Latest / Baba ji Vijay Vats / 19 Nov 25 - क्या तुम मेरे साथ हो? गरीबी-भ्रष्टाचार मुक्त भारत! मैं तुम्हें राम राज्य दूँगा! Baba Ji Vijay Vats
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- 0:00जैसे एक कहावत। है कि भगवान भक्तों के वर्ष में
- 0:04ही होते हैं। आपका।
- 0:06रोना धोना, चिल्लाना चितकार करना अब तो घड़ी।
- 0:15घड़ी तुम पूछ लेते हो ये? समस्या आ गई।
- 0:17बाबा क्या करें? और मैं संसार का एक मास्टर जो सभी
- 0:28डाइमेंशन्स। का हल जानता हूँ।
- 0:31अब किसी भी प्रकार का प्रश्न। पूछ लीजिए बस मैं।
- 0:37डुबकी लगाऊंगा। उस सर्वज्ञ के पास?
- 0:40पहुंचूंगा और ततक क्षण उत्तर ले। के बाहर आ जाऊंगा।
- 0:45वह सर्वज्ञ सब जानता है, लेकिन वहाँ।
- 0:49जानने की भी तो कैपेबिलिटी होनी चाहिए जाओगे।
- 0:56सर्वज्ञ के पास जो। जानता था सब कुछ।
- 0:59लेकिन जाओगे तो आप? बुद्धि पर बैठे बैठे।
- 1:03मैं पूरा बूढ़न। डरा गयो किनारे बैठ जो न खो जाता
- 1:08न पाइयाँ गहरे। पानी बैठ।
- 1:11इसका मतलब यही था। उस सर्वज्ञ के पास?
- 1:17कुछ भी जानने। के लिए।
- 1:23किसी सर की जरूरत। नहीं पड़ती।
- 1:29किसी आचार्य की जरूरत नहीं पड़ती। बस।
- 1:34तुम्हारे ही अंत। में बैठा हुआ वह।
- 1:37सर्वज्ञ जो तुम स्वयं ही हो वहीं जाना होता है, उसके पास सभी उत्तर
- 1:43हैं, उसने सृजना की है वही। और तुम्हारी औकात ये है।
- 1:50कि तुम पानी। की एक मूड।
- 1:52नहीं बना। रेत का एक जर्रा नहीं बना सकते
- 1:57हवा की एक एटम। नहीं बना सकते।
- 2:01और तुम कहते हो, मैं हूँ। तो मुमकिन है।
- 2:05आउट कैन बी पॉसिबल? ये झूठ है।
- 2:12और अगर तुम झूठ। बोलकर।
- 2:14गद्दी नशीं बने रहे। तो भी एक बात।
- 2:18समझना तुम वक्त। को जाया कर।
- 2:20रहे हो अपना भी? और दूसरों का?
- 2:26एक व्यक्ति के कारण अरबों व्यक्ति।
- 2:29अगर बंधे रहे। तो यह कोई न्याय न?
- 2:34हुआ। आज कल न्याय जैसा हो गया है।
- 2:41मुझे अच्छी तरह से मालूम। है आज कल न्याय।
- 2:47जैसा हो गया है। मुझे अच्छी तरह से उम्र में
- 2:50राजनीति जैसी होगी। वो तो आपको दिखती है।
- 2:55अभी थोड़ी सी बात बता दो। कुछ।
- 2:59दिन पहले एक बच्ची को सताया। जा रहा था।
- 3:04मानसिक प्रताड़ित न देके। उसने हाईकोर्ट पंजाब।
- 3:10एंड हरियाणा के अंदर। प्रोटेक्शन की अपील लगा दी।
- 3:20उनकी कचहरी में लगा ये केस एक बच्ची।
- 3:24मांग रही है न्याय। न्याय क्या?
- 3:28जान और माल की। सेफ्टी?
- 3:35कोई ऋण नहीं मांग। रही करोड़ों का कर्जा।
- 3:39नहीं मांग रही कोई? ऐसी।
- 3:43वस्तु नहीं मांग रही। जिसके ऊपर उसका अधिकार।
- 3:47नहीं मांगना। जान और माल की।
- 3:50रक्षा। संविधान का अधिकार है।
- 3:53मौलिक अधिकार है मांगना। और जान और माल।
- 3:57की रक्षा ही मांगी थी उसने। जान और माल की रक्षा मांगना कब से
- 4:11गैरकानूनी हो गया? कब से गैर संविधानिक?
- 4:16हो गया। इन्होंने फैसला क्या दिया
- 4:25डिस्मिस्ड विथ लिबर्टी लिबर्टी का मतलब?
- 4:31जब बोबरा फूट गया ऐसा। भाई जब बोबरा ही।
- 4:39फोड़ गए तो 1011 व्यक्ति, सभी पेंशनर, सभी खाली।
- 4:46दिमाग शैतान का घर इस व्यक्ति ने। या तो गहराई छुई।
- 4:52नहीं। या कोई रिश्वत वगैरह देके?
- 4:56बना यह बंदा न्याय। करने के योग्य ही नहीं लगता मुझे।
- 5:09ये इतनी से न। हमारी है तो।
- 5:11इसलिए प्रोटेक्शन देने के लिए जान और माल की रक्षा करने के लिए बनी।
- 5:19जान और माल की रक्षा मांगना व्यक्ति का मौर्य का अधिकार है।
- 5:27और कौन देगा सुप्रीम कोर्ट? हाई कोर्ट हाई।
- 5:35कोर्ट से ही बांगी उसने। कि मुझे रक्षा दीजिए।
- 5:43रक्षा मांगना अधिकार। मैं असुरक्षित महसूस।
- 5:50कर रही हूँ। मेरी जान और माँ की रक्षा भी थी
- 5:59फैसला दिया डिस्मिस विथ लेबरशिप तब आना जब घटना घट जाए।
- 6:11तब। आने कौन देगा भाई?
- 6:16आने के योग्य छोड़ेगा तभी? आएगा ना?
- 6:2011। व्यक्ति अगर एक आदमी के ऊपर पड़
- 6:23जाएं। कोई वर्ब भी ना करे उस सिक्के
- 6:28बाहर से ही मर जाएंगे ये बच्चे। कोई शस्त्र प्रहार?
- 6:33भी न करें कोई अस्त्र भी न करें ये।
- 6:3611 व्यक्ति सिर्फ अपना बोझा ही उसके।
- 6:39ऊपर डाल दें तो वो से ही मर जाएगी।
- 6:44इस व्यक्ति में दिमाग नाम की कोई चीज़ है, मैं नहीं समझता।
- 6:52आज हमारी न्याय प्रणाली ऐसी हो गई।
- 6:59ज़रा सोचना कानून से। कानून।
- 7:08के व्यवस्थापकों से क्या अपने जान और माल की रक्षा मांगना गैरसम भी
- 7:19जान है? इसमें भी कुछ टर्म एंड कंडीशन
- 7:24होती है। लेकिन मैं फैसला जब सुना पड़ा।
- 7:36तो मैंने कहा क्या न्याय प्रणाली इतनी गर्क गई है?
- 7:40इन लोगों में बुद्धि नाम की कोई चीज़ नहीं।
- 7:45एक अकेली बच्ची सारी रात जागकर। अपने घर का पोषण करती है।
- 7:52उसका घरवाला आज के। जमाने में बेरोजगार ही होते है
- 7:55सब। करीब करीब।
- 7:58देखा है रोज़ बैठते है ठंडे पानी की बछारें होती है ठंड।
- 8:03ठंडे रास्तों में लट्ठ। फटते है।
- 8:09वह भी बेरोजगार। एक अकेली बच्ची।
- 8:18अपनी सुरक्षा करें या काम करें। और इसी लिए ही।
- 8:26ब्याह क्रांत होके जज साहब। की शरण में गई थी और जज साहब ने
- 8:31आज्ञा क्या दिया? हर हर गोपाल डिस्मिसल विथ लेबर्टी
- 8:48ज़रा ध्यान से। शांति से बैठ के कोने में
- 8:51समझिएगा। क्या यह न्याय?
- 8:54है या बद्दी मार्ग की उपज है। इस व्यक्ति में आपको कुछ।
- 9:05दिमाग में नजर आता। है।
- 9:09क्या जाता है कोई? किसी के लिए।
- 9:14मृत्यु? दंड तो नहीं मांगा कोई किसी के
- 9:18लिए? हमने दंड।
- 9:23तो नहीं मांगा। अपनी।
- 9:25सेफ्टी से तो मांगी। जैसे भूखा व्यक्ति भोजन की डिमॅंड
- 9:30करे। वह नाजायज है क्या?
- 9:35अस्थिर व्यक्ति, डरा हुआ व्यक्ति व्याग्रांत व्यक्ति अगर अपनी
- 9:39रक्षा की गुहार करे, क्या उसमें भी सोचना पड़ेगा जज को?
- 9:46इतना बड़ा खोपड़ के लिए बैठा है तू है कोर्ट में क्या उसमें भी
- 9:52सोचना पड़ेगा कहता है बबरा पढ़ा के आ जइयो लिबर्टी का अर्थ।
- 9:59होता है। यू कैन कम।
- 10:01व्हेन एवर यू वॉन्ट? तो तब आना जब।
- 10:04बबरा फूट ही जाएगा। मैं कह तो तब।
- 10:07आएँगे बिलकुल आएँगे लेकिन। आपको साथ में लपेटेंगे।
- 10:16हम आए थे जनाब आपके पास। आपका दायित्व बनता था।
- 10:24सांत्वना देना हम बैठे। हैं संबंधित अधिकारियों को।
- 10:32चेतना इस व्यक्ति ने। गुहार लगाई इस बच्ची ने।
- 10:37इसके जान और मार। की रक्षा की जाए।
- 10:41क्या बिगड़ता था जनाब तोहरा? मैं जानता हूँ तुम मुझे उत्तर।
- 10:47नहीं दे पाओगे। क्योंकि मैं 13 वर्षों से बाहर ही
- 10:53नहीं आता तुम मुझे। बुला सकते हो, बिल्कुल बुला सकते
- 11:01हो? लेकिन जवाब तो हमारे पास नहीं है
- 11:08और न्याय भी ये नहीं है। कहाँ न्याय है संविधान?
- 11:19के बनाने वाले हैं। हम।
- 11:21और हमने संविधान के अंदर यही प्रपोजल रखी है कि कोई भी व्यक्ति
- 11:30संबंधित अधिकारी से। गुहार लगा सकता है।
- 11:35कि मैं संकट में हूँ, मैं खतरे में हूँ मुझको।
- 11:43और ये कहते है। तब आ जाना जब वो आपका बबरा फोड़ता
- 11:49है। तो क्या पता?
- 11:50बबरा फोड़ेंगे तो हम आने योग्य रहेंगे भी कि नहीं?
- 11:57ये कोई फैसला है? न्याय की तो बात।
- 11:59छोड़ो फैसला ही नहीं है, फिर कहता हूँ, शायद छे में।
- 12:05साथ हूँ बात। कि इस व्यक्ति।
- 12:07में दिमाग की जगह गोबर भरा है। ज़रा ये बताइए तुम्हारा?
- 12:13बिगड़ता क्या था? की सुरक्षा मांगने के लिए कोई
- 12:22सबूतों की जरूरत है तुमने कोई तहकीकात की?
- 12:31श्रीमान जी, क्या आपने अपने लेवल पर कोई कार्रवाई?
- 12:36की कोई पूछ्ताछ की। कि वास्तव में यह जायज है क्या
- 12:43वास्तव में। ये है जो 1112।
- 12:45लोगों के नाम लिखाए गए। हैं कहीं?
- 12:51से इनका कोई द्रोव? नहीं है क्या ये?
- 12:53दुश्मन नहीं हैं उसके। तुमने कोई तहकीकात की नहीं की।
- 13:03तो अगर बोबरा ही फड़ाके आपके पास। जाना है तो बोबरा।
- 13:07फड़ाके सबसे पहले हॉस्पिटलैज़्ड। होंगे।
- 13:10उसके बाद भी तुम्हारे हज़ारों। को फॉरमैलिटीस हैं थणा जाओ ऐफ़ आई
- 13:15आर करो ऐफ़ आई आर के बाद सुनते कहो।
- 13:25मरने का डर कृष्ण? को मरने का डर।
- 13:33नहीं होता। लेकिन जो अभी कृष्ण।
- 13:37हुआ नहीं उसे तो मरने का डर। वही तुम्हारे पास आए।
- 13:46और तुमने न न्याय। किया न?
- 13:49फैसला ठीक से दिया। यह तो मैं समझता हूँ।
- 13:53गोबर मार का फैसला। है।
- 14:01नई प्रणाली का। यह हाल हो गया है।
- 14:08अभी हमारे पड़ोस में। एक निशेड़ी व्यक्ति जो इतना सारा
- 14:16नशा। करता है।
- 14:18उसका दिमाग? सेट कैसे रहेगा यार?
- 14:24हमारी छत पर आया, हम दूसरे। मकान में, आश्रम में।
- 14:29ऊपर से कूद गया। 30 फुट ऊपर से तीन चार जगह से
- 14:33हड्डी फ्रैक्चर इलाज करवाया। अब वो कहता है कि आप यहाँ बुला।
- 14:43के देखो लंगर लगा के देखो। अब दीक्षा देकर।
- 14:48देखो और मैंने एक। तारीख।
- 14:55को अपने बेटे के। हाथ से।
- 15:00अपील की थी कि ऐसी ऐसी यह व्यक्ति।
- 15:05से मरला परेशान। आयतक।
- 15:10एस। हेच यु साहिबा?
- 15:14ना खुदाइन ना अपना कोई रिप्रेजेंटेटिव भेजा, यही है
- 15:23न्याय। व्यवस्था।
- 15:28यहाँ तो कांग्रेस नहीं है, यहाँ तो बीजेपी नहीं है।
- 15:33यहाँ तो आम आदमी। पार्टी?
- 15:40असल में हुआ क्या है? मैं तुम्हें रोक की जड़ बताता
- 15:44हूँ। दफ्तरों में या किसी?
- 15:53इदारों में काम। होता है 20 आदमी का।
- 16:00इंडोर ने बैलेंस बनाने के लिए 20 आदमी की जगह।
- 16:04रखी है। चार आदमी और हर।
- 16:07जगह ही ऐसा हाल है। यह मोदी मार्ग का फैसला है कि
- 16:14संख्या -2 चार आदमियों का काम पांच आदमियों का काम एक व्यक्ति
- 16:21करे। फिर वो काम क्या करेगा, खाक करेगा
- 16:25वो थक जाएगा। जितना काम उससे होगा।
- 16:28करेगा, थक जाएगा मुलाजिम तो। सरकार?
- 16:38ने रखना। इन विचारों का कसूर क्या है?
- 16:44चाहे कोई भी इदारा है जब 20 आदमियों का काम चार आदमियों।
- 16:49को करना पड़ेगा। वह कैसे करेगा उनमें?
- 16:55त्रुटियां भी आएंगी। कामों।
- 16:58की गुणवत्ता में भी फर्क पड़ेगा। कामों की तरह में भी फर्क पड़ेगा,
- 17:05तेजी नहीं आएगी। धीरे धीरे काम करेगा, थक जाएगा,
- 17:08एनर्जी लेसनेस रह जाएगी। यह कोई तरीका नहीं।
- 17:18पैसे बचाकर तुम। कहते थे सुस।
- 17:23बैंक से हम वापस लेके आएँगे सुस बैंकरों में और।
- 17:26भेज रहे हो? मुझे लोग कहते हैं बापू।
- 17:31एक बार भी आप संभालो, बिल्कुल संभाल लेता हूँ मैं।
- 17:3613 वर्षों से कुछ न खाने के कारण। शरीर दुर्बल है।
- 17:41शरीर चार। कदम चल रहे हैं।
- 17:45लेकिन इतना है। कि मैं बोल।
- 17:47सकता हूँ? मेरी वाणी से अगर तुमने कुछ आरोप
- 17:51जग जाए, कुछ तुम्हारी आत्माओं। में सफरना जग जाए।
- 18:01तो धन्य भाग्य हुंगा। में और धन्य।
- 18:03भाग्य होगा यह देश। इन दुष्टों से।
- 18:09छुटकारा हो जाए इस देश। का बड़ी मुसीबत।
- 18:12में फंसा है देश। ऐसा ही स्वतंत्रता संग्राम के
- 18:19आंदोलन। में।
- 18:22कायर लोग चिपक गए। अंग्रेजों के पांव के साथ।
- 18:28मीडिया। बन गए वो कहने लगे नहीं सुभाष
- 18:32चंद्र बोस। की।
- 18:33आजाद हिंद फौज में दाखिला मत लो अंग्रेजों की।
- 18:37फौज में दाखिल भर्ती हो जाओ आज सिर्फ वही बेला हो गया है।
- 18:53कौन आया? बिल्ली।
- 18:58के गले में घंटी तो मैं बांध दूँ क्योंकि मैं चूहा नहीं।
- 19:14मैं प्रबुद्ध व्यक्ति हूँ। मैं खुद को जानता हूँ कायरता और
- 19:22भय नाम। की कोई चीज़ मेरे में बची नहीं,
- 19:25वह मैं के साथ ही समाप्त हो जाती है।
- 19:29कायरता और भय और मृत्यु का भय। या कुछ खोने का भय?
- 19:35जैसे ही तुम्हारा अहंकार। घरा वैसे ही वह।
- 19:39खो गया खोके डरता। है सिर्फ अहंकार।
- 19:44वह वचन आनंद भी रहा, लेकिन अब। अब लोग मुझे कहते।
- 19:54हैं। मेरी ही जनता है, प्यारी जनता है
- 20:00और समग्र सृष्टि को चलाने। वाला बनाने वाला समग्र।
- 20:05सृष्टि में छाया हुआ। एक रूप बैराट।
- 20:12विशाल इसका और शोर। कोई नहीं मैं ही हूँ।
- 20:24अगर तुम आजाद होना चाहते हो, मैं तो आजाद हूँ अगर तुम आजाद।
- 20:30होना चाहते हो? इन दुष्ट रोगों से।
- 20:35जो आपकी खार भी खींच लेंगे। तुम जिसे।
- 20:38अंत भक्त कहते हो। त्रस्त।
- 20:40अब हिंदू राष्ट्र बन। जाएगा तो पाकिस्तान बन गया
- 20:49तुम्हें। पता नहीं जिन न हिंदुत्व हैं।
- 20:55गुजरात के वहीं। से मुसलमान हो गए, उन्होंने
- 21:02पाकिस्तान बना लिया क्या? पाकिस्तान बनने के बाद सोने की
- 21:06बारिश में लग गई कुछ बदला, कुछ नहीं बदला।
- 21:13तो हिंदू राष्ट्र बनने के बाद क्या सोने की बारिश आसमान?
- 21:17से होने लगी। यह तो आपको मूर्ख बनाने के तरीके
- 21:23हैं। इकट्ठा करने के लिए बुलाती हैं।
- 21:29अब कुंभ। के मेले में बनाएं।
- 21:32कितने लोग मारे गए? कुछ जांच पड़ताल हुई।
- 21:35कुछ मुवजा। मिला किसी को कुछ।
- 21:42मिला इतने विशाल मुल्क के अंदर कोई बाली, कोई रखवाला है
- 21:49तुम्हारा। क्योंकि हक्म को कभी कुछ नहीं।
- 21:55मिलता हुक्म मानने वाले। को ही सब कुछ।
- 21:58मिलता है हुक्म में अंतर सबको। बाहर हुक्म न कोय।
- 22:03न, न को। हुक्म जे पूजे।
- 22:06ता हूँ मैं कहे न कोई जो मैं मैं करता है मैं मैं करता है उसकी मैं
- 22:14मैं। करने से उसे मिलता।
- 22:15तो कुछ नहीं बस पाक। का एक पंड।
- 22:21सर्प रख लेता है वो। फिर न जाने कितने जन्मों तक
- 22:24भोंकता है। अगर चाहते हो इंसाफ?
- 22:34हो चैन की नींद तुम सो सको। आज कहीं कोई न्याय नहीं, मैंने
- 22:44अपनी ही बात सुनाई। हमारे अनुयायी हमारे डिवोटीज़,
- 22:53हमारे पास आते है। हमें किसी से कोई।
- 22:59मतलब नहीं है। कोई झगड़ा, बक।
- 23:00रहा हो हम। करते है कभी?
- 23:03दिखाओ कोई कंप्लेंट हमारे। शांति।
- 23:10प्रिय जीवन जीने वाले। नए धर्म का आगाज।
- 23:15मैंने कर दिया जीव और जीने तो। मउदाह मुख्य द्वार।
- 23:24अगर तुम भी चाहते हो वस्त का रामराज, रामराज हो नहीं शंभू का
- 23:33वध। हो जाए।
- 23:36किसी को पढ़ने। की आज़ादी हो किसी।
- 23:39को न हो नहीं। सबके लिए सब बराबर हो सबके लिए सब
- 23:44बराबर। आपने कहानी सुनी और।
- 23:48किसी व्यक्ति को फांसी का हुक्म वकील कहने लगा, मैं फांसी के
- 23:54हुक्म से सजा से तो मैं बरी करवा। सकता हूँ?
- 23:58मेरी एक बात। मान लो सच था।
- 24:02जवानी था लेकिन मैं। तुमसे 2,00,000।
- 24:05रुपए लूँगा वो कहता ठीक है, दे दूंगा, कहता जस्ट सा तुम्हें।
- 24:15कुछ भी पूछे। तुम के न हुर्र होर।
- 24:20कुछ भी पूछे। हाँ, मिस्टर।
- 24:24तुमने फिरा व्यक्ति का कतल किया तुमने क्या कहना?
- 24:29हुर्र कब? कतल किया हुरर किस्से किया कौन सा
- 24:35कचू था चाकू था। हुर।
- 24:39बस तुमने यही। कहना है, सर।
- 24:42रब्बे 2,00,000 में लूँगा। पागल घोषित हो जाओगे?
- 24:47और पागल। घोषित होने के बाद।
- 24:50पागल। व्यक्ति को फांसी नहीं।
- 24:56व्यतीत है। उसने यही फॉर्मूला आजमाया।
- 25:00जज बोला जनाब मेरा। मवक्कर।
- 25:04पागल होश। नहीं।
- 25:13है दीवाना हो गया। है घबरा गया है।
- 25:23डिप्रेस्ड है मैं अपने। आप से।
- 25:30घबरा गया हूँ मैं अपने आप से घबरा गया हूँ मुझे।
- 25:46है ज़िन्दगी। दीवाना।
- 25:52कर दे, मुझे है। ज़िन्दगी दीवाना कर दे।
- 26:02मैं अपने आप से। घबरा गया।
- 26:12सब ठीक है जब। उसने देखा ये पागल।
- 26:15है डॉक्टर माइनक है पागल। जो ऐसी हरकतें करते।
- 26:20हैं उनके पास। ऐसी मशीन तो होती नहीं।
- 26:23किसके पास है मशीन? ऐसी जो बता दे।
- 26:29क्या तुम न्यूरोन के भीतर घुस सकते?
- 26:31हो नहीं, डॉक्टर ने पार्टी से क्लियर करते हो।
- 26:35हर बात का जवाब। भोर।
- 26:42छूट गया। जब बाहर आया तो?
- 26:49वकील शाह बोले। वेस्ट सो एंड सो मेरे 2,00,000।
- 27:04आपकी थोड़ी। सी आवाज पूछिए कहता है रे मेरे
- 27:12साथ भी हो ना एक? तकनीक का पता लग।
- 27:18गया। जब हुर्रर कहने से फाँसी।
- 27:23की सजा माफ़ हो सकती है। तो हुर्रर कहने से तो हमारे
- 27:282,00,000 की नहीं सकते। आज।
- 27:31किसी महान ईमानदार व्यक्ति की। आवश्यकता है जिसकी जरूरतें।
- 27:37खत्म। मैं बैठ जाता, मैं स्वीकार कर
- 27:41लेता। मेरे में इतनी भी तमन्ना और जीने
- 27:45की लालसा नहीं रही कि दो। वक्त का छोड़ो।
- 27:50तीन वक्त का छोड़ो मैं एक वक्त का भोजन भी कर लूँ जीने की तमन्ना।
- 27:57और जीने की तमन्ना मुझे ये पता। नहीं।
- 28:01था कि हिंदुस्तान? ऐसे नर्क और गर्ख में चला जाएगा
- 28:06कभी। फिर से जो पिछले जन्म में तुने
- 28:11किया? वो इस जन्म में भी करना पड़ेगा,
- 28:14लेकिन। आज मैं मजबूर हूँ।
- 28:17ये रोज़ मैसेजस आते है। फ़ोन आते है बाबा संभाल लो आप।
- 28:22हम आपके साथ हैं एक बार डिक्लेर तो करो डिक्लेर तो कर दूँ, लेकिन
- 28:31देश को बैठे। बैठे चिढ़ाओ।
- 28:37जो आजाद कराने की क्षमता रखता है वह जीत तो जाएगा।
- 28:43क्योंकि ये? तो चरना, रविंद पकड़ने वाले ये
- 28:48कुछ ना कर सकेंगे। ऐसा कुछ नहीं हो सकेगा।
- 28:53अखंड भारत की बात करते हैं। खंड खंड करने का काम।
- 28:57करते हो? क्या कुछ नहीं बाँट दिया तुमने
- 29:02हिंदू मुसलमान छोड़ो जातियों प्रजातियां में बाँट दिया तुमने
- 29:09आज सब तरफ से मैं देख। रहा हूँ अंधेरा।
- 29:13इस अंधेरे के अंदर मुझे तो कोई जुगुनों।
- 29:16की रोशनाई भी नहीं दिखती। हर तरफ जूठ, पाखंड, फरेब,
- 29:26भ्रष्टाचार, चरम। सीमा पर फैला हुआ।
- 29:32है। व्यक्ति जी तो सकता नहीं खुलकर।
- 29:37हम लोग जी सकते? हैं जी रहे।
- 29:39हैं। मज़े से जी रहे हैं।
- 29:40हमारे पास कुछ नहीं है। जरूरतें हमने खुद ही खत्म कर दी।
- 29:47ऐसा व्यक्ति ही अच्छी तरह से जी सकता।
- 29:50है। लेकिन ऐसा व्यक्ति अच्छी तरह से
- 29:53जी सकता है। तो मैं देह।
- 29:56त्यागना के लिए चला त्रिवेणी संगम।
- 30:03के ऊपर देह त्याग करना चाहता था, लेकिन आपने मुझे रोक दिया।
- 30:10कोई बात नहीं रोक प्रिया अब मुझसे कोई काम नहीं क्योंकि मैं अगर
- 30:19अपनी जी। वैष्णो को।
- 30:21किसी तरफ मुडूंगा नहीं। तो फिर मैं जीना।
- 30:25तो चाहता हूँ किसी तरफ मुड़ गया इसको।
- 30:32ये आप देखो इस वक्त आपके। लिए सबसे ज्यादा जरूरी चीज़ क्या
- 30:41क्या भ्रष्टाचारियों? से मुक्ति चाहते हो?
- 30:43क्या इन झूठ बोलने वालों से मुक्ति चाहते हो?
- 30:49क्या इन पाखंडियों से इस शरारती गिरोह से?
- 30:56तुम चाहते हो चाहते हो तो तुम। मेरा चैनल, जो 5 साल से पहले
- 31:13कार्यरत है। उसके जवाब में।
- 31:21मैं कुछ नहीं मांगता। आपके कमेंट नहीं मांगता कमेंट?
- 31:25चाहूँ तो आप कर? सकते हो?
- 31:26लेकिन सर। सब्सक्रिप्शन से मैं समझाऊंगा तो
- 31:34मेरे कंधे से कंधा मिलाने को। तैयार हूँ और जैसे।
- 31:41सुभाष चंद्र ने कहा था तुम मुझे खून दो।
- 31:44मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा। मुझे खून नहीं चाहिए।
- 31:50मेरे पास। तकनीक है।
- 31:53अहिंसात्मक तकनीक है तुम्हारे पास बल।
- 32:00है असली बल तुम्हारे। पास है।
- 32:04तुम्हें बुला दिया गया। कि तुम्हारे पास बल।
- 32:06है। बस यही शरारत।
- 32:09हैं इन लोगों की? तुम याद करो जैसे।
- 32:15हनुमान जी को याद कराना पड़ता था कि तुम में इतना बल है तुम्हें
- 32:20मैं। याद करता हूँ।
- 32:21सारा बल तुम्हारे पास। सबसे पहले।
- 32:29अभी मैं बहुत लेट। हो गया हूँ पता नहीं मेरी वीडियो।
- 32:33कहीं सुनी भी जाती है कि नहीं, लेकिन तुम मुझे।
- 32:38साथ दो। को नहीं जी मैं तुम्हें?
- 32:45रामराज्य दूंगा वो रामराज्य। दूंगा जीस रामराज्य को गरीबी बना।
- 32:56दूंगा। तुम में से कोई गरीब नहीं, लेकिन
- 33:01तुम। मुझे साथ दो।
- 33:10मैं तुम्हें बताऊँगा कि मेरा प्रतिनिधि।
- 33:14कौन है? देखिए।
- 33:16मैं ना? आपके पास स्टेज पे बोल।
- 33:21सकता हूँ मैं आपको? पहले ही बताया।
- 33:26मैं। स्टेज पे नहीं बोल सकता।
- 33:28लेकिन मैं ऐसे प्रतिनिधि चुन लिए। चुन।
- 33:32लूँगा और बाकी। जिनको मैंने।
- 33:39हिंदुस्तान सौंपना, लेकिन पहले तो मेरे साथ।
- 33:44कंधे से कंधा मिला। अभी से शुरू कर दो सब्सक्राइब
- 33:54सब्सक्राइब में बाबा। विजयवाथ सचिन सर्च करो।
- 33:59सब्सक्राइब? हिंदुस्तान।
- 34:07में इंटेलेक्चुअलिटी की कोई। कमी नहीं।
- 34:10ईमानदार व्यक्तियों की कोई कमी नहीं बीजनाश नहीं होता है ये धरती
- 34:15ऋषि मन में बीजनाश कभी नहीं होगा, लेकिन मैं छाँट लूँगा उन लोगों
- 34:21को। बड़ी।
- 34:22टेढ़ी नजरें हैं मेरी। उन लोगों को झाँट दूंगा उन लोगों
- 34:30को सर्वोच्च। प्रतियों आसीन कर दूंगा।
- 34:33जो लोग हिंदुस्तान को। गरीबी से मुक्त कर दें।
- 34:41सबका साथ, सबका विकास सच। में हो जाए।
- 34:46तुम्हें पढ़ाई मिले तुम्हें? रोज़गार।
- 34:49मिले महंगाई का कोई अर्थ ही न रहे।
- 34:54तुम भूल ही जाओ कि महंगाई होती। क्या है?
- 35:01हमारे पास। प्रचुर मात्रा में धन संपत्ति हो
- 35:05सभी साधन हो। गरीबी हटाओ, गरीबी मुक्त, गरीब
- 35:12मुक्त भारत। मुझे खून नहीं चाहिए और मैं
- 35:21तुम्हें आज़ादी दूंगा। लेकिन आज़ादी दूंगा, तानाशाही से
- 35:28आज़ादी दूंगा गरीबी। से मफलेसी से।
- 35:35ये शरारती लोगों को। मैं हटा।
- 35:41और अगर तुम सोचोगे तो तुम्हें मार देंगे।
- 35:45देखिए उस तत्व को तुम्हें छू चुका।
- 35:48मार तो नहीं सकते। कल की का अवतार घोषित हो गया
- 36:01मैंने अपनी जीवन यात्रा। पूर्ण कर लिया।
- 36:07भगवान राम की जीवेशन अमर गई थी उन्होंने जागृति में।
- 36:15जज समाधि ले लिया। जीवेशणा खत्म हो गई थी बुद्ध की।
- 36:20उन्होंने जागृति में समाधि। ले ली जीवेशणा खत्म हो गई थी
- 36:26महावीर की, उन्होंने जागृति में समाधि ले ली, गाँधी को मार दिया
- 36:34गया। लेकिन।
- 36:36गाँधी का नाम सुनकर शायद इन दुष्टों ने इतना कुछ।
- 36:39जहर डाल दिया अपने। तुम्हारे क्षेत्र मन में यह
- 36:43निकलने निकलने निकलने निकलने के बाद निकलेगा इतना कुछ इस मीडिया।
- 36:51ने डाल दिया तुम्हारे। भीतर।
- 36:54एक ग्रंथी तो मैं बता रहा हूँ विभिक्षा ग्रंथी विभिक्षा उसमें।
- 37:01इतना कुछ फील्ड कर दिया गया कि वह ओवरफ्लो।
- 37:04होने लगी किसी को अभी आज मेरे पास कमेंट आया कि।
- 37:09बाबा, मैं आपके पास आना तो चाहता हूँ।
- 37:12लेकिन मेरे घर के सभी। वो आने नहीं देते तुम्हारे पास,
- 37:20मैंने कहा कोई नहीं वो। ऐसे बहुत से लोग।
- 37:24आए हैं। जो अंधभक्ति की ग्रस्थ में बुरी।
- 37:29तरह से फंस गए। और जो कुछ हो रहा।
- 37:32है। तुम देख रहे हो?
- 37:35शादी यकराते नहीं जोनाचार करते हैं, छोटे छोटे बच्चों से और।
- 37:42व्यक्ति सुसाइड। कर रहे हैं।
- 37:45लेकिन देश जागना। एक वो वेला था कि एक व्यक्ति।
- 37:49मर जाता। सारे देश में धूम मच जाती है।
- 37:54एक व्यक्ति मर गया, आज कुछ पता नहीं जैसे।
- 37:59मच्छर मर गया। हो कुत्ता बिरला मर गया हो, ऐसे
- 38:02मनुष्य के हाथ हो गए। बहुत ख़राब भारत है आज।
- 38:12किसी ईमानदार व्यक्ति की जरूरत। है मेरी इस धरती को और मैं अपनी
- 38:31अंतिम सेवा आपको समर्पित करता हूँ।
- 38:45आज हवाएं फिर से त्रस्त है। गुलशन उजड़ गए हैं, बेरान हो गए।
- 39:05कोई न जाए कुंज गलिन में तुझे गिन गलियां चुनने कोई न जाए कुंज गलिन
- 39:21में। तुझे बिन कलियाँ चुनने को सु।
- 39:29रहे हैं। तरस रहे हैं यमुना के तट धोन
- 39:50मुरली की सुनने धोन मुरली की सुनने को।
- 39:59अब तो दर्श दिखा दे नटखट, अब तो दर्श दिखा दे नटखट क्यों दुविधा
- 40:12में ला रे? क्यों दुविधा में डाला रे बड़ी
- 40:20देर भाई नन्द लाला तेरी राह तक है ब्रज वाला ग्वाल बाल इक एक से
- 40:34पूछे। कहा हे मुरली बाला रे, बड़ी देर
- 40:41भाई नंदलाला, तेरी राहत के ब्रजवा।
- 40:50आइए तुम्हारा साथ। दहु नहीं।
- 40:57मुझे कौन नहीं अहिंसात्मक ढंग से? बल तो तुम्हारे पास।
- 41:05है बस उस बल। को उस ऊर्जा को किसी और तरफ मुड़
- 41:13दिया गया है। समस्याओं को।
- 41:18किसी और तरफ मोड़। दिया गया है।
- 41:23अपनी शक्ति को कन्डेन्स। करो।
- 41:27आओ हम इस देश। को गरीबी से मुक्त कराएं।
- 41:33अफलेश से मुक्त कराएं, तानाशाही से मुक्त कराएं और यहाँ स्वर्ग
- 41:39की। गंगा फिर वह है।
- 41:42पिछले जन्म में भी मेरी इच्छा थी अंतस्तल की इच्छा थी।
- 41:49कि मेरे इस देश का। सर्वोच्च नेता?
- 41:55सर्वोच्च 15 सिंह नेता? कोई दलित हो।
- 42:03पिछड़ी जाति से हो। पति पिछड़ी जाति से हो।
- 42:07बड़े हीरे पड़े हैं इस देश में। आज़ादी मिले 78 साल हो गए।
- 42:21इतनी ही उम्र में गाँधी को गोली। आज़ादी मेले अठन्तर्मसर चल रहा
- 42:36है। दलितों की वैसी की वैसी ही बनी
- 42:45हुई है। हालात आवश्य बदले।
- 42:58कौन नहीं चाहता आज ये सारी? सिस्टम से छुटकारा पाने के लिए
- 43:06कौन नहीं डरता मैं चाहता हूँ। के इस देश का सर्वोच्च पदासीन
- 43:14व्यक्ति कोई दलित हो? कोई दलित।
- 43:28हो और मैं सिर्फ। हम दलित।
- 43:34की ही भागीदारी। नहीं करता सर्वोच्च बलासी।
- 43:40सर देश। जाति में बट गया मैं तुम्हें
- 43:46यूनाइट करना। चाहता हूँ जाति खत्म करना?
- 43:53जाति भेद इस भेद। को खत्म करना मेरा कर्म।
- 43:59वृक्ष सब इंसान हैं। सब उस।
- 44:07एक की औलाद। एक नूर ते।
- 44:14सब जग उपजा। कौन पले कोण मंदे, कोई बुरा नहीं
- 44:22कोई मंदा नहीं सभी एक नूर। से जन्मे सभी भारत।
- 44:28माँ की संतान। है, आओ।
- 44:31हम फिर। से।
- 44:34भारतवर्ष से गई हुई। प्रतिभाएं को वापस बुलाएं।
- 44:40भारतवर्ष से जो लुटेरे ले गए, किन्ही किन्ही बैंकरों में डाल
- 44:47दिया। इनके काम का नहीं।
- 44:49है पैसा। तुम मरे जा रहे।
- 44:54हो भूखों। तुम कोई शौक पूरा नहीं कर सकते।
- 45:00और एक व्यक्ति सिर्फ अपनी। सियासत और जूट के।
- 45:04बल पर। 8000 करोड़।
- 45:07रुपए का जहाज। और छः बार सूट बदलता है, रिहर्सल
- 45:15करता है। जैसे हम राम जी।
- 45:17रिहर्सल करते है ये रिहर्सल करने के लिए हमने बताया।
- 45:26हम आगे। करो दो, पीछे करो, हम आगे करो,
- 45:29पीछे करो, इधर करो, उधर करो, इसीलिए बिठाया हमने।
- 45:34सारे धन यही सोचता। रहता है अगला।
- 45:37चुनाव कैसे जीतेंगे? कौन सा जुमला छोड़ा जाए, कौन सी
- 45:43तरकीब किसको लड़ाया जाए? कहाँ आग।
- 45:45फेंकी जाए किसको? मारा जाए किसको?
- 45:50सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाए। किसको खरीदा जाए, किसको हटाया जाए
- 45:55सारे? दिन इसकी शक्ति?
- 46:00गलत कामों पे लगती है आओ। मुझे तुम्हारा सहयोग चाहिए
- 46:09तुम्हारे ही हित के लिए मैं आज मैंने अपने जीवन की ये जो घड़ियाँ
- 46:16बचीं। मैंने प्राण त्याग जने थे।
- 46:23लेकिन आपने अपने रोदन से अपने चिल्लाहट से कल्पना से कल्पित
- 46:35हृदय से मुझे। पुकारा।
- 46:37तो मैं लौट आया हूँ, लेकिन जो बची हुई जिंदगी ईश्वर में थी, मैं आज
- 46:44तुम्हारे नाम। करता हूँ मुझे साथ दो।
- 46:54मैं तुम्हें तुम्हें वहाँ ले जाऊंगा।
- 47:00जहाँ नकली स्वर्ग नहीं जहाँ असली जिन्नत होगी।
- 47:12हजूर, तुमको? थोड़ा शंक चलो है।
- 47:24चैनल को अभी से अंगूठा लगाना शुरू कर दो सब्सक्राइब करना शुरू कर
- 47:29दो। बस मैं समझूंगा।
- 47:31कोई कमेंट वगैरह करना हो कर देना नहीं, कोई नहीं।
- 47:35अंगूठा ही लगा देना। मैं समझूंगा, तुम मेरे साथ तुम
- 47:40मुझे साथ देने को। तैयार उसी से मैं।
- 47:45समझ जाऊंगा और। तुम भी देख लेना।
- 47:47कितने लोग? इस भ्रष्टाचार से इस।
- 47:52सिस्टम। से छुटकारा पाना चाहते हैं।
- 47:58इंटेलेक्चुअलिटी से भरे हुए लोग। कोई कमी नहीं है दोस्तों में।
- 48:04बहुत हैं। लेकिन उन्हें दबा दिया।
- 48:06गया है। तो आओ मुझे संग चाहिए तुम्हारा।
- 48:16तुम्हारी। ही भलाई के लिए।
- 48:19ओह हजूर तुमको सितारों पे ले चलूँ।
- 48:31दे जो मज़ा ऐसी बहारों में ले चलो आओ हजूर तुमको।
- 48:53धन्यवाद।