Latest / Khushei Ki Duniya / Mysterious Girl || Lost Memory
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- 0:00मेमोरीज तुम्हे क्या लगता है इतनी इम्पोर्टेन्ट होते है कुछ लोग
- 0:04होते है ना हमारे आस पास जो हर मोमेंट को कैप्चर करना चाहते है
- 0:09जो चाहते है की कुछ भी अच्छा हो रहा होता है तो वो सबसे पहले अपना
- 0:14कैमरा निकलते है, फोटोस लेते है। तभी जभी हम उनसे इरिटेट होकर कहते
- 0:19है। अरे यार क्या तू हर चीज़ की फोटो
- 0:21लेता रहता है या फोटो लेती रहती है?
- 0:24लेकिन कभी कभी ऐसा होता है की हम चीज़े भूल जाते है लेकिन वो
- 0:28तस्वीरें देखने के बाद हमें याद आता है की नहीं यार जैसे एक बार
- 0:33अभी लाइक 434 साल पहले मेरा बर्थडे था हर साल आता है।
- 0:38ये इस पर्टिकुलर बर्थडे की कहानी बता रही हूँ तो मेरा बर्थडे था और
- 0:42मेरी जो बेस्ट फ्रेन्ड है, वो पहले डेल्ही में काम करती थी।
- 0:46उस वक्त वो थी क्योंकि होली थी और मेरा बर्थडे उसी टाइम पे आता है
- 0:50तो वो 1 दिन पहले ही थी। लाइक नौ को मेरा बर्थडे था और आठ
- 0:55की होली थी तो वो आई थी एंड मेरे बजरे के लिए बोलती है, मैंने कहा
- 0:59होली खेलने आ जाएगी नहीं नहीं यार ये वो है फिर वो अगले दिन आई होली
- 1:04खेलने के लिए नहीं अक्चवली मेरे बर्थडे के लिए सुबह पता नहीं वो
- 1:08के ले आई थी कहाँ से कैसे पता बट वो ले आई थी।
- 1:13उसके बाद उसने मेरे मुँह पे मोमल दिया, पेस्ट्री और उसके बाद उसने
- 1:18मम्मी को क्या बोला आंटी, बस पीका लगाएंगे, गुलाल दे दीजिए,
- 1:21उन्होंने गुलाल दिया, उसने मेरा पूरा मुँह एक दम गुलाल गुलाच का
- 1:25कर दिया और वो भी ऑरेंज कलर का गुलाल था भाई मतलब कैंट टेल यू एक
- 1:30दम हरी झेल रही थी। एंड लिटरल्ली फिर उसने वो फोटोस
- 1:34खींच दिए एंड अभी कल परसों मैं फोटोस देख रही थी एंड देन आई सॉ
- 1:39और वो पूरा जो किस्सा था पूरा आँखों के सामने आ गया कि ओह यार
- 1:44उस दिन तो हाँ यार क्या भी बनाया था उसने अगले दिन मतलब दिया था और
- 1:50ये वो। तो वो फोटोस जो होते है ना वो
- 1:52हमारी उन यादों को ताजा कर देते है।
- 1:55हम शायद मुझे ये बात अपने किसी बर्थडे पे याद आती है लेकिन
- 1:59रैंडमली याद नहीं आती। वो रैंडमली याद सिर्फ ऐसे ही है
- 2:03जब मैंने वो तस्वीर देखी। पर क्या हो अगर ये यादें ही मिल
- 2:07जाए तो कभी सोचा तुमने तो चलो। आज सोचते हैं तू लगाओ अपने कानो
- 2:13में एयर प्लग्स हो जाओ से थोड़े से दूर एंड लेट मी स्टार्ट थिस
- 2:18स्टोरी फॉर यू गाइज़ तो ये कहानी है शिव और त्रिशाके त्रिशा एक ऐसी
- 2:26लड़की थी, जिसे हमेशा से सबकी बर्थडे याद रखना।
- 2:30सब को सरप्राइज़ देना, खुशी रहना, यू नो सब सही सही करना, ज़िन्दगी
- 2:35में पढ़ाई में हमेशा टॉपपर रहना, हर तरीके से इज्जत करना तो सब
- 2:40फैम्ली वाले जो थे वो हमेशा अपने बच्चों को ये ही कहते वी लाइक
- 2:44तृषा ठीक है लेकिन ऐसे लोगो से यार मतलब ऐसे बच्चो से ना और सारे
- 2:48जो कज़िन्स होते है बहुत चिन्ने लग जाते है।
- 2:50आई विल बीइंग ऐट थिस पर्टिकुलर प्लेस मैं और मेरे भाई, हम भाई
- 2:54हमारी इतनी मिसालें दी जाती थी की इनिशियल एज में तो हमारी कज़िन्स
- 2:58हमसे बात ही नहीं करते थे की तुम्हारी वजह से यार हमारी और
- 3:02जिंदगी माहौल है पर भाई हमारी क्या गलती है?
- 3:04इसमें वेरी गुड यार मतलब इसमें अब क्या करे?
- 3:08तो त्रिशा की भी कुछ ऐसी ही हालत थी।
- 3:10मतलब वो बेचारी कुछ कहती नहीं पर उसके कज़िन्स भी उसे पसंद नहीं
- 3:13करते थे। पर ठीक है, वो क्या करे?
- 3:16वो अपना नेचर से अगेंस्ट थोड़ी जाएगी की अच्छा मेरी कज़िन्स मुझे
- 3:18पसंद करे इसलिए मैं कुछ ना बकवास कर देती हूँ तो सारे रिलेटिव्स हम
- 3:22तो मेरी दाद नहीं देंगे तो फिर मेरे कज़िन्स मेरे पास हो जाएंगे।
- 3:26ऐसा तो नहीं कर सकते यार वो हमेशा मतलब सब।
- 3:30की केयर करती थी, उसको सबकी फीलिंग्स की पड़ी थी।
- 3:33सबसे लास्ट में वो खुद की फीलिंग्स रखती थी।
- 3:35कुछ ऐसी सी थी वो वहीं दूसरी ओर था शिव एक ऐसा लड़का था जो मनाली
- 3:43में रहता था। भाई मनाली इस सच ए ब्यूटीफुल
- 3:46प्लेस तो में से कितने लोग है? वैसे मनाली से?
- 3:48तो तू मनाली में रहता था, वह की सर्दी, वह का प्यारा सा मौसम इट्स
- 3:54ब्यूटीफुल है ना मुझे बहुत पसंद है वही बर्फ़ वाली जगह है।
- 3:58हालांकि मेरे घरवाले कहते है की जितनी थोड़ी टॉलरेंस है ना उस
- 4:01हिसाब से तुझे मर जाना है की वह अगर बर्फ़ भी पड़ गयी तो बट।
- 4:06आई रियली वांट यार भाई सबको बताइए ये चीज़ की इट इस वॅन ऑफ़ मैं
- 4:10बिग्गेस्ट ड्रीम टु अक्चवली फील जब स्नोफॉल होता है तो वो बर्फ़
- 4:14तुम्हारे हाथ पे जब गिरती है तो कितना खूबसूरत लगता है।
- 4:17आई नो कई दिन के लिए ये डेली वाली चीज़ है, ऑल चीज़ होने लगेगा हाँ
- 4:21नॉट ए बिग डील भाई मेरे लिए तो बहुत बिग डील है।
- 4:24कि हाँ, मुझे 1 दिन देखना है वो बर्फ़ अपने हाथों में रखकर की वो
- 4:27ऐसे पड़ती है बर्फ़ आसमान से है तो है चलो जो भी है देन शी वास्
- 4:32लाइक दट। अपना पेरेंट्स का ख्याल रखता था,
- 4:34अपनी जॉब पे जाता था पर अपने सपने मार दिए थे।
- 4:38उसने अपने घर के कामों की वजह से अपने घर की जिम्मेदारी की वजह से
- 4:43अब अपने किसी फॅशन को फॉलो करने के लिए शिव ने मनाली से शिमला
- 4:47जाने का डिसाइड किया। उसके पेरेंट्स ने मना किया की
- 4:50हमारे साथ ही रहे यहाँ कर ले जो करना है, बट ही सैड नहीं, मुझे
- 4:54थोड़ा सुकून चाहिए। उसे कहानियों लिखना बहुत पसंद था।
- 4:58तो जैसे मुझे कहानियों सुनाना बहुत पसंद है।
- 5:00उसे रोमेंटिक स्टोरीज़ लिखना बहुत पसंद था।
- 5:03लेकिन अपनी काम, जॉब इस सब के बारे में उसे मोटिवेशन नहीं मिल
- 5:06पाती थी। पूरे दिन तो वही काम धंधा तो कहाँ
- 5:09से बंदा पढ़े लिखे तो उसने कहा कि अभी मैंने अमाउंट ऑफ़ पैसे उसने
- 5:13कमा दिए थे, थोड़े बहुत टाइम के लिए वो चल जाते।
- 5:16वो सब पैसे वगैरह देके और बस कुछ गुज़ारा करने के लिए अपने साथ
- 5:20लेके और शिमला में उनका एक गिर था।
- 5:23वहाँ चला गया। वहाँ जाने के बाद वो लिखने लगा।
- 5:27अब कभी जभी वो जो होता है ना हमें कोई चीज़ की छूट मिल जाती है तो
- 5:31पहले तो हम बहुत खुश होते है की अरे नहीं हो जाएगा, लेकिन फिर
- 5:35धीरे धीरे हमें लगता है की यार अब क्या अटक जाते है कभी कभी हम एक
- 5:38जगह पे तो कुछ। ऐसा ही शिव के साथ हुआ।
- 5:42उसकी मोटिवेशन ही खत्म हो गयी। अब वो सोच रहा था यार अब आगे क्या
- 5:46लिखूं? ऐसे कभी कभी मेरे साथ भी हो जाता
- 5:48है। मैं रिकॉर्ड कर रही हूँ।
- 5:48स्क्रिप्ट मेरे पास रहती नहीं है, तो मैं एक दम से की अब क्या वो
- 5:52लोग तब मैं फिर बकवास करने लग जाती हूँ?
- 5:55जब तक मुझे आता नहीं है, मैं करती रहती हूँ दिमाग में अच्छा।
- 5:59तो एग्ज़ैक्ट्ली हप्पेन्स विथ मी एस वेल तो वही सेंस शिव के साथ भी
- 6:03हो रहा था। उसे चाहिए थी मोटिवेशन वहाँ।
- 6:06दूसरी ओर त्रिशा के घर वालों ने उसकी शादी फिक्स कर दी थी।
- 6:11त्रिशा वास् हैप्पी उसका फिऑन्से अच्छा था।
- 6:14जब वो पहली मीटिंग पर उससे मिली थी तो वो बहुत खुश हुई थी।
- 6:18ही एकदम अच्छा इंसान है वो सॉर्टेड सा है फैम्ली भी अच्छी है
- 6:22केरिंग अगर रहे थे वो लोग तो वो खुश थी उसके साथ लेकिन सिर्फ एक
- 6:27प्रॉब्लम थी हमेशा जब भी वो अपनी फिऑन्से से मिलती तो वो उसे बस एक
- 6:32ही दिया करता तुम बहुत सुंदर हो यार तुम बहुत सुंदर हो।
- 6:36एंड तृषा ऑलवेज यूज़्ड टु थिंक कि भाई ठीक है, मैं सुंदर हूँ पर मैं
- 6:41काइंड भी मैं केरिंग भी हूँ, मैं समझदार भी हूँ तो कभी इन चीजों के
- 6:46बारे में भी कह सकता है वो क्या? वो सिर्फ मेरी खूबसूरती के पीछे
- 6:50है लेकिन अब? उनकी इंगेजमेंट हो गयी थी।
- 6:54धीरे धीरे उसने सोचा की ठीक है हो जायेगा।
- 6:56सबसे फिर उसने अपना पेरेंट्स को कहा की देखिये आज तक तो आपने जो
- 7:00कहा मैंने किया ही है। अब इस शादी से पहले मुझे बस एक
- 7:04बार सोलो ट्रिप पे जाना है। मेरा हमेशा का सपना था।
- 7:07आप लोग हमेशा कहते थे जब तेरी शादी तय हो जाये, उसके बाद तू चले
- 7:11जाना। तो अब तो वो भी हो गया है तो अब
- 7:13प्लीज़ मुझे जाने दीजिए, अब उसके घर वाले भी गए हुए थे तो उन्होंने
- 7:16कहा ठीक है भाई चले जा तो वो भी पहुंची।
- 7:20शिमला शिमला जाने के बाद वो वहाँ घूम रही थी।
- 7:24ये सब कुछ सही चल रहा था उसके घरवालों का उसे फ़ोन आया की तेरी
- 7:28जो शादी है वो छह महीने के लिए हो गयी है।
- 7:31शी वास् लाइक है क्यों क्या हुआ? उन्होंने बताया कि जो उसका
- 7:36फियांके था उसको कुछ काम था। जीस वजह से अभी के लिए उसे विदेश
- 7:41जाना पड़ रहा है। वो इसीलिए बस कुछ टाइम के लिए
- 7:43शादी पोस्टपोन हो गई है। मैंने कहा ठीक है, मुझे कोई
- 7:45प्रॉब्लम नहीं है। उसके बाद वो शिमला में घूम रही
- 7:49थी। सब कुछ सही चल रहा था।
- 7:52उसके बाद वो नौ टाइम वहाँ से फिर दो तीन महीने हुए।
- 7:55वो अपने फिआंकी से बात करती थी लेकिन आपको कुछ उखड़ा उखड़ा सा
- 7:59बात करने लगा था उससे उसने सोचा पता नहीं माइट बी दी डिस्टेंस
- 8:03लेकिन ऐसा तो नहीं होना चाहिए। ज़िन्दगी काफी बड़ी है अगर आगे भी
- 8:08इसने ऐसा किया। तो अभी तब भी हमारी शादी नहीं हुई
- 8:12है फिर मैं क्या करूँगी? ये सब सोच कर उसने अपने माँ बाबा
- 8:15को ये बात बताई की वो थोड़ा अजीब सा बिहेव् करता है तो उन्होंने
- 8:18कहा की काफी टाइम से तुझसे मिला नहीं है।
- 8:21ये सब होगा फॅक्टर दिमाग में तो उन्होंने उससे कहा एक काम कर तू
- 8:25ना उसे सरप्राइज़ दे और उसके उससे मिलने चली जा।
- 8:30कोई भी डील नहीं आया तो उसने कहा ये कुछ अजीब नहीं हो जाएगा उसे
- 8:34बताये तो उन्होंने कहा हाँ, हाँ तो शादी होने वाली है तुम लोगों
- 8:37की तो वो और उसकी एक फ्रेन्ड और उसका भाई इन तीनों को उन्होंने
- 8:42उनके टिकट वगैरह हुए। उसके बाद वो चले गए।
- 8:44वहाँ उससे मिलने के लिए नाशु इस नॉट एक्साइटेड येस ऐक्टर भी उसे
- 8:49अजीब लग रहा था की यार इस बंदियों से मेरी शादी होने वाली है।
- 8:52मैं एक्साइटेड क्यों नहीं हूँ? क्यों मुझे फीलिंग ही नहीं है?
- 8:56कुछ भी बट उसने सोचा की ठीक है हो जाएगा सब कुछ जनरलली हम हर चीज़
- 9:02में ऐसे ही सोचने लग जाते। ठीक है यार जो हो रहा है ठीक है,
- 9:05होने दो। कभी कभी हम हमारे लिए स्टैंड लेते
- 9:08है, कभी कभी नहीं लेते है, हिम्मत नहीं हो पाती, है ना कुछ ऐसा ही
- 9:12उसके साथ भी था लेकिन जब वो वहाँ पहुंचे उसके अपार्टमेंट में वो
- 9:18उन्होंने बेल्ल बजाई एंड दे वेर रियली हैप्पी की चल रही ऐट लिस्ट
- 9:21ये देख के हमें खुश हो जाएगा, लेकिन वहाँ उन्होंने उसे किसी और
- 9:26लड़की के साथ देखा। वो, उसकी दोस्त और उसका भाई तीनों
- 9:30तो एकदम स्तब्ध हो गए की व्हाट इस थिस लड़की थी लेकिन ये सब देखने
- 9:38के बाद अब शायद कुछ एक्सप्लनेशन तो नहीं बचा था?
- 9:42उसने अपने पेरेंट्स को फ़ोन किया। की माँ बाबा ये सब हुआ और मैं
- 9:48उसके मुँह पर वो इंगेजमेंट फेक कर आ गई।
- 9:51उसके माँ ने भी कहा कि कोई बात नहीं है, सब ठीक है, आजा तू घर पे
- 9:56फिर बात करते हैं। उन्होंने बात करी उससे जब वो
- 9:58लौटकर आई और वो फिर भी उसे मना रहे थे।
- 10:03ये कोई बात नहीं हो जाता है। मर्द है, बिगड़ जाता है।
- 10:07यू नो पुरानी वाली थिंकिंग हाँ बहुत होता था पुरानी थिंकिंग आई
- 10:11हॅव सीन केसेस जहा माँ अपने बेटों को।
- 10:17एंकरेज करती थी, वो कुछ गलत भी करते थे ना तो उन्हें टोकने के
- 10:20अलावा दे यूज़्ड टु से की कोई बात नहीं मर्द हमारा बेटा तो क्या वो
- 10:24जगह जगह मुँह मारेगा? ये तो बिलकुल सही बात नहीं है,
- 10:27लेकिन थी वो नैरो थिंकिंग और कई जगह आज भी है।
- 10:32और सबसे बुरा त्रिशा को ये लगा की उसकी माँ बाबा की भी यही थिंकिंग
- 10:37थी। उन्होंने उसे अरे बेटा अच्छे घर
- 10:39का लड़का है, बड़े घर से रिश्ता आ रहा है तो कोई बात नहीं है अभी वो
- 10:44बाहर जाके थोड़ा सा ऐसा हो गया होगा जब तू यहाँ रहेंगी, तू संभाल
- 10:48लेना उसे उसके जैसे दुनिया ही उजड़ गई थी यार।
- 10:52उसके पेरेंट्स एक ऐसे रिश्ते में बांधना चाह रहे थे।
- 10:55जीस रिश्ते का शायद अब ही नहीं रहा था हौ इस इट ए पॉसिबल भाई
- 11:01अपनी बेटी के साथ ऐसा बंद करता है और फिर जो वैसे सीटुएशन्स में
- 11:05लड़कियां कुछ कर लेती है तो कहते है काश एक बार हमें बताया होता।
- 11:09अरे बताता है हर कोई बताता है इतना बड़ा कदम उठाने से पहले,
- 11:13लेकिन शायद हम उसे सुनना ही नहीं चाहते।
- 11:16उस वक्त जब इंसान चला जाता है ना तब उसकी कदर होती है तब लगता है
- 11:22की हमने खो दिया एक इंसान को जो शायद बहुत जरूरी था, लेकिन।
- 11:27एक बार जो चला जाता है वो लौट कर कभी नहीं आता है।
- 11:31ऐसा ही कुछ के साथ हुआ। उसने अपना घर छोड़ दिया।
- 11:35उसने पहले तो अपने पेरेंट्स को समझाया लेकिन शायद वो समझने वाली
- 11:40स्थिति में रहे थे। अब वो अपनी बेटी का।
- 11:42एक ब्राइट फ्यूचर सोच रहे थे। ये नहीं की वो प्राइड फ्यूचर में
- 11:46शायद उनकी बेटी हो भी रहा और काहे का ब्राइट फ्यूचर भाई, किसी के घर
- 11:50वालों पर पैसे है? बस वही ना नहीं यार बिलकुल भी रही
- 11:56इसीलिए 1 दिन ने वो घर छोड़ दिया घर छोड़ने के बाद।
- 12:00उसे शायद वो शादी टूटने से ज्यादा इस बात का दुख था कि उसके
- 12:03पेरेंट्स ने उसे एंड में किया था उस शादी को करने के लिए।
- 12:08शी वास् ऑल चैटर्ड ये आखिर ऐसा भी करते है क्या?
- 12:12वाह वाह वाह मुझे मुझसे ज्यादा भी मेरी ही फ्यूचर की पड़ी है, पर
- 12:17चाहे शायद उस फ्यूचर में मैं हूँ भी नहीं क्नॉइस।
- 12:20क्यों ऐसा क्यों किया? उन्होंने ये सब सोच तो वो रोड पर
- 12:25से जा रही थी कि उसका अक्सीडेंट हो गया।
- 12:28अक्सीडेंट होने के बाद किसी कोई स्ट्रेंजर ने उसे हॉस्पिटल में
- 12:31अडमिट करवाया। अब वो थोड़ी स्टेबल तो थी लेकिन
- 12:35उसके बाद उसने शिमला में ही। कुछ काम ढूंढा ठीक हो गई थी वो
- 12:40उसने पूछा भी हॉस्पिटल में की, आखिर मुझे यहाँ लेकर कौन आया?
- 12:43सब ने बोला की पता नहीं कोई स्ट्रेंजर था, अब यहाँ छोड़ गया
- 12:47पैसे वैसे जमा कर दिए थे और फिर वो चला गया।
- 12:50शी वास् लाइक पता नहीं ऐसा भी कोई इंसान होता है, लेकिन उसके पास उस
- 12:55स्ट्रेंजर का एक। लॉकेट का हिस्सा रह गया था।
- 12:59शायद उसकी चैन में फंस गया था वो लॉकेट और उसे लगा किया ये शायद
- 13:04उसे इंसान का हो गया। जिसने मुझे यहाँ तक उठा के वो मगर
- 13:07मुझे लाया भी होगा तो शायद उसका ये लॉकेट मेरी लॉकेट से उलझ के रह
- 13:12गया। उसने वो लॉकेट अपने पास रख लिया
- 13:14की कोई कितना अच्छा इंसान था। उस पे बिना कोई एहसान जताए बिना
- 13:19कोई अपने आप को फोर्स किए सिर्फ मुझे यहाँ छोड़ कर चला गया, उसे
- 13:24लगा की यार ऐसे भी लोग होते है जो इतना सोचता है दूसरों के बारे में
- 13:28भी अनजान लोगों के बारे में भी उसे बहुत अच्छा लगा।
- 13:31फिर उसके बाद वो काम करने लगी। धीरे धीरे लेकिन अब कुछ अजीब होने
- 13:36लगा था। उसके साथ धीरे धीरे उसकी जैसे
- 13:40यादें बैठने लगी थी। वो धीमे धीमे चीजें भूल जाती।
- 13:44उसके जो ऑफिस वर्कर्स थे वो उसे कुछ बताते और उसके बाद जब वो कभी
- 13:48आ रही हो उस बात को पूछते तो वो कहती ये कब हुआ था?
- 13:52और वो एकदम से चौंक जाती की यार इतनी भीकर में शुरू के कुछ टाइम
- 13:57तो वो हँसते रहे। उसके घर वाले उसे ढूंढ रहे थे
- 14:00लेकिन वो उन्हें अभी नहीं मिली थी।
- 14:02वही ये अपने काम में बीज़ी तो थी लेकिन ये बात भी उसके दिमाग में
- 14:06चलती रहती थी की आखिर में इतना क्यों बोलती हूँ?
- 14:09एक उसके एक दोस्त ने उसे कहा की। तू एक काम कर जाके एक डॉक्टर से
- 14:13बात कर ले देख ले शायद वो तुझे कुछ दवाई वगैरह दे दे, थोड़ी सी
- 14:17कोई एक्सर्साइज़ बता दे तो हो जाए?
- 14:20उसने कहा ठीक है। वो एक डॉक्टर के पास गई और उसे
- 14:24वहाँ पता चला की धीरे धीरे उस अक्सीडेंट के बाद से कुछ तो उसके
- 14:29दिमाग में प्रॉब्लम हो गई थी। जीस वजह से शायद धीरे धीरे उसकी
- 14:34यादें मिट रही थी। अब ऐसा क्यों हो रहा था?
- 14:37क्या हो रहा था उसे नहीं पता था। ये बात सोचकर ही अब वो डरने लगी
- 14:42थी की वो धीरे धीरे सब खुल जाएगी और आखिर बोल जाएगी तो उसे कोई भी
- 14:49याद नहीं रख पाएगा। क्या होगा उसका भाई गजनी बन गया
- 14:53तो लड़की रह नहीं सकती दट्स नॉट प्रैक्टिकल इम्पॉसिबल तो अब वो
- 14:57पहले तो बहुत रोई, बहुत ज्यादा रोई जब वो सेम रिपोर्ट्स में वो
- 15:01वहीं बैठ गए रोड के किनारे पर वो बस रोती रही, रोती रही की यार अब
- 15:06क्या हुआ मेरा कैसे हो जायेगा कुछ?
- 15:09फिर 1 दिन अब क्या कर सकते है भाई?
- 15:12वो धीरे धीरे कोशिश करने लगी, कुछ कुछ तो मेरे ही कल हो जाए।
- 15:161 दिन मंदिर जाकर भगवान से लड़ने लगेंगे यार भगवान मैंने ऐसा क्या
- 15:19किया था, पहले घरवालों ने ऐसा किया अब ये मेमोरी का क्या
- 15:23करूँगी? मैं जब मुझे कुछ याद ही नहीं
- 15:26रहेगा तो होगा क्या मेरे साथ? वही पास में एक बुक स्टोर था।
- 15:30उसे कहानियों बढ़ना बहुत पसंद था। उसके डॉक्टर ने भी उसे रेकमेंड
- 15:34किया की तुम थोड़ी बुक्स वगैरह पढ़ो, थोड़ा सा मैएंड को रिलैक्स
- 15:37रखो। उसने एक बुक देखी कोई ज्यादा शायद
- 15:41उसने अभी तक उसका नाम नहीं सुना था लेकिन वो जो बेचना वाला था वो
- 15:44यही कह रहा था। अरे एक दम से उभर के आया है ये
- 15:48रैटर सुनो इसकी कहानियों बहुत अच्छी होती है।
- 15:52आज तक तो मतलब जा रही है इसकी कहानियों।
- 15:55ये किताब है तो एक ही बच्चे है दीदी आपको लेनी है तो ले लो।
- 15:59उसने वो कहानी की किताब उठाई और देखा उसपे राइटर की एक फोटो थी
- 16:03बीचे, शिव और देखने में कुछ। सिमिलर सा लगा वो इंसान से लेकिन
- 16:09उसने सोचा पता नहीं यार वो होती है लोगों की।
- 16:15उसने वो कहानी की किताब उठाई और उसके बाद वो अपने घर चली गई।
- 16:19उस किताब को शाम तक उसने काम वाम किया, फिर उस किताब को लेकर बैठ
- 16:24गई कि चलो तो है। थोड़ा बहुत पढ़ने के बाद उसमें
- 16:27उसे कुछ अजीब चीज़ मिली। वो चीज़ कुछ ऐसी लिख रही थी, किसी
- 16:32लड़की का डिस्क्रिप्षन था उसके में एक लड़की उस दिन उसे देखा था
- 16:37मैंने इन स्वेटर में छोटी छोटी आँखें थी उसकी और वो नाक सर्दी की
- 16:43वजह से लाल हो गई थी। ब्लू कलर का कैप था और गले में एक
- 16:48अलग तरह का लॉकेट था। पता नहीं क्या था वो लॉकेट समझ
- 16:52नहीं आया मुझे और उसने वो लॉकेट की एक तस्वीर बना रखी थी।
- 16:55उस किताब में वो लॉकेट देखने के बाद त्रिशामानु बहुत कॅफ्यूज हो
- 17:01गयी थी। वो लॉकेट उसका ही था।
- 17:04और ये कोई आम लॉकेट नहीं था। उसके फैम्ली वाले जीतने भी लोग
- 17:09थे। जब वो पैदा हुई थी तो वो काफी
- 17:12सारे लड़के थे। उसकी फैम्ली में बट लड़की वही थी
- 17:15तो उसके घरवालों ने उसके लिए एक बहुत स्पेशल लॉकेट बनवाया था।
- 17:19हाँ ऐसा हो सकता है की और भी लोग उस लॉकेट को बनवा ले लेकिन उस
- 17:22रीजीयन में मतलब बहुत डिफिकल्ट था।
- 17:24बहुत मुश्किल चीज़ थी ये। उसने वो लॉकेट देखा है और वो एक
- 17:28दम कॅफ्यूज थी की भाई ये लड़की मैं तो नहीं उसने उस लड़के के
- 17:33बारे में बहुत कुछ लिखा था और ये भी की वो उस लड़की से मिलना चाहता
- 17:38था लेकिन हर बार कुछ ना कुछ हो जाता।
- 17:41उसके बाद एक दो घंटो से वो लड़की दिखी।
- 17:43लेकिन फिर वो लड़की गायब हो गयी से कभी थी ही नहीं और ये शायद वही
- 17:49वक्त था जब वो अपनी शादी से पहले घूमने के लिए आए थे।
- 17:54सोलो ट्रिप पे किसी ने उसके ऊपर एक किताब लिखी थी और किताब का
- 17:59टाइटल भी मिस्टीरियस था। अब उसे जानना था की ये बंदा था
- 18:04कौन? इसने उसे देखा, उसके ऊपर एक किताब
- 18:07लिख डाली और अंत में उसने लिखा भी, तुम जो भी हो, मुझे नहीं पता
- 18:12कभी तुम तक ये किताब पहुंचेगी नहीं पहुंचेगी या शायद वक्त लग
- 18:16जाएगा तुम तक इस किताब को पहुंचने में और मैं चाहता हूँ तुम तक ये
- 18:20किताब पहुँच से। मैं चाहता हो तुमसे शायद तुम्हें
- 18:26बिना जाने ही बहुत जान गया हूँ, मैं ऐसा लगता है कभी कभी लगता है
- 18:31की तुम मेरे साथ ही हो पर नहीं हो।
- 18:34कभी लगता था जब मैंने तुम्हें उस दिन देखा बर्फ़ के साथ खेलते हुए
- 18:37ऐसे लगा की कोई छोटी बच्ची। तुम कितनी खुश थी तुम्हें देखकर
- 18:43मुझे मेरी वो मोटिवेशन मिली जो मोटिवेशन खो गयी थी मैं भी अपनी
- 18:47जिंदगी से थका हारा यहाँ तक आया था अकेले और तुम भी अकेली ही थी
- 18:53पता नहीं शायद तुम्हारी कोई मजबूरी थी या सिर्फ घूमने आए थे
- 18:58और मुझे मेरी मोटिवेशन देके चले गई तुम?
- 19:00काश तुम तक ये किताब पहुँच जाए और काश फिर तुम उस तक पहुँच जाओ मैं
- 19:07और मेरे ख्याल ये सब करने के बाद नाउ तृषा ऑल्सो वांट टु मीट थिस
- 19:12पर्सन? क्योंकि वो चाहती थी कि कोई तो
- 19:15उसे जाने और शायद वो खुद को भूल जाती।
- 19:19लेकिन इस किताब के माध्यम से सब उसे याद रख सकते थे क्योंकि वही
- 19:24थी वो निशा वो फिर जैसे तैसे करके उसे पता चला कि शिव भी शिमला में
- 19:32ही था तो वो पहुँच गई शिव से मिलने के लिए।
- 19:35पहले तो जो शिव था वो काफी बड़े घर में रहता था।
- 19:39उसे लगा की ये तो तमिल आदमी है, मुझसे क्यों मिलेंगे?
- 19:42बट जैसे ही सब ने देखा को अपने घर के गेट के बाहर वो तो पागल हो
- 19:47गया, पागल की तरह बाहर भागता हुआ है।
- 19:51तुम वही लड़की हो जिसकी फिर मैंने वो किताब लिखी थी।
- 19:55ओह मैं गॉड, तुम तुम के वो किताब पढ़ी।
- 19:58उसने कहा हाँ हम वो किताब पढ़ी तभी बट यार तुमने मेरा
- 20:03डिस्क्रिप्शन कुछ ज्यादा नहीं। ये अच्छा नहीं लिख दिया।
- 20:05इतनी भी अच्छी नहीं लग रही थी यार।
- 20:07उसने कहा काश तुम मेरी आँखों से खुद को देख पाती।
- 20:11कितनी सुंदर लग रही थी और सुंदर से ज्यादा ना जब तुम ने उस बच्चे
- 20:15की केयर की, वो गिर गया, उसके बाद तुमने?
- 20:17उसको दिलाई। फिर काफी देर तक उसको बैठकर बात
- 20:21करती रही। तुम एक खूबसूरत इंसान हो, शायद
- 20:25सिर्फ शक्ल से रही। दिल से भी वही बात थी जो मुझे
- 20:28सबसे ज्यादा अट्रैक्ट करि इसीलिए मैंने लिखा तुम्हारे ऊपर एंड आई
- 20:34ऍम वेरी हैप्पी टु मीट, यू दिशा वास् लाइक।
- 20:38हाँ, लोगों ने बस शायद शक्ल के ही कॉम्प्लीमेंट्स किये थे और तुमने
- 20:42दिल का कॉम्प्लीमेंट दिया है। यार मुझे जानते भी नहीं हो।
- 20:46तब ये बात हुई और जो जानता था वो सिर्फ शक्ल के कॉम्प्लीमेंट्स दे
- 20:50रहा था। उसने कहा कौन?
- 20:53उसने कहा पता नहीं, नाम नहीं याद मुझे संसान का।
- 20:57उसको धुंधली से मेमोरी है की कोई इंसान था जोहरबुक्स बस यही कहता
- 21:01था तुम बहुत सुंदर हो, तुम बहुत सुंदर हो पता नहीं कौन था उसने
- 21:06कहा जाने दो। उसके बाद उसने वो उसको घर में
- 21:10अंदर लेकर गया। उसने अपनी और किताबें उसे दिखाई,
- 21:14उसने कहा उससे कि पता है मेरी मोटिवेशन तुम बन गई थी।
- 21:17मैं चाहता तुमसे बात करना लेकिन उसके बाद तुम वहाँ से गए, वो भी
- 21:20उसने बताया कि मैं वहाँ बस घूमने के लिए कुछ वक्त के लिए आई थी,
- 21:24लेकिन फिर मेरी ट्रिप एंड हो गई और मैं वहाँ से आ गई थी।
- 21:29उसके बाद उसने बताया कि तुम अकेली रहती हो।
- 21:31यहाँ पर उसने कहा बहुत सारी चीजें मेरी लाइफ में।
- 21:36ऐसे वो काफी देर तक बातें करते रहे और त्रिशा इतने वक्त बाद किसी
- 21:40से खुलकर बात कर पाई थी। किसी को खुलकर बता पाई थी कि आखिर
- 21:46सब कुछ कैसा चल रहा था। उसके साथ इतनी सारी चीज़ें थी जो
- 21:50उसे बुरी लग रही थी। इतनी सारी चीज़ें थी जो।
- 21:53वो सही करना चाहती थी पर सही नहीं हो पा रही थी पर ठीक है।
- 21:58धीरे धीरे शिव उससे मिलने जाने लगा।
- 22:01धीरे धीरे से जानने की कोशिश करने लगा और तब 1 दिन त्रिशा ने उसे
- 22:06बताया उसकी उस बिमारी के बारे में एंड ही सैड मॉडर्न साइंस में इसका
- 22:12कोई इलाज नहीं है। उसने कहा नहीं हाँ मुझे एक साथ
- 22:18वाली किसी कोलीग ने बोला उनसे की कोई बहुत बड़े आयुर्वेदिक यू नो
- 22:23यहाँ पे है कोई जो आयुर्वेद की बहुत नॉलेज होता है शायद उनके पास
- 22:28इसमें हमारी तलाश, उनके पास हर बिमारी का इलाज ऐसा उसने कहा।
- 22:32लेकिन उन तक जाना मेरे लिए पॉसिबल नहीं है।
- 22:35वो तो बहुत बड़े आयुर्वेद के एक्स्पर्ट हैं और उनसे मिलने के
- 22:39लिए न हजारों लोग आते हैं। पर अब वो गोरे हो गए हैं तो उनके
- 22:42घरवालों ने जहाँ तक मैंने सुना है मना कर दिया उन्हें वो कम ही
- 22:46लोगों से मिलते हैं तो वो उससे तो क्यों ही मिलेंगे?
- 22:49तो हाँ, इस बिमारी का कोई लाज नहीं है।
- 22:52धीरे धीरे मैं भूल जाउंगी कभी कभी कहते है ना कुछ चीज़े बोलना हमारे
- 22:57लिए बहुत आसान होता है और अच्छा भी होता है।
- 22:59कुछ लोग कहते है जो जल्दी भूल जाते है उनके लिए जिंदगी आसान
- 23:02होती है क्योंकि वो दिल में नहीं रख पाते है।
- 23:05चीज़े लेकिन कुछ यादें दिल में रखी होती है।
- 23:09कुछ यादें हमारे जीने का वजूद बन जाती है।
- 23:11और अगर को भूल जाए तो शायद वो जीना ही भूल जाता है।
- 23:17हर चीज़ के ब्रूस एंड कॉन्स होते है ना?
- 23:20शिव ने कहा सही कहा तुमने तुम्हें, कल मेरे साथ कहीं चलना
- 23:26है। वो दोस्त हो गए थे, अच्छे खासे
- 23:27उनके पढ़ने लग गई थी। उसने कहा उसे।
- 23:31ने पूछा कहाँ उसने कहा चलना है कहीं पे पर?
- 23:35उससे पहले ही जब वो अपने घर पहुंची तो उसने देखा कि वहाँ दो
- 23:40लोग खड़े थे। उसके माँ बाबा हम उन्हें पहचान
- 23:44जरूर गई थी, लेकिन ढंग से बातें की और फिर उन्होंने बताया कि।
- 23:50मुझे एक बिमारी है, उसका कोई इलाज नहीं है।
- 23:53सब चीज़ों से बताने के बाद उसके माँ बाप ने कहा चल हमारे साथ
- 23:56वापस, हम तुझे फुर्स नहीं करेंगे तो उसने कहा आप जा कर भी नहीं कर
- 24:00सकते, हो गयी होगी उसकी शादी कहीं और आपकी जो थिंकिंग थी ना, वो
- 24:06काफी थी मेरे लिए इतना जानने के लिए की आपके लिए मैं नहीं
- 24:09इम्पोर्टेन्ट। वो फ्यूचर इम्पोर्टेन्ट था मेरा
- 24:11जो शायद कभी था ही नहीं होता ही नहीं पता नहीं पेरेंट्स ये बात
- 24:16समझने में इतनी देर क्यों लगा देते है?
- 24:19कहते यही है की हम तुम्हारे भले के लिए सोच रहे है लेकिन भलाई जो
- 24:22होती है ना वो प्रेसेंट में होती है एंड ऑदर थान फ्यूचर में।
- 24:26ओह, भलाई नहीं होती जो आप लोग सोचते हो आप बस यही सोचते हो की
- 24:29ठीक है, इन लोगों में वाहवाही होगी।
- 24:31कह रहे है हमारी बेटी अच्छी घर में आई है, बेटी खुश है की ना की
- 24:35उससे किसी को फरक ही नहीं पड़ता जैसे उसने अपने पेरेंट्स को वहाँ
- 24:38से भेज दिया। उनकी भी गलती थी, वो जानते थे और
- 24:42चले गए वहाँ से, लेकिन अब वो जानते थे उसका पता आ सकते थे वहाँ
- 24:46पे। अगले दिन शिव उसे लेकर गया।
- 24:49एक जगह एक काफी सुंदर घर था। उसने कहा शिव ये तो बहुत लड़ा, घर
- 24:55है, किसका घर है? उसने कहा मेरे दादाजी का घर है।
- 24:58चलो बोन से मिलाने लेकर गया उसे और उसने बताया कि ये वही वैद्य
- 25:05है। जिनके बाद तुम्हारे कॉलीग्स नहीं
- 25:07थे। तुम्हारी इस बिमारी के बारे में
- 25:10मुझे पता चला तो मैंने उनसे बात की थी।
- 25:13उन्होंने कहा था की आयुर्वेद में हर चीज़ का इलाज बस इलाज पता होना
- 25:18चाहिए। सही इंसान को और उनके काफी लेनिएट
- 25:22में चली आ रही थी आयुर्वेद की परंपरा।
- 25:25उन्होंने ढूंढा इस सब का इलाज और उनके पास है इस हमारी कायल, सो
- 25:29डोन्ट वोर्री तुम्हारी मेमोरी कहीं नहीं जाएगी।
- 25:32नहीं भूलोगे तुम किसी को भी उसके दादाजी से वो मिले?
- 25:35उन्होंने कहा कि बेटा कुछ वक्त जरूर लगेगा लेकिन हो जाओगे तुम
- 25:39ठीक करीबन दो महीने उसका ट्रीटमेंट चला।
- 25:42दो महीने तक शिव उसे वहाँ लेकर जाता, वहाँ से लेकर आता 1 दिन
- 25:47उसके दादाजी ने उससे पूछा, है ना उसको?
- 25:50उसने कहा दादाजी आपसे तो क्या ही वही तो मोटिवेशन है मेरी लिखने की
- 25:56मोटिवेशन ही उससे मिलती है। जब उससे देखता हूँ ना तो लगता है
- 26:00हाँ यार ये है एक इंसान। बहुत प्यारी है वो दादाजी उसके
- 26:05दादाजी कहते हैं, जानता हूँ बेटा यार की नजर है, अच्छी लड़की है
- 26:10धीरे धीरे उसकी याददाश्त बिलकुल ठीक हो गयी और अब वो हर चीज़ याद
- 26:16रख पाती थी। फिर कलीग्स भी कहते थे की भाई
- 26:19तुझे क्या हो गया? एक दम?
- 26:21लेकिन उसने ये बात किसी को नहीं बताई थी की शिव के दादाजी ही वो
- 26:24बड़े वाले वैद्य थे। धीरे धीरे वो और करीब रहे और फिर
- 26:29उन्हें समझ आया की जो उसका फिऑन्सर था ना वो एक ऐसा इंसान था
- 26:33जो सिर्फ उसकी खूब सुर पीछे था, लेकिन शिव वास् दी पर्सन जिसने।
- 26:40जिसके लिए वही सिर्फ एक मोटिवेशन थी।
- 26:43ना सिर्फ एक खूबसूरती से वो एक खूबसूरत इंसान थी।
- 26:46शिब ने अपनी किताब में भी उसकी केरिंग नेचर जो दो तीन चीज़े हैं
- 26:51वो उस वक़्त देख पाया था। उसने वो सब चीज़े बयां कर रही थी।
- 26:54उस बच्चे के साथ वो कितने अच्छे से थी उसने 2 दिन उसकी हेल्प की
- 26:58थी वहाँ पे। दी काइंड ऑफ पर्सन शी वास्।
- 27:01वो शायद पहला इंसान था जो उसके दिल में जान पाया था।
- 27:05उसके आँखों में जान पाया था। उसने उसकी हेल्प की थी उसे ठीक
- 27:10करने में एंड दट इस व्हाट लव इज़ इट्स नॉट जस्ट अबाउट दी लुक्स है
- 27:15ना ये कहानी यही खत्म करके होगा। छोटी भाई आई डोन्ट नो मेरे गले की
- 27:21बैंड बजे पड़ी है और दिमाग की मैं सो के उठी थी, पता है थोड़ी देर
- 27:25पहले चलो तो फिर मिलती हूँ तुम सगी कहानी में टेक ए रन बाई बाई।
- 27:32ओके, अच्छा पता है मैं एक सेगमेंट शुरू में रिवार्ड कर लिया था और
- 27:35उस सेगमेंट में अब यहाँ डालूंगी तो ताकि तुम समझ जाओगे की ठीक है
- 27:38स्टोरी कहाँ से उठाएंगे? ओके ऑल्सो वॅन मोर थिंग मैं
- 27:43तुम्हे बता रही थी न उस इंसिडेंट के बारे में तो सही यारा वाला
- 27:47इंसिडेंट अभी शायद वो आएगा छोड़ो मैं तुम्हे यही बता देती हूँ तो
- 27:51तू। अब सियारा आ गई ओह टीटी पे एंड जब
- 27:56से वो आई थी ए लॉट ऑफ़ यू डी एंड सैड कि दीदी ऐसी कोई कहानी बनाओ
- 28:01यार प्लीज़ और प्लीज़ मतलब हमें कुछ ऐसा चाहिए एंड आई वास् लाइक
- 28:05भाई पर देखने जाने वाली थी। उसके बहुत फनी स्टोरी हो गई।
- 28:09यार सही में बहुत ज्यादा फनी स्टोरी हो गई कि मैं क्यों नहीं
- 28:12जा पाई वो? मैं इस के एंड में तुम्हे बताऊँ
- 28:14मुझे याद ना तो तो हम जाने वाले थे हम तीन के 11 दोस्त जो जीस
- 28:19जिसने कलिश सुन रखी है यूट्यूब पे दे नो की व्हाट हैपन्ड और हम क्या
- 28:24क्या लोग हैं हम? तुम जाने वाली थी और फिर बताती
- 28:27उसके बारे में तो मुझे लाइक, तुम भी उसमें कौन सा बेस्ट नहीं लगा?
- 28:34वो मुझे बता मैंने तो अब जाके ओह टीटी पी मैं नहीं जा पायी थी उस
- 28:38वक्त तो उसका नाम मुझे लाइक मैं अगर सोचु और बताओ तो मैं मेरे
- 28:42लिए। पियूष कपूर वाणी को कहता है वाणी
- 28:48हेल्त में सलमी दैट वास् स्पीक यू नो मसकुलनिटी वाली चीज़ क्योंकि
- 28:53हमेशा से मर्दों को ये सिखाया जाता है कि मर्द होते नहीं है,
- 28:57अर्थ को होता है, ये है वो है। अपना दुख दर्द कम लोगों से बाटु
- 29:03लो हँसी उड़ाएंगे कि अरे भाई नहीं इफ यू अक्चवली अरे ए मैन यू नो हौ
- 29:11टु डिस्क्रैब युअर फीलिंग्स यू नो हौ टु एक्सप्रेस देम ऑर उस जगह पे
- 29:15ही रियली नीडेड हेल्प और उसने ओपेन ली कहा वाणी हेल्प्ड मी।
- 29:19आई थिंक मेरे लिए, वो मोस्ट रोमेंटिक उस पूरी मूवी का क्योंकि
- 29:24जब मैंने वो देखा ना आई वास् लाइक यार थिस इस लव वो बंदा उस पे
- 29:29भरोसा करने लग गया वो बंदा समझ गया कि ये है वो इंसान समझो
- 29:34इसीलिए तो उसके लिए कितना कुछ करेगा एंड्रॉय है ना चलो?
- 29:38तो या वैसे ही उस मुझे सयारा सयारा कर दी थी यार तुम लोगों ने
- 29:41तो मेरे को याद आया कि मैंने वो तीन 4 दिन पहले ही देखी थी तो
- 29:45मैंने ऐसे बात थी उसके बारे में अच्छा एक चीज़ और स्टोरी से पहले
- 29:50एक काम करेंगे। इस पाठ को ना मैं को काट के और
- 29:52स्टोरी के बाद में डाल दूंगी। ठीक है?