Latest / Baba ji Vijay Vats / 27 Apr 26 - रिश्तों का सच: अपने ही विश्वासघात करे तो क्या करे? सत्ता और विनाश: वैश्विक नेताओ का अहंकार
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- 0:25जीसको भी अपना मानती हूँ, वही दिल तोड़ देता है जैसे कोई फीमेल
- 0:36फ्रेंड मेल फ्रेंड कजीन्स। यहाँ तक कि मेरे फादर बताओ
- 0:46विश्वास करना चाहिए या नहीं? इस दुनिया में किसी को क्या किसी
- 0:57को अपना खास बनाना चाहिए या नहीं? सुसाइड थॉट्स आ रहे हैं बाबाजी
- 1:12बहुत आ रहे हैं फीलिंग ब्रोकेन मेरे घर में प्यार नहीं।
- 1:22ना ही कोई समझना चाहता है। बहुत अकेली फील कर रस्ता से
- 1:37जाएगी। संसार की यही होता है, कोई समझना
- 1:59नहीं चाहता तो आओ फिर हम ही समझने से शुरुआत करते।
- 2:14एक दिया जले तो वह सबको जगा देगा और मानवता की परेशानी का सबब सबसे
- 2:30बड़ा जगी। प्रत्येक भुजा हुआ दिया सोचता है
- 2:39कि सामने वाला दिया जले तो मैं भी जलूँ उसकी बाती संग बाती बढ़ा
- 2:50लूँ। और मैं भी जल गया हूँ सारी
- 2:56दुनिया, इसी अंधकार में भी रही सारी दुनिया।
- 3:08इसी अज्ञान में जी रहे तुमने कहा पुत्री कोई मेरा नहीं, जिसे भी
- 3:24मैं अपना मानती हूँ, कोई फ्रेन्ड? कोई गर्ल फ्रेंड, कोई बॉयफ्रेंड,
- 3:37कोई कजिन माँ बाप, कोई भी मुझे समझता नहीं।
- 3:49चारों तरफ अंधकार ही अंधकार है। प्रेम का दिया कहीं जलता दिखता
- 3:56नहीं मेरे घर में प्रेम नहीं है तो चलो फिर तुम ही शुरुआत करते
- 4:06हो। सोचने का नजरिया है।
- 4:23एक बहुत बड़ी जूता फैक्टरी ने अपने मैनेजर को दक्षिण अफ्रीका
- 4:30में भेजा था। पुरातन जमाने की बात है, तब जूते
- 4:50पहनने का चलन नहीं था, हमारे हिंदुस्तान में भी नहीं था, कड़ाव
- 4:55पहना जाता था। तो सीईओ ने कहा मैनेजर को कि जाओ,
- 5:07उस पूरे मुल्क में देखो जूते बिकने की संभावना कितनी?
- 5:21वह गया, उसने सारा देश खंगाल लिया।
- 5:27महीनों लग गए। महीनों के बाद वापस आया।
- 5:35उसने अपने मालिक से रिपोर्ट दिया। वहाँ कोई मारपीट नहीं है, वहाँ
- 5:48कोई जूते पहनता ही है, इस संभावना को खारिज कर दो किसी
- 6:04और देश को तलाशते हैं। तो मालिक ने एक दूसरे मैनेजर से
- 6:13कहा, एक बार तुम भी जाओगे देखने में वह थोड़ा कम कम समझदार लगता
- 6:25था। वह भी गया।
- 6:34उसने देश का कोना कोना खँघार लिया।
- 6:42सभी जगह देखा बात तो ठीक है, जूता किसी ने भी नहीं पहना था।
- 6:55सभी नंगे पहुंचे, महीनों भर घूमता रहा और वापस आया।
- 7:07उसने भी मालिक को रिपोर्ट दी। उसने का मालिक यह देश बहुत बड़ी
- 7:28संभावनाओं से युक्त है। बहुत बड़ा बाजार है जूतों का।
- 7:38मालिक ने कहा पहले वाले मैनेजर ने तो कहा था वहाँ कोई जूता पहनता
- 7:44है, कोई संभावना नहीं तो दूसरे वाला मैनेजर बोला मालिक यही तो
- 7:54खुशखबरी है। सभी को जूतों की आवश्यकता है,
- 8:06कांटे हैं, कांच है, नुकीले पदार्थ हैं, चुभ जाते हैं, पांव
- 8:13में इंफेक्शन हो जाता है। इससे बड़ा बाजार मैंने कभी नहीं
- 8:19देखा। मार्क जल्दी करो तुम मेरे साथ
- 8:28मानसा आदमी बड़े बड़े बैग देकर अलग अलग तरह के जूते बच्चों के
- 8:35बड़ों के बूढ़ों के स्त्रियों। भेजो मेरे साथ देर इस ए लॉट ऑफ
- 8:43ऑपर्चुनिटी बड़ी विशाल संभावना है।
- 8:48संभावना दोनों ने उसी मलब को देखा।
- 9:01एक को संभावना क्षीण लगी जूता कोई पहनता है दूसरे को अपार संभावना
- 9:08लगी बड़ा बाजार है जहाँ सभी को जूता पहनाया जा सकता है देखने का
- 9:16नजरिया है। और उस सेठ ने उस मालिक ने जूतों
- 9:27का परीक्षण किया, वहाँ से जीता ऑर्डर मिला इतना कहीं से कभी नहीं
- 9:34मिला सबसे बड़ा बाजार, वही नेता तो मैं तुमसे कहता हूँ।
- 9:45अगर तुम्हारे घर में प्रेम नहीं है तो प्रेम की बाती तुम्हीं जगा
- 9:51दो आओ शुरुआत हम ही करें, यही तो मुड़ता है मानव के।
- 10:04मानव का अहंकार गिरना नहीं चाहता है।
- 10:11मानव का अहंकार नमन करना नहीं चाहता।
- 10:16यद्यपि सभी धर्म ने सिखाया अलग अलग अलग दंगों से।
- 10:37नमाज़ करते हैं, उसमें नमन होता है।
- 10:42हम परमात्मा की मूर्ति के आगे झुकते हैं, उसे नमन होता है।
- 10:47हम किसी बड़े व्यक्ति को सम्मानित व्यक्ति को प्रणाम करते हैं,
- 10:51झुकते हैं, उसमें नमन होता है। और हम तो दंडवत हो जाते हैं, सारे
- 10:56के सारे झुक जाते हैं, लंबवत हो जाते हैं।
- 11:11पुत्री तुम्हें किसी ने सिखाया मैं तुम्हें आज सिखाता हूँ शुरुआत
- 11:25तुम करो और तुम जो आज कहती हो कि मेरे घर में प्रेम नाम की कोई
- 11:32चीज़ है। 1 दिन तुम कहोगे कि मेरा घर प्रेम
- 11:38के पुरुषों से परे सुगंधों की बहार ही बहार है, प्रेम ही प्रेम
- 11:47बरस रहा है, छरक रहा है जर्नों की तरह बरस रहा है।
- 11:58बड़ा प्यारा माहौल है, अगर क्रोध है, तनाव है, अगर अहंकार है, वहीं
- 12:11तो जरूरत होती है। मुझे लोग कह सकते हैं आपको बोलने
- 12:22की आवश्यकता है, कोई शोक नहीं, कोई वासना नहीं, कोई कर तो।
- 12:36फिर भी आप रिस्क कदम क्यों उठाते हैं?
- 12:39मैंने कहा रिस्क यहाँ होता है जीसको तुम रिस्क कहते हो, वह 1
- 12:49दिन दबे पांव आ ही जाता है। ओगी गुम।
- 12:56जिसे हम किस किस यत्न से निकाला था इस दिल से दूर।
- 13:16औचक कयामत की चाल लग गया औचक कयामत।
- 13:30की चाल गया वैशाख अंक काया गया होगी।
- 13:49जिंदगी का साला गया विश्राम उनका ख्याल।
- 14:10जीसको तुम रिस्क कहते हो, गाहे बगाहे देर अबीर वह आ ही गया।
- 14:17कब तक चालू, कब तक मशरूम खाओ? 1 दिन मुँह खुलना बंद हो जाएगा 1
- 14:27दिन भीतर का सारा सिस्टम ठहर जाएगा, फिर मशरूम पचायेगा कौन
- 14:40लिफ़ाफ़े बाजी से कभी सत्य तय नहीं हुआ करती।
- 14:49इसलिए मैं सदा ही राजनीतिक लोगों से कहता हूँ।
- 14:56अगर राज़ करने की इच्छा है तो संत से स्याना कोई नहीं होता।
- 15:05सबसे पहला झूठ बोलना बंद करो। शक्ति को अपनाना शुरू करो पतंजलि
- 15:12ने अष्टांग योग में यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार,
- 15:18धारणा, ध्यान, समाधि का यम का पहला अंग बताया।
- 15:22सत्य, अहिंसा, अस्त, ब्रह्मचर्य प्रिय रखा।
- 15:27शोध, संतोष, तप, स्वाध्याय, ईश्वर, प्राणीधान बुध ने भी सत्य
- 15:34से शुरू किया सत्य, अहिंसा, अस्थ्य, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह,
- 15:40महावीर ने भी सत्य, अहिंसा, अस्थ्य, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह।
- 15:48तुम उलते चलते हो, दुर्घटनाएं हो जाती हैं, स्वभाविक नहीं है,
- 15:59लाजिम में होंगी ही क्योंकि तुम उलते चलते हो।
- 16:05सीधे चलो आँखें सामने होती हैं, सिर के पीछे नहीं होती, उलटे
- 16:14चलोगे तो अक्सीडेंट विल है फ़ोन। तुमने कहा पुत्र मेरे घर में
- 16:29प्रेम है ही नहीं, बड़े मज़े की बात है और इसे प्रेम के पुष्पों
- 16:37से फल वित कर और इस नरक रूपी घर को।
- 16:44पुष्प की सुगंधि से महकायत कर दें और ज्यादा मशक्कत भी नहीं लगेंगी।
- 16:56बस तुम्हें आगाज करना होगा। तुम प्रेम को फैलाना शुरू करो,
- 17:09तुम निर अहंकारी होना शुरू करो और निर अहंकार का फल सफर तुम्हें
- 17:18मिलेगा नतीजा तुम्हें मिलेगा तुम शांत होना शुरू हो जाओ।
- 17:24यह मैं प्रैक्टिकल की बात करता हूँ।
- 17:27किताबों में लिखी लिखाई किसी की सुना सुनाई बात मैं नहीं किया
- 17:33करता। अब हम ही शुरुआत कर।
- 17:41जब घोर अंधकार होता है तो किसी को तो दिया बनना ही पड़ता है और
- 17:53मनुष्य की यह कमजोरी है कि मनुष्य कहत है कि सामने वाला दिया बन।
- 18:02फिर उसके दिये के लो से मैं बाती उड़ा लूँ और मैं भी प्रज्वलित हो
- 18:07जाऊं नहीं। सारी दुनिया यही सोच रही है इसलिए
- 18:14इतना गहरा अंधकार है। इस अंधकार का नष्ट करना होगा।
- 18:25तमसो मा ज्योतिर्गम है? तमस से ज्योति की ओर निकलना होगा,
- 18:33दुर्गंध से सुगंध की तरफ निकलना। गटर से पुष्प पल्लवित होना
- 18:41पड़ेगा। बाग, बगीचों को जन्म देना होगा।
- 18:46सुगंधमान पुष्पों से युक्त बगीचे। लगाने होंगे, गुलस्ता पैदा करने
- 18:57होंगे। अगर कोई नहीं है प्रेम लेने वाला
- 19:10तो तुम ही शुरुआत कर लो बेटे से तुम बड़ी भाग्यशाली हो।
- 19:19और तुम पाओगी आज तुमने ये कहा कि मेरा कोई नहीं है जीसको अपना
- 19:29मानती हूँ, वही बेगाना निकल जाता है।
- 19:36फिर तुम पाओगी आहिस्ता आहिस्ता तुम्हारे आस पास प्यार करने वाले
- 19:44लोग तुमसे प्रेम मांगेंगे? और तुम प्रेम की वो दरिया हो जो
- 20:01कभी चुकता है। प्रत्येक मनुष्य प्रेम का दरिया
- 20:06है, लेकिन इस भाँति से मूर्ख है। कि वह इस प्रेम के दरिया से अपना
- 20:19कनेक्शन जोड़ता नहीं और उस प्रेम की सुगन्ती को बाहर फैलाता नहीं।
- 20:28इसलिए दुनिया आज तुम्हें इतनी। दुख दाई भयंकर नजर आती है, सब
- 20:43सुंदर है, इतना सुंदर है जिसकी महिमा कहीं नहीं जा सकती और तुमने
- 21:00ही अपने हाथों से इसे। हमने ही अपने खून से बक्सा, गुरों
- 21:10को रंग हमने ही अपने खून से बक्सा, गुरों को रंग हम ही शरीर
- 21:18के जश्ने। रोना धोना बंद करो पुत्र और हम
- 21:29निकलते हैं प्रेम की उन पथरी ली पग डंडियों पे।
- 21:38जहाँ कोई फूल नहीं खेलता और एक जो चलोगी तो धीरे धीरे पांव शुरुआत
- 21:55एक से ही हुआ करती। ज्योत से ज्योत जलाते चलो, ज्योत
- 22:12से ज्योत जलाते चलो प्रेम की गंगा।
- 22:22बहाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो राह में आएज़ुद्दीन दुखी।
- 22:42राह में आए जो दीन दुखी, सबको गले से लगाते चलो प्रेम की गंगा।
- 22:58बहती चलो प्रेम बंटने से अनंत गुणा हो जाता है पुतरे जो चाहो धन
- 23:18रहे बढ़ता तो धन वालो बनो दानी यह सुगंधित की बात कर रहा है।
- 23:26जो चाहो धन रहे वड़ता तो धन वालो वनो दानी कुंए से घर जल न निकलेगा
- 23:33तो सड़ जाएगा सब पानी कुंए से जल पुलिस से शुद्ध जल नीचे से आता
- 23:45रहेगा जल की कोई कमी। उस विराट की सृष्टि में तुम चाहे
- 23:50जल की एक बूंद न बना सकते हो, लेकिन वह तो विराट सृष्टि की सृजन
- 23:56कर दिया और रोज़ कर रहा है। वैज्ञानिक कहते हैं कि ब्राह्मण
- 24:02रोज़ फैल रहा है, फैलेगा ही भाई। जब क्रिएटर रोज़ क्रिएशन कर रहा
- 24:08है तो फैलेगा नहीं तो और क्या करेगा?
- 24:14वह कभी अपना क्रियेशन का काम बंद नहीं करता, कभी आलस नहीं करता,
- 24:19कभी लेज़ीनेस नहीं करता, वह बनाए ही चला जाता है।
- 24:28मेरे पास ही यहाँ बैठ जाता है, बात में भी करता रहता है करीएशन
- 24:38भी करता रहता है मजेदार बात। तुम भी ऐसा ही करो, कोई तो शुरुआत
- 24:51करेगा अन्यथा बिना जले दिये एक दूसरे के मुख को निहारते रहेंगे।
- 25:00पहले ये जले फिर मैं जलूँ। ये तुम्हारा अंहकार बोलता है
- 25:06पुत्तर, पहले तुम जा लो, ब्रेकफास्ट सो जैसे लोग आ जाते है
- 25:24बाबा झगड़ा है। क्या झगड़ा है मुझे बता देते हैं।
- 25:29मैंने कहा ये तो कोई झगड़ा नहीं है, यह तो सुलझा हुआ मसला है।
- 25:39झगड़ा तो सिर्फ अहंकारों का है फिर ये सॉल्व कैसा होगा?
- 25:44मैंने कहा अहंकार अहंकार को झुकाना चाहता है।
- 25:47तुम झुक जाओ, मैं झुक जाओ, बिलकुल झुक जाओ, एक को तो झुकना ही
- 25:56पड़ेगा अनीता ट्रम्प की तरह कहोगे देखते ही गोली मार दो।
- 26:07समाज की बात है रिचेस्ट कंट्री ऑफ़ दवा के लोगों ने ऐसा महामूर्ख
- 26:17पाकर राष्ट्रपति के रूप में चुन लिया और किसी की जरूरत नहीं?
- 26:2636,00,00,000 रोगों में से पेस्ट की गर्दन को पकड़ के दबा दो।
- 26:42यह कोई न्याय है? अमेरिका कहता है ईरान से कि तुम
- 26:53अनुपम बनाओ। तो मैं पूछता हूँ अमेरिका से
- 27:02तुमने क्यों बनाया? यही अहंकार आड़े आता है मैं तो
- 27:12ईमानदार हूँ मैं तो इसका दुषप्रयोग नहीं करूँगा, तुम ही तो
- 27:17गई मान। और किसी मूर्ख ने भारत में एटम
- 27:24बंप तो है पाकिस्तान में एटम बंप तो है ओह महामूर्ख उत्तर कोरिया
- 27:31के पास उसमोटु ग्राम के पास। सबसे ज्यादा बीज आईव हैं।
- 27:40पुतिन के पास संसार में एक मात्र मुल्क है जिसने कभी नगासाकी
- 27:50घेरोसीमा प्रबंध कराया था उल्टा चोर कोतवाल को।
- 27:57यही तो भय होता है। चोर में चोर अपनी लूटी हुई संपदा
- 28:02की रक्षा बड़ी सतर्कता से करता है क्योंकि वह जानता है कि लूट भी
- 28:10लिया जाएगा। खजाना उसको पता है क्योंकि उसने
- 28:14लूटा है। कहाँ जा रहा है तू है जानवर कहाँ
- 28:30जा रहा? अँधेरा है, मन का दिया तो ज़रा ले
- 28:45कहा ज़रा है तुम है। जान वाले अँधेरा है मन का जी हाँ
- 28:59तो जला ले कहाँ जा? रहे हो?
- 29:08योगी आदित्यनाथ कहते हैं गोली मार दो।
- 29:18तो फिर ये न्याय बालिकाएं जा के मारने को खोली थीं।
- 29:25इनका क्या काम है? अगर तुमने ही न्याय करना है पर यह
- 29:31कोई न्याय? अगर किसी ने अपराध किया जिसका काम
- 29:41उसी को साजे और करे तो ठेंका वाजे इस गुरु घंटाल को यही नहीं पता।
- 29:51इसको घंटे खिड़कने आते हैं गौरवपूर्ण।
- 29:57न्याय होता क्या है? विवेकानंद खून मांग रहा है और
- 30:10सुभाष चंद्र वो शांति का संदेश प्रकाश कर रहा है।
- 30:20देखो योगी की अक्ल गई भैस बेचकर घोड़ी लई दूध पीन हो गया और लदी
- 30:31चकणी पे ऐसे मूर्ख आदमी हमने गदियों पे बिठा दी।
- 30:42जहाँ से व्यक्तित्व का जन्म हो ना उन विश्वविद्यालय से उन पाठशालाओं
- 30:50से हमारी समझदारी देखो, हमारी मूडताएँ देखो।
- 30:59वहाँ हमने चांसलर, वाइस चांसलर ऐसी गंदी संस्था के लोग बैठा दिए
- 31:09हैं। आरएसएस के सभी बड़े बड़े
- 31:15विश्वविद्यालय। तुम देश में शांति स्थापित करना
- 31:24चाहती हो। आरएसएस की विचारधारा अगर गलती से
- 31:31भी तुम्हारे हाथ में कभी सत्ता आ जाए।
- 31:38तो सभी की दौलत को इकट्ठा करके धीरे धीरे कुछ एक व्यक्तियों को
- 31:42दे देना और फिर वक्त पड़ने पर इलेक्शन के वक्त उनसे ले लेना।
- 31:58बांट देना तुम जीत जाओगे क्योंकि धन सबसे बड़ा प्रलोभन धन को लूटने
- 32:08के लिए है। तो डाकू कैसा होता है धन को लूटने
- 32:11के लिए चोर उचक के रात को निकलता है।
- 32:16धन को लूटने के लिए ही राजनीतिक राजनीति में आता है।
- 32:23सेवा क्यों करना चाहता है सेवा तो बोलने की बात है करने की बात
- 32:32थोड़ी। एपस्टीन कांड के अभियुक्तों ने
- 32:48ईएमओ का नाम बदलकर सेवा तीर्था दी है।
- 32:54इस तीर्थ में को नहीं जाना चाहिए। तीर्थ में स्नान करने का मौका
- 33:01किसी और को भी तो दे दो। सभी चाहते हैं भाई तीर्थ में
- 33:09स्नान करके पाप मुक्त होना कौन नहीं चाहता और पाप तो सभी करते
- 33:14हैं। कोई जनता से वोट लेके शक्ति
- 33:19संग्रहित करके अपने साथ सुंदर स्थिरों को सुलाते हैं, प्रलोभन
- 33:26देते हैं कि मैं तुम्हें मिनिस्टर बनाता हूँ, राते मेरे साथ गुज़ारा
- 33:34करो। अन्यथा ऐसी ऐसी औरते तो है एमपी
- 33:42बनाती है जो ये नहीं जानती कि हिंदुस्तान की आज़ाद है।
- 33:4810,00,000 लोगों की गर्दनों को कटवाकर उनके परिवारों की व्यथा से
- 33:53युक्त। लघु से संपन्न इस धरती को आजाद
- 33:59कराया। उसको तो आजादी 2014 में मिली है।
- 34:05प्रथम बात मोदी जी की शयनशैगप। मोदी जी कहते हैं जब परमात्मा ने
- 34:28मेरा निर्माण किया तो परमात्मा के आईटी वशिष्ट उन्होंने मेरे अंदर
- 34:40एक ऐसा यंत्र फिट कर दिया। जो छोटी बात को शोषित नहीं मैंने
- 34:47कहा बड़ी बेमकर गलती करता कल्पना मैं छोटी नहीं कर सकता, सदा ही
- 34:53बड़ी कल्पना करूँ। मैंने कहा फिर धराते पर कब आओगे?
- 35:02अगर कल्पनाओं के आकाश में उठते रहोगे तो फिर पुत्र विकास नहीं
- 35:08होगा, विनाश ही होगा ना घर में विकास कर पाओगे, ना देश में विकास
- 35:14कर पाओगे। सिर्फ तुम अगला चुनाव जीतने की
- 35:19तैयारी करोगे? और भूल मत जाना पुत्र मेरी बातों
- 35:24को पहले तुम लोकसभा को जीतने का अब तुम स्टेटस को जीतने का और
- 35:35वक्त आएगा कि तुम म्यूनिसिपैलिटी नगर निगमों को जीतने की।
- 35:41ब्यबस्था बनानी है क्या इसी को? ज़िन्दगी।
- 35:55का? मर्दबा पी गयी बिन तो ल मर्दबा पी
- 36:29गयी बिन तो ल। मन मस्त हुआ फिर क्यों बोल?
- 36:58अनसपायो अनसपायो मानसरोवर तालकले। मन मस्त हुआ फिर क्यों हो गया?
- 37:25तो मोदी जी कहते हैं कल्पना छुट्टी में कर नहीं सकता हमेशा
- 37:32असमानी हवाओं में उड़ान भरता हूँ। लेकिन पुत्र समस्याएं तो धरातल पर
- 37:42हैं और प्राइम मिनिस्टर आसमान की उड़ानें भर रहा है।
- 37:52भला ये गैप भरेगा कौन? धरातल पर रहने वाली समस्याओं से
- 37:58युक्त नागरिक को धरातल पर रहने वाला प्राइम मिनिस्टर चाहिए।
- 38:08तुम तो धरातल पर कभी रहते हैं, तुम तो छोटी बात कभी सोचते हैं।
- 38:17और तुमने आइकॉन बनकर कितने पागलों को अपने पीछे लगा लिया है, वो भी
- 38:23ऊंची सोच सोचते हैं और कल्पनाएं यथार्थ नहीं होतीं, कल्पनाएं झूठी
- 38:33होती हैं। कल्पनाएं मन का दिल हैं, कल्पनाएं
- 38:39धोखा हैं, कल्पनाएं सत्य तक पहुंचाती नहीं हिंदू धर्म को।
- 38:46इसलिए तो मैं कहता हूँ कि हिंदू धर्म को मानने वाला व्यक्ति कभी
- 38:49परमात्मा को प्राप्त नहीं कर पाए क्यों?
- 38:53क्योंकि कल्पना से परमात्मा तक जाने का सत्य तक जाने का कोई
- 38:56रास्ता ही नहीं है तो आई टी के दो सपैसर रिश्ते थे।
- 39:08मोदी जी ने एक यंत्र फट कर दिया। ये छोटी कर्पण मोदी जी नहीं कर
- 39:14सकते। और एक चीज़ निकाल ली कुछ तो
- 39:20निकालोगे ना भाई, अगर कुछ चीज़ फिट करोगे तो कोई पुर्जा निकालना
- 39:30भी तो पड़ेगा उसको स्थान के ऊपर कुछ जगह खाली तो करनी पड़ेगी जहाँ
- 39:36पर कल्पना की हो। पुर्जा लगा दिया गया वहाँ से कुछ
- 39:41तो निकाला होगा हाँ तो क्या निकाल लिया?
- 39:50शर्म निकाली है अब तो मैंने गालियां दो।
- 39:58जूतों से पीटो, मौके पर थोको कितना ही कुछ करते जाओ उन आई टी
- 40:06स्पेशलिस्ट वालों ने मैं तो जानता हूँ मैं जानता हूँ कि किस कदर
- 40:15उड़ान है इनकी। मेरे ही हाथ के छोड़े हुए परिंदे
- 40:23मेरे ही तो स्पेशलिस्ट हैं, वो मैं ही तो मालिक हूँ।
- 40:33उन्होंने वो मुर्जा फिट कर दिया लेकिन फिट करने से पहले कुछ
- 40:37निकालना तो था। उसी जगह तो भेंट करना था वह जो
- 40:42निकाला वो था शर्म हया वो मानने वाला पुर्जा और अब तुम इन्हें
- 40:49गालियां निकालो, खुद भी कहते हैं, मैं तीन किलो गालियां निकालता
- 40:52हूँ, खाता हूँ। हालांकि गालियों का कोई वजन होता
- 40:58है। कभी कोई बता सकता है कितनी भारी
- 41:00गाली होती है पांव भर की थी शेर भर की थी मन की थी टन की थी, तीन
- 41:08किलो गाड़ी की थी ऐसे काम क्यों करते हो लोग गालियाँ निकाल?
- 41:16ऐसे काम क्यों नहीं करते कि लोग आपसे प्रेम करते, लेकिन प्रेम
- 41:27करने वाला चेहरा कहाँ से लेके आओगे?
- 41:33तुम्हारे तो रोम रोम से बदबू आती है।
- 41:39उस मान्य ग्रंथी की वधू, जो कोई संत वृक्ष देता है, साधारण जीव की
- 41:47समझ में आती नहीं उनके पास वो नासा पुटे नहीं, वो आँखें नहीं जो
- 41:52देख सके कि तुम जहाँ जाओगे वहाँ विनाश हो जायेगा।
- 41:55जय हैं, जय हैं, चरण पड़े संतान के।
- 41:58तहे तहे भयो अविनाश तो कोई बात नहीं, हम इंतजार करेंगे, कयामत तक
- 42:06खुदा करे की कयामत हो, हम भी इंतजार करेंगे।
- 42:16कि तुम बिलकुल इस धरती को हिंदुस्तान की इस भूमि को विनाश
- 42:23के उस कगार तक ले जाओ जहाँ तुम्हारे ही भक्त जूतियां निकालने
- 42:30और 1 दिन ऐसा आएगा। कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, कुछ
- 42:45तो मजबूरियां रही होंगी, यूं ही कोई बेवफा नहीं होगा जब इनको खाने
- 42:53के लाले पड़ेंगे। तो फिर ये अपने पांव की ज्योति का
- 42:59नंबर देखें। सत्य बोलने वाले के ऊपर ऐफ़ आई आर
- 43:09लॉस में है। इनके अहंकार को चोट पहुंचाने वाला
- 43:16व्यक्ति देशद्रोह हो। के।
- 43:21मुकदमे में घसीट लिया जाता है। जैसे मोदी न हुआ, देश हो गया जैसे
- 43:29अमित है न हुआ देश हो गया। अरे भाई तुम वही हो जिनको सुप्रीम
- 43:37कोर्ट में। ऐसे व्यक्ति घोषित कर दिया था
- 43:42तुम्हारे चेहरों पर कार्य पोती गई थी कि ये व्यक्ति सभ्य समाज के
- 43:49लिए एक अभिशाप है। वह मान्यवर अदालत का फैसला क्या
- 44:00गलत था, वह फैसला देने वाला क्या पागल था?
- 44:04उसके दिमाग की हालत ठीक नहीं थी। क्या कुछ सोच समझ कर की फैसला
- 44:10दिया। पुत्र अगर चारों तरफ नफरत ही नफरत
- 44:20है तो ध्यान रखना नफरत फैलाने वाले लोग हैं, ऐसे ही नफरत नहीं
- 44:31फैला करती। ऐसे ही फूल तो खुशबू दिया करते
- 44:35हैं। जब फूलों की खुशबों को हटा दिया
- 44:39जाता है, वहाँ से गट निकाल दिए जाते हैं।
- 44:45तो फिर मोहन भारत कहेंगे तीन बच्चे पैदा करो और हमे सौंप दो
- 44:53काहे के लिए? हम उनको भैर द्रोह दुष्टता का पाठ
- 45:02सिखाएंगे और वो माँ जिसने प्रसन्न पीड़ा सही थी, जिसने बच्चे का
- 45:11मलमूत्र किया था, स्नान करवाया था बड़े प्रेम से।
- 45:16जिसने घी मखन मिश्री से उसे पाला था, वह तुम्हारे गुंडों की बलि
- 45:22चढ़ जाएगा और तुम सबसे बड़े गुंडे हो।
- 45:27मोहन भागवत। ये है गुंडों की जमात, तुम्हारे
- 45:38आदि गुरु को कांग्रेस ने निकाल दिया था धक्के मार्क तो मैं नहीं
- 45:47हैडगा मार्क 1925 तक। वो कांग्रेस में थे, लेकिन शरारती
- 45:55बातें इनकी नफरती बातें रास नहीं आईं।
- 45:59कांग्रेस को कांग्रेस ने कहा आप बाहर जाइए, आपका बड़ा धन्यवाद।
- 46:08बाहर चले गए। जैनेसी से बनाई गई यह आरएसएस
- 46:17जैनेसी ही बिखेर रही है। तब से यह पौधा पल्वित हो रहा है।
- 46:26पुष्प। पल्वित हो रहा है, फल रहा है, फूल
- 46:35रहा है आज वो मुकाम आ गया कि तुम मनुष्य को मनुष्य की तरह नहीं देख
- 46:45सकते। तो मनुष्य को हिंदू की तरह देखते
- 46:48हो या मनुष्य को मुसलमान की तरह देखते हो?
- 46:54मुझे कल ही कोई कहने लगा। दूसरा प्रश्न बाबा ये भविष्य में
- 47:02लिखा में लिखा है कि 26 के अंदर। सब अनिष्ट हो जाएगा।
- 47:13आप क्या कहना चाहते हो? भविष्य मल्लिका के बारे में बहुत
- 47:18से विद्वान रोज़ बोलते हैं। सुसाइड स्वर आ रहे हैं बाबा जी?
- 47:29फीलिंग ब्रोकेन मेरे घर में प्यार नहीं, ना कोई समझना चाहता है तो
- 47:38तुम ही समझ जाओ बैठे सबसे पहले दिया सलाई से।
- 47:46एक दिया जलाना होता है। हम दीपावली के वक्त जलाते हैं और
- 47:52फिर उस दिए की भांति से सभी दिए पर जरूरत कर लेते हैं।
- 47:59दूसरों को छोड़ो पुत्रे तुम्हीं मार्गदर्शक बन जाओ अप दीपो भव।
- 48:10और तुम्हारे जलते हुए चिराग से दूसरे दिए भी अपने आप को रोशन कर
- 48:17देंगे और सुसाइड तुम करना चाहती हो।
- 48:25गर्वतफहमी में हो पुतरे सुसाइड कभी इस धरती पर कोई व्यक्ति कर ही
- 48:30नहीं सका। कभी कोई व्यक्ति सुसाइड कर नहीं
- 48:39सकता। इम्पॉसिबल टु कमिट सुसाइड।
- 48:49क्योंकि तुम जिसे मारते हो वह शरीर तुम हो नहीं कुछ यही झगड़ा
- 48:59है तुम्हारे कष्टों का यही क्लेश का मुख्य कारण।
- 49:06काश तुमने संतों के वचनों को सुन लिया?
- 49:20नो दया सेल्फ रिमेम्बर योरसेल्फ, हू आर यू?
- 49:33तो तुम्हारी सभी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।
- 49:38दर्द से लेकर अभाव तक पीड़ा, कष्ट, क्लेश, दुश्मनी सब समाप्त
- 49:47हो जाती हैं। जीस घड़ी कोई व्यक्ति अपने आप को
- 49:55जानता है, वो फैलना शुरू हो जाता है पहले जानता है कि मैं लिमिटेड
- 50:10नहीं। फिर वो लिमिटेड से अपनी हदूस
- 50:17बढ़ाता है, फैलाव शुरू हो जाता है, उसका स्वयं का और बढ़ता बढ़ता
- 50:27वो 1 दिन बराठ हो जाता है, लिमिटलैस हो जाता है।
- 50:33इस लिमिटलेस की अवस्था में आकर कृष्ण बोलते हैं सर्वधर्माण
- 50:42प्रतिज्य महामीकम शिवरमबर अहम् तो हम सर्वभपापे भमोक्ष स्वामी।
- 50:51मैं तेरे पापों को हर का मुक्त कर चुका हूँ।
- 50:56पाप का कारण है अज्ञान अज्ञान यानी के तुम शरीर एक मात्र सीधी
- 51:04सरल बात तुम्हें बधाई देता हूँ। बस एक बात जान लो एक साथ है सब
- 51:12सदय सब सदय सब बजाएं तुम धन को भी सत्य हो, डिग्रीज़ भी लेते हो,
- 51:19नॉलेज भी इकट्ठी करते हो, सूचनाएं भी और मान सलमान की इच्छा भी रखते
- 51:27हो। तुम हर तरफ हाथ फैलातें हो, हाथ
- 51:33कुछ नहीं लगता। सूरज को छूने निकला तो।
- 51:52आया हाथ अँधेरा कोई नहीं है मेरा। सब के ये रहते हैं लगता है ऐसी
- 52:24कोई नहीं है मेरा। कोई नहीं है में सूरज को।
- 52:43आकांक्षा का बहुत बढ़िया। छूने निकला था आया हाथ अंधेरा कोई
- 53:03नहीं है। तुम कहती हो पुत्री विचार आते हैं
- 53:14सुसाइड करने के, अब तो घबरा के ये कहते हो कि मर जाएंगे ये मुझे
- 53:20करोड़ों रूहें सुन रहीं हैं। इनको यही गलत बेमिता के मर
- 53:25जाएंगे। तो मुक्त हो जाएंगे।
- 53:31अब पता चला कि हम गलत थे। अब तो घबरा के ये कहते हो कि मर
- 53:40जाएंगे, घर मर के ही चैन न पाया, फिर कहाँ जाएंगे?
- 53:48अब ये मरकर भी चैन नहीं पाता। नाथूराम गोडसे आज मेरे परोसे को
- 53:53सुन रहा है, उसे गर्व नहीं मिलता। ज़रा देखिए प्रकृति कैसी नहीं कर।
- 54:07जो राम राम राम करता करता तीन गौरियों का शिकार हो गया, पर
- 54:15महात्मा ने उसकी सारी वीडियो काट दी।
- 54:19परमात्मा ने कहा कि तुमने रोल नभाया जनता की वीडियो को काटना।
- 54:26और इसने उस व्यक्ति को मार दिया जिसका कोई कसूर नहीं।
- 54:30था। जो किया था निर्लिप्त भाव से किया
- 54:34था, ने स्वार्थ भाव से किया था जितना हो सका किया था, जो था वो
- 54:39छोड़ दिया था। अपना वकालत का सूट महात्मा गाँधी
- 54:48ने ड्रंक में रख दिया था, बंद करके लंगोट पहन लिया था।
- 55:00भला तुम महात्मा गाँधी की एक भी बात को अडॉप्ट कर सकते हो।
- 55:15लेकिन जिन्होंने तुमको इतना पागल बना दिया, उन्होंने तुम्हारी
- 55:21जिंदगी को गड़का दिया। यह मानव जन्म मेला था उस
- 55:29उच्च्वस्त कैन्सेस्नस की। 100% कॉन्शसनेस की उस उचाई को
- 55:38छूने के लिए जहाँ प्रेम ही प्रेम बरसता है।
- 55:42इन लोगों ने तो आगाज ही नफरत का कर दिया।
- 55:48नफरत से कभी प्रेम के बीज उगा नहीं करते।
- 55:52नफरत से कभी सुगंधित फूल खिला नहीं करते।
- 55:58बबूल में कभी आम के पेड़ लगा नहीं करते।
- 56:07हम तो डूबे हैं सनम, आपको भी संग ले डूबेंगे।
- 56:15इस विचारधारा के लोग आज धरती पे राज़ कर रहे हैं और वह राज़ नहीं
- 56:22कर रहे हैं। तुम्हें देखने में लगता है वह
- 56:26बहुत दुखी लोग हैं। घट घट के अंतस की जान अर्थ?
- 56:36भले भूरे की पीर मैंने इनके ही भीतर के अनकॉन्शियस कोलेक्टिव
- 56:50अनकॉन्शस माइंड में जाकर देखा है। यार वरी आईनाड पर्सन्स बहुत दुखी
- 56:58लोग हैं जी ये मर भी नहीं सकते, ये जी भी नहीं सकते।
- 57:06जीना तो होता है प्रेम की उन घड़ियों में जो अमृत के स्वाद से
- 57:13युक्त होते। वो भले ही छोटी क्यों ना हो लेकिन
- 57:21स्वादिष्ट बड़ी होती है। लंबी लंबी उमरिया को छोड़ो।
- 57:36लंबी लंबी उमरिया को छोड़ो, प्यार की एक घड़ी है बड़ी।
- 57:52प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी जिंदगी की न टूटे लड़ी प्यार कर ले घड़ी
- 58:10दो घड़ी। यह जीवन का आगाज सही है और आरएसएस
- 58:17के जीवन का आगाज जहरीला और बबूलों में कभी आम खिला नहीं करते।
- 58:29तुम लाख कोशिश करो, लाख खाद दो पानी, दो सूरज कुछ भी यत्न कर लो
- 58:40एक बार नफरत का बीज बोया गया। रही मन धागा प्रेम का मत तोड़ो
- 58:50चटकाय प्रेम के धागे को चटका के तोड़ो मत दो क्योंकि फिर जोड़ना
- 58:57बड़ा मुश्किल होगा। रही मन धागा प्रेम का मत तोड़ो
- 59:03चटकाय। टूटे से फिर नहीं मिले मिले गांठ
- 59:10पड़ जाए तुम मिला तो दोगे उसे गांठ मार्ग, लेकिन जब हमारे हाथ
- 59:17फिरेंगे इसके ऊपर से तो पुत्री गांठ लड़केगी।
- 59:25ये सखाते हैं, ये सवस्थ नहीं तुम आए किसलिए थे तुम अभी कच्चे होते
- 59:37हो अन्राइव पॉइंट माइक परिपक्व मन नहीं।
- 59:43तभी तुम्हें मदरसा वाले अरसे वाले खींच लेते हैं।
- 59:47अपनी तरफ वो इस्लामियत के बीज बोते हैं जबकि उसमें इस्लाम नहीं
- 59:54होता। यह सेवकाई के बीज बोते हैं लेकिन
- 1:00:00इसमें हनुमान की सेवकाई नहीं होती।
- 1:00:04इनमें दुष्टता होती है, उसमें जहर होता है और दोनों ही समझते हैं कि
- 1:00:12हम बड़े धार्मिक हैं क्षमा करना तुम धार्मिक नहीं तुम पागल हो,
- 1:00:21तुम बेईमान हो। तुम अपने को ही धोखा देते हो,
- 1:00:26क्रोध और बदले की भावना और हिंसा की आग पहले व्यक्ति को खुद ही
- 1:00:34जलाती है, जो व्यक्ति फैलाता है इसलिए इनके चेहरों पर देखना।
- 1:00:4212 बजकर पौनी 4 मिनट मिलेंगे। हर वक्त क्यों बात अलग है?
- 1:00:51के माल अच्छा खाते हैं। तुम दिन भर रात खून का पसीना
- 1:00:58बनाकर इन्हें टेक्स्ट देते हो। और ये समझते हैं कि बढ़िया माल
- 1:01:08मिल गया, इन्हें पता नहीं दूसरे की मेहनत की कमाई से लाया गया फल
- 1:01:15विख्यात फल दिया करता है। अपनी ही मेहनत से कमाया गया फल
- 1:01:21मीठे फल दिया करता है। ये पैसे को देखकर समझते हैं।
- 1:01:28क्या सात पुश्तों का खजाना मिल गया?
- 1:01:36उनके आने से आती है चेहरे पर रौनक उनके आने से आती है चेहरे पर रौनक
- 1:01:49वो समझते हैं कि मरीज़ हाल अच्छा है।
- 1:01:59तुम पैसे का अंबार देखकर समझ लेते हो आह, लेकिन तुम्हें वो बल याद
- 1:02:05नहीं होता जब तुम धड़म से धरती पर गिर पड़ोगे।
- 1:02:12तीसरा प्रश्न भी साथ ले लें। कृष्ण कहते हैं, मैं और अहंकारी
- 1:02:20भी कहता, मैं इन दो मेयों में फर्क क्या है?
- 1:02:24मैं बोल चुका हूँ पुत्र लेकिन फिर बोल देता हूँ।
- 1:02:33कहने की बातें तुम ऐसा समझो कि कद्दू के ऊपर अनार रख लो, अब
- 1:02:47कृष्ण बोलेंगे कि कद्दू के ऊपर अनार है, अनार ऊँचा है।
- 1:02:56और कबीर बोलेंगे नानक बोलेंगे, अनार के नीचे कद्दू है, वो नम्रता
- 1:03:03की भाषा बोलेंगे और कृष्ण स्वाभिमान की भाषा बोलेंगे।
- 1:03:14अहंकार की भाषा दोनों में से कोई नहीं बोलेंगे।
- 1:03:18वो स्वयं अभिमान की भाषा बोलेंगे, जो हैं उनको सख्त रूप से प्रकट
- 1:03:22करेंगे। शब्दों में कबीर नमनता की भाषा
- 1:03:31बोलेंगे क्योंकि भक्त है। दोनों ने एक ही तल छुआ है।
- 1:03:44कृष्ण अनार की भाषा बोलेंगे। कद्दू के ऊपर अनार है, घटना वही
- 1:03:53है। दोनों ने वही केंद्र बिंदु छुआ
- 1:03:56है। व्याख्यायित करने के ढंग अलग अलग
- 1:04:00हैं वरुण विपरीत कृष्ण कहेंगे मैं हूँ और नानक कहेंगे तू ही है।
- 1:04:15कृष्ण कहेंगे मैं ही हूँ इन दोनों बातों में एक बात कॉमन है क्या एक
- 1:04:23ही है वो मैं हूँ या वो तो है इसलिए बाबा नानक ने कहा एक।
- 1:04:33और कृष्ण ने कहा अनन्या चिंतित तो माँ अहम तो हम सरबाबा बेभ्य मोक्ष
- 1:04:40श्याम बोलने का ठंग है। दोनों ने केंद्र वो ही छुआ है।
- 1:04:51कृष्ण अगर कहते हैं कि मैं ही करता हूँ, ऐसा नहीं है के कबीर
- 1:04:58ने, वो तल जाना नहीं, नानक ने वो तल जाना नहीं, मीरा ने वो तल जाना
- 1:05:02नहीं नहीं सभी ने वो ही तल जाना वहीं पहुँच।
- 1:05:10वो ही इकट्ठे बैठकर बतियाते हैं। एक ही केंद्र में तुम्हें दिखाई
- 1:05:16नहीं पड़ता, तुम जब उस स्थल पर जाओगे, पाओ के सभी ऋषि, मुनि,
- 1:05:24परमात्मा, अवतार, संत सब इकट्ठे बैठे।
- 1:05:29बैग डाल रहे होते हैं आनंद के तुम्हारे मंदिरों में तुम्हारी
- 1:05:43मस्ज़िदों में तो बायफरकेशन लेकिन कभी देखा।
- 1:05:56ठेकों पर कभी वाय प्रदर्शन होता है?
- 1:06:01मैंने ऐसे चार धर्मों के लोग देखे हैं जो एक ही सुराही से उसी
- 1:06:09सुराही से चार प्यालों में शराब भरते हैं और गटक जाता है।
- 1:06:13सुराही वही है, ऐसे ही पुत्र सुरहितु एक है तुमने जाम के नाम
- 1:06:23अलग अलग रख लिए बस सीता सा ही फर्क।
- 1:06:30यही कृष्ण कहते हैं कि इन जामों के नामों को हटा दो सर्वधर्माण
- 1:06:35प्रतिज्ञमा में का मिश्रण ब्रज एक सुराही की तरफ होलो जहाँ से ये
- 1:06:41बैग डलता है छोड़ो। लंबी लंबी उमरिया को छोड़ो, प्यार
- 1:06:59की एक घड़ी है बड़ी प्यार कर ले। घड़ी दो घड़ी केंद्र बिंदु एक है
- 1:07:19उसी से आता है रस और उसमें सभी धर्मों के पैगों में वही उलिखता
- 1:07:30है। तुम अलगाव समझ लेते हो, अलगाव है
- 1:07:36नहीं आता एक सुराही से भविष्य मलका के लोग सभी जहाँ से।
- 1:07:50एडिटर से कहूंगा कि यहाँ से अलग विषय बना ले।
- 1:07:58भविष्य मलका के लोग कहते हैं कि प्रलयकारी दृश्य देखने को
- 1:08:05मिलेंगे। पुत्र, जब नफरत की आग इतनी बढ़
- 1:08:13जाती है, ये संकेत होते हैं संकेत बता देते हैं लक्षण बता देते हैं
- 1:08:25कि वास्तविकता क्या है? ऐसे नफरती लक्षण बिनाशी तो पैदा
- 1:08:38करें। अब देखो ट्रंप कहता है वेन ज्वाला
- 1:08:47के नादरू को कहता है क्योंकि वो कमजोर है।
- 1:08:50उसको सोए पड़ो को उसकी गढ़वाली समेत उठा लेता है।
- 1:08:54उनको बिचारों को पता ही न्यूयॉर्क में चलता है।
- 1:09:09तो मिस्टर ट्रंप कहते हैं ये धक्केशाही गुंडा गर्दी, यह लूटपाट
- 1:09:25डाकू या डकैती चोरी, यह फिर क्या होती है इसकी पर भाषा करोगे।
- 1:09:34कैन यू डिफैन मी? अगर किसी सोये पड़े व्यक्ति को
- 1:09:44उसके घर से उठा लिया जाए, उसकी पत्नी ने ये गुंडागर्दी नहीं तो
- 1:09:51और क्या तुमने कभी ऐसी गुंडागर्दी देखी?
- 1:09:56और जब ऐसी गुंडागर्दी होनी शुरू हो जाए तो समझ लेना कि अंत आ चुका
- 1:10:05है। लंका के द्वार के ऊपर खड़ी हुई
- 1:10:13लकनी को भगवान शिव ने कहा। लंकनी ने कहा कि श्रीलंका का
- 1:10:22विनाश कब होगा? तो भगवान शंकर ने कहा मैं तुम्हें
- 1:10:31एक लक्षण बता देता हूँ। पुत्र बताइए प्रभु तो भगवान शंकर
- 1:10:40ने कहा। हे लंकणी जब तुम किसी बानर की
- 1:10:45मुस्तिका का प्रहार सहन न कर पाओ और बेहोश हो जाओ मूर्खित हो जाओ
- 1:10:52लंकणी बड़ी ताकतवर थी तब तुम समझ लेना कि लंका का विनाश करीब है।
- 1:11:03बस यही लक्षण हुआ करते जब किसी बैनर की मुस्तिका का प्रहार लकड़ी
- 1:11:17तुम सहन न कर सको और मूर्छित हो जाओ तब समझ लेना कि लंका का विनाश
- 1:11:23की वाकया। जब ऐसे गुंडे लुच्चे बदमाश,
- 1:11:31बेईमान डाकू लुटेरे जैसा मन में आया वैसे ही करने की जुर्रत करने
- 1:11:40वाले लोग पैदा हो जाते हैं। तो फिर परमात्मा किसी ना किसी में
- 1:11:47उतरा पड़ता क्या तुम पक्का कह सकते हो अय्यातुल्लाह अली खमने
- 1:11:56मारे गए पक्का कह सकते हो? मेरी मद्द मद्द मुस्कान देखकर
- 1:12:05अन्यथा मत कुछ समझ लेना तुमने उनका अंतिम संस्कार होते देखा है।
- 1:12:14अयातुल्लाह अली खूम ने जो 28 फरवरी को मारे गए थे।
- 1:12:21क्या वो वास्तव में मारे गए हैं? अब उनके पुत्र मौजूतबा अली कम
- 1:12:28नहीं जिसे मुस्तफा कम नहीं भी कहते।
- 1:12:3552 कमांडर मार दिए 52। अमेरिका के इन गुंडों मद्दों को
- 1:12:53उठा लिया सोए पड़ो यही लक्षण होते हैं, जब काले कच्छे बालों का
- 1:13:02प्रभाव बढ़ जाता है। जब डाकुओं का चोरों का प्रभाव बढ़
- 1:13:10जाता है, सरेआम सड़कों पर वो ही घूमते हैं और उन्हीं के चलते तो
- 1:13:18समझ लेना ये लगनें। लंका का विनाश आ गया है।
- 1:13:26यही भविष्य मलखा में लिखा हुआ है, लेकिन बाकी तो इन पंडितों की
- 1:13:33चतुराई से लिखा गया लूटने का कारण डंग है।
- 1:13:42अहंकार की पराकाष्ठा है ईरान अपना 440 किलो संवर्धित यूरेनियम हमें
- 1:13:55दे दे क्यों? क्योंकि हम तो बड़े ईमानदार हैं।
- 1:14:01यह अहंकार की बराकाष्ठ है दूसरों को बेईमान सिद्ध करने की
- 1:14:07सुनियोजित तरकीब तो फिर उनका क्या करोगे?
- 1:14:14उस मोटू का कद्दू बैठा है। सबसे पहले तुम्हारे उत्तर कोरिया
- 1:14:19का उसके पहले तो मेज के ऊपर बटन होता था, अब उसके हाथ में बटन
- 1:14:28होता है। परमाणु उसका क्या इंतजामा है?
- 1:14:32वह तो बिलकुल तुम्हारे गरीब है। इतनी दूर बैठे ईरान से और फिर जब
- 1:14:42तुम अकेले मुल्क हो, जिसने विध्वंस किया है और डर रहे हो,
- 1:14:49दूसरों से यह कायरों का। लक्षण है मिस्टर ट्रंप पाप तुमने
- 1:15:01किया लाखों लोग पलक जपते मारे गए हिरोशिमा, नागासाकी पर 1945 9
- 1:15:10अगस्त और 6 अगस्त को। पाप किया तुमने सजा मिले अन्न्यों
- 1:15:21को ये कौन सी किताब पढ़ी तुमने पुत्र कौन सी किताब पढ़ी तुमने?
- 1:15:33कौन सी यूनिवर्सिटी से तुमने ये मूर्खता की डिग्री ली है?
- 1:15:42ये है ईमानदारी की डिग्री तो है नहीं, ये है तो मूर्खता की डिग्री
- 1:15:48है या तो फिर दूसरी तरफ आ जाओ। सारी धरती ज्वालामुखी के ऊपर बैठी
- 1:15:57किसी भी वक्त फट सकता है। इन पागल बन्दों का क्या पता?
- 1:16:02सभी देशों पर पागल राज़ कर रहे हैं कौन कब हट जाए?
- 1:16:11तो फिर ऐसे करो वक्त भी है, मौसम भी सुहाना है, फिजाएं भी सुगंधित
- 1:16:21हैं, माहौल भी ठंडा है, आनंद की फौहार भी है।
- 1:16:30मिस्टर ट्रंप तुम्हें बड़ी तमन्ना है शांति नोबेल लेने की तो मैं
- 1:16:41तुम्हें एक ढंग बता देता हूँ जैसे कल मोदी जी को ढंग बता।
- 1:16:48के अपनी त्याग स्त्री को सेवा तीर्थ में बढ़ा दो सेवा तीर्थ
- 1:16:54निहाल हो जाएगा। अपने आपको भाग्यशाली मानेगा, ऐसी
- 1:17:00प्रतिब्रता स्त्री जिसने इतने साल तक तप किया।
- 1:17:06उसने आज इस धरा को निहाल कर दिया। ऐसे ही मैं तुमसे कहता हूँ मिस्टर
- 1:17:13ट्रंप अपने सारे परमाणु बम्बों को विनष्ट कर दो।
- 1:17:29धरती सुख का सांस लेगी तुम्हें नहीं पता व्यक्ति का कोलेक्टिव
- 1:17:36अनकॉन्शियस माइंड डरा हुआ है चेतन याद रखे ना रखे तुम चैन की नींद
- 1:17:43भी सो नहीं सकते क्योंकि। बारूद की सुरंग पे बैठे हुए कभी
- 1:17:51गहरी नींद नहीं आया करता। मनुष्य ने अपनी ही खबर खुद खोद ली
- 1:17:58और मैं तुम्हें ईमानदारी सा हाल बताता हूँ।
- 1:18:03अमेरिका के प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए।
- 1:18:07कि ट्रंप के गले में हाथ डाल ले, कॉलर पकड़ ले उसे कह के सारे 5000
- 1:18:15तुम्हारे पास आटा में कमा में सबको फूको आग लगाओ और एक जगह
- 1:18:21नुक्त करो। वहाँ सभी देशों से कहोगे जिसके
- 1:18:26पास जीतने जीतने हैं सब लेके आओ सब यहाँ फूको हमारी आदत सब संसार
- 1:18:36में शांति हो जाएगी और मिस्टर ट्रंप यू विल गेट दी नोवेल ऑफ़
- 1:18:41पीस। तुम कहते हो कि हम आराम से सो
- 1:18:47जाते हैं, तुम्हें पता नहीं यह मनुष्य का तंत्र बड़ा विकट है।
- 1:18:55इस मन को तुमने खोदा नहीं, संत खोल लेता है।
- 1:19:01तुम्हें पता नहीं कि तुम ठीक से सो नहीं पाते, आह को चाहिए एक
- 1:19:08उम्र असर होने तक आह को चाहिए एक उम्र असर होने तक कौन जीता है
- 1:19:15तेरी जुल्फ के सर होने तक? जब तक तुम इस बारूद को निस्तनाबूद
- 1:19:23नहीं कर दोगे, तब तक तुम ये सोचना भी नहीं के जो बच्चे को भी नहीं
- 1:19:30पता के आइटम बॉम्ब है या वह भी उसका कोलेक्टिव अनकॉन्शियस मैएंड
- 1:19:38डरा हुआ है। और सब के भीतर कुल अक्टिवानकों से
- 1:19:51और मिस्टर ट्रंप तुम इतना बड़ा पुण्य कमालोगे वो अलग परमात्मा की
- 1:19:58दरगाह, यू विल बी लेबर ऐट सच? ईसा मसीह की तरह अब तुम सिर्फ
- 1:20:16श्रेय मानते हो हिंदुस्तान पाकिस्तान का युद्ध रखवा दिया।
- 1:20:21शरीर तुम श्रेय मानते हो? राजनीतिक लोग?
- 1:20:26फिर मैं तुम्हें गारंटी करता हूँ कि तुम पूजे जाओगे, जो विल बी
- 1:20:34वर्शिप्ड ब्य ह्यूमन विंग्स, आज तुम इस श्रे के मारे मारे मर जाओ
- 1:20:45नहीं मिलता। फिर तुम्हारी पूजा होगी, तुम्हारे
- 1:20:49जीते रास्ता सही बतलाने वाला पुरु होना चाहिए, अन्यथा पागलों की कथा
- 1:21:03तो सगा ही लगती है? तुम शांति के नोबेल चाहते हो तो
- 1:21:12शांति के पुजारी बनना सीखो इस डकैती से इन विनाशों से तुमने 52।
- 1:21:24बड़े ऑफिसर ईरान के मार दिए, तुम्हारे चिड़ी भी नहीं मरा,
- 1:21:30गुर्रा फिर भी रहे अब तक मिस्टर ट्रंप अमेरिका ने पाप कमाए
- 1:21:42राष्ट्रपति चाहे कोई भी रहे। बस अब्राहम लंकन को छोड़कर एक वो
- 1:21:53ही ऐसा सेठ था जूं कीत्यु धरती नीचे दरिया बड़े जतन से ओढ़ी थी।
- 1:22:03जो बेदर्द गया यहाँ से यद्यपि उसे भी गोली से उड़ा दिया गया रास्ता
- 1:22:16रास्ता सीधा चलो जहाँ पहुंचना है वो रास्ता मैं बता ही देता हूँ ये
- 1:22:23मुझे पता है तुम्हारे अहंकार को जचेगा नहीं, लेकिन काश।
- 1:22:29धरती कितनी अपने आप को भाग्यशाली मानेगी अगर तुम इसे क्रियान्वित
- 1:22:37कर दोगे क्योंकि एक ही तो मुल्क है जिसने अभी तक इसका प्रयोग
- 1:22:42किया। वो अमेरिका है और तो किसी ने किया
- 1:22:45ही नहीं। और तुम शक दूसरों पे करते हो
- 1:22:54संवर्धित यूरेनियम मांगने वालों तुम मेरे फैसले पर एक रात गौर से
- 1:23:02विचार करना मत जानना एपिस्टीन के आइलैंड पर कौन कहता है?
- 1:23:13कि अगर तुमने तुम्हारी वास्तविक कक्षा है शांति पुरस्कार की नोवेल
- 1:23:19मिल जाएगा 100% गारंटी देता हूँ, मैं तुम अपने सारे अनु अस्त्रों
- 1:23:29शस्त्रों को समाप्त कर दो। जला दो राख कर दो ढेर कर दो माटी
- 1:23:35में मिला दो और तुम्हारी देखा देखी सभी मिटा देंगे, चैन की नींद
- 1:23:45सोएगा परतेक मान। वही होगी।
- 1:23:53सदियों की शुरुआत तुम्हें नोबेल मिलेगा और नोबेल के साथ साथ आने
- 1:24:05वाली जनता तुम्हारी पूजा करेगी। आज तक किसी राष्ट्रपति की पूजा
- 1:24:10नहीं। लेकिन तुम्हारी पूजा होगी ईसा
- 1:24:16मसीह के बाद यूर्पीय वर्षों का तुम सोचना अपने परमकारों से
- 1:24:30सलाहकारों से सलाह लेना। सारे मुल्कों को तुम मनाना के आओ,
- 1:24:40हम शांति स्थापित करने के लिए इन ज्वालामुखियो के ऊपर बैठे हुए
- 1:24:48अनुबम्बों को विनिष्ट करने की तरफ डिस्ट्रक्ट करने की तरफ कदम
- 1:24:52बढ़ाते हैं। आओ हमारे संघ के चलो कदमों से कदम
- 1:24:55थार मिलाओ, इस धरा के ऊपर रहने वाले सभी प्राणी हृदय खिल जाएंगे
- 1:25:09उनके और तुम्हें आशीष देंगे फैसला करना है तो ऐसा करो।
- 1:25:18अन्यथा शर्म से डूब मरो किस लिए हम मानते हो समर्पित यूरेनियम?
- 1:25:28यह उनकी अमान्यता है बड़े मुश्किल से सौदा है और तुम्हारे लिए सौदा
- 1:25:32है। बिल्कुल तुम्हारे ऊपर प्रयोग होगा
- 1:25:38ये तुम क्या समझते हो? जापान के हीरोशिमा नगासाकी को
- 1:25:44परफॉर्म करा के लाखों लोगों के मारे जाने के बाद तुम बच जाओगे।
- 1:25:52यह सारे जो अनुपम बने हैं। ये सभी अमेरिका के लिए हैं गलती
- 1:26:02मत खा जाना बनाये अमेरिका के लिए ये आँखें न दिखाएं।
- 1:26:13फिर ब्रोक चाहे जहाँ हो जाए, क्या तुम्हारा हक बनता है, हक बनता है
- 1:26:25तब जब तुम अपने सारे अस्त्र शस्त्र भंडारों को समाप्त करते
- 1:26:34फिर तुम कह सकने की औकात में आओगे।
- 1:26:39कि तुम भी अपने स्तर शस्त्रों को जला दो, मैंने जला दिया।
- 1:26:45रशिया, चाइना, उत्तर कोरिया जिन जिन के पास में हैं, नौ मुल्क
- 1:26:50हैं, ऐसे सब जलाते हैं। थर्राकर जीना कौन चाहता है?
- 1:27:01शांति से जीना सभी चाहते हैं, लेकिन शांति का कोई काम भी करो।
- 1:27:08ऐसे ही थोड़ा वो आकर तुम्हारे हाथ में ठट्टू पकड़ा जाएंगे ये लोग।
- 1:27:19नोबेल उठाओ शांति पुरस्कार का और तुम भबिंजा लोगों को मार चूका हो,
- 1:27:25जो उनके मुखिया थे तमी शर्म फिर भी नहीं सब कुछ उनका छीन लिया।
- 1:27:37उनका एक रियाल, उनके लाखों रियाल तुम्हारे $1 के मुकाबले भाव है
- 1:27:49लाखों रियाल और तुम्हारे $1 यह उनकी अर्थव्यवस्था है और तुम इनको
- 1:27:58मारने के सारे संसाधन जुटा रहे और मुँह बंद कर दो अच्छा ज़रा सोचो
- 1:28:06क्या यह इंटरनेशनल लॉ नहीं है जिसके देश के स्वास्थ्य बिलकुल
- 1:28:15किनारे से 22 किलोमीटर का समुद्र होता है?
- 1:28:20वह उसके दायरे में आता है कि नहीं आता है?
- 1:28:23इंटरनेशनल लाभ बता रहा हूँ मैं ना मेरा मन घड़ंत है, ना तुम्हारा मन
- 1:28:29घड़ंत ना ईरान का मन घड़ंत है वह तो उसका।
- 1:28:33वह तो बेचारे तुम्हें फ्री गुजर जाने देते थे।
- 1:28:38उनका तुमने शुक्रिया क्या अदा करना था, तुमने उनके ऊपर गोरा बरी
- 1:28:43शुरू कर दी, तुमने बिलकुल भी शर्म नहीं।
- 1:28:55इंटरनेशनल लॉ है। किसी भी देश की सरहद से कोई
- 1:29:03समुद्री सीमा गुजरती है, जैसे हिंद महासागर में 22 किलोमीटर का
- 1:29:09क्षेत्र, वह उसके दायरे में। उसकी संप्रभुता मानी जाएगी।
- 1:29:19तुम कौन होते हो? हार्मोन्स के ऊपर दवा रखने वाले
- 1:29:23इतने हजारों किलोमीटर दूर बैठे। तुम्हें ये बात कहते हुए ज़रा भी
- 1:29:29शर्म नहीं आई? क्या मोदी जी की तरह तुम्हारा भी
- 1:29:33शर्म का वो पुर्जा निकालिए ज़रा बताओ ये नियम है कि नहीं है और
- 1:29:46मिस्टर नेतन्याहू तुम जो ऊँगली देखते रहते हो इसके पिछवाड़े में।
- 1:29:58यह क्यों कर रहे हैं इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस?
- 1:30:09जो किसी भी व्यक्ति को दंडित कर सकती है, उसके आपराधिक कर्मों के
- 1:30:15कारण उसका अध्यक्ष आजकल लयबनान का व्यक्ति है।
- 1:30:28उसका नाम है नवाज़ सालम गाज़ा के गरीब व्यक्तियों पर दो बिचारे
- 1:30:38पहले ही मरे पड़े हैं। एक तो तुमने उनकी धरती छीन ली।
- 1:30:46हम विशाल इजराइल बनाएंगे। आदमी की वासनाएँ कभी तृप्त नहीं
- 1:30:51होती। आदमी मर जाता है।
- 1:31:00कोई विशाल अमेरिका को बनाने निकल पड़ा, कोई विशाल इजरायल को बनाने
- 1:31:06निकल पड़ा। यह विस्तारवादी नीती इंसानियत के
- 1:31:15लिए जहर का काम करती है। अपने हदूज में रहो, बस सुखी रहो
- 1:31:24अगर प्रत्येक व्यक्ति इस नीती को अपनाते।
- 1:31:34जियो और जीने दो जियो और जीने दो तुम भी सुखी हो दुनिया भी सुखी
- 1:31:44रहे तुम विस्तारवादी नीतियों को अपनाने वाले लोग चले जाओ।
- 1:31:53लेकिन तुम्हारा कोई नाम लेगा, कोई नहीं बचेगा, तुम सिकंदर की तरह
- 1:32:02बेबीलॉन में दफन कर दिए जाओगे और पता नहीं होगा कि तुम कहाँ दफन हो
- 1:32:09अलेक्जैंडर बॉब ने कहा। लेकिन उसका तो आज भी पता है लेट
- 1:32:15मी लाइव ऑन सीन अननोन एंड अनलिमिटेड लेट मी द स्टिल फ्रम दी
- 1:32:20वार्ड नॉट एस्टोम टेल व्हेर आई लव।
- 1:32:24लेकिन उसका तो आज भी पता है कहाँ दफने सिकंतर का तो कहीं नहीं।
- 1:32:36कहाँ दफन किया गया था यहाँ आए हो तो प्रेम का प्रसार करके जाओ।
- 1:32:52अगर उमंग है शांति का नौबेल जीतने की, तो ढंग मैंने तुम्हें बता
- 1:32:57दिया। इससे बढ़िया ढंग कोई है ही नहीं
- 1:32:59और मौका भी। ना हर में ना सुकून मिलता, वो तो
- 1:33:14खाने में। नहर में न सूख मिलता है, भूतखाने
- 1:33:26में चैन मिलता है। तो सा।
- 1:33:33के। साखी तेरे मैखनम चैन मिलता है तो
- 1:33:49साखी साखी तेरे। मैकाने में झोंबरवर झोंसरा हुई
- 1:34:04झोंबरवर झोंबरवर झोंसरा झोंसरा झोंबरवर।
- 1:34:15जो बराबर काली घटा है, काली घटा है, मस्त फजा है, काली घटा है,
- 1:34:32मस्त फजा है। जाम ठकर छों जो जो बराबर छों
- 1:34:40शराबी झों बराबर झों बराबर छों शराबी काली घटा है।
- 1:34:52मस्त फजा हैं काली घटा हैं मस्त फजा हैं जाम ठाकुर घूम घूम घूम
- 1:35:03झों बराबर झों शराबी झों बराबर झों।
- 1:35:09भीतर की शराब को। तुमने सब नकली चीजों का निर्माण
- 1:35:15कर दिया है। नकली फूल फूलों की सुगंध नकली पुत
- 1:35:21कहानी तुमने बनाई नकली चर्च गुरुद्वारा।
- 1:35:29नकली मसीह दम तुमने बनाई, लेकिन तुम्हें पता है यह नकल है दीज़
- 1:35:37अरे ऑल इमिटेशन्स असली गुरुद्वारा असली मसीह असली मंदिर असली चर्च।
- 1:35:50गिरजाघर तुम्हारे घरदा के भी तरह, वहाँ ढलते हैं शराब के प्यार वहाँ
- 1:35:58उतर जा और गटकले पीले मदहोसी के सालम में खो जा।
- 1:36:10और चौबीसों घंटे दिवाली और होली मनाएगा।
- 1:36:17यही है तेरा अल्टीमेट गॉल ऑफ लाइफ जो लोग कहते हैं गोल ऑफ लाइफ कुछ
- 1:36:25भी नहीं। बस उन्होंने देखा, वो अधूरे अधूरे
- 1:36:30फिर रहे। संसार में इतना सा ही समझ लेना और
- 1:36:35दूसरा कोई कारण वह है और हम स्टेम्प लगाते हैं कि वह है और वह
- 1:36:42है और हम स्टेम्प लगाते हैं कि हमने देखा है।
- 1:36:47और वह है और हम स्टाम्प लगाते हैं एक हमने पिया है और हमने पिया है
- 1:36:53और हम स्टाम्प लगाते हैं, हमारे में लक्षण देखो, लक्षण देखो और
- 1:36:58पियो लक्षण देखो। काली खटा है मस्त फजा है, काली
- 1:37:15खटा है मस्त फजा है झाम ठकुर झाम झाम।
- 1:37:24झोंबरापुर झोंबरापुरछों और तुम्हारी जिंदगी एक हस्ती।
- 1:37:34हुई आनंद की मौत हो जाएगी। अभी तुम्हारे लटके हुए चेहरे मुझे
- 1:37:45अच्छे नहीं लगते हैं। छोड़ो इन बदगुमानियों को छोड़ो,
- 1:37:54इन पागल बनो ये हैं विस्तार में भी नीतियाँ तुम जहाँ से एक
- 1:37:58जररारित का नहीं ले के जाओगे। 1 दिन धर्म शिखर परोगे जीसको अपना
- 1:38:06बनाने की चेष्टा की थी विस्तार बाद में उसी के ऊपर लाक पुट हो
- 1:38:11जाओगे उसी की खाक में मिल जाओगे उसी में दफन हो जाओगे यही है
- 1:38:16तुम्हारा अंजाम। तुम गलती हो ठीक तुम तब होगे और
- 1:38:33तुम शांति पुरस्कार के नोवेल के कतार भी होगे।
- 1:38:38बड़ी खुशी से तुम्हें नोवेल दिया जाएगा।
- 1:38:41अभी तो तुम युद्ध अपराधी हो नेतन्याहू युद्ध अपराधी इनको जब
- 1:38:49चाहे लेबनान का हो, नवाज युद्ध अपराधी घोषित करके दंड सुना सकता
- 1:39:00है। वैसे अमेरिका के नागरिक का यह
- 1:39:08कर्तव्य बनता है हमारे घरों में कोई जवान कोई बूढ़ा पागल हो जाए
- 1:39:15तो हम क्या उसे घर में रखते हैं? तो क्या करते हैं?
- 1:39:22मेंटली ट्रीट करते हैं न नहीं होता तो हम पागलखाने में जमा
- 1:39:28कराते हैं। उसे इनको पागलखाने में जमा करा
- 1:39:33दो। इनका यह उचित स्थान नहीं है जहाँ
- 1:39:38ये बैठें। दे शुड बी रीमूव्ड क्विकली
- 1:39:43क्योंकि यह पागल बहुत देर के हैं, मैं देख रहा हूँ ऐथेर दे शुड बी
- 1:39:50पनिश्ड ऐथेर दे शुड बी ट्रीटेड मेंटली।
- 1:39:59और इस होती है पनिष्ठ खैर, यह तो अदालतों का कब है?
- 1:40:08मैं अपने ढंग से बोलता हूँ कि मिस्टर ट्रंप जो आर ऑन हो ना तो
- 1:40:14वो क्षेत्र तुम्हारा है। वह ईरान का काबिज है।
- 1:40:2022 किलोमीटर का क्षेत्र तुमने कहाँ से परमिशन ली?
- 1:40:24सारी धरती के मारे तो तुम हो नहीं सभी के अपने अपने अधिकार हैं उनको
- 1:40:31उनके अधिकारों में रहने दो। उनके उनके अधिकार छिनो मत अन्यथा
- 1:40:36वो भी तुम्हारे अधिकार छिने। फिर बेईमान से छीने।
- 1:40:44तुम्हें पता नहीं क्या तरकीबे बन रहे हैं कोई विशेष उम्र को
- 1:40:48तुम्हें इनवाइट करेगा और वहाँ तुम्हें तुम्हारा कतल कर दिया
- 1:40:51जाएगा। फिर तुम क्या करोगे, घर में तो
- 1:40:56बैठे ही नहीं रहोगे। इसे ही तो द्रोह कहते हैं।
- 1:41:03जब कोई व्यक्ति सीधी ऊँगली से घी नहीं निकलता तो ऊँगली टेढ़ी करनी
- 1:41:07ही होती है। तुम्हें विशेष इन्वैट किया जाए और
- 1:41:14तुम वहाँ जाओगे। जलवी मर्डर ऐसी बनाई जा रही है
- 1:41:29तरक्की पे तुम्हें जाना ही पड़ेगा तुम्हें, देश ही ऐसा बुलाएगा जीस,
- 1:41:37पर तुम ऐतबार। पागलपन को त्यागो, चुप करके पागल
- 1:41:48खाने में जमा हो जाओ, उपचार कराओ दिमाग का तुम पागल हो मैं मजाक
- 1:41:56नहीं कर रहा हूँ। ये कोई योग नहीं हमारे नरेंद्र
- 1:42:02मोदी और तुम और नेतन्याहू ये सब काबिल हो गए और जब कोई बड़ा बूढ़ा
- 1:42:14या घर में कोई व्यक्ति लक्षण पता चलता हो।
- 1:42:20अब देखो ना मेरी रग रग में सिंदूर दौड़ रहा है सिंदूर किसी के रग
- 1:42:27में दौड़े वह एक घंटा जीवत नहीं रह पाए वह तुम्हारी गाय भैस खोलकर
- 1:42:37दे जाए। वह तुम्हारा मंगल सूत्री उतार
- 1:42:42लेंगे। कैसे उतार लेंगे?
- 1:42:44तुमने किसी का मंगलसूत्र उतार लिया?
- 1:42:46तो क्या सभी को अपने जैसा समय से अब ये कोई बातें हैं?
- 1:42:55तुम्हारे पागलपन पर तो मिस्टर नरेंद्र मोदी है।
- 1:43:00मुझे अफ़सोस हुआ और तर्क हुआ जब तुमने एक ऑलरेडी मंजूर शुदा।
- 1:43:21स्त्रियों के लिए बनाएगा कानून जो तुम्हारी ही संसद में ध्वनि मत से
- 1:43:27पारित 484 वोट मिले थे और मैं साक्षी हूँ इस बात का दो वोट ए आई
- 1:43:33एएम एस इन्होंने विरुद्ध डाले ध्वनि मत से पारित हो गया।
- 1:43:40फिर तुम अब क्यों लेके आए? उसके पीछे क्या छुपा रखा है?
- 1:43:49जब कोई व्यक्ति घर में पागल हो जाए?
- 1:43:51चलता चलता ही पागल हुआ करता है जन्मजात पागल नहीं हुआ कम हो,
- 1:43:58चलते चलते ज्यादा पागल हो? तो फिर उनका उपचार होना चाहिए।
- 1:44:08इनको हटाओ भाई देशवासियों हटाओ अन्यथा जनता हटा देगी।
- 1:44:20सब भ्रष्ट व्यक्ति बना दिए हैं। अब तुम क्या समझते हो?
- 1:44:30पैसे के जोश से अगर सब कुछ हो जाता तो?
- 1:44:34हंगरी में डोनाल्ड ट्रंप ने खूब पैसा दिया, प्रचार भी किया।
- 1:44:42डॉक्टर को भी हार गया, अभी हारा है।
- 1:44:47पैसा सब कुछ नहीं होता और ताकत ही सब कुछ होती तो हीटलर कभी सुसाइड
- 1:44:56नहीं करता तो हिटलर ने कहा कि 80% काम में तुम्हारा कर्ज।
- 1:45:04यहुतियों को मारकर बाकी 20% काम तुम कर देना उसकी बात मुझे ठीक
- 1:45:10लगी कि एक ही कोम है जुहुतियत और इसकी ओल्ड टेस्टमेंट में।
- 1:45:20इनका तो परमात्मा ही बड़ा झगड़ालू है।
- 1:45:25इनका तो परमात्मा ही बड़ा धृष्ट वह करूणावान है ही नहीं।
- 1:45:35तुम्हें पता है यहूदियों का परमात्मा ओल्ड टेस्टमेंट पड़ा।
- 1:45:41वे कहता मैं बड़ा क्रोध थी, मैं तुम्हारी खाल खेंचर मैं तुम्हारा
- 1:45:49लहू भी जो मैं तुम्हें ऐसा दंड तो करूँगा।
- 1:45:54पर ऐसा भी भगवान होता है तो हिटलर ने ठीक किया।
- 1:46:03कैसे डीएनए को समाप्त कर दो? यह डीएनए ही आज विश्व की अशांति
- 1:46:10का मुख्य कारण है। एक मात्र और हमारे सहायक को जाकर
- 1:46:16वहाँ डांस दिखा दो। 20% यहूदियों को मार देना कह के
- 1:46:33मरा था। और आज उसकी बात ठीक लगती है।
- 1:46:41समझ जाती है जब मैं ओल्ड टेस्ट तो मुझे हैरानी हुई।
- 1:46:49मैंने कहा ये किताब कभी पढ़ी जाती थी फिर वो पढ़ने वाली पागल हो।
- 1:46:55है तो मुझे समझाए ठीक फिर ये कोम इतनी दुष्ट कोम क्यों?
- 1:47:11क्यों हिंदुस्तान के भीतर इतने कार?
- 1:47:16क्योंकि हमारा परमात्मा का कर्णावान क्यों?
- 1:47:21बुद्ध बुद्धिस्ट, इतने शांत और इतने काल क्योंकि बुद्ध ने उन्हें
- 1:47:29दंडात्मक विधि बताई है। बुध ने काक्षम।
- 1:47:35कोई मार दे, कोई काट दे, कोई थूक दे तुमको क्षमा और क्या?
- 1:47:42और ईसा की भी यही करके बिलकुल मुसा से औरत।
- 1:47:53ओह गॉड फॉर्गिव देम हू आर हैंगिंग में ओह गॉड दे दोन टी नो बिकॉज़
- 1:47:59व्हॉट यू आर डूइंग फॉर्गिव देम? मारने वाले को भी यह प्रार्थना
- 1:48:12करना परमात्मा इससे ज्यादा करना वहन और पांव व्यक्ति बचने की
- 1:48:20भरपूर कोशिश कर पाए। और हमारे तो संविधान में लिखा भी
- 1:48:28है अगर तुम आत्म सुरक्षा के लिए किसी को तो तुम्हें माफ़ क्योंकि
- 1:48:36आत्मा सुरक्षा तुम्हारा सर्वोपरि अधिकार अबराव मत।
- 1:48:44मेरे पास किसी तरह का कोई अस्त्र शस्त्र नहीं है।
- 1:48:48मुझे मारने के लिए तुम बेफिकर हो के आ सकते हो, मैं कोई अस्त्र
- 1:48:54शस्त्र यहाँ रखता हूँ क्योंकि वर्षों से 1 दिन आये।
- 1:49:04आज नहीं करा तुम नहीं मारोगे तो मौज मार देगी तो मृत्यु के सिर पे
- 1:49:13नहीं तो तुम्हारे सिर पे, आज तुम थोड़ा सा सहस जुटाने वाले बनो,
- 1:49:24ऐसा मत। मिस्टर ट्रम्प तुम गलती में हो,
- 1:49:34तुम वो चीज़ की डिमांड कर रहे हो जिसके ऊपर तुम्हारा अधिकार लोगों
- 1:49:40की बच्चियों का लेग ए पीस। मेरा दिल तो रोता ही है, मेरी
- 1:49:51आँखें फ्राई करके खा जाना। मसाले लगा लगा के छोटी बच्चियां
- 1:50:051012 साल की। तुम दरिंदे हो के परिंदे हो के
- 1:50:16बंदे हो, तुम धृष्ट हो, तुम दुष्ट हो, इसीलिए तुम पागल हो गए और
- 1:50:31अमेरिका वासियों तुम अभी समझदार हो, तुमने गलती से इस व्यक्ति को
- 1:50:36चुन लिया। और कमाल की बात की।
- 1:50:38दूसरी बार छूट गया। वैसे गलती इसकी है जो झूठ बोलता
- 1:50:43है और वोट लेता है। गलती उसकी होती है और मैंने यही
- 1:50:51कहा कि देशद्रोही वो है। जो मेरे भारत का पैसा लेकर
- 1:50:58बैंकरों से वापस नहीं किए गुलछर्रे उड़ा रहे हैं बाहर खैर,
- 1:51:05गुलछर्रे उड़ा तो नहीं पाएंगे क्योंकि गुलछर्रे तो सिर्फ संत ही
- 1:51:09उड़ा पाता है। संसारिक व्यक्ति में इतना दम नहीं
- 1:51:23कि वह गुलझरे उड़ा पाए। जिसे आनंद कहते हैं, उसका स्वादगत
- 1:51:28हो। एक बुद्ध भी अगर चख ले तो इस तरफ
- 1:51:33जाएगा ही नहीं। कभी वह सजा के लिए बुद्धत्व को
- 1:51:36प्राप्त। तो मैं उन लोगों से मुझे पूछा,
- 1:51:49बाबा आप कहते हो ₹25,00,00,000 हर एक को भेजा है, हमें समझ नहीं आता
- 1:51:55बेटा अभी समझा दो। इन ठगों ने चालाकी से ठगी से अपने
- 1:52:07प्रभाव से अपनी गलतियों से तुम ही लोगों को लूट कर के बाप दातों का
- 1:52:14खुश ये जो इकट्ठा किया है 10,000 करोड़ रुपया।
- 1:52:27असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा तो 25,00,00,000 अगर मैं एक
- 1:52:34व्यक्ति को दूंगा, मैं तो समानता में कर दूंगा।
- 1:52:41ये देश के लिए कलंक है, क्या करते हैं?
- 1:52:45धोखाधड़ी, बेईमानी, झूठ बोलना, प्रताड़ित करना पाखंड बखेरना इसकी
- 1:52:54गढ़वाली के पास दो पासपोर्ट हैं। और तुम अदालत में किस करते थे?
- 1:53:06राहुल के जिसके पास है भाई उसके ऊपर किस में नहीं करते उसको ताड़ो
- 1:53:15अंदर इसके पैसे को जब्त करो और मैं कर लूँगा बिलकुल सर्टन्ली
- 1:53:21आईडो। मुझे लोग कहते हैं कि हम तुम्हें
- 1:53:29वोट नहीं डालेंगे। बाबा मैं कहता हूँ पुत्र मैं वोट
- 1:53:34मांगूंगा, तुम तो मुझको सोये, बड़े को उठाओ।
- 1:53:42एक पुत्री अपनी माँ को कहने लगी गर्भवती थी माता जब मेरे बच्चा
- 1:53:46होने लगे तो मुझे जगह देना माँ हँसी क्योंकि माँ ने उस पुत्री को
- 1:53:57जन्म दिया। और सर्जिकल तब होता नहीं था तो
- 1:54:09माँ हँसी पुतरी कोई बात नहीं तुम सो जाओ, मैं जगह दूंगी माता कहने
- 1:54:18लगी बेटी। मैं क्या तुम्हे जगाउंगी तुम सारे
- 1:54:24मरले को जगा दो, सो पुत्र तुम मुझे क्या नहीं वोट दोगे?
- 1:54:31मैं तुमसे वोट रहा हूँ तुम तो खुद कहोगे बाबा उठो और कोई नहीं।
- 1:54:43सब के रहते लगता है ऐसा कोई नहीं है मेरा।
- 1:55:02कोई नहीं है। मैं सूरज को छूने निकला था।
- 1:55:19आया हाथ अँधेरा कोई नहीं है में सब कुछ होगा तुम्हारे।
- 1:55:36पास। ईमानदार व्यक्ति नहीं होगा, बस
- 1:55:41उसकी जरूरत है। प्रत्येक विश्व के व्यक्ति
- 1:55:47ईमानदार वहीं भ्रष्टाचार को रोक सकता है, जो खुद ही बेईमान है।
- 1:55:55वह क्या खाक रोकेगा? जो मोदी जैसा है वह का खाक
- 1:56:00रुकेगा, बड़ा ब्रह्मचर्य को पैदा कर सकते हैं, मोदी भाग सकते हैं,
- 1:56:07अपने शरीर को छोड़कर ब्रह्मचर्य को नहीं पैदा कर सकते मोहन भागवत
- 1:56:13रात को इनकी शाखाओं में जाकर देखना कितने पटाखे पड़ रहे हैं?
- 1:56:21मार अच्छा खाता है मूंड मढ़ाई तीन गुणों सिर की मिठजाई खाद योगी
- 1:56:29आदित्यनाथ जी सुन रहे हो, सुन लो। मूड ऑफ मुड़ाए तीन गुण सिर की मिट
- 1:56:36जाए, खाने को अच्छा मिले और लोग रहे महाराज मैं जानता हूँ किस तरफ
- 1:56:51उड़ान है इनकी, कितनी दूर तक ये उड़ेंगे।
- 1:56:57मेरे ही हाथ के छोड़े हुए मेरी बिल्ली मुझको मैं आऊ मत करो, मैं
- 1:57:07निपटना जानता हूँ तुम्हें। तुम मुझे वोट तो दोगे अगर मैं
- 1:57:23मांगूंगा मैं वोट मांगूंगा तुम देख रही हो ना मैं झूठ बोलता हूँ,
- 1:57:30तुम तो मेरे द्वार पे आके मुझे कहोगे बाबा ऐसा मत करो एक बार तीन
- 1:57:37महीने के लिए हमें गाइडलाइन दे दो मार्गदर्शन।
- 1:57:45और मैं उससे इनकार नहीं करूँगा। क्यों मैं तुम्हारा अभी मुझे
- 1:57:50तुम्हारे लंबे रोते हुए चेहरे अच्छे लगते नहीं भला भलाई पे रहे
- 1:57:57नीचे लाईये नीचे सुधा सराईये अमृता गल सराईये।
- 1:58:04मैं फिर भी भला करने को उदित किसी तरह तुम्हारे मक पर रौनक हो जा
- 1:58:11मरीज हाल अच्छा हो जाएगा। जीतने लोग बाहर पैसा ले के गए।
- 1:58:23स्टेट बैंक का अकाउंट तो मेरे पास है।
- 1:58:29और तुम मत फिक्र करना, राजिम जी कहाँ बैठे हो और ज्ञानी सी कम
- 1:58:35सुनो। अनोखा सपना देखा।
- 1:58:48अनोखा सपना देखा है योगी मोदी धरा पकड़ है।
- 1:59:04जो कि मोदी धरा पकड़ है। कोई न रोवन आज अनोखा कोई रोने के
- 1:59:17लिए नहीं आता सपना, देखा आज अनोखा।
- 1:59:26नरमंडी। सब और पढ़त है नरमंडी सब और पढ़त
- 1:59:36है कौन बजा वैसाज? सपना देखा राज़ गणेश के पूत पड़त
- 1:59:54हैं राज़ गणेश के पूत पड़त हैं देखत।
- 2:00:02आ वेला इस अनोखा सपना दे का महारथी सब खून पड़त है महारथी सब।
- 2:00:22खून पड़त है। कौन?
- 2:00:26करावैका अनोखा सपना देखा बड़े बड़े अम्बे मोड़ानी।
- 2:00:42बड़े बड़े अम्बे मढ़ानी उसकी गिर गई गाज अनोखा सपना देखा।
- 2:00:59सुन्दरता बल मद करती हैं, सुन्दरता पर गर्व करती हैं मिट गए
- 2:01:12नखरे, नाग अनोखा। सुंदरता पर गर्व किए हैं, सुंदरता
- 2:01:25पर गर्व किए हैं। मिट गए नखरे नाज अनोखा सपना देखा।
- 2:01:38हाँ हाँ पांच सहस्त्र में फिर गूंजत है पांच सहस्त्र में फिर
- 2:01:48गूंजत है सबत अर कौवे बाज़। अनोखा सपना देखा आज सबकी लम्पट
- 2:02:04लोभ मिटत है सबकी लम्पट लोभ मिटत है सबकी मिट गई खाल।
- 2:02:16अनोखा सपना देखा, अनोखा सपना देखा।
- 2:02:28ऐसा सपना मैंने देखा और यह सपना परमात्मा का।
- 2:02:38ऑल दी इवेंट्स आर पी जस्ट ट्रेंड होने वाला कल कैसा होगा बड़ा
- 2:02:50डरावना, बड़ा शंकर। फिर पूछते हैं लोग कौन बचेगा?
- 2:03:00क्या त्रिकाल संध्या करने वाले बचेंगे नहीं, वह तो पहले मरेगा
- 2:03:06कौन बचेगा? ध्यान से सुन लो कौन बचेगा?
- 2:03:15ना राष्ट्रध्यक्ष बचेंगे, ना पैरोकार बचेंगे, कौन बचेगा ना
- 2:03:28हिंदू बचेगा ना मुसलमान बचेगा। न ईसाई बचेगा, न भूत बजेगा, न
- 2:03:38यहूदी बजेगा, न सिख, मुसलमान बजेगा, कौन बचेगा?
- 2:03:5384,00,00,000 लोग बचेंगे, संसार में कौन बचे हैं, जो त्रिकाल
- 2:04:06संध्या करते हैं, वो सबसे पहले मरेंगे।
- 2:04:12बीके वाले सबसे पहले मरेंगे ना मधारी सबसे पहले मरेंगे।
- 2:04:22कौन बजेगा? सिर्फ जो न हिंदू हैं न मुसलमान?
- 2:04:33हैं। न सिख है, न ईसाई है, न यहुति है,
- 2:04:38न पारसी, न। हिंदू बचेगा न मुसलमान बचेगा?
- 2:05:00इंसान की औलाद है इंसान बचेगा ना हिंदू बचेगा ना मुसलमान बचेगा,
- 2:05:14इंसान की ओरद है इंसान बचेगा। वही बचेगा जो इंसान होगा जो अपने
- 2:05:23भीतर गया होगा, जिसने हिंदू, मुसलमान, ईसाई से सब त्याग दिया
- 2:05:29होगा। सर्वधर्माण प्रतिज्ञामा में कम
- 2:05:33शरणमृत और उस एक के पास चला जाएगा।
- 2:05:37वह जो इंसान है हमारे भीतर। घर बैठा हुआ सर्वश्रेष्ठ इंसान,
- 2:05:44वह परम तत्व परमात्मा। इंसान नीकियों राज़ है, इंसान
- 2:05:56बजेगा हमने। विकसित कर लिया।
- 2:05:58सब कुछ कोई कहता है। श्रीकाद संध्या मत करना सबसे पहले
- 2:06:08ये दशरथ कहते हैं बीके वाले कि जो आ गया बीके में सब साजिशें हैं
- 2:06:17मनगढंत लोभी, लालची, पाखंडी गुरु सबसे पहले मरेंगे या मरेंगे।
- 2:06:24बचेगा कौन ना हिंदू बचेगा न मशीन मान बचेगा इंसान की ओलाद है इंसान
- 2:06:40बचेगा। मान बचेगा, इंसान की औलाद है,
- 2:06:49इंसान बचेगा। नैनं चिदं तीशास्त्र का इंसान।
- 2:07:02भय परम तत्व नैनम दहती पांव कह नैनम छिदन तीशस्त्र नैनम दहती
- 2:07:17पांव। कह।
- 2:07:20चैनम क्रेधन क्या को हो नै सुस्ति मरुता।
- 2:07:30बस उसको कोई नहीं मार सकेगा। धन्यवाद।