Latest / Baba ji Vijay Vats / 6 Jan 26 - रस (आनंद) पीने का सही तरीका | क्रिया योग से डेल्टा वेव्स और योग निद्रा कैसे घटित होती है? Baba Ji Vijay Vats Satsang
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- 0:13कृष्ण मरारी बाबा जी क्या क्रिया योग के वक्त डेल्टा भी पैदा होती
- 0:29है? ब्रेन में जो हल्की हल्की मस्ती
- 0:34सुरूर। आनंद सा झलकता है और उसके बाद
- 0:40हमें नींद आती है और हम सो जाते हैं।
- 0:46जिसे आप कहते हो योगनेत्र कृपया इसके बारे में समझाने का कष्ट
- 0:54करें। कृष्ण मराारी हाँ पुत्र अगर आपकी
- 1:10बॉडी ऑक्सीजनेटेड हो फुल ऑक्सीजनेटेड रक्त का प्रवाह।
- 1:22बहुत अच्छा और ब्रेन में ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन जाती हो तो
- 1:37मस्तिष्क में डेल्टा वेव्स पैदा होने शुरू हो जाती है।
- 1:46जैसे ही सांस लम्बी खींचोगे हू की आवाज से छोड़ोगे एक दम ये हू
- 1:55शब्द, इस सलामी इसकी जैन है। कौन साइंटिस्ट किस धर्म में पैदा
- 2:06हो जाए यह पता नहीं होता। लंबा सांस खींचे।
- 2:15एक दम से बाहर छोड़ दें। येस?
- 2:23उससे नाभी पर चोट पड़ेगी और सहसरार केंद्र पर चोट पड़ेगी।
- 2:34बॉडी ऑक्सीजनरेटेड होगा। और आपके भीतर डेल्टा वेव पैदा
- 2:48होने शुरू हो जाएंगे, इसलिए मैं कहता हूँ कि आप अपने सामर्थ्य के
- 2:56अनुसार ज्यादा से ज्यादा क्रेज ऑफ करने के।
- 3:02चेष्टा करें क्रिया योग आपके भीतर डेल्टा और अल्फा।
- 3:18ये दो वेव्स ऐसी हैं कि यह व्यक्ति को आत्महत्या नहीं करने
- 3:26देती। इसे से समझ लो डेल्टा और अल्फा ये
- 3:39दो रेंज ऐसी हैं कुल छः होती हैं बताऊँगा आपको।
- 3:45डेल्टा और अल्फा ये दो रेंज ऐसी हैं वेव्स ऐसी हैं जो व्यक्ति को
- 3:55आत्महत्या करने ही नहीं देते, इतना प्रसन्नचित होता है वो ही
- 4:01कैनट कमिट सुसाइड। इसलिए मैंने बहुत पहले की बात कही
- 4:17थी। जैसे ये बच्चा बड़ा साल का हो
- 4:20जाए, उसे हल्का हल्का क्रिया योग कराना शुरू कर दे।
- 4:26विल नॉट कमिट सूचक, नेवर कमिट सूचक।
- 4:36ये दो वेव्स ऐसे हैं अगर आप अपने बच्चों का कल्याण चाहते हो जो कि
- 4:43सभी चाहते हैं और स्कूलों में भी ये लागू होना चाहिए।
- 4:52पहले टीचर इसे अपना के देख लें, बच्चे इतना ज़्यादा भी ना करें।
- 4:59कि योग नजारा में चले जाएं। अध्यात्म के लिए तो बहुत अच्छा है
- 5:05लेकिन हम पढ़ाई से वंचित हो जाएंगे।
- 5:15कई प्रश्न हैं, मैं बीच में से सभी प्रश्नों को उठाता रहूँगा और
- 5:23उनके उत्तर देता। मैं जब दीक्षा देता हूँ तो बहुत
- 5:28से लोगों ने देखा होगा कि मेरे पास एक सफेद चांदी में मड़ा हुआ
- 5:40रत्न होता है। वह रत्न मापी के यंत्र है।
- 5:50उससे मैं देखता हूँ कि आप किस डेल्टा की रेज तक पहुँच गया हो,
- 5:56कितनी क्वांटिटी हो गयी है। अगर आप 10987 मैं देखता हूँ तैयार
- 6:06करता हूँ और जैसे ही सात हो जाता है तो मैं हाथ उठा देता हूँ
- 6:18क्योंकि पांच गुवा नहीं। और आप योग नृत्य में गए, लेकिन
- 6:26डेल्टा रे वेव्स की एक खूबी है अल्फा की भी है डेल्टा की भी है।
- 6:38इनके माप के यंत्र हैं। हिंदुस्तान में भी कई लेबोरेटरीज़
- 6:44खुली हुई होंगी इसकी, लेकिन मैं जानता हूँ विदेशों में हैं।
- 6:53मेरे पास जो यंत्र है उसको चलाने का एक ढंग है, आप नहीं चला सकोगे।
- 6:59कहीं यहाँ से उठा के ले जाओ क्या हम देखेंगे नहीं, ऐसा नहीं आप चला
- 7:03नहीं सकोगे तो मैं वक्त वक्त पे निहारता हूँ
- 7:21और यह है रत्न कैछ करता है आपके रेंज को।
- 7:29कौन सी वेव कहाँ तक पहुंची है? यह एक मापक यंत्र है इसलिए दीक्षा
- 7:39के वक्त मैं कभी कभी इधर भी झांकता हुआ मिलूंगा।
- 7:49जैसे ही डेल्टा सात तक आती है तो यह यंत्र मुझे बता देता है कि
- 7:58डेल्टा सात आ गया मैं हाथ उठा देता हूँ सिर पे हाथ फेर देता
- 8:05हूँ, थोड़ी अल्फा छोड़ देता हूँ। वैज्ञानिक ढंग से बोलना शुरू
- 8:12किया। आज मैंने अल्फा छोड़ देता हूँ,
- 8:17डेल्टा आप भी लेते हो यहाँ के वातावरण से और मेरे सांनिध्य से।
- 8:26तो डेल्टा को भी क्या है? मेरे सांनिध्य में आने से आपको
- 8:30शांति क्यों मिलती है? क्योंकि मेरा सांनिध्य आपको
- 8:35डेल्टा देता है, डेल्टा और अल्फा। मुझे इतना आत्मनियंत्रण है कि मैं
- 8:44जब चाहूँ। डेल्टा और अल्फा इनको प्रसारित कर
- 8:49सकता हूँ। इन्हें इंद्र कहा गया जो
- 8:55इंद्रियों पर अधिकार रखता है। प्रोजेक्शन।
- 9:07तो मेरा पोज़ीशन है इनका आपको इंद्री आना चाहती हैं मैं
- 9:12इंद्रियों से काम लेता हूँ, आपको मानना चाहता है मैं मन से काम
- 9:18लेता हूँ, यंत्र वो ही है। प्रयोग करने का ढाँका लगा आप मन
- 9:29से और इंद्रियों से प्रयोग किए जाते हो।
- 9:34मैं मन और इंद्रियों को प्रयोग करने के लिए हेतु बनाता हूँ सेतु
- 9:40बनाता हूँ। डेल्टा आपने पूछा जो हल्की हल्की
- 9:58मस्ती आती है फ्रम दी वेरी बिगिनिंग पांच चार स्वांस लेने के
- 10:03बाद ही आपको शुरू हो पाएगा। आपका मस्तिष्क कैसा हो जाएगा?
- 10:10जैसे कि हल्का हल्का आपने कोई नशा कर लिया हो इसलिए बहुत से लोगों
- 10:20को इसकी लत भी लग जाती है। अच्छा है बहुत से लोग मुझे कहते
- 10:27हैं बाबा आपने जीने का ढंग सखा दिया।
- 10:37क्योंकि जीने का ढंग है मस्ती में जीना एक एक पल मस्ती में जीना अगर
- 10:46आप एक एक पल को मस्ती में जीना सीख गए तो आपकी ज़िन्दगी यहीं पे
- 10:52सचखंड हो जाएगी, मरने के बाद नहीं।
- 10:55मरने के बाद तो कब्रिस्तान मिला करता है, सच्च खंड नहीं मिला करता
- 10:59है। मरने के बाद कब्रिस्तान या श्मशान
- 11:04मिला करता है। सच्च खंड नहीं मिला करता।
- 11:08ये जो लोग कहते हैं कि मरने के बाद आपकी अंगुली पकड़ेंगे, सच्च
- 11:12खंड में ले जाएंगे। झूठ बोलते हैं।
- 11:17मरने के बाद चार भाई आपको पूरी बारात आपको शमशान में और
- 11:25कब्रिस्तान ले जाएंगे। और पीछे पूरी बारात चल।
- 11:46के। जदों मेरी आहट थी, उठा के चलण गए
- 12:03मेरे यार सब हूँ। उमा के चलणेंगे जद्दो मेरी यार थी
- 12:21उठा। के चलण।
- 12:27मेरे यार सब हम हम आके चलड़ेंगे जदों मेरे अर?
- 12:46चलने गए हे लाल दुश्मन भी मेरे दुश्मन भी मैं।
- 13:04चलण गए मेरे नाल दुश्मन भी मेरे ए वखरी ए गल ए वखरी ए गल।
- 13:24मुस्कुरा के चलेंगे ये वखरी ए गल मुस्कुरा के चलेंगे।
- 13:40मेरे यार सब हूँ। वो माँ?
- 13:46के चलेंगे जद्दो मेरी यार। थी।
- 13:56जीस व्यक्ति के भीतर आत्महत्या का।
- 14:02स्वयं के जीवन समाप्त करने का वेब आता है, विचार आता है, ध्यान रखें
- 14:09उनके भीतर क्या माहौल होता है? सबसे पहले डोपामिन और हजारा टर्न
- 14:19है। ये दो हार्मोन है, इनकी कमी होनी
- 14:23शुरू हो जाती है। डोभा में सैरटोन, लंबा तनाव, बहुत
- 14:31देर का तनाव और अवसाद डिप्रेशन। यह व्यक्ति को आत्महत्या करने की
- 14:40तरफ ले जाती है। अगर आप डिप्रेशन में लगातार चल
- 14:44रहे हो तो समझ लीजिए आपका हर कदम आत्महत्या की तरफ उठ रहा है और
- 14:57नींद की कमी ये जो मैं इतना। बुरे शब्दों का प्रयोग करता हूँ,
- 15:08मानवता को बचाने के लिए करता हूँ, यह जो दुष्ट कहते हैं, रात को
- 15:141:30 बजे मेरा दर्शन करवा के यह आपकी नींद में खलल डालते हैं, वो
- 15:19ही समय होता है गहरी नेत्रा का। एक तरफ से ये आपको आत्महत्या की
- 15:31तरफ ले जा रहे हैं और क्योंकि अनपढ़ लोग है पता नहीं।
- 15:40और यहाँ तो पढ़े लिखे भी एमए, बीए एम टेक बी टेक हो सकते हैं और आप
- 15:50साइकोलॉजिस्ट भी हो सकते हो। लेकिन इन वेव्स के बारे में ज्ञान
- 15:56कौन देगा? संत?
- 16:01संत जानता है हर चीज़ को जानता है वह सर्वज्ञ है, वह बताएगा आपको
- 16:14इसलिए संत के मुख से निकला गया एक एक शब्द।
- 16:18भावनाओं से उपरोक्त हो सकता है सूचनाओं से उपरोक्त हो सकता है,
- 16:26लेकिन आपको मार्ग सही देगा। वो संतों नेकुम कहा क्या अपने
- 16:36गुरुजनों के पास? समय समय पर जाके आया करो बस उनकी
- 16:45एक हवा का झोंका, एक घड़ी, आंधी घड़ी, आदि से पुनः हाथ 6 मिनट।
- 16:586 मिनट तक अगर आप संत के क्री पेरचब यू अरे फुल्ली चार्ज्ड विथ
- 17:06अल्फा एंड डेल्टा वेव्स इस इट जब वे।
- 17:14दीक्षा देता हूँ तो घड़ी पास होती है, 6 मिनट से ज्यादा बैठने देता
- 17:20हूँ। मेरे सांनिध्य में कम से कम 6
- 17:27मिनट बैठने देता हूँ। मैं आपको पता नहीं होता, मुझे पता
- 17:31होता है। तो घड़ी भी पास रखता हूँ, घड़ी
- 17:37देख लेता हूँ कभी कभी मोबाइल देख लेता हूँ नहीं ऐसा कुछ नहीं।
- 17:49हर बात में बाबा जी से मैं पूछा करता अगर बाबा जी से ये सब बातें
- 17:54पूछना शुरू कर दूँ? दो और 242 और दो चार होते हैं या
- 17:58पांच होते हैं तो फिर मेरी जो 1500 घड़ियां मुझे मिली हैं वो
- 18:06इन्हीं बातों में बकवासों में बीत जाएंगे।
- 18:10फिर मैं ठीक ढंग के। जो आपकी समस्याएं हैं उसकी तरफ
- 18:18मैं नहीं पूछ पाऊंगा इसलिए मैं ऊंट पटांग बातें बाबा से नहीं
- 18:24पूछा। मुझे दायें चलना है कि मुझे बायें
- 18:27चलना है, मुझे किस स्ट्रक्चर में सुना है?
- 18:30ऐसे बेवकूफ़ भरे बातें मैं बाबा से नहीं पूछा करता क्योंकि मुझे
- 18:351500 बढ़िया मिली और वह घट के बहुत कम रह गई।
- 18:43प्रत्येक व्यक्ति को 1500 घड़ियाँ मिलती है।
- 18:45600 घंटे। लेकिन हम खर्च करते जाते हैं,
- 18:50खर्च करते जाते हैं। एनी बातों में बीत गए बाबा मेरा
- 18:53मोटरसाइकिल का गम हो गया कहाँ मिलेगा?
- 18:58अब ये कोई बात खर्च करने वाली थी नहीं, लेकिन क्या करें?
- 19:06अब करोना पीटना भी तो देखा नहीं जाता।
- 19:11बच्चा अगर जिद करे अब हमारा छोटु कह देता है ठीक ठाक होता है दादू
- 19:18झाड़ा लगा दे मोर पंख ठीक झाड़ा लगाता हूँ और मैं कहता हूँ बेटा
- 19:27अब तो तू ठीक है? क्या करनी झड़ा लगाना पड़ता है
- 19:35वैसे ही बिना किसी कारण को ऊपर से घूमा देता हूँ, चल ये बच्चों की
- 19:43जिद। तो आप भी मेरे बच्चे डेल्टा वेव्स
- 19:59का साथ तक आ जाना आपको आनंद में भरपूर कर देगा और आप यहाँ से
- 20:13जाओगे। कोई थोड़ा सा से नीचे आ गया।
- 20:18स्त्रियां अक्सर होती हैं, तब रहोगे, आँखों में आंसू आ जाएंगे।
- 20:26जो लोग ज्यादा सेंसिटिव हैं वो दरवाजे पे आते ही रोने लग जाएंगे।
- 20:32और मेरे पास आते ही आप खो बैठे हैं और मैं स्थिर बना रहता हूँ,
- 20:40मैं जानता हूँ ये होगा ये इट विल हैपन।
- 20:53डेल्टा और अल्फ़ा डेल्टा को शून्य तक ले जाना में निकल बताये,
- 21:02डेल्टा को शून्य तक ले जाना आपको अनंत आनंद प्रसाद की घड़ियों में
- 21:08ले जाना। और यह मैं तकनीक से संभव कर देता
- 21:14हूँ इसे आप घर पर भी संभव कर सकते हो यह जो मैंने तीन विधियों
- 21:21बताईं, यह आपके भीतर डेल्टा वेव्स को पैदा करने का एक ढंग है सुबह
- 21:28उठो। कोई बंधन नहीं, स्नान करो या बाद
- 21:33में कर लेना कोई बात नहीं जलपान करो चाय बगैर पीओ हल्का हल्का कुछ
- 21:43खाना है बाहर निकल जाओ हरियाली की तरफ।
- 21:49लंबे लंबे सांस लो और छोड़ो, नाक से सांस लो, मुख से छोड़ो।
- 22:00इसका कारण है जब आप नाक से सांस लोगे और मुख से छोड़ोगे।
- 22:09तो मुख के भीतर तालबे के पास जाम, खेचरे मुद्रा लगाते हैं, वहाँ से
- 22:13टकरा के जाएगी आवाज़ नाक से श्वास छोड़ेंगे तो वह टकराहट नहीं
- 22:24बनेगी, मुख से श्वास छोड़ेंगे। तो वह जो हमारे गले के अंदर का
- 22:31होता है ना कां खेचरी मुद्रा में लगाते हैं।
- 22:35थोड़ा सा मांस का टुकड़ा बड़ा होता है, उससे टकरा के जाती हवा,
- 22:42भूखी आवाज़ का यही चमत्कार था और यह जो कां कह देते हैं हम।
- 22:48यह ब्रह्मरंद्र से सीधा सीधा इसका जुड़ाव है।
- 22:55यह जो जीबा को उलट के खेचरी तक लगा देना उस काम की तरफ लगा देना
- 23:03है, तुम तो इसे क्रिया की तरह करते हो।
- 23:06लेकिन क्रिया की तरह नहीं होता। यह ऊपर से जब आनंद उतरता है अमृत
- 23:14तो उसे जीवभा के अगले भाग से टच कर दो।
- 23:18आपको मैं बता दूँ जीवभा का अगला भाग सबसे ज़्यादा संवेदनशील होता
- 23:23है। इसमें जो डॉब्टस लगे हैं वो सबसे
- 23:36ज्यादा स्वाद बताने का काम करते हैं और सबसे ज्यादा ऑब्जर्व करते
- 23:43हैं। वो जैसे ही जीभ को पलटो दे।
- 23:48और इस कान के हिसाब से लगाओगे या जो बड़ा हुआ मांस अलका यहीं से
- 23:54टपकता है। रस सहस्रार सियाता है रस जब आप
- 24:02इनर्श की स्थितियों में। जब आप जीरो पे आ जाते हो और जीरो
- 24:10के पास जाकर आप बैठ जाते हो तो वह रस नीचे उतरना शुरू हो जाता है और
- 24:19रस नीचे उतरेगा तो वह सहसरार से। इस काम तक आएगा या जो हल्का सा आप
- 24:29हल्का सा मांस का टुकड़ा देखते हो, बिलकुल बारीक सा।
- 24:35इसके साथ जीव लगाने को खेचड़ में मुद्रा करते है तो वो आपको बड़ा
- 24:44रसायन का। हमारे अज्ञानी लोग क्या करते हैं
- 24:53रस्तों अभी उतरने खेसरी मंत्रा लगानी शुरू कर दी क्या खाक होगा
- 24:58कुछ भी नहीं होगा। चाय में मीठा ही नहीं डाला तो उसे
- 25:04पीओगे और बार बार। तुम देखोगे मीठा तो है नहीं
- 25:11क्योंकि भाई तुम्हें मीठा डालना है।
- 25:17रस उतरा नहीं तो खेचरी मुद्रा जेवा को मोड़ के कान के ऊपर लगाने
- 25:24का कोई भी फ़ायदा नहीं। पहले रस को पैदा करना सीखो।
- 25:32जैसे ही वर्ष उतरेगा। अगर तुमने खेतरी मुद्रा नहीं लगाई
- 25:37या नहीं लगानी, जानते जीव को उलट न नहीं जानते तो वर्ष टपकेगा और
- 25:43खुद से। हो जाएगा आपके पिक्चर क्योंकि सभी
- 25:50ये बर्ड्स टेस्ट बर्ड्स सभी खून में मिल जाते हैं टेस्ट बर्ड्स
- 25:58इसलिए बहुत सी चीजें हैं, बहुत सी दवाइयां हैं।
- 26:03जो हम बिल्कुल जीबा के नीचे रख लेते हैं और वो डिसोलवे हो जाते
- 26:07हैं। प्रतिक्षण खून में मिल जाते हैं,
- 26:12तो इस स्थान का बड़ा प्रयोजन है यह जो काम बना होता है।
- 26:25इसका पोषण जीवब के नीचे तक बड़ा सेंसिटिव है।
- 26:34इसमें विशेष तरह के तंतु होते हैं जो उस रस को पीने के लिए बनाए गए
- 26:39हैं। ईश्वर के द्वारा उसके द्वारा।
- 26:43कारीगर के द्वारा जो होता नहीं बीच बीच में टूटी लगानी जरूरी
- 26:48होती है ताकि ये आचार्य उपनिषद पर अष्टावकर गीता पर गीता पर बोलने
- 27:00वाले शमज जाएं। कि कोई अनुभवी भी बैठा होता है।
- 27:06ऐसे ही मत घूर रहा है करो शब्दों से तुम कुछ भी व्यख्यात कर सकते
- 27:22हो बात तो है अगर तुम अनुभव से व्याख्या करो।
- 27:28उसकी कुछ बातें ही निराली होती हैं।
- 27:33वो मदहोश करने वाली होती हैं। डेल्टा वेव्स को पैदा कीजिए।
- 27:53अब मैं साइंटिफिक भाषा में बोल रहा हूँ, कल भी साइंटिफिक भाषा
- 27:58में बोला था, आज भी साइंटिफिक भाषा में बोल रहा हूँ।
- 28:08किसी की श्रद्धा को तोड़ देना। कल बोला आशुतोष के लिए ये कहते
- 28:21हैं, वह पुनः वापस आएगा। वह कहता है पुनः वापस में जा ही
- 28:27नहीं सकता बिकॉज़ ब्रेन इन्स्ट्रक्ट वह मेरे पास बैठा है,
- 28:33प्रवचन सुनता रहता है तो तुम कहोगे मैं कौन निमन हूँ तो मुझे
- 28:39इसपे कोई आपत्ति नहीं मुझे मारकस पे क्या आपत्ति है?
- 28:48मुझे प्रेमानन्द पे मुझे आचार्य हे कोई आपते नहीं वो खुश हो
- 28:56लेंगे, वो अपना इलाज करा लेगा वो अपना।
- 29:04सारा ढांचा बना लेगा, मुझे कोई आपत्ति नहीं, लेकिन मैं सिर्फ
- 29:12इतना कहना चाहूंगा जो सत्य जानता है उसे भी सत्य बोलना चाहिए।
- 29:17फिर उसे कोई सुने या न सुने, यह उसकी किस्मत की बात है।
- 29:27बाबा ने कहा जिसने सुनना होगा जीसको मैं सुनाना चाहूंगा, वो
- 29:32तुम्हारे पास आ जायेगा, जीसको मैं सुनाना ना चाहूंगा, वह तुम्हारे
- 29:40पास नहीं आएगा, वो आना चाहे तो भी ना आ पाएगा।
- 29:45बहुत से लोग हैं जो मेरे पास आना चाहते हैं, लेकिन वह विराट उन्हें
- 29:51मेरे पास नहीं आने देना चाहता। क्यों बिकॉज़ दे अरे नॉट रिसेप्टर
- 29:59अभी वो योग्य नहीं हुए यहाँ आएँगे, खाली हाथ चले जाएंगे।
- 30:05इससे अच्छा है तो जाओ ही मत फिर तुम होशों के पास जाओ, जौ रहे
- 30:13नहीं जिसने कहा था मेरे जाने के बाद जीवंत गुरु तला से जिसके रोये
- 30:21रोये से। ये वेव से निकलते है जो डेल्टा से
- 30:27ऊपर होते है उसका नाम अभी हम अपनी भाषा में उसे सुभाष कहते है सुभाष
- 30:37लेकिन वैज्ञानिक ने इन्हें खोजा नहीं, वो जीरो से आगे जतिन।
- 30:45लेकिन सुभाष हमारी भाषा में कहते हैं, उसे जीरो से आंधी चले जाना,
- 30:53शून्य के बीच में मर्ज हो जाना, शून्य के बीच में विलीन हो जाना
- 30:59डिसॉल्व बनीं विलीन। इसलिए कहा गया कि गुरु के पास कम
- 31:17से कम एक घड़ी आंधी घड़ी, एक घड़ी 24 मिनट की आंधी घड़ी 12 मिनट की
- 31:25आंधी से पुनः आज 6 मिनट। तुलसीदास ये बातें संत से जानकर
- 31:33फिर लिखते हैं खुद का अनुभव नहीं है तुलसी का ध्यान रखना तुलसी को
- 31:40ज़रा भी पता नहीं है कि सूरज 15,000 15,00,015 करोड़।
- 31:50मैं इज़ अवे फ्रम अर्थ तुलसी को पता नहीं तुलसी साइंटिस्ट नहीं
- 32:00है, वह 1500 है, 15,000 है, 15,00,000 है, 15,00,00,000 है,
- 32:05उसे पता नहीं 15 अरब है। लेकिन गणित तब के बैठे हैं तब
- 32:13तुलसी के भेले में वो जान वैसे बहुत सी बातें में वैज्ञानिक होने
- 32:20कही है तो बोल दूंगा। मेरा अपना अनुभव नहीं होगा उनमें
- 32:29इ इज़ इक्वल टु एम सी एस का यह मैं नहीं जानता, लेकिन अल्बर्ट
- 32:36आइंस्टीन जानता है और सारे वैज्ञानिक इसे ठीक मान चूके हैं
- 32:42तो मैं इससे ठुकरा नहीं सकता ठीक ही होगा।
- 32:49लेकिन ये जो वेव्स की बात है ये तो मैं रोज़ पीता हूँ, यह तो मेरा
- 32:54धंधा है, एक तरह का वेव्स को बिखेर देना।
- 33:01मैंने कल कहा था आपसे? ब्रेन डेड है ही वांट्स टु रिटर्न
- 33:10वह आना चाहता है। लेकिन जैसे ही उसकी 68 साल की
- 33:17उम्र में हाथ से ठहर गया तो मैंने कहा 12 मिनट तक।
- 33:24और डॉक्टर के पास लेकर गए। 12 मिनट तक अगर हमारे न्यूरॉन्स
- 33:30को ऑक्सीजन ना मिले तो वो मर जाते हैं।
- 33:38एंड दे कैन नॉट बी रिवाइव्ड। वो जिंदा नहीं किए जा सकते।
- 33:47नॉर्थ ऐट ऑल मैं कहता हूँ इन लोगों पर अभियोग चलाना चाहिए।
- 33:57जो वहाँ बैठे छैने थोड़े खड़का रहे हैं, ढोलकी, तबला उनके ऊपर
- 34:03अभियोग चलाना चाहिए। आप सोक्रेटिस पे तो अभियोग चला
- 34:06देते हो की जहर का प्याला पीला देते हो ईसा पर तो अभियोग चला
- 34:10देते हो की आप बच्चों को गुमराह कर रहे हो जवानों को।
- 34:15अब ये जवानों को गुमराह नहीं कर रहे हैं।
- 34:18बताओ इसका अपना अनमढ़ भाई जो इस संस्था को संभाल रहे हैं, इस वक्त
- 34:25क्या वो लोगों को इतनी जनता को लाखों लोगों को गुमराह नहीं कर
- 34:29रहे हैं? किसके लिए वो आपको पता ही है?
- 34:33डेरे के पास जमीन होगी, जालंधर के पास है, मेंहदी जमीन होगी उसको
- 34:42चला रहे हैं। क्या ये युथ को गलत दिशा की तरफ
- 34:47नहीं ले जा रहे हैं और बिल्कुल इसी कारणों से।
- 34:54सुख रात को जहर फैलाया गया था, ज्यादा बढ़िया था।
- 35:02इन झूठ को प्रचार करने वालों का यही अंजाम होना चाहिए।
- 35:08कसो इनको सत्य के कसौटी पर कसो? किसी डॉक्टर से पूछो, किसी डॉक्टर
- 35:23से पूछो, किसी भी डॉक्टर से पूछो जाके अगर 12 मिनट तक न्यूरॉन हो
- 35:34ऑक्सीजन ना मिले। तो क्या होगा?
- 35:40वो कहेंगे हम उसे मृत घोषित करने गए।
- 35:44तुम इससे पूछना कि क्या वह व्यक्ति जो चेतना चला गया, निकल
- 35:52के देही से वह वापस आ पाएगा, वो कहेंगे नहीं?
- 35:58बिल्कुल, तुम फिर पूछना इस डेरे में जाने वाले भक्तों से मैं अपील
- 36:08करता हूँ मेरी बात को मत, मैं अपने भक्तों से कहूँगा कि वहाँ तो
- 36:20जाना ही मत। मेरी ऐब्सेंस की स्थिति में वहाँ
- 36:25तो ऐसे लोगों के पास तो जाना मत तुम्हें खास खास आदमी मैंने बता
- 36:30दिया दिव्य ज्योति संस्थान। तो डॉक्टर से पूछना अगर 12 मिनट
- 36:48तक वो कहेंगे 6 मिनट तक ना मिले तो भी गए लेकिन मैंने 12 मिनट बता
- 36:55दिया आपको मैं अपनी योग शक्ति से कुछ ज्यादा समय तक।
- 37:05न्यूरॉन को बचा सकता था लेकिन मैंने पिछले प्रोविशन में बताया
- 37:10भी था कि थोड़े से मिनट और अगर मैं पानी में रह जाता तो फिर मुझे
- 37:17कोई नहीं बचा सकता था क्योंकि न्यूरॉन खत्म हो जाता है।
- 37:28मुझसे कुछ बुलवाना था टुकटूकर देख रहे थे यह जो आज यह जो आज श्रेय
- 37:45ले रहे हैं। मुझे बचाने का और रूठे बैठे हैं
- 37:53और अंट शंट बोल रहे हैं। इन्होंने सारी समझदार देखे हैं।
- 37:57मेरे ये वो ही लोग हैं जो मुझसे वरदान ले के गए थे।
- 38:01दो बेटों में। और ये मुझसे क्यों रूठे हैं?
- 38:07इसीलिए कि मेरे बच्चों ने आपको बचाया, आपने उन्हें श्रेय नहीं
- 38:13दिया? मैं गलत व्यक्ति को श्रेय दिया भी
- 38:17नहीं करता। मैं फूल के कुप्पा हो जाएगा, उसका
- 38:21अंहकार बढ़ जाएगा और अंहकार का बढ़ने का मतलब।
- 38:26वह आनंद को कभी नहीं पा सकेगा। मैं ऐसी गलती कभी दोहराया ही नहीं
- 38:31करता। एक बार की थी कभी तो इनसे मैं
- 38:42सीधे पूछ लेता हूँ बाबा कहते जब मैंने देखा कि अब इसके ब्रेन डेड
- 38:48होने जा रहा है। अगर अब मैंने रस्सी ना भेजी वो
- 38:52व्यक्ति वहीं खड़ा देख रहा था तो रस्सी भेजी मैंने और उस रस्सी के
- 39:00सहारे मुझे अब बताओ श्रेय किसको मिलना चाहिए?
- 39:08तो बाबा कहते जिससे मैंने काम लेना होता है, उसे अहो भागी।
- 39:13समझना चाहिए कि मैंने उसे काम लिया, मैं उसे पुरस्कृत भी करूँगा
- 39:26और अगर वहाँ खड़े हुए तीन लोग एक मेरा बेटा था, एक रोहित था।
- 39:32एक तीसरा व्यक्ति इसकी मैं बात करता हूँ जो इस बात पर गमासान मचा
- 39:38रहा है कि मैंने आपको बचाया तो बाबा कहते हैं मैंने आपको बचाना
- 39:43ही था, मैं किसी के मित्र में प्रवेश कर जाता, हौसला मैंने देना
- 39:50था। हौसला मैंने देना था, मैं किसी को
- 39:56भी हौसला दे देता। मेरा पुत्र ही कूचा था, मेरा
- 40:01पुत्र तो वहाँ था, रोहित ही कूचा था, जब रशिया गयी थी।
- 40:08तो कोई भी व्यक्ति उसे हाथ से बांध के मुझे निकाल ले और बिलकुल
- 40:14सटीक। ये सब बाबा ने किया।
- 40:18वह व्यक्ति बेहतर उत्तरा और प्रतिक्षण उसको मेरी बॉडी मिल गई।
- 40:25अगर ना मिलती फिर वो क्या करता? लेकिन बात तो ये है कि हम
- 40:32परमात्मा को जानते नहीं, देखा नहीं, इसलिए हम सारी चीजों का
- 40:37श्रेय खुद लेना चाहते हैं। जो हमने नहीं किया वो पैसे लेना
- 40:40चाहते हैं। ऐसे ही तो हमारे से बाहर साला
- 40:45बैठे हैं। जो गद्दी पर बैठ के जो कहते हैं
- 40:49मैं हूँ तो मुमकिन है उन्हें पता नहीं।
- 40:531 दिन धराशायी हो जाएंगे जमीन, सूख लेंगे जेब लेकिन व्यस्त का
- 41:01क्षण यही पड़ा रह जाएगा। दो वेव्स को पैदा करने की चिष्ट
- 41:17थोड़ा सा आपको बता दो। आमला और शेप अगर अंग्रेजी में
- 41:26कहावत है। ए एप्पल अड्डे कीप्स डॉक्टर अवे
- 41:35एक सेब रोज़ खो किसी भी तरह खाओ। वैसे भी हम व्यसनों पे पैसे खर्च
- 41:42कर देते हैं। एक सेब की कोई ज्यादा कीमत नहीं
- 41:45होती। तीफ सर डॉक्टर अवय 130 बीमारियों
- 41:53का इलाज है इसमें एक सेब में 130 बीमारियों का इलाज।
- 42:04जो बहुत बारीक बारीक चीजें हैं जो हमारे शरीर के लिए उपयोगी हैं तो
- 42:11एक सेब रोज़ खाया करो, मेरी तरफ मत देखो, मैं तो रोटी नहीं खाता,
- 42:18सेब भी नहीं खाता, मैं तो जो पीता हूँ।
- 42:23उसमें कुछ घुल जाता है, आके जो उसको अमृत बना देता है।
- 42:29मेरे तो ऊपर से टपकती है अमृत की धारा और उससे सब कमियां परिपूर्ण
- 42:35हो जाती हैं तुम तुम मेरी नकल मत करना इमिटेट मत करना मुझे आइकन मत
- 42:42बना लेना। क्योंकि मेरा कुछ शरीर की संरचना
- 42:51और उसकी कृपा विराट की कृपा जो है नहीं और जिसने सारी मनेजमेंट कर
- 42:59दी। मुझे बहुत से डॉक्टर वैज्ञानिक
- 43:08पूछ लेते हैं बाबा और तो सब ठीक है?
- 43:13अगर ये उबड़ खाबड़ पड़ा होता तो हम कह देते।
- 43:17कि यह स्वयं से बन गया होगा सयभम है, यह प्रकृति ही सयभम है।
- 43:24बुध ने कहा लार्ज अरे सफीशियंट नियम ही काफी है, काफी हैं इसमें
- 43:31क्या शक है? लेकिन क्योंकि बुद्ध?
- 43:36ज्यादा करनाबान थे। उन्होंने कहा, जल्दी से बता दो,
- 43:42महावीर समझदार थे। महावीर ने कहा जहाँ 6 साल वहाँ और
- 43:50वक्त लग जाएगा, उन्होंने 6.5 साल और लगाए।
- 43:55और कृष्ण के ब्रो पर जा ठहरे। जब आगे जाने को मुकाम ही नहीं था,
- 43:59रस्ता ही नहीं था, वहाँ ठहर गए। जहाँ ठहरना ही होता है, उससे आगे
- 44:10जाने का मार्ग ही नहीं बचता, वो है मार्ग कृष्ण का।
- 44:15महावीर का नानक का पर अब तो तुम कह सकते हो मेरा मैं भी उस अंतिम
- 44:28छोर को छू रहा हूँ और कितनी देर लगी?
- 44:35और देख ही उसके आये हुए परिणाम में 35 वर्ष तक वितर हूँ।
- 44:40कितने प्यासे हैं हम? तुम इससे अंदाज़ लगा सकते हो?
- 44:46मुझे लोग कहते हैं कि बाबा आपके पास कौन?
- 44:52तो फिर उन 21 लोगों में किसी की ड्यूटी लगा दे ना?
- 44:58मैंने कहा भाई ड्यूटी से बात चलेगी नहीं, क्योंकि जो व्यक्ति
- 45:03उस रस को पी लेता है, वह स्वतंत्र होता है।
- 45:08परम स्वतंत्र। उस पर कुछ थोपना बड़े से बड़ा
- 45:12महाबाप है। और मैं अगर उनसे कहा भी मैंने एक
- 45:18व्यक्ति से उसने मुझे कहा बाबा आपने 35 वर्ष तक पिया पिया ना
- 45:26मैंने कहा हाँ। फिर भी बाबा ने कहा बोलो आपने कहा
- 45:32नहीं बोलेंगे, किसी और की ड्यूटी लगा दो।
- 45:39बाबा कहते हैं और कोई है ही नहीं, अब फिर उठे ना लेकिन हमें तो अभी।
- 45:48दो तीन वर्ष ही हुए हैं। उस आनंद को अभी हमारा मन कैसे भर
- 45:55जायेगा? जन्मो जन्मो की अनंत जन्मो की
- 45:58व्यास है, इस जन्म में भी बूझ जाये तो काफी है।
- 46:09बिल्कुल ठीक है। जो व्यक्ति पहुँच गया है उसको रस
- 46:13पीने से रोक देना, आज्ञा दे देना महा मूर्खता और महापाप है और वह
- 46:24छोड़ भी ना सकेगा। मुझे पता है।
- 46:28कहाँ छोड़ पाए सब था, बच्चे थे, सब था, पत्नी थी, बहाने करता शादी
- 46:42के पत्र और इतना मस्त था मैं देखिए मैं आपको कहानी सुनाई करता
- 46:47हूँ। शादी के वक्त मैंने अपने जीजा से
- 46:51कहा, जीजा क्या ऐसा नहीं हो सकता? क्या वह भी थोड़ा सा ऊत दिमाग का
- 47:04था कि आप मेरी फोटो ले जाओ। अच्छा और फोटो ले जाके लड़की से
- 47:16फेरे करा के देखिये मैं सच बोलता हूँ बिलकुल सच बोलता हूँ, ज़रा भी
- 47:21गलती नहीं है। इसमें एक अक्षर भी इधर से उधर
- 47:25नहीं होगा। तुम फेरे दिला के वापस दुल्हन को
- 47:31साथ लेके आ जाओ बड़ा जीजा अब निधन हो गया उसका 90 साल 85 साल के
- 47:42हुए। बस ये कहें, लेकिन हाँ ले जाते
- 47:50हैं, लेकिन फिर दुल्हनिया नहीं आयेगी।
- 47:54हमारे मुँह तो सूझे होंगे पर फोटो जरूर आ जाएगी।
- 47:58फोटो के साथ फोटो आ जाएगी तो फिर मुझे उठना ही पड़ा देखिये।
- 48:07तुम जीस काम के लिए भागते हो, रेप करते हो, मार देते हो जीस तख्तो
- 48:22ताज के लिए तुम कतलो गारत करते हो।
- 48:26फिर जीसको पता है उसको मिटा देते हो, सबूतों को मिटाने की चेष्टा
- 48:31करते हो, फिर आगे जो सबूत हैं उनको मिटा देते हो।
- 48:33कित को मारोगे देखो बेटा ये सबूत तो नहीं मिटेंगे, जब तक कि तुम
- 48:43खुद ही नहीं मिट जाते। जब तक तुम जीवित हो तब तक ये सबूत
- 48:50बने रहेंगे और इसीलिए ये लोग कहते हैं कि 2027 क्षमा करना 47 इन्हें
- 48:57पता है सबूत मिट जाएगा बेहतर काम। 2047 तक सबूत मिट जाएगा ना मैं
- 49:09रहूँगा फिर पूछेंगे कैसे नहीं? ये नहीं पता कि मोटा भाई तो
- 49:14रहेगा, अगर ठीक से कैलकुलेशन करेंगे तो कोई तो रहेगा।
- 49:22और बहुत राज़दार हैं इस चीज़ के और अब तो जक ज़ाहिर हो गया कि
- 49:32साहेब ने क्या कुछ किया, ये अपेस्टिन कांड हो गया, मैं आपसे
- 49:40सौगंध कह के कहता हूँ। कि जैसे मुझे ट्रंप की
- 49:44इन्वॉल्वमेंट मिली है। इसमें मैं इस व्यक्ति का गुप्तन
- 49:49काट लेता हूँ और मैं सगते तालियां बजाऊं और फिरऊं यह आज धूंस देकर
- 49:57लोगों का ध्यान दूसरी ओर मोटना चाहता है।
- 50:00कभी बेंचुआले के राष्ट्रपति को उठा लेता है, उसकी धर्मपत्नी को
- 50:04उठा लेता है सिर्फ ध्यान को मुड़ने के ढंग कि मेरी एपिस्टीन
- 50:10कांड में जो फोटोस देखी गई और जो छुपी पड़ी है, वो अगर नगुण फोटोस
- 50:17आ जाएं? तो अमेरिकन मेरा गला मेरी टाई
- 50:22पकड़ के नीचे उतार दे चल रामखोर ये बैठने की जगह नहीं है तेरे तो
- 50:32मैंने आपसे पहले ही कहा मैं ऐसे व्यक्तियों के।
- 50:38जो नाबालिग बच्चियों के साथ रेप करता है उसका गुप्तांग काट लूँगा
- 50:43और उसे जीवित रहने दूंगा। क्योंकि मेरा मंतव्य है जनता को
- 50:52जनार्दन को उस अवस्था तक पहुंचा देना।
- 50:59जहाँ वो अमृत का कलश पड़ा है इसीलिए मैं जीवंत छोडूंगा उस
- 51:07इंद्रियों को काट लूँगा। जिसके कारण इसने रेप किया, जिसके
- 51:13साथ रेप किया वो भी तालियाँ मारेगी।
- 51:16वाह। क्या दंड दिया है?
- 51:19और इसके लिए भी एक ऑप्शन कुला छोड़ दिया यू कैन रिसर्च
- 51:27यूरसेल्फ़ यू कैन नो हू आर यू? दोनों तरफ से न्याय हो गया।
- 51:36तो मेरे न्याय तो परमात्मा के हिसाब से जो न्याय होते हैं,
- 51:40बिल्कुल वो ही होते हैं। मैं चोरी करने वाले का हाथ पांव
- 51:44नहीं काटूँगा वो जमाने चले गए जब चोरी करने वाले के हाथ पांव काट
- 51:53दिए जाते थे, आँखें फोड़ती जाती थी या कोई ढंग नहीं था।
- 51:59बलात जो बिना किसी की इच्छा के बलात और जिसका यौन अभी पूरी तरह
- 52:08से समृद्ध नहीं हुआ, परिपूर्ण हुआ नहीं हुआ।
- 52:14उसके साथ ऐसा घिनौना कृत्य करना बच्ची के साथ उसे परमात्मा की
- 52:24सृष्टि के हिसाब से, उसके बनाये हुए कानून के हिसाब से दंड दूंगा।
- 52:28मैंने ये कहा आपको। डेल्टा वेव्स अल्फ़ा वेव्स आज
- 52:39मैंने दो वेव्स के बारे में बोला शुरू, कल से ही था प्रसन्न डेल्टा
- 52:47वेव्स को कल मैंने समझाया के जीरों के साथ शिप के जाना।
- 52:56और जेरो के पास हो जाना जेरो के साथ चिपक जाना वो समति पॉइंट फाइव
- 53:04पे आ जाना, पॉइंट फाइव पे आ जाना हर्ट्स वह है योग निद्रा।
- 53:14योग नेतृत्व में आएगी। रोज़ आएगी।
- 53:18ये बड़े बड़े होर्डिंग्स लग गए होते हैं के योग निद्रा के लिए
- 53:23फीस दीजिये और योग निद्रा ये आपको सुजस्त करेंगे।
- 53:32शी आर ही विल हैपनोटाइज़ यू और तुम उसके गुलाम बजाओगे?
- 53:38अप्रत्यक्ष रूप से यह आपको गुलामी देने का कारण बन रहे हैं।
- 53:43तुम उसके गुलाम बजाओगे क्योंकि उस दिशा में आनंद आता है।
- 53:50और तुम कहोगे चलो कोई बात नहीं। क्या 54000 की बात है?
- 53:5454002 और योग निद्रा में चले जाओ इसलिए मैं तुमको तुमको बिलकुल
- 54:02मुफ्त योग निद्रा में जाने का ढंग बताता हूँ तुम योग निद्रा में, वो
- 54:06तो नहीं ले जाएंगे आपको। उनके पास रेंज ही नहीं है।
- 54:10जो बिखेर सके उनके पास सिर्फ ढंग हैं।
- 54:15टु रिलैक्स होल ऑफ़ युअर बॉडी एंड माइंड बस वो यही करेंगे आपको।
- 54:28वो हिप्नोटाइज़ सम्मोहित करके आपको कहेंगे रिलैक्स हो जाओ, पांव
- 54:33से पकड़ छोड़ दो उँगलियों से पकड़ छोड़ दो, हाथों से पकड़ छोड़ दो,
- 54:41सारे शरीर को ढीला करते जाएंगे, रिलैक्स करते जाएंगे, ब्रेन तक ले
- 54:45जाएंगे। ब्रेन को ढीला छोड़ दो, समग्र
- 54:50अस्तित्व को ढीला छोड़ दो, बस यह ढीलेपन में राज़ छुपा है
- 54:55योगनिद्रा, मैं तुम्हें कहता हूँ, ऑक्सीजेनेटेड हो जाओ।
- 55:04और जब तुम ऑक्सीजनेटेड होगे मेरे तरीके से स्वास्थ्य तो आप बश्रिका
- 55:11में भी ले सकते हो तेज तेज जो ओशो की है, तेज से स्वास्थ्य लेना
- 55:17छोड़ना उससे नहीं हो पाओगे। क्योंकि नाक से स्वास्थ लेना वहाँ
- 55:26भी एक ग्रंथि प्रभावित होती है। नाक से स्वास्थ लेते वक्त तीसरे
- 55:31नेत्र से थोड़ी सी हवा टकरा के जाती है।
- 55:36देखना तीसरे नेत्र पे थोड़ा सा खिंचाव आएगा।
- 55:42अगर आप पागलों की तरह से स्वास्थ्य लेना शुरू कर दिया कुछ
- 55:45नहीं होगा उसका तो क्यों के ओशो से गलती क्यों हुई?
- 55:57क्योंकि वो बुध के तल पे पहुँच गए थे और बुध का तल सिर्फ आपको
- 56:02साक्षी होना सीखाता है। श्वास को आते जाते देखो श्वास आ
- 56:11रहा है श्वास आ रहा है यह विपश्यन है, लेकिन मैं तुमसे कहता हूँ
- 56:20श्वास को लम्बा खेंचो। जब श्वास को लंबा खेचोगे नाक से
- 56:28नाक से मुँह से श्वास लेने वाला व्यक्ति कभी भी उसका तीसरा नेत्र
- 56:34खोल ही नहीं सकता। जिनके नाक की हड्डियाँ बढ़ जाती
- 56:38हैं, उन्हें सर्जरी करा लेनी चाहिए क्योंकि नाक।
- 56:44पर महात्मा निखर तो मुँह ही बना देते, मुँह से विश्वास ले लो,
- 56:47छोड़ दो वह बड़ा कारीगर है जो है नहीं बोले जरूरी हो जाता है नाक
- 57:01से जब आप सांस दोगे तो थोड़ी सी चोट आपके तीसरे नेत्र पे पड़ेगा।
- 57:07और इन सेंटर्स पर हर किसी सुनार की चोट, वह 100 सुनार की, एक
- 57:16लोहार की लोहार घन मारता है, नाक से श्वास लोगे और नाक के भीतर?
- 57:25पहली बात तो स्वास्थ्य संग किया जाएगा।
- 57:27इसमें हैं कीटाणु धूल के कण यहाँ रह जाएंगे और दूसरा यह गर्म
- 57:37करेगा। स्वास्थ्य को और तीसरा योगिक
- 57:41महत्त्व है। सूट मारेगा तीसरे नेत्र पे तो
- 57:48श्वास जब भीतर जाएगा, लरिंग्स में से हो के फेफड़ों में जाएगा,
- 57:55अलबुलिस में घूँट साफ होगा। फिर आप श्वास को छोड़ोगे, पूरे
- 58:02फेफड़े को भर लो। परमात्मा ने पूरा फेफड़ा बनाया
- 58:05है। श्वास लेने के लिए तुम कम क्यों
- 58:07लेते हो? सोए पड़े तो जितना श्वास आये उतना
- 58:12ही पेट तक भर लो। अब बच्चों को देखना बच्चा जब
- 58:15श्वास लेगा तो उसका पेट फूलेगा, पूरा श्वास लेता है।
- 58:20यह प्राकृतिक आयोजन है। बाद में तुम भूल जाते हो
- 58:24दुकानदारी में और बच गया बच्चे को देखना बच्चे का पेट उठेगा।
- 58:31बच्चा पूरा श्वास लेता है, फेफड़ा भर जाता है, फिर पेट भर जाता है
- 58:35फिर छोड़ता है यह नेचर खुद कराती है बच्चों से।
- 58:44तो तुम पूरा पेट भर लेना, पूरा फेफड़ा भर लेना, गर्भवती औरतें को
- 58:50ना करे गर्भवती औरत पेट को ना भरे क्योंकि उससे बच्चे के गिरने का
- 58:58खतरा हो जाता है। इसलिए गर्भवती स्त्री को मैं
- 59:03जद्दी जद्दी दीक्षा नहीं देता, क्योंकि दीक्षा के वक्त ये है
- 59:10रेंज छोड़नी उससे मस्ती पैदा कर सकती है, गिर सकती है और नुकसान
- 59:17पहुँच सकता है। कहीं ज्यादा चढ़ जाए जैसे तुम
- 59:22ज्यादा शराब पी ली हो तो वह शराब जो तुम्हें मस्ती दे सकती थी,
- 59:28आनंद की शेर और शायरी कर सकती थी, वही शराब तुम्हें गंदे नाले में
- 59:33भी करा सकती थी। अति सर्वत्र वर्जे तो मैं गर्भवती
- 59:42स्त्री को दीक्षा देता हूँ, मैंने रोक ही लगा दी।
- 59:46गर्भवती स्त्री दीक्षा ना ले के जाए तो स्वास्थ्य को खींचोगे यहाँ
- 59:55पर चोट पड़ेगी तीसरे नेत्र। देखो ज़रा स्वास्थ्य लेकर जा पे
- 1:00:01चोट पड़ेगा, नवी का कोई मतलब नहीं स्वास्थ्य लेते वक्त यह तीसरे
- 1:00:11नेत्र में और हर किसी तीसरा नेत्र जुड़ा है।
- 1:00:15स्वादिष्ट। क्षमा करना तीसरा मित्र जुड़ा है।
- 1:00:21सहसरार के साथ हल्की सी चोट सहसरार में भी जाएगी।
- 1:00:27बिल्कुल हल्की सी नाम मात्र पवन जैसी हवा चलती है ऐसी।
- 1:00:36तो इन दो चक्करों में आघात पहुंचेगा।
- 1:00:39श्वास लेने से क्रिया योग का बड़ा मैं हीन चित्र खींच रहा हूँ।
- 1:00:45मैं इसको ध्यान से सुन नाक से श्वास लिया दो चक्करों पर पड़ेगा।
- 1:00:55यह कुंडलिनी पर ना भी क्षेत्र पर इसका ज़रा भी प्रभाव नहीं होगा।
- 1:01:01जैसे ही आपने स्वास्थ्य भर लिया और स्वास्थ्य छोड़ा और हूँ की
- 1:01:09आवाज़ से छोड़ा हाँ है की आवाज़ निकलेगी है हूँ हाँ।
- 1:01:16तो है की आवाज़ बड़ी प्यारी, यह सलामियत की खोज है, सूफी शांति से
- 1:01:22करते हैं तो ना भी चक्कर पे अघात पड़ेगा वह पड़ी है कुंडल।
- 1:01:35कुंडली जगन में सहायता होगी। और देखिये इस भ्रम को जाग के लिए
- 1:01:40बहुत से लोग तो ऐसा भी कहते हैं कि मृत्यु के वक्त जैसे लाखों
- 1:01:46बिच्छू काटते हैं, इतना दर्द होता है, बिल्कुल दर्द नहीं होता भाई
- 1:01:49मृत्यु के वक्त तो इतनी गहन शान्ति होती है।
- 1:01:54जितना तुम सोच भी नहीं सकते मृत्यु तो शांति का घर है सदा की
- 1:02:01शांति। चिरनिद्रा?
- 1:02:04सोते वक्त आपको दुख होता है, सोते वक्त आपको पीड़ा होती है, नहीं
- 1:02:10होती है तो चिरनिद्रा में कैसे हो गया?
- 1:02:14निद्रा में नहीं होती तो चिर निद्रा में कैसे होगी मृत्यु चिर
- 1:02:20निद्रा मृत्यु में ज़रा भी तकलीफ नहीं होती, कोई डंक नहीं बहता,
- 1:02:25बिच्छू सा कुछ नहीं होता ये सिर्फ।
- 1:02:30व्यापारियों ने आपके मन में भ्रम डाल रखा है, बड़ी वजह से मर जाता
- 1:02:35है और सब झंझटों से छूट जाता है, बिगड़ेगी और बनेंगी।
- 1:02:48दुनिया नहीं रहेंगी होंगे यही झमेले, होंगे यही झमेले ये
- 1:03:02ज़िन्दगी के मेले। दुनिया में कम न होंगे, अफसोस न
- 1:03:12होंगे ये झमेले कम नहीं होंगे तुम देख लेना फिर जब कोई व्यक्ति
- 1:03:18दूसरी बार जन्म लेता है इस्लामियत में और ईसाईयत में तो ये है कि एक
- 1:03:24ही जन्म होता है। उसके कारण मैंने आपको समझ दिया
- 1:03:27ताकि आप ही से जन्म में ही पूरी कोशिश कर के पहुंचा हो।
- 1:03:30यथा श्री मतलब अन्यथा जीवन तो अनेक होते हैं।
- 1:03:35यह पत्थर से सुपरकॉन्शस तक की यात्रा है।
- 1:03:41जड़ से परम चेतना तक की यात्रा। तो इसमें अनंत जीवन होते हैं जब
- 1:03:52आपका जीवन शून्य न खत्म हो जाये, नाक उमड़ जाये, जीवन से आत्महत्या
- 1:03:59नहीं। सच में जो तुमने अपने आपको समझ
- 1:04:04रखा है उसको में डालना है। इसे आत्महत्या कहते हैं।
- 1:04:07यह शरीर तो दूसरा है, यह तो चतरिया की तरह है, इसको तो आप
- 1:04:12उतार के रख सकते हो। इसने क्या बिगड़ा, आपका कबीर ने
- 1:04:17रखी थी। ज्यों की त्यों धरती नीचे दरिया
- 1:04:21बड़े जत्न से उड़े थे बड़ा बचा बचा के रखा था इसको।
- 1:04:28कहीं दाग न लग जाए। कहीं दाग न लग।
- 1:04:39जाए। जो कहते हो धरती नीचे धरिया बड़े
- 1:04:45जत्न से उठी थी तो नाक से सवस्थ लोगे?
- 1:04:49दो चक्करों में चोट पड़ेगी। पूरा पेट भर लो पूरा।
- 1:04:55फेफड़ा भर लो, यह आपको इतना और गंद दिया आप पेट तो भर लेते हैं,
- 1:05:01पेट तो पूरा भर के पूरे से भी ज्यादा भर लेते हैं।
- 1:05:04गोगढ़ बाहर आ जाती है जैसे डेढ़ साल का बच्चा पेट पर ये देखो आप।
- 1:05:12राजनीतिक लोगों को कैसे गोखड़ पड़ी हुई है?
- 1:05:16थोड़ा सा बनियान को उठाके दिखा दिया।
- 1:05:19देखो हमारे पेट में बच्चा है, जब पेट भर जाएगा तो पूरा फीफड़ा भर
- 1:05:34जाएगा तो श्वास को छोड़ो, श्वास को छोड़ोगे।
- 1:05:38तो देखोगे के कुंडल के ऊपर चोट पड़ी न भी के नीचे क्षेत्र है
- 1:05:44उसपे चोट पड़ती है तो यह आपको जानना जरूरी भी है और न भी जानो
- 1:05:51तो कोई बात नहीं, प्रोसेसर विल हैपन।
- 1:05:56एनलाइटनमेंट क्या होती है, कैसे होती है या न भी पता हो तो भी हो
- 1:06:00जाएगी। जहर खाने से मौत हो जाती है, यह
- 1:06:07पता न भी हो तो जहर खाने से मौत हो ही जाती है।
- 1:06:13ठीक? तो प्रोसेसर आपको बताई।
- 1:06:17कुछ लोग समझना चाहते थे। साइंटिफिक ढंग से तो मैंने आपको
- 1:06:23समझाया डेल्टा वेव का छूने के भीतर विलीन हो जाना यह है स्थिति
- 1:06:34प्रज्ञता। आपकी चेतना का शून्य को छू लेना,
- 1:06:42यह है समाधि और उस शून्य से थोड़ी सी दूर रह जाना, बस आनंद के करीब
- 1:06:51हो आप। उससे थोड़ी सी दूर, थोड़ी सी दूर
- 1:06:56और दूर जितना ज्यादा दूर और जैसे ही आप खोपड़ी में आए तो समझो आप
- 1:07:03आनंद से कोसो दूर हो गए और तुम्हारी भाग्यहीनता अभागापन ये
- 1:07:10है। कि तुम उस आनंद से कोसों दूर हर
- 1:07:13वक्त रहते हो। मैं जब बोलता हूँ तो तुम्हारा
- 1:07:17सेंसर चलता रहता है, तुम्हारा सेंसर चलता रहता है, जब मैं बोलता
- 1:07:31हूँ क्यों? क्योंकि तुम खोपड़ी में आ गए हो।
- 1:07:39और आनंद का वह समुद्र बहुत दूर है।
- 1:07:44आनंद का वह कलश बहुत दूर है। मेरी पूरी प्रयास है कि तुम्हें
- 1:07:54किसी न किसी तरह। तुम्हारी शरीर की जरूरतों को
- 1:08:00मिटाकर पूरी करके तुम्हें किसी न किसी तरह उस अमृत कश के पास ले
- 1:08:09जाऊं, एक बार या उसके चो कर दे। उसके प्रभाव क्षेत्र में आप किसी
- 1:08:16तरह आ जाओ। इसको मैं सुदोरी कहता हूँ।
- 1:08:20उस अमृत कलश के प्रभाव के क्षेत्र में आ जाना जैसे तुम विशुद्धि
- 1:08:26क्षेत्र में आते हो। विशुद्धि चक्र में तो समझ लो।
- 1:08:29उसका प्रभाव क्षेत्र शुरू हो गया। तो विशुद्धि चक्र से आगे आज्ञा
- 1:08:36चक्र तक और फिर सहस्रार तक उसी का ही क्षेत्र है सार्क।
- 1:08:44यह योगी की प्रणाली से मैं समझा रहा हूँ आनंदमय कोश वगैरह वगैरह।
- 1:08:55तो पुत्र ये सारी संगरचना मैंने आपको बताई, तुमने कहा क्रिया योग
- 1:09:01से डेल्टा विश बढ़ती है क्या जो हमे खुमारी मिलती है?
- 1:09:09हाँ? बिलकुल बढ़ती है, इतनी बढ़ती है
- 1:09:14वो तुम्हे पॉइंट पांच हर्ट्स तक ले जाती है और पॉइंट पांच हर्ट्स
- 1:09:23के तुम योग निद्रा में चले जाती है तुम्हे जैसे ही हल्का हल्का
- 1:09:29सुरु और आना शुरू हो जाये। पहली बात तो जब तुम्हे हल्का
- 1:09:33हल्का शुरू आना शुरू हो जाए तो तुम किसी कुर्सी वगैरह पर बैठ
- 1:09:37जाना, क्योंकि तुम्हारी मस्ती में तुम खो सकते हो और तुम गिर सकते
- 1:09:42हो नुकसान हो सकता है कई लोगों की हड्डी कमजोर होती है।
- 1:09:51तो कच्ची जगह पे करो इसे पक्की जगह पे ना करो इसलिए मैंने कहा
- 1:09:56किसी खेत कलिहान किसी बाग बगीचे में निकल जाओ, कच्ची जगह पे करो
- 1:10:05ज्यादा मदहोश ही आ जाए। तो अगर गिरवी पड़ो तो ज्यादा
- 1:10:09नुकसान न हो। जैसे ही तुम्हें पता चल जाएगा
- 1:10:16क्योंकि तुम जागरूक होने जा रहे हो तो तुम्हें पता चल जाएगा।
- 1:10:24मदहोशी गहन होने लगी। तो तुम किसी कुर्सी वगैरह पे बैठ
- 1:10:30जाना या किसी ऐसी कोई सीमेंट की थड़ी बनाई हो, वहाँ बैठ जाओ, आराम
- 1:10:38से बैठ जाना, फिर चलना फिर ना मत क्योंकि यह अगर बढ़ गई तो फिर
- 1:10:44तुम्हें वहीं लेटना पड़ेगा। योग निद्रा में जाना पड़ेगा।
- 1:10:50योग निद्रा 1015 20 मिनट आधे घंटे के भी हो सकते हैं यह किसी के।
- 1:11:02हिप्नोटाइज़्ड करने की व्यवस्था के कारण नहीं होगा।
- 1:11:05यह तुम्हारी ऑटो प्रोसेसिंग से होगा।
- 1:11:08यह तुम खुद ही अपने आपको ऑक्सीजनेटेड करके उस निद्रा में
- 1:11:18ले के जा रहे हो अगर तुमने इन व्यापारियों के जाल में उलझ के।
- 1:11:26योग निद्रा में पहली बात तो तुम जाओगे रिलैक्स हो जाओगे।
- 1:11:31मात्र इनके सुझावों को मानकर सुजैसन को मानकर ये सुझाव देते
- 1:11:38जाएंगे। तुम्हें हिप्नोटाइज़ करते जाएंगे।
- 1:11:42और तुम अपने आप को रिलैक्स करते जाओगे।
- 1:11:45यह कोई विशेष बात नहीं है, जो ₹54000 लेंगे।
- 1:11:50यह आपकी भी मुरता है। इसे बड़े सुंदर ढंग से आप घर पर
- 1:11:54ही कर सकते हो। शहर की शहर आपके शरीर को थोड़ी सी
- 1:11:58गति मिलेंगे। फिर।
- 1:12:03एक्स्ट्रा से आपको व्यायाम करने की जरूरत नहीं है।
- 1:12:06इतना व्यायाम काफी है। चलते फिरते आध घंटे तक क्रियायोग
- 1:12:12कर लो। इतना व्यायाम काफी है तो इसका यही
- 1:12:19सारा रहस्य मैंने आपको समझा दिया है।
- 1:12:26हम्म जी। सवाल पूछा था कि सभी जो छह की छह
- 1:12:31वेब्स हैं उनके बारे में हमें समझाने की कृपा करो।
- 1:12:37तो आपको समझाऊंगा। बाकी चार वेब्स के बारे में दो
- 1:12:40वेब्स आपको बता दी। मुख्यतः आपको डेल्टा बताई जो कि
- 1:12:45डेल्टा वेब आपको समाधि से उड़े तक ले जाएंगे।
- 1:12:53अल्फा भी इसके साथ बिल्कुल सहायक है।
- 1:12:58तो बाकी जो चार रहेंगी थीटा बीटा वो मैं आपको फिर एक 2 दिन के
- 1:13:05प्रवचन में अगर भूल जाऊ तो मुझे याद करा देना मैं आपको अलग से बता
- 1:13:10दूंगा। धन्यवाद।
- 1:13:16कहीं धाग न लग जाए कहीं धाग न लग जाए बाली उमरिया।
- 1:13:36निर्मल चदरिया, बाली, उमरिया निर्मल चदरिया आग न लग जाए।
- 1:13:53कहीं धाग न लग जाए कहीं धाग न लग जाए बाली उमरिया।
- 1:14:11निरम्र चदरिया बाली, उमरिया निरम्र चदरिया आग न लग जाए।
- 1:14:29कहीं दाग न लग जाए।