Latest / Baba ji Vijay Vats / 4/3/26 - कोई "कर्ता" नहीं है: अज्ञात का रहस्य!! New Series
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- 0:11बाबा जी पणम तिलक चंद आपने कहा बाबा जी पहले मैं बोलेंगे अजातम।
- 0:34फिर रहस्य में बोलेंगे फिर लीला पे बोलेंगे, फिर अज्ञात पे
- 0:41बोलेंगे और उसके अधिवे एक शब्द हैं अज्ञे अननोअबल।
- 0:53अभी आपका अज्ञात का सिलसिला शुरू है।
- 1:02इसका अगला ध्येय क्या होगा कृपया बताने के लिए कष्ट करें।
- 1:13समझिये थोड़े शांत हो जाइए, पहले आप समझते थे कि मैं हूँ, मैं ही
- 1:24करता हूँ। फिर मैं बोला कि आप नहीं करते हो
- 1:37परवाह क्यों करता है? अब मैं अज्ञात पर रहता हूँ अब मैं
- 1:50कहता हूँ न तुम करते हो। न परमात्मा करता है चकित मत
- 2:04होइएगा, मैं तुम्हें सत्य की ओर ले जा रहा हूँ, तुम सो माँ
- 2:11ज्योतिर्गम है न तुम करते हो? ना परमात्मा करता है फिर कौन करता
- 2:21है? बस होता है सिर्फ होता है, सिर्फ
- 2:34होता है। करने वाला कोई है, घटनाएं होती
- 2:41है, करने वाला कोई है ऑल इवेंट्स अरे सिम्पली हैपनिंग ऑल इवेंट्स
- 2:59आर सिम्पली हैपनिंग देर इस नो दो वॉर करने वाला कोई?
- 3:14मैं एक सभा में बोल रहा था जब मैंने कहा घटनाएं होती है करने
- 3:25वाला कोई नहीं। तो सारे हॉल के लोग खड़े हुए।
- 3:30तुम पागल हुए हो क्या? मैंने कहा मेरे से पहले बुद्ध
- 3:39मतलब मतलब बुद्ध कहते हैं कि यह सृष्टि अपने आप पैदा हो गई जब
- 3:49सृष्टि अपने आप पैदा हो सकती है। सृष्टि के पैदा होने का क्रम
- 3:56स्वतः घटित हो सकता है। तो घटनाएं अपने आप घटित क्यों
- 4:02नहीं हो सकती? देर इस नो डुअल सिम्पली इवेंट्स
- 4:11आर। गोइंग ऑन है फ़िल्म यह अज्ञात है
- 4:23फिर ऐसे में जिंदगी कैसे जिया जाए?
- 4:26बड़े मज़े से करने वाला कोई नहीं है।
- 4:36घटनाएं होती। मैंने कहा तुम बैठ के सोचो, आराम
- 4:41से क्या ये हवाएं तुम चलाते हो? हवाओं के चलने से पत्ते हिलते
- 4:51हैं। क्या बीजों को अंकित तुम करते हो?
- 4:59सूरज को तुमने रखा ग्रह नक्षत्र सारी प्रणाली को तुम ने सजाया।
- 5:15यह है ब्राह्मणीय संरचना तुमने बनाई नहीं, फिर किसने बनाई पता
- 5:24नहीं खुद से बन गई। मैंने कहा फिर जब सृष्टि खुद से
- 5:30बन सकती है तो घटनाएं भी खुद से कट सकती हैं।
- 5:36करने वाला कोई नहीं। उनकी तो खोपड़ी टूट गई है, जब
- 5:45करने वाला कोई नहीं घटनाएं भी स्वतः ही घटित होती है और तुम
- 5:54उन्हें रोक नहीं सकते। वो घटती ही चली जाती है।
- 6:15इसे अज्ञात कहते है। सब हो रहा है सब हो रहा है और
- 6:30इसके बावजूद करने वाला कोई नहीं। यह अज्ञात है जो जाना नहीं है।
- 6:44तुम्हारे दांत में दर्द हो गया, तुम्हारा डॉक्टर कहेगा
- 6:52इन्फ्लैमेशन हो गयी, स्वेलिंग आ गयी।
- 7:01बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो गया। तुम कहते हो किसी भी घटना के पीछे
- 7:09उसका कारण होता है। मैं कहता हूँ कारण होता है, लेकिन
- 7:20करने वाला कोई नहीं होता। समझिए बात गहरी है।
- 7:27आज शुरू से ही गहरा प्रसंग ले दिया।
- 7:32दांत दुखा ड्यू टु इन्फ्लमेशन और बैक्टीरियल इन्फेक्शन।
- 7:42आज समथिंग एल्स? लेकिन ये दांत दुखाया उसने दांत
- 7:56को दुखाने वाला था कोई तुम कहोगे नहीं?
- 8:03इस धरती को कौन घुमाता है 1000 किलोमीटर पर अवर की रफ्तार से और
- 8:09दो झुर्रियों पे अपनी धुरी पे घूम रही है।
- 8:16उसके सिवा सूरज के आस पास भी घूम रही है।
- 8:20यक्सांग। दो तरफ से घूम रही है और घूमाने
- 8:27वाला कोई नहीं हसो मत धरती दो तरह से घूम रही है, खुद की धुरे के आस
- 8:38पास भी घूम रही है जिससे दिनों और रात बनते हैं।
- 8:44और सूरज के आस पास कोई घूम रहे है इस घूमने में पूरा वर्ष लग जाता
- 8:55है और घुमाता कोई ने। बस यही तुम्हारी सोच है तुम्हारे
- 9:11वैज्ञानिक की, तुम्हारे वैज्ञानिक मन की बुद्ध की यही खोज है।
- 9:21सृष्टि खुद से उत्पन्न हो गई है। डूअर कोई नहीं घटनाएं खुद से घटती
- 9:33है और अगर तुम देखोगे बहुत गहरे में जाके।
- 9:49और सजगता पूर्वक देखोगे तो तुम पाओगे, यह बात बिल्कुल सत्य है।
- 10:00तुम तो कुछ और चाहते थे, हो गया कुछ और तुम चाहते थे परीक्षा में
- 10:08अव्वल आना हो गए थे। फिर।
- 10:15क्या ये तुम्हारे चाहने से हुआ? नहीं, यह किसी के और के चाहने से
- 10:22हुआ नहीं, यही तुम आके अटक जाती हो।
- 10:27तुम कहती हो अगर मैं नहीं करता तो मेरा नसीब करता है।
- 10:33मैं नहीं करता तो परमात्मा करता है, मैं कहता हूँ ना तुम करते हो
- 10:40ना परमात्मा करता है फिर सोते से हो जाता है।
- 10:49अरे तुम कहोगे स्वतः से तो परोठा भी नहीं पकता, ये धरती कैसे
- 10:54घूमेंगे? तो देखो भाई मानना पड़ेगा कहीं तो
- 11:05जाके अटक हो गई। बुध कहते हैं अगर मैंने कह दिया।
- 11:14के सृष्टि को बनाने वाला परमात्मा है तो झट से तुम्हारी खोपड़ी
- 11:18कहेगी फिर उस परमात्मा को किसने बनाया?
- 11:26फिर एक अंत हीन शास्त्रार्थ से चल पड़ेगा।
- 11:35फिर तुम कहोगे उस परमात्मा को किसने बनाया?
- 11:41फिर जिसने परमात्मा को बनाया उसको किसने बनाया?
- 11:48और यह तर्क रुकने वाला नहीं है, अनंतकाल तक।
- 11:55यह ऐसे ही चलता रहेगा, बात खत्म नहीं होगी।
- 12:01बात खत्म कब होगी, बात खत्म होगी देखने से।
- 12:16यह तो एक बंधन तुमने पाल लिया है विचारों के बंधन बस गुरु शिष्य को
- 12:28सीखा गया। शिष्य आदि शिष्यों को सीखा रहा
- 12:33है। पता किसी को मिला?
- 12:38तो मैं तुम्हें आज एक अन्य सिद्धांत देता हूँ।
- 12:46ऑल इवेंट्स आर सिम्पली हैपनिंग ऑल इवेंट्स आर सिम्पली हैपनिंग देर
- 12:58इस नो डुआ करने वाला यह सिद्धांत है अज्ञात का?
- 13:17तुम्हारे किसी के बिना कुछ किये सब हो रहा।
- 13:21है तुम भजन तो रोज़ गाते बस कृपा से ही काम हो रहा है करने वाले तो
- 13:33कन्हैया तुम ही हो। मेरा तो काम हो रहा है, मेरा तो
- 13:37नाम हो रहा है, तब तुम्हें समझ नहीं आता कि हम क्या कह रहे हैं?
- 13:47मैंने इस भजन को गद्दे में डाल दिया।
- 13:58घटनाएं घटित हो रही हैं। करने वाला कोई नहीं, पर अगर गौर
- 14:04से देखोगे तो ये है सत्य बताओ तुमने क्या किया?
- 14:13कोई एक भी घटना तुम बता दो, खाना तुमने पचाया खाना, तुमने उगाया
- 14:24बीज कहाँ से आया सूरज के रौशनी कहाँ से आया तुमने क्या किया?
- 14:35एक दाना बीजा हजारों दाने हो गए। इसे याद रखना ऑल इवेंट्स आर
- 14:44सिम्पली हैपनिंग देर इस नो डूअल मैं किसी बड़ी ग्रह पे जाया करता
- 14:51था। वो मेरा बड़ा सत्कार करता है।
- 14:59इतनी बार गया वहाँ, मैंने दोस्त भी बना लिया।
- 15:07खूब बातचीत करता। वहाँ के ढंग, कायदे, कानून, नियम,
- 15:14रहन सहन, खाना पीना वहाँ का संविधान एक बार दोस्त कहने लगे।
- 15:28हमने भी आपके अर्थ का दर्शन करना है।
- 15:32मैंने कहा और संग संभा गए मैंने उन्हें घुमाया है यहाँ तो क्या
- 15:46देखते हैं? कि एक व्यक्ति उसके आसपास 1012
- 15:57लोग और सभी जा रहे हैं। वो कहते हैं, ये क्या है?
- 16:07मैंने कहा ये अपराधी अपराधी मतलब वीसी ने क्राइम किया है वहाँ तो
- 16:17कोई अपराध होते। हैं।
- 16:20कहते हैं ये क्या होता? है।
- 16:24मैंने कहा ये यही पर होता है। तो मारे नहीं होते अच्छा तो फिर
- 16:31अब ये कहाँ जाएंगे? मैंने कहा अब ये मजिस्ट्रेट के
- 16:35पास फिर फिर वह जमानत देखा के रखेगा इसको जेल में।
- 16:49अच्छा चलो ठीक है, उस दिन तो चले गए आता जाता रहा फिर 1 दिन कहने
- 16:57लगे आज फिर जाएंगे वहाँ की व्यवस्था देख के मैंने कहा चलो।
- 17:08घटना बड़ी प्यारी है, आनंद से सुनिएगा फिर फिर वैसा ही दृश्य एक
- 17:22व्यक्ति जा रहा उसके आस पास 1020 लोग जा रहा है।
- 17:31उनके पास वैसे ही हथियार थे। कहते ये क्या है?
- 17:39आज इसके साथ ज्यादा व्यक्ति हैं। मैंने कहा ये प्राइम मिनिस्टर ऑफ़
- 17:45इंडिया है। कहते हैं मतलब इसने क्या गुनाह
- 17:50किया है? मैंने कहा इसने कोई गुनाह नहीं
- 17:55किया है। इसने गुनाह ये किया है कि ये
- 17:59प्राइम मिनिस्टर बन गया है। कहते हैं अच्छा अच्छा समझ गया
- 18:03यानी इसकी आजादी छीन ली है। मैंने कहा।
- 18:12उसकी आजादी भी छीन ली। पुलिस वालों ने इसकी आजादी भी छीन
- 18:19ली। पुलिस वालों ने कहते हैं कि अपनी
- 18:24मर्जी से दूर दूर नहीं जा सकता, मैं नहीं जा सकता ये।
- 18:33उनकी कोई समझ में आई नहीं बात आएगी।
- 18:35वे धरती की बातें ही निराली हैं। मद होश करने वाली और वे।
- 18:46थोड़ी सी ऊंची सभ्यता के लोग। हैं।
- 18:50सुपरवमन बीइंग उनकी कान्शस्नस बहुत ऊंचे।
- 18:58इसलिए उन्होंने सारे बंधन हटा दिए हैं।
- 19:03कानून, संविधान सब खत्म कर दिया है, क्यों?
- 19:06सब ईमानदार हो गए हैं। बंदर की कोई आवश्यकता नहीं है।
- 19:13जब कोई चोर नहीं होगा तो तालाब ही नहीं लगेगा।
- 19:23तो पहली बार मैंने कहा यह अपराधी है, किसने गुनाह किया?
- 19:32कहते इसने गुनाह जानबूझ कर किया। मैंने कहा नहीं जानबूझ कर तो नहीं
- 19:44किया तुम्हें पता ही है। जानबूझ कर कुछ होता ही नहीं,
- 19:47घटनाएं घटित हो जाती हैं बस। अफसोस तो बाद में होता है ये
- 19:52मैंने क्या कर दिया और उसके साथ उसके साथ घटनाएं घटित हो गई।
- 20:02कोई ऐसा माहौल बन गया? वह प्राइम मिनिस्टर बन गया।
- 20:09तो मुझसे वह कहने लगा फिर दोषी तो दोनों ही हो गए ना?
- 20:14बिना कम यह छोटा दोषी है वह बड़ा दोषी उसे भी पैरवोल मिल जाती है।
- 20:22हँसा मत करो मेरी बात। और उसे भी पैरोल मिल जाती है और
- 20:32जब चाहे उधर हो जाओ मैंने घूम के आना तो उसने माथे पे हाथ मार
- 20:39लिया, कहते बाबा यहाँ तो गड़बड़ चौथा ले।
- 20:48मैंने कहा तुमने ठीक कहा। उसको भी पुलिस पकड़ के ले जा रही
- 20:55है। आगे पीछे पुलिस अब उनको ये तो पता
- 21:00नहीं कहाँ लेके जा रही है इसको भी पुलिस लेके जा रही है आगे पीछे
- 21:06पुलिस। और यहाँ घनी पुलिस हैं तो इसने
- 21:09कोई ज्यादा बड़ा अपराध किया हैं। मैंने कहा इसने ज्यादा बड़ा अपराध
- 21:15किया हैं। क्या अपराध किया इसने?
- 21:19अपराध ये किया हैं की ये बड़ा गधा बढ़ गया हैं।
- 21:23इसने सारे मुल्क का बोझ उठा लिया हैं।
- 21:32तुम जीसको शिशोभितान कहते हो ना वो कांटो का ताज होता है, तुम्हें
- 21:45पता नहीं होता बस? तुम समझ लेते हो कि यह फूलों की
- 21:50शैय्या शैय्या होती है। वो कांटो में अभी कल परसों मेरे
- 22:05पास शो में भारत देश को चलाने वाली।
- 22:14लोगों में से कुछ मेरे संपर्क में है करीब 17 लोग।
- 22:31वो कहती है, बाबा बात सुनो हम छोड़ तो देंगे, इनको सरकार का
- 22:36क्या है? अब ग्राहक है, लेकिन हमारी एक
- 22:41शर्त है। अरे ख्वाब नहीं सुना रहा हूँ भाई,
- 22:48सच सुना रहा हूँ। कोई गप भी नहीं है, ये सच है।
- 23:01मैं कोई प्राइम मिनिस्टर मोदी थोड़ी हूँ।
- 23:09कहते हैं हमारे सर से प्राइम मिनिस्टर आपको बनना पड़ेगा।
- 23:14मैंने कहा मैंने क्या गुनाह किया? मैंने तो ऐसा कोई गुनाह नहीं
- 23:21किया, मेरी स्वतंत्रता क्यों छीनी जाए और फिर अगर तुम्हारी शर्त है
- 23:27तो मेरी भी शर्त है। कहती क्या?
- 23:32मैंने कहा मेरी ये शर्त है जहाँ जाऊं जहाँ चाहे आऊं मेरे साथ कोई
- 23:41मुझे अपराधी साबित करने वाला ये सैनिक या बॉडी सुरक्षागार्ड नहीं
- 23:47होना चाहिए। मैं अकेला जहाँ चाहे जाऊं।
- 23:52हाँ भाई ये कैसी संभव है? मैंने कहा, फिर मेरी आज़ादी छीनने
- 23:56का तुम्हे क्या अधिकार है? तो बाबा हम तो देखो, सरकार तभी
- 24:03तोडेंगे। अगर तुम कहोगे ठीक मैं चीफ
- 24:08मिनिस्टर बनु और मैं प्रोटोकोल के नियमों को निभाऊंगा।
- 24:16मैंने कहा, नियम तो मेरे ऊपर बाधा बनते हैं, मैं नियमों से पार हूँ।
- 24:26वो नियम चाहे अपराधी का हो, चाहे प्राइम मिनिस्टर का हो, प्रोटोकोल
- 24:31इज़, प्रोटोकोल और प्रोटोकोल अपराधियों के लिए होते हैं।
- 24:39तुम्हें पता नहीं तुम्हें किस शेष का दंड।
- 24:43जो तुम्हारे ऊपर कितने कानून थप दिए गए हैं?
- 24:46ऑल आर बैंड्स समाज का बोझ है, प्रोटोकोल है, परिवार का बोझ है,
- 24:55प्रोटोकोल है, बंधन है, सरकार का प्रोटोकोल है।
- 25:01नियमों के प्रोटोकोल हैं। तुम्हारे ऊपर कितने बंधन हैं और
- 25:06तुम कहते हो हम तो आजाद हैं इसे ही तो मैं थोप ना ही कहता हूँ यही
- 25:15तो बंधन है जिसका तुम्हें मालूम नहीं।
- 25:22और बंधन भी बहुत गहरे हैं। हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं
- 25:36बदनाम, वो कतल भी करते हैं तो चर्चे नहीं होते।
- 25:47और फिर तुम ऐसा समझते हो की देख ना जैसबीकर की कुर्सी के ऊपर ये
- 25:54अपने आपको न्यायाधीश समझता है जीसको चाहे बोलने देते जीसको चाहे
- 25:59माई को बंद कर। इफ सुजुल के पट्ठे को ये नहीं पता
- 26:05कि तुमको बनाया है जिसने उन्होंने ही इसको बोलने के लिए चुना है।
- 26:16तो इसके बोलने की क्षमता को छीन कैसे पायेगा?
- 26:22नहीं कहते तुम नहीं बोलोगे और बोलोगे तो आई एमआइ विल स्विच ऑफ
- 26:30दी माइक। ऐसे ऐसे मूर्ख लोग हमने गलतियों
- 26:38पर। बैठा रखे हैं।
- 26:44मैंने कहा मैं तुम्हारे किसी प्रौटो पोल का उल्लंघन नहीं
- 26:49करूँगा। मैंने क्या अपराध किया भाई पागल
- 26:53हुए वो? ये 20 लोग मेरे आस पास घूमे।
- 26:59अरे मुझे सांस लेने में कठिनाई होती है।
- 27:01मोरू को मैं खुली भागों का खिलाड़ी मज़े से स्वास्थ्य लेता
- 27:08हूँ। क्रिया योग कैसे करूँगा?
- 27:1120 लोगों की दुर्गन्ध आ रही है। और गहरे खड़े हैं।
- 27:20ये देखो अगर तुम्हें स्वीकार है तो मैं प्राइम मिनिस्टर बन
- 27:24जाऊंगा। बाबा ये तो स्वीकार नहीं दूसरे
- 27:29दिन तुम्हें मार देंगे। मैंने कहा मुझे मार देंगे तो उसका
- 27:33जिम्मेदार मैं। अगर मैं कुछ कृत्य करूँगा तब ही
- 27:37मारेंगे ना? तो मुझे ये समझ नहीं अब जब मैं
- 27:44करूँगा ही ऐसा कि सभी प्रसन्न होंगे तो मेरी लंबी आयु की दवाएं
- 27:50करें। मुझे मारेंगे ना?
- 27:54मैं यहाँ चाहे जा सकता हूँ बशर्ते की मैं बुरा न करूँ और मैं बुरा
- 28:00करूँगा मुझसे बुरा होता ही नहीं, मैं उस सतल पर चला जाऊं जीस सतल
- 28:09पर जाने के बाद बुरा हो ही नहीं हो सकता।
- 28:13इससे समझिये थोड़ा शोर गहरा चल पड़े।
- 28:15हम क्योंकि अब हम अज्ञात में आके जहाँ जाकर खुद ही मच जाती है,
- 28:32वहाँ करता भाव नहीं रहे। जहाँ कर्ता भाव नहीं रहता वहाँ
- 28:41आनंद होता है, सुगंध होता है, रस से बहता।
- 28:49चारों। ओर खुशी ही खुशी होती है।
- 28:52वाजेनाद अनेक आशंका वाजेनाद अनेक अशखा केते वावनहारे केते राग
- 29:02वरिष्यों कैयण केते गावनहारे। गावण केनू पावन पाणी व्यसनतर या
- 29:15परमात्मा की मेहमान है जब कोई व्यक्ति वहाँ पहुँच ही जाता है।
- 29:28असल में तुम बुद्धि से नापते हो। यू आर मेजरमेंट इस यू आर विस्डम
- 29:41और विस्डम बुद्धि माँ का दंड नहीं होना चाहिए।
- 29:49सारे अपराधों की जड़ बुद्धि है। तुम लोगों को काम में धकेलना
- 29:57चाहते हो, सारे दिन काम करते रहो और जब देखा रोजगार नहीं है हमारे
- 30:04पास तो अब ये खाली बैठेंगे तो उपद्रव करेंगे।
- 30:11उपद्रव करेंगे तो ऐसा करो, हर के हाथ में फ़ोन पकड़ा दो अब बच्चे
- 30:17को ही हम सीखा देते हैं फ़ोन हालांकि फ़ोन में कुछ भी नहीं
- 30:20होता। मुझे मेरा पोता पूछने लगा, दादू?
- 30:28ये छोटे से टेलीविज़न पे इतने लोग कैसे गुस जाते हैं मैंने कहा ऐसे
- 30:37जैसे चीन गुस जाते। अरुणाचल प्रदेश में ऐसे गुस जाते
- 30:43हैं ये बच्चे की इतनी बुद्धि। हम भी यही।
- 30:55सोचा करते थे। यह रेडियो में कौन बोलने वाला?
- 31:01भीतर इसका रेडियो कैसे चला गया? रेडियो के भीतर ये मार्क कटली बोल
- 31:11रहा। है।
- 31:14हे इतना बड़ा मुद्दा रेडियो में कैसे घुस गया?
- 31:18तो ठीक कहते हैं राजनाथ सिंह कोई गुस्सा नहीं।
- 31:35अब उन्हें ये भी नहीं पता चलता कि कोई घुस गया है।
- 31:40कंगना से पूछो वो बताएंगे। वह एक्स्पर्ट है मसलों में तो मैं
- 31:53कई बार ऊपर गया ऐसी शानदार व्यवस्था।
- 32:00वो कहते राजनीति को समाप्त कर दो। और वह करीब करीब 100% कॉन्शसनेस
- 32:13के करीब पहुँच गए। तुम जो कहते हो कि जो व्यक्ति
- 32:18अच्छे कर्म करेगा। वह उस लोक में जाएगा, वह उस लोक
- 32:23में जाएगा, बस यही हैं वो लोग। उन्होंने सुनी, सुनाई बातें कह
- 32:31दी, मैंने देखी दिखाई बातें कह दी।
- 32:36ये पूरे कॉन्शन्स में डूबे हुए लोग यहाँ जन्म लेते हैं।
- 32:42बीच में एक प्रश्न दे रहा हूँ क्या अच्छे कर्म करने वाले या
- 32:47बुरे कर्म करने वाले किसी और ग्रह पे जन्म ले लेते हैं?
- 32:53बिलकुल जहाँ कॉन्सेस्नेस की मात्रा ज्यादा है?
- 33:00वो लोक बंटे हुए पाता ला पाता रख आगा स आगाज़ ओढ़क ओढ़क बाल थक के
- 33:12वेदकेण एक बात छः से 18 केणकते ब असुर एकता।
- 33:18लेखा होय का लिखिए लेखा होय विनाश जो इतना बुरा कर देता है हिटलर
- 33:36जैसा यहाँ गर्भ उपलब्ध नहीं होता, वह फिर ऐसे लोगों में चला जाता
- 33:44है। वह जाकर उत्तर कोरिया में जन्म ले
- 33:50लेगा। अब उत्तर कोरिया में किम जोंग ओह
- 33:58यही हमारी धरती हुई है वो वह सांस लेने का अधिकार भी व्यक्ति का
- 34:04स्वयं का नहीं। किम उन कहते तो सांस लो, किम उन
- 34:13नहीं कहते तो सांस मत लो और तुम जानते न हो जो किसी को बांधेगा वो
- 34:21पहले मत जायेगा। कबीर की वो कहानी गाय को लेकर जा
- 34:31रहा गाय के गले में रस्सा रस्सी का दूसरा छोर सेट के हाथ में।
- 34:42तो कबीर कहते हैं शिष्य बताओ कौन बना हुआ है?
- 34:46शिष्य हंसने लगे, गौर से देखने लगे।
- 34:51जो देखने में आता है उसे तुम सच और शिष्य अज्ञानी होता है।
- 35:00शी से हंसने लगे। इस बात पर के सांप दिखता है कि
- 35:04गाय बंधी है। अब भीतर की गहरी बातों को शीशे
- 35:09क्या जाने और कबीर तो सदा ही गहरी बातें करते हैं।
- 35:15जिन खो जाते हैं ना पांईया गहरे पानी पैठ।
- 35:19मैं बापू रहा हूँ डंडा रहा के ओह किनारे बैठे शीश कहते गुरु जी ये
- 35:28तो साफ दिख रहा है तो चलो घर चलते हैं उस सेठ को का रसीद दे ना
- 35:36मुझे। कबीर तो बड़े प्रसिद्ध थे, भगत
- 35:40थे, ऐसा कुछ खुराफात करेगा नहीं, इसीलिए रस्सी पकड़ा दी।
- 35:51रस्सी पकडाई तो उसने डरा के भगा दी गाय, रस्सी छोड़ दी तुने?
- 35:56गाय तो भागने को तैयारी होती है ये तो तुम नहीं भागने देते खूंटे
- 36:02से बांध देते हो उसे पीछे पीछे से ठाई मेरी गाय अरे पकड़ो इसे मेरी
- 36:15गाय, मेरी गाय। कबीर शिषों से कहता है ये कौन
- 36:20बनाता था बताओ? सत्य सदा ही अपरकट होता है इसको
- 36:39आप गोलगया में लिख लेना जो दिखता है वह सत्य है जरूरी नहीं।
- 36:47और मैं तुमसे एक बात कह दूँ जो देखता है वो सत्य है ही नहीं,
- 36:55क्योंकि जब मेरे एनलाइटनमेंट की घटनाएं भी थीं तो मैंने पाया सब
- 37:03अपार, दर्शिता सो ज्योति। समाप्त हो गई धीरे धीरे फुरने लगा
- 37:11वाष्प में बदलने लगा, दीवारें खो गईं गोदाम खो गया चाँद, तारे,
- 37:16सूरज सब खो गया, धरती खो गई, पेड़ पौधे खो गए।
- 37:25सब पारदर्शी हो क्या मैं सब जगह देख सकता हूँ और सब जगह देख सकता
- 37:31हूँ क्या घटनाओं को नहीं देख सकता सब जगह देख सकता हूँ कि सब जगह एक
- 37:44ही तत्व है वही श्वेत। टिमटमाते हुए अति सुंदर मानः मोहक
- 37:52पार्टिकल्स कण सभी जगह विद्यमान हैं और आपस में ऐसे घूंसे हुए
- 37:59हैं, ज़रा भी वेरल स्पेस उनके भीतर ने।
- 38:06वो सारा भ्रमण जहाँ जहाँ तक मैं फैलता जा रहा हूँ, इसके सिवा कुछ
- 38:14और है ही नहीं। इस स्थिति में आकर ऋषि बोलता है,
- 38:21अहम ब्रह्मास्त्र नहीं। जो दिखे सुसकर वीणा, जो तुम्हें
- 38:38दिख रहा है ये सब कुछ ये दीवार, तुम पज़ल हो जाओगे वहाँ?
- 38:53महल उदा। सर गलियां सुन चुप चुप हैं
- 39:05दीवारें। दिल का उजड़ा दुनिया, उजड़ी रूठ
- 39:21गयी है बह। हो मंदिर के रिश्ता फिर बन जाता
- 39:44दिल को होने संभाले। और जुनियों के रखो सब गर जाता है
- 40:01मंदिर गर जाता है मस्जिद गर जाता है गिर के आता है धर्मदास की टॉम
- 40:07गर गयी। मंत्र गिर गया था, दीवारें ढह गई
- 40:12थीं, गोदाम कर गए थे, पेड़ पौधे गिर गए थे।
- 40:16चाँद, तारे, दुग्ध। हो गए थे क्या बचा मैंने अपनी लगन
- 40:23आँखों से देखा, बस एक ही बचा। वो झिलमिल झिलमिल करते हुए श्वेत
- 40:32शांति के कण यही श्वेत गण है और दूजा कोई भी नहीं यहाँ जाकर।
- 40:47द्वैत खत्म होता है बिना इसके जो कहेगा अद्वैत, वह मूर्ख।
- 40:56जब तक यह अनुभव नहीं होता, तुम्हें अपने अपने जीवन से 5 घंटे
- 41:05में एक ही। शिला पर खड़ा रहा, जस्ट लाइक ए
- 41:11स्टेचू मूर्तिवत खड़ा रहा, पर मुझे पता ही नहीं चला अज्ञात ज़रा
- 41:24सोचना तुम करते क्या हो ये बताओ। तुम दोगले हो, दोगले कैसे हो सुनो
- 41:37ध्यान से सुन तुम बीज बोते हो बीज कहाँ से आया उसने दिया बीज अंकित
- 41:50होता है पेड़ बनता है। गेहूं की बलियां लगती हैं।
- 41:56अप्रैल को हम काट लेते। हैं।
- 41:59उस गेहूं को खाकर हमें जीवन मिलता है।
- 42:04कैलोरीज मिलते हैं। जिंदगी क्या है, गम का दरिया है,
- 42:20जिंदगी क्या है? गम का दरिया ना जीना यहाँ बस में
- 42:34ना मरना यहाँ बस में अजब है सिलसिला।
- 42:43जिंदगी क्या है? गम का दरिया है ना जीना जहाँ बस
- 42:56में ना मरना जहाँ बस में आज। सिरसिला है जिंदगी क्या है?
- 43:13तुम्हारे हाथ में क्या है जब तुम जन्मे अपनी इच्छा से जन्मे?
- 43:23जब तुम मरोगे, अपनी इच्छा से मरोगे, तुम्हारी इच्छाएं कभी पूरी
- 43:30हुई। शास्त्र कहते हैं, इच्छाएं
- 43:38दुसपुर। इच्छाएं कभी पूरी नहीं होती।
- 43:45ऐसा नहीं कि इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।
- 43:48कभी और इच्छाएं पूरी नहीं होती, कभी शास्त्र कहते है इच्छाएं
- 43:56दृश्य पूरी है, कभी पूरी होती। ज़रा सोचना घड़ी भर के लिए अपने
- 44:08ही कमरे में किसी खेत कलिहान में किसी बात बगीचे में अकेले बैठ
- 44:18जाना। और सोचना तुम्हारे हाथ में क्या
- 44:25है ना तुमने अपनी मर्जी से जीवन दिया ना तुम्हें अपनी मर्जी से
- 44:34मृत्यु? ना जिंदगी में कोई भी काम
- 44:38तुम्हारी मर्जी से हुआ। प्रत्येक व्यक्ति शिकायत करता है।
- 44:48मुझे कल ही परमात्मा कह रहे थे, कुछ लोगों को छोड़कर।
- 44:55सब कुछ दिया मैंने परन्तु शिकायत लब से ना गई मैंने कहा प्रोपो या
- 45:05जायके बिना तुम क्या समझती हो? व्हाटस युअर टारगेट ऑफ़ लाइफ?
- 45:19व्हॉट एस हर ऐम ऑफ लाइफ आई एस बन जाना।
- 45:23यूपीएससी पास कर रहे हो, प्राइम मिनिस्टर बन जाना, रेसलर बन जाना,
- 45:31तुम्हें पता ही नहीं क्या क्या होगा?
- 45:39गामा पहलवान ने 1200 किलोग्राम वजन उठा लिया था।
- 45:44एक क्विंटल 200 किलो 1200 किलोग्राम वजन उठा लिया।
- 45:52वह आज भी संग्रहालय जो 1200 किलो का वजन है।
- 46:00संभाल कर रखा हुआ है संग्रहालय में लेकिन आगे सुनिए जब एक किलो
- 46:12और डाला गया उसमें 1201 किलो कर दिया गया।
- 46:23तो गामा से उठा ना। गामा मुँह पर नहीं गिर।
- 46:33गया, लुढ़क गया और वह वेट उसके गले पर आ फंसा।
- 46:45उसकी छाती को तोड़ गया। बस उस दिन का गिरा गामा फिर उठ
- 46:54नहीं सका ये तुम्हारी जिंदगी कितने खिताब जीते तुमने और
- 47:03तुम्हें शायद पता नहीं। संसार का सबसे उत्कृष्ट पहलवान
- 47:18तड़प तड़प के मरा। ब्रूस लीग।
- 47:28आपको जानकर बड़ी हरानी होगी ब्रूस ली गामा पहलवान के शिष्य से उसको
- 47:40गुरु मानते थे और उसमें इतनी तेज बढ़ती थी।
- 47:49इतनी तेज फूटती थी उसमें वह पल के झकते ही कब क्या कर देगा कुछ पता
- 47:55नहीं और इसमें अजीब सी बात ये है वह दार्शनिक भी था।
- 48:05मार्शल आर्ट का विशेषज्ञ था जीत कुनेड का संस्थापक एक तो मैं
- 48:19अजूबा बात बताऊँ, तुम इतिहास को खंगाल।
- 48:3032 वर्ष से लेकर 3233343536 ये पांच वर्ष।
- 48:45महान व्यक्तियों के लिए इतने खतर ना होते हैं।
- 48:50चाहे तो कोई इसमें संत हो जाए चाहे तो इसमें कोई मृत्यु का
- 48:56प्राप्त हो जाए। बत्ती तैंती चौती 35 शक्ति ये
- 49:02पांच वर्ष। इसको विस्तार कभी पूछना इसका
- 49:08विस्तार दूंगा मैं कारण क्या? 32 वर्ष की उम्र में शंकराचार्य
- 49:16ने प्राणायाम दिया। कोई भी।
- 49:2333 वर्ष की उम्र में सिकंदर चला गया।
- 49:29कोई ज्यादा बीमार न था, मलेरिया हुआ था।
- 49:3734 वर्ष की उम्र में मैं स्वयं एलिटेंट।
- 49:41हुआ। 35 वर्ष की आयु में बुध बुधत्व को
- 49:54प्राप्त हुए। 36 वर्ष की आयु में महावीर बुधत्व
- 50:01को उपलब्ध हुए। उसके बाद 6 साल और लगे।
- 50:08के बल्य को प्राप्त करने में 3233343536 या तो इनमे लोग मर गए
- 50:18या फिर उनका अहंकार मर गया या शरीर मरा या अहंकार मरा।
- 50:24ये दो घटनाएं मृत्यु के लिए बेहद खतरनाक हो।
- 50:29अगर तुम इन वर्षों में थोड़ा मेहनत कर लिया और पूरी शक्ति
- 50:39तुमने झोंक दी यू, मैं बी अनलाइक हूँ।
- 50:50पूरी शक्ति क्या झोंकोगे व्हेर यू विल इन्सर्ट युअर फुल एनर्जी कुछ
- 51:00न करना जिन्होंने इन पांच वर्षों में कुछ नहीं किया।
- 51:09और स्वयं को जान गए। 32 वर्ष की आयु में 343536 वर्ष
- 51:17की आयु में बहुत से महानतम व्यक्ति हुए हैं, जिन्होंने
- 51:21इतिहास बदल दिया। 3233 की आयु में सिकंदर ने प्राण
- 51:33छोड़ दिए और आपको जानकर शायद बड़ी हैरानी होगी सिकंदर ने जब प्राण
- 51:40छोड़े, वह एनलाइटन हो गया। अंतिम घटना।
- 51:44से। इसका स्वराग किसी को लगा नहीं,
- 51:51लेकिन उसके लक्षण बता गए कि वह एनलाइटन हो के मरा।
- 52:02मैंने तो सबूतों के। ढंग से आपको बताया एनलाइटनमेंट
- 52:10फलित हुआ तो उसने कहा छोड़ दो सब बाँट देना, ये न हकीमों ने मुझे
- 52:16उपचार दिया, वो मुझे कंधा देंगे, मेरे जनाजे को।
- 52:23जो लूटी मेन संपत्ति, सोना, जेवरात, चांदी वो सब मेरी अर्थी
- 52:36के ऊपर से फेंक देना। लोगों के पांव तले आए और मेरे
- 52:43जनाजे से बाहर मेरे हाथ करते हैं। तुम्हें आज तक कुछ समझ नहीं आया
- 52:51तुम आज वहीं के वहीं कितने सिकंदर आए और चले गए और सिकंदर ही नहीं।
- 53:01कितने बुद्ध और सोक्रेती आए? महावीर आए, राम आए, कृष्ण आए और
- 53:08चले गए, तुम वहीं क्यों गए? क्या हुआ?
- 53:18मैं एक बात चूक गया संत जो कुछ बोल के गया स्वाभाविक रूप से
- 53:31शब्दों के बिना वो कुछ बोल के जा नहीं सकता और शब्दों को तुम समझ
- 53:38नहीं पड़ता। शब्दों का अर्थ तुम अनर्थ कर लेते
- 53:44हो कभी एकांत में विचार करके बैठना तुमने सारी जिंदगी गुजार दी
- 54:00तुम 30 के हो 405060700 पे सो के। तुमने इनाम पा लिए कि ज्यादा उम्र
- 54:09जिए, क्या तुमने कभी सोचा कि इससे ज्यादा उम्र के लम्हों में तुमने
- 54:20वो पाया जीसको पाने के बाद कुछ पाने को शेष नहीं रह जाता?
- 54:30तुम एक वे लम्हा ऐसा नहीं करोगे यादें समृतियों की यादें तुम्हारे
- 54:36ज़हन में होंगी तुम्हारे न्यूरोस भरे पड़े होंगे विचारों से,
- 54:42सूचनाओं से, योजनाओं से, समृतियों से।
- 54:46लेकिन आनंद की भुलक नहीं होगी क्या जिंदगी इसीलिए जन्म लिया,
- 54:54बड़े हुए, खेले, कूदे, खाये पिए, सोए, व्यापार किया, नौकरी लग गया।
- 55:03बाल बच्चे पैदा किए फिर आखिर में मर गए।
- 55:10क्या इसे ही ज़िन्दगी कहते हैं ज़िन्दगी क्या है?
- 55:21हम का दरिया है ना जीना यहाँ बस में ना मरना यहाँ बस में जब
- 55:32सिलसिला है ना जीना यहाँ बस में। तुम अपनी मर्जी से आये ना ना मरना
- 55:46जहाँ बस में तुम अपनी मर्जी से जाओगे ना अरे जब सिलसिला ये क्या
- 55:57क्या तेरी ज़िन्दगी है बस? तुम अपने आप को भाग्यशाली समझते
- 56:10हो, तुम गलती हो मैं। भाग्यशाली सिर्फ एक व्यक्ति वही
- 56:20होता है अन्यथा तुम नालियों में बहा दिया जाते हो।
- 56:24वीरे के साथ अंडाणुओं के साथ यही मुकद्दर है तुम्हारा।
- 56:36सिर्फ़ एक व्यक्ति का मुकद्दर फलीभूत होता है, सिर्फ़ एक
- 56:41व्यक्ति भाग्यशाली होता है कौन जिसका बीज कली बना, फूल बना और
- 56:50सुगंध बिखेर के चला गया, उसी का जीवन सार्थक होता है।
- 56:56जो खुद भी मज़े में गया आए हैं सो जाएंगे राजा रंग फकीर एक संघषण
- 57:07चरचरे एक बंधे जात जंच तुम तो रोओगे चलाओगे तुम तो जीते जी
- 57:13चलाते। हो?
- 57:14हाय मेरी कुर्सी न चली जाए हाय तुम मुझे वोट देना कितनी शतरंज के
- 57:20मोहरे तुम बचाते हो वह मुश्किल तो हाथ लग गई वरना मैं तो हाथ में
- 57:25भिक्षा पत्थर उठाए वरना हाथ अब इसको छूटने नहीं देना है।
- 57:31अरे फेविकोल वालो अरे पीढ़ी लाइट वालो।
- 57:34ज़रा कोई अच्छा सा फेव पुल बना दो, जो उखाड़ना भी चाहे तो वो
- 57:40उखाड़ना आज संसद में देख रहे हो क्या हो रहा है?
- 57:52मैं कहता हूँ, संसद में शून्यकाल की जगह।
- 57:58एक बकवास कॉल भी रख दिया जाए 15 मिनट का हमारे कॉलेज में ऐसा।
- 58:04होता था। हमारे जमाने में प्रतिभाएं थी,
- 58:08गायक बहुत थे तो आधे घंटे का के पीरियड स्पेशल रख दिया गया।
- 58:14हालांकि कभी कहीं किसी किसी कॉलेज में रखा नहीं जाता।
- 58:18अलग से डकलमेशन कॉन्टेस्ट वगैरह होते हैं तो हर शनिवार को आधे
- 58:28घंटे का एक पीरियड रख दिया। गाना बजाना अपनी अपनी क्लास में
- 58:33गाओ, बड़ा सुन्दर। नजारा होता जैसी आवाज़ जिसके पास
- 58:41थी कोई नाचता, कोई झूमता प्रत्येक स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में।
- 58:55यह अवश्य होना चाहिए। एक आध घंटे का नाचो गाओ खुशी मनाओ
- 59:02बस यही जीवन है तुम्हारा बाकी तो पढ़ाई में किताबों के कीड़े बनकर
- 59:09जियोगे और मर जाओगे। यही तुम्हारी संग जाएगा नाच लिए
- 59:14गा दिए मैं तुमसे पूछता हूँ पार्लियामेंट में बैठने वाले
- 59:24मूर्खों। क्या हमने आपको इसलिए चुना था कि
- 59:30आप शर्तले से प्रदर्शन कर दिया? तुम आदमी हो या शैतान हो, तुम
- 59:44किसी तरह अपना टाइम बताना चाहते हो तुम्हारे पास?
- 59:52बहस करने के लिए कोई मुद्दा नहीं है।
- 59:55हिंदुस्तान के सब मु्द्दे हैलो हो गए।
- 1:00:03शर्ट लेस्स पर बहस करने के लिए अलग से वक्त रख लो।
- 1:00:08वह सदन केंद्र मित्र को सदन में हिंदुस्तान की जो जरूरतें हैं।
- 1:00:17जो तकलीफें हैं, जो कोई उपद्रव हुआ है, जो बड़ा कांड हुआ है या
- 1:00:26कोई बड़ा कांड नहीं है, उसके बारे में अलग से बात कर लो आप।
- 1:00:33लेकिन सदन की सीमा के बाहर वह बकवास एक बकवास काल रख लो।
- 1:00:42आधा घंटा का। उसमें बकवास करो, आप मैं तो कहता
- 1:00:48हूँ, एक थपड़ो थपड़ी काल भी रख लो।
- 1:00:52थपड़ो थपड़ी हल्के हो जाओ के थोड़ा तुम्हारे भीतर हिंसा भरी
- 1:00:58पड़ी कोई घरवाली से लड़की आ गया, कोई घरवाली को छोड़।
- 1:01:04के आ गया। और तुम में कैपेबिलिटी है भी
- 1:01:08क्या? यही तो भीतर तंग करता है तुम्हें
- 1:01:14कि तुम्हें आज तक आनंद का एक लम्हा भी नहीं मिला, यही दुख
- 1:01:19तुम्हें सताता है और यही दुख न जाने क्या क्या रूप धर के बाहर आ
- 1:01:26जाता है। इसीलिए तुम बहू रूप या हो।
- 1:01:31वो दर्द भी तरह है। मैंने सब कुछ छोड़ा, परिवार को
- 1:01:41छोड़ा, घरवाले को छोड़ा, बच्चा पैदा हुआ कि किया नहीं पसंद।
- 1:01:51लेकिन देश के लिए छोड़ा अब ज़रा सत्य को जान लो देश का कुछ बनाया
- 1:01:59के बेचा कभी सत्य की तरफ भी ख्याल कर लिया करो।
- 1:02:12सदन के अंदर मैं विपक्ष से कहूंगा।
- 1:02:16जब ये लोग ऐसी बातें करें तो थप्पड़ो थप्पड़ी कांड कर लिया करो
- 1:02:21गले दबोंच लिया करो इनके इनको कानों से पकड़ लिया करो हराम खोरो
- 1:02:27तुम्हें इसलिए भेजा है। साथ हम देंगे क्योंकि हम जनता ने
- 1:02:33आपको वोट दिया है हमारी समस्याओं को हल करने के लिए हमारी समस्याओं
- 1:02:38का हल खोजने के लिए, तुम वहाँ जाकर बकवास बाजी करते हो, मैं
- 1:02:47कितने वर्ष से देख रहा हूँ? 12 वर्ष से तो कम से कम मैं देख
- 1:02:51ही रहा हूँ तुम्हारी खुरापातियां मोदी जी ऐसे मौ जी जी हैं मोदी जी
- 1:03:02क्या का खाक मौ जी भी क्या किया उसने?
- 1:03:10लोगों के आगे नाक कट गई। विश्व के आगे तब नहीं कटी जब
- 1:03:15एपिस्टीन कांड में साहब का नाम आ गया।
- 1:03:20अब कुछ लोगों ने अगर शर्ट उतारकर प्रदर्शन कर दिया।
- 1:03:24तो उन्होंने कभी नंगे आदमी देखे नहीं।
- 1:03:26क्या ये नई बात है? क्या इतिहास पे आ जाओ तुम्हें
- 1:03:41शायद बताना यह एक विज्ञान भी है। विज्ञान यह है कि नभ ही खुली होनी
- 1:03:49चाहिए, हम भाग्यहीन हैं कि हमने हमारे रिष्यों की खोजों का लाभ
- 1:03:59नहीं उठाया। इसलिए।
- 1:04:03भगवान राम। शर्ट नहीं डालते?
- 1:04:08भगवान कृष्ण शर्ट नहीं डालते, नाक भी खुली रहनी चाहिए।
- 1:04:19कभी देखा है भगवान राम को शर्ट डाले और ज़रा इमेजिन करो?
- 1:04:24भगवान राम अगर शर्ट डाल ले तो कैसे लगेंगे तस्वीर?
- 1:04:28पेश करूँ कहूं क्या? अपने चैनल कंट्रोलर से एक तस्वीर
- 1:04:33पैदा भगवान राम की तस्वीर बना? हमने उनसे कोई सबक नहीं लिया।
- 1:04:48और अगर कोई 10 आदमी 20 आदमी 50 आदमी नग्न होकर शर्टलेस प्रदर्शन
- 1:04:59करते हैं और करें भी क्या बोल रहे तुम देते हैं समस्याएं तुम हल
- 1:05:05नहीं करने देते मुझे कल किसी ने पूछा बाबा अब नंबर किसका है?
- 1:05:12मैंने कहा अब नंबर वो ये छोड़ेगा किसी को?
- 1:05:19जैसे नागिन अपने आए हुए घेरे में अपने ही जन्म दिए हुए बच्चों को
- 1:05:24खा जाते, जो उस घेरे को क्रॉस कर गया वो सिर्फ वही बच जाता है।
- 1:05:28मेरी बात को समझ गए। नागिन जिन बच्चों को जन्म देती
- 1:05:33है, सबको खा जाती है। एक दायरे के अंदर जो दायरे से
- 1:05:39बाहर निकल गया सिर्फ वो बच जाता है जब वो कहावत है जो युद्ध को
- 1:05:45विद्रोह ने बताई। बुद्धुर कहने लगा चरले तो हो तुम
- 1:05:50बाहर ना व्रत में, लेकिन मुझे एक बात का जवाब दो जब जंगल में आग लग
- 1:05:54जाती है तो कौन बजता है? जीस से बड़े संतासते वो बजता है
- 1:06:02चूहा बजता है चूहा क्यों बजता है? चूहा बजता है क्योंकि वो बिल में
- 1:06:09भीतर चला जाता। है।
- 1:06:11और आग बाहर। होती है बस यही मैं तुम्हें समझता
- 1:06:19हूँ आग तो तुम्हारे बाहर लगी है आग तो तुम्हारे यहाँ।
- 1:06:33इस सारे बनावट पे लगी है खंडहर पे लगी है आज नहीं कल खंडहर हो जाएगा
- 1:06:42तुम सदा सेफ। हो नैनम् छदन्ती शस्त्रण तुम्हें
- 1:06:48कोई शस्त्रण नहीं काटता। नै न दाहती पावका तुम्हें कोई आग
- 1:06:53नहीं जलाती, न चैन हम क्ले दतापूर्ण सो सती मरो ता न तुम्हें
- 1:06:59पानी गिराता है न तुम्हें वायु सखाती है तुम वो तत्व हो यह तो
- 1:07:04तुम्हारा शरीर है, राहाइशी स्थल है यह तो आज नहीं।
- 1:07:09तुम खाली करके कहीं और चले जाओगे, घर को मैं कोई गद्दी नहीं चाहता,
- 1:07:17तुमने सोचा होगा गाँधी आखिर में अपना पेंट कोट नगा लेगा, बैरिस्टर
- 1:07:22टाई लगा लेगा और बढ़ जाएगा, लेकिन वो नहीं बैठा, तुम नंगा कहते हो।
- 1:07:29भगवान राम ने कवि वस्त्र डाला क्योंकि वह जानते थे वैज्ञानिक
- 1:07:33ढंग न भी का खुला हो, न आवश्यक है, न कृष्ण डालते थे, पटका डालते
- 1:07:41थे पटके कारवाई वहाँ से चलाएं? आज तो तुमने कांग्रेस और भाजपा के
- 1:07:46चिन्ह छाप लिए हैं। भटके का अर्थ तुम्हे पता ही नहीं।
- 1:07:53अब मुझे एक बात बताओ, जार जब पंचम के सामने उसने तो कभी ऐतराज नहीं
- 1:08:00किया। बिलकुल नंका जाके खड़ा हो गया।
- 1:08:03था। गाँधी को गाली दोगे तो याद रखना
- 1:08:13गुढ़ से ही पैदा होंगे जीसको सम्मानित करते हो, वो ही पैदा हुआ
- 1:08:21करते हैं। गोडसे को सम्मानित करते हो, गोडसे
- 1:08:24ही पैदा होंगे और फिर गाँधी को मिलेगा नहीं मरने के लिए।
- 1:08:29फिर किसको मरेंगे? उस नागिन की तरह सबको खा जाती।
- 1:08:38है। ये किसी को नहीं छोड़ेगा, सबको
- 1:08:41भक्ष लेगा, ये नर भक्षि है, बठला साहब से पूछो।
- 1:08:50सदन को चलाने के लिए 1 घंटे में जनता का कितना पैसा खर्च होता है?
- 1:08:59तुम्हारी जेबों में से कुछ नहीं होता।
- 1:09:01तुम तो पगार ले लेते हो एक घंटा सदन को चलाने में।
- 1:09:08कितना पैसा खर्च होता? है वो बताएंगे और।
- 1:09:14उनसे ये भी पूछो उल्टा सवाल कि एक घंटा अगर सदन तुम न चलाओ तो कितना
- 1:09:20जुर्माना होना चाहिए? उतना ही होना चाहिए जितना तुमने
- 1:09:24जनता का पैसा खराब कर दिया? तुम क्यों नहीं सदन चला?
- 1:09:29ये कोई मु्द्दे हैं? विपक्ष की औरतें मुझे काट लेंगी।
- 1:09:37दांतों से हथियार तो है नहीं उनके पास कल को नाखून बढ़ाना भी तुम
- 1:09:43अवैध कर दोगे। और दांतों को भी कहोगे बाहर
- 1:09:48डेंटिस्ट स्टे उठा लोगे कि भाई दांत निकलवा?
- 1:09:50के आया करो। क्योंकि प्राइम मिनिस्टर को ख़तरा
- 1:09:56है सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया कहती है बताओ?
- 1:10:05हिसाब दो इलेक्टोरल बॉन्ड का हिसाब दो, इसका राफेल का हिसाब दो
- 1:10:13पैगोसिस का हिसाब दो, तुम कहते हो इससे दो देश को खतरा हो जाता।
- 1:10:21देश को खतरा हो जायेगा के मोदी और मोदी की कैबिनेट को खतरा हो
- 1:10:25जायेगा, इस बात का फर्क समझा दो मुझे मोदी देश नहीं है, मोदी जैसे
- 1:10:34लाखों वाले लाखों से लगे तेरे जैसे।
- 1:10:40लाखों आय लाखों इस माटीने का तेरे जैसे लाखों।
- 1:10:58लाखों इस माटीने का रह न नामों निशान रे बंदे।
- 1:11:13जो थी तेरी शान, अरे जो ये सर्कस करता है ना छह बार कपड़े बदलता है
- 1:11:23गरीब को देख जो एक महीने तक फटे हाल पसीने से युक्त।
- 1:11:34उसके पसीने से चमड़ी चिपट जाती है।
- 1:11:42रहा न न मोनिशान रे बंदे। मैं पहले भी कह चुका हूँ।
- 1:11:52आरएसएस। बी जे पी का नाम लेवा पानी देवा
- 1:11:58झंडा उठवा कोई नहीं बचा मैं शब्द अगर नहीं बोलेंगे, क्योंकि मैं
- 1:12:09विश्वास और तुम अपनी करली से मरोगे, कोई नहीं मरेगा।
- 1:12:19बड़े मज़े की बात है। बस जो उसे चक्करव्यू से जो नागिन
- 1:12:24ने बच्चों को जन्म दिया तो जो निकलेगा वो बच गया अनीता सब खा
- 1:12:30जाएगी नागिन अब आगे भी नंबर। है अब थोड़ा सा बच के चला करो।
- 1:12:44मेरासते हैं प्यार के चलना ज़रा सम्बल मेरासते हैं, प्यार के चलना
- 1:13:00ज़रा सम्बल के। जॉर्ज पंचम ने पूछा मिस्टर गाँधी
- 1:13:09व्हेर अरे युअर प्लस तो क्या हँसी मुस्कान मुँह के ऊपर लाते हुए
- 1:13:18जॉर्ज पंचम बोला क्षमा करना गाँधी जी बोले।
- 1:13:25दी। किंग है एनफ ऑन फॉर बोथ ऑफ एस
- 1:13:31राजा ने जीतने कपड़े पहन रखे हैं। वो काफी है।
- 1:13:38यह एक व्यंग थे। युअर।
- 1:13:43किंग है एनफ बोथ ऑफ़ उस फार बोथ ऑफ उस राजा ने जो वस्त्र पहन रखे
- 1:13:53हैं, वो दोनों के लिए काफी हैं, मेरे लिए भी।
- 1:14:03यह बड़ा गहरा व्यंग था और ऐसी चोट लगी जाज।
- 1:14:08पंचम को वह चारपाई पकड़ लिया, उसके बाद जज पंचम उठने पर मर भी
- 1:14:15गए। तुम बात करते हो?
- 1:14:21भगत सिंह को क्यों नहीं छोड़ा है? इसीलिए कि उसने वीर संवरकर की तरह
- 1:14:26माफी नहीं मांगी? यही फर्क था तुम अब कितने ही शब्द
- 1:14:33डालो इतिहास थोड़ी बदल। पाओगे?
- 1:14:40और अगर इतिहास ही बदल दोगे तो गाँधी का कुछ नहीं बिगड़ पाओगे
- 1:14:49क्योंकि हिसाब लेने और देने वाली कुदरत होती है।
- 1:14:53गाँधी की भेड़िया पर महत्त्व नहीं तोड़ दे।
- 1:14:57उसने ईमानदारी से काम लिया। यह होता है निष्काम कर्म निष्काम
- 1:15:05कर्म यानी जो भी कुछ किया अच्छा बुरा जो भी कुछ हुआ जो हुआ किया
- 1:15:09ना भागा तुने ना माफीनामत नहीं लिखाना।
- 1:15:17कल ही फौज के एक अधिकारी बयान दे रहे थे।
- 1:15:20उनकी आवाज में गरमाहट तो बहुत है कि अभी या कुछ नहीं उन्होंने मैं
- 1:15:29ऐसा क्यों कहता हूँ? क्योंकि जो पैसे लेके देश सेवा
- 1:15:34करता है? वह तो पगार लेकर नौकरी करता है।
- 1:15:42कितना ही बड़ा रैंक मिर्जा वो कल बोल रहे थे कि जो लोग कहते हैं ले
- 1:15:50दी हमें आजादी बिना खड़क बिना ढाल मेरे सामने आके कहें।
- 1:15:54मैं मुँह तोड़ता हूँ खैर, मैं बाहर नहीं निकलता हूँ, नहीं, मैं
- 1:15:58उसके सामने जरूर जाता हूँ, जेडी बक्श वो ऐसे बोलते हैं कैसे किसी
- 1:16:08को डरा रहे हैं। और डराने की भाषा वो ही प्रयोग
- 1:16:14करता है जो खुद डरता है। गिल्डी भक्षी महोदय, तुम कहते हो
- 1:16:22के सुभाषचंद्र बोस के आर्मी ने आजादी दिलाई, हम कब मुकर होते
- 1:16:29हैं? हमने तो सदस्य कहा गाँधी ने कब
- 1:16:33कहा? मैंने आजादी दिलाई, बताओ मुझे
- 1:16:39गाँधी का कोई वक्तव्य, कोई किताब, कोई उनकी हरिजन पत्रिका में कहीं
- 1:16:46लिखा हो कि मैंने आजादी दिलाई बस वो सिर्फ?
- 1:16:50कर्म करते गए निष्काम करम जीडी भक्षी तुमने तो निष्काम करम भी
- 1:16:56नहीं किया तुमने तो पगार लेडी क्या तनख्वाह नहीं लेते थे?
- 1:16:59क्या अब पेंशन नहीं लेते, क्या तुम्हें क्या कहा जाए?
- 1:17:10कि थर्राना ही जानते हो सिर्फ और डराना ही जानते हो तुम कैसे मुँह
- 1:17:15तोड़ दोगे बताओ अब यहाँ पर आ जाओ मेरे पास है यहाँ आ जाओ, मैं बाहर
- 1:17:20नहीं निकलता हूँ मैं हूँ गाँधी मुझे बताओ गोली दे आओ मुँह तोड़
- 1:17:29दो। मेरे आगे मेरी बात का जवाब दो
- 1:17:33तुमने निष्कामक्रम किया के पगार ले के देश की सेवा के फिर या तो
- 1:17:39देश सेवा होगी या पगार ले ले दोनों में से एक बात है।
- 1:17:46गाँधी को किसने पगार दी? इस काम करने से ही कहते हैं भगवान
- 1:17:52कृष्ण हम कब कहते हैं? सुभाष चंद्र बोस और सुभाष चंद्र
- 1:18:00बोस की फौज ने काम नहीं किया। भाई उसको तो काम नहीं करने दिया,
- 1:18:04सब्र करने जिसने भर्ती नहीं होने दी।
- 1:18:08इस बात में कोई फर्क लगे तो इतिहास को कंगालो जीडी बक्शी वो
- 1:18:12विकती हैं जब आजादी मिलने के बाद वो भाग्यशाली विकती हैं
- 1:18:16प्रधानमंत्री की तरह जो आजादी मिलने के बाद जिनका जन्म हुआ और
- 1:18:21बात करते हैं महात्मा गाँधी अब इन्हें मैं मूर्ख ना कहूँ तो और
- 1:18:26क्या कहूँ? 10 मिनट पहले किसी का कतल हुआ 10
- 1:18:34तरह की बातें मिलेंगे। ये हुआ।
- 1:18:36वो कहेगा वो हुआ, वो कहेगा वो वो और तुम बात करते हो जब तुम पैदा
- 1:18:40भी नहीं हुए तब की बात करते हो। चुप ही रहा करो।
- 1:18:45मिस्टर जी डी बक्शी ज्यादा बढ़िया है और अगर ज्यादा आग है तो ले आओ
- 1:18:55अपनी गोली रिवॉल्वर और आओ मार दो, मुँह तोड़ दो जो तुम्हारा मन करे।
- 1:19:04तुम आओ तो सही एक बार तुमने देश की रक्षा की पगार लेके की माफ़
- 1:19:12करना, लेकिन गाँधी ने पगार गाँधी को तो पगार आप उन्हें दे दी।
- 1:19:21आखिर में आके गोठ से पगार दे तो गए तीन गोलियों का बख्शीर साहब
- 1:19:28गुर्राया कम करो अकीकत को ढंग से बोला करो ये मुँह तोड़ना बोरना ये
- 1:19:37शूरवीरों के लक्षण। यह कार्य के लक्षण हमने कब कहा?
- 1:19:46हम कहते हैं सारी दुनिया का सहयोग मांगा।
- 1:19:50उन्होंने घर घर से जनता को जगाया और बाहर निकाला।
- 1:19:56टोलियां बनाईं, इकट्ठा किया, समूह किया।
- 1:20:00सबने रंग मिल के आज़ादी जो जो कर सकता था की जो माफी मांग सकता।
- 1:20:06था माफी मांग। जो भाग सकता था भाग गया जो लटक
- 1:20:11सकता था वो लटक गया तुमने क्या किया जी डे बक्शी तुम्हारे बाप ने
- 1:20:17क्या किया ये बताओ। वो तो होंगे उस वक्त कोई शर्म आती
- 1:20:25है? थोड़ी बहुत कारगिल का तुमने जिक्र
- 1:20:34किया तो ऐसे ही तुमने लड़ाई लड़ ली, क्या तुम्हें पगार नहीं मिला?
- 1:20:43ऐसे व्यक्ति भी बोलने के योग्य होते हैं।
- 1:20:46कमाल जिनको बोलना नहीं चाहिए, जिनको सरकार पगार देती है वो भी
- 1:20:53बोलते हैं। बस मूछें बढ़ा रखी हैं मूछें तो
- 1:21:01कोई भी ऊंचा कर सकता है भाई यहाँ बहुत से लोग मूछें कुण्डी दी है।
- 1:21:09ये कोई निशानी मर्दों की थोड़ी होती।
- 1:21:18तुम नहीं था तो तुम्हारा बाप होगा, वो नहीं गया जर्जर पंचम के
- 1:21:23सामने गाँधी को ही को गाँधी के जेब में पड़ी थी सारी जादरी में
- 1:21:29तुम्हारा बाप क्यों नहीं गया बाप? लेकिन इनके पास कोई जवाब नहीं।
- 1:21:38छोटी छोटी बच्चियां कहती हैं यह शुभ काम तो मैं करती, मैंने कहा
- 1:21:43अब आ जाओ अब कौन सा गाँधी देखो, आ बैल मुझे मार अब कौन सा गाँधी मर
- 1:21:51गया अब मार दे? जहर भर दिया गया है।
- 1:21:59इसलिए मैं कहता हूँ आरएसएस की शाखाओं में छूट छूटी बच्चियों को
- 1:22:05जहर पिलाने के लिए मत भेजना, ये आपके दिमाग को विकृत कर देंगे।
- 1:22:12और जिसकी विविशा क्रांति जिसके हार्मोन काटीसाल अडेनलिन ब्लड में
- 1:22:20मिलना शुरू हो गया, वह अपना ही नुकसान करेगा।
- 1:22:23यह खुद तो न शादी करते है, ना बच्चे पैदा करते है।
- 1:22:26उन्हें पता है कौन पालेगा, कौन मनपुत्र करेगा?
- 1:22:31जब भले ही मिल जाएंगे और शहीदों के लिए खुद ही आ जाएंगे तो क्यों
- 1:22:38हम आ तो जाएंगे, लेकिन भाई दूसरों के बच्चे होते हैं।
- 1:22:51और जैसी मशक्कत से हर माँ पालती है, अपने बच्चे को वैसी मशकत से
- 1:22:59प्रत्येक की माँ पालती है, वो चाहे दुश्मन की मन हो।
- 1:23:07इसलिए मैं कहता हूँ कि ऐसी बातें जो नॉन ऑथेंटिक हैं और मूर्खता की
- 1:23:13निशानी है। सिर्फ गरजने से थोड़ी ही सत्य
- 1:23:17सिद्ध होता है। सत्य तो सत्य से सिद्ध होता।
- 1:23:22है। आजादी उसने लेती है, आजादी उसने
- 1:23:28लेती है। ऐसी बहसबाजी करने के अलावा तुम
- 1:23:33कोई देश की संरचना के लिए काम धाम क्यों नहीं कर लेते?
- 1:23:39कोई देश को कंस्ट्रक्ट करने के लिए कोई काम कर लो अगर तुम पेंशन
- 1:23:44लेते हो। तो वह भी इन लोगों की मशक्कत से
- 1:23:49आती है। तो पेंशन लेने का मतलब ये तो नहीं
- 1:23:53रिटायर हो गए तो कोई भी काम ना करो।
- 1:23:55देश प्रेम के लिए नफरत फैलाओ कोई देश के कंस्ट्रक्शन के लिए काम कर
- 1:24:04लो, जो हो गया हो गया। गया हुआ वक्त कभी वापस आता है जो
- 1:24:09हो गया हो गया आज तो हम आजाद हैं माँ ऍम आजादी किसी ने दिलाई कब?
- 1:24:17गाँधी ने कहा कि मुझे ही शिर दो। उसने तो तब गद्दी पर नहीं बैठा जब
- 1:24:24बैठ सकता है। विपक्ष दाई ने तुम ज़रा शांति से
- 1:24:32जुड़ी बक्शी अपने कमरे में बैठकर सोचना।
- 1:24:36अगर अपना मकान है तो। नहीं किसी खेत कल्याण में बाग
- 1:24:44बगीचे में बैठ। जाना और आराम से सोचना कि तुमने
- 1:24:52देश के लिए क्या किया, बस एक स्वर और देश के लिए क्यों किया?
- 1:25:03तुम्हारी पोल तुम खुद ही खोल दोगे भीतर से जवाब आएगा मैंने देश के
- 1:25:09लिए यह जंग लड़ा क्यों लड़ा? पगार के लिए महात्मा गाँधी को
- 1:25:19किसी ने पगार नहीं। सिर्फ गोडसे का धन्यवाद की आखिर
- 1:25:26मोती इन कोरिया देख पगार तो उन करोड़ों लोगों की थी जिनकी आँखों
- 1:25:35में आंसू थमते नहीं थे उस दिन चूले जले नहीं सारे भारतवर्ष यह
- 1:25:41थी पगार। बस इससे बड़ी पगार होती भी नहीं।
- 1:25:45मिस्टर जी डी बक्श। उम्मीद है तुम शायद आगे से ऐसी
- 1:25:55गैर जरूरी बातें नहीं कहोगे। कोई काम धम की बात कर लिया करो।
- 1:26:01जो कुछ सदन के भीतर होता है वो ही कुछ सदन के बाहर ऐसे लोग छोड़ रखे
- 1:26:06हैं। अरे भाई दुनिया मेहनत करती है,
- 1:26:16मेरे लिए खून पसीना बहाती है, तुम अगर इतना घुर्रा सकते हो तो
- 1:26:20तुम्हारे मसल्स में अब भी दम होगा।
- 1:26:24कोई भारतवर्ष को ऊंचा उठाने के लिए कोई काम धाम कर लो, कोई एनजी
- 1:26:29ओह खोल लो, किसी बीमार का इलाज करवा दो, कोई संस्था खोल दो, किसी
- 1:26:37गरीब का भला हो जाएगा इन बकवासों में कुछ रखा है क्या?
- 1:26:44अच्छा है यादगार कहते जेल के अंदर आगा खामा पैलेस में कैथे कस्तूरबा
- 1:26:55और गाथा, पता नहीं अंग्रेजों ने क्या किया कि बाहर आकर उनका मुँह
- 1:27:01फंदा? मैं समझाऊं क्या कि अंग्रेजों ने
- 1:27:07सुन 22 फरवरी 1944 को बाह जीसको वह बहुत प्रेम करते थे।
- 1:27:18आजादी की लड़ाई उसने बराबर लड़ी। सहयोगिनी बनकर 22 फरवरी 1944 में
- 1:27:28आगा खान पेरिस में उनका देहांत हो गया।
- 1:27:33बिमारी से फेफड़ों की बिमारी से जब अर्धांगिनी की मौत हो जाए?
- 1:27:43बराबर की हाथ कट जाती है। भाई मर जाए, बराबर का हाथ कट जाता
- 1:27:49है, पिता चल जाए, सर का सा चला जाता है और दांगड़ी मर जाए।
- 1:27:55एक हाथ कट जाता है, एक पांव पर कट जाता है।
- 1:27:59रमथा मन में अंग्रेजों ने क्या दिया था?
- 1:28:07कस्तूरबा की मृत्यु के शौक से उभरने पाए थे और दिन ब दिन कमजोर
- 1:28:16हो रहे थे। यह था रोग और क्या उसको जहर पिला
- 1:28:24दिया जहर पीने को तो वो राजी जहर पीने को तो गाँधी राजी थे तुम
- 1:28:31पीलाओ से ही? कस्तूरबा की मृत्यु कल परसों अभी
- 1:28:40गया ही है 22 वर्ष तो कस्तूरबा की मृत्यु होने के बाद ज़रा सोचो
- 1:28:53किसी की धर्मपत्नी जो सारी उम्र? बिल्कुल ईमानदारी से सहभागी बनकर
- 1:29:01निभि हो उसकी मृत्यु हो जाए तो हृदय के अंदर क्या बीतेंगे?
- 1:29:10बस वही अफसोस था। और कुछ नहीं कहा था।
- 1:29:14सारी उम्र कुछ नहीं कहा। 2015 से शुरू किया 30 वर्ष कुछ
- 1:29:21नहीं कहा। अभी कुछ कह दिया उन्होंने कोई नई
- 1:29:25सक्रीम आदमी का दिमाग में नहीं नहीं, कस्तूरबा के जाने का भी
- 1:29:30छोड़ने का। वियोग का दुख गाँधी को तोड़ गया।
- 1:29:38किसी ने कुछ नहीं कहा और इसी दुख के कारण गाँधी की।
- 1:29:52जीवन शैली कमजोर होती चली कमजोर होती चली, पहले भी कमजोर थे, खाते
- 1:29:58पीते तो कुछ थे नहीं, इतना वर्क करना इतना लोड दिमाग पर और फिर।
- 1:30:10कोई निष्काम बाप से करना, कुछ इच्छा रख के भी नहीं करना, ऐसी
- 1:30:17ऐसी बातों को कतर्क रूप में ले लेते हैं ये लोग जिन्होंने खुद भी
- 1:30:23कुछ नहीं किया अगर किया तो पगार लेके किया इनके बाप दादू ने भी
- 1:30:28कुछ नहीं किया। दोष गाँधी को देते हैं बस ही था
- 1:30:37कारण साथ ही चला गया था बेरहा के कारण शरीर गिर रहा था कमजोर हुए
- 1:30:45जा रहे थे। इस कारण से, उनके स्वास्थ्य के
- 1:30:53गढ़ने के कारण सवस्थ कारणों से उन्हें छोड़ दिया गया जाओ आराम
- 1:30:58करो, यहाँ आराम की व्यवस्था ठीक नहीं है, यह था कारण कुछ और पूछना
- 1:31:04हो तो मैं हाजिर हूँ मुझसे पूछ लेना धन्यवाद।