Latest / Khushei Ki Duniya / Library Wali Love Story
Transcript
- 0:00सो है गाइस युअर होस्ट कम दोस्त खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:04स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू गाइस आई होप युअर गाइस मिस्ड मी और तो कैसे हो
- 0:09तुम लोग? अच्छा ये वाली कहानी फिर मैं
- 0:13पार्ट्स में नहीं बना रही हूँ। सच बात ये है की अभी 1975 पूरी
- 0:16गयी नहीं है। मैं तो आज रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 0:1916 तारीख को ही। एंड आई होप की तुम्हें अच्छी लगी
- 0:22हो। 19752 आई हाड अक्चवली सेकंड थॉट्स
- 0:24अबाउट इट बिकॉज़ ये पहली ऐसी कहानी थी मेरी जिसमे मैं थोड़ी सी
- 0:29अंडर कॉन्फिडेंट थी दो इसके पहले और दूसरा पार्ट तो आई न्यू दट दे
- 0:32वेर अमेजिंग बट जो तीसरा पार्ट था ना उसका मैंने सोचा की यार।
- 0:38मतलब कोई अंदाजा नहीं था। मुझे तो अब तुम बताना वैसे तो
- 0:42इसके बाद जब तक ये जाएगी तब तक तो मुझे पता चल ही जाना है जो भी है
- 0:46चलो फिर अपने लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ लेट मी
- 0:51स्टार्ट दी। स्टोरी तो ये कहानी है अधीर और
- 0:56सुनैना की, जिसका नाम है। शेल्फ नंबर नाइन अब तुम सोच रहे
- 1:01होंगे शेल्फ नंबर नाइन चलो तो सुनैना।
- 1:08उसे अपनी जो लाइब्रेरी थी उसकी सिटी में एक बहुत प्यारी सी
- 1:12लाइब्रेरी थी, काफी पुरानी लाइब्रेरी थी और उसे किताबें
- 1:15पढ़ने का बहुत ज्यादा शौक था। उसे बहुत पसंद थी।
- 1:19किताबें उनकी एक अलग दुनिया होती है।
- 1:22वेल टु बी ऑनेस्ट, आई ऍम नॉट ए बुक लवर ऑर ऐसा कुछ बट या मैं
- 1:26ब्रदर इस ए डाई हार्ट फनमुक लाइक ए नेथ्रल मिस्ट्री ये वो पता नहीं
- 1:31वो बहुत किताबें पढ़ चूके है एंड आई ऍम लाइक।
- 1:34ही ओनली सजेस्टेड मी टू ऑफ़ देम तो मेरे पास दो ही किताबें पढ़
- 1:37पायी हूँ अपनी ज़िन्दगी में, अपने कोर्स के अलावा जो मुझे ये था कि
- 1:41हाँ ये मुझे पढ़ाई से लेना देना नहीं है पर पढ़ लो सो देर वास्
- 1:45थिस एंड देन देर वर देन ब्य अगाथा क्रिस्टी एंड देर वास् अनँद्अर
- 1:49वॅन इन दी वुड्स जो की है ब्य, हैल एंड गोमन भाई ट्रस्ट मी इफ यू
- 1:53लाइक तुम्हें कहानियों सुनना पसंद है या पढ़ना पसंद है तो तुम की
- 1:58किताबें पढ़ो। दी वुड्स मैंने एक लौटी ऐसी किताब
- 2:02थी जो पढ़ी थी एंड आई वास् लाइक अरे अरे क्या मस्त सॉलिड किताब है
- 2:06उसके बाद मैंने बहुत सारे कोविन की सीरीज भी देखी दे।
- 2:09अरे अमेजिंग मस्ट टेल यू तो खैर सॉरी सॉरी हम थोड़ा इस ऑफ दी
- 2:13टॉपिक चले गए थे, बट यही तो बात है ऑफ दी टॉपिक ऑन दी।
- 2:17टॉपिक चलता रहता है और ज़िन्दगी में भी प्यार है।
- 2:19यार ऐसा थोड़ी है की 1 दिन जाता है एक कहानियों में भले ही वो 20
- 2:23मिनट में खत्म हो जाता हो लेकिन कुछनवों की जिंदगियां गुजर जाती
- 2:26है। प्यार ढूंढने में समझ रहे हो तुम
- 2:28तुम नहीं समझ रहे हो ना यार तुम सिंगल हो?
- 2:31कैसे समझ रहे हो तुम पे चलो तो हाँ तो सुनैना उसे बहुत पसंद था
- 2:40किताबें पढ़ना, किताबों की दुनिया में रहना, उसके लिए वो कुछ अलग
- 2:45जानर था। जो लोग नहीं पढ़ते थे।
- 2:48जनरलली जैसे लोगों को मिस्ट्री, थ्रिलर या रोमेंटिक नोवेल्स हॉरर
- 2:53यही सब ज्यादा पसंद है। उसे पसंद थी हिस्टरी इट्स ए बिट
- 2:57ऑफ़ ए स्ट्रेंज हैबिट और जो सेल्फ नंबर नाइन था उस लाइब्रेरी का
- 3:02वहाँ पे कोई नहीं जाता था। सुनैना के अलावा।
- 3:05या फिर कभी एक दो लोग आ गए? बहुत मानो तो इट वास् लाइक हर
- 3:09स्पॉट वो जाती थी शेल्फ नंबर नाइन में से हर बार कोई एक नई किताब
- 3:14देखती वहीं बैठकर उसे पढ़ती और उसे अलग लेवल की हैपीनेस मिलती
- 3:18थी। अब हमें अलग अलग चीजों से खुशी
- 3:21मिलती है। जैसे मुझे ये पोडकास्ट बनाके खुशी
- 3:23मिलती है। तुम्हें ये कहानियों सुनके खुशी
- 3:25मिलती है तो और खुशी नाम की जो लड़की है वो किसी न किसी को
- 3:29मिलेंगे। ओके दैट वॉज़ ए वेरी वेरी बैड जोक
- 3:34एंड आई मस्ट से आई एम सॉरी टु ऑल दी यू वेंट टु माइसेल्फ बट मेरा
- 3:40बहुत खराब हो गया है सॉरी। दो एक टाइम था जब मेरा ह्यूमर
- 3:44इतना सॉलिड था ना यू वोंट बिलीव कि क्या बोलते हैं?
- 3:49एक बार हमारे क्लास में किसी टीचर ने पूछा था कि तुम्हारे क्लास में
- 3:52पूरा किसका सबसे अच्छा ह्यूमर है? इसमें कौनसी बड़ी बात है?
- 3:59ऐसा था भाई, मेरा ह्यूमर बहुत सॉलिड था।
- 4:01अब थोड़ा ऐसा ही है। लग गयी मेरी उम्र को सॉरी वॅन्स
- 4:04अगेन ऑफ दी टॉपिक कहानी पे आता है आई ऍम वेरी सॉरी सुनायना आपको
- 4:08पसंद थी हिस्टरी और ज्यादातर लोग वहाँ नहीं जाते थे तो सुनैना ना
- 4:13अपने लिए अपने फन के लिए उसे पसंद था की हर एक हिस्टरी बुक में वो
- 4:18कुछ न कुछ लिख कर अपनी तरफ से स्टिकी नोट से।
- 4:21और लगा दिया करती थी क्योंकि उसे पता था की ये कोई और पढ़ने से रहा
- 4:25तो काइंड ऑफ़ जैसे उसकी एक मेमॅरि बन जाती थी।
- 4:28उन किताबों में तो उसके लिए ये बहुत स्पेशल चीज़ थी।
- 4:31ऐसा था कभी जैसे उसे कुछ एंगर का, तो उसने वो एक किताब में लिख
- 4:36दिया, चिपका दिया उस स्टिकी नोट और फिर वो भूल भी जाती थी तो इट
- 4:39वास् काइंड ऑफ़ की। वो एक डायरी लिखती थी, लेकिन हर
- 4:42एक किताब में एक अलग नोट के हिसाब से नाउ दट्स ए डिफरेंट काइंड ऑफ
- 4:47रोमांस आई वुड से, क्योंकि हिस्टरी बुक्स में और कोई अपनी
- 4:51डायरी लिखता है दट्स वेरी स्ट्रिक्ट बट हम सब इंसान हैं हम
- 4:56सब कुछ ना कुछ अजीब हरकतें रहती हैं, है ना?
- 4:59दट्स आवर ट्रेडमार्क लाइक फॉर एग्ज़ैम्पल मेरी एक कज़िन है, वो
- 5:03बहुत फनी फेसेस बनाती है एंड दट्स हर ट्रेडमार्क मेरा मुझे अभी कुछ
- 5:07याद नहीं आ रहा, बट आई थिंक आई मेक दी तो वो एक ट्रेडमार्क हो
- 5:11सकता है, आई डोन्ट नो मुझे मेरा याद आएगा, तुम्हे जरूर बता तो हर
- 5:14एक इंसान का एक ट्रेडमार्क रहता है।
- 5:16उसका ये था उसकी की वो अपनी डॅडी की तरह और हिस्टरी बुक्स को यूज़
- 5:21किया करती थी और उनमें कुछ ना कुछ रहती थी।
- 5:23जो भी था ऐसा ही था। अब 1 दिन कुछ अजीब हुआ जो की
- 5:29अनएक्सपेक्टेड था। कुछ चीज़े ऐसी होती है ना जो हम
- 5:31एक्सपेक्ट नहीं करते और जब वो चीज़े हो जाते तो वी फील लाइक आरे
- 5:35ये कैसे हो सकता है? ये तो पॉसिबल ही नहीं था क्योंकि
- 5:40उसने देखा की जहाँ वो बैठा करती थी जीस सेल्फ नंबर नाइन के पास वो
- 5:44रहा करती थी कोई नहीं जाता था वहाँ आज एक लड़का बैठा था और कौन
- 5:50था ये लड़का उससे कोई अंदाजा नहीं था।
- 5:53क्नॉइस उसने पहले कभी भी इस लाइब्रेरी में उस लड़के को नहीं
- 5:56देखा था तो उसके लिए बहुत अजीब हो गई।
- 5:58ये बात अब वो उसके सामने ना लाइक वो चाहती नहीं थी की वो इंसान को
- 6:04मतलब यू नो पता चले की वो भी वहाँ उसे लगा की थोड़ा अजीब लगेगा।
- 6:08वो माइट भी कुछ करने आया होगा, थोड़ा बहुत अपना कॉलेज वॉलेज का
- 6:12रिसर्च तुम वो एक दूसरे जगह जाके बैठ गई उसके यूसुअल स्पॉट से और
- 6:18वो बस देख रही थी की कब जाके वो लड़का वहाँ से जाए और वो कोई
- 6:21किताब ले पड़े क्योंकि उसका था वो चीज़ तो अब वो वेइट् करे जा रही
- 6:26है करे जा रही है करे जा रही है ये क्या ये इंसान शायद यहाँ कोई
- 6:31काम से नहीं आया था? पर ऐसा कैसे हो सकता है की
- 6:34हिस्टरी किसी और का भी फेवरेट हो लाइक दट।
- 6:37वास् ए प्रीटी डिफिकल्ट थिंग टु हैपन यू नो।
- 6:40क्योंकि उसे लगा था की ये बहुत बोरिंग होता है।
- 6:42लोग हमेशा उसे कहते थे की तुम ये हिस्टरी के किताबें क्यों पढ़ती
- 6:45हो? उसे उसे ये था की यार हम सबको
- 6:47किसी ना किसी चीज़ से किक मिलती है।
- 6:49हिप्परस मिलती है मुझे हिस्टरी से मिलती है बिकॉज़ इट्स नॉट फिक्शन
- 6:54इट्स जस्ट की वो बहुत पहले हुई थी।
- 6:56वो चीज़ तो मुझे पसंद है पर उसे लगा नहीं था की सामने वाले इंसान
- 7:01को भी पसंद होगा। लेकिन अब उससे भी बड़ा शौक ये था
- 7:05की उस किताब में उसने कुछ तो सिक्खी नोट पे लिखा था और वो
- 7:09इंसान बड़े से उस चीज़ को पढ़ रहा था क्नॉइस।
- 7:12दी डोस ऑल लाइक अरे यार आप को रोक भी नहीं सकती थी तो उसने सोचा की
- 7:17इसे कौन सा ये पता चल रहा है की मैंने लिखा था मैं जाने देता कुछ
- 7:21देर हुई आधे 1 घंटे बाद वो लड़का वहाँ से चला गया और फिर गई वापस
- 7:26सुनैना अपनी उस जगह पे एंड उसने देखा कि उस नोट में आकर उसने लिखा
- 7:30क्या था? उसने किताब देख ली थी।
- 7:31तो उस नोट में लिखा हुआ था, उसने सोचा कि भाई मैं देखो तो इसने
- 7:35पढ़ा क्या? तो उसमें उसका उस दिन कुछ इसी बात
- 7:38पे किसी से झगड़ा हुआ था तो शायद उसने गुस्से में कुछ लिखा था की
- 7:42यार लोग ऐसे क्यों करते हैं और लोग हमेशा क्यों अच्छे लोगों के
- 7:45साथ बुरा करते हैं? ऐसा कुछ लिखा था तो नीचे कुछ नया
- 7:50लिखा था। एंड शी वास् लाइक ये किसने लिखा
- 7:54तो शायद उसकी नजर नहीं रही होगी। तब उस लड़के नहीं लिखा होगा पर
- 7:58वहाँ लिख रखा था की शायद हर चीज़, हर लड़ाई हमें कुछ ना कुछ सिखाती
- 8:04है। शायद उस दिन भी तुम्हें कोई ना
- 8:06कोई सीख तो जरूर मिली होगी। ये बात पढ़ने के बाद क्नॉइस हाँ
- 8:10सुनैना ने वापस सोचा कि उस दिन क्या क्या हुआ था और सच में शायद
- 8:15उसे उस दिन बहुत सारी चीजें सीखने को मिली थी।
- 8:18तो शी थॉट बात तो सही कही इस इंसान ने और उसने सोचा यार मेरा
- 8:23ले गया था और वो अपनी कहानियों वापस से पढ़ने लगी।
- 8:28अगले दिन। जब वो आयी तो उसने देखा की चलो
- 8:31फाइनली आज वो लड़का यहाँ नहीं है और वो जा कर उसने देखा की एक बुक
- 8:36अक्चवल में वहाँ रखी थी जो की अनकॉमन था क्योंकि जो भी बुक
- 8:41पढ़ता था वो शेल्फ में रख देता था तो शी हिस्टरी बुक ही।
- 8:46की यहाँ क्यों रखी है और वो पढ़ भी चुकी थी।
- 8:48वो कहानी किताब तो उसने सोचा तो उसने एक बार को बताया नहीं क्यों
- 8:52उसने वो किताब खोली एंड गेस वर्ड वहाँ पे उसका एक और नोट था जहाँ
- 8:59पे उसने लिख रखा था अपने क्रश के बारे में की यार अब वो चला गया
- 9:03यहाँ से और मैं बस हमेशा से देखती ही रह गई।
- 9:06और उसके नीचे लिखा था काश तुम उसे बता देती क्या पता वो भी तुम्हें
- 9:11पसंद करता होता। क्या पता वो नोट्स एंड नाउ शी
- 9:14वास् लाइक अरे यार मतलब वो लड़का आज भी आया था और उसे आज भी मेरा
- 9:18नोट मिल गया नाउ शी वास् यार ये तो सही नहीं है बट उसने भी।
- 9:25अगली किताब में लिखा की आखिर तुम हो कौन और यहाँ हर रोज़ क्यों आने
- 9:30लगे हो? और ये लिखने के बाद वो अगले दिन
- 9:35इस किताब को पहले तो रख गई। उसके बाद अगले दिन वापस आई जल्दी
- 9:38से सुबह के वक्त और वो वहाँ वो किताब रख के चली गई।
- 9:41ये लाइब्रेरियन थे उसे अच्छे से जानते थे।
- 9:44तो उसने कहा कि आप इसको यही रखे रहने दीजिएगा और ये कह कर वो वहाँ
- 9:48से चली गई। शाम को जब लौटकर आई तो
- 9:52अनेक्सपेक्टेडली उसने देखा कि वो लड़का वहीं बैठा था एंड आज जैसे
- 9:57ही सुनैना उसे देख कर जाने लगी ही सैड हैलो है शी वास् लाइक शीत
- 10:02क्नॉइस। तो वो मुड़ी एंड उसने कहा कम सेट
- 10:07तो उसने कहा नो नो यू कैर्री ऑन पढ़ो आई ऍम नॉट ए रेगुलर पर्सन
- 10:13हियर एंड ऐसा कुछ बोल के बिकॉज़ उसे नहीं ये था की उसे पता लगे की
- 10:16ये नोट्स मैं लिखती थी तो वो जैसे ही जाने लगी तो।
- 10:21जो लड़का था जिसका नाम अधीर था ही सैड है, आई ऍम अधीर एंड आई नो कि
- 10:26तुम यहाँ हर रोज़ आती हो, शायद कुछ दिन से मैंने तुम्हारी जगह है
- 10:30चेक कर लिया उसके लिए आई ऍम प्रीटी सॉरी और तुम मेरे साथ यहाँ
- 10:35बैठ के भी पढ़ सकती हो। आई नॉट गाना से एनीथिंग?
- 10:38शी सैड, आप मुझे अकेले में कहा नहीं, आप ये किताबें पढ़ना पसंद
- 10:42है ही, सैड ज़िन्दगी में चेंजेस आना जरूरी होता है।
- 10:46ये चेंज शायद कुछ अच्छा हो सो सुमैना ने वहाँ बैठे ही हो और
- 10:51उसने सोचा कि ठीक है कोई दिक्कत नहीं है।
- 10:53वह वहाँ बैठ गई एंड शी सैड। बहुत सारे नोट्स यार मुझे नहीं
- 11:00पता था की कोई यहाँ पे हिस्टरी जॉइनर की किताबें पढ़ने भी आएगा
- 11:03और ये सेल्फ नंबर नाइन स्पिल लेजिट में अपनी रजिस्ट्री करवा
- 11:07चुकी थी क्योंकि यहाँ कोई नहीं आता था।
- 11:09मुझे अंदाजा भी नहीं था की मेरे जैसा कोई और भी होगा।
- 11:12इन लोगों की भाषा में जो जनरल यहाँ आते है दे यूज़्ड टु से की
- 11:15आई ऍम ए फ्री क्नॉइस। जो यहाँ पे बसे हिस्टरी की
- 11:17किताबें पड़ती है तो आगे से अधीर ने कहा की हौ डू यू हिस्टरी, इस
- 11:23समथिंग जो ये लोग फ्रिक्शन पढ़ते है हिस्टरी इस समथिंग ऐट लिस्ट वो
- 11:26रियल तो है हाँ बहुत पुराने जमाने में वो चीज़ हुई थी बट इट्स रीयल
- 11:30फ्रिक्शन से बेहतर है एंड शी सैड एग्ज़ैक्ट्ली दट्स मैं पॉइंट
- 11:34इसीलिए तो मैं ये किताबें पढ़ती हूँ।
- 11:36चलो किसी से तो मैच हुआ, मेरा थिंकिंग ही मैच नहीं होती थी यार
- 11:41यहाँ किसी से अधीर सैड हाँ, वही तो मुझे भी पहले बोलते थे लोग बट
- 11:46देन आई थॉट डायरेक्ट ये बोलने से क्या होता है अपने दिल की करनी
- 11:49चाहिए इंसान को एंड सुनैना सैड करेक्ट चलो फाइनली।
- 11:56एंड देन ही सैड की। वैसे तुमने यहाँ की सारी किताबें
- 11:58पढ़ ली। उसने कहा नहीं सारी तो नहीं,
- 12:01क्योंकि कुछ चेंज हो जाती है कभी, जभी बट हाँ मोस्ट ऑफ़ देम सो ही
- 12:05सैड की हर किताब में एक नोट लिखा है क्या?
- 12:08तो उसने कहा या मोस्टली तो उसने कहा चलो ये भी सही है।
- 12:13हर एक हिस्टरी बुक में एक नया नोट है क्नॉइस।
- 12:15और पता है मुझे तुम्हें तो मैंने फर्स्ट डे पर ही नोटिस कर लिया था
- 12:19जैसे हिसाब से तुम मुझे जा रही थी ना समझ में आ गया था की तुम्हारा
- 12:23स्पॉट है और उस हैंडराइटिंग से पता नहीं क्यों लगा की जैसे तुम
- 12:27ने ये लिखी थी अब उस दिन मॉर्निंग में तुम आयी थी।
- 12:31वो किताब बाहर रखी थी तो मैंने लाइबेरियन से पूछा था एंड ही सैड
- 12:34की सुनैना यहाँ पे रखने चली गयी है नाउ पता नहीं बट आई थॉट की तुम
- 12:38ही सुनैना होगी तो बस मैं खुद तुम्हारा वेइट् कर रहा था की मेरे
- 12:43होने या ना होने से तुम अपनी हैबिट भी चेंज कर रही हो।
- 12:46तुम आती हो, किताबें पढ़ती हो तो पढ़ो फिर होने या ना होने से क्या
- 12:49फर्क पड़ता है एंड शी सैड। हाँ, मुझे बस थोड़ा अजीब लगता है
- 12:53की यार जो भी है मुझे लगता है तो फिर उस लड़के ने उसे कहा कि पता
- 12:57है हम ना आंधी जिंदगी ना बस यही सोचते रहते हैं, ये क्या सोचेगा,
- 13:01वो क्या सोचेगा, ये हमारे बारे में क्या सोचता होगा, क्या फर्क
- 13:05पड़ता है यार तुम बताओ तुम कितने लोगों के बारे में सोचते हो एंड
- 13:09शी सैड। किसी के बारे में नहीं।
- 13:11मुझे मुझसे फर्क है तो ही सैड एग्ज़ैक्ट्ली सबको अपने आप से
- 13:14फर्क पड़ता है। आज के जमाने में किसी को किसी की
- 13:17नहीं पड़ी है देन शी सैड हाँ, वैसे बात तो सही है पर मैं हूँ ही
- 13:23ऐसी ओवर थिंकर एंड ही सैड ओवर थिंकर तो हर कोई होता है।
- 13:28बस कोई अपने कंट्रोल कर लेता है तो कोई बस अपनी रात की नींद उड़ा
- 13:32लेता है। हम सब कहीं ना कहीं कोई बात नहीं
- 13:36है। दट्स ऑल्सो नॉट ए बिग डील।
- 13:37धीरे धीरे सुनैना को समझ आने लगा की अधीर जो इंसान था वो बहुत
- 13:43सुलझा हुआ इंसान था। वो शायद अब सुनैना की ज़िन्दगी जो
- 13:47इतनी उलझा रखी थी, उसने कहीं न कहीं उसे सुलझाने के एक छोटी सी
- 13:51कोशिश कर रहा था। हर रोज़ अब वो उस लाइब्रेरी में
- 13:54मिलते। हर रोज़ सुनैना अपना कोई न कोई
- 13:57अजीबो गरीब थॉट उसे बताती की क्या पता है उस लड़की ने ऐसे देखा।
- 14:01मुझे लगा कि वो ना मेरे बारे में कुछ सोच रहा होगा।
- 14:03एंड फिर वो उसके उन ख्यालों को बहुत आराम से सुलझाता, उसे बताता
- 14:07की ज़िन्दगी में हर किसी के बारे में सोचोगी तो अपने लिए कब सोचोगी
- 14:12धीरे धीरे उसकी ज़िन्दगी का एक अहम हिस्सा बनिया था।
- 14:17फिर 1 दिन सुनैना से पूछा की वैसे तुम अचानक से 1 दिन यहाँ आ गए
- 14:22क्नॉइस नहीं थे यहाँ पे तो अधीर ने कहा कि किस्मत हमें कहीं ना
- 14:27कहीं ले ही जाती है। शायद उस वक्त मेरा यहाँ आना जरूरी
- 14:31था। मैं यहाँ आ गया सो सरेरा ने कहा,
- 14:34पर बताओ तो सही, आखिर मैं तुम्हारे बारे में इतना जानती भी
- 14:38नहीं हूँ तो अधीर सैड की। जहाँ मैं पहले लाइब्रेरी में जाया
- 14:42करता था वो हो गयी। इसी भी रीसन से आई डोन्ट नो तो
- 14:46मुझे यहाँ आना पड़ा वहाँ पे लोग एग्ज़ैक्ट्ली मुझे ऐसा बोलते थे
- 14:51की ये हिस्टरी बुक्स क्यूँ पढ़ते हो ये वो फिर यहाँ पे आया तो मुझे
- 14:55तो आई रियलाइज्ड की वहाँ का जो मैं था शायद यहाँ की वो और उस दिन
- 15:00मैं बताया भी। हमारा मिलना ना मिलना, बातें होना
- 15:05ना होना सब कुछ लिखा हुआ है। मैं ज्यादा टेंशन नहीं लेता तो बस
- 15:09यहाँ आना लिखा था, फिर हाँ आ गया, तुमसे मिलना लिखा था तो मिल गया
- 15:13और तुमसे बातें करना लिखा था तो कर रहा हूँ सुनैना जिंदगी ना जीने
- 15:18के लिए होती है। इतने सवालों से घिरे होने के लिए
- 15:20नहीं, हाँ, कभी कभी हम सोचते है, पर उन जीतने भी थॉट्स होते है।
- 15:25ना बस बता दो सामने वाले को दिल में जब तक रखोगे ना 1000 सवाल
- 15:29रहते है ऐसा तो नहीं होगा वैसा तो नहीं होगा और तुम्हें नहीं पता
- 15:32सामने वाले की स्टोरी क्या होगी? ओवर थिंग एंड एव्रीथिंग ये सब
- 15:37नहीं करने चाहिए ना? सुनैना को तब धीरे धीरे समझने लगा
- 15:41की शायद अधीर उसकी ज़िन्दगी में आया ही था।
- 15:44उसे सुलझाने के लिए जितनी उलझी हुई वो थी, वो तो कभी खुद को नहीं
- 15:50सुलझा पाते। धीरे धीरे उनकी बातें बढ़ने लगी,
- 15:53दोस्ती हुई और दोस्ती से प्यार। की आखिर प्यार की पहली सीढ़ी
- 15:59दोस्ती होती है। फिर चलो ये कहानी तुम्हें कैसी
- 16:02लगी? वो तुम मुझे बता सकते हो और अगर
- 16:05कोई भी इश्यू हो तो तुम मुझसे हमेशा बात कर सकते हो।
- 16:07ऐट के यु अंडरस्कोर एस हेच पीआइ अंडरस्कोर मिलते हो तुमसे?
- 16:15अगली कहानी में। ऑल्सो बाय बाय बोलने के बाद एक
- 16:20बार मैं लौट के ना कैसे तुम्हारा खाना पचेगा।
- 16:23मैं तुम्हारा खाना बचने के लिए आउट के आती तो ना?
- 16:27यूट्यूब पर मैंने बहुत अच्छे अच्छे शॉट्स बनाए थे।
- 16:30मेरे से बहुत सारे लोगों को पसंद आए।
- 16:32उसके लिए थैंक यू वेरी मच। एंड हाँ, अभी आज हमारी रैंकिंग
- 16:37थोड़ी सी और नीचे हो रही है। अब आई डोन्ट नो कि आगे कैसे
- 16:42रहेंगी वो रैंकिंग बट आई होप कि हम जल्दी से जल्दी टॉप आई नो कहने
- 16:47में बहुत अजीब बात है, बट आई गेस हम जल्दी से जल्दी टॉप 50 में आ
- 16:50जाए क्योंकि भाई बहुत सारे प्रॉमिसेस ले रखे हैं।
- 16:54आई जस्ट ओपेन विश की जल्दी से बस अच्छा अच्छा हो वैसे तो जिंदगी
- 16:58में तुम लोग बस खुश रहो और मुझे ज्यादा कुछ चाहिए भी नहीं।
- 17:03चलो फिर मिलते हो तुमसे अगले कहानी में।