Latest / Khushei Ki Duniya / A Fake Love Story❤️ Part 1
Transcript
- 0:00सो है गाइस युअर खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़
- 0:05यू गाइस आई होप यू ऑल गाइस मिस मी तो जो हमारी आज की कहानी है वो है
- 0:10अवनी और आरव की बहुत ही सुंदर है दो पार्ट्स में होने वाली है एंड
- 0:14एस यू नो पार्ट वॅन यहाँ अपलोड होगा पार्ट टू यूट्यूब पे, अपलोड
- 0:17होगा उसका। की अबाउट इसमें से लिंक है।
- 0:20वहाँ से लेके तुम यूट्यूब पे जा सकते हो अब अपने खानों में युअर
- 0:24प्लेक्स लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ और चलो चलते हैं आज
- 0:29के खूबसूरत कहानी पे। सच में यार ये कहानी बहुत ही
- 0:33अच्छी है तो आराम से सुनो। और फिर मुझे बताना की तुम्हे क्या
- 0:37लगता है की पार्ट टू में क्या होगा?
- 0:39मैंने सोचा है इस कहानी को मैं थोड़े से अलग अंदाज़ से बताती
- 0:43हूँ। हर कहानी में मैं एक ही
- 0:45प्रोस्पेक्टिव रखती हूँ। इस कहानी में मैं दो
- 0:47प्रोस्पेक्टिव रहूंगी। मोस्ट प्रॉबब्ली की इस कहानी का
- 0:50जो भाग है ये वाला भाग है, पार्ट वॅन है।
- 0:53इसमें मैं लड़की के पर्सपेक्टिव से चीज़ें दिखा रही हूँ।
- 0:56पार्ट टू में लड़के के पर्सपेक्टिव से चीज़ें दिखेंगी।
- 0:59जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही इस कहानी के भी
- 1:02होंगे और जिंदगी के भी होते हैं। बहुत सारी सिचुएशन में हम किसी
- 1:06इंसान को खुद समझ लेते हैं, किसी को कुछ गलत समझ लेते हैं, पर शायद
- 1:11हर चीज़ के पीछे। कोई ना कोई वजह होती है।
- 1:15अब इस कहानी में भी तुम्हें कुछ ऐसे ही समझ में आएगा।
- 1:18तो चलो कहानी शुरू करते हैं अवनी और आरव की अवनी एक बहुत ही अच्छी
- 1:25वायलिनिस्ट है जो की वायलिन बजाती है और।
- 1:29वो किसी ड्रामा की वजह से अपने पास ड्रामा की वजह से उसने बोलना
- 1:32बंद कर दिया है। वहीं दूसरी ओर है आरव जो की एक
- 1:36पैंटर है अभी अपने दादाजी के साथ शिमला में रहा करती थी।
- 1:40उसके परिवार के नाम पर उसके दादाजी ही उसके सब कुछ थे।
- 1:44वो कभी कभी अपने शोज के लिए। कहीं ना कहीं ट्रैवेल करती रहती
- 1:49थी और अच्छा चल रहा था। सब कुछ।
- 1:52एक बार उसका एक शो होता है सिडनी में जब वो वहाँ गई, उसने बहुत ही
- 1:57खूबसूरत धुन बजाई थी। सब लोग एकदम पागल हो गए थे।
- 2:00उस धुन को सुनकर खूबसूरत थी वो। उस शो के बाद उसे एक जानी पहचानी
- 2:06से शकल लगी। पर उसने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
- 2:10वो लौट कर वापस शिमला गई अपने दादाजी के पास।
- 2:13उसने कहा की अब वो कुछ दिन कोई इश्यू नहीं लेने वाली है।
- 2:16राम से यही रहेंगी, अच्छे से रहेंगी।
- 2:19एस। उसके दादाजी की अभी तबियत थोड़ी
- 2:21खराब रहने लगी थी। उम्र का दरवाज़ा था भाई तो अब।
- 2:27उसने देखा कि बगल वाले घर में जहाँ उसका बचपन का दोस्त रहा करता
- 2:31था, आज वहाँ लाइट्स ऑन थी। उसे लगा उसका दोस्त वापस तो नहीं
- 2:36आ गया लेकिन ये तो कोई और था। उसे हल्की सी उसकी एक झलक दिखी और
- 2:41उसने सोचा क्या इसे मैंने कहीं देखा है?
- 2:45और फिर। जिसने सोचा जाने देते हैं उसके
- 2:48दादाजी उसे हमेशा कहते कि वो अपने पास ट्रॉमा को भुला कर बोलने की
- 2:53कोशिश करें क्योंकि हो सकता है उनके अब इस दुनिया में दिन ज्यादा
- 2:57ना बचे हो तो अवनी अपना ख्याल कैसे रखेगी?
- 3:02तो वो हमेशा उसे कहते कि प्लीज़ अवनी उन्होंने उसको थेरेपिस्ट को
- 3:06भी दिखाया पर अवनी शायद बोलना ही नहीं चाहती थी।
- 3:10उसने अपने वायलिन की धुन को अपनी जुबान बना लिया था।
- 3:14उसे अब जैसे बोलने की जरूरत ही नहीं थी।
- 3:17अब 1 दिन वो अपने बाल्कनी में बैठी थी।
- 3:20उसने देखा की सामने वो लड़का पैंटिंग कर रहा था।
- 3:23उसने उसे देखा। और उस लड़के ने उसे एक हाय बोला
- 3:27तो अवनि ने भी हाथ हिलाकर उसे हाय बोल दिया।
- 3:31उसने कहा मेरी पैंटिंग देखना चाहोगी तो अवनि ने कहा सर उसने सर
- 3:36हिलाया और उसने कहा दिखाओ अब वो बोल तो नहीं सकती थी, पर अरव समझ
- 3:40गया कि वो क्या कहना चाह रही थी। उसने अपनी पैंटिंग दिखाई उसे और
- 3:44वो बहुत ही खूबसूरत थी जैसे उस पैंटिंग में कहीं खो गई थी, किसी
- 3:50का बचपन दर्शाया गया था उस पैंटिंग में उसने वो देखा और वो
- 3:55बहुत खुश हुई। उसे पहली बार अपने वायलिन के
- 3:59अलावा किसी और चीज़ में अब इन्ट्रेस्ट आ रहा था।
- 4:02वो उस आरव को पैंटिंग बनाते हुए देखती और सोचती की शायद मुझे भी
- 4:07ये सीखनी है। 1 दिन वो आरव के पास गई और उसने
- 4:11उसे पूछा इशारों में की क्या वो उसे पैंटिंग सीखा सकता है?
- 4:16तो आरव ने उसे कहा ठीक है। वो अवनि की कंडीशन के बारे में
- 4:21उसके दादाजी से पहले ही जान चुका था इसलिए उसे पता था की अवनि
- 4:26पोलना बंद कर चुकी है। कुछ अरसे पहले अब धीरे धीरे अरब
- 4:31और अवनि अच्छे दोस्त बनने लगे। अअरव् ने 1 दिन अवनी से कहा अवनी
- 4:35माना की तुम्हारा वायलिन तुम्हारी जुबान है वैसे ही।
- 4:39जैसे हर एक पैंटिंग के पीछे एक कहानी होती है।
- 4:43तुम्हारी हर एक धुन के पीछे कोई ना कोई याद जरूर होगी या कोई ऐसी
- 4:47धुन है जो तुम मुझे सुना सको जिससे तुम्हारी कोई बहुत अच्छी
- 4:51याद जुड़ी हो? पहले तो अपनी थोड़ी सी रुकी पर
- 4:56फिर उसने एक धुन बजाई बहुत ही खूबसूरत।
- 4:59अब आरव ने उससे पूछा कि इस धुन के पीछे की कहानी पर अवनी शायद उसे
- 5:05समझा ही नहीं पाई की वो क्या कहना चाहती थी।
- 5:08उसने फाइनली उसे लिखकर बताया कि उस धुन के पीछे उसके बचपन की एक
- 5:13बहुत ही प्यारी याद जुड़ी थी। ये सुनकर अरव ने कहा।
- 5:17अवनी क्या हुआ था कि तुमने बोलना बंद कर दिया?
- 5:21ये सुनकर अवनी को थोड़ा सा गुस्सा आया और वो वहाँ से चली गई।
- 5:25ये सुनकर को भी लगा कि शायद उसने कुछ गलत पूछ लिया अवनी से लेकिन
- 5:31वो कर भी क्या सकता था? अगले दिन अपनी फिर से उससे जब
- 5:35सीखने के लिए आई पेंटिंग। तो उसने उसे अपनी और सारी
- 5:38पैंटिंग्स दिखाई। एक सेक्शन था पैंटिंग्स का।
- 5:41लेकिन अवनी ने कहा की मुझे ये वाला भी देखना है पर आरव ने कहा
- 5:45नहीं वो मेरा थोड़ा पर्सनल कलेक्शन है तो उससे मेरी कुछ
- 5:48यादें जुड़ी है इसलिए शायद मैं तुम्हे वो वाली पैंटिंग्स अभी
- 5:52नहीं दिखा सकता। अवनी को जिज्ञासा तो बहुत हुई की
- 5:56आखिर उन पैंटिंग्स में ऐसा किया था जो आरव से दिखा ही नहीं पाया
- 6:00पर उसने सोचा जाने देते हैं हर किसी इंसान की यादें होती है।
- 6:06अपनी कुछ लोगों से हम उन्हें साझा करना चाहते हैं और कुछ यादें हम
- 6:10बस अपने आप तक रखना चाहते हैं तो बस अवनी ने भी ऐसा ही सोचा और
- 6:16उसने जाने दिया। धीरे धीरे वो दोस्त बने।
- 6:18अच्छे दोस्त बने। अअरव् हमेशा कैसे ना कैसे कोशिश
- 6:21करता है की काश अपनी बोल पाए। काश अपनी वापस से अपनी यू नो वो
- 6:28जो भूल चुकी है, जिन यादों को वो भुला चुकी है, उन्हें याद करें।
- 6:32उन्हें बोले उन्हें बताए ताकि उसके दिल में से वो याद है निकले
- 6:35और फाइनली जो भी उसके अंदर है, जो भी गिल्ट है, जो भी है वो सब चला
- 6:40जाए और वो खुश हो जाए। बिकॉज़ अवनी का आज भी एक हिस्सा
- 6:45कहीं ना कहीं गुम था। धीरे धीरे अवनी कहीं ना कहीं अराफ
- 6:49पर भरोसा करने लगी थी और उसने 1 दिन बस ऐसे ही अअरव् को बताया कि
- 6:55आखिर उसने बोलना बंद क्यों किया? उसने उसे अपनी साइन लैंगुएज से
- 6:59समझाया कि उसे झूठ बोलने से बहुत नफरत है और वो इसलिए क्योंकि उसके
- 7:06माँ बाबा ने हमेशा से उसे कहा था कि वो हमेशा उसके साथ रहेंगे
- 7:10हमेशा लेकिन फिर 1 दिन। जब वो स्कूल से लौटी तो उसने देखा
- 7:16कि एक सुसाइड नोट रखा था वहाँ पे उस टेबल पर जहाँ हर रोज़ बैठकर वो
- 7:22खाना खाया करते थे, उसने उस नोट को पढ़ा और फिर उसने देखा उसके
- 7:27माँ बाबा अभी भी वहीं उस रेलिंग पर खड़े थे, लेकिन उसके आते ही।
- 7:33वो वहाँ से कूद गए। वो कुछ कर पाती, कुछ बोल पाती
- 7:37नहीं बोल पाई और वो चीख हमेशा उसके अंदर दबकर रह गई।
- 7:42शायद उस दिन के बाद अवनी को बोलने की जरूरत ही महसूस नहीं हुई।
- 7:46जीस दिन उसे बोलना चाहिए था। उस चीज़ के साथ अपने माँ पापा को
- 7:50रोकना चाहिए था, वो नहीं रुके। उस दिन के बाद उसने सोचा कि अब
- 7:54बोलने का कोई फायदा ही नहीं है। इसीलिए उसके दादाजी ने कई
- 7:59थेरेपिस्ट को उसे दिखाया, कई बार कोशिश की, पर शायद अब अवनी को
- 8:03बोलना नहीं था। उसने अपना मन बना लिया था।
- 8:06उसके बाद उसने वायलेंस से उसकी धुन से ही कम्यूनिकेट करना शुरू
- 8:11किया। वो दुनिया से बातें करती थी।
- 8:14अपनी धुन को लेकर की धुन इतनी सुंदर होती थी कि जो भी सुनता खो
- 8:19जाता और अपनी किसी मेमॅरि को उसके उस के साथ जोड़ लिया करता।
- 8:24अपनी इस समय खुश थी लेकिन कहीं ना कहीं उसका मन करता कि वो आरिफ के
- 8:28साथ बातें करे। धीरे धीरे अब उसका मन करने लगा था
- 8:31बोलने का उसे उन सारी बातों को बताने का जो शायद वो अअरव् के लिए
- 8:36फील करने लगी थी। अअरव् के साथ जब भी वो होती, खुश
- 8:41होती और हमेशा सोचती कि से अअरव् मुझे अपने बारे में बताता रहता
- 8:46है, ये बात ही बताता रहता है। काश मैं भी उसे बता पाती।
- 8:50की मैंने इतना कुछ झेला था। उस वक्त क्या कुछ नहीं हुआ था और
- 8:55क्या कुछ अब भी सोचती हूँ पर फिर सोचती की जाने देते है उसे बोलना
- 8:59ही नहीं था। उसके दादा जी ने उसे बहुत एंकरेज
- 9:02किया। बट नहीं बोलना था उसे, फिर 1 दिन
- 9:05अअरव् ने उससे पूछा की यहाँ जीस घर में मैं रहता हूँ।
- 9:09और तुम्हारे दादा जी बता रहे थे तुम्हारा कोई दोस्त रहा करता था
- 9:12तो अवनी ने कहा हाँ मेरा एक बहुत ही अच्छा बचपन का दोस्त था, फिर
- 9:17उसके पेरेंट्स अब्रॉड सेटल हो गए और वो भी उनके साथ चला गया।
- 9:21उस दिन के बाद हम कभी नहीं मिले। हमने प्रॉमिस किया था कि हम हमेशा
- 9:25एक दूसरे के साथ रहेंगे। पर शायद प्रॉमिसेस होते ही टूटने
- 9:30के लिए है तो उसने भी वो प्रॉमिस तोड़ा।
- 9:32नो बचपन में वैसे भी वो क्या ही कर सकता था पर हाँ याद करती हूँ।
- 9:37आज भी कभी कभी उसे उसकी भी याद आती है क्योंकि जिंदगी में ना
- 9:40बहुत कम लोगों से अटैच हो पाएगा पर।
- 9:44कितना ही कम्यूनिकेट कर सकता है। बंदा साइन लैंगुएज से माना।
- 9:47हम जो कर पाते हैं वो कर पाते हैं, पर आरफ़ को उसकी कुछ बातें
- 9:50समझ ही नहीं आती थी। वो कोशिश करता उसकी बातें समझने
- 9:53की, पर हर किसी को साइन लैंगुएज नहीं आती है।
- 9:571 दिन जब अवनि आरफ़ से मिलने जाती है तो वो कोई पैंटिंग बना रहा था।
- 10:02उस पैंटिंग को जैसे ही अवनि को आते हुए अअरव् ने देखा, जल्दी से
- 10:06उसने ढका और एक कोने में रखकर और अवनि को उस रूम से बाहर ले गया तो
- 10:11अवनि ने कहा क्या बना रहे थे तुम पर?
- 10:14अअरव् ने कहा ऐसे ही मेरा कुछ बना रहा था कोई याद चलो चलो घूमने
- 10:19चलते हैं तो वो वहाँ से उस दिन उसे ले गया।
- 10:21लेकिन के दिल में एक सवाल था की आखिर अअरव् था कौन?
- 10:26वो 1 दिन ऐसे ही उसके पड़ोस में आ गया।
- 10:29ऐसे ही उसने अपनी पैंटिंग उसे दिखाई।
- 10:32उसके अंदर उस पैंटिंग को देख के एक जिज्ञासा जागी और वो पैंटिंग
- 10:36सीखने आ गई। शायद भगवान का भेजा कोई फरिश्ता
- 10:39था। जो अवनी को वापस जीना सीखा रहा
- 10:41था। पर तुम्हें लगता है ऐसा की ऐसे ही
- 10:46अअरव् उसकी जिंदगी में आ गया कोई रिलेशन नहीं है उनका सोचो सोचो
- 10:52खैर अगर तुम सोच रहे हो तब भी तुम नहीं सोच पाओगे, काहे की तुम में
- 10:57उतनी अक्ल कहा है रे? और जितनी बच रही थी वो तुम्हारी
- 11:02सारी एग्ज़ैम्स ने ले ली अकल और क्या?
- 11:06तो अब तुम सोचो कि आखिर अअरव् है कौन?
- 11:10और तुम्हें लगता है कि अवनी कभी भूल भी पाएगी?
- 11:13चलो थोड़ा सा मैं और सुना ही देती हूँ वरना तुम्हारे पेट में दर्द
- 11:16हो जाएगा। चलो सुन लो।
- 11:19तो 1 दिन क्या होता है कि आरव ने जल्दी से उसको बोला अवनी को कि
- 11:24तुम घर आओ, तुम्हें एक बात बतानी है तो अवनी भी सोचिए की कुछ तो
- 11:28होगा और शायद कहीं ना कहीं जो फीलिंग्स उसके अंदर आई थी उसे लग
- 11:33रहा था कि अअरव् भी शायद कहीं ना कहीं उससे प्यार करने लगा हो।
- 11:37वो जल्दी से सुंदर से तैयार हो के जाती है।
- 11:39उसके दादाजी से बोलते हैं कि कहाँ जा रही हो?
- 11:42उसने कहा आरव से मिलने यही बगल में तो उन्होंने कहा ठीक है, ठीक
- 11:45है, जाओ। वो कभी भी उसे आरव से मिलने के
- 11:48लिए तक नहीं टोकते थे, जबकि वो और लोगों को हमेशा टोकते की यार इससे
- 11:52बात मत करो। अवनि ये अच्छा इंसान नहीं है, ये
- 11:54बुरा है पर उसने हमेशा नोटिस की। की आरव से वो कभी भी ऐसा नहीं
- 11:58करते थे की यार इससे बात मत करो। अभी भी वो उससे मिलने जा रही थी
- 12:02और उन्होंने बड़े जल्दी अलाउड कर दिया।
- 12:04स्ट्रेंज तो अब नहीं सोचती थी की उसके दादाजी भी शायद कहीं ना कहीं
- 12:09पसंद करते हो। आरव को उसके आने के बाद ही आखिर
- 12:12अब इतनी खुश रहने लगी थी जितनी वो कभी नहीं थी।
- 12:16एंड फाइनली जल्दी से अपनी जब वहाँ जाती है।
- 12:19तो वो देखती। है की आरिफ के सिर से खून निकल
- 12:23रहा था, वो जमीन पे पड़ा था और हुआ क्या था?
- 12:26आखिर यहाँ पे उसे कुछ समझ में नहीं आता वो जल्दी से उसके पास
- 12:30जाती है आरिफ क्या हुआ उसके? पहले शब्द थे इतने सालों बाद अपनी
- 12:37पहली बार बोली थी बिकॉज़ वो क्न्सर्न थी कि आखिर आरव को हुआ
- 12:41क्या था? उसके सिर से खून क्यों बह रहा था?
- 12:43फिर आरव ने इशारा किया फ़ोन की तरफ कि वो फ़ोन मिलाए और हॉस्पिटल
- 12:47में एम्बुलेंस बुलाए। उसने जल्दी से फ़ोन उठाया और उसने
- 12:52कॉल लगाया। एम्बुलेंस को और बोला कि वो जल्दी
- 12:54से उसके घर पहुंचे लेकिन ये क्या? अरब ने उसके हाथ से फ़ोन लिया,
- 13:01उन्हें एम्बुलेंस के लिए मना किया और वो नॉर्मल खड़ा हो गया।
- 13:06ये देखकर अवनी का दिमाग खराब हो गया कि आखिर आरव ने नाटक कर रहा
- 13:10था। उसने पूछा की आरव ये तुम्हारे सर
- 13:14से तो खून निकल रहा था ना? तो आरव ने कहा सॉरी अवनी पर ऐसा
- 13:19कुछ भी नहीं था। ये सिर्फ एक नाटक था ताकि तुम
- 13:23बोलने लगो और देखो फाइनली तुम बोली भी।
- 13:26आज अवनी को ये सुनते ही एक शॉक लगा।
- 13:31कि अब तक जितना कुछ हुआ था वो सब कुछ एक नाटक था, सिर्फ उसे
- 13:36बुलवाने के लिए। सौरव ने कहा कि हाँ, क्योंकि तुम
- 13:42हमारे दादाजी ने सारी कोशिशों कर ली थी और उन्होंने ही मुझसे कहा
- 13:47था तुम्हारी कंडीशन के बारे में बताया था और।
- 13:51अक्चवली। इसलिए मैं ये सब कुछ कर रहा था।
- 13:55इतना सुनते ही अपने गुस्से में वहाँ से निकलती है और अपने घर
- 13:59जाती है। लेकिन ये क्या?
- 14:02घर पर उसके दादाजी बेहोश थे। अबरी को बहुत गुस्सा आता है और वो
- 14:07कहती है बन कीजिये ये नाटक। मुझे सब कुछ बता दिया है अअरव् ने
- 14:11अब बंद कीजिए प्लीज़ और वो गुस्से में अपने रूम में चली जाती है।
- 14:17थोड़ी देर बाद जब वो वापस नीचे आती है तो वो देखती है उसके
- 14:19दादाजी अभी भी उसी सेम कंडीशन में थे।
- 14:23वो भाग कर उनके पास जाती है जैसे उसे समझ में आ गया था की कुछ तो
- 14:26गलत था लेकिन उसके दादाजी अब इस दुनिया में नहीं रहे थे।
- 14:33शायद ये सद्भावनी बर्दाश्त ना कर पाए।
- 14:37तो ये था इस कहानी का पार्ट वैन अब इसका अगर पार्ट टू तुम्हें
- 14:41जानना है अवनी के साथ क्या होगा? आरव के साथ क्या होगा?
- 14:46क्या उनका कोई पास्ट ड्रामा था? आया?
- 14:49आखिर इतना सब कुछ क्या हो गया? एक साथ ही सोच रहे हो ना?
- 14:54सोचो भाई थोड़ा और सोचो कहानी थोड़ी सी लंबी हो गई है, पता है
- 14:5711 मिनट में मैं बंद करने वाली से बताये बनायी थॉट की अरे यार 11
- 15:00मिनट की हुई है तो चलो अब हो गई हमारी कहानी यहाँ पे समा अब तुम
- 15:05सोचो इसके पार्ट टू में क्या हो सकता है?
- 15:08ओके बताओ कंस्ट्रक्शन बंद हुआ तो कुत्ता भोंकने लग गया मेरी गलती
- 15:12नहीं है भाई, पूरी कायनात नहीं जा रही, मैं रिकॉर्ड करूँ पर अच्छा
- 15:15हाँ एक चीज़ पता है कुछ टाइम पहले मैंने तुम्हारी कहानी ये खत्म हो
- 15:18गई भाई अभी थोड़ा सा वार्तालाप भला सेक्शन है मेरा तुमने कहानी
- 15:22सुन ली अगर तुम्हें मेरी बात नहीं सुननी चले जाओ की पर जो बैठे हैं
- 15:26बैठे रहो यार। हाँ तो मैं क्या कह रही थी?
- 15:29हाँ तो कुछ दिन पहले मैंने इंस्टाग्राम पे एक स्टोरी डाली और
- 15:32मैं ऐसे ही कुछ गा रही थी एंड पता है क्या मेरे को कमेंट आया की आप
- 15:36गाया करो आप अच्छा गाते हो भाई जो मेरे को ऐसे अंदर से खुशी हुई है
- 15:40ना मतलब यार आई ऑलवेज वांटेड टु से।
- 15:46पर मैं सोचती थी, यार मैं इतना भी मतलब मैं अक्चवल में से जो कपाट
- 15:50इतना अच्छा नहीं गाती हूँ पर मैं क्या गा गा के ना कोशिश कर रही
- 15:52हूँ, मैं थोड़ा अच्छा गाने लगूं, समझ रहे हो तुम मुझे बड़ा शौक है
- 15:56तो मैंने अभी एक नया नया गाना सुना तो सोचा कि इस वाले मैं ऐड
- 15:59कर देती हूँ आई नो थोड़ी सी गालियां पड़ेंगी, बट सुन लो यार
- 16:02क्या जाता है और अगर तुम्हें अपने गानों से ज्यादा प्यार है।
- 16:06प्रेम है तो अब तक भी तो मेरी आवाज सुन रहे थे ना और सुन लो 5
- 16:09मिनट गंदे लोग मैं लगा मैं बोलेंगे चले जाओ यहाँ से तो गाना
- 16:14पेश है दोस्तों पता है क्या? मेरी हमेशा ना ऐसी फैंटसी थी कि
- 16:19जैसे स्कूल में वो नहीं होते फंक्शन्स वगैरह तो बच्चे जैसे
- 16:23डांस वन्स करते हैं। तो मेरी हमेशा से थी, बट मेरे को
- 16:26ये था कि यार कौन ही देखेगा? क्या ही फायदा ये वो और ट्वेल्फ्थ
- 16:30क्लास में मैंने सोचा कि नहीं यार मुझे भी एक बार तो पार्टिसिपेट
- 16:33करना है तो मैं बहुत खुश थी और मेरी ही बेस्ट फ्रेन्ड शी वास् दी
- 16:37हेड गर्ल ठीक है तो जो अब नहीं है, बेस्ट फ्रेन्ड नहीं है भाई,
- 16:42तो मतलब? मैंने सोचा मैंने कहा ये तो यार
- 16:45पक्का पक्का हम अच्छा सा कुछ करेंगे धांसू सा, पर मैंने कहा ना
- 16:51मेरा इल्यूश़न था वो सब कुछ उसने कभी पूछा ही नहीं भाई, मैंने एक
- 16:55बार उसे बोला कि मैं मतलब हमारी कुछ बात पे लड़ाई हुई और मैंने
- 16:57ऐसे बोल दिया कि नहीं मैं अब पार्टिसिपेट नहीं करूँगी।
- 17:00उसने कभी लौट के ही नहीं पूछा। जब कि उसे पता था कि हौ मच आई
- 17:03वांटेड, वो ज़िन्दगी में मेरी एक चीज़ ना वो डिग्रेड हमेशा रहेगा
- 17:08कि यार मैं कभी परफॉर्म नहीं कर पाई अपने स्कूल में मतलब यार मतलब
- 17:12बहुत बहुत बुराफरा हुआ है यार मेरे साथ ज़िन्दगी में है ना बहुत
- 17:17पता है उस वक्त सबु ने बाढ़ से बैठ गया था।
- 17:20बस तीन चार लोग बचे थे लेजिट। और मैं क्लास में बैठ के ना जब ये
- 17:24लोग प्रैक्टिस करने जाते थे, मैं बैठ के सोचती थी यार नंदिनी किसी
- 17:28को नहीं पड़ी भाई तेरी किसी को फर्क नहीं पड़ता।
- 17:32जीस बंदी को अपना बेस्ट फ्रेन्ड मानती थी, उसको भी नहीं और मेरी
- 17:36लाइफ का, मैंने उस बेवकूफ़ में ही सही।
- 17:39कि काश वो मुझे एक बार बोलेंगे कि तू प्लीज़ पार्टिसिपेट कर उसने
- 17:43बोला नहीं मैंने किया नहीं उस टाइम पे मैंने सोचा यार भाई मैं
- 17:47खुश थी, मेरी बेस्ट फ्रेन्ड थी वो आफ्टर ऑल।
- 17:50मैंने कहा यार ये पूछेगी जरूर पूछेगी बिकॉज़ किसी बात का हमारी
- 17:53लड़ाई हुई थी, उसी वजह से मैंने मना किया था पर नहीं पूछा भाई।
- 17:57और फिर लोग जब प्रैक्टिस करते थे, मैं उन्हें देखती थी कि अच्छा ये
- 18:01पार्टिसिपेट कर रहा है। नो लाइफ नेवर डीड गुड पर क्या कर
- 18:06सकते हैं भाई, जिंदगी ऐसे ही है। मेरी बहुत सारी चीजें चाही पर
- 18:12नहीं मिली। अब नहीं मिली तो नहीं मिली।
- 18:15उसमें बैठ के रो क्या फायदा? चलो छोड़ो तुम गाना सुनो यार मेरे
- 18:19ना जिंदगी में ना दुख क्या करूँ कोशिश करती हूँ कि ना बताऊँ पर
- 18:23नकल ही जाता है खैर यार आँखों में भाई आंसू आ गए वो चीज़ सोच के कि
- 18:30ठीक है जिंदगी का एक रिग्रेट रहेगा तुम में से कोई शादी करेगा
- 18:32ना तो मेरे को ऐसे बुला लेना। वहाँ पे एक स्टेज परफॉरमेंस
- 18:38करूँगी भाई तब जाके मेरा हो सकता है दुःख खत्म हो अच्छा चलो ठीक है
- 18:43हाँ वो क्या है ना भाई ना गला भर आता है तो तुम गा नहीं सकते हो हम
- 18:47चलो अब मैं गाना गा के बताती हूँ तुम्हे तो अगली कंटेस्टेंट है
- 18:52नंदिनी कौशिक। जो तुम्हे गाना सुनाने वाली है
- 18:56भाई मैं अपना थोड़ा सा एक छोटा सा मोमेंट तो ले ही सकती हूँ ना यार?
- 18:58इस पोडकास्ट पे मान लिया तुम्हारी पोडकास्ट है, पर थोड़ा सा तो यार
- 19:02तो अगली कंटेस्टेंट है नंदिनी कौशिक तालियां चलो जो तुने ही।
- 19:10तो ऐसा में चेहरा के जिसकी। खूबसूरती मान पड़ी हो ऐसा मैं
- 19:19दरिया जो वह न आना चाहे तनू तक दिलवा, बातो पे तेरी हस दिलवा।
- 19:33पागल मैं खुद हूँ बना दिलवा तू हसदार वे मैं हँसा दिलवा तनु तक
- 19:43दी, रवा तेरे ना तेरे ना। इतना ही आता है भाई मेरे को ये।
- 19:52अक्चवली इसके बाद भी आता है। ये ता नजारा नजारा आंधी कल है
- 19:59मूवी सुन ले ज़रा मैं तेरे रहना मैं तेरे रहना।
- 20:12मेहता, रैना खोल तेरे। बस बस बस इतना ही आता है मैंने
- 20:20आगे पीछे घालिया भाई चलो मैं मिलती हूँ तुमसे अगली कहानी में
- 20:24टिल देन टेक केयर एंड बाई बाई एंड अगर कोई भी परेशानी हो यू कैन
- 20:28ऑलवेज कम अप टु मी ऐट के हेच यु अंडरस्कोर।
- 20:32एस। हेच इ आई अंडरस्कोर पर ओके बाई
- 20:34बाई टेक केयर हैलो एव्रीवन एक बात और अक्चवली मैं ये आज मैं रिकॉर्ड
- 20:38कर रही हूँ। स्टोरी तो काफी पहले रिकॉर्ड हो
- 20:40गई थी। पहली बात इसका पार्ट टू अभी थोड़े
- 20:43से टाइम में आएगा बिकॉज़ मैं अभी काफी बीज़ी चल रही थी।
- 20:46एस यू नो। मैं थोड़े बहुत घर के शूज थे और
- 20:50थोड़े बहुत यू नो। बर्थडे आने वाला है तो उसके लिए
- 20:54है थोड़ी बहुत। मैं अभी शॉपिंग वोपिंग में थोड़ी
- 20:57बीज़ी हो गई थी तो अभी मैं नहीं सोच पाई हूँ।
- 20:59उसका सेकंड बार अक्चवली सोचा है पर अभी रिकॉर्ड बिल्कुल भी नहीं
- 21:03हुआ है तो फोटोग्राफ का पार्ट टू इसीलिए लेट हुआ था बिकॉज़ उस टाइम
- 21:07पे थोड़ी इश्यूस थे। और इसका पार्ट टू इसलिए लेट होगा
- 21:10बिकॉज़ मैंने अभी रिकॉर्ड नहीं किया है।
- 21:12बट आई ऍम गोइंग टु रिकॉर्ड इट वेरी सून तो टेंशन मत लेना और अगर
- 21:16तुम्हे इसके पार्ट टू में लगता है की यार ये हो सकता है तो तुम वो
- 21:20मुझे भेज सकते हो तो मैं देखती हूँ तुम्हारी कितनी क्रियेटिविटी
- 21:23काम करती है एंड सेकंडली। मैंने जो थैंक यू वाला ऑडियो डाला
- 21:28था, इससे पहले वाला उसके बाद इतने प्यारे प्यारे मैसेजस आए की दी
- 21:32आपको हमें थैंक यू बोलना चाहिए ये सब नहीं देखो म्यूच्यूअल चलता है
- 21:37दोनों तुम भी अपनी जगह सही हो मैं भी अपनी जगह सही हूँ मैं तुम से
- 21:40हूँ तुम लोग मुझसे हो सो वी अरे ए फैम्ली और हाँ।
- 21:45और हाँ अच्छा हाँ यार उसके बाद ना पता है उस एपिसोड के बाद मुझे जब
- 21:50से मैंने वो एपिसोड डाला है एव्रीडे आई गेट मैसेजस लाइक
- 21:54हैप्पी बर्थडे सॉरी लेट हो गए। बाइक कोई लेट नहीं हुआ है।
- 21:57नौ तारीख को तो है अभी जन्मदिन और तुम लोग अभी से इतने सारे मैसेज
- 22:01कर दिए फिर मैं सबको बताती हूँ। कुछ को तो मैंने बताया ही नहीं
- 22:04उसको तो मैंने बस थैंक यू बोल दिया बिकॉज़ बहुत सारे आ गए थे
- 22:07भाई, नौ तारीख के लिए कुछ तो बचा लो और दूसरी बात की।
- 22:11वैसे मैंने दूसरी दूसरी चौथी बार बोला है यानी की चौथी बात फिर
- 22:16चौथी बात ये है की किसने कहा था सृष्टि?
- 22:21थैंक यू सृश्री तुमने इतनी प्यारी सी फ़िल्म लिखी मेरे लिए प्यारा
- 22:25सा लेटर भी लिखा उसके लिए थैंक यू वेरी मच और अनु को भी एक बहुत
- 22:31प्यारा सा थैंक यू बिकॉज़ वो चीज़ मैं तो मैं बाद में बताऊँगा
- 22:34क्यों? उसकी जो गिफ्ट है, जब वो आएगी तब
- 22:36और कुछ ऐसा नहीं है जब वो आएगी वो सबको दिखाऊंगी एंड।
- 22:40तुम लोग फिर थोड़ा सा जेलस भी होयेगा, बट हू जेलस हाँ बट अभी
- 22:46जैसे बहुत सारे ने पूछा की दी आपको कोई गिफ्ट चाहिए क्या भाई?
- 22:50ऐसा कुछ भी नहीं है। तुम्हे पता है मेरे को तो कितना
- 22:54प्यारा लगता है वर्ड दी तो तुम्हे पता है तो उसके लिए आई ऍम जस्ट।
- 22:58सो ग्रेटफुल की तुम मुझे बस इतना प्यार करते रहो।
- 23:01मैं खुश हूँ, जीवन में मुझे और कुछ नहीं चाहिए गिफ्ट्स वगैरह
- 23:04हाँ, ऐसा सुनने में बड़ा मज़ा आता है ना, पता है मेरे भाई ने मुझे
- 23:07अभी उनकी सबकी गिफ्ट्स घरवालों के पहले ही आ गई।
- 23:10ठीक है तो इतने बढ़िया गिफ्ट्स पता है तो तुम्हे से गिफ्ट्स
- 23:13मिलता है ना भाई उसकी खुशियां काला एक लेवल की होती है।
- 23:16और मेरे भाई क्या करता है ना? जैसे हम लोग क्या करते हैं कि हम
- 23:19नोटिस कर लेते हैं कि अच्छा इसको ये चीज़ इसने बोला की है, नहीं तो
- 23:22फिर जब भी कोई ऐसा ऑकेशन आता है तो हम उस चीज़ को मांगा लेते हैं
- 23:25तो मैंने ऐसे ही अपने भाई को बोला था एक हैंडबैग का की यार हैंडबैग
- 23:28अच्छा नहीं है ये वो है उन्होंने यार इतना प्यारा हैंडबैग मंगाया
- 23:32ना मेरे लिए? हाँ मतलब आई कांट इवन टेल यू इतना
- 23:36सुंदर एकदम प्यारा सा थोड़ा सा महंगा है, बट मेरे लिए बिकॉज़ मैं
- 23:42थोड़ी सस्ती शॉपिंग पे बिलीव करती हूँ एस यू गाइस नो।
- 23:44अगर जो इंस्टाग्राम पे जुड़ रहे हैं उन्हें पता है कि मैं 250,
- 23:47300 से ऊपर नहीं जा रही हूँ। टी शर्ट्स में तो उन्होंने काफी
- 23:51महंगा मांगा दिया। खैर बट दट वास् हिज़ गिफ्ट।
- 23:53भैया से ले सकते है पर तुम लोग कुछ छोटे हो यार तुमसे क्या गिफ्ट
- 23:57लेंगे? हालांकि जब अनु का गिफ्ट आएगा तो
- 23:59वो मैं अच्छे से फ्लेक्स करने वाली हूँ।
- 24:00बिकॉज़ वो कुछ बहुत अच्छा होने वाला है तो मैं तुम्हे बाद में
- 24:03बता दूंगी और हाँ तो नौ तारीख को विश करना।
- 24:07अभी मत करो, अभी नहीं है पता है इतने विशेस आ गए थे यू वोंट बिलीव
- 24:12की? मुझे पिछले वाले एपिसोड में
- 24:13ब्रैकेट में लिखना पड़ा है की नौ तारीख है नौ तारीख सो दट्स व्हाई
- 24:17सबको भी मैंने ये छोटी सी जानकारी दे दी और इसके पार्ट टू के लिए
- 24:20तुम्हे अगर कोई पॉसिबल लगता है की इसके पार्ट टू में ये हो सकता है।
- 24:23तो तुम वो चीज़ मुझे मेल कर सकते हो या फिर तुम मुझे इंस्टाग्राम
- 24:26पे बता सकते हो। डिपेंड ऑन यू गाइस और सॉरी अबाउट।
- 24:32इसमें तुम्हें ईमेल आइडी भी मिल जाएगी, तुम इंस्टाग्राम का
- 24:35अकाउन्ट भी मिल जाएगा तो तुम वहाँ से रीच आउट कर सकते हो।
- 24:39एंड ऑल्सो वॅन्स अगेन थैंक यू गाइस फॉर एग्ज़िस्टिंग हर साल
- 24:43मेरे बर्थडे पे मैं ऐसा सोचती थी मतलब विशेस आते हैं नो डाउट बट
- 24:48ऐसा होता है ना की बहुत सारे लोग बस तुम्हें विश कर देते हैं और
- 24:50फिर अगले साल तुम्हारी बात तभी होगी जब तुम्हें विश करना होगा या
- 24:54तुम्हें उन्हें। तो वो चीज़ ना ऐसा ना सुपरफिशियल
- 24:57सा लगता है। बट देन जब तुम लोगों के विशेस आते
- 24:59है जैसे इस साल न्यू ईयर पे इतने विशेस किये तुम लोगों ने इतने
- 25:02विशेस किये की तुम मानोगे नहीं इतनी खुश थी ना उस टाइम पे की
- 25:06बिकॉज़ यू गाइस अरे नॉट उस टाइप के नहीं हो ना कि अच्छा साल में
- 25:09एक बार याद किया तुम तो याद करते रहते हो?
- 25:11मैं इतनी कुछ नहीं बताया। उस टाइम मैं अपने फ़ोन में लग रही
- 25:13थी। मेरी माँ पूछ रही थी की तू कब से
- 25:15फ़ोन में लगी पड़ी क्या कर रही है?
- 25:16एंड देन आई टोल्ड हर की मम्मी देखो सबने ऐसा विश किया तो उनको
- 25:19रिप्लाय कर रही हूँ एंड शी वास् दट।
- 25:20इतने सारे मैसेज पड़े है तेरे पास, मैंने कहा देख लो मेरे पता
- 25:23है छोटे छोटे कज़िन्स है लाइक छह 7 साल के कोई सात 8 साल का तो वो
- 25:28लोग ऐसे देख रहे थे दी हम करते आपके इनको रिप्लाय वह इतने
- 25:33एक्साइटेड थे। मैं कहा भैया तुम कर दो मतलब ऐसा
- 25:35बोल के को ये मत सोचना कि मैं रिप्लाय नहीं करती, मेरे कज़िन्स
- 25:38नहीं गया। वह तो बच्चे थे।
- 25:39उन्होंने एक दो को ऐसे बोल के उन्होंने ही किया पर वह समझ गए थे
- 25:43जीसको भी रिप्लाय किया कि अच्छा मैं नहीं हूँ पर बड़ा अच्छा लगता
- 25:46है ना यार व्हेन वी अरे ए बिग हैप्पी फैम्ली तुम मेरी प्रॉब्लम
- 25:50सुनते रहती हूँ, मैं तुम्हारी प्रॉब्लम सुनती रहती हूँ।
- 25:52कल मैं इंस्टाग्राम पे ऐसे लाइव चली गई क्योंकि मेरा दिमाग बहुत
- 25:55सड़ा हुआ था और फिर सबसे बात करके बहुत नॉर्मल हो गया तो उसके लिए
- 25:58मैं काफी थैंकफुल हूँ क्योंकि पहले जरूर सोचती थी की यार हर
- 26:02किसी के पास ऐसा इंसान होना चाहिए ना जिससे तुम कुछ भी बता दो जाके।
- 26:06एंड विथाउट इवन थिंकिंग ट्वाइस की अच्छा यार ये बंदा आया ये बंदी
- 26:10हमारे बारे में ऐसा सोचे ना है ना?
- 26:12या फिर ये हमारे बारे में कोई धारणा ना बना ले की ये तो ऐसा है
- 26:16तो ऐसा है तुम लोगों को ऐसे बताया और मेरी आंधी प्रॉब्लम ऐसे ही
- 26:20सॉल्व हो गई। कुछ बताते बताते ऐसा लगा की ठीक
- 26:21है ना यार जाने देते है वो चीज़ आई जस्ट अडमाइर ऑर थिस।
- 26:25एव्रीथिंग कि हाँ, मेरे पास इतने सारे लोग हैं उसके लिए वॅन सेकंड,
- 26:29थैंक यू एंड आई लव ऑल ऑफ़ यू ट्रस्ट मी आई लव यू गाइस बहुत
- 26:33अच्छे हो, सारे के सारे मेरा कहना मैं इतनी इसिली मान लेती हूँ, मैं
- 26:38कुछ भी बोलती हूँ, तुम इतने प्यार से सुनते हो, हर चीज़ का ऐसा नोट
- 26:41भी कर लेते हो कि हाँ यार। तो लोगों के पास ना ऐसे एक या दो
- 26:44इंसान होते हैं। मेरे पास तो इतने सारे हो ना मतलब
- 26:47बस उसके लिए आई ऍम वेरी हैप्पी एंड वेरी थैंकफुल।
- 26:51तो वैसे मैं अब रिकॉर्ड कर रही हूँ और देख रहे हो तुम ये चीज़ भी
- 26:54रिकॉर्ड हो गई है 6 मिनट की पर पूरी स्टोरी सुनने के बाद तुम ये
- 26:58सुन लेना चलो ओके बाई एंड टेक केयर और अगर कभी अच्छा स्टोरीज़
- 27:03अभी प्लीज़ मत भेजना बिकॉज़ मैं स्टोरीज़ ऐसा जब भी रिकॉर्ड नहीं
- 27:07कर पा रही हूँ अभी तो मैं रिकॉर्ड ही नहीं मैंने बताया ना अभी मैं
- 27:09बहुत बीज़ी चल रही हूँ पर हाँ अभी स्टोरीज़ अपनी मत भेजना बिकॉज़ वो
- 27:13मैं कुछ टाइम बाद सुनती हूँ अगर कोई प्रॉब्लम है देन यू कैन ऑलवेज
- 27:17कम अप टु मी नो प्रॉब्लम। ऐट के।
- 27:20हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई अंडरस्कोर पर और इसका पार्ट टू भी
- 27:24वैसे आएगा यूट्यूब पर ही तो वहाँ पे पहुँच जाना यार वहाँ 500 होने
- 27:28वाले हैं। पता है 500 सब्सक्राइबर और मैं
- 27:30इतने टाइम से बैठी हूँ बट वो एक दम से रुक गए, थम गए कि नहीं 430
- 27:34के आगे हम बढ़ेंगे ही नहीं तो वो बढ़ा लो यार थोड़े थोड़े जल्दी
- 27:37जल्दी। और कोई और बात होगी तो मैं फिर से
- 27:40आ जाउंगी। मुँह उठा के तुमसे बात करके अभी
- 27:42के लिए चलती हूँ। ओके बाई बाई एंड ऑल्सो।
- 27:45होली आने वाली है सो हैप्पी होली। वैसे होली तक मैं एक और ऑडियो
- 27:49डालने वाली हूँ बस होली के लिए बट फिर भी हैप्पी होली ओके बाई टेक
- 27:54केयर। अच्छा एक बात और बताओ जाने से
- 27:56पहले की तुम लोगो के पास मेरा फोटो नहीं है, मुझे शर्म नहीं आ
- 27:59रही तुम मेरे से ही आके मांग रही हो की दीदी एक फोटो दे दो भाई मैं
- 28:02दिन भर स्टोरी लगाती हूँ। चलो ठीक है एक होता है की चलो अनु
- 28:06ने मुझसे पूछा की दीदी आपका एड्रेस दे दो, पता है उसने ना
- 28:09तुम्हे भी बताऊँगा। वैसे चलो ठीक है वो तब भी ठीक है
- 28:12पर तुम्हे नहीं पता होगा। मैं कहा रहती हूँ।
- 28:15तो वो ठीक था। तुम मुझ से फोटो मांग रहे हो,
- 28:18तुम्हें शर्म नहीं आ रही दिनपाल मैं स्टोरी लगाती हूँ वो बात अलग
- 28:21है की मैं तुम लोगों को तुम इतने डिप्रेस्ड रहते हो की क्या करूँ
- 28:24तुम्हें खुश करने की इतनी बकवास बकवास स्टोरीज़ लगानी पड़ती है?
- 28:26बट मैं वो भी लगाती हूँ पर तुम्हें नहीं तुम्हें पूरी
- 28:29सरप्राइज़ कैसे उड़ा के मुझे पूछते हैं दीदी एक बात बताओ?
- 28:33आपका एक फोटो दे दो, हे भगवान तुम लोगों का क्या करूँ?
- 28:38मैं यार ऐसे चाट चाट के नमूने मिले हैं ना मुझे क्या ही बोलूं
- 28:42मैं चलो ठीक है तुम ऐसा बोलते कि दीदी एक वीडियो बनाते हैं, आपका
- 28:46अच्छा सा आया। कोई अच्छा सा एडिट बनाते हैं तो
- 28:49चलता तुम्हें फोटो चाहिए। मेरे मतलब सीरियसली और मैं फिर भी
- 28:54दे रही हूँ पता है मैं कितनी अच्छी इंसान हूँ मैंने फिर भी अनु
- 28:57को भी एड्रेस दिया। उसको फोटो भी दिया।
- 28:59आज वैसे एड्रेस से याद आया अनु जो मुझे भेज रही है वो काफी प्रेसियस
- 29:03है, ठीक है तो इसीलिए मैंने उसको एड्रेस दिया अदर्वाइज़ पर वो है
- 29:07ही इतनी प्यारी प्लस उसने ना जो वो गिफ्ट भेजेगी ना वैसा कुछ
- 29:10एक्स्पेन्सिव नहीं है पर वो बहुत एक्स्पेन्सिव है।
- 29:13ऐसा तुम सोच सकते हो की क्या होगा ऐसा जब वो मुझे रिसीव होगा ना तब
- 29:17मैं तुम लोगों को दिखाऊंगी एंड यू विल बी सरप्राइज़्ड की क्या अकल
- 29:20है उसमें? बट अभी नहीं बताऊंगी क्योंकि उसका
- 29:23सरप्राइज़ खराब हो जाएगा। उसने मुझे बता दिया बट ठीक है, वो
- 29:27फिर भी सरप्राइज़ है। समझ रहे हो देखो मैं तुम्हे कितनी
- 29:29अच्छी हिंट दे रही हूँ इसी की गिफ्ट समझने के लिए।
- 29:32तुम ही ऐसा गिफ्ट किसी को दे सकते हो।
- 29:33वो बात अलग है। खुद नहीं पता गिफ्ट क्या है की वो
- 29:36एक्स्पेन्सिव नहीं है पर बहुत ही ज्यादा एक्स्पेन्सिव है।
- 29:39मैं जानती हूँ की गिफ्ट क्या है बट मैं फिर भी नहीं जानती हूँ की
- 29:42गिफ्ट क्या है मतलब समझ रहे हो तुम स्मार्ट?
- 29:45अगर किसी ने ये क्रॅक कर लिया तो भाई मैं मान जाउंगी तुम्हे की
- 29:49गिफ्ट क्या है? चलो इस पहेली के साथ अब मैं जा
- 29:53रही हूँ ओके बाई।