Latest / Khushei Ki Duniya / Mishaps And Mayhems-(funny Incidents)
Transcript
- 0:00अच्छा तो है गाइस युअर होस्ट कम दोस्त खुशी इस बेक अगेन अनँद्अर
- 0:03एपिसोड ऑफ़ ट्यूसडे एंड आजवाला हमने थोड़ा सा देखो इकलौती बंदी
- 0:08है भाई आई लव यू फॉर थिस जिसने मुझे ऑडियो अक्चवल में भेजा और
- 0:12तुम तो बहुत खराब इंसान हो भाई तुम नहीं भेजा ठीक है पर ठीक है
- 0:16तुम लोगों से तो कट्टी भी नहीं हट सकती यार तुम बहुत गंदे हो।
- 0:19खैर सो हाँ, उसने मुझे भेजा एक इंसिडेंट और उसका इंसिडेंट मैं
- 0:24एंड में डालती हूँ, उससे पहले मैं एक इंसिडेंट अपना भी डाल देती हूँ
- 0:28सो दट। फिर तुम लोग ऐसे न बोलो की आपने
- 0:30भी तो नहीं डाला तो ये ट्यूसडे हम कुछ फनी इंसिडेंट शेयर करने वाले
- 0:36है, अपने लाइफ के तो कुछ मोने का नहीं करे है।
- 0:39मैं कर रही हूँ तो सुनो फिर गानों में ये प्लग्स लगा लो निकम्मो चलो
- 0:46भाई सबके साथ कुछ न कुछ फनी हुआ ही होता है लाइफ में मेरे साथ तो
- 0:50बहुत ही कांड हुए है तो उनमें से एक छोटा सा कांड है।
- 0:53ये एक बार क्या हुआ कि ऐसा था? कि हम लोग जब आई गेस मैं थर्ड
- 1:00क्लास में थी, थर्ड या फॉर्थ किसी एक क्लास में थी तो हुआ क्या कि
- 1:05हम एक स्कूल में गए। उस स्कूल में हम नए थे तो वो
- 1:08बोर्डिंग स्कूल था। ठीक है यही था, मतलब इतना दूर
- 1:10नहीं था, ऐसा था अपने घर से 20 मिनट दूर तो हम वहाँ गए थे एंड
- 1:17मेरी मैडम बहुत स्ट्रिक्ट है। ओह, बचपन से ऐसा नहीं मतलब
- 1:20स्ट्रिक्ट इन दी सेंस ऐसा वाला स्ट्रिक्ट नहीं करें यार मारेंगे
- 1:23पीटेंगे बट हाँ वैसा वाला स्ट्रिक्ट की नहीं यार कुछ गलत मत
- 1:25करो ठीक है वरना कूटोगे और बुरी तरह कूटोगे तो वैसा था और मैं हूँ
- 1:30बचपन से उद्दंडी इंसान मैंने जीतने लोगों को हॉरर स्टोरी बता
- 1:34रखी है तो उन्हें पता है की मैं कैसे करस से कर्म कांड करती रहती
- 1:38हूँ। तो तो क्या हुआ की एक बार हमारे
- 1:41स्कूल में कोई फंक्शन होना था और हम लोग वहाँ गए थे।
- 1:44बोर्डिंग स्कूल था तो तब यार पता नहीं क्यों?
- 1:47अब तो डर लगता है घर से बाहर जाने में और तब अलग ही लेवल की इंसान
- 1:50थी तो मैं सोचती थी यार ये लोग हॉस्टल में रहते हैं, इन्हें मज़ा
- 1:54आता होगा। आई नो जीतने लोग हॉस्टल में रहते
- 1:59है। उस टाइम मैं सोच रहा हूँ की मैं
- 2:00पागल थी दैट आई नो नाउ बट तब मैं बच्ची थी भाई तो क्या हुआ कि
- 2:04हमारे स्कूल में कोई फंक्शन होना था तो जिसके लिए प्रैक्टिस वगैरह
- 2:08चल रही थी तो कुछ बच्चे ऐसे थे जिनके जैसे अगर कोई ब्य चांस
- 2:11तुम्हारे फ्रेन्ड हैं तो वो अपने हॉस्टल वाले दोस्तों के साथ रुक
- 2:15जाते थे। घर न जाने के बजाए तो पता नहीं
- 2:18हमारे घर से तो मैं इजाज़त थी नहीं, पर मेरे में अलग ही गट्स
- 2:22दे। फिर कुटे भी तो ठीक है, हुआ क्या
- 2:25कि हम लोग ऐसे ही एक दम प्रैक्टिस वगैरह की एंड भैया ने मुझे बोला
- 2:30हम एक ही जो व्हीकल जाता था घर के लिए तो उन्होंने मुझसे बोला कि
- 2:34भाई छुट्टी हो गई, चल। एंड आई सैड अरे भैया आज नहीं
- 2:37जाते, आज तो हम हॉस्टल में रहेंगे, एंड ही सैड पागल है क्या?
- 2:41मम्मी को भी नहीं बताया मारेंगे। मैंने कहा हाँ हाँ कुछ न होगा
- 2:44क्योंकि उस टाइम मैं एक्साइटमेंट में थी।
- 2:46दोस्तों के साथ मज़े करेंगे, ये होगा वो होगा, मेस में खाना
- 2:49खाएंगे, आई डोन्ट नो पागल इंसान फ्री में तो हुआ क्या हम?
- 2:54ठीक है। भईया ने समझाया मैं नहीं समझी,
- 2:57चले गए घर और उस दिन हमारे मामा आये थे घर पर दो फिर तो अब हुआ
- 3:03क्या? मैं बैठ गयी वहाँ मस्त दोस्तों के
- 3:04साथ अब जैसे जैसे ना 3-4 बजे 4-5 बजे 2 घंटे में पूरी एक्साइटमेंट
- 3:11निचत गई मेरी तब मैं सोचु यार। भाई तब तो तुने रेशनली ऐसे डिसीजन
- 3:16ले लिया कि नहीं हॉस्टल में रुकेंगे?
- 3:19पहली बात मेरे को 2 घंटे में घर की याद आ गई भाई मैं रो रही हूँ,
- 3:23मुझे घर जाना है फिर थोड़ी देर बाद ही मैंने सोचा मैंने कहा यार
- 3:30पर यहाँ से घर कैसे जाए ओहो? क्या ऐसा एरिया था?
- 3:33भाई तुमने देखा होगा जीतने भी प्राइवेट कॉलेज स्कूल होता है ऐसे
- 3:36बनाएंगे बिलकुल खेतों में कि तुम लाश गाड़ दो वहाँ पे फिर किसी को
- 3:40पता नहीं चलेगा और वो भी ऐसे एरिया में था।
- 3:43मैंने कहा यार किस से जाके बात करू की मुझे घर छोड़ा है और मैं
- 3:46कहा यहाँ तो कोई न छोड़ेगा अपने घर मैंने यार।
- 3:50और मैं ऐसे अपने दोस्तों से कह रही हूँ भाई मेरे को घर जाना है,
- 3:52ले चलो मैंने रोक रही हूँ ठीक है, अब मुझे नहीं पता दूसरी तरफ क्या
- 3:57चल रहा था वो मुझे बाद में पता चला।
- 3:59पापा ने बताया था दूसरी तरफ क्या चल रहा है कि जैसे तो मम्मी को
- 4:03पता चला पापा उस टाइम घर पे नहीं थे।
- 4:05पापा घर पे आए 6:07 बजे के करीब उन्होंने बोला।
- 4:09कि भाई ऐसे ऐसे वो पागल स्कूल में ही रह गई है, उसको लेके आओ और मैं
- 4:12बताती हूँ उसे ये वो और पापा मुझे लेने आ गए थे और उधर मैं रो रही
- 4:18हूँ हॉस्टल में कि भाई मुझे घर जाना है, किस्से बात करूँ मुझे ये
- 4:20बता दो छोटी थी भाई मैं। तो फिर पापा को वो मना कर दिया,
- 4:25हॉस्टल वाला की नहीं नहीं, अब बच्चा एक बार अंदर चला गया तो वो
- 4:28तो अगले दिन ही आएगा। अरे मेरी फट रही थी।
- 4:30एक तो मेरे को दिमाग ही नहीं था भाई मैं क्या सोच के अंदर चली गई?
- 4:33हॉस्टल में ना मेरे पास कपड़े थे ना मेरे को अगले दिन स्कूल जाना
- 4:36था, ड्रेस थी ढंग से मैं क्या कर रही थी?
- 4:38मतलब निहायती बेवकूफ। और फिर उसके बाद मतलब समहाउ पापा
- 4:44उस स्कूल के ओनर को जानते थे एंड ही इस ए वेल नोन पर्सन वेल तो
- 4:48पापा स्कूल के ओनर को जानते थे, वो हॉस्टल वाला नहीं जानता था तो
- 4:52उन्होंने फिर उस ओनर वगैरह से बात कराई एंड देन ही सेंड मी की हाँ
- 4:55हाँ तुम जा सकते हो मम्मी पापा को देख के रो रही हूँ।
- 4:59पापा मैं तो ऐसे रुक गयी थी पापा तो कुछ कहते नहीं है तो उन्होंने
- 5:04कहा अरे यार तू पागल है, अपनी मम्मी को नहीं जानती और ये और भाई
- 5:08क्या हुआ कि जैसे जैसे हम घर की तरफ जा रहा है मेरी भाई हार्टबीट
- 5:13हो रही है। 100200120 ऐसे बढ़ रही घट रही
- 5:17मैंने कहा यार अब तो गए। मम्मी मारेंगे, बुरी तरह मारेंगे,
- 5:21पर हम क्या सेकंड फ्लोर पे रहते थे तुम्हें नींद जैसे जैसे जा रही
- 5:24थी मुझे मम्मी की आवाज आ गई, आ गई तू और काफी था इतना भाई मतलब काफी
- 5:32था मैं तो वही मतलब मैंने सोच रहा मैंने कहा अब तो बस।
- 5:36हो गया मेरा और मैं जैसे जैसे चढ़ रही हूँ सीढ़ियाँ बस पापा कहते
- 5:41थे, कोई नहीं ज्यादा कुछ नहीं कहेगी मैं हूँ पर मुझे पता था भाई
- 5:44मम्मी खूटेंगी ना तो खूटेंगी फिर और मैं धीरे धीरे चढ़ रही हूँ और
- 5:50मम्मी ने मुझे देखते एक चोर का चांटा जो रखा।
- 5:57मैंने जो रोना शुरू किया है पर भाई बुरी तरह रुरे हैं।
- 6:02अम्मी गलती हो गई ये वो पर वो जो उस दिन मेरे मामाओं ने मुझे बचा
- 6:06लिया। उन्होंने कहा, अरे कोई बात नहीं
- 6:08बच्ची है। मम्मी ने भाई मेरे साथ 4 दिन
- 6:10स्ट्रेट बात नहीं की थी। तेरे को ज्यादा शौक है ना हॉस्टल
- 6:14में जाने का जा तू वहीं रह गई और वो भाई जो चांटा पड़ा गया था मेरा
- 6:21कान वान सब एकदम बट हाँ वो मेरी बेवकूबी थी यार और वो हरामी
- 6:26हॉस्टल वाले भाई मुझे छोड़ ही नहीं रहे, कह रहे नहीं, नहीं
- 6:28बच्चा तो पगड़ी ही नहीं जाएगा भाई मेरा मन नहीं जा रहा मेरे को।
- 6:32पता नहीं यार बड़े खराब लोग थे मतलब वो तो पापा ओनर को न जानते
- 6:37तो बस मैं रात रात में हॉस्टल रो रो के न ऐसे डुबा ही दे रहा था
- 6:42यार अब ऐसे बताने में हँसी आ रही हूँ तब तो मेरी भाई वाट लग गई थी
- 6:46गंदी वाली। मैंने ऐसे बहुत अजीब गरीब कर्म
- 6:49कांड कर रखे है जिनका मुझे बाद में बहुत अफसोस हुआ और उसके बाद
- 6:53बहुत हँसी भी आई थी। अभी मैं कल परसो ही अपने पेरेंट्स
- 6:58को बता रही थी, उन्हें नहीं बताया है।
- 7:00पता है मैंने इतने कुछ बहुत सारी चीजें की हैं जो उन्हें आज तक पता
- 7:03ही नहीं है, अंदाजा ही नहीं है मैं वो इंसान हूँ।
- 7:06जैसे लोग कहते है की नहीं नहीं, बच्चे गलत संगती में बढ़ जायेंगे।
- 7:09मैं ही हूँ गलत संगती में हूँ तो एक और बहुत अजीबो अजीब फंटासीएस
- 7:15रही है मेरी मैंने तुम्हे बताया भी है बारिश में भीगना है मेरे को
- 7:18और वो चाय पे जाना है शराब पी के अपने जो भी है मतलब साथ में उसे
- 7:23अपनी बकवास बकना है मतलब बहुत सारी चीज़े एक बार हमारे घर में
- 7:27कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था तो अब यार तुम्हें भी पता है जो मतलब
- 7:32जो कंस्ट्रक्शन वाले होते हैं तो उनमें से कुछ वो नहीं होते यार जो
- 7:37मतलब मतलब जिनका वो बजरी वगैरह काम ऊपर नीचे ले जाते हैं और सब
- 7:42कुछ। तो वो लोग बीड़ी बहुत पीते हैं,
- 7:45तुमने ध्यान नहीं कहा हो तो और मैं तब भी मैं भाई मैंने बचपन में
- 7:48इतनी बेहुदगी करी है न, तब भी मैं छोटी ही थी, है न मैं कल वर्ष
- 7:53अपने पेरेंट्स को बता रही थी पापा मम्मी पता है मैंने एक बार न
- 7:56बीड़ी पी थी, तेरे को लाइक क्या? तुने बीड़ी पी थी, मैंने कहा यार
- 8:03मम्मी बताती हूँ तो ने मेरे जैसे निगाहों से देखा, बट देन दे।
- 8:06अरे लाइक की भाई बचपन की बात थी, अब अब इसे कूट के भी क्या फायदा?
- 8:09आज से तो निकल ही गई हूँ मैं तो क्या हुआ कि वो मजदूर वगैरह पीते
- 8:16थे? ये बीड़ी वगैरह व्हाटएवर तो मैंने
- 8:19देखा मेरे को बड़ा फैसिनेटिंग मैंने कहा यार भैया से चीज़ लगती
- 8:22है, सभी पी रहे हैं ये तो 1 दिन वो जो अंकल थे वो अपना वो बंडल
- 8:26छोड़ के चले गए। अब हम छत पे गए, हमने देखा हमारे
- 8:30जो अंदर की जिज्ञासा थी वो सब कूद कूद के बाहर आ रही है।
- 8:33मैं कहा नहीं, इसको तो ट्राई मारेंगे तो मैंने कहा ठीक है।
- 8:38तो मैंने वो जलाई और एक जस्ट ऐसे अंदर लिया।
- 8:41वो कश और जो मेरे को खांसी हुई। ये क्या है?
- 8:45इसे पीने के लिए लोग मरते हैं इसे पीके तो लोग मर ही जाते हैं
- 8:50अक्चवल में मैंने वो फेंक दिया एंड अक्चवल में ना मैंने वो पूरा
- 8:53बंडल फेंक दिया भाई। और मेरे को बाद में बड़ा दुख हुआ।
- 8:56मैंने कहा यार बेचारी अंकल का तो बंडने लग गया और उन्हें तो बिचारे
- 8:59को पता भी नहीं होगा, वो सोच रहे होंगे कल आके फिर यही से कस
- 9:02मारेंगे ये क्या हुआ? पर यार वो बहुत गंदी सी होती है
- 9:06यार बीड़ी बीड़ी सिगरेट खैर सारे बकवास होता है सिगरेट ट्राई नहीं
- 9:09किया ब्य दी वे मैंने, बट वो भीड़ी ट्राई की थी, वो मज़ा नहीं
- 9:14आया यार। बेकार चीज़ और ऐसे अजीबो गरीब।
- 9:17वो मैंने अब बताया था न मम्मी पापा को कि मम्मी ऐसा हुआ ऐसा भी
- 9:21कर रखा है ये भी किया है सारी बकवास यार ऐसे नहीं देखो गलत वाली
- 9:26नहीं मतलब बीड़ी बिना भी गलत ही है, बट वैसी गलत नहीं जो तुम गलत
- 9:29दिमाग में ले जाओ। बट हाँ बहुत सारी बकवास चीज़ है
- 9:32ये। जैसे मैंने अपने पेरेंट्स के
- 9:35वॉलेट से पैसे चुराए है और ऐसा होता था की एक एक पर्टिकुलर रेंज
- 9:43थी। ठीक है जहाँ से मेरे घर से और वो
- 9:45रेंज तक दिखता था की हाँ भाई बच्चे आ गए क्या स्कूल से तो मैं
- 9:49पैसे चुरा के और वो दुकान उससे जस्ट थोड़ी सी ही दूर थी।
- 9:52तो हम क्या कर रहे थे? पेस्ट्री मेरे को भाई बचपन से
- 9:54बहुत ही ज्यादा पसंद है तो वो एक शौक थी, कभी कभार खुलती थी पता
- 9:58नहीं क्या सीन था उनका, बट उन पे एक पेस्ट्री मिलती थी आई गेस ₹7
- 10:01की और वो क्या पेस्ट्री होती थी भाई?
- 10:04क्या सॉलिड पेस्ट्री होती थी? ट्रायंगल शेप की एक दम शानदार।
- 10:09मतलब वो जमाने में जहाँ वो चौको और बस हर पेस्ट्री का कोई वो नहीं
- 10:13होता था। उस टाइम फ्लेवर वगैरह।
- 10:15वो तो बस पीली करती थी, बटरस्कॉच नाम लग गया और मतलब लोहे के
- 10:18डिब्बे में आती थी। आई डोन्ट नो कितने लोग जानते हैं
- 10:21तो वो मस्त चीज़ होती थी तो और वो वो आती थी पांच की और जो ₹7 वाली
- 10:26थी, वो कभी कभी मिलती थी। ट्रायंगल वाली मतलब उसे हाँ के
- 10:28लगता है पॉश चीज़ है। वो उसके लिए पैसे चलाती थी और
- 10:32जैसे ही तो मैंने वो पेस्ट्री ली, भाई जो जल्दी जल्दी हम लगते थे,
- 10:35मैं और भाई जैसे मेरे से खत्म नहीं हो रही उनके मुँह में ठोक
- 10:37दी। अपने भाई के मुँह में भाई खत्म
- 10:39करो, घर के रेडियस में आने से पहले खत्म हो जानी चाहिए।
- 10:42वैसे फिर मम्मी पापा को आप बताते हो मम्मी मैंने चोरी भी पी है,
- 10:45बीड़ी वी पी है और पता नहीं क्या क्या आप कुत्ते तो नहीं ऑब्वियस
- 10:50सी बात है यार बड़े हो गए पर हाँ मतलब मैंने ऐसे कर रखे हैं बहुत
- 10:54सारी चीज़ें जो नहीं करनी चाहिए देखो नहीं करनी चाहिए पर बचपन और
- 11:00जिज्ञासा दोनों चीज़ें पैरालली चलती हैं, ये तुम्हे डूबा भी सकती
- 11:04है तो हाँ। और पता नहीं और कुछ याद आएगा कभी
- 11:08तो बताऊँगा की यार मैं कैसी थी क्या था एक और चलो तो मैं बताती
- 11:13हूँ छोटा सा किस्सा की एक बार एक मुझे पता चला था वह मैं बचपन से
- 11:19बड़ी ऐसी इंसान हूँ यार की मुझे कोई यूं बोल देना की वो तेरे को
- 11:22लाइक करता है कोई ऑब्वियस सी बात है मर्द जात तो मेरे को लगता था
- 11:27कि यार मतलब क्यूँ ही लाइक करना है, अपना बढ़िया पढ़ाई लिखाई करो,
- 11:31क्या जरूरत है तो वॅन्स व्हाट हप्पन्ड कि किसी ने मेरे एक दोस्त
- 11:35ने कहा मुझे कि यार मेरा कजिन है, वो तेरे को लाइक करता है भाई मैं
- 11:40उस टाइम पे वो मुझे जानते थे कि मैं तो पीठ पाट भी सकती हूँ
- 11:43क्योंकि उसने मुझे बड़े मतलब ना कस्मे वादे देख के बताया।
- 11:46मैंने कहा यार क्या हो गया तुम लोग मुझे देख के हँस क्यों रहे
- 11:47हो? शी सैड की यार मेरा एक कजिन है और
- 11:50वो ना तेरे को बड़ा लाइक करता है पर तू देख कसम खा तू उसे मारेगी
- 11:53पिटेगी नहीं, मैंने कहा ठीक है। अब मैं उस बंदे को जानती नहीं थी
- 11:57तो फिर मैंने कहा की मेरे को एक बार मिलवा तो मतलब दिखा तो दे की
- 12:00ये है तो फिर बोलती है की हाँ यार वो ना तेरे को देखता रहता है और
- 12:04तू जब भी कहीं घूमती वूमती मिल जाती है तो भी वो मैंने कभी ध्यान
- 12:08नहीं दिया था। अब उसने बताया तो मैंने भाई
- 12:11स्पेशल कंसिडेरेशन दिया की देखते है तो मैंने देख लिया अब भाई मेरा
- 12:16अक्चवल में नोटिस किया, वो बंदा हर जगह था भाई हर जगह मतलब दिख
- 12:20जाता था मुझे कहीं ना कहीं और मेरे को आने लगी गुस्सा देखो किसी
- 12:24को लाइक करना इस डेफिनिट्ली नॉट समथिंग रॉंग।
- 12:27पर तुम्हारे मुँह में इतनी जुबान होनी चाहिए ना की तुम उस सामने
- 12:30वाले को बता दो तुम में इतनी जुबान नहीं है तुम अपनी बहन को
- 12:33भेज रहे हो बताओ अब उस बंदे का क्या तुम मतलब वो रखोगे बताओ
- 12:36भरोसा? मेरे को उस पे गुस्सा आ रही थी
- 12:39भाई मैंने कहा इसको बनाऊ मैं मेरी नजरों से ही वो इतना डरा मेरे को
- 12:45जहा दिखता है ना मैं जो उसे मतलब वो नजरों से देखती उसकी ये हालत
- 12:49हो गई थी की कुछ टाइम बाद अपने आप उसका पूरा रोमियो बनेगा भूत
- 12:52उतरेगा क्योंकि ऑब्वियस सी बात है भाई मैंने उसे कसम नहीं दी की मैं
- 12:55उसे हाथ तो नहीं लगाउंगी। मैंने बस ऐसी नजरों से देखा की
- 13:00फिर उसकी अपने आप ही हालत समझ में आ गया उसे की नहीं यार देखो
- 13:03जेन्यूइनली भाई तुम किसी को पसंद करते हो जाके उसको बोल 225 लोगों
- 13:08से तुम खतरे भिजवा रहे हो चार लोग तुम्हारी आई डी वो कर रहे है देख
- 13:11रहे है, स्टॉप कर रहे है ये सब स्टूडेंट ही है इफ यू लाइक सम्वन
- 13:15गो टेल देम? भाई मना भी हो जाएगा तो ठीक है ना
- 13:18ऐसा थोड़ी है की तुम्हारी उससे शादी होनी थी तो हाँ हो जाओ
- 13:22रिसाल्ट कोई दिक्कत नहीं है। बट ये सब बेवकूफ़ नहीं की, अपने
- 13:26बहन को भेज रहे हो भाई को भेज रहे हो और फिर तुम बतवा रहे हो मज़ा
- 13:29नहीं आता यार न वही बोल्ड की हाँ भाई तुमको पसंद करते है।
- 13:33अगर सामना वाला भी पसंद करता है। वेल एंड गुड मेरे को एक कहानी मिल
- 13:36जाएगी और अगर नहीं करता है तो भी वेल एंड गुड एक ब्रेक अप स्टोरी
- 13:40बनाउंगी मैं तो फिर बस मेरे तो यही किस्से थे मुझे कुछ और याद
- 13:45आएगा तो मैं बताऊँगा अभी मोनी काका के साथ सुनते हैं सो नाउ मैं
- 13:50उसकी आवाज ऐड करती हूँ चलो। है गाइस आई ऍम मोनिका सो ये जो
- 13:57स्टोरी है, ये है मेरे फर्स्ट टाइम।
- 13:59जब मैं पी जी में थी तब मेरी फर्स्ट दिवाली जो की मैंने पी जी
- 14:02में सेलिब्रेट की, उसकी तो क्या हुआ था कि मैं टू थाउज़न्ड 2122
- 14:07की दिवाली में मैं दिवाली के जस्ट एक महीना हुआ तब मैं लेकिन
- 14:12नवरात्र क्या? पहले पहले।
- 14:14मैं उधर गयी थी पी जी में रहने और उसके बाद नवंबर के स्टार्टिंग में
- 14:17थी दिवाली तो मैंने सोचा एक ही महीना हुआ है वहाँ जाए हुए तो मैं
- 14:21क्या ही घर पे जाऊं, इसलिए मैं गयी नहीं क्यों की घर पे जाती भी
- 14:25तो कोचिंग थी मेरी तब नेट की कोचिंग चल रही थी तो बहुत कम दिन
- 14:29छुट्टी थी। पहली बात तो और मैं घर पे जाती तो
- 14:31फिर हो जाती थोड़ा इसलिए मैं नहीं गयी।
- 14:34तो और मेरे साथ वह पी जी में फिर और दो लोग थे।
- 14:37एक जीजा दी, जो मेरे से 10 साल बड़ी थी और एक प्रियंका दी जो
- 14:40मेरे से 6 साल बड़ी थी और तब मैं ही 17 इयर्स की होंगी।
- 14:43मतलब 1 दिन 23 की और 1 दिन 27 इयर्स ओल्ड थी और पी जी मतलब क्या
- 14:48होता है? बेसिक्ली पी जी ऐसे होता है की
- 14:51जैसे रूम करके रहते है बाहर स्टूडेंट्स।
- 14:53वैसे रूम टाइप पर वहाँ किचन वगैरह सब होता है और किचन में लाइक खाना
- 14:58बनाने के लिए साफ़ सफाई के लिए एक आंटी आती थी तो वो थी पी जी और
- 15:02दिवाली के टाइम ये हुआ था की सब लोग घर पे चले जाते तो इसलिए वो
- 15:05आंटी भी नहीं चारपाई जिन आने वाले थे तो सब साफ सफाई खाना बनाना सब
- 15:08हम को ही करना था तो हम लोगों को छुट्टी लगी थी शायद क्नॉइस।
- 15:12वॅन डेट को अब छुट्टी लगी और खाना बनाने का तो हमारे पास कुछ था।
- 15:16नहीं तो सबसे पहला दिन तो हमारा ऐसे गया में की हम लोग, मैं,
- 15:19जीजा, दीदी, प्रियंका दीदी, हम लोग सब मार्केट सब खाने पीने की
- 15:23चीजें दिए सब सब लेके आए। जो चीज़े घर पे लाते है और जो घर
- 15:27पे ऑलरेडी होती है पर हमको तो दिवाली पी जी में सेलिब्रेट करनी
- 15:30है तो हम सब कैंडल वेंडल्स सब लेके आए फिर पहला दिन तो हमारा
- 15:34वैसे निकल गया फिर दूसरे दिन दूसरे दिन ये हुआ था दूसरा दिन था
- 15:39काली चावस का दिन तो अब हमको था की हमको एक्सप्लोर करना है।
- 15:43लाइक कुछ ना कुछ तो हमको करना हैं और ऐसे बोला जाता हैं की काली के
- 15:46दिन रात को बाहर नहीं निकलते, लाइक होती हैं ना, वो तो नहीं
- 15:51निकलते। भूत का कुछ होता हैं ऐसे मतलब
- 15:53बोला जाता हैं वो तो मुझे भी नहीं पता पर ऐसे होता हैं तो नहीं जाते
- 15:57घर के बाहर पर अब तो मैं तो सी पी जी में।
- 16:00अब मेरे को था कि भाई जाना है और वो जो दो दीदियां थी वो पहले से
- 16:03पीजी में रहती थी। लाइक 2323 साल हुए थे उन लोगों को
- 16:06वहाँ रहे हुए तो हम लोगों ने सोचा कि काले चाजू के दिन हम रात को
- 16:10जाएंगे, लाइक अराउंड 9 टु 10। हम लोग जाएंगे और नाइट आउट
- 16:13करेंगे। फिर हम लोग कुछ नहीं खाना।
- 16:15वाना बनाये और निकल गए 9:00 बजे तो हमने सोचा की वहाँ पास में है
- 16:21बीच लाइक 121 एंड हाफ अवर लगता होगा उतने डिस्टेंस में है।
- 16:26बीच तो हम लोग सोचे की हम वहाँ जाएंगे और क्योंकि ना बीच की ऐसे
- 16:30स्टोरीज़ भी है लाइक हॉरर स्टोरीज़ बोलते की उधर पैरानोरमल
- 16:34अक्टिविटीज होती है एंड ऑल तो हम लोगों ने सोचा की हम वहाँ जाएंगे
- 16:37तो हम लोग गए। रात को मैं जीजा, दीदी, प्रियंका
- 16:40दीदी और प्रियंका दीदी के फ्रेन्ड हम लोग चार लोग गए, दो फिर जाते
- 16:45हुए क्या हुआ? सबसे पहली बात तो ये और प्रियंका
- 16:49दी इन लोगों को ये था की ये छोटी है तो इसको ओपेन तैयार वयार
- 16:52करेंगे तो उन लोगों ने मेरे को रेड कलर का वॅन पीस पहनाया।
- 16:56और ऊपर से बाल खुले, एक दम परफ्यूम वरफुम लगा के और ऐसे
- 17:00बोलते है कि भूत और वो लोग ना उससे अट्रैक्ट होते है तो वैसे वो
- 17:03लोग परफ्यूम वरफुम लगा दिए। फिर हम लोग गए तो जाते हुए ना
- 17:08क्या होता है कि एक अडजन करके एरिया है सूरत में।
- 17:11उधर उसके पास एक बिल्डिंग है। तो उस बिल्डिंग में उस बिल्डिंग
- 17:15की कुछ हॉरर स्टोरीज़ है की लाइक हॉरर स्टोरी नहीं है अक्चवली वो
- 17:19बिल्डिंग ही वांटेड है और ये मतलब बहुत फेमस बिल्डिंग है वो तो एक
- 17:24तो हम लोग वहाँ से गए तो वो बिल्डिंग देखी पर आई ऍम लाइक, मैं
- 17:28स्ट्रांग हूँ तो मेरे को इतना डर लगा नहीं तुमको पूरी स्टोरी बता
- 17:31दी पर कुछ डर नहीं लगा। फिर वहाँ से हम गए।
- 17:34बीच बीच में एंटर करने के बाद एक तो पूरा अँधेरा, रात का टाइम और
- 17:39वो पानी की लहरों की आवाज़ और एक दम सन्नाटा और ऐसे बर्ड्स की
- 17:45आवाज़ और एक दम ऐसे नेगेटिव नेगेटिव हो रहा था क्योंकि शायद
- 17:49इसलिए भी क्योंकि हम लोग को एक तो ये पता था की काली जादू से
- 17:52क्नॉइस। ऊपर से उस स्टोरीज़ उस बीच की
- 17:54स्टोरी है। कुछ लाइक हौंटेड स्टोरीज़ है शायद
- 17:57इस लिए भी नेगेटिव हो रहा होगा। वो तो हमको नहीं पता पर इससे हो
- 18:01रहा था बट ऐसे कुछ परनोरमल नहीं हुआ हमारे साथ बट मज़ा बहुत आया
- 18:06भाई उस दिन लाइक सीरियसली हम लोग वहाँ गए फिर वो नेगेटिव।
- 18:10और हम लोग क्या किये की देखो पैरानार्ल तो कुछ सो नहीं रहा था,
- 18:12पर हमको था की हमको एक्सप्लोर करना है तो हम एक दूसरे को ही
- 18:15आवाज़ दे दे के डरा रहे थे, फिर कुछ नहीं।
- 18:19वह घुमे लाइक वॅन अराउंड रुके होंगे।
- 18:21फिर वह से आए तब तक हमको बहुत टाइम होगया था, पर हमको फिर भी था
- 18:25की भाई नाइट आउट तो हमको करना है तो फिर कुछ नहीं।
- 18:28हम उधर ही सूरत में आये घूमे फिर घर पे हम मतलब बीज में गए 3:00
- 18:33बजे अब 3:00 बजे हम बीज में गए एक तो हमको ये था की हमको कुछ
- 18:38पैरानोरमल अक्टिविटीज हमको कुछ फेस करनी है पर वैसे कुछ हुआ नहीं
- 18:42बट फिर हम लोगों ने सोचा की चलो नहीं जाते हम तो हम रूम पे गए और
- 18:46फिर। मेरे खुराफाती दिमाग में एक ऐडिया
- 18:48आया की अब तक तो पैरानार्मल कुछ नहीं हुआ।
- 18:50पर फुल मूवीज़ तो देख सकते है ऐट लिस्ट हौंटेड तो वैसे करके हम
- 18:53लोगों ने सोचा की अब हम पीजी जाएंगे और मस्त मूवी देखेंगे तो
- 18:57हमारे पीजी में कैसे है की इस एक बिल्डिंग सबसे ग्राउंड फ्लोर पे
- 19:01किचन और एक रूम और इसे स्पेस है ओपेन स्पेस उसके ऊपर।
- 19:06उसके ऊपर मतलब फर्स्ट फ्लोर पे तीन रूम, उसके ऊपर दो रूम बड़ी
- 19:10वाली और उसके ऊपर भी दो रूम और फिर टेरेस और जो मेरी रूम है मतलब
- 19:14वो के ग्राउंड फ्लोर पे और ग्राउंड फ्लोर पे एंटर करने के
- 19:16बाद उसके फ्रंट साइड में मतलब बाल्कनी के साइड में पूरा कांच और
- 19:21हमारे बिल्डिंग के जस्ट सामने और एक वैसी बिल्डिंग जहा कोई नहीं
- 19:25रहता। इट्स ए खंडर टाइप और आजू बाजू से
- 19:28थोड़ा सुम सा मतलब, अगर रात को आप ऐसे गैलरी में जाके बाहर देखोगे
- 19:32ना, अंधेरे में तो डर लगेगा वैसे वाला तो अब हुआ है की हम लोग एंटर
- 19:36किये और ऊपर चढ़े फर्स्ट फ्लोर पे और हमारे रूम के डोर ओपेन किये ये
- 19:42हुआ की हम लोग फर्स्ट फ्लोर पे गए।
- 19:45अब फर्स्ट फ्लोर पे जाते ही हम लोग मतलब हमारे रूम का डोर ओपेन
- 19:48किया अब डोर ओपेन करते ही सामने थी एक काली बिल्ली, एक तो काली के
- 19:54दिन ऊपर से वो सब हम लोगों का हर हर सब चल रहा है और सामने हम देख
- 19:57रहे है काली कलर की बिल्ली अब मुझे ये आदत है की भाई मैं तो
- 20:00बहुत मैं तो डरती नहीं, मैं तो जाउंगी।
- 20:02तो आई वास् लाइक की वो लोग जीजा, दीदी और प्रियंका दीदी।
- 20:05वो लोग डर रहे थे पर मुझे था की मैं तो जाउंगी भाई मैं उस बिल्ली
- 20:08को भगाउंगी तो मैंने एक लकड़ी जैसा लिया और मैं दरवाजा ओपेन
- 20:12किया और मैं उसकी तरफ जाने लगी उसको भगाने की वो बाल्कनी साइड से
- 20:15चली जाए वो बिल्ली उल्टा मेरे पे भाग के आयी।
- 20:18एक तो सब हॉरर चल रहा हूँ ऊपर से वो मतलब मैं उसको भगाने जा रही
- 20:22हूँ और वो बिल्ली ऐसे एकदम घूर घूर के देख रही है और पूरी काली
- 20:25बिल्ली और वो मेरी तरफ भाग के आयी मैं इतना डरी, इतना डरी उसी टाइम
- 20:29मैंने वो दरवाजा खट करके बंद कर दिया और पहले मैं ऐसे बोल रही थी
- 20:33जल्दी देर उन लोग भी भाई मैं तो डरती नहीं, मैं तो जाती हूँ आप
- 20:36लोग आप लोग फट्टू हो करके। कि आप लोग फट्टू हो, मैं तो
- 20:38जाउंगी और मैं तो भगा के दिखाती हूँ आपको वैसे करके और फिर वो
- 20:42बिल्ली को मैंने देखा और मैं इतना ज़ोर से चिल्ला के दरवाज़ा बंद
- 20:45की। उसके बाद जिया दीदी प्रियंका जी,
- 20:47हम लोग इतना हँसे थे, लाइक अराउंड ये तीन के आसपास हम लोग पी जी गए
- 20:51और हम चार के आसपास इतने टाइम तक हम हँसे जा रहे की यार मैं एकदम
- 20:55धीट बनके गई थी मस्त और पोपट हो गया मेरा तो वैसे करके हुआ सब फिर
- 21:00कुछ नहीं। फिर वो बिल्ली उसकी उसकी भाग गई।
- 21:02फिर उस दिन कुछ नहीं हुआ। फिर सेकंड दिन था दिवाली का दिन
- 21:05अब दिवाली के दिन की तो भाई बहुत फनी स्टोरी है।
- 21:09अब ये है ना की जिया दीदी और वो लोग बहुत पहले से पी जी में रहते
- 21:12थे। तो उनको कुकिंग वूकिंग नहीं आती
- 21:14थी, ज्यादा लाइक आती थी, बट ओके ओके लाइक बहुत ज्यादा नहीं अच्छे
- 21:17से और मेरे को आती थी मतलब मैं पहले घर पे भी करती थी।
- 21:21कुकिंग तो मुझे आती थी तो हम लोग सोचे की भाई दिवाली है, अब बाहर
- 21:24से तो कोई मंगवा के हम खाएंगे नहीं, हम घर पे ही बनाएंगे तो हम
- 21:27लोगों ने सोचा हम खीर पूरी वो सब बनाएंगे।
- 21:30हम लोग गए सामान लेने तो सबसे पहला इंसिडेंट भाई हमारे साथ क्या
- 21:34हुआ पता है हम लोग गए तो वह सब्जी वाले के पास हमको पता नहीं हम को
- 21:38रेट ही नहीं पता की भाई किस रेट में सब्जी लेते तो हम ₹160 दे के
- 21:43दो प्याज, दो आलू और एक टमाटर और बस दो तीन फ्रूट्स इतना लाये थे
- 21:48₹160 में। फिर घर पे आए फिर घर पे आके मम्मी
- 21:51को बताया की मम्मी ऐसे ऐसे हुआ हम लोग 160 में इतना लाये भाई मम्मी
- 21:56ने जो हमको रोस्ट किया की भाई तुमको पढ़ाई के अलावा तुमको कुछ
- 21:59आता नहीं है, उसने तुमको ठग लिया बहुत ज्यादा पैसे में बहुत कम
- 22:02सब्जियां दी ऐसे करके वैसे फिर हम लेके तो आए अब।
- 22:08प्रियंका दीदी बोले की खीर तो मैं बनाउंगी लाइक मेरे को आती है तो
- 22:11मैं बनाउंगी और उन लोगों को रोटी बेलना और वो सब नहीं आता तो मैं
- 22:15बनाने वाली थी और सब्जी हम दोनों मिल गए और जिया दीदी को कुछ काम
- 22:19था तो वो ऊपर ही थे, वो नहीं आये थे नीचे किचन में हम लोग गए तो
- 22:23प्रियंका जी ने क्या किया किया। उन्होंने बोला की मेरे को तो बहुत
- 22:25अच्छे से खीर बनानी आती है, मैं बनाती हूँ।
- 22:27तो उन्होंने क्या किया? चावल का पैकेट था आधे चावल, उसमें
- 22:30डाल दिए लाइक दूध हमने डाला था, एक ही पैकेट था शायद से वो तो
- 22:34इतना याद नहीं है पर चावल इतने डाल दिए कि उसके बाद जो खीर बनी
- 22:37उसमें चावल ही चावल दूध नज़र ही नहीं आ रहा है।
- 22:39वैसी हीर बनी फिर कुछ नहीं। ये एक हुआ था हमारे साथ, फिर वैसे
- 22:44कैसे? तो करके हम खाना बनाए।
- 22:46रोटी फूटी लाइक भूरी वूरी सब बनाये उसके बाद था की हमको दिये
- 22:50जलाने अब दिये लाये थे पर दियों के लिए अब तेल और वो सब कहाँ से
- 22:55लाये? फिर हम पीजी के बाहर गए उधर लाइक
- 22:59एक आंटी का घर था वो आंटी के पास गए उनसे तेल वेल लेके आये थे मांग
- 23:02के फिर वैसे करके दिये जलाये बस। और क्रैकर्स तो थे नहीं, हमारे
- 23:06पास तो वो नहीं बंद किए थे। वैसे करके हमारा दिवाली का दिन
- 23:09गया तो उसमें भी कुछ ऐसे बहुत एक्साइटिंग हुआ नहीं।
- 23:12हाँ, एक चीज़ हुई थी की हम लोग ना मूवी लगाए थे रात को क्योंकि हम
- 23:17लोगों हम लोगों के मैएंड में एक दम क्लियर था की भाई कुछ भी हो,
- 23:21हम को इन डेज़ में ऐसे कुछ हॉरर एक्सपीरियंस करना है।
- 23:25तो उस दिन हम लोग लगाए मूवी रात को की लाइक सोने से पहले मूवी
- 23:29देखेंगे देख करके तो मूवी लगाए हॉरर मूवी दनन नाम की तो उस दनन
- 23:34मूवी में क्या होता है की टैब से टैब से भूत निकलता और वो वो औरत
- 23:39को खा जाता है और तब उसकी डॉटर? बाहर विंडो के बाहर साइड से उसको
- 23:43देखती है। वैसे गाते हुए तो वो वाला सीन आया
- 23:46और जिया दीदी इतने ज़ोर से चिल्लाए एक तो हम लोग पूरा अँधेरा
- 23:49करके बैठे, ऊपर से वो हमारी रूम और वो सब भी ऐसे थोड़ा थोड़ा
- 23:53डरावना टाइप ऊपर से तब कोई नहीं हम तीन ही लोग तो ऐसे टाइप और
- 23:58हमारे पीछे वाली सोसाइटी में तो घर थे लाइक लोग रहते थे वहाँ पे।
- 24:02तो वो वाला सीन आया और जिया दीदी इतना डरे वो एक दम ज़ोर से
- 24:06चिल्लाए लेकिन वो इतने ज़ोर से चिल्लाए की पीछे वाले साइड से के
- 24:09सोसाइटी के दो चार लोग आ गए। देखने की भाई इधर क्या हो गया हम
- 24:13लोग इतना हसे थे, इतना हसे थे फिर हम लोग बताये की ऐसे ऐसे हुआ
- 24:17इसलिए ये दीदी चिल्लाई। फिर वो लोग चले गए।
- 24:19और तो कुछ नहीं हुआ पर ये एक चीज़ हुई थी दिवाली के दिन और एक तो
- 24:22खीर वाला इन्सिडेन्स फिर आता है उसके बाद तो दिवाली के बाद ना
- 24:27गुजरात में होता है करके मतलब तभी न्यू ईयर है।
- 24:31बोलते तो न्यू ईयर के दिन उस दिन ज्यादा कुछ नहीं हुआ था लाइक वो
- 24:34बहुत नॉर्मल डेज़ की तरह ही हमारा हमारे लिए वो डे रहा।
- 24:37फिर उसके बाद आया भाई दूज का दिन। भाई दूज के दिन ये था की जिया
- 24:41दीदी जाने वाले थे उनके घर क्योंकि उनकी मतलब सूरत में उनकी
- 24:45कोई रिलेटिव थे तो उन रिलेटिव उनके साथ दीदी जाने थे।
- 24:48सौराष्ट्र में उनका घर है तो उधर जाने वाले थे तो हम लोगो कहा था
- 24:51की सिर्फ प्रियंका जी और मैं रहेंगे क्या दीदी चले जाएंगे तो
- 24:54हम लोग लाइक जिया दीदी सुबह चले गए थे।
- 24:57क्नॉइस अब प्रियंका दीदी का था बॉय फ्रेन्ड तो उनका ऑल ऑफ सडेन
- 25:01प्लान बना प्लान नहीं था, पर उनका ऑल ऑफ सडेन प्लान बना बाहर जाने
- 25:04का, तो प्रियंका दीदी आए अराउंड लाइक शरारती आए थे।
- 25:08वो 8830 हुए होंगे, तब की मोनिका मेरा बॉय फ्रेन्ड आया है, तो मेरे
- 25:13को हम लोगों को जाना है, तो तू कंफर्टब्ल हो तो तू भी हमारे साथ
- 25:16चल अब मैं तो कंफर्टब्ल नहीं थी ऑब्वियस्ली मैं उनको जानती नहीं
- 25:20तो मैं क्या ही करती ना उन लोगों के साथ जाके और मैं ये भी नहीं
- 25:23चाहती थी कि यार मेरी वजह से उनका प्लान कैंसिल हो जाए तो मैंने
- 25:26उनको बोला कि ठीक है आप चले जाओ, मैं रह लूँगी तो वो लोग चले गए अब
- 25:30मैं पी जी में अकेली एक तो वो पी जी में तीन बिल्डिंग्स तीनो एक दम
- 25:35सुम सा सामने वामने भी एकदम सुम सा एकदम अँधेरा पर मैं पी जी में
- 25:40अकेली हूँ पहले तो मुझे इतना डर लगा नहीं क्योंकि आई ऍम मैंने
- 25:44बोला ना की मैं थोड़ी स्ट्रांग हूँ तो मेरे को नहीं लगा डर पहले
- 25:47तो अब हुआ ये की वो लोग चले गए मेरे को था की मेरे को नीचे जाके
- 25:53खाना बनाना है क्नॉइस तो उसके पहले मेरे सेट में वाशरूम जाके
- 25:55आती फिर नीचे जाके खाना बना लूँगी खा के फिर सो जाउंगी वैसे करके तो
- 25:59मैं वाशरूम गयी जैसे हमारे रूम के बाहर साइड था वाशरूम तो मैं
- 26:04वाशरूम गयी और वाशरूम की जो बेक साइड की विंडो होती है ना जिधर
- 26:07कार्स होते है वो तो मैं वाशरूम में बैठे हूँ और मेरे को वहाँ से
- 26:11लिटरल्ली ऐसे लग रहा है की कोई कोई लड़की होगी लाइक अराउंड वो 20
- 26:16के अराउंड मतलब ऐसे ही जवान है, कोई लड़की होगी और वो रो रही है,
- 26:21मेरे को एकदम क्लियरली आधे वो चीज़ ऐसे लाइक रोने की आवाज चाहिए
- 26:24और मैं जो डरी हूँ उस टाइम पे मैं सीधा वाशरूम से भाग के मैंने
- 26:29वाशरूम का डोर कैसे तो भी करके लॉक किया।
- 26:31और नीचे किचन का डोर खुला था। स्टेर्स का डोर खुला, मैंने सब
- 26:34छोड़ दिया। मैंने सीधा वाशरूम का डोर लॉक
- 26:36करके मैं रूम में एंटर किया और रूम का डोर लॉक कर दी।
- 26:39भाई उस दिन वो एक ही दिन ऐसा था मेरे लाइफ का जब मैं सबसे ज्यादा
- 26:43डरी तो कुछ नहीं। फिर रूम में गई, बहुत गंदा वाला
- 26:47डरी हुई थी। एक तो क्नॉइस मतलब ऐसे भूरे पसीने
- 26:49पसीने आ रहे थे। रूम में गई बैठी किसी तो भी खुद
- 26:52को कर रही की भाई ठीक है, कुछ नहीं है, कुछ नहीं है करके।
- 26:57फिर मेरी फ्रेन्ड का कॉल आया, जो मेरी फ्रेन्ड थी, ना हम लोगों के
- 26:59रूम में प्रियंका जी जो थी वो हमारे सामने वाले रूम में रहती थी
- 27:02और मैं जीजा, दीदी और हम लोगों के साथ एक मेरी फ्रेन्ड रहती थी
- 27:05करके। तो वो विबांशु घर पे चली गई थी।
- 27:07दिवाली में तो उसका मेरे को कॉल आया था की मोनिका क्या हुआ, लाइक
- 27:11कैसी हैं? ऐसे मतलब नॉर्मल्ली पहले तो उसने
- 27:13बहुत नॉर्मल्ली कॉल किया था क्योंकि मैं घर पे नहीं गई थी और
- 27:16वो मेरे को मिस कर रही थी तो उसने कॉल किया तो मैं रोने लग गई की
- 27:19बहन मैंने उसको सब बताया की ये ये हुआ हैं ऐसे ऐसे।
- 27:22वाशरूम में गयी और मेरे को रोने की आवाज आई और उसके बाद मैं यहाँ
- 27:25के बैठी हूँ। मेरे में भी इतनी हिम्मत है ही
- 27:26नहीं लेकिन मैं दरवाजा सब खुला छोड़ के आ गयी थी।
- 27:29यार तो मेरे में इतनी हिम्मत थी लेकिन मैं नीचे किचन में जाके कुछ
- 27:32बनाऊं खाने का तो मैंने बताया उसको की ये ये हुआ फिर उसने और तब
- 27:37ये था की मैंने लाइक तभी तभी न्यू ही मैंने फ़ोन लिया था।
- 27:41मुझे फ़ोन वोन भी यूज़ करना नहीं आता था तो फिर उसने बोला कि ठीक
- 27:45है, तू रूम में ही रह, मैं खाना मंगवाते तो उसने खाना वाना
- 27:49मंगवाया, तब जाके मैं नीचे जाके खाना लेके आयी, उसके बाल मतलब वो
- 27:541 दिन मेरे लाइफ का इतना बुरा वाला दिन था।
- 27:56एक तो पूरी पी जी में मैं अकेली क्नॉइस।
- 27:58ऊपर से मेरे को बहुत ज्यादा टाइम भी नहीं हुआ था।
- 28:00लाइक एक महिना मेरे को सिर्फ हुआ था ऊपर से मैं जस्ट कुछ टाइम पहले
- 28:04मैंने ये रोने की आवाज़ सुनी है किसी की वो भी सब पूरी पी जी में
- 28:08एक भी इंसान का बच्चा नहीं है तब मैंने वो वैसी वाली आवाज़ सुनी
- 28:11है। किसी के रोने की मतलब मेरी बहुत
- 28:13बुरी वाली फटी पड़ी है और उसके बाद मैं पूरे बीच में मुझे पूरी
- 28:17रात अकेले गुजारनी है। भाई आप लोग सोच नहीं सकते मैं
- 28:20कितना डरी थी फिर रही कैसे तो करके फिर मैं रात भर नहीं सोई,
- 28:25लेकिन मैं रात भर सीरियल देख रही थी।
- 28:27रैंडम कुछ भी सीरियल जो भी दिख जाए मेरे को मैं देख रही हूँ बस
- 28:31फिर वैसे करके कैसे तो भी करके रही।
- 28:33फिर तब सुबह प्रियंका दीदी आये थे।
- 28:35सुबह छः के अराउंड फिर वो आये तो वो पहले मेरे ही रूम में आये और
- 28:39वो देखे तो बोले क्या हुआ, तू जा क्यों रही है?
- 28:42फिर मैं उनको भी लाइक उनको ऐसे डायरेक्ट करके रोने लगी थी कि भाई
- 28:45मेरे साथ ये ये हुआ वैसे करके तो मतलब मेरे को पहले खुद से था कि
- 28:51भाई पैरानार्मल कुछ मेरे को फेस करना है, करना है, करना है।
- 28:54पर जब वो हुआ ना वो लड़के की रोने की आवाज़ उस दिन तो भाई बहुत लाइक
- 28:59नेक्स्ट लेवल डर लगा था बस फिर इतना ही हुआ भाई तुझ का दिन चला
- 29:03गया उसके बाद तो दूसरी लड़कियां आना चालू हो गयी थी।
- 29:07ये रही मेरी दिवाली। तो ये कुछ मोनिका के किस्से थे।
- 29:14एंड तुम्हारे पास कोई हो तो तुम भी भेज सकते हो यार ऐसा मत सोचना
- 29:18यार बहुत सारे रुके थे, हम नहीं बोल सकते हमारी वौइस् खराब है, ये
- 29:21है वो है भाई तुम ना दिमाग ज्यादा चलाते हो और इतना दिमाग नहीं
- 29:25चलाना होता भाई सबकी आवाज अच्छी है, सब अच्छे है, कुछ बुरा वरा
- 29:28नहीं होता तो हाँ तुम भी कुछ भेज सकते हो तो मैं तुम्हारी भी ऐड कर
- 29:32दूंगी। एंड चलो फिर मिलते हैं तुमसे
- 29:36सीज़न 2 के बारे में तुम्हे पता चल गया होगा तो फिर चलो बाई।
- 29:40नो फनी इन्फिनियन्स तक होंगी। एक में कुछ 129 इयर्स पहले की
- 29:46मेरे ख्याल से जब मैं एयठीन के टी हेच कॅप में होंगी तब तो तब मैं
- 29:50मेरे नाना नानी किया जी। तो वहाँ पे ना एक वॉल है तो वहाँ
- 29:57पे का है शॉपिंग वगैरह सब कुछ है तो हम लोग उस टाइम पे, हम सब लोग
- 30:01मम्मी वगैरह सब लोग वहाँ पे और चिल्ड्रेन्स एरिया की तरफ थे
- 30:07क्नॉइस। तो वहाँ पे मेरा तो मुझे आइस
- 30:09क्रीम खाने की इच्छा हुई सामने मेरे थोड़े से दूध पे एक आइस
- 30:14क्रीम का स्टाल था, उससे पहले मैंने कभी अकेले खुद जाके कुछ
- 30:18लिया नहीं था सो दी वेरी फर्स्ट टाइम में उस दिन लेने गई मैंने ये
- 30:21नहीं देखा की कितने की आइस क्रीम और वो जो शॉप थी ना वो कोई
- 30:25अमेरिकन रैंक भी थी। मुझे भी नाम याद नहीं आ रहा है।
- 30:30हाँ तो वो अमेरिकन रैंक की थी, मैंने बिना देखे प्राइस के मैंने
- 30:34वो आइस क्रीम ले ली और फिर जब मैं वापस आई तो मौसी जी ने पूछा बेटा
- 30:38कितने की है इन जनरलली कुछ मैंने बोला मौसी जी 500 की तो मौसी जी
- 30:43बोलते ये एक स्कोप। 500 का है तो नहीं कहा से कौन सी
- 30:47आइस क्रीम है? मैंने वो सामने की वह जाके चेक
- 30:50किया वो सबसे महंगी आइस क्रीम मैंने उठाई थी मतलब मैंने बिना
- 30:56देखे बिना सोचे समझे उपालिया आइस क्रीम और वो इंसिडेंट कितना फनी
- 31:00हो चुका है मेरे घर पे आज भी मुझे की मैं जो भी चीज़ उठाती हूँ
- 31:05क्नॉइस। मतलब लेती हूँ और महंगाई लेती हूँ
- 31:07तो उसके बाद से मैंने कुछ भी छोटी से छोटी चीज़ भी हो।
- 31:12एक चॉकलेट भी लेनी हो तो मैं पहले प्राइस देखती हूँ, उसके बाद ही
- 31:15कोई चीज़ लेती हूँ, चाहे चॉकलेट हो, कपड़ा हो, कपड़े हो, चॉकलेट
- 31:19हो या कुछ भी हो। ये हाँ सुनने में इतना कॉमेडी
- 31:23वैसा ऐसा फील नहीं हो रहा है पर वो उसका बहुत कॉमेडी था और एक
- 31:27सेकंड इंसिडेंट है बोडमास रोल होता है ना तो मेरे कज़िन ब्रदर
- 31:32ने मेरे को पूछा, बोडमास का फुल फॉर्म बता दो तो मैंने बोडमास का
- 31:35फुल फॉर्म बता दे। मेरे दिमाग में पता नहीं क्या चल
- 31:37रहा था तो मैंने मल्टीप्लिकेशन सबट्रैक्शन के बजाय मल्टीप्लिकेशन
- 31:44हाँ सॉरी मल्टीप्लिकेशन नेम सबट्रैक्शन अडिशन के बताना था।
- 31:50मुझे तो मैंने उसके बजाय अडिशन के बजाय सबट्रैक्शन अट्रैक्शन लिख
- 31:53दिया। बोल दिया मेरे भाई को।
- 31:56तो वो तो इतना उस दिन उसने मेरी मजाक उड़ाई है।
- 31:58दीदी कहा ध्यान है आपका यही सब करते रहते हो, उसके बाद से अभी भी
- 32:03वो वही बातों पे चिढ़ाता रहता है। सबट्रैक्शन अट्रैक्शन