Latest / Mindset Matters हिंदी / Har Utaar-Chadhaav Mein Emotionally Stable Kaise Rahein?
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- 0:00(Transcribed by TurboScribe.ai. Go Unlimited to remove this message.) नमस्ते दोस्तों, सौगत है आपका इस नय सार
- 0:03के पहले एपिसोड में माइंसेट मैंटरस के।
- 0:06सबसे पहले मैं आप सबको इस नय सार
- 0:08की बहुत बहुत शुब कामनाई देना चाहता हूँ।
- 0:11मैं हूँ आपका दोस्त और आपका होस्ट मयुरे
- 0:13श्रिवास्तव।
- 0:14और मैं हूँ आपकी को होस्ट ईशा श्रिवास्तव।
- 0:17और हमारी तरफ से बहुत धेर सारी शुब
- 0:19कामनाई 2026 के लिए।
- 0:21और हम होप करते हैं कि अभी तक
- 0:23हमने जितना भी एपिसोडस में कवर किया है,
- 0:26जितने कॉंसेट्स कवर किये हैं, वो सब आप
- 0:28अपने सिंदगी में अपलाइ कर रहे हूँ।
- 0:30यह वही जगह है मैंसेट मैंटर जो आपकी
- 0:32चीवन में बदलाव लाती है।
- 0:33धीरे धीरे वट महत्पून बदलाव।
- 0:36और आश का टॉपिक ईशा हमें लगता है
- 0:38कि हम सब के दिल को छुलेगा।
- 0:40यह है ही इतना इंपॉर्टेंट।
- 0:42और वो है एमोशनल रजीलियन्स।
- 0:44अगर मैं हिंदी में बोलों इसको इसको बोलते
- 0:47हैं भावनात्मक शेहनफिलता।
- 0:50यानि कि आप अपने लाइफ में जो भी
- 0:52कठनाईया महसूस कर रहे हैं जो भी आपके
- 0:54सेट बैक हैं हार हैं उनसे डरना नहीं
- 0:58उनसे हार नहीं मानना असलियत में बलकि उनसे
- 1:00कुछ सीख के और
- 1:02अ
- 1:13आज की लाइफ में अगर आप देखेंगे तो
- 1:15हर कोई ये चालेज़स फेस कर रहा हैं
- 1:18कोई न कोई एमोशनल ब्रेक्टाउन या एक एमोशनल
- 1:22ट्रॉमा भी हो सकता है हर कोई फेस
- 1:25कर रहा हैं कोई अपने friendships को लेके
- 1:28कोई किसी relationship को लेके कोई किसी health
- 1:30issue को लेके या कोई जिस सेल्फ टाउट
- 1:33में फ़स जाता है एक भावनात्मक तरीके से
- 1:36वो थोड़ा सा तूट जाता है कभी कभी
- 1:38तो हम इस एपिसोड में बात करेंगे कैसे
- 1:42आप उनी emotions को better manage कर सकते
- 1:44हैं कितनी बार हम देखते हैं कि कोई
- 1:46इनसान अगर किसी परिशानी में है तो वो
- 1:49आधी energy इसमें spend कर देता है कि
- 1:51वो अपने emotions कैसे handle करें वो वही
- 1:54situation और better handle कर सकता है अगर
- 1:56उसको अपने emotions manage करना आता हो मुझे
- 1:59आज भी याद है जब मैंने अपना career
- 2:00शुरू किया था ईशा हर छोटी सी बात
- 2:03मैं अपने दिल पर लगा लेता था कोई
- 2:06भी छोटा सा comment कोई भी criticism मुझे
- 2:08लगता था कि बस this is the end
- 2:11यही है मेरी life और इसी को मैं
- 2:13अपने दिल पर लगा कि उसके अनुसारी काम
- 2:15करता था एक पर मैं एक project लीट
- 2:18कर रहा था और वो बहुत अच्छे थे
- 2:19चल रहा था और towards the end of
- 2:22the project जब वो project पुरा ख़तम होने
- 2:24वाला था एक मैं presentation दे रहा था
- 2:26अपने senior team को तो एक senior leader
- 2:29ने एक छोटा सा comment दिया कि भी
- 2:31ये चीज़ और अच्छी हो जाकती है ये
- 2:33क्यों नहीं होई तो मुझे बहुत हर्ट उआ
- 2:37वो चीज़ और मैंने इसको दिल से लगा
- 2:39लिया और मैं से दिमाग में repeat करता
- 2:41रहा कि मैंने देखो ये चीज़ नहीं की
- 2:43मैंने ये चीज़ नहीं की जो मैंने 99
- 2:45% चीज़े अच्छी नहीं थी उस सब भूलकर
- 2:48मेरा पूरा focus उस एक negative comment पर
- 2:51रह गया और presentation के दौरान वो मेरे
- 2:53चेहरे पे reflect करने लगा की मैं खुश
- 2:55नहीं हूँ मैं बुरा मान गया हूँ मुझे
- 2:58ये comment अच्छा नहीं लगा पर बाद मुझे
- 3:00लगा कि अगर मैं हर छोटे comment को
- 3:03दिल पे लगा लूँगा तो मैं अगर लाइफ
- 3:05में कभी आगे नहीं बढ़ सकता अब मुझे
- 3:07लाइफ में सही में grow करना है सही
- 3:09में एक नए पढ़ाओ पर जाना है तो
- 3:11इन सब कीज़ों के उपर उठना पढ़ेगा कामेंट
- 3:14प्रोजेक्ट के बारे में आप के बारे में
- 3:16नहीं है ये एक डिफरेंस समझना ही हमें
- 3:18emotional resilience को और मजबूत कर पाएगा मैं
- 3:22समझ सकती हूँ कि तुमने क्या फिल किया
- 3:23होगा हम सब के साथ होता है हम
- 3:26जब भी किसी emotionally कोई एसा trigger face
- 3:30करते हैं कि कोई हमें कुछ कहा के
- 3:32चला गया या हमें कोई एसा feedback पिल
- 3:34गया तो हम उस पूरे दिन हम उस
- 3:37चीज के बारे में सोचते रहते हैं और
- 3:39ये एक human behavior है हमारा एक basic
- 3:42expectation होता है कि लोग हमें पसंद करें
- 3:44तो जैसे हमें लगता है कि ये चीज
- 3:46पसंद नहीं की गई है या फिर यहां
- 3:49पे मैं कम हूँ हम अपने आपको कम
- 3:51समझते हैं उस moment में तो वहाँ पे
- 3:54ही हमारा वो disappointment आ जाता है और
- 3:56जब emotional resilience की बात करते हैं हम
- 3:58तो हम basically उस detachment की बात करते
- 4:01हैं कि जहांपे हम सुनते तो हैं बाते
- 4:03कोई हमें कोई feedback दे रहा है या
- 4:05कोई suggestion दे रहा है हम उस feedback
- 4:07को सुनते हैं समझते हैं हर शब को
- 4:09note करते हैं बट हम उसे अपनी identity
- 4:12नहीं बनाते हम उस चीज को अपने दिल
- 4:14से नहीं लगा लेते कि बैजाए हम उस
- 4:17चीज को improve करने के हम उसी में
- 4:19डूपते रहे हैं और डूपते रहे हैं और
- 4:22यह बहुत important बात बोली है तुमने अभी
- 4:24कि उसको identity नह बनाना उसको अपने आप
- 4:27से अलग रखना तो सबसे बले समझते हैं
- 4:29यह emotional resilience होता क्या है यह एक
- 4:32एसी quality है कि हमें अपनी नाकाम्याबी से
- 4:35लडने की ताकत देती है एक उर्जा देती
- 4:37है अब जैसे इस band को देखते हैं
- 4:39यह band इसको मैं खीश सकता हूँ इसको
- 4:43मैं मोर सकता हूँ और जब मैं छोड़ूंगा
- 4:45तो यह अपनी पुरानी shape में आ जाता
- 4:47है emotional resilience भी कुछ ऐसी काम करता
- 4:50है यह एक वो ताकत होती है कि
- 4:52हम अपनी नाकाम्याबी से हार ना बान के
- 4:55उसे कुछ सीख के और आगे बहतर तरीके
- 4:58से उसको handle कर पाएं यह होता है
- 5:00emotional resilience हाँ so emotional resilience का मतलब
- 5:04यह नहीं है कि आपको दुख ही नहीं
- 5:06होगा यह आपको कुछ मैसूस ही नहीं होगा
- 5:08of course होगा हम सब humans हैं हम
- 5:11feel करते हैं मैसूस करते हैं but उस
- 5:14feeling को आपने कैसे manage किया वो आपको
- 5:18emotional resilience से ही आएगा see आपने palm
- 5:21tree देखा होगा जो हम लोग बोलते हैं
- 5:23कि कभी ताल का पेड़ जोड़ता है और
- 5:26कभी तूठता नहीं है कभी भी आदी में
- 5:29जुख जाएगा बड़ टूटेगा नहीं पूइंट यह है
- 5:32कि आपका पेड़ है ऐसा नहीं है कि
- 5:35उसके पर कोई असर नहीं हुआ अगर हावा
- 5:37तेज है तो वो जुग रहा है वो
- 5:39जेल रहा है उस हावा को पर उसमें
- 5:41वो तूट नहीं रहा है यही उसकी strength
- 5:44है क्योंकि वो इतना flexible है उसके roots
- 5:49इतने strong है कि वो actually sustain कर
- 5:52पाता है वो जेल पाता है उस तूफान
- 5:54को तो उसी तरह से हम भी बात
- 5:56करते हैं हम यह नहीं बोलते हैं कि
- 5:57हम किसी हम समाज में रहके हम detatch
- 6:00नहीं हो सकते हैं और होना भी नहीं
- 6:01है तो बड़ा अपनी को इतना strong बना
- 6:03सकते हैं कि वो जो भी तूफान की
- 6:05हम बात कर रहे हैं उसको हम strength
- 6:07के साथ जेल पाएं उससे लड़ पाएं और
- 6:10हर challenge हमें emotionally को mentally strong बनाता
- 6:13है क्योंकि अगर हम challenge face नहीं करेंगे
- 6:15तो हम कैसे उसको handle कर पाएंगे और
- 6:18बहतर तरीके से आगे क्योंकि आज हम छोड़ा
- 6:20था challenge face करेंगे कल हो सकता कोई
- 6:22बड़ा challenge आए हम छोड़े challenge से ही
- 6:24प्रूट जाएंगे तो हम बड़े challenge को कैसे
- 6:26face करेंगे अब तक हमने समझा कि emotional
- 6:28resilience होता क्या है ये भी समझना बहुत
- 6:30दरूरी है कि ये इतना important क्यों है
- 6:33emotional resilience हम सब की जीवन में उतार
- 6:35चड़ा आते ही हैं हम सब में hospital
- 6:37में ECG monitor तो दिखा ही होगा अगर
- 6:40ups and downs आ रहे हैं उस ECG
- 6:42monitor में ये दिखाता है कि उसमें life
- 6:45है अगर वो line straight हो जाये तो
- 6:47वो यही दर्शा आएगा कि कोई life नहीं
- 6:49है तो अगर हमें अपनी life जीना है
- 6:53तो उतार चड़ा तो आएंगे ही आएंगे तो
- 6:55तो मज़ा है जीने का अगर में कोई
- 6:57challenge ही नहीं आएगा life में तो जीने
- 6:59का मज़ा ही क्या है तो उस challenge
- 7:01को accept करके उससे कोई सीख के आगे
- 7:05बढ़ने की शम्ता हमें देता है ये emotional
- 7:07resilience तो बहुत ही अच्छा example दिया हम
- 7:10ups and downs की जब बात करते हैं
- 7:12तो basically आप इसको दूसरे तरफ से भी
- 7:15सोचिए हम से setbacks की बात नहीं कर
- 7:17रहे हैं यहांपे जब आप बहुत ज़ादा कुछ
- 7:19achieve कर रहे हैं कोई celebratory moment है
- 7:21या फिर कोई downside है आप दोनों ही
- 7:24case में अपने emotions को moderate रखते हैं
- 7:27नहीं बहुत ज़ादा खुशी नहीं बहुत ज़ादा दुख
- 7:30आप feel करते हैं इसमें कुछ खराबी नहीं
- 7:33है यह basically यह बताता है कि आप
- 7:34अपने आपको एक balance में रख सकते हैं
- 7:38जब आप कोई rejection face करें या कोई
- 7:41breakdown आपके life में आये हैं तो आप
- 7:44उसके लिए एक strong reaction नहीं बिलकि एक
- 7:47response थे हम लोग अकसर बात करते हैं
- 7:50कि उनका reaction बहुत strong था हम कभी
- 7:52यह नहीं बोलते हैं कि response strong था
- 7:54क्योंकि यही minute सा difference है reaction और
- 7:57response में कि reaction sudden होता है जहांपे
- 8:00आप बिना सोचे एक instant में आप decide
- 8:03कर लेते हैं कि हाँ यह चीज मेरे
- 8:06लिए सही थी या यह चीज मेरे लिए
- 8:07सही नहीं थी पर response के time पे
- 8:10आप एक pause लेते हैं आप एक अपनी
- 8:12thoughts को balance करते हैं और तब respond
- 8:15करते हैं आप reaction के जगा पर response
- 8:18देना शुरू करते हैं तब आपकी growth start
- 8:20होती है क्योंकि तब आपके हर action thoughtfully
- 8:23लिए जाते हैं और याद रहे कि struggle
- 8:26का मतलब सिर्फ failure नहीं होता है अगर
- 8:27आप पनी life पे struggle कर रहे हैं
- 8:29तो यह यह दर्शाता है कि आप अपने
- 8:32जो comfort zone के बाहर काम कर रहे
- 8:35हैं और जब अपने comfort zone के बाहर
- 8:37काम करेंगे तब ही आपकी सही growth होती
- 8:39है अब कुछ दिन पहले मैं एक बहुत
- 8:41successful आद्मी का interview देख रहा था तो
- 8:43उससे पूछा एक interviewer ने कि आप इतने
- 8:45successful कैसे हो गए हैं तो उसने बोला
- 8:47right decisions लेके मैं successful हूँ तो उसने
- 8:50बोला बट आपने right decisions कैसे लिए experience
- 8:53से और experience कैसे आया wrong decisions लेके
- 8:58तो यह wrong decision है यही आपको एक
- 9:02struggle की भूमिका � निभाता है आप struggle
- 9:05करते हैं उस गलर decision से और वो
- 9:07सब एक experience का काम करता है और
- 9:09यह experience एक हंटा करके वो अपनी जीवन
- 9:12में सही decision ले पाते हैं तो हर
- 9:15struggle को आप अपनी लाइफ का एक यह
- 9:18मैं सोचे की this is the end वो
- 9:20एंड नहीं है वो एक stepping stone है
- 9:22वो आपको एक ऐसा सीड़ी दे रहा है
- 9:25कि आप next step पे जा पाएं तो
- 9:28basically जब आप experience gather करते हैं और
- 9:31उन्ही experience को apply करते हैं आगर की
- 9:34life में तो आपको यह भी समझ में
- 9:36आता है कि next situation कैसे better handle
- 9:39हो सकती थी तो आप दूसरे का view
- 9:42point समझ पाते हैं जब हम emotional resilience
- 9:44की बात करते हैं तो हम controlled emotions
- 9:46की बात करते हैं controlled emotions से आप
- 9:49दूसरे का view point भी समझ पाते हैं
- 9:51जिससे आप ज़ादा grounded रहते हैं जितना जदा
- 9:53आप दूसरे के point of view सोच पाएंगे
- 9:55उतना जदा आप acceptable होंगे दूसरे को क्योंकि
- 9:58आप वो flexibility दिखा रहे हैं अपने thoughts
- 10:00में कि मैं कैसे बदल सकता हूँ आपको
- 10:03accommodate करने के लिए मैं आपके according कैसे
- 10:05चल सकता हूँ तो यह emotional resilience इसमें
- 10:08भी काम करता है कि आप कितना जदा
- 10:09intellectually connect कर पारें दूसरे इनसाल से दूसरे
- 10:12से कितना जुड़ पारें हैं real life में
- 10:15अभी तक हमने समझा कि emotional resilience क्या
- 10:17होता है और यह क्यों ज़रूरी है यह
- 10:20भी जानना बहुत ज़रूरी है कि यह बनता
- 10:22कैसे है कौन सी ऐसी चीज़ है जो
- 10:23हमारे emotional resilience को strong बनाती है या
- 10:26फिर उतना strong नहीं बनाती है तो इसके
- 10:29भीचे दो factor हैं बहुत बड़े factor हैं
- 10:32पहला आपका वातावरण यानी आपका environment और दूसरा
- 10:37जो हमने पिछले आपका emotional resilience को strong
- 10:46होगा
- 10:56और अगर आपका environment critical है या उतना
- 10:59साहेग नहीं है आपके लिए तो वो आपका
- 11:02emotional resilience को और तोड़ देता है एक
- 11:05छोड़ा सा example लेते हैं यह बच्चा एक
- 11:07race competition में पार्टिसिपेट करता है और वो
- 11:10सफल नहीं हो पाता है वो पीछे रह
- 11:12जाता है उसमें अगर उसका environment supportive है
- 11:15तो उसको कुछ ऐसा सुनने के मिलेगा कोई
- 11:18बात नहीं बहुत अच्छा है तुमने effort मारा
- 11:20बस तुमने थोड़ा सा
- 11:21इस
- 11:33पर काम करना है और मैं सफल हो
- 11:34सकता हूँ right उसको एक दिशा मिल रही
- 11:37है उसको एक नहीं energy मिल रही है
- 11:38कि हाँ ठीक है आज मैं पीछे रह
- 11:40गया पर मैं improve कर सकता हूँ मैं
- 11:41बदल जाओंगा मैं आगे जीत सकता हूँ पर
- 11:44अगर उसी बच्चे का environment critical है तो
- 11:48उसका कुछ ऐसा सुनने मिलेगा तुम से कभी
- 11:51नहीं होगा तुम हमेशा पीछे रह जाते हूँ
- 11:53क्या तुम एक छोटी सी रेस नहीं जीत
- 11:55सकते थे देखो तमारे साथ वाले बच्चे कितना
- 11:58आगे चले
- 11:59गए
- 12:10तुम आगे जीत सकता हूँ पर
- 12:19उसका कुछ ऐसा सुनने मिलेगा
- 12:24तुम
- 12:29हमेशा पीछे रह जाते हूँ पर
- 12:39उसका कुछ ऐसा सुनने मिलेगा तुम हमेशा पीछे
- 12:44रह जाते हूँ पर उसका कुछ ऐसा सुनने
- 12:47मिलेगा तुम हमेशा पीछे रह जाते हूँ पर
- 12:49उसका कुछ ऐसा सुनने पर आपके अंदर अगर
- 12:50ये बिलीफ है अपने आप में कि मैं
- 12:51कोशिश करूँगा तो ये मैं कर सकता हूँ,
- 12:54ये स्पीछ मैं दे सकता हूँ, ये कॉंपटिशन
- 12:55मैं जीत सकता हूँ इस रेस में अगर
- 12:57मैं पार्टिसिपेट करूँ तो मैं जीत तो जाओंगा
- 13:00तो ये आपके अंदर का एक विश्वास है
- 13:02आपके अंदर ये बात आपको मानना बहुत दरोरी
- 13:05है कि ऐसा नहीं कि आपका environment critical
- 13:08है तो आप कुछ कर नहीं सकते हूँ
- 13:09आप ये मत सोच के बैठ जाओ कि
- 13:11हाँ अभी तो मेरा environment सही नहीं है,
- 13:14मुझे सहायता नहीं देता है, मुझे सहायता नहीं
- 13:16देता है, तो मैं कुछ कर नहीं सकता
- 13:18हूँ आपके अंदर की जो माननता हैं वो
- 13:20आपके विश्वास हैं और उसको अगर आप empowering
- 13:24बनाएं तो आप definitely लाइफ में आगे बढ़
- 13:27सकते हैं कोई भी हार आपको हार नहीं
- 13:29लगेगी, आपको एक stepping stone लगेगा, ठीक है,
- 13:32तो emotional resilience के दो है, एक दो
- 13:35external factor जो की आपका environment और दूसरा
- 13:38internal factor आपकी खुद की माननता हैं, आप
- 13:41इन चीज़ों पर काम करेंगे तो definitely आप
- 13:44कोई भी set back, कोई भी हार आप
- 13:47easily handle कर पाएंगे तो हम लोग बात
- 13:50करते हैं कि commonly लोग जो mistake करते
- 13:53हैं, जब हम लोग emotional resilience पर काम
- 13:55करना start करते हैं, कभी कभी होता है
- 13:58कि हम सोचते हैं कि हमें emotions को
- 13:59control करना हैं, हमें उन्हें manage करना हैं,
- 14:02control करने का मतलब यह हो जाता है
- 14:04कि आपने सोचा कि दुखी हैं, तो हम
- 14:06smile करते रहेंगे, हम दुख नहीं � हमें
- 14:09गुस्सा आ रहे हैं, तो हम चुप हो
- 14:10जाएंगे, पर हम गुस्सा नहीं दिखाएंगे, तो यहां
- 14:12पर आपने emotions को suppress कर रहे हैं,
- 14:15आप उन्हें manage नहीं कर रहे हैं और
- 14:16होता क्या है, जब हम emotions को अपने
- 14:18अंदर दबाते हैं न ईशा, तो वो किसी
- 14:20न किसी form में उभर गे बाहर आता
- 14:22है, emotions क्या हैं, emotions एक energy है,
- 14:26energy को हम नश्ट नहीं कर सकते हैं,
- 14:28उसको हम परिवर्तित कर सकते हैं, एक form
- 14:30से दूसरे form में, तो जब हम emotions
- 14:33को दबाते हैं, तो हम क्या कर
- 14:35रहे हैं, कि यह anxiety,
- 14:45stress और कुछ pain के form में आती
- 14:47है, जो आपका physical pain बॉड़ी में होता
- 14:49है, वो क्यों होता है, वो इसी एवजिसे
- 14:52होता है कि आपने कुछ ऐसा emotions अपने
- 14:53अंदर दबा के रखा हैं और वो बाहर
- 14:56आने की कोशिश कर रहा हैं, और इसकी
- 14:57एक बहुत important study है, psychosomatic जो यह
- 15:01पतात कैसे आपकी उर्जा, कैसे आपकी emotions शरीर
- 15:04में पें के form में वहार आते हैं।
- 15:07और अगर आपको ये emotions को दबाना नहीं
- 15:10हैं, दूसरों के सामने जाहिर करना हैं, जैसे
- 15:11ईशान ने बोला कि हम suppress करते हैं,
- 15:13suppress नहीं करना है, इसको process करना है,
- 15:16इस emotion को.
- 15:16और जब हम emotion process करने की बात
- 15:19करते हैं, तो basically क्या होता है?
- 15:20कि आप उस emotion को जाहिर करें।
- 15:23अगर आपके पास लोग नहीं हैं, जिनके सामने
- 15:26आप वो बात रख पाएं, तो आप सीधी
- 15:27सी बात है, आप pen उठाये, paper उठाये,
- 15:30और उस emotion को लिग डालें।
- 15:32तो आप क्या कर रहे हैं?
- 15:33आप वो energy निकाल रहे हैं, वो आप
- 15:35emotion को express कर रहे हैं.
- 15:37पर सबसे अच्छी बात तो यह होगी कि
- 15:39आपने friends, family के साथ वो बात share
- 15:41कर रहे हैं, so that आप अपने आपको
- 15:43उस चीज़ से completely free कर पाएं.
- 15:44बड़ नहीं है, तो आप उसको journal भी
- 15:47कर तकते हैं, नोट पैट पर लिग करते
- 15:49हैं, फिर आप फार के फेज़ दी कि
- 15:50कोई पढ़ना पाएं उसकी इसको.
- 15:52तो आप क्या कर रहे हैं?
- 15:53आप अपने emotion को process कर रहे हैं,
- 15:55उसको दबा नहीं रहे हैं.
- 15:56दबाना नहीं है, process करना है.
- 15:58और एक बहुत अच्छा concept है emotional resilience
- 16:00का, कि आप समता में रहे हैं.
- 16:02समता मतलब होता है balance, mindful actions, moderate
- 16:06emotions.
- 16:07So, जब हम बात करते हैं, हम लोग
- 16:09balance बहुत casually use करते हैं, ये word.
- 16:11हम बोलते हैं, work-life balance होना चाहिए,
- 16:14diet balance होना चाहिए, mindset balance होना चाहिए.
- 16:17पर हम ये नहीं समझ पाते कि balance
- 16:19का मतलब क्या है?
- 16:20Basically, हम ये बोलना चाहते हैं, कि आप
- 16:23जो भी कर रहे हैं, उसमें extremity नहीं
- 16:25होनी चाहिए, उसमें अती नहीं होनी चाहिए.
- 16:27अगर आप खाने की बात करेंगे, तो खाना
- 16:29अती में बुरा है, कोई भी emotion उस
- 16:31असाबसे अती में बुरा है.
- 16:33अगर आप ज़्यादा खुश हो रहे हैं, तो
- 16:35वो भी कहीं न कहीं आपको, जब वो
- 16:37चीज़ eventually fade out हो जाएगी, तो आपको
- 16:39फिर खराब होने लगेगा.
- 16:41इसलिए हम लोग समता की बात करते हैं.
- 16:42दूसरी गलती जो हम अकसर करते है, वो
- 16:44होता है कि हम aware ही नहीं है,
- 16:46हम जागरूख ही नहीं है कि कौन से
- 16:48emotional triggers हैं, जो हमें effect कर जाते
- 16:50हैं.
- 16:51कभी कभी ऐसा होगा, कि हम एक situation
- 16:54में हैं, हम दुखी हैं, पर हम नहीं
- 16:55समझ पारें, हम दुखी क्यूं हैं.
- 16:57और दूसरा इंसान वही बात समझ जाएगा, जैसे
- 16:59हम अपनी mothers को देखते हैं, हम बोलते
- 17:01हैं कि तुम इतने emotional क्यों हो गया
- 17:03है, पर वो उनका तरीका है उसे handle
- 17:05करने का, पर हाँ वो इस तरीके पर
- 17:08काम करे, तो शायद वो better manage कर
- 17:10लेंगे, एक tough situation को.
- 17:11उसी तरह से अगर हम aware हो जाएं,
- 17:13कि ये particular चीज मुझे bother कर जाती
- 17:16है, तो मैं उसके लिए और aware होके,
- 17:18मैं ये सोच सकती हूँ कि नहीं, ये
- 17:20हम differently भी handle कर सकते हैं, ये
- 17:22बात को हम थोड़ा दूसरी तरी से process
- 17:24कर सकते हैं, तो जब हम दुबारा से
- 17:26उस situation में आएंगे, मैं
- 17:42अपने दर्शोगों को बताना चाहूँगा कि आने अपिसोड
- 17:44में हम cover करेंगे mindfulness, meditation, और ऐसे
- 17:48बहुत सारे दूस, जो आपको help करेंगे, अपने
- 17:51आपको और अच्छी तरह से पहचानने में, जानने
- 17:53में, और ये जानना ये नहीं कि आपको
- 17:55कोंसा Netflix का series पसंद है, ये जानना
- 17:58वो है, कि आप अपने emotions को और
- 17:59अच्छे से पहचान पाएं, आप उस चीज़ को
- 18:02पहचान पाएं, जो आपको सही में खुशी देती
- 18:04है, तो दोस्तों अभी दाख हमने समझा emotional
- 18:06resilience के बारे में, कि ये कैसे होती
- 18:09है, क्या होती है, इसको हम कैसे पहचान
- 18:11सकते हैं, और कौन से factors इसको impact
- 18:14करते हैं, आप सबसे important खीज़ है, इसको
- 18:17handle कैसे करें, इसको हम और मजबूत कैसे
- 18:21बनाएं, तो इसके लिए मैं आपको तीन question
- 18:24देना चाहूँगा, जो आप daily रात में try
- 18:28करियें, और अपने