Latest / Baba ji Vijay Vats / 25/4/26 - एनर्जी कनेक्टिंग पॉइंट्स का विज्ञान!! पति-पत्नी को परमेश्वर और देवी मानने का अर्थ?
Transcript
- 0:14उर्मिला वानखेड़े बाबा जी पूरा आपने कभी शादी?
- 0:31के बारे में नहीं। बोला?
- 0:38कृपया शादी के बारे में। बोलने का कष्ट करें।
- 0:46आपके प्रोजेक्ट में बड़े मजेदार? होते हैं।
- 1:00शादी का मतलब है मस्त। का चौकीदार?
- 1:12जिसने चौकीदार रख लिया। उसने।
- 1:16व्यर्थ की बला पाल। ली।
- 1:27मेहनताना भी देना पड़ेगा और वह तुम्हारे ऊपर।
- 1:35तानाशाही भी करेगा छूकीदार। चाहे आदमी।
- 1:40का हो? चाहे देश।
- 1:42का हो बुरा भी होता है। शादी करके लाए थे या शादी करके गए
- 2:03थे? लेकिन वो वहाँ जाकर तुमने अधिकार
- 2:14जमा लिया। बस इस।
- 2:20अधिकार जमाने की प्रणाली को विवाह कहते हैं।
- 2:28और कोई काम नहीं। होता चौकीदारों का।
- 2:33देश का चौकीदार। जाकटे के अंदर।
- 2:38डाले ढूंढेगा अगला चुनाव कैसे जी जाऊं बस यही काम करेगा?
- 2:46मु्द्दे क्या थे यह? तो चुनावी जो मिले हो सर।
- 2:54इसके ऊपर इसलिए यकीन। मत किया करो ये।
- 2:56खुद नहीं। कहते।
- 3:06सभी ने। चौकीदार रख छोड़े।
- 3:11तो क्या विवाह गलत? है नहीं।
- 3:18अगर इतना प्रेम हुआ मैंने ऐसे जोड़े देखे।
- 3:28एक जोड़ी की तो शादी। में नहीं करवाई।
- 3:35प्रेम का मतलब है शादी मतलब है। बंधन ने अपितु स्त्री।
- 3:45आदमी से और आत्म स्त्री से इतना प्रेम।
- 3:47करता है। कि।
- 3:49उसके। ऊपर शृंका होती है।
- 3:55चाहे वह। उसकी आँखों के सामने।
- 3:57ही कुछ गलत। कर।
- 4:00दे। लेकिन वह बिल्कुल ऐसा समझेगा।
- 4:07ऐसा समझेंगे कि यह तो अभिनय कर रहा है अगर प्रेम इतना।
- 4:16गहरा हो तो ही। शादी करना बनता है।
- 4:24तो फिर? उसकी शादी में।
- 4:25तनाव नहीं होता। उस शादी में कोलावन।
- 4:31हो? जैसे हम नेता चुन।
- 4:36लेते हैं धीरे धीरे। वो चौकीदार हो जाते हैं।
- 4:48कुछ देर पहले मोदी ने। कहा था मैं चौकी।
- 4:51जा रही हूँ। उसके बिल्लों ने कहा।
- 4:56मैं भी चौकी जा रही हूँ। मैंने बड़ी तारीफ।
- 5:03की ओके? मैंने कहा, भाई सच।
- 5:06बोलते हो? क्योंकि तुम वास्तव में चौकीदार
- 5:13हो? कुछ पट्ठे हैं कुछ पट्ठियां।
- 5:18हैं और चौकीदार है। एक।
- 5:25पठी ने मुझसे पूछ। लिया आके कुल्लू की पठी।
- 5:28समझ आया मेरे कनेक्टिंग पॉइंट्स होते हैं।
- 5:41क्या हमे क्यों? चौकीदार कहते हो।
- 5:43मैंने कहा तुम ने कहा। कि हम चौकीदार है।
- 5:47किस ढंग से चौकीदार? है।
- 5:50मैंने कहा तुम अपने घर वाले की कारनामों पे हमेशा।
- 5:55नजर रखते हो? कहाँ जाता है?
- 5:58सोया पड़ा होता है। बचा तर तर।
- 6:01कमर थपेड़ों को खा। के आया।
- 6:05कबीरदारी पानी चलानी है? गाड़ी और तुम उसका मोबाइल।
- 6:10चेक करती हो या। बस।
- 6:12चेक करती हो किसी की फोटो? सुनी।
- 6:17एक व्यक्ति मेरे पास है और बिल्कुल नए किस्म।
- 6:22का है बाबा मेरा पर्स। रोज़ अस्त व्यस्त पाता।
- 6:29है मुझे साफ। पता चलता है।
- 6:35मैं नंबर गिन के रहता हूँ, इस नंबर का नोट पहले इस नंबर का नोट
- 6:38बस। लेकिन फिर भी।
- 6:43मैंने कोई पैसा पूसा गटता है। कहता नहीं ये कमालती मैंने कहा
- 6:51नहीं कमालती। फिर ये बाबा।
- 6:55करता कौन है? मैंने कहा तुम्हारा।
- 6:58चौकीदार वो क्यों? वो देखता है।
- 7:04किसी की फोटो वोटो तो नहीं है? उसको पैसे से क्या?
- 7:07लेना है, पैसा तो मांग लेगी। और तुम दे भी देते हो कभी इंकार
- 7:14नहीं किया पैसे से। कुछ सिर्फ ये देखते।
- 7:19है कहीं कोई दफ्तर के अंदर। पहले को एजुकेशन हुई।
- 7:25अब को एम्प्लॉयमेंट हो गया। कभी किसी ने नंबर साझा।
- 7:32तो मैं कर लिया। बस।
- 7:37दो ही चीजें खंगाली। आपके बटवे।
- 7:41या आपका मोबाइल? किस किस से बात की इससे बड़ी?
- 7:45चौकीदारी क्या आवश्यक है। देश को पीछे।
- 7:52धकेलने में विवाह नाम का यह प्रयोजन बहुत बड़ी भूमिका निभा
- 8:01रहा। है।
- 8:05इसलिए मैं तुम्हें कहता हूँ विवाह बंधन है।
- 8:13बशर्ते के उसकी वेश अनन्या प्रेम जैसे तुम?
- 8:20भगवान से प्रेम करते हो? और भगवान कहाँ जाते?
- 8:30हैं, क्या करते हैं? किस्से बात करते हैं हम कोई ख्याल
- 8:32नहीं करते उसका। ऐसे ही।
- 8:43जब पति परमेश्वर हो जाए इसका यही मतलब।
- 8:47था। तुम तो।
- 8:49पति को पूजना। शुरू कर दिया थाली के साथ।
- 8:52ऐसा नहीं पति परमेश्वर नाम रखा। गया जीस।
- 8:58तरह परमेश्वर के ऊपर। तुम्हें अनन्य श्रद्धा।
- 9:01होती है। अनन्या चिंतन तो माँ ये जनाह पर
- 9:07भी पास्ते। तेश्रम नृत्यावितता नाम योग
- 9:12क्षेम। बहा में हम आपत्ति।
- 9:17परमेश्वर हो जाता है। फिर उस परमेश्वर को खोने।
- 9:23का मन नहीं करता। जिसके हृदय में।
- 9:30वह मिठास उतर गई, रस की मिठास उतर गई, बस वही।
- 9:38पति परमेश्वर हो गया। और उसके परमेश्वर होने का कारण
- 9:44होगा प्रेम अनन्य। जब तक स्त्रियों।
- 9:56में परमेश्वर दिखाई नहीं। पड़ता यानी।
- 9:59उसकी किसी गतिविधि पर शक नहीं होता।
- 10:05पहले ही मारा मराया आता है विचार। कुछ बांस के क्षेत्र पर गए।
- 10:12काम ठीक। ठाक किया जितना होता उससे भी
- 10:14ज्यादा। फिर भी बांसों का नाक।
- 10:20टेढ़ा ही रहता है। और यहाँ।
- 10:27अगर तुम चौकीदारी। करना शुरू कर देती हो।
- 10:34तो इसलिए। ठीक ही किया होगा।
- 10:37रूप बाली चाकनकर के घरवालों। ने।
- 10:40वो। कितने भी बड़े ओहदा।
- 10:41पे रहे लेकिन उन्होंने। खुला छोंक दिया।
- 10:49जैसे हम गाय को चरने के लिए छोड़। देते हैं किसी के खेत।
- 10:55में चरा लेकिन हमें। शाम को दो चाहिए।
- 11:05और वह रूप वाली। चाकणकर की तरह।
- 11:09किसी के भी खेत में। जरा बस साँझ।
- 11:14को दूध चाहिए दोनों का गम हल। हो जाता है।
- 11:26विवाह एक बंधन है, वास्तव। में बंधन तब तक।
- 11:32बंधन रहेगा जब तक। हमने सिम्बोलिकली प्रेजेंटेशन
- 11:43अब्रीविएशन को। क्लीन कर।
- 11:47लिया है। हम।
- 11:48चिपट गए हैं, उसके साथ हमने हृदय में नहीं।
- 11:51उतारे जब। तर्क स्त्री के लिए पृष्ठ।
- 12:01परमेश्वर नहीं होता तब तक शादी पाप है।
- 12:11और जब तक। पुरुष के लिए स्त्री।
- 12:22शक्ति स्वरूप। दुर्गा नहीं हो जाती पूज्यने
- 12:28योग्य नहीं हो जाते। यत्र नारियोंस्त पूज्य नहीं।
- 12:33तह। निवरसंति तत्र देवता जहाँ नारी की
- 12:39पूजा। होती।
- 12:41वहाँ। देवता निवास करते हैं, निवास होगा
- 12:45कोई कला। मुझे लोग कह देते हैं, बाबा।
- 12:56आपके घर में इतनी शांति। क्यों है?
- 13:03मैं यही कहता हूँ मुझे अपनी स्त्री में।
- 13:11देवी दिख रही है। वह।
- 13:15स्तुति करने सो गई। यत्र नारियों से पूज्यन्त
- 13:21निवरसंती धतरह देवता। वहाँ।
- 13:24शालीनता, आनंद, खुमार, शांति। आई?
- 13:29गई। और जीस नारी को पति में परमेश्वर
- 13:36दिखाई पड़ी। और वह।
- 13:40प्रेम के बिना दिखाइए। पूजा।
- 13:44भी प्रेम के बिना सच्ची नहीं होती।
- 13:46कर्मकांड हो जाता है। पूजा तो तुम भी।
- 13:50कर्त्या हो? लेकिन वह मात्र एक क्रियाकर्म है।
- 14:02तुम पूजा करते हैं, तुम पूजा ठोकते हो।
- 14:07लठ। की तरह पूजा मारते हो भगवान मेरे
- 14:11पास रोज़? कहते हैं।
- 14:13इन लठ मारों। को हटाओ।
- 14:16मैं इनका कोशिश कर रहा हूँ। शादी बंधन है।
- 14:28अचार्य प्रशांत कहते हैं, ठीक उससे बड़ा ज्ञानी कौन होगा?
- 14:36उसने इसी बात के ऊपर दुनिया ढक ली।
- 14:42और खुद भी। बंधन, मैं नहीं बता।
- 14:48और दावा करता कि मैं अपने उस अंतर।
- 14:50स्थल में उतर गया जहाँ जाकर। मृत्यु नाम का कोढ़।
- 14:56खत्म हो जाता है ये पीएलआर बार। कहते हैं, हम बता देंगे।
- 15:03पिछले जन्म में तुम कौन थे? तुम क्या खाक बता दो?
- 15:10तुम्हारी क्षति पर जब। रखता हूँ मैं रिवॉल्वर, टॉय,
- 15:13रिवॉल्वर तो दोनों तरफ से चड्डी गीली हो जाती है।
- 15:21तुमने क्या कहा? पिछला जन्म जनम का पिछला जन्म
- 15:24जाना गाँधी में। उसके रखो।
- 15:35ये बड़ा खतरनाक प्रयास है। तुम पाओगे उसका बाल।
- 15:42भी नहीं हिला। उसका रोवा रोवा तो क्या कपना था?
- 15:48मृत्यु उसे कब का मार? चुकी।
- 15:55फिर वह मृत्यु दो अर्थ। होती नहीं।
- 15:59जीस मरने से जग। डरे।
- 16:01मेरे मन आनंद। क्योंकि एक।
- 16:08बार कबीर मर गए। और दूसरी बार मरने होते।
- 16:12हैं। मरने हीते पाई है पूर्ण परमाणु
- 16:19था। आनंद तो तुम्हें संसार में मिल
- 16:24जाएगा। बहुत से रसास्वादनों में तुम्हें
- 16:29आनंद। मिल जाएगा।
- 16:31लेकिन पूर्ण परमानंद नहीं। मिलेगा।
- 16:34सवाई उस तल पर जाए। बिना।
- 16:47शादी बंधन हैं बिशर्ते के वह प्रेम सेन।
- 16:57इसलिए पहले लोगों। ने स्त्रियों को।
- 17:03घरों में कैद करके रखा। घूँघट के तले रखा।
- 17:11घूँघट दो। तरह के होते हैं।
- 17:16मर्यादा से भी? घूंघट आया करते हैं।
- 17:18जैसे। इरानी सभ्यता में वहाँ।
- 17:22की पड़ी हुई पीएचडी। लड़कियों भी जहाँ तक का घूंघट।
- 17:25करती हैं नकाब पर्दा, निशी हिंदू औरतें, इसे घूँघट।
- 17:41कहते थे। यह एक सभ्याचारिक कृत्य।
- 17:49है। शर्माने का नहीं वरना।
- 17:57दूसरे व्यक्ति को। तरजीह देने का।
- 18:04दूसरे व्यक्ति को मान सम्मान देने।
- 18:06का तो उससे। वार्ता कर देते।
- 18:09हैं। बस यह एक कृत्य था अलग अलग
- 18:15मुल्कों में अलग अलग। तहज़ीब है?
- 18:21दुनिया में ऐसे भी लोग? हैं।
- 18:23जो कि दूसरे से मिलते हैं कि। दूसरे पर थूक देते हैं।
- 18:27जीव के साथ ही जीव मिला लेते हैं। ये सामाजिक प्रथाएं हैं।
- 18:39तो विवाह प्रेम विहीन विवाह। जैसे कोई ना ही करेगा, किसी ने
- 18:47किसी। को।
- 18:48बता दिया। वो लड़का, वो लड़की।
- 18:51गुर्जर बसर तो होगा? कुछ यूं भी गुजर।
- 18:59जाएंगे। कुछ यूं भी गुजर।
- 19:01जाएंगे। कुल मिला के सारे।
- 19:04ही गुजर जाएंगे, लेकिन। वह कोई जीना नहीं।
- 19:12होता और ढोल पीठिन होता है। दिनों को धक्के देना।
- 19:27तुम बाहरी लक्षणों को। लड़का लड़की पढ़े लिखे है।
- 19:36घर। गृहस्थी चलाने में समर्थ है,
- 19:39कितनी एअर्निंग है? यह स्टेटस है।
- 19:46रंग गोरा। है चाल ढाल ठीक।
- 19:49है। बस ये बाहर के।
- 19:53आभार न दे कर तुम दो पशुओं को बांध देते रहो।
- 19:59बाद में नहीं। ध्यान रखना कभी आदमियों को बनते
- 20:06देखा। है तो।
- 20:13बल देते हैं पशु गायें बनती है बकरी।
- 20:17बनती है। पालतू जानवर बनते हैं।
- 20:23लेकिन ज़िन्दगी में पहली। बार।
- 20:28आदमियों? ने शादी को बंधन।
- 20:30पाया। ब्याह ब्याह क्या?
- 20:35करो। आज हमारा ब्याह।
- 20:41तुलसी गाय बजाए। के फांसी दी और चढ़ा।
- 20:45जानते। हैं तुमसे।
- 20:47के रत्नावली के साथ गाब जाकर फांसी चड़ा दिया है।
- 20:55पाश। में बंधने जा रहे हैं।
- 20:58और पाश में हमेशा खुश हो। जाता है।
- 21:03अगर मनुष्य योनी में आकर भी तुम बंधन में ही बंधे।
- 21:07रहे। तो तुम।
- 21:09पशुता से मुक्त कैसे? हो?
- 21:15अगर तुमने पशु भी रहे। तो फिर मनुष्य होने का कोई।
- 21:27अर्थ नहीं। समाज के नियम, कायदे, कानून ऐसा
- 21:34समझदार व्यक्ति आया है। किसने तुम्हारे समाज को सही मार्ग
- 21:43निर्देशन दिया? अगर स्त्री में स्त्री।
- 21:55को पूजने की भावना ना। जगी।
- 22:03तो समझो के स्त्री से तुम्हें प्रेम नहीं है?
- 22:07ढो रहे हो उसे बात? स्त्री पुरुष को ढो रहे हैं।
- 22:16पुरुष इस्त्री को ठूर्व है ऐसे ही अगर स्त्री को।
- 22:24पुरुष ने परमेश्वर। दिखाई पड़ जाए।
- 22:30वह। उसकी दीर्घ गायु की कामना करे।
- 22:34और उसके लिए करवाचौत। का व्रत रखा जाएगा।
- 22:39और वो करवाचौत। का व्रत से ही।
- 22:45हम सूरज। उगने से पहले।
- 22:48पानी भी नहीं पिया जाए। और चाँद निकलने के बाद ही।
- 22:56मैंने ऐसी स्त्रियाँ देखी हैं ऐसे पुरुष।
- 23:01भी देखे हैं मैंने। जो स्त्रियों के।
- 23:07दीर्घ जीवन की कामना। करते हैं।
- 23:11करवाचौथ? का व्रत वो भी रखते है।
- 23:15वो भी ऐसे ही ईमानदारी। से कुछ नहीं करते क्योंकि अब ये
- 23:21शब्द। अंडरलाइन कर रहा हूँ प्रेम एक रस
- 23:27है जो मैंने कल भी। जो प्रेम रस को भी लिया है।
- 23:41उसको भूख नहीं लगती। अगर भूख लग जाए।
- 23:51तो फिर? प्रेम का रस किया था।
- 23:55इसलिए जिन्हें जिन लोगों। को।
- 23:58सही प्रेम हुआ। उनकी भूख उड़ गई।
- 24:04रात को नींद उठ। गया सच्चे।
- 24:09प्रेम की निशानी। बताते।
- 24:11होंगे क्योंकि प्रेम का वो रस है। जो तुम्हारी।
- 24:21भूख को खत्म कर देता है। और जो तुम्हें।
- 24:24जागृति प्रदान करता है। अवेयरनेस तुम तो।
- 24:30पांच नाम देके राधे राधे देके। आदमी को मर्छित करने।
- 24:35पे। आदमी अवेयरनेस से नॉन।
- 24:39अवेयरनेस में कैसे प्रवेश। कर जाए तो हमारे।
- 24:43गुरुओं की सारे दिन यही छलने की नीती रहती है।
- 24:47कि कैसे मैं इसको बुद्धू बना दूँ? इसलिए वो तुम्हें शक्ति।
- 24:55होने को सिद्धांत बताएंगे। नियम बताएंगे और शक्ति होने का
- 25:02सबसे बढ़िया। उपाय है नाम जब्त अंतहीन
- 25:07प्रक्रिया बस बांस। गाड़ दो।
- 25:13और इन भूतों से कहो कि इस बांस के ऊपर चढ़ते रहो, उतरते रहो।
- 25:18चढ़ते। रहो उतरते रहो तुम जात में करते
- 25:21करो रेपेटिशन में यही तो। करते हो?
- 25:25बांस। के।
- 25:25ऊपर चढ़ जाते हो। फिर उतर जाते हो।
- 25:34इसलिए समेरू का हम उल्लंघन नहीं करते हैं।
- 25:38अगर बाँस। के बिल्कुल सिरे के ऊपर जा कर
- 25:41आदमी वहाँ से छलांग लगा दिया तो समेरू का अलंघन हो।
- 25:44गया लेकिन यह गुरु? बड़े समझदार।
- 25:50हैं। गुरु कहें कि सुमेरु।
- 25:52को नहीं लाँगना इस सब बास? के ऊपर चढ़ना और ऊपर से वापस फिर।
- 25:56मुड़ाना वहीं से वापस मुड़ाओ जो छलांग लगा गया, सुमेरु को लाँग
- 26:02गया। वह तो मुख्त हो गया।
- 26:11अगर सच में तुम जॉब करना चाहते हो।
- 26:14तो एक। प्रक्रिया में तुम्हें बता।
- 26:15देता हूँ फिर चाहे कुछ भी जपो। मुझे तो वैसे भी कोई एतराज।
- 26:24नहीं, राम। जपो राधे जपो कृष्ण।
- 26:29जपो। पांच नाम 10 नाम, कुछ कुछ लेकिन।
- 26:35ज्यादा ज्यादा चपो सोए। सोए में चपो।
- 26:50तुम 100 100 जब्त हो इसलिए तुमने देखा।
- 27:00तुम्हारे शरीर से अगर। तुम्हारा टेम्परेचर घटा दिया।
- 27:03जाए तो तुम जाप। करने लगोगे?
- 27:15यही सारा। प्रयोजन था ऋषियों।
- 27:18गंगा के। ठंडे पानी में डुबकी।
- 27:20लगाओ। सिर तक जब सिर जाएगा गंगा जीके
- 27:26ठंडे। पानी में।
- 27:27तुम को गहरा दे। रहा।
- 27:3337 डिग्री से कम। हो गया।
- 27:37वह बर्फीला। पानी है -4 ज्यादा से ज्यादा
- 27:41जीरो। तो कंपन चढ़ेगा।
- 27:48बाथरूम। में इसलिए तो।
- 27:50ठंडा पानी पड़ते। ही तुम।
- 27:54राम राम करना शुरू कर चित्र। यह अक्षमात नहीं होता।
- 27:59इट्स ए साइंटिफिक प्रोसेसर। कितना ही नाटक।
- 28:05व्यक्ति हो। ठंडा।
- 28:11पानी सर के ऊपर पड़ते ही 1000 की वो।
- 28:14ग्रंथी क्रियान्वित हो जाती। है।
- 28:19नासिक रोग गीत गुनगुनाने लगते बाथरूम शंकर कहते।
- 28:24हैं। और गंगा का ठंडा?
- 28:30तो हो गया हर हर हर हर हर। क्या वह ग्रंथि?
- 28:42उलटिपल उसने अपना बैलेंस से खो। दिया।
- 28:50ज्यादा मत। अगर तुम विवाह करके बांधते।
- 29:04नहीं। बल्कि विवाह करके और भी ज्यादा।
- 29:09आज्ञाकारी हो जाते हैं। तो वह विवाह बंधन वह विवाह मुक्त
- 29:28प्रेम में एक। दूसरे के बातों को आदेश।
- 29:34माना जाता। है।
- 29:38इसलिए पतियों में परमेश्वर। दिखाई पड़ा।
- 29:45और नारियों में देवी। दिखाई पड़ी कोई नहीं।
- 29:55यह परमात्मा के दरगाह। से आता है प्रेम।
- 30:00बड़ा मीटर है। अगर किसी को किसी।
- 30:08आदमी स्त्री को प्रेम न हुआ हो। कोई हीर।
- 30:11रांझा न हुआ हो। कोई लैला।
- 30:13मजनू न बना हो शेरी फरियाद सोनी मेरी बात।
- 30:21तो फिर वह। एक प्रेम का दरिया।
- 30:27तो हमारे। भीतर भी बहता है।
- 30:32अगर। परमात्मा तुम पर न।
- 30:34बरसे प्रेम की तरह। तो तुम उस तल को।
- 30:38खंगालना शुरू कर देना। जहाँ से प्रेम।
- 30:43आता है। जो उदगम स्थल है प्रेम।
- 30:46का? तुम उसकी खोज।
- 30:51कर देना शुरू कर और यह खोज। में तुम्हें एक चीज़।
- 31:02आहूत करनी होगी। ओह इज्जत, तुम तो इज्जत।
- 31:07से बंध जाते हो? मैं सदा ही।
- 31:09पूछता हूँ। यह इज्जत कौन सी हनन हो गई?
- 31:13यह खुर्जा। कौन से स्थान पे?
- 31:14लगा है। कोई।
- 31:18कहता है मेरी भावनाओं। को आहत?
- 31:21कर दिया मैं प्रेम। करूँगा।
- 31:25मूर्ख लोग आगे बैठे। हैं।
- 31:28तुम्हारे न्यायालय में कोई ज्यादा समझदार लोग नहीं बैठे हैं।
- 31:33ज्यादा मूर्ख लोग। बैठे हैं।
- 31:37500,00,00,000 का हरजाना वह व्यक्ति मांगता।
- 31:41है वह। पंचतत्व का।
- 31:45पुतला मांगता है। जिसकी कुल वैल्यू शेर।
- 31:51पे नो अनेक। वह 500,00,00,000 कार जाना
- 31:59मांगता। है।
- 32:03इसने मेरी मान्यताओं को। ठेस पूछ फंसी आती है।
- 32:14मुझको हरकतें इंसान पर। गलतियाँ तो खुद।
- 32:20करे और दोष दे। भगवान अरे मूर्ख।
- 32:27ऐसी गलत प्रपंच। धारणाएं बनाई तो तुमने?
- 32:33और हरजाना? तो मुझसे मांगते हो?
- 32:38जो? तुम्हारी भ्रांत धारणाओं को।
- 32:40तोड़ता है सजा तुम उसको देते हो। ईसा को सूर्य पर झटका देते हैं।
- 32:47सोकरैटिस को जहर पीला। देते हैं।
- 32:49मीरा को जहर का। प्याला भेज देते हैं।
- 32:54राणा। लेकिन मीरा?
- 33:07उस। प्याले को प्रेम से पी जाती है और
- 33:12उस प्रेम से पिया हुआ पैदा शरीर। को मृत्यु दे देगा निश्चित है
- 33:20सोकरटीस उसे लोग पूछ लेते हैं। प्याला।
- 33:26सोक्रटीज ने भी पिया। जहर और प्याला।
- 33:31मीरा ने भी। पिया सोक्रटीज मर गया।
- 33:34मेरा नहीं मर गया। कारण यही तो तुम्हें समझ नहीं
- 33:49आया। यह दो आयामों।
- 33:54से कही गई बात। सो क्रिटिस मरा।
- 34:01शरीर के तल। पर।
- 34:05और मरता मरता सारी बातों को साक्षी।
- 34:07भाव से देखता रहा, अब पांव मर गए। अब नाभी तक मर।
- 34:12गया अब। छाती तक मर गया।
- 34:17अब गर्दन तक आ गया अब। तो मैं बोल भी न सकूंगा।
- 34:20यह जाग के। मरना है मर जीवड़ा।
- 34:23जीते जीते मर जाना बस व्याख्या तुमने गलत कर दिया।
- 34:36और मेरा जीवत रहे। जहर का प्याला पीकर तुम उस।
- 34:47स्तर पर पहुँच जाते हो जहाँ अमृत विराजमान है।
- 34:56इसका। कुल मतलब इतना है।
- 34:58प्रोसेसिंग दोनों। की एक ही है।
- 35:06शरीर मीरा का भी मरा, शरीर सोक्रेटिस का भी मरा।
- 35:15अमृता को वह भी प्राप्त हो गया क्योंकि जागे जागे।
- 35:20मरा और अमृता को मीरा भी प्राप्त हो गई तुमने, मीरा।
- 35:27की शरीर कभी कहीं। दफन होते हुए देखा।
- 35:33है, उसकी खबर नहीं। कहते हैं मीरा।
- 35:41मूर्ति महसमा के भगवान कृष्ण कहाँ?
- 35:43गई है बस यह। सिम्बोलिक रेप्रेसेंटेशन्स थे
- 35:50सिंबल्स? दोनों का शरीर मरा, मीरा का भी।
- 35:57और सोक्रेट डिस्काउंट। दोनों को व्याख्यात अलग अलग
- 36:04आयामों। से किया।
- 36:05गया। मीरा को व्याख्यात किया गया उस
- 36:10बिंदु पर जहाँ जाकर मृत्यु। समाप्त हो जाती है इसलिए मेरा
- 36:14मृत्यु। सो क्रिटिस को व्यख्यात किया गया।
- 36:22इस पंच भौतिक। तत्व की तरह।
- 36:24यह तो मरेगा। और जहर।
- 36:27पीकर तो मरेगा लेकिन। दोनों के भीतर गुणतत्त्व एक ही
- 36:33है। कि वह आपके भीतरी जल पर बैठा।
- 36:38हुआ अमृत या प्रेम कभी मर्त्य नहीं मरता।
- 36:44है। भौतिक शरीर मरता है, स्केटर होता
- 36:47है, मरता। तो वह भी नहीं है।
- 36:52विकिरण होता है। सट जाता है, बंट जाता है, उसके
- 36:59अणु एक दूसरे से वेलगाव हो जाते हैं।
- 37:03मरता तो यहाँ कुछ। भी नहीं है।
- 37:07यही आज साइंस भी कहती है। मैटर।
- 37:09कैन नीदर बी क्रिएट। ऑर नॉट कैन बी?
- 37:11स्टार्ट। यहीं कृष्ण भगवान ने गीता में भी
- 37:17संदेश। दिया अर्जुन को नैनम सिद्धांत
- 37:20शास्त्रवणि नैनम दाहाती भाव। का न शैनम करेजंथापूर्ण?
- 37:24शुश्रति मरोता। सच्चा फ्रेम में।
- 37:35जैसे माता अपने बच्चों। से करती है।
- 37:39हमने देखा, बच्चा कतल। करके आ जाता।
- 37:41है माँ उसको। गोदी में छुपा।
- 37:43लेते है। माँ।
- 37:48विश्वास कर ही नहीं सकती कि मेरा। बच्चा ऐसा काम कर।
- 37:51सकता है और यह। विश्वास आता है।
- 37:56अथासा प्रेम से अथाह। करुणा से।
- 38:00अथाह। ममता से वात सर्विस?
- 38:08क्राइम करके आ जाए। बैठे अगर सच्चा प्रेम।
- 38:14होगा अगर शब्द में जानबूझ के लगाए हैं।
- 38:18किसी कारण से। तो वह उसे कहेगा देख।
- 38:31मेरा बच्चा ऐसा काम करेगा जब हृदय।
- 38:39में प्रेम के रसधर बहती हो किसी के लिए।
- 38:44तो वह परमेश्वर। ही हो जाता है।
- 38:50फिर पति किसी। दूसरी स्त्री से प्रेम करेगा।
- 38:52यह मन में अविश्वास। उठता है।
- 38:57इसलिए पति परमेश्वर हो। जाता।
- 38:59है इसलिए स्त्रीपति को। अगर प्रेम है तो?
- 39:05ये एक कसौटी से। मिले हैं अगर।
- 39:09स्त्रीपति को खुला छोड़। देते हैं।
- 39:12तो समझ लेना। उसे परमात्मा की तरह।
- 39:15विश्वास हो गया। अपने प्रति पति उसके लिए परमेश्वर
- 39:22हो गए। अगर पुरुष के लिए।
- 39:29स्त्री देवी हो गई, नारी देवी हो गई।
- 39:32पूजा के योग्य हो गए। तो फिर समझ लेना कि सच्चा?
- 39:38फ्रेम हो गया इस। पुरुष को।
- 39:43शक की सच्चे। फ्रेम में कोई गुंजाइश।
- 39:46होती नहीं। बला के वो कतल।
- 39:51करके आ गया। भला के वो।
- 39:54दूसरे स्त्री से लिपट। चिपट आया भला के वो दूसरे बन्धु
- 40:01नाक से लिपट चिपट। आई?
- 40:05लेकिन पति? और ऐसे स्त्री को?
- 40:10पति से प्रेम करना। चाहिए।
- 40:12बंधुनाथ को छोड़ देना चाहिए। क्योंकि जीस पति ने इतना प्रेम।
- 40:19किया प्रेम का अर्थ? होता है पूरा छोड़।
- 40:23देना। क्योंकि शक नारा आपको।
- 40:31शक संदेह पैदा। करता है।
- 40:34प्रेम विश्वास, प्रेम, श्रद्धा पैदा।
- 40:38करता है। यह इंटरमिंगल्ड इंटरकनेक्टेड
- 40:43पॉइंट्स। मैंने पहले भी जिक्र किया था।
- 40:51हमारे शरीर में इंटरकनेक्टर। पॉइंट हैं उनको छू लेने से या
- 40:58उनको मान। लेने से हमारे।
- 41:00भीतर साहस जन्म लेता। है।
- 41:07थोड़े से गहरे। शब्द हैं आगे आगे।
- 41:10ध्यान से सुनिएगा बस ये। सारी वीडियो ही बड़ी घर है।
- 41:22मैंने कहानी सुनाई। थी अगर इन इंटरकनेक्टेड पॉइंट्स
- 41:29को पहचान लिया जाए। तो उस व्यक्ति के करियर को।
- 41:37खत्म करने में क्षण। लगेगा तुम्हें?
- 41:45जैसे मैंने कहानी सुनाई, बहुत बड़ा वकील था।
- 41:48कभी हारता नहीं। पहले हो बहस।
- 41:53करता डिस्कशन करता करता? पीक पर पहुँच।
- 41:59जाता है। और जब पीक पर पहुंचता व्यक्ति
- 42:06यहाँ। समझना बात को।
- 42:10तो पीक से छलांग। लेनी होती है।
- 42:12वहाँ विनिंग पैक। होता है।
- 42:22तो उसके एक बटन लगा था कोर्ट। के।
- 42:27वह कोर्ट के ऊपर के बटन। को पकड़ता है।
- 42:31और उस बटन को पकड़ते ही उसमें साहस का संचार।
- 42:39साहस का संचार होते ही उसके भीतर परमात्मा का।
- 42:42अधीक्षण आना शुरू हो जाता। है।
- 42:53फिर वह जो तर्क। देता।
- 42:55था। उसको काटा नहीं जा।
- 42:57सकता था। और वह।
- 43:01वकील सदा ही जीतता। रहा लेकिन 1 दिन?
- 43:07कोई समझदार व्यक्ति था। उसने यह सारा दृश्य कैद कर लिया
- 43:13बार बार जब वह जीतता है आखिरी लम्हों में जाकर पीक पैंट में
- 43:18जाकर। अपने।
- 43:19उस बटन कोट के बटन के ऊपर। हाथ लगाता है और।
- 43:24छूता है, उसको घुमाता। है।
- 43:28बहस भी करता है उस कोट के बटन। को भी घुमाता है।
- 43:37और। ऐसा तर्क देता है।
- 43:40फिर विरोधी। परास्त हो जाता है।
- 43:42वह जीत जाता तो उस दूसरे वकील। ने लॉन्ड्री में गया।
- 43:52उसने कहा ऐसा करो। तो वकील साहब का जब कोर्ट।
- 43:58प्रेस करे। उस दिन बहुत अहम।
- 44:01केस था। तो ऊपर वाला बटन तोड़।
- 44:04दे बोल कितने पैसे उतने जीतने मांगे उसे दुगने दे दिया।
- 44:13लेकिन। कोट तोड़ दिया मेरे।
- 44:14सामने बटन उसने कोट का बटन तोड़। दिया।
- 44:21मेरे को दे। बटनों से ने जेब में डाला चला।
- 44:28गया। अब काला कोट पहन।
- 44:32कर वह वकील। बहस कर रहा है।
- 44:36बड़ा अहम मुद्दत जीवन मरण का सवाल बहस करता रहा करता रहा।
- 44:44हमारे भीतर। एक तल होता है जब।
- 44:47वो चूक जाता। है।
- 44:48एनर्जी का? तो फिर दूसरे तल से एनर्जी को गेन
- 44:54करने के लिए उस बटन की जरूरत पड़ती है तो जब उसकी एनर्जी।
- 45:00खत्म हो गई एक पड़ाव। की।
- 45:03तो दूसरे स्टोर की एनर्जी। लेने के लिए उसने।
- 45:07उस बटन का सहारा लिया और पाया। कि वह बटन गायब।
- 45:12था, बहस टूट गई। वह मुर्दो की तरह हो गया क्योंकि
- 45:23दूसरे तल से। साहस नहीं आया।
- 45:27कर्ज नहीं आया वह विनिंग? पैंट नहीं आया?
- 45:33जिसके द्वारा वह जीता। करता था।
- 45:38प्रत्येक व्यक्ति के विनिंग। पैंटस होते हैं।
- 45:41अगर बोर से देखो। तो अगर उसको।
- 45:44हराना हो तो देखना। आखिरी।
- 45:46वक्त में वह जो प्ली देता है। जो?
- 45:51पकड़ में नहीं आती। उस वक्त उसकी शरीर।
- 45:53की मुद्रा कौन? सी थी गौर से देखना वह।
- 45:58पकड़ में आ जाएगा प्रत्येक व्यक्ति का।
- 46:04बनने का पॉइंट होता है। वहाँ से चार लेता है वो जब उसका
- 46:12एक तर चूक जाता है तो दूसरे तर। से शक्ति लेने के लिए।
- 46:19वह उसको छूता। है कोट के बटन को।
- 46:25उसको एनर्जी कनेक्टिंग पॉइंट। कहते हैं।
- 46:30अगर तुमने वह पॉइंट से हटा दिया। उसके सारे।
- 46:36तर्क गिर जाएंगे वह मुर्दो की। भाँति हो जाएगी।
- 46:47तुम पकड़ नहीं पाते। सिर्फ मैंने बहुत।
- 46:52बार कहा है। अब हसना मत जब।
- 46:59मोदी? जी झूठ बोलते बोलते।
- 47:01थक जाते हैं एक तल से। तो दूसरे तल से साहस।
- 47:05लेने के लिए ऊर्जा लेने के लिए एनर्जी लेने के लिए एनर्जी।
- 47:09कनेक्टिंग पॉइंट को। गेन करने के लिए वो ऐसे बैंक।
- 47:15उसकी ऊँगली को काट दो। सच में मत काट देना, मेरे गाड पर
- 47:21जा। आपको सिर्फ एग्ज़ैम्पल।
- 47:25दे रहा हूँ। वह।
- 47:28अगर ऐसा ना करे। यानी इसका मतलब यह है वह।
- 47:37झूठ बोलने के लिए। शक्ति कलेक्ट कर रहा।
- 47:40है। सच तो कभी जनाब नहीं ज़िन्दगी में
- 47:45बोला ही। तुम देखना कहाँ ये झूठ बोलता कहाँ
- 47:56ये सच बोलता अगर मोदी ने अपना भाषण यहीं से शुरू कर लिया, इसका
- 48:02मतलब मैं झूठ ही बोलेंगे आज। अगर बीच में कहीं आकर।
- 48:07उसने ऐसा कर लिया। तो इसका मतलब इससे पहले।
- 48:10जो है वो तुम भूल जाओ अब मैं झूठ बोलना शुरू कर रहा हूँ ही इस
- 48:17गोइंग टु अलर्ट यू। समझदार व्यक्ति समझ जाएगा।
- 48:23सब। के अपने अपने पांच होते हैं।
- 48:26जो कि। आदित्यनाथ रोने जैसे हम अपना
- 48:29लेंगे। यह द्रोता बहुत।
- 48:32बुरे ढंग से है बस। उससे वो पॉइंट कलेक्ट।
- 48:37कर लेगा। यह उसका चार्जिंग कनेक्टिंग।
- 48:42पॉइंट है। एनर्जी यहाँ से ही चार्ज करें
- 48:49आमतौर से स्त्रियाँ रोकर अपनी शक्ति को।
- 48:54कलेक्ट करते हैं अलग अलग। कुछ स्त्रियां कानों को पकड़
- 49:03लेती। थीं, इसलिए उनके कान बीन दिए गए।
- 49:09कुछ स्त्रियां नाक को ऐसे करने लग।
- 49:11जाती हैं। उसके नाक में कोका डाल दिया था।
- 49:17वो पॉइंट से ही छीन लिए गए। यह तुम्हारी हैबिट।
- 49:27हो जाती है झूठ बोलने वाला। व्यक्ति जब वह।
- 49:36मुद्रा बना लेगा। शरीर की मुद्रा में बड़े काम करते
- 49:38है, इसलिए। मुद्रा व्यर्थ नहीं होती।
- 49:43मुद्रा शक्ति को ग्रहण। करने।
- 49:45की एक यौगिक पद्धति। है।
- 49:53लेकिन ध्यान रखना शारीरिक। है।
- 49:58आप जो शांभवी। मुद्रा तुम बनाते हो?
- 50:05या जो तालुवे। के साथ जीभ लगा।
- 50:07देते हो? ये सब मुद्राएं शारीरिक।
- 50:11हैं आत्मा? के साथ इनका कोई संमंत्र नहीं।
- 50:20बस। लोभियों ने लालचियों ने
- 50:24कारोबारियों ने धंधाखोरों ने। इन मुद्राएं को परमात्मा के लिए
- 50:33प्रयोग करना शुरू किया। मुद्राएं होती हैं।
- 50:41शारीरिक। आपको जानकर पढ़ाई हैरानी।
- 50:52होगी। इतिहास आपने पढ़ा है युद्ध होगा
- 50:59वर्ण तुम्हें पड़ा है। लेकिन गहरी मुद्राएं तुम।
- 51:04खंगालने वाले उस वक्त है नहीं। युद्ध के मैदान पर कौन खंगालता है
- 51:08मुस्लिम को? महाराणा प्रताप।
- 51:11अपनी ज़िन्दगी में कोई? लड़ाई नहीं हार है।
- 51:14हल्दी घाटिक उनके सामने राजा मानसिंह।
- 51:18होता था अकबर का सेन। और मान सिंह।
- 51:29की एक एनर्जी कनेक्टिंग। पॉइंट था जो महाराणा प्रताप को
- 51:34पता। था।
- 51:38जब। वह चूक जाते उनकी सारी बहादुरी
- 51:42महाराणा प्रताप जैसा बहादुर व्यक्ति।
- 51:45हिंदुस्तान ने कभी इस धरती ने देखा?
- 51:47नहीं महाराणा प्रताप जैसा। बहादुर व्यक्ति भीतर से कलेजे से
- 51:57बहादुर छाती। से नहीं।
- 52:00छाती से भी बहादुर। था और।
- 52:02कलेजे से भी बहादुर था। दोहरी बहादुरता थी।
- 52:07उसमें तो जब उसका। पहले तल का एनर्जी चुक जाता तो वह
- 52:18क्या करता? अपनी दाढ़ी के बाल नोचने शुरू।
- 52:20कर देता या या। महाराणा प्रतावी से पकड़।
- 52:27गया जब राजा। मानसिंह ऐसा ही करता।
- 52:32राजा मैं इसलिए कहता हूँ वो राजा जैसा ही था, अर्कवर्क की जगह वही
- 52:36आता है। तुम हिंदू मुस्लिम करते हो।
- 52:49मुसलमानों को हिन्दुओं पे ज्यादा जकीन है अपना सेनापति।
- 52:55ही हिंदुओं को बनाता। है अकबर हिंदू मुसलमानों?
- 53:04को सेनापति बनाता है। तुमने तो राज़ करना है तुम्हारी
- 53:12नीयत में। खोट है।
- 53:16इसलिए तुम हिंदू मुसलमान कोई लोभ लगा के।
- 53:20हिंदू राष्ट्र बना देंगे तुम ऐश करोगे?
- 53:23तुम्हारे पास कोई देश नहीं है, क्यों नहीं है?
- 53:25भाई नेपाल हिंदू। राष्ट्र ही तो है।
- 53:31नेपाल हिंदू राष्ट्र ही तो है। तुमने अगर अपनी।
- 53:34आबादी बढ़ा ली। तो किसी का क्या कसूर है?
- 53:41नेपाल का राजा नया नया जो बना है। उसने जब।
- 53:47गृह प्रवेश किया और। सत्तासीन होने लगा।
- 53:53वैदिक मंत्रों के उच्चारण से उसे गृह प्रवेश और उसे।
- 53:58राजगित लग गया। ज़रा देखिए अगर कोई आपको।
- 54:04और सद से परम प्राप्त। रही है यह राजा।
- 54:12को विष्णु का रूप समझाया। जाता है।
- 54:16और उसकी पूजा होती है। और विष्णु हमारे।
- 54:19हिंदू देवता हैं। राजा को।
- 54:23विष्णु का रूप। समझाया जाता।
- 54:26है। राजा को पीरों का।
- 54:32पीर थोड़ी समझाया जाता है। नेपाल हिंदू राष्ट्र।
- 54:44अगर तुमने अपनी आबादी बढ़ा ली। ये बात।
- 54:50अलग है यह? कमजोरी।
- 54:53कमरी के एक एक। हिंदू ने 1515।
- 54:561010 बच्चे पर। तो हिंदुओं की आबादी बढ़ गई।
- 55:02आज तुम लालच दे हो। भागोगे कहाँ भागोगे?
- 55:05नेपाल हिंदू राष्ट्र? और।
- 55:11बिल्कुल मान्यता प्राप्त हिंदू राष्ट्र।
- 55:17अगर घर छोटा पड़ गया और उस परिवार में बच्चे ज्यादा हो गए।
- 55:23तो तुम लूटखसूट। करो यह कोई कायदे कानून की बात
- 55:27थोड़ी। जिसे तुम हिंदू कहते हो।
- 55:37वो बाहरी आया। हुआ व्यक्ति यहाँ के।
- 55:42बाशिंदे और हैं। जिनको तुमने लताड़ दिया, जिनको।
- 55:46तुमने? नीच कहा जिनको तुमने सूत्र।
- 55:50कहा, ये वो व्यक्ति हैं जो यहाँ के एकचूर वासन दे हमारा हिन्दुओं।
- 56:00का राष्ट्र तो नेपाल। मैं ये है बात।
- 56:09ऑथेंटिसिटी से कह रहा। हूँ।
- 56:11क्योंकि नेपाल पर एक। जीवन में जन्म में।
- 56:16मैंने राज्य किया है नेपाल। पूरे हिंदू राष्ट्र।
- 56:23है। खर्च मच बाद में।
- 56:26हो गया वह हो। गया।
- 56:29मैं सातवीं शताब्दी की बात। कर।
- 56:31रहा हूँ। शुद्ध हिंदू राष्ट्र।
- 56:36है। तुम कहते हो हिंदू राष्ट्र।
- 56:38तो कोई है ही नहीं। तुम डराने का काम करते हो,
- 56:40तुम्हें इतिहास बताना। लोगों को तो इतना ही इतिहास
- 56:44शून्य।