Latest / Khushei Ki Duniya / Tum Saath Ho | A Gangster Romance❤️✨️
Transcript
- 0:00एनीमी टु लवर्स स्कूल कॉलेज लव स्टोरी ये तो बहुत सुना दी आज
- 0:04तुम्हे कुछ अलग सुनाती हूँ, कुछ हटके तू है गाइस थिस इस युअर
- 0:10होस्ट कम दोज़ खुशी एंड आई ऍम बेक अगेन विथ अनँद्अर फ्रेश लव स्टोरी
- 0:15क्योंकि अभी हमारे बेटारे में बहुत सारी कहानियों है पर जब मेरे
- 0:18पास फख्त नहीं होता है। कहानियों तब भी बहुत ज्यादा होती
- 0:21है लेकिन उनमें से एक आज रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 0:23तू लगाओ अपने गानों में हो जा दुनिया से और सुनो ये वाली कहानी
- 0:31तू पिया अपने घर पर टीवी में एक न्यूस देख रही थी जहाँ पे बात हो
- 0:37रही थी कि। उनके शहर में एक गैंगस्टर था जो
- 0:41आरवी नाम से फेमस था और मतलब उसके बहुत सारे यू नो करार नामे थे जो
- 0:47बहुत फेमस हो रखे थे। तो पिया एक दम से उसको देख कर एक
- 0:50दम गुस्से में आ जाती है की हाँ ये लोग पुलिस वाले पकड़ते भी नहीं
- 0:54है इन गैंगस्टरों को और क्या है ये और?
- 0:57मुझे तो बहुत मचती है लेकिन पिया जो थी उसे ये सब चीज़ से बहुत
- 1:03नफरत थी। वायलेंस, फालतू का लड़ाई, झगड़ा
- 1:07उसे शांत जीवन पसंद था, एक दम पीसफुल लाइफ ज़िन्दगी में उसका
- 1:12सोचना था कि इंसान को खुश रहना चाहिए, खुशियां बांटनी चाहिए।
- 1:17अगर हो सके तो मदद करनी चाहिए लोगों की और सबको बस पीसफुली रहना
- 1:22चाहिए आना की पिया की खुद की लाइफ में बहुत सारे स्ट्रगल्स थे लेकिन
- 1:27वो चाहते थे की बस जिंदगी जी लेंगे यार खुशी खुशी जी लेंगे।
- 1:32जितनी भी स्ट्रगल्स होंगे होंगे देखी जाएगी जिंदगी है उसका यही
- 1:36मानना था। 1 दिन अपने घर आते वक्त उसने देखा
- 1:40कि एक लड़का सड़क पर बस पागलों की तरह चल रहा था।
- 1:44ना उसका ध्यान था कहीं ना कुछ एकदम से सामने से कार आ रही थी और
- 1:50शायद उस लड़के का बिलकुल ध्यान नहीं था।
- 1:52ये अब भागकर उसके पास जाती है और उसको धक्का देकर वहाँ से हटा देती
- 1:56है। पिया भी उसके साथ ही गिर जाती है
- 1:59और एकदम से चिल्ला के कहती है अरे मरना है तो उस कार वाली को क्यों
- 2:04मरवा रहे हो यार? मरना है तो डूब के मर जाओ, ज़हर
- 2:07खालो 50 तरीके है मरने के मतलब तुम्हें एक गाड़ी के आगे आके
- 2:12मरोगे। तो देखो गाड़ी वाले का भी नुकसान
- 2:14होगा, उसकी गाड़ी खराब होगी, उसका ड्राइवर पे केस लग सकता है।
- 2:18तुम तो मर जाओगे, देखो बट उसका बहुत नुक्सान होगा तो अगली बार ना
- 2:22मरीन ड्राइव करना या फिर यू नो अच्छी सी तरह से सोचो पंखे वंखे
- 2:27से लटकोगे वैसे टूट भी सकता है पंखा घर का नुकसान होगा तो।
- 2:33ज़ाहिर से तो तुम मरने वाली पार्टी लग नहीं रहे हो।
- 2:35मुझे तू मतलब देख लो अच्छा तरीका सोचना अगली बार तो वो लड़का उसको
- 2:40बस घूर रहा होता है की क्या है की मतलब इसने मुझे बचाया और अब मुझे
- 2:46मरने के तरीके बता रही थी ये बंदी, लाइक व्हाट इस थिस?
- 2:50तो वो बस उसे देख रहा था कि क्या सीन है इसका फिर कुछ देर बाद वो
- 2:55वहाँ से चली जाती है। पिया जब अपने घर आती है, उसकी माँ
- 2:59हर दिन की तरह उसे कोस रही होती है और कहती है आ गई तू घूम घाम के
- 3:05काम वाम कर लिया कर कभी कुछ और तभी उसकी माँ की नजर उसके बाजू
- 3:09पड़ जाती है। उसके सूट से एक ब्रेसलेट लटक रहा
- 3:13था। सोने का तू कहती है अरे आज तो तू
- 3:16सोना लेके आई है तू भी चोरी चालू हो गई तू कहती है चोरी मैंने कौन
- 3:20सी चोरी किया है तो वो कहती है अपने हाथ पे देख ये ब्रेसलेट, तभी
- 3:25उसकी निगाह उस ब्रेसलेट पे जाती है।
- 3:27वो देखती है कि अरे शायद ही उस लड़के को बचाते वक्त उसका बेसलेट
- 3:32मेरे हाथ में अटक गया होगा। उसकी माँ कहती है इसे मुझे दे दे।
- 3:37पीच कर कुछ तो फायदा होगा। उसकी माँ बहुत लालची किस्म की औरत
- 3:41थी। उसे ना अपनी बेटी की पड़ी थी ना
- 3:43किसी और चीज़ की। पिया के पापा बहुत पहले ही गुजर
- 3:47गए थे और अब सिर्फ पिया और उसकी माँ थी।
- 3:50उसकी माँ से बहुत नफरत करती थी और कैसे भी पिया की माँ तो थी वो
- 3:54आखिर और वो रहते भी बहुत खराब इलाके में थे।
- 3:58मुंबई का वो एरिया जहाँ सिर्फ गुंडे, मवाली वो लोग रहते थे रेंट
- 4:04कम था उस जगह का। पिया हर बार कहती है अपनी मास से
- 4:06की यहाँ से कहीं और चलो लेकिन उसकी माँ को उससे कोई फरक नहीं
- 4:10था। वो बस झील रही थी।
- 4:141 दिन पिया सोचती है फिर की यार अब अगली बार कभी देखेगा तो लौटा
- 4:19दूंगी और अपने माँ को ये कहकर की ये ब्रेसलेट से हाथ भी मत लगाना।
- 4:24और अपने पर्स में उस ब्रेसलेट को डाल देती है।
- 4:26जीस पर्स को हमेशा लेके घूमती थी वो अपने साथ 1 दिन ऐसे ही अनाम से
- 4:31वो जा रही होती है अपने रास्ते पर तो वो उस लड़के को वापस देखती है
- 4:35तो जब तक जाती है उसके पास वो लड़का वहाँ से चला जाता है सो
- 4:39सुस्ती यार रह गया वरना इसका ब्रेसलेट यहीं दे देती।
- 4:43ये तो सोने की चीज़ है। इसने रिपोर्ट भी नहीं लिखाई।
- 4:47अमीर होगा। शायद ये सोचते हुए वहाँ से वो चली
- 4:50जाती है। कुछ दिन गुजरते हैं कि 1 दिन पिया
- 4:54जब अपने घर आती है तो कुछ लोग बैठे होते हैं, उसके घर पे देख
- 4:59जाता है उनकी शक्ल से की वो गुंडे ही थे।
- 5:02पिया अपनी माँ से पूछना चाहती थी की ये लोग उसके घर पे क्या कर रहे
- 5:06है? लेकिन तब तक उसके पीछे कोई आता है
- 5:10और उसे एक रुमाल में कुछ सुंघा देता है, जिसके बाद पिया बेहोश हो
- 5:15जाती है। जब पिया की आँखें खुलती है तो वो
- 5:18एक बहुत बड़े घर में थी उस बड़े घर में।
- 5:22बहुत सारे नौकर घूम रहे थे और वो गुंडे भी थे जो उसने अपने घर पर
- 5:27देखे थे। उसे लगता है किसी ने उसे किडनैप
- 5:29किया था तो चिल्लाने लगती है की कौन है यहाँ मैं मैं यहाँ क्यों
- 5:34हूँ? लेकिन तभी वो गुंडा जो होता है वो
- 5:38उसे कहता है चुप हो जा, तेरी माँ ने तुझे बेचा है।
- 5:42तो अब तुझे किडनैप नहीं किया किसी ने, तू चुप रह प्रिया तो मानो की
- 5:47मेरी माँ ने मुझे बेचा है, मैं नहीं मान सकती लेकिन अंदर ही अंदर
- 5:53प्रिया जानते थी की उसकी माँ केपेबल थी इस चीज़ की बट अब वो
- 5:58करती तो क्या करती इतने में ही? एक और इंसान आता है जिसके पास
- 6:03पिया को ले जाया जाता है और उसका फेस ढक देते हैं।
- 6:07वो तो पिया सिर्फ उनकी बातें सुन पा रही थी।
- 6:10वो कहते हैं कि ऑर्वी तुम्हारे लिए एक सरप्राइज़ लाया हूँ मैं
- 6:14इतफा तुमने अपने गंग में मुझे शामिल किया है तो मैंने सोचा कि
- 6:18छोटा सा नजराना मेरी तरफ से भी। ये लड़की मेरे मोहल्ले में रहती
- 6:22थी। अब मैंने सोचा है की तुम्हे नजर
- 6:24आने के तौर पे दी जाए और वो लड़का ये कहते हुए पिया का मांस घटाता
- 6:29है लेकिन पिया और वो आर्वी दोनों शौक थे।
- 6:35इस मूमेंट पर आर्वी वही लड़का था जिसे पिया ने बचाया था।
- 6:41और आरवी के सामने पिया थी वो लड़की जो उसे बचाने के बाद उसे
- 6:45मारने की सलाह दे रही थी। भले ही हँसी में ही सही तो उसने
- 6:50कहा तुम मारवी हो, तुम तुम तो मरना चाहते थे उस दिन अब तुम
- 6:56लोगों की जान ले रहे हो और कितने? बेहुदा हो तुम की तुम लड़कियों को
- 7:03नजराने के तौर पे लेते हो शर्म हाँया बेच खाई है क्या तुम जैसे
- 7:08लोगों ने छोड़ो तुम जैसे लोगों से क्या ही कहना तो बरवी से पहले वो
- 7:15लड़का जो उसे लेकर आया था, उसके घर से कहता है।
- 7:18तेरी माँ ने तुझे बेचा है। अकड़ मत दिखा आर्वी के सामने
- 7:21नजरें झुका के रहते हैं लोग पर तभी आर्वी तुम से चांटा मारता है
- 7:26उस इंसान में और कहता है तमीज़ से बात करो उससे पीया कहती है तमीज़
- 7:32से बात करो उससे तुम में कब से इतनी ही?
- 7:36इज्जत आ गई लड़कियों के लिए। आखिर तुम ऐसे होगे तभी तो
- 7:40तुम्हारे ये हंटर बंटर तुम जैसे है।
- 7:44इस बात पर आर्वी ने कुछ भी नहीं कहा और आर्वी ने कहा कि तुम जा
- 7:48सकती हो यहाँ से ये नया आया है। इसे पता नहीं है कि हम किसी भी
- 7:54औरत की आबरू और इज्जत से खिलवाड़ नहीं करते।
- 7:57हमारे भी कुछ उसूल है पिया कहती है उसूल और तुम्हारी पर फिर उसे
- 8:02याद आता है की उसकी माँ ने उसे पीचा था इन लोगों को ये सोच कर वो
- 8:09कहती है नहीं मैं घर वापस नहीं जाउंगी क्नॉइस।
- 8:13मैं तुम्हारा नजराना हूँ ना? आखिर मेरी माँ ने कीमत ली है मेरी
- 8:20तुम्हें जो करना है मेरे साथ करो वैसे भी इसके बाद तो मुझे मरना ही
- 8:25है क्योंकि ना तो मेरी माँ मेरी सगी हुई आज तक और आज तो उसने मेरी
- 8:30इज्जत को भेज दिया। तुम जैसे गुंडे को आर्य सब सुन
- 8:36रहा था चुपचाप। इसके बाद उसने इशारा किया और सब
- 8:40लोग उस हॉल से चले जाते है, रह जाते है तो सिर्फ पिया और आर्य
- 8:47क्या कहती है? लगा नहीं था कि क्नॉइस।
- 8:52जिसकी ज़िन्दगी बचाऊंगी 1 दिन वो मेरी ज़िन्दगी लेने पर उतारू हो
- 8:56जायेगा ही कहता है तुम यहाँ रह सकती हो, इज्ज़त से पूरी इज्ज़त
- 9:02से एक नजराने के तौर पर नहीं, पर मुझसे शादी करके पिया तो मानो
- 9:08क्या शादी और तुमसे? पर फिर भी यह सोचती है की वैसे भी
- 9:16मैं तो किसी लायक नहीं बची यार क्या करूँ?
- 9:21मेरी माँ ने मुझे भेज दिया, वो भी एक गुंडे को जानते है मेरे साथ
- 9:27तुम कुछ भी कर सकते हो फिर भी। पर प्रिय मना कर देती की मुझे
- 9:31तुमसे शादी नहीं करनी है। अरबी कहता है कोई बात नहीं है तो
- 9:36मैं यहाँ फिर भी रह सकती हूँ, नजराने के तौर पर नहीं।
- 9:40एक दोस्त की तरह तुमने बचाई थी मेरी जान उस दिन प्रिय कहती है,
- 9:45पता होता की तुम इतने बड़े गुंडे हो तो कभी नहीं बचाते।
- 9:50ट्रस्ट मी आर्मी कहता है तुमने मुझे जद बहुत जल्दी कर लिया तो
- 9:56प्रिया ने कहा कि जद जद तुम्हें जिसकी दिनभर खबरें सुनती हूँ, उस
- 10:01इंसान को अपने सामने देख रही हूँ तो जज वाली कोई बात नहीं होनी
- 10:06चाहिए यहाँ। पर पिया का गुरूर कहीं ना कहीं
- 10:09उसको ये बात भी कह रहा था कि किस बात का गुरूर था उसे उसकी माँ ने
- 10:15उसे बेच दिया था, कीमत लगाई गई थी उस इंसान की इंसान की कीमत कभी
- 10:23सोचा है तुमने कि एक इंसान की कोई कीमत होती है?
- 10:28अरे इंसान तो अनमोल होते हैं, आखिर उनकी भी अगर कीमतें लगने लगी
- 10:33तो इंसानों में और चीजों में क्या फर्क रह जाएगा?
- 10:38यानी आर्वी से यही कहा मैंने एक बार तुम्हे मौका दिया था क्योंकि
- 10:43आखिर तुम्हारे लोगों ने एक कीमत अदा की थी मेरी।
- 10:46और आज के बाद मुझे तुम हाथ में नहीं लगाओगे।
- 10:50अगर तुम चाहते हो मैं यहाँ रहूं तो तो उसने कहा ठीक है पिया के
- 10:55दिमाग में क्या चल रहा था? ये आर्वी को भी नहीं पता था।
- 10:58पर आर्वी तो चाहता था कि पिया उसकी जिंदगी में रहे।
- 11:01आखिर पिया वही चेहरा था जिसे वो इतने वक्त से ढूंढ रहा था।
- 11:06फिर पिया अपने बैग में से एक ब्रेसलेट निकालती और उसे देती है
- 11:11और कहती है की उस दिन ये उलझ गया था, इसे रख के घूम रही थी।
- 11:15तब से तुम मिले हो तो अब ले लो तो आज भी कहता है ये तो सोबीन ईयर हो
- 11:21गया नहीं तुमने मुझे बचाया तो था उस दिन की निशानी।
- 11:26अपने पास रख सकती हूँ यानी कहा नहीं।
- 11:29मुझे दूसरों की चीजें रखने का कोई शौक नहीं है।
- 11:32उसके बाद आरवी एक उसके घर पर काम करने वाली औरत को बुलाता है और
- 11:38उसे कहता है कि इसे इसका कमरा दिखा दो।
- 11:41उसके बाद पिया उस कमरे में जाती है।
- 11:43और कहती है, आरवी से जाने से पहले की आज से मैं यही रहूंगी, चाहे
- 11:51तुम मुझसे चाहो तो कुछ काम करवा सकते हो, फिर तुम्हारे गलत काम तो
- 11:55बिलकुल भी नहीं, पर कुछ और तो आरवी कहता है, ठीक है, काम है
- 12:01तुम्हारे लिए मेरे पास। हमे कल एक जगह जाना है, तुम मेरे
- 12:04साथ चल सकती हो तो मैंने कहा गुंडे के साथ और मैं तुम गैंग वॉर
- 12:08पे जा रहे होगे क्या? तो वो कहता है गुंडा हूँ मैं यार
- 12:13कोई वो नहीं हूँ की ये सब बॉल और रिस्क पर जा रहा हूँ और गुंडा भी
- 12:18नहीं हूँ मैं, तुम्हे पता ही क्या है, कितनी पॉलिटिक्स चलती है
- 12:21न्यूस में तुम्हे पता भी है। और तुम्हें ये पता है कि ये लोग
- 12:24मेरा नाम इतना क्यों उछाल रहा है? आजकल जो कहती है मुझे जानना भी
- 12:28नहीं है। पिया वहाँ से चली जाती है।
- 12:32उस कमरे में बैठी होती है, एक 2 दिन गुजरते हैं।
- 12:36वो उस कमरे से ज्यादा बाहर नहीं आई थी।
- 12:39फिर? दूसरे तीसरे दिन ही वो औरत ज़ोर
- 12:43से उस कमरे में छोड़ने आई थी। उसके पास आती है और उसे कहती है
- 12:47आप यहाँ क्यूँ आई हो? उसने कहा आई नहीं हूँ मैं वो
- 12:52बदनसीब हूँ जिसकी माँ ने उसे यहाँ भेजा है एक गुंडे के घर बेचा है
- 12:58मुझे जो कहती है। आप शायद जानती नहीं है।
- 13:03ये वो आरवी नहीं है जो आप समझ रही है।
- 13:06उसने कहा क्या तू कौन सा आरवी है? अरे वो गुंडे मुझे यहाँ लेकर आए
- 13:11थे और आप क्या कह रही है की ये नहीं है वो आरवी जो तुम समझ रहे
- 13:18हो। आरवी।
- 13:19दरअसल इनके बड़े भाई का नाम था और एक रीसेंट गैंग वॉर में उनकी हालत
- 13:25खराब हो गई। उसके बाद अभी वो वेंटिलेटर पर है
- 13:30और उनका ये पूरा कारोबार ये संभाल रहा है।
- 13:34ये उसका ट्विन है। ये असली आरवी नहीं है।
- 13:38पर ये बात बहुत कम लोगों को पता है।
- 13:40मैंने तो इन लोगों को पालपोस कर बड़ा किया है।
- 13:43जानती हूँ मैं की असली यार वी कौन है?
- 13:47और इसीलिए शायद तुम्हें बता रही हूँ वो बुरा नहीं है, बस घर,
- 13:52खानदान और जो उसने सीखा है हमेशा से बस।
- 13:56शायद अपने भाई के लिए वही कर रहा है तो पिया कहती है मतलब ये बुरा
- 14:01नहीं है। उसने कहा, हर इंसान अच्छा बुरा
- 14:04होता है। अब उसे सिर्फ दुनिया की बुराइ
- 14:06दिखाई गयी है तो वो भी बुरा करने लगा।
- 14:10किसी ने आज तक उसे उस अच्छाई से शायद मिलवाया ही नहीं।
- 14:14शायद तुम मिलवा सको उसे फिर अगले दिन ही आर्मी के रूम में जाती है
- 14:19और उसे कहती है कि तुमने कहा था ना, मेरे लिए काम था तो उसने कहा
- 14:24अब तो हो गया कुछ और काम सही। प्रिया कहती है, छोड़ो मैं तुमसे
- 14:30सच बताने आती हूँ। ये बताओ की तुमने उस दिन मुझसे
- 14:33शादी की बात क्यों कही थी तो ही सैड।
- 14:40उस दिन मैं सच में मरने जा रहा था क्योंकि जब भैया वेंटिलेटर पे गए
- 14:47तो सब ने कहा कि मुझे अब यह कमान संभालने होंगे।
- 14:52मुझे बुराइ नहीं करनी थी, मुझसे नहीं मारे जाते लोग मुझसे नहीं की
- 14:56जाती है वायलेंस मुझे तो बंदूक भी ढंग से नहीं उठानी है क्योंकि
- 15:02क्या मतलब है किसी की जान लेकर खूनी पैसे को अपने पास रखना उससे
- 15:08शायद मैं खुश ना हो पाऊं। ये बात भैया को भी कई बार बताई।
- 15:11बट वो नहीं समझे, शायद बड़े थे बाबा का हमेशा से उन्होंने हाथ
- 15:16बटाये समय बट मैं तो बाहर रहता था, लौटकर आया तब तक इनका इतना
- 15:21बड़ा एम्पायर देखा और समझ आया की शायद अब ये बहुत आगे बढ़ चूके थे।
- 15:25इस काली दुनिया में से कहा, पर तुम रोक सकते हो?
- 15:31वो भले ही शायद उन्हें किसी ने नहीं समझाया, शायद कोई उनका साथ
- 15:34देने के लिए नहीं था, लेकिन तुम्हारे साथ मैं हूँ, तुम चाहो
- 15:38तो अब भी इस दुनिया से बाहर आ सकते हो बस भूल जाओ ये सब और आगे
- 15:46बढ़ो। जितनी वेल तुम्हारे पास है, तुम
- 15:49बहुत अच्छे काम भी कर सकते हो। कोई बात नहीं है, सबका पास्ट होता
- 15:53है। बट अगर तुम्हे मौका दिया जाए तो
- 15:55शायद अब वो मौका है की तुम बदल पाओ।
- 15:59इस सबको बदलू इस सबको। तब उसने कहा की अरे कैसे?
- 16:07आखिर कोई मुझे अच्छी तरह बैठने भी नहीं देगा क्योंकि सब जानते हैं
- 16:11मैं जहाँ जाता हूँ वहाँ लोग डर जाते हैं कि आर्मी है ये तब पिया
- 16:17ने कहा शुरुआत छोटे छोटे स्टेप से करते हैं।
- 16:22धीरे धीरे पिया उसे समझने लगी, उसके डिसीजंस को सुधारने लगी।
- 16:27उसके पास बहुत पैसा था और उस पैसे का सही इस्तेमाल करवाने लगे।
- 16:33उसने एक स्कूल खुलवाया। सिर्फ लड़कियों के लिए पिया के
- 16:36लिए एजुकेशन बहुत इम्पोर्टेन्ट थी लेकिन उसे पता था कि वो रात को
- 16:41काम करती थी ताकि सुबह उसके पास पैसे हो।
- 16:45रात रात भर महीनों काम किया, खुद की फीस खुद चुकाई छोटी सी बच्ची
- 16:50ने उसके बाबा के जाने के बाद उसकी ज़िन्दगी मुहाल हो गई, लेकिन जीना
- 16:54सीखा। उसने जानती थी की एजुकेशन कितनी
- 16:57इम्पोर्टेन्ट थी, इसीलिए आर्वी से उसने एक स्कूल बनवाया।
- 17:00धीरे धीरे उसके पैसों का सब सही इस्तेमाल होने लगा और फिर।
- 17:06प्रिया ने कहा कि कोई बात नहीं है, अब धीरे धीरे लोग तुम पर
- 17:10भरोसा करने लगे हैं। एक वक्त तुम बुरे थे नहीं हो और
- 17:14बुरे तुम नहीं थे, तुम्हारे भाई थे, तुम तो हमेशा से है ना तो कोई
- 17:21बात नहीं है। शायद इस से निकालने के लिए ही
- 17:24सही, मैं मिली थी तुम्हे उस दिन तुम मर जाते तो शायद आज इतना सब
- 17:29कुछ नहीं होता। धीरे धीरे प्रिया की मदद से उसे
- 17:34भी समझ आने लगा की जितनी काली दुनिया में वो रह रही थी, दुनिया
- 17:37बहुत खूबसूरत थी, बस किसी की आँखों से देखने की जरूरत थी।
- 17:43आर्वी का ट्विन सही हुआ और जब उसे पता चला की उसने इतनी सारी चीजें
- 17:47बदल दी थी तो पहले तो उसे बहुत गुस्सा आया लेकिन फिर जब उसने
- 17:51देखा की लोग अब उन्हें दुआएं दे रहे थे तो समझ आया की शायद यही
- 17:56सही था। फिर उसके बड़े भाई ने सरेंडर
- 18:00किया। उसे सजा हुई, लेकिन क्योंकि उसने
- 18:03खुद सरेंडर किया था और असल तो उनकी लेगेसी की कसूर था उसके बाबा
- 18:08ने किये थे बहुत सारे गलत करम कांड बट उसके भाई ने इतने नहीं की
- 18:13रखे थे तो उसे कम सजा हुई। कुछ साल बाद वो निकला पिया ने
- 18:18रणबीर से शादी की। और शायद रिया की से ही उन उनके
- 18:25पूरे घर की जिंदगी बदल गई। कहते है, कभी कभी हम हम गलत नहीं
- 18:31होते है यार, हमारे सिचुएशन्स हमारे हालात लोग कभी कभी हमें गलत
- 18:36बनाते है। लेकिन अगर हमें कोई एक ऐसा इंसान
- 18:39मिल जाए, ना लाइफ में जो गलत को गलत सही को सही कर पाए, जो हमें
- 18:43बता पाए, कब हम गलत है? कब हम सही है तो शायद ज़िन्दगी
- 18:47बहुत खूबसूरत हो जाए। कभी कभी हम खुद अपनी संगती इतनी
- 18:51खराब कर लेते हैं कि हम चाह कर भी सही नहीं कर पाते।
- 18:55शायद इस स्टोरी में आर्वी चाहता था कि वो सही करे।
- 18:59गलत न करे। बट उसमें हिम्मत नहीं थी।
- 19:02पिया के उसकी ज़िन्दगी में आने से उसे हिम्मत मिली थी।
- 19:06ऐसे ही होते है कुछ लोग खूबसूरत जो ज़िन्दगी में बस हो ना तो वही
- 19:12काफी होता है। आई थिंक।
- 19:15दट। इस व्हाट लव इस दट इस व्हाट लाइफ
- 19:17इसन दट इस व्हाट डेस्टिनी इस तो ये हमारी आज की कहानी थी कैसी लगी
- 19:23मुझे बताना मिलती हूँ अगली स्टोरी में पता है क्या ये वाली कहानी
- 19:27कितनी भसड हो गई ना यार मैं सोच कर कुछ आयी थी और पता नहीं बना
- 19:30क्या है वो मुझे भी नहीं पता है। सच बताऊँ तो क्योंकि बीच में एक
- 19:33दो कॉल आ गए। एंड दे वो प्रीटी इम्पोर्टेन्ट तो
- 19:35मुझे लेनी भी पड़े। वो कॉल पिक करने पड़े तो मतलब
- 19:38मेरी पूरी कहानी का बिल्ड अप हो गया की भाई मैं क्या बोलने आई थी
- 19:41क्या बोल रही हूँ प्लस मुझे ये था की नहीं नहीं अब आई हूँ तो
- 19:44क्योंकि फिर पता नहीं टाइम मिले ना मिले आगे तो मैंने दो एपिसोड
- 19:47रिकॉर्ड कर लिया। मुझे खुद नहीं पता है व्हाट इस इन
- 19:49थिस एपिसोड? बट ट्रस्ट मी जैसे एग्ज़ैम्स हो
- 19:52जाते है ना आई विल बी बेक विथ बैंगर स्टोरीज़ क्योंकि फिर मेरे
- 19:55पास स्टोरीज़ ही रहेंगी। मोस्टली तो बस थोड़े से दिन का
- 19:59वेइट् करो। 20।
- 20:00सेवंथ को मेरा जो है वोर्स्ट पेपर है तो 10 दिन है लास्ट बस 10 दिन
- 20:04और तुम थोड़ा सा काट लो अच्छे से और थोड़ा सा सुन लो फ़ोनों में
- 20:08चला चला है छोड़ दो। सॉरी नहीं करना, ऐसा पढ़ाई करो,
- 20:13कोई बात नहीं है। इस महीने थोड़ा सा तो लॉस हुआ है।
- 20:16नो डाउट थोड़ा बुरा भी लग रहा है। बट कोई बात नहीं है।
- 20:19ऑब्वियस्ली भाई मैं भी अवेलेबल नहीं थी, बट कोई बात नहीं है
- 20:23देखते है। एग्ज़ैम्स हो जाए तो अच्छा।
- 20:26वैसे मुझे बहुत सारे लोग बोलता है की दीदी हमने आपकी कहानी सुनी।
- 20:28हमें अच्छी लगी तो हमने हमने दोस्तों को रेकमेंड की, फिर वो भी
- 20:32सुनने लगी तो थैंक यू भाई, दिल से बड़ा वाला थैंक यू उन लोगों के
- 20:35लिए जो रेकमेंड करते है मुझे बहुत अच्छा लगता है जब कोई कहता है की
- 20:38अरे मेरे दोस्त ने मुझे बताया, तब मैं आपकी स्टोरी सुन के आया हूँ।
- 20:41बहुत अच्छा लगता है यार की अच्छा यू गाइस अक्चवली रेकमेंडेड इट टु
- 20:45सम्वन तो अच्छा लगता है ये चीज़ की तुम खुद भी इसे इस पोडकास्ट को
- 20:49एस ए फैम्ली ही ट्रीट करते हो, तो जो मेरा मेन मोटिव था स्टार्टिंग
- 20:53से इसको बनाने का की ठीक है देर शुड बीए प्लेस।
- 20:56जहाँ लोग सेफ फील कर पाए, सिक्योर फील कर पाए, अपनी प्रोब्लम्स शेयर
- 21:00कर पाए। एक ग्रुप बना पाए सो आई थिंक वो
- 21:04हमारा फुलफिल हो रहा है तो दट्स मोर थान एनफ और 2026 में आई जस्ट
- 21:10होप एंड विश की हम बहुत बड़ी बॉडीबास्ट बने।
- 21:13बहुत बड़े लोगों के कम्यूनिटी बने पता है क्या?
- 21:16अब बात करते है थोड़ी सी मैंने ना कहीं पे सुना था की एक चीज़ होती
- 21:21है कम्युनिटी एक चीज़ होते है फॉलोवर्स ठीक है दोनों में
- 21:24डिफरेंस क्या होता है ना की अगर फॉलोवर्स भर्ती करते रहते है आपको
- 21:27फॉलो करे या ना करे जो कम्यूनिटी होती है ना वो एक फैमिली की तरह
- 21:31होती है अप्स डाउन्स हर चीज़ में आपके साथ?
- 21:35तुम मुझे खुशी की दुनिया ना अब तुम मुझे बताना।
- 21:37मैं बोल डालूंगी कि खुशी की दुनिया एक सिर्फ एक फैन्स की जगह
- 21:41है या फिर एक हमारी कम्यूनिटी है तुम ये चीज़ डिसैड करना मैं इसे
- 21:45कम्यूनिटी बनाना चाहती हूँ ऑब्वियस्ली क्योंकि मैं बस चाहती
- 21:49हूँ यार पता है मेरा मेन गोल क्या था इस को शुरू करने का कि लोग ना
- 21:52सेफ फील कर पाए? अपनापन फील कर पाए।
- 21:56बहुतों के जब मैसेज आते है ना ये की यार दीदी मतलब पूरे दिन बड़े
- 22:00ही सब परेशान हो जाए लेकिन आपकी आवाज सुनके आपकी स्टोरी सुनके
- 22:03अच्छा लगता है तुम मानोगे नहीं मैं इतनी बीज़ी थी, है ना?
- 22:07टाइम ही नहीं मिल रहा है यार एंड स्टिल आई केम टु रिकॉर्ड ये शायद
- 22:12तुम्हे स्टोरी उतनी अच्छी भी ना लगे।
- 22:13सच बताऊँ तो। बट मैं बस इसीलिए आ गयी की ठीक है
- 22:16यार कुछ तो सुनोगे कुछ कुछ तो बढ़िया लगेगा थोड़ा सा ही सही,
- 22:19शायद कोई बात ही बढ़िया लग जाए, कोई बात नहीं है कुछ तो बढ़िया
- 22:22लगेगा इन्हें कुछ तो इनकी हेल्प होगी तो बस बना दी मैंने ट्रस्ट
- 22:26मी मुझे खुद पता है मुझे नहीं लग रहा है ये अप टु दी बार स्टोरी है
- 22:29भी या नहीं? हाला की मैंने बहुत अच्छी सोंची
- 22:31थी। बट वही भसर हो गयी, अब हो गयी तो
- 22:33कोई बात नहीं है। फिर मैंने सोचा की मैं वापस
- 22:34रिकॉर्ड करती तो यार 1520 मिनट की हो गई थी।
- 22:36मैंने कहा अब तो वापस कोई चांस ही नहीं है तो मैंने सोचा कोई बात
- 22:39नहीं है, जाने देते है, थोड़ा सा तुम्हें रिलैक्स हो जाएगा।
- 22:43है ना तो बस ये था मैं बस चाहती हूँ की यार लोग ना मतलब ऐसा
- 22:47सिक्योर फील कर और जब कहते है ना की हमने सुनके इतना अच्छा लगेगा
- 22:50की हमने दूसरे को बोला की भाई तू भी सुन तेरे को भी अच्छा लगेगा।
- 22:53तो लगता है कि नहीं इसका वो मोटिव जो है इसका जो पर्पस है, वो
- 22:56फुलफिल हो रहा है कि लोग सेफ फील कर रहे है, लोग फील कर रहे है कि
- 23:00नहीं दीदी है और जो है वो सुनती है।
- 23:04हमारी बातें जो है उनको बात कर सकते है।
- 23:06हम उनसे। और कभी कभी जैसा मिड वीक का कोई
- 23:09टॉपिक हिट कर जाता है लोगों को तो अरे दीदी बताया, हम तो ऐसा ही सोच
- 23:12रहे थे। आपके टॉपिक से बहुत हेल्प हो गयी,
- 23:15अच्छा लगता है मुझे की चलो मैं इतनी हेक्टिक स्केडुयूल में से
- 23:19अगर टाइम निकाल के आ रही हूँ तो लोगों की हेल्प हो रही है।
- 23:21तुम लोग खुश हो रहे हो एंड दट। इस मोर थान एनफ फॉर मी।
- 23:24अभी इससे अगला एपिसोड आएगा मिड वीक का वो सुनना।
- 23:26जितनो के एग्ज़ैम आ रहे है ना चिल्ल आउट हो के सुनना तुम्हे
- 23:29अच्छा लगेगा तो मैंने दो ही रिकॉर्ड करे है आज तो यार फिर
- 23:32एग्ज़ैम वेक्ज़ाम हो जाएंगे फिर वापस कर लूँगी और पता है मुझे
- 23:35सर्दी लग रही है मैं ना अपनी जो मेन जगह है जहाँ रिकॉर्ड करती हूँ
- 23:38वहाँ पे वही बदतमीज का बच्चा आ गया, मेरे को ऊपर आना पड़ा ऊपर
- 23:43वाली। वो मैंने कुछ ब्लैंकेट देखे नहीं
- 23:46है, मैंने कहा थोड़ी देर में हो जाएगी रिकॉर्ड भाई सर्दी लग रही
- 23:49है देख रहे हो तुम गर्म गर्म में तुम्हारे वेस्ट में पंखा नहीं चला
- 23:51पाती हूँ सर्दियों में तुम्हारे वेस्ट में बिना कम्बल ओड़े बैठी
- 23:54हूँ तुम लोगों के चक्कर में बहुत नाटक होते है मेरे साथ।
- 23:57मिलती है तुमसे किसी और हैप्पी एंड टेक केयर एंड बाई बाई टेंशन
- 24:00लेने ऑल दी बेस्ट फॉर ऑल युअर एग्ज़ैम्स एंड खुशी दीदी इस ऑलवेज
- 24:04हियर बस एग्ज़ैम्स बहुत सारे मेरे उसके बाद चलो ओके बाई।