Latest / Khushei Ki Duniya / Kaala Mandir: Everything is connected
Transcript
- 0:00काले जादू के बारे में तो तुम सबने सुना होगा।
- 0:04कुछ काले जादू इतने ज्यादा भारी होते हैं कि वो किसी इंसान की
- 0:09जिंदगी भी ले ले। पर क्या हो अगर कोई काला जादू
- 0:13अधूरा रह जाए? कहते हैं ये जीतने घातक उसके लिए
- 0:17होते हैं, जीस पर किए जाते हैं। उतने ही घातक उस इंसान के लिए बन
- 0:22जाते हैं जो इंसान उन्हें करता है।
- 0:25अगर ये अधूरे रह जाए। आज की कहानी भी एक ऐसे ही काले
- 0:30जादू के ऊपर है तो सुनाती हूँ तुम्हें एक ऐसे ही कहानी सुहाई
- 0:36गाइज़ थिस इस युअर होस्ट कम दोस्त खुशी।
- 0:39आई ऍम बेक हियर विथ अनँद्अर स्पूके सैटरडे ओरिजिनल तो अपने
- 0:44कानों में लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ और सोनू ये कहानी
- 0:52अरे नहीं एक आर्कियोलॉजिस्ट थी, उसे पुरानी जगहों पे जाना पड़ता
- 0:57था अपने काम की वजह से। वहाँ जाकर पुरानी चीज़ों की खोज
- 1:02करनी होती थी। ये उसके काम का एक हिस्सा था।
- 1:06उसको एक नया प्रोजेक्ट मिला था। किसी गांव में एक मंदिर के पास
- 1:12उसकी साइट थी जहाँ उसे जाना था। अरिणी अपनी टीम के कुछ लोगों के
- 1:17साथ वहाँ गई तो जरूर, लेकिन गांव वालों ने उससे कहा कि वहाँ पास
- 1:23में काला मंदिर है, वहाँ मत जाना। अब अरिणी को ये सुनकर बहुत अच्छी
- 1:29लगा कि आखिर एक मंदिर में जाने से मना क्यों कर रहे थे गांव वाले
- 1:35उसे? हालांकि उसके पूछने पर किसी ने भी
- 1:38उस मंदिर के बारे में उसे कुछ भी नहीं बताया।
- 1:42अंजनी ने सोचा गांव वाले हैं, इनकी सोच वहीं अटकी रह गई है।
- 1:48पुरानी रह गई है। आखिर मंदिर में जाने से किसी को
- 1:51क्या नुकसान होगा? पर उस मंदिर का नाम अजीब था।
- 1:55काला मंदिर जो भी था अरिणी अपने काम के लिए अगले दिन उस साइट पर
- 2:02जाती है, उनका काम शुरू होता है, लेकिन उसे उस गांव को एक्सप्लोर
- 2:08करना था। बहुत सुंदर गांव था बहुत
- 2:11हिस्टोरिक। कम लोग आया जाया करते थे।
- 2:14कम लोग जानते थे उस गांव के बारे में।
- 2:17आरिणी को दोपहर हो गई उस साइड पर वो अपना खाना खाते खाते उस मंदिर
- 2:23को देख रहे थे। थोड़ी दूरी पर था वो मंदिर उसको
- 2:27जाना था वहाँ पे देखना था कि आखिर।
- 2:31सब लोग उस मंदिर से उसे दूर क्यों रख रहे थे?
- 2:34हालांकि जो लोग उसके साथ काम कर रहे थे वो भी कह रहे थे कि मत जाओ
- 2:40मैडम अगर मना कर रहे हैं तो लोग। लेकिन आरनी को उस मंदिर से कुछ
- 2:46अजीब खिचाव महसूस हो रहा था। उस मंदिर के पास क्नॉइस जाना
- 2:51चाहती थी। अक्सर ऐसा होता है की जीस चीज़ के
- 2:55लिए हमें मना किया जाता है। हमें उस चीज़ को जानने की इच्छा
- 2:59और ज्यादा प्रबल हो जाती है। हमें अरिणी के साथ भी कुछ ऐसा ही
- 3:03था, लेकिन ना तो उस मंदिर तक जाने का रास्ता उसे पता था।
- 3:08क्नॉइस और ना ही वो ज्यादा कुछ जानती थी।
- 3:11थोड़ी दूर पर उसने देखा एक लड़का एक काले लिबाज़ में खड़ा था, काले
- 3:17कपड़े पहने हुए थे, उसके पास जाती है और कहते हैं इसी गांव के हुतुम
- 3:24लगता है। उस लड़के ने कहा हाँ इसी गांव का
- 3:27हूँ मैं। तो आर्यनी ने कहा इस मंदिर में
- 3:31लोग जाते क्यों नहीं है? उस लड़के ने कहा डरते हैं, इनका
- 3:37डर इन पर बहुत हावी है, वरना आखिर एक मंदिर कैसे का क्या बिगाड़
- 3:42सकता है? आर्यनी ने कहा, वही तो मैं कह रही
- 3:45हूँ आखिर। मंदिर में ना जाकर तो पाप कर रहे
- 3:49हैं ना ये लोग तो उस लड़के ने कहा मैं तुम्हे दिखाता हूँ ये मंदिर
- 3:56अरे ने कहा हाय मैं आरनी सामने से उस लड़के ने कहा मैं अद्वैत
- 4:02अद्वैत की आँखों में एक अलग सी चमक थी जिसे देखकर मानू?
- 4:07कोई भी मंत्र मुक्त हो जाये हरिणी अद्वै के साथ जाती है उस मंदिर की
- 4:12तरफ, वहाँ जाकर वो देखती है जैसे उस मंदिर में परसों से कोई नहीं
- 4:19गया था। धूल की एक मोटी परत जम चुकी थी उन
- 4:23सीढ़ियों पर वहाँ आज भी। किसी पुरानी क्रिया का सामान पड़ा
- 4:28था। शायद कोई अधूरी क्रिया इस बात पर
- 4:33आरिणी के मन में सवाल जागा। उसने अद्वय से पूछा की अद्वय
- 4:38क्यों नहीं आते हम लोग, यहाँ कोई तो कहानी होगी तो अद्वय कहता है।
- 4:44मैंने तो यही सुना है कि। यहाँ कोई तांत्रिक रहा करता था,
- 4:49काले जादू में माहिर हुआ करता था। उस तांत्रिक के कुछ तो काले जादू
- 4:55की वजह से यहाँ कुछ गलत चीजें होने लगी थी।
- 4:58जीस वजह से धीरे धीरे लोगों ने इस मंदिर की तरफ आना बंद कर दिया।
- 5:03कहते थे वो तांत्रिक यही रहता था। ये उसका ठिकाना था और उसके मरने
- 5:10के बाद भी शायद उसका डर इतना ज्यादा है कि लोग आज भी इस मंदिर
- 5:14की तरफ आने से डरते हैं। को ये सुनकर लगा पागल है आखिर कोई
- 5:21इंसान, काला जादू, ये सब ये सब नहीं होता है।
- 5:26लेकिन वहाँ की हवा बहुत भारी थी। इस मंदिर के आसपास एक नेगेटिव
- 5:31एनर्जी थी जो महसूस कर रहे थे लेकिन उसको मानना नहीं चाहते थे।
- 5:38कुछ अजीब था वहाँ इस हवा में चलते बालों की जैसे।
- 5:44राख हो रखी हो। चलते बालों की बदबू आ रही थी
- 5:48लेकिन ने इस सब पर ध्यान नहीं दिया।
- 5:51उसने से कहा मुझे गांव घूमना हैं। घुमाओगे ने कहा जरूर सुन्दर गांव
- 5:58हैं हमारा। इसके बाद अपने साइड पर वापस चली
- 6:02गई। पूरे दिन का काम होने के बाद जब
- 6:06वो अपने होटल रूम में वापस गई तो वहाँ कुछ अजीब लगने लगा।
- 6:10उसे वहीं जलते बालों की स्मेल आने लगी।
- 6:15हवा वैसे ही भारी होने लगी। नहाने के बाद जब उसने अपना शीशा
- 6:19देखा तो उस पर लिखा था। तू रहो उससे वो तुम्हें भी खत्म
- 6:25कर देगा अपने अंधेरे में तुम्हें भी ले जाएगा बट उसे लगा कि शायद
- 6:33उसके साथ मजाक कर रहा था। आखिर कौन उसे खत्म कर देगा?
- 6:36कौन अंधेरे में ले जाएगा? शाम को वो बाहर घूम रही थी कि
- 6:41अदवै उसे वापस दिखा। वहीं पर के पास गई, उससे पूछने
- 6:46लगी कि क्या कहानी है इस गांव की? लोग बहुत कम आते जाते हैं, मैंने
- 6:51देखा है लोग अपने घरों से भी कम ही बाहर निकलते हैं, अपने काम से
- 6:55काम रखते हैं। मुझसे तो किसी ने बात भी नहीं की।
- 6:59पूछा मंदिर के बारे में तो किसी ने कुछ नहीं बताया बस?
- 7:02इतना कहा की वहाँ से दूर रहना। पता नहीं आखिर क्या बात थी जो भी
- 7:08था मैंने कहा पुरानी सोच के लोग है, इनकी सोच तुम बदल नहीं सकती
- 7:13हो। 1 दिन में कल तुम्हे गांव का एक
- 7:15बहुत खूबसूरत हिस्सा दिखाऊंगा, अपनी साइड के पास ही मिलूंगा।
- 7:20क्नॉइस अगले दिन अपने साइड पर काम के लिए वापस जाती है और उससे वही
- 7:25मिलता है। वो अपने साइड पर जो काम कर रहे
- 7:29थे, उन्हें इंस्ट्रक्शंस देती है और फिर जाती है के साथ के साथ उसे
- 7:34एक फीलिंग आती थी। एक प्यार भरी एहसास अच्छा लगता था
- 7:39उसका साथ उसे। जैसे मारू बहुत वक़्त से जानती थी
- 7:42वो उसे क्यों कैसे पता नहीं कहते हैं?
- 7:46कुछ लोग हमारे होते हैं, उनके साथ हमारी आत्मा जुड़ी होती है।
- 7:52उसको भी ऐसा लगने लगा था। काफी टाइम था जब उसे इस गांव में
- 7:56रहना था इस साइट पर काम के लिए। धीरे धीरे को जान गई लेकिन थोड़ा
- 8:03था, कुछ था उसमें एक अजीब सी एक अजीब सा खुमार।
- 8:10जब भी वो उसके साथ रहती मानो जैसा सब कुछ खाली लगने लगता, उसे लगता
- 8:16बस सब कुछ के साथ ही है। क्नॉइस।
- 8:19पर क्यों? आज तक उसने के किसी भी फैम्ली
- 8:22वाले से कोई मुलाकात नहीं की थी ने कभी उसे अपने घर ले जाने की
- 8:27जिद भी नहीं की थी, लेकिन अरे नहीं, उसके प्यार में इतनी पागल
- 8:31हो गई थी की उसने कभी उससे पूछा भी नहीं था की उसके परिवार में था
- 8:35तो था कौन? फिर 1 दिन?
- 8:38उनकी साइड पर उन्हें किताब मिलती है।
- 8:40खुदाई करते वक्त उस किताब में कुछ अजीब लिखा था।
- 8:44एक अजीब टोटका बना हुआ था, एक अजीब ड्राइंग बनी हुई थी किसी
- 8:49लड़की की उसे देखकर अरिणी को कुछ अजीब महसूस होने लगा।
- 8:55उस किताब को लेकर। गांव के मुखिया के पास गई और उसे
- 8:59पूछने लगी की ये किताब आखिर ऐसी क्यों है?
- 9:02कौन सा गाला जादू है इसमें? क्या आप कुछ बता सकते है?
- 9:05मुझे उस किताब को देखते ही वो आदमी कपने लगा।
- 9:106070 साल का वो बूढ़ा व्यक्ति उसे देखकर मानो उसकी आँखों में डर।
- 9:16साफ दिखने लगा था। अरिणी को उसने कहा इस किताब को
- 9:20यहाँ से ले जाओ। ये तंत्रिक की किताब हैं।
- 9:24पता नहीं उसने कौनसा काला जादू करके दफनाई थी और तुम इस किताब को
- 9:27हमारे घर ले आयी और ये कह कर उन्होंने अरिणी को वहाँ से भगा
- 9:31दिया अरिणी भी क्या कहते हैं वहाँ से चली गई।
- 9:35शाम होते होते अद्वय वापस उससे मिलने आया।
- 9:38उसने उसके दाब को अद्वय को दिखाया।
- 9:41अद्वय ने कहा पता नहीं इसके बारे में तो मैं नहीं जानता, लेकिन तभी
- 9:45गांव के कुछ लोग अरिणी से मिलने के लिए आ रहे थे।
- 9:49अद्वय ने कहा मैं चलता हूँ थोड़ी देर में वापस आऊंगा अद्वय वह से
- 9:54चला गया। लेकिन उसे मिलने गांव वाले आये
- 9:58थे। उन्होंने उसे कहा कि यहाँ पे काम
- 10:01करना बंद कर दो, तुम नहीं जानती हो शायद तुम्हारी काम की वजह से
- 10:05हमारे गांव पर कोई मुसीबत आ सकती है।
- 10:08ये किताब जो तुम्हें आज मिली थी वो तंत्रिक की थी वो तंत्रिक।
- 10:14जो काले मंदिर में रहा करता था तो ने कहा बहुत हो गई आपकी बातें या
- 10:20तो आप मुझे बताएं कि आखिर इस किताब का उस तांत्रिक का क्या
- 10:24ताल्लुक है या फिर आप कुछ भी ना कहें तब उनमे से एक इंसान बोलता
- 10:29है कि वो तांत्रिक? बहुत काले जादू में माहिर था।
- 10:36कैसी भी क्रिया हो, कुछ भी हो खाई कई सालों तक उसने शमशान में जाकर
- 10:42क्रिया की। कई सालों तक उसने बहुत सिद्धियां
- 10:45प्राप्त की लेकिन फिर उसे एक बच्चा मिला।
- 10:49शमशान में वो बच्चा बहुत छोटा था। शायद कोई रख कर गया था वहाँ पे उस
- 10:55बच्चे को देख कर पहले तो उसे लगा कि वो उस पर भी कोई तान्तिक
- 10:58क्रिया करें लेकिन उस बच्चे के लिए उसके मन में एक पिता जैसी
- 11:03भावना जाके वो खुद नहीं जानता था। शमशान छोड़कर वो इस मंदिर में आ
- 11:08बसा। उस बच्चे को यही पालने लगा।
- 11:12लेकिन फिर 1 दिन उस बच्चे पर कुछ तो कुछ तो हुआ।
- 11:16उस बच्चे को पता नहीं क्या तांत्रिक ने बहुत क्रियाएं की उस
- 11:21बच्चे को बचाने के लिए? लेकिन वो मानो ज़िन्दगी से हार
- 11:24मानने के लिए बहुत उतारू था। बहुत कोशिश की गई लेकिन वो बच्चा
- 11:29बच नहीं पा रहा था। क्नॉइस डॉक्टरों के पास तक लेकर
- 11:32गया, लेकिन डॉक्टरों ने भी मना कर दिया।
- 11:35फिर उसने अपनी काली सिद्धियों का बहुत प्रयोग किया, लेकिन किसी
- 11:40बड़े तांत्रिक ने उसे कहा कि इस बच्चे को बचाने के लिए उसे बलि
- 11:45देनी पड़ती है। पता नहीं कहाँ से एक छोटी बच्ची
- 11:49को ले आया था वो। उस बच्ची को वही घेरा जो उस मंदिर
- 11:53में आज भी बना हुआ है। उस घेरे में लेटाकर उस पर वो
- 11:57क्रिया कर ही रहा था की गांव वाले आ गए।
- 12:00गांव वालों ने उस बच्ची को उसे ऐसी मारते हुए देखा तो उन्होंने
- 12:03खूब मारा को खूब मारा। उसकी क्रिया शायद अधूरी रह गई।
- 12:08वो बच्चा? मैं जिंदा था ना मुद्दा था लेकिन
- 12:12वो बच्ची वो बच गयी थी। वो तांत्रिक जैसे तैसे अपनी जान
- 12:16बचाते हुए उस बच्चे को लेकर वहाँ से भाग गया।
- 12:19इसके बाद कुछ लोग कहते हैं की वो तांत्रिक तो मारा गया लेकिन वो
- 12:24लड़का आज भी जिंदा हैं। कहा हैं कौन हैं, कैसे हैं ये
- 12:28नहीं पता। रसयद लड़का आज भी जिंदा है।
- 12:33उस किताब में देख कर ही वो क्रिया कर रहा था।
- 12:35उस किताब को शायद उसने बाद में दफनाया, यहाँ लौटकर आया किसी को
- 12:40नहीं पता। उस दिन के बाद वो तांत्रिक को
- 12:43किसी ने नहीं देखा ना उस लड़के को।
- 12:46लेकिन उनमे से एक बूढ़े गांव वाले औरत ने के चेहरे पर वो दाग देखा
- 12:51और उसने कहा ये दाग कहाँ से लगा तुम्हारे चेहरे पर?
- 12:55अरेनी ने कहा वो मुझे नहीं पता, मैं तो अनाथ हूँ, अनाथालय में
- 13:00रहती थी और ये दाग चेहरे पर हैं। बचपन से मुझे पूरी औरत का इतना
- 13:05कहना था। की।
- 13:07उसने कहा की वही दाग है, उस तांत्रिक का दिया हुआ शायद तुम
- 13:13वही लड़की हो, यही पास के किसी अनाथालय में रहती होगी ना तुम?
- 13:18बचपन में आरण्य को इतना सब कुछ नहीं पता था क्योंकि बचपन में जीस
- 13:24अनाथालय में वो रहा करती थी। अनाथालय बंद होने के बाद उसके
- 13:27बच्चे बड़े अनाथालय में शहर में ले जाया गए थे।
- 13:32इतना गांव वालों की बाते सुनने के बाद अगले दिन उसने फ़ोन किया ये
- 13:36जानने के लिए की आज सच में वो यहाँ पास में किसी अनाथालय में
- 13:40रहा करती थी और जीस बात का डर था वही हुआ।
- 13:45अरे नहीं, यही पास वाले अनाथालय में रहा करती थी यानी की ही वही
- 13:51लड़की थी। जीस पर काला जादू किया गया था
- 13:56इसीलिए उसके चेहरे पर वो दाग था और अब उसे समझ आने लगा कि क्यों?
- 14:03आखिर उस दिन अचानक से अद्वय उन गांव वालों को आते देख वहाँ से
- 14:06चला गया। क्यों वो उसे खिंचाव लगता है।
- 14:10उसकी तरफ उसे एक अजीब सी क्योंकि उस दिन उस काले जादू में उसकी
- 14:16आंधी आत्मा अद्वय को दी गई थी। भूआत्मा पूरी क्नॉइस।
- 14:20चली जाती तो शायद अरनी मर जाती, लेकिन गांव वालों के बीच में आने
- 14:25से अद्वैय आधा अधूरा रह गया और अरनी अपने आत्मा के साथ फिर भी बच
- 14:30गयी और इसलिए अद्वैय के साथ उसे वो एक अजीब सी कशिश महसूस होती
- 14:36हैं। अरनी अब इंतज़ार करने लगी अद्वै
- 14:39का। अभी हाथ होते ही उसने से कहा
- 14:45जानता हूँ तुम्हे गांव वालों ने सब बता दिया मेरे बारे में, मेरे
- 14:50बाबा के बारे में ने कहा बाबा तांत्रिक था, वो किसी तुम्हारी
- 14:56जान के लिए किसी और की जान दे रहा था वो।
- 14:59मेरी जान ले रहा था वो मैं नहीं जानती क्या गलत है, क्या सही है
- 15:03पर वो तांत्रिक गलत था। ऐसे कैसे वो किसी और की जान
- 15:08तुम्हारे अंदर डाल सकता था? तो मैंने कहा मैं चाहता तो तुम्हे
- 15:12मार सकता था, उस क्रिया को पूरी कर सकता था, सिखाई थी बाबा ने
- 15:17मुझे मरने से पहले। पर नहीं कर ना पाया क्योंकि धीरे
- 15:22धीरे तुमसे प्यार हो गया था। मुझे लगने लगा था की हाँ शायद हमे
- 15:28वो आत्मा आंधी आंधी बट गई तो मैं चाह कर भी तुम्हे नहीं मार सकता।
- 15:33तुम चाहो तो तुम मुझे मार सकती हो क्योंकि जो आत्मा मेरे अंदर है वो
- 15:37आखिर तुम्हारी तो है अठिनी को कुछ समझ नहीं आया, वो वहाँ से चली गई।
- 15:44उसके बाद उसने भी कई लोगों से बात की।
- 15:47उसे समझ आया की शायद। उस किताब को पढ़ने के बाद कि या
- 15:52तो आरिणी को खत्म होना पड़ता अदर्वाइज़ कोई पूरी ज़िन्दगी देने
- 15:55के लिए या फिर ऐसे ही अद्वैत आधा अधूरा ही आरिणी के साथ रह सकता था
- 16:03क्योंकि अद्वैत पूरा ना इंसान था, ना मुड़ता था।
- 16:07इसमें पूरी आत्मा नहीं आई थी। को फैसला करना था।
- 16:12जीस इंसान पे उसकी आंधी आत्मा थी जो उसका था या तो वो उसके साथ रह
- 16:17सकती थी या उसके बिना उसे खत्म कर सकती थी क्योंकि आखिर खाली
- 16:23शक्तियां वो भी जानता था और कहीं ना कहीं वो भी उस तंत्रिक के।
- 16:29बस में तो था ही वो तंत्रिक की शायद आत्मा के बस में लेकिन अरणी
- 16:36ने फैसला कर लिया था जो हुआ उसमें अद्वय की कोई गलती नहीं थी।
- 16:41अद्वय तो खुद भुगत रहा था ना परिवार के बिना किसी प्यार के,
- 16:46बिना किसी लाडके इतना बड़ा भी हो गया था बेचारा।
- 16:50रेनी ने कोशिश की उसे एक नई ज़िन्दगी देने की तो कुछ ऐसी थी
- 16:54ये कहानी आई डोन्ट नो तुम्हें कहानी कैसी लगेंगी?
- 16:59हमारी अब तक जितनी कहानियों मैंने तुम्हें हॉरर में सुनाएं, वो
- 17:01मोस्टली रियल स्टोरी थी, बट ये वाली जो है वो थोड़ी नो।
- 17:07हॉरर रॉंग टाइप है कैसी लगी वो तुम मुझे बता सकते हो हम्म मिलते
- 17:15हो तुम से अगली कहानी में। टिल देन टेक केयर एंड बाई बाई।