Latest / Baba ji Vijay Vats / 18 May 25 - क्रिया योग, ध्यान और दीक्षा का महत्व! आत्मज्ञान की ओर पहला कदम! अध्यात्मिक सफर की शुरुआत!
Transcript
- 0:05प्रणाम गुरूजी चरण स्पर्श गुरूजी। पिछले साल मार्च महीने में मैंने
- 0:14चंडीगढ़ में गुरु से दीक्षा लिखी। उसके पहले हैदराबाद में छह महीने
- 0:23उनके स्टूडेंट्स बताए अनुसार मैंने गायत्री मंत्र से अपने शरीर
- 0:27को जागृत किया। चंडीगढ़ में उन्होंने मुझे
- 0:32गुरुमंत्र दिया और बोला कि गुरुमंत्र बोलने के बाद ध्यान की
- 0:36मुद्रा में बैठना। और दोनों हाथ एक दूसरे में फंसा
- 0:42के बैठ छण आधा घंटा या उससे ज्यादा उनके बताये अनुसार उनकी
- 0:50बुक्स ऐमर्जन पर मिलते हैं। वह मगा के मैंने पढ़ाई की थी।
- 0:56इससे धीरे धीरे तुम्हारी कुंडली जागृत होगी और मेरी ऊर्जा मेरी
- 1:01तरफ से आती रहेंगी और उसके बाद तुम्हारी आत्मा भ्रम जाकर
- 1:08साक्षात्कार करेगी और शायद इस जन्म में तुम ब्रह्म को प्राप्त
- 1:13हो जाओगे। उनके प्रवचन यूट्यूब में आते रहते
- 1:18हैं। गुरूजी मैं किसी पर किसी तरह का
- 1:24संदेह नहीं कर रहा हूँ, लेकिन कृपया आप मार्गदर्शन करें।
- 1:33और दुविधा दूर करने का कष्ट करें। नाम नहीं बताऊँगा, चिंता मत करो
- 1:43मैंने ये आज का प्रश्न इसलिए लिया सैकड़ों हजारों की।
- 1:52मेरे पास ऐसे रोज़ ही प्रश्न आते हैं जिन्होंने किसी और गुरु से
- 2:00दीक्षा ली होती है। उनकी बताई हुई विधि के अनुसार
- 2:07चलते हैं और अगर अड़ जाते हैं। तो पूछ दे मुझसे है ना परम्परा
- 2:23भला जब वो किसी दूसरी सिद्ध पुरुष से दीक्षा ले चूके है, संत से
- 2:35दीक्षा ले चूके है। तो उन्होंने जो आदेश दिया है उसके
- 2:39हिसाब से चलो और फिर ये कहते हैं कि मैं किसी के ऊपर कोई शंका नहीं
- 2:46जाता रहा हूँ और ये क्या है शंका नहीं तो और क्या है?
- 2:57मैं किसी पर किसी तरह का संदेह नहीं कर रहा हूँ, लेकिन कृपया आप
- 3:02मार्गदर्शन करें और दुविधा दूर करने का कष्ट करें।
- 3:07अगर अभी दुविधा बनी हुई है तो दीक्षा दी क्या?
- 3:18दीक्षा लेने का अर्थ क्या है? एम टोटली सरेंडर जैसा चलाओगे
- 3:27चलूँगा दीक्षा का और क्या जैसा कहोगे चलूँगा।
- 3:38और दीक्षा का क्या मतलब है? लेकिन चूक गए है तुमने सोचा कि
- 3:48मैं तुम्हारा प्रश्न सुनकर उठ पटांग लेक्चर दूंगा घंटा डेढ़
- 3:54घंटा तुम पर खराब करूँगा। लेकिन मैं सिर्फ तुम पर नहीं बोल
- 3:59रहा हूँ। आज के वीडियो प्राणी अति आवश्यक
- 4:03थे और किसी भी गुरु का बताया हुआ तरीका उसके बारे में मुझसे पूछने
- 4:10लग जाते हैं। बाबा ये तीसरे।
- 4:15चक्र में फंसी खड़ी है। कुंडल क्या करे?
- 4:21अब मुझे कोई पता नहीं ये क्या कर रहे हैं, क्या नहीं कर रहे हैं?
- 4:26मैंने क्या जवाब दूँ? कोई पूछ लेते हैं बाबा ये जब
- 4:34ध्यान ये पांच नाम। रोज़ प्रश्न ये शब्द का सुरती में
- 4:42मिलान नहीं हो रहा, यहाँ फंस गया हूँ, क्या करूँ?
- 4:47भाई? देखिये अगर गुरु बनाया है तो गुरु
- 4:55से क्यों नहीं पूछते हैं? तुम्हारा कर्तव्य क्या है कि गुरु
- 5:03से पूछो कि आपके बताये रास्ते पे मैं चल रहा हूँ यहाँ फंस गया हूँ
- 5:09अब बताओ गुरु आप कुमार के दर्शन देखो।
- 5:15गुरु बनाया किस लिए? और फिर तुम कहते हो कि मैं किसी
- 5:20पर संदेह नहीं कर रहा और मैं इसी इन संत पुरुषों का आज नाम पहली
- 5:27बार सुना है। मैं 10 वर्षों से अपने कमरे में
- 5:30बैठा हूँ। मुझे कोई मतलब नहीं कौन प्रवचन कर
- 5:35रहा है कौन क्या बोल रहा है? अगर मैं बोलता हूँ तो मैं सिर्फ
- 5:45अपना पक्ष पेश कर रहा हूँ और उस पक्ष पेश करने को।
- 5:52आप यह मत समझना कि मैं इसे मानने को बाध्य कर रहा हूँ, नहीं मानने
- 6:00को तो मैंने कभी ज़ोर दिया ही नहीं।
- 6:03किसी बात के ऊपर किसी प्रश्न के ऊपर जो भी आज तक पूछा गया।
- 6:11उसके ऊपर मैं अपने निष्पक्ष विचार रखता हूँ।
- 6:18एनालिसिस जैसा मैं जानता हूँ, मेरे तजर्बे के हिसाब से और आपको
- 6:26कोई बात नहीं करता। कि आप मेरी इस बात से इत्तफाक
- 6:31रखो, मैंने कभी किसी से नहीं कहा। बोलता हूँ, विचार देता हूँ, बाध्य
- 6:41नहीं करता हूँ कि आप इसे मालूम ही।
- 6:47अनेक धर्मों से अनेक धर्मों से क्या बताऊँ आपको बाबा मैं उस
- 6:54अधर्म का अनुयायी हूँ, मैं उस अधर्म का अनुयायी हूँ, अब मैं
- 7:01क्या करूँ? समर्पण किया है।
- 7:05यहाँ फंस गए हैं जस्ती नहीं बात भाई जब तुमने समर्पण कर दिया तो
- 7:16इसका मतलब समर्पण हुआ नहीं और समर्पण करने से होता भी नहीं।
- 7:23फिर मुझसे क्यों पूछते हो? आपको रास्ता दिखाने वालों से पूछो
- 7:33इतने ईमानदार लोग होंगे ही तो वो कह दें कि इस रास्ते से चलो।
- 7:43या तुम्हारा ये रास्ता नहीं ये रास्ता है कुछ तो बतलाएंगे मुझसे
- 7:50क्यों पूछते हो? मुझसे सिर्फ वही व्यक्ति पूछे जो
- 7:58मेरी वीडियो को सुनता है और बिल्कुल सुनता है।
- 8:03और उसमें से कोई प्रश्न उठता है और प्रश्न का जवाब मुझसे पूछो की
- 8:09बाबा अगर ये ऐसा है तो ये ऐसा क्यों है?
- 8:15मैं ठीक समझूंगा, जवाब दे दूंगा, लेकिन ये प्रश्न तो बिल्कुल
- 8:20निकम्मा है। मैंने दीक्षा ली है, उन्होंने
- 8:25फॉर्मूला बताया है कुंडलनी जागरण का और मैंने किया भी है और फिर
- 8:33बाबा जी कृपया मार्गदर्शन करेंगे। दुविधा से निकालेंगे भाई अगर
- 8:39दुविधा बनी ही हुई है। तो दीक्षा कार्थ क्या होता है
- 8:47दीक्षा कार्थ क्या होता है? शायद मेरे बोलने का ढंग और कारण
- 8:56आप अभी तक समझे मुझको तीन वर्ष हो गए बोलते को।
- 9:01लेकिन आप ढंग नहीं समझे कि मैं बोलता क्यों हूँ, मैं किसी आदेश
- 9:07की पूर्ति कर रहा हूँ बस उस आदेश की पूर्ति करने के लिए मैं रोज़
- 9:19बोलता हूँ। जो मेरे पास प्रश्न आते है उनका
- 9:23जवाब देते है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप किसी अन्य धर्मगुरु
- 9:34से नाम लेकर विधि पूछकर। उनका मार्ग अपनाकर फिर आप मेरे से
- 9:46प्रश्न करो और फिर मुझे लक्ष्मी का वाहन बनाने की चेष्टा करो समझ।
- 9:59मैं लक्ष्मी का वाहन बनने वाला नहीं इतनी जल्दी मैं आपकी बातों
- 10:06में आऊंगा। मैं दीक्षा देखता हूँ, ऑनलाइन
- 10:14मेरा ये विधान है। मेरे समीप आने वाला व्यक्ति मेरी
- 10:21वीडियो उसको सुने। मेरा विचार है, अब गायत्री मंत्र
- 10:27की है आप आपने गायत्री मंत्र पर मेरा प्रवचन सुना है?
- 10:35दीक्षा आपने गायत्री के लिए प्रवचन, आप मेरा साथ सुनें नहीं।
- 10:40प्रश्न मेरे से कर रहे बिलकुल नए आदमी जिन्होंने आज ही सब्सक्राइब
- 10:48किया है शाम को मेरे पास फ़ोन आ जाता है बाबा ये अगर ऐसा है तो ये
- 10:54क्यों है? ऐसा नहीं चलेगा।
- 10:58ये गलत है, पर फिर उनसे पूछता हूँ 20153035 वर्षों से मैं नाम दान
- 11:07ले रहा हूँ वे मैं वो कर रहा हूँ मैं वो क्रिया कर रहा हूँ अनेकों
- 11:12क्रियाएं। अनेकों ढंग है अनेकों विधियों हैं
- 11:18अलग अलग रास्तों से प्रत्येक बुद्ध हुआ है और उनके रास्तों की
- 11:27खबर वो ज्यादा अच्छी तरह जानते हैं।
- 11:32मैं जीस रास्ते से गया हूँ, वो बड़ी अच्छी तरह बता सकता हूँ बाकी
- 11:39रास्तों के ऊपर मेरी पकड़ है, मैं बता सकता हूँ, लेकिन इसका अर्थ ये
- 11:47नहीं कि मैं आपको गाइड करना शुरू कर।
- 11:52आपने मुझे गाइड चुना और जो मुझे गाइड चुनता नहीं, वह मुझसे
- 11:59गाइडेंस मांगे। कितनी बुरी बात है इसे आप ठीक
- 12:04समझते हो? इसे आप अपने ग्रुप का अपमान
- 12:08समझते। और फिर आज अगर आप किसी गुरु से
- 12:15दीक्षा लिए हो और मुझसे पूछते हो तो कल मुझसे दीक्षा लेकर किसी और
- 12:24से पूछो अपने आपको ठीक करो मुझसे प्रश्न मत।
- 12:34वैसे मैं इतना मूड नहीं मैं दीक्षा देने से पहले बहुत कुछ देख
- 12:42पहले दिन से ही अगर आप मेरी वीडियो सुनें देखें, तो आप पाओगे
- 12:48कि मैं शुरू से बोल रहा हूँ। मैं 500 व्यक्तियों को दीक्षित
- 12:51करूँगा, मुझे भेड़ चाल नहीं चाहिए।
- 12:55मैंने भेड़ों का बाढ़ा नहीं बनाना है।
- 13:01मुझे वो व्यक्ति चाहिए जो जल सके। दीपक की तरह और आगे जला सके दीपक।
- 13:09ऐसे व्यक्तियों की तलाश और मेरे इस प्रयास में मेरा सारा जीवन का
- 13:20सामंजस्य आप देख सकते हो मेरा खाना।
- 13:26पीना, उठना, बैठना, बोलना, दीक्षा देने का ढंग, प्रवचन का ढंग,
- 13:33इसमें सारा कुछ आप देख सकते हो, इसमें आपको समझ नहीं आता, मैं कोई
- 13:42तार्किक थोड़ा हूँ। जो आप कोई भी प्रश्न मुझसे पूछ लो
- 13:47और किसी भी संत से जिसने अपने हिसाब से ठीक समझ के आपको दीक्षा
- 13:54दी, उसका तिरस्कार कर दो। मैं रास्तों का तिरस्कार करता
- 14:03हूँ। जो मुझे बिल्कुल 100% गलत लगते
- 14:08हैं ये बात समझ लेना मैं उन रास्तों का तिरस्कार करता हूँ जो
- 14:17100% मुझे गलत लगते हैं कि ये तो गलियाँ बंद हैं।
- 14:24ये तो ना खुलेंगी कभी बेबाक बोलता हूँ उस बोलने में किसी तरह की कोई
- 14:32कृपाणता नहीं करता बेबाक बोलता हूँ क्योंकि मैं 100%।
- 14:42कॉन्फिडेंट हूँ के इस रास्ते से पहुंचा जा ही नहीं सकता, लेकिन
- 14:52अगर आप उन लोगों के पास भी पहुँच गए हो।
- 14:56जिन रास्तों को मैं अच्छी तरह जानता हूँ के इन रास्तों से
- 15:00व्यक्ति जीवन क्या लाखों जीवनों में भी नहीं पहुँच पायेगा?
- 15:09और अगर आप उस गुरु से दीक्षा लिए हो, अगर आप मुझे पूछोगे।
- 15:16के बाबा मैं क्या करूँ तो मैं आपको कुछ नहीं कहूंगा, मैं
- 15:20कहूंगा, डटे रहो और मेरा स्पष्ट सन्देश सुन लीजिये, जो जहाँ बैठा
- 15:28है डटा वहाँ डटा बैठा है। वहाँ से मत हिले, लेकिन तुम्हारा
- 15:38मन है तुम अपने मन की दुविधा दूसरों पर थोप देते हो, कोई क्या
- 15:46करे? मैंने उन दीयों को चुनना है जो
- 15:53जलने की संभावना रखता है। जो दिए हैं, जिनके भीतर ईंधन है,
- 16:02बाती है, जल सकते हैं, जले एक दिया सिलाई की जरूरत है और कुछ
- 16:13नहीं चाहिए। ऐसे लोगों की मुझे जरूरत है ऐसे
- 16:22लोगों की मुझे तलाश सबसे पहले मैं कहता हूँ कि आप मेरे वीडियो सुन
- 16:33मेरे विचार जान। आप मेरी एक वीडियो सुनते हो और
- 16:38दूसरे दिन आपकी मैसेज आ जाता है कि भभव दीक्षा दे दीजिए ऑनलाइन ये
- 16:47थोड़ी ये कोई बात थोड़ी है। एक बात अगर आपको जच गई एक प्रवचन
- 16:55अगर आपको जच गया इसका अर्थ ये तो नहीं कि मैंने तो 700 प्रवचन दिए,
- 17:03आपने बाकी की कहाँ सुनी और कई प्रवचन तो बिलकुल अंत विरोध ही
- 17:07लगेंगे। आपको आपको कहता हूँ है नहीं।
- 17:14तो ऐसा काम कृपा करके कोई भी व्यक्ति ना करें।
- 17:18मुझे सुबह से शाम तक फ़ोन भी आते हैं और फोन्स पर ऐसी ही बातें
- 17:27मुझसे पूछी जाती हैं। और जब मैं पूछता हूँ कि आपने किस
- 17:32गुरु से दीक्षा ली है तो वो अपना गुरु बताते हैं तो मैं उन्हें
- 17:36विनम्र प्रार्थना करता हूँ कि देखिए गुरु के साथ मक्कारी मत
- 17:41करो। ये दगाबाजी गुरु के साथ।
- 17:48आप वहाँ डटे रहो, आप वहाँ से भागने को उखड़ने को क्यों राजी
- 17:57हुए? मैं तो बोलूं कहाँ जहाँ आपको आनंद
- 18:04न मिले। जहाँ आपको मदहोशी न छाये जहाँ
- 18:11आपको प्यार का वो सागर न दिखे तो रास्ता गलत है लेकिन इसका मतलब ये
- 18:20नहीं है। के अगर आपने 35 वर्ष किसी की तप
- 18:30करके किसी की विधि को अपना के कुछ नहीं पाया है तो आप वहाँ से बगावत
- 18:38करते हैं। इंतजार करें।
- 18:44शायद मैं आपसे अनुरोध करता हूँ, मैं ऐसे व्यक्तियों की तलाश में
- 18:56हूँ बार बार कहता हूँ, एकांत बैठक।
- 19:05इतने 1000 सब्सक्राइबर्स हैं कितने मेरे पास हैं इनको मैंने
- 19:13बुलाया शिक्षा के लिए मेरा एक प्रोसेसर है पहले मेरे वीडियो
- 19:19देखो। समझो मैं बोलता क्या हूँ?
- 19:23क्योंकि धर्म अनेक हैं रास्ते अनेक और आप उन रास्तों पर चल भी
- 19:28पाओगे नहीं, वो रास्ते आपके लिए कठिन हैं या सरल हैं, सब कुछ आप
- 19:38जान जाओगे। फिर आप ऑनलाइन मेरे से ये कहोगे
- 19:43कि मुझे दीक्षा चाहिए ऑनलाइन मैं आपको ऑनलाइन दीक्षा दे दूंगा।
- 19:51अगर ठीक समझूंगा तो और ऑनलाइन के पास बहुत से।
- 20:00मोमोक्ष बिपाश मुझसे ऑफलाइन दीक्षा की पुकार करते हैं, मैं
- 20:10समझता हूँ, लेकिन मैंने आपसे पहले ही कहा।
- 20:17जो दिया जल सकता है मैं उन्हें ही चुनूंगा और जैसे ही तुम मैं
- 20:23तुम्हें पाऊंगा कि तुम जलने के योग्य हुए, मैं तुम्हें फ़ौरन बना
- 20:28लूँगा, यहाँ उससे पहले तुम्हारी भूमि को तैयार करने में कोई कोर
- 20:34कसर बाकी नहीं। ये मेरे प्रवचन आपकी आंत्रिक भूमि
- 20:40को तैयार करने का एक संसाधन मात्र बड़े ढंग से आपको चला रहा हूँ।
- 20:52स्टेप बाई स्टेप वीडियो सुनाओ क्रिया योग करें, ध्यान में
- 21:00बैठें, मैं बुला लूँगा आपको जब आप दीक्षा के योग्य हुए, यहाँ आने के
- 21:13योग्य हुए मैं आपको बुला लूँगा। ये मैं फिर कह रहा कि मैं यहाँ
- 21:23नकलची बेड़ों की जमात नहीं इकट्ठी करनी, मैं बोलूं मैं बोलूं, चाहे
- 21:33जितना हो। सिर्फ जहाँ पर आप अड़ गए हो, मेरे
- 21:39प्रश्नों में मैं उनका जवाब देता हूँ या जिन्हें मैं आपकी
- 21:45आध्यात्मिक उन्नति में सहायक मानता हूँ?
- 21:49मैं उन बातों का जवाब देता हूँ वो चाहे 1215 साल का बच्चा हो।
- 21:56न 100 साल का बुरा मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, इसलिए मेरी करबद्ध
- 22:05प्राप्ति है। जीस व्यक्ति ने किसी गुरु का दामन
- 22:12थान लिया है। गुरु द्रौ मत करो गुरु से गद्दारी
- 22:18मत करो आपने जो 2 साल, 5 साल, 10 साल, 20 साल ऐसे ऐसे लोग आये जो
- 22:254040 साल से कहते हैं उसे हमने गुरु बनाया क्या करे?
- 22:32मैं पूछता हूँ गुरु है, कहते हैं हैं तो फिर उनके पास जाओ।
- 22:39अगर नहीं है तो आप मेरी बातों को सुनो, उस आपके पिछले गुरु, जो
- 22:45यहाँ से चले गए चोला छोड़कर और मेरी बातों में कुछ तारतम्य लगता
- 22:51है। कहीं ऐसा तो नहीं कि वो जो गुरु
- 22:55आपको सिखाके गए हैं, वो पहले मुझे मिटाना पड़ेगा?
- 22:59फिर आपको अपनी शिक्षा के अनुसार डालना पड़ेगा, बड़ी देर हो जाएगी,
- 23:03ये तो बड़ा मुश्किल रास्ता है। सो मैं आपको बिलकुल स्टेप ब्य
- 23:13स्टेप कर रहा हूँ और आप मुझे सुनो सुनकर आप देखो जैसे ती है बात और
- 23:26मुझसे किसी गुरु के बारे में कुछ मत पूछो।
- 23:32मुझसे अगर पूछोगे तो मैं विधि का खंडन कर सकता हूँ, विधि का खंडन
- 23:38भी कर सकता हूँ विधि की हिमायत भी कर सकता हूँ वो मेरी अपनी अनुभव
- 23:45की बात है। उसे आपके गुरु या आपकी विधि का
- 23:50कुछ लेना देना नहीं। अगर मैं किसी विधि को वो चाहे
- 23:55किसी भी गुरु की हो ठीक पाऊंगा, मैं उसके हक में बोल दूंगा अगर
- 24:02मैं ठीक नहीं पाऊंगा। तो मैं उसके बे हक में बोल दूंगा,
- 24:06लेकिन अगर आप बे हक में बोली गई मेरी बात अगर किसी गुरु से उस तरह
- 24:12की दीक्षा ली है तो कृपा करके मुझसे राय मत, मैं आपसे ये कतई
- 24:20नहीं कहूंगा कि उसको छोड़ दो। मेरे पास आ जो मैं संख्या को
- 24:26बढ़ाने के पक्ष में कतई नहीं, क्योंकि मेरे पास ऑलरेडी ही भेड़
- 24:34बकरियां मुझे चाहिए, अन्यथा मैं बाहर आके दरबार लगा लेती हूँ।
- 24:41अन्यथा मैं बाहर बैठ जाता, लीपापोती कर नहीं, मैं एक कमरे
- 24:47में बैठा हूँ, आराम से बैठा अपना संदेश आपको दे रहा हूँ, आप इसे
- 24:54सुनें। आप इसके भीतर उतरने की चीज़ ठकरा।
- 25:00अभी दो 4 दिन पहले कमेंट आया था बाबा आप जो बोल रहे हैं इसको बा
- 25:05मुश्किल इतने लोग समझ पाएंगे जीतने की उंगलियों में गिने जा
- 25:10सके। उसका कमेंट बिल्कुल ठीक है, ऐसा
- 25:14ही मैं पा रहा हूँ और कितने व्यक्ति मैंने बुलाये?
- 25:17दीक्षा के लिए ये देखो। और 500 व्यक्तियों की मैं उम्मीद
- 25:21रखूं के 500 व्यक्ति फुर्सत के क्षणों में या किसी न किसी तरह
- 25:31मैं ढूंढ लूँगा मेरे पास आ जाएंगे लेकिन।
- 25:38ये तो तरीका गलत है। मेरी इस वीडियो के माध्यम से मैं
- 25:47आपको करबद्ध प्रार्थना करता हूँ कि जीस गुरु के साथ आप जुड़े हुए
- 25:54हो कृपा करके वहाँ बने रहो। अगर आप उसके नहीं हुए मेरे कैसे
- 26:02हो जाओगे आप अपने मन के हो आप मन मती हो।
- 26:08आप गुरु मती हुई नहीं अगर आज आपको वो रास्ता गलत लग रहा है।
- 26:16कल को आपको ये रास्ता भी गलत लगेगा।
- 26:21ये तो काम गलत है, ऐसा तो न मैं अपेक्षा करता हूँ, न ही मेरी कोई
- 26:28योजना है मैं पारस चाहता हूँ पारस।
- 26:35जो लोहे को छुए और सोना हो जाये बहुत से व्यक्तियों की उनसे भी
- 26:44मैं गुजारिश कर दूँ, जो मुझे ऑफलाइन दीक्षा की डिमैंड कर रहे
- 26:49हैं, वो कृपया मेरी इस प्रार्थना को सुन ले।
- 26:55मुझे सुनें, मेरे विचारों को सुनें, अपने हृदय में उतारे, अगर
- 27:03ठीक लगे तो उतर ही जाएंगे। अगर मेरे विचार ठीक हैं, आज नहीं,
- 27:09कल आप रोकना भी चाहोगे, रुकेंगे नहीं, आपके हृदय में उतर जाएंगे।
- 27:15आपके बावजूद उतर जाएंगे। मैं जो कहता हूँ वो कर क्रिया योग
- 27:24और ध्यान। मैं दो ही बातें कहता हूँ वीडियो
- 27:30सुनो उससे आपको। भावना जगत आपको साहस मिलेगा, आपको
- 27:44एक मोटिवेशन मिलेगा कि ये ऐसे हो सकता है।
- 27:54उसके बाद क्रिया योग करो, कुछ मिला क्रिया योग करके कुछ मिला
- 28:00ध्यान में बिलकुल निष्क्रिय हो जाओ, कुछ ना करो फिर देखो कुछ
- 28:05मिला अगर नहीं मिला तो कोई और गुरु तराश?
- 28:16मेरा सूत्र तुम्हारी कामना पड़ेगा।
- 28:24बिलकुल स्पष्ट मैं फिर बताता हूँ मैं भीड़ इकट्ठी करने के प्रयास
- 28:34में नहीं अगर प्रयास में हो तो। तो मैं कब की कितनी ही भीड़
- 28:40इकट्ठी कर लेता हूँ? नहीं, ऐसा मेरा कोई मतलब भी नहीं
- 28:47है, न मुझे संख्या बल चाहिए। मैं सिर्फ बिपाशु देखता हूँ यह सच
- 28:57में। जो सच में बंधनों से दुखी, जो सच
- 29:05में संसार के बंधनों से दुखी मुझे ऐसे व्यक्तियों की तलाश है अब आप
- 29:14देख लीजिए मेरी पोज़ीशन है क्या? बिल्कुल स्पष्ट, अगर सोलमा
- 29:22व्यक्ति ये कह दें कि मैंने ऑफलाइन दीक्षा ली है, यहाँ पर
- 29:28नहीं निकलेगा गिने चुने आदमी अगर समझते हैं तो गिने चुने आदमी ही
- 29:35मैंने चुने। तो आपसे फिर कह दूँ, बिल्कुल
- 29:41ईमानदारी से कहता हूँ मुझे किसी के गुरु की ये कोई पार्टी नहीं
- 29:47है। राजनीतिक के उस पार्टी से आदमी
- 29:51तोड़ने हैं, इस पार्टी में मिलाने हैं ये मेरा धंधा नहीं।
- 29:56मैं व्यापार नहीं करता हूँ मुझे मुख सुजा मुझे वो चाहिए जो इन
- 30:04जंजीरों को तोड़ देना चाहते हैं, जो मुक्त हो जाना चाहते हैं उन
- 30:09मुक्त आकाश में उड़ना चाहते हैं उन लोगों की तलाश है।
- 30:15जो उस अमृत के सरोवर को पीना चाहते है जो उस आनंद को लूटना
- 30:20चाहते है, जो उस आनंद के सागर में गोते लगाना चाहते है जो पीना
- 30:28चाहते है। मस्त होना चाहते है ऐसे
- 30:32व्यक्तियों की तलाश। ऐसे व्यक्तियों की तराश नहीं है
- 30:38कि दो चार आदमी उस धर्म से तोड़ दिए।
- 30:41जीतने आए उधर से तोड़ लिए जिधर से आए उधर से तोड़ लिए।
- 30:47मैं शुरू से ही कहता रहा हूँ और आप मेरा।
- 30:52ढंग देखकर काम करने का समझ जाओगे कि कितने व्यक्ति मेरे से दीक्षित
- 30:59हैं। मेरी प्रोसेसर को समझ लें पहले
- 31:04मुझे सुनें मैं कहना क्या चाहता हूँ।
- 31:11उसके बाद जो मैं कहता हूँ वो करके देखें।
- 31:16आपको कुछ मिलता है आपको महसूस होता है कि आप भ्रांति में थे।
- 31:25अगर आपको महसूस होता है तो फिर आप ऑनलाइन दीक्षा के लिए मुझे बोलिए।
- 31:33ऐसा होता है कई बार कि ऑनलाइन दीक्षा के बिना ही मैं यहाँ पे
- 31:41लगता हूँ क्या आप जलता हुआ दिया, मैंने देख लिया मैंने देख लिया कि
- 31:48से मिट्टी के बर्तन के भीतर। तेल भी है, बाती भी है, बस दीया
- 31:53जलाने वाला चाहिए। उनको फौरन मैं आमंत्रित कर देता
- 31:57हूँ। क्या मेरा मंतव्य समझिए?
- 32:04मेरी बहनती है आपसे? मेरी कारगुजारी दिखिए मैं जीवन
- 32:14में अध्यात्म पथ पर चल कैसे रहा हूँ बार बार आपसे करती हूँ मुझे
- 32:21भीड़ नहीं चाहिए। मैं ऐसे व्यक्तियों की तलाश में
- 32:28जो या तो मुझे सुन के या ये मेरी बिद्युति को अपना के थोड़ा सा
- 32:36कान्शस्नस की प्रोग्रेस करें, इससे न में नहीं।
- 32:44अगले जन्म में हो जाएंगे। ज्यादा संभावना तो यही है जैसा
- 32:51मैं समझता हूँ कि अगर आप इस विधि को जो मैंने बतलाई उसके अनुरूप आप
- 33:02चले। वीडियो को पूरे प्रेम से शांत
- 33:06एकांत में सुना बिना किसी कूड़े कचरे को दिमाग में लिए स्पष्टता
- 33:15आप और मैं मैं बोलूं। आप सुनें आपके हृदय में उतर जाएं।
- 33:22कोई बीच में शास्त्र नहीं होना चाहिए।
- 33:25कोई गुरु बीच में नहीं होना चाहिए।
- 33:28सीधे सीधे सुन जचता है कुछ आनंद की प्रभा आपको घेरती है, कुछ सरूर
- 33:40आपको आता है। तो अवश्य आपकी इच्छा पूरी हो सकती
- 33:52है। आप बंधन 1 दिन काट देंगे।
- 33:57कितने व्यक्ति थे जो कबीर के पास? कितने व्यक्ति थे जो नानक के पास
- 34:04थे? नानक खुद जल के गए, कबीर एक स्थान
- 34:09पे बैठे रहे। बुद्ध खुद जल के गए, महावीर खुद
- 34:13जल के गए। उस वक्त माहौल ही ऐसा था।
- 34:22विज्ञान ने इतनी तरक्की नहीं की थी।
- 34:24आज साधन उपलब्ध है। आज मैं अपना संदेश आपके पास आके
- 34:30कहूं ये जरूरी नहीं मैं अपना संदेश जैसे बोल रहा हूँ वैसे आप
- 34:35तक पहुँच रहा है। हू हू लफ्ज़ बाय लफ्ज़ आप इसे
- 34:44सुनिए, सुनकर गुनी गूनकर हृदय में उतारी फिर चेष्टा कीजिए।
- 34:56जो मैंने दो चीज़ें बताई, क्रिया योग करो, कुछ मिलता है ध्यान में
- 35:05बैठो, कुछ आनंद आया पहले दिन से ये सारा कुछ नहीं होगा।
- 35:17जहाँ आप 35353030 वर्ष का धैर्य रखे हो, अन्य स्थानों पे वक्त तो
- 35:23लगेगा जहाँ पे और शायद जो दूसरे धर्मों से आए हैं, उन्हें तो वक्त
- 35:32ज्यादा ही लगेगा। क्योंकि पहले जो खोपड़ी भरी उस
- 35:36खोपड़ी को खाली कर वो तो मैं कर रहा हूँ जो मैं बोल रहा हूँ, आपके
- 35:46बहुत से बंधन उससे तोड़े जा रहे हैं कि अगर ये आना चाहें।
- 35:53तो आ सकते हैं और मैं दीक्षा से सोने को दूंगा।
- 36:05चने जला पाने की क्षमता रखता हूँ, मैं शरीर में हूँ।
- 36:14या शरीर से, मैं उनके बुद्धत्व की गैरैन्टी लेता हूँ, लेकिन मुझे
- 36:31समर्पित व्यक्ति चाहिए मुझे ऐसे व्यक्ति नहीं चाहिए।
- 36:37मेरे से दीक्षा ली, किसी और गुरु से पूछे ये बाबा ठीक बोलते हैं जी
- 36:44तो पहले सोचनी चाहिए थी अगर आपने डॉक्टर नरेश से दीक्षा ली, मैं तो
- 36:51जानता हूँ। इन महाराज को मैंने कभी सुना भी
- 36:57नहीं इनका नाम और देखा भी नहीं और आपने इनसे दीक्षा भी ले ली।
- 37:02मुझे नहीं पता ये क्या सिखाते हैं।
- 37:04क्या जानते हैं? मुझे कुछ पता इसलिए ऐसे प्रश्न
- 37:10मेरे पास कोई भी ना पूछे। मात्र सुनिए कई बार तो सिर्फ
- 37:20सुनने मात्र से ही कल्याण हो जाता है।
- 37:23सुनिए दुःख पाप का नमश जरूरी बात नहीं है कि आप मेरे पास यहाँ आकर।
- 37:32ऑफलाइन दीक्षा ही लें। कई बात कई बार मात्र सुनने से ही
- 37:39बात बन जाएगी। इसलिए भगवान महावीर ने अपने
- 37:46शिष्यों को नाम दिया श्रावक अगर आप ठीक से।
- 37:52समुचित प्रकार से सुन भी पाए जो मैं बोलता हूँ, जीस स्तर से बोलता
- 37:56हूँ तो आपको उस स्तर पे पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता इसी बात की
- 38:05मेरी गारंटी है मैं जहाँ से बोलता हूँ।
- 38:10वो तुम्हारी पकड़ में आ जाए। बस इसलिए एक ही बात को मैं इतनी
- 38:14इतनी बाहर दोहराता हूँ कि मैं जो थीम बोल रहा हूँ, इधर से उधर से
- 38:23उधर से उधर से सैकड़ों रास्तों से, हजारों रास्तों से, बहुत
- 38:28डाइमेंशन से। वो मैं बोलता क्या हूँ वो केंद्र
- 38:31आपकी बकर में आ जाए, मेरा कुल प्रयास यही है।
- 38:42गीता में 700 श्लोक कुल है। भगवान कृष्ण ने कुल मिला के
- 38:52अर्जुन भी बोले। कृष्ण भी बोले कहानी भी कही गई
- 38:57संजय के द्वारा धृतराष्ट्र ने भी पूछा और भी बड़े प्रसंग आए कुल
- 39:03मिला के सासु सो? और मैंने आपको लंबी लंबी 700
- 39:09वीडियो देखे। क्या ये सुफ्फिसिएंट नहीं है?
- 39:18आप इनको अपने घर में उतारो, एक एक करके सुनो।
- 39:27तो आप मेरे जाने के बाद एक एक अक्षर का एनालायसिस करते फिरोगे
- 39:32मेरे बैठे बैठे ही क्यों नहीं कर देते?
- 39:35अगर फंस जाओगे तो मेरे शब्द हैं, मैं आपको उसका उत्तर देता हूँ,
- 39:43किसी और से पूछोगे, वो उत्तरण दे पाएगा?
- 39:47कबीर जो कह गए कबीर पंथी ठीक से समझे 100% समझे नहीं, कहीं चूक
- 39:58होती है, बहुत अचूक होती है, मैं नहीं समझता।
- 40:07के गुरु की बात को शिष्य बिल्कुल उसी हिसाब से प्रसारित कर देंगे,
- 40:14क्योंकि अगर शिष्य गुरु की बातों को उसी ढंग से प्रसारित कर देगा
- 40:20तो शिष्य कहाँ रहा? वो तो गुरु ही हो गया।
- 40:26तो कभी मत सोचना कि गुरु की बातों को कोई भी शिष्य बिल्कुल वैसे ही
- 40:36आंतरिक स्तरों पर आपको प्रेषित कर पाएगा, यह असंभव है।
- 40:45वह तो गुरु ही हो गया, फिर तो शिष्य न रहा आप से मेरा अनुरोध है
- 40:57मेरी वीडियो रोज़ सुनते हैं, रोज़ सुनते हैं।
- 41:06बहुत आयत में सुनी जाती है, प्रश्न भी पूछते हैं, लेकिन मैं
- 41:14उन प्रश्नों का जवाब देता हूँ जो जाए यह समझता हूँ कि यह प्रश्न।
- 41:22इनके अध्यात्म जीवन का चेतना का विकास करने में सहयोग करें।
- 41:28अन्यथा मैं नेग्लेक्ट कर देता हूँ, आप देखते हैं अगर 100 प्रश्न
- 41:32मेरे पास आते हैं तो वह मैं बा मुश्किल एक प्रश्न उठाता हूँ बा
- 41:37मुश्किल। राय किसी और बात की तो जचे कोई आप
- 41:50किसी और बात की राय ले लें, कोई घर पे कोई और आपको तकलीफ रहे शायद
- 41:57मैं कुछ कर सकता हूँ। मेरे पास कुछ मेडिकल की भी नॉलेज
- 42:03है। रिद्धियों स्थितियों तक की भी कुछ
- 42:07नॉलेज है, कोई उपाय भी मैं किए हैं।
- 42:12ये भी मेरी साधना पद्धति का एक हिस्सा है।
- 42:17उसमें तो राय चल सकती है। लेकिन ऐसे मामलों में राय नहीं हो
- 42:22सकते कि मैंने गुरु से दीक्षा ली और गुरु ने मुझे ऐसा बताया और
- 42:31मैंने ऐसा ऐसा किया और उसके बाद गुरूजी मेरा मार्गदर्शन करो, ये
- 42:38ठीक लगती है बात आपको? श्रोताओं को यह बात ठीक लगेंगी।
- 42:43आपको अपनी आत्मा से भीतर पूछ के देखो, यह बात ठीक लगती है, तुम्हे
- 42:52ऐसा मत करो जहाँ डट गए हो, वहाँ डटे रहो।
- 42:58आप में श्रद्धा होनी चाहिए, श्रद्धा की कड़ी को टूटने मत दो,
- 43:05नहीं मिलता, न मिले, कोई बात नहीं, आप में इतना साहस होना
- 43:10चाहिए, लालच मत करो कि मुझे इसी जन्म में अभी मिल जाएगी।
- 43:18नहीं, ऐसा कभी होता भी नहीं। आप जहाँ भी हो, किसी भी धर्म में
- 43:28हो, किसी भी गुरु के शिष्य हों। मैं इस सब वीडियो के द्वारा आपको
- 43:34करबद्ध प्रार्थना करता हूँ मैं तो बोलूँगा।
- 43:39जो बात मुझे गलत लगेंगी वो खंडन मंडन उसका अनुमोदन मैं करूँगा ये
- 43:48मेरा काम, लेकिन इसका मतलब नहीं के आप गुरवों का मजाक उड़ाना शुरू
- 43:54कर दे, ये ठीक नहीं। आप दीक्षा लिए हैं, गुरु को हृदय
- 44:01में धारण किए हैं, वो मूर्ति आपके भीतर है, उसकी पद्धति आप कर रहे
- 44:08हैं, फिर आप कहते हैं बाबा मैं दुविधा में हूँ, मार्गदर्शन करो,
- 44:13काहे का मार्गदर्शन करो? मार्गदर्शक तो आपने कब का चुन
- 44:18लिया और ध्यान रखना दो नावों में जो पैर रखता है वो कभी कहीं नहीं
- 44:30पहुंचता मात्र डूबता है। मात्र डूबता है।
- 44:40मैंने आपका नाम नहीं लिया, लेकिन मैं ऐसे प्रश्नों को ऐसी वीडियो
- 44:47खुद ही बनाना चाहता था। इत्तफाक से आपका प्रश्न?
- 44:54मुझे थोड़ी आसान हो गयी बिना नाम लिए मैं अपनी सारी बातें कह गया
- 45:01और ये मैं वैसे भी कहना चाहता था कि आप कृपा को सुबह से शाम तक तुम
- 45:07भी तंग होते हो, आपका वक्त भी खराब होता है।
- 45:13उस वक्त में जो आप खराब कर रहे हो, मुझसे प्रश्न करने में मुझसे
- 45:22वार्तालाप करने में उस वक्त को आप अपने गुरुद्वारा दी गई साझा में
- 45:28व्यतीत क्यों नहीं करते? फिर आप कहते हो के बाबा हमें कुछ
- 45:35मिला नहीं मिलेगा, क्या श्रद्धा ही नहीं क्रियान्वित ही नहीं कर
- 45:42रहे। गुरु के प्रदेश को आप वो ठीक है
- 45:45या गलत है? आपके लिए ठीक होनी चाहिए।
- 45:51मैं तो कुछ भी बोलूं मेरी बातों की तरफ आप तभी ध्यान दीजिएगा अगर
- 45:59बिलकुल फ्रेश हो। अगर आपने अभी तक गुरु नहीं बनाया
- 46:05या जीस गुरु के विधान से आप जल रहे थे उसे आपको कुछ मिला नहीं।
- 46:12तो आप इधर मूक कीजिएगा और सबसे पहले मुझे सुनिएगा?
- 46:17मेरे विचार आपको जचते हैं। ये पहला स्टेप है और दूसरा स्टेप
- 46:24है क्रिया योग कीजिएगा जो मैं ढंग बता रहा हूँ पहले से ही।
- 46:32जो मेरे जीते जी भी रहेंगे, मेरे जाने के बाद भी रहेंगे।
- 46:37क्रिया योग कीजिएगा। ध्यान में जाइएगा, ध्यान कर कुछ
- 46:42नहीं करना। टु डू नथ्थिंग शांत हो के बैठ
- 46:46जाइए। और फिर देखिए कुछ लगा ठीक फिर आप
- 46:56मुझको ऑनलाइन के लिए अनुग्रह भेज सकते हो।
- 47:05मैं आपको ऑनलाइन दीक्षा दे दूंगा, लेकिन ऑफलाइन के लिए तो फिर
- 47:18ऑफलाइन दीक्षा तो आपकी। संबोधि की गारंटी ऐसे दुग्धपूर्ण
- 47:33व्यक्तित्व को मैं संबोधि की गारंटी भला दे पाऊंगा नहीं।
- 47:44आप इतने इतने सरेंडर, ऊंचा जीस भी गुरु से आप दीक्षा दी, मिले या न
- 47:52मिले उसकी बात छोड़, लेकिन कम से कम अगर आपने एक गुरु को गुरु को
- 47:59आप मामूली बात समझते हो ये तो खेल हो गया ना?
- 48:04ये कोई बात थोड़ी है ऐसे तू हीन मत करो पर करें भी क्या?
- 48:15मजबूर भी हैं लोग आज लोग आज गुरुजन जैसा कुछ हो रहा है।
- 48:23मुझे बताने की आवश्यकता नहीं, आप जानते हो, मुझसे ज़्यादा जानते
- 48:34हो। जो व्यक्ति आपको ब्रह्म दिखाना
- 48:45चाहता है वही ब्रह्मचर्य का खंडन करके, नाजायज तरीकों से आपकी
- 48:55इज्जत के साथ बलात करके आज सीखो के पीछे बंद।
- 49:01और कुछ बच निकले हैं। आज देश पूरी तरह से सिद्धुविधा से
- 49:10ग्रस्त है। आप मेरे पर कृपा कर मैं अपने
- 49:17रास्ते से चल रहा हूँ। मुझे अपनी मौज में चल अगर आपको
- 49:25उधर से कुछ नहीं मिला, अगर आपको उधर से कुछ नहीं मिला तो आपके
- 49:33समर्पण में कुछ कमी है। और अगर पूर्ण समर्पण करके भी कुछ
- 49:40नहीं मिला तो फिर गुरु में कमी है।
- 49:46कमी तो है किसी में या आप ठीक ढंग से इम्प्लिमेंट नहीं करते या गुरु
- 49:55ने जो रास्ता बताया? वो रास्ता बंद है, बंद गली है,
- 50:00दोनों में से एक बात है तो आप कृपा कीजिए, मेरे ऊपर मैंने इतना
- 50:07लंबा छुड़ा प्रवचन इसीलिए आप सबको दिया है कि ऐसा काम कृपा करके मत
- 50:15करो। मेरी बातों को सुन हृदय में उतरती
- 50:23हैं जचती हैं तो मैं जो कहता हूँ वो करो जचता है, कुछ सुख मिलता
- 50:35है। फिर मैं ऑनलाइन दीक्षा और ऑनलाइन
- 50:43के बाद ऑफलाइन यही मेरी प्रोसेसर है।
- 50:49यही मेरे जीवन की कहानी है। यही है सारी कथा।
- 50:56और मैं मात्र बोलता नहीं, मैंने किसी को यहाँ बुलाया बुलाया तो
- 51:04दीक्षा नहीं हिंदी अगर वो किसी ढंग से आ गए तो बिना दीक्षा के ही
- 51:13गए। दीक्षा तो मैं उसे ही दूंगा, जो
- 51:17जल सकता है, जो दिया जल सकता है, जो खुद भी रोशन हो, दूसरे के भी
- 51:24बंधन काटे। ऐसा ही व्यक्ति ऐसा ही साधक उसकी
- 51:29इंतजार मेरे 9 कर रहे हैं। जब मुझे दिखेगा कहीं भी बैठो,
- 51:40उसको बुरा लो, धन्यवाद।