Latest / Khushei Ki Duniya / Woh Kaun Thi
Transcript
- 0:00ओह हैलो अभी वो रोज़ कम दोस्त खुशी इस बैकगैमौन विथ अनँद्अर लव
- 0:03स्टोरी फॉर ऑल ऑफ यू गाइस आई होप यू मीन ऐम रियली सॉरी आई ऐम
- 0:07चेंजिंग माइ अकाउंट नेम सो इफ यू हैव सम गुड नेम यू कैन प्लीज़
- 0:12सजेस्ट में इन के कमेंट सेक्शन बिलो बट इट शुड कन्टेन खुशी धन एम
- 0:16सो प्लीज़ बी कन्सिडर्ड ऐट अबाउट इट ऐम रियली सॉरी सीन्स हैव नॉट
- 0:20बीन पोस्टिंग स्टोरीज फ्रॉम लॉन्ग टाइम से लॉन्ग टाइम ऐम सॉरी फॉर
- 0:24दैट ऐडिया सो यह सी आर आई वास् गोइंग थ्रू फेस ऐंड इट्स नॉट
- 0:30कंप्लीट्ली गॉन बट आई ऐम स्टिल गोइंग थ्रू इट बट यार यू आर वेरी
- 0:33इम्पोर्टेन्ट टु मी सो ऑफ कोर्स ऐम बैक् ऐंड यह ट्रस्ट मी आई विल
- 0:38जस्ट रिकॉर्ड नम्बर ऑफ स्टोरी स्टुडेन देवी पोस्टिंग वन बाइ वन
- 0:42पेंशन ऐंड यू वॉन्ट योर नेम सन माइ स्टोरीज़।
- 0:44आप लोग मुझे अपने नेम्स भेज सकते हैं या तो कमेंट सेक्शन में लेकिन
- 0:48अगर कमेंट सेक्शन में भेजें तो प्लीज़ लेट ए स्टोरी पे भेजे इन
- 0:51केस यू वॉन्ट टू सेन्ड मी ऑन योर ऑन मी इन्फ्रा ग्राम सो द हैंडल
- 0:56इस मैं अपनी पोस्ट प्रोफाइल पे भी डाल दूंगी।
- 0:58अदर्वाइज़ मी हैंडल इस टी अंडरस्कोर टेल्स अन्डरस्कोर ऐंड
- 1:02अन्डरस्कोर यू इट्स वैरी टेल सन यू हैव टु पुट अन्डरस्कोर आफ्टर
- 1:06ऐवरी वर्ड ऐम सो दैट से इंस्टाग्राम हैंडल ऐंड टुडेस ने
- 1:11मार्ग इवन बी आदित्य ऐंड सिद्धि ऐंड आदित्य आई ऐम रियली सॉरी।
- 1:16लेकिन अब मैं सबके लिए आई प्रॉमिस सो लेट स्टार्ट स्टोरी।
- 1:22सो आदित्य के भाई शिवम की शादी अभी कुछ टाइम पहले हुई थी।
- 1:26अब वैसे तो वो लोग काफी मॉडर्न थे लेकिन कहते हैं ना की हम हमारी
- 1:30रूट से जुड़े रहते हैं। हमारी जड़ों से जुड़े रहते हैं तो
- 1:34आदत की और आदत। एक्चुअली शिवम का भाई था तो शिवम
- 1:38उसके बड़े भाई थे तो शिवम की शादी के बाद होती है ना?
- 1:42एक पूजा होती हैं सबकी कुलदेवी की तो उस पूजा के लिए उसकी माँ ने उन
- 1:47सबसे कहा कि हमें गांव जाना पड़ेगा, वेल एवरीबडी वो सो
- 1:51एक्साइटेड क्योंकि वो कभी भी अपने हाउस गए ही नहीं थे।
- 1:53मतलब पूर्वजों के घर वो कभी गए ही नहीं थे तो काफी एक्साइटेड थे सब
- 1:58लोग और वहीं आदित्य भी सोच रहा था की यार गांव है यार अब गांव को
- 2:05लेके आप सबको पता है की क्या क्या थिंकिंग होती है।
- 2:08सबकी तो सब लोग वही सोचते थे की वो एक ऐसा गांव होगा लेकिन ठीक है
- 2:13घूम फिर लेंगे तो ये सब सोच के आदित्य, उसके कुछ दोस्त, उसका भाई
- 2:18और उसकी माँ और बाबा सब के सब जाते है गांव अब गांव पहुंचने पर
- 2:25उन्हें पता चलता है कि मंदिर कुछ वक्त के लिए बंद तो क्योंकि
- 2:28कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था तो उन्होंने सोचा की कोई बात नहीं
- 2:32है। कुछ टाइम के लिए क्या करते है की
- 2:34यही पे रुक जाते हैं। वैसे भी सब लोग छुट्टियां लेकर तो
- 2:37आए ही थे। उन्हें घूमने जाना ही था।
- 2:39सोचा की अपने घर ही रह लेते है। काफी बड़ी हवेली थी उनकी, लाइक यू
- 2:43नो, एक काफी बड़ी सी हवेली ओके सो इतनी बड़ी हवेली थी तो सबने सोचा
- 2:49की ठीक है थोड़ा बहुत गांव घूम लेंगे, आसपास की जगह हैं, घूम
- 2:52लेंगे उनकी बेसिकली दो जगह पूजा करनी थी तो एक जगह तो उनका अपना
- 2:56था। हाँ तो वो कर सकते थे, लेकिन पूजा
- 2:58कंप्लीट तभी होती है जब वो उस मंदिर के दर्शन करते हैं तो सबने
- 3:01सोचा की ठीक है, कोई बात नहीं है, हम यहाँ रह लेंगे।
- 3:04वेल उस घर में कोई रहता तो नहीं था।
- 3:06बट एक हाउस कीपर था तो उस घर को काफी साफ और वो रखते थे।
- 3:10आदित्य शिवम ये सब लोग काफी यू नो लाइक।
- 3:13ऐसा नहीं था की अगर वो सिटी में रह रहे हैं तो दे आर लाइक यू नो
- 3:16ऑल दैट। उन्हें मतलब शोशेबाजी का शौक हो,
- 3:19शोशेबाजी इन द सेन्स दिखावे का की हम तो भाई शहर से आए नॉल देवर
- 3:23वेरी क्वाइट डाउन टुवर्ड्स पीपल, तो वो लोग बड़े जल्दी सब लोगों से
- 3:27घुल मिल गए थे की हाँ यार इसके घर ऐसा है तो वो जैसे उसके पापा
- 3:30उन्हें बताते हैं कि भाई मैं यहाँ रहता था या कभी इनके घर जाता था।
- 3:34कभी उनके गांव में बहुत फ्रेंड्ली माहौल रहता है।
- 3:37सिटीज में इतना नहीं रहता। गांव में तो एवरीबडी नोज़ की भाई
- 3:39उसके घर में गया जल रहा है। तो पीपल बी से इनकी लाइक यार ये
- 3:43कोई अच्छी बात तो नहीं है बट सीना उनकी लाइफ में उनका मन वो किसी से
- 3:47भी शहर करें तो गांव में सबको सबको पता ही रहता है की हाँ भाई
- 3:50कहाँ क्या चल रहा है तो सेम उन लोगों का दाम तो उनके पापा ने
- 3:54स्टोरीज़ बताते हैं कि बताये हम ऐसे करते थे वैसे करते थे।
- 3:57यहाँ जाते थे तो फिर सबको बड़ी एक्साइटमेंट होती है कहानियाँ
- 4:01सुनने में और ये सब तो 1 दिन वो बोलता है की चलो यार मैं भी जाता
- 4:05हूँ घूमने तो आदित्य जाता है घूमना गांव में तो तो गांव घूमते
- 4:11घूमते। वह अकेले ही घूम रहा था तो उसने
- 4:14देखा कि एक तालाब था विच इस लाइक वैरी कॉमन गांव में तो एकाध तालाब
- 4:19आपको मिल ही जाएगा पॉन्ड इन केस यू नॉट गेट इट तो £1 था जहाँ पे
- 4:25वो जाके बैठ गया उसे काफी अच्छा लग रहा था यू नो सिटी कितनी है
- 4:29इतनी शोर शराबा और यहाँ उतनी ही ज्यादा शांति थी तो किसे नहीं
- 4:34पसंद तो वो कुछ देर वहाँ जाकर बैठ गया।
- 4:37उसने सोचा की थोड़ी देर यहाँ बैठता हूँ, थोड़ा सुकून तो आएगा।
- 4:41अब वो बैठा ही था की वहाँ पे एक लड़की आ गई।
- 4:44अब आप सोच रहे होंगे थोड़ा डिफिकल्ट नहीं हो गया ठीक है ना
- 4:46यार प्यार तो होता ही टिपिकल हैं, उसमें मैं थोड़ी ना कुछ तड़का डाल
- 4:50के आपको कुछ सुना दूंगी, बट सुन लो, ठीक है ट्रस्ट मी इस गोइंग टु
- 4:54बी नाइस तो वहाँ वो लड़की आ गई और वो तो बैठा ही था तो वो पहले वो
- 5:00लड़की ना वो सब बड़े दूर से ऑब्जर्व कर रही थी।
- 5:02एक कर क्या रहा है? ये है कौन सबको?
- 5:04मैंने कहा था ना गाव में सब को पता रहता है की कौन कैसा है तो
- 5:06उसे ये तो पता था कि ये कोई बहार से आये है, लेकिन इसे ये नहीं पता
- 5:10था की है कौन है? तो कोई बात नहीं है।
- 5:12अब वो देख रहे थे की हाँ यार तो एकदम से आदित्य ने नोटिस किया और
- 5:17वो मुड़िया तो उसने देखा की तुम कौन उसने कहा तुम कौन हो यहाँ पे
- 5:22और मेरी जगह पे क्यों बैठे हो तू हो आदित्य वास् लाइक तुम्हारी जगह
- 5:28नाम लिखा है क्या कही तो सिद्ध दिनों से बोला ज़रा उठो, उस पत्थर
- 5:33में से दो आदित्य उठा ऐंड लिटररी। उसने उस पत्थर में अपना नाम लिख
- 5:38रखा था यू वोन्ट बिलीव ऐंड जैसे ही आदित्य ने ये देखा है लाइक ये
- 5:43कौन करता है यार आज के जमाने में बच्ची हो गया ऐम जी वास् लाइक ऐसा
- 5:48है मैं करती हूँ तो प्लीज़ अबरना और मेरी ना जगह से हट जाओ तो अब
- 5:53भाई अब वो क्या करता है? उसके पास कोई दलील नहीं बची थी ना
- 5:56तो मुझे वहाँ से हटना पड़ा लेकिन उसने कहा की ठीक है, मैं इतनी भी
- 5:59बुरी नहीं हूँ। तुम दूसरे पत्र में जाकर बैठ जाओ
- 6:01तो मैं यहाँ से थोड़ी भगा रही हूँ। तो उसने कहा ये भी ठीक है।
- 6:05अब आदित्य आया तो वहाँ सुकून की तलाश में था, लेकिन जो सिद्धि ने
- 6:10चबा चबा डकी उसका पूरा दिमाग खा गयी वो हमारे गांव में ऐसा होता
- 6:15है हमारे गांव में वैसा होता है हमारे यहाँ पे तो ऐसा होता है
- 6:18अच्छा आप उनके बेटे हो, अच्छा उनको तो हम भी जानते हैं, वगैरह
- 6:21वगैरह, वगैरह। उसने पूरा दिमाग खा लिया था
- 6:25आदित्य का, लेकिन फिर 1 दिन उसने कहा मतलब सॉरी।
- 6:28उसी दिन उसने कहा की तो अगर आपको घूमना हो ना तो मैं आपको घूमा भी
- 6:33सकती हूँ। तो शी वास् लाइक वेरी हैप्पी तो
- 6:36आदित्य ने बोला की मैं ऐसे 1 दिन नहीं झेल सकता इसको इसके साथ कौन
- 6:41घूमेगा? उसने कहा तुम्हारी इच्छा मैं थोड़ी
- 6:43ना तो मैं फोर्स करूँगी अभी कहते हुए ही सिद्धि वहाँ से चली जाती
- 6:48है, लेकिन उसने सोचा की यार है इतनी जब राजभर करते है वो ठीक है
- 6:53लेकिन जानती भी तो सब कुछ है तो उसने कहा अच्छा ठीक है तुम मुझे 1
- 6:57दिन घूमा दो गांव तो उसने कहा 1 दिन और हमारा गांव बहुत बड़ा है तो
- 7:02उसने कहा की कोई बात नहीं है, तुम इन जितना घूमा सको, एक दम घूमा
- 7:06दो। ठीक है।
- 7:08अब क्या हुआ कि आदित्य घूमने लगा तो एक जगह पे ले जाके सिद्धि ने
- 7:13अपनी आँखों से साइकल पर घूम रही थी तो इट वास् क्वाइट अन्युज्वल
- 7:19बट गांव में सब चलता था तो वो साइकल पे मतलब सिद्धि साइकल पे
- 7:24थी, वो तो पैदल ही था तो एक दम से वो एक जगह पर जाकर रुकती है।
- 7:28एक घर था, मकान था तो उसने कहा तुम्हें पता है ये घर क्या है?
- 7:31उसने बोला घर है और क्या है इसका ये भूतिया घर है भूतिया घर तो
- 7:36आदित्य वास् लाइक अरे जाओ, जाओ मैं ये सब मैं नहीं मानता।
- 7:40क्या भूत कुछ नहीं होता भूत दूध तो उसने कहा ठीक है इतनी हिम्मत
- 7:44है ना तो जाओ अंदर और जो तुम सही सलामत आ गए तो बस मैं अपना नाम
- 7:49बदल दूंगी अब आदतें वास् लाइक ऐसे भी क्या बात है लोग अभी जाके
- 7:54दिखाता हूँ तो आदत इस घर में घुसने ही वाला था की सिद्धि वास्
- 7:58लाइक अरे मत जाओ मत जाओ सच में वहाँ पे रहता है तो उसने कहा हाँ
- 8:02चलो बहुत हो गया मजाक हम इतनी देर में वो आदतें उसके अंदर घुस गया
- 8:06घर के अंदर। अब उसे मतलब थोड़ा सा अजीब लग रहा
- 8:10था। जैसे ही शाम हो रही थी की यार सच
- 8:13में तो कुछ नहीं होगा ना उससे। लेकिन।
- 8:16स्टिल वो अंदर जाता गया जाता गया। अब वो हवेली ही थी।
- 8:20उसमें कमरे में कमरा, कमरे में कमरा, इतने सारे कमरे हो गए की
- 8:23एकदम से बाहर के कमरे का गेट किसी ने लगा दिया ना आदित्य वास् लाइक
- 8:28स्केर्ड जीने लगा। वो बुरी तरह से उतनी देर से ला
- 8:32रहा था की ज़िद्दी बचाओ जिंदगी बचाओ सिद्धी, बचाव और पीछे से
- 8:37सिद्धि ही थी। मतलब उसके पीछे से सिद्धि निकली
- 8:40सो यू वास् लाइक सिद्धि तुम यहाँ तो उसने कहा कि क्यों गया नहीं हो
- 8:46सकतीं तो अब आदत से थोड़ी देर के लिए शौक हो गया।
- 8:50उसने सोचा की यार ये तो बाहर थी और मैं तो कमरे में अकेला आया था
- 8:54ना, लेकिन इतने कमरे थे ना उसमें एक कमरे में तो उसने कहा शायद
- 8:57कहीं जाकर छुप गई होगी। बट अब उसे लगा की अगर ये यहाँ है
- 9:01तो गेट किसने लगाया? ये सब सोच में आदत का दिमाग खराब
- 9:06हो जा रहा था की ये हो गया रहा है और ये सब हो भी रहा है या सिर्फ
- 9:09मेरा दिमाग में चल रहा है ये सब चल क्या रहा है?
- 9:12अब ऐसा सोचते सोचते बिचारा। आदित्य वहीं बैठ गया तो सिद्धी ने
- 9:17कहा अरे गेट खोला जाए यार, हवा से लगा होगा।
- 9:20तो आदित्य ने गेट खोला और बाहर चला गया।
- 9:23फिर सर्दी ने कहा कि अब मैं तुम्हें कल मिलता हूँ, मैं जा रही
- 9:26हूँ और वैसे कहते हुए वहाँ से चली गई।
- 9:28आदित्य अपने घर आया और उसने अपने पापा को बताया की आज तो ना मुझे
- 9:32वो लड़की मिली और हम ऐसे घूम रहे थे।
- 9:35उसके बाबा ने कहा अच्छी बात है, कम से कम तुम्हे गांव के बारे में
- 9:38कुछ पता तो चलेगा। तो उसने कहा ये भी है।
- 9:41अब कुछ नहीं हुआ तो कुछ टाइम बाद उनके एक फ्रेंड उनसे मिलने आए।
- 9:45उसके पापा के फ्रेंड तो वो वो बता रहे थे की आज तो किसी शिवानी
- 9:50सिद्धि नहीं है। इसको घुमाया था तो वो सुनते ही ना
- 9:53ही वास् लाइक शॉक्ड। ये क्या क्या कहा आपने सिद्धि ने
- 9:57घुमाया था? उसने कहा हाँ, इसने तो यही नाम
- 10:00लिया तो उसने अपने बेटे आदित्य को बुलाया और पूछा की सिद्धि नाम
- 10:03लिया था ना तू ने की? हाँ मैंने सिद्धि नाम लिया था।
- 10:07अब वो अंकल इतनी शौक हो गई उसे देखकर मतलब आदित्य वास् लाइक क्या
- 10:10हुआ अंकल क्यों? तो उन्होंने कहा की बेटा वो वो उस
- 10:16जिद्दी तो सिद्धि तो वो ऐसे ना हड़बड़ाने लग गए तो वो एकदम से डर
- 10:22गए की क्या हो गया क्या क्या बात हो गई तो उन्होंने कहा की सिद्धि
- 10:26तो काफी टाइम से लापता है और यहाँ गांव में तो सब कहते है की उसने
- 10:34डूब गयी हूँ। इतना जानते ही आदित्य व अशोक मतलब
- 10:39उसके चेहरे से पसीना टपकने लगा हो जाए क्या कह रहे हो अंकल आप?
- 10:43लेकिन उनका चेहरा बिल्कुल भी मजाक वाला नहीं था।
- 10:46ये सब सुनके है ना आदत के पैर कांपने लग गए की वो पूरे दिन किसी
- 10:49भूतनी के साथ घूमा। फॉर रिअल तब उसे लगा कि हो सकता
- 10:54है तभी सिद्धी अंदर थी और गेट भी किसी ने बाहर से लगा दिया।
- 10:57इतना सुनते ही आदित्य वास् स्केर्ड टू हिस लाइक सोल।
- 11:01मतलब बहुत बुरा डर गया वो। लेकिन यार स्टोरी ज्यादा लंबी हो
- 11:06गयी ना चलो आइल टेल यू इंधन एक्स्पर्ट ली।
- 11:09इसके बाद तो अच्छा पार्ट था बट आई विल टेल यू एन एक्स पार्ट ना सो
- 11:13की वेटिंग ऐंड अगले पार्ट में मिलती हूँ आप सबसे सो थैंक यू फॉर
- 11:17वॉचिंग ऐंड लिसनिंग के विडिओ सॉरी लिसनिंग के विडिओ ऐन डैश