Latest / Khushei Ki Duniya / Adhuri Mohabbat- A Heartbreak Story
Transcript
- 0:00सो है गाइस युअर होस्ट कम दोस्त खुशी इस बेक अगेन विथ अनँद्अर लव
- 0:04स्टोरी फॉर ऑल ऑफ़ यू, गाइस एंड आई होप यू ऑल गाइस मिस्ड मी।
- 0:07और तुम सब हैरियत से हो तो वेल मुझे ना काफी सारे डीएम है दरअसल
- 0:14और डीएम से की दी आप हमेशा हैप्पी एंडिंग रखते हो?
- 0:18तो रियलिटी में वो चीज़ नहीं होती है एंड या आई नो दट की रियलिटी
- 0:24में प्यार मोहब्बत जैसी चीज़ हासिल करना बहुत बहुत ही बड़ा काम
- 0:29है तो सबने कहा कि दी रियलिटी पे कोई कहानी बनाओ तो चलो लगाओ अपने
- 0:36कानों में ये प्लग्स और सुनो ये कहानी।
- 0:41तो ये कहानी है मीरा और वरुण की मीरा एक ऐसी लड़की जिसे
- 0:48दुनियादारी से कोई खास मतलब था नहीं लेकिन मतलब उसे सिर्फ
- 0:52दुनियादारी से था। अब तुम सोचोगे ये क्या कॉम्बिनेशन
- 0:56होता है? पता है हम सब में ये चीज़ होती
- 0:58है। हम कहने को कहते है की हमें कोई
- 1:01फरक नहीं पड़ता। किसी से हमें वो चार लोगों से कोई
- 1:04मतलब नहीं है। लेकिन ऐट दी एंड ऑफ़ दी डे हम
- 1:06हमारे सारे डिसीजंस ऑलमोस्ट सारे डिसीजंस ये सोच के लेते है की वो
- 1:11चार लोग क्या कहेंगे? उन चार लोगों को किसी ने नहीं
- 1:15देखा टु बी ऑनेस्ट। और सब यही सोचते हैं वो लोग क्या
- 1:19सोचेंगे, कॉलोनी में लोग क्या सोचेंगे, आस पास वाले लोग क्या
- 1:22सोचेंगे? माँ बाबा क्या सोचेंगे इस चक्कर
- 1:24में न हम बहुत सारी चीज़े अपनी लाइफ से मिस कर देते हैं।
- 1:28ये क्या सोचेगा, वो क्या सोचेगा इसकी मेरे बारे में क्या सोच हैं
- 1:32तू? कहीं न कहीं मीरा ऐसी ही थी।
- 1:34सबको कहती जरूर थी। कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता किसी
- 1:38के कुछ भी सोचने से, लेकिन उसे बहुत फर्क पड़ता था।
- 1:42दुनिया क्या सोचती है क्या नहीं सोचती है उसके बारे में सही सोचती
- 1:46है सब चीज़ से अपनी ज़िन्दगी में। हालांकि वो बहुत खुश थी, सब चीज़
- 1:52थी। उसके पास एक अच्छा करियर था।
- 1:55कहने के लिए लोगों को होता है न दूर से देखने पर सबकी थाली भरी
- 2:00हुई लगती है और जब पास जाकर देखो तो शायद उस थाली में कुछ भी नहीं
- 2:05होता है। बस वही वाली बात सबको लगता था।
- 2:08मीरा अपनी ज़िन्दगी में बहुत अच्छा कर रही है।
- 2:11ऑफिस में बिल्कुल अच्छा कर रही है।
- 2:13खुश रहती है, लोगों को खुश रखती है।
- 2:15हर चीज़ उसके लिए एक दम बेस्ट है। लेकिन कभी कोई अगर मीरा से पूछता
- 2:21तो शायद वो बताती की उसकी ज़िन्दगी में शायद कुछ भी सही
- 2:25नहीं था। वो हमेशा से जो बनना चाहती थी वो
- 2:29किसी ना किसी वजह से नहीं बन पायी।
- 2:32दूसरी अल्टरनेटिव चीज़ ले ली अपनी ज़िन्दगी के लिए।
- 2:35उसके बाद उसे जीने से ज़्यादा वो धो रही थी जैसे एक बोझ हो सर पे
- 2:41और ऐसा सिर्फ मीरा नहीं है। ये सब में से 80% लोग ये ही कर
- 2:46रहे है आधे इस डर से की लोग क्या सोचेंगे और आधे?
- 2:49शायद कभी परसु करने का उन्हें मौका ही नहीं मिला।
- 2:52अपनी जो भी चीज़ वो करना चाहते थे, ज़िन्दगी में मीरा भी कुछ ऐसी
- 2:56ही थी और ये कहानी भी शायद सिर्फ मीरा और वरुण की रही।
- 3:00हम सब में से ऑलमोस्ट सबकी है किसी ना किसी पॉइंट पर सबको प्यार
- 3:06हुआ है यार। तुम मानो मत मानो करो, एक्सेप्ट
- 3:09मत करो सबको प्यार हुआ है, कभी ना कभी किसी ना किसी से हशायद कभी हम
- 3:15उस फीलिंग को नाम नहीं दे पाए हो कभी शायद समझ ना पाए हो लेकिन उस
- 3:20इंसान के ज़िन्दगी से जाने के बाद उसकी वैल्यू समझ आ गई हो।
- 3:25लेकिन तब तक बहुत देर हो जाती है। मेरा अपनी ज़िन्दगी में बहुत खुश
- 3:30थी। एक तरह से देखा जाए तो उसके
- 3:33दोस्तों को भी वो हमेशा यही कहती है की मैं तो बहुत खुश हूँ यार
- 3:37मेरी ज़िन्दगी एक दम सेट है तुम लोग बताया नहीं क्यों सोचते हो ये
- 3:40वो? और हमेशा ये कोशिश करती की हर
- 3:44किसी की प्रॉब्लम सॉल्व कर दे। हर किसी की कोशिश करती की भले ही
- 3:49एक बार को खुद के लिए कम सोचे लेकिन दूसरे के लिए हमेशा बेहतर
- 3:53सोचने का कोशिश करती। ऐसी थी वो, ये था उसका अक्चवल
- 3:57कैरेक्टर लोगों के लिए दूर से मीरा की ज़िन्दगी बेस्ट थी।
- 4:01लेकिन मीरा की ज़िन्दगी उसके लिए अब धीरे धीरे एक गले का फंदा बनती
- 4:06जा रही थी। उसका वो नेचर, हर चीज़ को हंसकर
- 4:09टाल देना, हर चीज़ को सोचना ठीक है।
- 4:11जो हुआ अच्छे के लिए हुआ और शायद जो होता वो उसे कुछ अच्छा करता
- 4:16नहीं करता। वो बाद की बात थी लेकिन हर्ट बहुत
- 4:19करता। लेकिन उसे अपने आंसू छुपाने की अब
- 4:23आदत हो गयी थी। दिखाती नहीं थी लोगों को वो चाहे
- 4:26कितनी भी दर्द में हो, परेशानी में हो उसके दोस्त हमेशा कहते यार
- 4:30हमें ना तेरे जैसा बनना है तो कितनी भी बड़ी प्रॉब्लम हो जाती
- 4:34है, कभी दिखाती ही नहीं है। जैसे तुझे फील ही नहीं होता ये
- 4:38बाते। जब उसके दोस्त कहते तो वो हसकर
- 4:40टाल दिया करती, लेकिन उसे पता था की अकेले में वो कितनी रोती थी,
- 4:46कितनी बार कितनी सारी बाते उसे भी बुरी लग जाती थी लेकिन कहती नहीं
- 4:51थी किसी से ऐसी हो गई थी। बचपन से उसे लगता था।
- 4:56की अगर अपने आंसू किसी और को दिखाएगी तो लोग शायद उसे कमजोर
- 4:59समझेंगे और इसीलिए वो हमेशा इतना टफ अक्ट करने की कोशिश करती कि
- 5:06लोग उसके अंदर झाँक ही ना पाए। अपने दिल के चारों तरफ एक दीवार
- 5:10बना ली थी। उसने जीस दीवार को भेद पाना बहुत
- 5:14मुश्किल था। चाहे किसी के लिए कोई अच्छी
- 5:16फीलिंग आ भी जाए तो अपनी आँखें बंद कर लिया, करती की नहीं,
- 5:21क्योंकि वो जहाँ बॉर्न एंड ब्रॉट अप थी वहाँ लोगों को प्यार
- 5:26मोहब्बतें सब समझ नहीं आता था। वहाँ बस इतना रहता था कि तुम
- 5:32लड़की हो और तुम्हें। 1 दिन शादी करके किसी और का घर
- 5:36बसाना है? लड़कियों को आखिर बचपन से यही
- 5:39सिखाया जाता है ना की तुम्हारा घर ना ये है ना वो होगा नहीं कोई तो
- 5:45कहे की हाँ भाई ये तुम्हारा घर है और इसीलिए अगर लड़कियां अब अपना
- 5:49घर बनाने लगी तो लोगों को उसमें भी दिक्कत रहने लगी।
- 5:53क्नॉइस की अपना घर बनाएगी तो ज्यादा मॉर्डर्न हो जायेगी।
- 5:56पता नहीं लोग चाहते क्या है और इसीलिए तो कहती हूँ ना की उन चार
- 6:00लोग हो या 40 मत सरो किसी करो वहीं जो बस तुम्हे पता हो की सही
- 6:06है बस उसके अलावा किसी के अप्रूवल की कोई ज़रुरत नहीं है।
- 6:10लेकिन मीरा में इतनी हिम्मत नहीं थी।
- 6:13अपने लिए स्टैंड ले पाना उसके लिए बहुत बड़ी बात थी, जो उसने कभी
- 6:17नहीं लिया था। लोग जैसा कहते हैं मान लिया करती
- 6:21की बस सब खुश रहे। मेरे किसी डिसीजन से किसी को बुरा
- 6:24ना लगे तो ऐसी ही थी वो हमेशा सबको खुश रखने की भरपूर कोशिश
- 6:30किया करती चाहे। उसके लिए खुद का कितनी भी बार दिल
- 6:34क्यों न इकट्ठा करना पड़े, कितनी भी बार खुद का मन क्यों न मारना
- 6:38पड़े, उसकी माँ बाबा सबसे बहुत प्यार करती थी।
- 6:42वो चाहती थी की हमेशा वो खुश रहे बस और वो जानती थी ये बात की उसके
- 6:49माँ बाबा। अगर कभी उसने प्यार जैसी चीज़ की
- 6:53तरफ देखा भी तो शायद उसे एक्सेप्ट नहीं करेंगे।
- 6:57हर एक बात उसकी माँ ने उससे पूछा भी तू कभी जैसे कॉलेज वाले जाती
- 7:03थी तो तुझे ये प्यार व्यार नहीं हुआ कभी सोच ने कहा माँ अपना
- 7:07कैज़ुअली पूछ रही हूँ अगर मैंने हाँ बोला ना।
- 7:09तो यही आपके पैरों के नीचे से ना जमीन खिसक जाएगी।
- 7:12सो उसकी माँ ने बोला अब मैं जानती हूँ की तू प्यार नहीं करेगी।
- 7:17मैं तो बस ऐसे ही मजाक कर रही थी। उनकी ये बात उसके दिल में एक यू
- 7:22नो की आखरी कील की तरह थी। जानती थी की घर में ये सब अलाउड
- 7:26नहीं था, लेकिन। फिर सेख रही अशुअरैन्स दिला दी थी
- 7:29उसकी माँ ने उन दिनों से की प्यार मत करना, जानती भी थी पर 1 दिन
- 7:36दिल का क्या है कभी जब जो होना होता है हो ही जाता है 1 दिन वो
- 7:42मिली वरुण से। दरअसल उसका मिलना शायद।
- 7:47किस्मत थी जो उसके हिस्से का कुछ दर्द बाकी था वो उसे देना तो था
- 7:53ना तो बस उसकी ज़िन्दगी में आया वरुण वो उसकी बिल्डिंग में सामने
- 8:01वाली फ्लैट में रहने के लिए आया था, ज्यादा मिस्टीरियस था, ज्यादा
- 8:05बातचीत नहीं करता था किसी से। और मीरा ऑपोजिट थी।
- 8:09हर किसी को छेड़ना, हर किसी से बाते करना।
- 8:12एक दिनों से अपने माँ को ऐसे ही बैठे बैठे कुछ सोचती हुए वैसे
- 8:15बोली की माँ आपको पता है मुझे ना पूरा भरोसा है ही एक बार ज़िन्दगी
- 8:22में शिंदत वाला प्यार होगा मुझे एक दम शिंदत वाला।
- 8:27उसकी माँ ने कहा तू ऐसा क्यों बोल रही है?
- 8:29कोई पसंद करने लगी है क्या किसी को?
- 8:31उसने कहा नहीं नहीं वजन किसी को नहीं करने लगी।
- 8:34बस एक होता है ना की ज़िन्दगी में एक कहानी मेरी अधूरी रहेंगी मेरी
- 8:40प्यार की कहानी वो लड़की ऐसी थी जो शायद ज़िन्दगी जीना चाहती थी
- 8:46खुलकर। हंसकर खेलकर बस जीना चाहती थी,
- 8:51उसे घूमना था, उसे फिरना था, दोस्तों से मिलना था, ज़िन्दगी
- 8:55में पैसे कमाने थे, हर चीज़ करनी थी, लेकिन आज़ादी बहुत कम चीज़ों
- 9:00की थी। उसे बचपन से यही से खाया गया था
- 9:03और उसे यू नो उसे आदत थी। ऑर्डर्स मान ने की।
- 9:08हालांकि लोगों को लगता है की वो बहुत नकचड़ी है कभी जभी अगर जैसे
- 9:13उसने थोड़ा बहुत भी स्टैंड आउट कर लिया अपने लिए तो लोग सोचते अरे
- 9:17वो इतनी भी सीधी नहीं है, वो तो है कुछ लोग ऐसे जो दिखा नहीं पाते
- 9:21अपने दिल की बातें वो भी ऐसी ही थी तो उसकी माँ ने ये सुना।
- 9:25और फिर वो एकदम से तो तुझे प्यार व्यार का कुछ है क्या चक्कर?
- 9:29उसने कहा नहीं आप टेंशन मत लो, मैं जानती हूँ अगर कभी प्यार हुआ
- 9:33भी तो वो अधूरा ही रहेगा। मेरी तरफ से आप बेफिकर रहो।
- 9:38मैंने कहा अच्छी बात है, तू ये बात जानती है?
- 9:41मीरा का एक बार फिर से सही दिल टूटा था।
- 9:45ये सुनकर ही भले ही उसने कभी प्यार नहीं किया था लेकिन चाहती
- 9:49थी वो भी की कोई उससे प्यार करे। जैसे वो दुनिया की हर चीज़ हर
- 9:54इंसान से प्यार करती थी, चाहे वो जाना पहचाना हो या अनजान।
- 9:59हर किसी के लिए जैसे वो कुछ न कुछ करना चाहती थी।
- 10:02लेकिन इस सब भाग दौड़ में वो खुद के लिए कभी शायद जी नहीं पाई।
- 10:07कभी खुद के लिए सोच ही नहीं पाई। हमेशा बस दूसरों के बारे में
- 10:12सोचना यही तक रह रही थी वो, लेकिन फिर वो सामने उसके जब रहने आया
- 10:19वरुण तो उसे। पहले कुछ दिन तो कुछ अजीब लगा की
- 10:23चलो सामने वाले घर में भी कोई आया हैं पर उसने देखा उसके भी ज्यादा
- 10:27दोस्त नहीं आते थे। उसे लगता था की मैं उसके भी दोस्त
- 10:31ना हो तो 1 दिन उसने कुछ खाना बनाया और वो थोड़ा ज्यादा बन गया।
- 10:36अब उसके माँ बाप भी घर पे नहीं थे तो उसने उसकी बेल्ल बजाई एंड शी
- 10:41सैड। हाई एंड ही सैड हाई हैलो तुम
- 10:45सामने वाले घर पर रहते हो ना? उसने कहा हाँ, वो मैंने आज
- 10:50पिज़्ज़ा बनाया था तो सोचा की तुम नए आए हो तुम्हारे घर पे लोग
- 10:56ज्यादा आते जाते भी नहीं यार फैम्ली भी नहीं।
- 10:59शेयर किया जाए एंड ही सैड अक्चवली बाहर वैसे खा के आया था पर होम
- 11:06मेड चीज़ है तो व्हाई नॉट आओ अंदर खाना चाहोगे एंड शी सैड चलो बैठ
- 11:11के खा लेते हैं तो वो बैठी। उसके साथ उसने थोड़ी बहुत बातें
- 11:15की और उसे समझ में आया कि। कहीं ना कहीं जितनी उलझी हुई वो
- 11:20थी उसका एग्ज़ैक्ट ऑपोजिट वो था एकदम सुलझा हुआ जैसे एक सवाल था
- 11:28जो एक जवाब न जाने कितनी सारी चीजें थी जो मेरा अपने दिल में रख
- 11:34कर बैठी थी और धीरे धीरे बातें करते करते कब उसने वो सारी बातें
- 11:39वरुण से ऐसे कह दी, जैसे वो नजाने कब से उसे जानती थी।
- 11:44एक होता है ना कुछ लोगों से वो सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी हमें मिलता
- 11:47है जिनके बारे में भले ही हम ये सोचते हो की पूरी दुनिया हमारे
- 11:52बारे में क्या सोचेगी, लेकिन। लगता है जैसे ये लोग कभी हमारे
- 11:56बारे में कुछ गलत सोच ही नहीं सकते।
- 11:58ऐसा सोचती थी वो उसने जब पहले दिन ही उसे इतनी सारी बाते की तो एक
- 12:04चीज़ समझ आई की मैं वैसा वाला इंसान था यू नो जैसा उसने सोचा
- 12:11था। लेकिन कभी खुद के लिए तो वो सोच
- 12:14ही नहीं पाई थी। अब धीरे धीरे जब उसके माँ पापा
- 12:17दोनों जॉब पर जाते थे, वीकेंड्स वगैरह पे वो वरुण से मिलने लगी।
- 12:21खुद से कुछ चीज़े बनाती और खुद से एक्स्ट्रा बनाती।
- 12:25थोड़ा बहुत वरुण के लिए बचा पाए और चली जाती उसे लेकर उसके पास से
- 12:29बाते करने। और उसे बातों ही बातों में पता
- 12:32लगा की वो अकेला नहीं था। उसके कई दोस्त थे, बस यहाँ नहीं
- 12:36आते थे। वो खुद कभी उनके पास चला गया या
- 12:39वो लोग घूमने का प्लान बना लिया ऐसा कुछ वो कम आते थे उसके घर पे
- 12:43बस इतना था मेरा को लगता था की जीस वो उसके जैसा इंसान है कहीं न
- 12:48कहीं की उसके दोस्त नहीं है। लेकिन नहीं था ऐसा वो उसके बहुत
- 12:52दोस्त थे। यू नो जो ज़िन्दगी मेरा जीना
- 12:55चाहती थी कहीं ना कहीं वो ज़िन्दगी वरुण जी रहा था जितना वो
- 13:00घूमना चाहती थी, वरुण घूमता था जीतने दोस्त बनाना चाहती थी वो
- 13:04बनाता था एक मैंने बताया। एक लाइन सुनिए सबने सुनी होगी
- 13:10ऑपोजिट, एट्रैक्ट्स ऐसा क्यों होता है कभी सोचा है?
- 13:14मैंने सोचा था ऐसा इसलिए होता है की हम में जो कमी होती है, सामने
- 13:20वालों उन कमियों को पूरा करता है और शायद कहीं ना कहीं इसलिए दे
- 13:25अट्रैक्ट ईच ऑदर क्नॉइस। अगर दो सेम लोग होंगे तो शायद
- 13:29उन्हें कमियां भी सेम होंगी, खामियां भी सेम होंगी, लेकिन अगर
- 13:32दो अलग अलग लोग होंगे तो कुछ कमी मुझ में होगी।
- 13:35कुछ कमी उसमें होगी और हम दोनों मिलकर पूरा कर लेंगे।
- 13:39एक ग्रीक माइथोलॉजी में एक सेइंग है।
- 13:44की इनीशियली ना? जब भगवान ने इंसान को बनाया था ना
- 13:49तो उन्होंने उनको चार हाथ और चार पैर दिए थे और दो मतलब फिर
- 13:56उन्होंने देखा की ये तो बहुत कॉम्प्लिकेटेड हो गया तो उन्होंने
- 13:59ना उन दो लोगों को उस एक इंसान को दो लोगों में बांट दिया और इसीलिए
- 14:04कहते है की हर इंसान का एक होता है।
- 14:07क्योंकि इनीशियली हम ऐसे ही थे एक साथ पर फिर क्योंकि
- 14:11कॉम्प्लीकेशन्स आए तो उन्होंने बस उसे एक इंसान को दो में बांट दिया
- 14:16और इसलिए कहा जाता है कि हमारे होते हैं, हाँ, हमारा एक हिस्सा
- 14:21उस इंसान के पास होगा जो अभी शायद हमें मिल गया, शायद हमें नहीं
- 14:25मिला है। कुछ कुछ ऐसा ये मुझे बहुत खूबसूरत
- 14:29बात लगी इसीलिए मैंने तुम लोगों से शेयर कर दी तो कुछ कुछ मीरा को
- 14:33ना ऐसा फील होने लगा था वरुण के लिए और कही ना कही वो भी उसे ऐसा
- 14:38फील कराता से इम्पोर्टेंस देता। कभी भी वो अगर जिसे ब्य चांस से
- 14:44बेवक्त क्नॉइस? परेशान होकर भी उसके पास जाते।
- 14:46उससे बात करने के लिए तू कभी मना नहीं करता।
- 14:49वो हमेशा उसे कंट्रोल करता, चाहे कितना भी बीज़ी हो लेकिन मीरा की
- 14:55ये गलती थी की वो उसकी इस मतलब उसकी इस अच्छाई को शायद कहीं ना
- 15:01कहीं प्यार समझने लगी थी और ये सिर्फ मीरा की नहीं।
- 15:04हर उस इंसान की गलती है, जिसे कभी प्यार मिला ही नहीं है तो उन्हें
- 15:09अगर कोई ज़रा सी भी अटेंशन देता है ना तो उन्हें लगता है की अरे
- 15:12ये तो हमसे प्यार करता है, फिर हम कहानी ढूँढने लगते है।
- 15:16हर उनके अक्शॅन से कहीं ना कहीं उस चीज़ को रीलेट करने लगते है की
- 15:20हाँ, ये भी हमसे प्यार करता है लेकिन ऐसा होता नहीं है।
- 15:25मीरा कहीं ना कहीं अपने मन को समझाने लगी थी कि वरुण भी उससे
- 15:29प्यार करने लगा है क्योंकि वो तो ये बहुत पहले एक्सेप्ट कर चुकी थी
- 15:33कि वो उससे बेनतेहा प्यार करती है।
- 15:36जब घरवालों के बारे में सोचती तो डर जाती की आखिर ये क्या बोलेंगे?
- 15:41लेकिन फिलहाल उसने बस भगवान से। कुछ वक़्त उधार लिया था खुद के
- 15:46लिए खुद के जीने के लिए की भले ही कुछ दिन के लिए सही मुझे मुझे भी
- 15:51फील करना है हौ इट इस टु बी इन लव कोई तुम्हारी केयर करे कोई तुम्हे
- 15:57समझे कोई ऐसा इंसान जीस पर तुम रोते हुए भी अगर भाग कर जाओ।
- 16:03तो तुम्हें भरोसा है कि वो तुम्हें और नहीं रोने देगा?
- 16:07कोई ऐसा इंसान जिससे ये बात बता पाओ कि ये बात थी कोई ऐसा इंसान
- 16:13जो तुम्हारी गलती पर तुम्हें टोके भी और तुम्हारी गलती ना होने पर
- 16:17तुम्हारा हाथ पकड़कर सबके सामने कह सके कि नहीं थी उसकी गलती?
- 16:22कोई ऐसा इंसान जीस पर तुम्हारा हक हो जिसे तुम हैं कोई वैसे
- 16:27तुम्हारी ज़िन्दगी में ऐसा इंसान जीस पर तुम कह सको की इस पर मेरा
- 16:30हक हैं कोई ऐसा इंसान जिसे तुम डांट सको, बुरे हक से इसे तुम
- 16:35जिसके तुम डिसीजन ले सको, बुरे हक से नहीं होगा ना ज़्यादातर के पास
- 16:40नहीं हैं। क्योंकि ऐसा इंसान मिलना बहुत
- 16:44मुश्किल है और अगर मिल जाए तो ज़माना अलग कर देता है और अगर
- 16:49ज़माना भी एक साथ रहने दे तो शायद वक्त हालात जस बात हज़ारों चीज़े
- 16:54आ जाती है। बीच में प्यार, खेल ये कुछ ऐसा ही
- 16:59था मीरा का भी हाल। जानती थी की शायद जीस चीज़ को वो
- 17:03पूरे शिद्दत से चाहती है। उसकी इजाज़त तो शायद उसके घर वाले
- 17:08कभी देंगे ही नहीं लेकिन उनकी इजाज़त कम मैटर करती है।
- 17:12जब वरुण भी सेम पेज पर होता और डरती थी वो एक बार उसने अपने
- 17:18दोस्त को बताया की। बहुत पसंद करने लगी हूँ यार मैं
- 17:21उसे ज़िन्दगी में पहली बार किसी के लिए ऐसा फील हुआ है कि जैसे
- 17:27इंसान मिल गया ना तो मतलब पूरी ज़िन्दगी सही हो जाएगी और
- 17:31ज़िन्दगी में कुछ गलत भी होगा ना तो मिलके देख लूंगी उसके साथ और
- 17:35बस उसके साथ। जिंदगी में ऐसा पहली बार महसूस
- 17:39किया था उसने किसी और के लिए जो प्यार शायद वो हमेशा सबको देती
- 17:45रही थी, कहीं ना कहीं उसे गुंजाइश थी कि वो प्यार उसे वरुण से
- 17:49मिलेगा। बेवक़त बेमजह उससे बातें करने के
- 17:54बहाने ढूंढती रहती थी। वरुण भी चल था।
- 17:57कोई प्रॉब्लम नहीं थी उसे, वो भी उसे खूब बातें क्या करता सब कुछ
- 18:02जैसा था ना परफेक्ट था मीरा के स्टोरी में।
- 18:06लेकिन हर कहानी के दो पहलू होते हैं।
- 18:09एक पहलू वो जो मीरा के दिल में चल रहा था और दूसरा पहलू जो वरुण के
- 18:15दिल में था। वो मीरा जैसा इंसान था।
- 18:19किसी को हर्ट करना, किसी को बुरा फील कराना, ये सब उसने शायद कभी
- 18:24सोचा भी नहीं था। पर मीरा उस केस ह्यूमेनिटी हो इस
- 18:28अच्छाई वो प्यार समझने लगी थी। अब गलत है यहाँ किसकी है, मीरा की
- 18:33या वरुण की या किसी की भी नहीं। किसी की भी नहीं मेरा बस वो प्यार
- 18:39हासिल करना चाहती थी जो उसे कभी नहीं मिला और वरुण शायद बस अच्छा
- 18:44इंसान था। जैसा वो था वैसा ही था और 1 दिन
- 18:48मीरा ने अपने दोस्त से कहा कि यार मुझे ना ऐसा लगता है कि वो ना
- 18:52मुझे बहुत पसंद करने लगा है तो वो बहुत खुश थी।
- 18:56उसके दोस्त ने कहा तो तुने उससे बात की उसे पता है तेरी फीलिंग्स
- 18:59के बारे में उसने कहा, देख किसी पॉइंट पर तो ना उसे पता है
- 19:04क्योंकि इतनी बातें मैं कहा करती हूँ किसी और से जितनी उससे करने
- 19:07लगी हूँ कहा इतनी फेवरिट डिशेस बनाती हूँ, जितनी उसकी बनाने लगी
- 19:11हूँ तो शायद उसे पता है। और उसने रिवर्ट बेक नहीं किया है।
- 19:16बट मना भी तो नहीं किया है, लेकिन शायद वो गलत थी।
- 19:21धीरे धीरे वरना अपनी ज़िन्दगी में बीज़ी होने लगा था।
- 19:24हाँ, जब नया नया शहर में आया था तो शायद थोड़ा वक्त उतना ज्यादा
- 19:29नहीं था। चीज़े थोड़ी कॉम्प्लिकेटेड नहीं
- 19:31थी लेकिन अब उसकी ज़िन्दगी में कॉम्प्लिकेशन्स आने लगी थी।
- 19:34मेरा को इग्नोर करने लगा था वो चाह कर नहीं बस अनजाने में
- 19:40क्योंकि काम ही इतना रहता था अब अगर मेरा कभी उससे बात करने जाती
- 19:43तो कहता थोड़ी देर रुकना ज़रा मैं ये काम निपटा लेता हूँ लेकिन उसकी
- 19:48वो थोड़ी देर कब? आध 1 घंटे से दो 4 घंटे पांच 6
- 19:53घंटे में तब्दील होने लगी। उसे भी नहीं पता था और मीरा को भी
- 19:57धीरे धीरे ये चीज़ चुगने लगी थी। पर हक नहीं था उसका कुछ भी पर ना
- 20:03उसे टोकने का, ना उसे रोकने का और ना उससे पूछने का कि आखिर क्या हो
- 20:08गया? नहीं कर सकती थी, वो नहीं पूछ
- 20:11सकती थी तो धीरे धीरे उस घुटन ने उसे घेर लिया।
- 20:15वो घुटन जो अब तक वो नहीं चाहती थी, अपनी जिंदगी में कभी आए, ना
- 20:21वो उससे पूछ सकती थी, ना उसे बता सकती थी की वो कैसा फील करती है?
- 20:25लेकिन जिंदगी नहीं तब पलटी मारी। जब 1 दिन उसने देखा कि वरुण ने
- 20:31किसी और लड़की के साथ अपनी एक फोटो डाली फोटो पे नीचे लिखा था
- 20:37माइ लव जैसे मीरा की पूरी दुनिया बिखर गई।
- 20:43उसे समझ नहीं आया कि। वो वरुण जोशाद उसका था किसी और का
- 20:48हो गया था पर वो उसका कभी था ही नहीं।
- 20:51उसका भ्रम था वो पर क्या करे? कभी कभी हम कुछ भ्रम में जीना
- 20:57चाहते है, भले ही हम जानते है कितनी सच्चाई है, उस चीज़ में
- 21:00कितनी सच्चाई नहीं है पर कोई झूठ हमें बहुत खूबसूरत लगते है।
- 21:05मन करता है उन्हीं में रहे और ऐसा ही कुछ था मीरा के साथ भी नहीं
- 21:10जाती थी वो रियलिटी में आना। उसने तो अपना पूरा एक घर बना लिया
- 21:14था। वरुण के साथ अपनी इमेजिनेशन में
- 21:18कहीं ना कहीं वरुण ने भी उसे थोड़े हिंट्स दिए थे।
- 21:21शायद उसके तरफ से ऐसा कुछ था नहीं।
- 21:25मेरा जब ये देखा वो बहुत रोई, इतना रोई इतना रोई की आँखें सजा
- 21:31ली उसने और कही तो कही किस्से बोले तो बोले क्या लड़े तो लड़े
- 21:37कैसे? क्योंकि उसने तो कभी कुछ ऐसा कहा
- 21:39ही नहीं था ना तो अब आखिर क्या? तुम अगर मीरा के सिचुएशन में होते
- 21:45तो तुम क्या करते? क्या तुम बताते उस इंसान को कि हम
- 21:50तुमसे प्यार करने लगे थे या फिर बस अपने उस प्यार को ऐसे ही
- 21:54कुर्बान कर देते? क्योंकि वरुण तो उस पेज पर था ही
- 21:57नहीं ना जहाँ मीरा थी और प्यार भी ऐसा ही होता है।
- 22:02मेरी कहानियों में भले ही हर किसी को अपना प्यार मिलता हो, लेकिन
- 22:07रियलिटी जैसी मीरा की थी, वैसी ही होती है।
- 22:11हर उस इंसान को हर शख्स को हमसे प्यार नहीं होता, जिससे हमें
- 22:15प्यार हो जाए और प्यार उतनी खूबसूरत चीज़ भी नहीं होती।
- 22:19मीरा पहली। बाहर इतना ज़्यादा टूट गई थी।
- 22:23और वो घुटन जो होती है ना की तुम किसी को बता भी नहीं पाते हो की
- 22:27तुम ज्यादा टूटे हुए हो। तुम्हारे वो एक डायलॉग है ना,
- 22:33एक्चुअल में की आई डू नॉट नो किसी तो सीरीज का है की जस्ट ऐक्चुली।
- 22:38फिज़िकली हर्टेड नॉट ब्य टेलिंग हर ही लव्ड।
- 22:41हर यहाँ मीरा का केस था वो दिल दुख रहा था उसका सोच रही थी।
- 22:47काश एक बार बता देती क्या पता वो उस जगह होती नहीं समझ आ रहा था
- 22:54उसे, लेकिन इस कहानी का यही अंत था।
- 22:58जिसने खुद को वरन से दूर कर लिया। धीरे धीरे बहुत डिफिकल्ट था उसके
- 23:04लिए करना शायद नामुमकिन और शायद आज तक कभी कर भी नहीं पाई हो पर
- 23:10दुनिया को दिखाने के लिए वो चेहरे की चमक उसने वापस से बना ली थी।
- 23:16चिड़िया जैसे उसके दर्द को देख ही नहीं पाई, कोई झाँक ही नहीं पाया।
- 23:20उसके अंदर उसके आसपास उसने कभी किसी को पता नहीं लगने दिया की वो
- 23:25इतनी ज्यादा टूटी हुई थी। एक वक्त या शायद आज भी, क्योंकि
- 23:30प्यार जब शिद्दत से किया जाए तो वो प्यार।
- 23:35मैं तुम्हे खूबसूरत महसूस कराता है।
- 23:38अगर मुकम्मल ना हो तो तुम्हे उससे ज्यादा दुगनी तेजी से तोड़कर जाता
- 23:43है जो की मीरा के साथ हो क्या तुमने कभी किसी से एक तरफ़ा प्यार
- 23:51किया है, कभी तुम्हे लगा हो की? काश मौ उस इंसान को बता देता काश
- 23:59ऐसा हो जाता ये काश सब की जिंदगी में होता है लेकिन बस जिंदगी ऐसे
- 24:09ही होती है अगर। क्या पता वो उसे बताती और रिजेक्ट
- 24:13हो जाती और शायद ये गिल्ट उस गिल्ट से कम रहता की वो उसे कभी
- 24:18बता ही नहीं पाई और उसे ही नहीं वो कभी किसी को नहीं बता पाई की
- 24:25वो कितनी ज्यादा टूटी थी। इतनी ज्यादा रोई थी उस दिन।
- 24:30जब उसे पता चला की वरुण किसी और का था तो ये कहानी यही खत्म होती
- 24:37है तो मैं चाहिए थी एक हार्टब्रेक स्टोरी अभी इसके बाद न और अच्छी
- 24:40लेके आउंगी बेटा तुम रो गए हो अब तुम्हे मैं क्लास से कह रहा
- 24:44दिखाती हूँ की प्यार मोहब्बत कितनी बेकार चीज़ होती है।
- 24:48आज तक मैंने तुम्हे बिलीव कराया ना की प्यार बहुत खूबसूरत चीज़
- 24:50हैं, ये हैं, वो हैं फलाना ढमकना अब मैं तुम्हे रियलिटी चेक्स देने
- 24:54वाली हूँ अपनी कुछ कहानियों में जहाँ तुम्हे पता चलेगा की प्यार
- 24:58ना खूबसूरत भले ही होता हो लेकिन जब तुम्हे तोड़ के जाता हैं ना
- 25:01भाई तो आवाज नहीं आती पर बंदा ना जो ज़ोरदार टूटता हैं ना।
- 25:07वो मतलब उसके दिल को ही पता होता है तो बस अब तुम देखते जाओ अब
- 25:12तुम्हे ऐसी ही कहानियों मिलेंगी। एक दम जोरदार दिल तोड़ा आशिख वाली
- 25:16सो स्टे ट्यून्ड एंड युअर स्टम डोस खुशी इस साइनिंग ऑफ।
- 25:22टेक केयर बाई बाई और अगर कोई भी प्रॉब्लम हो, फिर भी बात हो तो
- 25:25तुम मुझसे कर सकते हो ऐट के। हेच यु अंडरस्कोर एस हेच इ आई
- 25:29अंडरस्कोर, पर एंड ऑल्सो। काफी दिनों से मैंने मेल्स के
- 25:33रिप्लाय नहीं दिए थे। आज सारे मेल्स के रिप्लाय दे दिए,
- 25:35आई ऍम वेरी सॉरी यार। कुछ टाइम से बस ऐसे ही चल रहा था।
- 25:38और फिर मेज में कुछ लोगों ने भाई से लम्बी लम्बी कहानियों भेज दी।
- 25:41भाई मैं तो कितनी बार बता चुकी हूँ की बोल के भेज दिया करो।
- 25:44वैसे तो अभी मैं कहानियों ले ही नहीं रही हूँ, तुम भेज रहे हो तो
- 25:47वो भी अभी तुम्हारी फिजूल ही जा रही है।
- 25:49बट तुम्हे कोई बात भी करनी है ना और तुम्हे लग रहा है की लम्बी बात
- 25:51है तो उसको ना बोल के भेज दिया करो तो वो मेरे लिए बहुत बेहतर
- 25:54रहता है क्योंकि भाई इतना ज्यादा न मेरे को पढ़ा नहीं जाता।
- 25:58बढ़ता होता है इतना ज्यादा तो मैं आज कहाँ से कहाँ होती?
- 26:02ठीक है तो तुम बोल दिया करो और तुम जैसे डीएमसी भी करते हो ना तो
- 26:06बोल के कर दिया करो जैसे बहुत लोग अपने प्रोब्लम्स बताते हैं जो की
- 26:09मैंने कह रखा है तो तुम बोल दिया करो और लोग सोचते हैं यार हमारी न
- 26:12वौइस् खराब है लोग हमें जज करेंगे भाई।
- 26:16देखो मैं जो फटा वहाँ सुना जब मेरी तुम नहीं जज कर रहे हो तो
- 26:19तुम्हारी मैं कैसे जज कर सकती हूँ?
- 26:21समझो इस बात को है ना तो ये मत सोचा करो की मैं तो जज करूँ मैं
- 26:24भाई किसी को जज करने नहीं बैठी और मैं उन चार लोगों में कभी जिंदगी
- 26:27में इन्क्लूड नहीं होना चाहती जो चार लोगों से लोग डरते हैं।
- 26:30भाई सीरियसली तो मुझे उन लोगों से हटाकर सोचा अगर।
- 26:33तुम्हे जो बोलना है बिंदास बोलो, बस वौइस् में बोलो बिकॉज़ वो मेरे
- 26:36लिए बहुत इजी रहता है, मैं कुछ करते करते भी उसको सुन सकती हूँ,
- 26:38है ना? और तुम लिखते हो तो मेरे को ध्यान
- 26:40उधर ही रखना पड़ेगा तो वो थोड़ा इश्यू रह जाता है कभी जभी तो बस
- 26:44ऐसा है और हाँ बैटमैन विथ समथिंग समथिंग इस यूज़र नेम का मुझे
- 26:50मैसेज आया था तो देखो भाई। मैंने पहले ही बोल रखा है की अगर
- 26:54तुम कभी अपनी रियल ईड से नहीं मैसेज करोगे तो मैं रिप्लाय बेक
- 26:56नहीं कर सकती हूँ। बिकॉज़ मेरे बहुत ज्यादा ट्रस्ट
- 26:59है भाई मैं बहुत बहुत ज्यादा बेकार इंसान इस मामले में मैं
- 27:03नहीं करती लोगों पे ट्रस्ट बहुत इसिली मुझे बहुत डर सा लगता है
- 27:07लोगों पे ट्रस्ट करने के लिए, हाँ जब मैं कर लेती हूँ तो फिर फुल
- 27:09एंड फाइनल है लेकिन जब तक नहीं करती हूँ ना।
- 27:12तब तक मैं नहीं ही करती हूँ ट्रस्ट तो वो ट्रस्ट बनाना बदल
- 27:15लूँगा। अब तुम ऐसा एक दो फॉलोअर वाली ईड
- 27:17लिख के आओगे, मैं नहीं एक्सेप्ट करने वाली हूँ डी ऍम सॉरी, बट या
- 27:20दट्स हौ इट इस तो सीधी सी बात है और कभी कभी तुम्हे ये है की नहीं,
- 27:25हम है जनरल, लेकिन हमारी ईड ऐसी है तो तुम अपनी समस्या लिख दो।
- 27:28मैं पढ़ लूँगी। और अपनी स्टोरी पे रिप्लाय कर
- 27:30दूंगी। देखो मैं में तो नहीं आउंगी, सीधी
- 27:33सी बात है, मैं बता चुकी हूँ पहले भी बस एक आखरी तो सारी चीज़ बता
- 27:37रही हूँ। चलो फिर ओके बाई टेक केयर एंड यू
- 27:41गाइस एंड थैंक यू फॉर ऑलवेज, केयरिंग फॉर मी चलो ओके बाई बाई।