Latest / Khushei Ki Duniya / Pyaar Ka Ehsaas
Transcript
- 0:00सुहाएगा इस योर होस्ट कम दोस्त खुशी इस बैकगैमौन विथ अनँद्अर लव
- 0:04स्टोरी फॉर ऑल ऑफ यू गाइस यू नो। काफी टाइम बधाई हूँ मैं कैन आई नो
- 0:09दैट इम सॉरी फॉर दैट बट जितना ये लोग मुझसे बात वात कर रहे थे,
- 0:13उन्हें पता था कि मेरी तबियत थोड़ी खराब थी।
- 0:15ऐस यू कैन सी इन हे यार मेरी अभी आवाज़ थोड़ी ऐसी है बट काफी दिन
- 0:21होगये थे एंड बहुत सारे लोग बहुत सच में आपको कितनी है?
- 0:25इतने सारे लोगों ने मुझे कहा आप ठीक हो आपका स्टोरी नहीं आ रहा है
- 0:29ऐम रियली रियली अप्रीशीएट यू। वे तो इसीलिए आई थॉट के आज तो
- 0:34स्टोरी रेकोर्ड कर ही देती हूँ तो आज मैं एक साथ काफी सारी स्टोरीज
- 0:38रेकोर्ड कर दूंगी तो अभी दालुगी स्टोरीज़।
- 0:42तो चलिए आज की जो कहानी है वो है मीन और बुशरा की, अब काफी टाइम
- 0:49पहले आर्मी ने मुझे नेम्स देते नाम रियली वेरी सॉरी काफी टाइम से
- 0:53बट कोई स्टोरी नहीं थी मेरे पास, लेकिन अब बहुत सारे ऐसे डोंट वरी
- 0:56आई फील लाइक। पोस्टिंग सो मेनी स्टोरीज़ तो
- 1:01जीतने भी लोग। अगर आप लोग अपने नेम्स मेरी
- 1:03स्टोरीज़ में चाहते हैं तो आप लोग अपना नाम मुझे इंस्टा पीडीएम कर
- 1:07सकते हैं। इनके रेट खुशी 007 विच इस के
- 1:11एचयूएस अच्छाई 007 तो मैं आज की कहानी सुनाती हूँ।
- 1:17तो ये कहानी हैं आमीन, बुशरा और सोफिया की।
- 1:20अब आप सोचोगे की तीसरा नाम कहाँ से आया तो वेल मैं बताने के लिए
- 1:24बैठी हूँ, मैं बताऊंगी आप बस सुनो तो अपने एम प्लस लगाई है, दुनिया
- 1:27से थोड़े से दूर हो जाये। चलिए कहानी सुनते हैं तो आमीन
- 1:33आमीन की गर्ल फ्रेंड थी सुफिया। अब आप सोचोगे की है लेकिन मैं
- 1:38बताती हूँ तो सूफिया से वो कुछ टाइम पहले ही मिला था लेकिन उससे
- 1:44यू नो लाइक 1 दिन सूफिया ने उसे आगे से प्रोपोज़ कर दिया तो अमीन
- 1:49को पसंद तो थे ही तो उसने हाँ कर दी।
- 1:51वो कुछ ज्यादा वक्त नहीं हुआ था। मिले बट हाँ थोड़ा बहुत जानते थे
- 1:55एक दूसरे को। अब जो हमारी सूफिया थी, वो काफी
- 1:59झकझक किया गया आती थी तो हम इन कभी कभी तो उससे परेशानी हो जाते
- 2:03हैं की यार व्हाट इस दिस कितना बोलती है या फिर हर बात पर टोकना
- 2:07बट ठीक है, चलता है हम दूसरों की कमियां कभी कभी जब हम जिनसे प्यार
- 2:12करते हैं उनकी कमी हम सोचते हैं की यार ये खामियां नहीं है।
- 2:16तो और सूफिया के बेस्ट फ्रेंड थी बुशरा।
- 2:191 दिन कैफे में जब मीन। कॉफी लेने के लिए जाता है तो वहीं
- 2:24पर बुशरा भी आई हुई थी। सूफिया ने जैसे ही उसे देखा उसके
- 2:30पास चली गई और आम इनसे भी कह दिया की आप कॉफी लेकर वही आ जाना।
- 2:34तो उसने भी कहा ठीक है अब वो कॉफी लाते वक्त किसी लड़की से कुछ बात
- 2:39करने लगा तो वो ये देखकर सूफिया को बड़ी जेलसी हुई, बड़ा अजीब लगा
- 2:44और वो बुशरा से उसकी शिकायत करने लगी की देखना यार कितनी बातें
- 2:48करता है लड़कियों से अब देख बेफालतू उस लड़की से बात करने लगा
- 2:52तो वो बहुत देर तक बस उसकी बुराइ टाइप करते रहे कि इसे जब भी मैं
- 2:57इसके साथ जाती हूँ, कहीं ये तो बस ऐसे ही किसी से भी बात करने लग
- 3:00जायेगा। मुझ पे ध्यान नहीं देता मेरे लिए
- 3:02यह नहीं करता होती है ना वो एक टाइप की गर्लफ्रेंड जो बस उनके
- 3:06बॉयफ्रेंड उन पर ध्यान दे मेल नो फैन्स बट होती है यार वो समे वैसी
- 3:12ही थी, हमारी सूफिया तो उसे बुझाना, बड़े प्यार से समझाती है
- 3:17की देख रिलेशनशिप का जो पहली सीढ़ी होती है ना, वो भरोसा होता है।
- 3:22तो अगर तू आमीन पर अभी से इतना शक करने लगे गी तो कैसे चलेगा?
- 3:27मतलब कोई फ्यूचर नहीं है ना तुम्हारा तो इस बात को सोचकर
- 3:31सोफिया कहती है की हाँ यार मैं पसंद बहुत करती हूँ, लेकिन मुझे
- 3:36ये बात बिल्कुल नहीं पसंद कि वो किसी भी गैर लड़की से बात करें।
- 3:39लेकिन वहीं दूसरी ओर आमीन तो बस उससे कुछ वो पूछ रहे थे ऑर्डर के
- 3:44बारे में और वो उसे बता रहा था उसने इंटेन्शनली कोई बात आगे से
- 3:48की ही नहीं थी वो तो उस लड़की ने उसे टोका था।
- 3:51विच इस लाइक? उसमें उसकी गलती नहीं थी तो बड़े
- 3:54प्यार से बुशरा ने उसे समझाते हुए कहा की तू इतना शक मत किया कर।
- 3:59अभी कुछ ही दिन हुए है तुम्हें मिले नडाइ कैन सी दैट की तू बड़ा
- 4:02प्यार करने लगी है उससे बस ये जेलसी थोड़ी कम रख तो इतनी ही देर
- 4:06में पीछे से आ मीना जाता है। तो वो उसको बोलता है बुशरा, वो
- 4:12सोफिया उसे बोलती है की आप अभी उस लड़की से क्या बात कर रहे थे?
- 4:16वो इतना समझाने पर भी फिर भी बोली उठी।
- 4:19तो बुशरा ने एक अजीब सा फेस बनाकर कहा तेरा कुछ नहीं हो सकता।
- 4:23तो उसे पता था की अभी से लड़ेगी तो बुशरा वहाँ से चुपचाप चली जाती है
- 4:27लेकिन फिर भी सूफिया से कहते है की प्लीज़ थोड़ा काम ना हो, टेंशन
- 4:31मत ले और ना उसे दे, लेकिन फिर भी सूफिया ने उससे थोड़ी बहुत देर ऐसे
- 4:35ही जगजीग के की यार तुम्हे ऐसे नहीं बात करनी चाहिए।
- 4:37मैं हूँ तुम्हारी गर्लफ्रेंड मुझसे बात करूँ, हॉट सीट राइट
- 4:39चित्रा ठीक है थोड़ी बहुत हल्की सी लड़ाई हुई लेकिन ठीक है, हो गया
- 4:44खत्म बात फिर 1 दिन फिर 1 दिन सूफिया को मीन बुशरा के पास एक
- 4:51मॉल में छोड़ने जाता है। मतलब उन दोनों का कोई प्लैन था तो
- 4:54उसने कहा की प्लीज़ मुझे वहाँ तक छोड़ दोगे।
- 4:56स्वामी ने कहा ठीक है नो प्रॉब्लम तो उसको छोड़ने के लिए जाता है ऐंड
- 5:03तो फिर वो सूफिया और बुशरा बात करने लगते हैं तो एक बार को
- 5:08सुफिया बोलती है की यार प्लीज़ एक पानी की बॉटल पे जाओ फिर आप जा
- 5:11सकते हो। हम दोनों शॉपिंग कर लेंगे तो उसने
- 5:13कहा ठीक है तो वो पानी की बॉटल देने जाता है और फिर से सूफिया
- 5:17बुशरा से उसकी बुराइ करने लगती है की यार ये मेरे में से जिसका
- 5:20रिप्लाइ नहीं करता है और पता नहीं मतलब पूरा दिन दिन हो जाता है।
- 5:25एक दो बार मैं सजेस्ट कर रिप्लाइ करेगा और पता नहीं यार कैसे यार?
- 5:29तो इस पर भी बुशरा उसे समझाते हैं की देख थोड़ा पेशंस रखना बनता है
- 5:34यार ऐसा नहीं है की वो पूरे दिन फ़ोन में लगा रहे हैं।
- 5:37उसके पास भी काम होते हैं तेरे पास भी काम फिर से उसने ऐसे उसे
- 5:40समझाया ऐंड थोड़ी देर बाद आमीन पानी लेके आ गया और उससे कहा की।
- 5:45कर लो तुम शॉपिंग, उसका मूड उस टाइम पे थोड़ा अजीब सा हो गया तो
- 5:48उसने कहा कर लो तुम शॉपिंग मैं जा रहा हूँ फिर चला गया वहाँ से आमीन
- 5:53तो वहाँ से ये कहकर निकल जाता है। अब कुछ दिन ऐसे ही फिर चलते है की
- 5:591 दिन सूफियों से कहती है की बुशरा को मिलने जाना है।
- 6:04तो वो बुशरा को बोल देती है की तुम इस जगह पे आ जाना मैं वहाँ पे
- 6:08पहुँच जाउंगी। अब बुशरा दो टाइम की पक्की थी, वो
- 6:12तो वहाँ पहुँच गई लेकिन। सूफिया नहीं पहुंची, अब जगह राज़
- 6:17श्याम होने लगी। शाम से रात हो गई।
- 6:19बुशरा नो से काफी सारे कॉल्स किए लेकिन सूफिया कहीं फंस गयी थी तो
- 6:23उसने कहा कि अब इस टाइम तो तुझे कैब मिलेगा नहीं तो एक काम करती
- 6:27हूँ, मैं आमीन को कह देती हूँ वो तुझे ले ले आ जाये।
- 6:31तो बुशरा ने पहले तो मना किया की मैं चले जाऊँगी, नो प्रॉब्लम बट
- 6:34उसने कहा इतना इनसिस्ट किया तो उसने कहा ठीक है, अब आमीन वहाँ
- 6:38पहुँच जाता है उसके एड्रेस पे हैंड वो उसे गाड़ी में बैठाता है
- 6:43और कहता है की ठीक है, आप अपनी सीट बेल्ट बांध और चलते हैं तो
- 6:46वैसे ही कुछ बात करते हुए जा रहे थे तो उसने देखा कि पूरे रास्ते
- 6:49बुशरा बस सूफिया की तारीफ ही करते ह।
- 6:52माना की वो थोड़ी सी यू नो हाइ मेन्टेन्स थी नॉल लेकिन वो ना
- 6:56हमेशा उसके पॉज़िटिव साइड दिखा रही थी।
- 6:58हमें इनको की वो ऐसी है ऐसी है और तुम प्लीज़ अटेंड मतलब उसकी बातों
- 7:03पर मतलब इतना वो मत किया करो की वो जेलस टाइप है।
- 7:07वो बचपन से ही ऐसी है। मैं भी किसी से बात करती हूँ, वो
- 7:09मुझसे भी ऐसे ही करती है तो तुम तो बॉयफ्रेंड हो तो वो हंसते भी
- 7:13हैं। इस बात पे तो थोड़ी दूर जाकर ही
- 7:16बुशरा उसे बोलते है की 2 मिनट रुको।
- 7:172 मिनट रुको तो एक अंकल होते हैं थोड़ी 5060 उम्र के और वो आइसक्रीम
- 7:24बेच रहे थे। कुल्फी तो उनके पास जाती है।
- 7:27आई मीन को गाड़ी रोकने को कहती हैं और उनके पास जाती है ऐंड वो अंकल
- 7:31उसे देखते ही दो कौन से निकाल लेते हैं?
- 7:33मतलब दो कुल्फियां निकाल लेते हैं तो आर्मिन पहले तो देखते है यार
- 7:37इन्होंने बिग्गर पूछे और मतलब देखते ही इसे पर ठीक है तो उस दिन
- 7:42वो बुशरा उनसे एक दोनों कौन ले लेती है और एक उन्हीं को दी जाती
- 7:47है की ये आपकी तो वो वहाँ पे वापस आ जाती है।
- 7:51एक अमीन को देती है और एक कुल्फी खुद के पास खाली नहीं खा लेती है
- 7:54तो अमीरों से बोलते है की वो तुम्हे देखते ही मतलब अपने आप हो
- 7:58ना तुम्हे कुल्फी दे दी पूछा भी नहीं कितनी चाहिए कैसे?
- 8:02तो उसने कहा हमारा ऐसा ही चलता है, चले गए वहाँ से अब आई मीन,
- 8:08पता नहीं उसको बहुत अजीब लग रहा था जितना आप फ्री।
- 8:12वो उस दिन बुशरा के साथ था, उतना सूफिया के साथ नहीं था।
- 8:15उसके साथ वो बना बना रहता। किसी लड़की के बारे में बात भी कर
- 8:20ले तो बस वो परेशान हो जाती है और वहीं दूसरी ओर गुस्सा उसे वो बहुत
- 8:25फ्री लड़की थी। उसने कहीं बांधा नहीं था।
- 8:28आई मीन जो चाहता उसके साथ कह सकता था, जो चाहता बोल सकता था वो
- 8:32कुल्फी खाने गए थे जबकि टी जबकि जो सूफिया थी जो कुल्फी बोल फिर
- 8:37पसंद नहीं थी, उससे तो फाइव स्टार की महंगी वाली आइसक्रीम पसंद थी।
- 8:43ये दोनों के बीच का डिफरेन्स कहीं ना कहीं अमीन को किसी और ही दिशा
- 8:47में लेकर जा रहा था लेकिन उसने फिर भी अपने आप को समझाते हुए कहा
- 8:50की नहीं, नहीं मैं कहा जा रहा हूँ फिर 1 दिन।
- 8:53बुशरा को मिलने के लिए सूफिया अपने घर बुलाती है और वो काफी खुश
- 8:57थी। सोफिया उससे कुछ कह दी है और वो
- 9:00सुनने के बाद गुजरा, खुश भी थी और तेरे में कहीं ना कहीं थोड़ी सी
- 9:04दुखी थी। जैसे ही बाहर निकल रही होती हैं,
- 9:07जा रही होती है अपने घर की वो आमीन से टकरा जाती है।
- 9:11अब आमीन से टकराने के बाद आमीन उसे कहता है कि मैं तुम से ही
- 9:14मिलने आ रहा था ऐंड मुझे तुमसे बहुत इम्पोर्टेन्ट बात करनी है तो
- 9:19बुशरा कहती है की हाँ, मुझे भी तुम्हें कुछ बताना।
- 9:22तो उसने कहा कि पहले तुम बताओ मीन क्या बात है तो उसने कहा कि देखो
- 9:28मुझे नहीं पता कि तुम कैसे रेप करोगे, लेकिन।
- 9:31सच बात तो ये है की मैं सूफिया से भले ही मिला था।
- 9:34बट शायद ये भी खुदा का कोई यू नो कोई इशारा था वो शायद सूफिया से
- 9:40नहीं मुझे तुमसे बनाना चाहते थे, शायद तो कहता है की हर बार
- 9:48तुम्हारी बातें सुनी जब जब तुम सोफिया को समझाती, तुम जितनी
- 9:53सुलझी हुई लड़की हो। तुमसे तो कोई भी प्यार कर बैठे गा
- 9:57तो मैं कैसे नहीं करता और वैसे भी अगर सूफिया मुझसे प्यार करते हैं
- 10:01तो शायद मेरी खामियां या जो भी उसे लगती थी, जो खामियां थीं,
- 10:06उन्हें वो अनदेखा कर सकती थी। लगा उसने नहीं किया।
- 10:09शायद कहीं ना कहीं वो भी मुझसे प्यार तो नहीं करती।
- 10:13सुनकर 1 मिनट के लिए शांत रही और फिर बोली की क्या कहना चाहते हो
- 10:18तो उसने कहा की देखो मैं साफ साफ कहता हूँ, मैं बात घुमाऊंगा नहीं,
- 10:22मैं सूफिया को नहीं तुम्हें पसंद करने लगा हूँ।
- 10:24और सच बात तो है की हाँ, सूफिया फ्रेंड बनी उसने प्रोपोज़ किया।
- 10:28मुझे लगा उसका दिल ना टूटे। मैं उसके साथ भी था लेकिन उसके
- 10:32साथ होते हुए भी उसके साथ नहीं था और तुम्हारे साथ ना होते हुए भी
- 10:36मैं तुम्हारे साथ ही था। बुशरा कहीं ना कहीं कहीं ना कहीं
- 10:41एक। उसके दिल में भी टीस थी, लेकिन जब
- 10:44उसे याद आया कि सूफिया नोट से कहा था, आज ही।
- 10:47की वो आम हीन को शादी के लिए कहने वाली है तो उसने ये सोचते ही आमीन
- 10:53को साफ साफ इनकार किया और वहाँ से चली गई और वहाँ से चली गई का मेरा
- 10:57मतलब नहीं कि वो उस जगह से चले गयी।
- 11:00वो सिटी से चली गई अपनी बेस्ट फ्रेंड की।
- 11:03उसे पता था कि अगर सोफिया का दिल टूटा तो वो खुद टूट जाएगी।
- 11:06जो की वो कभी नहीं चाहती थी। अब अमीन और सोफिया रह गए बस।
- 11:12सूफिया को जब पता चला कि आमीन उससे प्यार ही नहीं करता है तो
- 11:15उसका दिल टूटा। लेकिन ठीक है धीरे धीरे संभल गई
- 11:20यार हम सब के लाइफ में एक टाइम आता है ना की जब हम संभल जाते
- 11:23हैं। समझ जाते हैं चीजें।
- 11:26उसकी लाइफ काफी टाइम था। 1 दिन वमीन को बस तलाश थी।
- 11:30बुशरा के चाहता था कि कैसे ना कैसे मैं उस तक पहुँच जाऊं।
- 11:34सूफिया को भी नहीं पता था कि वो कहाँ है एग्ज़ैक्ट्ली।
- 11:37लेकिन जब अमीर ने उसे उसकी हेल्प मांगी, उसने कहा कि मुझे पता है
- 11:40कि तुम तुम सोच रहे होंगे कि मैं कितना नीच हूँ कि मैं तुमसे हेल्प
- 11:43मांगने आया हूँ बुशरा को ढूंढने के लिए?
- 11:46लेकिन सूफिया उस टाइम तक ये समझ चुकी थी की यार प्यार सिर्फ ये
- 11:50नहीं ना जो एक लड़का और एक लड़की के बीच में है।
- 11:53प्यार वो भी है जो बुशरा उससे करती थी वो अपनी दोस्ती के लिए
- 11:57कहीं ना कहीं अपना प्यारा मीन को छोड़ कर चले गयी थी तो उसके अंदर
- 12:01ये था की मैं तुम्हारी हेल्प जरूर करुगी टेंशन मत लो 1 दिन वो उन
- 12:05कुल्फी वाले बाबा को देखता है और पहुँचता है।
- 12:07उनके पास तो पूछता है की आप उस दिन आपने घोषणा से पूछा भी नहीं
- 12:12और आपने दो कौन से निकली कैसे? उसने कहा, वो हर संडे मेरे पास
- 12:16आती है और हर संडे हमारी फिक्स होती हैं।
- 12:19कुल्फियां एक वो खुद खाते हैं और एक मुझे खिला के जाती हैं हमेशा।
- 12:23क्या आप पूरे दिन बैठ के काम करते हो तो आपको एक कुल्फी तो डिज़र्व
- 12:26करते हो? आप कहता है क्या है वो?
- 12:29वो लड़की अलग सी है, मतलब इतनी अच्छी है कि जब भी आती है ना बस
- 12:33खुश हो जाता हूँ मैं मेरी बेटी जैसी है तो उसने कहा आपकी बेटी को
- 12:38तलाश कर रहा हूँ मैं अगर आपको पता है की वो कहाँ हैं तो आप मुझे बता
- 12:41सकते हो। उसने कहा हाँ, वो कहीं गयी तो है
- 12:45बट मुझे एग्ज़ैक्ट नहीं पता कहाँ गयी है?
- 12:48कुछ दिन गुजरते हैं की सूफिया का कॉल आता है।
- 12:51और वो आमीन को बता देती है की वो कहाँ थी।
- 12:55वो बुशरा के पास जाता है लेकिन उससे पहले ही सूफिया वहाँ पहुँच
- 12:59चुकी थी जिसने वो शाह को कह दिया था की मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है
- 13:02तो हमारे और रामीन के एक साथ रहने से।
- 13:05मैं समझ चुकी हूँ की जरूरी नहीं कि मेरा प्यार हम दोनों के लिए
- 13:09काफी रहे लेकिन तुम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हो ना वो
- 13:13ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है, कम से कम दोनों कुछ तो रहोगे रही बात मेरी
- 13:17तो कोई ना कोई तो मिल ही जायेगा ना मीन दुबारा कोई दोस्त है क्या?
- 13:21ये बोलती हैं और तीनों हंसने लगते हैं।
- 13:24अमीन ने बुशरा को कहा की देखो, बुशरा माना की मैं तुमसे प्यार
- 13:29करता हूँ, खुफिया से नहीं है और इसकी वजह से हम मिले हैं।
- 13:31लेकिन अगर मैं सूफिया को उस दिन हाँ कह देता तो हम तीनों के साथ
- 13:34ये गलत होता है। इसलिए अगर तुम सब के साथ सही करना
- 13:39चाहते हो तो प्लीज़ मुझे हाँ यार। ऐसे ही सोफिया ने भी उन दोनों के
- 13:45रिश्ते को मंजूरी दी थी। कहीं ना कहीं कहते है ना यार।
- 13:49हर चीज़ का एक रास्ता बनता है तो शायद इन दोनों की प्यार का रास्ता
- 13:53सोफिया ती तो आपको ये कहानी कैसी लगी?
- 13:55आप मुझे कमेंट्स में बता सकते हो। ऐम सॉरी फॉर मी वौस देर सो तो हम
- 14:00वहाँ पड़ा है, बोकारो हुआ पड़ा है, पता नहीं क्या क्या हुआ पड़ा है तो
- 14:03मेरे पे नयी स्टोरी, मेडल ठीक है, बाय।