Latest / Khushei Ki Duniya / Pyaar to hona hi thaa❤️🌷
Transcript
- 0:00सो है गाइस और उस को हम दोस्त ख़ुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:03स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू गाइस आई होप यू अरे गाइस मिस्ड मी एंड मैंने
- 0:07कितने टाइम से स्टोरी नहीं बनाया बताया आई ओनली नो छूट की तुम लोग
- 0:10जो स्टोरी सुन रहे हो वो बहुत वक्त पहले मैंने स्केडुयूल पे डाल
- 0:13दी थी एंड अब जाके मेरा मन किया की यार बहुत दिन हो गए।
- 0:17मैंने कुछ भी रिकॉर्ड नहीं किया मैंने पांच सात स्टोरी इस नाउ ना
- 0:20ऑलरेडी स्केडुयूल पे डाल दी थी। तो वो वैसे भी खत्म होने वाली
- 0:23हैं। ओनली थ्री ऑफ़ देम आवर लेफ्ट तो
- 0:25वो चलो कहानी सुनते हैं तो हाँ, ये कहानी कुछ मेरे लिसनर्स ने ही
- 0:31मुझे भेजी हैं, तो आज हम उन्हीं की कहानी सुनेंगे एंड प्यार पर एक
- 0:35बार और भरोसा करने की कोशिश भी करेंगे।
- 0:38बिकॉज़ लव है नो वेज़ बट इट है मेनी वेज़ मैं डियर।
- 0:43ओके जोक्स अपाइड नाउ चलो उससे पहले हाँ यार पता है मैंने इतने
- 0:48लोग सॉरी इतने दिनों से तुम लोगों से बात नहीं की थी ना तो आई वास्
- 0:51लाइक की भाई मेरे को बात करनी थी एंड देन मैं सोच रही थी की फिर
- 0:56जाना पड़ेगा रिकॉर्ड करने एंड ऑल जब की मुझे सिर्फ अपने कमरे से
- 0:59नीचे कमरे में आना होता है एंड स्टिल आई फील की हर बट मुझे बहुत
- 1:02दिन से बात करनी थी यार तुम लोगों से बट देन 1 मिनट हो गई है ऑलरेडी
- 1:06अब क्या करें? चलो बात तो कर ही लेते हैं फिर
- 1:08कहानी तो मैं सुनाई दूंगी ना यार तुम लोगों को पता है हाँ तो सबसे
- 1:12पहली बात थैंक यू उन्नति फॉर बीइंग सो सो नाइस टु बीइंग यू अरे
- 1:17सच भाई भाई, मुझे वर्ड पता है बिल्कुल पसंद नहीं था, बट आफ्टर
- 1:21लाइक व्हेन आई सॉ, उन्नति एंड हर बिहेव्यर, वास् सो सो नाइस।
- 1:26उसके लिए तो क्यूट वर्ड बोलना बनता ही बनता है।
- 1:28यार एंड शी इस सच ए गुड लिस्नेर ना की व्हेनएवर आई हॅव लाइक की
- 1:31मुझे तो मुझे ट्यूसडे का कोई भी लाइक अंदाजा नहीं था की अब क्या
- 1:36करे? एपिसोड 2 में देन आई ऑस्ड हर एंड
- 1:38शी गेव मी सो मेनी आइडियास ना? शी इस सच ए वंडरफुल पर्सन भाई मैं
- 1:42क्या बताऊँ तुम लोग वैसे इमेजिन मत करना नजर लगा दोगे लड़की को?
- 1:47ओके एंड ऑल्सो देर इस अनँद्अर वॅन वैसे तो बहुत सारे लोग है जो इतने
- 1:51प्यारे है ना यार पता है क्या? चल यार एंड में बात करते है ना
- 1:53कहानी की बिकॉज़ फिर मैं तुम लोगो से बात ही करती रह जाउंगी और रह
- 1:56जाएगी तो हाँ, पहले हम कहानी सुन लेते हैं।
- 1:59ओके तो अपने कानों में एयरप्लेक्स लगाइए, दुनिया से थोड़े से दूर हो
- 2:02जाइए एंड लेट मी स्टार्ट दी स्टोरी।
- 2:06तो ये कहानी है स्नेहा देवज्योति एंड आई ऍम सॉरी टु रॉंग बिकॉज़।
- 2:10आई हॅव ट्राइड। इट ए नंबर ऑफ़ टाइम्स एंड सुजॉय
- 2:15और भी बहुत सारे साइड करैक्टर्स है।
- 2:18ओके तो हाँ, स्नेहा थैंक यू फॉर सेंडिंग, मी दी नेम्स अगर आप भी
- 2:23अपने नेम्स वगैरह मुझे भेजना चाहते है, अपनी कोई भी बात मुझसे
- 2:25शेयर करना चाहते, तो आप कर सकते है ऐट दी रेट के।
- 2:27हेच यु अंडरस्कोर एस हेच ए आई अंडरस्कोर पर और बस।
- 2:30हाँ, ठीक है, तो एक कहानी शुरू होती है स्नेहा से जब उसने कॉलेज
- 2:35जॉइन किया। कई सारे दोस्त बने थे पर फिर भी
- 2:39कन्सर्न्ड सी लड़की थी वो। हमेशा हर किसी से बात करना, हर
- 2:43किसी से बात शेयर करना, ये उसकी आदत नहीं थी।
- 2:46जीतने लोग थे उनके साथ खुश थी। उसके एक सीनियर थी अनन्या, जिसका
- 2:51एक फ्रेन्ड था। सुमित तो कभी कभार जब स्नेहा
- 2:56अनन्या से मिलती तो वो सुमित के साथ भी रह जाती और सुमित से भी
- 3:01बात करती। धीरे धीरे सुमित का भी एक फ्रेन्ड
- 3:03था सुजॉय, जिससे वो मिलने लगी और मिलने लगी तो बातें होने लगी और
- 3:08बातें होने लगी तो कहीं ना कहीं स्नेहा को सुजॉय दाने लगा और इस
- 3:13कदर पसंद आने लगा की अगर वो किसी और लड़की से बात भी करता है तो
- 3:17उसे लगता है की क्यों कर रहा है ये किसी और से बात मैं हूँ ना बात
- 3:20करने के लिए मुझसे बात करे दो। सुजो उसका सीनियर था, बट स्टिल शी
- 3:24हाड ए नंबर ऑफ़ फीलिंग्स फॉर हिं उसे प्यार भी था।
- 3:27सुजॉय से गुस्सा भी आती थी जब वो किसी और लड़की से बात करता था एंड
- 3:32दे वेर ए नंबर ऑफ़ थिंग्स फिर धीरे धीरे सुजॉय को भी समझ में
- 3:35आने लगा की हाँ, स्नेहा कुछ तो फील करती थी उसके लिए।
- 3:39और 1 दिन स्नेहा ने उसे बताया अभी की वो जो भी उसके लिए फील करती थी
- 3:43लेकिन सुजॉय वो शायद वो फीलिंग्स रेस्प्लिकेट नहीं कर पा रहा था।
- 3:48उसने स्नेहा के कॉल्स लेना कम कर दिया।
- 3:51उसके मैसेजस का रिप्लाय देखना बंद कर दिया।
- 3:54यू नो थिंग स्टार्टेड टु गेट वीयर्ड स्नेहा को बहुत बुरा लगने
- 3:58लगा कि आखिर ऐसा क्यों आई? मीन हर दराज से शी थॉट की यार मुझ
- 4:02में कमी क्या थी एंड कमी से भी ज्यादा ही रियली रियली लाइक हिम
- 4:06एंड शी वास् ऑलवेज देर जबी भी सोजॉय को उसकी जरूरत होती लेकिन
- 4:10जो जॉय शायद। अभी था ही नहीं या कहते हैं की
- 4:14कहीं ना कहीं शायद स्नेहा किसी और से जुड़ रही थी इसीलिए उसके लाइफ
- 4:20में आना तो नहीं बनता था और डिज़र्व भी नहीं करता था वो
- 4:23स्नेहा को क्योंकि ना तो वो उससे उतना प्यार कर पाता और ना ही शायद
- 4:28उसकी फीलिंग्स को रेसिप्रोकेट स्नेहा को बहुत बुरा लगता की उसके
- 4:32इतने सारे एफ्फोर्ट्स के बाद भी सोचो हैं।
- 4:33अब उसका दोस्त तक भी नहीं रह पा रहा था।
- 4:35अच्छे से। वो हमेशा बस उसे अवॉइड करता रहता
- 4:39और जब स्नेहा उसे पूछती तो कहता की तुम्हारी फीलिंग्स भर ना जाए
- 4:42मेरे लिए इसलिए मैं ये सब कर रहा हूँ।
- 4:45हालांकि अब तुम इस पॉइंट पर सोचोगे की गलत कौन है?
- 4:48स्नेहा जो बार बार कैसे ना घर से बस कोशिश करती है कि वो सुजॉय से
- 4:52टकरा जाए, मिलने से बात कर ले या फिर सुजॉय जो नहीं लाइक करता
- 4:57स्नेहा को और किसी को जबरदस्ती तो हम लाइक करवा भी नहीं सकते ना
- 5:02अपने आप को। ऐसा होता है तो ना जाने क्या से
- 5:05क्या हो गया होता है। जरूरी नहीं की जो हम हमेशा चाहे
- 5:09वो हमें मिल जाए। और सच में नहीं होता यार बहुत
- 5:14सारी चीजें बहुत सारी मन्नतें होती हैं जो हम कितनी ही शिद्दत
- 5:18से मांग ले पर नहीं मिलाती हैं। कायनात ये सब कहने की बातें हैं
- 5:22कि शिद्दत से चाहो तो कायनात मिलाने में लग जाएगी।
- 5:25नहीं होता ऐसा ऐट लिस्ट रियल लाइफ में तो बिलकुल भी नहीं और स्नेहा
- 5:30के साथ भी ऐसा नहीं हुआ। स्नेहा ने बहुत कोशिश की लेकिन
- 5:33फिर भी सुजॉय उसके लिए वो सब फील नहीं कर पाया जो स्नेहा उसके लिए
- 5:37फील करती थी। सुजॉय ने फिर एक गर्लफ्रेंड बनाई
- 5:40और स्नेहा का दिल टूट गया। वो दिल जो शायद वो संभाल कर रखना
- 5:45चाहती थी सुजॉय के लिए। लेकिन उसने एक्सेप्ट नहीं किया
- 5:48था। उसकी भी गलती नहीं है।
- 5:50अब भाई जबरदस्ती थोड़ी ना उससे प्यार कर सकता था, वो है ना?
- 5:54फिर स्नेहा ने भी अपने आप को संभालना और उसने अपने आप को एक
- 5:58ऐसा इंसान बना लिया जो पहले तो वो नहीं थी।
- 6:01उसने भी अब सुजॉय पर ध्यान देना कम कर दिया और अपने आप को ये
- 6:05समझाने लगी की दुनिया खत्म नहीं हुई है।
- 6:07अब। दुनिया है और जब तक मैं जिंदा हूँ
- 6:10तब तक ठीक है यार अभी प्यार नहीं मिला तो इट्स ओके कहीं ना कहीं
- 6:14जभी भी सुजॉय को देखती तो उसे बुरा जरूर लगता अपने लिए की वो
- 6:17मेरी फीलिंग्स को शायद वैसे मेरे लिए फील नहीं कर पाया पर जबरदस्ती
- 6:22दो नहीं कर सकती थी और ये बात वो खुद जानती थी और अपने आप को
- 6:25समझाती रहती थी। धीरे धीरे चली जाती है।
- 6:29लोग ऐसा कहते है पर तुम बताओ मुझे चली जाती है फीलिंग्स कही नहीं
- 6:34जाती यार ये फीलिंग्स ना बहुत बेकार चीज़ होती है, हमारे दिल
- 6:39में हमेशा रहती है और क्यों ही भेजना है इन्हें कहीं ठीक है इट्स
- 6:44ओके, हर किसी का पहला प्यार मुकम्मल हो ये जरूरी तो नहीं?
- 6:48मैंने तो मैं शायद पहले भी बताया ना फिर से वही चाइनीज़ या जानीज
- 6:52किसी तो एक सयिंग में कहते हैं लोग कि हम तीन बार प्यार करते हैं
- 6:55अपने पूरी जिंदगी में। बार वो शिद्दत वाला प्यार जिसमें
- 7:00कुछ भी नहीं दिखता। हमें बस वो इंसान फिर दूसरी बार
- 7:04प्यार करते हैं तो यू नो की हाँ यही है वो इंसान जो हमारे लिए बना
- 7:10है, जिसके साथ हम पूरी जिंदगी गुजारने का सोच लेते हैं और तीसरी
- 7:14बार होता है हमें वो वाला प्यार जो जिंदगी भर रहता है।
- 7:17असल में। जो हमारे लिए बना होता है।
- 7:21अब ऐसा नहीं है। कुछ लोग बोलेंगे की जो हमें क्या
- 7:24फर्स्ट टाइम में जो प्यार हुआ और अगर हम आज तक एक साथ है तो इसका
- 7:27मतलब वो सही प्यार नहीं है। सही हो सकता है वो पहला वाला
- 7:31इंसान ही हमारे लिए दूसरे और तीसरे प्यार का भी काम कर दे है
- 7:34ना भाई पॉसिबिलिटीज़ है और वैसे भी एक सिर्फ सयिंग है।
- 7:38मैं तो तुम्हें बता रही हूँ। बस नेहा ने भी अपने आप को बदला,
- 7:41अपने अपने दिल को समझाया की ठीक है इट्स ओके।
- 7:45कुछ चीजें कुछ लोग हमारी जिंदगी में शायद सिर्फ एक सबक बनके आते
- 7:50हैं। और स्नेहा के लिए भी शायद एक सबक
- 7:53ही था। सुजोहे की अपनी फीलिंग्स को अपने
- 7:56ऊपर इतना हावी मत होने दो की हमारी खुशी, हमारा दुख, सब चीज़
- 8:00हम किसी एक इंसान से जोड़ने अगर वो है तो खुश, वो नहीं है तो दुखी
- 8:05ये सब नहीं करना चाहिए। हमारे लिए सबसे पहले हम खुद होने
- 8:08चाहिए और हाँ होने जाएंगे। अब तुम कुछ कहोगे की सेल्फिश नहीं
- 8:12होता क्या वो नहीं यार अपने लिए सेल्फिश बनो आज के जमाने में
- 8:16नहीं। है लोग लायक की तुम प्यार करो
- 8:19किसी से और करो तो ऐट लिस्ट उससे करना जो तुम्हे लगे की ये
- 8:23तुम्हारा प्यार शायद तुम्हे वापस कर पायेगा।
- 8:27आज के ज़माने में नहीं मिलता असली वाला प्यार यू नो वो स्टोरीज़
- 8:32वाला प्यार नहीं मिलता पर स्नेहा स्नेहा बहुत पूरे हर्टेड इंसान
- 8:37थी। क्या हुआ अगर सुजो से नहीं मिला
- 8:39तो? तो क्या उसकी जिंदगी में प्यार
- 8:41कभी भी दस्तक नहीं देगा? अब सोचो 1 दिन तो स्नेहा के दिल
- 8:46में भी दस्तक हो। ऐसे ही ऐसे।
- 8:51हैलो। स्नेहा प्यार ऐसे ही दस्तक देता
- 8:55है। भाई स्नेहा की लाइफ में भी प्यार
- 8:57आया जब उनके कॉलेज में आया देव ज्योति।
- 9:01स्पोर्ट्स कोटा से उस कॉलेज में दाखिला लेने के बाद वो अपने
- 9:05स्विमिंग पर बहुत ध्यान देने लगा। ही वास् ए कन्सर्न्ड स्टूडेंट
- 9:09अपने स्विमिंग से नेशनल लेवल पर खेलना चाहता था।
- 9:12नेशनल लेवल पर गोल्ड लाना चाहता था और उसके बाद तो पूरी जिंदगी
- 9:16पड़ी थी मेडल ही मेडल ये वो सपने थे उसके बहुत सारे।
- 9:21वही दूसरी ओर स्नेहा को बहुत डर लगता था।
- 9:24पानी से, पानी से, स्विमिंग से उसका जैसे मानो 36 का आंकड़ा हो।
- 9:28उसे लगता की कहीं मैं अपने पिछले जनम में पानी की वजह से तो नहीं
- 9:32मरी थी? क्योंकि मुझे तरा डर जो लगता है
- 9:35इस पानी से। हाँ ऐसा नहीं।
- 9:37अब तुम लोग हंसे हो गए की भाई ऐसे क्या नहाती वाती नहीं थी क्या?
- 9:40अरे भाई पानी से डर मतलब जैसे बड़ी लार्ज वाटर बॉडीज होते हैं
- 9:44की हम इसमें डूब ना जाए वो वाला पानी अब एक ग्लास पानी में थोड़ी
- 9:47ना कोई डूब जाएगा। कैसे बात करते हो यार, तुम लोग
- 9:49क्नॉइस? तो 1 दिन स्नेहा कही जा रही थी
- 9:55एंड ब्य चांस से पूल के साइड शो से जाना था और जाते जाते अब भाई
- 10:00कैसे ना कैसे तो हीरो हीरोइन को मिलना होता है ना भाई डस्ट एनी
- 10:04फेथ मैं डियर ओके सो तो वो गलती से उस पूल में गिर गई और वहाँ पर
- 10:10ऑलरेडी देव ज्योति अपनी प्रैक्टिस कर रहा था तो उसने जैसे ही देखा
- 10:14उससे लगा की ठीक है भाई कोई गिर भी गया है तो स्विमिंग करके निकल
- 10:17जाएगा यहाँ से बाहर। लेकिन जब उसने देखा की स्नेहा
- 10:21पानी में डर के वजह से फड़फड़ा ने लगी तो वो जल्दी से वहाँ पहुंचा
- 10:24और उसने बचाया। हाथ में हाथी स्नेहा 2 मिनट के
- 10:27लिए बिल्कुल तंग रह गई कि ये क्या हुआ उसके साथ?
- 10:31उसका वो इतने साल पुराना डर पता नहीं क्यों उसके अंदर पानी से
- 10:34बहुत डर था। वो एकदम से जागर नाव।
- 10:37जैसे ही वो बाहर निकली पानी से वो बेहोश हो गई।
- 10:41देव ज्योति जल्दी से बाहर निकला और उसे अपने कॉलेज के जो भी यू नो
- 10:46इन्फर्मियर टाइप एरिया था वहाँ लेकर गया।
- 10:49वहाँ पे जो अटेंडिंग डॉक्टर थी, उसने बताया उन्हें की ऐसे ऐसे हुआ
- 10:52है और ये पानी में गिरी एंड उसके बाद बेहोश हो गई।
- 10:55फिर उन्होंने उसे चेक किया और फिर देव ज्योति को कहा कि अभी तो मुझे
- 10:59बहुत जल्दी में कहीं जाना है पर ये शायद बेहोश हो गई है।
- 11:03डर के वजह से तो थोड़ी बहुत देर में आ जाना चाहिए तो क्या तुम तब
- 11:06तक यहाँ रह सकते हो? प्लीज़ इन केस इससे कोई प्रॉब्लम
- 11:09हो तो मैं अभी आती हूँ, थोड़ी देर में लाइक मुझे लग जाएंगे, 1520
- 11:12मिनट पर मैं कोशिश करूँगी। जल्दी आने की देव ज्योति के पास
- 11:15भी कोई ऑप्शन नहीं था। उसने भी कहा ठीक है, आप जाइए मैं
- 11:18हीबर हूँ, वो आप बैठ कर अपने फ़ोन में ऐसे कुछ देखने लगा की यार
- 11:23क्या ही करूँ क्योंकि वो जानता भी नहीं था।
- 11:24स्नेहा कौन थी, क्या था? लेकिन थोड़ी देर बाद ही स्नेहा
- 11:29कुछ बड़बड़ाने लगी। पानी पानी से डर लगता है और ऐसे
- 11:32कुछ बोले जा रही थी तो एकदम से देव ज्योति ने उसका हाथ पकड़ा और
- 11:36कहा, इट्स ओके, इट्स ओके यू अरे फाइन तुम इन्फॉर्मरी में हो मतलब?
- 11:40पूल में नहीं हूँ। इट्स ओह खिचो के और वो अपनी
- 11:43बेहोशी में ही उसके आँखों में से आंसू आने लगी और देव ज्योति को ये
- 11:47देखकर बहुत बुरा लग रहा था की शायद ये पानी से बहुत डरती है।
- 11:51फिर जब वो एकदम से जागी तो उसने देखा की वो अक्चवल में बेड पर
- 11:55पड़ी थी और पास में ही उसने देखा की अच्छा वो उनके कॉलेज की
- 11:59इन्फॉर्मेशन ही थी और फिर उसने देव ज्योति को देखा एंड शी सैड,
- 12:03तुम कौन हो? तो उसने कहा ऐसे ऐसे आज हुआ था सो
- 12:07या आई सेफ डू यू? एंड स्नेहा ने कहा ओह आई ऍम आई ऍम
- 12:11वेरी सॉरी आई मीन आई ऍम आई ऍम थैंक यू एंड एंड ऑफिस को समझ में
- 12:14नहीं आया की बोलना गया था तो उसने भी गाइड सो किड्स हो गया।
- 12:17परेशान मत हुई है। आप थोड़ी देर और रेस्ट कर लीजिए।
- 12:20वैसे भी उन्होंने कहा था कि आपको थोड़ी देर रेस्ट और करना चाहिए।
- 12:24अब तो थोड़ी जल्दी जा। गई।
- 12:26तो बैठे रहिए थोड़ी देर उसके बाद चलते हैं यहाँ से तो उसनेहा ने भी
- 12:30कहा अभी तो मुझे भी लाइक सही सा नहीं लग रहा।
- 12:33तुम हाँ थोड़ी देर तो मैं भी यही बैठी हूँ, तुम बताओ।
- 12:37तुम कौन हो? तो फिर तो मैंने कॉलेज में आज तक
- 12:39नहीं देखा तो उसने कहा कि हाँ मैं ऐसे ऐसे स्पोर्ट्स कोटा से आया था
- 12:44एंड थिस इस व्हाट आई ऍम थिस इस हूँ आई ऍम जो भी था उसने अपने
- 12:48बारे में बताया और नेहा को लगा की पानी स्विमिंग करते हो तुम मैं
- 12:53गॉड मुझे तो इतना डर लगता है ना पानी से क्या ही बताऊँ देव ज्योति
- 12:56सैड हाँ, वो तो मेरा आज देख लिया आप आप जैसे ही पानी से मैंने आपको
- 13:01बाहर निकाला आप एक दम से बेहोश हो गई थी।
- 13:04एंड स्नेहा सैड वेल यार मैं तुम्हे क्या बताऊँ पर चलो तुमने
- 13:07मेरी जान बचाई है ना तो मैं तुम्हे बता देती हूँ अक्चवली ना
- 13:10मैंने बचपन में ना एक मूवी देखी थी शार्क वाली एंड तब से बस पानी
- 13:15का डर ऐसा बैठ गया ये लगता है की इस पानी मेरा पूल तक के पानी में
- 13:19मैं यूज़ तो थिंग की। इसमें शायद।
- 13:21नहीं होंगी। है देव ज्योति इस बात पर इतना तेज
- 13:24ऐसा क्या आपको ये लगता है कि पूल के पानी में से शारकाकर आपको ले
- 13:29जाएगी? व्हाट इस थिस?
- 13:31दोनों ने काफी देर बात करी और स्नेहा इतने अरसे बाद कहीं ना
- 13:36कहीं खुश हुई। आज भले ही आज उसकी जान जाते जाते
- 13:40बची बट देन शी इस थॉट की बच गई। जिंदा थी वो और कहीं ना कहीं अब
- 13:46उसे चीज़ समझ में आई कि जब तक जिंदगी है ना यार।
- 13:50बहुत मौके मिलेंगे हमें। खुश होने के हंसने के रोने तक के
- 13:55और प्यार करने के भी उसकी आँखों के सामने था वह इंसान जिसने उसे
- 14:00बचाया। और कहीं ना कहीं शी वास् लाइक की
- 14:05हर इसने मुझे बचाया है। इसने मुझे एक नई जिंदगी दी है।
- 14:09सो अगर इसे कभी जरूरत पड़ी ना आई विल ऑलवेज बी देर फॉर हिं देव
- 14:14ज्योति भी अपने दिल में सोच रहा था की वो वैसा तो इतना शाय बनता
- 14:18है की लड़की से बात भी नहीं कर पाता और स्नेहा के सामने इतना कुछ
- 14:21बोल गया। उसे भी बहुत वेर लग रहा था।
- 14:24फिर स्नेहा थोड़ी देर तक और वो लोग बात करते रहे।
- 14:27देन फाइनली वो लोग अपने अपने रास्ते चले गए।
- 14:30फिर कभी जभी नेहा पुल की साइड से जाती और सोचती की यार उस दिन मैं
- 14:35यहाँ ही गिरी थी एंड देव ज्योति सेवड मी खुश थी वो कभी गबार मिलती
- 14:40उससे कैफ़ेटेरिया वगैरह में तो उसे ख़ुशी होती की यार इस साथ में
- 14:44करना मैं मैं होती हूँ। शायद सुजॉय को अपने आप को लाइक
- 14:48करवाने के लिए उसने अपने आप में बहुत सारे चेंजस लाए।
- 14:51जो जैसी वो थी भी नहीं। वैसे वैसे चेंजस पर देव ज्योति के
- 14:56साथ वो सब कुछ भी नहीं था। वो जैसी थी वैसी थी और शायद धीरे
- 15:01धीरे उससे उसके लिए वो फीलिंग्स भी डेवलॅप हुई।
- 15:04अब तुम लोग सोचोगे की इतनी जल्दी पार्टी बदल ली नहीं यार पार्टी
- 15:09बदलना है और ये सब मीम्स के दुनिया में हम जी रहे है पर मीम्स
- 15:13से दुनिया थोड़ी चलती है। स्नेहा ने पार्टी नहीं बल्कि थी
- 15:18पर शायद स्नेहा के दिल को पता था की उसके लिए कौन सही था और कौन
- 15:22गलत। मैं ये नहीं कह रही की सुजॉय गलत
- 15:25था। उसके दिल को उसके पता होगा की भाई
- 15:27वो किसके साथ कमिटबल है और उसका जिंदगी किसके साथ गुजरेगा।
- 15:32लेकिन स्नेहा का दिल इस बात का गवाह था कि सुजॉय के साथ उसका तो
- 15:36कुछ भी नहीं हो सकता। उसके दिल ने ही शायद उसे ये साइन
- 15:40दिया था। उस दिन पूल में गिरना आई थिंक
- 15:42इट्स ऑल तुम लोग बिलीव करते हो क्या?
- 15:44डेस्टिनी पर फिट पर? हाँ, वैसे ये सवाल अच्छा है तो
- 15:48मुझे बताना मैं पोल में डालूंगी तो मुझे बताना हौ मेनी ऑफ़ यू
- 15:51अक्चवली बिलीव की हाफ एथ नाम की कोई चीज़ होती है।
- 15:54किस्मत स्नेहा का सुजॉय से मिलना और उसे प्यार करना लेकिन सुजॉय का
- 16:01उसके लिए फीलिंग्स रेसिप्टिकेट ना करना, देन उसका पूल में गिरना,
- 16:04देव ज्योति से मिलना इट वास् ऑल नॉट जस्ट ए कोइन्सिडेंट्स इट वास्
- 16:09डेस्टिनी कुछ लोग डेस्टिनी को कोइन्सिडेंट्स का नाम दे देते
- 16:13हैं। की हाँ होगा?
- 16:14इत्तफाक पर इत्तफाक तो नहीं था वो धीरे धीरे देव ज्योति को भी समझ
- 16:19में आने लगा की जितना। शाय और यू नो।
- 16:23ओपेन अप होने वाला लड़का और कहा स्नेहा के सामने बातें करते नहीं
- 16:27थकता था। उसे भी समझ में आने लगा कि हाँ,
- 16:30शायद ही वही है जो सब लोग कहते हैं प्यार में पागल होना।
- 16:35वो दोनों भी एक दूसरे के लिए फीलिंग समझ तो गए पर कुछ वक्त
- 16:39लगा। दोनों को ही उन फीलिंग्स को समझने
- 16:42के लिए जानने के लिए और मानने के लिए भी हम प्यार कर लेते हैं
- 16:47लेकिन उसे समझने में ना हमें पता नहीं।
- 16:49कितना ही वक्त लग जाए हमें भी नहीं पता होता।
- 16:52तो ऐसा ही स्नेहा और देव ज्योति के साथ भी हुआ।
- 16:56उन्हें भी लगा कि यार कुछ तो है अब उस कुछ का नाम जब उनके दोस्तों
- 17:01ने उनकी हेल्प करी। खुद से उन्हें समझ में आया तब
- 17:04जाके दोनों ने एक ही सेम डे पर एक दूसरे से कनपेस करने का ठान लिया
- 17:08था। की हाँ, आज तो हम बता के रहेंगे
- 17:10हर दोनों मिले भी कहा फूल साइड पर जहाँ उनकी पहली मुलाकात हुई थी और
- 17:16देव ज्योति ने इस नेहा को वहाँ पे बुलाया था।
- 17:19एंड ही सैड शार्क वगैरह पुल के पानी में नहीं आती इस नया।
- 17:24तो तुम्हे ना मैं एक गिफ्ट देता हूँ एंड स्नेहा वास् लाइक क्या
- 17:28मैं तुम्हें स्विमिंग सिखाऊंगा एंड शी वास् मुझे पानी से डरने
- 17:31लगता है तो उम्मीद करो ये स्विमिंग वगैरह मुझे नहीं जाना
- 17:35एंड देन उसने बड़े प्यार से उससे कहा भाई एक बार मैंने तुम्हे
- 17:38बचाया, ठीक है तुम मैंने तुम्हे उस दिन अपना दिल दे दिया, अब अगर
- 17:42ब्य चांस यार मैं यहाँ नहीं हुआ और किसी और ने तुम्हे बचाया।
- 17:46यू नेवर नो यू नो स्नेहा आई कांट लॉस यू एंड शी वास् लाइक ये तो
- 17:50मुझे बता रहे हो कि यू लाइक मी इस इट देन ही सैड ऑब्वियस्ली वैसे
- 17:56मेरा तरीका थोड़ा सा स्विमिंग था, पर या या?
- 18:01फिर स्नेहा ने भी कहा वैसे अगर तुम सिखाओगे तो मैं सीख भी लूंगी।
- 18:07ऐसे ही बातचीत करते करते सब की जिंदगी कटी जाती है यार, इनकी
- 18:11बिगड़ जाएगी एंड आई विश। तुम सबको अपना प्यार जरूर मिले।
- 18:17पहला, दूसरा, तीसरा पांचवां दसवां पता नहीं कौनसा प्यार तुम्हे
- 18:20मिलेगा, मिल जाए थिस इस ऑल, आई वांट फॉर यू गाइस की तुम लोग बस
- 18:25खुश रहो यार जैसे भी रहो। चलो तो फिर मिलती हूँ अगली कहानी
- 18:31में टिल देन टेक केयर एंड बाई बाई एंड ऑल्सो मुझे बताना यार की जो
- 18:35मैंने स्टोरी डालिए ना एन डी ए करके उसका यार मुझे कोई और टाइटल
- 18:39बताना प्लीज़, आई डोन्ट नो मेरे पास कोई टाइटल नहीं था उसके लिए
- 18:43एंड लिटरल्ली मैंने बहुत सोचा तो तुम लोग प्लीज़ मुझे कोई अच्छा सा
- 18:47टाइटल दे देना स्टोरी के लिए और मुझे डी एम कर देना एंड ऑल्सो
- 18:50जीतने भी लोग लाइक मुझे बात करते हैं मुझसे या फिर मुझे स्टोरी
- 18:53वगैरह बताना चाहते हैं प्लीज़ यार डायरेक्ट डी एम किया करो यार
- 18:56क्योंकि मैंने क्या है? थोड़ी टाइम के लिए ना प्राइवेट कर
- 18:58रखा है अकाउन्ट और फिर तुम लोग फॉलो भेज उसके बाद डी एम भेजते हो
- 19:01जैसे बेटा तुम ना डाइरेक्टली डी एम भेज दिया करो ताकि मुझे पता
- 19:03रहे की हाँ भाई कोई फेक तो नहीं है ओके चलो मिलते हो आप सैलरी
- 19:07कहानी एंड देन टेक केयर इन बाई बाई।
- 19:09अच्छा ऑल्सो वॅन थिंग ये सब में ना बार बार रिकॉर्ड करती हूँ फिर
- 19:13ऐड करती हूँ ओके बट हाँ ये सारे ब्रॉडकास्ट में डालने वाले हो में
- 19:17की अगर किसी को जैसे इंस्टाग्राम पे रील्स बनाता है तो अगर किसी को
- 19:21वो आता है तो मुझे सीखा देना। मतलब मेरे ही पॉडकास्ट के कुछ
- 19:24लाइन्स उठा के अपन रील बनाएंगे सो दट।
- 19:26यू नो समबडी सजेस्टेड मी की हाँ ये अच्छा रहेगा तो हाँ क्यों नहीं
- 19:31है ना तो अगर इसी को आता है की भाई इंस्टाग्राम पे रेल बनाके
- 19:34थोड़े से पार्ट्स के अपने पॉडकास्ट के अपन और उसको डाले एंड
- 19:38देन ऐसा कुछ अगर किसी को इससे रिलेटेड कुछ और सलाह हो तो मुझे
- 19:42दे देना एंड मेरे सारे पर कश्मीर में डालने वाली हूँ ओके जलवा।