Latest / Baba ji Vijay Vats / 13 Jan 26 - भगवान के दर्शन का वैज्ञानिक सच | Delta Waves का रहस्य | भगवान से क्या मांगें? Confession?
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- 0:23आचार्य कृपा प्रशांत बाबा जी ट्रांसपर्स कल शाम।
- 0:44मैं अपने छत पे बैठा हुआ था। एकाएक भगवान शंकर प्रकट हुआ।
- 0:59है। मुझ से कहने लगे मैं तुम पर बहुत
- 1:15प्रसन्न। हूँ।
- 1:16मांगो क्या? मैंने कहा बाबा अगर आप सत्य में
- 1:33मेरे ऊपर प्रसन्न हो, प्रभु पूछ मुझसे मैं क्या चाहता हूँ, मैं
- 1:47तुझसे तुम्हें मांगना चाहता हूँ। बस तुम्हें ही मांगता हूँ मैं
- 1:57अपने चरणों का प्यार देते, क्या मैंने ठीक मांगा या मुझे कुछ?
- 2:10और मांगना चाहिए था आचार्य के प्रसाद पहले हम इस घटना के गहराई
- 2:30में चले रहस्य जहाँ से ये घटनाएं घटित होती हैं।
- 2:43मैं आजकल जो सीरीज शुरू किए हैं, उसमें थोड़ा सा साइंटिफिक सामग्री
- 2:51इस्तेमाल कर रहा हूँ मेरे दृष्टि में।
- 3:01आपकी निरंतरता बनी रही होगी। ये घटनाएं घटती हैं सूर्यदास के
- 3:12जीवन में एक कहानी आती है। भगवान कृष्ण बाल रूप में सूर्यदास
- 3:25के बादशाहते है और अपनी बहियाँ हाथ सूर्यदास के हाथ में पकड़ा
- 3:34सकते है। सूर्यदास प्रेमी स्वभाव के थे।
- 3:50सूर्यदास ने कृष्ण को बालकृष्ण को ह्रदय से लगा लिया और रोने लगे।
- 4:06लेकिन नटखटकाना अपनी बनियाओं को छुड़ाके।
- 4:18भाग गया। सूर्यदास ने बड़ी कोशिश की।
- 4:28आँखें तो है नहीं लेकिन कान्हा है के पकड़ में नहीं आते।
- 4:45सूर्यदास कहते हैं। मैं अमदा हूँ, मुझे दिखता नहीं,
- 4:56बांह छुड़ाए जात हो निर्मल जान के मोह बांह छुड़ाए जात हो निर्मल
- 5:09जान के मोह। हृदय से दो जाओ तो मर्द कहूं मैं
- 5:15तो हाथ तू छुड़ा लो के कान, लेकिन मेरे हृदय से जाग दिखाओ।
- 5:42मेरे हृदय से तुम न छपाओ ह्रदय से जो जाओ तो मर्द कहो मैं और छतों
- 5:56में परम परुष्य अगर किसी को गिना गया 16 कला सम्पूर्ण तो भगवान
- 6:02कृष्ण को ही गिना गया। वह परम पुरुष हर कला में
- 6:14निष्णाार्थ बाहं छुड़ाए जात हो नर पलक जान के मोह हृदय से जो जाओ तो
- 6:24मर्द कहो मैं तो। बड़ा प्यारा प्रसंग है ये घटनाएं
- 6:37कब घटती है आचार्य कृपा प्रसाद? तुमने कहा कल सायं भगवान शंकर
- 6:52मेरे पास आए, बोले मांगो क्या मांगते हो, मैं तुम पर परम
- 6:57प्रसन्न हूँ, मुझे क्या मांगना चाहिए था मैंने उन्हीं को मांग
- 7:07लिया उनके चरणों का प्रेम। आइए ये घटनाएं कब घटती हैं?
- 7:22जैसे ही व्यक्ति थीटा वेब से निकलकर डेल्टा में प्रवेश करता
- 7:31है। और करीब करीब डेल्टा के आधे भाग
- 7:41में आ जाता है। दो दो हार्ट्स में आ जाता है तो
- 7:50ऐसी घटनाएं करते हैं। आई तुम्हें साइंटिफिक रूप से।
- 7:57मैं व्याख्या मुझे भी भगवान शंकर के दर्शन ऐसे ही हुए थे और वह
- 8:05बिल्कुल सही लगेंगे। आपको आप उसको छुओगे सही छुए
- 8:10जाएंगे, वो बड़े मज़े की बात है। सिर से निकलती हुई गंगा अगर उसमें
- 8:21हाथ दोगे तो हाथों में साफ पानी लगेगा गंगा का पानी और वो परम
- 8:34केशधारी जटाधारी। तुम्हारे समक्ष बैठा होगा, परम
- 8:39सुगन्ति से लुप्त सुगन्ध पृष्ठ वर्धनम और वरोक में बंधना
- 8:50मृत्युमक्ष माम्रदात। ये घटनाएं क्षेत्र की एक विशेष
- 9:01दशा में घटती हैं और वह दशा है के डेल्टा में आ जाओ।
- 9:14आधे दो डेल्टा से ये शुरू हो जाते हैं।
- 9:23अक्सर साइकिएट्रिक्स इन्हें लोग पागल करते हैं, वो हिप्नोटिक
- 9:30ड्रग्स देना शुरू कर देते हैं, अल्फ्राजुलम ले जाओ।
- 9:36एल परेक्स ले जाओ, सेडेटिव ले जाओ इसका दिमाग खराब हो गया है।
- 9:56इसका एम एक डायलॉग खराब हो गया है।
- 10:03इसका प्रेफरेंशियल खराब हो गया है।
- 10:07नहीं, ऐसा नहीं है, यह सत्य घटनाएं हैं।
- 10:14वेव्स से सुलझाई जा सकती है। जैसे ही तुम आधा क्रॉस करोगे
- 10:27डेल्टा पे करीब करीब दो डेल्टा पे आ जाओगे।
- 10:32उसके बाद ये घटना घटे कभी हनुमान जी आ गए।
- 10:37कभी दुर्गा आ गई, कभी सरस्वती आ गई जा को जा पर सत्य सेना हो सो
- 10:49तो ही मिले ही ना कछु संदेह हो, तुलसीदास इस बात को कह गया है
- 10:55लेकिन उसका भेष नहीं जानते। उसका भी साइंटिफिक रूप से मैं
- 11:00समझा रहा हूँ जिसकी जीस पर श्रद्धा होती है सो तह मिल रही
- 11:10हूँ ना कुछ संघों को कोई संदेह उससे मिल जाता है।
- 11:18यह। हमारे।
- 11:19मन के भीतर विविशा ग्रंथि में कैद होती है सारी बातें जैसे कोई
- 11:30व्यक्ति डेल्टा के आदि में आ जाएगा तो घटनाएं प्रत्यक्षीकरण हो
- 11:36जाएंगे। और तुम्हें बिलकुल वही दृश्य
- 11:41दिखाई पड़ेगा जो थ्री डी में दिखाई पड़ता है।
- 11:45अभी फ़ोर डी तुमने देखा नहीं फ़ोर डी तो बिलकुल ही तुम्हारे ऊपर शेर
- 11:52आक्रमण कर देगा क्या फ़ोर डी में? अभी तीन डायमेंशन तक विज्ञान
- 11:59पहुंचा चार डायमेंशन तक आएगा फोर डी में बिलकुल सांप आएगा तुम्हें
- 12:11डस जाएगा। और।
- 12:18साँप का डर सेंसर तुम्हें होगा। प्रश्न घटनाएं घटती हुई महसूस
- 12:28होंगी, लेकिन वो शक्ति में होंगी ना?
- 12:34ये होता है डेल्टा के। दो साइकल्स पे दो हार्ट्स तो शंकर
- 12:46जी आये बिल्कुल आये ये जो लोग कहते हैं हनुमान जी आ गए।
- 12:55दुर्गा आ गए? ये लोग प्रबुद्ध हो सकते हैं।
- 13:02काश ये झूठे लोग नहीं होते काश ये बाबा बागेश्वर।
- 13:15रे शक्ति पुंज क्या नाम है इसका ये न होते तो जो इस अवस्था में
- 13:24पहुँच गया उसने डेल्टा का आधा मार्ग प्राप्त कर लिया।
- 13:29और। डेल्टा का पूरा मार्क क्रॉस कर
- 13:31लेना ही संबोधित। जियो।
- 13:35हार्ट के साथ चिपक जाना यह सब वेव्स का खेल है।
- 13:52किसी के जीवन में भी कट सकता है। यह सत्य नहीं होता, लेकिन तुम्हें
- 14:01बिल्कुल लगेगा कि यह सत्य है। यह वेव्स का खेल है।
- 14:11चार से तुम दो पे चल रहे और दो से घटनाएँ घटनी शुरू होगी।
- 14:16जो जो तुमने आस्थाएँ बनाई थीं वो आस्थाएँ प्रतिमुरित रूप लेकर
- 14:25तुम्हारे सामने प्रगट होगी तुम खेलोंगे उनके साथ तुम बते आओगे।
- 14:32लाड, प्यार करोगे सब होगा लेकिन। या।
- 14:39वैसे ही होगा जैसे फ़ोर डी के अंदर होता है लेकिन तुम्हें अभी
- 14:42फ़ोर डी का पता है तुम थ्री डी तो जान गए क्योंकि खोज लिया विज्ञान
- 14:52जीस दिन फ़ोर डी। खोज लेगा।
- 14:56उस दिन सब कुछ घटा लेकिन कुछ भी नहीं घटा।
- 15:04ईश्वर की संरचना में इम्पॉसिबल नाम की कुछ यद्यपि मूर्खजन
- 15:12नेपोलियन जैसे मोदी जैसे। इनको अपनी भाषाओं में कन्वर्ट कर
- 15:19लेते हैं। इम्पॉसिबल वर्ल्ड इस फाउंड इन
- 15:23ओनली फूल्स डिक्शनरी सिर्फ मूर्खों के शब्द कोष में असंभव
- 15:29शब्द पाया जाता है। होती है तो।
- 15:41अति उत्साह का परिणाम है। और।
- 15:48मज़े की बात यह है ये घटनाएं गामा के अंदर भी घटती हैं।
- 15:56और यह जो शब्द नेपोलियन बोनापार्ट ने बोले ये शब्द गामा की तीव्र
- 16:03वेव के अंदर बोले और मोदी ने भी बोले तो ये गामा के तीव्र वेव ने
- 16:10बोले, उसको पता ही नहीं है सत्य क्या है?
- 16:15लेकिन भीतर से ओमंग उठती है कि कुछ भी असंभव नहीं है।
- 16:23ये सत्य तो है लेकिन परमात्मा के लिए है, तुम्हारे लिए नहीं।
- 16:29या फिर तुम जब उस कगार को छू गए? जहाँ जाकर तुम ही परमात्मा हो गए
- 16:38और वहाँ तुमने उदघोष किया, हम ब्रह्मस्मा अनलहक यह कोई पागल
- 16:47मोदी भी पागल नहीं है। लेकिन कल्पना में है, नेपोलियन
- 16:56बोनापार्ट भी पागल है कल्पना में है, जो कहता है असंभव शब्द
- 17:06मूर्खों के शब्दकोष में पाया जाता है।
- 17:13फिर। उसके लिए मृत्यु को रोकना असंभव
- 17:16हुआ कि नहीं हुआ असंभव शब्द अगर मूर्खों के शुद्ध कोष में पाया
- 17:24जाता है। तो मृत्यु को रोकना नेपोलियन
- 17:28बोनापार्ट के लिए मुश्किल हुआ कि नहीं?
- 17:3352 साल की उम्र में वाटरलू का युद्ध धार्क है।
- 17:40कितने युद्ध ये थे उसने? ये अति शोक है।
- 17:49जो? गाना वेव के अंदर बोली जा सकती
- 17:52है, ध्यान रखना, इस फर्क को समझ लेना और एक।
- 18:02महज अतिशोक नहीं होंगे। वह डेल्टा वेव्स के प्रभाव से
- 18:08बोली जाएगी। वह सत्य हो गई, सत्य इस मायने
- 18:13में। कि तुम वहाँ।
- 18:15जाकर जो भी चाहो कर सकते हो। वहाँ संकल्प।
- 18:20करोगे और हो जाएगा। मज़े की बात है।
- 18:24जिसे मैं जंक्चर बांट गया। जंक्चर।
- 18:30बांट पे तुमने सोचा इधर सोचा उधर काम हुआ।
- 18:38इसलिए हम संतों के पास जाते हैं। संतों के पास अपने मुश्किल कामों
- 18:46को। बताते हैं, लेकिन फिर हम लोग भी
- 18:53हो जाते हैं। मेरे पास रोज़।
- 18:56ऐसे केस आते हैं। वो जैसे के साथ और बहुत आइ मैं
- 19:08हूँ। जिन्हें मैं सत्य।
- 19:15गिन्ता हूँ कठीक ये बहुत दुख है। उनको मैं अपने।
- 19:19संग भीतर ले जाता हूँ। और उनका काम?
- 19:22तब तक शौक हो जाता। है ध्यान से सुनना।
- 19:30इस वीडियो शायद इसके बाद इससे पहले तो बोली ही नहीं गई।
- 19:38बोली गई तो? दोहों में बोली गई बाहें, छुड़ाए
- 19:43जादू। हो निर्बल जान के मोह हृदय से गिर
- 19:48जाओ तो मर्द को तुम अब कुछ नहीं समझ सकोगे सिर्फ आँखें झरेंगे।
- 19:56तुम अश्क भर। भर के रोोगे।
- 20:02लेकिन आज मैं तुम्हें साइंटिफिक वे से समझाता हूँ।
- 20:12झूठ कोई? भी नहीं बोलता है।
- 20:16गामा रेंज की जब अति होती है। तो ऐसे।
- 20:20विचार प्रकट होते हैं। बेहतर से आई कैन डू एनिथिंग व्हाट
- 20:27एवर वांट? वह गामा की सौर इंच से भी ऊपर चली
- 20:37जाती है, सो हार्ड से ऊपर चली जाती है।
- 20:42तो ऐसे ही ख्यालात होते हैं और उसको ऐसा लगेगा बिलकुल मैं कर
- 20:46सकता हूँ। तुम देखना।
- 20:49तस्वीर तुम्हें कभी आ जाएगी। पार्लियामेंट।
- 20:55के भीतर मोदी गरज रहा छाती पर हाथ मार के मैं अकेला।
- 21:02सो प्रभारी ठीक कहता है, उसकी कोई गलत नहीं है, वह गामा के सो रेंज
- 21:10को पार करके है, लेकिन यह सत्य नहीं है।
- 21:17यह कब होता है? सो?
- 21:20हमारे संतों। ने कहा।
- 21:24अगर उस। आनंद तक जाना चाहते हो?
- 21:29तो इन। दासी चीजों का पालन करना है।
- 21:33यम और। नियम के अंतर्गत आएँगे।
- 21:38तो उसका। पहला जो शब्द है वह है सत्य।
- 21:43अहिंसा। अस्तय ब्रह्मचर्य, अप्रियग्रह
- 21:46सोच, संतोष, तप, स्वाध्याय, ईश्वर प्राणी था।
- 21:50हम पहले शब्द को ले लेते हैं, बाकी बेकार है आज के प्रसंग के
- 21:55लिए जो व्यक्ति झूठ बोलता है। पक्का है कि।
- 22:02वो कल प्राणों में खो जाएगा, उसकी गामा वेव्स इतनी तीव्रता से चलने
- 22:08लगी। वह कहेगा मैं करके दिखाऊंगा, इट्स
- 22:16इफेक्ट ऑफ़ गामा वेव्स करके दिखाएंगे।
- 22:22होता हुआ तक्ष हमारे रामलीला। हुआ करते थे।
- 22:35धनुष तोड़ा जा रहा था। एक अमरा सा।
- 22:39मर्दूद सा हड्डियों ही दिखते थे, वो चल के आए थे।
- 22:45उसने कोशिश। की।
- 22:49कहता जल कर। दूंगा, थल कर दूंगा तू अगर चाहे
- 22:56धनुष तो मैं तुझे निर्बल कर दूंगा।
- 23:00तो उसके घराली। वहाँ बैठ के देख रही थी कहता क्या
- 23:03निर्बल कर देगा? रात को चार।
- 23:08पई तो हिलते नहीं सत्य में डेल्टा रेन से उठी हुई वेब से उठी हुई
- 23:18सत्य। और गामा रेन।
- 23:23से उठी हुई। उत्तेजना स्टिमुलेशन।
- 23:32यह दोनों में बड़ा फर्क है। मैंने आपको बड़े क्लियरली समझाया,
- 23:40व्हाटस दी डिफरेंस बिटवीन हैपीनेस एंड आनंदा?
- 23:46खुशी एक। उतेजना है।
- 23:50आनंद भाई, तुम। खुश नहीं होगे।
- 23:52ठहाके नहीं मारोगे, ठहाका मारना बताता है यू अरे, स्टिम्युलेटेड
- 24:02और आनंदा। बुद्ध की तस्वीर।
- 24:05को देखी वह उत्तेजित नहीं हैं। निरउतेजित हैं महावीर की तस्वीर
- 24:12को देखी निरउतेजित हैं कृष्णा की तस्वीर को देखी वह आनंद है वह तो
- 24:22आनंद में। मुरलियाँ बजा रहे हैं।
- 24:25और आपने आज। नकली मुरली का इस्तेमाल कर लिया।
- 24:29है ये बी के में। मुरली सुबह सुनाई जाती है शब्दों
- 24:33का रूप में। जबकि मुरली।
- 24:35होती धुन के रूप में। बीके के।
- 24:40अंदर सुबह सुबह मुरली आती है, वो कोई फरमान होता है और भक्त लोग
- 24:45बड़े चाप से सुनते हैं। भक्ति बड़ी अजीब सी है।
- 24:50किसी को बुद्धि किसी की बुद्धि को विकृत कर सकती है।
- 24:55ऐसे ही बीके में जुड़ गया। उसकी बुद्धि विकृत हो गयी।
- 25:01अरे ब्रह्माकुमारी भाई ठीक है, मैंने सब से बोल पूछ लिया से।
- 25:13सुबह सुबह। मुरली सुनाई जाती है लेकिन ये धुन
- 25:16नहीं होती। ये शब्द होते हैं।
- 25:20और भगत लोग इसे कॉपी डायरीज़ में लिखते हैं।
- 25:25के आज, मुरली। में क्या बताएगा और इससे क्या
- 25:29होगा? तुम्हारे न्यूरॉन्स भीड़ हो
- 25:31जाएंगे। अक्सर अनपढ़ तरह के लोग इन बातों
- 25:37को। लिखेंगे डायल्स पे सारे दिन जखाई
- 25:41मारेंगे, आखिर में मिलेगा कुछ भी यह गामा वेव्स का प्रकोप।
- 25:51कहूंगा मैं इसे गामा वेव्स का प्रकोप है।
- 25:57असंभव। शब्द इन लोगों के लिए होते हैं।
- 26:01ये कहेंगे तुम? सो हो, कोई बात नहीं, मैं अकेला
- 26:04ही काफी हूँ। जब तुम ये तो तुमने समझ।
- 26:16लिया। जब ऐसे शब्द आएँगे जो दिमाग से
- 26:21बाहर हुए हैं एक अकेला सो प्रभारी, यह पागलपन की निशानी है।
- 26:32अभी कल ही मैं एक शब्द सुन रहा था।
- 26:35हमारे एन। एस ए।
- 26:38देखिये क्या? वक्त आ गया।
- 26:45हमारी सरकार। के पास आखरी तीर उनकी उनकी
- 26:53प्रतिक्षा में एक ही तीर बचा था। वो भी कल बलि का बकरा बना दिया।
- 26:59एनएसए अजीत डोभाल वो कल कह रहे थे नेपोलियन का एक शब्द मेरा आइकॉन
- 27:09है। अचित्र का वार 1968 बैच के।
- 27:17आई ए एस ऑफिसर है। अधिकारी सॉरी आईपीएस पहले ये आईबी
- 27:28में काम करते रहे। इन्टेलिजेन्स ब्यूरो।
- 27:342014 में जब मोदी आए तो इन्होंने अपने ही जैसा ढूंढ लिया।
- 27:42अजीत डोभाल मेरा अंदाजा गलत निकला।
- 27:50मैं अजित डोभाल को समझदार आदमी समझता था।
- 27:55क्यों आईपी के अंदर लेकिन कल वो मेरा भ्रम टूट गया।
- 28:04जब वो जवानों। से किताब कर रहे थे तो उन्होंने
- 28:08कहा। के नैपोलियन का एक शब्द मुझे बड़ा
- 28:11प्यारा लगता है। एन।
- 28:14आर्मी। ऑफ़ शीप लेड ब्य ए लायन वुड डिफीट
- 28:19एन आर्मी ऑफ़ लायन्स लेड ब्य ए शेप मैं थोड़ा सरल करके।
- 28:30बता दूँ? मुझे सुनने वाले।
- 28:33कुछ ऐसे भी हैं। एक आर्मी।
- 28:39है, जो है भेड़ों की और उसे लीड कर रहा है शेर।
- 28:56और दूसरी। तरफ एक आर्मी है।
- 28:59लाइन्स। की आर्मी है।
- 29:03उसे लीड कर। रहे हैं एक भेड़।
- 29:08इससे फिर से। सुनिए।
- 29:10थोड़ा प्यारा शब्द है। एन।
- 29:12आर्मी ऑफ शेप लेड बाय ए लाइन वुड डिफीट एन आर्मी ऑफ लाइन्स लेड बाय
- 29:22ए शेप एंड नेतृत्व भी असली शक्ति है कहते हैं।
- 29:28तो मुझे। हिंदुस्तान की समस्या जो
- 29:31मास्टरमाइंड में ढूंढ रहा था, मुझे अकसमात की कल्पना मैंने
- 29:36मिलाती ये है व्यक्ति जो तुम ढूंढ रहे थे।
- 29:49तुम्हें क्षमता के मैं सुन सकता दो आर्मीस खड़ी एक शेरों की है एक
- 29:59भेड़ों की। शेरों की आर्मी?
- 30:02को शीप याने भेड़ अगुवाई कर रही है।
- 30:10और बेड़ों। की आर्मी को एक लायन अगवा कर रहा
- 30:14है तो कहते हैं कि जो लायन बेड़ों की आर्मी को अगवाई कर रहा है, वह
- 30:23जीत जाएगा। अब सुनिए।
- 30:27कोई बात मेरी यह अजित डोभाल तक पहुंचा दे।
- 30:33शब्दों से बात नहीं बनती। अजित डोभाल जी 81 साल के हो गए,
- 30:41कहीं भेजा तो नहीं खराब हो गया? इसे प्रैक्टिकल में आजमा फिर आएगा
- 30:53मजाक, फिर पता चलेगा कैसे गामा रेंज के प्रभाव में वह पागल ये
- 31:01शब्द बोल गया कौन? नेपोलियन बोना पार्ट।
- 31:11इसे। प्रैक्टिकल में करके देखी है?
- 31:14एक तरफ। सो भेड़ और शेर उसकी अगवाई कर रहा
- 31:19है। एक तरफ।
- 31:21सो शेर और शीप उसकी अगवाई कर रहा हो।
- 31:25इसका परिणाम क्या होगा? आओ हम ऐसा करें शब्दों से बात
- 31:30नहीं बनेंगी शब्दों से ना तो भूख मिटती है, मैं रोज़ कहता हूँ।
- 31:36शब्दों से ना ही। समस्याएं हल होती है।
- 31:40कभी राम रम। करने से पेट भर है।
- 31:44कभी राधे राधे। कहने से तुम्हारी समस्याएं हल हुई
- 31:47है। मैं रोज़ बोलता हूँ, आज तुमने वही
- 31:51बात कर दी। अजित डवाल डांट में तुमने कैसी
- 31:56साल ले ली? जो?
- 32:02तुम्हारा आइकॉन है प्रेरणा स्रोत है।
- 32:08आइए उन शब्दों को आजमाएं अजित डोवाल जी क्योंकि शब्दों से कुछ
- 32:15हुआ नहीं करता शब्दों सद्दाम हुसैन ने भी गायब था अमेरिका से।
- 32:24आओ तुम मेरे। पर आक्रमण करो, मैं तुम्हें
- 32:29कुत्तों की तरह कुचल दूंगा। और हुआ क्या?
- 32:34सद्दाम हुसैन? को फांसी लगा दी अमेरिका ने।
- 32:39क्योंकि वह। कसूरवार था नैचुरल सोर्सेस को।
- 32:43उसने कवैत पर आक्रमण कर दिया। कवैत के।
- 32:47कुवों को हथियार दिया। यह खेल सदा से ही अमरीका के लिए
- 32:53लोभ का कारण रहा है। ऐसे लूट लूट के अमेरिका।
- 32:57विश्व का। सबसे ताकतवर देश बना है लूटना।
- 33:04इसका स्वभाव। रहा है।
- 33:06यह लुटेरा है, बस तुम्हें इसका इतिहास नहीं पड़ा है।
- 33:14अमरीका। लोगों के धन को लूट लूट के अमीर
- 33:18बना है। और हिंदुस्तान हिंदुस्तान लूट,
- 33:22लूट के गरीब बनाये, लूट गया 1000 साल पहले।
- 33:32गजनवी। लूट के गया था सोमनाथ मंदिर को।
- 33:37और यह है पागल। प्रधानमंत्री?
- 33:40वहाँ गया है अपनी ही बात पटवाने के लिए कि कैसे हम लूटे थे उस
- 33:46टाइम 1000 साल पहले कैसे हम लूटे थे एक अकेले आदमी के साथ।
- 33:53महमूद का? जन्म ले।
- 33:57वह आया और। हमारे 50,000 लोगों को मार गया।
- 34:03हमारी सोने। की मूर्तियां जिन्हें हम भगवान
- 34:05कहते हैं, गधों पर लाद लाद के ले जाओ।
- 34:08उस वेला को? याद करने गए हैं साहब आज सोमनाथ
- 34:14मंत्र में? वह वेला को नियुक्ति करें तो सब
- 34:19याद कर लिया ब्रो, प्रधानमंत्री वह वेला पे याद कर लो जब ₹60 में
- 34:25वीर सब्र करने शरनार बिंद छुए थे, अंग्रेजों के, वो तो याद करते
- 34:30नहीं तुम। अपने भद्द पिटवाने।
- 34:34चले गए और इसको। एक उत्सव।
- 34:37के रूप में मना रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च हो जाएंगे
- 34:42हिंदुस्तान के जनता की खून पसीने की कमाई।
- 34:53और साहेब? यह भी कोई जश्न मनाने का भक्त है?
- 34:59दुख मनाओ कि हम कितने लाचार थे कि कोई गजनबी आँखें उस देश की
- 35:11व्यवस्था को लूट लें। जीस देश में।
- 35:14कभी कृष्ण ने गीता का संचार किया था।
- 35:17नैनम चेतन ती शस्त्राण नैनम देहती बाबका न चैनम क्रेयजनता कोनाशू
- 35:23क्षति मारो ता। क्या यह बहुमूल का है?
- 35:29जैसे किस आत्मा को मार नहीं सकता? कोई काट नहीं सकता जला नहीं सकता,
- 35:33कोई बिगाड़ नहीं सकता। क्या यह?
- 35:37देश भगवान कृष्ण का वह सनातन है नहीं, आज कायर हिंदू हो गया है।
- 35:46मैंने बहुत बार कहा था। और यह?
- 35:50कायर हिंदू आज सोमनाथ के मंदिर में अपने भद्द पिटवाने गया है।
- 35:57याद? करने याद करना है तो किसी उन
- 36:01लम्हों को याद करो जब तुम जीत का जश्न मना रहे थे।
- 36:07तुम लूट के। जश्नों को रिकॉलेक्ट करते हो लूट
- 36:11की मेमोरीज को रिकॉलेक्ट करते हो कैसे हम उस दिन पीटे थे कैसे
- 36:1750,000 गर्दनें उतनी थी और कैसे गधों के ऊपर तुम्हारे भगवान को
- 36:22लाद लाद के ले गया और तुम कुछ नहीं कर सके।
- 36:28कैसे सोमनाथ के पुजारी माला हाथ में लिए राधे राधे राधे तुम्हे
- 36:36शर्म नहीं आती लोगों के खून पसीने की कमाइयों को तुम ऐसे लुटा देते
- 36:44हो? यह कोई वेला।
- 36:47है, उत्तम मनाने की वेला है सेपेशन प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया
- 36:56वहाँ जाकर लेकिन नहीं बात कुछ और है।
- 37:03बात कुछ और। है।
- 37:05बस इससे ही समझे तो अजित डवाल जी आओ, प्रैक्टिकल करें एक तरफ।
- 37:18सो भेड़े हैं। शेर है अगुवाई करने वाले।
- 37:23और दूसरी तरफ जो शेर हैं भेड़ है अगवाई करने वाली क्या होगा?
- 37:28प्रैक्टिकल करके देखो मैं तुम्हें बताऊँ क्या होगा?
- 37:34शेरों की अगुवाई कर रही है भेड़ वह फौज।
- 37:41जो शेरों की फौज है और अगवाई कर रही है भेड़ वह क्या होगा?
- 37:56पहले तो। जो शेर हैं।
- 37:59अब ये होने। वाला है।
- 38:00अजित धवाल जी मेरी बातों को सुन लेना, सुन लेना।
- 38:10ईश्वर ने। पहले से सारी संसाधन बना दिया, सब
- 38:15दिखा दिया मुझे जेल में 13 साल तक कैसे रहना है देखो अकेला बैठा
- 38:20हूँ। नहीं कुछ।
- 38:22खाना 13 साल से अनकाय का दाना नहीं खाया।
- 38:25यह सब तैयारी ईश्वर्य व्यवस्था थी।
- 38:28यद् भी मुझे पता नहीं था। आज पता चला कि मुझसे जी काम भी
- 38:34लेना था उसने। और उसी की।
- 38:39सरजना में उसका खेल है, उसकी लीला है, वह कैसे खेलेगा?
- 38:45यह मानव नहीं जानता। भाई, तुम मुझे?
- 38:50जेल में भटक दोगे तो 13 साल का अनुभव तो मुझे है ही और जिंदगानी
- 38:56बजे ही कितनी है? जो अंतर में।
- 38:59लग गया हूँ। बस खत्म है कब?
- 39:06जो व्यक्ति कुछ। खाया नहीं फिर से चल नहीं सकता
- 39:09ठीक से। दो कदम भर।
- 39:12में नहीं चल सकता। मुश्किल छड़ी के सहारे से चल सकता
- 39:17हूँ अगर कोई बच्चा मुझे ऊँगली भी लगा दे, थोड़ा धक्का दे दे कर।
- 39:26लेकिन। ईश्वर ने कैसी व्यवस्था तैयार की?
- 39:35उसने बहुत दिखाई मरहरे। जो मैराथन।
- 39:40का दावक नहीं देख सकता। जो अपने।
- 39:44अंत में प्रवेश करके ही देखा जा सकता है उन डेल्टा की तरंगों को
- 39:54अब आइए हम युद्ध को देख रहे हैं 100 भेड़ों की कतार उसको लीड कर
- 40:02रहा है शेर। और सो शेरों।
- 40:05की कतार फौज उसको लीड कर रही है। बेड क्या हुआ मैं देख रहा हूँ।
- 40:13वह जो सो शेरों की फौज थी, वह अपने ही लीटर को खा गई।
- 40:19बेड को खा गई, भूख लगी थी। शेर बचे उन 100 शेरों ने सामने
- 40:31वाले भेड़ों के लीडर को शेर को पछाड़ दिया, मार दिया और सारी
- 40:38भेड़ों को एक एक खाद है। यह हुआ है सर, क्या बचा?
- 40:44सो शेर बचा। अब मेरा इशारा।
- 40:48समझा दो। अच्छे से।
- 40:51समझा दो। जनता शेर।
- 40:59है। आखिर में जनता ही बचा करती है और
- 41:14आज मुझे समझ आया कि यह किस व्यक्ति का फॉर्मूला काम कर रहा
- 41:22था देश में। अब रिसाल्ट।
- 41:28ये मेरा। जो?
- 41:33सो शेरों को लीड कर रही थी बेड, उसको तो उसके ही शेर खा गए, जिनको
- 41:40वह लीड कर रही थी। क्योंकि भूख लगी थी उनको क्या
- 41:45करें बच्चा और फिर उन्होंने आक्रमण कर दिया भेड़ों के उस फौज
- 41:54पर जिसे लीड कर रहा था शेर शेर को मार गिराया।
- 42:00और भेड़ों को खा। गए।
- 42:02क्योंकि शेरों का तो आहार ही मांस हुआ करता है।
- 42:08रोजगार चाहिए भाई जनता को तुम्हारे झूठो झूठे दावों से
- 42:14झांसे से पेट। नहीं भरा कब तक दोगे?
- 42:19पांच किलो अनार्स। स्वावलंबी।
- 42:24बनाने की योजना तुम्हारी नहीं है। क्या पांच किलो अनाज दे के
- 42:31व्यक्ति को पराधीन कर लेना? यह।
- 42:35गोलवर्कर की पॉलिसी कामजाब कभी नहीं होगी।
- 42:39तो मूर्ख हो तो आज असली। चेहरा सामने आ गया।
- 42:44अजित अरोवाल उसने कहा कि मुझे बड़ा अच्छा लगता है यह शब्द मैं
- 42:55सारी चीज़ समझ गया। जीस मस्टरमाइंड की फिराक में था
- 42:59वो आज मुझे मिल गया अजीत दोभार इस दी मस्टरमाइंड उसने एक बैड को कहा
- 43:11नहीं तुम शेर हो एक अकेला सो पर भारी, तुम शेर हो तुम शेर हो, तुम
- 43:16शेर हो। और बार बार।
- 43:19कहने से भी विद्याग्रंथि हमारी प्रभावित हो जाती है।
- 43:22मैंने पहले बोला। और वह जो।
- 43:26कायर था। उसके भीतर भी बात जच गई।
- 43:28उसकी खुद की भी विद्याग्रंथि ग्रस्त हो गई कि हाँ, मैं चीर
- 43:33हूँ। उसने खुद ही बोलना।
- 43:36शुरू कर दिया। मोदी है तो मैं हूँ ये सारी रॉड
- 43:41यहाँ से चली और शुरू की अजय देवगन आईबी के अंदर थे इंटेलीजेंट मुझे
- 43:51सब समझा गया पल भर में इनके शब्द को।
- 43:55और परमात्मा ने वैसे ही मैं इसे देखा नहीं करता हूँ।
- 44:07खबरों वगैरह। अचानक से मेरे मन में ऐसा जैसे
- 44:12तूफान आया कि देखूं, मैंने देखा सुना और मुझे हाल मिल गया।
- 44:19मैंने कहा ठीक? भेड़ को।
- 44:24शेर बनाया गया है, कह कह के है तो का देखो, सोमनाथ बैठा है।
- 44:32अरे भाई। अगर 56 इंच का सीना है तो फौज में
- 44:36जरूरत है आपके। अगर खोपड़ा 20 किलो का है तो फिर
- 44:44देश को जरूरत है तुम्हारी खोपड़ा अंधभक्ति में।
- 44:55तो छाती तो भैस। की भी बहुत बड़ी होती है।
- 45:01और अगर 56। इंच की छाती है।
- 45:05तो फिर आपका। काम था फौज में, राजनीति में तो
- 45:11यहाँ लाल बहादुर भी चल जाते हैं, 26 वाले हाँ और ऐसा शानदार मज़ा
- 45:18दिखाते हैं। क्योंकि दृढ़ प्रतिज्ञ हैं
- 45:23तुम्हारे जैसे नहीं हैं क्या ऊ जलूल बोलते हैं सिंदूर?
- 45:34ऑपरेशन हुआ। भाई और।
- 45:38बहनों मेरे खून में सिंदूर दौड़ता है।
- 45:43मैंने कहा, भाई। अगर सच में दौड़ना शुरू हो जाए,
- 45:46ठीक है, झूठ बोलते हैं साहब हर बात में।
- 45:51तो व्यक्ति 10 मिनट के अंदर अंदर मर जाए 10 मिनट में।
- 46:01तो पतंजलि ने कहा, इन 10 चीजों को साथ लेना और सबसे पहला है सत्यम
- 46:08मेरे श्रोताओं ज़रा वापस से लौट आओ, सबसे पहला झूठ मत बोलो।
- 46:19जो हो इसीलिए मैं। जो कदर ईसाईयत और इस्लामियत के
- 46:27करता हूँ। हिंदू तो मेरे।
- 46:32लिए मूर्ख है। भला कागज।
- 46:37की नामी। कभी समुद्र पार कर सकती हैं भला
- 46:42कागज के जहाज कभी न्यूयॉर्क जा सकते हैं।
- 46:49बिल्कुल नहीं इम्पॉसिबल ये है। जो सत्य में।
- 46:54इम्पॉसिबल होता है। तो हमारी डिक्शनरी में लिखा कि
- 46:58नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर नेपोलियन बोनापार्ट कहते हैं
- 47:07इम्पॉसिबल बॉडीस फाउंड इन ओनली फूल्स डिक्शनरी तो।
- 47:12डिक्शनरी। में तो चाहे हो, चाहे न हो, लेकिन
- 47:15इतना पक्का है कि कागज के जहाज न्यू यॉर्क को नहीं पहुंचा।
- 47:22और कागज की कष्टियाँ सागर को पार नहीं कर सकते, दूसरे किनारे पर
- 47:27लगा नहीं करते। यह सभी।
- 47:34गामा रेंज की अति होने का प्रमाण है।
- 47:41मास्टरमाइंड? आज पखरा गया।
- 47:46इसने उसके भीतर ये भावना भरी होगी तो ठीक गुजरात में जो हो गया चला
- 47:55गया उसे भूल जा। जो?
- 48:01चला गया उसे भूल जा। वो न।
- 48:11सुन सकेगा तेरी सदा। जो चला गया उसे भूल जा उसे भूल जा
- 48:30उसे भूल जा। भूल जा और साहेब भूल गए गुजरात
- 48:41में क्या हुआ था? शुभरामन्याम।
- 48:46स्वामी कहते हैं। ये लड़कियों को।
- 48:50छोड़ता था गुजरात में। और हमने इसे इकट्ठे होकर प्राइम
- 48:55मिनिस्टर बना दिया। बड़ा शुभकामना किया।
- 48:58और आज गाली क्यों? निकाल रहे हो?
- 48:59तुम ही ने तो बताया। तुम बराबर के।
- 49:03गुनाहगार हो मिस्टर सुब्रमण्यम स्वामी।
- 49:14जब तुम्हें पता है। शीप है और शब्दों के हौसले शब्दों
- 49:24के ही कागज़ हौसले होते हैं। बनाने लग गया।
- 49:27न देखो एम्स। कागज़ के जो होते नहीं वो दिखाने
- 49:32लग गया। यह नस्ल।
- 49:38ही ऐसी है भाई आरएसएस नस्ल ही ऐसी वो देखो एम जुबान।
- 49:50इनकी नस्ल को सिखाया ही जाता है। सत्य तुम कर नहीं सकते सत्य पे
- 49:55तुम चल नहीं सकते इसलिए आसान मार गए झूठ बोलो झूठ बोलो जितना हो
- 50:02सके झूठ बोलो झूठ ही बोलो सत्य बोलो हीना और पतंजलि कहते हैं
- 50:06सत्य ही बोलो। ये कहते हैं।
- 50:10बुद्ध के देश से आयन और बुद्ध कहते हैं सत्य बोलो खुद भी बोलते
- 50:15हैं महावीर के देश से आयन महावीर कहते हैं सत्य, अहिंसा, आस्तय,
- 50:21ब्रह्मचार्य और प्रियग्रह। जैसे ही हम चार साइकिल से नीचे
- 50:34उतरना शुरू होंगे, दो में यह घटनाएं कटेंगे।
- 50:37पुत्र। तो मैंने कहा।
- 50:41तेरे चरणों का प्यार देते हैं, ठीक मांग लिया।
- 50:46मुझे कुछ और मांगना चाहिए तो हाँ, समझदार व्यक्ति को कुछ और मांगना
- 50:52चाहिए। लो आज सुन क्या मांगना चाहिए?
- 50:59जो हनुमान। ने मांगा है।
- 51:03सेवा। सेवा सेवा जैसा।
- 51:13सुन्दर हथियार तुम्हें धरती क्या सारे भ्रमण में कोई नहीं मिलेगा?
- 51:25अगर ब्रह्मंड। से या ब्रह्मंड से आये हुए किसी
- 51:29संत से संत ब्रह्मंड से ही आये हुए थे।
- 51:33कोई काम लेना चाहते हो तो एक मात्र हथियार जो काम करेगा वह है
- 51:37सेवा। सेवा का ही मेवा मिलता है।
- 51:47मैं कहता हूँ इसलिए इशाइयत मुझे बड़ी पसंद है।
- 51:51इशाइयत कहती है, जैसे ही तुम्हें। अपने फर्जो।
- 51:57से मुक्ति मिले। तुम हॉस्पिटल चले जाओ।
- 52:01मरीजों की। सेवा करो लाचार।
- 52:04बूढ़ों की। लाचारों की अपंगों की, अपाहिजों
- 52:08की सेवा करो, वह बिल्कुल लोकहीनता से होगी।
- 52:16उसमें कोई तुम्हारा निहेतों स्वार्थ नहीं होगा।
- 52:21इस्लामियत कहती है और इस्लामियत, ईसाईयत, ईसाईयत कहती है, सेवा
- 52:35करो। और इसाईयत एक बात और से कहती है,
- 52:47क्या कहती है इसाईयत कहती है कि जितना हो सके उतनी सेवा तो करो।
- 53:03दूसरा है। कन्फेशन?
- 53:07कन्फेशन? अफेयर्स इज़ लाइक ए ब्राउन दैट
- 53:11स्वीप्स आउर डार्क एंड मेक्स दी सर्फेस क्लीनर थान बिफोर।
- 53:18ह्यूमन्स टु एरर्स इंसान गलती का कुतरा है गलतियाँ तो होंगी लेकिन
- 53:24गलतियों को मान लो अरे मत रहो मोदी है तो हम कह तो नहीं होता
- 53:32सारा कुछ उतर जाएगा तुम शांत हो जाओ।
- 53:37लेकिन बात। तो ये है जो गलत किया उसका किल्ला
- 53:40फंसेगा कि नहीं फंसेगा। ये मुश्किल बात है।
- 53:44आम व्यक्ति को कह के कन्फेस कर मैं कपादरी के आतंक का छाप पढ़
- 53:49रहा था। उसने कब मैं?
- 53:55सुना करता था बड़े बड़े सेठ बड़े बड़े हवकार बड़े बड़े।
- 54:03नाम? वाले व्यक्ति आया करते थे।
- 54:07मैं सुनता। गया, सुनता गया, सुनता गया, बीच
- 54:10में पर्दा होता है। बीच में एक पर्दा इस बार बादरी उस
- 54:16बार वह है जिसने कन्फेशन करना है। मैंने ये पाप किया, मैंने ये पाप
- 54:20किया। और जब तुम।
- 54:23अपना पाप दूसरे को बता देते हो तो वह पाप आपके दिमाग से तो उतर जाता
- 54:30है। चेतन से उतर जाता है।
- 54:33अचेतन फल ही बहुत होता है। वह तो नहीं कभी डाला जा सकता।
- 54:39लेकिन मुशकलात। होती है कि अचेतन तो अपना फल देगा
- 54:43ही, तुम प्रयाश्रित न जायज़ कर लेते हो।
- 54:46वह प्रयाश्रित नाम की चीज़ कभी होनी नहीं चाहिए।
- 54:50क्योंकि जब। आपने कोई कर्म किया?
- 54:53वह सुपर सेंसिटिव कंप्यूटर में जाके फीड हो गया, बीज की तरह।
- 55:00और प्रोसेसर। ऑफ़ एवोल्यूशन ऑफ़ सीड तथा क्षण
- 55:03शुरू हो गया तो वह तो अपना फल अलग से देगी।
- 55:06परमात्मा के विधान के हिसाब से फिर तुम प्रयासरत क्यों करते हो?
- 55:10यह प्रायश्चित बेकार है। यह तुम्हारी एनर्जी को व्यर्थ में
- 55:19ही खराब कर देगा। तो कहता बहुत बड़े बड़े लोग आते।
- 55:30बड़े बड़े सेठ। भी आते 1 दिन एक ऐसा व्यक्ति आ
- 55:34गया सुनने वाली बात है आप गौर से सुन?
- 55:391 दिन। एक ऐसा व्यक्ति आ गया जीसको धरती
- 55:44पर करीब करीब पूजा जाता था। उस व्यक्ति।
- 55:52ने कन्फेशन करना शुरू किया। और वह।
- 55:56कन्फेशन में बोलता है कि हे प्रभु ओह।
- 56:05गॉड। मैंने बरात।
- 56:08किया। मैंने हत्या?
- 56:11की मैंने कतल किया और उस लोग को उस उसको लोग पूछते।
- 56:24उसका इतना। बड़ा नाम था कि उसकी उदाहरण दिया
- 56:27करते थे कि यह देखो, जैसे अब आज अगर तुम मुझे यहाँ मैं रोटी खाने
- 56:36लग जाऊं और खाता तो नहीं हूँ। रोटी सब्जी।
- 56:40कुछ नहीं सिर्फ मैं चाय पीता हूँ तीन बार।
- 56:44और तुम मुझे पकड़ लो। तो मेरी क्या गति?
- 56:48होगी। तो वह पादरी।
- 56:54कहता, जब मैंने सुना लोग इसको पूछते हैं और ये ऐसा है।
- 56:59इसने बलात्कार भी किया है। और वह महान पुरुष कहता है, लेकिन
- 57:11यह है बड़ा मुश्किल कन्फेशन करना बहुत मुश्किल है असंभव से असंभव
- 57:17अगर कोई काम है, तो वह है कन्फेशन करना।
- 57:24इसलिए गाँधी जी ने अपनी किताब सत्य के प्रयोग में अपने सारे पाप
- 57:28लिख दिए। व्हेन मैं?
- 57:32फादर वास् ऑन दी डेथ बेड आई वास् इन मैं बैडरूम विथ कस्तूरबा यह
- 57:42उसके दिमाग में छाई हुई थी बात। और जैसे ही उसने लिख दी गाँधी के
- 57:47दिमाग का वो झलकाव। यह कोई पाप।
- 57:53तो है ही नहीं अपनी धर्मपत्नी से संभोग करना कोई बात थोड़ी?
- 57:59है रह गया मंदिर। बलात तो है ही नहीं।
- 58:04लेकिन क्या था कि मैं फादर करमचंद वास ऑन दी डेथ वेट एंड ही वास
- 58:11कॉलिंग ही वास कॉलिंग ही वास कॉलिंग अगेन एंड अगेन मोहन को,
- 58:19बिलो मोहन को बिलो। यह बात गाँधी के अचेतन में बैठ
- 58:28गए। जब तक लिखी नहीं गाँधी ने सत्य के
- 58:32प्रयोग में। तब तक यह।
- 58:36दिमाग से उतरी नहीं। यह क्या था यह कन्फेशन था।
- 58:43बिफोर पब्लिक कि तुम मुझे महात्मा ही न समझते रहना।
- 58:48मैंने ऐसे ऐसे काम भी किये हैं। तुम पाओगे।
- 58:55तुरंत तुम बोझ भी न हो। तो इस साई तो मुझे।
- 59:00क्यों प्यारी है एक तो श्रेय नहीं लेते, वो चुपके से जाते हैं,
- 59:09चुपके से जाके सेवा करते हैं, कोई अंधा है, उसको सड़क बाहर करा देते
- 59:14हैं। सर्दी है, कोई ठिठुर रहा है।
- 59:22अपनी लोई उतार। के दे देते हैं।
- 59:24अपना ओवर कोट उतार के दे देते हैं हम तो घर जा के नया डाल लेंगे,
- 59:30अपने पास तो बहुत है। यह है ईसाईयत जीसको तुम रोज़
- 59:38गालियाँ निकालते हो जिसकी छोटी सी यहाँ बनी हुई एक स्टेट को तुम
- 59:46फूंक देते हो और उसका पता नहीं लेने जाने देते।
- 59:51ये ईसाईयत है। और यह प्रभावी।
- 59:55था। ईशा से जीसको सूली लग रही थी और
- 1:00:00वह परमात्मा से अरदास कर रहा था। ओह गॉड, प्लीज़ फोरगेट।
- 1:00:05देम बिकॉज़ दे डोंट नो व्हाट दे अरे डूइंग।
- 1:00:11यह उसके। शिष्य।
- 1:00:16और जीस। उदास में 30 दिनार में जो बिक गया
- 1:00:19था, वह 24 घंटे के भीतर भीतर मर गया।
- 1:00:24क्यों मर गया वह हाथ धोखे आता और देखता हाथ अरे लाल।
- 1:00:30अरे ये खून कहाँ से आया है? उसको फोबिया हो गया है मर्डर
- 1:00:38फोबिया कहते हैं। कि मैंने खून।
- 1:00:42किया, अपने ही गुरु का किया सिर्फ 30 दिनार में विज्ञा।
- 1:00:4830 दिनार उस जमाने में बहुत हुआ करते थे तो मैं अपने हाथ को देखता
- 1:00:58फिर नलके पे जाता। फिर साबुन उठाता, अच्छी तरह
- 1:01:00गिरता, फिर पानी से धोता और हाथ को तोरिये से पूछ के।
- 1:01:08आखिर चारपाई पे बैठता और देखता अरे ये हाथ तो लाना है, अब ये खून
- 1:01:15कहाँ से आ गया? ऐसे करता करता वह व्यक्ति 24 घंटे
- 1:01:19करता रहा और पागल हो के मर गया। मर्डर फोक गया।
- 1:01:26तुम लोगों का ऐसा ही असर होगा। जिन लोगों ने भी।
- 1:01:30किया है तो ईसाईयत की दो बातें मुझे बड़ी सुन्दर लगी मानवता को
- 1:01:43भार विहीन जीवन जीने का। एक बहुमूल्य सूत्र है यह तो किसकी
- 1:01:51आगे शेयर करें? देखिये माँ बाप।
- 1:01:55सबसे बढ़िया। हितकारी होते हैं।
- 1:01:59तुमने कतल भी करती है माँ बाप के आगे।
- 1:02:03कह दो मेरे। मुझसे ये हो गया।
- 1:02:08किसी से शेयर करो। भीतर ही भीतर।
- 1:02:11चिंगारी को मत दबने दो। यह 1 दिन आग का शोरा बन जाएगा।
- 1:02:19और सब कुछ। लपेट लेकर अपने भीतर खाक कर देगा
- 1:02:22सब कुछ। इसको प्रथम।
- 1:02:25पड़ाव पे ही खत्म कर दो, अपने माँ बाप के पास जाओ या फिर अपने
- 1:02:33ईमानदार गुरु के पास जाओ, ध्यान रखना इन गुफाओं वाले गुरु के पास
- 1:02:38में चले जाओ। फिर तो वो कहेंगे।
- 1:02:42अच्छा तुम ऐसा हो तो चलो फिर गोफाई मेरे पास हो गया किसी ऐसे
- 1:02:51गुरु से शेयर करना। जो गुरु।
- 1:02:54अपने जीवन में ब्रह्मचर्य का। जिसने साथ।
- 1:03:00लिया है। कोई नग्न।
- 1:03:03होकर भी उसके सामने खड़ा हो जाए। तो भी उसे कोई।
- 1:03:11फर्क नहीं पड़ता। बुद्ध की तरह बुद्ध रात्रि को
- 1:03:15पूर्णिमा की रात है, चंद्रमा पूरा है, वृक्ष के नीचे बैठे हैं।
- 1:03:20और कोई भाग्य जा रहा है उस चंद्रमा की रौशनी में पूर्ण
- 1:03:28चंद्रमा है। पूर्णमासी का दिखती है आकृति और
- 1:03:38थोड़ी देर बाद। 5 मिनट बाद चार व्यक्ति दौड़ दौड़
- 1:03:43जाते हैं। देखते हैं बुद्ध?
- 1:03:46बैठे हैं। बुद्ध से पूछते।
- 1:03:49हैं। हे शांत जी।
- 1:03:54क्या तुमने किसी को यहाँ कुछ देर पहले?
- 1:03:58किसी स्त्री को नग्न अवस्था में जोड़तें हुए देखा है?
- 1:04:06बुद्ध ज्योत तो होते। हैं।
- 1:04:12देखो। मैंने तुम्हें कहा मैं तुम्हें
- 1:04:1425,00,00,000 दूंगा और कमाल की बात है तुमने एक बार नहीं।
- 1:04:23और यही। नेपोलियन बोना पार्ट कुछ अच्छी
- 1:04:26बातें बोले, क्या ये कहते हैं, वायदा मत करो और फिर अगर वायदा
- 1:04:36करो तो तो वायदा को निभाओ। ये बड़ी सुन्दर बात थी या तो कहते
- 1:04:45ना 2,00,00,000 रोजगार दूंगा या फिर देते हैं।
- 1:04:48क्या मुश्किल थी? कोई मुश्किल है ही नहीं।
- 1:04:50बात सभी लोगों की जेबों से निकालकर एक अडानी को दे देना यह
- 1:04:59शुभ है क्या? अकेले अडानी का ही हृदय धड़क रहा
- 1:05:02है। अकेले अडानी को ही भूख लगती है।
- 1:05:06अकेले अडानी को ही सर्दी लगती है, पसीना आता है, उसे ही एसी चाहिए
- 1:05:13और किसी को नहीं चाहिए। तो मूर्खों का यही तो सबाव होता
- 1:05:20है तो वह पादरी कहने लगा कि मैंने कतल भी किया, मैंने रेप भी किया।
- 1:05:39क्यों किया भगवान? देखो तेरे सामने मैं झूठ तो बोल
- 1:05:43नहीं सकता मुझे वो लड़की सुन्दर पड़ी लगी।
- 1:05:48उसने आकर मेरे पांव सोए। मैंने उसको गले।
- 1:05:52से लगा लिया। और फिर गुफा।
- 1:05:54में ले के। तो पादरी।
- 1:06:01कहता है मैं उसके बाद। वेबचारी बन के।
- 1:06:07ये लोग खुद तो करते ही हैं, अपने भक्तों को भी वैसा ही बना देते
- 1:06:13हैं। खुद तो अंध हैं ही मतीमंद हैं।
- 1:06:21तो श्रीदास। बड़े, ईमानदार गणता हूँ वो पहले
- 1:06:23ही कह देते हैं मतिमंद अतुल श्रीदास हूँ।
- 1:06:31तो पादरी लिखता। है।
- 1:06:32मैंने आके विचार करना शुरू कर दिया।
- 1:06:37मैंने आके झूठ। बोलना शुरू कर दिया।
- 1:06:40जब इतना। बड़ा आदमी जो पूजा जाता है।
- 1:06:44वह ऐसा कर रहा है एपस्टीन कांड कर रहा है तो हम क्यों न करें भाई यह
- 1:06:50हमें ही बुद्धू बना रहा है। हमें क्यों रोक रहा?
- 1:06:54है। वासनाएँ भोगने के लिए होती हैं।
- 1:06:57ये बात अलग है कि वासनाएँ दुष्ट हो रहे हैं।
- 1:07:01लेकिन होती तो भोगने के लिए पूरी नहीं होती।
- 1:07:04ये बात ठीक है तो फिर भोगो साहेब अगर देश के लिए परिवार छूट दिए तो
- 1:07:18फिर हम्पी क्यों न एक्टिंग कर ले? आज पता चल गया है।
- 1:07:25अगले सारे जो। कूड़े कपाड़े हो रहे हैं ना?
- 1:07:27व्हेन ज्वाला से राष्ट्रपति उठाए गए हैं।
- 1:07:29ये एपिसेंट कांड में जो प्रभाव पड़ा है जनता पे पता है तीसरी बार
- 1:07:35नहीं चुने जाएंगे। लेकिन बात।
- 1:07:39तो यह है लोग जूतियां मार के न निकाल दे मुश्किल यह है अभी ट्रंप
- 1:07:46ने अपनी गद्दी बचानी अभी अभी तो आए हैं।
- 1:07:57वो कहते हैं, मैं वेबचारी बन गया, मैंने झूठ बोलना शुरू कर दिया।
- 1:08:01मैंने सभी को कृत्य करना शुरू कर दिया।
- 1:08:04क्यों जब ऐसा व्यक्ति जो कहता और वो सुन रहा था?
- 1:08:10वो कहता कि। मैं अक्सर सुना नहीं करता था।
- 1:08:14जब यह। व्यक्ति आया तो मेरा दिमाग मैंने
- 1:08:17कहा इसने भी कुछ किया होगा। नहीं इसने कुछ।
- 1:08:21नहीं किया होगा। यह तो प्रभु।
- 1:08:23से वैसे ही माफी मांगने आया होगा। गलती में जाने अनजाने में कुछ हो
- 1:08:27गया वह क्षमा कर देना, लेकिन जब यह बोलने लग गया।
- 1:08:33उसका नाम गिना। दिया उसने उस लड़की से मैंने ऐसा
- 1:08:36किया उस लड़की से और इसने तो पूरी कतार गिना दी।
- 1:08:41और बाजरी कहता मैं तो चर्च से भागा है।
- 1:08:45और मैंने खुद। ही वो करना शुरू कर दिया।
- 1:08:50और फिर तुम कहते। हो कि ये सारे बीजेपी ऐसे क्यों
- 1:08:52करने लगी? जब साहेब कर रहे हैं तो हम भी
- 1:08:57क्यों न करें? इसलिए मैं कहता हूँ लीडर यही शेयर
- 1:09:03होना चाहिए। और फौज?
- 1:09:08बेड़ों की नहीं होनी चाहिए। खोज भी शेरों की होनी चाहिए।
- 1:09:12बस यह अमेंडमेंट में नेपोलियन बोना पार्ट की इस शब्दों में
- 1:09:17अमेंडमेंट कर चलाओ। फौज भी शेरों।
- 1:09:20की हमारे सींगों की पंजाबी हो उठो अपना इतिहास कंगारू याद करो उन।
- 1:09:32वेदों को महाराजा रंगी जैसे न्यायप्रिय याद करो, उसको याद करो
- 1:09:42हरी सिंह नलुए को तुम्हारा खून खोलता क्यों नहीं?
- 1:09:48पंजाबी वीर हो तुम, ये दुष्ट मजीठिया ने दिया, बिल्कुल नाम ले
- 1:09:58के बोलेंगे एक एक व्यक्ति का नाम ले के बोलेंगे।
- 1:10:07हमारे कितने? बच्चे इसने शहीद कर दिए।
- 1:10:09कितने बच्चे चिट्ठे का इंजेक्शन लगा लगा के हम कितने बच्चों को?
- 1:10:16सेंटर में भेज। चूके हैं।
- 1:10:18कितने बच्चे ठीक हो के आए हैं? और शुक्रगुजार।
- 1:10:22रहे हैं। हमारे क्या आपने बहुत अच्छा काम
- 1:10:25किया? हमने तो ज़िन्दगी को यही समझ लिया
- 1:10:28था की बस ये है मजीठिया साहब मैं पंजाब का निवासी बोल रहा हूँ आपने
- 1:10:39सारे पंजाब की। बहादुर को समाप्त कर दिया।
- 1:10:44आप कायर रहो और मैं न्यायपालिका से भी करूँगा।
- 1:10:54इस व्यक्ति के रिकॉर्ड को खंगा लिया, इससे पूछिए इसने क्या कुछ
- 1:11:02किया है इसका नार्को कराए सब पता। जी जी सुखबीर सिंह बादल का बाप
- 1:11:10प्रकाश सिंह बादल मेरे पास है। 2000।
- 1:11:1612 के चुनाव बाद में। प्रकाश सिंह बादल।
- 1:11:23आये उससे पहले अशोक बोटराये मैं नाम लेकर बोलता हूँ सारी चीज़।
- 1:11:29कहते है बाबा। पांच पैसे का भाव है अकालिका,
- 1:11:37लेकिन हमें जीत चाहिए। मैंने कहा हर।
- 1:11:42बार मैं कैसे जीता दूँ? तुम तीन।
- 1:11:46बार बन चूके हो? डेवलपमेंट?
- 1:11:48तुमने किया है बिलाक्षक। जो चीज़ की।
- 1:11:51है उसे हम मुँह क्या नहीं होते मैं जानता हूँ न।
- 1:11:56कोई पद। ग्रहण करना चाहता हूँ न कोई
- 1:11:58आकांक्षा शेष बची है। ना ही इस कारण से।
- 1:12:03बोलता हूँ, शुद्ध बोलता हूँ और शुद्ध ही खाता हूँ।
- 1:12:18अगले दिन प्रकाश सिंह बाद ला गए चुप करके आ गए बिना किसी कार के
- 1:12:25बिना किसी। सिक्योरिटी के सिंपल लिबास में
- 1:12:34कुर्ता पजामा पहना हुआ जो अक्सर वो पहनते नहीं थे।
- 1:12:41आके बैठ गए। पंडित जी हमारे लिए वन करो, आपने
- 1:12:46सदस्य जिताया। अबकी बार हालात बड़े नाज़ुक हैं।
- 1:12:53मैंने कहा ठीक? मैं जिता दूंगा, लेकिन कोई ऐसी
- 1:13:01वैसी बात मत कर देना। क्योंकि जो लगातार।
- 1:13:05गद्दी पर बैठा रहता है। यह अंग्रेज लोग पागल नहीं थे जो
- 1:13:09कहते हैं दो बार से ज़्यादा नहीं। फ्रेंकलिन डी रूजवेट चौथी बार
- 1:13:22चुने जाने वाले अमेरिकन प्रेसिडेंट एकमात्र 33।
- 1:13:30374145 और उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
- 1:13:37फिर आए। साहेब और उन्होंने वो कमाल किया।
- 1:13:44के जापान के हिरोशिमा नगसाकी पर बम गिरा दिया है तो बाईसवां
- 1:13:52संविधान संशोधन किया गया। अमेरिकन संविधान में क्या किया
- 1:13:58गया कि कोई भी व्यक्ति दो बार से ज्यादा?
- 1:14:02अमेरिका का प्रेसिडेंट नहीं रह सके।
- 1:14:07एक मात्र। चार बार चुने जाने वाले 3337
- 1:14:11कतालिक पनतालिस। तब विश्व योद्धा।
- 1:14:15चल रहा था। महामंदी का दौर था।
- 1:14:17अमेरिका में मैंने कहा न कैसे बनाये?
- 1:14:20ये लूट लूट के बना है। उसको उठा।
- 1:14:24लिया उसको उठा लिया, उसको उठा लिया कुवैत इराक पे कब्ज़ा सब तेल
- 1:14:35भंडारे उसके। इसको हटाना।
- 1:14:40पड़ेगा किसी तरह? मैं तुमने मैं तुम्हें थीम दे रहा
- 1:14:45हूँ सारे वर्ल्ड को सारी धरती का द्रव्य चुराके अमरीका दे गया।
- 1:14:58अव्वल चोर है और अब इसके पास सारी धरती का माल है तो यह दादागिरी
- 1:15:09करने लगा है। बदमाशी करने लगा है शैतानियत करने
- 1:15:13लगा। देशवासियों।
- 1:15:17और विश्व के लोग समझ जाओ, मैं तुम्हें वॉर्न कर रहा हूँ।
- 1:15:22ये सारी धरती? को मिटा देगा।
- 1:15:25इससे पहले। तुम इसका इलाज करो।
- 1:15:30मैंने पहले ही। दिन कहा था जब मैंने इसकी तस्वीर
- 1:15:32देखी। मैंने कहा या तो ये जेल से भाग
- 1:15:36गया है। या फिर ये जेल में जाने की तैयारी
- 1:15:39कर रहे हैं? मेरे शब्दों को खंगालिया डी
- 1:15:45रोजवेट ऐसा शानदार व्यक्ति था। उसने महामंदी के दौर से निकाला,
- 1:15:50अमेरिका को। और दूसरा।
- 1:15:53विश्व युद्ध भी उसने झेला। लेकिन उसके बाद वह मृत्यु को
- 1:16:00प्राप्त हुआ। 22 में संशोधन की तरह हिंदुस्तान
- 1:16:05में भी संशोधन होना चाहिए। क्योंकि फिर ये।
- 1:16:09अपने बाप की बपौती समझने लग जाते है ये नहीं देखते।
- 1:16:13कि मेरे बाप ने कुछ नहीं कमाया, जो मैं बेच रहा हूँ।
- 1:16:18सब यह बेगानों का कमाया हुआ है। इतने संस्थान बना दिया गया और
- 1:16:23इसने तो लोगों की विविशा ग्रन्ति भर दी।
- 1:16:26कमाल की बात है। मेरे शिष्य।
- 1:16:30जाते हैं। कहीं दुकान में।
- 1:16:35तुम वोट किसको डालोगे? हम?
- 1:16:39हम तो मोदी जी महान हैं, अच्छा चुप करके आगे हो जाते हैं।
- 1:16:46मैंने कह रखा है। जो व्यक्ति।
- 1:16:49भाजपा को वोट डालेगा, उससे समान मत लो।
- 1:16:52जैसे गाँधी जी। ने कहा था विदेशी वस्त्रों की
- 1:16:56होली जलाई थी। तो फिर चुपचाप।
- 1:17:01चले जाते हैं। अगली दुकान पे और दुकानदार पीछे
- 1:17:04पीछे आते हैं। जब चार ग्राहक मुड़ गए।
- 1:17:09तो पीछे पीछे क्या बात हो गई? तुम सभी मुड़ जाती हो, आज अरे डाल
- 1:17:14देंगे भाई जीसको कहते हो डाल देंगे ये ऐसे ठीक आएँगे, इसका
- 1:17:20बहिष्कार करो और कुछ नहीं। हमने देखो हिंसा तो करने में।
- 1:17:25अहिंसा तो ये है ना? हम जिससे चाहे माल खरीदे जिससे
- 1:17:29नाक खरीदे तो इनसे सामान खरीदना बंद कर दो।
- 1:17:34सब ठीक हो जाएगा, तुम देख लेना ठीक हो जाएगा।
- 1:17:38चल शीप को कैसे इन्होंने लायन बनाया, लेकिन बेड़ तो भेड़ ही
- 1:17:43रहती है। उसके क्रोनोस्मेन व्यवस्था यह
- 1:17:46थोड़े बदलती है। प्रकृति की व्यवस्था कैसे बदलोगे?
- 1:17:50तुम? कैसे बबूल आम की गुणवत्ता को पैदा
- 1:17:55कर पाएगा? तुमने पूछा पुत्र, मुझे क्या माँ
- 1:18:02करना चाहिए था? भगवान शंकर आए।
- 1:18:06तो मैंने तुम्हें। कहा कि यह जैसे डेल्टा वेव्स के
- 1:18:10भीतर हमारा चित्त प्रवेश करता है। तो जब आधे।
- 1:18:16में पहुँच जाता है दो डेल्टा। साइकिल पर।
- 1:18:22सेकंड वेव्स की रफ्तार तो ऐसी चीजें सामने आती है, जैसे सूरदास
- 1:18:35कहते हो। ये।
- 1:18:37प्रत्यक्षीकरण है कोई दिमाग में सोपन नहीं आ रहा सोपन और चीज़ है
- 1:18:43सोपन जीस वेब से आता है वो मैं बाद में बात करूँगा।
- 1:18:48वह दो तीन प्रवचनों का संकल्प है। दो तीन प्रवचन।
- 1:18:53लगेंगे उसपे मुझे। वह कौन?
- 1:18:57सी रेंज के अंतर्गत आता है और कैसे कैसे क्या व्हाट हैप्पन्स
- 1:19:00देर ये बाद में बताऊँगा। लेकिन यह आप समझ लो मैंने आपको सब
- 1:19:07बतला दिया है थेटा से जैसे डेल्टा में जाओगे।
- 1:19:12तो डेल्टा को आजा। क्रॉस करोगे थे।
- 1:19:14इस तरह की घटनाएं घटी। तुम्हें कोई मृत।
- 1:19:18व्यक्ति दिखेगा, तुम्हें भगवान दिख सकते हैं, तुम्हें कृष्ण
- 1:19:24भगवान दिख सकते हैं, राधा के संग दिख सकते हैं और तुम मानने को
- 1:19:27तैयार नहीं आओगे। तुम कहोगे नहीं, मैंने देखी।
- 1:19:31अरे भाई हमने भी देखा, मुझे भी शंकर जीके दर्शन हो गए थे।
- 1:19:38और। मैंने वो लड़की मांग ली थी, फिर
- 1:19:41मैं रोया पीटा। सारी कहानी मेरे बायोग्राफी में
- 1:19:45लिखी और तत्क क्षण हाल भी हो गई। वो ही जीत जो मांगी।
- 1:19:51क्योंकि डेल्टा के करीब होना जंक्चर बैंक में होना होता है।
- 1:20:01वहाँ तुम जो मांगोगे वह हो जायेगा।
- 1:20:04इसको बेल्ट बुढा रहा हूँ मैं अपनी बात से थोड़ा सा इसको अटैच कर
- 1:20:08लेना मेरी बायोग्राफी से। जो मांगोगे मिल जाएगा तो शंकर जी
- 1:20:17दिखे डेल्टा क्वीन त्रंगों में दिखे जब मैं दो पे पहुंचा।
- 1:20:23तुम्हारे साथ भी। ऐसा हो सकता है तुम्हें भी ऐसा
- 1:20:26दिखा लेकिन मांगना क्या चाहिए था? मैंने कहा कि आपके चरणों का प्रेम
- 1:20:32ठीक किया आपने? लेकिन इससे।
- 1:20:34भी एक सुंदर और चीज़ है जो हनुमान जी ने मांगी थी।
- 1:20:43आपके चरणों की सेवा सेवा वो धन है जो इस को मैं इसलिए अच्छा मानता।
- 1:20:56इस्लामियत। को मैं इसलिए अच्छा मानता हूँ
- 1:20:59इस्लामियत को और सिख धर्म को जो तो द पा 1 सोई परिक्का।
- 1:21:06मोहम्मद। के घर जो कुछ आ जाता।
- 1:21:12शाम को जो बच जाता अगर तो कम आता तो फाका लगा के सो जाते कोई बात
- 1:21:17नहीं राजी हैं हम उसी में जिसमें तेरी राजा है, अपनी तो यूँ भी है
- 1:21:24और यूँ भी है। अगर ज्यादा।
- 1:21:28जाता तो फातमे से कहते तू ऐसा कर। या सुबह तक खराब हो जाएगा बाहर जा
- 1:21:34इसको बांटा। किसी भूखे का?
- 1:21:37पेट भर जाएगा सर्दी है। मैं बांटा तू जाके तो पंजाबी।
- 1:21:46हो याद करो हनी सिंह नलवेग। भूल जाओ।
- 1:21:49इंटरेस्ट से गया हो? ये।
- 1:21:53तुम्हारी जान ले लेगी। अपनी जवानी?
- 1:21:57को खो मत, मैं तुम्हें चेता रहा हूँ, यह जो वो है दुष्ट काम कर
- 1:22:06गया, वह अपनी करनी भोग लेगा, परमात्मा के दरबार में ही भोग
- 1:22:09लेगा। और यहाँ तो पता नहीं यहाँ तो
- 1:22:12व्यवस्था इतनी बिगड़ गई है कि न्याय तक को खरीद लिया गया है।
- 1:22:17आपको दिखता नहीं, आपको दिखता नहीं जब यह सुप्रीम कोर्ट का जज जाके।
- 1:22:27अरे, बोल तो रहे थे। क्या है कुल श्रेष्ठ कुल श्रेष्ठ?
- 1:22:44क्या हो? गया।
- 1:22:4845 दिन में मैं इसका फैसला दे दूंगा।
- 1:22:50पुष्पेंद्र पुलिस सिस्टम और फिर जनाब ने फैसला दे दिया।
- 1:23:01राज्यसभा? की सदस्यता मिल गई।
- 1:23:04अरे महंगा का भी। तू जो मर रहा है इसके लिए तेरे
- 1:23:07साथ नहीं जाएगा। भगवान ने बहुत।
- 1:23:10दिया है। तुझे कविता दे दी इससे ज्यादा और
- 1:23:13क्या कर सकता है? एक पलांग आगे उठा आगे संत तू बड़ा
- 1:23:18है, तू पैसे लेकर राम की महिमा मत गाओ।
- 1:23:25अपना कर्ज फर्ज पूरा कर और ईश्वर की गहनता में लग जा अपने भीतर
- 1:23:31उतर। ऐसे नहीं बड़ाई किया।
- 1:23:34करते। तो तुम संभलो।
- 1:23:41पंजाबी हो, शेरो याद करो, हनी सिंह नलवा।
- 1:23:47और याद करोग है न्यायकारी रंजीत सिंह।
- 1:23:56राज़ करेगा? खालसा।
- 1:23:58तुम शुद्ध। हृदय के लोक हो, मैं तुम्हें बहुत
- 1:24:02अच्छी तरह से जानता हूँ क्योंकि मैं पंजाब में ही जन्मा मेरे माँ
- 1:24:08बाप। मेरी माता तो।
- 1:24:11पंजाब से थी। मेरे पिता हरियाणा।
- 1:24:13से आए थे कारी गांव है महेंद्रगढ़ से तो तुम पंजाबी हो उठो भी भक्ति
- 1:24:27से पहले सारा पंजाबी था 66 में। हरियाणा बना है इस नशे को लात
- 1:24:39मारो चलो, हम तुम्हें सेंटर्स में दाखिला देते हैं।
- 1:24:46तुम हमें नाम। लिखो हम तुम्हें।
- 1:24:49सेंटर्स में भेजेंगे। और तुम्हे नौ बर नौ करके वहाँ से
- 1:24:52लेके आएँगे तुम तुम अपनी स्वभाव की ज़िन्दगी को गुजारो तुम इसको
- 1:24:59हीरा जन्म अमोरथा कोटी बदले जाए ऐसे मत गवाओ इसको।
- 1:25:08क्या मांगने चाहिए था सेवा? महावीर की एक छोटी सी कहानी और
- 1:25:18समाप्त करूँगा। अपना प्रवचन बहुत गहरा हो गया है।
- 1:25:21डेढ़ घंटे का हो गया है। महावीर के।
- 1:25:26शिष्य सेवा करते थे हरदम गौतम था उनका नाम।
- 1:25:30लेकिन मुस्किलत ये है कि ऐसे प्यारे व्यक्ति के समीप रहने मैं
- 1:25:34क्यों नहीं रहने देता? ये चिपक जाएगा पांवों से चिपक
- 1:25:42जाएगा। इसलिए मैं किसी।
- 1:25:51को भी नहीं रखता। जब कभी पैर दुखते है, हनुमान जी
- 1:25:54आते है, मैंने कहा पांव दबा दो, थोड़ा सा दुःख रहा हो जाता है वो
- 1:25:59सेवक है, पांव दबाते है, चले जाते है ऐसा सेवक तुमने देखा महा बली।
- 1:26:13मुझे कहा। करते हैं।
- 1:26:14मैंने पहला एनलाइटन पर्सन देखा। राम का अभिनय करते हुए यद्यपि में
- 1:26:201985 में एनलाइटन हुआ तथा पि 1996 में मैंने राम का रोल किया।
- 1:26:28अभिनय। आफ्टर एनलाइटनमेंट फर्स्ट पर्सन
- 1:26:33ऑफ दी बॉय जिसने अभिनय किया और तुम्हारी दृष्टि में मैंने अभिनय
- 1:26:40किया, लेकिन मैंने अभिनय किया, मैं एक तरफ हो जाती हूँ।
- 1:26:46और राम को? कहता कि तुम ही आओ।
- 1:26:48अपने लीला खेलो। वह समुद्र हर जगह है।
- 1:26:54उसका वो कण इस संदेह में उतरता और अपने लीला खुद को खेल जाता।
- 1:27:03ये कुछ 11। प्रश्न है तो क्या मांगना चाहिए
- 1:27:07था सेवा? सेवा से बड़ी।
- 1:27:12और कोई चीज़ नहीं, मैं कहता हूँ दलित, दलित, दलितों ने बहुत पुण्य
- 1:27:21किया था जो उनके हिस्से में सेवा आई।
- 1:27:27और ब्राह्मणों? ने बहुत बात किया था जो उनके
- 1:27:30हिस्से में राज़ आया। राज़ दुख।
- 1:27:33देता है, सेवा आनंद देती है, राज़ तुम्हें राजगद्दी पे बैठा देगी तो
- 1:27:40राजगद्दी भी दुख देगी और अगर मंदिर में बैठा देगी तो तुम टल
- 1:27:44बजा रहे हो, घंटे बजा रहे हो, देख लो तुमको क्या मिला?
- 1:27:49ब्राह्मण कभी सुख ही नहीं होता, मैं ब्राह्मण हूँ, इसलिए मैं
- 1:27:54अच्छी तरह से जानता हूँ। ब्राह्मण कभी?
- 1:27:58सुख ही नहीं होता। जब तक उस।
- 1:28:02ब्राह्मण तो मैं पहुँच ही नहीं जाता अपने अंत से पड़ाव पे नहीं
- 1:28:06पहुँच जाता। तब तक दुःखित।
- 1:28:10तो सभी रहते हैं लेकिन ब्राह्मण इस अहंकार में रहता है कि मैं
- 1:28:15सर्वोच्च हूँ इसलिए भगवान भी उसको यथा नितम तथा मरादम हाथ में घंटे
- 1:28:22पकड़ाती है ना टल घड़काओ आरती करो।
- 1:28:29तुम्हारे राजा बदल जाएंगे, लेकिन भगवान कभी नहीं बदलेगा।
- 1:28:33वह सहसव दे, वह सुनाती है। उन्हें ब्राह्मणों के हाथ में
- 1:28:39टेलर खड़का दिया। मैं सूत्रों से।
- 1:28:44कहूंगा कभी तुम शूद्र है या हो या थे इसके ऊपर कभी आत्मकलानी महसूस
- 1:28:51मत करना। तुम सर्वोच्च हो क्योंकि जिससे
- 1:28:55सेवा मिल गई उससे ऊंचा कोई भी नहीं।
- 1:29:02हनुमान जी ने। कहा कि सेवा मांगी राम जी से कहते
- 1:29:05नहीं है। सन् शीतला ने कहा अधिकार मेरा
- 1:29:10हनुमान ने कहा अधिकार मेरा सेवा करने में जो आनंद है, जो सुख से
- 1:29:19जूते चुभारे ना बलक ना बुखारे। और राज़ काज में कहाँ है वो?
- 1:29:24राज़ काज में। तो सो बिशाते बिठानी पड़ती है
- 1:29:27हमेशा की तरह। शतरंज क्या?
- 1:29:30इधर का मोरा उधर करो और तुम वहाँ वहाँ तो करते रह जाओगे, लेकिन
- 1:29:34इसने क्या कमाया ये कभी देखोगे? मोटा भाई ने क्या?
- 1:29:38कमाया कुछ नहीं कमाया। रोते रोते से जान से पैदा हो
- 1:29:43जायेगा। यह ईश्वर की स्वाभाविक न्याय
- 1:29:51प्रणाली है। जो ठगी मारेगा वो घंटे बजाने के
- 1:29:56योग्य रह जायेगा। देखो बजा रहे हैं ना आज?
- 1:30:01और शुद्रो तुम मांग। रहे हो कि हमें मंदिर में प्रवेश
- 1:30:04की आज्ञा दे दो। क्यों?
- 1:30:06क्या तुम भी? अभिशब्द होना चाहते हो?
- 1:30:10नहीं ये काम मत करना यह अभिशाप है मंदिरों में प्रवेश अभिशाप है,
- 1:30:17मंदिरों का निर्माण अभिशाप है। मस्ज़िदों के नीचे मंदिर खोजना
- 1:30:22अभी साफ है। तुम उस स्थिति में पहुंचो जहाँ
- 1:30:27मंदिर और मस्जिद का भेद खत्म हो जाये, जहाँ मंदिर और मस्जिद दोनों
- 1:30:34अवैध अद्वैत द्वैत मठ जाए। एक ही रह जाए एक ओह अहम् द्वितीयन
- 1:30:43आस्ती तो शब्द लिखा गया है उपनिषद में।
- 1:30:58ईशा? ईश्वर वास्य मैडम उसका वास है?
- 1:31:03सर्वम सब जगह यत किंच जगते आम जगत सारे जगत के अंदर कण कण में कण कण
- 1:31:13में उस ईश्वर का वास ईशा वास में सर्वम यत किंच जगत।
- 1:31:26तुम वहाँ। पहुँच जाना वेद भूतियों में मत
- 1:31:30गुम हो जाना मैं ये कहता हूँ ये देखो एक संत कहलाते हैं अपने आपको
- 1:31:35योग पुरुष परमाणु। मुझे जब पता चला कि यह मंदिर
- 1:31:42बनाने में इन्होंने बड़ा योगदान दिया।
- 1:31:46मेरे मन में इनके प्रति प्रेम था, लगाव था।
- 1:31:54लेकिन जैसे। ही मुझे पता चला कि इन्होंने
- 1:31:59मंदिर बनाने में बड़ी रुचि दिखाई और सारा काम ही इनका था।
- 1:32:03प्रतिक्षण मैं समझ गया कि यह झूठ बोलता है बंदा यह युग पुरुष का,
- 1:32:10यह तो योग का विनाशक है। यह उस स्थल।
- 1:32:15पर पहुंचा नहीं जहाँ भेद मिट जाता है जहाँ व्यक्ति अवैध हो जाता है।
- 1:32:23जहाँ सब फासले मिट गए, सब दीवारें ढह गईं, समर्थन हो गई सब जहाँ ना
- 1:32:33राम बचा ना अल्लाह, ना गॉड बचा। ना वह गुरु।
- 1:32:42सब मिट गया जहाँ एक ही रह गया और वह है शाश्वत सनातन ईशा वाशी में
- 1:32:51तुम सर्वम जगत किंचे जगत आम जगत तुमने क्या मांगना था सेवा?
- 1:33:05किसी संत के पास हुआ कर जाना। तो कुछ मत।
- 1:33:11मांगना, ये चीजें तो आज है, कल चली जाएंगी।
- 1:33:16कोई साथ ले। के जाता तुमने देखा हो तो मुझे
- 1:33:18बता देना मैं उसकी खबर ले लूँगा यह शास्त्रीय।
- 1:33:26यह शास्त्र नहीं जायेगा। दम से गरज जाओ तुम कठपति हो, तुम
- 1:33:34कर्जदार हो। या तुम बड़े।
- 1:33:37से बड़े एलन मस्क हो। या क्या तुम।
- 1:33:42माइक्रोसॉफ्ट के मालिक हो। कुछ नहीं।
- 1:33:48रहेगा। कोई न साथ देगा, सब कुछ यही
- 1:33:56रहेगा, कोई न साथ देगा। सब कुछ यही रहेगा होंगे जही झमेले
- 1:34:12ये झमेले हैं सारे होंगे जही झमेले ये ज़िन्दगी के मेले।
- 1:34:23दुनिया। में कम न होंगे।
- 1:34:26अफ़सोस हम होंगे ये जिंदगी के मिल ये जिंदगी के मिल।
- 1:34:39दुनिया में कम न होंगे। अफसोस हम न होंगे, धन्यवाद।