Latest / Baba ji Vijay Vats / 1 July 25 - जीवन का रहस्य: न वेद, न गुरु.... सिर्फ खुद की खोज | Powerful Spiritual Talk |
Transcript
- 0:21बाबा जी प्रणव तीन वर्ष पहले मैं आपके पास आया।
- 0:35परमात्मा की तलाश और आपने कहा कोई परमात्मा परमात्मा नहीं तबाबू
- 0:49यहाँ से और तीन वर्ष बाद 22 जून। आप लोग मुझे दीक्षा भी देते हैं,
- 1:12क्योंकि जब मैं पहले तीन वर्ष पहले आया था तो जैसे ही मैंने
- 1:20आपके समीप। आया।
- 1:26मैं खुद नहीं आया, मुझे किसी शक्ति ने दकेल दिया और मुझे पता
- 1:35ही नहीं चला आपके द्वार से कब मैं आपके पास पहुँच गया।
- 1:44मैंने आपको प्रणाम किया, बाबा मैं आपसे दीक्षा लेना चाहता हूँ, मैं
- 1:52परमात्मा की तलाश में हूँ, आपका जवाब था, मुझे आपकी याद है यहाँ
- 2:01से भागो। कोई परमात्मा वरमात्मा नहीं होता
- 2:04है। ये सब मूडों की खोजें हैं और
- 2:12तुमने मुझे भगा दिया लेकिन पहली बार जब आया जो मैंने देखा।
- 2:21वह कल्पना से परे था। तीन वर्ष के इंतजार के बाद मेरा
- 2:30कोई नंबर नहीं था, मैंने कोई अप्लाई नहीं किया था।
- 2:34सहसा मैं फिर पहुंचा अब की आप अपने पुराने घर में नहीं थे।
- 2:42आप आश्रम अच्छा, मैं बैठा और आप मुझे दीक्षा दीजिए और दीक्षा के
- 2:57बाद जो हुआ, उसे मैं वर्णित नहीं कर सकता, ये क्या था?
- 3:05क्यों कहा कुएं के पास अगर बिन प्यासा व्यक्ति पहुंची जाए इसको
- 3:20अभी प्यास नहीं लगी? तो कुंआ उनसे ये बात कह दे कि कोई
- 3:27जल वगैरह नहीं होता है। भाग जाओ तो यह कोई गलत उत्तर न
- 3:33होगा, वैसे भी परमात्मा। का जो मजाक आपने बनाया, अगर
- 3:47परमात्मा के बारे में कुछ न कहते, मौन हो जाते तो ज्यादा बेहतर था,
- 3:54क्योंकि जैसे ही आप कुछ बोले आपने परमात्मा को बिगाड़ दिया।
- 4:03परमात्मा अभय सिंह है। तुमने उसे सीमाओं में कैद कर
- 4:08लिया। परमात्मा परम आनंद है।
- 4:13तुमने उसे छोटे छोटे स्रोतों में कैद कर लिया।
- 4:17परमात्मा परम प्रेम है। तुमने उसे छोटे छोटे प्रेमों में
- 4:21कैद कर लिया, परमात्मा की जो गति तुमने बिगाड़ी जो होलिया तुमने
- 4:31खराब किया और ये किया धार्मिक लोगों ने, अधार्मिकों ने तो कुछ
- 4:36नहीं किया। अधर्मिक लोग इसके जिम्मेदार नहीं
- 4:41नमारक से न नीचे इसके जिम्मेदार धार्मिक लोग हैं तथा कथित धार्मिक
- 4:55मुझे याद नहीं है। तुम आये हो गए और मैंने ये कह
- 5:03दिया होगा स्वभाविक है नहीं जाने मैंने लाखों व्यक्तियों को हजारों
- 5:11व्यक्तियों को ये बात कही। बकवास बंद करो, कोई परमात्मा नहीं
- 5:15होता है, तुम अपना काम धाम करो, कर्तव्य निर्वहन करो, खाओ, खेलो,
- 5:23मोज करो, परमात्मा एक भ्रम है और इस भ्रमजाल में मत फसो हजारों
- 5:31लाखों लोगों को मिल। फ़ोन आते ही गड़बड़ कर दिया।
- 5:38बाबा मैं दीक्षा चाहता हूँ, काहे मैं दुखी हूँ?
- 5:45मैंने कहा फिर दुख का इंतजाम करो, सोना है परमात्मा।
- 5:51कि दर्शनों से दुःख दूर हो जाते हैं।
- 5:55मैंने कहा नहीं कुछ नहीं होता, तुम ये पागलपन मत करो।
- 6:01अगर घाव है तो डॉक्टर के पास जाओ मर्ममती कराओ, एंटीबायोटिक्स ले
- 6:07लो, पेन किलर ले लो। परमात्मा परमात्मा सब बकवास है।
- 6:16ये कुछ नहीं होता। ऐसा हजारों लाखों लोगों को में
- 6:25बड़ा रश था। फिर लोगों को धीरे धीरे पता चल
- 6:29गया। यह बंदा समझ में आता नहीं, फिर
- 6:36किताबें भी छपी। मेरी बायोग्राफी भी छपी और बहुत
- 6:41से लोग आए जो मेरे घनिष्ठ शत्रु थे, जिनको मैं द्वित कर चुका था।
- 6:48कह चुका था बागो यहाँ से फिर आए। फिर दीक्षा मिली तब तक 810 गुरु
- 6:57के पास भोंक के आ गए थे। मैं जानता हूँ तुम भी पुत्र आठ
- 7:04गुरुओं के पास जाके आया हूँ लेकिन जो तसल्ली।
- 7:10इस दरवाजे पे न मिली तुम्हें जो बात यहाँ थी वो कहीं मिली नहीं और
- 7:18मैं यही चाहता था जो द्वार खटकाए वो सभी द्वारों से।
- 7:29खाली लौटा हुआ आए तो उसका स्वागत है।
- 7:36सीधा सीधा यहाँ आए तो उसको प्यास से जगनी चाहिए।
- 7:41ये दो ही शर्ते हैं या तो प्यास जगे और फिर तुम सीधा सीधा हो।
- 7:48जब प्यास नहीं जगी तो फिर तुम अपने घर में मिटा के आओ मुझको
- 7:55इसका मुहुराम मत बनाओ क्योंकि मेरे पास जल है वास्तव में जल है,
- 8:03अमृत है तुम्हें पिलाने के लिए। और अमृत पीने से पहले भी भटकना
- 8:08आवश्यक होता है। कोई 10 थोर ठिकाने देखने होते
- 8:14हैं। देखो कहीं मिलता है शिविरों में
- 8:20बड़े बड़े पांडाल बड़े बड़े नामी। जहाँ मेरा नाम आगे कर दो, इस बात
- 8:29के लिए धनराशि दी जाती है। प्रचारक मंडल को मेरा नाम आगे कर
- 8:39दो, बस सतगुरु से आगे ले जाओ। और धन बताओ कितना चाहिए?
- 8:47क्या है रे मुड़ता नहीं तो और क्या है एक जर्रा न बना सकने की
- 8:59ताकत रखने वाला व्यक्ति। ब्राह्मण की बात करता है,
- 9:08काबिलियत एक ज़रा बनाने की नहीं बात करता है, ब्राह्मणों की अहं
- 9:14ब्रह्मस्त्र छूआ नहीं, एक सरोवर कतल भी।
- 9:22और बात करता है समुद्रों की ये पागल जहाँ मेरे यहाँ पर गलत
- 9:32व्यक्ति आएगा ना आएगा तो टिक पायेगा ना बहुत से मुँह मेरे
- 9:39व्हाट्सएप पे विनम्रताएं आ जाते हैं।
- 9:43तुम कितनी देर टिक पाते हो? ज्यादा देर ठीक नहीं हो पाता है।
- 9:51तुम्हें प्यास लगी नहीं थी पुत्र जब तुम आए थे अब की आए तो सब कोने
- 10:00गलियारे। पालिद वाले सब खनका के थक गए और
- 10:09फिर फिर उसी मुकाम पे पहुंचे जहाँ से वापस गए थे मैंने दुग्ध का रण
- 10:15भी। मैंने कहा, भागो इन मूर्ताओं को
- 10:19छोड़ो, बकवास है परमात्मा कुछ अवेद होता ही है, तुम क्यों झंझट
- 10:26हो? क्या तुम बिना झंझटों केजी नहीं
- 10:31सकते? सिर्फ जीना ही काफी नहीं है?
- 10:34परमात्मा ने तो तुम्हे सिर्फ जीवन ही दिया।
- 10:39परमात्मा तुम्हें पैदा करता है कोई मान्यता लेता है, श्री दा
- 10:45सीधा जन्म दे देता है, तुम्हे श्वास है, दिल धड़कता है, फेफड़े
- 10:53गुर्दे अपना काम करता है। सभी शरीर के अंग अपना अपना काम कर
- 10:59रहे हैं। परमात्मा में सीधा नंग धड़ंग जन्म
- 11:05दे देता है। तुम्हें कुछ कहता है कि ये मानो
- 11:12मुझे मानो या न मानो। परमात्मा है कि नहीं है और है तो
- 11:19तुम्हें 10 कमेंटमेंट्स को फॉलो करना होगा।
- 11:25तुम्हें मुरली सुननी होगी, तुम्हें राधे राधे करना होगा।
- 11:34ये कुछ कहता है तुम्हें कहता है कौन कहता है यहाँ के मूड लोग यहाँ
- 11:45के मूड लोग कहते हैं ये करो वो करो।
- 11:49क्योंकि तुम्हारी आने के बाद कुछ अंकाक्षाएं होती हैं तुम देखते हो
- 11:55ये सुंदर है, ये स्त्री सुंदर है तुम कहते हो हमें प्रेम हो गया और
- 12:04प्रेम के नाम पर तुम उन्हें रसियों से बांध लेते हो, ज़ंजीरों
- 12:08से बांध लेते हो। भला यह प्रेम प्रेम कवि बांधता
- 12:13है, प्रेम उन्मुख तथा देता है जीने की स्वतंत्रता प्रेम तुम्हें
- 12:21स्वतंत्रता से जीने देता है और तुम्हें कहता है अगर कोई तकलीफ आ
- 12:26जाए। तो मेरी सहायता ले लेना मैं आ
- 12:31जाऊं कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे
- 12:50तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे। तब तुम मेरे पास आना प्ले मेरा दर
- 13:06खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए।
- 13:16तुम्हारे लिए कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, कहीं ऐसा हो जाए जब
- 13:29तुम्हारा दिल टूट जाए और तुम्हें तड़पता हुआ छोड़ के चला जाए।
- 13:36तब तुम मेरे पास आना पड़ेगा, मेरा दर खुला है, खुदा ही रहेगा
- 13:43तुम्हारे लिए परमात्मा तुम्हें जन्म देता है जन्म देने के बाद।
- 13:56ये शैतानियां, ये मानसिक विक्षिप्तताएं ये मूड़ मतियां ये
- 14:04मानना ये अलग अलग तरह के बहैमानें ये झूठ कफर।
- 14:11नफरत फैलाने वाली चीजें कौन भर देता है?
- 14:14तुम्हारे दिमाग में? परमात्मा ने तो तुम्हें शुद्ध
- 14:18जीवन दिया था, मैं तुम्हें कहता हूँ, किसी को मत मान नचार वक्त को
- 14:28मान। न मार्कर्स कुमार, न शंकर को
- 14:35मानो, न कृष्ण को मानो, न कासंगीले को मानो न यज्ञ वेलको को
- 14:40मानो न बुध को मानो न महावीर को मानो परमात्मा ने तुम्हें कुछ
- 14:46मानने के लिए पैदा ही नहीं की। तो फिर परमात्मा ने हमें क्यों
- 14:53पैदा किया? परमात्मा ने तुम्हें क्या दिया?
- 14:58जीवन दिया, जीवन को जीने के सारे साधन दिए वृक्ष।
- 15:07ऑफ सीज़न में खेलते हैं, तुम्हारी छोटी हुई कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण
- 15:11कर लेते हैं। परमात्मा ने तुम्हें शुरू किया है
- 15:18प्रकृति कर लो, कोई फर्क नहीं पड़ता।
- 15:27सूरज दीया सूरज की रौशनी में फल, फूल, पौधे भी फूलेंगे और तुम भी
- 15:35फूलोगे जीवन दीया जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं हिंदू में और
- 15:43परमात्मा। दी हुई सुविधाएं अगर वो एक क्षण
- 15:46के लिए भी खेंच ले, तो फिर तुम बचोगे कहाँ?
- 15:54लेकिन मनुष्य की दी हुई ये मान्यताएँ अगर कोई छीन ले।
- 16:05तो तुम्हारा ज़रा भी कुछ नहीं रगड़ेगा और सही पूछो तो मनुष्य के
- 16:12द्वारा दी गई यह चीजें मान्यताएँ मूड मान्यताएँ अगर कोई छीन ना रहे
- 16:21तो वही सच्चा मान। वही सच्चा सुनता है, क्योंकि
- 16:28परमात्मा ने तुम्हें जैसा पैदा किया, तुम्हें जीवन दिया, जीवन की
- 16:34सुविधाएं दी, सारे साधन दिए, तुमने जीए नहीं तुमने?
- 16:42कभी तुम अपने अतीत में लौट के देखना कितने वर्ष के हो गए तुम 30
- 16:49वर्ष के हो गए 40 के हो गए 80 के हो गए कभी एक पल जी कर देखा उसने
- 16:58भेजा था तुम्हें जीने के लिए उसने जीवन ही तो दिया।
- 17:03और जीवन के सिवा उसने क्या किया था ज़रा सोच के बता जीवन के सिवा
- 17:10उसने कुछ नहीं किया था, कल क्या होगा?
- 17:18एस्ट्रोलॉजी? भीतर क्या है?
- 17:22कौन कौन से अंग हैं, क्या काम करते हैं?
- 17:29राम राम करो राधे राधे करो कृष्ण कृष्ण करो ये सब मूड दाएं किसने
- 17:36सीखाएं समाज में? धार्मिक महाराजा ने सीखा दी लेकिन
- 17:46परमात्मा ने तुम्हें कोई कमिटमेंट दिया?
- 17:51परमात्मा जो इतना बड़ा जीवन दे सकता है और जीवन के लिए जरूरी सुख
- 17:56सुविधाएं दे सकता है। जो जरूरी था उसने दे दिया।
- 18:01तो क्या बात कोई तुम्हें कोई कमेंटमेंट्स नहीं दे सकता था।
- 18:08कोई किताब लिख के दे देता है इस तरह जियो, लेकिन नहीं जीने का भी
- 18:15कोई तरीका पागल हो गया। जीवन ही व्यस्त है।
- 18:24इत्सेल्फ सफीशियंट लाइफ इस इत्सेल्फ सफीशियंट मात्र जीना
- 18:38क्योंकि परमात्मा ने दिया है। अगर तुम्हें किसी विशेष काम के
- 18:45लिए यहाँ भेजा होता तो तुम्हें बकायदा उसकी ट्रेनिंग दिया।
- 18:51बकायदा तुम्हें उसका एक्सपीरियंस दिया जाता बताया जाता।
- 18:56ये करना, वो करना, ये करना, वो करना, ये नहीं करना, वो नहीं
- 19:00करना, लेकिन तुम्हें परमात्मा ने शुद्ध जीवन दिया और तुमने इसको
- 19:08इतना विकृत कर दिया, खुद ही विकृत किया।
- 19:17तुम्हीं ने दर्द दिया और तुम दबा देना तुम्हीं दबाते रहो अपने आप
- 19:22को विकृत भी तुमने किया ये नदियां, ये पहाड़, ये हवा, ये गली
- 19:32पूछे। ये धरती है आसमान तुम्हारा ही तो
- 19:37विकृत किया हुआ है जिसने बनाया उसका कोई खोज, खबर तुम्हें है
- 19:44नहीं लेकिन तुम्हें बिगाड़ना तुम्हें आता है।
- 19:55तुम किसके तलाश में हो? तुम्हें पता है परमात्मा ने
- 20:05तुम्हें जीवन दे दिया, अगर कुछ और जरूरी होता तो वह क्या इतना?
- 20:11प्रकृति कहलों परमात्मा कहलों जो इतने शानदार सूक्षम यंत्र तुम्हें
- 20:17दे सकता है कि अगर नीचे का ब्लड प्रेशर 80 से 20 रह जाए या जीरो
- 20:26हो जाए तो तुम भी जीरो हो गए। यह ब्लड प्रेशर ऊपर का 120 से 520
- 20:33हो जाए तो खत्म का फट जाएगा। सब भ्रष्ट हो जाएगा जो तुम्हें
- 20:39इतनी सुंदर व्यवस्थित में सेंट्री दे सकता है।
- 20:47क्या तुम्हें बता नहीं सकता था क्या इतने कमजोर हैं?
- 20:52पोलियो हो गया, उसका क्या मूक है, वो बहरा है, गूंगा है, बोल नहीं
- 20:57सकता। इतना कुछ देने के बाद बता नहीं
- 21:01सकता था, थोड़ा कान में फूंक ही मार देता।
- 21:07कभी ऐसा ऐसा कर दो जैसे गुरु लोग तुम्हारे कानों में फूंक मार देते
- 21:13हैं कर्णावती गुर तू छे लाते में गुर तरजा मालती करणुतुर एला मंत्र
- 21:22ते गा किशनु द सीना। दत सिंह का था पाप रब हुआ है
- 21:28बताओगे तो पाप लगेगा क्योंकि बताओगे तो पाप लगेगा, मेरे पास
- 21:33कौन आएगा कन्नावती को रत यह मत रख दो, मैं बता दिया लोग मुझे कहते
- 21:42हैं बाबा ऐसे मत बोला करो। ये तुम्हें मार देंगे।
- 21:49मैंने कहा ये गलतफहमी में है, अगर ये मुझे नहीं मारेंगे तो मृत्यु
- 21:55मुझे मार देगी। मृत्यु से कौन बचा है?
- 22:03कौन पूछा है? या तो लुकमान की तरह एक धरासा
- 22:13दिलाते हैं, फिर हम आएँगे, फिर चिकन में ले जाएंगे, अंत वक्त में
- 22:17आएँगे, अंत वक्त में तब आएँगे जब तुम मूर्छित हो जाओगे तो तुम्हें
- 22:20पता ही नहीं होगा। बाबा कब आएगा?
- 22:23और बातें कहाँ है? वो सैर सपाटा करेंगे अमेरिका
- 22:27कनाडा की ये तुम्हारे पास आएँगे और कौन कौन मरता है उन्हें पता है
- 22:36तुम पागल हो बे। कभी दो घड़ी के लिए फुर्सत का
- 22:42सामान निकालकर इस बात पर गौर किया वह जब इतना सूक्ष्म यात्रा दे
- 22:48सकता है बाहर भीतर बाहर जो चाहिए तुम्हें दे दिया भीतर जो चाहिए
- 22:55तुम्हें दे दिया। फिर ये जहर किसने भरा?
- 23:02कौन है इसका गुनाहगार? मुझे लोग कहते हैं बाबा।
- 23:15अगर तुम्हें सर्वोच्च संसार का नेता बना दिया जाए तो तुम क्या
- 23:19करते? मैंने कहा ऐसा पागलपन लोग करते
- 23:23हैं। पहली बात लेकिन अगर करते तो मैं
- 23:28सबसे पहले यही काम करता जो प्रकृति ने नहीं किया और तुमने कर
- 23:33दिया उसको मैं ढाल देता। ये सभी तुम्हारे धर्म स्थल बड़ी
- 23:42उपजाऊ जमीनों पे बन है मैं ढेर ढेरी करती।
- 23:54खाने को अनुजाई धर्म स्थान नहीं चाहिए, खाने को अनुजाई ये किस
- 24:05मूर्ख ने तुम्हारे दिमाग में भर्ती बात के खाने को नाम चाहिए?
- 24:12नाम से वैट भर जाएगा। उस पागल को ज़रा मेरे सामने लोगे?
- 24:21आज परंपरा ही है। वो तो वक्त की आंधी में तूफान में
- 24:30बह गया। पता नहीं कौन?
- 24:34और मैंने मानवकृत जब तुमने थोपना ही की मान्यता की मैं सबको डाल
- 24:42देता हूँ, कम से कम धर्मग्रंथ आग लगा देता हूँ, धर्मग्रंथ और धर्म
- 24:50संप्रदाय। और धार्मिक किताबों को आग्रह कर
- 24:53देता है। अच्छा इसलिए एक प्रगाढ़ मूडता से
- 25:03लाई गई हिंदू कहते हैं वेद परमात्मा का बनाया।
- 25:15यह सृष्टि वैज्ञानिक कहते हैं कि करीब 6,00,00,000 सर रन और कार्बन
- 25:24डेटिंग करें या वक्त को न पीएं। तो तुम्हारी वेद 67000 साल पुराने
- 25:30में तो परमात्मा ने कैसे बनाया ये बाद में ही याद आया।
- 25:39थोड़ा ठहर के याद आया होगा गधे की तरह गधे को थोड़ा बाद में समझाता
- 25:45है। एक पूरा परिवार चिड़ियाघर में
- 25:50जानवरों को देखने गया था, बड़े सुन्दर सुन्दर नए नए जानवर आए थे
- 25:56जैसे तुम्हारे गद्दी निशीन नए नए जानवर होते है, बदल जाते है आज
- 26:02कोई है फिर बदल गया तुमने वोट नहीं डाला।
- 26:06फिर दूसरा जानवर आकर बैठ जाएगा। तुम्हें भ्रम है, फिर तुम माल
- 26:16सिर्फ भ्रम है, हो नहीं। मुझसे कोई बोलो व्यक्ति क्या आप
- 26:27बाबा कहते हो कि मुझे 4:00 बजे हो सकता है, मैं कहा आता है 4:00 बजे
- 26:36आता है तो मैंने किसी व्यक्ति से कहा आपके बेटे से पूछा।
- 26:45केटा बाबा को वाकई ही 4:00 बजे होश आता है तो आपका बेटा बोला चुप
- 26:53रहो, होश तो 4:00 बजे भी नहीं आता।
- 27:01हमें पता है। जैसे निपटते हैं।
- 27:06हम 4:00 बजे भी हाथ मार देता है। नहीं नहीं भगाओ, इनको भगा दो,
- 27:16बाकी बात ठीक है, होश तो मुझे 4:00 बजे भी नहीं आता।
- 27:23उतरी नहीं है। रात की किवी हुई अभी सारी रात बीत
- 27:29रहा अभी तलक नहीं उतरी कभी सोचा था?
- 27:45अगर ये अंगूठा ना दे तो सिर्फ अंगूठा जिससे तुम ऐसे कर देते तो
- 27:52तुम ले कर पाते ऐसे ऐसे तो लिखने में देर बहुत लग जाती है।
- 28:01तुम्हारे आधे काम आधे अधूरे रह जाते जब उसने तुम्हें सम्पूर्ण
- 28:06ऑपरेटर से दिया उपकरण दे दिया, यंत्र दे दिया तो क्या वो तुम्हें
- 28:14कोई किताब नहीं दे सकता था? और फिर हिंदू सनातन थोड़ा सा
- 28:21ज्यादा समझदार था। समझदार कह दो चालाक तुम्हारे जहाँ
- 28:26चालाकी का नाम ही समझदारी है और वह वह नान कहते हैं सेज स्याणपा
- 28:32सेज स्याणपा लखोव त एक न चले नाल तुम कितने ही स्याने हो जाओ।
- 28:40लेकिन तुमने उसका परम विस्तार देखा नहीं, इसलिए तुम मूर्ख हो और
- 28:45मूर्ख ही रहोगे। तुम्हारी लाख स्यानपियों भी काम
- 28:51नहीं करती। एक कण चल है नाल एक नहीं चलती
- 28:54तुम्हारी तुम सोचते कुछ हो। होता कुछ है बाबा क्या हो गया था
- 29:07मैं पहले आया तुमने कहा बागो यहाँ से नहीं होता कोई परमान तो फालतू
- 29:14की मग्जकबाई क्यों कर? तुम्हें प्यास ही नहीं लगी है तो
- 29:23कुँआ अगर ये बोल दे कि जलबल नहीं होता भाई तुम जाओ, वह जानता है
- 29:29अच्छी तरह घट घट के अंतस की जान भरे भरे की।
- 29:38मैं जानता हूँ तुम्हारे भीतर नहीं है पीने की तमन्ना अभी तुम अभी
- 29:47भटकना चाहती हूँ तो भटक लो फिर मैं अपनी भाषा में ही तुमसे संवाद
- 29:53कर लूँ तो कह दिया होगा। क्योंकि मैं एक अकेले व्यक्ति को
- 30:01तो कहा नहीं हजारों लाखों की तादाद में मैंने लोगों को कहा
- 30:08भागो यहाँ से नहीं होता, मैंने एनलाइटनमेंट की वीडियो डाली,
- 30:14वीडियो भी डालता हूँ साथ। और जब कोई कहता मैं कहता हूँ नहीं
- 30:19है परमात्मा तुम पागल क्यों हो गया?
- 30:21मेरा तो धंधा है, तुम मुर्ख हो बाबा धंधा है हाँ अच्छा हाँ तुम
- 30:31यहाँ क्या करेंगे तुम? मेरा धंधा है, तुम्हारी प्यास जग
- 30:38ही नहीं है। यहाँ क्या लेने आए?
- 30:45कोई पानी वाणी नहीं होता क्योंकि चल तू अगर जान जाए कि यह प्यासा
- 30:54है। तो यही शब्द काम करके है।
- 31:01दूसरे कोई शब्द काम नहीं करके है तो मैंने भगा दिया।
- 31:06तुम्हें तो कुछ भी गलती नहीं है और मैं यही चाहती हूँ थोड़े से
- 31:13अनुयायी हूँ मैं। छंट के आए जब जब तलक कोई 1020
- 31:20गुरु नहीं बदल लेता, मुझे शांति नहीं आती।
- 31:321020 गुरुओं से कम से कम तो भटक के आओ इसलिए पहले मैं पूछ लेता
- 31:39हूँ कहाँ कहाँ भटक लिए अभी मैंने आठ गुरु बदल लिए तो थोड़ा सा और
- 31:45नहीं बाबा अब तो थक जाओ, देखो आ तो जाओ।
- 31:52लेकिन वो गुरु बेकार निकले अगर ये रस तुमने निकाल लिया गुरुओं के
- 31:59बादशाह फिर ही आना नहीं तो अभी और बहुत है।
- 32:05चैनल देखो, सब्सक्राइब करो उनको सुनो, उनके पास जाओ, उनकी बातें
- 32:11सुनो। और फिर अगर कुछ मिल जाए तो वहीं
- 32:15के हो के रह जाओ अगर कुछ ना मिले मेरा दर्द खुला है खुला ही रहेगा
- 32:28तुम्हारे लिए। तुम्हारे लिए मेरा घर खुला है,
- 32:36खुला ही रहेगा। कुआ, कुआ, मुँह बंद नहीं करता
- 32:39अपना अगर प्यार से जगी ना हो तो मेरे पास ना हो क्योंकि फिर मैं
- 32:47जानते हूँ फिर तुम झकाही करोगे, मेरे पास इतना वक्त काम है।
- 32:51जितनी देर में मैं तुम्हारे साथ जगाई करूँगा, इसलिए तो मैं बस
- 32:56अंगूठा लगा देता हूँ, मौन से अंगूठा लगा देता हूँ बाबू अगर कोई
- 33:02कमेंट कर देता तो मैं कहता हूँ थोड़ा सा अपना मोबाइल नंबर भेज
- 33:05दो, वो भाग जाता है। अब वो धड़ेगा ये बखिया तो भागना
- 33:13ही शुभ है, कौन जखाई करेगा? तुम तो पागल हो इन मूर्खों ने
- 33:23तुम्हारे दिमाग में इतनी बातें घुसेड़ दी हैं।
- 33:25इतने साल पहले सृष्टि का जन्म हुआ।
- 33:28और बिलकुल एक्यूरेट एकएक साल से एक्यूरेट होगा।
- 33:32इतने मनोवंत्र होते हैं, इतने कल्प होते हैं, इतने होते हैं, एक
- 33:35पागल है, इनका बीके का और दशरथ और शीघ्र ही पागल हो जाएगा या
- 33:42बंदीगृह में होगा। जब बाटें मारनी, शुरू कर देगा
- 33:49बाटें समझते हो डले पत्थर वह इतना पागल, क्योंकि इतनी सूचनाओं को
- 33:57रखने वाला पागल ही तो होगा और क्या होगा इन सब लोगों को कहता
- 34:04हूँ, मैं आचार्यों को कहता हूँ, तुम शीघ्र ही पागल हो जाना।
- 34:10मोटिवेशन स्पीकर को कहता हूँ कि जल्दी ही तुम्हें मोटिवेशन स्पीकर
- 34:14की आवश्यकता पड़ी क्या? क्योंकि तुमने खोपड़ी से मोटिवेशन
- 34:20किया मोटिवेशन होना चाहिए कृष्ण के उस तल से।
- 34:25कृष्ण कभी पागल नहीं होंगे लेकिन मोटिवेशन स्पीकर जल्दी ही पागल हो
- 34:32जाएंगे। उन्हें मोटिवेशन स्पीकर्स की
- 34:34आवश्यकता पड़ेगी। चुक जाएंगे वो खोपड़ी में कितना
- 34:38सा होता है इतना सा भेजा होता है बस चुक जाएगा वो।
- 34:46फिर तुम्हें जरूरत पड़ेगी तुम्हारे से बड़े मोटिवेशन 1 दिन
- 34:52पागल होने को हो तुम मिला शक तुम देख लेना मैं रहूं ना रहूं
- 35:01तुम्हारा अंत ठीक होने को नहीं। यह तो कुदरत का कानून है, बनते जो
- 35:10जैसा करेगा वैसा भरेगा। तुम लोगों को बेवकूफ बनाने चले तो
- 35:16प्रकृति तुम्हें क्या आम खिलाएगी तुमने वबूल बोया तो प्रकृति
- 35:22तुम्हें आम नहीं देगी। बोया पेट बबूल का, तो आन कहाँ से
- 35:28खाये? मैं सिखाई मारने में ज़रा भी
- 35:36व्यग्र नहीं हूँ इसलिए प्रथम दृष्टया।
- 35:43जब प्रथम श्रेणी में तुम आए होते हो, मैं सिर्फ तुम्हारा वोरा देख
- 35:48लेता हूँ। मेरे पास शानदार तकनीक है।
- 35:53बाबा ने पहले दिन कहा था देखो कन्नू ने बना और ये फॉर्मूला है।
- 36:00जो व्यक्ति आए उसकी आभा को देख ले।
- 36:04हाँ हाँ मंडल बताएगा। वह व्यक्ति ने बताएगा वो तो झूठ
- 36:08बोलेंगे, वो तो कहेगा मीठी मीठी बातें करेगा शरनागति हूँ तुम्हारे
- 36:14बाबा तुम्हारी सेवा करना चाहता हूँ, ऐसा तो मत करो, तुम तो धक्के
- 36:19मार रहे हो, लेकिन तुम एक भी मत सुन।
- 36:25तुम शुद्ध बिपासुओं को जिज्ञासुओं को जो प्यासे हैं, जो भूखे हैं,
- 36:33लोग कह देते हैं कि भूखों को अन्न खिलाना बहुत बड़ा पुण्य है।
- 36:39लेकिन कमाल की बात यह है कि भूखों को वो अन्न खुद नहीं कहलाते,
- 36:46भूखों को वो सिर्फ सूचनाएं कहलाते हैं, भूखों को झूठ कहलाते हैं।
- 36:53झूठ शब्दों का झूठ। भूखों को वो परोसते हैं, जिसके
- 37:02परोसने से भूख मिटती है भला राधे राधे सी भूख मिटेगी, प्यास बुझेगी
- 37:11तुम एक्चुअल जीवन में आजमाकी देखो।
- 37:16तो मेज़रमेंट के ऊपर इसे कसौटी पर खरा क्यों नहीं उतारते छोड़ो इस
- 37:23बंदे को एक स्थान में सख्त दुपहरी के अंदर दोपहर के वक्त चमकता हुआ
- 37:32सूरज और 50 डिग्री सेल्सियस। और रेत नंगे पांव कहो, चलो थोड़ी
- 37:42देर चलेगा और फिर ये कहेगा देखो मैं तो क्षमा करो, मुझे प्यास
- 37:48लगी, पानी पसीना बहुत भय गया, डिहाइड्रेशन हो गया।
- 37:56इसको माला दे देना कहना तेरा ही फॉर्मूला है और सत्य ही है,
- 38:05क्योंकि तू सत्य है तो राधे राधे कर ले, प्यास बूझ जाएगी।
- 38:11सब कुछ ही तो होता है तो प्यास न बुझेगी।
- 38:15इते इते काम हो जाते हैं चंद्रयान तीन ऊपर चला जाता है तुम्हारी ही
- 38:21करामा से एक वर्ल्ड लेवल का क्रिकेट हो जाता है।
- 38:26क्या फसना हो जाएगी रात रात से? बस ये सिकंद्र की तरह कहेगा पानी
- 38:35देता ऐसा ही सोना सिकंदर को प्यास लगी, पानी नहीं था काफिले के पास
- 38:45पानी खत्म था, आसपास देखा किसी के पास सबब ये कि पानी न मिला।
- 38:54तो सिकंदर में का पानी पानी तो है नहीं बहुत गलत पानी का भंडार तो
- 39:06लेके चलना चाहिएगा रेगिस्तान और शिखर तो।
- 39:12आग से एक आता हुआ व्यक्ति में रहा, उसके पास पानी था, पूछा भईया
- 39:18कहाँ से आ रहे हो मैं दक्षिण से आ रहा हूँ तुम्हारे पास पानी है
- 39:26इतनी गर्मी में चले हो पानी तो होगा ही पानी।
- 39:32पानी तो है तो फिर थोड़ा सा मुझे देता हूँ मैं राजा हूँ, मैं
- 39:39सिकंदर हूँ, पानी पीला दो वड़ापूण्य लगेगा बंदा कहता है
- 39:47पुण्य पुण्य मैं नहीं जानता। मुझे मेरे लिए पानी है भाई अभी
- 39:52बहुत दूर तक मैंने जाना है उतना से ही लेके आया हूँ जितना मुझे
- 39:56जरूरत है थोड़ा सा ज्यादा है बस उससे कितना अच्छा ऐसा करो मैं
- 40:05जितना जीता हुआ सामान है तो मैं आधा दे दूंगा मुझे पानी पिलाता
- 40:09है। उसने कहा फिर आधा ही मिलेगा पानी
- 40:18जितनी प्यास उसके आधा पन तो चलो फिर ऐसा करो सारा ही साम्राज्य दे
- 40:25दूंगा मुझे पानी दाब के बना दो। पूरा जब मैं कह दू हाँ, अब मैं
- 40:32रज्ज गया थोड़ा पंजाबी हिंदी वागड़ी में बीजू में ला के बोलता
- 40:35हूँ अच्छा लगता है अब मैं रज्ज गया तो फिर तुम अपनी बोतल हटा ना।
- 40:46कहता ठीक उसके पास तो खूब सारा पानी था, उसने कहा करो अंजलि
- 40:52बांधो झुको और सिकंदर तो जुगा नहीं कभी किसी के आगे सिकंदर ने
- 40:58तो लोगों को झुकाया है, तानाशाह कभी झुका करते हैं, तानाशाह
- 41:02झुकाया करते हैं, नहीं झुके तो चलो जेल में।
- 41:13तो पानी झुका, पानी पिया हो गया, ठीक लव पूरा जो तुमने कमाया मुझे
- 41:29दे दो। हाँ, सब तुम्हारा हो गया तो मैं
- 41:35जंगल में निकल जाऊं तो आगुन तक बोला, अरे पागल तेरा बोझ मैं
- 41:42क्यों संभालू तू तो पागल है मैं पागल थोड़ी।
- 41:49मैं वीरानों के भीतर जलता हुआ मसाफ कहीं भी बैठ जाऊंगा जहाँ भी
- 41:55दखत नजर आया और रखे बंद करूँगा और उस आनंद कुमारी में उतर जाऊंगा
- 42:01जहाँ कोई चिंता नहीं होती दुनिया का बोझा मैं क्यों ढूं?
- 42:07तुम ढोओ तुम्हारी इच्छा है वो जा ढोने की मैं कोई गधा थोड़ी जाओ
- 42:12जाओ तुम्हारी प्यास बज गई, मुझे नहीं चाहिए तुम्हारा समरज्य वगैरह
- 42:20बस तुम्हारे साम्राज्यों की इतनी ही औकात है एक पानी की बोतल
- 42:25जितनी। वक्त आने पर पानी भी तुम्हारे लिए
- 42:31साम्राज्य से ज्यादा कीमती हो जाता है, लेकिन तुम समझ नहीं
- 42:36पाओगे तुम इतनी सी बात नहीं समझ पाए परमात्मा तुम्हें सब कुछ दे
- 42:42दिया। सुख सुविधा के सामान दे दिए।
- 42:46ये आज बेड बना रही है, लेकिन तुम्हें पता नहीं के टूटे हुए
- 42:54नीटों पत्थरों के टुकड़ों पर भी नींद आ जाया करती है।
- 43:00थकावट होनी चाहिए। थके नहीं तो डेवलप्ड के पिल्लों
- 43:05पे भी नींद नहीं आएगी। रात भर करवटें बदलते गुजर जाएंगी।
- 43:13थक गए हो तो काम करते करते कब आँखें मूँद गई नहीं पता चल देगा।
- 43:23बात नींद की है, नींद नहीं तो गद्दे कुछ नहीं करेंगे।
- 43:30भूख नहीं तो भोजन आसपास तुम्हारे 3600 प्रकार के भोजन पड़े रहे।
- 43:35तुम कहोगे मुझे तो पहले ही उल्टी आ रही है, मैं इन भोजन का क्या
- 43:40करूँ? पाचन व्यवस्था बिगड़ गई है।
- 43:47भूख नहीं तो भोजन बेकार नींद नहीं तो गद्दे बेकार और तुम्हारे भीतर
- 43:58आज। इम्यून नहीं है यमीन सिस्टम
- 44:03गड़बड़ा गया है। पक्षियों का पंछियों का अभी
- 44:09एम्यून सिस्टम बरकरार है क्योंकि उन्होंने कपड़ा पहनना शुरू नहीं
- 44:12किया, ना वो सर्दी में ऊन पहनते हैं।
- 44:17न वो गर्मी में नंगे रहते हैं, गर्मी सर्दी छम तले बैठ जाते हैं।
- 44:23परमात्मा ने छम तो दी सभी की व्यवस्था की है परमात्मा ने एक
- 44:29मनुष्य ही मूड़ प्राणी। जो कहता बस परमात्मा ने ये नहीं
- 44:35बनाया, मैं ये बना रहा हूँ। परमात्मा ने कुछ भी अधूरा नहीं
- 44:40छोड़ा। परमात्मा ने तुम्हें इसलिए नहीं
- 44:44बनाया कि तुम राम राम राज्य रद्द करो, ध्यान से सुनना।
- 44:50परमात्मा ने तुम्हें बनाया कि तुम जीओ जी, भर के जीओ, मैं तुम्हें
- 44:56जीवन देता हूँ, जीवन के सारे स्रोत देता हूँ।
- 45:00हवा मुहिया कराया। मैंने शुद्ध पानी मुहिया कराया।
- 45:05मैंने शुद्ध शुद्ध धरती दी तुम्हें शुद्ध बीज दिया तुम्हें।
- 45:10तुम जो चाहती हो बीजो और जो चाहती हो बनाओ पकाओ खाओ जियो ईश्वर
- 45:18सिर्फ तुमको ये कहता है तुम पूछती हो ईश्वर ने हमें क्यों बनाया?
- 45:22जीने के लिए बनाया बहुत से प्रश्नों के जवाब में एक ही।
- 45:30प्रवचन में दूंगा। आज हमें परमात्मा ने क्यों बनाया
- 45:36जीने के लिए बनाया भाई राधे राधे करने के लिए थोड़ी बनाया पागल हो
- 45:41बेवकूफ हो, अंधे हो दिखता नहीं। इसके चेहरे की बेरों ने की।
- 45:48तुम्हें समझ नहीं आती। यह जितनी तीव्रता से गतिमान है
- 45:54श्रेय इकट्ठा करने के लिए तुम्हें समझ नहीं आता जैसे कोई पागल निकला
- 46:01कुछ भी मिल जाए, समेट ले और स्टोर में पटक ले।
- 46:09ऐसा ही तुम्हारे धार्मिक आचार्य कर रहे हो।
- 46:15पता नहीं कहाँ जाना?