Latest / Baba ji Vijay Vats / 23 Mar 25 - अमीरी-गरीबी, जातिवाद हिंसा क्या ये सब परमात्मा की इच्छा से होता है? PLR की सच्चाई क्या है?
Transcript
- 0:02रूपेश टांक बाबा आपको सुनना बहुत अच्छा लगता है।
- 0:19आपकी आवाज में अंतरात्मा की सच्चाई और गहराई दोनों होते हैं
- 0:34क्या एक मैं अवज्ञा से भरा हुआ प्रश्न कर सकता हूँ?
- 0:46जाति, धर्म, गरीब, अमीर, सम्प्रदाय, उच्च, नीच, भेदभाव।
- 1:04हत्या, बलात्कार, डकैती, चोरी क्या ये परमात्मा करवाता है?
- 1:22नहीं पूछते तो अच्छा था बेटर लेकिन अब तुमने पूछ ही लिया तो
- 1:39बताना पड़ेगा तुमने कहा ब्राह्मण पुत्र हो, झूठ नहीं बोलता है।
- 1:51तुम्हारी आवाज में सच्चाई और अंतरात्मा की गहराई झलकती है।
- 2:05आइए फिर खोल ही देते हैं, वैसे भी फुर्सत में हूँ।
- 2:14ग्रंथ पूरा हो गया। गरीबी, अमीरी, जाति, धर्म, उच्च,
- 2:37नीच, हत्या, बलात्कार, डकैती जो है।
- 2:44ये सब परमात्मा करवाता है नहीं, फिर फ़ोन करवाता है मनुष्य क्यों
- 3:04करवाता है? ओह, कुमरन बनने के लिए आइए अब
- 3:19तुमने पूछ ही लिया है पुत्र तो मैं ये सारा पचड़ा खोल ही देता
- 3:26हूँ। क्योंकि मेरे जाने के बाद इतना
- 3:32साहस किसी में नहीं होगा। मैं जानता हूँ सबसे पहले
- 3:43राजनीतिज्ञों के लिए ये नहीं पता नहीं कि राज़ कैसे होता है।
- 3:50उन्हें बता दो, समझने वाले समझ जाएंगे।
- 4:08अगर गलती से सौभाग्य से मूडता से बॉटरों की गद्दी तुम्हारे हाथ लग
- 4:20जाये तो तुम क्या करो? फिर तुम जो कर दोगे तुम से गलती
- 4:34छीनने वाला कोई नहीं है। इस मूल मंत्र को राजनीतिज्ञ राज़
- 4:40करने वाले इस वीडियो को जरूर सुन ले।
- 4:55पहले गरीब पैदा करो, गरीब पैदा करना परमात्मा का काम नहीं,
- 5:06तुम्हारा काम है गरीब कैसे पैदा करोगे?
- 5:13बहुत से तरीके हैं। रोजगार पैदा करना बंद कर दो।
- 5:32जो चीजें यहाँ पैदा नहीं होती वो महंगी बेचना शुरू कर दो।
- 5:39बहुत महंगी बेचना शुरू कर दो जनता के ऊपर टैक्सों का बोझ ला दो।
- 5:52महंगाई कर दो, जो तुम्हारे हुक्म में काम करता है, उन्हें कह दो,
- 6:09खूब भ्रष्टाचार करा, रोजगार के साधन मत दो।
- 6:21जाने आमद का सारा जरिया रोक दो। सबसे पहले का अगर राज़ करना है
- 6:30तो। ये तो सारी बातें मैंने समझाई, धन
- 6:44की आमद के सारे जरिये बंद कर दो लोगों को गवार अनपढ़।
- 7:05ही रखो, उनकी बुद्धि को विकसित मत करने दो अगर तुम्हें लगे।
- 7:20कि मैं बुद्धिमान हो रहा हूँ तो बड़े तरीके हैं मुझे उलझाने के।
- 7:26मुझे तो नहीं उलझा सकते आप लेकिन मेरे जैसों को आप उलझा सकते हो
- 7:37सबसे पहला कम है। मेरे संग मिल जाओ, सामंजस्य कर
- 7:46रहे हो, देखो भाई, लूटना तुमने भी है लूटना हमे भी फिर क्यों न संग
- 7:58संग लूट ले। आधा तुम्हारा आधा हमारा दान उसको
- 8:10खरीद लें मुझे खरीद लो, समझाता हूँ मैं बेचने वाला नहीं हूँ,
- 8:18मेरे पास मत आ जाना। खरीद लो जीतने हमे भी मिले हैं
- 8:30लाख 2,00,000 करोड़ 100,00,00,000 50,00,00,200 करोड़ खरीद लो।
- 8:39जब आपने मुझे घेर लिया तो मैं आपका तोता बन जाऊंगा, ऐसा मत करो,
- 8:47जीवन की वास्तविकताएं हैं, दंडव है।
- 9:02जब आप हमें चुन लोगे, मेजोरिटी हमारी होगी, मन मर्ज़ी के कानून
- 9:14बनाएंगे, फिर सड़क पे बाएं चलना के दायें चलना।
- 9:22ये हम तय करेंगे फिर कैसे जीना और कैसे मरना ये हम तय करेंगे।
- 9:37जब मैं लॉ पढ़ रहा था। तो 309 306 पे आके में अटक गया और
- 10:02यानी कि हमें मरने का अधिकार नहीं है।
- 10:08जीवन अगर दुख है तो क्या करोगे? बड़े अफ़सोस की बात है जो आदमी
- 10:18ज़िन्दगी से बेजार हो जाता है। यह मरने का तलबगार हो जाता है और
- 10:27मज़े की बात है कि कानून उसे मरने में नहीं देते।
- 10:39कानून कहता है अगर तुम मर गए फिर तो तुम जीत गए पाशा देखो कानून का
- 10:51और अगर ना मरे और मरते हुए पकड़े गए तो आपके ऊपर मुकदमा चलेगा।
- 10:58309 का अगर धाराएं अब बदल दी गई हों तो मुझे पता नहीं मैं अपने
- 11:14जमाने की बात करता हूँ आमद के धान के।
- 11:29आने के सब रास्ते बंद कर दो। जब धन नहीं आएगा तो लोग पढ़ाएंगे
- 11:40कैसे? शिक्षा को महंगी कर दो।
- 11:46शिक्षा में जो सामग्री प्रयोग होती है वो महंगी कर दो।
- 11:52टीचर्स महंगे कर दो यानी कोशिश करो कि कोई व्यक्ति जल्दी जल्दी
- 12:03पढ़ लिख न सके, राज़ करने वालों के लिए बोल रहा हूँ।
- 12:10तुम ऐसा कुछ करना, पुत्र आमद के सब रास्ते बंद हो इतनी बेरोजगारी
- 12:24फैला दो। के रोज़गार मांगने वाले ठंडी
- 12:39हवाओं में आनंद से ठंडे पानी में स्नान करें।
- 12:52जो थोड़ा बहुत अन्न भात खाया उससे जो शक्ति पैदा हुई वो नारेबाजी
- 12:58में खत्म हो जाये और कोई ज्यादा कुशलकूद करे।
- 13:14तो ओम शांति है, ना एक धर्म है ना उसका मतलब पता है क्या होता है बस
- 13:23जो वहाँ चला गया ओम शांति। ये ओम शांति आखिर में काम आती है
- 13:45तो सब कुछ करो। आमद के साधन खत्म कर दो, महंगाई
- 13:52बढ़ा दो। चर्चिल वाला फार्म मर जाएंगे,
- 13:58सुबह भूखों मर जाएंगे और मरा हुआ व्यक्ति ना तो कोई उत्पाद करता
- 14:08है, कभी देखा मुर्दे के हाथ में तख्ती जिंदाबाद मुर्दाबाद कोई
- 14:14उत्पाद किया हो? नहीं करता क्योंकि शक्ति नहीं है
- 14:26और बहुत से तरीके जो ईजाद किये थे तो मैंने कहा ब्राह्मण पुत्र हूँ।
- 14:35झूठ तो नहीं बोलेंगे झूठ बोला मेरा काम नहीं, मुझसे ज्ञान ले
- 14:46लो, जब तक मैं बैठा हूँ, एक बात की गारंटी झूठ नहीं बोलूँगा।
- 14:53जो देखा जैसा अनुभव किया वैसा बोलूँगा सत्य बोलूँगा धर्म,
- 15:05संप्रदायों में बाँट दो भाई परमात्मा तक पहुँचने वाले लोग हुए
- 15:13हैं। उनकी जीवनी का अनुपालन करो, लेकिन
- 15:21ढंग है राजकर ढंग है उनके जीवन को बांटने का ढंग बना दो।
- 15:38संत कभी नहीं कहता कि तुम लड़ लड़ के मर जाना संत कहता है हर दिन
- 15:46तुम्हारी ईद हो, हर दिन तुम्हारा दीपावली की तरह गुज़रे।
- 15:51होली की तरह उत्सव बने। सभी संत यही चाहते हैं।
- 15:56और यही कहते हैं और जो यह कहता है कि फूंक दो जला डालो मार दो तड़पा
- 16:06दो वो संत अभाओ पैसा करो। अभाव पैदा करो सभी तरीकों से और
- 16:22दिमाग में सड़ान भर दो क्या होगा? सबके हाथ में टूटा जाएगा।
- 16:40सारे देश के संस्थानों के मालिक तुम हो गए?
- 16:51सारे देश के संविधानिक पदों के ऊपर बैठे हुए लोग उनको तनख्वाह तो
- 17:00तुम दोगे ना समझती है बात और आपको पता है?
- 17:12जिसकी खाइए बाजरी, उसकी भरी है हाजरी और फिर नारा लगा दो मेरा
- 17:23नमक खाया है ना, नम का हराम तो नहीं बन जाओगे और आपको पता है हम
- 17:33तो नम का हलाल लोग हैं। हम नम का हराम क्यों बनेंगे?
- 17:41एहसान का एहसान राज़ का राज़ राज़ करने वालों मेरी इस बात को हृदय
- 17:50की अंतरंग डायरी में छुपा के रख लेना।
- 17:56वैद खाओ, नहीं माना तो गंगा पार करवा दूंगा, सार्वजनिक घोषणा कर
- 18:11दूंगा। कुछ कुछ लोगों को जो तुम्हारी
- 18:30प्रिय जन हैं तुम्हें सम्मान देते हैं।
- 18:40उनको सभी साधनों उपलब्ध कराओ, अपनेअपने लोगों के जीवन जीने के
- 18:49सभी ढंग विकसित करो। लेकिन जिन्होंने अपने हाथ कटवाए
- 18:59स्टैम्प लगाई, उनसे छीन लो। एक वक़्त ऐसा है कि सभी के हाथ
- 19:08में टूटी आ जाए आती है समझ अच्छा। ठूठ ही आएँगे तो क्या करेंगे?
- 19:22अब बताओ वो तुम्हें गद्दी से हिलाएंगे अरे भाई भूख तो आज लगी
- 19:33है। भूख आज लगी है, देश को विकसित
- 19:39बनाओगे तुम? 2047 में कौन जीता है तेरी जुल्फ
- 19:46के सर होने तक? आह को चाहिए एक उम्र असर होने तक
- 20:06कौन जीता है? 2047 तक भूत वाज़ लगती है, मर
- 20:10जाएंगे तब तक। ऐसे ऐसे मूर्ख, मूर्ख, कागजी लफजी
- 20:22कर कर के जनता को बहकाओ राज़ करने वालों से बोल रहा हूँ, मैं दूसरे
- 20:28मत सुन लेना। राज़ करने वाले लोग ऐसे राज़ करें
- 20:45भविष्य के सपने अतीत के मुर्दे उखाड़ लो, बस एक काम करना।
- 21:00लोगों को आज में मत जीने देना अन्यथा गड़बड़ा हो जाएगा।
- 21:11या तो भविष्य के सपने सिंझोना या तो अतीत के गर्दे मुर्दे उखाड़
- 21:21लेना। झाड़ देना करते है उखाड़ लेना
- 21:29मुड़ते है आज में मत आने देना यानी जीने मत देना।
- 21:42अब एक बात काम की बता दो, बाकी तो पिछली बातें भी सभी काम की थी।
- 21:48एक बात थोड़ी सी काम की बता दो, जो आज में आया उसने जीना सीख
- 21:55लिया। अतीत में उलझा, भविष्य में उलझा
- 22:09बह गया काम से राजनीतिज्ञ तुम्हारे लिए और।
- 22:18देखो अब ये जो राज़ करने वाले तो बेचारे बूढ़े उछाल 1 दिन तो फिर
- 22:24जाना ही होता है, तुम्हें पता है आज में मत आने देना जो आज में आया
- 22:40वो जीना सीख गया। कभी कोई हुआ था चंगेस उसने मारा
- 22:53था हमारे बाप के सोवे बाप को उसका बदला तुम या?
- 23:06जिन्होंने हमारे बाप के पहले 100 पीढ़ियों को मारा था, उनको भविष्य
- 23:12में हम नहीं जीने का ऐसे खुरापाती दिमाग बना दो जिसमें क्रोध भरा
- 23:22हो, आग भरी हो। और तुम शांति से एसी रूम में बैठ
- 23:30जाना आग में जलेंगे वो जो क्रोध करेगा जो लडेगा पत्थरबाजी करेगा
- 23:40जवडेगा आग में तो वही जलेगा सेक्स पीर ने बहुत।
- 23:46प्यारी बात कही जब तुम दूसरों की गलती पर क्रोधित होते हो तो याद
- 23:55रखना, दूसरों को दंडित नहीं करते, खुद को दंडित करते हो।
- 24:04क्योंकि क्रोध की अग्नि तुम्हें जलाती है।
- 24:09दूसरे को ना किसी को जलाना हो तो क्रोध की अग्नि में बसुम करने से
- 24:21बढ़िया। दुश्मनी निभाने का कोई सलेका ही
- 24:26नहीं क्रोध दिला देना, खुद शांत बने रहना, भीतर तो एक सीड वाले
- 24:36दूसरे को क्रोध जीसको मारना हो, आग में जल बुन जाए।
- 24:43ऐसी ऐसी बातें करना, लेकिन खुद क्रोध में मत आना, अन्यथा तुम भी
- 24:49चलोगे तो शेक्सपियर ने कहा कि सामने वाले की गलती के लिए क्रोध
- 24:57करना सामने वाले को दंड देना नहीं होता, खुद को दंड देना होता है
- 25:01क्योंकि। क्रोध जो करता है जलता वह है सेख
- 25:10ने बड़ा प्यारा शब्द कहा है गलती करे दूसरा तो गलती का खनाजा उसे
- 25:18भुगतने देना तुम शांत बने रहना। उसने तो गलती की ही इसलिए कि तुम
- 25:26जलो भुनो मैं रोज़ देखता हूँ, कपल्स को पूछता हूँ भीतर तो जूत
- 25:33पटांग हो के आया बाहर हाथ पे हाथ में हंसते हो?
- 25:41खिलखिला के क्या बात रहा है क्या बताएं बाबा यह पड़ोसी नई कार ले
- 25:55आया है। अब उनके पास इतना है नहीं।
- 26:06तो इतना तो जला दें और तो हम कुछ कर नहीं सकते तो उसके सामने से
- 26:17हँसते हुए निकल जाएं, खुद ही लड़ पड़ेंगे।
- 26:24ये देखो पड़ोस के कितने खुश हैं, कितने सुखी हैं और एक तुम हो के
- 26:30सारे दिन झगड़ते रहते हो। बस झगड़ा हो गया पड़ोसी को जलाने
- 26:39का इससे बढ़िया रास्ता कोई है ही नहीं।
- 26:41सुगम और अहिंसक। ज़रा भी इंसान हँस रहे हो तुम तो
- 26:47तुम भी हमें देख के हँसो लेकिन पक्का है के पड़ोसी तुम्हें हाथों
- 26:58में हाथ डालकर झूलते हुए मुस्कुराते हुए।
- 27:03ताली बजाते हुए देख नहीं पाएगा, जल बन जाएगा शतानि के बड़े तरीके
- 27:11हैं। ये भी तरीका है पहला अध्याय राज़
- 27:19करने वाला हूँ। ठूठा पकड़ा दो हाथ में फिर जैसे
- 27:30देवता पुकारना थे। विष्णु को राक्षस तंग करते थे,
- 27:40बचाओ भगवान। ये राक्षस तो बड़ा तंग कर रहा है,
- 27:46इंद्र कहता है ये तो हमारी गद्दी को छीन रहा है, स्वर्ग के ऊपर
- 27:50काबिज हो रहा है। ये झगड़ा क्या था तुम्हें पता है?
- 27:56तुम्हारे सुख के साधनों पर दूसरे कब्जा कर लेते थे।
- 28:02उनके तुम राक्षस कहते थे और तुमने सुख के साधन पैदा किए उन्हीं का
- 28:08छीनकर और आज वो राक्षस हो गया उन्हीं की जेबों को काटा।
- 28:19और तुमने अपना स्वर्ग निर्मित किया जो चाहते हो मिल जाता है,
- 28:24कल्पवृक्ष भी होता है ना स्वर्ग में उनकी जेबें काट काट कर तुमने
- 28:32स्वर्ग बना लिया, अब सरायें नाच करें।
- 28:38इंद्र गद्दी पर बैठकर मज़ा उठा रहे हैं, सूरा पान कर रहे हैं,
- 28:43कल्पवृक्ष है जो मांगते हो मिल जाता है, आया कहाँ से राक्षसों की
- 28:50जेबों काट गया राक्षस तो हमला करें ही कहीं के हमारा स्वर्ग
- 28:56वापस करो। भगवान न करे हमारे देश में कभी
- 29:06ऐसे राक्षस पैदा हो जाए जो देवताओं से कहें लाऊं हमारा माल।
- 29:14अरे अरे तुम बात ओर तरफ़ मत ले जाया करो भाई, ऐसा कुछ मत किया
- 29:21करो, मैं तो समझा रहा हूँ, राज़ करने वालों से समझा रहा हूँ ऐसे
- 29:28राज़ करना है हींग लगे फट पड़ी। रंग भी चौखा दे पहले छीन लेना, वो
- 29:39तुम्हें बता दिया महंगाई इतनी करते ना बेरोजगारी करते, ना
- 29:44पढ़ाना, लिखना मत, उल्लू के उल्लू रखना सबको।
- 29:54अस्त्र शस्त्र अपने आदमियों को दे देना, कुछ गोले गुलाम खरीद लेना,
- 30:03अगर कोई मेरे जैसा छू छू करे तो ठू ठू कर आओ मेरे पास गनी लोग आ
- 30:10जाते हैं। क्या करें बेचारे?
- 30:21मैं एक ढंग से समर्पण ही कर देता हूँ, मारो भाई, तुम्हारी इच्छा
- 30:30पूरी हो जानी चाहिए। राज़ करने वालों के लिए इससे
- 30:37बढ़िया सन्देश कोई नहीं दे सकेगा। अपने ही देशवासियों को ठूठा पकड़ा
- 30:50दो, कैसे पकड़ाओगे मैंने तुम्हे बता दिया ये ट्रंप की तरह राज़
- 30:55नहीं होता। दूसरों के ऊपर टैग पे लगा दो।
- 31:00अपने देश को समृद्ध बना रहे हो। ऐसे राज़ थोड़े ही होते हैं।
- 31:06ऐसे तो देशवासी खुशहाल हो जाएंगे, अपनों पर टर्फ लगाओ।
- 31:20जीएसटी बढ़ा दो, हर चीज़ बढ़ा दो जो बाहर से चीजें आती हैं जहाँ
- 31:24मिलती नहीं बनती नहीं उनके ऊपर टैक्स ज्यादा लगा दो।
- 31:36समझा गई बात ये राज़ करने वालों के लिए तुम देख लेना नियुक्ति
- 31:48अपने ढंग से कर लो। अपने सभी संस्थानों में अपने तोते
- 31:56बैठा देना मजाल है कोई फड़क जाए अरे जाएगा कहाँ भाई?
- 32:13लोकतंत्र को बुलवाने वाले जब तुम्हारी मुट्ठी में आ जाएंगे,
- 32:18हमसे कह रहा हूँ, मैं राजनीतिक लोगों से कह रहा हूँ, राज़ करना
- 32:24हो तो ऐसे कौन जीता? तुम्हारे ही तोते तय करें।
- 32:37तुम्हें कौन हराएगा। तुम 1500 साल तक राज़ कर सकते हो।
- 32:48राज़ करने का अतुलनीय तरीका मैंने तुम्हें बताती हूँ, ऐसा कोई नहीं
- 32:53बता पाएगा। सभी संस्थानों में जहाँ पढ़ाई
- 33:07लिखाई होती है, वहाँ भी अपने बन्दे वो पढ़े लिखे हो, चाहे
- 33:12अनपढ़ हो, इसकी फिक्र मत करना लेकिन बैठाना अपने प्रिय आदमी।
- 33:24तुम्हारी एक ऊँगली का इशारा क्या तुम्हारी आंख का इशारा समझ ले?
- 33:32ऐसे वफादार छुपाही सब जगह भर्ती कर देना।
- 33:42मैंने बोला अब हिसाब तुम लगा लेना अब इतने ज्यादा साफ तो फिर जनता
- 33:50आपको पता है, जनता भी तो सुन लेगी।
- 33:59इतना ज़्यादा साफ तो नहीं बोलूँगा लेकिन सभी जगह अपने बंदे कुछ भी
- 34:07करना है और बता दो ये एक देश। एक चुनाव ये कभी मत होने देना,
- 34:30बातें करना क्योंकि अगर एक देश में एक चुनाव हो गया तो पंजाब का
- 34:45मतदाता पंजाब में वोट डाल के। उत्तर प्रदेश में नहीं डाल पाएगा
- 34:51ये ध्यान रखले एक देश, एक चुनाव कभी मत होने देना, अलग अलग जगह पे
- 35:01चुनाव करना और सब अलग अलग करना। अगर ऐसी गलती खा गए।
- 35:08तो फिर बाज़ी निकल जाएगी और हाथ नहीं आएगी।
- 35:15पंचायतों को भी साथ करा दी लगे हाथ चलो पंचायतों को भी करा दो
- 35:21लगे हाथ चलो नगर निगम के भी करा दो नगर पालिका के भी करा दो।
- 35:28चलो स्टेटस की भी चला दो चलो केंद्र के भी चला दो इनकी सिर्फ
- 35:34बात कर लूँ करवा मत देना तो मैं समझा रहा हूँ आजकल बात चल रही है
- 35:43मैंने सुना तुम पास भी करने चले हो ये गलती मत खा जा ना भाई।
- 35:51फिर तुम कहती हो 15 साल राज़ कहेंगे जब 15 दिन राज़ नहीं करने
- 35:55देंगे बड़ी से बड़ी गलती है ये। चुनाव करवाने वाले अपने तोते बैठा
- 36:10देना, रक्षा करने वाले अपने तोते उठा देना, सभी जगह तुम्हारे ही
- 36:20तुम्हारे तोते हो। जो कहें मियाँ मिठू राम राम मियाँ
- 36:31मिठू अल्लाह अल्लाह वल्लाह वल्लाह ऐसा कुछ करना कोई माई का लाल।
- 36:48तुम्हें ज़िन्दगी में देखो मौत तो मार देगी उसकी तो मैं बात नहीं
- 36:55करता उसको याद ही मत करना क्या जरूरत है याद करने की लेकिन कोई
- 37:04माई का लाल। तो मैं गद्दी से गिरा नहीं सकेगा
- 37:09पक्का और एक बात और बता दो अपने जूनियर को कभी अपने से बड़ा मत
- 37:18होने देना, जिसने सिर उठाया और किसी और को बिठा देना।
- 37:29नालायक को बिठा देना दो नंबर पे बिल्कुल नालायक होना चाहिए जो कभी
- 37:39सोच भी ना सके मैं तुम्हारे बराबर आ जाऊं ऐसा कुछ करोगे?
- 37:47तो प्रभु मरते दम तक राज़ करोगे बस एक बात की गारंटी नहीं लेता,
- 37:55वो है मौत की। जब कोई ऐसी बिमारी आ जाए, उसकी भी
- 38:04गारंटी नहीं लेता। मैं।
- 38:10या कोई दुर्घटना हो जाए, कोई हेलिकॉप्टर, कोई बायु जान क्रैश
- 38:14हो जाए, तुम्हें कोई माइका लाल नहीं उठा सकेगा।
- 38:21ये काम कर देना सबके हाथ में होगा।
- 38:24ठूठा और तुम होगे दानवीर करण हरीश चंद्र और तुम्हारी जय जयकार होगी,
- 38:35देखो आज दानवीर करण मर गया, हरिश्चंद्र मर गया, लेकिन नाम तो
- 38:41आज भी है ना? तुम्हारे सब तरी के फजूल जे तरी
- 38:49के काम आएगा आम के आम और गुठरियों के दाम।
- 38:58जीते जी भी तुम्हारा नाम होगा, मरने के बाद भी देखो आज
- 39:02हरिश्चंद्र का नाम आज दानवीर कर उनका नाम है चाहे वो विरोधी पक्ष
- 39:13से ही लड़ा हो। सब के ठूठे में 1010 किलो अनाज
- 39:21डालते रहना। बस उनका पेट भरता रहे और जब डकार
- 39:28आए तो वे कहें जय जय जय ऐसा कुछ करना।
- 39:35ये राज़ करने वालों के लिए एक अजब गजब तरीका अब इसको थोड़ा सा एक
- 39:46तरफ हटा दो, अपने मूल विषय पे आ जाए।
- 40:00क्या रहा गया? हाँ बोल दिया मैंने धर्म संप्रदाय
- 40:08में बांट देना भाई भाई में लड़ाई करवा देना, वो उसका मुँह तोड़ दे,
- 40:19वो उसका मुँह तोड़ दे। गरीब अमीर बनाना तो तुम क्योंकि
- 40:27जिसका छीन लोगे वो गरीब हो जाएगा। पता ना लगने देना और फिर।
- 40:40कुछ ऐसे वक्त ता जो बोलने में प्रवीण हो, जिनका प्रभाव पड़ता हो
- 40:55उन्हें संपन्न कर देना, तोते प्रणा लेना, वो बखूबी आपका प्रचार
- 41:02करते हैं। कहना ये गरीबी अमीरी तुम्हारे
- 41:07पिछले जन्म के पिछला जन्म कोई जानता तो है नहीं, ये पास्ट लाइफ
- 41:12रिग्रेशन वाले भी झूठ बोलते हैं, बेचारे क्या करें, मुझे तो तरस
- 41:16आता है पापी पेट का सवाल है। तो मैं कहता हूँ चलो बेचारा एक आध
- 41:26पर वचन कर दिया मैं जानता हूँ महंगाई बहुत है, रोजगार का साधन
- 41:33नहीं है। चलो बेचारे का पेट पलता है, बच्चे
- 41:37पलते हैं पाल लेने दो। सच ये बात है मैं झूठ नहीं बोलता।
- 41:43मैं चुप कर जाता हूँ काहे अब तुम तो नहीं खाते, इनके तो खाते हैं
- 41:50बच्चे ये तो खाते हैं इसलिए मैं चुप हो जाता हूँ।
- 42:02मुझे पता है पास्ट लाइफ रिग्रेशन जैसा कुछ नहीं होता, लेकिन क्या
- 42:09करूँ? मैं जानता हूँ कि इन्होंने बच्चे
- 42:12पालने हैं, अब इतना अन्याय तो मैं नहीं कर सकता।
- 42:23तो कह देना पुराने जन्मो के कौन जाता है, पुराने जन्मो में जा ही
- 42:29नहीं सकता तुम्हें एक नियम मैंने बताया था।
- 42:34प्रत्येक व्यक्ति अपने पिछले जन्म में जा सकता है।
- 42:39तुम्हारे पिछले जन्म के तिजोरी की चाबी तुम्हारे पास सिर्फ ओनली यू
- 42:45कैन गो देर नोबडी एल्स कैन गो ये सिद्धांत मैंने बता दिया बस यही
- 42:56है सत्य कोई दूसरा नहीं जा सकता। बाकी तो देखो मैंने आपको पहले बता
- 43:01दिया बिचारे हैं क्या करें, कह देना पुराने जन्मों की बातें हैं
- 43:14तुमने कोई बात किया होगा तुमने छीना होगा इसका ये तुम्हारा छीन
- 43:20लिए। अब ये सुखी है।
- 43:23आज हीरे, मोती मानकवणियां मुकुट पहनता है।
- 43:30पिछड़े जाम में नेचर कर्म किए होंगे।
- 43:33तुम भी अच्छे कर्म करो, तुम भी दान दो।
- 43:44अगले जन्म में तुम भी राज़ करोगे और देखो दान दो ब्राह्मणों को
- 43:56मैंने 1000 बार कहा। और मैंने तुमसे एक सौगंध भी खाई
- 44:04है कि मैं झूठ नहीं बोलेंगे और जो बोलेंगे देखा, परखा छाना, अच्छी
- 44:15तरह से पहचाना फिर बोलेंगे। यह पितर नहीं होते, अगर सभी पितर
- 44:25बनने लग गए तो फिर आगे जन्म कौन लेगा?
- 44:34सभी यहीं फिरते होंगे। घूमते तुम्हारी श्राद्ध का इंतजार
- 44:38करते। कब सरल करेंगे, कब हम जाएंगे नीचे
- 44:45और बिचारों के पास खाने को मुँह नहीं है, दांत नहीं है, खाने को
- 44:53पेट नहीं है पचाने को। जिगर नहीं है 350 तरह के रसायन
- 45:04बनाने को कुछ भी तो नहीं है गुर्दे नहीं है क्रेटेन एंड साफ
- 45:15करने को। लेकिन तुम इन्हें बुलाते हो?
- 45:25अरे बड़े शरारती हैं, ये अपना भी दांव बीच में लगा लेते हैं।
- 45:31ये कहते हैं प्रचार ही करने लगे हैं तो चलो इनका प्रचार कर रहे
- 45:38हैं संग संग। ये भी प्रचार कर लो कि दान करो
- 45:42भाई इन्होंने दान किया जो राजा बन बैठे हैं।
- 45:53नहीं ये नहीं बोलेंगे, इन्होंने दान किया था।
- 46:03राजा बने बैठे तुम अब दान करो लेकिन ब्राह्मणों को दान करो, वो
- 46:07लगेगा, भूखों को दान मत करो। ब्राह्मण चाहे कितना ही खा के आए
- 46:17हो, उसको दान करो प्रेत। मैंने आपसे कहा किसी का कुछ नहीं
- 46:27पुकार सकता। कहा न और अगर किसी के पास है तो
- 46:34मेरे पास वही तो बहुत बार मैंने कहा।
- 46:40किसी की जरूरत नहीं पड़ी। कोई जन, कोई भूत, कोई प्रेत, कोई
- 46:44पिशाचिनी, कोई वार ताली, कोई दक्षिणी, कोई जक्षणी, मेरे पास सब
- 46:59लूटने के साधन। पापी पेट का सवाल है जैसे संविधान
- 47:13की शपथ लेते हैं ना जो करूँगा देश हेतु मैं करूँगा वैसे ये मैं भी
- 47:19शपथ लेता हूँ, लेकिन इनकी तरह करता नहीं मैं।
- 47:25तुम ऐसा मत करो, मैं सत्य ही बोलता हूँ, मैं उनको कहता हूँ जो
- 47:38कहते हैं जीन हैं, ये कुल देव हैं।
- 47:42ये कुल देवी हैं। तो फिर अगर सभी कोई प्रेत लोक में
- 47:50चला गया, कोई पितृ लोक में चला गया, कोई जैन लोक में चला गया,
- 47:56कोई देवलोक में चला गया तो फिर बंदे के लोक में कौन जाएगा?
- 48:01ये रोज़ जन्म हो रहे हैं धड़ा धड़ धड़ा कहाँ से आ रहे हैं?
- 48:08इतने मूर्ख मत बनो कि मूर्खता तुम पे हंसने लगे, थोड़े थोड़े बन
- 48:14जाओ, कोई बात नहीं वो अच्छा होता है, तुम तो शराब मत पीओ।
- 48:26और स्वर्ग के संकासन पर बैठा हुआ इन्द्र सूरा पान के अतिरिक्त कुछ
- 48:31करता ही नहीं, तुम तो पर पुरुष की तरफ झांको मत और स्वर्ग में बैठा
- 48:42हुआ इन्द्र अपने घर वाली की नहीं फिक्र करता हूँ।
- 48:47अब शराब को नहीं चाहता और तुम्हारे धर्म कहते हैं कि देखो
- 48:53शराब मत पीना तो और क्या पिएं? भाई पीने की चीज़ ही शराब है और
- 49:03कुछ यहाँ पीने पिलाने को है ही नहीं।
- 49:08तब तक पियो जब तक होश न गुम हो जाए।
- 49:16बंद होशी का आलम तो मैं चारों तरफ से घेर ना लें।
- 49:22एक तूफ़ान सा उमड़ उमड़ के आए। और ज़रा सी दे दे साखी और ज़रा सी
- 49:34और ज़रा सी दे दे साखी और ज़रा सी कैसे रहूं चुपके मैंने।
- 49:45ये ही क्या है? होश अभी तक है बाकी और ज़रा सी दे
- 49:55दे साखी और ज़रा सी और कैसे रहूं चुपके मैंने।
- 50:03फिर ही क्या है? होश भी तक है बाकी और ज़रा सी दे
- 50:12दशा की और ज़रा राजनीतिज्ञों के छोड़े हुए लोग।
- 50:25तो मैं कहते है शराब मत भी ना मेरे एक मित्र थे बचपन की बात है,
- 50:37मुझे कहते है शराब नहीं बिना। मैंने नाम लिया हुआ है काहे का
- 50:42नाम लिया हुआ है, नाम भी कोई लेने वाली चीज़ है, वो शराब नहीं पीता
- 50:51और वो मीट नहीं खाता। तुम भी मत खाया करो।
- 50:56मैंने कहा मैं तो कुछ भी नहीं करता।
- 50:59तुम शराब मिट की बात करते हो तो 1 दिन गलती से सांझ के भले मेरे को
- 51:07कोई काम हो गया, मैं उसके घर चला गया।
- 51:10सूरज ढल चुका था और देखा तो टेबल के ऊपर गलती से दरवाजा लगाना भूल
- 51:17गया कुंडे। बोतल खुली हुई थी और लेग पीस पड़ी
- 51:25हुई थी। हसा मत करो भाई तुम और तरी वरी भी
- 51:32थी जानता सब हूँ। मैंने कहा तुमने तो नाम ले रखा
- 51:40था, कहते हैं हाँ नाम तो अभी ले रखा है तो फिर ये क्या है?
- 51:51ये कोई शराब तड़ गया तो सुरा है अच्छा अच्छा ठीक ठीक?
- 51:58और ये तुम कहते थे मांस नहीं नहीं मांस थोड़ी है ये तो लेग पीस है,
- 52:07प्रोटीन है, भाषा बदल लेते हैं। ये हाई रिच प्रोटीन डाइट है।
- 52:21ये शराब नहीं है। सूरा है सूरा पान करते हैं द्रा।
- 52:35ये मैंने आज बताई बात राजनीति क्यों कर लिया है?
- 52:41अगर राज़ करना हो तो ये काम करना, ये सारा कुछ कर देना तुम देख
- 52:51लेना। डॉग तुम्हारे पांव पकड़ेंगे।
- 52:56भूख बड़ी चीज़ मेरा ये मूल मंत्र याद रखना भूख बड़ी चीज़ है।
- 53:08ये बड़ो बड़ो को पांव में गिरा देती है।
- 53:13भूखे रखने का प्रयास कर ना बस ये मेरी खोपड़ी जितनी चली मैंने बता
- 53:19दी बाकी तुम भी कुछ खोपड़ी लड़ा लेना जैसी हराम।
- 53:27श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव।
- 53:45पितुमात स्वामी सखा हमार पितुमात स्वामी सखा हमारे हे नाथ नारायण?
- 54:07वासुदेव श्री कृष्णवेंदु हरे हरे मुरारी हिनाथनारां यन वासुदेव।
- 54:31धन्यवाद।