Latest / Khushei Ki Duniya / ❤️🩹 I Hate To Love You: Triology finale❤️
Transcript
- 0:00तो तुम्हे क्या लगता है? क्या इंसान से गलती हो जाती है?
- 0:04हो जाती है भाई इंसान है, गलतियों का पुतला होता है, इंसान है ना तो
- 0:09हम जब हमें पता चलता है कि हमसे गलती हुई है तो हम क्या करते हैं,
- 0:13माफी मांगते हैं, अपनी गलती को रेकग्नैज करते हैं और फिर जिससे
- 0:18भी गलती की होती है उससे माफी मांग लेते हैं।
- 0:20है ना सिंपल पर क्या हुआ अगर यूनिवर्स से कोई गलती हो, वो माफी
- 0:25मांगता है? क्या यूनिवर्स होता ही है?
- 0:27ऐसा कुछ पता नहीं। चलो पता करते है सो है गाइस थिस
- 0:32इस युअर हुस कम 10 खुशी और ये है तुम्हारा एक सरप्राइज़ एपिसोड
- 0:36तुम्हे बहुत पसंद आने वाला है। ट्रस्ट मी?
- 0:38बिकॉज़ थिस विल गीव यू क्लोजर दैट मैं फ्रेन्ड?
- 0:42इस समथिंग यू डोन्ट नो एंड आई नो तुम गूगल करने जा रहे हो, मत जाओ
- 0:45अपनी उंगलियों को थोड़ा सा सुकून लो।
- 0:47मैं बताती हूँ क्लोजर, इस बेसिक्ली हमें एक संतुष्टि मिलने
- 0:50वाली है। कैसी क्या क्यों फलाना ओके मैं
- 0:54बताती हूँ सो थिस इस युअर होस्ट कमज़ोर खुशी एंड आई वेलकम यू टु
- 0:57थिस। लव स्टोरी अपने कानो में अप्लक्स
- 1:00लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ और सुनाती हूँ तुम्हे ये वाली
- 1:05कहानी जो की है एक सरप्राइज़ तो पिछली वाली कहानी याद है तुम्हे
- 1:12माया और उसका हार्टब्रेक आई हेट यू रेमेम्बेर दट।
- 1:18अब यार माया बहुत दुखी थी तो मैंने सोचा उसे क्लोज़र दे दिया
- 1:22जाए। है ना?
- 1:24भाई दुखी तो थी ना बंदी और उसकी तो गलती भी नहीं थी कोई तो इसीलिए
- 1:28हम माया की कहानी को पूरा करते हैं सो माया अब जयपुर आ चुकी थी
- 1:34अपनी पुरानी यादों को अपने घर को। अपने प्यार को सबको पीछे छोड़कर
- 1:40अपने हार्टब्रेक के साथ, अपने आई हेट यू गॉड के साथ अब वो जयपुर
- 1:46में आ गयी थी पर अब माया वो पुरानी वाली माया नहीं रही थी।
- 1:51उसके अंदर मानो जैसे अब कुछ टूट गया था, कुछ बिखर गया था क्नॉइस।
- 1:56माया बदल चुकी थी ना वो किसी से हसकर बाते करती थी ना वो हर चीज़
- 2:02से प्यार करने वाली माया रही थी वो माया जो अपनी दोस्तों से कहा
- 2:07करती थी की मुझे हर चीज़ से प्यार है और क्यों हेट करनी है किसी
- 2:10चीज़ से शायद अब ज़िन्दगी से हेट करने लगी थी।
- 2:14अपनी ज़िन्दगी को हर दिन कोसती थी कि आखिर में जिंदा क्यों हूँ?
- 2:18काश माँ बाबा के साथ होती उस दिन तो खत्म हो जाती है काश सुमित के
- 2:22साथ होती उस दिन तो भी खत्म हो जाती पर ज़िन्दगी ने मानो एक सजा
- 2:27देकर छोड़ दिया मुझे यहाँ जीने के लिए अपनी ज़िन्दगी से हार चुकी थी
- 2:32वो। अपने हार्टब्रेक के साथ थी वो बस
- 2:36ऑफिस से घर, घर से ऑफिस, अपना काम करना, ना किसी से हँसना, किसी से
- 2:41बोलना कुछ भी नहीं अपनी जिंदगी को एक रोबोट बना लिया था उसने बस वही
- 2:47डेली रूटीन पर। ज़िन्दगी में जब शायद यूनिवर्स को
- 2:52रियलाइज होता है कि उसने कुछ गलत किया है, माफी दो मांगता है, नहीं
- 2:58मांगता है तो मैं मंगवाऊंगी डोन्ट वोर्री तो 1 दिन माया मेट्रो में
- 3:05बैठी होती है और सोच रही होती है कि।
- 3:08यार आज ये काम करना है आज ये काम करना है और उस उधेड़बुन में जाने
- 3:12कहाँ खोई हुई थी। वो किसी से टकरा जाती है और
- 3:17टकराने के बाद सामने वाले से कुछ भी नहीं कहती चली जाती है।
- 3:22उसके बाद 2 दिन बाद फिर से वही सेम चीज़ होती है फिर से किसी से
- 3:27टकरा जाती है। पर।
- 3:28कुछ भी नहीं कहती है। फिर कुछ दिन बाद मानो वो इंसान
- 3:33खुद से उसे ढकराया था। जब वो अपना सर उठा कर देखती है तो
- 3:38उसे कुछ फमिलियर लगता है तुम तुम्हे मैंने कही तो देखा है तुम
- 3:44मुझसे खुद से क्यों ढकराए थे आई मीन?
- 3:48हू अरे यू तुम मुझे जानते हो क्यों जाने पहचाने से लग रहे हो?
- 3:53वो कुछ भी नहीं कहता पर अगले दिन माया वेइट् कर रही थी कि जब ये
- 3:59लड़का वापस मेट्रो में चढ़ेगा तो वो उससे जरूर सवाल करेगी, क्योंकि
- 4:02पिछले दिन मेट्रो जाने वाली थी और उसे निकलना पड़ा था अपने जवाब के
- 4:06बिना। तो इस दिन वो बस इंतजार कर रही थी
- 4:10पर वो लड़का आया नहीं। अगले दिन माया अपनी उधेड़बुन में
- 4:15वापस लग रही थी और फिर से वो लड़का उसे दिखा।
- 4:18इस बार वो उसके पास गई और बोलने लगी की तुम मैंने तुम्हे देखा है
- 4:23ज़रा बताओगे कौन हो तुम और मुझ से क्यों टकराते रहते हो?
- 4:27तो लड़का कहता है की नहीं कुछ अजीब है तुम में मतलब मुझे नहीं
- 4:34पता जब पहली बार मुझसे डकराई थी तो तुम्हे याद नहीं है, पर तुम
- 4:38बहुत बदतमीजी से बात की थी तुमने मुझसे गलती तुम्हारी थी अपनी
- 4:42किताब में तुम धंसी हुई थी और तुम मुझ पर चिल्ला कर चली गई थी।
- 4:47बिना गलती के पर जब आज कुछ दिन पहले तुम मुझसे टकराई तो जैसे
- 4:53मानो तुम कोई दूसरी इंसान थी, वो इंसान नहीं, हाँ इस बार भी तुम
- 4:59अपनी उधेड़बुन में थी पर मानो एकदम अलग इंसान मुझे नहीं पता
- 5:04मैंने ये सब ऑब्ज़रव भी क्यों किया पर।
- 5:07बस अजीब था तो बस नहीं पता क्या करना था, क्यों करना था तो दूसरी
- 5:13बार तुमसे टकराया लगा तुम फिर से कुछ बोलोगे, पता नहीं क्यों
- 5:16तुम्हारी खामोशी चुभ रही थी मुझे जानता नहीं हूँ तुम्हें शायद
- 5:20तुम्हारा नाम भी नहीं जानता हूँ, बट मुझे नहीं पता माया कहती है
- 5:25मैं कब टकराई तुमसे? तो उसने कहा, करीबन छः आठ महीने
- 5:30पहले जब तुम्हारे हाथ में वो किताब थी और तुम उसमें पढ़ते हुए
- 5:36ही निकल रही थी और तुम मुझसे टकराई थी, मेरा सामान भी गिरा था
- 5:39और तुम मुझ पर चिल्ला कर गई थी कि मैं देख के नहीं चल सकता हूँ।
- 5:42आई मीन मैंने पहली बार किसी को देखा था कि।
- 5:45गलती करने के बाद माफी मांगना तो दूर की बात है, उल्टा मुझ पर
- 5:48चिल्ला कर चली गई थी। तुम स्ट्रेंज पर बुरा नहीं लगा
- 5:51था, फिर जब तुम्हें आप देखा तो ऐसा लगा जैसे तुम आज कल अपने आप
- 5:56में खोई रहती हो। काफी दिनों से ऑब्ज़रव कर रहा हूँ
- 5:59तुम्हें शायद यहाँ नहीं आई हो पर क्यों हो ऐसे ये नहीं समझ आया।
- 6:06आई मीन पता नहीं ब्य दी वे हाई आई मनोज माया कहती है हाई आई ऍम माया
- 6:13नहीं इट्स नथ्थिंग आई ऍम सॉरी, पहली बार के लिए आई गेस तब मैं
- 6:20सॉरी आई मीन सो सॉरी। या बाई हॅव ए गुड डे?
- 6:26और वो निकल जाती है वहाँ से अनुज वहाँ बस उसे देखता रह जाता है
- 6:32सोचता है कि पता नहीं मुझे भी क्यों अजीब लगी उसके बाद आई मीन
- 6:37मुझे क्या लेना देना है यार उस लड़की से या उसकी किसी भी बात से
- 6:40जाने देता हूँ। पर कुछ दिन बाद अनुज के हाथ में
- 6:44एक किताब थी और वो माया को देख कर उसे रुकने का इशारा करता है और
- 6:48कहता है की सुनो और वो भी उसके स्टॉप पर उतर जाता है।
- 6:52ये लो उस किताब का दूसरा पार्ट जो तुम उस दिन पढ़ रही थी आई डोन्ट
- 6:57नो तुम्हे पता है या नहीं बट ये उसका रीसेंट लेटेस्ट पार्ट आया
- 7:00है। पढ़ना चाहिए वैसे।
- 7:02वो भी अच्छा था। माया कहती है, अब मैं प्यार पर
- 7:06बिलीव नहीं करती और वैसे भी उस बुक का एंड भी बहुत बकवास था।
- 7:10आई मीन लड़का लड़की को मिलता नहीं है तो वो लड़की बेचारी अकेली रह
- 7:14जाती है। आई मीन, दैट, स्टुपिड और लाइफ में
- 7:17भी ऐसे यही होता है तो अब उन्होंने कुछ भी लिखा हो क्या ही
- 7:19फरक पड़ता है। और उस कहता है नहीं पड़ता है यू
- 7:23अरे राइट बट शायद तुम्हे क्लोजर मिल जाए।
- 7:27इसको पढ़ने के बाद क्या पता आई मीन लेटेस्ट अडिशन है, पढ़ लो
- 7:32क्या पता तो वो सोचती है ठीक है और वो किताब बस उसे लेकर रख लेती
- 7:38है। उसका पढ़ने का कोई इरादा नहीं था।
- 7:40उसने सोचा था कि मैं क्यों ही पढूंगी मेरे मुझे नहीं पढ़ना
- 7:44क्योंकि वो उसे पढ़ती तो शायद उसे सुमित की याद आती।
- 7:47अपने पास्ट की याद आती, पर फिर एक रात को उसे बहुत अजीब लग रहा था
- 7:54मानो जैसे कुछ अधूरा था, कुछ पूरा करना था उसे।
- 7:59शायद वो कहानी शायद वो किताब वो जानना चाहती थी कि उस लड़की के
- 8:03साथ आखिर हुआ क्या? उसके बाद उसने वो किताब ढूंढी और
- 8:07उसे पढ़ने लगी और उसे रात भर में वो पूरी किताब पढ़ डाली और उसे
- 8:13समझ आया की। उस किताब में उस लड़की को भले ही
- 8:17दुख बहुत मिला लेकिन वो हर बार संभली।
- 8:20हर दुख के साथ वो एक नई चीज़ सीखी, ज़िन्दगी जीना सीखी और
- 8:25ज़िन्दगी के हालातों से लड़ना सीखी।
- 8:28हाँ शायद कभी कभी गलती होती है। यूनिवर्स से उस कहानी का नाम भी
- 8:32तो कुछ ऐसा ही था ना क्नॉइस। यूनिवर्स लव कुछ तो ऐसा ही था और
- 8:39माया अगले दिन अनुज से मिली और कहा की थैंक यू ये किताब देने के
- 8:44लिए शायद इसे बढ़कर मुझे सच में बहुत सारी चीज़े समझ आई।
- 8:48उस लड़की जैसी ही कहानी है कुछ कुछ मेरी मैंने भी किसी से प्यार
- 8:52किया था, मैंने भी धोखा खाया था। जिंदगी से उस लड़के से नहीं, वो
- 8:57तो मुझसे सच में बहुत प्यार करता था।
- 9:00हज ने कहा कि जिंदगी कभी कभी खेलती है ऐसे ऐसे खेल जो हमें समझ
- 9:06में नहीं आते पर वो जिंदगी का अपना तरीका है।
- 9:10शायद हमें कुछ सिखाने का, समझाने का और।
- 9:13लोग हमारी ज़िन्दगी में कुछ वक्त के लिए आते हैं।
- 9:16जब भी हम किसी से मिलते हैं, वो इंसान हमारे लिए कुछ ना कुछ ज़रूर
- 9:20लेकर आता है। एक सबक, एक याद, एक मेमोरी या कुछ
- 9:25दो तो शायद तुम्हारे लिए भी कुछ ना कुछ छुपा होगा उस और मुलाकात
- 9:31में उस। हर याद में उस हर चीज़ में जो भी
- 9:35तुमसे छीनी है या फिर जो भी तुम्हारे साथ हुआ है, तो हाँ
- 9:40जिंदगी को पर जीना नहीं छोड़ना चाहिए, जिंदगी को जीना चाहिए।
- 9:45पता नहीं किसकी कितने दिनों तक है।
- 9:48माया ने कहा कि मुझे नहीं पता पर मुझे जीने का कोई शौक नहीं है, बस
- 9:51जी रही हूँ। हरे उसने कहा मुझसे बहुत अलग हो
- 9:56तुम मैं ऐसा नहीं हूँ, हाँ जिंदगी में उतार चढ़ाव आते हैं पर इसका
- 10:00मतलब ये तो नहीं की हम जीने की इच्छा छोड़ दे।
- 10:03अब जी रहे हैं तो जीना तो पड़ेगा तो वो कहता है अच्छा ब्य दी वे
- 10:08हाई आई ऍम मनोज एस यू नो। पर नो नो, मैं यहाँ पे काम करता
- 10:14हूँ यही पास में एक ऑफिस में और तुम जाओ तो हम किसी दिन कॉफ़ी
- 10:18पीने जा सकते है। माया ने कहा सॉरी अब मैं डेट्स पे
- 10:23नहीं जाती जिसके साथ डेट्स पे जाना पसंद था।
- 10:28उसकी डेट शायद भगवान ने फिक्स कर दी।
- 10:30और मुझे कहीं नहीं जाना। अनुज ने कहा, अरे डेट के लिए नहीं
- 10:34पूछ रहा हूँ यार एस ए फ्रेन्ड जा सकते हैं।
- 10:36आई मीन इतना तो तुम मुझे जान गयी हो चलो एस एन अपोलोजी ही एक कॉफ़ी
- 10:40पीला देना मुझे तुमने उस दिन मेरा सामान गिराया था।
- 10:43मेरी घड़ी ही टूट गयी थी। मैंने कहा ओह आई ऍम सो सॉरी ठीक
- 10:48है, पीला देंगे तुम्हें कॉफ़ी सैटरडे 08:00 पीएम कैफ़े में
- 10:53मिलते है पास वाले में ओके डॉन ये कह कर अनुज वहाँ से चला जाता है
- 10:59सैटरडे को 8:00 बजे वो मिलते है उस कैफ़े में अनुज पहले ही बैठ
- 11:03गया था एक चेयर पे। और जैसे ही माया आई वो जेंटलमैन
- 11:08की तरह उठा। उसने कुर्सी पीछे की, माया वहाँ
- 11:11बैठी और थोड़ी सी मुस्कराई और बोली वाह आई डोन्ट न्यू व्हाट थिस
- 11:15जेंटलमैन अनुज ने कहा, वैसे तुम मुझे जानते ही कहा हो पर फिर?
- 11:22ऐसे ही बातों ही बातों में माया ने बताया कि कैसे सुमित उसके
- 11:26जिंदगी में आया था क्या क्या हुआ उसकी जिंदगी में?
- 11:29फिर उसने अनुज से पूछा, तुम बताओ तुम्हें कभी किसी से प्यार नहीं
- 11:33हुआ? अनुज ने कहा हुआ था जब मैं कॉलेज
- 11:38में था, एक लड़की थी वैष्णवी। बहुत पसंद करता था उसे पर फिर समझ
- 11:45आया की शायद तब मेरा वो मेच्युर लव वैसा ही रह गया।
- 11:51कहते है ना ज़िन्दगी में हमें तीन बार प्यार होता है पर बहुत खुश
- 11:55किस्मत होते है जिन्हें तीनो बार एक ही इंसान से प्यार होता है।
- 12:00हाँ, मुझे हुआ था, वैष्णवी को नहीं हुआ था और आई रिस्पेक्ट हर
- 12:03चॉइस जबरदस्ती है किसी को अपनी ज़िन्दगी में नहीं रख सकते ना हम
- 12:07उसे तब मेरे लुक्स से प्रॉब्लम थी शायद या फिर मैं क्लास में
- 12:11इन्विज़िबल था मुझे नहीं पता तो शी रिजेक्टेड मी और फिर मैं आ गया
- 12:17दिल टूटे आशिक की तरह तो नहीं। पर एक सबक के साथ की ज़िन्दगी में
- 12:22लोग कहते भले ही है की डोन्ट जज ए बुक ब्य इट्स कवर बट एव्रीवन डस।
- 12:28तो इसीलिए या तो अपनी कहानी बहुत इंटरेस्टिंग होनी चाहिए।
- 12:31या तो हमारी बुक का कवर सच में सॉलिड होना चाहिए क्योंकि ये लोग
- 12:36ना दिखावे पे बहुत बिलीव करते है। क्नॉइस माया ने कहा बात तो सही
- 12:40कही तुमने सच कहा ज़िन्दगी में दिखावा बहुत करते है लोग पर
- 12:45ज़िन्दगी वैसी नहीं होती है ना जैसी हम हमेशा सोचते है जैसे
- 12:49मैंने सोचा था कि जिससे भी प्यार करूँगी ना उसी से शादी करूँगी पर
- 12:54देखो आज सुमित मेरे साथ नहीं है पर मैंने सोचा है की शादी ही नहीं
- 12:58करूँगी। कहीं ना कहीं भले ही मेरा वो
- 13:00प्रॉमिस पूरा ना हो पर टूटेगा भी नहीं।
- 13:03अनुज ने कहा तो सुमित तुम से बहुत प्यार करता था।
- 13:07हाँ बहुत प्यार करता था वो मुझसे, तो तुम्हें क्या लगता है?
- 13:11अगर तुम दुखी रहोगी तो वो खुश हो जायेगा।
- 13:14मैं क्यों दुखी होउंगी भाई मैं तो उसकी यादों में खुश हूँ।
- 13:18अगर तुम खुश होती तो शायद तुम उस किताब को नहीं पढ़ती क्योंकि उस
- 13:23किताब में मैंने तुमसे कहा था की तुम्हे क्लोज़र मिलेगा और तुमने
- 13:27शायद इसीलिए उस किताब को पढ़ा। तुम जानना चाहती थी की वो लड़की
- 13:33क्या करती है क्या वो उस? यादों में ही रह जाती है या फिर
- 13:38अपनी जिंदगी को वो एक नए नज़रिए से देखना शुरू करती है।
- 13:42उसके में उस लड़की ने एक नया नजरिया चुना था।
- 13:45पर तुम बताओ तुम क्या चुनोगे? वही पुरानी यादों में रहकर अपनी
- 13:50जिंदगी को बर्बाद करना है या फिर अपने लिए जीना?
- 13:55फिर से प्यार पे भरोसा करना, फिर से यूनिवर्स पे भरोसा करना और फिर
- 14:00से भगवान पर भरोसा करना उस दिन तुमने कहा था ना आई हेट गॉड सुना
- 14:08था मैंने वेल आई डोन्ट हाँ मेरे साथ भी बहुत चीज़े हुई पर।
- 14:14ठीक है, शायद कुछ ना कुछ सीखा ही होगा हमने तुमने भी कुछ ना कुछ
- 14:18सीखा होगा तो हेट नहीं करते है ना और मुझे तो यही लगता है बाकी तुम
- 14:26बताओ पर माया इस बात पे भड़क गए और बोली, आई हेट लव एंड ऑल दीज़
- 14:31आर तो मुझे आज के बाद ये लेक्चर मत देना तुम।
- 14:34उस लड़की को क्लोजर मिला, नहीं मिला।
- 14:35मुझे नहीं पता पर मैं अपने सुमित को धोखा नहीं दे सकती।
- 14:37यार तुमने सोचा क्या कि हाँ तुमने कहा कि मैं तुम से कॉफ़ी पे मिलने
- 14:42आऊ तुम्हे लगा मैं तुम्हारे साथ डेट पे आई हूँ, है ना?
- 14:44तुम्हें लगा कि लड़की मिल गई वेल दट्स सो स्टुपिड ऑफ़ यू ना तो मैं
- 14:49तुम्हें मिली हूँ ना किसी को मिलूँगी समझ आई।
- 14:52मैं अपने सुमित की यादों मैं बहुत खुश हूँ, मुझे कोई क्लोजर नहीं
- 14:55चाहिए और वो कह कर वहाँ से चली गई, फिर लौट कर आयी और फिर बोली,
- 14:59आई हेट लाफ, ठीक है तू समझ जा इस बात को अनुज वह बैठा रहा।
- 15:07वो जानता था शायद की इसी दिन तो ये होने वाला था।
- 15:11वो स्माया के अंदर की भड़ास निकलवाना चाहता था क्योंकि आज तो
- 15:15नहीं कर पाया था वो उसे भी नहीं पता था।
- 15:18आखिर क्यों? पर वो इतना जरूर जानता था कि वो
- 15:21लड़की जो बिना गलती के उसे इतना डांट कर चली गई थी, वो लड़की इतनी
- 15:25गुमसुम शायद सही तो नहीं थी। फिर कुछ दिन हुए।
- 15:30अनुज ने माफी मांगी माया से और उसने कहा सॉरी बट मेरा इंटेन्शन
- 15:35वो नहीं था आई ऍम सॉरी, अगर तुम्हें बुरा लगा हो तो पर यार
- 15:42अक्चवली मेरे ऑफिस में एक पार्टी है, तुम चलोगी?
- 15:45नॉट एस ए डे ट्रस्ट मी मैं तुम्हें कभी नहीं पूछुंगा डेट के
- 15:48लिए तुम सुमित की हो सुमित की ही रहना बट।
- 15:50प्लीज़ चलते हैं यार अक्चवली वहाँ पे दो लोग जा सकते हैं और एक
- 15:56लड़का और लड़की अब तुम समझते रहे हो, मुझे पता है तुम सोचोगे की
- 15:58मैं डेट के लिए बोल रहा हूँ बट ट्रस्ट पे मैं डेट के लिए नहीं
- 16:00बोल रहा हूँ प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़ मेरी कोई और दोस्त यहाँ पे नहीं
- 16:02है मैं यहाँ पे कुछ वक्त से ही हूँ तो प्लीज़ बाया ने कहा सॉरी।
- 16:08उस दिन शायद मैं भी बहुत ज्यादा भड़क गयी थी और इतना तो मुझे पता
- 16:12है अब तुम समझ ही गए होंगे की डेट वेट का कोई सीन नहीं है तो ठीक
- 16:16है। आई विल कम विथ यू अनुज खुश हो
- 16:18जाता है फिर अनुज और वो जाते है उस पार्टी में, बट वहाँ से कुछ
- 16:23देर बाद निकल आते है। अनुज कहता है, मुझे पार्टी ज्यादा
- 16:25पसंद नहीं है यार। शोर शराबा ना नॉट मैं टाइप तो फिर
- 16:31माया ने कहा तो फिर ये आए क्यों? उधर बस ऐसे ही अब इतनी सुंदर
- 16:36लड़की मेरे साथ आएगी तो एटलिस्ट थोड़ा सा यू नो ऑफिस में औरा हो
- 16:39जाएगा वो बात अलग है, वो नहीं जानते तो तुम्हारी बट यार मेरा
- 16:43थोड़ा फायदा हो जाएगा माया अरे अब हम दोस्त तो है ही, है ना?
- 16:48मैंने कहा हाँ ठीक है, हम दोस्त है और फिर अनुज कहता है की माया
- 16:55हम ना जब तक किसी चीज़ को पकड़ के रखते है ना तो वो चीज़ हमें दुख
- 17:01पहुंचाती रहती है। अगर मैं तुम्हारे हाथ में एक चाकू
- 17:04दूँ और उसमें कोई हैंडल ना हो। दोनों तरफ से उसमें सिर्फ एक धार
- 17:09हो, तुम उसे पकड़ के रखोगी तो तुम्हारा हाथ कटेगा, उससे खून भी
- 17:14निकलेगा, है ना पर क्योंकि वो चाकू तुम्हें बहुत पसंद है।
- 17:19तुम क्या उसे अपने हाथ में रखे रखोगे या छोड़ दोगी जाने दोगी?
- 17:25क्योंकि शायद अब वो ठीक नहीं है। उसका हैंडल टूट चुका है और अब वो
- 17:30तुम्हें दुख दे रहा है तो तुम समझ रही हो ना मैं ये नहीं कह रहा हूँ
- 17:37कि मेरे साथ चलो मुझे रेट करो या कुछ भी करो, बस मैं इतना कह रहा
- 17:41हूँ कि अगर हम उन यादों को यादें होती है।
- 17:45हमारे साथ रहने के लिए हमें जिंदा महसूस करवाने के लिए हमारी
- 17:48खुशियों को वापस से जगाने के लिए, लेकिन यादें हमें कभी भी नुकसान
- 17:53नहीं पहुंचानी चाहिए। यादें हमें हमेशा सोचने के बाद
- 17:57खुशी होनी चाहिए। एक सबक याद आना चाहिए पर दुख नहीं
- 18:00होना चाहिए। तुम जब तक उन यादों को पकड़ के
- 18:03रखोगे ना? तुम दुखी ही रहोगे सुमित कभी नहीं
- 18:07चाहेगा की तुम उसकी यादो को ऐसे पकड़ के बैठी रहो।
- 18:11क्या वो तुम्हें खुश नहीं देखना चाहेगा की वो नहीं चाहेगा की
- 18:15तुम्हें भी खुशियाँ मिले तुम डिज़र्व करती हो खुशियाँ न आपको
- 18:20ऐसे कैद मत करो यादों में। तुम्हे उड़ने का पूरा पूरा हक है
- 18:27कोई बुरा नहीं मानेगा अगर तुम अपने लिए थोड़ा सा वक़्त निकालोगी
- 18:31खुश रहोगी अपने लिए नए ड्रेसेस लोगी सजोगी सवरोगी सब छोड़ चूके
- 18:36हो ना तुम पर वो वापस से वही वाली माया आई डोन्ट नो तुम पहले कैसी
- 18:40थी? बट ऐसी नहीं थी ये जानता हूँ उस
- 18:43एक मुलाकात के बाद ही। तो प्लीज़ अपने आप को खो मत इस
- 18:47समझे वो लड़का जो भी होगा अपनी ज़िन्दगी में तुम्हें पाकर बहुत
- 18:52खुश होगा जैसे तुम हो पर प्लीज़ अपनी ज़िन्दगी बरबाद मत करो माया
- 18:58मैं उस दिन कुछ नहीं कहती वहाँ से कुछ देर बाद चले जाते हैं।
- 19:03और फिर सोचती है और रात भर रोती है ये सोचकर की सॉरी शायद मुझे
- 19:10नहीं पता मुझे हमेशा से यही लगा कि जैसे मानो मैं तुम्हें धोखा
- 19:15दूंगी। अगर मैं कभी भी किसी और से प्यार
- 19:17करने की सोचूंगी भी तो? पर क्या करूँ?
- 19:21अनुज के साथ? कब वक्त गुजर गया पता नहीं चला।
- 19:25मैं नहीं जानती वो मुझे पसंद करता है, नहीं करता है, पर जब से उससे
- 19:29मिली हूँ शायद उसके बारे में सोचना बंद ही नहीं कह पा रही हूँ
- 19:33वो एक लड़का जो सिर्फ मेरे टकराने से इतना समझ गया कि मैं कैसी हूँ,
- 19:38वो एक लड़का शायद उस दिल में झांक गया।
- 19:42जो मैंने इतनी दीवारों में बंद कर रखा था, मुझे नहीं पता तुम्हें
- 19:47अच्छा लगेगा बुरा लगेगा पर तुमसे झूठ नहीं बोल सकते, मैं उससे
- 19:52प्यार करने लगी हूँ पता नहीं कैसे पर हाँ।
- 19:57वो मेरे अंदर जहाँ का उसे पता चला की मैं कितने दुख में थी और उसने
- 20:01मेरा हाथ थामा तब भी मैं नहीं जानती कुछ भी तू बस बुरा लग रहा
- 20:09है पर लेकिन तभी उसने देखा की खिड़की के पास से एक तारा टूटा।
- 20:15और उसे याद आया की जब वो सुमित के साथ थी ना तो सुमित ने कहा था मैं
- 20:20भले ही तुमसे कितना भी दूर चला जाऊं, ये तो आरे है ना की हमेशा
- 20:23तुम्हें मेरी याद दिलाएंगे देख लेना तुम और वो हमेशा उसे मारती
- 20:27थी इस बात पे की तुम पागल हो गया क्यों जाओगे तुम मुझसे दूर पर वो
- 20:31कहता था कि यार। हमेशा हम जो चाहे वो नहीं होता है
- 20:36जैसा हम सोचे तो पर ये पता है कि सब तारे बन जाते हैं।
- 20:42बचपन से सबने यही बताया है तो अगर मैं कभी तारा बन जाऊंगा ना तो
- 20:45तुमसे ऐसे ही बात करूँगा तो बस माया को याद आया जैसा सुमित था।
- 20:53शायद तारा टूट कर भी उसे जोड़ गया था और उसे समझ आया की शायद सुमित
- 21:01भी चाहता था की वो मूव ऑन करे। खुश हो जाए उसने अपनी चाची से बात
- 21:07से बात सबने उसे यही समझाया की ज़िन्दगी को बांध के नहीं रखना
- 21:12है। जिंदगी को जी शायद उसके माँ बाबा
- 21:17सुमित सब चाहेंगे कि वो जिंदगी को वापस से शुरू करें, एक नए नज़रिए
- 21:22के साथ। फिर वो अगले दिन जाती है, अनुज से
- 21:25मिलती है और उसे अपने दिल की बात बताती है।
- 21:28अनुज कहता है, मुझे भी नहीं पता कब क्या क्यों पाटेक?
- 21:33एक ऐसा लगा जैसे एक पीस मिसिंग था।
- 21:36वो पीस शायद तुम थी जब पहली बार उस दिन तुमने मेरी चीजें गिराई थी
- 21:40तो लगा कि कितनी पागल लड़की है फिर जब दूसरी बार तुम्हें देखा
- 21:46कुछ महीनों बाद तो तुम्हारी आँखों में वो खामोशी दिखी लगा जैसे कुछ
- 21:51टूट गया है तुम्हारे अंदर। और मैंने उसे जोड़ना चाहा।
- 21:54पता नहीं क्यों पर बस जोड़ना चाहा, शायद लगा की जैसे मेरा दिल
- 22:00टूटा था, तुम्हारा भी किसी ने तोड़ा होगा पर हम दो अलग अलग लोग
- 22:04थे शायद जैसे किसी टूटे दिल के दो टुकड़े अभी तुमसे।
- 22:12प्यार करने लगा हूँ या जो भी इस फीलिंग को कहते है मुझे नहीं पता,
- 22:15बस तुम्हारे साथ रहना अच्छा लगता है।
- 22:17तुम्हारे चेहरे पर एक खुशी लाना अच्छा लगता है तो हाँ मैं भी
- 22:22तुम्हे पसंद करने लगा हूँ बाया और शायद ये तरीका था यूनिवर्स का उन
- 22:28दोनों से माफी मांगने का। वो दोनों अच्छे थे पर फिर भी
- 22:31दोनों की जिंदगियों में बहुत सारी चीजें आई।
- 22:34बहुत सारे उतार चढ़ाव आए लेकिन एंड में जब वो एक दूसरे से मिले
- 22:38तो उन्हें समझ आया कि उनका टूटना, उनका बिखरना शायद सब एक प्लान था।
- 22:43गॉड्स प्लान कहते है ना गॉड्स प्लान बेबी तो दट्स हौ थिस स्टोरी
- 22:48वास् एंड दट वास् दी सरप्राइज़ कि मैंने सोचा था कि एक ट्रायोलॉजी
- 22:53बनाएंगे, एक लड़का होगा जिसकी एक अधूरी कहानी होगी, एक लड़की होगी,
- 22:57उसके अलग खधूरी कहानी होगी और तीसरी कहानी में दोनों मिलेंगे।
- 23:00आई डोन्ट नो, मुझे नहीं पता तुम्हें कैसी लगी, कैसी नहीं लगी
- 23:03तुम मुझे बता सकते हो ऐट के? हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 23:06अंडरस्कोर पर। आई डोन्ट नो मुझे बताना बट जब
- 23:10मैंने मेरे भैया को बताया प्लान ही है ऑल्सो सेट की बहुत सही है,
- 23:12फिर मुझे बहुत मज़ा आया। इसको रिकॉर्ड करने में भी तुम
- 23:16मुझे बताना आई ऍम रनिंग ए लिटिल लेट क्योंकि मैं तीनो जो है
- 23:19एपिसोड्स एक साथ ही रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 23:21नहीं पहला पार्ट में पहले ही कर चुकी थी अभी दूसरा, तीसरा और एक
- 23:24मिड वीक। ये सारी चीज़े मैंने एक साथ
- 23:26रिकॉर्ड की है तो नाउ आई ऍम डॉन मिलती हूँ तुम से किसी और कहानी
- 23:29में तुम्हे कैसा लगा ये कॉन्सेप्ट मुझे बताना जिन्हें हार्ड ब्रेक्स
- 23:33पसंद है वो सिर्फ दो सुन लेना जिन्हें ये है की नहीं एक कहानी
- 23:36को क्लोजर मिलना चाहिए तो वो ये वाला भी सुन सकते है और कैसा लगा
- 23:40तुम मुझे बताना ज़रूर। मिलती हो किसी और एपिसोड में टेक
- 23:44केयर एंड बाय बाय हैप्पी मकर संक्रांति आई डोन्ट नो।
- 23:47इन में से किसी एक एपिसोड में तो आ ही जानी चाहिए संक्रांत तो
- 23:51हैप्पी मकर संक्रांति। ओके बाई ऑल्सो हैप्पी लोहड़ी बहुत
- 23:55सारे उस टाइम पे त्यौहार आते ना शायद पोंगल भी तभी आता है ओणम भी
- 23:59शायद। आई ऍम वेरी सॉरी इफ आई ऍम रॉंग।
- 24:01बट जो भी है जस्ट बी हैप्पी ओके बाई टेक केयर।