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- 0:00गाइस ऑल होस्ट कम दोस्त को शी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव स्टोरी
- 0:03फॉर ऑल ऑफ़ यू गाइस आई होप यू ऑल गाइस मिस्ड मी।
- 0:07तुझे आज की कहानी है उसका मुझे कोई अंदाजा नहीं है और मेरी आवाज़
- 0:12थोड़ी सी आज खराब हो गई है। बिकॉज़, आई डोन्ट नो हम बहुत
- 0:16ज्यादा ऊधम मचा रहे है आजकल मैं और मेरे कज़िन्स तो पता नहीं।
- 0:20पर चलो अपने कानों में ये प्लग्स लगाओ आई हूँ तो कुछ चला के जाउंगी
- 0:24तो अपने कानों में ये प्लग्स लगा लो दुनिया से थोड़े से दूर हो जाओ
- 0:28एंड लेट मी स्टार्ट दी स्टोरी तो कहानी है आंचल और अभिमन्यु की
- 0:34आंचल जो की उसका नया अभी रिसेंटली ब्रेकअप हुआ था।
- 0:39और वो काफी दुखी थी इस चीज़ को लेकर क्योंकि जैसी वो थी ना वो
- 0:44बिलकुल चेंज हो गयी थी। अब वो हंसने खेलने वाली आंचल जो
- 0:49हर चीज़ को बहुत लाइट लिया करती थी, हर चीज़ में खुशियां ढूंढ
- 0:53लिया करती थी। आज से अपने बेड से निकलने तक में
- 0:57परेशानी हो रही थी। इतनी ज्यादा डिप्रेस हो चुकी थी।
- 1:00वो होती है ना हमें इस इंसान की ऐसी आदत हो जाती है की हम सोचते
- 1:06है यार ये इंसान तो जिंदगी में होना ही चाहिए।
- 1:10ये नहीं हुआ तो शायद हम जी नहीं पाएंगे।
- 1:13उसके लिए एकदम वैसा ही था वो इंसान जो अब।
- 1:18उसके साथ नहीं था। परेशान थी वो थकीहारी थी, सोचती
- 1:22थी की काश 1 दिन अभिमन्यु वापस आ जायेगा लेकिन एक बार जाने के बाद
- 1:27वो शायद उसने मुड़कर भी नहीं देखा था।
- 1:30वो अपनी ज़िन्दगी में बस अकेली रह गई थी।
- 1:33दो दोस्त थी उसकी, जो हमेशा उसे सपोर्ट करती थी, लेकिन।
- 1:38आंचल के लिए शायद अब कोई भी चीज़ मैटर नहीं करती थी, ना वो ऑफिस जा
- 1:43रही थी, ना कुछ काम कर रही थी, मूव ऑन नहीं कर पा रही थी।
- 1:47वो धीरे धीरे धीरे धीरे डिप्रेशन में जाती जा रही थी, लेकिन उसके
- 1:52पास था एक फ़ोन में एक फोल्डर जिसमें।
- 1:56उनके सारे वौइस् चैट्स थे। जब अभिमन्यु से बोला करता की गुड
- 2:01मॉर्निंग कैसे हो तुम यार तुम ठीक तो हो ना कोई बात तो नहीं है ना
- 2:07छोटी छोटी बाते उसे बताता उसकी छोटी छोटी बाते सुनता सब कुछ
- 2:10खूबसूरत था और वो सारे वौइस् नोट्स वो उसे शायद अब।
- 2:15सोने में हेल्प करते थे। उन्हें बिना सुनो उसे नींद नहीं
- 2:18आती थी। अब वो बहुत पसंद करती थी अभिमन्यु
- 2:22को और सच बात ये थी की अभिमन्यु क्यों गया उसका एग्ज़ैक्ट रीसन भी
- 2:27उसे नहीं पता था। ये सबसे बड़ी प्रॉब्लम थी।
- 2:30बस 1 दिन आया और उसने किसी छोटी सी बात का बतंगड़ बना दिया।
- 2:35जो की ऐसा वो था नहीं पर अब वो नहीं था।
- 2:38उसके साथ साथ थे तो वो वौइस् नोट्स वो बाद में वो यादें जो
- 2:45उन्होंने एक साथ गुजारी थी, सब कुछ उसे हर रात वो वौइस् नोट
- 2:50सुनकर ही सोने की आदत लग गई थी अब अब करीबन।
- 2:541 साल हो गया था उसके ब्रेक अप को हर रात वो वही वौइस् नोट सुन थी
- 2:59और जैसे अब वो बिलकुल पुरानी वाली आँचल नहीं थी।
- 3:03सब कुछ बदल गया था, अपने काम पे फोकस रहता।
- 3:06उसका उसे मतलब ही नहीं था जैसे दुनिया से उसके वो दोस्त भी अब
- 3:10बहुत कम बाते होती थी उनकी उन से। सब कुछ फिर भी आंचल की जिंदगी में
- 3:14जैसे थम गया था उसी वक्त जब अभिमन्यु उसे छोड़कर गया पर ठीक
- 3:20है अपने दर्द से ना हम धीरे धीरे सीख जाते हैं लड़ना लोग कहते हैं
- 3:25कि वक्त हर चीज़ हर घाव को भर देता है लेकिन वक्त नहीं होता।
- 3:29वो ओह घाव हमारे हम। सहने की आदत डाल लेते हैं।
- 3:34वक्त उन गावों को भले ही भर दे लेकिन जो दिल की चोट होती है वो
- 3:38दिखती नहीं है। कुछ दर्द बस महसूस होते हैं और
- 3:43आँचल के लिए अभिमन्यु का जाना एक ऐसा ही दर्द था जो वो चाह कर भी
- 3:49खत्म नहीं कर पा रही थी। पर ज़िन्दगी है।
- 3:52किसी के जाने या किसी आने से कभी रूकती नहीं है।
- 3:56यही तो बात है ज़िन्दगी की चाहे कोई कितना भी इम्पोर्टेन्ट इंसान
- 3:59हो। हम सोचते हैं की यार ये इंसान
- 4:02नहीं रहा ना तो हम भी नहीं रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं होता है।
- 4:06जब तक ये सांसें चलती है ना तब तक सब जी लेते हैं, भले ही जीने का
- 4:10मन हो ना हो। जब तक नहीं जाना है ना, जब तक
- 4:13नहीं ही जाओगे। आँचल ने भी कई बार कई सारी चीजें
- 4:18अपने आप को खत्म करने के लिए ट्राई की, लेकिन हर बार सब हावु
- 4:21बच जाती कैसे? उसे भी नहीं पता था।
- 4:25शायद उसने सोचा भगवान उसकी किसी गलती की सजा उसे दे रहे थे।
- 4:29क्यों, कैसे? क्या नहीं पता उसे?
- 4:32फिर कुछ दिन बाद उसका फ़ोन खराब हो गया लेकिन उसे फ़ोन से ज्यादा
- 4:39वो वौइस् नॉट इम्पोर्टेन्ट थे क्योंकि अब उसके पास नहीं थे।
- 4:42उसे समझ ही नहीं आ रहा था की आखिर अब वो करे क्या?
- 4:46पागल सी हो गयी थी वो? उसने उसने कितनी बार ट्राई किया
- 4:50की वो फ़ोन सही हो जाए या कैसे भी वो वौइस् नोट्स उसे मिल जाए लेकिन
- 4:54नहीं मिले। अब वो ऑर्डर प्रेस हो गई।
- 4:57उसने अपने दोस्त को बोला की यार वो वो वौइस् नोट्स चले गए और उसके
- 5:03साथ जैसे मेरी जीने की तमन्ना भी अब मुझे नहीं जीना।
- 5:08रोते हुए उसने अपनी दोस्त को जब सारी बातें बताई तो वो उस रात
- 5:11उसके फ्लैट पर आए। उसने उसके साथ टाइम स्पेंड किया
- 5:15की ये कुछ गलत ना कर ले लेकिन एक हफ्ते तक उसकी दोस्त उसके साथ रही
- 5:21और उसको एमोशनल सपोर्ट देती रही। भले ही वो एक दूसरे से ज्यादा बात
- 5:25नहीं करते थे, लेकिन उसकी प्रजेंस से आँचल के लिए शायद काफी थी।
- 5:29अब ठीक थी, वो खुश थी, वो अब खुश भी नहीं, पर हाँ नॉर्मल लेकिन फिर
- 5:351 दिन जब आँचल अपने ऑफिस से लौट कर आई, उसने देखा कि उसके घर के
- 5:39पास एक पार्सल रखा था। जीस पर उसका नाम था।
- 5:43अंदर ले जाकर उसने वो पार्सल खोला और उसमें एक पेन ड्राइव थी।
- 5:47जब उसने वो पेन ड्राइव अपने लैपटॉप में लगाई तो उसने देखा
- 5:50वहाँ पे वो सारे वौइस् नोट्स थे जैसे मानू ये क्या और ये भेजे
- 5:56किसने थे उसे कुछ नहीं पता था। नौशी वास् ऑल कॅन्फ्यूज्ड ये ये
- 6:04सारी फाइल्स वैसा था जैसा उसके फ़ोन में था लेकिन ये भेजे किसने?
- 6:11उसके लिए कोई अंदाजा नहीं था उसे। लेकिन वो फिर से खुश रहने लगी थी।
- 6:16अब उसके दोस्त भी वहाँ से चली गई। उसने कहा कि ठीक है ना, अब तू चली
- 6:20गई थी, वो भी वहाँ से? अब आँचल भी हर रोज़ फिर से उन्हीं
- 6:24वॉइस नोट्स को सुनके जीने लगी थी लेकिन एक सवाल था उसके दिल में आज
- 6:28भी की अखिर अभिमन्यु उसे छोड़ कर क्यों गया?
- 6:32उसने कई बार अभिमन्यु से पूछने की कोशिश की थी।
- 6:35कई बार कॉल टैग सब कुछ किया उसने। लेकिन एक जवाब उसे कभी भी नहीं
- 6:39मिला था की आखिर। क्यों?
- 6:43अब जो भी था यही था ये वौइस् नोट्स जो उसके जीने की वजह बन गए
- 6:48थे लेकिन आखिर ये उसे भेजे किसने थे?
- 6:52वहीं दूसरी ओर था वो इंसान। उसने अपना फ़ोन सही करने के लिए
- 6:58एक शॉप में डाला था। वो शॉप वाले से उसने बहुत
- 7:01मिन्नतें की यहाँ जोड़े की प्लीज़ इसका डेटा भी नहीं चाहिए।
- 7:05मुझे बस फॉर वौइस् नोट्स लेकिन उसने मना कर दिया था कि ये हो ही
- 7:10नहीं सकता है। काइंड ऑफ़ इम्पॉसिबल कोई बहुत ही
- 7:13स्मार्ट इंसान हूँ तो बात अलग थी लेकिन वो डेटा रिकवर करना ही वास्
- 7:17नॉट इजी। और इसीलिए उसने कई बार उसे दुकान
- 7:19से लौटाया भी लेकिन फाइनली उसने गुस्से में वो फ़ोन वहीं छोड़
- 7:22दिया और लौटाई थी की अब वो सही नहीं हो सकता।
- 7:25तो इस फ़ोन का ही मैं क्या अचार डालूंगी लेकिन उसकी ये सारी बातें
- 7:30सुन रहा था। फैज़ल फैज़ल उसकी दुकान पे काम
- 7:33किया करता था लेकिन वो ब्रिलियंट था।
- 7:38उसने जब ये हालत देखी आंचल की तो उसने सोचा कि वो कोशिश करेगा, वो
- 7:44उन फाइल्स को रिट्रीवर करने की कोशिश करेगा और उसने की भी उसने
- 7:48बहुत मेहनत से वो फाइल्स रिट्रीवर की एक हफ्ता जरूर लगा लेकिन दट
- 7:53शोज़। क्यों?
- 7:55कैसे उसे नहीं पता था। पर उस दिन जब उसने आंचल को रोते
- 7:59हुए देखा तो उसे कुछ अजीब लगा जैसे उसके अंदर भी कुछ टूट रहा
- 8:03था। उसे बस जोड़ना था वो सब कुछ वापस
- 8:07से और उस दिन वो पार्सल भी उसी ने वहाँ रखा था आंचल ने।
- 8:13अब वापस से हँसी खुशी ऑफिस जाना शुरू कर दिया था तो वो खुश था की
- 8:17चलो ऐट लिस्ट, वो इंसान अब खुश लेकिन फिर एक सवाल उसके दिल में
- 8:22भी आया की आखिर ऐसा क्या था उस वौइस् मूड में?
- 8:25उसने एक फाइल अपने पास भी रखी थी और ना चाहते हुए भी किसी की
- 8:29प्राइवेसी को इनवेड करना इस वेरी रॉंग।
- 8:32लेकिन कहते हैं कुछ चीज़ें कुछ गलत डिसीजंस ही हमारी ज़िन्दगी
- 8:35में बहुत कुछ सही कर जाते हैं। उसने उसमें से वौइस् नोट सुने और
- 8:40थोड़ा बहुत उसके फ़ोन के मैसेज वगैरह उसे अंदाजा लग गया की आखिर
- 8:44प्रॉब्लम क्या थी? लेकिन शायद ये सही रास्ता तो नहीं
- 8:48था ना वो। कब तक अभिमन्यु के वो वौइस् सुनकर
- 8:51अपनी जिंदगी गुजार दी। कभी ना कभी उसके अंदर के अकेलापन
- 8:55खालीपन को उसे भरना पड़ता पर वो जीस हिसाब से मिन्नतें कर रही थी।
- 9:00लगता नहीं था कि वो राजी थी अभिमन्यु को जाने देने के लिए और
- 9:05फैज़ल ने बहुत सारी चीजें ट्राई की।
- 9:09कई बार उसके दरवाजे पे फ्लवर्स रखे।
- 9:12कई बार बहुत सारे नोट्स रखे लेकिन आंचल को उस चीज़ पे ध्यान नहीं था
- 9:16क्योंकि वो हर रोज़ कोशिश करती की उसपे अभिमन्यु लिखा दिख जाए लेकिन
- 9:20नहीं था तो वो कभी उस बुके को अंदर तक नहीं ले जाती थी।
- 9:24वो बस ठीक थे। उस वौइस् नोट्स के साथ अब तुम्हे
- 9:27क्या लगता है? कि क्या हम किसी के यादों में ऐसे
- 9:30रह सकते हैं या हम सिर्फ किसी के जाने के बाद भी पास्ट को ऐसे ही
- 9:35होल्ड ऑन करके रख सकते हैं? क्या ज़िन्दगी में आगे बढ़ना
- 9:39जरूरी नहीं होता है? ये प्यार होता है या फिर ऑब्सेशन
- 9:44या फिर एक दिल का टूटना मुझे नहीं पता।
- 9:47पर आंचल बहुत बिखरी हुई थी, जिसे समेटने के लिए शायद फैज़ल जैसा एक
- 9:52प्यारा सा इंसान जरूरी था। शायद भगवान ने उसके लिए भेजा था।
- 9:58अब फैज़ल कोशिश कर करके थकने वालों में से नहीं था।
- 10:02वो हर रोज़ वो बुके रखता और वो हर रोज़ आंचल उसे इग्नोर करती।
- 10:07फिर कुछ दिन उसने वो बुके नहीं रखे।
- 10:10आँचल को लगा चलो ठीक है पर अब कही ना कही उसे उन बुके की भी आदत थी
- 10:15की भले ही वो उस अंदर नहीं ले जाती थी लेकिन उसे लगता जैसे किसी
- 10:20को उसकी कदर थी पर कौन था वो वो नहीं जानती थी।
- 10:26फिर 1 दिन। उसने वो बुके जो थे, वो फिर से
- 10:30आया और उसने उस बुके को अंदर ले जाया और उसमें एक नोट था कि हम जब
- 10:35तक अपने पास्ट को जाने नहीं देते, तब तक हम बस घुटते रहते हैं।
- 10:40एक वक्त आता है जब हमें हमारी पास्ट को भूलना पड़ता है।
- 10:44जिंदगी जीने का यही नाम है। यही ज़िन्दगी है हर कोई होल्ड ऑन
- 10:50नहीं करके रख सकता। अपने पास्ट को शायद वो वौइस् बहुत
- 10:53तुम्हारे लिए बहुत जरूरी है, लेकिन तुम्हारे लिए सबसे ज्यादा
- 10:57जरूरी तुम होनी चाहिए हो। अब मेरा ये कहने का हक नहीं बनता।
- 11:02बट अगर हो सके तो उन्हें डिलीट कर देना।
- 11:06लेकिन आँचल ने तब उस अड्वाइस पे बिलकुल ध्यान नहीं दिया लेकिन कुछ
- 11:11दिन बाद उसे खुद समझ आने लगा की शायद ये जरूरी था उसके लिए हर
- 11:16रोज़ अब वो बुक के अंदर ले जाती। उसपे कोई ना कोई अच्छा सा नोट
- 11:19लिखा रहता और वो खुश हो जाती उसे पढ़ के अब शायद उसे उन वौइस्
- 11:24नोट्स की जगह उस हैंड रिटन नोट की आदत थी लेकिन किसी भी चीज़ की आदत
- 11:29लगना वास् नॉट राइट तो अब वो क्या करेगी?
- 11:35क्या उसे मैंने सुना है? पता है कि किसी ने कहा था कि
- 11:39जिंदगी में प्यार सिर्फ एक बार होता है, दूसरी बार नहीं होता है।
- 11:44लेकिन मेरा मानना ये है की शायद हम प्यार नहीं, कभी कभी हम गलत
- 11:50इंसान से प्यार कर देते है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की वही पहला और
- 11:53आखरी प्यार होना चाहिए था। प्यार तो एक कंफर्ट होता है जो
- 11:58हमें एक इंसान से मिलता है। हम उससे बात करते है, हम खुश रहते
- 12:03है। प्यार नहीं होता है।
- 12:06प्यार कोई ऐसी चीज़ नहीं होती की कोई टेस्ट है जो एक बार दिया तो
- 12:10बस काफी है। प्यार हर रोज़ एक टेस्ट होता है
- 12:14और हर रोज़ एक नई प्रॉब्लम दिलाता है, लेकिन उसके साथ सुकून भी है।
- 12:18तुम्हारी ज़िन्दगी में कोई ऐसा इंसान की तुम बस।
- 12:22दुखी हो, खुश हो कुछ भी हो, तुम सबसे पहले उसे बताना होता हैं,
- 12:25तुम्हे लगता हैं जैसे उसे नहीं पता होगा ना तो कुछ तो गलत होगा,
- 12:30वो होता हैं प्यार खूबसूरत सी फीलिंग धीरे धीरे कहीं ना कहीं
- 12:36फैज़ल ने अब उसके दिल से अंशुमान को निकाल दिया था।
- 12:40लेकिन अब आँचल जानना चाहती थी की ये है कौन?
- 12:43फिर 1 दिन उसने वहीं देखा किसी से पूछा की आखिर ये फूल रखता कौन है
- 12:50तो बताया उसे किसी ने की एक लड़का आता है और चुपचाप इस फूल को रख के
- 12:54चला जाता है। तभी उसने कुछ नहीं कहा।
- 12:57किसी से जब उसे बाद में पता चला। 1 दिन उसने अपने घर में रहकर ही
- 13:03किहुल से देखा कि आखिर वो था कौन? और वो फैज़ल था।
- 13:07उसने अगले दिन जब वो फिर से पुल रखने आया तो गेट खोल दिया और कहा
- 13:12कि ये फूल ही रखते रहोगे हमेशा तभी मुझे जानने की इच्छा नहीं हुई
- 13:16तुम्हारी। पूछा नहीं तुमने की आखिर वो वौइस्
- 13:19नोट्स मेरे लिए इतने इम्पोर्टेन्ट क्यूँ थे?
- 13:21तो फैज़ल ने उसे बताया की वो इम्पोर्टेन्ट थे नहीं थे, किसी के
- 13:24भी थे इम्पोर्टेन्ट हो तुम और किसी भी इंसान के लिए तुम जीना
- 13:29नहीं छोड़ सकती हो उस दिन जब तुम वो शॉप पर आयी थी और तुम मिन्नते
- 13:33कर रही थी तो समझ आया की तुम्हारे लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट थे वो
- 13:37लेकिन तुमने उसे अपना एक ऑब्सेशन बना लिया था शायद ज़रूरी नहीं था
- 13:43जीस दिन तुम उन वौइस् नोट्स को डिलीट कर दोगे उस दिन तुम आजाद हो
- 13:46जाओगी, जिंदगी जीना सेख जाओगी और फिर फज़ल के सामने उसने वो सारे
- 13:53वौइस् नोट डिलीट किए और फज़ल से कहा।
- 13:56शायद अब मैं तैयार हूँ एक नई शुरुआत के लिए और बस यही खत्म
- 14:02करती हूँ मेरी कहानी आई नो इट वास् नॉट दट गुड टु बी ऑनेस्ट एंड
- 14:05आई नो दट। बट मेरे पास कोई कहानी नहीं थी और
- 14:07दूसरी बात ये थी कि मेरे गले में बहुत दर्द हो रहा है।
- 14:09हार कंटिन्यूवस्ली बोलने के बाद तो मैं बोल भी नहीं पा रही हूँ।
- 14:13बट मुझे बोलनी थी, क्यों बिकॉज़ यू नो की क्या मैं 2 दिन से नहीं
- 14:16बनाई हूँ। कहानियों एंड हमारी रैंकिंग वापस
- 14:18से नीचे गिरने लग गई थी तो मुझे ये था की यार कुछ तो बनाओ, कुछ तो
- 14:22बनाओ तो मैं अगली बार कोशिश करती हूँ की बहुत अच्छी सी कहानी के
- 14:26साथ आती हूँ कल आई विल बी यू नो आई विल ट्राई मैं लेवल बेस्ट की
- 14:30मैं कोई अच्छी कहानी रिकॉर्ड कर पाऊ।
- 14:32पर तब तक के लिए चलो मिलते ही हूँ तुमसे और प्लीज़ सुनते रहो यार
- 14:36कभी कभी मैं नाम ही डाल दूँ, मेरे थोड़े इश्यू रहते हैं तो तुम ऐट
- 14:39लिस्ट सुन्दर हो वैसे तुम सुनते हो चलो ठीक है आई नो दट और चलो
- 14:43मिलती हूँ तुमसे अगली कहानी में बहुत सारी बाते करनी थी पर अभी
- 14:45गला यार मेरे को बिलकुल अलाउ नहीं कर रहा है तो मैं कल आके वापस
- 14:48ट्राई करती हूँ रिकॉर्ड करने का, पर तब तक के लिए चलो बाई।