल नहीं डालना चाहता था।
- 20:09उसे कोई यू नो उसे कोई बदला नहीं लेना था।
- 20:12रिवेंज नहीं लेना था वैष्णवी से, क्योंकि उसने उसे रिजेक्ट किया ही
- 20:16वास् ओके की ठीक है, हम किसी को जबरदस्ती पसंद नहीं करवा सकते।
- 20:21वैष्णवी उसके पास गयी। कुछ दिन बाद हिम्मत करके और उससे
- 20:24माफी मांगी कि मैंने बहुत गलत किया एंड उसने सिम्पली सिर्फ इतना
- 20:28कहा कि कोई बात नहीं है यार मैं तुम्हें अपने आप को जबरदस्ती पसंद
- 20:33नहीं करवा सकता और जानता था कि तुम नेहाल को पसंद करती हो, पता
- 20:36नहीं क्यों बस मन किया तुम्हें बता दिया लगा कि जैसे।
- 20:42तुम अकेली सी लग रही थी तो बस तुमको वो लेटर्स देखी और फिर देखा
- 20:46की तुम इतनी खुश थी उसको पढ़के की।
- 20:48मैं तो हर रोज़ लिख सकता था, तुम्हारे लिए लिखने भी लगा और जब
- 20:52तुम ने उस दिन इतने क्यूरिओसिटी से कहा की तुम्हें मिलना है तो बस
- 20:55मिलने आ गया नहीं आना चाहिए था। क्योंकि तुम जितना मेरे लेटेस्ट
- 21:00देख कर खुश हुई थी, शायद मुझे देखकर उतनी ही दुखी मैं नहीं
- 21:03चाहता था तुम्हे दुखी करना सच में सो सॉरी फॉर दट।
- 21:08और तब वैष्णवी को समझ आया कि शायद अब अनुज से दूर जा चुका था, लेकिन
- 21:14ही वास् मिस्टर राइट। वो बहुत अच्छा था।
- 21:19अब वैष्णवी उसे देखने लगे, उसे ऑब्ज़रव करने लगे।
- 21:22उसे पता चला की अनुज तो एक जैम ऑफ़ ए पर्सन था।
- 21:26एक अच्छा इंसान शायद एक अच्छा पार्टनर भी बन सकता था लेकिन वो
- 21:31और उसके उस मटेरियलिज़म में वो रह गई कहीं?
- 21:35इसके बाद शायद वैष्णवी को हमेशा ही रिग्रेट रहा।
- 21:39टु नॉट चूज दी राइट पर्सन अनुज। उसके लिए एक दम परफेक्ट था।
- 21:44एक अच्छा इंसान था, एक अच्छा पार्टनर बनता एक समझदार लड़का था।
- 21:50उसके रिस्पेक्ट की बात आई तो उसने निहाल जैसे लड़के को भी मारा था।
- 21:54इसके बाद निहाल ने आकर उससे माफी मांगी थी और इस सब को समझने में
- 21:59बहुत देर हो गई थी। अनुज को मटेरियलिज्म नहीं पसंद
- 22:04था, वो चाहता तो बिलकुल अपनी बॉडी शो ऑफ करता खुद को शो ऑफ करता
- 22:08जैसे करता था, लेकिन जब बात किसी की इज्जत की आई तो उसने बता दिया
- 22:12कि गलत के साथ गलत ही होता है। उसने उसे खूब पीटा।
- 22:16जो था उस दिन उस दिन वो क्लास का हीरो बन गया था।
- 22:19बट उसे वो सब नहीं चाहिए था, उसे कोई पॉपुलैरिटी नहीं चाहिए थी।
- 22:23खुश था वो अपने इनविजिबलिज्म में आई गेस उसको इनविजिबल रहना पसंद
- 22:28था? नहीं चाहता था हाईलाइट होना खुश
- 22:30था अपनी लाइफ में वैष्णवी के बाद। वो नॉर्मल अपनी ज़िन्दगी जीने
- 22:35लगा। लेकिन वैष्णवी उस रिग्रेट में रह
- 22:38गई की उसका रिग्रेट था। टु नॉट लाइक हिं ही इस राइट पर्सन
- 22:44और फिर भी वो उसे शायद पसंद नहीं कर पाई।
- 22:49हाँ वो आज भी उसे पसंद नहीं करती थी।
- 22:52पर रिग्रेट इस बात का था। पछतावा इस बात का था की वो क्यों
- 22:55पसंद नहीं करती थी। उसे स्मार्ट था, अब तो अक्चवल में
- 23:00पॉपुलर भी था, फिर क्यों नहीं मतलब कोई तो रीसन होगा ना कभी कभी
- 23:06नहीं होता है। मतलब मैं बताती हूँ तुम्हे जैसे
- 23:10ऐसा होता है ना की। चलो मैं तुम्हें एक कहानी छोटी सी
- 23:13बताती हूँ। इस कहानी को कन्क्लूड करने से
- 23:15पहले की एक लड़की थी उसको उसको भी बहुत पसंद था कि कोई उसे प्यार
- 23:20करे किसे नहीं पसंद है यार की कोई हमें प्यार करे, कोई हमें
- 23:23रिस्पेक्ट दे, उसे भी चाहिए था कोई इंसान वो किसी से बातें करने
- 23:27लगी, खूब बातें की, खूब सारी बातें की।
- 23:30बातों हुई बातों में बहुत पसंद आने लगा वो इंसान और जब पहली बार
- 23:34उसे देखा तो पहला ख्याल आया यार ही इस नॉट मैं टाइप्स जब की कोई
- 23:40से पूछता की तुम्हारा टाइप क्या? तो कहती मेरा कोई टाइप नहीं है,
- 23:44पर जब उसे देखा तो लगा की यार अगर ये थोड़ा सा और स्मार्ट होता ना।
- 23:49तो पक्का इसे डेट करती मटेरियलिस्म हम लोग सही चीज़े
- 23:56अच्छी चीज़े इन सब से भागते इस लिए हैं क्योंकि अगर वो सुन्दर
- 24:00नहीं होती है तो क्योंकि हम आजकल वर्ड नहीं चल रहा एस्थेटिक
- 24:05क्योंकि हमे न एस्थेटिक चीज़े पसंद आने लगी है।
- 24:08पहले दुनिया इतनी कलरफुल थी, इतनी अच्छी थी आप सबको वही ब्लैक ग्रे
- 24:13ये शेड्स पसंद आने लगे। अरे यार कलर कहाँ गए?
- 24:16ज़िन्दगी के ज़िन्दगी में सिर्फ तीन शेड्स नहीं होते है, ज़िन्दगी
- 24:21रंगीन होनी चाहिए। ज़िन्दगी में एक ऐसा पार्टनर होना
- 24:25चाहिए जो तुम्हे समझे। तुम्हारे हालात को समझे तुम्हारा
- 24:29हाथ थाम कर रखे चाहे जिंदगी में कितने उतार चढ़ाव न है, चाहे
- 24:35जिंदगी कितनी उलट पलट मैं ना हो पर अगर तुम्हारे पास एक ऐसा इंसान
- 24:39है, जो तुम्हारा है, जो तुम्हारे लिए है और तुम्हारे साथ है, तुम
- 24:44जीत चूके हो जिंदगी और। यही समझ नहीं आ रहा था वैष्णवी को
- 24:49की यार क्यों पसंद नहीं करती हूँ मैं अनुज को कोई तो रीसन होगा ना
- 24:53भाई कोई रीसन नहीं था कभी कभी कुछ लोग हमें पसंद ना पसंद इस सबसे
- 24:59बड़े होते है कुछ लोग भले ही कितने भी अच्छे हो, कितने ही
- 25:04समझदार हूँ कितने ही साथ। देने वाले हो, लेकिन वो हमारे दिल
- 25:10के उस उससे को नहीं छुप पाते। शायद जो सबसे इम्पोर्टेन्ट है फिर
- 25:15चाहे वो कितने ही अच्छे क्यों ना हो और हम रह जाते उस रिग्रेट के
- 25:19साथ किया कर क्यों? क्यों हम उसे पसंद नहीं कर पाए।
- 25:24क्या रीसन था? कोई रीसन नहीं था, बस तुम उससे
- 25:28प्यार नहीं करते हो। वैष्णवी ने लास्ट टाइम फेयरवेल पे
- 25:33भी अनुज को यही कहा की अनुज तुम इंसान बहुत अच्छे हो पर शायद मेरे
- 25:37लिए नहीं हो। हर इंसान के लिए एक इंसान बना है
- 25:40और तुम मेरे लिए नहीं हो जिसके भी हिस्से में जाओगे ट्रस्ट में वो
- 25:43बहुत लकी होगी, लेकिन शायद। नहीं, मैं वो लड़की नहीं थी, कभी
- 25:49नहीं थी और शायद ना हो पाऊंगी तुम जीतने अच्छे हो, मैं उतनी अच्छी
- 25:52भी नहीं हूँ आई जस्ट होप एंड विश की तुम लाइफ में सारी खुशियाँ
- 25:57पाओ, खुश रहो और वैष्णव भी वहाँ से चली जाती है और अनुज भी चला
- 26:04जाता है, लेकिन अनुज? एक हल्का दिल ले कर जा रहा था और
- 26:07वैष्णवी उस रिग्रेट के साथ की आखिर क्यों?
- 26:12क्यों वो अनुज को पसंद नहीं कर पाई?
- 26:15कभी उसने किसी को बताया भी की। मुझे एक ऐसा लड़का मिला तो हर
- 26:18किसी ने उससे यही सवाल किया की तुझे पसंद क्यों नहीं आया वो?
- 26:23पर उसे शायद बस वो पसंद नहीं आया। पर इन दोनों के रास्ते अलग हो गए।
- 26:29तो ऐसी थी हमारी आज की का हाँ नहीं तुम्हें कैसी लगी?
- 26:32तुम मुझे बता सकते हो। इंस्टाग्राम पर यूट्यूब पर
- 26:35स्पोर्टी फाइव भी नहीं बता सकते बट जहाँ बताना है बताओ रे बिकॉज़
- 26:39नाउ आई ऍम फाई इन ए लीफ फ्री मैं तुम्हें बता नहीं सकती हूँ हौ
- 26:43हैप्पी आई ऍम दो। थोड़ी सी चीज़े खराब हुई है।
- 26:46हल्का दिन वास् नॉट गुड बट जो भी है जैसा भी है जैसे भगवान के
- 26:51अच्छा बट येस नाउ आई ऍम फ्री दो, अभी से शुरू मत हो जाना यार पता
- 26:55है क्या? वॉच पार्ट इस एवरीबॉडी न्यू की
- 26:57तीन तारीख को पेपर रहता हूँ भाई सब तीन तारीख से मैसेज आने लगे।
- 27:00अच्छा खत्म हो चलो आजाओ मैंने कहा भाई अब ठीक है, इग्नोर कर दिया
- 27:03मैंने आजकल मैं कहा न मेरा पीस इम्पोर्टेन्ट है, मेरे पीस को तुम
- 27:06छोड़ोगे मैं तो भाई नहीं चिड़ने वाली बात है मैंने रिप्लाय ही
- 27:09नहीं किया, उन अजीब अजीब मैसेजस का है कि अरे अब आप चलो हमारी
- 27:13कहानी सुना, मैं कहा भाई इतना फ्री हुई हूँ, महीने भर से परेशान
- 27:16थी, महीने भर से ज्यादा से परेशान थी तो अब मुझे सांस लेनी है।
- 27:20अब मैं खुशी खुशी पता है। हाँ तुम्हें वही कुछ लोग ऐसे
- 27:23इरिटेटिंग मैसेज में मैंने रिप्लाय नहीं करी एंड अनँद्अर
- 27:27थिंग इस की मैंने तुम लोगों के लिए बहुत सॉलिड कॉन्सेप्ट सोचा है
- 27:32का बहुत सॉलिड। उसके लिए थोड़ा सा टाइम मुझे
- 27:35लगेगा क्योंकि मुझे कुछ कॉंपिलेशन्स करनी पड़ेगी और
- 27:38ट्रस्ट में। जब वो कहानी आयेगी ना तो भाई तुम
- 27:41लोग बोलोगे, यार दी क्या? दिमाग से खेली हो अब जैसा तुमने
- 27:45आई गेस लव इन थिस गाइस में बोला था तुम्हें रॉयल वाली बहुत पसंद
- 27:48आई थी ना? ट्रस्ट मी अगर जो मैं सोच रही हूँ
- 27:51क्योंकि अभी सिर्फ मेरे पास एक छोटा सा ऐडिया है, बट आई ऍम
- 27:54ट्राइंग टु लाइक ट्राइंग मैं लेवल बेस्ट की उसको मैं अच्छे से
- 27:57कंपाइल करूँ। और तुम जब वो सुनोगे ना भाई, सही
- 28:00बता रही हूँ तुम मेरे डीएम स्लॉट कर दो कैन आई नो दट क्योंकि तुम
- 28:02बोलोगे भाई क्या सोचा है आपने तो मुझे थोड़ा सा वो सोचने के लिए
- 28:05टाइम चाहिए। अब माइट बी वो क्लिक कर जाए तो
- 28:08शायद आज रात ही मेरे को दिमाग में आ जाए तो मैं कल रिकॉर्ड कर दूँ
- 28:10या फिर कुछ टाइम भी लग सकता है। बट काफी टाइम से उन्होंने कुछ
- 28:13नहीं डाला था। रैंकिंग की तुमने वाट लगवा दी।
- 28:16लिसनिंग आज गिरवा दी है। बट ऑब्वियस्ली तुम्हारी कोई गलती
- 28:18नहीं है, मैं ही गायब थी तो तुम क्या करोगे?
- 28:20बट इसीलिए मैं आज ये कहानी डाल रही हूँ।
- 28:22सुन लेना कैसी लगी ये बता देना मुझे तो अच्छी लगी अभी मैं भी
- 28:25सुनुगी वैसे तो मिलती हूँ किसी और स्टोरी में डस एंड टेक केयर एंड
- 28:28बाय बाय हाँ भाई मगर सक्रांति आयेंगी और उससे पहले तो आएंगी
- 28:32कहानियों डोन्ट वोर्री बट बोल दिया ठीक है?
- 28:35ओके बाई बाई।