Latest / Khushei Ki Duniya / Jab Siya Met Kabir
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- 0:00सो व्हाय गाइज़ यूर हूज़ कम दोस्त खुशी इज़ बेक अगेन विथ अनादर लव
- 0:04स्टोरी फ़ॉर ऑल ऑफ यू गाइज़ आई होप यू ऑल गाइज़ मिस मी आई नो आई
- 0:09नो ओके मैं ठीक हूँ डोंट वरी, बट एक बात कहनी पड़ेगी।
- 0:18मैंने सबको बोला था की मैसेज मत करना और सब विनय मैसेज किया था
- 0:24इसनत इट फनी बट चलो अच्छा हम लोग बहुत सारी बात करनी है लेकिन वो
- 0:28हम एंड में करेंगे तो अभी अपने कानों में युअर प्लग्स लगा लो
- 0:33दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ एंड लेट मी स्टार्ट युअर स्टोरी।
- 0:38ये कहानी है कबीर थापर और सिया भारद्वाज की तो कबीर थापर अपने
- 0:48कॉलेज का हैंडसम हंक, लेकिन वो और सिया अलग अलग डिपार्टमेंट्स में
- 0:54थे। इसकी वजह से उनके बिल्डिंग्स भी
- 0:56बहुत अलग थे। काफी बड़ी यूनिवर्सिटी थी, जिसमें
- 1:00सबके अपने अपने डिविशंस थे तो सिया ने कबीर के बारे में सुना
- 1:04बहुत था, लेकिन कभी उससे मिली नहीं थी और शायद उससे मिलने का
- 1:09कोई मन भी नहीं था क्योंकि उसे। एलर्जी थी।
- 1:13उन सब लड़कों से जो बहुत थे वो सोचती थी ना पढ़ाई का कोई मतलब ना
- 1:19लिखाई का कोई मतलब बस गाना बजाना इस सबसे फेमस हो जाना इस सो
- 1:23स्टुपिड। अब वो उसकी थिंकिंग थी।
- 1:25आखिर खुद एक स्कॉलर थी, वहीं दूसरी ओर कबीर था पर जानता भी
- 1:30नहीं था कि सिया कोई? इंसान भी एग्ज़िस्ट करती है।
- 1:35कॉलेज के स्टार्टिंग के 2 साल ऐसे ही गुजरे कभी जभी कबीर का नाम
- 1:40सिया सुन लिया कहते अपने दोस्तों से कभी कुछ लड़कियां कहती यार
- 1:44कबीर को कभी गाना गाते हुए सुना है तुने यहाँ गाता है यार?
- 1:48और सिया को न जाने क्यों उसका नाम सुनकर चिढ़ सी मत जाती ये आखिर
- 1:53ऐसा भी क्या है होगा? उसने आज तक कभी कबीर को देखा भी
- 1:57नहीं था। क्यों?
- 1:59क्योंकि कहीं ना कहीं ऐसा होता है ना हम किसी इंसान से चिढ़ने लग
- 2:02जाते है। इवन विथाउट नोइंग देम सम्टाइम्ज़
- 2:05इट हप्पेन्स जैसे। तुम्हारे बेस्ट फ्रेन्ड ने तुम्हे
- 2:08बताया कि उसके घर की निर्मला चाची बहुत ही बुरी है।
- 2:12अब तुम शायद उन्हें कभी मिले भी नहीं हो, लेकिन तुम्हे लगेगा हाँ
- 2:16यार निर्मला चाची अच्छी तो नहीं है इट हप्पेन्स तो सिया को बस एक
- 2:21अजीब सी चिड़ थी कबीर से। हालांकि कबीर इतना बुरा ना
- 2:25अक्चवली बुरा ही नहीं था, बस उसे कुछ फर्क नहीं था, ना सिया से ना
- 2:31किसी से बिकॉज़ वो जानता नहीं था। उसे अब कॉलेज का आखिरी दिन आ गया
- 2:36था। इसी सब उधेड़बुन में है कि चलो
- 2:38ठीक है थोड़ा बहुत कबीर ने पढ़ाया थोड़ा बहुत सिया ने अपनी पढ़ाई
- 2:42कंप्लीट की। और ये फाइनल नाइट थी उस कॉलेज की
- 2:45जहाँ सब सेलिब्रेट कर रहे थे और अब सिया के एक दोस्त ने उसे बताया
- 2:51कि यार मैं ना कबीर के दोस्त के फ्रेन्ड हूँ, लाइक कॉमन फ्रेन्ड
- 2:55हैं। हम और कबीर ना यार एग्ज़ैक्ट तेरे
- 2:58जैसा बंदा है, लाइक तू मानेगी नहीं?
- 3:00तुझे आई नो उससे बहुत ज्यादा चिढ़ है लेकिन ट्रस्ट मी ही एंड यू अरे
- 3:04कंप्लीट्ली लाइक मेल एंड फीमेल वर्शन ऑफ़ ईच ऑदर लाइक तुम एक
- 3:09दूसरे जैसे हो बस मेल ऑर फीमेल लाइक यू गाइस अरे एग्ज़ैक्ट सेम
- 3:14इवन सम्टाइम्ज़ तो वो तेरे डायलॉग्स भी दे देता है एंड सिया
- 3:19वास् लाइक। वो कबीर थापर और मैं सिया
- 3:22भारद्वाज क्या बात कर रही है यार तू कहा मैं कहा वो कबीर उसने ये
- 3:28बात कही और फिर उसके दोस्त ने कहा अच्छा चल मेरी बात नहीं माननी है
- 3:32मत मान एक बार ना उससे मिलके देख ले ट्रस्ट मी तेरा जितना।
- 3:36अजीबो गरीब सा उसके बारे में जो तेरा यू नो सोचना है ना वो सब बदल
- 3:40जायेगा ट्रस्ट मी ही इस नॉट बैड एंड अक्चवली हिज़ वे टू गुड।
- 3:45रिया को तो वैसे भी पता नहीं की वो कबीर से चीड़ थी।
- 3:47उसने उसे साफ मना किया की आज के बाद उसका नाम मेरे सामने मत लेना
- 3:52लेकिन होता है ना एक की हमें देखना भी होता है।
- 3:56जानना भी होता है की आखिर ऐसा क्या था उसमें जो हर कोई उसकी बात
- 4:00करता था लाइक सिया के लिए वो बंदा एक क्वेश्चन मार्क था वो उसका
- 4:06कैरेक्टर, उसका गाना भी नहीं सुना था उसने कभी अब।
- 4:10सब लोग परफॉर्म कर रहे थे। स्टेज पे कुछ फंक्शन चल रहा था।
- 4:13कुछ लोग अपनी पार्टी कर रहे थे। कॉलेज की लास्ट नाइट किया, फिर
- 4:17मजेदार धमाकेदार होनी थी। अब किसी ने बोला कि थोड़ी देर बाद
- 4:21कबीर के परफॉर्मेंस है एंड सियाक उस फ्रेन्ड ने कहा, यार तू ये सुन
- 4:26के जा ट्रस्ट मी यू विल लव हिं लाइक ही इस।
- 4:30तो वे सिंगर आउट देर बहुत अच्छा गाता है।
- 4:33ट्रस्ट मी तो जो उससे चिढ़ना है। चिढ़ पर उसका गाना सुने एक बार
- 4:36इट्स बेस्ट एंड सिया कही ना कही पता नहीं क्यों उसने सोचा यार ऐसा
- 4:42क्या है? इस बार तो मैं सुन ही लेती हूँ,
- 4:44उसे तो शी थॉट की चलो, आज मैं सुनूंगी ही कबीर था।
- 4:47पर क्या गाना गायेगा एंड ठीक है? थोड़ी देर बाद कबीर जब अपना गाना
- 4:53गाने के लिए आने वाला था तभी सिया पर अपने घर से बार बार कॉल आ रहे
- 4:57थे। पहले उसे लगा कि थोड़ी लेट हो गई
- 4:59है इसलिए उसने सोचा कबीर का ये परफॉरमेंस देखेगी और चली जाएगी।
- 5:03लेकिन उसने देखा कि तीसरी बार कंटिन्यूस्ली उसकी माँ का कॉल
- 5:07आया। जो की उसके लिए नॉर्मल नहीं था,
- 5:09लाइक उसकी माँ जानती थी, थोड़े बहुत लेट हो जाएगी तो कोई दिक्कत
- 5:12नहीं है। उसने वो कॉल पिक किया और तभी पीछे
- 5:16से अनाउंसमेंट हुई नाउ कबीर थापर इस गोइंग टु परफॉर्म फॉर यू गाइस
- 5:21एंड कबीर अपने यू नो दट सिंगर काइंड ऑफ़ एरा में था।
- 5:26एक ऊटी पहन के आना ही वास् लुकिंग ऑल चाउ में।
- 5:29लेकिन उसने उसके बैग थी स्टेज की तरफ और उसका फेस था दूसरी साइड।
- 5:35सिया उसे देखना भी चाहती थी कि आखिर ये दिखता कैसा है?
- 5:38लेकिन उसके घर से उसने वो कॉल पिक की और उसे पता चला कुछ बहुत बड़ी
- 5:43इमरजेंसी थी तो वो सिर्फ कबीर की उस।
- 5:46गुड्डी को देख पाई और वहाँ से चली गई।
- 5:49उसके दोस्त ने पूछा भी की आखिर हुआ क्या है?
- 5:51उसने कहा यार पता नहीं घर पे कुछ इमरजेंसी है, माँ ने तुरंत घर
- 5:54बुलाया है और जाते जाते कबीर की आवाज़ थोड़ी सी उसके कानों में
- 5:59पड़ी उसका गिटार बजाना थोड़ी बहुत उसका गाना वास् अमेजिंग एक थोड़ी
- 6:05देर के लिए ही सही शायद सिया भी कहीं ना कहीं कबीर की फन बन गई
- 6:11लेकिन उसे आज जाना था। कुछ दिन बाद कॉलेज वोलेज सब खत्म
- 6:15हो चुका था तो सिया की उसी दोस्त ने जो उसे कन्विंस कर रही थी इतने
- 6:20टाइम से की कबीर इस नॉट ए बैड पर्सन उसने बताया उसे की यार
- 6:24हमारे ना एक क्लासमेट की शादी है। वहाँ सब आने वाले है।
- 6:28उस दिन तू कबीर से मिलना चाहती थी एंड ट्रस्ट मी आई वांट ए लव हिं
- 6:31तो मैंने उसका एक दोस्त बुलाया अक्चवली तो वो मेरा कामन फ्रेन्ड
- 6:36है, यू नो वो मेरा बहुत अच्छा फ्रेन्ड है।
- 6:37कबीर से मैं मिल चुकी हूँ, कही बार तो यू लव हिं एंड सिया ने कहा
- 6:42देखते हैं शादी को आई डोन्ट नो आई ऍम नॉट शुर की मैं उस शादी में
- 6:45जाऊंगी या नहीं एंड तभी वो दोस्त आया कबीर का जो दोस्त था एंड वो
- 6:49सिया से मिला एंड देन थ्रूआउट दट कॉन्वर्सेशन ही रियलाइज्ड दट।
- 6:54अक्चवल में सिया एकदम कबीर जैसी थीं।
- 6:58वेल पढ़ाई को छोड़कर बिकॉज़ कबीर वास् नेवर इंट्रेस्टेड इन दट बट
- 7:02या तो ही वास् ऑल मैं इसके भाई तुम ना अक्चवली उसके जैसे ही बाते
- 7:08करती हूँ तुम्हारा लहेजा सबकुछ उसके जैसा है।
- 7:10नाउ सी आई थॉट यार इतना भी क्या से मिल रहा है हमारे बीच की जो
- 7:14मिलता है वही से बात कह रहा है। तो उसने सोचा की ठीक है और शादी
- 7:19में अब तो जाउंगी भी और मिलूँगी भी की आखिर ये बंदा है कौन?
- 7:23अब जो वो लड़का उस दिन सिया से मिलके गया था, वो कबीर के पास
- 7:27पहुंचा एंड उसने कबीर को जो है सिया के बारे में सब बताया की यार
- 7:32शी इस एग्ज़ैक्ट्ली राइट क्यों तेरी शायद कभी उसपे निगाह नहीं गई
- 7:36होगी बट? बहुत सही लड़की है भाई वो एक मैं
- 7:40उससे मिला हूँ पता नहीं वैसे तू चिड़ती बहुत थी, अब उसके दोस्त ने
- 7:44कहा कि तू उसके जैसा है और मैं उससे मिला हूँ।
- 7:47ट्रस्ट मी तुम दोनों एकदम एक दूसरे जैसे हो यार एक कार्बन कॉपी
- 7:52आई डोन्ट नो हौ सो अब? कही ना कही।
- 7:56कबीर ने भी सोचा ऐसा क्या है भाई की इस बंदे को उस बंदी में मेरी
- 8:00जैसी झलक दिखी। मतलब अरे यू सीरियस हम कही ना कही
- 8:04वो एक्साइटमेंट उसमें भी थी की मैं भी तो मिलूं आखिर ये सिया है
- 8:07कौन? अब शादी वाला दिन आया और सिया उस
- 8:11दिन बहुत सुन्दर लग रही थी। उसने बहुत सुन्दर ब्लैक कलर का
- 8:14लहंगा पहना था और जो वो क्लासमेट था उसका काफी अच्छा डोस भी था और
- 8:19वहीं कबीर कबीर भी आया था। उस दिन उसकी फ्लाइट थी, उसे शिमला
- 8:24जाना था। अपने होमटाउन तो उसने अपने दोस्त
- 8:26से कहा की यार वो सिया वगैरह जो भी है।
- 8:29मुझे उससे मिलने का बड़ा एक्साइटमेंट है तो तू मुझे उससे
- 8:32मिलवा। उसके बाद अभी मेरी फ्लाइट में
- 8:33थोड़ा सा वक्त है तो मतलब यू नो, वो थोड़ी सी मिल लेता हूँ उससे
- 8:39फिर जाता हूँ, लेकिन उसने कहा ठीक है, मैं ढूंढ़ता हूँ।
- 8:42अब वो सिया को ढूंढ रहा था कि तभी उसने देखा कि कबीर के फ़ोन पे भी
- 8:47फ़ोन आया। एंड उसके किसी यू, नो रिलेटिव
- 8:51वगैरह ने उसे बताया कि उसने जो फ्लाइट की टिकेट भेजी थी वो गलत
- 8:55थी तो जो उसके लिए फ्लाइट बुक की गई थी वो अभी आधे घंटे बाद निकलने
- 9:01वाली थी। एंड कबी वास् इन रश की यार मैंने
- 9:04तो अभी सामान भी नहीं ले के आया हूँ और वो वेड्डिंग हॉल से निकल
- 9:08गया ऑब्वियस्ली जब तक उसका दोस्त सिया को उसके पास लेके आने वाला
- 9:13था तब तक कबीर वहाँ से जा चुका था।
- 9:15उसने फ़ोन किया और कबीर ने सारी सिचुएशन बताई की मेरी फ्लाइट अभी
- 9:18जस्ट थोड़ी देर में निकलने वाली है।
- 9:20सो आई ऍम सॉरी निकलने वाली है, फिर हाँ तुम लोगों ने कहा फ्लाइट
- 9:24निकलने वाली है यार। समझो, समझ समझ रहे हो जब अपन
- 9:27गाड़ी मतलब अपन तो ऐसे वाले लोग नहीं है ना की यार फ्लाइट फ्लूइड
- 9:31में जाओ तो अपने को ये निकलने वाली है।
- 9:34उसकी फ्लाइट का टाइम हो गया था एंड कभी सैड की यार सॉरी कभी और
- 9:38किसी दिन मिलता हूँ पर कहीं ना कहीं अपूर्ण दोनों के दिल में ना
- 9:42एक क्वेश्चन मांगा ये कि आखिर वो कभी भी मिल क्यों नहीं पाते हैं?
- 9:48पहली बार जब सिया ने उसको देखना चाहा तो उसके घर से कॉल आ गया।
- 9:52उस दिन कैफ़े में भी शायद कभी रहने वाला था पर नहीं आ पाया और
- 9:57आज तीसरी बार था की वो शादी में मिलने वाले थे एंड जस्ट कबीर हैड
- 10:02टु गो लाइक इसनत इट स्ट्रेंज अब क्या होता है न यार?
- 10:07हमारी ज़िन्दगी में न हर चीज़ का एक वक्त होता है, आई डोन्ट नो तुम
- 10:11में से कितने लोग मानते हैं? मैं मानती हूँ की हर चीज़ का एक
- 10:14वक्त होता है एक एग्ज़ैक्ट टाइम और जब तक वो वक्त नहीं आता न
- 10:18गनीमत है की तुम मिल लो। किसी इंसान से हर चीज़ का एक सही
- 10:22वक्त होता है। शायद उनके मिलने का अब तक वो सही
- 10:25वक़्त नहीं आया था और इसीलिए इस कायनात ने पूरी कोशिश कर ली थी की
- 10:29वो मिलने तो ना देंगे। उन्हें सही वक़्त आने पर शायद वो
- 10:33मिल जाए। पर क्या वो सही वक़्त आएगा?
- 10:36क्या उनका मिलना सच में लिखा है या उन दोनों के लिए ही कोई और
- 10:40पार्टनर लिखा है? अब एक 2 साल गुजरे और सिया आपने
- 10:46राइटिंग के, जो उसे रैटर बनना था तो उसका में लगी पड़ी थी।
- 10:50उसने एक राइटिंग ऍप था, जहाँ पे आप अनोनयमौसली कुछ भी पोस्ट कर
- 10:54सकते थे, जो आपका अच्छा पर्सनल राइट अप था और वहाँ आप लोगों से
- 10:58बात कर सकते थे। अपने जैसे फेलो रैटर से मिल सकते
- 11:01थे। मतलब मिल सकते थे।
- 11:02इन दी सेंस, मैसेज वगैरह पे बात कर सकते थे, अब मिलना है तो मिलो
- 11:06तुम्हारी इच्छा तो उसने उस ऐप पे साइन अप कर रखा था और उधर उसका
- 11:11कुछ नाम था उंसपोकेन पोएट्री समथिंग लाइक दट वहाँ पे उसे एक
- 11:15लड़का मिला एंड ही वास् लाइक हर उसके हैंडल का नाम अब वो दोनों
- 11:23काफी अच्छे दोस्त बन गए थे। लाइक एक फेवरिट कोट था सिया का जो
- 11:29वो हमेशा कहती रहती थी उसे कि जब प्यार दस्तक दे तो उस दरवाजे को
- 11:35हमेशा खोल दो क्योंकि। तुम्हें नहीं पता तुम्हारी
- 11:38ज़िन्दगी में प्यार कब आएगा, कब नहीं आएगा?
- 11:41और अगर आया है तो दरवाजा जरूर खोलना।
- 11:45अब वो हमेशा उसे कहती रहती की यार ऐसा है वैसा है।
- 11:49थोड़ी बहुत ही बातें भी करते। सब कुछ सही चल रहा था।
- 11:521 दिन जब वो सोके उठी तो सिया ने देखा की।
- 11:57उसकी जो बुक थी जो रिसेंटली उसने लॉन्च की थी वो मतलब उसकी कॉपीज
- 12:02भीगे जा रही थी। इट वास् लाइक मैजिक जो उसका
- 12:05पब्लिशर थे उसके कॉल पे कॉल आ रहे थे।
- 12:07उसने जब फ़ोन उठाया शी सॉ की यार ये तो क्या ही हो गया।
- 12:111 दिन में इतना रेवोल्यूशन उसने सोचा भी नहीं था।
- 12:15एंड देन उसने वो फिर उसने सबसे बात करी और फिर पता चला की वो बुक
- 12:20काफी काफी ज्यादा अच्छी सेल्स कर रही थी।
- 12:22एक महीना हो गया इस सब चीज़ को अब राइटर्स कम्यूनिटी में आई गेस
- 12:26सिया एक अच्छा खासा नाम हो गई थी। उसकी दो बुक लगातार बहुत अच्छी
- 12:30चली थी। दे अरे बेस्ट सेल्लर्स?
- 12:32तो वो काफी खुश थी। सब चीज़ से उसकी ज़िन्दगी एक दम
- 12:35सही चल रही थी। सब कुछ सही था, एक दम परफेक्ट
- 12:38अकॉर्डिंग टु हर जैसे उसकी ज़िन्दगी की एक परफेक्ट स्टोरी
- 12:41थी। उसने यही सोचा था।
- 12:44कॉलेज, कॉलेज के बाद एक अच्छा प्रोफेशनल ढूंढो, उसके बाद अच्छा
- 12:47सा रैटर बनो और शायद कुछ बुक्स बेस्ट टेलर बन जाए, जो की एक दम
- 12:50सही जा रहा था। पर उसकी जिंदगी में अभी भी एक
- 12:54चीज़ की कमी थी। अब वो क्या था?
- 12:57उसकी स्टोरी परफेक्ट होने के लिए वो शायद जरूरी तो था क्या था वो
- 13:01तुम जानते हो प्यार क्योंकि हम सब को कभी ना कभी प्यार की जरूरत
- 13:07पड़ती है। यू नो वो।
- 13:11दिन जब तुम सोचते हो की यार काश कोई होता तुम अकेले में रोते हो
- 13:16तुम सोचते हो काश कोई होता जब तुम किसी शॉप में जाते हो, तुम्हे कोई
- 13:22चीज़ बहुत पसंद आती है और फिर सोचते हो काश कोई होता जो हमें
- 13:26ऐसे करता तुम कभी। किसी को लड़ते झगड़ते देखते हो
- 13:30प्यार से और तुम सोचते हो काश तुम्हारे लिए भी ऐसा कोई होता पर
- 13:35क्या तुम्हें मिला है वो इंसान अब तक वो तुम्हें पता होगा पर हर
- 13:42इंसान के लिए एक इंसान होता है बस हमें वो इंसान कब मिलेगा?
- 13:46वो थोड़ी टाइपिंग मैच की बात है। हर चीज़ का एक समय होता है।
- 13:51जब तक वो नहीं होगा तब तक शायद उस इंसान से अगर तुम मिलना चाहो भी
- 13:56तो नहीं मिल पाओगे, रास्ते अपने आप मुड़ जायेंगे तो बस उस सही
- 14:01इंसान का सही वक़्त का इंतज़ार करो।
- 14:05यू अरे गोइंग टु मीट। सिया अपनी ज़िन्दगी में हर चीज़
- 14:09चाहती थी जो वो उसने अब तक अचीव कर ली थी, खुश थी वो कुछ दिन बाद
- 14:14एक कैफ़े था जहाँ उसे बुक्स साइनिंग इवेंट के लिए जाना था।
- 14:18जब कोई रैटर बहुत ज्यादा फेमस हो जाता है तो वो अपने बुक्स के
- 14:20साइनिंग के लिए जाते हैं। उनके फँस आते हैं तो एक छोटा सा
- 14:23कैफ़े था। और उसको वहाँ जाना था।
- 14:26उसने फ्लाइट बुक की और वो चली गई वहाँ पे काफी सुन्दर नजारा था उस
- 14:31एरिया का जहा वो गई थी काफी अच्छा छोटा सा प्यारा सा यू नो एक कैफ़े
- 14:35था जहाँ पे तुम पढ़ भी सकते थे कुछ बुक्स थी नो इट वास् लाइक ए
- 14:40कोजी प्लेस जैसा हम सब सोचते है कभी ना कभी की यार सब मुँह माया
- 14:44है। एक छोटा सा कैफ़े हो, जहाँ पे एक
- 14:47बुकस्टोर भी हो और वहाँ आराम से अपनी ज़िन्दगी बिताओ।
- 14:50कुछ कुछ ऐसा ही तो उसे काफी अच्छी लग रही थी।
- 14:53वो जगह उसका वो पूरा इवेंट हो गया एंड तब उसकी निगाह गई।
- 14:58उस नाम पे उस कैफ़े का नाम था। अब उसे कुछ तो लगा की यार ही
- 15:05एन्टेल्स फिर उसने देखा कि एक दीवार पर एक कोड लिखा था और कोड
- 15:10क्या था कि जब यार दस्तक दे दिल के दरवाजे खोल देने चाहिए ये पड़
- 15:18कर तो सिया वाज़ ऑल कॅन्फ्यूज्ड की व्हाइट।
- 15:22बहुत जल्दी से उस एक वर्कर के पास गई एंड शी सैड की ये कोर्ट किसने
- 15:27लिखा है? तो उसने कहा कि अरे जो हमारे ओनर
- 15:30है ना ओनर में कुछ वक्त पहले ही ये कोर्ट लिखवाया है।
- 15:33पता नहीं कौन सा भूत चढ़ा उन्हें तो उनका करा धरा है एस यू वांटेड
- 15:38टु मीट हिं की आखिर ये है कौन। तो उसने कहा अभी वो थोड़ी बहुत
- 15:43देर में आने वाली है, सो आप उनसे मिल लीजिएगा।
- 15:45अगर आपको मिलना है तो उसने कहा ठीक है।
- 15:48फिर उसने पूछा वैसे वो है कहा के उसने कहा यही के है शिमला के अभी
- 15:53आज उन्हें कुछ बहुत इम्पोर्टेन्ट काम था अदर्वाइज़ वो यहाँ रहने
- 15:56वाले थे। नाउ ऐसा लगा जैसे की बुक का वैरल
- 16:03होना, बेसेलर में आना, फिर उसका शिमला तक आना, उसका वो दोस्त, टी
- 16:10एन टेल्स, कैफे टी एन टेल्स और अब यहाँ उसका वो कोट ये सब कुछ लिखा
- 16:16हुआ था क्या ये सब कुछ? यूनिवर्स की एक साजिश थी उसे उस
- 16:23इंसान से मिलाने की या फिर मैं कहूं कबीर से मिलाने की क्योंकि
- 16:30सिया ने जब उस इंसान को देखा तो शी वास् शक कबीर कबीर ठापर।
- 16:40एंड कबीर वॉज़ लाइक यू नो मी एंड शी सैड वैट ए मिनट ओह माइ गॉड,
- 16:47दिस इज़ ऑल व्हॉट लाइक आई एम गोइंग टू गेट क्रेज़ी।
- 16:51तो उसने कहा यू आर। उसने कहा सिया सिया भारद्वाज आई
- 16:58मीन। आई ऍम स्पोकन पोएट्री एंड नाउ,
- 17:00कबीर वास् लाइक व्हाट कबीर भी शॉक हो गया की तुम वो सिया भरद्वाज हो
- 17:05कॉलेज वाली सिया ने कहा हाँ हाँ मैं यार तुमसे तीन बार मिलते
- 17:10मिलते रह गया एंड व्हाट यू अरे उनस्पोकन पोएट्री?
- 17:14तो उसने कहा हाँ हाँ यू अरे टी एन्टेल्स।
- 17:19तुमने कभी बताया नहीं? अपने बैकग्राउंड के बारे में तो
- 17:23कबीर ने कहा वेल तुमने भी तो नहीं बताया था की यू अरे सी लाइक यू
- 17:27नेवर सैड युअर रियल नेम, वो दोनों बहुत कॅन्फ्यूज्ड थे की यार तुम
- 17:32और मुझे पहचानी ही कैसे की मैं कबीर थापर हूँ कॉलेज वाला एक हम
- 17:36तो कभी नहीं मिले। एंड देन शी सैड जब उस दिन तुम
- 17:39शादी में से चले गए थे, बिना बताए तो तुम्हारे दोस्त ने बोला कि तुम
- 17:44मुझसे मिलना चाहते थे, बट हम यू नो वो होता है ना?
- 17:48शायद डेस्टिनी ही जाती थी, तब हम मिले तो तुम वहाँ से चले गए थे।
- 17:53कुछ देर बाद मेरी दोस्त ने तुम्हारा हैंडल दिखाया एंड शी सैड
- 17:56कि तू यहाँ बात कर लेना, मुझे बात करनी है उससे एंड देर आई सॉ यू
- 18:00एंड आई सैड कि मैं क्यों बात करूँ?
- 18:03बात करनी थी तो आमने सामने करते अब वो चला गया तो जाने दो मुझे
- 18:06क्या करना एंड दट्स हौ अक्चवली आई सॉ यू।
- 18:10एंड आई न्यू यू वर कबीर थापर बट आई दिद्न्त थॉट की मैं कभी तुमसे
- 18:13ज़िन्दगी में मिलूँगी भी लाइक तुम शिमला आ गए थे और मैं दिल्ली में
- 18:17थी लाइक या व्हाट अरे दी वर्ड्स एंड नाउ कबीर वास् लाइक यू अरे
- 18:22सिया भारद्वाज एकेए आई ऍम स्पोकन पोत्री वॉव यार।
- 18:29एंड देन उन दोनों ने गुस्से से बाते की।
- 18:32एन सीआर ने कहा, पता है मैं इस चीज़ पे मानती थी की जब यू नो एक
- 18:38वक्त होता है हर चीज़ का जैसे मेरे और तुम्हारे मिलने का भी
- 18:43हमने कितनी कोशिश की थी, तब तुम्हे पता भी नहीं है।
- 18:46अक्चवली। मैं तुम जब उस दिन गाना परफॉर्म
- 18:49करने वाले थे, मैं सुनने के लिए बेताब थी बिकॉज़ मैंने तुम्हारे
- 18:52बारे में इतना सुना था की स्टार्टिंग के 3 साल आई वास् सो
- 18:56फ्रस्ट्रेटेड विथ यू की यार क्या कबीर थापर कबीर थापर और इसीलिए
- 19:00तुम्हे देखना भी नहीं था। अगर तुम मुझे दिख भी जाता तो मैं
- 19:03अपना रास्ता मोड़ लेती। ये बंदा दिखे भी ना।
- 19:06और उस दिन सोचा की तुम्हारा गाना सुन लेती हूँ एक बार बट देन देखो
- 19:11ना उस दिन गाना सुन पाई ना कैफ़े में हम मिल पाए और ना शादी में
- 19:15एंड सी मेरी बुक वैरल होने के बाद मैं तुमसे यहाँ मिल रही हूँ एक
- 19:19छोटे से बुक साइनिंग इवेंट के लिए आई थी मैं यहाँ पे एक वर्ड।
- 19:24व्हाट इस थिस डेस्टिनी प्यार मोहब्बत इश्क क्या आई डोन्ट नो
- 19:28एंड डू वी ऑनेस्ट, मैं पता है अभी तो मैं बोलने वाली थी की आई लाइक
- 19:33यू बट देन आई लाइक हिं लाइक 10 डेज़ बट यू अरे 10 डेज़ आई ऍम नॉट
- 19:38कॅन्फ्यूज्ड, देर ही सैड वेइट् वेइट्।
- 19:42थोड़ा सा मिलते हैं, जानते हैं डोन्ट वोर्री बहुत वक्त है
- 19:46ज़िन्दगी में कौन सा तुम कहीं भागे जा रहे हो या मैं कहीं भागा
- 19:49जा रहा हूँ, है ना? अब जब ज़िन्दगी ने इतनी यू नो
- 19:55रोमांटिकली मिलाया है तो किसी भी दिन से मिलाया होगा।
- 20:00सिया भरद्वाज हाय। आई ऍम कभी थापर एंड ऐसे हुई उनकी
- 20:07कहानी की शुरुआत। अब वो प्यार में पड़े नहीं पड़े
- 20:11वो तुम सोचो तुम्हे जो अच्छी सी एंडिंग उनकी कहानी को देनी है।
- 20:15तुम दे सकते हो युअर चॉइस ये तुम्हारे लिए खुला खुला ऑफर है
- 20:20दोस्तों। ओके नाउ, कमिंग बेक टु मी तो अरे
- 20:26यार मेरी जिंदगी ना इट्स लाइक ए स्टोरी, आई डोन्ट नो मुझे खुद
- 20:32नहीं पता होता कब क्या होता है बट यू नो बेक टाइम ना अच्छे के लिए
- 20:37आते अगर उस दिन मेरा वो। नहीं होता वो बेकार सा मूड ऑफ
- 20:42नहीं हुआ था ना तो बहुत सारी चीज़ों पे सना ऐसे आँखें नहीं
- 20:45खुलती मतलब यू नो उसी दिन से रिलेटेड तो मैं एक बात बताती हूँ,
- 20:51बहुत दुखी थी उन लोगों के लिए। मैंने वो छोटा सा एपिसोड सेगमेंट
- 20:54रिकॉर्ड किया, उसके बाद डाल दिया। उसके बाद ठीक है, मैं रो रही थी
- 20:57अपने रूम में बैठ के ना बहुत तेज़ लाइक।
- 21:00या तो तभी मेरी एक दोस्त का मैसेज आता है मेरे पास एंड मैं चाह रही
- 21:06थी की भाई मेरे पास कोई हो तो मैंने सोचा की उसको मैसेज कर दो
- 21:09अब तुम लोग ये मत बोलना है, देखो की हमें बता देती थी आई डोन्ट नो
- 21:12गाइस अरे देर बट ऐसा होता है ना की किसी को तुम जान दो तभी उसका
- 21:15एग्ज़ैक्ट मैसेज आ गया था तो आई थॉट की चलो इसे मैं बता देती हूँ।
- 21:18तो मैं जैसे ही उसे उसने मुझे बोला कि यार बड़ी बेकार किस्मत
- 21:21है, मैंने उसे बोला यार सेम मेरे लिए बहुत बेकार है बट देन मैंने
- 21:26उससे पूछा कि क्या हो गया और ट्रस्ट मी वाइल राइटिंग थिस ऑल्सो
- 21:30ना? मैं रो रही थी।
- 21:31ये टाइप करते करते भी चलो कोई बात होगी।
- 21:34और मैंने उसकी पूरी बात सुनी। देन मैंने उसे प्रॉब्लम का सलूशन
- 21:37दिया की ठीक है ऐसा कर वैसा कर मैं पूरे प्रोसेसर में रो रही हूँ
- 21:41एंड देन आई थॉट की। अब ये मुझे पूछेगी की भाई तुझे
- 21:44क्या हुआ तो मैं उसे बताऊँ की भाई आखिर क्या हुआ?
- 21:46बट टु मैं अटर सरप्राइज़ उसे कोई फरक नहीं पड़ा।
- 21:51वो अपनी प्रॉब्लम बताई एंड देन वो चली गयी।
- 21:54और मैं रह गयी वहाँ पे रोती हुई एंड तब मुझे समझ आया की यार आई ऍम
- 21:59दट काइंड ऑफ़ पर्सन, जो शायद हमेशा से एक गिवर रही हूँ, मुझे
- 22:04बहुत फर्क पड़ता है, कोई मेरे आस पास दुखी होता है तो मुझे बहुत
- 22:06ज्यादा फर्क पड़ता है। कोई रो रहा होता है तो उसे चुप कर
- 22:09रहा हूँ। मैं हूँ ऐसे इंसान ठीक है।
- 22:13उस दिन एक चीज़ से आँख खुली की यार सब वैसे नहीं है।
- 22:17उसे फरक नहीं था और ये चीज़ें मुझे बहुत गंदी वाली चुगली उस दिन
- 22:20तो की यार मैं एक्स्ट्रा आधे घंटे रो रही हूँ ये चीज़ सोच के की भाई
- 22:25हौ कैन ए पर्सन बी लाइक थिस लाइक अगर मैं तुम्हारे लिए इतना कुछ कर
- 22:29सकती हूँ, मैं काउंट नहीं कर रही हूँ, बट मैंने किया है एंड आई नो
- 22:32दट। ऐट लिस्ट तुम बस इतना तो पूछ सकते
- 22:35हो ना कि हाँ ठीक है चलो मेरी प्रॉब्लम हो गई तू बता क्या हो
- 22:37गया बट नो और वो दिन तो चूल्हे भाड़ में गया।
- 22:41उस दिन के बाद भी शी नेवर आस्क्ड मी बेक की भाई कुछ बात की गया तो
- 22:44उस दिन दुखी थी, बता क्या हुआ नहीं एंड थिस इस नॉट दी फर्स्ट
- 22:48टाइम। मुझे एक चीज़ समझ में आई तुम लोगो
- 22:52को जितनी मेरी कह रहा है ना, मेरे आस पास वालो को उतनी मेरी नहीं
- 22:55है। मेरे पास मोनिका के रीपीटेडली
- 22:57मैसेज आ रहे थे की क्या हो गया दीदी एंड इट्स ओके इट हैपनिंग एंड
- 23:01एनीथिंग मुक्ति के मैसेज बहुत सारे मैसेज आई टु बी ऑनेस्ट, उन
- 23:06सब के। और एक वो लोग हैं जो मेरे आस पास
- 23:09हैं जिनकी मैं प्रोपरली केयर भी करती हूँ जिनके साथ में रहती हूँ
- 23:13एंड दे दिद्न्त गीव ए डैम आई ऍम नॉट टॉकिंग अबाउट मैं फैम्ली, बट
- 23:16आई ऍम टॉकिंग अबाउट दोज़, पीपल हूम आई कंसिडर्ड एज़ मैं फ्रेन्डस
- 23:18एंड दे अरे नॉट लेट मी दे अरे नॉट इट मैं।
- 23:22खैर, इस बंदियों को कोई फरक नहीं पड़ा।
- 23:25अगर पूछ तो लेती क्या बात है? एंड देन देर इस अनँद्अर फ्रेन्ड
- 23:29जिसे मैंने सब कुछ बताया है एंड नॉर्मल रिएक्शन अच्छा ठीक है, कोई
- 23:32बात नहीं होता है यार तो आँखें खुली हुई एंड आई रियलाइज्ड ना
- 23:38ज़िन्दगी में ना हर किसी से ओपेन नहीं होना होता हमें क्योंकि लोग
- 23:44ना तुम्हारा मजाक उड़ाने के लिए बैठे हैं।
- 23:47लोग तुम्हारी बातें सुनेंगे, लोग तुम्हें समझेंगे नहीं तो हर किसी
- 23:52से ना ओपेन अप मत हुआ करो। आई ऍम ए काइंड ऑफ ए पर्सन जो
- 23:54सोचते हैं कि ठीक है ना क्या हो गया पर नहीं यार अभी इस इंसिडेंट
- 23:58से समझ में आया कि हर कोई अपना नहीं होता है।
- 24:01हर कोई जिसे तुम अपना समझो अपना नहीं होता है।
- 24:05एंड इन पास्ट दो 3 दिन में आई रियलाइज थिस थिंग की यार लोग वैसे
- 24:11बिल्कुल नहीं होते जो तुम्हें दिखाते हैं और जो तुम्हारे बुरे
- 24:14वक्त में तुम्हारे साथ है ना ट्रस्ट में दोज़ अरे युअर पीपल
- 24:18उन्हें कभी मत भूलो सीरियसली मेरे पास।
- 24:22अभी इसी दौरान जीतने लोगों ने अभी तो मैंने वो खैर पोस्ट ही हटा
- 24:26दिया था। वो एपिसोड जितना लोगों ने वो सुना
- 24:29किसी ने यूट्यूब पे एप्रोच किया, किसी ने व्हाट्सएप पे एप्रोच
- 24:32किया, किसी ने इंस्टा पे एप्रोच किया एंड यू वास् लाइक सॉरी आपने
- 24:36मना किया था मैसेज के लिए, बट वी वेर यू नो वेरी वरीड अबाउट यू?
- 24:40चलो ठीक है, मैंने मना किया था बिकॉज़ आई दिद्न्त नीड एनी
- 24:42सिम्पथी ऑर एनीथिंग बट देन थैंक यू फॉर बीइंग देर थैंक यू वेरी मच
- 24:48एक्सीरियसली जेन्यून्ली मेरी केयर करने के लिए आई अक्चवली ओह यू
- 24:54गाइस ए लॉट सो थैंक यू सच में। और हाँ भाई आँखें खुल गई मेरी कि
- 25:01लोग बहुत बेकार हो सकते हैं, तुम सोच भी नहीं सकते हो उतने बेकार
- 25:05है एंड ऑल्सो एक चीज़ और अभी पता है।
- 25:07मैंने देखा कि हमारी पोडकास्ट 187 पे है व्हिच इस ए गुड डील बिकॉज़
- 25:12हम एक एक करके हम बढ़ रहे थे जैसे 1199 एंड 1197 एंड 1197।
- 25:17हर दिन मैं स्क्रॉल करके देखती हूँ।
- 25:18कच्चे कितना अनाज? मैंने 1119 से डायरेक्ट देखा 187
- 25:21आई वास् सो हैप्पी कि ओह चलो तीन के अपग्रेड हो गए हैं हम व्हिच इस
- 25:26वेरी गुड सो थैंक यू एंड या हॅव यू गाइस एंड तो मैं हमेशा हूँ सच
- 25:34में। तो चलो मिलती हूँ तुमसे अगली
- 25:36कहानी में टिल आई ऍम टेक केयर इन बाई बाई एंड यू गाइस कैन फॉलो मी
- 25:40ऑन इंस्टाग्राम ऐट ए हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई अंडरस्कोर
- 25:46पर कोई भी बात हो यू कैन ऑलवेज कम टु मी युअर खुशी दी इस ऑलवेज देर
- 25:50ठीक है चलो ओके बाई।