Latest / Baba ji Vijay Vats / 17 Jan 26 - शराब और नशे को संतों ने क्यों मना किया? गाय और माँ की पूजा: डेल्टा वेव्स का रहस्य Adam और Eve का सच
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- 0:21थीम चंद गरियाल चरसपश् बवई संतो ने अंत स्थल पर जाने के लिए।
- 0:47शराब वगैरह मादक द्रव्यों के मनाहीकों के सुन्दर सवाल मादक
- 1:10द्रव्या शराब असीम इस स्टीमलस। और स्टिमुलैंट्स के कारण आपके
- 1:26भीतर गामा रेन्स का प्रभाव बढ़ जाता है, जब गामा रेन्स का प्रभाव
- 1:39बढ़ जाता है। तो हमारे हार्ट्स साइकल्स तेज
- 1:50होते हैं, तेज होते हैं तो हमारा स्वभाव तेज हो जाता है।
- 2:05और उस तेज स्वभाव के कारण शराबी व्यक्ति ऊंट पटांग काम करता है।
- 2:24संत का लक्ष्य होता है नॉन स्टिमुलेशन नॉन स्टिमुलेशन तक
- 2:32पहुंचाना। नॉन स्टिमुलेशन का अर्थ है आनंद।
- 2:42स्टिमुलेशन का अर्थ है सुख, सुख और आनंद में बस इतना सा फर्क है
- 2:56जब तुम उतेजित होते हो तो तुम्हें लगता है हम सुखी।
- 3:05जब तुम ठहर जाते हो, उत्तेजना रहें तो हो जाते हो तो तुम्हें
- 3:15असली रस पान तब पीने को मिलता है। सारा अध्यात्म इस दी प्रोसेसर टू
- 3:26बी नॉन स्टिमुलेट यह प्रक्रिया है उत्तेजना रहित होने की।
- 3:44सिर्फ उतेकना रहे तो व्यक्ति ही रहस्य का काम करेगा और जो रहस्य
- 3:54का काम करेगा वो ही रहस्य का बखान करेगा।
- 4:02नो? उतेजना का पान किए बिना उस अमृत
- 4:09जो कि नॉन उत्तेजक है नॉन नष्ट मल है, पान किए, बेना उस रहस्य का।
- 4:22वर्णन करना, व्याख्या करना लोगों को भ्रमण करना है।
- 4:32ब्राह्मण शब्द ब्रह्म से बना है बड़ा प्यारा शब्द।
- 4:40तुम जब कहते हो कि हमने ब्राह्मण करना है तो समझ लो कि तुम ब्रह्मण
- 4:48से युक्त हो अन्यथा ब्राह्मण हीनता की अवस्था में तो ब्राह्मण
- 4:59नहीं होता। वर्ण ठहराव होता है।
- 5:04थोड़े शब्द गहरे हैं। आराम से सुन न समझाए तो रिवाइंड
- 5:10करके सो जाए। इसीलिए परमात्मा।
- 5:18निर उत्तेजना का नाम है नॉन स्टिमुलेशन निर उत्तेजना में
- 5:33पहुँचकर आप सच्चे अमृत का स्वास्थ्य।
- 5:44शराब या अन्य मादक कर्तव्य स्टिमुलैंट्स हैं उत्तेजक यह आपको
- 6:04उत्तेजना प्रदान करता है। ध्यान रखें गेहूं भी उत्तेजक है।
- 6:23चावल भी उत्तेजक है। मुझसे यह मत पूछना फिर हम क्या
- 6:33कहें? मैं सिर्फ वस्तुओं की रचना का
- 6:41वर्णन कर रहा हूँ इसमें एक कहानी है इस्लाम में।
- 6:58के आदम और ईद को परमात्मा ने कहा था कि ये फल मत चख लेना।
- 7:05फल था गेंहू का बहुत सालों तक आदम और ईवन।
- 7:18कणक नहीं खाया कहानी, लेकिन इन कहानियों में भीतर के रस का
- 7:29वर्णन। बिना गेहूं कण क खाये अन्य अन्य
- 7:43चीजों से वो अपना शरीर चलाते रहे। 1 दिन दोनों ने कण क खा लिया।
- 7:57इस सलाम की बहुत मशहूर कहानी है तो कहते हैं कि अल्लाह आ गया,
- 8:13अल्लाह कहते तुमने मना करने के बावजूद भी।
- 8:18यह फल खाया हाँ खाया तो फिर तुम संसार में चले जाओ, धरती पे चले
- 8:26जाओ अब इस कहानी के बड़े गहरे। जब तक तुम नॉन स्टिमुलेशन में हो
- 8:39तो तुम स्वर्ग में हो और जब तुम स्टिमुलेशन में आ गए, तुमने कोई
- 8:50भी स्टिम्युलेटेड पदार्थ खा लिया। शराब हो शराब तो ज्यादा उत्तेजना
- 8:59पैदा करती है, अल्कोहल होता है इसमें अफ्शीन या मादकतरबो जैसे ही
- 9:14तुम उतेजित हो। वैसे ही तुम उस रस से पार चले
- 9:23जाओगे पर दूर रस तुम्हारा अंतर्मुखी बनाता है तुम्हें।
- 9:33और तुम्हारे माधक द्रव्य तुम्हे बहर्मुख ही बनाते हैं, रस
- 9:40तुम्हारे भीतर डेल्टा वेव्स उत्पन्न करता है और स्टिमुलैंट्स
- 9:50माधक द्रव्य तुम्हारे भीतर। उत्तेजना बेहरमुखी हो जाते हो।
- 10:02अब इसको अच्छी तरह से तुम समझ गए हो।
- 10:06नॉन अस्टि पदार्थ गाय का दूध। बिलकुल नॉन स्टिमुलैंट है।
- 10:23दूध नॉन स्टिमुलैंट है ज़रा भी स्टिमुलेशन है तुम्हारे वैज्ञानिक
- 10:34है। इसमें प्रोटीन इतना फैट इतना
- 10:43कार्बाइडेड, इतना आइरन करीब करीब शून्य नमक भी कम होता है।
- 10:52पॉइंट फ़ोर सिक्स। तो यह आपूर्ति कैसे करेगा?
- 11:00करेगा गाय का दूध या भैस का दूध दोनों का शरीर में?
- 11:15तमाम व्यवस्था की पूर्ति करेगा। मेरे को चौदहवां साल चल रहा है।
- 11:22दूध के अतिरिक्त मैंने बस पानी ही पिया होगा अगर पिया तो।
- 11:38उषा है शराब पीने सिर्फ तुम्हें उत्ते ही जाना चाहती है, मात्र
- 11:48शराब पीकर तुम रस के पास नहीं जा सकते।
- 11:55जीसको आनंदा कहा जाता है तुम ये भी पूछ सकते हो फिर गोजिय शराब
- 12:07क्यों खुलवाते थे? तुम्हारे अचेतन मन को हल्का करने
- 12:11के लिए वह सदा ही शराब नहीं पिलाता था।
- 12:20सबसे पहले तुम्हारे अचेतन का भार हल्का होना चाहिए।
- 12:24इससे पहले कि तुम उस रस की यात्रा करो, तुम्हारा चेतन हल्का हो जाना
- 12:32चाहिए। यह शुरुआती पड़ा।
- 12:41उसके बाद रोक देता था रुक जाओ अब जरूरत नहीं तो तुम दूध के साथ
- 12:49गुड़ ले सकते हो शक्कर। शकरमच में कार्बहाइड्रेट में ले
- 13:00कैलोरीज़ में नहीं बाकी सब कुछ तो उसमें है ज्यादा मात्रा में ले
- 13:08सकते हो आप? दूध सिर्फ दूध जिंदा रखता है,
- 13:19इसका साक्षात ब्राह्मण में और जिंदा ही नहीं रखता।
- 13:32आनंद से युक्त मस्ती से भरा जीवन निरउत्तेजियां।
- 13:40उत्तेजना से रहित व्यक्ति स्थिर बैठा रहता है अपने आप परमात्मा ने
- 13:53कहा आदम और ईव को। अगर तुमने यह फल खा लिया, तो अब
- 14:01तुम जाओ धरती इसका मतलब सिर्फ इतना ही अब तुम मैं उतेजनाएगी और
- 14:09उतेजनाएगी तो तुम उतेज का काम करो, कामवासना वगैरह के भीतर
- 14:15उलझो। क्रोध आएगा, लोह आएगा, मोह आएगा,
- 14:22अहंकार आएगा। फिर अब तुम यहाँ नहीं रह सकती।
- 14:27यानी अपने अंतःस्थल पर तुम नहीं रह सकते।
- 14:37अगर तुमने उतेजक बता दिखा दिया फिर तुम्हारी जगह कहाँ है खोपड़ी
- 14:49अपने तन से उठोगे पहला पड़ाव आएगा हर दर का।
- 14:57अगर तुमने ज्यादा उत्तेजक पदार्थ ले लिया, फिर तुम कपड़े में रखो
- 15:05इसलिए आपने देखा होगा बहुत से व्यक्ति शराब पीकर अच्छी अच्छी
- 15:10बातें करते हैं, खासतौर से अंग्रेज लोग।
- 15:20वो शराब पीते बड़ी कम मात्रा में एक्यूरेट मत।
- 15:29सामान्यतः डॉक्टर्स जीरो अल्कोहल की बात करते हैं।
- 15:39अल्कोहल पीना ही नहीं चाहिए, वह आपके जगह को खराब कर देता एसिड
- 15:47बढ़ा देता क्योंकि अल्कोहल क्रीक कोई एसिड ही होता है।
- 15:55आपके बहुत से तंतु को उत्तेजित करता हूँ, लेकिन रिकमेंड
- 16:03बुजुर्गों या महलाएं ठीक अवस्था में 30 एमएल।
- 16:15वाइन यारम शराब 30 एम एल 30 एम एल एक ढक्कन पांच एम एल का होता है,
- 16:28तो छः ढक्कन आप ले सकते हो। इतने रेकमेंडेड डोस है और जो वाइन
- 16:45है वाइन वह 100 से 120 एमएल तक सप्ताह में दो बार ले सकते हो।
- 17:03वेस्ट के डॉक्टर कहते हैं नॉन अल्कोहोल शराब पियो मत जो की है
- 17:11उते और ध्यान रखना। जो व्यक्ति ब्लड थिनर इसका प्रयोग
- 17:22कर रहा है एस्प्रिन। या जीसको बीपी है, मधुमेह है,
- 17:33लिवर की समस्या है, वह इसका गलती से भी उपयोग करना है।
- 17:40ब्लड, थिनर्स, एस्पिरिन वगैरह। यह आपके जिगर की समस्या है जिगर
- 17:55में ओटीपीटी बढ़ गया है शराब बन कर द दक्षिण।
- 18:11शराब एक उत्तेजना है और अगर आपको रेकमेंड कर दी जाती थी तो वह
- 18:26सर्दी के लिए कि आपका चेतन मन खाली हो जाए।
- 18:32लेकिन उसके बाद वह बंद भी करवा देते थे।
- 18:44शराब और मादक पर फिर क्यों बंद कर दिया जाता है?
- 18:51क्योंकि ये स्टीमलन्स हैं, उत्तेजना और आपने जाना है उस सतल
- 18:58पर। जहाँ उत्तेजना रहितता होती है,
- 19:03ज़रा भी उत्तेजना नहीं होती वो इसलिए शिशु को छोटे बच्चे को आहार
- 19:10सिर्फ माँ का दूध बताया गया प्रकृति तय करती उसका आहार तुम
- 19:15नहीं तुम तो गलती खा जाओ। प्रकृति तय करती है और प्रकृति
- 19:25स्वमेव। तुम्हें पता भी नहीं होता तुम
- 19:27कहते थे हमने तुमको जन्म दिया, हमने तुमको पाला पोसा, तुम गलती
- 19:34हो। ना तुमने जन्म दिया ना तुमने पाला
- 19:40पोसा सब प्रकृति का काम है तुमने सिर्फ कुछ महज पलों का आनंद लिया
- 19:50न बच्चा वह स्वर्ण अण्डाणु से मिलके खुद ही पला बढ़ा गर्व में।
- 19:57खुद ही वक्त आने पर निष्कासित हुआ और प्रकृति पहले से इंतजाम कर
- 20:05देती है। किस से डायत्य का इंतजाम करती है
- 20:09दूध का माँ का दूध बच्चे के लिए सबसे बढ़िया है क्योंकि बच्चा
- 20:15देखिये कितना? नर उतेजक होता है, ज़रा भी उतेजना
- 20:21नहीं होती कुछ आनंद की खलखलाहट होती है मस्ती का स्वाद होता है
- 20:33एक नृत्य होता है। बच्चा नाचता हूँ जैसे हर वक़्त
- 20:39उसका रोआ रोआ नाचता हूँ, हर वक्त वह खिला खिला से रहता है और
- 20:45तुम्हारे मुँह की जोड़ियां देखो। किस रोग ने खा लिया है तुम्हे?
- 20:57उस रोग ने खा लिया है तुम्हें जो होता ही यह बर्डन और यह बर्डन नाम
- 21:06की कोई चीज़ नहीं होती। किसी के ऊपर में यह तुमने बनाए
- 21:11हैं सारे। पड़ोसी ने तीन मजला मकान डाल
- 21:16दिया। तुम्हें रात को नींद क्यों नहीं
- 21:18आई? पड़ोसी बड़ी कार में ले आया घूमता
- 21:26है, तुम्हारी नींद किसने छीनी? इस कॉम्पटीशन में तुम्हारा अहंकार
- 21:39स्वयं को छोटा समझने लग जाता है जब कोई बराबर में बड़ा अहंकार आके
- 21:44खड़ा हो जाता है, लेकिन तुम्हें एक बात मैं बता दूँ इसे गौर से
- 21:49सुन। जिसने तीन मंजिला बनाया वो तीन
- 21:56मंजिलें को संभालेगा भी सफाई भी करेगा जिसने बड़ी गलतियाँ हथियानी
- 22:03तुम्हें नहीं पता उसकी रातों की नींद खराब हो जाएगी।
- 22:09फिर उसे बचाना भी पड़ेगा। इसलिए ठीक से तानाशाह ठीक से सो
- 22:18नहीं पाते। जो आनंद की नींद शास्त्रीय ले
- 22:22पाते हैं, वह आनंद की नींद हमारे आज कल के नियम नहीं ले पाते।
- 22:30उन्हें सजा घबराहट इतना बड़ा मुल्क है कहाँ क्या हो गया?
- 22:37अपना घर संभालना ही मुश्किल पड़ता है और मुश्किल पड़ता है तो वहाँ
- 22:45से छोड़ छोड़ के भाग आते हैं। फिर ड्रामेबाजी शुरू हो जाती है
- 22:54और जो घर को नहीं संभाल सका भला देश को कैसे संभालेगा?
- 22:58इतनी छोटी सी बात तुम्हारी समझ में नहीं आती।
- 23:07प्रकृति पैदा करती है बच्चे का आहार तुम पर नहीं छोड़ती प्रकृति
- 23:15कोई भी चीज़ बच्चे ने स्वर्ग और अण्डाणु से पूर्ण विकसित कैसे
- 23:24होना है तुम पर ज़रा भी नहीं छोड़ती।
- 23:28और बच्चा जन्म के बाद क्या पिएगा? साल छः महीने तक माता का दूध
- 23:34पिएगा और उसने सारा अरेंज कर रखा है।
- 23:37इसमें तुम्हारा क्या योगदान है? बताना तुम जो कह देते हो हमने
- 23:44तुम्हें जन्म दिया। हमने तुम्हें पाला और अगर नहीं
- 23:50होता बच्चा तो फिर मजारों पे जाके मात्र टेकते हैं।
- 24:00फिर सन्तों, मसानों, मड़ियों के पास जाते हैं।
- 24:04क्या हुआ अगर यह बच्चा तुम्हारे लिए मुसीबत है?
- 24:09पालना फिर तुम क्यों मांगते हो, यह मुसीबत नहीं।
- 24:19यह वो खिलखिलाहट है जो सारे दिन भर की।
- 24:27आप जो शर्म हो के आए हैं सारे दिन टूट गए, बूझ गए तनाव से और साँझ
- 24:37आकर जब तुम छोटे बच्चे को उठा लेते हो और तुम्हारी सारी थकावट
- 24:41शुरू हो जाती है। कहाँ जाती है?
- 24:43मुझे बताओ क्या कारण है? बच्चे में से निकलती हुई वो
- 24:56डेल्टा रे सिर्फ दूध पीता है बच्चे।
- 25:04और दूध पीने वाले व्यक्ति में डेल्टा रेंज।
- 25:10इसलिए गाय को पूजे कहा गया। हमारे भक्त जो गाय की पूजा करते
- 25:21हैं, उन्हें पता ही नहीं है कि गाय को पूजे क्यों कहा गया?
- 25:27गाय के भीतर वो तंत्र है जो दूध को पैदा करता है और दूध डेल्टा को
- 25:36पैदा करता है। इसलिए नारी को पूज्य कहा गया यत्र
- 25:42नारी यस्ति पूज्यन्त नेवर संति तत्र देवता।
- 25:52क्यों नारी में दूध पैदा होता है, दूध डेल्टा को क्रियेट करता है,
- 26:02इसलिए जब माँ बच्चे के पास सोई होती है तो उसे ज़रा भी तकलीफ
- 26:08नहीं होती। तुम्हें लगता होगा माँ बहुत कष्ट
- 26:12जेलती है, लेकिन तुम्हें पता ही नहीं माँ बड़े आनंद में होती है,
- 26:21इसलिए माता यशोधरा। छोटे बच्चे राहुल को छोड़कर पता
- 26:32चला जाता है। राज़ घराने का मालिक है बुद्र तो
- 26:39यशोदरा को आम स्त्री की तरह तकलीफ नहीं होती।
- 26:45वह जानती है। बच्चे के साथ निर्वहन कर लेते
- 26:55बच्चे में डेल्टा रही है निकलती और खाने पीने को सब है।
- 27:04दास दास ने है नौकर चाकर। कोई कमी नहीं बच्चे के सहारे दिन
- 27:20काट लेती है, 12 साल काट लेती है। और सारी उम्र भी काट सकती है
- 27:31क्योंकि बच्चे में से डेल्टा रेंज निकलती है।
- 27:37जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता है, व्यस्त नहीं हो जाता है।
- 27:44शराब। फिर शराब कबाब को मांगता है, फिर
- 27:52कबाब शबाब को मांगता है। देखिए ये सिर्फ आधों पर लागू नहीं
- 27:57होता है। ये हितों पर भी लागू होता है।
- 28:01मेरी बात को ध्यान से समझ ले। शराब कबाब मांगती है और कबाब शबाब
- 28:14मांगता है, फिर उत्तेजना उठती है, और उत्तेजना।
- 28:23इन चीजों को पैदा करती है, इन चाहतों को पैदा करती है हमने
- 28:30लोगों को माता की तरह क्यों माना है?
- 28:34शायद इस बात का जवाब किसी ऋषि ने आपको दिया नहीं होगा।
- 28:40ऋषियों ने दिया। लेकिन वो ग्रंथ बुक दिया गया है
- 28:46जिनमें ये सारी चीजें वर्तांत से लिखी हुई थी।
- 28:50मेरे रिशयो में तो बहुत बार खो जाए, लेकिन।
- 28:58आज फिर मैं उन ऋषियों की बातों को जो नालंदा में भूंक दी गई किताबें
- 29:09जो ऋषियों ने अपने प्रगाढ़ परिश्रम से खोजे की थी।
- 29:21उसको फिर से बताने आया हूँ गउ की पूजा क्यों होती है और गउ होता
- 29:28क्यों गलत है और गउ का मास खाने वाला व्यक्ति?
- 29:40क्यों पापी माँ ना गया? आइए थोड़ी सी चर्चा इस पर कर लें।
- 29:52गऊ जो खायेगी उसका दूध बन जाएगा। गौमूत्र में कुछ औषधियाँ बनाने के
- 30:07लिए चीजें होती हैं लेकिन गौमूत्र को सीधा सीधा पान करना रोगों को
- 30:14निमंत्रण देना है, क्योंकि उसकी भी भीतर एंटायर की सारी
- 30:19प्रोसेसिंग। वह भी पेशाब और मल मूत्र के जरिए
- 30:24अपने विजातीय द्रव्यों को निकालती है।
- 30:29फॉरेन मैटेरियल्स, विजातीय द्रव्या उसको सीधे सीधे होकर लगा
- 30:42के जैसे हो। योगी जी पीते हैं, ये मुड़ता है
- 30:50और गोबर को खा लेना तो बिल्कुल ही मोड़ता है।
- 30:56गोबर तो बिल्कुल मल है, उसमें कुछ ऐसा नहीं।
- 31:01ईंधन के काम आ सकता है। अगर तुम लगातार गोबर को खाते
- 31:10रखोगे, ध्यान रखना तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी क्यों?
- 31:16क्योंकि इसमें सारे वो एसिड्स हैं।
- 31:19इसमें सारे वो जहरीले तत्व हैं। जो पेशाब में से नहीं गुर्दे में
- 31:25से छन के नहीं आए, जो सीधे सीधे तुम्हारी आंसड़ियों में से आए वो
- 31:33जहरीले अगर तुम रोज़ रोज़ गोबर का सेवन करते थे।
- 31:42तो कुछ ही महीनों में तुम्हारी मृत्यु निश्चित है और मैं तुमसे
- 31:47बता दूँ क्षमा करना थोड़ा सा कमतर बताऊँगा पूरा पूरा नहीं बताऊँगा,
- 31:57जिन्होंने कभी गलत चीनी महरहलों में गोबर खा लिया।
- 32:04उनकी आयु कम हो जाएगी। बस इससे ही तुम सारा मेरा इशारा
- 32:15भूल कर भी गोबर मत कहो। गो मूत्र तुम पी सकते हो, लेकिन
- 32:23आफ्टर लेबोरेटरी परीक्षण के बाद रोगशाला में दिखाओ और जो गलत तत्व
- 32:33हैं उनको गिरा दो सही सही तत्व रख लो, फिर उसको पियो।
- 32:40वह कई रोगों को नष्ट करें। गाय दूध देती है और दूध डेल्टा
- 32:52तरंगे पैदा करता है। अब मैंने आपको निचोड़ के रूप में
- 32:57बातें करनी शुरू कर दी। माता के भीतर भी दूध पैदा होता है
- 33:04और जब माता के भीतर दूध पैदा होता है उसके भीतर से से निकलना शुरू
- 33:10हो जाता है क्योंकि दूध पैदा करता है इसलिए गर्भवती स्त्री।
- 33:22के स्वभाव में एक विलक्षणता पाओगे वो है डेल्टा तरंग।
- 33:37ईश्वर ने इसे 100 भी पैदा कर दिया है।
- 33:43इन डेल्टा से भरपूर होकर वह जो दूध निकलता है वह बच्चों को पोषण
- 33:51देता है और इसलिए बच्चे इतने खिलखिलाते रहते हैं सारे दिन।
- 33:58डेल्टा तरंगों का परिणाम है। इसलिए तुम सदा ही कितने ही बूढ़े
- 34:03हो जाओ अपने बचपन को कभी नहीं भूलते कारण वो डेल्टा तरंगों की
- 34:12उमंग। वो आनंद जो तुमने बचपन में पाया
- 34:19और तुम्हें पता भी नहीं क्यों मिला वो माता के दूत से मिला
- 34:24इसलिए माता के दूत से जो त्रंग मिली?
- 34:31बच्चा बड़ा होकर पुरुष सपनों की तरफ आकर्षित हो जाता है।
- 34:39कारण यही वो स्थान था जहाँ से मुझे ये तरंगें मिलें।
- 34:45उसको इन चीजों का पता नहीं होता। इतनी शिक्षित बुद्धि हुई नहीं
- 34:52होती और आज इतनी शिक्षित बुद्धि तो तुम्हारे तथा कथित डॉक्टरों के
- 34:58पास हुई नहीं है, जो इतनी गहराई की बातें जानते हो।
- 35:06गऊ की पूजा क्यों की गई? दो चीज़ें गौ में डेल्टा से युक्त
- 35:14होती हैं। शुद्ध शुद्ध चीज़ गौ की तो हमने
- 35:24एक शब्द बचपन में हमें सिखाया गया था।
- 35:27दारूषण दुग्ध। धार उषण सीधे गउ के छन से सीधा
- 35:36मुँह में धार मरो धार उषण वह उषण दूध डेल्टा की भरपूर रंगों से
- 35:44युक्त होता है और हम पीते भी रहे हैं।
- 35:52मैं जब दूध लेने जाया करता था उस वक्त आठवीं कक्षा में पढ़ा करता
- 35:56था और 31 किलो दूध 21 किलो का सर पर ग्राम उसके दोनों तरफ गुंडे
- 36:05लगे होते थे। अगर ये हाथ थक जाता।
- 36:09तो इस हाथ में बाल्टी रख लेता हूँ और ये हाथ ऊपर रख लेता हूँ एक हाथ
- 36:14संभालने के लिए चाहिए एक हाथ बाल्टी उठाने के लिए 10 शेर की
- 36:19बाल्टी और 21 शेर का ड्रम 31 किलो दूध।
- 36:26तीन किलोमीटर लगातार सर पे चल के साइकिल पे नहीं, आज तो तुमसे
- 36:31मोटरसाइकिल पे भी नहीं आता तो माता जी उसे मैं माता जी कहा करता
- 36:38था। गुरुदास मान की माता?
- 36:44वो जब गाय को दोहती तो थोड़ा सा दूध छोड़ देती।
- 36:52उसे पता था अब ये दारूषण दूध पिएगा।
- 36:56मेरे बारे में उसे जानकारी थी और दादाजी भी जानते थे।
- 37:01कपूर सिंह भी। तो वो भी छोड़ देते हैं।
- 37:06वो कहते हैं आओ बेटा पी ले थोड़ी से तो मैं गौ को धारूषण, दूध पीता
- 37:13हूँ, गौ का धारूषण दूध पीता हूँ और शेर भर पी जाता।
- 37:22खूब छोड़ देती तू पेट भर जाता ये दारूषण दूध मैंने बचपन में पिया
- 37:34हुआ है और जब भी मैं दूध लेने जाता हूँ, जहाँ पर भी गाय का दूध।
- 37:41तो मैं गारु क्षण दूध पीता कि थोड़ा सा मेरे लिए छोड़ देना, कोई
- 37:46बात नहीं। जमींदार विशाल हृदय के होते हैं,
- 37:56इसलिए किसानों से मुझे। इतना मोह उमड़ता है।
- 38:03किसान विराट स्वभाव के होते हैं और उन्हें परमात्मा विराट ही देता
- 38:08है। एक दाना भी देते हैं, 1000 दाने
- 38:11निकलते हैं, परमात्मा उन पर बरसता है, वो भी ऐसे ही स्वभाव के हो
- 38:22जाते हैं। गाय को पूजा इसलिए किया गया इसमें
- 38:27से वो परहस समय रंगों से युक्त डेल्टा वेव्स हैं जो कहीं से भी
- 38:34नहीं मिलते। या तो आपको अपने अंतर में
- 38:38मिलेंगे। या फिर दूध से मिलेंगे।
- 38:42तीसरा कोई पदार्थ धरती पर है ही नहीं।
- 38:51आज ये बहुमूल्य तथ्य मैंने आपको बताया।
- 39:01यह बहुमूल्य सत्य है। या तो दूध से मिलेंगे तुम्हें
- 39:06डेल्टा तरंग। यह तुम्हें अपने अंतःस्थ में जाने
- 39:10से मिलेंगे डेल्टा वेव तीसरी कोई चीज़ नहीं धरती पे जो परमात्मा ने
- 39:20ऐसी बनाई हो जीसको खाने पीने से डेल्टा वेव्स आपको मिल जाए।
- 39:30वैज्ञानिक कारणों से मैंने आपको समझाया नॉन स्टिमुलैंट होती है
- 39:35इसीलिए बच्चे में स्टिमुलेशन नहीं होती गाय के बछड़े में, गाय के
- 39:40बछड़े में। कितनी शक्ति होती है उछलता है वो
- 39:45ऊंचे ऊंचे और होता क्या? 1 दिन का होता है सर गाय का बच्चा
- 39:52जन्म लेते ही उछलना शुरू कर देता है, इतनी चेतना होती है, इतनी
- 39:58शक्ति होती है उसमें। मनुष्य का बच्चा तो छह महीने तक
- 40:07इधर उधर ही हिलता भी है गाय की पूजा हमने इसलिए की ओनली फार
- 40:17डेल्टा वेव्स। और तुम्हें किसी शास्त्र में नहीं
- 40:23मिलेंगे। इसलिए मैंने आपसे कहा था अपने
- 40:28चुनावी वायदों में इसलिए कृष्ण भगवान गऊ को पालते रहे।
- 40:38गोपालक भी कहा जाता है। गोपाल नाम है, उनका गौओं के संग
- 40:46रहने से आपकी वृत्ति मधुर हो जाएगी और गौओं का दूध पीने से
- 40:52आपकी वृत्ति अत्यंत अत्यंत? चुंबकीय हो जाएगी।
- 41:02इसलिए कृष्ण का व्यक्तित्व इतना चुंबकीय है क्योंकि वो गौमों के
- 41:08सांनिध्य में रहते हैं। इसे ग्वाला कहते हैं, आज हमारा
- 41:12कोई भी शास्त्र ये बात नहीं। कहता आपको?
- 41:19यद्यपि जय खोज बहुत पुरानी है, इसलिए मैं कहा करता हूँ कि ऋषियों
- 41:30ने हमारे लिए सिम्बोलिक रेप्रेसेंटेशन्स अब्रीविएशन छोड़
- 41:34दिए। प्रतीकात्मक वचन।
- 41:39कभी न कभी कोई न कोई आके उगाड़ लेगा, बता देगा कि इन चिन्हों का
- 41:46अर्थ क्या है? गउ को क्यों पूजा जाता है गउ को
- 42:00दान क्यों किया जाता है? गो दान का इतना महत्त्व क्यों था?
- 42:06शादी के वक्त हम गऊ दान का संकल्प ले लेते हैं तो ब्राह्मण कहते हैं
- 42:12कि संकल्प लो गऊ दान का पाखंडी वो है एक नंबर का।
- 42:17उसे न तो यह पता कि जीस गणेश को बुला रहे हो वो गणेश है भी ना
- 42:24शंकर का पता। ना विष्णु का पता, ना माँ पार्वती
- 42:29का पता ना लक्ष्मी का पता किसी का भी तो पता नहीं लेकिन आवाहन सभी
- 42:38का करता है। सोहन मोहन टोहन सभी आजा आता कोई
- 42:45बहने। तो गऊ दान का संकल्प लो जैसा
- 42:53ब्राह्मण है वैसे ही देवता गऊ दान का संकल्प यजमा ले लेता है, ₹100
- 43:00दे लेता है, ले भाई गऊ दान का संकल्प ₹100 में गऊ आ जाएगी, पर।
- 43:06लेकिन हमने ₹100 दान गौ दान के लिए करते थे, कोई वक्त था जब गाय
- 43:11₹10 में आ जाती थी, आए तो लाख रुपए में भी नहीं आती, अच्छी कहो।
- 43:23शराब गामा वेव्स पैदा करते हैं। इसलिए गामा वेव्स से युक्त
- 43:35व्यक्ति या तो शराब पीते हैं या उत्तेजक पदार्थ कहते हैं।
- 43:47जो काम है जो जल्दी जल्दी बोलेंगे, असपष्ट भाषा बोलेंगे,
- 43:55जिनके शब्दों में मिठास न हो, जिनके शब्दों में जल्दबाजी होगी,
- 44:04ठहराव न होगा। वो गामा वेव्स से युक्त होंगे
- 44:09क्योंकि गामा वेव्स का साइकिल बढ़ जाता है।
- 44:14ऐसे चक्कर जो डेल्टा वेव्स है वो आराम से चलती है।
- 44:20आधा चक्कर लगाया है एक सेकंड में ओह पॉइंट फाइव कहते हैं उसे।
- 44:25पॉइंट 5 टु 4 यह है डेल्टा समझ लेना वैज्ञानिक मन के जो भी लोग
- 44:32हैं वो अच्छी तरह से इसे समझ लें। वैसे तो आम व्यक्ति भी समझेंगे,
- 44:37जैसे मैंने अपने पूर्व के प्रवचनों में इन बातों को समझाया
- 44:42है। डेल्टा वेव्स आपको भीतर से
- 44:50क्रांतिकारी बना देती हैं। क्रांति मंत्र बदलाव आप क्रोधि से
- 45:02करुणामयी हो जाते। उस करुणा से आपको दूसरों के दुख
- 45:10अपने जैसे लगते हैं। उस दुख से तुम्हें तकलीफ होती है
- 45:17कि दूसरों को बराबर क्यों नहीं बँटा गया?
- 45:23क्यों एक व्यक्ति अपनी ट्रंकों को भर रहा है, जो वो खा नहीं सकता जो
- 45:29वो भोग नहीं सकता? भला ये अडानी जैसे लोग जितना
- 45:34इकट्ठा कर रहे हैं और यह है जो हमारा प्राइम मिनिस्टर एक व्यक्ति
- 45:39को दे रहा है? क्या वह इतना खा पाएगा?
- 45:44नहीं फिर क्यों गठ्ठा कर रहा है? यही तो पागलपन है, करोड़ों
- 45:56व्यक्तियों का छीनकर कुछ गिनती? चुनती उनती के लोग 1020 50,000
- 46:08लोग इकट्ठा किए बैठे हैं मैं इन सबको पापी कहता हूँ पापी श्रेष्ठ
- 46:14पापियों में सबसे श्रेष्ठ पापियों में सबसे श्रेष्ठ।
- 46:22जो इकट्ठा करते हैं इसलिए पतंजलि ने महावीर ने भूत ने अप्रिग्रह
- 46:30इकट्ठा ना करो क्योंकि इकट्ठा करोगे तो परमात्मा ने सीमित साधन
- 46:36सब के लिए बराबर दिए। और तुम अगर तुमने 1000 व्यक्तियों
- 46:42का इकट्ठा कर लिया तो समझ लो 999 व्यक्तियों का तुम खा गए, फिर 999
- 46:52व्यक्तियों का जिनका ये खा गए वो बेचारे चुप करेंगे।
- 46:58क्योंकि सत्ता इनके हाथ में ऐसे भी नाम बदल लेते हैं।
- 47:12सेवक कह देते हैं प्रमुख सेवक। होते दुष्ट हैं जो सभी की जेबों
- 47:25से छीन ले। किसी तरह राजनीतिक गोटियां बिछा
- 47:31के जीएसटी लगा के। या तरह तरह के टैक्स लगा दे, जो
- 47:38छीन ले और एक व्यक्ति को देते और बाकियों को कहे कि तुम तो सिर्फ
- 47:46ऐसे करो, जिंदा रहने के लिए खाओ। यही तो गुलबर्ग की पॉलिसी है।
- 47:53गोल वर्कर कहता, अगर तुमने दुनिया को नचा तो कुछ लोगों के हाथों में
- 48:03सत्ता को सीमित कर दो। और सत्ता क्या है?
- 48:05पैसा? पैसा कुछ लोगों के हाथ में दे दे
- 48:15दुनिया तुम्हारे इशारु में ना की हमारी आज खून में यह बात बिठा दी
- 48:23गई है। बिबिषा ग्रंथि में ये बात बिठा दी
- 48:27गई है कि कुछ लोग पुराने जन्मों में अच्छे काम करते हैं।
- 48:32इसलिए अगले जन्म में राजभोग भोगते नहीं।
- 48:35ये गलत है। कोई अच्छे कामने की है, देखो
- 48:40जिसने अब अच्छे कामने की पिछले जमाने में कखा किया है क्योंकि
- 48:46संस्कार कई जन्मों तक साथ साथ चलते हैं।
- 48:56पुशों ने एक जगह कहा कि जो व्यक्ति इस जन्म में असाधु है,
- 49:02बहुत ज्यादा संभावना है कि अगले जनम में वह साधु हो जाए, गलत है।
- 49:08यह बात जीस व्यक्ति में संस्कार असाधुता के आ गए।
- 49:14वह अगले जनम में मष्ट प्रबुली वह असाधु योग अगर असाधुता के आगे तो
- 49:22अगले जनम में वो साधु योग इसे तू संस्कार कहते दुनिया का दूसरा
- 49:31तार्किक व्यक्ति। दुनिया का दूसरा एनलाइटन प्रश्न
- 49:36जिसने अपनी तार्किकता के बल पर लोगों को बुद्धि बना लिया पहला
- 49:46बुद्ध शांति देता है, भगवत्ता नहीं।
- 49:54तुम्हें तुम्हारा अंतिम छोर नहीं बताता।
- 49:56दूसरा दूसरा उसमें दो एनलाइटन पर्सन ऐसे कमाल की बात है
- 50:08जिन्होंने परमात्मा तत्व की परिभाषा ही बदल दी।
- 50:18परमात्मा तत्व की परिभाषा कर दी आत्म तत्व इससे आगे कुछ है ही
- 50:23नहीं और ओशो तो विशेषत खुद को भी संघ रखता हूँ मैं।
- 50:35क्योंकि जो व्यक्ति आपको अपूर्ण छोड़ दे, वह एक तरह से गुनहगार और
- 50:44एक तरह से पुरस्कार के योग्य भी है पुरस्कार के योग इसलिए कि कुछ
- 50:50दूरी तक आपको ले के आया है। टू नो द सर, यहाँ आकर सारी झंझट
- 50:56मट भी जाते हैं लेकिन बात तो आपको भगवत्ता की है आपकी 100% की चेतना
- 51:05तो अभी बुद्ध की चेतना भी भगवत्ता को प्राप्त नहीं।
- 51:11इसीलिए हमने उसको कभी भगवान बुद्ध नहीं किया।
- 51:14हमने सदा ही महात्मा बुद्ध गाँधी को आप कब भगवान गाँधी कहते हो?
- 51:20महात्मा गाँधी कहते हो ऐसे ही बुद्ध को भी महात्मा कहा गया, अब
- 51:25तुम भगवान कह सकते हो, लेकिन हमने महावीर को सदा से महात्मा महावीर
- 51:31नहीं कहा। हमने भगवान महावीर यह उन लोगों की
- 51:44दी हुई शोभा थी जो जानते थे, जानते हैं के बुद्ध पे पहुंचे
- 51:50नहीं, पूरे स्वयं तक पहुँच गए। परमात्मा तत्व तक नहीं पहुंचे,
- 51:56पूरा विस्तार नहीं पाया, लेकिन महावीर ने अपना पूरा विस्तार पा
- 52:04लिया जहाँ वो कैवल्य को प्राप्त हो गए।
- 52:07एक रह गए, अकेले रह गए। साली सूट गाय को पालन कृष्ण गरीब
- 52:29नहीं थे, सुनना कृष्ण गरीब नहीं थे।
- 52:3564 कला सम्पूर्ण और पढ़े लिखे। ये पूछ रहे हैं, बीच में से आपने
- 52:47बीयर नहीं बताया? बीयर 250 एमएल ठीक है।
- 52:531 सौस 120 रूम वगैरह ये 30 एमएल और बीयर।
- 53:05टाइफूनल ना तो अशिक्षित थे, ना ही बेरोजगार थे।
- 53:20संदीप पानी के। गुरुकुल में कृष्णन शिक्षालय और
- 53:30बहुत ही जल्दी 64 कला सम्पूर्ण हो गए।
- 53:36संदिवान उस वक्त के सबसे ज्यादा मशहूर।
- 53:46रक्षित है। संदीप पानी के रिक्षे में
- 53:50उन्होंने शिक्षा दीक्षा अब तुम्हें जानकर बड़ी हैरानी की।
- 53:56तुम तो 2 साल के 3 साल के 4 साल के बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर
- 54:01देते और कहते भाई कॉम्पिटिशन का ज़माना है।
- 54:03बच्चों को मरोगे। क्या ध्यान से सुन लेना बात
- 54:15यद्यपि तुम्हारी सभ्यताओं के विपरीत बढ़े।
- 54:20भगवान कृष्ण नौ वर्ष की आयु में आश्रम गए प्रथम बार।
- 54:29नौ वर्ष की आयु में और शायद मुझे लगता है ओशो 10 वर्ष की आयु में
- 54:38गए। इनकी वाइब्रोफी में सात 8 साल
- 54:45लिखा है। लेकिन जहाँ तक मेरी खोज कहती है,
- 54:52वो सो करीब 10 वर्ष की उम्र में गए, नौ पार कर चूके थे और नौ वर्ष
- 54:58की आयु में ही कृष्ण थे। नौ पार कर चूके थे करीब करीब।
- 55:08बच्चों को इस उम्र में ही सही समझ में आना शुरू होता है, उससे पहले
- 55:14तो रट्टाफिकेशन होता है। सारा रटार्लो जो रटाने और
- 55:20विविषाग्रंथि इन्हीं वर्षों में सबसे ज्यादा सक्रिय होती है।
- 55:27जो तुम कहोगे बच्चे को वो सारी उम्र के लिए फीड हो जायेगा, फिर
- 55:32वो बच्चा सारी उम्र तक मरने से मर जायेगा, लेकिन वह उन बातों को
- 55:38छोड़ेगा नहीं। देव साक्रांति की पकड़ बड़ी मजबूत
- 55:42होती है इस उम्र में। इसलिए तुम देखना।
- 55:50गुरुकुलों में भी बच्चे इन्हीं उम्रों में जाते थे और मदरसों के
- 55:56अंदर भी करीब करीब इन्हीं उम्रों में बच्चों को।
- 56:01यह मूडदाएं सिखाई जाती हैं क्योंकि सीखाने वाले मूड हैं
- 56:08बच्चा तो अध्यापक से ही सीखेगा ना?
- 56:14बचपन में ऐसा इनके दिमाग में भर दिया जाता है।
- 56:18आठ नौ वर्ष की आयु में। ये कट जाएंगे, बढ़ेंगे नहीं ये
- 56:33छोड़ेंगे नहीं अपनी बात को, क्योंकि सबसे ज्यादा पकड़ इसी
- 56:39उम्र में होती है। खैर।
- 56:47शराब उत्तेजक होती है और जो भी चीजें उत्तेजना देती हैं शराब हो
- 56:57या फेम हो या मादक द्रव्य हो, पदार्थ हो।
- 57:02वो गामा रेंज जो पैदा करते हैं, इसलिए मैं जब बोलता हूँ, सुबह
- 57:11उठता हूँ, कोई उतेजक पदार्थ में आने तो खत्म उतेजक पदार्थ मैं चाय
- 57:20पी लेता हूँ। होता दूध है वो गाय का, लेकिन
- 57:24उसमें चाय पी के उबाल के पी लेता हूँ लोग मुझे कहते हैं चाय तो
- 57:30खराब करेगी, मैंने कहा कुछ खराब नहीं करेगा, दूध अपना काम करेगा,
- 57:36चाय थोड़ी सी मुझसे अलर्टनेस देगी मुझे बाहर आने में।
- 57:41ज़्यादा मुशक्कत नहीं करते। डेल्टा रेन से अल्फा रिज लगाना
- 57:51होता है। मैंने ज़्यादा से ज़्यादा या कभी
- 57:56कभी तो थिएटर तक ही रह जाता हूँ। अल्फा तक टॅच नहीं कर पाता और यह
- 58:04सिर्फ चाय की वजह से है। इसलिए चाय को आप उत्तेजक कह भी
- 58:09सकते हो लेकिन मैं औषधि के रूप में इसका इस्तेमाल करता हूँ।
- 58:19तीन बार। एक एक गिलास दूध उसमें पत्ती
- 58:25डालकर उबालकर एक एक गिलास एक गिलास में 250 300 एमएल होता है।
- 58:33बस यह मेरी खुराक है और लगातार चौदहवें साल भी यही खुराक है।
- 58:39है, यही खुराक है इसके प्रभाव से क्या होता है?
- 58:49पहली बात व्यक्ति डेल्टा रेन से भरपूर रहता है।
- 58:55डेल्टा रेन से भरपूर व्यक्ति झूठ नहीं होता।
- 59:00सत्य ही बोलता है। एक कहावत है अंग्रेजी कि अगर किसी
- 59:10व्यक्ति के चरित्र को देखना हो तो उसकी थाली को देख लेना बहुत सुंदर
- 59:15कहावत है। अगर थाली में ऐसे गरमा गर्म
- 59:20पकौड़े मसाले रखें तो वह व्यक्ति गामा रेन सेवरपुर का पशु के बारे
- 59:30में असली ये कहावत मैंने सुनी खूब गर्मा गर्म चाट पकौड़े खाया करो।
- 59:39बना जीभ का चिटोरा व्यक्ति और अभी उसे परमात्मा तत्व तक पहुंचाने
- 59:46क्या गोल खिलाएगा और खला गया जो खलाना मैं ओशो के बिलकुल विपरीत
- 59:53नहीं हूँ। जहाँ तक वो शो ठीक हैं, वहाँ तक
- 59:57मैं उनको उनकी मान्यता करता हूँ लेकिन जहाँ वो बिगड़ बिगड़ गए,
- 1:00:05वहाँ उनको मैं धतरे के भी कहता हूँ।
- 1:00:14कृष्ण में ऐसा कृष्ण कृष्ण बिल्कुल शुद्ध होता है, उनका आहार
- 1:00:20भी बड़ा शुद्ध होता है। गाय का शुद्ध गाय का दूध माखन
- 1:00:25मिश्रि इनमें ज़रा भी उत्तेजना है।
- 1:00:33और अगर कृष्णा इतने बच्चे पैदा करते हैं तो जरूरत के हिसाब से
- 1:00:37करते हैं। वासना के हिसाब से उत्तेजना के
- 1:00:40हिसाब से नहीं, तब मर्दों की कमी होती थी, जरूरत ज्यादा उनके पास
- 1:00:47हुआ था। मर्द उत्पन्न करना आदमी कैसे
- 1:00:52व्हाई? एक्स के साथ मिल जाएगा।
- 1:00:55यह फॉर्मूला में था। यह मेरे पास भी है और अक्सर मैं
- 1:01:03बहुत जरूरतमंद देखती हूँ। यह महिया करवा देता हूँ।
- 1:01:10लेकिन प्रकृति के बैलेंस को ध्यान में भी रखता हूँ।
- 1:01:14यह है प्रकृति भी मेरी है, मेरी प्रकृति का बैलेंस न बिगड़ जाए,
- 1:01:20संतुलन न बिगड़ जाए, फिर व्यवहार शुरू होंगे, फिर रेप शुरू होंगे,
- 1:01:26फिर लतकार शुरू होंगे, ये सब जानता हूँ मैं।
- 1:01:35कोई भी पक्ष नहीं पढ़ना चाहिए। एक ऐसा द्वीप है जहाँ पर पुरुष एक
- 1:01:40भी हैं स्त्रियाँ ही है, सिर्फ स्त्रियाँ पुरुष भी नहीं है एक भी
- 1:01:45है ला ताविया वो उदेश है। जहाँ पुरुष न के बराबर है, न के
- 1:02:00बराबर का मतलब हमेशा स्त्रियों की संख्या पुरुषों से कम ही रही।
- 1:02:14पुरुषों की संख्या ज्यादा रही है। लेकिन लाती ब्याह में पुरुष बहुत
- 1:02:21कम है। स्त्रियों के मुकाबले में जैसे
- 1:02:26यहाँ पुरुष याद है हिंदुस्तान स्त्रियों के मुकाबले स्त्रियाँ
- 1:02:29कम। डायरेक्टर हेंस जब भीतर से ही
- 1:02:37निकलती हैं तो क्या होता है? कल मकर संक्रांति थी।
- 1:02:48मकर संक्रांति मैंने आपको बताया शरीर छोड़ने में बड़ी सहायक होती
- 1:02:55है या कोई भी वस्तु को छोड़ने में वस्तु से सहायक होती है, कुछ
- 1:02:59आसमानी तरंगें ऐसी हो जाती है। उससे पहले का आसमानी वातावरण ऐसा
- 1:03:08नहीं होता है जैसा मकर संक्रांति के वक्त हो जाता है।
- 1:03:13इसलिए मकर संक्रांति के वक्त। जब सायन मकर में आ गया सूरज तो
- 1:03:23शुरूआत कर दी और जब निरण मकर में आ गया सूरज तो पूरा देश छोड़ दिया
- 1:03:32तो कल मकर संक्रांति सिर्फ दर्शन के लिए लोग बुलाये थे लेकिन।
- 1:03:40हमारे अनुपात से ज्यादा आए। बहुत ज्यादा धुंध होने के बावजूद
- 1:03:45भी बहुत दूर दूर से लोग आए तो कल मैंने अपनी रेंज बदल ली, क्योंकि
- 1:03:57सर्प दर्शन के लिए। दीक्षा में डेल्टा तरंगें उंडे भी
- 1:04:05नहीं होती। फिर तो वह व्यक्ति कंपनी में लग
- 1:04:09जाएगा, घबरा जाएगा। वह तो मैं आम तरंगें रखता हूँ।
- 1:04:16कि आपको कहाँ भी हो आप चाहे मुलाधर पे हो आप लोग विशुद्धि के
- 1:04:20चक्कर पे आ जाओ बस इतना सा काम होता है मैंने देखा आप किस चक्कर
- 1:04:26पे हो, मणिपुर पे हो अनाथ पे हो या मुलाधर पे हो या स्वादिष्ट
- 1:04:34स्थान पे हो। कहीं पे भी हो मैंने उसको खींच के
- 1:04:41भी शुद्धि चक्कर ये मेरा काम होता है दीक्षम भी शुद्धि चक्कर से आगे
- 1:04:47तुम्हें कुछ ज्यादा नहीं करना होता बस सिर्फ आराम से बैठ जाओ
- 1:04:51नथ्थिंग टु डू क्रायो करो। मुझे आपको नथ्थिंग टु डू में
- 1:04:57सहायता करेगा। आपको योग निद्रा में ले जाएगा।
- 1:05:04योग निद्रा आपकी बहुत सी बीमारियों का आहरण कर लेगी और
- 1:05:10आपके। थके हुए वो तंतु जिन्हें कभी
- 1:05:13विश्राम नहीं मिला वो योग निद्रा में मिल जाएगा तो जो योग निद्रा
- 1:05:22ये बड़े बड़े होर्डिंग्स लगा के आपके तथा कथित।
- 1:05:31मार्ग के दर्शक करवातें हैं। वह उस पर नहीं जाया जाता।
- 1:05:35वो तो मनोवैज्ञानिक है जो अब स्वयं से पैदा करते हैं।
- 1:05:40लंबे श्वास लो नाक से और मुख से छोड़ो, लंबे श्वास लो और मुख से
- 1:05:45छोड़ो। तो वह जो पैदा होगी योग निद्रा वह
- 1:05:49आपके भीतर के उन तंतुओं को भी ठीक कर देगी।
- 1:05:52जहाँ तक कभी भी यह शक्ति नहीं पहुंची तो कल मैंने प्रथम बार
- 1:06:02डेल्टा रेंज का प्रयोग किया। तो निश्चित रूप से डेल्टा रेंज का
- 1:06:10माहौल बहुत अलग होगा, बहुत अलग होगा।
- 1:06:18वैसे तो आप स्वाभाविक जो रेंज निकलती है, उससे भी बड़ा प्रभावित
- 1:06:23होते है। मस्त हो जाते।
- 1:06:25लेकिन डेल्टा रेंज में तो तुम कंपनी लग जाती हो तो एक बच्चा जो
- 1:06:36दीक्षित था मेरे पास वो आशीर्वाद लेने के लिए आया तो मैंने उसके
- 1:06:44सिर पे हाथ रखा। बिल्कुल वही प्रयोग करना चाहा
- 1:06:48क्योंकि मैंने वह बच्चा योग्य पाया और मैंने एकदम से डेल्टा
- 1:06:56रेंज उसके ऊपर छोड़ दी। बाकी लोग यहाँ देख रहे थे।
- 1:07:02समय करीब 20 के करीब लोग होंगे शायद।
- 1:07:06ज्यादा मैं निगाह नहीं किया करता। मुझे नहीं पता कौन आ गया, कौन चला
- 1:07:10गया बिना भेद के उस तल पर पहुंचा हुआ व्यक्ति सभी को लुटाया करता
- 1:07:23है। बिना भेद।
- 1:07:25जहाँ जाकर व्यक्ति भेद रहित हो जाता है तो मैंने सिर के ऊपर हाथ
- 1:07:29रखा, वह कांपने लग गया। मैं देख रहा था पहले हल्का कपा
- 1:07:37फिर ज्यादा कपा फिर इतना कपा जैसे भूकंप में कोई चीज़ कपती।
- 1:07:43इतना ज्यादा बस यही अवस्था थी। कल लोगों ने प्रथम बार देखा जहाँ
- 1:07:57बैठे हुए लोगों ने क्या हुआ होगा जब रामकृष्णा परम।
- 1:08:06नरेन्द्रनाथ के सिर को प्रार्थ रखा, बिल्कुल वही दृश्य ऐसी
- 1:08:13कंपकपाहट अगर मैं 5 मिनट और शुरू रख लेता तो वह व्यक्ति चिल्लाने
- 1:08:23लगता। चिल्लाने लगता कि मैं तो गया ऐसा
- 1:08:30ही कुछ। विवेकानंद से नरेंद्रनाथ, उनका
- 1:08:35पुराना नाम था तो मैंने हाथ उठा लिया।
- 1:08:43डेल्टा रेंज का क्या प्रभाव होता है और क्या कमाल होता है यह उन सब
- 1:08:52व्यक्तियों ने जो यहाँ बैठे थे उन्होंने प्रत्यक्ष साक्षात वह
- 1:08:59व्यक्ति दो, ढ़ाई 3 घंटे तक उठी नहीं सकती।
- 1:09:05गाड़ी चला के आया था उसकी माता उसके साथ थी।
- 1:09:09शायद मुझे नहीं पता कौन कौन थी लेकिन वापस नहीं जा सका।
- 1:09:15अब गाड़ी कहाँ से चलूँगी अब सब मस्त है।
- 1:09:23तो किसी दूसरे व्यक्ति को जो बस चढ़ चुका था उसको वापस बुलायेगा
- 1:09:27810 किलोमीटर फिर वह गाड़ी चला के लेके गया।
- 1:09:34यह डेल्टा रेंज का प्रभाव होता है।
- 1:09:40क्योंकि कल प्रथम दिन था जैसे ही सो रहे तीन बजकर कुछ मिनट पर मकर
- 1:09:45में पूरा प्रतिष्ठित हो गया तो मैंने डेल्टा रेंज छोड़ी।
- 1:09:52उस क्षण में डेल्टा रेंज का छोड़ डेल्टा रेंज का एक कण भी व्यय
- 1:09:58नहीं होता। बेकार नहीं पूरा का पूरा व्यक्ति
- 1:10:04का शरीर मानचित्र पूरा ऑब्जर्व कर लेता है उसे क्योंकि अब्सॉर्ब
- 1:10:13करने की व्यवस्था भी पूरी होती है और बांट।
- 1:10:18की व्यवस्था भी पूरी होती है और डेल्टा रेंज डेल्टा वेव्स ही घराई
- 1:10:33थीं उस वक्त। रामकृष्णा परमहंस ने विवेकानंद पर
- 1:10:40और प्रत्यक्ष दिखाने के लिए सभी बैठे थे यहाँ पे, सब ने देखा, एक
- 1:10:51बुरी तरह कांपने लग गया, उसका सारा शरीर थर्रा रहा।
- 1:10:58लेकिन मैंने वो नहीं दिया अगर मैं चाहता थोड़ी सी देर और पांच 4
- 1:11:05मिनट रख सकता हूँ डेल्टा रेंज का एक और डेल्टा वेब का एक और भी शुभ
- 1:11:13परिणाम होता है क्या? यह जितनी आपके भीतर छोड़ दी गई,
- 1:11:18इनका अनुपात घटता है। बाकी रेंजेस घट जाती है।
- 1:11:26अगर आपने कुछ बुरा किया तो आपका चक्र विशुद्ध से आपने किया था
- 1:11:34क्योंकि ये आर्टिफीसियल। लेकिन डेल्टा रेंज ऐसी है कि जो
- 1:11:42आपके भीतर विभीषा गलती में एक बार उतार दी गई।
- 1:11:46यह नहीं घटेगी, किसी भी कारण से नहीं घटेगी।
- 1:11:49यह आपका परमानेंट संपत्ति हो गया। यह कभी घटेगा नहीं, यह इतना तो
- 1:11:57रहेगा ही रहेगा। इसलिए समय समय पर शिष्य गुरु से
- 1:12:08आकर एन डेल्टा रेंज को ले जाते थे।
- 1:12:11थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा पी लेते थे, अब्सॉर्ब करते थे।
- 1:12:15और सिर्फ इसी के कारण ही वो पहुँच जाते थे कुछ न करके गुरु के
- 1:12:21सांनिध्य में जाना, थोड़ा सा डेल्टा वील्स को ले जाना और
- 1:12:26इकट्ठे हो जाना। यह वो आनंद है जो गठन।
- 1:12:34बस अब जो कल आएगा सिर्फ दर्शनाथ और जो डेल्टा मैंने छोड़ा वह
- 1:12:42डेल्टा इनकी विविषाग्रंथि में फिक्स हो जाएगा, वो घटेगा नहीं एक
- 1:12:46काम। फिर उसके बाद जैसे जैसे पांच चार
- 1:12:52महीने साल भर बाद फिर को डेल्टा रेंज पीला दिया और बढ़ जाएगा और
- 1:13:02बढ़ जाएगा। 1 दिन ऐसा आएगा कि इनका पात्र।
- 1:13:08परिपूर्ण रूप से भर जाएगा और यह उस छोर को छूटेगा, जिसे आत्मज्ञान
- 1:13:19ये बरसती हैं। तब क्या होता है थोड़ा सा विज्ञान
- 1:13:24समझा दूँ, क्योंकि कल आप में से भी कोई?
- 1:13:29गुरु की इस पति पर आ सकता है तो आपको पता होना चाहिए कम से कम
- 1:13:37बांट नहीं योग्य हो जाओ आप तो आपको पता होना चाहिए जब गागर भर
- 1:13:44जाती है गुरु की। तो मैंने बहुत बार कहा वो छलकती
- 1:13:48है और उसके आसपास बैठे हुए लोग पी लेते हैं, लेकिन किन्हीं विशेष
- 1:13:55दिनों में वह गगन मंडल हमें पता है कि हुजी भरी हुई है, टंकी भरी
- 1:14:00है तो हम टूटी को खोल देते हैं ढल के।
- 1:14:05तो गगन मंडल से वह प्रगाढ़ रूप से नीचे उतरती है और गुरु जो जानता
- 1:14:10है कि जीस हमारी गगरिया में यह ऊपर से गगन मंडल से आया हुआ अमृत
- 1:14:16जाटता है, वह तो पहले से ही चलकर ही है।
- 1:14:22लेकिन गुरु तब उस नल को खोल देता है और पूरा वो भरा हुआ गागर पूरी
- 1:14:30तरह से छरना शुरू हो जाता है। फिर उसके सांनिध्य में जो भी आएगा
- 1:14:37वह हमारे पोर जो हम उसके सर पे रखेंगे।
- 1:14:42यही आशीर्वाद का मदद था। तुम जोको और वह जो डेल्टा से भरा
- 1:14:48हुआ है वो आपके सर के ऊपर रखे और आपका सहस्रार से पी जाए।
- 1:14:53बीवी शगृति पी जाए। तो डेल्टा वेव्स जो आपने एक बार
- 1:15:03पे लिया, इसका अनुपात इसका सही जो गुण है गुणतत्त्व है।
- 1:15:13जितना आपने पे लिया वो घटेगा नहीं।
- 1:15:16यह डेल्टा वेव्स की खूबी है। बाकी सब घट जाएंगे, बढ़ जाएंगे
- 1:15:23घटता बढ़ता रहता है ये गामा तो सदा ही घटता बढ़ता रहता है थेटा
- 1:15:33थोड़ा सा कम घटता है अल्फा। घटता बढ़ता दोनों रहता है।
- 1:15:42गाना तो बहुत जल्दी घट जाता है और बहुत जल्दी बढ़ जाता है बीटा बी
- 1:15:51घट बढ़ जाता है जल्दी, लेकिन थीटा बहुत कम घटता है।
- 1:15:57बढ़ जाता है। डेल्टा बिल्कुल ही नहीं घटता
- 1:16:02डेल्टा वेव्स अगर गुरु छोड़ देता है और डेल्टा वेव्स ही गुरु के
- 1:16:08पास है और वही गुरु अधिकारी है उपनिषद में बोलने का।
- 1:16:19अष्टवक्र गीता पर बोलने को, गीता पर बोलने को, अध्यात्म पर बोलने
- 1:16:25को वही गुरु प्रमाणिक है, जिसके भीतर से डेल्टा बेब्स जिसने पी
- 1:16:33लिया डेल्टा बेब्स को। जो डेल्टा वेव्स तक पहुँच गया और
- 1:16:38वहाँ से उसने कनेक्शन ले लिया, फिर वह लुटाएगा और ऐसा समुद्र है
- 1:16:45वह कि उसके भीतर का कुछ भी कम नहीं होगा।
- 1:16:53उसके भीतर का कुछ भी कम नहीं होगा।
- 1:16:56इस आखिरी शब्द को आप समझ लेना ऐसे ही उपन्यास में व्याख्यात किया
- 1:17:01गया है। बाद के जो सेवक के शिष्य होते हैं
- 1:17:07वो कहने लगे बाबा आप 5 घंटे से लगातार बस रहे हो।
- 1:17:11लेकिन लगता नहीं आत्म से एक कण भी कम हुआ होगा।
- 1:17:16बस यहीं पे आके याद कर लिया करो उपनिश्चित का वह वाक्य पूर्णश्य
- 1:17:24पूर्ण मार्ग गाय पूर्ण मेवा व शिष्य देव पूर्ण में से अगर पूर्ण
- 1:17:30भी निकाल लिया जाए। तो पूर्ण ही शेष अवस्था है।
- 1:17:37कितना भी लूटा दे, 5 घंटे मैंने बिखेरा।
- 1:17:40कुसबे ने 5000 5,00,000 घंटे भी बिखेरता रहूँ तो भी यह समुद्र।
- 1:17:49ज़रा भी नहीं घटेगा, चिड़ी चोंच भर ले गई नदी ना घटी, यह चोंच के
- 1:17:55बराबर भी नहीं होगा। यह घटता ही नहीं जिसने डेल्टा को
- 1:18:03पी लिया और डेल्टा आखरी वेब है जीसको कोई साधक पी सकता है।
- 1:18:10उसकी आग तो फिर शून्य है। उसे शून्य में तो खो जाना होता
- 1:18:15है, उसे शून्य में तो मर्ज कर देना होता है उससे पहले तो आप
- 1:18:20सिर्फ डिज़ॉल्व हो सकते हो आप उस तत्व के साथ शून्य।
- 1:18:28पर भी हार्ट्स पर भी बैठ सकते हो। लेकिन जैसे ही तुम मर्ज हो गए
- 1:18:35उसके भीतर प्रवेश हो गए। बस तुम उतने तो गए और जब पूर्ण
- 1:18:44प्रवेश हो गए तो तुम सारे के सारे गए।
- 1:18:47इसे ही महासमाधिकारी। वेदनाते रे लेख निरा।
- 1:19:06विथ ना तेरे लेख निराले समझ ना आते हैं विथ ना तेरे।
- 1:19:27लेख निराले समझ न आते हैं सबके कष्ट।
- 1:19:43मिटाने वाले कष्ट उठाते। हैं सबके कष्ट।
- 1:20:00मिटाने। वाले?
- 1:20:04कष्ट। उठाते हैं विदनाते लेख निरा।
- 1:20:21समझ न आए हैं। धन्यवाद।